Bihar Board 12th Chemistry Objective Answers Chapter 16 दैनिक जीवन में रसायन

Bihar Board 12th Chemistry Objective Questions and Answers

Bihar Board 12th Chemistry Objective Answers Chapter 16 दैनिक जीवन में रसायन

Question 1.
बीमारियों के उपचार के लिए रसायनों का उपयोग कहलाता है
(a) कीमोथेरैपी
(b) फिजियोथेरैपी
(c) एंजियोथेरैपी
(d) पॉलीथेरैपी
Answer:
(a) कीमोथेरैपी

Question 2.
कुछ औषधियाँ एन्जाइम की एक्टिव साइट पर नहीं जुड़ती हैं,बल्कि एन्जाइम की अन्य साइट पर जुड़ती हैं । यह साइट कहलाती
(a) एलोस्टेरिक साइट
(b) सब्स्ट्रेट साइट
(c) आयनिक साइट
(d) कॉम्पिटेटिव साइट
Answer:
(a) एलोस्टेरिक साइट

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Question 3.
वे औषधियाँ जो रिसेप्टर साइट से जुड़ती हैं तथा इसके प्राकृतिक कार्य को रोकती हैं, कहलाती हैं
(a) एगोनिस्टिक औषधियाँ
(b) एन्टागोनिस्टिक औषधियाँ
(c) एन्टीमाइक्रोबियल औषधियाँ
(d) एलोस्टेरिक औषधियाँ
Answer:
(b) एन्टागोनिस्टिक औषधियाँ

Question 4.
वह औषधि जो ज्वर निवारक के साथ-साथ दर्द निवारक भी होती है, वह है
(a) क्लोरोक्वीन
(b) पेनिसिलीन
(c) क्लोरडाइएजेपॉक्साइड
(d) 4-ऐसीटामाइडोफिनॉल
Answer:
(d) 4-ऐसीटामाइडोफिनॉल

Question 5.
वे औषधियाँ जो चिन्ता एवं मानसिक तनाव से ग्रसित व्यक्ति को दी जाती हैं, कहलाती हैं
(a) प्रशान्तक
(b) दर्द निवारक
(c) एन्टीमाइक्रोबिअल्स
(d) प्रतिजैविक
Answer:
(a) प्रशान्तक

Question 6.
निम्न में से किसे लत उत्पन्न किये बिना ही दर्द निवारक की तरह प्रयुक्त किया जाता है?
(a) मॉर्फीन
(b) ऐस्प्रिन
(c) हेरोइन
(d) कोडाइन
Answer:
(b) ऐस्प्रिन

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Question 7.
निम्न में से कौन-सा प्रशान्तक की भाँति कार्य नहीं करेगा ?
(a) इक्वैनिल
(b) एनाल्जिन
(c) मेप्रोबेमेट
(d) क्लोरडाइएजेपॉक्साइड
Answer:
(b) एनाल्जिन

Question 8.
निम्न में से कौन-सी नारकोटिक दर्द निवारक है ?
(a) आइबुप्रोफेन
(b) ऐस्प्रिन
(c) पारासीटामॉल
(d) मॉर्फीन
Answer:
(d) मॉर्फीन

Question 9.
वे रासायनिक पदार्थ जिन्हें उच्च ज्वर में तापमान को कम करने के लिए प्रयुक्त किया जाता है, कहलाते हैं
(a) दर्द निवारक
(b) ज्वर निवारक
(c) एन्टीथिस्टेमीन
(d) प्रशान्तक
Answer:
(b) ज्वर निवारक

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Question 10.
टरफेनाडाइन को सामान्यतः इस रूप में प्रयुक्त किया जाता है
(a) एन्टीहिस्टामाइन
(b) प्रतिजैविक
(c) एन्टीमाइक्रोवियल
(d) एन्टीफर्टिलिटी औषधि
Answer:
(a) एन्टीहिस्टामाइन

Question 11.
निम्न में से कौन-सा एन्टासिड की भाँति कार्य नहीं करेगा ?
(a) सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट
(b) मैगनीशियम हाइड्रॉक्साइड
(c) सोडियम कार्बोनेट
(d) ऐलुमिनियम कार्बोनेट
Answer:
(c) सोडियम कार्बोनेट

Question 12.
बार्बीट्यूरेट्स इस रूप में कार्य करते हैं
(a) निद्राकारी अर्थात् सोने की क्रिया को उत्पन्न करने वाला एजेन्ट
(b) नॉन-नारकोटिक्स दर्द निवारक
(c) न्यूरोट्रान्समिटर्स का एक्टिवेयर
(d) एन्टीएलर्जिक औषधि
Answer:
(a) निद्राकारी अर्थात् सोने की क्रिया को उत्पन्न करने वाला एजेन्ट

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Question 13.
नीचे दी गई संरचना कहलाती है
Bihar Board 12th Chemistry Objective Answers Chapter 16 दैनिक जीवन में रसायन 1
(a) प्रोन्टोसिल
(b) सल्फेपिरीडीन
(c) क्लोरेमफेनिकॉल
(d) क्लोरोक्सिलेनॉल
Answer:
(c) क्लोरेमफेनिकॉल

Question 14.
एन्टीमाइक्रोबियल औषधियों में शामिल हैं
(i) पूतिरोधी
(ii) प्रतिजैविक
(iii) कीटाणुनाशक
(a) (i) एवं (ii)
(b) (i) एवं (iii)
(c) (ii) एवं (iii)
(d) (i), (ii) एवं (iii)
Answer:
(d) (i), (ii) एवं (iii)

Question 15.
डिटॉल के मुख्य घटक हैं
(a) क्लोरोमफेनिकॉल + ग्लिसरॉल
(b) ऐल्कोहॉल में आयोडीन का 2-3% विलयन
(c) फिनॉल का 0.2% विलयन
(d) क्लोरॉक्सिलेनॉल एवं टरपीनिऑल
Answer:
(d) क्लोरॉक्सिलेनॉल एवं टरपीनिऑल

Question 16.
वह औषधि जो मलेरिया के उपचार में प्रभावी है
(a) ऐस्प्रिन
(b) क्विनीन
(c) मॉर्फीन
(d) एनाल्जिन
Answer:
(b) क्विनीन

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Question 17.
एक एस्टर जो दवा के रूप में प्रयुक्त की जाती है
(a) एथिल ऐसीटेट
(b) मेथिल ऐसीटेट
(c) मेथिल सेलिसिलेट
(d) एथिल बेन्जॉएट
Answer:
(c) मेथिल सेलिसिलेट

Question 18.
निम्न में से कौन-सा प्रतिजैविक नहीं है ?
(a) क्लोरोमफेनिकॉल
(b) ऑफलोक्सेसिन
(c) पेनिसिलीन
(d) प्रोन्टोसिल
Answer:
(d) प्रोन्टोसिल

Question 19.
निम्न में से कौन-सा प्रतिजैविक बेक्टेरिसिडल है?
(a) एरिथ्रोमाइसिन
(b) टेट्रासिसलीन
(c) पेनिसिलीन
(d) क्लोरेमफेनिकॉल
Answer:
(c) पेनिसिलीन

Question 20.
वह एन्टीबायोटिक जो कैंसर कोशिकाओं की कुछ विशेष स्ट्रेन्स के विरुद्ध प्रभावी होती है
(a) डिजीडेजिरीन
(b) सल्फेनिलएमाइड
(c) वनकोमाइसिन
(d) ऑफलोक्सेसिन
Answer:
(a) डिजीडेजिरीन

Question 21.
निम्न में से कौन-सा यौगिक एक दर्द निवारक (एनाल्जेसिक) को
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Answer:
(a)

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Question 22.
निम्न में से कौन-सा एन्टीडिप्रेसेन्ट नहीं होता है ?
(a) इप्रोनिआजिड
(b) फेनेल्जिन
(c) ईक्वैनिल
(d) सैल्वरसैन
Answer:
(d) सैल्वरसैन

Question 23.
निम्न में से कौन-सा प्रतिजैविक (एन्टीबायोटिक) नहीं है?
(a) पेनिसिलन
(b) ऑक्सिटॉक्सिन
(c) एरिथ्रोमाइसिन
(d) टेट्रासिकलिन
Answer:
(b) ऑक्सिटॉक्सिन

Question 24.
कौन-सा एक ब्रॉड स्पेक्ट्रम एन्टीबायोटिक है ?
(a) क्लोरोरेमफेनिकॉल
(b) प्लाज्मोक्विन
(c) जाइलोकेन
(d) एन्टीसेप्टिक
Answer:
(a) क्लोरोरेमफेनिकॉल

Question 25.
उस कृत्रिम स्वीटनर का नाम बताएँ जो सूक्रोज का व्युत्पन्न है।
(a) सैकेरीन
(b) सूक्रोलोज
(c) सूक्रोबेन्जामाइड
(d) एस्पार्टम
Answer:
(b) सूक्रोलोज

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Question 26.
निम्न में से कौन-सा फूड एडिटिव नहीं है ?
(a) प्रिजर्वेटिव
(b) स्वीटनिंग एजेन्ट
(c) फ्लेवर्स
(d) ऑक्सीडेन्ट्स
Answer:
(d) ऑक्सीडेन्ट्स

Question 27.
निम्न में से कौन-सा जैव-अनिम्नकरणीय अपमार्जक का एक उदाहरण है?
Bihar Board 12th Chemistry Objective Answers Chapter 16 दैनिक जीवन में रसायन 3
Answer:
(c)

Question 28.
नैरो स्पेक्ट्रम एन्टीबायोटिक………..के विरुद्ध सक्रिय होती हैं।
(a) ग्राम धनात्मक या ग्राम ऋणात्मक बैक्टीरिया
(b) केवल ग्राम ऋणात्मक बैक्टीरिया
(c) एकल जीव या एक रोग
(d) ग्राम धनात्मक एवं ग्राम ऋणात्मक बैक्टीरिया दोनों
Answer:
(d) ग्राम धनात्मक एवं ग्राम ऋणात्मक बैक्टीरिया दोनों

Question 29.
वे यौगिक जो केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र पर सामान्य एन्टीडिप्रेसेन्ट क्रिया करते हैं, इस वर्ग से संबंधित होते हैं
(a) दर्द निवारक
(b) प्रशान्तक
(c) नारकोटिक दर्द निवारक
(d) एन्टीहिस्टामिन
Answer:
(b) प्रशान्तक

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Question 30.
यौगिक जो साबुन से मिलकर पूतिरोधी गुण देता है, है
(a) सोडियम लॉराइलसल्फेट
(b) सोडियम डोडेसिलबेंजीनसल्फोनेट
(c) रोजिन
(d) बाइथयोनल
Answer:
(d) बाइथयोनल

Question 31.
इक्वैनिल है
(a) कृत्रिम स्वीटनर
(b) प्रशान्तक
(c) एन्टीहिस्टामिन
(d) एन्टीफर्टीलिटी औषधि
Answer:
(b) प्रशान्तक

Question 32.
निम्न में कौन-सा साबुन के झाग के गुण हो बढ़ाता है ?
(a) सोडियम कार्बोनेट
(b) सोडियम रोजिनेट
(c) सोडियम स्टीरेट
(d) ट्राइसोडियम फॉस्फेट
Answer:
(b) सोडियम रोजिनेट

Question 33.
ग्लिसरॉल को साबुन में मिलाया जाता है। यह कार्य करता है
(a) फिलर के रूप में
(b) झाग को बढ़ाना
(c) तीव्र शुष्कीकरण को रोकना
(d) साबुन को दानेदार बनाना
Answer:
(c) तीव्र शुष्कीकरण को रोकना

Question 34.
पॉलीएथिलीन-ग्लाइकॉल्स किस प्रकार के अपमार्जकों के बनाने में प्रयुक्त किया जाता है ?
(a) धनायनिक अपमार्जक
(b) ऋणायनिक अपमार्जक
(c) अन-आयनिक अपमार्जक
(d) साबुन
Answer:
(c) अन-आयनिक अपमार्जक

Bihar Board 12th Chemistry Objective Answers Chapter 16 दैनिक जीवन में रसायन

Question 35.
निम्न में से कौन-सा शरीर में औषधि कार्य के लिए लक्ष्य (Target) अणु नहीं होता है ?
(a) कार्बोहाइड्रेट
(b) लिपिड
(c) विटामिन
(d) प्रोटीन
Answer:
(c) विटामिन

Question 36.
निम्न में से कौन-से रसायन को पकाने के ताप पर खाद्य पदार्थों की – मिठास के लिए मिलाया जा सकता है तथा यह कैलोरी नहीं देता
(a) सूक्रोज
(b) ग्लूकोज
(c) एस्पार्टम
(d) सूक्रेलोज
Answer:
(d) सूक्रेलोज

Question 37.
निम्न में से कौन-सा भोजन के पौष्टिक मान को नहीं बढ़ाएगा?
(a) खनिज
(b) कृत्रिम स्वीटनर्स
(c) विटामिन
(d) ऐमीनो अम्ल
Answer:
(b) कृत्रिम स्वीटनर्स

Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 14 अर्द्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी : पदार्थ, युक्तियाँ तथा सरल परिपथ

Bihar Board 12th Physics Objective Questions and Answers

Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 14 अर्द्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी : पदार्थ, युक्तियाँ तथा सरल परिपथ

प्रश्न 1.
परम शून्य पर, Si किस रूप में कार्य करता है’
(a) धातु
(b) अर्धचालक
(c) विद्युतरोधी
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(c) विद्युतरोधी

Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 14 अर्द्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी : पदार्थ, युक्तियाँ तथा सरल परिपथ

प्रश्न 2.
ठोसों में बैण्ड संरचना की अभिव्यक्ति किस कारण होती है ?
(a) हाइजनबर्ग के अनिश्चितता सिद्धांत के कारण
(b) पाउली के अपवर्जन सिद्धांत के कारण
(c) बोर के अनुरूपता सिद्धांत के कारण
(d) बोल्ट्जमान नियम के कारण
उत्तर-
(b) पाउली के अपवर्जन सिद्धांत के कारण

प्रश्न 3.
उस प्रकाश की तरंगदैर्ध्य बताएँ जो डायमण्ड (हीरा) के संयोजकता बैण्ड से चालन बैण्ड में इलेक्ट्रॉन को उत्तेजित कर सकती है। ऊर्जा अन्तराल 5.50 ev है।
(a) 226 nm
(b) 312 nm
(c) 5432 nm
(d) 550 nm
उत्तर-
(a) 226 nm
(a) ऊर्जा अन्तराल, Eg = \(\frac{h c}{\lambda}\) ; \(\lambda=\frac{h c}{E_{g}}\)
यहाँ, ऊर्जा अन्तराल = 5.50 eV
hc = 1240 eV nm लेकर
∴ \(\lambda=\frac{1240 \mathrm{eV} \mathrm{nm}}{5.5 \mathrm{eV}}=226 \mathrm{nm}\)

प्रश्न 4.
आबन्धन का वह प्रकार जो विद्युत के अच्छे चालकों में होता है
(a) वान्डर वाल
(b) सहसंयोजी
(c) आयनिक
(d) धात्विक |
उत्तर-
(d) धात्विक |

प्रश्न 5.
शुद्ध अर्धचालक में, चालक इलेक्ट्रॉनों की संख्या 6 × 1018 प्रति घन मी है। 1 cm × 1 cm × 1 mm आकार के नमूने में कितने होल । होंगे?
(a) 3 × 1010
(b) 6 × 1011
(c) 3 × 1011
(d) 6 × 1010
उत्तर-
(b) 6 × 1011

प्रश्न 6.
यदि एण्टिमनी की कम मात्रा को जर्मेनियम क्रिस्टल में मिलाया जाता है, तो
(a) इसका प्रतिरोध बढ़ जाता है।
(b) यह p-प्रकार का अर्धचालक बन जाता है।
(c) अर्धचालक में होल की अपेक्षा मुक्त इलेक्ट्रॉन अधिक होंगे।
(d) इनमें से कोई नहीं। |
उत्तर-
(c) अर्धचालक में होल की अपेक्षा मुक्त इलेक्ट्रॉन अधिक होंगे।

Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 14 अर्द्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी : पदार्थ, युक्तियाँ तथा सरल परिपथ

प्रश्न 7.
n-प्रकार के अर्धचालक में जब सभी दाता अवस्थाएँ भर जाती हैं, तो दाता अवस्थाओं में कुल आवेश घनत्व हो जाता है –
(a) 1
(b) >1
(c) < 1, किन्तु शून्य नहीं (d) शून्य उत्तर- (b) >1

प्रश्न 8.
एक अर्धचालक में इलेक्ट्रॉन एवं होल सान्द्रता 6 x 108 प्रति मी के बराबर है। निश्चित अशुद्धता के साथ मादन (अपमिश्रण) करने पर, इलेक्ट्रॉन सान्द्रता 9 × 1012 प्रति मी3 बढ़ जाती है। नई होल सान्द्रता होगी –
(a) 2 × 104 प्रति मी3
(b) 2 × 102 प्रति मी3
(c) 4 × 104 प्रति मी3
(d) 4 × 102 प्रति मी3
उत्तर-
(c) 4 × 104 प्रति मी3
(c) चूँकि, nenh = ni2 ,
यहाँ ni = 6 × 108 प्रति मी एवं ne = 9 × 1012 प्रति मी3
∴ \(n_{h}=\frac{n_{i}}{n_{e}}=\frac{\left(6 \times 10^{8}\right)^{2}}{9 \times 10^{12}}=4 \times 10^{4}\) प्रति मी3

प्रश्न 9.
निम्न में से कौन-सा कथन किसी डायोड के अवक्षय क्षेत्र (Depletion region) के लिए सही नहीं है ?
(a) यहाँ गतिशील आवेश होते हैं।
(b) होल एवं इलेक्ट्रॉन की बराबर संख्या होती है, जो क्षेत्र को उदासीन बनाती है।
(c) होल एवं इलेक्ट्रॉन का पुन:संयोजन होता है।
(d) इनमें से कोई भी नहीं।
उत्तर-
(a) यहाँ गतिशील आवेश होते हैं।

प्रश्न 10.
0.3 V का विभव प्राचीर p-n संधि में स्थित है। यदि अवक्षय क्षेत्र 1µm चौड़ा हो, तो इस क्षेत्र में विद्युत क्षेत्र की तीव्रता क्या होगी?
(a) 2 × 105 V m-1
(b) 3 × 105 V m-1
(c) 4 × 105 V m-1
(d) 5 × 105 V m-1
उत्तर-
(b) 3 × 105 V m-1
(b) विद्युत क्षेत्र, \(E=\frac{V}{d}=\frac{0.3}{1 \times 10^{-6}}=3 \times 10^{5} \mathrm{Vm}^{-1}\)

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प्रश्न 11.
अग्र एवं पश्च अभिनति सिलिकॉन p-n संधि में आवेश वाहकों की गति के लिए प्रभावी क्रियाविधि है –
(a) अग्र अभिनति में अनुगमन, पश्च अभिनति में विसरण
(b) अग्र अभिनति में विसरण, पश्च अभिनति में अनुगमन
(c) अग्र एवं पश्च अभिनति दोनों में विसरण
(d) अग्र एवं पश्च अभिनति दोनों में अनुगमन
उत्तर-
(b) अग्र अभिनति में विसरण, पश्च अभिनति में अनुगमन

प्रश्न 12.
संधि डायोड में विकसित विभव प्राचीर किसके प्रवाह का विरोध करता है?
(a) केवल दोनों क्षेत्रों में अल्पसंख्यक वाहकों का
(b) केवल बहुसंख्यक वाहकों का
(c) p क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनों का
(d) p क्षेत्र में होलों का
उत्तर-
(b) केवल बहुसंख्यक वाहकों का

प्रश्न 13.
p-n संधि में बिना मुक्त इलेक्ट्रॉनों एवं होलों वाला क्षेत्र है –
(a) n-क्षेत्र
(b) p-क्षेत्र
(c) अवक्षय क्षेत्र
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(c) अवक्षय क्षेत्र

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प्रश्न 14.
यदि VA <VB तो बिंदुओं A एवं B के मध्य चित्र में दर्शाए गए परिपथ का समतुल्य प्रतिरोध होगा –
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(a) 10Ω
(b) 20Ω
(c) 5Ω
(d) 40Ω
उत्तर-
(b) 20Ω

प्रश्न 15.
चित्र में दर्शाए गए परिपथ में दो डायोडों में से प्रत्येक का अग्र प्रतिरोध 30Ω तथा पीछे की ओर का प्रतिरोध अनन्त है। यदि बैटरी 3V की है, तो 50Ω प्रतिरोध में से धारा (ऐम्पियर में ) होगी?
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(a) शून्य
(b) 0.01
(c) 0.02
(d) 0.03
उत्तर-
(c) 0.02
(c) परिपथ में ऊपरी डायोड D1 पश्च अभिनत है तथा निचला डायोड D2 अग्र अभिनत है। इस प्रकार ऊपरी डायोड संधि में धारा नहीं . होगी। प्रभावी परिपथ चित्र में दर्शाएं गए अनुसार होगा।
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प्रश्न 16.
परम शून्य ताप पर, संयोजकता बैण्ड पूर्णतः घिरा होता है
(a) 4N संयोजकता इलेक्ट्रॉनों द्वारा
(b) 4N ऊर्जा स्तरों द्वारा
(c) 2N संयोजकता इलेक्ट्रॉनों द्वारा
(d) 2N ऊर्जा स्तरों द्वारा
उत्तर-
(a) 4N संयोजकता इलेक्ट्रॉनों द्वारा

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प्रश्न 17.
पूर्ण तरंग संधि डायोड दिष्टकारी में निवेशी ए.सी. (ac) का rms मान 20 V है। प्रयुक्त ट्रांसफॉर्मर 1 : 2 अनुपात के प्राथमिक एवं द्वितीयक फेरे वाला उच्चायी ट्रांसफॉर्मर है । दिष्टीकृत निर्गत में dc वोल्टेज होगा
(a) 12V
(b) 24V
(c) 36V
(d) 42V
उत्तर-
(c) 36V
(c) यहाँ, निवेश Vrms = 20 V .
निवेशी वोल्टेज का शिखर मान
\(V_{0}=\sqrt{2} V_{r m s}=\sqrt{2} \times 20=28.28 \mathrm{V}\)
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प्रश्न 18.
50 Hz मुख्य आवृत्ति से संचालित होने वाले किसी अर्द्ध तरंग दिष्टकारी परिपथ में, उर्मिका में मौलिक होगी –
(a) 25 Hz
(b) 50 Hz
(c) 70.7 Hz
(d) 100 Hz
उत्तर-
(b) 50 Hz

प्रश्न 19.
जेनर डायोड की नियमन (Regulation) क्रिया के दौरान क्या होता
(a) श्रेणी प्रतिरोध (Rs) में धारा परिवर्तित होती है।
(b) जेनर के द्वारा दिया गया प्रतिरोध परिवर्तित हो जाता है ।
(c) जेनर प्रतिरोध नियत होता है।
(d) (a) एवं (b) दोनों
उत्तर-
(d) (a) एवं (b) दोनों

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प्रश्न 20.
एक p-n संधि डायोड को 2.5ev के बैण्ड अन्तराल वाले अर्धचालक से बनाया गया है। सिग्नल तरंगदैर्ध्य क्या होगी?
(a) 6000 Å
(b) 6000 nm
(c) 4000 nm
(d) 5000 Å
उत्तर-
(d) 5000 Å
(d) जब आपतित फोटॉन की ऊर्जा बैण्ड अन्तराल से अधिक या बराबर होती है केवल तभी संसूचन होता है ।
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प्रश्न 21.
p-n-p ट्रांजिस्टर परिपथ में, संग्राहक धारा 10 mA है । यदि 90% होल संग्राहक तक पहुँचते हैं, तो क्रमशः उत्सर्जक एवं आधार धाराएं होंगी –
(a) 10 mA, 1 mA
(b) 22 mA, 11 mA
(c) 11 mA, 1 mA
(d) 20 mA, 10 mA
उत्तर-
(c) 11 mA, 1 mA

प्रश्न 22.
जब p-n संधि डायोड में वोल्टेज ड्रॉप 0.65 V से 0.70 V तक बढ़ जाता है, तो डायोड धारा में परिवर्तन 5 mA होता है । डायोड का गतिक प्रतिरोध क्या होगा?
(a) 20Ω
(b) 50Ω
(c) 10Ω
(d) 80Ω
उत्तर-
(c) 10Ω

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प्रश्न 23.
द्विध्रुवीय संधि ट्रांजिस्टर के भारी एवं हल्के मादित क्षेत्र क्रमशः हैं
(a) आधार एवं उत्सर्जक
(b) आधार एवं संग्राहक
(c) उत्सर्जक एवं आधार
(d) संग्राहक एवं उत्सर्जक
उत्तर-
(c) उत्सर्जक एवं आधार

प्रश्न 24.
एक प्रवर्धक का वोल्टेज लाभ 100 है । dB में वोल्टेज लाभ क्या होगा?
(a) 20 dB
(b) 40 dB
(c) 30 dB
(d) 50 dB
उत्तर-
(b) 40 dB

प्रश्न 25.
एक ट्रांजिस्टर का धारा लाभ 30 है । यदि संग्राहक प्रतिरोध 6 ke हो, निवेशी प्रतिरोध हो, 1 kΩ हो तो इसका वोल्टेज लाभ क्या होगा?
(a) 90
(b) 180
(c) 45
(d) 360
उत्तर-
(b) 180
(b) वोल्टता धारा = धारा लाभ × प्रतिरोध लाभ
धारा लाभ \(\times \frac{R_{C}}{R_{1}}=30 \times \frac{6}{1}=180\)

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प्रश्न 26.
उभयनिष्ठ उत्सर्जक विधा में जुड़े ट्रांजिस्टर में, Rc = 4k2,
R1 = 1.k2, Ic = 1 mA एवं IB = 20 μA है। वोल्टेज लाभ होगा
(a) 100
(b) 200
(c) 300
(d) 400
उत्तर-
(b) 200

प्रश्न 27.
एक दोलित्र और कुछ नहीं होता बल्कि एक प्रवर्धक होता है जिसमें
(a) अधिक लाभ होता है।
(b) धनात्मक पुनर्भरण होता है।
(c) कोई पुनर्भरण नहीं होता है।
(d) ऋणात्मक पुनर्भरण होता है।
उत्तर-
(b) धनात्मक पुनर्भरण होता है।

प्रश्न 28.
उस उभयनिष्ठ उत्सर्जक प्रवर्धक में वोल्टेज लाभ क्या है, जहाँ निवेशी प्रतिरोध 3Ω तथा लोड प्रतिरोध 24Ω एवं B = 61 है ?
(a) 8.4
(b) 488
(c) 240
(d) 0
उत्तर-
(b) 488
(b) वोल्टता लाभ, \(A_{V}=\beta \frac{R_{0}}{R_{i}}=\frac{61 \times 24}{3}=488\)
चूँकि ट्रांसफॉर्मर, ट्रांसफॉर्मर अनुपात् 1: 2 वाला उच्चायी ट्रांसफॉर्मर होता है, डायोड में लगाए गए ट्रांसफॉर्मर के निर्गत वोल्टेज का अधिकतम मान होगा

Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 14 अर्द्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी : पदार्थ, युक्तियाँ तथा सरल परिपथ

प्रश्न 29.
NAND गेट के संयोजन को चित्र में दर्शाया गया है। समतुल्य परिपथ होगा –
Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 14 अर्द्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी पदार्थ, युक्तियाँ तथा सरल परिपथ - 3
(a) AND गेट
(b) NOR गेट
(c) OR गेट
(d) NOT गेट
उत्तर-
(c) OR गेट

प्रश्न 30.
बूलियन बीजगणित (Algebra) आवश्यक रूप से किस पर आधारित होता है ?
(a) संख्या
(b) सत्यता
(c) तर्क
(d) प्रतीक
उत्तर-
(c) तर्क

प्रश्न 31.
चार लॉजिक गेटों के प्रतीकात्मक प्रदर्शन यहाँ दिये गये हैं । OR, NOT एवं NAND के लिए तर्क प्रतीक क्रमशः हैं
Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 14 अर्द्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी पदार्थ, युक्तियाँ तथा सरल परिपथ - 4
(a) (iv), (i), (iii)
(b) (iv), (ii), (i)
(c) (i), (iii), (iv)
(d) (iii), (iv), (ii)
उत्तर-
(b) (iv), (ii), (i)

प्रश्न 32.
बूलियन बीजगणित में, यदि A = 1 तथा B = 0, तो A + B̄ का मान होगा –
(a) A
(b) AB
(c) A+ B
(d) (a) एवं (c) दोनों
उत्तर-
(d) (a) एवं (c) दोनों

Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 14 अर्द्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी : पदार्थ, युक्तियाँ तथा सरल परिपथ

प्रश्न 33.
बाइनरी संख्या (11010.101)2 के समतुल्य दशमलव है
(a) 9.625
(b) 25.265
(c) 26.625
(d) 26.265
उत्तर-
(d) 26.265

प्रश्न 34.
एक 220 Vac सप्लाई को चित्र में दर्शाए गए अनुसार A एवं B बिन्दुओं के बीच जोड़ा जाता है। संधारित्र में विभवान्तर V क्या होगा?
Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 14 अर्द्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी पदार्थ, युक्तियाँ तथा सरल परिपथ - 5
(a) 220 V
(b) 110 V
(c) 0 V
(d) 220 12 V
उत्तर-
(d) 220 12 V

Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 14 अर्द्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी : पदार्थ, युक्तियाँ तथा सरल परिपथ

प्रश्न 35.
होल (कोटर) है –
(a) इलेक्ट्रॉन का प्रतिकण
(b) जब एक इलेक्ट्रॉन सहसंयोजक बन्ध को छोड़ता है तो उत्पन्न होने वाला रिक्त स्थान
(c) मुक्त इलेक्ट्रॉनों की अनुपस्थिति
(d) कृत्रिम रूप से उत्पन्न कण
उत्तर-
(b) जब एक इलेक्ट्रॉन सहसंयोजक बन्ध को छोड़ता है तो उत्पन्न होने वाला रिक्त स्थान

Bihar Board Class 11th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 12 मातृभूमि

Bihar Board Class 11th Hindi Book Solutions

Bihar Board Class 11th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 12 मातृभूमि (अरुण कमल)

 Bihar Board Class 11th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 12 मातृभूमि (अरुण कमल)

मातृभूमि पाठ्य पुस्तक के प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
यह कविता किसे संबोधित है?
उत्तर-
यह कविता माता, मातृभूमि और मातृभाषा को सम्बोधित है।

प्रश्न 2.
कवि ने स्वयं को मेले में खोए बच्चे-सा दौड़ना कहा है। उन्होंने अपनी गति की तुलना समुद्र से की है। कवि ने ऐसी तुलना क्यों की है? काव्य पंक्तियों को उद्धत करते हुए स्पष्ट करें।
उत्तर-
कवि ने स्वयं को मेले में खोए बच्चे-सा दौड़ता कहा है। उन्होंने अपनी गति की तुलना समुद्र से करते हुए कहा है कि-“और मैं मेले में खोए बच्चे-सा दौड़ता हूँ तुम्हारी ओर जैसे वह समुद्र जो दौड़ता आ रहा है छाती के सारे बटन खोले हहाता।”

कवि आर्थिक उदारीकरण के आधुनिक युग में सामाजिक विषमता के मेले में खो गया है। मेले में खोए बच्चे को अगर उसकी जननी का अक्स अकस्मात दिखाई पड़े तो उत्कट अभिलाषा से आवेशित होकर वह तूफानी वेग से अपनी माता की ओर दौड़ पड़ता है-अपनी मैया के ममता भरी आँचल के शीतल छाँव में। समुद्री तूफान को कोई सीमा या दिशा रुकावट नहीं डाल सकती वैसे ही माँ और शिशु का मिलन कवि द्वारा बच्चे की गति की तुलना समुद्री गति से कर कवि ने वात्सल्य की वाटिका को गौरवान्वित किया है।

वस्तुतः कवि के दृष्टिकोण, सोच और संवेदना एक स्वावलम्बी, समृद्ध और समतामूलक समाज का मूर्त रूप देखना चाहता है और आशा की किरण देखते ही समुद्री वेग से अपने लक्ष्य को पाने के लिए दौड़ता है। कवि वैश्विकता से उपजे घोर आर्थिक विषमता के बीच अपने को मेले में खोए बच्चों के रूप में पाता है।

 Bihar Board Class 11th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 12 मातृभूमि (अरुण कमल)

प्रश्न 3.
‘वे मजदूर सो सोख रहे हैं बारिश मिट्टी के ढेले की तरह’ कवि ने मजदूरों के लिए ऐसी उपमा क्यों दी हैं?
उत्तर-
कवि ने मजदूर को मिट्टी के ढेले सादृश्य प्रतिपादित किया है। इस कविता में आर्थिक विषमता पर करारा व्यंग किया गया है। मिट्टी के ढेले के समान मजदूर अतृप्त रहता है। मिट्टी के ढेले पर बारिश पड़ने पर वह सोख लेता है उसी प्रकार मजदूर जो कि आर्थिक विपन्नता से भरे हैं, थोड़ी सी मजदूरी से अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं कर पाते। आर्थिक उदारीकरण के वर्तमान युग में आर्थिक गति की बाढ़ सी आ गई है, परन्तु मजदूरों का उनका उचित मेहताना भी नहीं मिलता; वे आर्थिक विषमता से अभिशप्त है।

वैश्विकता के इस युग में वर्षा (अर्थ) का अधिक से अधिक हिस्सा हड़प लेने की मनसा लिए हमारे प्रतिनिधि (साँद) खुलेआम विचरण कर रहे हैं। हमारे परिवेश में उपलब्ध साधन केवल दबंगों के निमित्त ही रह जाता है। मजदूर तो कोमल हाड़-मांस से सृजित है परन्तु अभिशप्त है, वर्षा की बूंदे सोखने के लिए। जब तक वे वर्षा में भीगेगे नहीं तबतक उनके परिवार की जठराग्नि शान्त नहीं होगी। मजदूरी रूपी वर्षा तो उनके परिवार में ऐसे ही विलीन हो जाता है जैसे वर्षा की बूंदों को मिट्टी की ढेले सोख लेता है।

प्रश्न 4.
नीचे उद्धत काव्य पंक्तियों का मर्म उद्घाटित करें
“घर के आँगन में वो नवोढ़ा भींगती नाचती और काले पंखों के नीचे कौवो के सफेद रोएँ तक भीगते और इलाइची के छोटे-छोटे दाने इतने प्यार से गुत्थमगुत्था ये सब तुम्ही तो हो”
उत्तर-
प्रस्तुत पंक्तियाँ हिन्दी की प्रगतिशील यथार्थवादी भावधारा के ध्वजावाहक कविवर अरुण कमल रचित ‘मातृभूति’ शीर्षक कविता से उद्धत हैं। कवि व्यापक दृष्टिकोण अपनाते हुए जड़ और चेतन दोनों में मातृभूमि की तस्वीर देखता है।

वर्षा प्रकृति का वरदान है जिससे पृथ्वी पर जीवन का संचार होता है। परन्तु वर्षा में घर के आँगन में नव नवेली दुल्हन भींगती है और कौओं के उपरी पंख भिंगने के बाद आवरण से ढंका सफेद रोएँ भी भीग गये हैं। इलाइची के दाने भी वर्षा की बूंदों से तृप्त होकर आपस में गुथमगुत्था हो गए हैं। इन सभी रूपों में “हे मातृभूमि तुम्हीं तो प्रतिबिंबित होती हो।”

कवि ने समाज में विभाजित आर्थिक विषमता जो कि क्रमशः उच्चवर्ग, मध्यम वर्ग तथा निम्नवर्गों की दशा और दिशा की ओर संकेत किया है।

 Bihar Board Class 11th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 12 मातृभूमि (अरुण कमल)

प्रश्न 5.
“आज जब भीख में मुट्ठी भर अनाज भी दुर्लभ है तब चारों तरफ क्यों इतनी भाप फैल रही है गर्म रोटी की”-यह कैसी भाप है? इस भाप के इतना फैलने में किस तरह की व्यंजना है?
उत्तर-
कवि समाज में व्याप्त आर्थिक विषमता से व्याकुल है। वह परोक्ष रूप से हमारी शोषणपूर्ण तथा घोर विषम अर्थव्यवस्था पर की करारी चोट की है। साथ ही साथ हमें आर्थिक विषमताजन्य स्थिति और परिस्थिति को समाप्त करने की दिशा में सोचने के लिए वाध्य करती है।

कवि का इशारा आर्थिक उदारीकरण की ओर है। कवि कहना चाहता है जब भीख माँगने आशय है कि औद्योगिक क्रान्ति, बौद्धिक जागरण और वैश्विकता के इस दौड़ में मानवीय संवेदना स्वयं तक सिमट कर रह गई है। बौद्धिक छल-बल के बीच मानव कराह रही है।

प्रश्न 6.
कई दिनों से भूखे-प्यासे कवि को माँ किस रूप में दिखलाई पड़ती है? कवि ने किन स्थानों के बच्चों का उल्लेख कविता में किया है, और क्यों?
उत्तर-
कविवर अरुण कमल ने विपन्नता की मार से त्रस्त भूखे बच्चों की मार्मिक चित्रण किया है। भूखे बच्चे माँ की ओर मेवा, अखरोट, मखाना और काजू अर्थात सुख समृद्धि देने वाली करुणामय देवी के रूप दिखलाई पड़ती है।

कवि ने प्रकृति के क्रूर मजाक का शिकार आन्ध्रप्रदेश के किसानों के बच्चे, उड़ीसा के कालहाँड़ी के बच्चे और झारखण्ड के पलामू के बच्चे की दारुण दशा का मार्मिक चित्र प्रस्तुत किया है। प्रकृति के श्राप से अभिशप्त इन क्षेत्रों में पानी का तल काफी नीचे और जमीन ऊपर होने के कारण इन्हें ‘मौत का दूत’ के रूप में दुनियाँ देखती है। कवि चाहता है कि इन क्षेत्रों का भी उद्धार हो और वहाँ भी विकास की रोशनी पहुँचाई जाय।

प्रश्न 7.
“ये यतीम ये अनाथ ये बंधुआ
इनके माथे पर हाथ फेर दो माँ
इनके भींगे केश सँवार दो अपने श्यामल हाथों से”
-इन पंक्तियों का अर्थ लिखें। कवि ने यहाँ ‘भींगे केश’ क्यों लिखा है? अपनी कल्पना से उत्तर दें।
उत्तर-
प्रस्तुत पंक्तियाँ हिन्दी की प्रगतिशील यथार्थवादी विचारधारा के कवि अरुण कमल रचित ‘मातृभूमि’ शीर्षक कविता से ली गई हैं। इन पंक्तियों में कवि का दृष्टिकोण, सोच और संवेदना में दृढ़ता, गहराई, व्यापकता और अमोघता परिलक्षित होती है।

 Bihar Board Class 11th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 12 मातृभूमि (अरुण कमल)

कवि कहना चाहता है कि मामूली कर्ज के बदले में पराधीन बेगारी की जिंदगी जीने के लिए अभिशप्त अपने यतीम और अनाथ बच्चों को अपने श्यामल हाथों से आशीर्वाद देकर उनको बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराकर उसके जीवन को सँवार दो हे मातृभूमि।

कवि ने मातृभूमि से अपनी हाथों से ‘भीगे केश’ संवारने का अनुरोध किया है। ‘भीगे केश’ से कवि का अभिप्राय ‘गरीबी का बवंडर में उलझी जिंदगी’ से है। औद्योगीकरण, बौद्धिक जागरण और वैश्विकता के चक्रव्यूह में शोषित, दलित मानवता को पीसते देखकर कवि व्यथित हो उठा है। आधुनिक जीवन-शैली में जो त्वरित गति रो परिवर्तन हो रहा है उसका दुःप्रभाव समाज के साधनहीन वेवश गरीब मजदूर और किसानों पर पड़ रहा है।

बौद्धिक छल-बल के कारण व्यवहार और विचार में कहीं साम्यता नहीं है। समाज का एक बड़ा वर्ग कृषि जमीदारों तथा आधुनिक औद्योगिक जमींदारों की चक्की के दो पाटों के बीच उनकी स्वार्थपरता का शिकार हो रहा है। उनकी जिन्दगी ‘भींगे केश’ की भाँति इलझ कर खुद तक सिमट गई सी प्रतीत होती है।

प्रश्न 8.
‘तुम किसकी माँ हो मातृभूमि’-इस प्रश्न का मूल भाव आपके विचार में क्या है?
उत्तर-
‘तुम किसकी माँ हो मेरी मातृभूमि’ के माध्यम से कवि कहना चाहता है कि वैश्विकता के इस आधुनिक युग में आज समाज का एक बड़ा तबका यतीम अंत अनाथ सदृश कृषि अथवा औद्योगिक बंधुआ मजदूर बनने को अभिशप्त है। समाज का एक तबका विकास की बाढ़ से सिंचित है तो दूसरा तबका शोषण, उत्पीड़न तथा भुखमरी का शिकार है।

वह मातृभूमि से पूछता है कि तुम किसकी माँ हो-सम्पन्नता के साँढ़ की या निर्धनता रूपी बकरा की। एक तरफ विकास का गगा बह रही है तो दूसरे तरफ साधनहीनता का रेगिस्तान। वस्तुतः कवि कहना चाहता है कि मानवीय जीवन में हम विकास की अनगिनत सोपानों पर बढ़े परन्तु बौद्धिक छल-बल के बीच मानवता पीस रही है, कराह रही है। संक्रमण के इस काल में मातृभूमि को ही फैसला लेना है ताकि मानवता खुशियों से लहलहा उठे।

प्रश्न 9.
और मैं भींज रहा हूँ
नाच रही धरती नाचता आसमान मेरी कील पर नाचता-नाचता
मैं खड़ा रहा भीजता बीचों-बीच।
-इन पंक्तियों का आशय स्पष्ट करें।
उत्तर-
कविवर अरुण कमल ने समाज में व्याप्त विषमता पर करारा चोट किया है। कवि आसमान और धरती के बीच खड़ा भीग रहा है। समाज का एक वर्ग अट्टालिकाओं और महलों के साये में विलासी जिन्दगी बिता रहा है तो दूसरा वर्ग आश्रय देने में असमर्थ झोपड़ी में शोषण पूर्ण तथा घोर विषम अर्थव्यवस्था में जी रहा है। कवि दोनों के बीच का केन्द्र अर्थात मध्यम वर्ग का प्रतिनिधित्व करता है। कवि का भाव दोनों के बीच अर्थात् धरती और आसमान के बीच ‘भीजना’ है। कवि की संवेदना में व्यापक गहराई, अक्षुण्ण दृढ़ता, व्यापकता और अमोघता यथार्थ रूप में परिलक्षित होता है।

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प्रश्न 10.
कविता में कवि ने स्वयं के भींगने को ‘भींजना’ कहा है जबकि सिंधु घाटी का चौड़े पट्टे वाला साँढ़, बच्चों के केश, नवोढ़ा या कौए के पंखों के लिए ‘भींगना’ ऐसा क्यों? क्या इसका कोई भौगोलिक भाषाई आधार है?
उत्तर-
कविता में कवि ने सिंधु घाटी का चौड़े पट्टे वाला साँढ़ को कृषि और औद्योगिक जमींदार तथा बच्चे, नवोढ़ा या कौए को यतीम, अनाथ और बंधुआ मजदूर का प्रतीक और खुद को दोनों के बीच अर्थात् मध्यम वर्ग का प्रतिनिधि के रूप में रेखांकित किया है।

कवि ने स्वयं के लिए ‘भींजना’ कहकर अपने गँवई भाषा भोजपुरी के प्रति श्रद्धा प्रदर्शित किया है। सिंधु घाटी की सभ्यता प्राचीन काल से ही समुन्नत एवम् सपन्नता के शिखर पर है। कवि का भोजपुर क्षेत्र अभी भी विकास की रोशनी से कोशों दूर है। दोनों क्षेत्रों के भौगोलिक और भाषाई आधार में जमीन और आसमान का अन्तर है।

प्रश्न 11.
शब्दों के प्रयोग में कवि अपनी पीढ़ी में अतिशय सावधान है। उसके सावधान शब्द प्रयोगों के कुछ उदाहरण कविता से चून कर उनका अर्थ स्पष्ट करें।
उत्तर-
प्रगतिशील यथार्थवादी कवि अरुण कमल ने शब्दों के प्रयोग में परंपरा से अपना एक जीवंत और स्वतंत्र संबंध बनाया है। उनके शब्दों में हिन्दी और भारतीय धातु और प्रकृति है, तो वैश्विक उसका परिवेश और प्रत्यय। शब्दों के प्रयोग में कवि अपनी पीढ़ी में अतिशय सावधानी बरतने के कारण इनकी उपलब्धियाँ चढ़ती दोपहरी के समान है। भोजपुरी शब्दों का कविता में अतिशय प्रयोग कर कवि ने अपनी गँवई भाषा के प्रति श्रद्धा अर्पित की है।

कवि के सावधान शब्द प्रयोगों के उदाहरण भीजता, बँक, हहाता, ओट, छेके, बारिश, नवोदा, गुत्थमगुत्था, खुबनियाँ, चौखट, श्यामल, धूसर, छप्परों, देहरी, टेक, बंधुआ, अनाथ, सँवार और तकती आदि हैं। जिसका अर्थ क्रमशः भींजना, आच्छादित, उत्कट अभिलाषा से भरना, हलचल पैदा करती, सहारा, आरक्षित, वर्षा, नई नवेली दुल्हन, एक दूसरे से गुंथा हुआ, एक प्रकार का मेवा, कमरा का निकास द्वारा, साँवला, धूल से भरा, झोपड़ी का छत, दरवाजा, सहारा, मामूली कर्ज के बदले पराधीन बेगारी जिन्दगी जीने के लिए अभिषप्त व्यक्ति, सजाना है।

 Bihar Board Class 11th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 12 मातृभूमि (अरुण कमल)

प्रश्न 12.
इस कविता में ‘माँ’ और मातृभूमि की छवियाँ एक-दूसरे में घुल-मिलकर एकाकार हो जाती है। तथा देश और काल के पटल पर माँ की प्रतिमा व्याप्ति और विस्तार पा जाती है। इस दृष्टि से कविता पर विचार करें और एक टिप्पणी लिखें।
उत्तर-
हिन्दी की प्रगतिशील यथार्थवादी भावधारा के उन्नायक कवि अरूण कमल ने ‘मातृभूमि’ कविता में आधुनिक भावबोध, सामयिक जीवनानुभव, संवेदना और कलात्मक उत्कृर्ष की प्राणाणिक और प्रभावशाली अभिव्यक्ति है। इस कविता में जननी, जनमभूमि की मातृ-प्रतिमाएँ बिना अधिदैविक अथवा धार्मिक-दार्शनिक प्रतिपत्तियों, आशयों या विवक्षाओं के, एक दुसरे में घुल-मिलकर एकाकार हो जाती हैं।

मातृभूमि के संदर्भ में कवि के वैचारिक बिन्दुओं की आधुनिक परिवेश में अनन्य प्रस्तोता सदृश दिखते हैं। इस कविता में भारतीय सामाजिक और आर्थिक विषमता का अतीत तथा वर्तमान के सन्दर्भ में व्यंगात्मक चित्र प्रतिबिंबित किया गया है। हमारी मातृभूमि अपनी समृद्धि तथा उत्कर्ष के कारण विश्व के तल पर अतुलनीय तथा अन्यतम वर्तमान समय सुख-समृद्धि के साध्य की प्राप्ति के लिए अपेक्षित साधनों के वहन का सुखद काल है जिसका समुचित उपयोग से इसका भविष्य भी सिद्धि और सफलता का स्वर्णिम काल होगा।

कवि जननी और जन्मभूमि से आग्रह करता है कि औद्योगिक क्रान्ति, बौद्धिक जागरण और वैश्विकता के इस युग में भी समाज का एक बड़ा तबका शोषित, दलित तथा दारुण जीवन जीने को अभिशप्त है, उसकी जिन्दगी सँवार दो माँ! माँ तो वात्सल्य की वाटिका होती है। जिससे उसके पुत्र चैन की नींद लेते हैं। कवि ममता की मंजूषा से आग्रह करता है कि हे माँ, करूणामयी छाँव में तुम्हारी संतानों को तुम्हारे अलावे कोई भी देख नहीं सकता, एक तुम ही हो जो इन्हें शान्ति के शिविर और स्नेह के सुख-सदन तक पहुँचा सकती हो। माँ को बच्चों के दुःख से द्रवित होना पड़ता है।

कवि कहना चाहता है बौद्धिक छल-बल के बीच माँ की संतानों का एक तबका आर्थिक उदारीकरण की चक्का में पिसकर कराह रहा है। संकट की इस घड़ी से मुक्ति की युक्ति के लिए अन्वेषण-कार्य करने के लिए कवि माँ से प्रार्थना करता है।

 Bihar Board Class 11th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 12 मातृभूमि (अरुण कमल)

वस्तुतः कविवर अरुण कमल आधुनिक समाज में व्याप्त आर्थिक विषमता, सामाजिक तनाव और वैमनस्यता को दूर करने के लिए माँ का आशीर्वाद चाहता है। उनका कहना है कि समाज के सारे अनर्थों की जड़ समाज में व्याप्त आर्थिक विषमता और बौद्धिक छल-बल है। अगर हम प्रत्येक मनुष्य को अधिकार दें तो सारे अनर्थ एक ही साथ समाप्त हो जाएँगे।

हमें ऐसा समझना चाहिए कि भिन्न-भिन्न तबके के लोग एक दूसरे से भिन्न नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं। जैसे-शरीर के भिन्न-भिन्न अंगों में किसी भी अंग के पीड़ित अथवा आनंदित होने से पूरा शरीर पीड़ित अथवा आनंदित होता है, उसी प्रकार किसी भी तबका के पीड़ित तथा आनंदित होने से सम्पूर्ण भारतवासियों को पीड़ा अथवा आनन्द की अनुभूति होनी चाहिए।

अगर कोई तबका आहत हो जाए तो दूसरे तबके का कर्तव्य है कि उसके जख्मों पर स्नेह का लेप लगा दे तो आहतों को पीड़ा अनुभव न हो पाएगा। कवि भारतवासियों से संकीर्णता के दायरे से ऊपर उठकर अपने विशाल हृदय का परिचय देने की आशा करता है, ताकि गरीब और अमीर घुल-मिल-कर एकाकार हो जाएँ।

प्रश्न 13.
मातृभूमि कविता का भावार्थ लिखिए? [B.M.2009(A)]
उत्तर-
अपने समकालीन समाज के विद्रूप चेहरे को प्रस्तुत करने वाली कविता मातृभूमि है, जिसके यशस्वी रचनाकार अरुण कमल हैं।

यहाँ कवि भारत के बच्चों के उस वर्ग की चर्चा करता है जो प्राकृतिक आपदाओं में अपने माँ-बाप खो चुका है और वर्तमान में पेट भरने के लिए कहीं बाल मजदूरी या बंधुआ मजदूरी कर रहा है। इनके दु:खों का कहीं अंत नहीं। ये बच्चे ममता से वंचित हैं। इनके सिर पर छत नहीं है। वर्षा में भीगते हुए ये अपना शोषण करा रहे हैं। कवि का ‘भींगे केश’ का उपयोग इस संदर्भ में है कि मौसम की मार से इनका बचाव करने वाला कोई नहीं। ये बच्चे ममता से पूर्णतः वंचित है। इन्हें भी स्नेह, प्यार, ममत्व भरा स्पर्श चाहिए, जो मातृभूमि ही दे सकती है। इसलिए मातृभूमि से कवि इन बच्चों के जीवन में प्रेम, आशा, ममता का संचार करने का आग्रह करता है।

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मातृभूमि भाषा की बात

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के वचन परिवर्तित करें
पौधों, रास्ता, बकरियाँ, पेड़, मजदूर, पंखों, कौवों, रोटी, रूमाल, तश्तरी, गिलास, छप्परों, हाथों, किसानों।
उत्तर-
पौधों-पौधा, रास्ता-रास्ते, बकरियाँ-बकरी, पेड़-पेड़ों, मजदूर-मजदूरों, पंखों-पंख, कौवों-कौवा, रोटी-रोटियाँ, रूमाल-रूमालें, तश्तरी-तश्तरियाँ, गिलास-गिलासों, छप्परों, छप्पर, हाथों-हाथ, किसानों-किसान।

प्रश्न 2.
अनाथ शब्द में कौन-सा समास है?
उत्तर-
अनाथ शब्द में न समास है। नञ् समाज तत्पुरुष समास का वह भेद है जिसका प्रथम पद न, ना, अन् जैसे निषेधवाचक होता है।

  • अनाथ = न, नाथ
  • अनिष्ठ = न, इष्ट
  • अनजाना = न, जाना आदि।

प्रश्न 3.
कविता में उनपंक्तियों को चुनें जिनमें निजवाचक सर्वनामों का प्रयोग हुआ है?
उत्तर-
निवाचक सर्वनाम ‘आप’ है, जिसका उपयोग निश्चय, निरकारण, सर्वसाधारण और अवधारणा के अर्थ में होता है।

मातृभूमि कविता में निजवाचक सर्वनाम (आप) का प्रयोग हुआ ही नहीं है।

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प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखें आसमान, धरती, समुद्र, पेड़, माँ, दूध।
उत्तर-

  • आसमान – गगन, व्योम, आकाश
  • धरती – धरा, धरित्रि, पृथ्वी, भूमि
  • समुद्र-सागर, अर्णव, अम्बुपति
  • पेड़ – वृक्ष, रुख, तरु
  • माँ – माता, जननी
  • दूध – पय

प्रश्न 5.
निम्नलिखित पंक्तियों से विशेषण चनें
उत्तर-
(क) और काले पंखों के नीचे कौवों के सफेद रोयें तक भीगते।
विशेषण-काले, सफेद

(ख) तब चारों तरफ क्यों इतनी भाप फैल रही है गर्म रोटी की।
विशेषण-इतनी गर्म।

(ग) धरती. का रंग हरा होता है, फिर सुनहला फिर धूसर।
विशेषण-हरा, सुनहला, धूसर।

(घ) इनके भीगे केश सँवार दो अपने श्यामल हाथों से।
विशेषण-भींगे, श्यामल।

(ङ) मेरे थके माथे पर हाथ फेरती तुम्हीं तो हो मुझे प्यार से तकती।
विशेषण-थके।

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अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

मातृभूमि दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मातृभूमि शीर्षक कविता का परिचय संक्षेप में दीजिए।
उत्तर-
अरुण कमल द्वारा रचित ‘मातृभूमि’ शीर्षक कविता समसामयिक कविता में एक दुर्लभ उदाहरण है। इसकी संवेदना, विषय-वस्तु और कलात्मकता अपने ढंग की अकेली है। इस कविता में मातृभूमि, जननी और मातृभाषा की मातृ-प्रतिमाएँ एक-दूसरे से घुलमिल गई है। मातृभूमि का चित्रण यहाँ कवि ने पारम्परिक ढंग से आधिदैविक अथवा धार्मिक-दार्शनिक भावभूमि पर नहीं किया है। इस कविता में माँ, मातृभूमि और अंशत: मातृभाषा की मिली-जुली प्रतिमा व्यक्ति, देश और काल की सीमित परिधियों से अलग होकर एक विशद् चेतन सत्ता बन जाती है, जो दुःख-ताप, रोग-शोक को हरने वाली करुणा तथा तृप्ति-सुख, शान्ति-प्रेम और वात्सल्य से परिपूर्ण है।

अरुण कमल की यह कविता प्रतिपादित करती है कि आज का सामान्य मानव अपनी त्रासद स्थितियों से भयभीत है। यहाँ के बच्चे यतीम, अनाथ है, दुख-दर्द से आहत है। कवि मातृभूमि की दया के प्रति आस्थावान है। उसे विश्वास है कि अभावग्रस्त भारत की संतानों का जीवन ज्यांतित होगा, नई आशा की ज्योति फूटेगी, और कलुषित जीवन का क्रन्दर दूर होगा, अंधेरे से प्रकाश की ओर लोग बढ़ेगे। इसीलिए तो कवि कहता है-“ये यतीम, ये अनाथ, ये बंधुआ, इनके माथे पर हाथ फेर दो माँ”।

प्रश्न 2.
मातृभूमि शीर्षक कविता की समीक्षा करें।
उत्तर-
अरुण कमल की ‘मातृभूमि’ कविता पारस्परिक ढंग से मातृभूमि की वंदना एवं उनकी उपादेयता स्पष्ट करने वाली कविताओं से सर्वथा भिन्न है। यह समसामयिक कविताओं में अपनी विषय-वस्तु, संवेदना और अप्रतिम कलात्मकता के कारण अत्यन्त ही दुर्लभ उदाहरण है। यह मातृभूमि ही है, जिसके कण-कण में हमारी जिन्दगी की धड़कनें कैद हैं। पग-पग पर हम इसके उपकारों में उपकृत होते रहते हैं। जीवन शतदल का खिलना, इसी पर निर्भर है। हम अपनी पीड़ा, वेदना और अन्तर्दाह को मातृभूमि की छत्र-छाया में ही भूल जाते हैं।

मातृभूमि में अगाध ममत्व है, प्रेम और दया है। इसकी गोद में असंतोष के कांटे नहीं फूल ही फूल है। हमारी मातृभूमि का धरातल सुविस्तृत है। पीड़ित मन की वेचैनी एवं उसके अभावग्रस्त जीवन, उपेक्षित शोषितों के अन्तर्दाह को शामिल करनेवाली यह मातृभूमि ही है। कवि ने स्पष्ट किया है कि सभी अनाथ, यतीम व्यक्ति जो जीवनव्यापी विसंगतियों एवं विकृतियों को झेलते हुए जी रहे हैं, उसके लिए मातृभूमि आस्थामयी माँ की तरह है, जो उसके कष्टों को दूर करती है। तभी तो कवि कहता है-

 Bihar Board Class 11th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 12 मातृभूमि (अरुण कमल)

“कई दिनों से भूखा-प्यासा तुम्हें ही तो ढूँढ रहा था चारों तरफ
आज जब भीख में मुट्ठी भर अनाज भी दुर्लभ है
तब चारों तरफ क्यों इतनी भाप फैल रही है गर्म रोटी की,
लगता है मेरी माँ आ रही है, नक्काशीदार रुमाल से ढंकी तश्तरी में,
खुबानियाँ अखरोट मखाने और काजू भरे।”

इस कविता में मातृभूमि का स्वरूप एक आस्थामयी माँ के रूप में अंकित है, जो हमारी हताशा को दूर करती है। माँ की तरह हमारी धरती माँ हमें दुलार देती है, प्यार और स्नेह देती है। जीवन को जीवन बनाये रखने की शक्ति हम मातृभूमि से ही प्राप्त करते हैं। कवि मातृभूमि रूपी माँ की करुणा का आकांक्षी है। वह अभावग्रस्त यतीम, अनाथ, बन्धुता लोगों के प्रति अत्यधि क संवेदनशील है। वह चाहता है कि मातृभूमि इन यतीमों, अनाथों के दुःख-दर्द को दूर कर दे। माँ वात्सल्यमयी है, वह रोग-शोक को हरने वाली एक विराट् चेतना सत्ता है।

मातृभूमि लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
‘मातृभूमि’ कविता में प्रकृति का कैसा चित्रण किया गया है?
उत्तर-
प्रस्तुत कविता में प्रकृति को माँ माना गया है। वह माँ रूपा प्रकृति वर्षा के रूप में स्नेह वर्षा कर रही है। धान के पौधों से वह इस तरह ढंकी हैं कि रास्ता तक नहीं दिखाई पड़ता है। सत् होती वर्षा में पशु, पक्षी मनुष्य सब भीग रहे हैं। साँढ़ बीच सड़क पर खड़ा भीग रहा है। कौओं के रोंये तक भींग गये हैं।

प्रश्न 2.
‘मातृभूमि’ कविता में वर्षा के विवरण की समीक्षा कीजिए।
उत्तर-
‘मातृभूमि’ कविता में मूलतः वर्षा में भींगने का वर्णन हुआ है। कवि स्वयं के भींगने शाग्रस्त पत्र उन्ह हम धरती भीगते साँढ़ तथा मजदूर के भींगने, नवोढ़ा स्त्री के भीगते नाचन तथा कौओं के भींगने का वर्णन करता है।

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प्रश्न 3.
‘मातृभूमि’ कविता में बच्चे का कैसा चित्रण किया गया है?
उत्तर-
‘मातृभूमि’ कविता में बच्चों का कई बार उल्लेख हुआ है। बच्चे उन स्थानों के किसानों के बच्चे है जिन किसानों ने अलाभकर खेती से ऊबकर आत्महत्या कर ली है। अतः ये बच्चे अनाथ हैं, यतीम हैं और बंधुआ हैं। वस्तुत: कवि ने यहाँ बच्चे को प्रतीक रूप में प्रस्तुत किया है। ये धरती पर कृषि-कर्म पर आरित जितने भी किसान हैं उन्हें हम धरती-पुत्र भी कहते हैं। इसीलिए कवि ने किसानों को माँ धरती का दुर्दशाग्रस्त पुत्र कहा है।

मातृभूमि अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
वर्षा में भींगने का सुख कौन-कौन ले रही हैं?
उत्तर-
वर्षा में भींगने का सुख मजदूर, नवोढ़ा स्त्री, कौए और साँढ़ ले रहे हैं। स्वयं कवि भी यह सुख ले रहा है।

प्रश्न 2.
आंध्र के किसानों के बच्चे कैसे हैं?
उत्तर-
आंध्र के किसानों के बच्चे भूखे, यतीम और अनाथ हैं, बंधुआ हैं।

प्रश्न 3.
कवि को रास्ता क्यो नहीं सूझ रहा है?
उत्तर-
धान के पौधों से धरती हँकी है। बढ़े हुए पौधों ने अधिक फैलकर रास्तों को भी बैंक लिया है। इसलिए कवि को रास्ता नहीं सूझता है।

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प्रश्न 4.
बच्चे रसोई घर की देहरी पर क्यों खड़े हैं?
उत्तर-
बच्चे यतीम और अनाथ हैं। इनके पास खाने के लिए कुछ नहीं है। अतः ये भोजन की आशा में रसोईघर की देहरी पर खड़े हैं।

प्रश्न 5.
कवि मातृरूप भूमि के बच्चों के विषय में क्या अनुरोध करता है?
उत्तर-
कवि मातृरूपा भूमि से बच्चों के माथे पर हाथ फेरने तथा इनके भींगे केशों को अपने श्यामल हाथों से सँवार देने का अनुरोध करता है।

प्रश्न 6.
मातृभूमि शीर्षक कविता किससे संबोधित है?
उत्तर-
मातृभूमि शीर्षक कविता मातृभूमि के साथ-साथ मातृप्रतिमाओं को सम्बोधित है।

प्रश्न 7.
मातृभूमि में किन बातों का समावेश है?
उत्तर-
मातृभूमि में इन बातों का समावेश है-
(क) अगाध ममता
(ख) प्रेम और दया
(ग) फूल-ही-फूल इत्यादि।

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मातृभूमि वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर

I. निम्नलिखित प्रश्नों के बहुवैकल्पिक उत्तरों में से सही उत्तर बताएं

प्रश्न 1.
‘मातृभूमि’ कविता के कवि कौन हैं?
(क) विद्यापति
(ख) मीराबाई
(ग) अरुण कमल
(घ) कबीर
उत्तर-
(ग)

प्रश्न 2.
अरुण कमल का जन्म कब हुआ था?
(क) 1950 ई०
(ख) 1953 ई०ई०
(ग) 15, फरवरी, 1954
(घ) 1952 ई०
उत्तर-
(ग)

प्रश्न 3.
अरुण कमल का जन्म स्थान कहाँ है?
(क) झारखंड
(ख) बनारस
(ग) बलिया
(घ) बिहार
उत्तर-
(घ)

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प्रश्न 4.
अरुण कमल की माता का नाम क्या था?
(क) सुरेश्वरी देवी
(ख) सरस्वती देवी
(ग) वीणा देवी
(घ) मीना देवी
उत्तर-
(क)

प्रश्न 5.
अरुण कमल के पिता का नाम क्या था?
(क) भरद्वाज मुनि
(ख) बाल्मीकि
(ग) कपिल देव मुनि
(घ) जाझवल्क्य मुनि
उत्तर-
(ग)

प्रश्न 6.
अरुण कमल को पुरस्कार मिला
(क) भारत भूषण अग्रवाल स्मृति पुरस्कार (1980)
(ख) सोवियत भूमि नेहरू पुरस्कार (1989)
(ग) श्रीकांत वर्मा स्मृति पुरस्कार (1996)
(घ) रघुवीर सहाय स्मृति पुरस्कार (1996)
(ङ) शमशेर सम्मान (1997)
उत्तर-
(सभी)

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II. रिक्त स्थानों की पूर्ति करें

प्रश्न 1.
…………… हिन्दी की प्रगतिशील यथार्थवादी भावधारा के महत्वपूर्ण कवि हैं।
उत्तर-
अरुण कमला

प्रश्न 2.
तपोमय इसलिए कि इसमें रात-दिन का …………… है।
उत्तर-
होम और पावनता।

प्रश्न 3.
अरुण कमल ने ………. अपना एक जीवंत स्वतंत्र संबंध बनाया है।
उत्तर-
परंपरा से।

प्रश्न 4.
प्रस्तुत कविता नवीनतम कविता संग्रह …………….. से ली गई है।
उत्तर-
पुतली में संसार।

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प्रश्न 5.
हिन्दी की प्रगतिशील यथार्थवादी भावधारा के उन्नयाक कवि द्वारा रचित …….. उत्कृष्ट रचना है।
उत्तर-
मातृभूमि।

प्रश्न 6.
इस कविता में कवि ने माता के सम्पन्न एवं समृद्ध भंडार तथा उनके विपन्न संतानों की ……………. चर्चा की है।
उत्तर-
मार्मिक।

प्रश्न 7.
यह कविता …………….. को संबोधित है।
उत्तर-
माता और मातृभूमि।

प्रश्न 8.
कवि व्यापक दृष्टिकोण अपनाते हुए ……………. में मातृभूमि की तस्वीर देखता है।
उत्तर-
जड़ और चेतन दोनों।

प्रश्न 9.
प्रकृति के श्राप से अभिशप्त इन क्षेत्रों में पानी का तल काफी नीचे और जमीन ऊसर होने के कारण इन्हें ……………. के रूप में दुनियाँ देखती है।
उत्तर-
मौत का दूत।

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मातृभूमि कवि परिचय – अरूण कमल (1954)

अरुण कमल का जन्म 15 फरवरी, 1954 को बिहार के नासरीगंज में हुआ था। वे हिन्दी की प्रगतिशील यथार्थवादी भाव धारा के प्रबल समर्थक और महत्त्वपूर्ण कड़ी हैं। इनका लेखन आँठवें दशक से शुरू हुआ, जो बिना किसी रुकावट के जारी है। समय के साथ सोच चिंतन में निखार, दृष्टि विस्तार, संवेदना की गहनता, सबका परिचय इनके क्रमागत लेखन से प्राप्त होता है।

कवि अपने कर्म क प्रति आस्थावान है, वह किसी दूसरे की संवेदना का वाहक नहीं है। वह जो कुछ है, पूरी निष्ठा से है। कवि श्रम में निष्ठा रखता है। उसे विश्वास है कि अपने पर विश्वास जमाकर हम अपना और संसार दोनों का भाग्य बदल सकते हैं। कवि स्वांतः सुखाय से प्रेरित होकर कविता नहीं करता, बल्कि वह जग को देखता है, भोगता है, भोगे जा रहे सुख-दुःख से गहरे प्रभावित होकर, तब उसे कविता का रूप देता है। इसीलिए उसमें ऊष्मा है, वजन है, प्रभावोत्पादकता है।

अरुण कमल हिन्दी के होकर भी अपनी माटी, मातृभाषा के दामन को लेकर चलने में विश्वास रखते हैं, इसलिए वे परम्परा से लोहा लेते भी नजर आते हैं। उनकी कविताओं में विषय-वस्तु, संवेदना, कलात्मक और समसामयिकता तीनों का मणिकांचन संयोग मिलता है। कवि को अपने पर भरोसा है, अपनी कलम पर विश्वास है। अरुण जी विश्व नियामक का एक अंश मानते हुए लिखते हैं-

“चारों ओर अंधेरा छाया
मैं भी उठू जला लूँ बत्ती
जितनी भी है दीप्ति भुवन में
सब मेरी पुतली में कसती”

स्वदेश के अनेक भागों तथा विदेशों की साहित्यिक यात्राएँ करने वाले अरूण जी अंग्रेजी के शिक्षक और हिन्दी की प्रतिष्ठित पत्रिका आलोचना के सम्पादक हैं। पत्रकारिता ने उनकी दृष्टि को और पैना कर दिया है। महान् लेखिका महाश्वेता देवी की टिप्पणी है-“अरुण कमल ने जीवन और संघर्ष दोनों को नये बिम्बों में प्रकट किया है। वे खेतों, बधारों और मैदानों के कवि हैं, उनकी कविताएँ मनुष्य के स्वाभिमान के लिए संघर्ष करती हैं।”

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अरुण कमल जी का सृजन अभी जारी है। अभी वैचारिकता के कई पड़ाव आयेंगे। कल्पनाओं की नई ऊँचाइयाँ वे छूते दिखेंगे। अभी उनको लेकर कोई अन्तिम राय नहीं बनायी जा सकती। मातृभूमि के प्रति आज कवि संवेदनाशील है तो कल उसके भाव कुछ और हो सकते हैं।

अरुण कमल वास्तविकता के धरातल पर संभावनाओं के कुशल चितेरे हैं। वस्तुतः कवि अरुण कमल आधुनिक हिन्दी के हितों के एक सशक्त हिन्दी कवि हैं।

मातृभूमि कविता का सारांश

हमारे पाठ्य-पुस्तक दिगंत भाग-1 में संकलित आधुनिक काल के चिंतक, कवि अरुण कमल रचित. मातृभूमि शीर्षक कविता एक ही साथ वर्षा ऋतु, शिशु-माँ सम्बन्ध और मन को झकझोर देने वाली घटनाओं तथा समस्याओं का दस्तावेज है।

संध्या का समय, वर्षा की झड़ी लगी है और कवि धरती से ऊपर और आसमान के नीचे उसमें भीग रहा हैं। जिस तरह से भींगने की प्रक्रिया चल रही है, कवि कल्पना लोक में चला जाता है और यह धरती उसे अपनी माँ नजर आने लगती है, जो कहीं दूरी पर है और बीच में धान के बड़े-बड़े पौधे से रास्ता दीख नही रहा है। अचानक माँ तक पहुँचने के लिए लड़का बदहवास होकर दौड़ता है, जैसे समुद्र अपनी लहरों के माध्यम से अनर्गलाओं को तोड़ता किनारे की ओर दहाता हुआ दौड़ता है।

दूर कहीं कंदराओं से पूजा के क्रम में शंख घोष होता है, जो अंधकार के बितान में आलोड़न उत्पन्न करती है। – बकरियाँ पहली ही बौछार से अपने को बचाती पेड़ों की शरण में है तो लम्बा-चौड़ा हट्टा-कट्टा साँढ़ जिसकी तस्वीर सिन्धु घाटी की सभ्यता पढ़ते समय देखा था, वह बेखबर सड़क के बीचो-बीच रास्ता रोके खड़ा है। मजदूर अभी-भी अपने काम पर डटे हुए हैं। दिन-भर श्रम करने से उसके शरीर की नमी समाप्त हो गयी है। उनके ऊपर वर्षा की बूंदें पड़ती हैं और उनके शरीर के द्वारा सोख ली जाती है। जैसे सूखी मिट्टी का ढेला पानी सोख लेता है।

आँगन में बिखरे सामानों को बचाने के लिए एक नयी-नवेली दुल्हन अपने पूरे शृंगार के साथ वर्षा में भीगते हुई बिखरे सामानों को इकट्ठा करने में आँगन में दौड़ती नाचती आती है। पेड़ों पर पत्ती की मुरझट में छिपे कौवे अब अपने रोमान्त (पंख के नीचे के ऊजले रोये) तक भीग चुके हैं। कवि को यह सारा कुछ मातृभूमि का ही विस्तृत रूप दीखता है, जो एक-दूसरे से इलायची के दानों की तरह एक-दूसरे से सम्बद्ध (गुत्थम गुत्थ) हैं।

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कवि बच्चा, बना कह रहा है कि कई दिनों से भूखा-प्यासा वह माँ को खोज रहा था, क्योंकि चारों तरफ रोटी की गर्म भाप का आभास तो होता था, किन्तु वास्तविकता में एक मुट्ठी अनाज भी कहीं से नहीं मिला। लेकिन हे मातृभूमि ! जबसे तुम्हें देखा है, लगता है तश्तरी में सूखे मेवे को समाप्त कर रुका ही है कि तुम गर्म दूध से भरा गिलास लिए तुम मेरे लिए आ रही हो। फिर कवि कल्पना करता है कि उसकी तरह सैकड़ों बच्चे तुम्हारी रसोई के दरवाजे पर खाना पाने के लिए खड़े हैं। हरी-भरी धरती पर फसल उगती है, पकती है और फिर खेत खाली हो जाते हैं। घरों में अन्न पकाने की प्रक्रिया शुरू होती है। फिर भी बच्चों को भोजन नहीं मिल पाता।

आखिर, काला-हाँडी, आन्ध्र, पलामू के पट्टन नरौदा पटिया के बच्चों के लिए अन्न क्यो नहीं है। इनका जीवन इतना रूखा-सूखा क्यों है? ये बंधुओ बने अपने बचपन को बेच रहे हैं। इन अनाथ-यतीम बच्चों को भी तुम्हारी ममता की आवश्यकता है। ऐसा तो नहीं कि तुम केवल मेरी माँ हो, तुम्हारा हाथ मेरे माथे पर फिर रहा है और मैं तुम्हारी ममता की बौछार में भींज रहा हूँ। लगता है आज धरती और आसमान दोनों मेरी धूरी पर मेरे इंगित पर नाच रहे हैं।

कविता अति बौद्धिक और वैचारिक पृष्ठ-भूमि की है। कवि एक ही साथ बच्चा और वयस्क दोनों नजर आता है। मातृभूमि कभी धरती तो कभी कवि को माँ के रूप में अनुभूत होती है।

किन्तु मुख्य कथ्य यही है कि इस धरती पर असमानता क्यों है। प्रकृति काला हाँडी, आन्ध्रप्रदेश आदि स्थानों पर इतनी निष्ठुर क्यों है। भोजन के अभाव में बेटा मर जाए तो माँ की ममता का महत्त्व ही क्या रह जायेगा। वास्तव में मातृभूमि के सभी सपूतों को अपनी अनिवार्य आवश्यकताओं की पूर्ति के साधन अवश्य उपलब्ध रहना चाहिये जिससे जीवन-स्तर में सुधार हो सके।

मातृभूमि कठिन शब्दों का अर्थ

हहाना-उत्कट अभिलाषा से भर उठना। कंदरा-गुफा। हिलाइती-हिलाती, हचचल पैदा करती। नवोढ़ा-नयी-नवेली दुलहन। नक्काशीदार-बेल-बूटेदार। यतीम-बेसहारा। श्यामल-साँवला। तकती-देखती। गुत्थमगुत्था-एक-दूसरे में गुंथा हुआ। दुर्लभ-आसानी से न मिलने वाला। खुबानियाँ-एक प्रकार का मेवा। कालाहाँडी-उड़ीसा का एक क्षेत्र जहाँ की जमीन ऊसर है, वहाँ पानी का तल नीचे है, वहाँ जीवन बहुत दूभर है, यह स्थान भूख से मरने वाले निवासियों का पर्याय बन चुका है। बंधुआ-जो मामूली कर्ज के बदले में पराधीन बेगारी की जिंदगी जीने के लिए अभिशक्त हो।

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मातृभूमि काव्यांशों की सप्रसंग व्याख्या

1. आज इस शाम …………….. मेरी माँ मेरी मातृभूमि।
व्याख्या-
अरुण कमल रचित ‘मातृभूमि’ कविता की प्रस्तुत पंक्तियों का चित्र यह है कि संध्या काल में हो रही वर्षा में कवि भीग रहा है। स्वभावतः ऊपर आसमान है और पैरों तले धरती। वह बीचों बीच हैं। इस भींगत क्षण में अचानक उसके भीतर एक अनुभूति कौंधती है। इस अनुभूति में वह मातृभूमि अर्थात अपनी जन्मभूमि का जननी के रूप में अनुभव करता है। कवि का अभिप्राय यह है कि धरती और माँ दोनों दो भौतिक अस्तित्व हैं। इन दोनों को एक अनुभव करना किसी विशिष्ट क्षण में संभव होता है। कवि के जीवन में इस एकात्मकता की अनुभूति वर्षा में भी गाते हुए क्षण में संभव हुई है।

2. धान के पौधों ने तुम्हें …………….. अंधकार को हिलोरती।
व्याख्या-
‘मातृभूमि’ शीर्षक कविता की प्रस्तुत पंक्तियों में कवि अरुण कमल ने एक चित्र खींचा है। चित्र के अनुसार धरती, धान की फसल से इनती भरी हुई है कि धरती पूरी तरह ढक गयी है। रास्ता तक इतना ढंक गया है कि दिखाई नहीं पड़ता है कवि अपने को मेले में खो गये बच्चे की तरह अनुभव करता है। ऐसे बच्चे में अपनी माँ को खोजने की तीव्र उत्कंठा होती है और पा जाने पर वह बेतहाशा माँ की तरफ दौड़ पड़ता है। कवि इसी प्रकार की आतुरता से ध रती की ओर दौड़ पड़ता है। इस दौड़ने की ललक और तीव्रता को व्यक्त करने के लिए यह दूसरा चित्र देता है।

वह चित्र है समुद्र का। समुद्र में जब ज्वार उठता है तो पानी का आवेग बड़ी तीव्रता से तट की ओर दौड़ता है और तट की धरती को अपने भीतर समेट लेता है। ऐसा लगता है मानो समुद्र ने कोई कोट पहन रखा हो और उसके सारे बटन खोलकर हटाता हुआ तट की और उसे अपनी छाती में चिपका लेने के लिए दौड़ रहा हो।

यहाँ यह टिप्पणी करना आवश्यक समझता है कि छाती के सारे बटन खोले हहाते समुद्र के दौड़ते आने का यह बिम्ब कहीं से भी कविता की सुन्दरता में कोई योगदान नहीं देता। यदि बटन खोलने से कवि का कोई विशेष अभिप्राय है, तो वह स्पष्ट नहीं है। इसी तरह कन्दराओं से अन्धकार को हिलोरती आने वाली शंख-ध्वनि का क्यों वर्णन हुआ है यह स्पष्ट नहीं है। यदि इसका अर्थ प्रकाश का शंखनाद है और अन्धेरेपन को तोड़ने का उपक्रम है तो उसका प्रयोजन व्यक्त नहीं है।

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3. वे बकरियाँ जो पहली बूंद …………….. पूरी सड़क छेके।
व्याख्या-
‘मातृभूमि’ कविता की प्रस्तुत पंक्तियों में बारिश होने से घटित दो चित्र दिये गये हैं। प्रथम वर्षा की पहली बूंद गिरते हो बकरियाँ भागकर किसी घर या वृक्ष के नीचे छिप जाती हैं। यह उनकी स्वाभाविक वृत्ति हैं। इसके विपरीत साँढ़ बड़े मजे से सड़क पर भींगता खड़ा रहता है। साँढ़ के प्रसंग में कवि ने तीन विशेषताओं का उल्लेख किया है। प्रथम यह कि उसके अगले पैरों से लेकर मुँह के बीच गले के नीचे पट्टा जैसा भाग लटका है वह काफी चौड़ा है।

अर्थात् साँढ़ लम्बे चौड़े डील डौल वाला है। द्वितीय यह कि कवि को सड़क पर भींगता वह भारी-भरकम साँढ़ सिन्धु घाटी की खुदाई में मिले उपादान पर बने साँढ़ के चित्र की याद दिलाते हैं। तृतीय साँढ़ पूरी सड़क छेककर खड़ा है। इन चित्रों के माध्यम से संभवतः कवि यह बताना चाहता है वर्षा क्रान्ति का विस्फोट है। जब क्रान्ति होती है तो बकरी जैसे लोग भाग खड़े होते हैं जबकि साँढ़ जैसे बलवान लोग पर्वत की तरह अडिग भाव से डटे रहते हैं। साँढ़ और बकरी के इस बिम्ब को ‘योग्य जन जीता है’ की उक्ति की व्याख्या के रूप में भी ग्रहण किया जा सकता है।

4. वे मजदूर जो सोख रहे हैं ……………. वे सब तुम्हीं तो हो।
व्याख्या-
अरुण कमल ने अपनी मातृभूमि कविता की प्रस्तुत पंक्तियों में वर्षा भीगते कुछ . लोगों के चित्र दिये हैं। प्रथम चित्र उस मजदूर का है जिसका शरीर ढेले की तरह वर्षा के जल को सोख रहा है अर्थात् मजदूर भीगता हुआ भी अपने काम में तन्मय है। दूसरा चित्र उस नवविवाहिता का है जो घर से बाहर न निकलने के लिए विवश है।

अतः वह घर के आँगन में भीग रही है और भींगने की प्रसन्नता को नाच-नाच कर व्यक्त कर रही है। अर्थात् वर्षा उस नवोढ़ा के लिए आनन्ददायक है। तीसरा चित्र कौवे का है। वह कहीं बैठा भीग रहा है। उसके पंख तो गीले हो ही गये हैं। पंखों के नीचे जो हल्के सफेद रंग के रोये हैं वे भी भींग गये हैं। अत: वह भींगते रहने को विवश है।

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चौथा चित्र इलायची का जिसके भीतर दाने आपस में इस तरह चिपके हैं मानो प्यार के अतिरेक में गुत्थमगुत्था हो गये हैं। कवि बताना चाहता है कि हे मातृरूपा मातृभूमि इन सभी चित्रों में तुम्हारी ही अभिव्यक्ति है तुम्हारी ही तन्मयता तुम्हारा ही उल्लास और प्यार व्यक्त है।

5. कई दिनों से भूखा प्यासा …………….. दूध का गिलास लिए।
व्याख्या-
अरूण कमल ने अपनी प्रस्तुत पंक्तियों में धरती के मातृरूप को चिह्नित करने के लिए एक चित्र दिया है। कवि के माध्यम से भूखे प्यासे लोग कई दिनों से चारों तरफ मातृरूपा भूमि को ढूँढ रहे हैं। दूँढने का कारण स्पष्ट है। कवि इच्छा और यथार्थ की विषमता का विडम्बना भरा चित्र अंकित करता है कि आज जब भूखे लोगों को भीख में एक मुट्ठी अनाज दुर्लभ है। तब चारों तरफ गर्म रोटी की, इतनी भाप क्यों फैल रही है? कवि का तात्पर्य संभवतः यह है कि एक तरफ लोग रोटी के लिए तड़प रहे हैं और दूसरों की भूख को उत्तेजित कर रही है।

लेकिन शायद यह अभिप्राय कवि का नहीं है। रोटियों की भाप से भूखे लोगों को अनुमान होता है कि शायद माँ नक्काशीदार रूमाल से ढंकी तश्तरी में खुबानी, अखरोट, काजू भरे और हाथ में गर्म दूध का गिलास लिए आ रही है।

6. ये सारे बच्चे तुम्हारी रसोई ……………. फिर टोकसो रहे माँ।
व्याख्या-
कवि अरुण कमल ने अपनी ‘मातृभूमि’ कविता की प्रस्तुत पंक्तियों में भूमि को माँ के रूप में चित्रित किया है। जिस तरह भूख लगने पर बच्चे रसोई घर की चौखट पर जाकर खड़े तो जाते हैं भोजन पाने की प्रत्याशा में, उसी तरह भारतमाता के भूखे बेटे गरीब बेटे न जाने कवि से इसके रसोई घर की चौखट पर खड़े इस बात के लिए प्रतीक्षा कर रहे हैं कि धरती माँ के द्वारा दिये गये अन्न-धन में से उन्हीं भी उनका उचित भाग मिलेगा। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। धरती पौधों से हरी होती है, फिर अन्न की बालियों से सुनहली और फिर उनके कट जाने पर धूसर।

उसका रंग बदलता रहता है अर्थात् इसी तरह प्रत्येक वर्ष बीतता जाता है। जिनके पास अन्न होता है वे पकाते हैं जिसका धुंआ छप्परों से निकलता है और इसी तरह क्रम चलता रहता है। लेकिन जो बच्चे बेघर हो गये हैं वे वहीं के नहीं हैं। वे मातृरूपा धरती की देहरी पर भूखे ही सो गये हैं। अर्थात् उनकी दशा नहीं बदली है।

 Bihar Board Class 11th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 12 मातृभूमि (अरुण कमल)

ये बच्चे कालाहांडी, आंध्रप्रदेश, पलामू आदि स्थानों के उन किसानों के, धरती पुत्रों के बेटे हैं जिनके पिताओं ने कृषि-कर्म की निरन्तर उपेक्षा की है। बढ़ती लागत और कम होती आय तथा कर्ज से ऊबकर आत्महत्या कर ली है। यहाँ कवि का तात्पर्य कम उम्र वाले बच्चों से नहीं है। उसका आशय कृषि-कर्म से जुड़े उन हजारों किसानों से है जो अब तक आत्महत्या कर चुके हैं या कर रहे हैं।

7. ये यतीम ये अनाथ ये बंधुआ ……………. तुम किसकी माँ हो मेरी मातृभूमि?
व्याख्या-
अरुण कमल की ‘मातृभूमि’ शीर्षक कविता की प्रस्तुत पंक्तियाँ अत्यन्त मार्मिक हैं। कवि भूखे किसानों को यतीम, अनाथ और बंधुआ मानते हुए धरती माँ से प्रार्थना करता है कि अपने श्यामल हाथ इनके माथे पर फेर दो, इनके भीगे केशों को सँवार दो। अर्थात् इन्हें विपन्नता से मुक्ति का आशीर्वाद दो। यहीं कवि एक ज्वलन्त प्रश्न उठता है।

तुम किसकी माँ हो मेरी मातृभूमि? स्पष्टतः वह सीधा सवाल पूछना चाहता है समाज से, व्यवस्था से कि धरती किसकी है उपजाते-बेकार अन्न, उपजाने वाले किसानों को या उनके द्वारा उपजाये अन्न को शोषण के बल पर हस्तगत कर मौज उड़ाने वाले अमरलता सदृश परजीवी लोगों की? प्रश्न की भंगिमा में आक्रोश है। कृषक-विरोधी सारे तत्त्वों के प्रति और यह स्पष्ट घोषणा भी कि धरती की सेवा करने वाले पुत्रों की है शोषकों की नहीं।

8. मेरे थके माथे पर हाथ फरेती …………….. भीगता बीचोंबीच।
व्याख्या-
‘मातृभूमि’ कविता की प्रस्तुत पंक्तियों में कवि अरुण कमल ने माँ और मातृभूमि में तदाकारता का बोध व्यक्त किया है। अनुभव करता है कि मातृरूपा भूमि उसे प्यार से ताक रही है, उसके माथे पर हाथ फेर रही है और वह भींग रहा है। उसे लगता है कि वह ध रती-आसमान के बीचोंबीच कील की तरह खड़ा है और उसी कील पर धरती नाच रही है, आसमान नाच रहा है।

यहाँ कवि को ऐसी प्रतीति दो कारणों से होती है। प्रथम यह कि वर्षा में मग्न धरती के स्नेह से उत्पन्न आनन्द की अभिव्यक्ति हो रही है। दूसरे कवि सारी प्रकृति में लय की विराट कल्पना करता है जिस लय के फलस्वरूप यह सारा संसार किसी विराट् सत्ता के संकेत पर नृत्य करता होता है।

 Bihar Board Class 11th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 12 मातृभूमि (अरुण कमल)

Bihar Board Class 11th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 11 पृथ्वी

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Bihar Board Class 11th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 11 पृथ्वी (नरेश सक्सेना)

 Bihar Board Class 11th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 11 पृथ्वी (नरेश सक्सेना)

पृथ्वी पाठ्य पुस्तक के प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
कवि को पृथ्वी की तरह क्यों लगती है?
उत्तर-
विद्वान कवि नरेश सक्सेना रचित पृथ्वी शीर्षक कविता में पृथ्वी और एक आम स्त्री के गुण-धर्म का साम्य स्थापित किया गया है। ऊपरी तौर पर बात पृथ्वी की हुई है, जबकि तात्पर्य स्त्री से है। कवि को पृथ्वी स्त्री की तरह लगती है, क्योंकि एक स्त्री अपने पूरे जीवनकाल अनेक भूमिकाओं में अनेक केन्द्रों (धूरियों) के चारों तरफ घूमती रहती है। क्षमा, दया, प्यार, ममता, त्याग, तपस्या की प्रति नें बनी स्त्री अपना सर्वस्व औरों को पूर्ण करने में, बुरे को अच्छा बनाने में, गुणी को और अधिक गुणवान बनाने में न्योछावर कर देती है।

इस प्रक्रिया में उसे जो उपेक्षाएँ मिलती हैं तनाव मिलता है, सहानुभूति की जगह आलोचना मिलती है, उससे उसके भीतर आक्रोश-विद्रोह की ज्वाला भी धधकती है। कभी-कभी वह अपना संतुलन खो देती है और अपने ही संसार को बिखरने के कगार पर आ जाता है। किन्तु दूसरे ही क्षण वह अपने आक्रोश-विद्रोह की आग को शिवम् बनाकर, नया रूप देकर ऐसा कुछ सार्थक मूल्यवान प्रस्तुत करती है कि संसार चकित रह जाता है। यही सब कुछ पृथ्वी भी बड़े फलक पर करती है। यही कारण है कि कवि को पृथ्वी स्त्री की तरह लगती है।

प्रश्न 2.
पृथ्वी के काँपने का क्या अभिप्राय है?
उत्तर-
पृथ्वी के भीतर की बनावट स्थायी न होकर परतदार है। हवा, पानी (समुद्र का) और भूगर्भ ताप के प्रभाव से परतों का स्थान बदलता रहता है। जिसके प्रभाव से प्रतिदिन दुनिया के किसी-न-किसी हिस्से में भूकंप के झटके आते रहते हैं। किन्तु जब यह प्रक्रिया बहुत तीव्रता से होती है, तब भयंकर तबाही वाला भूकंप आता है, इसी को कवि ने पृथ्वी का काँपना कहा है!

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प्रश्न 3.
पृथ्वी की सतह पर जल है और सतह के नीचे भी। लेकिन उसके गर्भ के केन्द्र में अग्नि है। स्त्री के सन्दर्भ में इसका क्या आशय है?
उत्तर-
कविवर सक्सेना ने ‘पृथ्वी’ शीर्षक कविता में नारी की सहनशीलता और उग्रता को पृथ्वी के माध्यम से रेखांकित एवं विश्लेषित किया है। जिस प्रकार पृथ्वी के सतह और सतह के नीचे जल है, ठीक उसी प्रकार नारी का हृदय करुणा, दया, सहनशीलता, ममता का अथाह सागर है। पृथ्वी के गर्भ के केन्द्र में अग्नि है, जो ज्वालामुखी के रूप विस्फोटित होता है। नारी भी जब क्रोधाग्नि से आवेगित होती है, तो गृहस्थी-रूपी गाड़ी चरमरा जाती है। कवि ने नारी के गौरव का अंकन उसके कर्ममय जीवन के आँगन में स्वस्थ रूप में प्रतिबिंबित किया है। पृथ्वी और नारी के रहस्यों का अन्वेषण-कार्य कवि की तकनीकी दृष्टिकोण से कर दोनों के समानता को उद्घाटित किया है।

प्रश्न 4.
पृथ्वी कायेलों को हीरों में बदल देती है। क्या इसका कोई लक्ष्यार्थ है? यदि हाँ तो स्पष्ट करें।
उत्तर-
कोयला और हीरा रासायनिक भाषा में कार्बन के अपरूप (Altropes) है। पृथ्वी के गर्भ में प्राकृतिक वानस्पतिक जीवाश्म जब गर्भस्थ ऊष्मा ऑक्सीजन की अल्पता तथा भूगर्भीय मा दबाव से जब जल जाते हैं तो कोयला बना जाता है। यही जीवाश्म यदि बहुत अधिक दाब और ताप झेलता है तो हीरा जैसी कीमती कठोर पदार्थ बन जाता है।

कवि के इस पंक्ति लक्ष्यार्थ है कि नारी अपने त्याग, अपनी तपस्या और बलिदान की अग्नि में साधारण पात्र को भी सुपात्र बना देती है। संसार में जितनी भी महान् विभूतियाँ हैं। सबका निर्माण माँ रूपी धधकती भट्ठी में ही हुआ है। स्त्रियों ने सारा दुःख गरल अपमान पीकर सहकर एक से बढ़कर एक नवरत्न उत्पन्न किए हैं। कोयले को हीरा अर्थात् मूर्ख को विद्वान बनाने की साधनात्मक कला स्त्रियों को ही आती है।

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प्रश्न 5.
“रलों से ज्यादा रत्नों के रहस्यों से भरा है तुम्हारा हृदय” -कवि ने इस पंक्ति के माध्यम से क्या कहना चाहा है?
उत्तर-
महाकवि नरेश सक्सेना ने पृथ्वी के विषय में कहा है कि ‘रत्नों से ज्यादा रत्नों के रहस्यों से भरा है, तुम्हारा हृदय’-पृथ्वी की रहस्यों की गूढ़ती को प्रतिबिंबित करता है। पृथ्वी के गर्भ से प्राप्त हीरा, कोयला, सोना, लोहा इत्यादि जैसे दृश्य रत्नों से तो व्यक्ति परिचित हो जाता है, परन्तु पृथ्वी के हृदय (अन्दर) में पानी, अग्नि जो एक दूसरे के प्रबल शत्रु हैं, वे एक साथ कैसे रह पाते हैं। कवि विस्मय प्रकट करते हुए कहता है कि रत्नों का निर्माण प्रक्रिया के दौरान पृथ्वी को कितना दबाव, आर्द्रता और ताप को सहना पड़ता है, यह भी अज्ञात (पृथ्वी की जानता) है।

पृथ्वी के रहस्यों का समय-समय पर जनहित में कुछ महामानव (वैज्ञानिक) उद्घाटित करने का अंशतः प्रयास किया है। अनेकों रहस्यों से परिचित होने के बावजूद अभी भी पृथ्वी के सम्पूर्ण रहस्य को जानना एक अनछुआ पहलू, शोध का विषय है। कवि कहना चाहता है कि पृथ्वी के गर्भ से निकले रत्नों के गुण-दोष से हम परिचित हो जाते हैं परन्तु उसके हृदय के अन्दर व्याप्त रहस्यों का जटिलता से पूर्णत: परिचित होने में हम अब भी असफल हैं।

प्रश्न 6.
“तुम घूमती हो तो घूमती चली जाती हो” यहाँ घूमना का क्या अर्थ है?
उत्तर-
कविवर नरेश सक्सेना ने यहाँ पृथ्वी और नारी की समानता का बिंबात्मक चित्र प्रस्तुत किया है। कवि कहता है कि पृथ्वी अपने केन्द्र मे घूती हुई अपनी दैनिक और वार्षिक गति के द्वारा अपने कर्तव्यों का निर्वहन करती है। खनिज सम्पदा, वन सम्पदा और थल सम्पदा को अपने ऊपर निवास करने वाले जीव-जन्तुओं को पृथ्वी मुफ्त में उपहार स्वरूप देकर दनका लालन-पालन में सदा गतिमान रहती है।

कवि के अनुसार नारी भी अपनी गृहस्थी के केन्द्र में गतिमान रहकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करती है। अपनी सेवा, त्याग, ममता, सहिष्णुता, स्नेह की बारिश अपने परिवार को पुष्पित एवं पल्लवित करती है। वह सदा पृथ्वी की तरह बिना थके हुए अपने कर्तव्य-पथ पर घूमती रहती है। कवि ने पृथ्वी और नारी के कर्तव्य निर्वहन को ‘घूमना’ से प्रतिबिंबित किया है।

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प्रश्न 7.
क्या यह कविता पृथ्वी और स्त्री को अक्स-बर-अक्स रखकर देखने में सफल रही है इस कविता का मूल्यांकन अपने शब्दों में करें।
उत्तर-
आधुनिक संश्लिष्ट जीवन पद्धति के हिस्सेदार विद्वान कवि नरेश सक्सेना का कवि अभियंता एक तीर से दो शिकार सफलतापूर्वक कर लेता है।

पृथ्वी शीर्षक कविता समानान्तर चलने वाली दो कविताओं का संयोजन है। कवि को ऐसा लगता है जैसे पृथ्वी में जितने गुण-अवगुण हैं उसी का लघु संस्करण एक आम स्त्री है। पृथ्वी की जो भी गतिविधियों हैं, जो भी अवदान है ठीक वैसी ही गतिविधियों स्त्री की भी हैं। पृथ्वी भी धारण करती है (इसीलिए इसका एक नाम धरती है) स्त्री भी धारण करती इसलिए इसका भी एक नाम है।

पृथ्वी एक से बढ़कर एक अमूल्य-बहुमूल्य रत्न अपने गर्भ से निकाल कर धरणी दे चुकी है जिससे अपने संतान को उसका जीवन अधिक सुख-सुविधा सम्पन्न हो सका है। पृथ्वी जीवन के उपकरण साधन संसाधन उपलब्ध कराती है। पानी, वायुमंडल, प्राकृतिक सम्पदा सब कुछ पृथ्वी के अवदान हैं।

एक स्त्री पृथ्वी की तरह मसृण भावनाओं संवेदनाओं को अपने हृदय में धारण करती है। आदर्श, सर्वोच्च जीवन मूल्यों की वह उत्पादिका, संरक्षिका और वाहिका है। सृष्टि का वस्तुजगत सत्य है जिसे स्त्री अपनी कल्पना, ममता, कठोरता, अनुशासन, उद्बोधन, प्रेरणा, सहायता, सहचरता आदि के द्वारा सत्यम, शिवम् और सुन्दरम में परिणत कर देती है।

पृथ्वी की गतिद्वय सतत् है और इसी सातत्य के कारण जीवन शेष है जीवन प्रवाहमान है। एक स्त्री का तपसचर्या वाला जीवन भी सतत् है जिसके कारण सृष्टि का सृजन का महत् यज्ञ जारी है।

इस प्रकार निश्चय ही पृथ्वी और स्त्री एक-दूसरे के बिम्ब प्रतिबिम्ब ही हैं।

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पृथ्वी भाषा की बात।

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची लिखें पृथ्वी, जल, अग्नि, स्त्री, दिन, हीरा।
उत्तर-

  • पृथ्वी – धरती,
  • जल – पानी,
  • अग्नि – आग,
  • स्त्री – पत्नी,
  • दिन – दिवस,
  • हीरा – हीरक।

प्रश्न 2.
कभी-कभी कांपती हो’ में ‘कभी-कभी’ में कौन-सा समास है? ऐसे चार अन्य उदाहरण दें।
उत्तर-
‘कभी-कभी’ में अव्ययीभाव समास है। व्याकरण का नियम है कि ‘संज्ञा की द्विरूक्ति वाले शब्द अव्ययी भाव होते हैं अव्ययीभाव समास वहाँ होता है जहाँ समस्त सामासिक पद क्रिया विशेषण (अव्यय) के रूप में प्रयुक्त होता है। अव्ययीभाव सामासिक पद का रूप लिंग, वचन आदि के कारण कभी-कभी नहीं बदलता।

अन्य उदाहरण-कभी-कभी, हाथों-हाथ, दिनों-दिन, रातों-रात, कोठे-कोठे, आप-ही-आप, एका-एक, मुहाँ-मुँह आदि।

प्रश्न 3.
इन शब्दों से विशेषण बनाएँ-
स्त्री, पृथ्वी, केन्द्र, पर्वत, शहर, सतह, अग्नि
उत्तर-

  • संज्ञा – विशेषण
  • स्थी – स्त्रैण
  • पृथ्वी – पार्थिव
  • केंद्र – केन्द्रीय
  • पर्वत – पर्वतीय
  • शहर – शहरी
  • सतह – सतही
  • अग्नि – आग्नेय

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प्रश्न 4.
इस कविता में पृथ्वी प्रस्तुत है और स्त्री अप्रस्तुत। आप प्रस्तुत और अप्रस्तुत के भेद स्पष्ट करते हुए इस कविता से अलग चार उदाहरण दें।
उत्तर-
काव्य शास्त्र के अनुसार प्रस्तुत को ही उपमेय और अप्रस्तुत को उपमान कहा जाता है। उपमेय उपमान का उपयोग अपना और रूपक अलंकार में सर्वाधिक होता है।

कतिपय उदाहरण-

  • प्रस्तुत – अप्रस्तुत
  • आँख – मीन, पंकज (कमल के फूल)
  • मुख – चन्द्र
  • मन – मयर
  • उरोज – शीर्षफल (बेल)
  • जंध – कदली स्तम्भ

प्रश्न 5.
‘पृथ्वी क्या तुम कोई स्त्री हो’-यह प्रश्न वाचक वाक्य है या संकेत वाचक। उदारण के साथ इन दोनों वाक्य प्रकारों का अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर-
पृथ्वी शीर्षक कविता में ‘पृथ्वी क्या तुम कोई स्त्री हो’ वाक्य तीन बार प्रयुक्त हुआ है। ‘क्या’ का प्रयोग होने के बावजूद यह प्रश्न वाचक वाक्य नहीं है क्योंकि कहीं भी प्रश्न वाचक चिह्न का उपयोग नहीं हुआ है। प्रश्न वाचक वाक्य से किसी प्रकार प्रश्न पूछे जाने का बोध होता है और वाक्यांत में प्रश्न वाचक चिह्न लगा रहता है। जैसे-

क्या तुम पढ़ रहे हो? तुम क्या पढ़ रहे हो?
तुम जी रहे हो न? तुम्हें कौन नहीं जानता?
कौन क्या जानता है?

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संकेत वाचक वाक्य का ही उदाहरण है “पृथ्वी क्या तुम कोई स्त्री हो”। संकेत वाचक वाक्य में कोई संकेत या शर्त सूचित होता है।

यदि बचाया होता तो आज मजा करते।
तुम क्या खयाली पुलाव पकाते हो कुछ काम करो।
आपकी दृष्टि में क्या करना चाहिए।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित शब्दों का वाक्य-प्रयोग द्वारा लिंग-निर्णय करें पृथ्वी, स्त्री, केन्द्र, गर्भ, जल, अँधेरा, उजाला, ताप, हृदय, प्रक्रिया, गृहस्थी, घरबार।
उत्तर-
पृथ्वी (स्त्री.)-हमारी पृथ्वी गोल है।
स्त्री (स्त्री)-राम की स्त्री मर गई।
केन्द्र (पु.)- पृथ्वी का केन्द्र कहाँ स्थित है।
गर्भ (पु.)-पृथ्वी के गर्भ में रत्न भरा है।
जल (पु.)- इस तालाब का जल मीठा है।
अँधेरा(पु.)-यहाँ दिन में भी अँधेरा है।।
उजाला(पु.)-यहाँ दिन-रात उजाला ही रहता है।
ताप (पु.)- सूर्य के ताप से जीवाणु नष्ट हो जाते हैं।
हृदय (पु.)-आपका हृदय महान है।
प्रक्रिया (स्त्री.)-तुम्हारी ऐसी प्रक्रिया अशोभनीय है।
गृहस्थी (स्त्री.)-आपकी गृहस्थी कैसी है।
घरबार (पु.)-उसका घरबार सँवर चुका है।

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अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

पृथ्वी दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
पृथ्वी के नारीरूप का संक्षेप में विवेचन करें।
उत्तर-
पृथ्वी कविता में इस पंक्ति की आवृत्ति हुई है-“पृथ्वी क्या तुम कोई स्त्री हो” इससे स्पष्ट है कि पृथ्वी को स्त्री मानने के प्रति कवि के मन में आग्रह है। इस आग्रह के कारण कवि ने पूरी कविता में पृथ्वी को नारीपरक अर्थ देने का प्रयास किया है।

पृथ्वी को नारी मानकर कवि ने धरती पर उगे पेड़-पौधों और जीव-जन्तुओं तथा बसे हुए नगरों तथा गाँवों के सम्मिलित रूप को उसकी गृहस्थी कहा है।

इसी तरह नारी भीतर-बाहर तरल होती है। लेकिन कभी-कभी प्रचण्ड रूप धारण कर अपने अग्निगर्भा होने का प्रमाण देती है। ज्वालामुखी मों फूटनेवाली पृथ्वी भी अग्निगर्भा है।

धरती रत्नगर्भ है। अनेक रत्न उसे खोदने पर प्राप्त होते है।। स्त्री भी एक से एक तेजस्वी और मूल्यवान संतानों को जन्म देने के कारण रत्नगर्भा है। इन तीन विशेषताओं के आलोक में हम कह सकते हैं कि कवि ने स्त्री और पृथ्वी में साम्य अनुभव कर पृथ्वी को नारीरूप माना है।

प्रश्न 2.
पृथ्वी शीर्षक कविता का समीक्षात्मक विवेचन कीजिए।
उत्तर-
समीक्षा : ‘पृथ्वी’ नरेश सक्सेना की एक ऐसी सशक्त कविता है जो उनकी मानवीय संवेदनाओं को उजागर करती है। पृथ्वी में निरंतर गतिशीलता बनी रहती है, वह अपने केन्द्र पर सतत घूमने के साथ ही एक ओर केन्द्र के चारों ओर घूमती रहती है। वह कभी-कभी अपने अन्तर की ज्वालाओं से द्रवित हो, अपनी ऊपरी सतह पर कंपन उत्पन्न पर प्रलय की स्थिति उत्पन्न कर देती है।

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पृथ्वी की तुलना कवि ने एक स्त्री से की है, और एक कटु सत्य का अन्वेषण किया है। कवि का दृष्टिकोण आस्थामूलक दिशा की खोज करने का है। स्त्री में जिजीविषा है, आस्था है, वह अपने मन की गहराइयों में उठनेवाली आकुल तरंगों को रोक कर जीवन के सारे प्रश्नों को हल करती है। पृथ्वी की ऊपरी सतह पर जल है, और नीचे भी जल है, लेकिन उसके गर्भ में, गर्भ के केन्द्र में अग्नि है, यही अग्नि उसे उपादेय बनाती है।

वस्तुतः इसी ताप और आर्द्रता से कोयले को हीरे में बदलने की क्षमता होती है। कवि ने कविता में पृथ्वी की तुलना नारी से की है, जो नर को शक्तिवान बनाती है, जिसमें ममता, वात्सल्य, के लिए त्याग, कोमलता एवं मधुरता की मात्रा पुरुषों की उपेक्षा अधिक होती है। स्त्री हमें पुत्ररत्न देती है। वह जीवन की प्रत्येक धड़कनों से कल्याणकारिणी होती है उसका हृदय पृथ्वी की तरह ही रहस्यों से भरा रहता है।

प्रश्न 3.
नरेश सक्सेना की कविता ‘पृथ्वी’ का भाव-सारांश प्रस्तुत करें।
उत्तर-
देखें-कविता-परिचय, सारांश एवं समीक्षा।

पृथ्वी लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
कवि पूरे विश्वास के साथ पृथ्वी को स्त्री क्यों नहीं मान पाता है?
उत्तर-
कवि नयी कविता का कवि है। वह आशंका, जिज्ञासा और यथार्थता की भूमि पर स्थित है। वह पृथ्वी और स्त्री में इतनी समानता नहीं अनुभव कर पाता कि पूरे विश्वास से पृथ्वी का मानवीकरण कर उसे स्त्री मान ले।

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प्रश्न 2.
पृथ्वी शीर्षक कविता का संक्षेप में परिचय दीजिए।
उत्तर-
नरेश सक्सेना की ‘पृथ्वी’ शीर्षक कविता ‘समुद्र पर हो रही बारिश’ संकलन में संकलित है इस कविता में प्रकृति (पृथ्वी) मानवीय रागों एवं संवेदनाओं की प्रतिच्छाया के रूप में उभरी है। पृथ्वी और स्त्री में एकरूपता स्थापित करते हुए कवि ने भारतीय नारी के आत्म-संघर्ष, आत्मदान और त्याग का अत्यन्त ही सादगीपूर्ण चित्रण किया है कवि की यह कविता अनुभूति की गंभीरता एवं तन्मयता की दृष्टि से अत्यन्त मार्मिक है।

पृथ्वी तो मानो एक भारतीय नारी है, जिसके बाहर भी (आँखों में) जल है और सतह के नीचे भी जल है, लेकिन नारी अग्निगर्भा भी है। पृथ्वी के नीचे जैसे आग है, वैसे ही भारतीय नारी के भीतर आग है जो रत्नों को उत्पन्न करती है। नारी में अगर कोमलता, महणता है, जो कठोरता भी है। पठित कविता में कवि ने स्पष्ट किया है कि पृथ्वी की तरह स्त्री भी अद्भुत गरिमा एवं गौरव से परिपूर्ण होती है।

पृथ्वी अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
कवि क्यों पृथ्वी से बार-बार पूछता है कि क्या तुम कोई स्त्री हो?
उत्तर-
कवि पृथ्वी की गति और क्रियाकलाप में जो विशेषताएँ पाता है वही स्त्रियों में भी पाता है। अतः वह बार-बार स्त्री होने की बात पूछता है।

प्रश्न 2.
पृथ्वी शीर्षक कविता किस काव्य संकलन से ली गई है?
उत्तर-
नरेश सक्सेना द्वारा लिखित पृथ्वी नामक कविता समुद्र पर हो रही है बारिश नामक काव्य संकलन से ली गई है।

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प्रश्न 3.
पृथ्वी शीर्षक कविता में किस बात की अभिव्यक्ति हुई है?
उत्तर-
पृथ्वी शीर्षक कविता में पृथ्वी की गतिशीलता और उसके चक्र की अभिव्यक्ति हुई है। साथ ही इसमें स्त्री के आत्म-संघर्ष की भी अभिव्यंजना हुई है।

प्रश्न 4.
पृथ्वी शीर्षक कविता में पृथ्वी के साथ किसकी एकरूपता स्थापित हुई है।
उत्तर-
पृथ्वी शीर्षक कविता में पृथ्वी के साथ स्त्री की एकरूपता स्थापित हुई है।

प्रश्न 5.
पृथ्वी के घूमते रहने से क्या होता है?
उत्तर-
पृथ्वी के घूमते रहने से दिन और रात तथा मौसम में परिवर्तन होता है। .

पृथ्वी वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर

निम्नलिखित प्रश्नों के बहुवैकल्पिक उत्तरों में से सही उत्तर बताएँ

प्रश्न 1.
‘पृथ्वी’ कविता के कवि हैं
(a) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
(b) नागार्जुन
(c) त्रिलोचन
(d) नरेश सक्सेना
उत्तर-
(d) नरेश सक्सेना

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प्रश्न 2.
नरेश सक्सेना का जन्म कब हुआ था?
(a) 1939 ई.
(b) 1945 ई.
(c) 1936 ई.
(d) 1940 ई.
उत्तर-
(a) 1939 ई.

प्रश्न 3.
नरेश सक्सेना की शिक्षा कहाँ हुई?
(a) पटना
(b) राँची
(c) जबलपुर
(d) बनारस
उत्तर-
(c) जबलपुर

प्रश्न 4.
नरेश सक्सेना का जन्मस्थान है
(a) उत्तरप्रदेश
(b) हिमाचल प्रदेश
(c) दिल्ली
(d) मध्यप्रदेश
उसर-
(d) मध्यप्रदेश

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प्रश्न 5.
नरेश सक्सेना की वृत्ति है
(a) जल निगम में उपप्रबंधक
(b) टेक्नोलॉजी कमिशन के कार्यकारी निदेशक
(c) त्रिपोली के वरिष्ठ सलाहकार
(d) सरकारी सेवा से निवृत्ति
उत्तर-
(a) जल निगम में उपप्रबंधक

प्रश्न 6.
नरेश सक्सेना को ‘पहला सम्मान’ कब मिला?
(a) 2006 में
(b) 1990 में
(c) 2004 में
(d) 1995 में
उत्तर-
(a) 2006 में

II. रिक्त स्थानों की पूर्ति करें

प्रश्न 1.
नरेश सक्सेना बीसवीं शती के सातवें दशक में ……………………… के रूप में आए है।
उत्तर-
महत्वपूर्ण कवि।

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प्रश्न 2.
प्रस्तुत कविता ……………………… कवि का ठोस साक्ष्य है।
उत्तर-
पृथ्वी।

प्रश्न 3.
यह कविता ………………… से संकलित है।
उत्तर-
समुद्र पर हो रही है बारीश।

प्रश्न 4.
प्रस्तुत कविता को कवि ने ……………… के साथ ढालकर दुर्लभ उदाहरण प्रस्तुत किया
उत्तर-
विज्ञान और तकनीक।

प्रश्न 5.
…………………… शीर्षक कविता में पृथ्वी की गति की चर्चा करते हुए भारतीय नारी की जीवन-शैली के ऊपर प्रकाश डाला है।
उत्तर-
पृथ्वी

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प्रश्न 6.
प्रस्तुत कविता में पृथ्वी की तुलना ……………………… से की गई है।
उत्तर-
स्त्री।

प्रश्न 7.
नारी और पृथ्वी दोनों के ……………………… का भण्डार से भरा पड़ा है।
उत्तर-
रहस्यों।

प्रश्न 8.
नारी की तुलना पृथ्वी से करना कवि की ……………………… नहीं है।
उत्तर-
अतिशयोक्ति।

प्रश्न 9.
नारी पृथ्वी की ……………………… है।
उत्तर-
प्रतिमूर्ति।

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पृथ्वी कवि परिचय – नरेश सक्सेना (1939)

नरेश सक्सेना का जन्म 1939 ई. में ग्वालियर मध्य प्रदेश में हुआ है। वे बीसवीं शदी के सातवें दशक में एक अच्छे और विश्वसनीय कवि के रूप में जाने जाते हैं।

जिस कवि ने आजादी के 20 वर्षों के बाद का भारत देखा हो, पहली बार उस कवि की कविताओं में कल्पना का अंश, मनोरंजन का अंश आ ही नहीं सकता। पाकिस्तान का दो-दो बार हमला करना, चीन का भारत पर हमला करना, भुखमरी, अकाल सबको देखने, भोजने वाले नरेश मेहता को मानवीय मूल्यों के प्रति आस्था उत्पन्न होती है और मानवीय मूल्यों, आदर्शों का उत्स नारी है।

नारी का हृदय है तो वे नाम की वर्तमान विपन्न विषण्ण स्थिति को देखकर क्षुब्ध हो उठते हैं। आरम्भिक दौर में नरेश सक्सेना काव्यान्दोलन से जुड़े। किन्तु समय की कटु कठोर सच्चाइयों ने इन्हें बाध्य किया और ये अपेक्षाकृत अधिक बौद्धिकता, वैचारिकता और संवेदनशीलता के साथ कविता रचने लगे। समकालीन घटनाओं पर इनकी लेखनी खूब चली। कोई घटना, अनछुई नहीं रह सकी।

सक्सेना जी ने “मैं” को अपने काव्य का उपजीव्य नहीं बनाया। ये पूर्णतः निर्वैयक्तिक और वस्तुपरक होकर, तटस्थ होकर लिखते हैं। उन्हें कवि कर्म और उत्पाद के बीच के सम्बन्ध पर संदेह है।

“जैसे चिड़ियों की उड़ान में
शामिल होते हैं पेड़”

 Bihar Board Class 11th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 11 पृथ्वी (नरेश सक्सेना)

क्या कविताएँ होंगी मुसीबत में हमारे साथ? कवि को लगता है कि कविताओं से जीवन को नहीं चलाया जा सकता। कविता के सहारे संघर्ष नहीं किया जा सकता। नरेश सक्सेना को अपनी रचनाओं से राग, मोह नहीं है। कवि की प्रतीक्षा आगे के कई विषय करते मिलते हैं।

आज का जीवन कितना संघर्षपूर्ण प्रतियोगितात्मक है, इसे स्वयं नरेश सक्सेना ने भोगा। जल निगम के उपप्रबंधक पत्रिकाओं के सम्पादक और टेलीविजन रंगमंच के लेखक के रूप में चुनौतियों से दो-चार होना आज भी जारी है। फिर भी उनका हृदय कटु भावनाओं से भरा नहीं है, बल्कि उनमें मानवीय संवेदनाएँ भरी पड़ी हैं।

वस्तुतः ये दृष्टिकोण के विस्तार और संवेदनाओं की प्रगाढ़ता के भीतर ही युगधर्म के प्रचलित सरोकारों यथा, राजनीति, सामाजिकता एवं प्रतिबद्धताओं और उनके वास्तविक अर्थपूर्ण रुख, रुझानों को अपना बनाते चलते हैं। अभियंता का जीवन जीने वाला जब कवि कर्म को अपनाता है तो उसकी रचना दृष्टि ज्यादा तथ्यपरक होती है। वस्तु को वह वस्तुपरक ढंग से रखता है। भाषा नपी-तुली होती है। कविता में ज्ञान-विज्ञान के तथ्यों का – समायोजन एक कठोर संयमित साधना का ही प्रतिफलन है।

नरेश मेहता का काव्य संसार ठोस साक्ष्यों पर आधारित है। किन्तु प्रभाव में वही मसृणता . प्राप्त होता है।

मेहता भी बिम्बों के सृजनहार है। मुक्त छंद तो आजादी के बाद का कविता धर्म ही बन गया। किन्तु मुक्त छंद में भी बातें प्रभावशाली बन जाती हैं, मारक क्षमता प्राप्त कर लेती हैं।

मेहता जी का मुक्त छंद भी हमें नई वैचारिक भूमि उपलब्ध कराता है। वास्तव में समसामयिक जीवन की समस्याओं और संघर्षों से नरेश का गहरा लगाव स्पष्ट होता है। ऐसा करते हुए उनका दृष्टिकोण संवेदना मानवीय पक्ष का उजागर करता है।

पृथ्वी कविता का सारांश

नरेश सक्सेना रचित ‘पृथ्वी’ शीर्षक कविता समसामयिक जीवन की समस्याओं और संघर्षों से हमारा अद्भुत तरीके से साक्षात्कार करती है।

 Bihar Board Class 11th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 11 पृथ्वी (नरेश सक्सेना)

प्रस्तुत कविता में कवि पृथ्वी को सम्बोधित करते हुए उसकी भौगोलिक बनावट, उसकी नियति, उसके आक्रोश आदि का लेखा-जोखा तो लेता ही है। कवि पृथ्वी के बहाने नारी, स्त्री जीवन की उच्चता और विडंबना को भी प्रस्तुत करता है।

भूगोल और विज्ञान के सत्य के साथ कवि पृथ्वी से कहता है कि तुम घुमती हो और लगातार। बिना रुके अपने केन्द्र पर तो तुम घूर्णन करती ही हो एक अन्य बाह्य केन्द्र (सूर्य) के परितः पर चक्रण करती है। एक ही साथ दो अलग प्रकृति के घुमाव से क्या तुम्हें चक्कर नहीं आते? तुम्हारी आँखों के आगे अंधेरा नहीं छाता? तुम हमेशा दो विपरीत प्रकृतियों को साथ लिए चलती है। तुम्हारे आधे भाग में सूर्य के कारण उजाला और आधे भाग में तुम्हारी बनावट के कारण अँधेरा होता है। तुम रात-दिन एक करते हुए दिन को रात और रात को दिन में बदलने के लिए गतिमान रहती हो।

अनथक परिश्रम रत रहती हो। तुम्हें हमने कभी चक्कर खाकर गिरते नहीं देखा। हाँ कभी-कभी तुम कॉपती हो जब तुम्हारी आन्तरिक बनावट में कोई विक्षोभ उत्पन्न होता है। तब लगता है कि सम्पूर्ण अस्ति को नास्ति में बदलकर ही दम लोगी। तुमने अपनी गृहस्थी को सजाने-संवारने के लिए पेड़, पर्वत, नदी, गाँव, टीले की व्यवस्था की है लगता है भूकंप की स्थिति में तु अति क्रोध में आकर इन्हें नष्ट करने पर उद्धत हो प्रतिबद्ध हो गई हो।

तुम्हारा सारा स्वभाव एक स्त्री से मिलता है। क्या तुम भी स्त्री हो। स्त्री के भी कम-से-कम दो व्यक्तित्व होते हैं। वह भी पूरे जीवन नर्तन घूर्णन चक्रण में व्यस्त रहती है वह भी विन्यास करती है और आक्रोश की पराकाष्ठा पर वह भी अपने ही संसार को नष्ट करने पर उतारू हो जाती है।

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पृथ्वी तुम्हारी सतह पर जीवन के लिए अपरिहार्य तत्त्व जल प्रचुरता में उपलब्ध है। यह जल तत्व तुम्हारी सतह के नीचे भी है जो शीतलता संचरण संतुलन में लगा है। किन्तु तुम्हारे भी केन्द्र में एक स्त्री की तरह केवल आग दहकता है। क्या तुम्हें भी सदियों से उपेक्षा, तिरस्कार का सामना करना पड़ रहा है जो आक्रोश का पूँजीभूत रूप अग्नि बन गया है। पृथ्वी तुम एक स्त्री की तरह तपस्या साधना करने वाली हो।

एक स्त्री अपने कठोर अनुशासन और मसृण ममत्व के बल पर अपने बच्चे को सर्वगुण सम्पन्न बना देती है। वैसे ही तुम भी अपने क्रोड के चरम ताप, दाब और जल तत्त्व के आर्द्रगुण के सहयोग से वह भी बिना किसी विज्ञापन के कष्टकर जटिल प्रक्रियाओं से गुजर कर कोयले को हीरा बना देती हो। तुम्हारे गर्भ में हृदय में हीरा ही नहीं अन्य अनेक असंख्य रत्न, धातु संरक्षित हैं। उनका रहस्यमय संसार तुम्हारे हृदय की रहस्यमयता को कई गुणा बढ़ा देता है। ठीक जैसे एक स्त्री के असली और सम्पूर्ण भावों की कोई लाख कोशिका करके नहीं पकड़ सकता, पढ़ना-समझना तो बहुत दूर की बात है।

पृथ्वी तुम अपनी अनंत रहस्यमयता के साथ एक स्त्री की तरह ही लगातार सतत् चलायमान हो, घूर्णनरत हो। कवि ने विज्ञान के सायों को मानवीय भावनाओं, क्रियाओं की संगति में रखकर स्वयं एक स्त्री के श्वेत-श्याम पक्ष को सतर्क ढंग से प्रस्तुत किया है।

एक स्त्री का सम्पूर्ण दाम त्यागमय है, गरिमामय है। किन्तु बदले से उसे क्या मिला है? और चाहकर भी, चिड़चिड़ा कर भी एक स्त्री अपने ही घरौंदे को क्यों नहीं रौंदती। शायद इसी लिए कि एक स्त्री का ही वृहत् रूप पृथ्वी. है सकल जीव जड़ चेतन की माँ है।

पृथ्वी कवि की प्रस्तुति बेजोड़ है।

आधुनिक कविता में अलंकारों का वैसे भी कोई महत्त्व नहीं है। जहाँ वैचारिकता का प्रधान्य हो वहाँ तो अलंकार भार स्वरूप ही लगते हैं। फिर भी अनायास रूप से अनुप्रास, उत्प्रेक्षा जैसे अलंकार ‘पृथ्वी’ शीर्षक कविता में प्राप्त हो ही जाते हैं।

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वास्तव में इस कविता में कवि ने पृथ्वी और स्त्री का तुलनात्मक विवेचन करते हुए भारतीय स्त्री के आत्मसंघर्ष, आत्मदान और त्याग को त्याग पर प्रकाश डाला है।

पृथ्वी कठिन शब्दों का अर्थ

आर्द्रता-नमी। गृहस्थी-गृह-व्यवस्था। सतह-ऊपरी तल। प्रक्रिया-किसी काम को करने की प्रणाली।

पृथ्वी काव्यांशों की सप्रसंग व्याख्या

1. पृथ्वी तुम घूमती हो ……… नहीं आते।
व्याख्या-
पृथ्वी’ कविता की प्रस्तुत पंक्तियों में नरेश सक्सेना कहते है। कि पृथ्वी निरन्तर घूम रही है। भौगोलिक तथ्य के अनुसार पृथ्वी की दो गतियाँ हैं-प्रथम वह अपनी धुरी पर घूम रही है, द्वितीय वह वह सूर्य के चारों ओर चक्कर लगा रही है। प्रथम से दिन-रात होते हैं और दूर से ऋतु परिवर्तन। इस तथ्य को व्यक्त करते हुए कवि एक शब्द को पकड़ता है-घूमना। पृथ्वी न जाने कब से, अनन्त काल से घूम रही है। इस आधार पर कवि एक जिज्ञासा करता है-पृथ्वी क्या इस तरह निरन्तर घूमते रहने से तुम्हें चक्कर नहीं आते और इस जिज्ञासा के द्वारा कवि पृथ्वी की जड़ता में मानव-चेतना भर देता है।

2. कभी-कभी काँपती हो……… कोई स्त्री हो।
व्याख्या-
नरेश सक्सेना ने अपनी ‘पृथ्वी’ कविता की प्रस्तुत पंक्तियों में पृथ्वी को एक मानवी के रूप में देखा है। पृथ्वी काँपती है तो भूकम्प होता है जिससे धरती की सतह भी प्रभावित होती है और उस पर बसे-उगे नगर गाँव पेड़-पौधे आदि भी। इस सहज कम्पन की घटना को चेतना से जोड़ते हुए कवि मानता है कि पृथ्वी कभी-कभी काँपती है। उसका यह काँपना प्राकृतिक सहजता नहीं उसकी चेतना सत्ता का विषय है।

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इस काँपने के कारण कवि को लगता है कि यह एक ऐसी स्त्री का क्रोध में काँपना है जो क्रोध के आवेग में अपनी ही गृहस्थी को नष्ट-भ्रष्ट करती है। यहाँ कवि ने पेड़, पर्वत, नदी, टीले गाँव, शहर आदि के सम्मिलित रूप को पृथ्वी की गृहस्थी माना है और पृथ्वी को गृहस्थिन नारी। मानवीकरण की इस संभावना के बीच कवि प्रश्न करता है कि क्या तुम एक स्त्री हो? स्पष्टतः कवि की दृष्टि में पृथ्वी का आचरण तक तेजस्विनी अग्नि गुण प्रधान नारी का है।

3. तुम्हारी सतह पर कितना जल है …….. सिर्फ अग्नि।
व्याख्या-
‘पृथ्वी’ कविता की प्रस्तुत पंक्तियों में नरेश सक्सेना ने भौगोलिक तथ्य को काव्यत्व में परिवर्तित किया है। पृथ्वी की सतह पर प्रायः दो-तिहाई भाग में जल है। इसके नीचे भी विभिन्न स्तरों पर जल है जो खुदाई द्वारा ज्ञात होता है। लेकिन यह भी भौगोलिक सच है कि पृथ्वी के भीतर स्थित जल की सतहों से बहुत नीचे भारी मात्रा में आग है। इसलिए धरती अग्निगर्भा है।

कवि की दृष्टि में स्त्री ऊपर से भी जल की तरह तरल है और हृदय के स्तर पर भीतर भी भावनाओं के कारण तरल है। लेकिन उसमें भीतर अग्नि-तत्त्व भी प्रबल है जो प्रायः विशेष परिस्थितियों में उसे ज्वालामुखी बनता देती है और वह चण्डी बन जाती है। इस तरह सभी पृथ्वी में समानता तलाशते हुए कवि पृथ्वी से पूछता है-“क्या तु कोई स्त्री हो?”

4. कितने ताप कितने दबाव ……………… कोई स्त्री हो।
व्याख्या-
‘पृथ्वी’ कविता की प्रस्तुत पंक्तियों में नरेश सक्सेना ने पृथ्वी के रत्नगर्भा रूप का वर्णन किया है। भौगोलिक सच के अन्तर्गत हम जानते हैं कि धरती के नीचे से कोयला निकलता है। वैज्ञानिकों ने अधिक ताप के स्तर पर कोयला से हीरा बनाकर यह सिद्ध किया है कि उच्चतम ताप की स्थिति होने पर विशेष उपादानों के संयोग के कारण कोयला हीरा बन जाता है। धरती के भीतर से खोदकर ही हम अन्य कई रत्न निकालते हैं ये रत्न ताप, आर्द्रता और दबाव की प्रक्रियाओं के कारण निर्मित होते हैं और धरती का रत्नगर्भा नाम सार्थक करते हैं। यह प्रक्रिया अप्रकट घटित होती है।

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अतः कवि मानता है कि एक चतुर स्त्री की तरह चुपचाप पृथ्वी विभिन्न प्रक्रियाओं से गुजरकर रत्नों का निर्माण कर लेती है। अतः रत्नों से ज्यादा रत्नों की रचना से रहस्य से पृथ्वी का हृदय भरा है। यही स्थिति नारी की होती है वह भी रहस्यमय हृदयवाली होती है। अतः कवि विश्वासपूर्वक जिज्ञासा करता है-“पृथ्वी क्या तुम कोई स्त्री हो?”

Bihar Board Class 11th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 10 जगरनाथ

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Bihar Board Class 11th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 10 जगरनाथ (केदारनाथ सिंह)

 Bihar Board Class 11th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 10 जगरनाथ (केदारनाथ सिंह)

जगरनाथ पाठ्य पुस्तक के प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
कवि को क्यों लगता है कि कहीं कुछ गड़बड़ जरूर है?
उत्तर-
कवि अपने बचपन के बीते दिनों की तुलना वर्तमान औद्योगिक क्रान्ति, बौद्धिक जागरण और वैश्विकता के प्रभाव से जो असमानता की खाई बन-सी गयी है, तत्सबन्धित परिवर्तनों से कवि को आशंका होती है कि कहीं-न-कहीं, कुछ-न-कुछ गड़बड़ी अवश्य है। जीवन-मूल्यों के क्षरण और मानवीय अस्तित्व और अस्मिता को संकट में घिरते हुए देखकर कवि व्यथित है।

इस संबंध में कवि जगरनाथ भाई से प्रश्नोत्तर की आकांक्षा लिए हुए पत्र शैली में कविता के माध्यम से संवाद स्थापित कर अपनी शंका-समाधान चाहता है। प्रश्नोत्तर की जगह जगरनाथ भाई की खामोशी उसे चिन्ता में डाल देता है और उसका ध्यान सामाजिक विषमता से होने वाली गड़बड़ियों पर आकृष्ट हो जाता है। बौद्धिक विकास के क्रम में मानवीय जीवन में। जो उतार-चढ़ाव प्रतिबिम्बित होता है, वह गड़बड़ी का स्पष्ट संकेत है।

प्रश्न 2.
“वह बनसुग्गों की पाँत थी
जो अभी-अभी उड़ गई हमारे उपर से
वह है तो है
नहीं है तो भी चलती रहती है जिंदगी”
-इन पंक्तियों का आशय स्पष्ट करें और इसकी काव्य चेतना पर भी विचार रखें।
उत्तर-
प्रस्तुत व्याख्येय पंक्तियाँ ‘नई कविता’ आन्दोलन के ध्वजवाहक और अपनी पीढ़ी के प्रतिनिधि कवि श्री केदारनाथ सिंह द्वारा विरचित ‘जगरनाथ’ शीर्षक कविता से उद्धत है। पस्तुत पंक्तियों के माध्यम से कवि ने समाज में पल रहे परजीवी-ललबबुओं पर व्यंग-वाण चलाया है। समाज में रहने वाले इन सामाजिक भार बन चुके मनुष्य रूपी मृग से कवि को कोई आशा नहीं है।

पालतू सुग्गे की तुलना में बनसुग्गे केवल देखने और क्षति पहुँचाने के लिए है। समाज में पल रहे ललबुओं की फौज भी सामाजिक विद्रूपता फैलाती हैं, उनसे समाज किसी प्रकार लाभान्वित नहीं हो सकता। बनसुग्गों के समान ही ये कभी यहाँ और कभी वहाँ निरूद्देश्य भटकते हैं। इन सामाजिक बनसुग्गों के रहने और नहीं रहने से कोई तब्दिली नहीं आ सकती, ऐसा कवि का अभिमत है।

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इन पंक्तियों में रूपकातिशयोक्ति अलंकार का कुशलता पूर्वक प्रयोग हुआ है। ‘बनसुग्गों’ सामाजिक ललबबुओं का, ‘पांत’ जमात का उपमान है। ‘बनसुग्गा’ भोजपुरी भाषा का शब्द है। ‘ललबबुओं के लिए यह सुन्दर व्यंगात्मक प्रयोग है। भाषा, शैली और शिल्प पर चौकन्नी सजगता के कारण गहरे यथार्थ बोध का स्वाभाविक संप्रेषण होता है। कवि ने जीवन के मूल्यों में हास की ओर संकेत किया है। साथ ही समाज में पल रहे ललबबुओं पर अपने व्यंगवाणों की वर्षा की है। कवि केदानाथ सिंह ने इन पंक्तियों में बनसुग्गों पर कटाक्ष; क्रान्तिकारी हथौड़े से नहीं बल्कि मृत्यु संशोधन, निपुण वैध की भाँति रोगी की नाजुक स्थिति की ठीक-ठाक जानकारी प्राप्त कर उसकी रूची के अनुसार उचित पथ्य की व्यवस्था की है, जिससे इन पंक्तियों की जीवंतता सहज की दृष्टिगोचर होता है।

प्रश्न 3.
कवि को आसमान में लाल-पीले डैने वाले पक्षियों को देखकर राहत मिलती है तो वह बनसुग्गों की पाँत की उपेक्षा क्यों करता है? आप इसका क्या कारण समझते हैं?
उत्तर-
कविवर केदार नाथ सिंह प्रगतिशील विचारधारा के कवि हैं। कवि आधुनिक परिवेश में जी रहा है। कवि की मुलाकात अपने बचपन के साथी भाई जगरनाथ से होती है। भाई जगरनाथ से अपना और उसका हाल-चाल लेते हुए कवि के माथे के ऊपर से बनसुग्गों की फौज गुजरती है। कवि उसे देखकर कहता है कि जिस प्रकार समाज में पल रहे परजीवियों के रहने या न रहने का कोई महत्व नहीं है ठीक उसी प्रकार बनसुग्गों को चले जाने का कोई महत्व नहीं है।

अचानक कवि को आकाश में उड़ते हुए लाल-पीले डैनेवाले पक्षियों अर्थात् मनुजता के पुजारी की ओर जाता है और उसे आशा की किरण स्पष्ट नजर आती है। निराशा का बादल छूटते ही मानव-मन आशा की सप्तरगिनी सपने देखकर सहज ही आत्मविभोर हो जाता है। वह पीछे घूमकर नहीं देखना चाहता अर्थात निराशा के अंधकूप में वह पुनः नहीं जाना चाहता है। मानव स्वभाववश कवि आसमान में लाल-पीले डैने वाली पक्षियों (आशा की किरण) को देखकर बनसुग्गों (निराशा की बदली) की उपेक्षा करता है।

प्रश्न 4.
कवि को अपने शब्दों से झूठ की गंध आने का संशय क्यों होता है?
उत्तर-
कवि अपनी मूल धरती-गाँवों और वहाँ की जिन्दगी को भूला नहीं है। आधुनिक समय में गँवई जीवन के बदलते स्वरूप को रेखांकित करते हुए कवि कहता है कि आजादी के पूर्व और आजादी के बाद का गाँव, दोनों में काफी असमानता है। कवि अपने बचपन के बीते दिनों की स्मृति के आधार पर तत्सम्बन्धित प्रश्न भाई जगरनाथ से करता है। सुख-सुविधाओं की आधुनिकतम वस्तुओं को निस्सार बताकर गवई जीवन को सरस, सहज और विनोदपूर्ण बताते हुए कवि प्रश्नोत्तर की आशा भाई जगरनाथ से करता है।

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भाई जगरनाथ की ओर आशा पूर्ण निगाहों से देखते कवि को उनके चेहरे पर दुनिया भर की मूक बेबसी और लाचारी स्पष्टतः झलकती है। जगरनाथ भाई का मौन से उत्पन्न जबाब जिसमें आधुनिक जीवन के जड़ तक फैल चुके ईष्या, द्वेष, संकीर्णता, स्वार्थपरता, घृणा तथा सामाजिक विषमता के चिह्न का स्पष्ट छाप उभर आती है। जगरनाथ भाई को उत्तर न देकर खामोशी धारण कर लेने के कारण कवि को अपने शब्दों से झूठ की गंध आने का संशय उत्पन्न होता है।

प्रश्न 5.
जगरनाथ की चुप्पी और उसके होठों के फड़कने में क्या सम्बन्ध है?
उत्तर-
कवि के अनुसार निश्चल ग्रामीण, बौद्धिक छल-बल वाले शहरी से आशंकित रहते है। कवि ग्रामीण जीवन और गाँव के निश्चल ग्रामीणों के प्रति अपना भावुकतापूर्ण विचार व्यक्त किया है। उन्होंने आधुनिकतम सुख-सुविधाओं की बनसुग्गा कहते हुए निस्सार किया है। कवि अपने आपको जगरनाथ भाई के स्तर में लाकर दूरी को पाटने का अथक प्रयास करता है। जगरनाथ भाई अपने गँवई स्वभाव से उबर नहीं पाते जिस कारण होठ तो फड़फड़ाता है परन्तु प्रस्फुटित नही हो पाते, जिसे देखकर कवि का हृदय फट पड़ता है।

प्रश्न 6.
कवि को अपनी दिनचर्या से असंतोष क्यों हैं?
उत्तर-
कवि वृति से प्राध्यापक हैं, इसका पता जगरनाथ भाई से वार्तालाप के क्रम में चलता है। अतीत की गवई स्मृतियाँ कवि के मनः मस्तिष्क-पटल पर चलचित्र की भाँति विचरण करने लगती है। कवि को गाँव-गबई के प्रति सहज और निश्चल प्रेम की अनुभूति होती है। शहरी वातावरण में फैले ईया, द्वेष, लकीर्णता, स्वार्थपरता, घृणा आदि के कारण कवि का मन उच्चाटपूर्ण संशय में पड़ जाता है। कवि प्राध्यापक होने के नाते केवल खानापूर्ति के लिए वर्ग में जाकर बक-बक कर आता है और अवसर हाथ आते ही एक-दो झपकियाँ भी मार लेता है।

इस प्रकार कवि व्यवस्था की गड़बड़ी के कारण उच्च पदों पर आसीन व्यक्तियों की कर्तव्यहीनता पर चोट करता है। व्यवस्था की गड़बड़ी के कारण व्यक्ति कार्य-निष्पादन निष्ठा के साथ नहीं करता है। चूंकि लेखक भी इसी व्यवस्था का एक अंग है, जिसमें व्यक्ति अपने जिम्मेवारी को ढंग से नहीं निभा पाता। कवि चाहता है कि उच्च पदासीन लोग अपने आदर्शों से समाज में एक मिसाल कायम करना चाहिए परन्तु ऐसा संभव नहीं हो पाता है, यह कवि के लिए असंतोष का विषय है।

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प्रश्न 7.
जगरनाथ को जाते हुए कवि को ऐसा क्यों लगता है कि वह उसे चीरता-फाड़ता हुआ जा रहा है?
उत्तर-
कविवर केदार नाथ सिंह ने गाँव-गवई की आँचल में पल रहे निश्छलता का यहाँ बिंबात्मक चित्र उपस्थित किया है। कवि अपने लंगोटिया मित्र जगरनाथ से उसका हाल-चाल पूछता है। ललाट पर गुम्मट, नीम के पेड़ और उसे नीचे बँधी बकरियों के संदर्भो में भी वह प्रश्न पूछता है। प्रत्युत्तर न पाकर वह असहज अवस्था में अपने सामान्य दिनचर्या की चर्चा करता है। कवि की वाणी मे दुनियाँ भर की बेबसी और लाचारी स्पष्टतः दृष्टिगोचर होता है। कवि अपने को जगरनाथ भाई के स्तर पर लाकर उससे संवाद स्थापित कर अपने संशय को दूर करना चाहता है। जगरनाथ भाई अपने गँवई स्वभाव से उबर नहीं पाते और नि:शब्द ही चले जाते हैं।

इस प्रकार गँवई जिन्दगी में शहरी जीवन की अपेक्षा हीन-भावना की बहुलता जगरनाथ भाई के मौन और कातर नेत्रों से सहज की दृष्टिगोचर होता है। जगरनाथ की खामोशी पूर्ण जाना शहर और गाँव के बीच की खाई को परिलक्षित करता है। भाई जगरनाथ जो कवि के बचपन का साथी है। समय के अन्तराल ने जहाँ एक को जीवन की बुलन्दी के शिखर पर पहुंचा दिया है, वहीं दूसरा दारूण-दशा झेलने को अभिशप्त मानवीय जीवन के बीच फैल चुके स्वार्थपरता, संकीर्णता, द्वेष, घृणा, अविश्वास का प्रतीक बनकर जगरनाथ भाई कवि को चीरता-फाड़ता जाता हुआ दिखाई पड़ता है।

प्रश्न 8.
कविता का नायक कौन है?
उत्तर-
कविवर केदार नाथ सिंह द्वारा विरचित ‘जगरनाथ’ शीर्षक कविता का नायक भाई जगरनाथ हैं।

प्रश्न 9.
कविता का शीर्षक ‘जगरनाथ’ क्यों है?
उत्तर-
शीर्षक किसी भी रचना-भवन का मुख्य द्वारा होता है। शीर्षक पढ़कर ही पाठक सर्वप्रथम उस रचना के मूल तथ्य और कव्य से परिचित होता हैं। शीर्षक की लघुता में ही रचना की गुरूता या विशालता-व्यापकता मुख्य बिंदु के रूप में केंद्रित रहती है। रचनाकार शीर्षक का चयन मुख्य पात्र, मुख्य घटना, घटना-स्थल मुख्य उद्देश्य या मुख्य बिन्दु के आधार पर करता है। शीर्षक की सफलता, औचित्य या सार्थकता के सम्बन्ध में सभी विद्वान एकमत हैं कि शीर्षक को लघु, सटीक, मुख्य विचार या भाव अभिव्यंजक तथा सार्थक होना चाहिए।

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प्रस्तुत व्यंगात्मक कविता का जगरनाथ का काल्पनिक पात्र है। सम्पूर्ण कविता पर जगरनाथ के जीवन का सारगर्भित तथ्य छाया हुआ है। वह कविता के कवि का लंगोटिया दोस्त है। भाई जगरनाथ कविता के मूल कथ्य का केन्द्र बिन्दु है जिसके माध्यम से कवि सामाजिक परिवर्तन और उसके प्रभाव को इंगित करता है। सम्पूर्ण कविता जगरनाथ के इर्द-गिर्द ताना-बाना बुनती दृष्टिगोचर होती है।

कवि ने जगरनाथ के माध्यम से ग्रामीण और शहरी वातावरण के बीच की खाई, व्यवस्था का दोष तथा ग्रामीण जीवन की संघर्षपूर्ण किन्तु निश्चल हृदय की संवेदनशीलता हमारे अंतस् पर रेखांकित किया है। साथ ही साथ शीर्षक ‘जगरनाथ’ गाँव की जिन्दगी की महत्ता को प्रदर्शित करता है और गवई भाषा के प्रति कवि की श्रद्धा को भी परिलक्षित करता है।

प्रश्न 10.
इस कविता में आपको प्रिय लगती पंक्तियाँ कौन-कौन-सी है और क्यों?
उत्तर-
कविवर केदार नाथ सिंह ने प्रस्तुत कविता ‘जगरनाथ’ में गवई किसान के जीवन और संस्कृति को प्रतिबिम्बित किया है। महानगर में रहने-जीने और वहाँ के विषयों-कथ्यों का इस म कविता में समावेश के साथ-साथ मूल धरती-गाँवों की जिन्दगी की सच्चाईयों का यथार्थ चित्रण कवि ने किया है।

कविता का शीर्षक जगन्नाथ के बदले ठेठ भोजपुरी गवई शब्द ‘जगरनाथ’ का प्रयोग कर कवि ने ग्रामीण भाषा के प्रति श्रद्धा को व्यक्त किया है। प्राध्यापक जैसे उच्च पद पर पदासीन और शहरी वातावरण में रहने वाला कवि गाँव-गवई के संगी-साथियों को नहीं भूला है। लम्बे अरसे के बाद भाई जगरनाथ से उसकी मुलाकात होती है तो वह आत्मीय भाव से पूछता है कैसे हो भाई जगरनाथ?

कितने बरस बाद तुम्हें देख रहा हूँ। कवि बाल्यावस्था में देखे गए नीम के पेड़ के नीचे बँधी बकरी जो कभी रहा करती थी उसको भी नहीं भूला है। जन्मभूमि के एक-एक वस्तु से कवि अपना प्यार और लगाव स्पष्ट करते हुए भाई जगरनाथ से पूछता है-

कैसा है वह नीम का पेड़
जहाँ बंधाती थी तुम्हारी बकरी?

 Bihar Board Class 11th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 10 जगरनाथ (केदारनाथ सिंह)

कवि प्रकृति के प्रति प्रेम प्रदर्शित करते हुए उसके अनूठे उपहार ‘आम’ की चर्चा करता है। कवि कहता है कि आम का खुशबू और निराला स्वाद मन को आनंदातिरेक और वातावरण को सुवासित करता है। आम की महत्ता का चर्चा करते हुए कवि कहता है-

क्या शुरू हो गया आम का पकना?
यह एक अजब-सा फल है मेरे भाई
सोचो तो एक स्वाद और खुशबू से
भर जाती है दुनियाँ।

इस प्रकार प्रस्तुत कविता गँवई और कसबाई जिन्दगी की विस्मयजनक वास्तविकता का उत्कृष्ट मानवीय दस्तावेज है। यह कविता हमारे जातीय और सामाजिक जीवन का दर्पण भी है। यह हमारे संक्रमणशील समाज के अंत: सघंर्षों तथा उसकी जीजीविषा का साक्ष्य भी है।

प्रश्न 11.
कवि का पेशा क्या है?
उत्तर-
कविवर केदार नाथ सिंह वृत्ति से विश्वविद्यालय में प्राध्यापक हैं। उनकी वृत्ति का पताजगरनाथ भाई से उनके वार्तालाप के क्रम में चलता है।

प्रश्न 12.
कविता में जगरनाथ के ललाट पर उगे और गुम्मट का विवरण क्यों दिया है?
उत्तर-
बहुत दिनों बाद जगरनाथ भाई से कवि की मुलाकात होती है, जिसके ललाट पर गुम्मट-सा उग आया है जो उसे कर्मठता तथा दीनता का प्रतीक है। जगरनाथ भाई के ललाट पर उभरी-गुम्मट हमारे संक्रमणशील समाज के अंत: संघर्षों तथा उसकी जिजीविषा का साक्ष्य भी है यह गुम्मट सामाजिक विषमता का विद्रूप चित्र है।

 Bihar Board Class 11th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 10 जगरनाथ (केदारनाथ सिंह)

गुम्मट के माध्यम से कवि का अभीष्ट है-दलित, शोषित और पीड़ित ग्रामीण कृषक-जीवन की संवेदनाओं को लोगों के सामने रखना तथा उसकी मार्मिकता के संबंध में कुछ करने और सोचने के लिए उन्हें बाध्य करना। कविता में जगरनाथ के ललाट पर उग आए गुम्मट का विवरण सारगर्भित और उद्देश्यपूर्ण है।

प्रश्न 13.
कविता में जगरनाथ का केवल चित्रण है और कवि का एकालापी वक्तव्य, जबकि कविता का शीर्षक ‘जगरनाथ’ है। यहाँ जगरनाथ का वक्तव्य क्यों नहीं आ सका?
उत्तर-
कविता में जगरनाथ का केवल चित्रण है और कवि का एकालापी वक्तव्य; जबकि कविता का शीर्षक ‘जगरनारथ’ है। वस्तुतः जगरनाथ इस कविता का काल्पनिक पात्र है जिसके माध्यम से कवि ने सामज ने व्याप्त साधनहीनता का सफल, सार्थक और मुख्य भावाभिव्यंजन चित्र खींचा है। कवि ने ग्रामीण जीवन के शोषण, उत्पीड़न तथा गरीबी के साये में घुट-घुटकर जी रहे एक गरीब किसान के जीवन की व्यथा-कथा का अंकन किया है। भाई जगरनाथ को मूक रखकर कवि ग्रामीण जीवन के दुःख दर्द का दस्तावेज पाठकों के सामने यथार्थ रूप में चित्रित किया है। इस कविता में समाज के दलित-शोषित जीवन का मूक प्रतिबिंब खींचा गया है।

प्रश्न 14.
कविता में प्रश्नवाचक चिन्हों के प्रयोग बहुत है। उसकी सार्थकता पर विचार कीजिए।
उत्तर-
कवि केदार नाथ सिंह रचित ‘जगरनाथ’ शीर्षक कविता ग्रामीण जीवन की एक यथार्थवादी कविता है। इस चर्चित कविता में कवि ने जगरनाथ भाई के माध्यम से जीवन-मूल्यों के क्षरण और मानवीय अस्तित्व और अस्मिता के संकट का सजीव चित्रण किया है। अपने बचपन के बीते दिनों को याद करते हुए वर्तमान से तुलना कर कवि जगरनाथ भाई से प्रश्नोत्तर की आकांक्षा लिए हुए पत्र-शैली में कविता के माध्यम से संवाद स्थापित करना चाहता है। प्रश्नोत्तर की आकांक्षा में जगरनाथ भाई से बराबर आग्रह कर अपने संशय को दूर करना चाहता है।

कवि प्रश्नों के माध्यम से बौद्धिक विकास के क्रम में मानवीय जीवन में उतार-चढ़ाव की जानकारी लेना चाहता है। भाई जगरनाथ के उत्तर से ही कवि को ग्राम-परिवेश का पूरा सामाजिक, आर्थिक तथा परिवारिक परिदृश्य हमारे सामने साकार करना चाहता है। प्रश्नों के प्रयोग से यह कविता काल्पनिक तथा अस्वाभाविक न होकर बिल्कुल स्वाभाविक तथा यथार्थवादी बन गया है। कवि के द्वारा प्रश्नवाचक चिन्हों के प्रयोग ने इस कविता पर कहीं भी आदर्श का रंग नहीं चढ़ने दिया है। साथ ही प्रश्नों का भरमार कर कवि ग्रामीण समस्याओं के प्रति अपनी खोजी सोच को परिलक्षित करने का सार्थक प्रयास किया है।

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प्रश्न 15.
कविता का शीर्षक है ‘जगरनाथ’ जिसका शुद्ध रूप जगन्नाथ है। शीर्षक में इस तद्भव रूप का प्रयोग कवि ने क्यों किया है?
उत्तर-
रूप जगरनाथ का प्रयोग कर कविता के माध्यम से एक दृष्टांत प्रस्तुत करने का प्रयास किया है कि शहरी ललकों से ओत-प्रोत होने के बावजूद अपने गाँव-गवई की भावुकतापूर्ण स्मृति उनके भीतर संजो रखा है। उनकी जमीन, उनका परिवेश और उनके संबंधों का राग उनके भीतर बदस्तूर महफूज है। तद्भव रूप जगरनाथ का प्रयोग से दुनिया में अंतर्विभाजन की कोई फाँक इस कविता में कही नहीं दिखती है।

प्रस्तुत शीर्षक ‘जगरनाथ’ कवि के गाँव की जिन्दगी के प्रति लगाव तथा गाँवों में व्याप्त साधनहीनता को प्रतिबिंबित करता है। कवि ने जगन्नाथ के स्थान पर उसका तद्भव रूप जगरनाथ का प्रयोग कर ग्रामीण भाषा के प्रति अपनी श्रद्धा को व्यक्त किया है। यहाँ प्रस्तुत कविता का शीर्षक ‘जगरनाथ’ ऊपर कही बातों की तस्दीक-सी करती है।

जगरनाथ भाषा की बात।

प्रश्न 1.
बक-बक, अभी-अभी में कौन-सा समास है?
उत्तर-
द्वन्द्व।

प्रश्न 2.
बक-बक करना, ठीक ही होना, इस तरह के कई मुहावरे कविता में हैं। आप उन मुहानवरों को छाँट कर लिखिए और उनका वाक्य-प्रयोग कीजिए।
उत्तर-
जगरनाथ शीर्षक कविता में निम्नलिखित मुहावरे आये हैं-

  • बक-बक करना-कुछ मेरी भी सुनोगे कि बक-बक करते रहोगे?
  • ठीक ही होना-आमदनी’ बस ठीक ही है, चल जाता है।
  • समय मिलना-क्या करू, काम का इतना बोझ है कि समय नहीं मिल पाता आने का।
  • मार लेना-तुम देखते रह जाओगे और कोई तुम्हारा पाकेट मार लेगा।
  • होंठ फड़कना-मरते समय वह कुछ कहना चाह रहा था, लेकिन बस होंठ फड़क कर रह गये।

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प्रश्न 3.
कविता में प्रयुक्त अव्ययों को चुन कर लिखें।
उत्तर-
जगरनाथ शीर्षक कविता में निम्नलिखित अव्यय प्रयुक्त हुए हैं
बक-बक, अभी-अभी, आजकल, जाओ-जाओ, चीड़ता-फड़ता, इस तरह आदि।
ललाट, पेड़, क्लास, पाँत, आसमान, राहत, बारिश, खुशबू, साथी।

प्रश्न 4.
इन शब्दों को पर्यायवाची लिखों?
उत्तर-
ललाट-कपाल, क्लास-वर्ग, पाँत-पंक्ति, आसमान-गगन, राहत-आराम, बारिश-वर्षा, खुशबू-सुगन्ध, साथी-मित्र।

प्रश्न 5.
कविता में कई सर्वनाम हैं। आप उन सर्वनामों को छाँटें और बताएं कि वे किस प्रकार के सर्वनाम हैं?
उत्तर-

  • मैं, तुम, वह – पुरुषवाचक सर्वनाम
  • मेरा, तुम्हारा – संबंधवाचक सर्वनाम
  • क्या, क्यों – प्रश्नवाचक सर्वनाम
  • यह, वह, जहाँ – निश्चयवाचक सर्वनाम
  • कोई, कौन – अनिश्चयवाचक सर्वनाम
  • स्वयं, आप – निजवाचक सर्वनाम।

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प्रश्न 6.
कवि यहाँ उत्तम पुरुष की भूमिका में हैं। उत्तम पुरुष, मध्यम पुरुष और अन्य पुरुष का अंतर वाक्य प्रयोग द्वारा स्पष्ट करें।
उत्तर-
पुरुष (Person) सर्वनाम (जिन शब्दों का संज्ञा के स्थान पर प्रयोग होता है) के भेद हैं। इनकी संख्या तीन है-

उत्तम पुरुष-जिस सर्वनाम से वक्ता या लेखक का बोध हो। जैसे-मैं, हम। मैं खाता हूँ। हम टहलते हैं।
मध्यम पुरुष-जिस सर्वनाम से सुनने वाले का बोध हो। जैसे-तू, आप, तुम, तुमलोग। तू कहाँ गया था? आप बैठिये। तुम लोग जा रहे हो।
अन्य पुरुष-जिस सर्वनाम से वक्ता या श्रोता के अतिरिक्त किसी अन्य का बोध हो, अर्थात् जिसके बारे में वक्ता कहे और श्रोता सुने, वह अन्य पुरुष है। जैसे-वह, यह, जो, सो, कुछ, कौन, कोई, वे, वे लोग, वे सब आदि।

  • वह – वह चला गया।।
  • यह – यह टलेगा नहीं।
  • जो – जो करना हो, जल्दी करो।
  • सो – जो अच्छा लगे, सो करो।
  • कुछ – कुछ भूल गया है।
  • कौन – कौन पुकार रहा है?
  • कोई – कोई आने वाला है।
  • वे – वे बहुत अच्छे हैं।
  • वे लोग/वे सब – वे लोग/वे सब बस म के हैं, काम के नहीं

अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

जगरनाथ दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
‘जगरनाथ’ कविता में प्रकृति वर्णन का परिचय दें।
उत्तर-
जगरनाथ’ कविता में केदारनाथ सिंह ने जगरनाथ के माध्यम से प्रकृति को भी याद किया है। वह नीम के पेड़ के विषय में जगरनाथ से पूछता है जहाँ बकरी उसकी बँधती थी। फिर वह आम के विषय में पूछता है कि आम पकने लगे हैं या नहीं। वार्तालाप के बीच सिर पर से वनसुग्गों की एक टोली गुजर जाती है और मन में हरापन दौड़ जाता है। आसमान में पक्षियों को उड़ते देखने पर उसको बहुत राहत अनुभव होती है। प्रकृति-चित्र के इन चन्द टुकड़ों के सहारे कवि ने प्रकृति को याद किया है। इसमें सीधा वर्णन नहीं प्रकृति-चित्रों का स्मरण है।

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प्रश्न 2.
कवि की जिज्ञासाएँ क्या हैं? स्पष्ट करें।
उत्तर-
लेखक हालचाल पूछने के क्रम में जगरनाथ से अनेक जिज्ञासाएँ करता है। इनमें कई तरह के प्रश्न हैं। प्रथमतः कवि उसका हालचाल पूछता है-कैसे हो जगरनाथ भाई? फिर बच्चों का समाचार पूछता है-बच्चे कैसे हैं? फिर उसके घर के सामने खड़े नीम के पेड़ के विषय में जिज्ञासा करता है। यह क्रम आगे बढ़ता है और उसके स्वास्थ्य के विषय में, वर्षा होने के विषय में, आमों के पकने के विषय में कवि जिज्ञासाएँ करता चला जाता है। इस तरह कवि ने जिज्ञासा के वृत्त में जगरनाथ, उसके घ र और गाँव की प्रकृति तथा मौसम को समेटा है।

जगरनाथ लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
‘जगरनाथ’ कविता में कवि की दिनचर्या का संक्षेप में विवेचन करें।
उत्तर-
‘जगरनाथ’ कविता में कवि जगरनाथ का हालचाल पूछता है और संवाद पैदा करने हेतु अपने विषय में बताता जाता है। इसी क्रम में वह अपनी दिनचर्या बतलाता है कि वह क्लास में बकझक कर आता है अर्थात् पेशे से वह अध्यापक है। पढ़ाने के काम से फुरसत मिलने पर दिन में भी एक झपकी मार लेता है। खाता-पीता है और सब मिलाकर ठीक-ठाक दिनचर्या के सहारे जीवन चल रहा है।

प्रश्न 2.
कवि अपनी ही बातों में झूठ की गन्ध की बात क्यों कहता है?
उत्तर-
कवि के मन में एक चोर बैठा है नकली आत्मीयता या दिखावेपन का उसे लगता है कि जगरनाथ उसके खोखले आत्मीयतापूर्ण शब्दों की सच्चाई अनुभव कर रहा है और इसीलिए चुप है। इसी की प्रतिक्रिया में उसका असली रूप बाहर आ जाता है।

जगरनाथ अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
कवि की जिज्ञासाओं के उत्तर में जगरनाथ क्या कहता है?
उत्तर-
जगरनाथ कोई उत्तर नहीं देता है। उसके ओठ फड़फड़ा कर रह जाते हैं और वह अजीब दृष्टि से कवि को ताकता है जिसे कवि सह नहीं पाता है।

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प्रश्न 2.
‘जगरनाथ’ कविता में कवि ने किस तत्त्व को केन्द्र में रखा है?
उत्तर-
‘जगरनाथ’ कविता में कवि ने जगरनाथ से आत्मीयता का सम्बन्ध स्थापित करने की चेष्टा को केन्द्र में रखा है।

प्रश्न 3.
जगरनाथ द्वारा कवि की भावना की प्रतिक्रिया में क्या उत्तर प्राप्त होता है?
उत्तर-
जगरनाथ कोई उत्तर नहीं देता है। उसके मन में यह स्नेह नहीं मात्र प्रदर्शन है। इसलिए यह अविश्वसनीय है। दोनों के धरातल दो हैं अत: बचपन की आत्मीयता का उल्लास उसके मन
में ही उमड़ता।

प्रश्न 4.
कविता के अन्त में जगरनाथ क्या करता है?
उत्तर-
वह कवि को ऐसी दृष्टि से ताकत हुआ चला जाता है जो दृष्टि कवि को भीतर तक . -काड़ देती है।

प्रश्न 5.
जगरनाथ शीर्षक कविता में किस परिवेश का चित्रण हुआ है?
उत्तर-
जगरनाथ शीर्षक कविता में गवई (ग्रामीण) परिवेश का चित्रण हुआ है।

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प्रश्न 6.
जगरनाथर किसका प्रतीक है?
उत्तर-
जगरनाथ सामान्य आदमी का प्रतीक है।

प्रश्न 7.
जगरनाथ शीर्षक कविता में कौन-सा बोध है?
उत्तर-
जगरनाथ शीर्षक कविता में यथार्थबोध और सौन्दर्य बोध दोनों पाई जाती है।

जगरनाथ वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर

I. निम्नलिखित प्रश्नों के बहुवैकल्पिक उत्तरों में से सही उत्तर बताएँ

प्रश्न 1.
‘जगरनाथ’ कविता के कवि हैं
(क) विद्यापति
(ख) कबीर
(ग) केदारनाथ सिंह
(घ) सहजोबाई
उत्तर-
(ग)

प्रश्न 2.
केदारनाथ सिंह का जन्म कब हुआ था?
(क) 1932 ई०
(ख) 1936 ई०
(ग) 1942 ई०
(घ) 1937 ई०

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प्रश्न 3.
केदारनाथ सिंह का जन्म स्थान है
(क) मध्यप्रदेश
(ख) अरुणाचल प्रदेश
(ग) झारखंड
(घ) उत्तर प्रदेश
उत्तर-
(घ)

प्रश्न 4.
केदारनाथ सिंह की शिक्षा हुई थी
(क) स्वतंत्र लेखन
(ख) गद्य-लेखन
(ग) कहानीकार
(घ) व्यंग्यकार
उत्तर.
(क)

प्रश्न 5.
केदारनाथ सिंह की कृतियाँ हैं
(क) जमीन पक रही है
(ख) यहाँ से देखो
(ग) अकाल में सारस
(घ) कल्पना और छायावाद
उत्तर-
(क)

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प्रश्न 6.
केदारनाथ सिंह की प्रतिनिधि कविताएँ प्रकाशित हैं
(क) भारती भवन
(ख) राजकमल प्रकाशन
(ग) भारतीय प्रकाशन
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(ख)

प्रश्न 7.
केदारनाथ सिंह कार्यरत हैं
(क) भारतीय भाषा विभाग
(ख) कृषि विभाग
(ग) वाणिज्य विभाग
(घ) आयकर विभाग
उत्तर-
(क)

II. रिक्त स्थानों की पूर्ति करें

प्रश्न 1.
बीसवीं शदी के छठे दशक में ये …………….एक महत्वपूर्ण कवि हैं
उत्तर-
नई कविता।

प्रश्न 2.
कवि का अपनी खो चुकी जमीन के लिए ……………. उनके भीतर नहीं दिखती।
उत्तर-
हूक या तड़पा

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प्रश्न 3.
उनकी कविताओं की दुनियाँ में …………… कोई फाँक नहीं दिखती।
उत्तर-
अंतर्विभाजन।

प्रश्न 4.
उनकी जमीन उनका परिवेश और उनके संबंधों का राग उनके भीतर ………….. रहा है।
उत्तर-
बदस्तूर महफूज।.

प्रश्न 5.
प्रस्तुत कविता जगरनाथ ऊपर कहीं बातों की ………….. करती है।
उत्तर-
तस्दीक सी।

प्रश्न 6.
कवि ने अपनी कविता में …………….. शैली का भरपूर उपयोग साधा है।
उत्तर-
नाटकीया

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प्रश्न 7.
आठवीं शदी में वे अपनी पीढ़ी के …………… के रूप में प्रतिष्ठित हुए।
उत्तर-
प्रतिनिधि कवि।

प्रश्न 8.
बिम्बों के कारण कल्पना और मूर्ति विधान की उनकी कविता में एक ………….. भूमिका
उत्तर-
सक्रिय रचनात्मक।

प्रश्न 9.
वे एक ……………. कवि हैं।
उत्तर-
जन प्रतिनिधि।

जगरनाथ कवि परिचय – केदारनाथ सिंह (1932)

प्रश्न-
कवि केदारनाथ सिंह का कवि-परिचय दीजिए।
उत्तर-
हिन्दी साहित्य में प्रयोगवादी काव्य आन्दोलन के गर्भ से ही नयी कविता आन्दोलन उपजा, जिसके प्रमुख कवि के रूप में केदारनाथ सिंह का नाम लिया जाता है। नयी कविता को अति यथार्थवादी आन्दोलन कहा गया है। जिसके प्रवर्तक सच्चिदानन्द हीरानंदन वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ ने (1959 ई.) में तीसरे सप्तक का संपदान किया, जिसमें एक कवि के रूप में केदारनाथ सिंह और उनकी रचनाओं को स्थान प्राप्त हुआ।

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वस्तुत: नयी कविता आन्दोलन का पाठक वर्ग मिला ही नहीं। सही ढंग के आलोचक भी . नहीं मिले। तीनों ही सप्तकों के कवियों ने अपने तरीके से अपने आन्दोलन को सार्थक बताया और स्वयं को स्थापित, व्यख्यायित किया, दार्शनिक के रूप में प्रतिष्ठित किया। उन्होंने सबसे ज्यादा ध्यान बिम्बों के निर्माण और कविता में गतिशील नाटकीय रचना पर देते थे।

सौभाग्य से केदारनाथ सिंह की कविता में क्लिष्टत्व और संश्लेषण के बावजूद एक अपनापन मिलता है। इनके बिम्ब श्रम साध्य नहीं है। इनके प्रतीक सर्वथा अपरिचित नहीं है। इसका कारण है कि इनका सीधा सरोकर गाँव से है। ग्रामीण संस्कृति संस्कार से इनका नाभि-नाल का सम्बन्ध है। गाँव से सम्बद्ध परिचित, परन्तु अधूरे इनके विम्ब इनको सम्भावनाओं से सम्पन्न कवि बनाते हैं।

उनका उत्तरवर्ती जीवन तथा कथित बुद्धिजीवियों के बीच, दार्शनिकों, चिंतकों के बीच भले ही गुजरता रहा कि नागार्जुन की तरह इनके हृदय में, मन प्राण में इनका ‘बलिया’ (यू. पी.) बसा रहा है। “मांझी का पूल” कभी विस्तुत नहीं हो सका। जगरनाथ हो अथवा नूर मियां हो अथवा अपने गाँव-जवार का कोई हो, यदि वह हृदय की तंत्री को झकार चुका है, मन की बगिया को महका चुका है अथवा जिसने अपने चतुर्दिक वातावरण को अपनी उपस्थिति से प्रभावित प्रोत्साहित किया है तो उसे केदारनाथ सिंह ने अपनी कविता का विषय बना लिया है।

केदारनाथ सिंह में तीन बातें स्पष्ट होती हैं-(1) गहरा यथार्थबोध, (2) अनुभूति का वास्तविक धरातल और (3) बेजोड़ टटके बिम्बों के माध्यम से कविता को गतिशीलता प्रदान करना।

कवि ने एकालाप शैली अपनायी है। किन्तु यह विलाप की तरह नहीं है। मैं, तुम, वह तीनों या कोई दो अवश्य उपस्थित है। जगरनाथ शीर्षक कविता में कवि और गांव का जगरनाथ दोनों है। छोटी-सी कविता जिसमें हिमालय की दिशा तय होती है, वहाँ भी बच्चा (वह) के साथ ‘मैं’ उपस्थित है। नूर मियां कविता में नूर मियां के साथ एक ‘तुम’ भी उपस्थित हैं, जिसके साथ केदारनाथ, नूर मियां और उनके बहाने रामगढ़ बाजार, मदरसा, इमली का पेड़, भूली हुई स्लेट, उन्नीस का पहाड़ा सबकी याद ताजा करते हैं। किन्तु साथ ही वर्तमान से जुड़े भी रहते हैं। पाकिस्तान के हालात पर सटीक टिप्पणी करते हुए कहते हैं

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“हर साल कितने पत्ते गिरते हैं पाकिस्तान में।”

यहाँ पत्ता गिरना सत्ता परिवर्तन का संकेत करता है, जिसके पीछे असंख्य बेकसूर लोग मारे जाते हैं।

“बच्चा तुम्हारा गणित कमजोर है” यह कहकर पड़ोस की सच्चाई से मुँह फेरने की भारत की नीति पर प्रहार है कि यह पाक का निजी मामला है।

केदारनाथ सिंह की कविता में एक ही साथ विरोधी प्रवृत्तियाँ नजर आती हैं। वे अतीत की स्मृति को जीवित भी रखना चाहते हैं और अपनी वर्तमान स्थिति से जुड़े भी रहना चाहते हैं। जगरनाथ के ललाट के गुम्मट से सहानुभूति भी है, और उससे पीछा भी छुड़ाना चाहते हैं। क्योंकि जगरनाथ की उपस्थिति मात्र से उनका व्यक्तिगत अस्तित्व खडित हो रहा है।

वस्तुतः हर जगह केदारनाथ सिंह परिवेश, चरित्र और सम्बन्धों का एक ही सच देखते हैं, जहाँ उनपर समय और यथार्थ की मार पड़ती रहती हैं और वे उसे झेलते-भुगतते अपने को सुरक्षित रखने की संघर्ष में लगे भिड़े हैं।

जगरनाथ कविता का सारांश

प्रश्न-
केदारनाथ सिंह द्वारा रचित ‘जगरनाथ’ नामक कविता का सारांश लिखें।
उत्तर-
प्रस्तुत कविता ‘जगरनाथ’ कवि के गाँवों की जिन्दगी के प्रति लगाव को प्रतिबिम्बित करता हैं जिसमें कवि ने जगन्नाथ के स्थान पर ग्रामीण भाषा के शब्द ‘जगरनाथ’ का प्रयोग कर ग्रामीण भाषा के प्रति अपनी श्रद्धा को व्यक्त किया है। साथ ही इस कविता में प्रश्नों का भरमार कर कवि ग्रामीण समस्याओं के प्रति अपनी खोजी-सोच को परिलक्षित करने का प्रयास किया है। वस्तुतः ‘जगरनाथ’ कवि को इस कविता में काल्पनिक पात्र है जिसके माध्यम से पाठकों का ध्यान आकृष्ट करने का प्रभूत प्रयास किया गया है।

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बहुत दिनों के बाद जगरनाथ भाई से कवि को भेंट हुई है जिसके ललाट पर गुम्मट-सा उग आया है जो जगरनाथ भाई के कठिन कर्मठता और दीनता का प्रतीक है। कवि बाल्यावस्था में देखे गए नीम के पेड़ के नीचे बंधी बकरी जो कभी रहा करती थी, उसको भी नहीं भूला है। इन प्रतीक चिह्नों के माध्यम से कवि का स्पष्ट करना चाहता है कि गाँव-गाँवई की चीजों को आज भी अपनी स्मृति-पटल में संजों कर रखा है। केदार नाथ सिंह वृति से प्राध्यापक है जो जगरनाथ भाई से वार्तालाप के क्रम में स्पष्ट होता है। इसी क्रम में वे आधुनिक सुख-सुविधा रूपी ‘बनसुग्गों की पांत’ को अनावश्कय बताते हुए समाज में अपने परिश्रम से प्राप्त वस्तुओं की जीवन के लिए आवश्यक बताया है। साथ ही दृष्टांत रूप में गाँव-गवई में उपजाए जाने वाले आमो की खुशबू एवं स्वाद का सुन्दर वर्णन किया है।

कवि-यद्यपि सुख-सुविधाओं की आधुनिकतम वस्तुओं को निस्सार बताकर गवई जीवन को सुस्वादु बताया है, तथापि जगरनाथ भाई अपनी गवई स्वभाव से उबर नहीं पाते जिस कारण होठ तो फड़फड़ाता है किन्तु शब्द प्रस्फुटित नहीं हो पाते। फलतः जगरनाथ भाई निःशब्द ही चले जाते हैं। जिसे देखकर कवि का हृदय फट पड़ता है क्योंकि कवि ने अपने-आप को जगरनाथ भाई के स्तर में लाकर बीच की दूरी को पाटने का जो अथक-प्रयास किया था वह हो न सका।

वस्तुत: इस कविता से यह शिक्षा मिलती है कि गवई जीवन में शहरी जीवन की अपेक्षा व्याप्त हीन-भावना बहुलता से दृष्टिगोचर होती है, जिसको दूर करने की चिन्ता विवेकियों को साथ-साथ सरकारी-व्यवस्था को भी होनी चाहिए। वास्तव में शहरी क्षेत्रों के विकास के साथ-साथ गाँव के क्षेत्रों का समुचित विकास करके ही भारत के विकास का सपना साकार हो सकता है।

कठिन शब्दों का अर्थ
गुम्मट-चोट लगने से उभर आने वाली गिल्टी। बनसुग्गा-वन में रहने वाला गैरपालतू तोता। पाँत-कतार। डैना-पंख। बकबक करना-व्यर्थ बोलना, फालतू बोलना। झपकी-ऊँघना। राहत-आराम, सुख। धार-तीक्ष्णता पैनापन।

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जगरनाथ काव्यांशों की सप्रसंग व्याख्या

1. कैसे हो मेरे भाई जगरनाथ …………… बँधती थी तुम्हारी बकरी?
व्याख्या-
प्रस्तुत पंक्तियाँ आधुनिक युगीन कवियों में एक महत्त्वपूर्ण हस्ताक्षर केदारनाथ सिंह की कविता ‘जगरनाथ’ से ली गयी है। इसमें कवि ने बचपन के ग्रामीण साथी जगरनाथ दुसाध को परोक्ष माध्यम बनाकर अपनी बात कहने की चेष्टा की है। जगरनाथ से कवि की अकस्मात भेंट हो जाती है बहुत दिनों पर। स्वभावतः वह उसे रोककर समाचार पूछता है कि तुम कैसे हो? बहुत दिनों के बाद भेंट हुई है। मिलन के लम्बे अन्तराल में जगरनाथ के शरीर में हुए परिवर्तन को लक्षित कर कवि पूछता है कि यह तुम्हारे ललाट पर यह गुम्मट सा क्या उग आया है?

फिर वह बच्चों के बारे में पूछता है, दरवाजे के नीम गाछ के बारे में पूछता है जहाँ जगरनाथ की बकरियाँ बँधी रहती थीं। इस पूरे कथन में कवि ने माथे के गुम्मट, बच्चों के समाचार तथा दरवाजे के नीम वृक्ष का हाल पूछकर स्वाभाविकता लाने का प्रयास किया है। वहीं भाई सम्बोध न के द्वारा आत्मीयता स्थापित कर सम्बन्ध का अनौपचारिक बनाया गया है। संवाद की आत्मीयता समय के लम्बे अन्तराल से उत्पन्न तथा स्तर-भेद से उत्पनन औपचारिकता को तोड़ती है।

2. मैं तो बस ठीक ही हूँ ………………. कहीं कुछ गड़बड़ जरूर है।
व्याख्या-
केदारनाथ सिंह रचित कविता ‘जगरनाथ’ उनके तथा उनके बचपन के ग्रामीण मित्र जगरनाथ दुसाध के बीच एकालापी संवाद के रूप में रचित है। इन पंक्तियों में सूच्य रूप में व्यक्त किया गया है कि कवि के द्वारा कुशल समाचार पूछे जाने के उत्तर में जगरनाथ कवि से समाचार पूछता है।

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इन पंक्तियों में कवि अपना हाल बताते हुए कहता है कि मैं ठीक हूँ, खाता-पीता हूँ और क्लास में पढ़ा आता हूँ, अवसर मिलता है तो दिन में भी एकाध नींद सो लेता है। इन बाहरी बातों के अतिरिक्त वह अपनी बौद्धिक सामाजिक जागरूकता प्रदर्शित करने के लिए यह भी जोड़ देता है कि मुझे हमेशा लगता है कि कहीं कुछ गड़बड़ है। कवि का संकेत सामाजिक राष्ट्रीय जीवन में आ रही गिरावट, जीवन की भागदौड़ और आर्थिक रवैये से उत्पन्न विकलता और उनके कारण मूल्यहीनता की बाढ़ है।

3. पर छोड़ो तुम कैसे हो? ………………. चलती ही रहती है जिन्दगी।
व्याख्या-
‘जगरनाथ’ कविता की प्रस्तुत पंक्तियों में जगरनाथ से बातें करते हुए कवि अपना हाल बताने के बाद पुनः जगरनाथ की ओर मुड़ता है और उसके सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करने की कड़ी को आगे बढ़ाता हुआ पूछता है कि तुम्हारा कामधाम कैसा चल रहा है? इसी बीच वनसुग्गों की एक पंक्ति उसके ऊपर से उड़ती निकल जाती है। वह उनकी ओर थोड़ा ध्यान देता है मगर शीघ्र ध्यान हटा लेता है, “वह है तो नहीं है तो भी चलती ही रहती है जिन्दगी” कहकर अपनी लापरवाही व्यक्त करता है। इस कथन से स्पष्ट है कि वन-सुग्गों को टें 2 करते उड़ना उसे अच्छा लगता है लेकिन उनके न होने से भी जिन्दगी की चाल में कोई व्यवधान नहीं आता है। उसके कहने के ढंग से स्पष्ट है कि अब की जिन्दगी में पशु-पक्षी, प्रकृति आदि जीने की अनिवार्य शर्त नहीं रह गये हैं।

4. पर यह भी सच है मेरे भाई ………………. बड़ी राहत मिलती है जी को।
व्याख्या-
‘जगरनाथ’ कविता की प्रस्तुत पंक्तियों में केदारनाथ सिंह कहना चाहते हैं कि जीवन की प्राथमिकताएँ और परिस्थितयाँ बदल जाने के कारण अनेक ऐसी चीजों से लगाव का आग्रह कम करना पड़ता है जो जीवन के लिए आवश्यक होते हैं। ऐसी ही एक उड़ते हुए वन-सुग्गों की उड़ती पंक्ति को देखना।

इसे स्वीकार करते हुए लेखक कहता है कि वन-सुग्गों को देखने का आग्रह दबा देने के बावजूद सच्चाई यही है कि जब कभी आसमान में लाल या पीले या किसी रंग का कोई पक्षी उड़ता हुआ दीख जाता है तो मन को राहत अनुभव होती है।

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यहाँ लेखक यह बताना चाहता है कि मन की नैसर्गिक इच्छाओं की पूर्ति का अवसर न मिलने पर उनके प्रति आग्रह घट जाता है और एक उदासीन भाव आ जाता है। लेकिन उनके प्रति सम्मोहन कम नहीं होता। अवसर मिलने पर वे इच्छाएँ यदि पूर्ण होती हैं तो मन को जो आनन्द प्राप्त होता है वह जीवन में सन्तुष्टि और सन्तोष देता है।

5. पर यह तो बताओ ………………. भर जाती है दुनिया।
व्याख्या-
‘जगरनाथ’ शीर्षक कविता की प्रस्तुत पंक्तियाँ मे केदारनाथ सिंह पुनः जगरनाथ की ओर मुखातिब होकर उससे उसके स्वास्थ्य का हाल पूछते हैं कि तुम्हारा जी आजकल कैसा है? इससे लगता है कि जगरनाथ प्रायः अस्वस्थ रहता होगा लेकिन आत्मीयता का यह ज्वार एक क्षण भी नहीं टिकता। कवि तुरंत जगरनाथ को छोड़कर बारिश पर उतर आता है और जानना चाहता है कि क्या इधर बारिश हुई थी फिर जल्दी आमों की ओर चला जाता है और पूछता है कि क्या आमों का पकना शुरू हो गया? और फिर जगरनाथ को भूलकर आमों के स्वाद में खो जाता है। उसकी टिप्पणी के अनुसार यह एक अजीब-सा फल है जिसमें सुगन्ध और स्वाद दोनों का विरल संयोग है जिससे मन की दुनिया भर जाती है पूर्ण परितृप्ति प्राप्त होती है।

इन पंक्तियों में लक्ष्य करने की बात यह है कि कवि के मन में जगरनाथ के प्रति अभिरुचि और संवेदना कम है तथा वर्षा और आम की रस-गंध में ज्यादा रुचि है। यह बतलाता है कि कवि की दृष्टि जगरनाथ में जगरनाथ से ज्यादा महत्त्व वनसुग्गे, बारिश और आम का है। इनके बारे में कहने के लिए उसने जगरनाथ का बहाना बनाया है।

6. पर यह क्या? ………………. जाओ ………………. जाओ।
व्याख्या-
प्रस्तुत पंक्तियाँ पाठ्य पुस्तक की ‘जगरनाथ’ शीर्षक से पंक्तियाँ ली गयी है। इसके कवि केदारनाथ सिंह हैं। केदारनाथ सिंह जगरनाथ को रोककर ढेर-सारी जिज्ञासाएँ करते हैं जिनमें कुछ जगरनाथ से सम्बन्धित हैं और कुछ ग्राम-प्रसंग से। इन सबके उत्तर में जगरनाथ कुछ बोलता नहीं, केवल उसके ओठ फड़कते हैं बोलने के लिए। कवि इस पर आश्चर्य व्यक्त करता हुआ अनेक प्रश्न पूछ जाता है, जैसे-तुम्हारे होंठ क्यों फड़क रहे हैं? तुम अब तक चुप क्यों हो? इस तरह खड़े क्यों हो? इत्यादि। फिर वह जगरनाथ को पास बुलाता है क्योंकि उसे बहुत कुछ कहना है।

 Bihar Board Class 11th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 10 जगरनाथ (केदारनाथ सिंह)

मगर जगरनाथ कुछ बोलता नहीं केवल एक विचित्र दृष्टि से देखता है। कवि को लगता है कि जगरनाथ को मेरी आत्मीयता भरी आतुरता पर विश्वास नहीं हो रहा है, उसे झूठ की गन्ध अनुभव हो रही है। यह कवि के सन्तुलन को गडबड़ा देता है। वह पूछता है क्या तुम्हें जल्दी है? क्या काम पर जाना है? और फिर बिना उसके मन्तव्य जाने अपनी ओर से अनुमति भी दे देता है जाओ मेरे भाई जाओ। मैं तुम्हें नहीं रोकूँगा।

इन पंक्तियों से यह धारणा बनती है कि कवि को स्वयं यह आत्मीयता-प्रदर्शन नकली लगता है। उसकी सारी जिज्ञासाओं में बनावटीपन और जगरनाथ के बहाने अपनी बात कहने की आतुरता है जो उसकी अभिजात वृद्धि और कृत्रिम सहानुभूति की पोल खोल रही है।

7. और इस तरह ………………. जगरनाथ दुसाध।
व्याख्या-
‘जगरनाथ’ कविता की ये अंतिम पंक्तियाँ हैं। इसमें कवि की सारी जिज्ञासाओं के उत्तर में जगरनाथ के चुपचाप चले जाने का वर्णन है। कवि कहता है कि जगरनाथ इस तरह चला जा रहा था मानो उसने मुझे देखा ही न हो। और उसके द्वारा अनदेखी किए जाने की मुद्रा इतनी तीखी और धारदार भी कि कवि को चीरता-फाड़ता चला जा रहा हो। इन पंक्तियों का निहितार्थ स्पष्ट है-कवि जगरनाथ का बचपन का साथी है लेकिन वह अब उससे भिन्न है, विशिष्ट है, अध्यापक है।

जगरनाथ इस भेद को समझता है कि दोनों दो धरातल के जीव हैं जिनके जीवन-स्तर और बोध में अन्तर है। इस विषमता के कारण जगरनाथ के मन में कवि के लिए कोई आत्मीयता नहीं है। वह प्रतिक्रिया तो व्यक्त नहीं करता लेकिन लगातार चुप रहकर और चुपचाप चले जाकर सारी बातें कह जाता है। उसकी न देखने वाली दृष्टि की धार से चीरा जाकर कवि आहत हो उठता है।

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Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 13 नाभिक

Bihar Board 12th Physics Objective Questions and Answers

Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 13 नाभिक

प्रश्न 1.
आयरन के नाभिक की द्रव्यमान संख्या 55.854 है एवं A = 56 है, तो नाभिकीय घनत्व होगा –
(a) 2.29 × 1016 kg m-3
(b) 2.29 × 1017 kg m-3
(c) 2.29 × 1018 kg m-3
(d) 2.29 × 1015 kg m-3
उत्तर-
(b) 2.29 × 1017 kg m-3

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प्रश्न 2.
दो नाभिकों की द्रव्यमान संख्याओं का अनुपात 1: 3 है। उनके नाभिकीय घनत्वों का अनुपात होना चाहिए
(a) (3)1/3 : 1
(b) 1:1
(c) 1 :3
(d) 3 : 1
उत्तर-
(b) 1:1

प्रश्न 3.
इलेक्ट्रॉन प्रकीर्णन के द्वारा मापे गये गोलीय नाभिक की त्रिज्या 3.6 fm है । नाभिक की सर्वाधिक संभावित द्रव्यमान संख्या क्या होगी?
(a) 27
(b) 40
(c) 56
(d) 120
उत्तर-
(a) 27
(a) नाभिकीय त्रिज्या, R = Ro (A)1/3
जहाँ A नाभिक की द्रव्यमान संख्या है।
दिया है, R = 3.6 fm ∴ 3.6 fm = (1.2 fm) (A1/3) . [∵ Ro = 1.2 fm]
या A = (3)3 = 27

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प्रश्न 4.
1g पदार्थ के समतुल्य ऊर्जा होती है.
(a) 9 × 1013 J
(b) 6 × 1012 J
(c) 3 × 1013 J
(d) 6 × 1013 J
उत्तर-
(a) 9 × 1013 J

प्रश्न 5.
एक घण्टे के लिए 500 MW विद्युत शक्ति उत्पन्न करने के लिए कितना द्रव्यमान, ऊर्जा में परिवर्तित होगा?
(a) 2 × 10-5 kg
(b) 1 × 10-5 kg
(c) 3 × 10-5 kg
(d) 4 × 10-5 kg
उत्तर-
(a) 2 × 10-5 kg

प्रश्न 6.
यदि नाभिकीय संलयन अभिक्रिया में, द्रव्यमान क्षय 0.3% है, तो 1kg द्रव्यमान के संलयन में मुक्त ऊर्जा होगी -\
(a) 27 × 1010 J
(b) 27 × 1011 J
(c) 27 × 1012 J
(d) 27 × 1013 J
उत्तर-
(d) 27 × 1013 J
(d) यहाँ, ∆m = 1 kg का 0.3% = \(\frac{0.3}{100}\) kg = 0.3 kg = 3 × 10-3 kg.
∴ E (∆m)c2 = 3 × 10-3 × (3 × 108)2 = 27 × 1013 J

प्रश्न 7.
α-क्षय होने पर 92238U की अर्द्ध-आयु 4.5 × 109 वर्ष है। 92238U के 1g नमूने की सक्रियता होगी –
(a) 1.23 × 104 Bq
(b) 1.23 × 105 Bq
(c) 1.23 × 103 Bq
(d) 1.23 × 106 Bq
उत्तर-
(a) 1.23 × 104 Bq

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प्रश्न 8.
बीटा विकिरण में उत्सर्जित होने वाले इलेक्ट्रॉन का उद्गम होता है
(a) परमाणु की आंतरिक कक्षा से
(b) नाभिकों में पाये जाने वाले मुक्त इलेक्ट्रॉन से
(c) किसी नाभिक में न्यूट्रॉन के क्षय से
(d) नाभिक से निकले हुए फोटॉन से .
उत्तर-
(c) किसी नाभिक में न्यूट्रॉन के क्षय से

प्रश्न 9.
रेडॉन में उसकी अर्द्ध-आयु 3.8 दिन है। 38 दिनों के पश्चात् 15 mg द्रव्यमान में से कितना रेडॉन शेष बचेगा ?
(a) 1.05 mg
(b) 0.015 mg
(c) 0.231 mg
(d) 0.50 mg
उत्तर-
(b) 0.015 mg

प्रश्न 10.
निम्न में से कौन रेडियो-सक्रिय पदार्थों के द्वारा अपने क्षय के दौरान उत्सर्जित नहीं हो सकता है ?
(a) न्यूट्रिनो
(b) प्रोटॉन
(c) इलेक्ट्रॉन
(d) हीलियम नाभिक
उत्तर-
(b) प्रोटॉन

प्रश्न 11.
पोलोनियम की अर्द्ध-आयु 140 दिन है। कितने समय में 15g पोलोनियम अपने प्रारंभिक द्रव्यमान 16g को विघटित करेगा?
(a) 230 दिन
(b) 560 दिन
(c) 730 दिन
(d) 160 दिन
उत्तर-
(b) 560 दिन

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प्रश्न 12.
एक-280 दिन पुराना रेडियो-सक्रिय पदार्थ 6000 dps की सक्रियता दर्शाता है, 140 दिन बाद इसकी सक्रियता 3000 dps हो जाती है। इसकी प्रारंभिक सक्रियता क्या थी?
(a) 20000 dps
(b) 24000 dps
(c) 12000 dps
(d) 6000 dps
उत्तर-
(b) 24000 dps

प्रश्न 13.
दिये गये रेडियो-सक्रिय नमूने के लिए, क्षय नियतांक 0.3465 दिन- है । इस नमूने का कितना प्रतिशत 4 दिनों की अवधि में क्षय होगा?
(a) 100%
(b) 50%
(c) 75%
(d) 10%
उत्तर-
(c) 75%

प्रश्न 14.
श्रेणी 6He → e+ + 6Li+ को पूर्ण कीजिए –
(a) न्यूट्रिनो
(b) प्रतिन्यूट्रिनो
(c) प्रोटॉन
(d) न्यूट्रॉन
उत्तर-
(a) न्यूट्रिनो

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प्रश्न 15.
कार्बन, निर्धारण, जीवाश्मों की आयु के निर्धारण के लिए तब सर्वाधिक उपयुक्त होता है, यदि वर्षों में उनकी आयु इस कोटि की होती है
(a) 103
(b) 104
(c) 105
(d) 106
उत्तर-
(b) 104

प्रश्न 16.
रेडियो-सक्रिय क्षेत्र किन कणों के उत्सर्जन के साथ मूल नाभिक का – एक समस्थानिक रूप बना सकता है ?
(a) एक α एवं चार β
(b) एक α एवं दो β
(c) एक α एवं एक β
(d) चार α एवं एक β
उत्तर-
(b) एक α एवं दो β

प्रश्न 17.
माना α एवं β कण तथा γ-किरणों में से प्रत्येक की ऊर्जा 0.5 Mev है । भेदन क्षमता के बढ़ते क्रम में, विकिरण क्रमशः होंगे
(a) α, β, γ
(b) α, γ, β
(c) β, γ, α
(d) γ, β, α
उत्तर-
(a) α, β, γ

प्रश्न 18.
एक रेडियो-सक्रिय पदार्थ के द्वारा उत्सर्जित बीटा कणों की संख्या इसके द्वारा उत्सर्जित एल्फा कणों की संख्या की दुगुनी है । परिणामी विघटन उत्पाद होगा
(a) उत्पादक का समावयवी
(b) उत्पादक का समन्यूट्रॉनिक
(c) उत्पादक का समस्थानिक
(d) उत्पादक का समभारिक
उत्तर-
(c) उत्पादक का समस्थानिक

Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 13 नाभिक

प्रश्न 19.
प्लूटोनियम 24000 वर्षों की अर्द्ध-आयु के साथ क्षय होता है। यदि प्लूटोनियम को 72000 वर्षों के लिए संचित किया जाता है, . तो इसका वह अंश जो शेष रहता है, होगा –
(a) 1/8
(b) 1/3
(c) 1/4
(d) 1/2
उत्तर-
(a) 1/8
Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 13 नाभिक - 3

प्रश्न 20.
नाभिकीय रिएक्टरों में, नियंत्रक छड़ किसकी बनी होती है ?
(a) कैडमियम
(b) ग्रेफाइट
(c) क्रिप्टॉन
(d) प्लूटोनियम
उत्तर-
(a) कैडमियम

Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 13 नाभिक

प्रश्न 21.
दी गई अभिक्रियाओं में, निम्न में से कौन-सी नाभिकीय संलयन अभिक्रिया संभव नहीं है ?
Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 13 नाभिक - 1
उत्तर-
(a)

प्रश्न 22.
तीव्र न्यूट्रॉनों को आसानी से निम्न के प्रयोग से धीमा किया जा सकता है –
(a) लैड के आवरण (Shielding) से
(b) उन्हें जल में से गुजारकर
(c) भारी नाभिकों के साथ प्रत्यास्थ संघट्ट से
(d) प्रबल विद्युत क्षेत्र लगाकर
उत्तर-
(b) उन्हें जल में से गुजारकर

प्रश्न 23.
समीकरण
Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 13 नाभिक - 2
प्रदर्शित करता –
(a) β-क्षय
(b) γ-क्षय
(c) संलयन
(d) विखण्डन
उत्तर-
(c) संलयन

प्रश्न 24.
तारे के द्वारा उत्सर्जित प्रकाश ऊर्जा किसके कारण होती है ?
(a) नाभिकों के टूटने के
(b) नाभिकों के जुड़ने के
(c) नाभिकों के जलने के
(d) सौर प्रकाश के परावर्तन के
उत्तर-
(b) नाभिकों के जुड़ने के

Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 13 नाभिक

प्रश्न 25.
नाभिकीय प्रतिक्रिया में, संरक्षण होता है
(a) केवल द्रव्यमान का
(b) केवल ऊर्जा का
(c) केवल संवेग का
(d) द्रव्यमान, ऊर्जा एवं संवेग का
उत्तर-
(d) द्रव्यमान, ऊर्जा एवं संवेग का

प्रश्न 26.
न्यूट्रॉन की खोज किसने की थी?
(a) रदरफोर्ड ने
(b) चैडविक ने
(c) थॉमसन ने
(d) बेकुरल ने
उत्तर-
(b) चैडविक ने

Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 12 परमाणु

Bihar Board 12th Physics Objective Questions and Answers

Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 12 परमाणु

प्रश्न 1.
रदरफोर्ड का प्रयोग यह बताता है कि नाभिक का आकार लगभग होता है –
(a) 10-14 m से 10-12 m
(b) 10-15 m से 10-13 m
(c) 10-15 m से 10-14 m
(d) 10-15 m से 10-12 m
उत्तर-
(c) 10-15 m से 10-14 m

Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 12 परमाणु

प्रश्न 2.
गीगर-मार्सडन प्रकीर्णन प्रयोग में संसूचित (Detected) प्रकीर्णित कणों की संख्या क्रमशः अधिकतम एवं न्यूनतम इन प्रकीर्णन कोणों पर होती है –
(a) 0° एवं 180°
(b) 180° एवं 0°
(c) 90° एवं 180°
(d) 45° एवं 90°
उत्तर-
(a) 0° एवं 180°

प्रश्न 3.
किसी परमाणु में इलेक्ट्रॉन कक्षा की त्रिज्या एवं नाभिक की त्रिज्या का अनुपात होता है –
(a) 103
(b) 104
(c) 105
(d) 106
उत्तर-
(c) 105

प्रश्न 4.
किसी परमाणु के द्वारा घेरा गया आयतन, नाभिक के आयतन से लगभग निम्न गुणक बड़ा होता है –
(a) 101
(b) 105
(c) 1010
(d) 1015
उत्तर-
(d) 1015

प्रश्न 5.
जब किसी परमाण्विक गैस या वाष्प को निम्न दाब पर इसमें से विद्युत धारा प्रवाहित करके उत्तेजित किया जाता है, तब-
(a) उत्सर्जन वर्णक्रम दिखाई देता है।
(b) अवशोषण वर्णक्रम दिखाई देता है।
(c) बैण्ड वर्णक्रम दिखाई देता है।
(d) (b) एवं (c) दोनों।
उत्तर-
(a) उत्सर्जन वर्णक्रम दिखाई देता है।

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प्रश्न 6.
प्रथम वर्णक्रम श्रेणी का आविष्कार किसने किया?
(a) बामर
(b) लाइमैन
(c) पाश्चन
(d) फुण्ड
उत्तर-
(a) बामर

प्रश्न 7.
हाइड्रोजन के उत्सर्जन वर्णक्रम की बामर श्रेणी में, विभिन्न तरंगदैर्घ्य Hα , Hβ, Hγ, एवं Hδ वाली प्रथम चार रेखाएँ प्राप्त होती हैं । इनमें से किस रेखा की आवृत्ति अधिकतम होती है ?
(a) Hα
(b) Hβ
(c)Hγ
(d) Hδ
उत्तर-
(d) Hδ

प्रश्न 8.
वर्णक्रम रेखाओं की पाश्चन श्रेणी में उपस्थित निम्नतम तरंगदैर्घ्य है –
(a) 720 nm
(b) 790 nm
(c) 800 nm
(d) 820 nm
उत्तर-
(d) 820 nm

प्रश्न 9.
फुण्ड श्रेणी में उपस्थित तरंगदैर्घ्य सीमा होती है-(R = 1.097 x 107 ms-1)
(a) 1572 nm
(b) 1898 nm
(c) 2278 nm
(d) 2535 nm
उत्तर-
(c) 2278 nm

Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 12 परमाणु

प्रश्न 10.
लाइमैन श्रेणी की प्रथम रेखा की तरंगदैर्घ्य 1215 है, तो बामर
श्रेणी की प्रथम रेखा की तरंगदैर्घ्य क्या होगी?
(a) 4545Å
(b) 5295 Å
(c) 6561Å
(d) 6750Å
उत्तर-
(c) 6561Å

प्रश्न 11.
जब एक इलेक्ट्रॉन चौथी कक्षा से दूसरी कक्षा में कूदता है, तो प्राप्त होती है –
(a) पाश्चन श्रेणी की द्वितीय रेखा
(b) बामर श्रेणी की द्वितीय रेखा।
(c) फुण्ड श्रेणी की प्रथम रेखा
(d) लाइमैन श्रेणी की द्वितीय रेखा
उत्तर-
(b) बामर श्रेणी की द्वितीय रेखा।

Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 12 परमाणु

प्रश्न 12.
बोर के सिद्धांत के अनुसार, बामर श्रेणी की अंतिम रेखा की तरंग संख्या होगी-(दिया है R = 1.1 x 107 m-1)
(a) 5.5 x 105m-1
(b) 4.4 x 107 m-1
(c) 2.75 x 106 m-1
(d) 2.75 x 108 m-1
उत्तर-
(c) 2.75 x 106 m-1

प्रश्न 13.
हाइड्रोजन वर्णक्रम में लाइमैन श्रेणी की प्रथम रेखा की तरंगदैर्घ्य 1210Å है। Z=11 के हाइड्रोजन के समान परमाणु की संगत रेखा बराबर होगी
(a) 4000 Å
(b) 100Å
(c) 40Å
(d) 10 Å
उत्तर-
(d) 10 Å

प्रश्न 14.
किसी हाइड्रोजन के समान परमाणु में अवस्था n = 3 से n=1 से संक्रमण पराबैंगनी विकिरण में परिणामित होता है। अवरक्त विकिरण कितने संक्रमण में प्राप्त होगा?
(a) 2 → 1
(b) 3 → 2
(c) 4 → 2
(d) 4 → 3
उत्तर-
(d) 4 → 3

Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 12 परमाणु

प्रश्न 15.
हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन की कुल ऊर्जा होती है –
\((a) \frac{e^{2}}{4 \pi \varepsilon_{0} r}
(b) \frac{-e^{2}}{4 \pi \varepsilon_{0} r}
(c) \frac{-e^{2}}{8 \pi \varepsilon_{0} r}
(d) \frac{e^{2}}{8 \pi \varepsilon_{0} r}\)
उत्तर-
(c) \(\frac{-e^{2}}{8 \pi \varepsilon_{0} r}\)

प्रश्न 16.
बोर मॉडल के अनुसार हाइड्रोजन परमाणु की द्वितीय कक्षा में इलेक्ट्रॉन के लिए संवेग का आघूर्ण होगा –
\((a) \frac{h}{\pi}
(b) 2 \pi h
(c) \frac{2 h}{\pi}
(d) \frac{\pi}{h}\)
उत्तर-
\((a) \frac{h}{\pi}\)

प्रश्न 17.
बोर मॉडल के द्वितीयक अभिगृहीत के अनुसार, हाइड्रोजन परमाणु की nवीं संभव कक्षा का कोशीय संवेग (Ln) इस प्रकार व्यक्त किया जाता है –
\((a) \frac{h}{2 \pi n}
(b) \frac{n h}{2 \pi}
(c) \frac{2 \pi n}{h}
(d) \frac{2 \pi}{2 h}\)
उत्तर-
(b) \(\frac{n h}{2 \pi}\)

Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 12 परमाणु

प्रश्न 18.
हाइड्रोजन परमाणु की nवीं कक्षा में स्थायी अवस्था में इलेक्ट्रॉन की कुल ऊर्जा (En) होगी(a) -13.6ev
\((a) \frac{-13.6}{n} \mathrm{eV}
(b) \frac{-13.6}{n^{2}} \mathrm{eV}
(c) \frac{-136}{n} \mathrm{eV}
(d) \frac{-136}{n^{2}} \mathrm{eV}\)
उत्तर-
(b) \(\frac{-13.6}{n^{2}} \mathrm{eV}\)

प्रश्न 19.
हाइड्रोजन परमाणु के बोर मॉडल में, निम्नतम कक्षा किसके संगत होती है ?
(a) अनन्त ऊर्जा
(b) अधिकतम ऊर्जा
(c) न्यूनतम ऊर्जा
(d) शून्य ऊर्जा
उत्तर-
(c) न्यूनतम ऊर्जा

प्रश्न 20.
हाइड्रोजन परमाणु की आयनन ऊर्जा का मान होता है –
(a) 3.4ev
(b) 10.4ev
(c) 12.09 ev
(d) 13.6ev
उत्तर-
(d) 13.6ev

Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 12 परमाणु

प्रश्न 21.
हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन को उसकी प्रथम उत्तेजित अवस्था से उत्तेजित करने के लिए आवश्यक ऊर्जा होगी
(a) 8.5ev
(b) 10.2eV
(c) 12.7eV
(d) 13.6eV
उत्तर-
(b) 10.2eV

प्रश्न 22.
एक त्रिआयनित बेरीलियम (Best) की कक्षीय त्रिज्या हाइड्रोजन की मूल अवस्था के समान है। तब Best की क्वाण्टम अवस्था n क्या होगी?
(a) n=1
(b) n = 2
(c) n=3
(d) n=4
उत्तर-
(b)n = 2
(b) हाइड्रोजन के समान परमाणु में nवीं कक्षा की त्रिज्या, \(r_{n}=\frac{a_{0} n^{2}}{Z}\)
जहाँ a0 बोर की त्रिज्या है
हाइड्रोजन परमाणु के लिए, Z = 1
r1 = a0 (∵ n= 1 मूल अवस्था के लिए)
Be3+ के लिए, Z = 4 ∴ \(r_{n}=\frac{a_{0} n^{2}}{4}\)
दिये गये प्रश्न के अनुसार, r1= rn, \(a_{0}=\frac{n^{2} a_{0}}{4} n=2\)

प्रश्न 23.
यदि किसी परमाणु में दो ऊर्जा स्तरों की दूरी 2.3 V है, जब परमाणु ऊपरी स्तर से निचले स्तर में संक्रमण करता है तो उत्सर्जित विकिरण की आवृत्ति होगी –
(a) 2.6 x 1013 Hz
(b) 5.6 x 1014 Hz
(c) 5.6 x 1018 Hz
(d) 2.6 x 1018 Hz
उत्तर-
(b) 5.6 x 1014 Hz
(b) यहाँ, EU – EL, = 2.3eV = 2.3 x 1.6 x 10-19 J
बोर के परमाणु मॉडल के तृतीय अभिगृहीत से, hv = EU – EL
या \(v=\frac{E_{U}-E_{L}}{h}=\frac{2.3 \times 1.6 \times 10^{-19}}{6.64 \times 10^{-34}}=5.6 \times 10^{14} \mathrm{Hz}\)

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प्रश्न 24.
हाइड्रोजन परमाणु की सबसे अंदर वाली आणविक कक्षा की त्रिज्या 5.3 x 1011 m हो, तो n = 2 कक्षा की त्रिज्या क्या होगी?
(a) 1.12 A
(b) 2.12 A
(c) 3.22 A
(d) 4.54 A
उत्तर-
(b) 2.12 A
(b) चूँकि, rn, = n2a0
यहाँ, a0 = 5.3 x 10-11 m; n = 2
∴ r2 = (2)2a0 = 4a0 = 4 x 5.3 x 10-11 m
= 21.2 x 10-11 m = 2.12 Å

प्रश्न 25.
एक इलेक्ट्रॉन 4.2Å त्रिज्या की nवीं कक्षा में घूम रहा है, तो n का मान होगा- (r1 = 0.529 Å)
(a) 4
(b) 5
(c) 6
(d) 3
उत्तर-
(b) 5
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प्रश्न 26.
हाइड्रोजन परमाणु की मूल अवस्था में एक इलेक्ट्रॉन R त्रिज्या की वृत्तीय कक्षा में वामावर्त दिशा में घूम रहा है । इलेक्ट्रॉन का कक्षीय चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण होगा
\((a) \frac{e h}{4 \pi m}
(b) \frac{e h}{2 \pi m}
(c) \frac{e h^{2}}{4 \pi m}
(d) \frac{e^{2} h}{4 \pi m}\)
उत्तर-
\((a) \frac{e h}{4 \pi m}\)

प्रश्न 27.
यदि E हाइड्रोजन परमाणु की nवीं कक्षा की ऊर्जा है तो He परमाणु की n वीं कक्षा की ऊर्जा होगी
(a) E
(b) 2E
(c) 3E
(d) 4E
उत्तर-
(d) 4E

Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 12 परमाणु

प्रश्न 28.
जब एक इलेक्ट्रॉन उच्च ऊर्जा स्तर से निम्न ऊर्जा स्तर में गिरता है तो ऊर्जाओं का अंतर किस रूप में दिखाई देता है ?
(a) केवल विद्युतचुम्बकीय विकिरण के रूप में
(b) केवल ऊष्मीय विकिरण के रूप में
(c) विद्युतचुम्बकीय एवं ऊष्मीय विकिरणों दोनों के रूप में
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(a) केवल विद्युतचुम्बकीय विकिरण के रूप में

प्रश्न 29.
बोर के परमाणु मॉडल के अनुसार निम्न में से कौन-सी हाइड्रोजन परमाणु के द्वारा उत्सर्जित होन वाले फोटॉन के लिए संभव ऊर्जा नहीं है ?
(a) 0.65 eV
(b) 1.9eV
(c) 11.1ev
(d) 13.6V
उत्तर-
(c) 11.1ev
Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 12 परमाणु - 2

प्रश्न 30.
हाइड्रोजन परमाणु की मूल अवस्था में इलेक्ट्रॉन की चाल तथा निर्वात में प्रकाश की चाल का अनुपात क्या होगा ?
\((a) \frac{1}{2}
(b) \frac{2}{237}
(c) \frac{1}{137}
(d) \frac{1}{237}\)
उत्तर-
(c) \(\frac{1}{137}\)

Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 12 परमाणु

प्रश्न 31.
प्रथम बोर अवस्था में किसी इलेक्ट्रॉन की दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य होती है
(a) प्रथम कक्षा की परिधि के एक चौथाई के बराबर
(b) प्रथम कक्षा की परिधि के आधे के बराबर
(c) प्रथम कक्षा की दुगुनी परिधि के बराबर
(d) प्रथम कक्षा की परिधि के बराबर
उत्तर-
(d) प्रथम कक्षा की परिधि के बराबर

प्रश्न 32.
संक्षिप्त शब्द LASER का पूरा नाम है –
(a) Light Amplification by Stimulated Emission of Radiation
(b) Light Amplitude by Stimulated Emision of Radiation
(c) Light Amplification by Strong Emission of Radiation
(d) Light Amplification by Stimulated Emission of Radiowave
उत्तर-
(a) Light Amplification by Stimulated Emission of Radiation

प्रश्न 33.
सरल बोर मॉडल He4 परमाणु में मान्य नहीं होता है क्योंकि
(a) He4 एक अक्रिय गैस है।
(b) He4 के नाभिक में न्यूट्रॉन होता है।
(c) He4 में एक से अधिक इलेक्ट्रॉन है।
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(c) He4 में एक से अधिक इलेक्ट्रॉन है।

Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 12 परमाणु

प्रश्न 34.
बोर त्रिज्या a0 = 53 pm लेकर बोर मॉडल के आधार पर Li++ आयन की अपनी मूल अवस्था में त्रिज्या लगभग होगी
(a) 53 pm
(b) 27 pm
(c) 18 pm
(d) 13 pm
उत्तर-
(c) 18 pm
(c) यहाँ, a0 = 53 pm, n = 1 मूल अवस्था के लिए Li++ आयन के
लिए, Z = 3
Bihar Board 12th Physics Objective Answers Chapter 12 परमाणु - 3

Bihar Board Class 11th Hindi व्याकरण सर्वनाम-पद

Bihar Board Class 11th Hindi Book Solutions

Bihar Board Class 11th Hindi व्याकरण सर्वनाम-पद

Bihar Board Class 11th Hindi व्याकरण सर्वनाम-पद

1. सर्वनाम-पद की परिभाषा देते हुए उसके भेदों पर सोदाहरण प्रकाश डालें।
किसी भी संज्ञा-पद के बदले में आनेवाले अथवा उसका प्रतिनिधित्व करनेवाले विकारी शब्द को सर्वनाम कहते हैं।
सर्वनाम के भेद-सर्वनाम के भेद सामान्यतया छह माने जाते हैं, जो निम्नलिखित हैं। इनमें प्रथम के तीन उपभेद माने गए हैं-
Bihar Board Class 11th Hindi व्याकरण सर्वनाम-पद 1

इन भेदों के कतिपय प्रायोगिक उदाहरण नीचे दिए जा रहे हैं-

  • मैं कलकत्ता जा रहा हूँ (पुरुषवाचक)
  • आप कब तक आ जाएंगे? (आदरवाचक)
  • रिक्शावाला स्वयं आया था। (निजवाचक)
  • वहाँ पर कौन आया था। (प्रश्नवाचक)
  • जो जैसा करेगा सो वैसा पाएगा। (संबंधवाचक)
  • वह वहाँ सोया है। (निश्चयवाचक)
  • कुछ सुना क्या? (अनिश्चयवाचक)

2. ‘संज्ञा’ एवं ‘सर्वनाम’ पदों में क्या भेद है? सोदाहरण लिखें।
किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान अथवा भाव का, चाहे वह अनुभव किया गया हो या उसकी कल्पना की गई हो, ज्ञान करानेवाले विकारी शब्दों को संज्ञा कहते हैं। जैसे-

  • राम, मोहन (व्यक्ति)
  • कश्मीर, पंजाब (स्थान)
  • सोना, चावल (वस्तु)
  • दया, लज्जा, (भाव)

Bihar Board Class 11th Hindi व्याकरण सर्वनाम-पद

सामान्यतया वाक्य-समुदाय में सर्वप्रथम संज्ञा-पद का प्रयोग होता है एवं तत्पश्चात् उससे संबद्ध वाक्यों में उसका प्रतिनिधित्व करनेवाले किसी दूसरे, पर निश्चित, ‘विकारी’ शब्द का। इस प्रकार, आनेवाला विकारी शब्द सर्वनाम’ होता है। जैसे-

  • राम आ रहा है। – वह दो लड़कों के साथ है।
  • कश्मीर हमारा है। – वह हमारे देश का एक राज्य है।
  • सोना कीमती वस्तु है। – इसकी हिफाजत करो।
  • उसके हृदय में दया नहीं है। – वह हो भी कैसे!

उपर्युक्त पूर्ववर्ती वाक्यों में आए ‘राम’, ‘कश्मीर’, ‘सोना’ एवं ‘दया’ का उत्तरवर्ती वाक्यों में ‘वह’, ‘वह’, ‘इसकी’ एवं ‘वह’ विकारी शब्दों द्वारा प्रतिनिधित्व हो रहा है। अतः ये सभी प्रतिनिधित्व करनेवाली पद ‘सर्वनाम’ हैं।

Bihar Board 12th Economics Objective Answers Chapter 2 Theory of Consumer Behaviour

Bihar Board 12th Economics Objective Questions and Answers

Bihar Board 12th Economics Objective Answers Chapter 2 Theory of Consumer Behaviour

Question 1.
Who gave the cardinal concept of utility ?
(A) Marshall
(B) Pigou
(C) Hicks
(D) Samuelson
Answer:
(A) Marshall

Bihar Board 12th Economics Objective Answers Chapter 2 Theory of Consumer Behaviour

Question 2.
Consumer’s behaviour is studied in:
(A) Micro Economics
(B) Macro Economics
(C) Income Analysis
(D) None of these
Answer:
(A) Micro Economics

Question 3.
Which of the following statement is true ?
(A) Utility means want-satisfying power
(B) Utility is a function of intensity of desire
(C) Desire of consumption gives birth to utility
(D) All of these
Answer:
(D) All of these

Question 4.
Which is the First Law of Gossen ?
(A) Law of Demand
(B) Law of Diminishing Marginal Utility
(C) Law of Equi-marginal Utility
(D) Consumer’s Surplus
Answer:
(B) Law of Diminishing Marginal Utility

Bihar Board 12th Economics Objective Answers Chapter 2 Theory of Consumer Behaviour

Question 5.
Which of the following is a characteristic of utility ?
(A) Utility is a psychological phenomenon
(B) Utility is subjective
(C) Utility is a relative concept
(D) All of these
Answer:
(D) All of these

Question 6.
How we calculate marginal utility ?
(A) ∆TU/∆Q
(B) ∆MU/∆Q
(C) ∆Q/∆TU
(D) ∆Q/∆MU
Answer:
(A) ∆TU/∆Q

Question 7.
When TU becomes maximum, MU is:
(A) Positive
(B) Negative
(C) Zero
(D) None of these
Answer:
(C) Zero

Question 8.
Which of the following is true ?
(A) TU increases till MU is positive
(B) TU is maximum when MU is equal to zero
(C) TU declines when MU is negative
(D) All of these
Answer:
(D) All of these

Bihar Board 12th Economics Objective Answers Chapter 2 Theory of Consumer Behaviour

Question 9.
Who basically propounded the concept of Law of Equimarginal Utility ?
(A) Marshall
(B) Gossen
(C) Ricardo
(D) J. S. Mill
Answer:
(C) Ricardo

Question 10.
In difference curve is:
(A) Convex to the origin
(B) Concave to the origin
(C) Both (a) and (b) true
(D) All of these false
Answer:
(A) Convex to the origin

Question 11.
The ability of satisfying human want in a goods is called its:
(A) Productivity
(B) Satisfaction
(C) Utility
(D) Profitability
Answer:
(C) Utility

Bihar Board 12th Economics Objective Answers Chapter 2 Theory of Consumer Behaviour

Question 12.
Slope of budget line or price line is:
\((A) -\frac{P_{x}}{P_{y}}
(B) -\frac{P_{y}}{P_{x}}
(C) +\frac{P_{x}}{P_{y}}
(D) +\frac{P_{y}}{P_{x}}\)
Answer:
\((A) -\frac{P_{x}}{P_{y}}\)

Question 13.
Utility is related to:
(A) Usefulness
(B) Morality
(C) Satisfaction of human wants
(D) All the above
Answer:
(D) All the above

Question 14.
Utility can be measured by:
(A) Money
(B) Exchange of goods
(C) Weight of the good
(D) None of these
Answer:
(A) Money

Question 15.
Law of Equi – marginal utility is called:
(A) Law of increasing utility
(B) Law of diminishing utility
(C) Law of substitution
(D) None of these
Answer:
(C) Law of substitution

Question 16.
Indifference curve slopes:
(A) From right to left
(B) From left to right
(C) Both (a) and (b)
(D) None of these
Answer:
(B) From left to right

Bihar Board 12th Economics Objective Answers Chapter 2 Theory of Consumer Behaviour

Question 17.
The addition of utilities obtained from all units of a goods is called :
(A) Marginal Utility
(B) Total Utility
(C) Maximum Satisfaction
(D) Additional Utility
Answer:
(B) Total Utility

Question 18.
Who propounded the ordinal utility theory’ ?
(A) Marshall
(B) Pigou
(C) Hicks and Allen
(D) Ricardo
Answer:
(C) Hicks and Allen

Bihar Board 12th Economics Objective Answers Chapter 2 Theory of Consumer Behaviour

Question 19.
The propounder of law of diminishing marginal utility is:
(A) Gossen
(B) Adam smith
(C) Chapman
(D) Hicks
Answer:
(A) Gossen

Question 20.
Consumer’s equilibrium takes at a point where:
(A) MU = Price
(B) MU < Price
(C) MU > Price
(D) None of these
Answer:
(A) MU = Price

Question 21.
The capability of a commodity to satisfy human wants is:
(A) Consumption
(B) Utility
(C) Quality
(D) Taste
Answer:
(B) Utility

Bihar Board 12th Economics Objective Answers Chapter 2 Theory of Consumer Behaviour

Question 22.
For the maximum satisfaction of consumer:
(A) Marginal utility of a good should be equal to its price.
(B) Marginal utility of a good should be greater than its price.
(C) There is no relation between marginal utility and price.
(D) None of these
Answer:
(A) Marginal utility of a good should be equal to its price.

Question 23.
When marginal utility is negative, then total utility:
(A) is maximum
(B) Starts decreasing
(C) increases at decreasing rate
(D) None of these
Answer:
(B) Starts decreasing

Question 24.
According to the law of equi-marginal utility, the condition for consumer’s equilibrium is:
\((A) \frac{M U_{A}}{P_{A}}=\frac{M U_{B}}{P_{B}}
(\mathrm{B}) \frac{\mathrm{MU}_{\mathrm{A}}}{\mathrm{MU}_{\mathrm{B}}}=\frac{\mathrm{P}_{\mathrm{A}}}{\mathrm{P}_{\mathrm{B}}}\)
(C) Both (a) and (b)
(D) Undefined
Answer:
(C) Both (a) and (b)

Question 25.
According to Marshall, utility of a commodity:
(A) Can be measured by money ’
(B) Cannot be measured by money
(C) Can be measured in cardinal numbers
(C) Both (a) and (b)
Answer:
(C) Both (a) and (b)

Bihar Board 12th Economics Objective Answers Chapter 2 Theory of Consumer Behaviour

Question 26.
Which element is essential for demand ?
(A) Desire to consume
(B) Availability of adequate resources
(C) Willingness to consume
(D) All of these
Answer:
(D) All of these

Question 27.
Demand Curve generally slopes:
(A) Upward from left to right
(B) Downward from left to right
(C) Parallel to X-axis
(D) Parallel to Y-axis
Answer:
(B) Downward from left to right

Question 28.
In which goods, price fall does not make any increase in demand ?
(A) Necessities Goods
(B) Comfort Goods
(C) Luxuries Goods
(D) None of these
Answer:
(A) Necessities Goods

Question 29.
Which of the following factor affects demand ?
(A) Price
(B) Change in income
(C) Taste of the Consumer
(D) All of these
Answer:
(D) All of these

Bihar Board 12th Economics Objective Answers Chapter 2 Theory of Consumer Behaviour

Question 30.
Goods, which can alternatively be used, are called:
(A) Complementary Goods
(B) Substitutes
(C) Comforts
(D) None of these
Answer:
(B) Substitutes

Question 31.
Law of Demand is a:
(A) Qualitative Statement
(B) Quantitative Statement
(C) Bothe (a) and (b)
(D) None of these
Answer:
(A) Qualitative Statement

Question 32.
Which of the following is a demand function ?
(A) PX
(B) DX = PX
(C) Dx = (Px)
(D) None of these
Answer:
(C) Dx = (Px)

Question 33.
When change in the price of goods-X affects the demand of goods-Y, this demand is called:
(A) Price Demand
(B) Income Demand
(C) Cross Demand
(D) All of these
Answer:
(D) All of these

Bihar Board 12th Economics Objective Answers Chapter 2 Theory of Consumer Behaviour

Question 34.
For normal goods, Law of Demand states the relationship between price and quantity of goods:
(A) Direct
(B) Positive
(C) Indirect
(D) None of the above
Answer:
(C) Indirect

Question 35.
Which of the following is a reason for fall in demand ?
(A) Fall in Income
(B) Fall in Number of Buyers
(C) Fall in Taste of Consumer
(D) All the above
Answer:
(D) All the above

Question 36.
With rise in coffee price, the demand of tea:
(A) Rises
(B) Falls
(C) Remains stable
(D) None of these
Answer:
(A) Rises

Bihar Board 12th Economics Objective Answers Chapter 2 Theory of Consumer Behaviour

Question 37.
Contraction in demand appears when:
(A) Price rises and demand falls
(B) Price rises and demand also rises
(C) Price remains stable and demand falls
(D) Price falls but demand remains stable
Answer:
(A) Price rises and demand falls

Question 38.
Which is a reason of change in demand ?
(A) Change in consumer’s income
(B) Change in price of related goods
(C) Population increase
(D) All pf these
Answer:
(D) All pf these

Question 39.
For a change in which of the following, there is no change in demand ?
(A) Change in price
(B) Change in income
(C) Change in taste and fashion
(D) None of these
Answer:
(D) None of these

Bihar Board 12th Economics Objective Answers Chapter 2 Theory of Consumer Behaviour

Question 40.
With a rise in price the demand for ‘Giffin’ goods:
(A) increases
(B) decreases
(C) remains constant
(D) becomes unstable
Answer:
(A) increases

Question 41.
Hie slope of the demand Curve of a normal goods is:
(A) Negative
(B) Positive
(C) Zero
(D) Undefined
Answer:
(A) Negative

Question 42.
With an increase in income consumer decreases the consumption of which goods ?
(A) Inferior goods
(B) Normal goods
(C) Giffin goods
(D) Both (a) and (b)
Answer:
(C) Giffin goods

Bihar Board 12th Economics Objective Answers Chapter 2 Theory of Consumer Behaviour

Question 43.
The demand curve of a good shifts from DD’ to dd
Bihar Board 12th Economics Objective Answers Chapter 2 Theory of Consumer Behaviour - 1
(A) fail in the price of the goods
(B) rise in the price of the goods
(C) rise in the price of substitute goods
(D) rise in the price of complementary goods
Answer:
(C) rise in the price of substitute goods

Question 44.
Elasticity of demand is a:
(A) Qualitative Statement
(B) Quantitative Statement
(C) Both (a) and (b)
(D) None of the above
Answer:
(B) Quantitative Statement

Question 45.
Which of the following is a formula for measuring the elasticity of demand ?
Bihar Board 12th Economics Objective Answers Chapter 2 Theory of Consumer Behaviour - 2
Answer:
(A)

Question 46.
For Giffin goods, price elasticity of demand is :
(A) Negative
(B) Positive
(C) Zero
(D) None of these
Answer:
(B) Positive

Bihar Board 12th Economics Objective Answers Chapter 2 Theory of Consumer Behaviour

Question 47.
Following figure shows:
Bihar Board 12th Economics Objective Answers Chapter 2 Theory of Consumer Behaviour - 3
(A) High Elastic Demand
(B) Perfectly Elastic Demand
(C) Perfectly Inelastic Demand
(D) Inelastic Demand
Answer:
(B) Perfectly Elastic Demand

Question 48.
Which of the following shows elasticity less than one ?
(A) Necessity Goods
(B) Comforts
(C) Luxuries
(D) All of these
Answer:
(A) Necessity Goods

Question 49.
With which method, elasticity of demand is measured ?
(A) Total Expenditure Method .
(B) Percentage or Proportionate Method
(C) Point Method
(D) All of these
Answer:
(D) All of these

Bihar Board 12th Economics Objective Answers Chapter 2 Theory of Consumer Behaviour

Question 50.
Elastic demand is shown by:
Bihar Board 12th Economics Objective Answers Chapter 2 Theory of Consumer Behaviour - 4
Answer:
(A)

Question 51.
What is the price elasticity in following example ?
Bihar Board 12th Economics Objective Answers Chapter 2 Theory of Consumer Behaviour - 5
(A) -2.5
(B) + 3.5
(C) + 4.0
(D) None of these
Answer:
(A) -2.5

Question 52.
Who propounded the percentage or proportionate method of measuring elasticity of demand ?
(A) Marshall
(B) Flux
(C) Hicks
(D) None of these
Answer:
(B) Flux

Bihar Board 12th Economics Objective Answers Chapter 2 Theory of Consumer Behaviour

Question 53.
Which of the following factor affects elasticity of demand ?
(A) Nature of Goods
(B) Price Level
(C) Income Level
(D) All of these
Answer:
(D) All of these

Question 54.
How many types elasticity of uemand has ?
(A) Three
(B) Five
(C)Six
(D) Seven
Answer:
(B) Five

Question 55.
Elasticity of demand for necessities is :
(A) Zero
(B) Unlimited
(C) Greater than unity
(D) Less than unity
Answer:
(A) Zero

Question 56.
Price elasticity of demand means :
(A) Change in demand due to change in price
(B) Change in demand
(C) Change in real income
(D) Change in Price
Answer:
(A) Change in demand due to change in price

Question 57.
The elasticity of demand at the mid-point of a straight line demand curve:
(A) will be zero
(B) will be unity
(C) will be infinity
(D) None of these
Answer:
(B) will be unity

Bihar Board 12th Economics Objective Answers Chapter 2 Theory of Consumer Behaviour

Question 58.
If the demand for a good changes by 60% due to 40% change in price, the elasticity of demand is :
(A) 0.5
(B) -1.5
(C) 1
(D) zero
Answer:
(B) -1.5

Question 59.
For luxury goods the demand is:
(A) Inelastic
(B) Elastic
(C) Highly elastic
(D) Perfectly Inelastic
Answer:
(C) Highly elastic

Bihar Board 12th Economics Objective Answers Chapter 2 Theory of Consumer Behaviour

Question 60.
Any statement about demand for a good is considered complete only when the following is/are mentioned in:
(A) Price of the good
(B) Quantity of the good
(C) Period of time
(D) All of these
Answer:
(A) Price of the good

Bihar Board 12th Business Studies Objective Answers Chapter 7 निर्देशन

Bihar Board 12th Business Studies Objective Questions and Answers

Bihar Board 12th Business Studies Objective Answers Chapter 7 निर्देशन

प्रश्न 1.
निर्देशन के प्रमुख तत्व हैं:
(A) 2
(B) 3
(C) 4
(D) 6
उत्तर:
(C) 4

Bihar Board 12th Business Studies Objective Answers Chapter 7 निर्देशन

प्रश्न 2.
निर्देशन के तत्व हैं:
(A) पर्यवेक्षण
(B) अभिप्रेरण
(C) नेतृत्व
(D) सभी
उत्तर:
(B) अभिप्रेरण

प्रश्न 3.
पर्यवेक्षण प्रबंध का स्तर है:
(A) उच्च
(B) मध्यम
(C) निम्न
(D) ये सभी
उत्तर:
(C) निम्न

प्रश्न 4.
पर्यवेक्षण है
(A) आवश्यक
(B) अनावश्यक
(C) समय की बर्बादी
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(A) आवश्यक

Bihar Board 12th Business Studies Objective Answers Chapter 7 निर्देशन

प्रश्न 5.
पर्यवेक्षक कड़ी है:
(A) उच्च तथा मध्यम प्रबंध
(B) कर्मचारी तथा मध्यम प्रबंध
(C) कर्मचारी एवं निम्न प्रबंध
(D) कर्मचारी एवं संचालक
उत्तर:
(B) कर्मचारी तथा मध्यम प्रबंध

प्रश्न 6.
नेता अधीनस्थों से काम लेता है:
(A) चातुर्य से
(B) डण्ड से
(C) धमकाकर
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(A) चातुर्य से

प्रश्न 7.
ग्रेपवाइन है:
(A) औपचारिक संचार
(B) संचार में बाधा
(C) समस्तर संचार
(D) अनौपचारिक संचार
उत्तर:
(D) अनौपचारिक संचार

Bihar Board 12th Business Studies Objective Answers Chapter 7 निर्देशन

प्रश्न 8.
प्रभावी सन्देशवाहन में बाधा है:
(A) भाषा
(B) दूरी
(C) व्यक्तिगत भिन्नताएँ
(D) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(D) उपरोक्त सभी

प्रश्न 9.
सन्देशवाहन के प्रकार हैं:
(A) लिखित
(B) मौखिक
(C) औपचारिक
(D) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(D) उपरोक्त सभी

प्रश्न 10.
निर्देशन सम्बन्धित है:
(A) उच्च स्तर से
(B) मध्यम स्तर से
(C) निम्न स्तर से
(D) सभी स्तरों से
उत्तर:
(D) सभी स्तरों से

Bihar Board 12th Business Studies Objective Answers Chapter 7 निर्देशन

प्रश्न 11.
निर्देशन के प्रमुख तत्व हैं…………
(A) 2
(B) 3
(C) 4
(D) 6
उत्तर:
(C) 4

प्रश्न 12.
निर्देशन की प्रबंध के…….. .दर पर आवश्यकता होती है।
(A) उच्च
(B) मध्यम
(C) निम्न
(D) सभी स्तर
उत्तर:
(D) सभी स्तर

प्रश्न 13.
निर्देशन है..
(A) सर्वव्यापी
(B) निष्पादन-अभिमुखी
(C) निरंतर क्रिया
(D) ये सभी
उत्तर:
(D) ये सभी

Bihar Board 12th Business Studies Objective Answers Chapter 7 निर्देशन

प्रश्न 14.
एक अच्छे नेता के निम्नलिखित में से कौन-से गुण होने चाहिए ?
(A) प्रयास
(B) संवाद दक्षता
(C) स्वाभिमान
(D) इनमें से सभी
उत्तर:
(D) इनमें से सभी

प्रश्न 15.
व्यवसाय में संचार की प्रभावपूर्ण पद्धति का होना क्यों आवश्यक है?
(A) मार्गदर्शन के लिए
(B) सूचना के लिए
(C) निर्देशन के लिए
(D) इनमें से सभी
उत्तर:
(D) इनमें से सभी

प्रश्न 16.
निर्देशन है
(A) अनिवार्य
(B) आवश्यक
(C) अनावश्यक
(D) समय की बर्बादी
उत्तर:
(A) अनिवार्य

Bihar Board 12th Business Studies Objective Answers Chapter 7 निर्देशन

प्रश्न 17.
पर्यवेक्षक कर्मचारियों का है:
(A) मित्र
(B) मार्गदर्शक
(C) दार्शनिक
(D) ये सभी
उत्तर:
(D) ये सभी

प्रश्न 18.
पर्यवेक्षण तत्व है
(A) पेतृत्व का
(B) नियोजन का
(C) निर्देशन का
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) निर्देशन का

प्रश्न 19.
अभिप्रेरणा साधनों के निर्धारण का आधार होना चाहिए:
(A) सामूहिक
(B) व्यक्तिगत
(C) कृत्य
(D) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(D) उपरोक्त सभी

Bihar Board 12th Business Studies Objective Answers Chapter 7 निर्देशन

प्रश्न 20.
नेतृत्व है।
(A) समय की बर्बादी
(B) आवश्यक
(C) धन को बाबांदी
(D) अनावश्यक
उत्तर:
(B) आवश्यक

प्रश्न 21.
प्रबंधक होता है:
(A) बॉस
(B) स्वामी
(C) नेता
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) नेता

प्रश्न 22.
संदेशवाहन जाल के प्रकार होते हैं: –
(A) 2
(B) 4
(C) 6
(D) 8
उत्तर:
(B) 4

Bihar Board 12th Business Studies Objective Answers Chapter 7 निर्देशन

प्रश्न 23.
प्रभावी संदेशवाहन के लिए आवश्यक है:
(A) स्पष्टता
(B) शिष्टता
(C) निरंतरता
(D) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(D) उपरोक्त सभी

प्रश्न 24.
प्रभावी सन्देशवाहन में भाषा का उपयोग नहीं होना चाहिए :
(A) स्पष्ट
(B) प्रभावी
(C) अस्पष्ट
(D) शालीन
उत्तर:
(C) अस्पष्ट

प्रश्न 25.
निम्न में कौन-सा विशेषण का तत्व नहीं?
(A) अभिप्रेरणा
(B) संप्रेषण
(C) हस्तांतरण
(D) पर्यवेक्षक
उत्तर:
(C) हस्तांतरण

Bihar Board 12th Business Studies Objective Answers Chapter 7 निर्देशन

प्रश्न 26.
निम्न में कौन-सा वित्तीय प्रोत्साहन है?
(A) पदोन्नति
(B) रहतिया प्रोत्साहन
(C) पद-सुरक्षा
(D) कर्मचारी भागीदारी
उत्तर:
(D) कर्मचारी भागीदारी

प्रश्न 27.
निम्न में कौन-सा संप्रेषण प्रक्रिया का तत्व नहीं है?
(A) डिकोडिंग
(B) संप्रेषण
(C) माध्यम
(D) संदेश प्राप्त कर्ता
उत्तर:
(B) संप्रेषण

प्रश्न 28.
पद भिन्नता किस प्रकार की संप्रेषण बाधा के अन्तर्गत आती है?
(A) सांकेतिक बाधा
(B) संगठनिक बाधा
(C) असांकेतिक बाधा
(D) मनोवैज्ञानिक बाधा
उत्तर:
(B) संगठनिक बाधा.

Bihar Board 12th Business Studies Objective Answers Chapter 7 निर्देशन

प्रश्न 29.
अब्राहम मास्लो की आवश्यकता सीढ़ी में सबसे उच्च आवश्यकता | स्तर है
(A) सुरक्षा आवश्यकता
(B) सम्बन्ध आवश्यकता
(C) आत्म-संतुष्टि की आवश्यकता
(D) प्रतिष्ठा आवश्यकता
उत्तर:
(C) आत्म-संतुष्टि की आवश्यकता

प्रश्न 30.
संदेश को संप्रेषण प्रतीकों में बदलने की प्रक्रिया को जाना जाता है
(A) माध्यम
(B) एनकोडिंग
(C) प्रतिपुष्टि
(D) डिकोडिंग
उत्तर:
(D) डिकोडिंग

Bihar Board 12th Business Studies Objective Answers Chapter 7 निर्देशन

Bihar Board 12th History Objective Answers Chapter 3 बंधुत्व, जाति तथा वर्ग : आरंभिक समाज

Bihar Board 12th History Objective Questions and Answers

Bihar Board 12th History Objective Answers Chapter 3 बंधुत्व, जाति तथा वर्ग : आरंभिक समाज

प्रश्न 1.
महाभारत युद्ध कितने दिनों तक चला?
(a) 15 दिन
(b) 16 दिन
(c) 17 दिन
(d) 18 दिन
उत्तर-
(d) 18 दिन

प्रश्न 2.
महाभारत की रचना किस भाषा में हुई ?
(a) संस्कृत
(b) पाली
(c) प्राकृत
(d) हिन्दी
उत्तर-
(a) संस्कृत

Bihar

प्रश्न 3.
पुराणों की संख्या कितनी है ?
(a) 16
(b) 18
(c) 19
(d) 20
उत्तर-
(b) 18

प्रश्न 4.
महाभारत किसने लिखा?
(a) वाल्मीकि
(b) मनु
(c) कौटिलय
(d) महर्षि वेदव्यास
उत्तर-
(d) महर्षि वेदव्यास

प्रश्न 5.
जाति का लक्षण नहीं है
(a) अंतर्विवाह
(b) श्रम-विभाजन
(c) साम्या
(d) आनुवंशिकता
उत्तर-
(c) साम्या

प्रश्न 6.
भवन शब्द का प्रयोग अपने मूल शब्द में भारतीय यूनानियों के लिए किया जाता था, किन्तु प्रथम सदी ईस्वी के आस-पास इस शब्द का प्रयोग बिना किसी भेदभाव के किया जाने लगा
(a) ब्राह्मणों के लिए
(b) बौद्धों के लिए
(c) जैनियों के लिए
(d) विदेशियों के लिए
उत्तर-
(d) विदेशियों के लिए

प्रश्न 7.
किस काल में वर्ण व्यवस्था वंशानुगत जाति में परिवर्तित हो गई ?
(a) उत्तर वैदिक काल में
(b) गुप्तकाल में
(c) गुप्तोत्तर काल में
(d) पूर्व-मध्यकाल में
उत्तर-
(a) उत्तर वैदिक काल में

Bihar

प्रश्न 8.
गोत्र किसका सूचक था ?
(a) प्रत्येक उपजाति के सामान्यपूर्वज
(b) व्यावसायिक उपजातियाँ
(c) उपजातियों का सामान्य निवास स्थान
(d) एक जाति विशेष का निवास क्षेत्र
उत्तर-
(a) प्रत्येक उपजाति के सामान्यपूर्वज

प्रश्न 9.
निम्न में से दक्कन में रहने वाले किस कबीलाई जातियों का वर्णन प्रारंभिक संस्कृत साहित्य विशेषकर महाकाव्यों एवं पुराणों में हुआ है ?
(a) आन्ध्र
(b) पुलिंद
(c) सवर
(d) सभी
उत्तर-
(d) सभी

प्रश्न 10.
वर्णालंकार की संकल्पना सबसे पहली बार मिलती है
(a) ब्राह्मणों में
(b) उपनिषदों में
(c) धर्म सूत्रों में
(d) स्मृतियों में
उत्तर-
(d) स्मृतियों में

प्रश्न 11.
महाभारत का समालोचनात्मक संस्करण कितने वर्षों में तैयार हुआ?
(a) 37 वर्षों में
(b) 36 वर्षों में
(c) 35 वर्षों में
(d) 34
उत्तर-
(a) 37 वर्षों में

Bihar

प्रश्न 12.
वर्षों में गोत्र के अंतर विवाह करना कौन-सा विवाह है?
(a) अंतर्विवाह
(b) बहिर्विवाह
(c) ब्रह्म विवाह
(d) राक्षस विवाह
उत्तर-
(a) अंतर्विवाह

प्रश्न 13.
क्या ब्राह्मणों का सार्वभौमिक प्रभाव था ?
(a) हाँ
(b) नहीं
(c) हाँ, नहीं दोनों
(d) कोई गणना नहीं थी
उत्तर-
(b) नहीं

प्रश्न 14.
सातवाहन राजाओं और रानियों की आकृतियाँ प्राप्त कहाँ उत्कीर्ण हैं ?
(a) राजमहनों में
(b) मंदिरों में
(c) गुफा की दीवारों पर
(d) स्तम्भ अभिलेखों पर
उत्तर-
(c) गुफा की दीवारों पर

प्रश्न 15.
द्रोण अद्विती तीरंदाज किसको बनाना चाहते थे ?
(a) अर्जुन को
(b) एकलव्य को
(c) नकुल को
(d) सहदेव को
उत्तर-
(a) अर्जुन को

प्रश्न 16.
महाभारत युद्ध कितने दिनों तक चला? (2009A, 2011A,2018A)
(a) 15 दिन
(b) 16 दिन
(c) 17 दिन
(d) 18 दिन
उत्तर-
(d) 18 दिन

Bihar

प्रश्न 17.
महाभारत की रचना किस भाषा में हुई? (2010A,2014A.2019A)
(a) संस्कृ त
(b) पाली
(c) प्राकृत
(d) हिन्दी
उत्तर-
(a) संस्कृ त

प्रश्न 18.
महाभारत किसन लिखा? (2016A)
(a) वाल्मीकि
(b) मनु
(c) कौटिल्य
(d) महर्षि वेदव्यास
उत्तर-
(d) महर्षि वेदव्यास

प्रश्न 19.
जाति का लक्षण नहीं है
(a) अंतर्विवाह
(b) श्रम-विभाजन
(c) साम्या
(d) आनुवंशिकता
उत्तर-
(c) साम्या

प्रश्न 20
भवन शब्द का प्रयोग अपने मूल शब्द में भारतीय यूनानियों के लिए किया जाता था, किन्तु प्रथम सदी ईसवी के आस-पास इस शब्द का प्रयोग बिना किसी भेदभाव के किया जाने लगा
(a) ब्राह्मणों के लिए
(b) बौद्धों के लिए
(c) जैनियों के लिए
(d) विदेशियों के लिए
उत्तर-
(d) विदेशियों के लिए

Bihar

प्रश्न  21.
किस काल में वर्ण व्यवस्था वंशानुगत जाति में परिवर्तित हो गई?
(a) उत्तर वैदिक काल में
(b) गुप्तकाल में
(c) गुप्तोत्तर काल में
(d) पूर्व-मध्यकाल में
उत्तर-
(a) उत्तर वैदिक काल में

प्रश्न 22.
गोत्र किसका सूचक था?
(a) प्रत्येक उपजाति के सामान्यपूर्वज
(b) व्यावसायिक उपजातियाँ
(c) उपजातियों का सामान्य निवास स्थान
(d) एक जाति विशेष का निवास क्षेत्र .
उत्तर-
(a) प्रत्येक उपजाति के सामान्यपूर्वज

प्रश्न 23.
निम्न में से दक्कन में रहने वाले किस कबीलाई जातियों का वर्णन प्रारंभिक संस्कृत साहित्य विशेषकर महाकाव्यों एवं पुराणों में हुआ
(a) आन्ध्र
(b) पुलिंद
(c) सवर
(d) सभी
उत्तर-
(d) सभी

प्रश्न 24.
वर्णालंकार की संकल्पना सबसे पहली बार मिलती है
(a) ब्राह्मणों में
(b) उपनिषदों में
(c) धर्म सूत्रों में
(d) स्मृतियों में
उत्तर-
(d) स्मृतियों में

Bihar

प्रश्न  25.
महाभारत का समालोचनात्मक संस्करण कितने वर्षों में तैयार हुआ?
(a) 37 वर्षों में
(b) 36 वर्षों में
(c) 35 वर्षों में
(d) 34 वर्षों में
उत्तर-
(a) 37 वर्षों में

प्रश्न 26.
गोत्र के अन्दर विवाह करना कौन-सा विवाह है?
(a) अंतर्विवाह
(b) बहिर्विवाह
(c) ब्रह्म विवाह
(d) राक्षस विवाह
उत्तर-
(a) अंतर्विवाह

प्रश्न 27.
क्या ब्राह्मणों का सार्वभौमिक प्रभाव था?
(a) हाँ
(b) नहीं
(c) हाँ, नहीं दोनों
(d) कोई गणना नहीं थी
उत्तर-
(b) नहीं

प्रश्न 28.
सातवाहन राजाओं और रानियों की आकृतियाँ प्राप्त कहाँ उत्कीर्ण 34 वर्षों में हैं?
(a) राजमहलों में
(b) मंदिरों में
(c) गुफा की दीवारों पर
(d) स्तम्भ अभिलेखों पर
उत्तर-
(c) गुफा की दीवारों पर

प्रश्न 29.
द्रोण अद्वितीय तीरंदाज किसको बनाना चाहते थे?
(a) अर्जुन को
(b) एकलव्य को
(c) नकुल को
(d) सहदेव को
उत्तर-
(a) अर्जुन को

Bihar

प्रश्न 30.
मनुस्मृति में कितने प्रकार के विवाह का उल्लेख किया गया (2018A)
(a) चार
(b) छ:
(c) आठ
(d) नौ
उत्तर-
(c) आठ

प्रश्न 31.
महाभारत में ‘गंगापुत्र’ के नाम से किसे जाना जाता है? (2018A)
(a) शांतनु
(b) भीष्म
(c) दुर्योधन
(d) शकुनी
उत्तर-
(b) भीष्म

प्रश्न 32.
महाभारत के आदिपर्व के किस अध्याय में भीष्म द्वारा 8 प्रकार के विवाहों का वर्णन किया गया है?
(a) प्रथम
(b) 52वें
(c) 102वें
(d) 100वें
उत्तर-
(c) 102वें

प्रश्न 33.
अम्बा, अम्बालिका किसकी पत्नियाँ थीं?
(a) चित्रांगद
(b) विचित्रवीर्य
(c) पाण्डु
(d) दुर्योधन
उत्तर-
(b) विचित्रवीर्य

Bihar

प्रश्न 34.
महर्षि व्यास द्वारा उत्पन्न संतान थी
(a) पाण्डु
(b) धृतराष्ट्र
(c) विदुर
(d) ये सभी
उत्तर-
(a) पाण्डु

प्रश्न 35.
घटोत्कच किसका पुत्र था?
(a) युधिष्ठिर
(b) अर्जुन
(c) दुर्योधन
(d) भीम
उत्तर-
(d) भीम

प्रश्न 36.
भीम ने हिडिम्बा के साथ कौन-सा विवाह सम्पन्न किया था?
(a) आर्ष
(b) गन्धर्व
(c) राक्षस
(d) देव
उत्तर-
(b) गन्धर्व

प्रश्न 37.
द्रौपदी किसकी पत्नी थी?
(a) अर्जुन
(b) नकुल
(c) सहदेव
(d) इन सभी की
उत्तर-
(d) इन सभी की

प्रश्न 38.
‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषुकदाचन’ श्रीमद्भागवतगीता के किस अध्याय में वर्णित है?
(a) प्रथम
(b) द्वितीय
(c) तृतीय
(d) चतुर्थ
उत्तर-
(b) द्वितीय

Bihar

प्रश्न 39.
श्रीमदभागवद्गीता के महत्व पर किसने विचार व्यक्त किये हैं? (2019A)
(a) महात्मा गाँधी
(b) विवेकानन्द
(c) बालगंगाधर तिलक
(d) इन सभी ने
उत्तर-
(d) इन सभी ने

प्रश्न 40.
ब्राह्मणवंशीय सातवाहन नरेश वशिष्ठ पत्र शातकर्णी ने विवाह सम्बन्ध किस वंश के साथ जोड़े?
(a) शक
(b) पहलव
(c) कुषाण
(d) हूप्प
उत्तर-
(a) शक

प्रश्न 41.
महाभारत के किस पर्व में वर्ण व्यवस्था का उल्लेख मिलता है?
(a) आदिपर्व
(b) भीष्मपर्व
(c) शान्तिपर्व
(d) इनमें से सभी में
उत्तर-
(c) शान्तिपर्व

प्रश्न 42.
ऋग्वेद के पुरुष सुक्त में सर्वप्रथम किस वर्ण का उल्लेख मिलता
(a) ब्राह्मण
(c) वैश्य
(b) क्षत्रिय
(d) शूद्र
उत्तर-
(d) शूद्र

प्रश्न 43.
चण्डाल अस्पृश्य माने जाते थे, जब भी वे नगर में आते थे तो उन्हें लकड़ी की आवाज करके आना पड़ता था। ताकि लोग उन्हें देखने के दोष से बच सकें। यह कथन किसका है?
(a) फाह्यान
(b) मैगस्थनीज
(c) कौटिल्य
(d) ह्वेनसांग
उत्तर-
(a) फाह्यान

Bihar

प्रश्न 44.
दुर्योधन की माँ कौन थी?
(a) गान्धारी
(b) कुन्ती
(c) माद्री
(d) सत्यवती
उत्तर-
(d) सत्यवती

प्रश्न 45.
निम्न में से किस प्रसिद्ध सन्त ने गीता की भक्ति टीका मराठी में लिखी?
(a) एकनाथ
(b) नामदेव
(c) तुकाराम
(d) मानेश्वर
उत्तर-
(d) मानेश्वर