Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

BSEB Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई Textbook Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

Bihar Board Class 9 Science जीवन की मौलिक इकाई InText Questions and Answers

प्रश्न शृंखला # 01 (पृष्ठ संख्या 66)

प्रश्न 1.
कोशिका की खोज किसने और कैसे की ?
उत्तर:
कोशिका की खोज 1665 में रॉबर्ट हुक ने वृक्ष की छाल से प्राप्त कॉर्क में स्वनिर्मित सूक्ष्मदर्शी द्वारा की।

प्रश्न 2.
कोशिका को जीवन की संरचनात्मक व क्रियात्मक इकाई क्यों कहते हैं ?
उत्तर:
प्रत्येक कोशिका एक स्वायत्त इकाई के रूप में कार्य करती है तथा जीवन की सभी मूलभूत क्रियाओं को स्वतन्त्र रूप से संचालित करती है। इसी कारण इसे जीवन की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई कहते हैं।

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न श्रृंखला # 02 (पृष्ठ संख्या 68)

प्रश्न 1.
CO2 तथा पानी जैसे पदार्थ कोशिका में कैसे | अन्दर तथा बाहर जाते हैं ? इस पर चर्चा करें।
उत्तर:
कोशिका में CO2 तथा पानी जैसे पदार्थ विसरण तथा परासरण द्वारा कोशिका के अन्दर तथा बाहर जाते हैं। जब किसी कोशिका में CO2) की सान्द्रता बाह्य वातावरण से अधिक हो जाती है तो उसी समय उच्च सान्द्रता से निम्न सान्द्रता की ओर विसरण द्वारा CO2 कोशिका के बाहर निकल जाती है। किसी कोशिका में पानी की कमी होने पर या उसे तनु विलयन में रखने पर जल के अणु बाह्य माध्यम से कोशिका के भीतर परासरण द्वारा चले जाते हैं।

प्रश्न 2.
प्लाज्मा झिल्ली को वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली क्यों कहते हैं ?
उत्तर:
प्लाज्मा झिल्ली कुछ पदार्थों को अन्दर अथवा बाहर आने-जाने देती है तथा अन्य पदार्थों की गति को रोकती है। इसलिए इसे वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली कहते हैं।

प्रश्न शृंखला # 03 (पृष्ठ संख्या 70)

प्रश्न 1.
क्या आप निम्नलिखित तालिका में दिए गए रिक्त स्थानों को भर सकते हैं जिससे कि प्रोकैरियोटी तथा – यूकैरियोटी कोशिकाओं में अन्तर स्पष्ट हो सके।
उत्तर:
Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न श्रृंखला # 04 (पृष्ठ संख्या 73)

प्रश्न 1.
क्या आप दो ऐसे अंगकों का नाम बता सकते हैं जिनमें अपना आनुवंशिक पदार्थ होता है ?
उत्तर:
माइटोकॉण्ड्रिया तथा प्लास्टिड्स ऐसे कोशिका अंगक हैं जिनमें अपना आनुवंशिक पदार्थ होता है।

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 2.
यदि किसी कोशिका का संगठन किसी भौतिक अथवा रासायनिक प्रभाव के कारण नष्ट हो जाता है, तो क्या होगा?
उत्तर:
कोशिका नष्ट हो जायेगी।

प्रश्न 3.
लाइसोसोम को आत्मघाती थैली क्यों कहते हैं ?
उत्तर:
लाइसोसोम में पाचक एन्जाइम्स पाये जाते हैं। कोशिकीय उपापचय में व्यवधान के कारण जब कोशिका क्षतिग्रस्त या मृत हो जाती है तो उसके लाइसोसोम फट जाते हैं तथा उसके पाचक एन्जाइम्स अपनी ही कोशिका का पाचन कर देते हैं। इसलिए इन्हें आत्मघाती थैली’ कहते हैं।

प्रश्न 4.
कोशिका के अन्दर प्रोटीन का संश्लेषण कहाँ होता है ?
उत्तर:
खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका पर पाये जाने वाले राइबोसोम में प्रोटीन का संश्लेषण होता है।

क्रियाकलाप 5.2 (पृष्ठ संख्या 65)
प्रश्न 1.
क्या सभी कोशिकाएँ आकार तथा आकृति की दृष्टि से एक जैसी दिखाई देती हैं ?
उत्तर:
किसी अंग विशेष की सभी कोशिकाएँ आकार तथा आकृति में एक जैसी दिखती हैं परन्तु विभिन्न अंगों में इनका आकार तथा आकृति भिन्न-भिन्न होती है।

प्रश्न 2.
क्या सभी कोशिकाओं की संरचना एक जैसी दिखाई देती है ?
उत्तर:
हाँ, सभी कोशिकाओं की मूलभूत संरचना एक जैसी दिखाई देती है।

प्रश्न 3.
क्या पादप के विभिन्न भागों में पायी जाने वाली कोशिकाओं में कोई अन्तर है ?
उत्तर:
नहीं।

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 4.
हमें कोशिकाओं में क्या समानताएँ दिखाई देती हैं ?
उत्तर:
सभी कोशिकाओं में कोशिका भित्ति, केन्द्रक तथा जीवद्रव्य पाया जाता है। इसके अतिरिक्त सभी में एक ही प्रकार के कोशिकांग पाये जाते हैं।

Bihar Board Class 9 Science जीवन की मौलिक इकाई Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
पादप कोशिका तथा जन्तु कोशिका में तुलना कीजिए।
उत्तर:
Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई
प्रश्न 2.
प्रोकैरियोटी कोशिकाएँ यूकैरियोटी कोशिकाओं से किस प्रकार भिन्न होती हैं ?
उत्तर:
प्रश्न शृंखला 03 के अन्तर्गत प्रश्न 1 का उत्तर देखें।

प्रश्न 3.
यदि प्लाज्मा झिल्ली फट जाए अथवा टूट जाए तो क्या होगा?
उत्तर:
प्लाज्मा झिल्ली बाह्य वातावरण से गैसों तथा अन्य पदार्थों को विसरण द्वारा कोशिका में पहुँचाती है। इसके फट जाने अथवा टूट जाने पर इन पदार्थों में परिवहन का नियमन नहीं हो पायेगा तथा कोशिका का कोशिकाद्रव्य बाह्य वातावरण के सीधे सम्पर्क में आ जायेगा जिससे कोशिका की मृत्यु हो जायेगी।

प्रश्न 4.
यदि गॉल्जी उपकरण न हो तो कोशिका के जीवन में क्या होगा?
उत्तर:
गॉल्जी उपकरण कोशिका में बने पदार्थों का संचय, रूपान्तरण तथा पैकेजिंग का कार्य करते हैं। इनके उपस्थित न होने पर ये क्रियाएँ नहीं हो पायेंगी।

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 5.
कोशिका का कौन-सा अंगक बिजलीघर है और क्यों ?
उत्तर:
माइटोकॉण्ड्रिया को कोशिका का बिजलीघर कहते हैं क्योंकि ये विभिन्न जैविक क्रियाओं को चलाने के लिए ऊर्जा ATP (ऐडिनोसिन ट्राइफॉस्फेट) के रूप में प्रदान करते हैं। ATP कोशिका की ऊर्जा है जिसका उपयोग कोशिका नये रासायनिक यौगिकों को बनाने तथा यान्त्रिक कार्यों को सम्पन्न करने के लिए करती है।

प्रश्न 6.
कोशिका झिल्ली को बनाने वाले लिपिड तथा प्रोटीन का संश्लेषण कहाँ होता है ?
उत्तर:
कोशिका झिल्ली को बनाने वाले लिपिड का संश्लेषण चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका द्वारा तथा प्रोटीन का संश्लेषण खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका पर उपस्थित राइबोसोम्स में होता है।

प्रश्न 7.
अमीबा अपना भोजन कैसे प्राप्त करता है ?
उत्तर:
अमीबा एककोशिकीय जीव है। इसके जीवन की सभी क्रियाएँ एक कोशिका द्वारा ही पूरी होती हैं। जब यह किसी भोज्य पदार्थ के सम्पर्क में आता है तो उसकी प्लाज्मा झिल्ली उस भोज्य पदार्थ को चारों ओर से घेर लेती है और धीरे-धीरे अपने भीतर ले लेती है। इस क्रिया को एण्डोसाइटोसिस कहते हैं। इस प्रकार एक खाद्य रिक्तिका बन जाती है। इसका पाचन लाइसोसोम द्वारा होता है।

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 8.
परासरण क्या है?
उत्तर:
परासरण ऐसी क्रिया है जिसमें अर्द्धपारगम्यं झिल्ली (प्लाज्मा झिल्ली) द्वारा अलग किये गये भिन्न सान्द्रता वाले दो विलयनों में जल अथवा किसी दूसरे विलायक के अणुओं का विसरण कम सान्द्रता वाले विलयन से अधिक सान्द्रता वाले विलयन की ओर होता है।

प्रश्न 9.
निम्नलिखित परासरण प्रयोग करेंछिले हुए आधे-आधे आलू के चार टुकड़े लो, इन चारों को खोखला करो जिससे कि आलू के कप बन जाएँ। इनमें से एक कप को उबले आलू में बनाना है। आलू के प्रत्येक कप को जल वाले बर्तन में रखो। अब
(a) कप ‘A’ को खाली रखो,
(b) कप ‘B’ में एक चम्मच चीनी डालो
(c) कप ‘C’ में एक चम्मच नमक डालो, तथा
(d) उबले आलू से बनाए गए कप ‘D’ में एक चम्मच चीनी डालो।
आलू के इन चारों कपों को दो घण्टे तक रखने के पश्चात् उनका अवलोकन करो तथा निम्न प्रश्नों के उत्तर दो
(i) B’ तथा ‘C’ के खाली भाग में जल क्यों एकत्र हो गया ? इसका वर्णन करो।
(ii) ‘A’ आलू इस प्रयोग के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण है ?
(iii) ‘A’ तथा ‘D’ आलू के खाली भाग में जल एकत्र क्यों नहीं हुआ ? इसका वर्णन करो।
उत्तर:
(i) ‘B’ तथा ‘C’ के खाली भाग में जल एकत्र हो गया क्योंकि उनके खाली भाग में चीनी एवं नमक होने के कारण बाहरी वातावरण से उसकी सान्द्रता अधिक हो गई, जिससे जल परासरण द्वारा उनके भीतर गया।
(ii) ‘A’ आलू इस प्रयोग के लिए नियन्त्रित सेट-अप का कार्य कर रहा है।
(iii) ‘A’ आलू में पानी एकत्र नहीं हुआ क्योंकि वह भीतर से खाली था। उसने इस प्रयोग में एक नियन्त्रित सेट-अप की तरह कार्य किया।

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chaptजीवन की मौलिक इकाईer 5

‘D’ आलू के खाली भाग में भी जल नहीं एकत्र हुआ क्योंकि आलू को उबालने से उसकी प्लाज्मा झिल्ली नष्ट हो गयी जबकि परासरण के लिए अर्द्धपारगम्य झिल्ली का होना आवश्यक है, अतः यहाँ परासरण की क्रिया नहीं हुई।

प्रश्न 10.
कायिक वृद्धि एवं मरम्मत हेतु किस प्रकार के कोशिका विभाजन की आवश्यकता होती है तथा इसका औचित्य बताइए?
उत्तर:
कायिक वृद्धि एवं मरम्मत हेतु समसूत्री विभाजन की आवश्यकता होती है। इस विभाजन का औचित्य जीवों के आकार में वृद्धि, विभिन्न टूट-फूट की मरम्मत करना, घावों को भरना तथा केन्द्रक-कोशिकाद्रव्य अनुपात को सन्तुलित बनाए रखना है।

प्रश्न 11.
युग्मकों के बनने के लिए किस प्रकार का कोशिका विभाजन होता है ? इस विभाजन का महत्व बताइए।
उत्तर:
युग्मकों के बनने के लिए अर्धसूत्री कोशिका विभाजन होता है। इस कोशिका विभाजन द्वारा गुणसूत्रों की संख्या मातृ कोशिका की आधी हो जाती है जो नई पीढ़ी में युग्मक संलयन द्वारा पुनः मातृ कोशिका के समान हो जाती है। इस प्रकार ये पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर बनी रहती है। इस कोशिका विभाजन द्वारा नये संयोजन बनते हैं।

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना

BSEB Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना Textbook Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

Bihar Board Class 9 Science परमाणु की संरचना InText Questions and Answers

प्रश्न श्रृंखला # 01 (पृष्ठ संख्या 53)

प्रश्न 1.
केनाल किरणें क्या हैं ?
उत्तर:
केनाल किरणें धनावेशित विकिरण होती हैं। इनके द्वारा अंततः दूसरे अवपरमाणुक तत्वों की खोज हुई। धनावेशित कणों का आवेश इलेक्ट्रॉनों के आवेश के बराबर किन्तु विपरीत होता है। इनका द्रव्यमान इलेक्ट्रॉनों की अपेक्षा लगभग 2000 गुणा अधिक होता है। इनको प्रोटॉन कहते हैं। केनाल किरणों की खोज ई. गोल्डस्टीन ने 1886 में की।

प्रश्न 2.
यदि किसी परमाणु में एक इलेक्ट्रॉन और एक प्रोटॉन है, तो इसमें कोई आवेश होगा या नहीं ?
उत्तर:
नहीं, परमाणु पर कोई आवेश नहीं होगा क्योंकि प्रोटॉन व इलेक्ट्रॉन के आवेश संतुलित होंगे। इलेक्ट्रॉन व प्रोटॉन का आवेश एक-दूसरे के बराबर किन्तु विपरीत होता है।

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न शृंखला # 02 (पृष्ठ संख्या 56)

प्रश्न 1.
परमाणु उदासीन है, इस तथ्य को टॉमसन के मॉडल के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
टॉमसन के परमाणु मॉडल के आधार पर –
1. परमाणु धनावेशित गोले का बना होता है और इलेक्ट्रॉन उसमें फँसे होते हैं।
2. ऋणात्मक और धनात्मक आवेश परिमाण में समान होते हैं। इसलिए परमाणु वैद्युतीय रूप से उदासीन होते हैं।
अतः टॉमसन का मॉडल परमाणु के उदासीन होने की व्याख्या करता है।

प्रश्न 2.
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के अनुसार, परमाणु के नाभिक में कौन-सा अवपरमाणुक कण विद्यमान है ?
उत्तर:
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के अनुसार परमाणु के नाभिक में धनावेशित कण विद्यमान है।

प्रश्न 3.
तीन कक्षाओं वाले बोर के परमाणु मॉडल का चित्र बनाइए।
उत्तर:
Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 4.
क्या अल्फा कणों का प्रकीर्णन प्रयोग सोने के अतिरिक्त दूसरी धातु की पन्नी से सम्भव होगा?
उत्तर:
यदि अल्फा कणों का प्रकीर्णन प्रयोग सोने के अतिरिक्त किसी दूसरी धातु की पन्नी से किया जायेगा तो प्रयोग सफल नहीं होगा व सटीक निष्कर्ष नहीं निकलेगा। अन्य धातु की परत इतनी पतली नहीं होती। मोटी परत वाली पन्नी लेने पर अधिक अल्फा कण विक्षेपित होंगे व परमाणु में धनावेशित भाग की स्थिति का निश्चित रूप से अनुमान लगाना कठिन होगा।

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न श्रृंखला # 03 (पृष्ठ संख्या 56)

प्रश्न 1.
परमाणु के तीन अवपरमाणुक कणों के नाम लिखें।
उत्तर:
परमाणु के तीन अवपरमाणुक कण हैं-इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन।

प्रश्न 2.
हीलियम परमाणु का परमाणु द्रव्यमान 4u है और इसके नाभिक में दो प्रोटॉन होते हैं। इसमें कितने न्यूट्रॉन होंगे?
उत्तर:
परमाणु का द्रव्यमान नाभिक में उपस्थित प्रोटॉन और न्यूट्रॉन के द्रव्यमान के योग के बराबर होता है।
हीलियम परमाणु का परमाणु द्रव्यमान = 4u
हीलियम के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉन = 2
अतः इसमें उपस्थित न्यूट्रॉन का द्रव्यमान = 40 = 2u
इसमें उपस्थित न्यूट्रॉन = 2

प्रश्न श्रृंखला # 04 (पृष्ठ संख्या 57)

प्रश्न 1.
कार्बन और सोडियम के परमाणुओं के लिए इलेक्ट्रॉन-वितरण लिखिए।
उत्तर:
कार्बन परमाणु में कुल इलेक्ट्रॉनों की संख्या 6 है।
कार्बन परमाणु में इलेक्ट्रॉन वितरण
प्रश्न K कोश = 2 इलेक्ट्रॉन
दूसरा L कोश = 4 इलेक्ट्रॉन
या कार्बन परमाणु में इलेक्ट्रॉन वितरण 2, 4 है।
सोडियम परमाणु में कुल इलेक्ट्रॉन 11 हैं।

सोडियम परमाणु में इलेक्ट्रॉन वितरण –
प्रथम K कोश = 2 इलेक्ट्रॉन
दूसरा L कोश = 8 इलेक्ट्रॉन
तीसरा M कोश = 1 इलेक्ट्रॉन
अतः सोडियम में इलेक्ट्रॉन वितरण 2, 8, 1 है।

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 2.
अगर किसी परमाणु का K और L कोश भरा है, तो परमाणु में इलेक्टॉनों की संख्या क्या होगी?
उत्तर:
K कक्ष के लिए अधिकतम इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 2 x 12 = 2
L कक्ष के लिए यह संख्या = 2 x 22 = 8
अतः परमाणु में 10 इलेक्ट्रॉन होंगे।

प्रश्न श्रृंखला # 05. (पृष्ठ संख्या 58)

प्रश्न 1.
क्लोरीन, सल्फर और मैग्नीशियम की परमाणु संख्या से आप इनकी संयोजकता कैसे प्राप्त करेंगे ?
उत्तर:
यदि किसी परमाणु के बाह्यतम कक्ष में इलेक्ट्रॉनों की संख्या 4 या उससे कम है, तो उस तत्व की संयोजकता बाह्यतम कक्ष में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या के बराबर होगी। यदि परमाणु के बाह्यतम कक्ष.में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या 4 से अधिक है तो उसकी संयोजकता, बाह्यतम कक्ष में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या को 8 में से घटाकर प्राप्त किया जाता है।

क्लोरीन की परमाणु संख्या = 17
क्लोरीन में इलेक्ट्रॉनों की का वितरण = 2, 8, 7
अतः क्लोरीन की संयोजकता = 8-7 = 1
सल्फर की परमाणु संख्या = 16 सल्फर में इलेक्ट्रॉनों का वितरण = 2, 8, 6
अतः सल्फर की संयोजकता = 8-6 = 2
मैग्नीशियम की परमाणु संख्या = 12 मैग्नीशियम में इलेक्ट्रॉनों का वितरण = 2, 8, 2
अतः मैग्नीशियम की संयोजकता = 2

प्रश्न श्रृंखला # 06 (पृष्ठ संख्या 59)

प्रश्न 1.
यदि किसी परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या 8 है और प्रोटॉनों की संख्या भी 8 है तब,
(a) परमाणु की परमाणुक संख्या क्या है ?
(b) परमाणु का क्या आवेश है ?
उत्तर:
(a) परमाणु की परमाणुक संख्या उसमें उपस्थित – प्रोटॉनों की संख्या के बराबर होती है। अत: परमाणु की परमाणुक संख्या 8 है।
(b) चूँकि इलेक्ट्रॉनों व प्रोटॉनों की संख्या बराबर अतः परमाणु का आवेश शून्य होगा या परमाणु अनावेशित होगा।

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 2.
पाठ्य-पुस्तक की सारणी 4.1 की सहायता से | ऑक्सीजन और सल्फर-परमाणु की द्रव्यमान संख्या ज्ञात – कीजिए।
हल:
ऑक्सीजन की द्रव्यमान संख्या
= प्रोटॉनों की संख्या + न्यूट्रॉनों की संख्या
= 8 + 18
उत्तर:
= 16

सल्फर की द्रव्यमान संख्या
= प्रोटॉनों की संख्या + न्यूट्रॉनों की संख्या
= 16 + 16
उत्तर:
= 32

प्रश्न श्रृंखला 07 (पृष्ठ संख्या 60)
प्रश्न 1.
चिह्न H, D और T के लिए प्रत्येक में पाए जाने वाले तीन अवपरमाणुक कणों को सारणीबद्ध कीजिए।
उत्तर:
Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 2.
समस्थानिक और समभारिक के किसी एक युग्म का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।
उत्तर:
1C614C6 समस्थानिक हैं। इनका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास समान है – 2, 4.
22Ne1022N11 समभारिक हैं। इनकी द्रव्यमान संख्या समान व परमाणु संख्या भिन्न है – (10 व 11)। इनके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास हैं –
22N10 – 2, 8
22N11 – 2, 8, 1

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना

क्रियाकलाप 4.1 (पृष्ठ संख्या 52)

प्रश्न A.
सूखे बालों पर कंघी कीजिए। क्या कंघी कागज के छोटे-छोटे टुकड़ों को आकर्षित करती है ?
उत्तर:
सूखे बालों पर कंघी करने पर कंघी पर ऋणावेश उत्पन्न हो जाता है क्योंकि बालों से इलेक्ट्रॉन कंघी में स्थानान्तरित हो जाते हैं। जब कंघी को कागज के छोटे-छोटे टुकड़ों के पास लाया जाता है तो कागज (जो पहले अनावेशित था) पर कंघी के पास वाले सिरे पर धनात्मक आवेश उत्पन्न हो जाता है। कागज के दूसरे सिरे पर ऋणात्मक आवेश उत्पन्न होता है। चूँकि विपरीत आवेश एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं अतः कागज के टुकड़े कंघी की ओर आकर्षित हो जाते हैं।

प्रश्न B.
काँच की एक छड़ को सिल्क के कपड़े पर रगड़िए और इस छड़ को हवा से भरे गुब्बारे के पास लाइए। क्या होता है, ध्यान से देखिए।
उत्तर:
काँच की छड़ को सिल्क से रगड़ने पर इसमें धनात्मक आवेश उत्पन्न हो जाता है व सिल्क के कपड़े पर ऋणात्मक आवेश उत्पन्न होता है। जब काँच की छड़ को हवा से भरे गुब्बारे के पास लाया जाता है तो यह गुब्बारे को आकर्षित करती है क्योंकि गुब्बारा ऋणावेशित हो जाता है।

Bihar Board Class 9 Science परमाणु की संरचना Text book Questions and Answers

प्रश्न 1.
इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन के गुणों की तुलना कीजिए।
उत्तर:
Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना
में स्थित होते हैं। होते हैं। होते हैं।

प्रश्न 2.
जे. जे. टॉमसन के परमाणु मॉडल की क्या सीमाएँ हैं ?
उत्तर:
जे. जे. टॉमसन का परमाणु मॉडल दूसरे वैज्ञानिकों द्वारा किये गये प्रयोगों के परिणामों को नहीं समझा सका। इसको किसी प्रयोग द्वारा स्थापित नहीं किया गया।

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 3.
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल की क्या सीमाएँ
उत्तर:
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल से परमाणु की स्थिरता की व्याख्या नहीं की जा सकती।

प्रश्न 4.
बोर के परमाणु मॉडल की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
नील्स बोर ने परमाणु की संरचना के बारे में निम्नलिखित अवधारणाएँ प्रस्तुत की

  1. परमाणु का केन्द्र धनावेशित होता है जिसे नाभिक कहा जाता है। एक परमाणु का लगभग सम्पूर्ण द्रव्यमान नाभिक में होता है।
  2. नाभिक का आकार परमाणु के आकार की तुलना में काफी कम होता है।
  3. नाभिक के चारों ओर इलेक्ट्रॉन कुछ निश्चित कक्षाओं में ही चक्कर लगा सकते हैं, जिन्हें इलेक्ट्रॉन की विविक्त कक्षा कहते हैं।
  4. जब इलेक्ट्रॉन इस विविक्त कक्षा में चक्कर लगाते हैं, तो उनकी ऊर्जा का. विकिरण नहीं होता है। इन कक्षाओं (या कोशों) को ऊर्जा स्तर कहते हैं।
  5. ये कक्षाएँ (या कोश) K, L, M, N……..या संख्याओं, 1, 2, 3, 4…. के द्वारा दिखाई जाती है, जैसाकि चित्र 4.2 में दिखाया गया है।

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 5.
इस अध्याय में दिए गए सभी परमाणु मॉडलों की तुलना कीजिए।
उत्तर:
Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 6.
पहले अठारह तत्वों के विभिन्न कक्षों में इलेक्ट्रॉन वितरण के नियम को लिखिए।
उत्तर:
पहले अठारह तत्वों के विभिन्न कक्षों में इलेक्ट्रॉन वितरण के लिए बोर और बरी ने निम्न नियम प्रस्तुत किए –
1. किसी कक्षा में उपस्थित अधिकतम इलेक्ट्रॉनों की संख्या को सूत्र 2n2 से दर्शाया जाता है, जहाँ ‘n’ कक्षा की संख्या या ऊर्जा स्तर है।
इसलिए इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या पहले कक्ष या K कोश में होगी = 2 x 12 = 2,
दूसरे कक्ष या L कोश में होगी = 2 x 22 = 8
तीसरे कक्ष या M कोश में होगी = 2 x 32 = 18
चौथे कक्ष या N कोश में होगी = 2 x 42 = 32

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना

2. सबसे बाहरी कोश में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या 8 हो सकती है।
3. किसी परमाणु के दिए कोश में इलेक्ट्रॉन तब तक स्थान नहीं लेते हैं जब तक कि उससे पहले वाले भीतरी कक्ष पूर्ण रूप से भर नहीं जाते। इससे स्पष्ट होता है कि कक्षाएँ क्रमानुसार भरती हैं।

प्रश्न 7.
सिलिकॉन और ऑक्सीजन का उदाहरण लेते हुए संयोजकता की परिभाषा दीजिए।
उत्तर:
परमाणु के बाह्यतम कक्ष में इलेक्ट्रॉनों के अष्टक बनाने के लिए जितनी संख्या में इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी या स्थानांतरण होता है, वही उस तत्व की संयोजकता-शक्ति अर्थात् संयोजकता होती है। संयोजकता परमाणु की संयोजन शक्ति है। सिलिकॉन (Si) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 4 है। अतः सिलिकॉन की संयोजकता 4 होगी क्योंकि उसे अष्टक पूर्ण करने के लिए 4 इलेक्ट्रॉन साझा करने पड़ेंगे। ऑक्सीजन (O) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 6 है। अतः ऑक्सीजन की संयोजकता 2 होगी क्योंकि उसे अपना अष्टक बनाने के लिए 2 इलेक्ट्रॉन लेने पड़ेंगे।

प्रश्न 8.
उदाहरण के साथ व्याख्या कीजिए-परमाणु संख्या, द्रव्यमान संख्या, समस्थानिक और समभारिक। समस्थानिकों के कोई दो उपयोग लिखिए।
उत्तर:
परमाणु संख्या-एक परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की कुल संख्या को परमाणु कहते हैं। इसे Z के द्वारा दर्शाया जाता है। किसी तत्व के सभी अणुओं की परमाणु संख्या (Z) समान होती है। हाइड्रोजन के लिए Z = 1, क्योंकि हाइड्रोजन परमाणु के नाभिक में केवल एक प्रोटॉन होता है।

द्रव्यमान संख्या – एक परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की कुल संख्या के योग को द्रव्यमान संख्या कहा जाता है। उदाहरण के लिए कार्बन का द्रव्यमान 12 u है क्योंकि इसमें 6 प्रोटॉन और 6 न्यूट्रॉन होते हैं, 6u+6u= 12। इसी प्रकार, ऐलुमिनियम का द्रव्यमान 27 u है (13 प्रोटॉन + 14 न्यूट्रॉन)।

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना

समस्थानिक – समस्थानिक एक ही तत्व के परमाण होते हैं | जिनकी परमाणु संख्या समान लेकिन द्रव्यमान संख्या भिन्न होती है। उदाहरण के लिए, हाइड्रोजन परमाणु की तीन परमाण्विक स्पीशीज होती हैं-प्रोटियम |H, ड्यूटीरियम (TH या D), ट्राइटियम (H या T)। प्रत्येक की परमाणु संख्या समान है लेकिन द्रव्यमान संख्या क्रमशः 1, 2 और 3 है।

समभारिक – समभारिक वे परमाणु हैं जिनकी द्रव्यमान संख्या समान लेकिन परमाणु संख्या भिन्न-भिन्न होती है। दो तत्वों-कैल्शियम, परमाणु संख्या 20 और आर्गन परमाणु संख्या 18 में परमाणु संख्या भिन्न है लेकिन उनकी द्रव्यमान संख्या 40 यानि कि समान है।

समस्थानिकों के अनुप्रयोग –
1. यूरेनियम के एक समस्थानिक का उपयोग परमाणु भट्टी (atomic reactor) में ईंधन के रूप में होता है।
2. कैंसर के उपचार में कोबाल्ट के समस्थानिक का उपयोग होता है।

प्रश्न 9.
Na के पूरी तरह भरे हुए K व L कोश होते. हैं-व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
सोडियम Na की परमाणु संख्या 11 है। अत: Na में 11 इलेक्ट्रॉन हैं व उसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 1 है। किन्तु Nat में 10 इलेक्ट्रॉन होते हैं। 10 में से K कक्ष में 2 व L कक्ष में 8 इलेक्ट्रॉन होंगे। अत: Na’ के पूरी तरह भरे हुए K व L कोश होते हैं।

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 10.
अगर ब्रोमीन परमाणु दो समस्थानिकों [7935Br(49.7%) तथा  8135Br(50.3%)] के रूप में है, तो ब्रोमीन परमाणु के औसत परमाणु द्रव्यमान की गणना कीजिए।
हल:
दिया गया है कि ब्रोमीन के दो समस्थानिक [7935Br(49.7%) तथा  8135Br(50.3%)] हैं। अतः ब्रोमीन का औसत परमाणु द्रव्यमान होगा –
\(\frac {79 x 49.7 }{ 100}\) + \(\frac {81 x 50.3}{100}\)
\(\frac { 3926.3}{100}\) – \(\frac {4074.3}{100}\) = \(\frac {8000.6}{100}\) = 80.006 u

प्रश्न 11.
एक तत्व X का परमाणु द्रव्यमान 16.2 u है तो इसके किसी एक नमूने में समस्थानिक 168 x और 188x का प्रतिशत क्या होगा?
हल:
दिया गया है कि तत्व X का परमाणु द्रव्यमान 16.2 u है। माना समस्थानिक 188x का प्रतिशत y है। अतः समस्थानिक 168x का प्रतिशत (100 – y) होगा।
अतः [18 x \(\frac {y}{100}\) + 16 x (\(\frac {100 – y}{100}\))]= 16.2
\(\frac {18y}{100}\) + \(\frac {16(100-y)}{100}\) = 16.2
\(\frac {18y+1600-16y}{100}\) = 16.2
18y + 1600 – 16y = 1620
2y + 1600 = 1620
2y = 20
y = 10

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना

अतः समस्थानिक 188x का प्रतिशत 10% है। तो समस्थानिक 168X का प्रतिशत = (100 – 10) = 90%

प्रश्न 12.
यदि तत्व का Z = 3 हो तो तत्व की संयोजकता क्या होगी? तत्व का नाम भी लिखिए।
उत्तर:
Z = 3 का तात्पर्य है कि तत्व की परमाणु संख्या 3 है, तो उसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 1 होगा। अतः तत्व की संयोजकता 1 है (क्योंकि उसके बाहरी कक्ष में 1 इलेक्ट्रॉन है।) अत: Z = 3 वाला तत्व लीथियम है।

प्रश्न 13.
दो परमाणु स्पीशीज के केन्द्रकों का संघटन नीचे दिया गया है –
X   Y
प्रोटॉन 6 6
न्यूट्रॉन 6 8
X और Y की द्रव्यमान संख्या ज्ञात कीजिए। इन दोनों स्पीशीज में क्या संबंध है ?
उत्तर:
X की द्रव्यमान संख्या = प्रोटॉन की संख्या + न्यूट्रॉन की संख्या = 6 + 6 = 12
Y की द्रव्यमान संख्या = प्रोटॉन की संख्या + न्यूट्रॉन की संख्या = 6 + 8 = 14
इन दोनों परमाणु स्पीशीज में परमाणु संख्या समान है। परन्तु द्रव्यमान संख्या भिन्न है। अतः ये समस्थानिक हैं।

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 14.
निम्नलिखित वक्तव्यों में गलत के लिए Fऔर सही के लिए T लिखें –
(a) जे. जे. टॉमसन ने यह प्रस्तावित किया था कि परमाणु के केन्द्रक में केवल न्यूक्लीयॉन्स होते हैं।
(b) एक इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन मिलकर न्यूट्रॉन का निर्माण करते हैं। इसलिए यह अनावेशित होता है।
(c) इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान प्रोटॉन से लगभग 1/2000 गुना होता है।
(d) आयोडीन के समस्थानिक का इस्तेमाल टिंक्चर आयोडीन बनाने में होता है। इसका उपयोग दवा के रूप में होता है।
उत्तर:
(a) False
(b) False
(c) True
(d) False

प्रश्न संख्या 15, 16, 17 और 18 में सही उत्तर छाँटकर लिखिए-
प्रश्न 15.
रदरफोर्ड का अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग किसकी खोज के लिए उत्तरदायी था?
(a) परमाणु केन्द्रक
(b) इलेक्ट्रॉन
(c) प्रोटॉन,
(d) न्यूट्रॉन।
उत्तर:
(a) परमाणु केन्द्रक।

प्रश्न 16.
एक तत्व के समस्थानिक में होते हैं –
(a) समान भौतिक गुण
(b) भिन्न रासायनिक गुण
(c) न्यूट्रॉनों की अलग-अलग संख्या
(d) भिन्न परमाणु संख्या।
उत्तर:
(c) न्यूट्रॉनों की अलग-अलग संख्या।

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना

प्रश्न 17.
CF आयन में संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या
(a) 16
(b) 8
(c) 17
(d) 18.
उत्तर:
(b) 8.

प्रश्न 18.
सोडियम का सही इलेक्ट्रॉनिक विन्यास निम्न में कौन-सा है ?
(a) 2,8
(b) 8, 2, 1
(c) 2, 1,8
(d) 2,8, 1.
उत्तर:
(d) 2, 8, 1.

प्रश्न 19.
निम्नलिखित सारणी को पूरा कीजिएपरमाणु द्रव्य –
Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना
उत्तर:
Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 4 परमाणु की संरचना

Bihar Board Class 6 Hindi Solutions Chapter 20 पहेलियाँ

Bihar Board Class 6 Hindi Book Solutions Kislay Bhag 1 Chapter 20 पहेलियाँ Text Book Questions and Answers and Summary.

BSEB Bihar Board Class 6 Hindi Solutions Chapter 20 पहेलियाँ

Bihar Board Class 6 Hindi पहेलियाँ Text Book Questions and Answers

प्रश्न-अभ्यास

प्रश्न 1.
पहेलियों का संकलन कर अपनी कक्षा में सुनाइए।
उत्तर:
छात्र स्वयं करें।

1. आग लगे मेरे ही बल से,
हर इन्सान के आती काम।
दिन में पौधे मुझे बनाते,
अब बतलाओ मेरा नाम ।।
उत्तर:
ऑक्सीजन

Bihar Board Class 6 Hindi Solutions Chapter 20 पहेलियाँ

2. एक फूल काले रंग का, सबके सिर सहाय।
तेज धूप में खिला रहे, छाया देख मुरझाये ।।
उत्तर:
छाता

3. एक सौंग की ऐसी गाय,
जितना दो उतना ही खाय ।
खाते-खाते गाना गाय,
पेट नहीं उसका भर पाय ।।
उत्तर:
चकरी (जाँता)

4. एक पहेली मैं कहूँ,
तू सुन ले मेरे पूत।
बिन परों वह उड़ गई,
बाँध गले में सूत ।।
उत्तर:
पतंग

5. नदी हूँ पर पानी नहीं,
सड़क हूँ पर गाड़ी नहीं।
भूमि हूँ पर फसल नहीं,
बस्ती (गाँव) हूँ पर घर नहीं ।।
उत्तर:
मानचित्र (नक्शा)

6. ऐसा लिखिए शब्द बनाय ।
फूल, फल, मिठाई बन जाय ।।
उत्तर:
गुलाब जामुन

7. ऊँट की बैठक,
हिरण की चाल ।
वह कौन-सा जानवर,
जिसके दुम न बाल ॥
उत्तर:
मेढ़क ।

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

BSEB Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 3 परमाणु एवं अणु Textbook Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

Bihar Board Class 9 Science परमाणु एवं अणु  InText Questions and Answers

प्रश्न श्रृंखला # 01 (पृष्ठ संख्या 36) 

प्रश्न 1.
एक अभिक्रिया में 5.3 g सोडियम कार्बोनेट एवं 6-0 g एथेनॉइक अम्ल अभिकृत होते हैं। 2-2 g कार्बन डाइऑक्साइड, 8.2 g सोडियम एथेनॉएट एवं 0.9 g जल उत्पाद के रूप में प्राप्त होते हैं। इस अभिक्रिया द्वारा दिखाइए कि यह परीक्षण द्रव्यमान संरक्षण नियम के अनुरूप है।
सोडियम कार्बोनेट + एथेनॉइक अम्ल -> सोडियम एथेनॉएट + कार्बन डाइऑक्साइड + जल
हल:
दी गई अभिक्रिया में, सोडियम कार्बोनेट एथेनॉइक अम्ल से अभिक्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड, सोडियम एथेनॉएट व जल उत्पादित करता है। सोडियम कार्बोनेट + एथेनॉइक अम्ल -→ सोडियम एथेनॉएट + कार्बन डाइऑक्साइड + जल
सोडियम कार्बोनेट का द्रव्यमान = 5.3 g
एथेनॉइक अम्ल का द्रव्यमान = 6 g
सोडियम एथेनॉएट का द्रव्यमान = 8.2 g
कार्बन डाइऑक्साइड का द्रव्यमान = 2:2g
जल का द्रव्यमान = 0.9g
अभिक्रिया से पहले का द्रव्यमान = 5.3 + 6 = 11:3g
अभिक्रिया के पश्चात् द्रव्यमान = 8.2 + 2-2 + 0.9 = 11:3g
अतः अभिक्रिया से पहले कुल द्रव्यमान = अभिक्रिया के पश्चात् कुल द्रव्यमान
अत: यह परीक्षण द्रव्यमान संरक्षण नियम के अनुरूप है।

प्रश्न 2.
हाइड्रोजन एवं ऑक्सीजन द्रव्यमान के अनुसार 1:8 के अनुपात में संयोग करके जल निर्मित करते हैं। 3g हाइड्रोजन गैस के साथ पूर्णरूप से संयोग करने के लिए कितने ऑक्सीजन गैस के द्रव्यमान की आवश्यकता होगी?
हल:
दिया गया है कि हाइड्रोजन एवं ऑक्सीजन द्रव्यमान के अनुसार 1 : 8 के अनुपात में संयोग करके जल निर्मित करते हैं।
ऑक्सीजन गैस का द्रव्यमान जो 1g हाइड्रोजन से अभिक्रिया करता है = 8 g
अतः ऑक्सीजन गैस का द्रव्यमान जिसकी 3g हाइड्रोजन गैस के साथ पूर्णरूप संयोग करने के लिए आवश्यकता होगी = 8 x 3g
उत्तर:
= 24g

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न 3.
डाल्टन के परमाणु सिद्धान्त का कौन-सा अभिग्रहीत द्रव्यमान के संरक्षण के नियम का परिणाम है ?
उत्तर:
डाल्टन के परमाणु सिद्धान्त का अभिग्रहीत “परमाणु अविभाज्य सूक्ष्म कण होते हैं जो रासायनिक अभिक्रिया में न तो सृजित होते हैं न ही उनका विनाश होता है।” द्रव्यमान के संरक्षण के नियम का परिणाम है।

प्रश्न 4.
डाल्टन के परमाणु सिद्धान्त का कौन-सा अभिग्रहीत निश्चित अनुपात के नियम की व्याख्या करता है ?
उत्तर:
डाल्टन के परमाणु सिद्धान्त का अभिग्रहीत “किसी भी यौगिक में परमाणुओं की सापेक्ष संख्या एवं प्रकार निश्चित होते हैं।” निश्चित अनुपात के नियम की व्याख्या करता है।

प्रश्न श्रृंखला # 02 (पृष्ठ संख्या 40)

प्रश्न 1.
परमाणु द्रव्यमान इकाई को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
कार्बन-12 समस्थानिक के एक परमाणु द्रव्यमान के 1/12 वें भाग को मानक परमाणु द्रव्यमान इकाई के रूप में लेते हैं। इसको IUPAC के नवीनतम अनुमोदन द्वारा u-यूनीफाइड द्रव्यमान द्वारा प्रदर्शित करते हैं।

प्रश्न 2.
एक परमाणु को आँखों द्वारा देखना क्यों सम्भव नहीं होता?
उत्तर:
परमाणु का आकार बहुत छोटा होता है। इसका आकार इतना सूक्ष्म है कि हम इसे नगण्य मान सकते हैं। अतः इसको आँखों द्वारा देखना सम्भव नहीं है। अधिकांश तत्वों के परमाणु स्वतन्त्र रूप से अस्तित्व में भी नहीं रहते।

प्रश्न शृंखला # 03 (पृष्ठ संख्या 44)

प्रश्न 1.
निम्न के सूत्र लिखिए –

  1. सोडियम ऑक्साइड
  2. एलुमिनियम क्लोराइड
  3. सोडियम सल्फाइड
  4. मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड।

उत्तर:

  1. सोडियम ऑक्साइड – Na2O
  2. ऐलुमिनियम क्लोराइड – AICl3
  3. सोडियम सल्फाइड – Na2S
  4. मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड – Mg(OH)2

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न 2.
निम्नलिखित सूत्रों द्वारा प्रदर्शित यौगिकों के नाम लिखिए –

  1. Al2(SO4)3
  2. CaCl2
  3. K2SO4
  4. KNO3
  5. CaCO3.

उत्तर:

  1. Al2(SO4)3 – ऐलुमिनियम सल्फेट
  2. CaCl2 – कैल्सियम क्लोराइड
  3. K2SO2 – पोटैशियम सल्फेट
  4. KNO3 – पोटैशियम नाइट्रेट
  5. CaCO3 – कैल्सियम कार्बोनेट।

प्रश्न 3.
रासायनिक सूत्र का क्या तात्पर्य है ?
उत्तर:
किसी यौगिक का रासायनिक सूत्र उसके संघटक का प्रतीकात्मक निरूपण होता है।

प्रश्न 4.
निम्न में कितने परमाणु विद्यमान हैं ?
1. H2S अणु एवं
2. PO-34 – आयन।
उत्तर:
1. एक H2S अणु में तीन परमाणु विद्यमान हैं; दो हाइड्रोजन (H2) के व एक सल्फर (S) का।
2. PO3-2 आयन में पाँच परमाणु विद्यमान हैं। एक फॉस्फोरस का व चार ऑक्सीजन के।

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न श्रृंखला # 04 (पृष्ठ संख्या 46)

प्रश्न 1.
निम्न यौगिकों के आण्विक द्रव्यमान का परिकलन कीजिए –
H2, O2, Cl2, CO2, CH2, CH, CH4, NH3 एवं CH3OH.
हल:
H2 का आण्विक द्रव्यमान = 2 x H का परमाणु द्रव्यमान
= 2 x 1
उत्तर: = 2u

O2 का आण्विक द्रव्यमान = 2 x 0 का परमाणु द्रव्यमान
= 2 x 16
उत्तर:
= 32 u

Cl2 का आण्विक द्रव्यमान = 2 x Cl का परमाणु द्रव्यमान
2 x 35.5
उत्तर:
= 71u

CO2 का आण्विक द्रव्यमान = C का परमाणु द्रव्यमान
+ 2 x 0 का परमाणु द्रव्यमान, = 12 + 2 x 16
उत्तर:
= 44u

CH4 का आण्विक द्रव्यमान = C का परमाणु द्रव्यमान
+ 4 x H का परमाणु द्रव्यमान
= 12 + 4 x 1 =
उत्तर:
= 16u

C2H6 का आण्विक द्रव्यमान = 2 x C का परमाणु द्रव्यमान
+ 6 x H का परमाणु द्रव्यमान
= 2 x 12 + 6 x 1
उत्तर:
= 30 u

C2H4 का आण्विक द्रव्यमान= 2 x C का परमाणु द्रव्यमान
+4 x H का परमाणु द्रव्यमान
= 2 x 12 + 4 x 1
उत्तर:
= 28u

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

NH3 का आण्विक द्रव्यमान = N का परमाणु द्रव्यमान
+3 x H का परमाणु द्रव्यमान
= 14 + 3 x 1
उत्तर:
= 17u

CH3OH का आण्विक द्रव्यमान = C का परमाणु द्रव्यमान
+3 x H का परमाणु द्रव्यमान + 0 का परमाणु द्रव्यमान + H का परमाणु द्रव्यमान
= 12 + 3 x 1+ 8 + 1
उत्तर:
= 24u

प्रश्न 2.
निम्न यौगिकों के सूत्र इकाई द्रव्यमान का परिकलन कीजिए –
ZnO, Na2O एवं KCO3
दिया गया है –
Zn का परमाणु द्रव्यमान = 65 u
Na का परमाणु द्रव्यमान = 23 u
K का परमाणु द्रव्यमान = 39 u
C का परमाणु द्रव्यमान = 12 u
O का परमाणु द्रव्यमान = 16u है।
हल:
ZnO का सूत्र इकाई द्रव्यमान = Zn का परमाणु द्रव्यमान
+ O का परमाणु द्रव्यमान
= 65 + 16
उत्तर:
= 81 u

Na20 का सूत्र इकाई द्रव्यमान = 2 x Na का परमाणु
द्रव्यमान + 0 का परमाणु द्रव्यमान
= 2 x 23 + 16
उत्तर:
= 62 u

K2CO3 का सूत्र इकाई द्रव्यमान = 2 x K का परमाणु द्रव्यमान + C का परमाणु द्रव्यमान + 3 x O का परमाणु द्रव्यमान
= 2 x 39 + 12 + 3 x 16
= 78 + 12 + 48
उत्तर:
= 138 u

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न श्रृंखला # 05 (पृष्ठ संख्या 48)

प्रश्न 1.
यदि कार्बन परमाणु के एक मोल का द्रव्यमान 12g है तो कार्बन के एक परमाणु का द्रव्यमान क्या होगा?
हल:
कार्बन परमाणु के एक मोल का द्रव्यमान = 12 g तो, 6.022 x 1023 कार्बन परमाणुओं का द्रव्यमान = 12 g
अतः कार्बन के एक परमाणु का द्रव्यमान = 12 + (6.022 x 1223)
उत्तर: = 1.9926 x 10-23 g

प्रश्न 2.
किसमें अधिक परमाणु होंगे: 100g सोडियम अथवा 100 g लोहा (Fe)? (Na का परमाणु द्रव्यमान = 23u, Fe का परमाणु द्रव्यमान = 56u)
हल:
Na का परमाणु द्रव्यमान = 23 (दिया है)
तो, Na का ग्राम परमाणु द्रव्यमान = 23 g
23 g Na = 6.022 x 1023 परमाणु
अतः 100 g Na में हैं = 6.022 x 1023
= 23 x 100 परमाणु
= 2.6182 x 1024 परमाणु

Fe का परमाणु द्रव्यमान = 56 u (दिया है)
तो Fe का ग्राम परमाणु द्रव्यमान = 56g
अब, 56 g Fe में हैं = 6.022 x 1023 परमाणु
अतः 100 g Fe में है = 6.022 x 1023 परमाणु
= 1.0753 x 1023परमाणु
उत्तर:
अतः 100 g Na में 100 g re से अधिक परमाणु होंगे।

क्रियाकलाप 3.1 (पृष्ठ संख्या 34)

प्रश्न 1.
शंक्वाकार फ्लास्क में क्या अभिक्रिया हुई ?
उत्तर:
बेरियम क्लोराइड के विलयन व सोडियम सल्फेट के विलयन की अभिक्रिया में सफेद बेरियम सल्फेट का अवक्षेप (precipitate) व सोडियम क्लोराइड का जलीय विलयन प्राप्त होते हैं। __

प्रश्न 2.
क्या आप सोचते हैं कि कोई रासायनिक अभिक्रिया हुई ?
उत्तर:
बेरियम क्लोराइड (X) व सोडियम सल्फेट (Y) के विलयन के परस्पर मिश्रित होने पर निम्न अभिक्रिया होगी BaCl2 (aq.) + Na2SO4(aq.)→ BaSO4(s) + 2NaCl(aq.)

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न 3.
फ्लास्क के मुख पर कॉर्क क्यों लगाते हैं ? .
उत्तर:
फ्लास्क के मुख पर कॉर्क इसलिए लगाते हैं ताकि फ्लास्क को घुमाने पर विलयन बाहर न छलके।

प्रश्न 4.
क्या फ्लास्क के द्रव्यमान व अंतर्वस्तुओं में कोई परिवर्तन हुआ?
उत्तर:
फ्लास्क के द्रव्यमान में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। अभिक्रिया से पहले का द्रव्यमान व बाद के द्रव्यमान समान रहते हैं, द्रव्यमान संरक्षण नियम के अनुसार। अभिक्रिया के पश्चात् बेरियम सल्फेट व सोडियम क्लोराइड प्राप्त होते हैं।

क्रियाकलाप 3.2 (पृष्ठ संख्या 41)

प्रश्न 1.
सारणी में दिये गए यौगिकों (जल, अमोनिया, कार्बन डाइऑक्साइड) के अणुओं में प्रयुक्त तत्वों के परमाणुओं की संख्या के अनुपातों को ज्ञात कीजिए।
हल :
Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 3 परमाणु एवं अणु
इस प्रकार जल अणु, अमोनिया अणु व कार्बन डाइऑक्साइड अणु में प्रयुक्त परमाणुओं की संख्या का अनुपात क्रमशः
H: 0 = 2 : 1, N : H = 1 : 3 व C:0 = 1 : 2 है।

Bihar Board Class 9 Science परमाणु एवं अणु Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
0.24g ऑक्सीजन एवं बोरॉन युक्त यौगिक के नमूने में विश्लेषण द्वारा यह पाया गया कि उसमें 0.096g बोरॉन एवं 0 – 144g ऑक्सीजन है। उस यौगिक के प्रतिशत संघटक का भारात्मक रूप में परिकलन कीजिए।
हल:
यौगिक का कुल द्रव्यमान = 0.24 g (दिया है)
बोरॉन का द्रव्यमान = 0.096 g (दिया है)
ऑक्सीजन का द्रव्यमान = 0.144 g (दिया है)
अतः यौगिक में बोरॉन का भारात्मक प्रतिशत = \(\frac {0.096}{ 0.24 }\) x 100%
उत्तर:
= 40%
यौगिक में ऑक्सीजन का भारात्मक प्रतिशत
\(\frac {0.144}{ 0.24 }\) x 100%
उत्तर:
= 60%

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न 2.
3.0 g कार्बन 8.00 g ऑक्सीजन में जलकर 11.00g कार्बन डाइऑक्साइड निर्मित करता है। जब 3:00 g कार्बन को 50.00 g ऑक्सीजन में जलायेंगे तो कितने ग्राम कार्बन डाइऑक्साइड का निर्माण होगा? आपका उत्तर रासायनिक संयोजन के किस नियम पर आधारित होगा?
हल:
3.0g कार्बन 8:00 g ऑक्सीजन से मिलकर 11 g कार्बन डाइऑक्साइड निर्मित करता है। अगर 3 g कार्बन को 50 g ऑक्सीजन में जलायेंगे, तो 3 g कार्बन, 8 g ऑक्सीजन से क्रिया करेगा। शेष 42 g ऑक्सीजन अभिक्रिया नहीं करेगा या अनअभिकृत रहेगा। यहाँ भी, 11 g कार्बन डाइऑक्साइड का ही निर्माण होगा। यह उत्तर निश्चित अनुपात के नियम पर आधारित है।

प्रश्न 3.
बहुपरमाणुक आयन क्या होते हैं ? उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
परमाणुओं का वह पुंज जो आयन की तरह व्यवहार करता है उसे बहुपरमाणुक आयन कहते हैं। उनके ऊपर एक निश्चित आवेश होता है। उदाहरण के लिए – नाइट्रेट (NO3), हाइड्रॉक्साइड आयन (OH)।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित के रासायनिक सूत्र लिखिए –
(a) मैग्नीशियम क्लोराइड
(b) कैल्सियम क्लोराइड
(c) कॉपर नाइट्रेट
(d) ऐलुमिनियम क्लोराइड
(e) कैल्सियम कार्बोनेट।
उत्तर:
(a) मैग्नीशियम क्लोराइड – MgCl2
(b) कैल्सियम क्लोराइड – CaCl2
(c) कॉपर नाइट्रेट – Cu(NO3)2
(d) ऐलुमिनियम क्लोराइड – AlCl3
(e) कैल्सियम कार्बोनेट – CaCO3

प्रश्न 5.
निम्नलिखित यौगिकों में विद्यमान तत्वों का नाम दीजिए
(a) बुझा हुआ चूना
(b) हाइड्रोजन ब्रोमाइड
(c) बेकिंग पाउडर (खाने वाला सोडा)
(d) पोटैशियम सल्फेट।
उत्तर:
(a) बुझा हुआ चूना में कैल्सियम व ऑक्सीजन हैं।
(b) हाइड्रोजन ब्रोमाइड (HBr) में हाइड्रोजन व ब्रोमीन हैं।
(c) बेकिंग पाउडर में सोडियम, हाइड्रोजन, कार्बन व ऑक्सीजन हैं।
(d) पोटैशियम सल्फेट में पोटैशियम, सल्फर व ऑक्सीजन हैं।

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न 6.
निम्नलिखित पदार्थों के मोलर द्रव्यमान का परिकलन कीजिए
(a) एथाइन, C2H2
(b) सल्फर अणु, S2
(c) फॉस्फोरस अणु, P4
(फॉस्फोरस का परमाणु द्रव्यमान = 31)
(d) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, HCl
(e) नाइट्रिक अम्ल, HNO2I
हल:
(a) एथाइन, C2H2
एथाइन का मोलर द्रव्यमान, C2H2 = 2 x 12 + 2 x 1
उत्तर:
= 26 g

(b) सल्फर अणु, S8 सल्फर अणु S8 का मोलर द्रव्यमान = 8 x 32
उत्तर:
= 256 g

(c) फॉस्फोरस अणु, P4 (फॉस्फोरस का परमाणु द्रव्यमान = 31)
फॉस्फोरस अणु का मोलर द्रव्यमान P4
= 4 x 31
उत्तर:
= 124 g

(d) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, HCl हाइड्रोक्लोरिक अम्ल का मोलर ‘द्रव्यमान, HCl
= 1 + 35.5
= 36.5g

(e) नाइट्रिक अम्ल, HNO3 नाइट्रिक अम्ल का मोलर द्रव्यमान, HNO3
= 1 + 14 + 3 x 16
उत्तर:
= 63 g

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न 7.
निम्न का द्रव्यमान क्या होगा –
(a) 1 मोल नाइट्रोजन परमाणु ?
(b) 4 मोल ऐलुमिनियम परमाणु (ऐलुमिनियम का परमाणु द्रव्यमान = 27) ?
(c) 10 मोल सोडियम सल्फाइट (Na2S03)?
हल:
(a) 1 मोल नाइट्रोजन अणु का द्रव्यमान 14g है।
(b) 4 मोल ऐलुमिनियम परमाणु का द्रव्यमान
= 4 x 27
= 108 g उत्तर

(c) 10 मोल सोडियम सल्फाइट (Na2SO3) का द्रव्यमान
= 10 x [2 x 23 + 32 + 3 x 16] = 10 x 126
= 1260 g

प्रश्न 8.
मोल में परिवर्तित कीजिए –
(a) 12 g ऑक्सीजन गैस
(b) 20g जल
(c) 22 g कार्बन डाइऑक्साइड।
हल:
(a) 32 g ऑक्सीजन गैस = 1 मोल अतः,
12 g ऑक्सीजन गैस = \(\frac {12}{ 13 }\)  मोल
उत्तर:
= 0:375 मोल

(b) 18 g जल = 1 मोल
अतः, 20 g जल = \(\frac {20}{ 18 }\) मोल
उत्तर:
= 1.111 मोल

(c) 44 g कार्बन डाइऑक्साइड = 1 मोल
अतः, 22 g कार्बन डाइऑक्साइड = \(\frac {22}{44}\) = 0.5मोल
उत्तर:
= 0.5 मोल

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न 9.
निम्न का द्रव्यमान क्या होगा?
(a) 0 – 2 मोल ऑक्सीजन परमाणु
(b) 0.5 मोल जल अणु।
हल:
(a) 1 मोल ऑक्सीजन परमाणुओं का द्रव्यमान = 16 g
अतः 0.2 मोल ऑक्सीजन परमाणुओं का द्रव्यमान
= 0.2 x 16
उत्तर:
= 3:2 g

(b) 1 मोल जल अणु का द्रव्यमान = 18 g
अतः, 0.5 मोल जल अणुओं का द्रव्यमान
= 0.5 x 18
उत्तर:
= 9 g

प्रश्न 10.
16 g ठोस सल्फर में सल्फर (S) के अणुओं की संख्या का परिकलन कीजिए।
हल:
1 मोल ठोस सल्फर (S8) = 8 x 32 g
= 256g
अतः, 256 g ठोस सल्फर में हैं = 6.022 x 1023 अणु
तो, 16 g ठोस सल्फर में हैं = Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 3 परमाणु एवं अणु  16 अणु
उत्तर:
= 3.76375 x 1022अणु

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 3 परमाणु एवं अणु

प्रश्न 11.
0.051 g ऐलुमिनियम ऑक्साइड (Al03) में ऐलुमिनियम आयन की संख्या का परिकलन कीजिए। (ऐलुमिनियम का परमाणु द्रव्यमान 274 है)
हल:
1 मोल ऐलुमिनियम ऑक्साइड (Al2O2)
= 2 x 27 + 3 x 16
= 102 g
अतः 102 g Al2O3 = 6.022 x 1022 Al2O3 के अणु
तो, 0.051 g Al203 में हैं
Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 3 परमाणु एवं अणु
= 3.011 x 1020 अणु

ऐलुमिनियम ऑक्साइड के एक अणु में विद्यमान ऐलुमिनियम आयन (Al3+) = 2
अत: 3.011 x 1020 ऐलुमिनियम ऑक्साइड (Al2O3)
अणु में विद्यमान ऐलुमिनियम आयन (Al3+)
= 2 x 3.011 x 1020
उत्तर:
= 6.011 x 1020

\( \sqrt{5} \)

Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.3

Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.3 Text Book Questions and Answers.

BSEB Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.3

प्रश्न 1.
x³ + 3x² + 3x + 1 को निम्नलिखित से भाग देने पर शेषफल ज्ञात कीजिए-
(i) x + 1
(ii) x – \(\frac{1}{2}\)
(iii) x
(iv) x + π
(v) 5 + 2x.

Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.3

उत्तर:
यहाँ, p(x) = x³ + 3x² + 3x + 1 है।
(i) x + 1 का शून्यक -1 है।
∴ p (-1) = (-1)³ + 3(-1)² + 3(-1) + 1
= -1 + 3 – 3 – 1
= 0
अत: शेषफल प्रमेय के अनुसार, अभीष्ट शेषफल = 0.

Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.3

(ii) x – \(\frac{1}{2}\) का शून्यक 1/2 है।
Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.3
अत: शेषफल प्रमेय के अनुसार, अभीष्ट शेषफल = \(\frac{27}{8}\)

(iii) x का शून्यक 0 है।
p(o) = 0 + 0 + 0 + 1
= 1
अत: शेषप्त प्रमेय के अनुसार, अभीष्ट शेषफल = 1.

Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.3

(iv) x + π का शून्यक -π है।
∴ p(-π) = (-π)³ + 3 (-π)² – 3(-π) + 1
= -π³ + 3π² – 3π + 1
अतः शेषफल प्रमेय के अनुसार, अभीष्ट शेषफल
= -π³ + 3π² – 3π + 1.

(v) 5 + 2x का शून्यक -5/2 है।
Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.3
अनः शेषफल प्रमेव के अनुसार, अभीष्ट शेषफल \(\frac{-27}{8}\)

Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.3

प्रश्न 2.
x³ – ax² + 6x – a को x – a से भाग देने पर शेषफल ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
यहाँ p(x) = x³ – ax² + 6x – a है और x – a का शून्यक a है।
∴ p(a) = a³ – a(a)² + 6(a) – a
= a³ – a³ + 6a – a
= 5a
अत: शेषफल प्रमेय के अनुसार, अभीष्ट शेषफल = 5a.

Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.3

प्रश्न 3.
जाँच कीजिए कि 7 + 3x, 3x³ + 7x का एक गुणनखण्ड है या नहीं।
उत्तर:
माना p(x) = 3x³ + 7x है और 7 + 3x का शून्यक -7/3 है।
यदि 7 + 3x एक गुणनखण्ड है, तो शेषफल प्रमेय के अनुसार p(-7/3) = 0 होगा।
Img 3
अत: 7+ 3x, बहुपद 3x³ + 7x का गुणनखण्ड नहीं है।

Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.3

Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.2

Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.2 Text Book Questions and Answers.

BSEB Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.2

प्रश्न 1.
निम्नलिखित पर बहुपद 5x – 4x² + 3 के मान ज्ञात कीजिए
(i) x = 30
(ii) x = -1
(iii) x = 2.
उत्तर:
माना
p(x) = 5x – 4x² – 3
(i) x = 0 पर, p(0) = 5 × 0 – 4 × 0 + 3
= 0 – 0 + 3
= 3

Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.2

(ii) x = -1 पर,
p(-1) = 5 × (-1) – 4 x 4 (-1)² + 3
= -5 – 4 × (1) + 3
= -5 – 4 + 3
= -3

(iii) x = 2 पर, P(2) = 5 × 2 – 4 x (2)² + 3
= 10 – 4 × 4 + 3
= 10 – 16 + 3
= -3

Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.2

प्रश्न 2.
निम्नलिखित बहुपदों में से प्रत्येक बहुपद के लिए P(0), p(1) और p(2) ज्ञात कीजिए
(i) P(y) = y² – y + 1
(ii) p(t) = 2 + t + 2t² – t³
(iii) p(x) = x³
(iv) p(x) = (x – 1)(x + 1).
उत्तर:
(i) P(y) = y² – y + 1
∴ p(0) = 0 – 0 + 1
= 1

तथा P(1) = 1² – 1 + 1
∴ p(1) = 1 – 1 + 1
= 1

अतः P(2) = 2² – 2 + 1
∴ p(2) = 4 – 2 + 1
= 3

Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.2

(ii) p(t) = 2 + t + 2t² – t³
∴ P(0) = 2 + 0 + 0 – 0
= 2

तथा P(1) = 2 + 1 + 2 × (1)² – 1
∴ P(1) = 2 + 1 + 2 – 1
= 4

अतः P(2) = 2 + 2 + 2 × (2)² – (2)³
∴ P(2) = 2 + 2 + 8 – 8
= 4

(iii) p(x) = x³
∴ p(0) = 0³
= 0

तथा p(1) = (1)³
= 1

अतः p(2) = (2)³
= 8

Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.2

(iv) p(x) = (x – 1)(x + 1)
∴ p(0) = (0-1)(0+1)
= (-1)(1)
= -1

तथा p(1) = (1 – 1)(1 + 1)
p(1) = (0)(2)
= 0

अतः p(2) = (2 – 1)(2 + 1)
∴ p(2) = (1)(3)
= 3

Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.2

प्रश्न 3.
सत्यापित कीजिए कि दिखाए गए मान निम्नलिखित स्थितियों में संगत बहुपद के शून्यक है-
(i) P(x) = 3x + 1; x = –\(\frac{1}{3}\)
(ii) P(x) = 5x – π, x = \(\frac{4}{5}\)
(iii) p(x) = x² – 1; x = 1, -1
(iv) P(x) = (x + 1)(x – 2); x = -1, 2
(v) P(x) = x²; x = 0
(vi) p(x) = lx + m; x = \(\frac{-m}{l}\)
(vii) p(x) = 3x² – 1; x = 1 \(\frac{-1}{√3}\), \(\frac{2}{√3}\)
(viii) p(x) = 2x + 1; x = \(\frac{1}{2}\)
उत्तर:
(i) P(x) = 3x + 1;
∴ p(\(\frac{-1}{3}\)) = 3 × (\(\frac{-1}{3}\)) + 1
= -1 + 1
= 0
अतः x = \(\frac{-1}{3}\), p(x) का शून्यक है।

(ii) P(x) = 5x – π,
p(\(\frac{4}{5}\)) = 5(\(\frac{4}{5}\)) – π
= 4 – π
⇒ p(\(\frac{4}{5}\)) = 4 – π ≠ 0
अतः x = \(\frac{4}{5}\) p(x) का शून्यक नहीं है।

Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.2

(iii) p(x) = x² – 1
∴ p(1) = (1)² – 1
= 1 – 1
= 0

तथा p(-1) = (-1)² – 1
= 1 – 1
= 0
⇒ p(1) = p(-1) = 0
अत: x = 1, -1 p(x) के शून्यक हैं।

(iv) P(x) = (x + 1)(x – 2)
∴ p(-1) = (-1 + 1) (-1 – 2)
= 0 (-3)
= 0

तथा p(2) = (2 + 1) (2 – 2)
= (3)(0)
= 0
⇒ p(-1) = p(2) = 0
अत: x = -1, 2 p(x) के शून्यक हैं।

Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.2

(v) P(x) = x²
∴ p(0) = (0)²
= 0
अत: x = 0, p(x) का शून्यक हैं।

(vi) p(x) = lx +m
∴ p(\(\frac{-m}{l}\)) = l(\(\frac{-m}{l}\)) + m
= -m + m
= 0
अत: x = \(\frac{-m}{l}\), p(x) का शून्यक हैं।

(vii) p(x) = 3x² – 1
∴ p(\(\frac{-1}{√3}\)) = 3(\(\frac{-1}{√3}\)) – 1
= 3.\(\frac{1}{3}\) – 1
= 1 – 1
= 0

तथा p(\(\frac{2}{√3}\)) = 3.(\(\frac{2}{√3}\)) – 1
= 3(\(\frac{4}{3}\)) – 1
= 4 – 1
= 3
⇒ p(\(\frac{-1}{√3}\)) = 0, p(\(\frac{2}{√3}\)) ≠ 0
अत: x = 1 \(\frac{-1}{√3}\), p(x) का शून्यक है तथा x = \(\frac{2}{√3}\), p(x) का शून्यक नहीं है।

Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.2

(viii) p(x) = 2x + 1
∴ p(\(\frac{1}{2}\)) = 2(\(\frac{1}{2}\)) + 1
= 1 + 1
= 2
अतः x = \(\frac{1}{2}\), p(x) का शून्यक नहीं है।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित स्थितियों में से प्रत्येक स्थिति में बहुपद का शून्यक ज्ञात कीजिए
(i) p(x) = x + 5
(ii) P(x) = x – 5
(iii) p(x) = 2x + 5
(iv) p(x) = 3x – 2
(v) p(x) = 3x
(vi) p(x) = ax; a ≠ 0
(vii) p(x) = cx + d; c ≠ 0, c, d वास्तविक संख्याएं हैं।
उत्तर:
(i) p(x) = x + 5 का शून्यक ज्ञात करने के लिए
p(x) = 0
⇒ x + 5 = 0
⇒ x = -5
अत: x = -5, बहुपद x +5 का शून्यक है।

Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.2

(ii) p(x) = x – 5 का शून्यक ज्ञात करने के लिए
p(x) = 0
⇒ x – 5 = 0
⇒ x = 5
अत: x = 5, बहुपद x – 5 का शून्यक है।

(ii) p(x) = 2x + 5 का शून्यक मात करने के लिए
p(x) = 0
⇒ 2x + 5 = 0
⇒ x = -5/2
अतः x = -5/2, बहुपद 2x + 5 शून्यक है।

(iv) p(x) = 3x – 2 का शून्यक ज्ञात करने के लिए
P(x) = 0
⇒ 3x – 2 = 0
⇒ x = 2/3
अत: x = 2/3, बहुपद 3x – 2 का शून्यक है।

Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.2

(v) p(x) = 3x का शून्यक ज्ञात करने के लिए
P(x) = 0
⇒ 3x = 0
⇒ x = 0
अगः x = 0. बहुपद 3x का शून्यक है।

(vi) p(x) = ax का शून्यक ज्ञात करने के लिए
P(x) = 0
⇒ ax = 0
⇒ x = 0
अतः x = 0, बहुपद ax का शून्यक है।

(vii) p(x) = cx + d का शून्यक ज्ञात करने के लिए
p(x) = 0
⇒ cx + d = 0
⇒ x = -d/c
अतः x= -d/c. यापद cx + d का शून्यक है।

Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.2

Bihar Board Class 6 Hindi Solutions Chapter 18 शेरशाह का मकबरा

Bihar Board Class 6 Hindi Book Solutions Kislay Bhag 1 Chapter 18 शेरशाह का मकबरा Text Book Questions and Answers and Summary.

BSEB Bihar Board Class 6 Hindi Solutions Chapter 18 शेरशाह का मकबरा

Bihar Board Class 6 Hindi शेरशाह का मकबरा Text Book Questions and Answers

प्रश्न-अभ्यास

पाठ से –

प्रश्न 1.
शेरशाह के जनहित के लिए कौन-कौन से कार्य किए ?
उत्तर:
शेरशाह ने अपने छोटे से शासनकाल में जनहित के लिये अनेक कार्य किये। इनके जनहित के कार्यों में महत्वपूर्ण था-सड़कों का निर्माण, मसाफिरों के ठहरे के लिये जगह-जगह सरायों का बनवाया जाना, कुएँ खुदवाकर पानी की व्यवस्था, सड़क के किनारे वृक्ष लगवाना, डाक व्यवस्था का उचित प्रबंध तथा राजस्व एवं लगान की व्यवस्था में सुधार । कलकत्ता से पेशावर तक जाने वाला ग्रैंड ट्रंक रोड शेरशाह की ही देन है।

प्रश्न 2.
शेरशाह ने मकबरे की क्या विशेषता है?
उत्तर:
शेरशाह के मकबरे की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सुन्दरता है। इसका गुंबद ताजमहल के गुंबद से भी बड़ा है और इसकी ऊँचाई 45 मीटर से ज्यादा है। तालाब के बीच, एक ऊँचे चबूतरे पर बने होने के कारण इसका सौंदर्य दूर से ही झलकता है। स्थापत्य कला का यह भवन एक बेजोड़ नमूना माना जाता है।

Bihar Board Class 6 Hindi Solutions Chapter 18 शेरशाह का मकबरा

प्रश्न 3.
शेरशाह का बिहार से क्या सम्बन्ध है?
उत्तर:
शेरशाह के पिता बिहार के जागीरदार थे। अतः शेरशाह का बचपन सासाराम में बीता जो बिहार में है। इनकी सेना में बिहार के बहुत सिपाही थे। इसी सेना ने मुगल बादशाह हुमायूँ को पराजित किया था। हुमायूँ का मकबरा बिहार राज्य में ही स्थित है।

प्रश्न 4.
स्तंभ ‘क’ का स्तंभ ‘ख’ से मिलान कीजिए –
प्रश्नोत्तर –
Bihar Board Class 6 Hindi Solutions Chapter 18 शेरशाह का मकबरा 1

प्रश्न 5.
रिक्त स्थानों को भरिए –
प्रश्नोत्तर –
(क) अडट्रंक रोड कोलकाता से पेशावर तक जाती है।
(ख) हुमायूँ से युद्ध के समय शेरशाह की उम्र 68 वर्ष की थी।
(ग) शेरशाह का मकबरा सासाराम में है।
(घ) शेरशाह के बचपन का नाम फरीद खाँ था।
(ङ) यह मकबरा अफगान स्थापत्य शैली का बेहतरीन नमूना है।

Bihar Board Class 6 Hindi Solutions Chapter 18 शेरशाह का मकबरा

पाठ से आगे –

प्रश्न 1.
अगर आपको राजा बना दिया जाय तो आप आम जनता के लिये क्या करना चाहेंगे?
उत्तर:
प्रजातंत्र में राजा का कोई स्थान नहीं है। राजतंत्र की पद्धति – करीब-करीब समाप्त हो गयी है। प्रजातंत्र में सब लोग मिलजुलकर देश और हित में कार्य करते हैं।

प्रश्न 2.
केवल पाँच वर्षों के शासन काल में शेरशाह ने बहुत सारे कार्य किये। सोचकर बतायें कैसे?
उत्तर:
शेरशाह को अपनी जनता के कल्याण की सदा चिन्ता रहती थी। इसके अतिरिक्त उनमें कार्य करने की लगन थी और साहस भी।

प्रश्न 3.
अधिक उम्र होने के बावजूद शेरशाह ने हुमायूँ को पराजित किया- वह ऐसा कैसे कर पाया?
उत्तर:
उस समय शेरशाह जवान नहीं थे। उनकी उम्र 68 वर्ष की हो गयी थी पर उनके अन्दर हिम्मत थी और साहस कूट-कूट कर भरा था। रणकौशल में वे अत्यन्त प्रवीण थे। अतः हुमायूँ को भारी सेना को भी उन्होंने पराजित कर दिया।

प्रश्न 4.
ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने के लिये आप क्या सुझाव देंगे?
उत्तर:
अपने ऐतिहासिक धरोहरों पर देश की जनता को गौरव होना चाहिये। हम अपनी अज्ञानता के कारण अपने इन अमूल्य धरोहरों को सुरक्षित नहीं रख पाते और नुकसान पहुंचाते हैं। इसके लिये जनता को शिक्षित किया जाना चाहिये और उन्हें अपने दायित्वों का बोध कराना चाहिये।

इस दिशा में जनजागृति की अह्म आवश्यकता है।

Bihar Board Class 6 Hindi Solutions Chapter 18 शेरशाह का मकबरा

व्याकरण

प्रश्न 1.
निम्नलिखित संज्ञाओं के प्रकार बताइए।
बादशाह, हुमायूँ, सेना, बुढ़ापा, पानी, बचपन, बचचे, बस, सड़क, ताजमहल।

  • बादशाह – जातिवाचक
  • हमायूँ – व्यक्तिवाचक
  • सेना – समूहवाचक
  • बुढ़ापा – भाववाचक
  • पानी – द्रव्यवाचक
  • बचपन – भाववाचक
  • बच्चे – समूहवाचक
  • बस – जातिवाचक
  • सड़क – जातिवाचक
  • ताजमहल – स्थानवाचक

प्रश्न 2.
निम्नलिखित सर्वनामों के प्रकार बतायें –
प्रश्नोत्तर-

  • यह – निश्चयवाचक
  • सभी – पुरुषवाचक
  • इतने – अनिश्चयवाचक
  • कुछ – अनिश्चयवाचक
  • अपने आप – निजवाचक
  • जैसे-जैसे – संबंधवाचक
  • कौन – प्रश्नवाचक
  • तुमने – पुरुषवाचक
  • कहाँ – प्रश्नवाचक
  • कब – प्रश्नवाचक

Bihar Board Class 6 Hindi Solutions Chapter 18 शेरशाह का मकबरा

प्रश्न 3.
शब्द-समूहों को व्यवस्थित कर वाक्य पूरा कीजिए।
प्रश्नोत्तर –
(क) एक अब सड़क बस बहुत गई आ पर चौड़ी
वाक्य – बस अब एक बहुत चौड़ी सड़क पर आ गई।

(ख) जाएँ सीट अपनी बैठ लेकर-
वाक्य – अपनी सीट लेकर बैठ जाएँ।

(ग) थे ढाई चुके अब बजा
वाक्य – अब ढाई बज चुके थे।

(घ) सभी खाया साथ एक खाना ने
वाक्य – सभी ने एक साथ खाना खाया।

(ङ) यह ऊँचा होगा मकबरा कितना?
वाक्य – यह मकबरा कितना ऊँचा होगा?

प्रश्न 4.
पर्यायवाची शब्द लिखिए।
पुत्र, वृक्ष, विद्यालय, शिक्षक, सराय ।
उत्तर:
पुत्र – बेटा.
विद्यालय – स्कूल
वृक्ष – गाछ
शिक्षक – अध्यापक
सराय – धर्मशाला

Bihar Board Class 6 Hindi Solutions Chapter 18 शेरशाह का मकबरा

प्रश्न 5.
प्रत्येक पंक्ति में एक शब्द बाकी शब्दों से मेल नहीं खाता है, उस शब्द पर गोला लगाइए।
उत्तर:
(क) कोलकाता पेशावर कन्नोज सिपाही
(ख) शोरशाह हुमायूँ प्रधानाध्यापक बाबर
(ग) मकबरा ड्राइवर खलासी कंडक्टर
(घ) झील सरकार नदी समुद्र

कुछ करने को –

प्रश्न 1.
शेरशाह से संबंधित जानकारियाँ एकत्रित कीजिए और एक आलेख तैयार कीजिए।
उत्तर:
छात्र स्वयं करें।

प्रश्न 2.
हमारे देश में शेरशाह के मकबरों के अलावा और किन बादशाहों के मकबरे हैं और वह कहाँ हैं ? पता करके सूची बनाइए।
उत्तर:

  1. मुमताज महल – ताजमहल-आगरा (उत्तर प्रदेश)
  2. टीपू सुल्तान का मकबरा – मैसूर (कर्नाटक)
  3. शेरशाह सूरी – सासाराम (बिहार)
  4. अकबर – लाहौर (पाकिस्तान)
  5. हुमायूँ का मकबरा – दिल्ली
  6. बहादुरशाह जफर – यंगून (बर्मा).

(अन्तिम मुगल बादशाह)

Bihar Board Class 6 Hindi Solutions Chapter 18 शेरशाह का मकबरा

प्रश्न 3.
अपने प्रधानाध्यापक या वर्ग शिक्षक से मिलकर किसी ऐतिहासिक स्थल को देखने का कार्यक्रम तैयार कीजिए।
उत्तर:
छात्र स्वयं करें।

शेरशाह का मकबरा Summary in Hindi

पाठ का सार-संक्षेप

यह आलेख एक यात्रा-वर्णन है। एक स्कूल के छात्र-छात्रा शेरशाह के मकबरे की सैर के लिये जाते हैं। शेरशाह का यह प्रसिद्ध मकबरा बिहार प्रदेश के सामाराम शहर के पास स्थित है। यह मकबरा अपनी स्थापत्य कला के लिये जाना जाता है। लाल पत्थरों से निर्मित यह मकबरा अपनी सुन्दरता के लिये विख्यात है और दूर-दूर से पर्यटक इसे देखने के लिये आते हैं। शेरशाह की गणना भारत के महान शासकों में की जाती है। अपने अल्प शासन काल में शेरशाह ने तत्कालीन जनमानस की सेवा और कल्याण के लिये अनेक महत्वपूर्ण कार्य किये। अपनी वीरता के लिये भी वह जाना जाता है और भारत के महान शासलों में उसकी गणना की जाती है।

अपने विद्यालय के प्रधानाध्यापक (हेडमास्टर) और अन्य शिक्षकों के साथ बस से सासाराम की यात्रा पर निकल पड़ते हैं। बस में प्रधानाध्यापक के अतिरिक्त आशा और महिमा मैडम तथा पूर्णनाथ सर भी जाते हैं। पूर्णनाथ सर इतिहास पढ़ाते हैं। अत: बच्चों को उनका साथ मिलने से ज्यादा आनन्द आता है।

अक्टूबर का महीना था। धूप खिली थी। मौसम अत्यन्त सुहावना था और – सभी बच्चों में इस यात्रा के प्रति विशेष उत्साह था। बस मुख्य मार्ग पर आकर सरपट दौड़ने लगती है। बच्चों की उत्सुकता उस स्थान विशेष को जानने के – लिये बढ़ जाती है और वे तरह-तरह के प्रश्न अपने शिक्षक से पूछने लगते हैं। सूरज के विशेष आग्रह पर पूर्णनाथ सर ने बताना शुरू किया। वे कहते हैं – “शेरशाह भारत के महान शासकों में एक थे। उनका जन्म सन् 1472 में हुआ था। उनके पिता का नाम हसन खाँ था जो एक बड़े जागीरदार थे। शेरशाह का बचपन का नाम फरीद खाँ था। बचपन में फरीद ने अकेले ही एक शेर को मार दिया था और तबसे ये शेर खाँ कहे जाने लगे। बहुत कम उम्र में ही शेरशाह को अपने पिता की जागीर सम्हालनी पड़ी पर इससे उनकी प्रशासन की क्षमता में वृद्धि हुयी। शेरशाह ने दिल्ली के बादशाह हुमायूँ को हराकर दिल्ली की गद्दी पर कब्जा कर लिया और सूरीवंश की स्थापना का गौरव प्राप्त किया।

Bihar Board Class 6 Hindi Solutions Chapter 18 शेरशाह का मकबरा

उस समय उनकी आयु 68 वर्ष की थी। पूर्णनाथ सर बताते जा रहे थे- “उनकी सेना ज्यादातर बिहार के सिपाही थे और यह युद्ध सन् 1540 के आसपास कन्नौज में हुआ था। किसी भी युद्ध को जीतने के लिये साहस की आवश्यकता होती है।” बच्चे एक के बाद एक प्रश्न पूछते जा रहे थे। राजू ने पूछा – “सर उनके पास तो बहुत सारा रुपया-पैसा होगा? वे बहुत आराम से रहते होंगे?’ सर ने उत्तर दिया- “नहीं ऐसी बात नहीं है। इन्हें अपनी जनता की बहुत चिन्ता रहती थी। वे केवल पाँच वर्ष ही शासन कर सके परन्त अपनी जनता की सेवा के लिये बहुत सारे कल्याणकारी कार्य किये। सड़कें बनवायीं, सड़कों के किनारे यात्रियों के ठहरने के लिये जगह-जगह सराय का निर्माण करवाया, पीने के पानी के लिये कुएँ खुदवाये। सड़कों के किनारे किनारे वृक्ष लगवाये – डाक और संचार व्यवस्था को सुदृढ़ किया। राजस्व व लगान की व्यवस्था में सुधार लाकर उसे किसानों के लिये उपयोगी एवं लाभकारी बनाया। उसकी गिनती एक न्यायप्रिय बादशाह के रूप में की जाती थी।”

इस लम्बी वार्ता के क्रम में सड़क एक चौड़ी सड़क पर आ गयी थी। पूर्णनाथ सर ने कहा-“देखो! यह सड़क ग्रैंड ट्रंक रोड के नाम से जानी जाती है। यह कोलकाता से पेशावर (पाकिस्तान) तक जाती है। इस सड़क को भी शेरशाह ने ही बनवाया था। उनका यह एक महान योगदान था।” बस सासाराम शहर में प्रवेश कर गयी और शहर की सड़कों से गुजरती हुयी एक बड़े तालाब के किनारे आकर रूक गयी। सर ने कहा लो आ गया शेरशाह का मकबरा!”

बच्चे इसकी सुन्दरता पर चकित हो रहे थे। जमाली ने इसे देखते ही कहा – “इतना बड़ा और इतना सुन्दर।’ सभी बच्चे बस से उतरकर एक जगह जमा हो गये। पूर्णनाथ सर ने कहा – “यह मकबरा तक जाने का मुख्य द्वार है। इसके दोनों ओर मस्जिद है। पानी के बीच मकबरा बना देखकर बच्चों को बहुत आश्चर्य हो रहा था। एक बच्चे ने पूछा सर! मकबरे का निर्माण किसने करवाया? पूर्णनाथ सर ने बच्चे की जिज्ञासा शान्त करते हुये बताया- सन 1545 ई. में कालिंजर के किले की घेराबंदी के समय एक विस्फोट में शेरशाह ‘का निधन हो गया। अपने पिता की मृत्यु के बाद शेरशाह का पुत्र इस्लाम शाह सूरी उनका उत्तराधिकारी बना। उसी ने अपने पिता के सम्मान में यह मकबरा बनवाया। मकबरे को सुन्दरता प्रदान करने के लिये उसे एक तालाब के बीच बने एक ऊँचे चौकोर चबूतरे पर बनाया गया है। इस तालाब को, इस मकबरे को अद्वितीय स्थापत्य कला का नमूना के रूप में प्रस्तुत करने के लिये विशेष रूप से खुदवाया गया था जो आज भी मौजूद है। सर ने बच्चों से पूछा

“मकबरा किस चीज से बना है?” बच्चों ने उत्तर दिया – “पत्थर से।” इसकी कितनी मंजिलें हैं? तीन-सभी ने एक स्वर में उत्तर दिया। सर ने बताया “यह मकबरा 45 मीटर से भी ऊँचा है और इसका गुंबद ताजमहल के गुंबद से 13 फीट बड़ा है। साथ ही यह मकबरा अफगान स्थापत्य शैली का विशेष नमूना है।

बच्चे और शिक्षकगण घूमते-घूमते -मकबरे के मध्य भाग में पहुँच गये थे और इसमें की गयी नक्काशी और ऊपर बनी जालियों को देखकर उसकी प्रशंसा कर रहे थे। पूर्णनाथ सर ने बताया – ” इस मकबरे में शेरशाह सूरी के अतिरिक्त उनके चौबीस साथी भी दफन किये गये हैं। कुछ पर्यटकों ने इस ऐतिहासिक इमारत पर अपनी ओर से कुछ-कुछ लिख दिया था- सर ने बताया ऐसा करना उचित नहीं है क्योंकि ये इमारतें देश की धरोहर हैं और इन्हें गंदा करना राष्ट्र की सम्पत्ति को बर्बाद करना है। यह मकबरा अब देश की संरक्षित ऐतिहासिक सम्पत्ति की सूची में आ गया है और इसके रख-रखाव पर लाखों रुपये सरकार के द्वारा खर्च किये जा रहे हैं।

Bihar Board Class 6 Hindi Solutions Chapter 18 शेरशाह का मकबरा

सर ने बच्चों से पूछा इसे साफ और सुन्दर बनाये रखने का दायित्व किस पर है? बच्चों ने एक स्वर में उत्तर दिया – ” हम पर यानी इस देश के सभी नागरिकों पर।”

घूमते-घूमते दिन के ढाई बज चुके थे। बच्चे भूख से व्याकुल हो रहे थे। सबने एक साथ खाना खाया और वापसी यात्रा के लिये बस पर सवार हो गये।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल Textbook Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

Bihar Board Class 11 Geography खनिज एवं शैल Text Book Questions and Answers

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

(क) बहुवैकल्पिक प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
निम्न में से कौन ग्रेनाइट के दो प्रमुख घटक हैं?
(क) लोहा एवं निकिल
(ख) सिलिका एवं एल्यूमिनिमय
(ग) लोहा एवं चाँदी
(घ) लौह ऑक्साइड एवं पोटैशियम
उत्तर:
(ख) सिलिका एवं एल्यूमिनिमय

प्रश्न 2.
निम्न में से कौन सा कायांतरित शैलों का प्रमुख लक्षण है?
(क) परिवर्तनीय
(ख) क्रिस्टलीय
(ग) शांत
(घ) पल्ल्व न
उत्तर:
(क) परिवर्तनीय

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

प्रश्न 3.
निम्न में से कौन सा एकमात्र तत्त्व वाला खनिज नहीं है?
(क) स्वर्ण
(ख) माइका
(ग) चाँदी
(घ) ग्रेफाइट
उत्तर:
(ख) माइका

प्रश्न 4.
निम्न में से कौन सा कठोरतम खनिज है?
(क) टोपाज
(ख) क्वार्ट्ज
(ग) हीरा
(घ) फेल्डस्पर
उत्तर:
(ग) हीरा

प्रश्न 5.
निम्न में से कौन सी शैल अवसादी नहीं है?
(क) टायलाइट
(ख) ब्रेशिया
(ग) बोरैक्स
(घ) संगमरमर
उत्तर:
(क) टायलाइट

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

प्रश्न 6.
निम्नलिखित में कौन सा अवसादी शैल है?
(क) बलुआ पत्थर
(ख) अभ्रक
(ग) ग्रेनाइट
(घ) नीस
उत्तर:
(क) बलुआ पत्थर

प्रश्न 7.
चट्टानों का टूटकर अपने स्थानों पर ही पड़े रहना कहलाता है?
(क) अपक्षय
(ख) अपरदन
(ग) अनाच्छादन
(घ) अनावृतिकरण
उत्तर:
(क) अपक्षय

(ख) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए

प्रश्न 1.
शैल से आप क्या समझते हैं? शैल के तीन प्रमुख वर्गों के नाम बताएँ।
उत्तर:पृथ्वी की पर्पटी चट्टानों से बनी है। चट्टान का निर्माण एक या एक से अधिक खनिजों से मिलकर होता है। चट्टान कठोर या नरम तथा विभिन्न रंगों की हो सकती है। जैसे ग्रेनाइट कठोर तथा सोपस्टोन नरम है। चट्टानों में सामान्यतः पाए जाने वाले खनिज पदार्थ फेल्डस्पर तथा क्वार्ट्ज़ हैं। चट्टानों को उनकी निर्माण पद्धति के आधार पर तीन समूहों में विभाजित किया गया है –

  1. आग्नेय चट्टान-मैग्मा तथा लावा से घनीभूत
  2. वसादी चट्टान-बहिर्जनित प्रक्रियाओं के द्वारा चट्टानों के अंशों के निक्षेपन का परिणामः तथा
  3. कायांतरित चट्टान-उपस्थित चट्टानों में पुनः क्रिस्टलीकरण की प्रक्रिया से निर्मित।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

प्रश्न 2.
आग्नेय शैल क्या है? आग्नेय शैल के निर्माण पद्धति एवं उनके लक्षण बताएँ।
उत्तर:
चूँकि आग्नेय चट्टानों का निर्माण पृथ्वी के आंतरिक भाग में मैग्मा एवं लावा से होता है। अतः जब अपनी ऊपरीगामी गति में मैग्मा ठंडा होकर ठोस बन जाता है, तो यह आग्नेय चट्टान कहलाता है। इसकी बनवाट कणों के आकार एवं व्यवस्था अथवा पदार्थ की भौतिक अवस्था पर निर्भर करती है। यदि पिघले हुए पदार्थ धीरे-धीरे गहराई तक ठंडे होते हैं तो खनिज के कण पर्याप्त बडे हो सकते हैं। सतह पर हई आकस्मिक शीतलता के कारण छोटे एवं चिकने कण बनते हैं। शीतलता की माध्यम परिस्थितियाँ होने पर आग्नेय चट्टान को बनाने वाले कण मध्यम आकार के हो सकते हैं। ग्रेनाइट, बैसाल्ट, वोल्कैनिक ब्रेशिया आग्नेय चट्टानों के कुछ उदाहरण हैं।

प्रश्न 3.
वसादी शैल का क्या अर्थ है? अवसादी शैल के निर्माण की पद्धति बताइए।
उत्तर:
अवसादी अर्थात् (Sedimentary) का अर्थ है, व्यवस्थित होना । पृथ्वी की सतह की चट्टानों अपच्छादनकारी कारकों के प्रति अनावृत होती हैं, जो विभिन्न आकार के विखण्डों में विभाजित होती हैं। ऐसे उपखण्डों का विभिन्न बहिर्जनित कारकों के द्वारा संवहन एवं संचय होता है। संघनता के द्वारा ये सचित पदार्थ चट्टानों में परिवर्तित हो जाते हैं। यह प्रक्रिया प्रस्तारीकरण (Lithification) कहलाती है। इसी कारणवश बालुकाश्म, शैल जैसे अवसादी चट्टानों में विविध सान्द्रता वाली अनेक सतह होती है।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

प्रश्न 4.
शैली चक्र के अनुसार प्रमुख प्रकार की शैलों के मध्य क्या संबंध होता है ?
उत्तर:
चट्टानी चक्र एक सतत् प्रक्रिया होती है, जिसमें पुरानी चट्टानें परिवर्तित होकर नवीन रूप लेती हैं। आग्नेय चट्टानें प्राथमिक चट्टानें हैं, तथा अन्य (अवसादी एवं कायॉरित) चट्टानें इन प्राथमिक चट्टानों से निर्मित होती है। आग्नेय चट्टानों को कायांतरित चट्टानों में परिवर्तित किया जा सकता है। अवसादी चट्टानें अपखण्डों में परिवर्तित हो सकती हैं तथा ये अपखण्ड अवसादी चट्टानों के निर्माण का एक स्रोत हो सकते हैं।

(ग) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए

प्रश्न 1.
‘खनिज’ शब्द को परिभाषित करें, एवं प्रमुख प्रकार के खनिजों के नाम लिखें।
उत्तर:
खनिज एक ऐसा प्राकृतिक, अकार्बनिक तत्त्व जिसमें एक क्रमबद्ध परमाण्विक संरचना, निश्चित रसायनिक संघटन तथा भौतिक गुणधर्म होता है। खनिज का निर्माण दो या दो से अधिक तत्त्वों से मिलकर होता है। लेकिन कभी-कभी सल्फर ताँबा चाँदी, स्वर्ण ग्रेफाइट जैसे एक तत्त्वीय खनिज भी पाए जाते हैं। भूपर्पटी पर कम से कम 2,000 प्रकार के खनिजों को पहचाना गया है, और उनको नाम दिया गया है। लेकिन इनमें से सामान्यत: उपलब्ध लगभग सभी खनिज तत्त्व, छह प्रमुख खनिज समूहों से संबंधित होते हैं, जिनको चट्टानों का निर्माण करने वाले प्रमुख खनिज माना गया है।

कुछ प्रमुख खनिजों के नाम –

  1. फेल्डस्पर – सिलिका, ऑक्सीजन, सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम, अल्युमिनियम आदि तत्त्व इसमें शामिल हैं।
  2. क्वार्ट्ज – ये रेत एवं ग्रेनाइट के प्रमुख घटक हैं। इसमें सिलिका होता है। यह एक कठोर खनिज है तथा पानी में सर्वथा अघुलनशील होता है।
  3. पाइरॉक्सीन – कैल्शियम, एल्यूमिनियम, मैग्नेशियम, आयरन तथा सिलिका इसमें शामिल हैं।
  4. एम्फीबोल – एम्फीबोल के प्रमुख तत्त्व एल्यूमीनियम, कैल्शियम, सिलिका, लौह, मैग्नीशियम है।
  5. माइका – इसमें पोटैशियम, एल्यूमिनियम, मैग्नेशियम, लौह, सिलिका आदि निहित होते हैं।
  6. धात्विक खनिज – इनको तीन प्रकार में विभाजित किया जा सकता है –
    (i) बहुमूल्य धातु-स्वर्ण, चाँदी, प्लैटिनम आदि।
    (ii) लौह धातु-लौह एवं स्टील के निर्माण के लिए लोहे में मिलाई जाने वाली अन्य धातुएँ।
    (iii) अलौहिक धातु-इनमें कम मात्रा में लौह तत्त्व तथा ताम्र, सीमा, जिंक, टिन, एल्यूमिनियम आदि शामिल होते हैं।

अधात्विक खनिज – गंधक, फॉस्फेट तथा नाइट्रेट अधात्विक खनिज हैं। सीमेन्ट अधात्विक खनिज का मिश्रण है।

प्रश्न 2.
भूपृष्ठीय शैलों में प्रमुख प्रकार की शैलों की प्रकृति एवं उनकी उत्पत्ति की पद्धति का वर्णन करें। आप उनमें अन्तर स्थापित केसे करेंगे?
उत्तर:
चट्टानों को उनकी निर्माण पद्धति के आधार पर तीन समूहों में विभाजित किया गया है:
1. आग्नेय चट्टानें (Igneous Rocks) – चूँकि आग्नेय चट्टानों का निर्माण पृथ्वी के आंतरिक भाग में मैग्मा एवं लावा से होता है, अत: इनको प्राथमिक चट्टानें भी कहते हैं। मैग्मा के ठंडे होकर घनीभूत हो जाने पर आग्नेय चट्टानों का निर्माण होता है। ठण्डा तथा ठोस बनने की यह प्रक्रिया पृथ्वी की पर्पटी या पृथ्वी की सतह पर हो सकती है। आग्नेय चट्टानों का वर्गीकरण इनकी बनावट के आधार पर किया गया है। इसकी बनावट इसके कणों के आकार एवं व्यवस्था अथवा पदार्थ के भौतिक अवस्था पर निर्भर करती है। ग्रेनाइट, ग्रेबो, पेग्मैटाइट, बैसाल्ट, वोल्कैनिक ब्रेशिया तथा टफ आग्नेय चट्टानों के कुछ उदाहरण हैं।

2. अवसादी चट्टान (Sedimentary Rocks) – पृथ्वी की सतह की चट्टानों (आग्नेय अवसादी एवं कायॉरित) अपच्छादनकारी कारकों के प्रति अनावत होती हैं, जो विभिन्न आकार के विखण्डों में विभाजित होती हैं। ऐसे उपखण्डों का विभिन्न बहिर्जनित कारकों के द्वारा संवहन एवं संचय होता है। संघनता के द्वारा से संचित पदार्थ चट्टानों में परिवर्तित हो जाते हैं। यह प्रक्रिया प्रस्तरीकरण (Lithification) कहलाती है। इसी कारणवश बालुकाश्म, शैल जैसे अवसादी चट्टानों का वर्गीकरण तीन प्रमुख समूहों में किया गया है –

  • यांत्रिकी रूप से निर्मित – उदाहरणार्थ – बालुकाश्म, पिण्डाशला, चूना-प्रस्तर, शैल, विमृदा आदि।
  • काबनिक रूप से निर्मित – उदाहरणार्थ -गीजराइट; खड़िया, चूना-पत्थर, कोयला आदि; तथा
  • रसायनिक रूप से निर्मित – उदाहरणार्थ – शृंग प्रस्तर, चूना पत्थर, हेलाइट, पोटैश आदि।

3. कायांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) – कायांतरित का अर्थ है, ‘स्वरूप में परिवर्तन’ । दाब आयतन एवं तापमान में परिवर्तन की प्रक्रिया के फलस्वरूप इन चट्टानों का निर्माण होता है। जब विवर्तनिक प्रक्रिया के कारण चट्टानों निचले स्तर की ओर बलपूर्वक खिसक जाती हैं, या जब भूपृष्ठ से उठता, पिघला हुआ मैग्मा भू-पृष्ठीय चट्टानों के संपर्क में आता है, या जब ऊपरी चट्टानों के कारण निचली चट्टानों पर अत्यधिक दाब पड़ता है, तब कायंतरण होता है। कायांतरण वह प्रक्रिया है, जिसमें समेकित चट्टानों में पुनः क्रिस्टलीकरण होता है तथा वास्तविक चट्टानों में पदार्थ पुनः संगठित हो जाते हैं।
Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

आग्नेय चट्टानों प्राथमिक चट्टानें हैं, तथा अन्य चट्टानें इन प्राथमिक चट्टानों से निर्मित होती हैं। आग्नेय चट्टानों को कायांतरित चट्टानों में परिवर्तित किया जा सकता है। आग्नेय एवं कायांतरित चट्टानों से प्राप्त अंशों से अवसादी चट्टानों का निर्माण होता है। अवसादी चट्टानों अपखण्डों में परिवर्तित हो सकती हैं तथा ये अपखण्ड अवसादी चट्टानों के निर्माण का एक स्रोत हो सकते हैं। निर्मित भूपृष्ठीय चट्टानें (आग्नेय, कायांतरित एवं अवसादी) प्रत्यावर्तन के द्वारा पृथवी के आंतरिक भाग में नीचे की ओर जा सकती हैं।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

प्रश्न 3.
कायांतरित चट्टान क्या है ? इनके प्रकार एवं निर्माण की पद्धति का वर्णन करें।
उत्तर:
दाब आयतन एवं तापमान में परिवर्तन की प्रक्रिया के फलस्वरूप कायांतरित चट्टानों का निर्माण होता है। जब विवर्तनिक प्रक्रिया के कारण चट्टानें निचले स्तर की ओर बलपूर्वक खिसक जाती हैं, या जब भूपष्ठ से उठता, पिघला हुआ मैग्मा भू-पृष्ठीय चट्टानों के संपर्क में आता है, या जब ऊपरी चट्टानों के कारण निचली चट्टानों पर अत्यधिक दाब पड़ता है, तब कायांतरण होता है । कायांतरण वह प्रक्रिया है जिससे समेकित चट्टानों में पुनः क्रिस्टलीकरण होता है तथा वास्तविक चट्टानों में पदार्थ पुनः संगठित हो जाते हैं।

बिना किसी विशेष रसायनिक परिवर्तनों के ट्टने एवं घिसने के कारण वास्तविक चट्टानों में यांत्रिकी व्यवधान एवं उनका पुनः संगठित होना गतिशील कायांतरित कहलाता है। ऊष्मीय कायंतरण के कारण चट्टानों के पदार्थों में रसायनिक परिवर्तन एवं पुनः क्रिस्टलीकरण होता है। ऊष्मीय कायांतरण के दो प्रकार होते हैं-संपर्क कायांतरण एवं स्थानीय कायंतरण। संपर्क रूपांतरण में चट्टानें गर्म, ऊपर आते हुए मैग्मा एवं लावा के संपर्क में आती हैं, तथा उच्च तापमान में चट्टान के पदार्थों का पुनः क्रिस्टलीकरण होता है। अक्सर चट्टानों में मैग्मा अथवा लावा के योग से नए पदार्थ उत्पन्न होते हैं।

स्थानीय कायंतरण में उच्च तापमान अथवा दबाव अथवा इन दोनों के कारण चट्टानों में विवर्तनिक दबाव के कारण विकृत्तियाँ होती हैं, जिससे चट्टानों में पुनः क्रिस्टलीकरण होता है। कायांतरण की प्रक्रिया में चट्टानों के कुछ कण या खनिज सतहों या रेखाओं के रूप में व्यवस्थित हो जाते हैं। कायांतरित चट्टानों में खनिज अथवा कणों की इस व्यवस्था को पल्लवन या रेखांकन कहते हैं। कभी-कभी खनिज या विभिन्न समूहों के कण पतली से मोटी सतह में इस प्रकार व्यवस्थित होते हैं, कि वो हल्के एवं गहरे रंगों में दिखाई देते हैं।

कायांतरित चट्टानों में ऐसी संरचनाओं को बैंडिंग (Banding) कहते हैं, तथा बैंडिग प्रदर्शित करने वाले चट्टानों को बैंडेड (Banded) चट्टानों कहते हैं। कायांतरित होने वाली वास्तविकचट्टानों पर ही कायांतरित चट्टानों के प्रकार निर्भर करते हैं। कायांतरित चट्टानें दो प्रमुख भागों में वर्गीकृत की जा सकती हैं-पल्लवित चट्टान अपल्लवित चट्टान । पट्टिताश्मीय, ग्रेनाइट, सायनाइट, स्लेट, शिल्ट, संगमरमर, क्वार्ट्ज आदि रूपांतरित चट्टानों के कुछ उदाहरण हैं।

Bihar Board Class 11 Geography खनिज एवं शैल Additional Important Questions and Answers

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
आग्नेय चट्टानों का रूप कैसा होता है
उत्तर:
शीशे तथा रवेदार जैसा।

प्रश्न 2.
लावा पृथ्वी के धरातल पर तेजी से क्यों ठण्डा हो जाता है?
उत्तर:
वायुमण्डल के सम्पर्क में होने के कारण।

प्रश्न 3.
बाह्य आग्नेय चट्टान का एक उदाहरण दें?
उत्तर:
बैसाल्ट।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

प्रश्न 4.
स्थिति के आधार पर आग्नेय चट्टानों के दो प्रकार लिखो।
उत्तर:
बाह्य तथा भीतरी चट्टानें।

प्रश्न 5.
उत्पत्ति के आधार पर आग्नेय चट्टानें कौन-कौनसी होती हैं?
उत्तर:
ज्वालामुखी चट्टानों तथा पातालीय चट्टानें।

प्रश्न 6.
पातालीय शब्द कहाँ से बना?
उत्तर:
यह शब्द (Pluto) से बना जिसका अर्थ पाताल देवता है।

प्रश्न 7.
बेसॉल्ट में रवे क्यों नहीं होते?
उत्तर:
लावा के तेजी से ठण्डा होने के कारण।

प्रश्न 8.
आग्नेय चट्टानों के निर्माण के लिये मुख्य साधन कौन-कौन से हैं?
उत्तर:
क्रियाशील ज्वालामुखी।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

प्रश्न 9.
IGNEOUS शब्द का क्या अर्थ है?
उत्तर:
यह लैटिन शब्द Ignis से बना है (अर्थ अग्नि है)।

प्रश्न 10.
चट्टानों की तीन मुख्य किस्मों के नाम लिखो।
उत्तर:

  1. आग्नेय चट्टानें
  2. अवसादी या तलछटी चट्टानें
  3. रूपांतरित चट्टानें

प्रश्न 11.
चट्टानों से प्रभावित एक वस्तु का नाम लिखो।
उत्तर:
भू-आकार।

प्रश्न 12.
चट्टान के रंग तथा कठोरता किन तत्त्वों पर निर्भर करते हैं?
उत्तर:
खनिजों की रचना।

प्रश्न 13.
स्थलमण्डल में पाये जाने वाले दो तत्त्वों का नाम लिखें।
उत्तर:
सिलिकॉन तथा एल्यूमीनियम।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

प्रश्न 14.
चट्टान से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
स्थलमण्डल के ठोस पदार्थ।

प्रश्न 15.
बनावट के आधार पर अवसादी चट्टानों की तीन किस्में कौन-कौन-सी हैं?
उत्तर:

  1. यांत्रिक क्रिया द्वारा
  2. रसायनिक क्रिया द्वारा
  3. जैविक क्रिया द्वारा।

प्रश्न 16.
यांत्रिक क्रिया द्वारा बनी अवसादी चट्टानों का उदाहरण दें।
उत्तर:
रेत का पत्थर, चीनी मिट्टी, ग्रिट।

प्रश्न 17.
निट किसे कहते हैं?
उत्तर:
खुरदरे रेत के पत्थर को।

प्रश्न 18.
कांग्लोमरेट से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
गोल पत्थरों के आपस में जुड़ने से बनने वाला भू-आकार।

प्रश्न 19.
काबर्न प्रधान चट्टान का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
कोयला।

प्रश्न 20.
कोयले की विभिन्न किस्मों के नाम लिखें।
उत्तर:
पीट, लिग्नाइट, बिटुमिनस तथा एंथ्रासाइट।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

प्रश्न 21.
चूना प्रधान चट्टानों का दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
चाक तथा चूने का पत्थर।

प्रश्न 22.
अवसादी चट्टानों में पाये जानेवाले दो फॉसिल ईंधन बताएँ।
उत्तर:
कोयला तथा पेट्रालियम।

प्रश्न 23.
रसायनिक क्रिया द्वारा निर्मित दो चट्टानों के नाम लिखें।
उत्तर:
जिप्सम तथा चट्टानी नमक।

प्रश्न 24.
तलछट को कठोर बनाने में किस तत्त्व का योगदान है।
उत्तर:
सिलिका, कैल्साइट आदि संयोजक पदार्थ।

प्रश्न 25.
अवसादी चट्टानों के लिए निक्षेप करने वाले कार्यकर्ता बताएँ।
उत्तर:
नदी, वायु, ग्लेशियर।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

प्रश्न 26.
‘Sadimentary’ शब्द किस शब्द से बना है?
उत्तर:
‘Sadimentum’ शब्द से जिसका अर्थ है नीचे बैठना।

प्रश्न 27.
पश्चिमी भारत में बैसाल्ट में घिरे हुए विशाल क्षेत्र का नाम लिखें।
उत्तर:
दक्कन ट्रैप।

प्रश्न 28.
लैकोलिथ से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
नीचे से मैग्मा के उभार से बने टीले।

प्रश्न 29.
बैथोलिथ शब्द का क्या अर्थ होता है?
उत्तर:
बैथोलिथ भीतरी आग्नेय चट्टान का गुम्बद आकार ग्रेनाइट का भू-खण्ड होता है।

प्रश्न 30.
ग्रेनाइट में बड़े रवे क्यों होते हैं?
उत्तर:
मैग्मा के धीरे-धीरे ठण्डा होने के कारण।

प्रश्न 31.
पातालीय चट्टानों का एक उदाहरण दें।
उत्तर:
ग्रेनाइट।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

प्रश्न 32.
अधिक गहराई में मैग्मा अन्दर क्यों ठण्डा हो जाता है?
उत्तर:
ऊपरी चट्टानों में दबाव होने के कारण।

प्रश्न 33.
PVT क्रिया से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
यह कायांतरित क्रिया का संक्षेप रूप है, यह क्रिया P= Pressure, V= Volume, T= Temperature द्वारा होती है।

प्रश्न 34.
निर्माण पद्धति के आधार पर अवसादी शैलों का वर्गीकरण करो।
उत्तर:
निर्माण पद्धति के आधार पर अवसादी शैलों का वर्गीकरण तीन प्रमुख समूहों में किया गया है –

  1. यांत्रिकी रूप में निर्मित उदाहरणार्थ, बालुकाश्म, पिंडशिल, चूना प्रस्तर, शैल, विमृदा आदि
  2. कार्बनिक रूप में निर्मित उदाहरणार्थ, गीजराइट, खड़िया चूना, पत्थर कोयला आदि तथा
  3. रसायनिक रूप से निर्मित-उदाहरणार्थ, शृंग, प्रस्तर चूना पत्थर, पोटैश आदि।

प्रश्न 35.
प्रस्तीकरण (Lithification) से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
अपरदन के कार्यकर्ता शैलों को छोटे-छोटे खण्डों में विभाजित करते हैं। सघनता के कारण ये पदार्थ शैलों में बदल जाते हैं। इसे प्रस्तीकरण कहते हैं।

प्रश्न 36.
पेट्रोलॉजी का शुद्ध अर्थ क्या है ?
उत्तर:
पेट्रोलॉजी शैलों का विज्ञान है। एक पेट्रो-शास्त्री शैलों के विभिन्न स्वरूपों का अध्ययन करता है। जैसे-खनिज की संरचना, बनावट, स्रोत, प्राप्ति स्थान, परिवर्तन एवं दूसरी शैलों के साथ सम्बन्ध ।

प्रश्न 37.
निर्माण पद्धति के अनुसार शैलों के प्रकार बताएँ।
उत्तर:
शैलों के विभिन्न प्रकार हैं। जिनको उनकी निर्माण पद्धति के आधार पर तीन समूहों में विभाजित किया जाता है –

  1. आग्नेय शैल – मैग्मा तथा लावा से घनीभूत
  2. अवसादी शैल-बहिर्जनित प्रक्रियाओं के द्वारा शैलों के अंशों के निक्षेपन का परिणाम तथा
  3. कायंतरित शैल उपस्थित शैलों में पुनक्रिस्टलीकरण प्रक्रिया से निर्मित।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

प्रश्न 38.
शैलों का ज्ञान क्यों आवश्यक है ?
उत्तर:
शैलों एवं स्थालाकृतियों तथा शैलों एवं मृदा में निकट सम्बन्ध होने के कारण भूगोलशास्त्री को शैलों का मौलिक ज्ञान होना आवश्यक होता है।

प्रश्न 39.
किन खनिजों का निर्माण एक तत्त्वों से बना है?
उत्तर:
सल्फर, ताँबा, चाँदी, स्वर्ण, ग्रेफाइट।

प्रश्न 40.
शैल तथा कोयला किन चट्टानों में बदल जाते है?
उत्तर:
शैल स्लेट में तथा कोयला ग्रेफाइट में बदल जाता है।

प्रश्न 41.
ग्रेनाइट तथा बैसाल्ट किन चट्टानों में बदल जाती है?
उत्तर:
ग्रेनाइट नीस में तथा बैसाल्ट शिल्ट में बदल जाता है।

प्रश्न 42.
रेत का पत्थर तथा चूने का पत्थर किन चट्टानों में परिवर्तित हो जाता है?
उत्तर:
रेत का पत्थर क्वार्ट्साइट तथा चूने का पत्थर संगमरमर में बदल जाता है।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

प्रश्न 43.
चटटानें अपना रंग तथा रचना क्यों बदल लेती हैं?
उत्तर:
ताप तथा दबाव के कारण।

प्रश्न 44.
रूपांतरित शब्द का क्या अर्थ है?
उत्तर:
रूप में परिवर्तन।

प्रश्न 45.
रसायनिक क्रिया से बनने वाली चट्टानों में मुख्य क्रिया कौन-सी है?
उत्तर:
वाष्पीकरण।

प्रश्न 46.
शैली चक्र से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
शैली चक्र एक सतत् प्रक्रिया है जिसमें पुरानी शैलें परिवर्तित होकर नवीन रूप लेती है।

प्रश्न 47.
पल्लवन से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
कायांतरण की प्रक्रिया में शैलों के कुछ कण या खनिज सतहों या रेखाओं के रूप में व्यवस्थित हो जाते हैं। इस व्यवस्था को पल्लवन या रेखांकन कहते हैं।

प्रश्न 48.
कायंतरित क्रिया से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
कायांतरित वह प्रक्रिया है जिसमें समेकित शैलों में पनः क्रिस्टलीकरण होता है तथा वास्तविक शैलों में पदार्थ पुनः संगठित हो जाते हैं।

लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
खनिज की परिभाषा दें।
उत्तर:
शैलों की रचना पदार्थों के इकट्ठा होने से होती है। खनिज प्राकृतिक रूप में पाया जाने वाला एक अजैव तत्त्व (Inorganicelement) था यौगिक (Compound) है । इसकी एक निश्चित रसायनिक रचना होती है । इसके संघटन में आण्विक संरचना पाई जाती है। इसके भौतिक गुण भी निश्चित होते हैं। अतः खनिज प्रकृति में पाये जाने वाले रसायनिक पदार्थ हैं। ये पदार्थ तत्त्व भी हो सकते हैं और यौगिक भी।

प्रश्न 2.
शैल निर्माणकारी खनिज किसे कहते हैं ?
उत्तर:
पृथ्वी पर लगभग 2000 प्रकार के खनिज पाए जाते हैं। परन्तु इनमें से केवल 12 खनिज ही मुख्य रूप से भू-पृष्ठ की शैलों का निर्माण करते हैं। इन खनिजों को शैल निर्माणकारी खनिज (Rock forming Minerals) कहते हैं इन खिनिजों में सिलिकेट सबसे महत्त्वपूर्ण एवं प्रधान होता है। इन शैलों में सबसे सामान्य खनिज क्वार्ट्ज (Quartz) पाया जाता है।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

प्रश्न 3.
खनिज कितने तत्त्वों से बनते हैं ? मुख्य तत्त्व कौन-से हैं ? सिलिका तथा चूने के कार्बोनेट में कौन-से तत्त्व हैं?
उत्तर:
सामान्य खनिज 8 मुख्य तत्त्वों (Elements) से बनते हैं। इनमें से सिलिकेट कर्बोनेट, ऑक्साइड तत्त्वों की मात्रा अधिक है । भू-पटल के खनिजों में 87% खनिज सिलिकेट हैं। सिलिका में 2 तत्त्व है-सिलिकॉन तथा ऑक्सीजन । चूने के कार्बोनेट में 3 तत्त्व हैं-कैल्श्यिम, कार्बन ऑक्सीजन।

प्रश्न 4.
शैल (Rock) की परिभाषा दो।
उत्तर:
भू-पृष्ठ (Crust) का निर्माण करने वाले सम्पूर्ण ठोस जैव एवं अजैव पदार्थों को शैल (चट्टान) कहते हैं (“Any natural, solid organic or inorganic material out of which the crust is formed is called a Rock”)। शैल ग्रेनाइट की भांति कठोर या पंक की भाँति नरम भी हो सकती है। भू-पृष्ठ शैलों का बना हुआ है। शैल की रचना कई खनिज पदार्थों के मिलने से होती है। कुछ शैल ऐसे भी हैं जिनमें एक ही प्रकार के खनिज पाए जाते हैं । खनिज पदार्थों की विभिन्न मात्रा के कारण ही हर शैल की कोमलता या कठोरता रंग-रूप गुण शक्ति अलग-अलग होती है।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

प्रश्न 5.
स्थलमण्डल किसे कहते हैं? स्थलमण्डल की कितनी गहराई तक चट्टानें पाई जाती हैं?
उत्तर:
स्थल मण्डल (Lithosphere) का अर्थ है चट्टानों का परिमण्डल । पृथ्वी की बाहरी ठोस पर्त को भूपर्पटी (Crust) कहते हैं। यह क्षेत्र चट्टानों का बना हुआ है। धतराल से लगभग 16 कि० मी० की गहराई तक स्थलमण्डल में चट्टानें पाई जाती हैं।

प्रश्न 6.
धात्विक तथा अधात्वि खनिजों में अन्तर स्पष्ट करो।
उत्तर:
धात्विक खनिज – इनमें धातु तत्त्व होते हैं तथा इनको तीन प्रकारों में विभाजित किया जा सकता है।

  • बहुमूल्य धातु – स्वर्ण, चाँदी, प्लैटिनम आदि।
  • लौह धातु – लौह एवं स्टील के निर्माण के लिए लोहे में मिलाई जाने वाली अन्य धातुएँ।
  • अलौहिक धातु – इनमें ताम्र, सीशा, जिंक, टिन, एलूमिनियम आदि धातु शामिल होते हैं।

अधात्विक गनिज – इनमें धातु के अंश उपस्थित नहीं होते हैं। गंधक फॉस्फेट तथा नाइट्रेट अधात्वि खनिज हैं। सीमेंट अधात्विक खनिजों का मिश्रण है।

प्रश्न 7.
‘चट्टानें पृथ्वी के इतिहास के पृष्ठ हैं।’ व्याख्या करें।
उत्तर:
चट्टानों पृथ्वी के भू-वैज्ञानिक इतिहास के बारे में जानकारी प्रदान करती हैं। इसमें पाये जाने वाले खनिज तथा इससे बनी मिट्टी प्राकृतिक वातावरण का एक महत्त्वपूर्ण अंग हैं। चट्टानों की तहों में जीव-जन्तु और वनस्पतियों के अवशेष सुरक्षित रहते हैं। ये जीवावशेष इन चट्टानों की उत्पत्ति व समय के बारे में जानकारी देते हैं। इसलिए कहा जाता है, “चट्टानें पृथ्वी के इतिहास के पृष्ठ हैं तथा जीवावशेष उसके क्षर हैं ” (“Rocks are the pages of Earth History and Fossils are the writing on it”.)।

प्रश्न 8.
पृथ्वी की पर्पटी में कौन से प्रमुख तत्त्व हैं ?
उत्तर:
पृथ्वी विभिन्न तत्त्वों से बनी हुई है। इनकी बाहरी परत पर ये तत्त्व ठोस रूप में और और आंतरिक परत में ये गर्म एवं पिघली हुई अवस्था में पाये जाते हैं। पृथ्वी के सम्पूर्ण पर्पटी क, लगभग 98 प्रशित भाग आठ तत्त्वों, जैसे-ऑक्सीजन, सिलिकन, एलुमिनियम लोहा, कैल्शियम, सोडियम पोटाशियम तथा मैग्नीशियम से बना है तथा शेष भाग टायटेनियम, हाइड्रोजन, फॉस्फोरस मैंगनीज सल्फर, कार्बन निकिल एवं अन्य पदार्थों से बना है।
सारणी : पृथ्वी के पर्पटी के प्रमुख तत्त्व
Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

प्रश्न 9.
भौतिक एवं रासायनिक अपक्षय में अन्तर स्पष्ट करें।
उत्तर:
भौतिक एवं रासायनिक अपक्षय में निम्नलिखित अंतर हैं –

  1. भौतिक अपक्षय चट्टानों : का विघटन भौतिक बलों द्वारा होता है, जिससे चटटानों में कोई रासायनिक परिवर्तन नहीं होता। जबकि रासायनिक अपक्षय में चट्टानों का अपघटन रासायनिक क्रिया द्वारा होता है, जिससे चट्टानों में रासायनिक परिवर्तन आ जाता है।
  2. भौतिक अपक्षय के मुख्य कारक ताप, पाला तथा दाब है, जबकि रासायनिक अपक्षय के मुख्य कारक ऑक्सीकरण, कार्बोनिकरण जलयोजन तथा बिलयन है।
  3. भौतिक अपक्षय के उदाहरण शुष्क तथा शीत प्रदेश में पाये जाते हैं जबकि रासायनिक अपक्षय के उदाहरण उष्ण तथा आर्द्र प्रदेशों में मिलते हैं।

प्रश्न 10.
स्लेट चट्टानों के किस वर्ग से सम्बन्धित है? इसका क्या उपयोग है? भारत के किन भागों में स्लेट चट्टानों मिलती हैं?
उत्तर:
स्लेट एक रूपांतरित चट्टान है। यह शैल चट्टान पर अधिक दबाव से बनती है। यह भवन निर्माण में छत डालने (Roofing) के काम आती हैं। इसे बच्चों के लिखने में प्रयोग किया जाता है। इसे बिलियर्डस की मेज बनाने में प्रयोग करते हैं। भारत में यह रेवाड़ी (हरियाणा), कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) तथा बिहार में पाई जाती है।

प्रश्न 11.
कोयले के विभिन्न प्रकारों के नाम तथा उनमें कार्बन की मात्रा लिखो।
उत्तर:
कोयले में कार्बन की मात्रा के अनुसार निम्नलिखित प्रकार पाये जाते हैं –

  1. पीट (Peat) – इसमें कार्बन की मात्रा 40% से कम होती है।
  2. लिग्नाइट (Lignite) – इसमें कार्बन की मात्रा 50% से 70% तक होती है।
  3. बिटुमिनस (Bituminus) – इसमें कार्बन की मात्रा 50% से 70% तक होती है।
  4. एन्थासाइट (Anthracite) – इसमें कार्बन की मात्रा 70% से अधिक होती है।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

प्रश्न 12.
संगमरमर मूल रूप से कौन-सी चट्टान है? इसकी रचना कैसी होती? इसका उपयोग बताओ।
उत्तर:
संगमरमर एक परिवर्तित चट्टान है। चूने का पत्थर संगमरमर की मूल चट्टान है। गर्म मैग के संस्पर्श से चूने का पत्थर संगमरमर में परिवर्तित हो जाता है। संगमरमर इमारती पत्थर के मूल्य में बहुमूल्य है। आगरे का ताजमहल संगमरमर का बना हुआ है। भारत में यह अलवर, अजमेर जयपुर तथा जोधपुर के समीप पाया जाता है।

प्रश्न 13.
ग्रेनाइट, चट्टानों के किस वर्ग से सम्बन्धित है? इसका क्या उपयोग है? भारत के किन भागों में ग्रनाइट चट्टानों मिलती हैं?
उत्तर:
ग्रेनाइट पातालीय आग्नेय चट्टान है। यह एक कठोर चट्टान है जो विभिन्न रंगों जैसे-भूरे, लाल तथा सफेद में पाई जाती है। इसका उपयोग इमारतें, किलें, मन्दिर, मर्तियाँ तथा सड़क बनाने में किया जाता है। दक्षिण भारत के दक्कन पठार मध्य प्रदेश, छोटा नागपुर पठार तथा राजस्थान में ग्रेनाइट पत्थर मिलता है।

प्रश्न 14.
दक्कन ट्रैप (Deccan Trap) से क्या अभिप्राय है? इसका क्या महत्त्व है?
उत्तर:
भारतीय प्रायद्धीप के उत्तर:पश्चिमी भाग में बैसाल्ट चट्टानों से ढंके हए विशाल क्षेत्र को ढक्कन ट्रैप कहते हैं । इस क्षेत्र का विस्तार लगभग 5,00,000 वर्ग किमी है । इन चट्टानों के अपक्षरण से उपजाऊ काली मिट्टी का निर्माण हुआ है जिसे रेगूर (Regur) मिट्टी कहते हैं। यह मिट्टी कपास की कृषि के लिए उत्तम है।

प्रश्न 15.
रवों (Crystals) का निर्माण किस तत्त्व पर निर्भर करता है?
उत्तर:
पिघले हुए लावा के ठण्डा होने से रवों का निर्माण होता है। रवों का आकार छोटा या बडा हो सकता है। रवों का आकार मैग्मा के शीतलन (rate of cooling of magma) की क्रिया पर निर्भर करता है। धरातल पर शीघ्र ही ठण्डा होने के कारण धरातल पर बनने वाले रवों का आकार छोटा होता है। इनका गठन कांच जैसा होता है, जैसे-बैसाल्ट । मैग्मा के शीतलन की क्रमिक क्रिया से बड़े-बड़े रवों का निर्माण होता है। मैग्मा के धीरे-धीरे ठण्डा होने से पातालीय चट्टानों में बड़े आकार के रवों या मोटे दोनों वाले गठन का निर्माण होता है. जैसे-ग्रेनाइट।

प्रश्न 16.
चूना पत्थर तथा कोयला के बनने की प्रक्रियाओं में अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर:
चूना पत्थर तथा कोयला के बनने की प्रक्रियाओं में अन्तर –
Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

प्रश्न 17.
शैल तथा खनिज में अन्तर स्पष्ट करें।
उत्तर:
शैल तथा खनिज में अन्तर –
Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

प्रश्न 18.
अम्लीय तथा क्षारीय चट्टानों में क्या अन्तर है?
उत्तर:
अम्लीय तथा क्षारीय चट्टानों में अन्तर –
Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

प्रश्न 19.
निम्नलिखित शैलों को आग्नेय, अवसादी व कायांतरित शैलों में वर्गीकृत कीजिए

  1. ग्रेनाइट
  2. स्टेल
  3. चूना पत्थर
  4. संगमरमर
  5. मृतिका
  6. बेसाल्ट
  7. बलुआ पत्थर
  8. कोयला
  9. खड़िया
  10. जिप्सम
  11. नीस तथा
  12. शिल्ट

उत्तर:
Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

प्रश्न 20.
मैग्मा एवं लावा में अन्तर स्पष्ट करें।
उत्तर:
मैग्मा तथा लावा में अन्तर –
Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
अवसादी चट्टानें क्या होती हैं? ये किस प्रकार बनती है? इनकी विशेषताओं का वर्णन करें।
उत्तर:
अवसादी चट्टानों का निर्माण अपरदन द्वारा प्राप्त अवसाद के जमाव से होता है। तलछट में छोटे व बड़े आकार के कण होते हैं इन कणों के एकत्र होकर नीचे बैठ जाने से अवसादी चट्टानों का निर्माण होता है। पृथ्वी के धरातल पर अपरदन से प्राप्त पदार्थ को जल, वायु, हिमनदी जमा करते रहते है। ये तलछट समुद्रों, झीलों, नदियों, डेल्टाओं या मरुस्थलों के धरातल आदि क्षेत्रों में जमा होते है। – इन चट्टानों की रचना कई पदो (Stages) में पूरी होती है। तलछट की परतों के संवहन तथा संयोजन से अवसादी शैलों का निर्माण होता है।

  • तलछट का निक्षेप – यह पदार्थ एक निश्चित क्रम के अनुसार जमा होते रहते हैं। पहले बड़े कण तथा उसके बाद छोटे कण ।
  • परतों का निर्माण – लगातार जमाव के कारण परतों का निर्माण होता है। पदार्थ एक परत के ऊपर, दूसरी परत के रूप में जमा होते हैं।
  • ठोस होना – ऊपरी परतों के भार के कारण परते संगठित होने लगती हैं। सिलिका, कैलसाइट, चिकनी मिट्टी आदि संयोजक चट्टानों को ठोस रूप दे देते हैं। इस प्रकार इन दोनों क्रियाओं के सम्मिलत रूप को शिलाभवन कहते हैं।

तलछटी चट्टान तीन प्रकार से बनती हैं –

  1. यांत्रिक क्रिया द्वारा
  2. जैविक पदार्थों द्वारा तथा
  3. रसायनिक तत्त्वों द्वारा।।

1. यांत्रिक क्रिया द्वारा – इन चट्टानों का निर्माण अपरदन व परिवहन करने वाली शक्तियों द्वारा होता है, जैसे-नदी, पवन, हिम आदि । बालुकामय तथा मृणमय चट्टानें इस प्रकार के उदाहरण हैं।
Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

2. जैविक पदार्थों द्वारा – इन चट्टानों का निर्माण जीव – जन्तुओं तथा वनस्पति के अवशेषों के दब जाने से होता है। ये चट्टानों मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है

  • काबर्न प्रधान चट्टानें – कोयला इस प्रकार की चट्टान हैं।
  • चूना प्रधान चट्टानें – उदाहरण-चूने का पत्थर, खड़िया, डोलोमाईट आदि।

3. रासायनिक तत्त्वों द्वारा – उदाहरण – नमक, जिप्सम।

4. अवसादी चट्टानों की विशेषताएँ –

  • इन चट्टानों में विभिन्न परतें पाई जाती हैं, इसलिए इन्हें परतदार चट्टानें कहते हैं। दो परतों को अलग करने वाले तल को संस्तरण तल कहते हैं।
  • इनका निर्माण छोटे – छोटे कणों से होता है।
  • इनमें जीव – जन्तुओं तथा वनस्पति के अवशेष पाए जाते हैं।
  • जल में निर्माण के कारण इनमें लहरों, धाराओं और कीचड़ के चिह्न मिलते हैं।
  • ये चट्टानें मुलायम तथा प्रवेशीय होती हैं। इनका अपरदन शीघ्र होता है। अधिकतर क्षैतिज स्थिति में पाई जाती हैं।
  • ये पृथ्वी के धरातल पर 75 प्रतिशत भाग में फैली हुई हैं। परन्तु पृथ्वी की गहराई में 5 प्रतिशत है।

प्रश्न 2.
तीन प्रकार की चट्टानों में सम्बन्ध की व्याख्या चट्टानी चक्र की सहायता से कीजिए।
उत्तर:
एक वर्ग की चट्टानों को दूसरे वर्ग की चट्टानों में बदलने की क्रिया को चट्टानी चक्र (Rock Cycle) कहते हैं। इस चक्र में दो प्रकार की शक्तियाँ कार्य करती हैं –

  1. पृथ्वी के भू – गर्भ की गर्मी
  2. बाह्य शक्तियों से अपरदन

पृथ्वी पर सबसे पहले आग्नेय चट्टानों का निर्माण हुआ। विभिन्न कारकों जैसे पवन, जल, हिम द्वारा अपरदन से तलछट प्राप्त कर तथा जमाव से तलछटी चट्टानें बनती हैं। ये चट्टानें ताप, दाब तथा रसायनिक क्रिया से रूपान्तरित चट्टानें बनाती हैं। रूपान्तरित फिर पिघलकर आग्नेय चट्टानें बन जाती हैं। अपक्षय तथा अपरदन से ये मलछटी चट्टानें बन जाती हैं। इस प्रकार एक वर्ग की चट्टानों में परिवर्तित हो जाती हैं । इस क्रिया को चट्टान चक्र (Rock Cycle) कहते हैं।

उदाहरण के लिए, चूने का पत्थर संगमरमर की मूल चट्टान है। गर्म मैग्मा के सस्पर्श से चूने का पत्थर संगमरमर में परिवर्तित हो जाता है। स्लेट एक रूपान्तरित चट्टान है। यह शैल चट्टान पर अधिक दबाव से बनती है। चूने का पत्थर क्षेत्रीय रूपान्तरण के कारण क्वार्ट्साइट में बदल जाता है।

रूपान्तरित चट्टानें तथा आग्नेय लगभग समान परिस्थितियों में बनती हैं। इस प्रकार, पवन, जल, हिम, ताप तथा दाब के प्रभावों से चट्टानें; एक वर्ग से दूसरे वर्ग की चट्टान में परिवर्तित होती रहती हैं।
Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

प्रश्न 3.
निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखें

  1. अवसादी शैल
  2. कायान्तरण के प्रकार
  3. खनिजों का आर्थिक महत्त्व।

उत्तर:
1. अवसादी शैल:
इन शैलों का निर्माण शैलों के अपक्षय तथा अपरदन से प्राप्त अवसादों से होता है। पवन, जल तथा हिम शैलों को अपरदित करते हैं, और अवसाद को निम्न क्षेत्रों में परिवहित करते हैं। जब इनका निक्षेप समुद्र में होता है, वे सन्पीड़ित और कठोर होकर शैल परतों की रचना करते हैं। अवसाद खंडित खनिज तथा जैविक पदार्थ हैं, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, पूर्व स्थित शैलों तथा जीवन-प्रक्रियाओं से प्राप्त होते हैं और वायु, जल अथवा हिम द्वारा परिवहित और निक्षेपित किए जाते हैं बलुआ पत्थर बालू के कणों से बनता है।

खड़िया करोड़ों सूक्ष्म जीवों के छोटे-छोटे कैल्शियम कार्बोनेटी (चूना) अवशेषों से बनती है। कठोर परतों के निर्माण की प्रक्रिया को शिलीभवन कहते हैं कभी-कभी अवसादों में निक्षेप के बाद रासायनिक परिवर्तन भी होते हैं। भौतिक तथा रसायनिक परिवर्तनों की सभी प्रक्रियाएँ जो अवसादों को उनके ठोस शैल में परिवर्तित होने के दौरान प्रभावित करती हैं, प्रसंघनन कहलाती हैं।

अवसादी शैलों को खंडज तथा अखंडज-दो वर्गों में वर्गीकृत किया गया है। शैलों का नामकरण, शैलों में उपस्थित खनिज कणों के आकार पर निर्भर करता है। खनिज कणों के आकार के अनुसार कोटि-निर्धारण करने के लिए ‘वेंटवर्थ मापक’ मापन का प्रयोग किया जाता है । अखंडज अवसादी शैल दो प्रकार से बनती है-रासायनिक अवक्षेप तथा जैव पदार्थों से प्राप्त अवसाद। जैव पदार्थों से प्राप्त अवसादों में कोयला, चूना पत्थर इसके उदाहरण हैं। रासायनिक अवसादों के उदाहरण हैं-कैल्शियम सल्फेट, एनहाइड्राइट, जिप्सम (कैल्सियम सल्फेट हाइड्स)।

2. कायान्तरण के प्रकार:
ताप तथा दाब के कारण नई खनिज शैलों का निर्माण होता है। मृतिका ताप तथा दाब से प्रभावित होकर स्टेल में कायान्तरित हो जाती है। इसी प्रकार चूना पत्थर संगमरमर में कायान्तरित हो जाता है। कायान्तरित शैलों को दो बड़ी भागों में बाँटा जा सकता है – अपदलनी तथा पुनक्रिस्टलीकृत शैल। अपदलनी का निर्माण पूर्व-स्थित खनिजों का पर्याप्त रासायनिक परिवर्तन के बिना यौगिक विघटन से हुआ है।

इस प्रक्रिया को गतिक कायान्तरण कहते हैं। पुनक्रिस्टलिकृत शैल मूल खनिजों के पुनः क्रिस्टलीकरण होने से बनती है। पुनर्किस्टलीकृत शैल को दो उपभागों में बाँटा गया है-संस्पर्श कायान्तरित तथा प्रादेशिक कायान्तरित कार्यातरण की प्रक्रिया जारी रहने पर खनिजों का एक बड़ा प्रतिशत प्लेट जैसा शक्ति ग्रहण कर लेता है। ये खनिज शैल एक सामान्तर रेखा में एकत्र हो जाते हैं। इस संरचना को शल्कन कहते हैं।

सुविकसित शल्कन को शिल्ट कहते हैं। शिल्ट की आकृति में वृद्धि हो जाती है जिन्हें पॅफिरोब्लास्ट कहते हैं। कायान्तरित चट्टान का एक अन्य रूप है। सरेखण, इसमें खनिजों के कण एक लम्बी, पतली पेन्सिल जैसी वस्तु के रूप में एकत्र हो जाते हैं।

3. खनिजों का आर्थिक महत्त्व : उपयोगिता की दृष्टि से खनिजों को चार प्रमुख वर्गों में बाँटा जा सकता है –

(क) आवश्यक संसाधन, ऊर्जा सन्साधन, धातु सन्साधन तथा औद्योगिक सन्साधन । इनमें से सर्वाधिक आधारभूत वर्ग आवश्यक सन्साधन है, जिनमें मृदा तथा जल शमिल हैं।

(ख) ऊर्जा सन्साधन को जीवाश्मी ईंधन तथा परमाणु ईंधन में विभक्त किया जा सकता है। धात्विक सन्साधनों में संरचनात्मक धातुओं, जैसे-लोहा, एल्यूमिनियम एवं रिटेनियम से लेकर अलंकारी एवं औद्योगिक धातुएँ जैसे-सोना, प्लेटिनम तथा गैलियम शामिल हैं।

(ग) औद्योगिक खनिजों में 30 से अधिक वस्तुएँ शामिल हैं। जैसे-नमक, एस्बेस्टस तथा बालु।

(घ) खनिज निक्षेपों को उनके उपभोग की दर के बराबर पैदा करने की हमारी योग्यता तथा क्षमता होने की कोई सम्भावना नहीं है। द्वितीय खनिज निक्षेपों की महत्ता स्थानबद्ध है।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

प्रश्न 4.
निम्नलिखित में अन्तर स्पष्ट करें –

  1. रासायनिक अवक्षेप तथा जैव पदार्थों से प्राप्त अवसाद
  2. अपदलनी शैल और पुनक्रिस्टलीकृत शैल
  3. शल्कण संरेखण।

उत्तर:
1. रासायनिक अवक्षेप तथा जैव पदार्थों से प्राप्त अवसाद –
Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

2. अपदलनी शैल और पुनक्रिस्टलीकृत शैल –
Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

3. शल्कन और संरेखण –
Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 5 खनिज एवं शैल

प्रश्न 5.
आग्नेय शैलों के निर्माण का वर्णन, उनके विभिन्न प्रकारों को उपयुक्त उदाहरण देते हुए वर्णन कीजिए।
उत्तर:
आग्नेय शैलों का निर्माण ज्वालामुखी से निकले हुए लावा से अथवा उष्ण मैग्मा के भूपर्पटी के नीचे ठण्डा होने से हुआ है। ग्रेनाइट मोटे दाने वाली आग्नेय शैल है। यह मैग्मा के धीरे-धीरे ठण्डा होने से बनी है। . बैसाल्ट महीन दानों वाली काली आग्नेय शैल है, जो लावा के शीघ्र ठण्डा होने से बनी है। मैग्मा के रासायनिक विभेदन के आधार पर आग्नेय शैलें दो प्रकार की होती है-मैफिक और फेल्सिक।

आग्नेय शैल में खनिज क्रिस्टलों का आकार मैग्मा के ठण्डा होने की दर पर निर्भर है। सामान्य तौर पर मैग्मा के शीघ्र ठण्डा होने पर छोटे क्रिस्टल तथा धीरे-धीरे ठण्डा होने पर बड़े क्रिस्टल बनते हैं। अतिशीघ्र ठण्डा होने से प्राकृतिक काँच या ग्लास की उत्पत्ति होती है, जो क्रिस्टलविहीन होती है। मैग्मा को चारों ओर से घेरने वाली शैले ऊष्मा के निष्कासन में बाधा डालती है।

बड़े क्रिस्टल, जो आँखों से देखे जा सकते हैं, दृश्यक्रिस्टल कहलाते हैं, जो क्रिस्टल केवल माइक्रोस्कोप की सहायता से देखे जाते हैं, ऐफान क्रिस्टल कहलाते हैं। जब शैल में सभी क्रिस्टल एक ही आकार के हों, उस शैल गठन को समणिक कहते हैं। जब बड़े क्रिस्टल छोटे क्रिस्टलों के आव्यूह में अन्तः स्थापित होते हैं, उन्हें दीर्घ क्रिस्टल अन्तर्वेशी या पॅर्फिराइटिक कहते हैं।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 4 महासागरों और महाद्वीपों का वितरण

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 4 महासागरों और महाद्वीपों का वितरण Textbook Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 4 महासागरों और महाद्वीपों का वितरण

Bihar Board Class 11 Geography महासागरों और महाद्वीपों का वितरण Text Book Questions and Answers

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 4 महासागरों और महाद्वीपों का वितरण

(क) बहुवैकल्पिक प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
निम्न में से किसने सर्वप्रथम यूरोप, अफ्रीका व अमेरिका के साथ स्थित होने की संभावना व्यक्त की?
(क) अल्फ्रेड वेगनर
(ख) अब्राहम आरटेलियस
(ग) एनटोनियो पेलग्रिनी
(घ) एमंड हैस
उत्तर:
(ख) अब्राहम आरटेलियस

प्रश्न 2.
निम्न में से किसने सर्वप्रथम यूरोप, अफ्रीका व अमेरिका के साथ स्थित होने की संभावना व्यक्त की?
(क) अल्फ्रेड वेगनर
(ख) अब्राहम आरटेलियस
(ग) एनटोनियो पेलग्रिनी
(घ) एमंड हैस
उत्तर:
(ख) अब्राहम आरटेलियस

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 4 महासागरों और महाद्वीपों का वितरण

प्रश्न 3.
पोलर फ्लिंग बल (Polar fleeing force) निम्नलिखित में से किससे सम्बन्धित है?
(क) पृथ्वी का परिक्रमण
(ख) पृथ्वा का घूर्णन
(ग) गुरुत्वाकर्षण
(घ) ज्वारीय बल
उत्तर:
(ख) पृथ्वा का घूर्णन (ग) गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 3.
इनमें से कौन सी लघु (Minor) प्लेट नहीं है?
(क) नाजका
(ख) फिलिप्पिन
(ग) अरब
(घ) अंटार्कटिक
उत्तर:
(घ) अंटार्कटिक

प्रश्न 4.
सागरीय तल विस्तार सिद्धांत की व्याख्या करते हुए हेस ने निम्न से किस अवधारणा को नहीं विचारा?
(क) मध्य-महासागरीय कटकों के साथ ज्वालामुखी क्रियाएँ
(ख) महासागरीय नितल की चट्टानों में सामान्य व उत्क्रमण चुम्बकत्व क्षेत्र की पट्टियों का होना।
(ग) विभिन्न महाद्वीपों में जीवाश्मों का वितरण
(घ) महासागरीय तल की चट्टानों की आयु।
उत्तर:
(ग) विभिन्न महाद्वीपों में जीवाश्मों का वितरण

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 4 महासागरों और महाद्वीपों का वितरण

प्रश्न 5.
हिमालय पर्वतों के साथ भारतीय प्लेट की सीमा किस तरह की प्लेट सीमा है?
(क) महासागरीय-महाद्वीपीय अभिसरण
(ख) अपसारी सीमा
(ग) रूपांतर सीमा
(घ) महाद्वीपीय अभिसरण
उत्तर:
(क) महासागरीय-महाद्वीपीय अभिसरण

प्रश्न 6.
महाद्वीपीय विस्थापन के सिद्धांत का प्रतिपादन किसने किया?
(क) वेगनर
(ख) बेकन
(ग) टेलर
(घ) हेनरी हेस
उत्तर:
(ग) टेलर

प्रश्न 7.
निम्नलिखित में से कौन-सा सबसे छोटा महासागर है?
(क) हिन्द महासागर
(ख) आर्कटिक महासागर
(ग) अटलांटिक महासागर
(घ) प्रशांत महासागर
उत्तर:
(ख) आर्कटिक महासागर

प्रश्न 8.
निम्नलिखित में से कौन-सा पटल विरूपण से संबंधित नहीं है?
(क) पर्वत बल
(ख) प्लेट विवर्तनिक
(ग) महादेश जनक बल।
(घ) संतुलन
उत्तर:
(ग) महादेश जनक बल।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 4 महासागरों और महाद्वीपों का वितरण

प्रश्न 9.
समुद्रतल पर सामान्य वायुमंडलीय दाब कितना होता है?
(क) 1031.25 मिलीबार
(ख) 1013.25 मिलीबार
(ग) 1013.52 मिलीबार
(घ) 1031.52 मिलीबार
उत्तर:
(ख) 1013.25 मिलीबार

प्रश्न 10.
लवणता को प्रति, समुद्र तल में घुले हुए नमक (ग्राम) को मात्रा से व्यक्त किया जाता है
(क) 10 ग्राम
(ख) 100 ग्राम
(ग) 1000 ग्राम
(घ) 10,000 ग्राम
उत्तर:
(ग) 1000 ग्राम

(ख) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए

प्रश्न 1.
महाद्वीपों के प्रवाह के लिए वेगनर ने निम्नलिखित में से किन बलों का उल्लेख किया?
उत्तर:
वेनगर के अनुसार, महाद्वीपीय विस्थापन के दो कारण थे –

  1. पोलर या ध्रुवीय फ्लिंग बल (Polar fleeing force) और
  2. ज्वारीय बल (Tidal force)| ध्रुवीय फ्लिंग बल पृथ्वी के घूर्णन से संबंधित है। यह ज्वारीय बल सूर्य व चन्द्रमा के आकर्षण से संबंद्ध है जिससे महासागरों में ज्वार पैदा होते हैं।

प्रश्न 2.
मैटल में संवहन धाराओं के आरम्भ होने और बने रहने के क्या कारण हैं?
उत्तर:
ये धाराएँ रेडियाऐक्टिव तत्त्वों से उत्पन्न ताप भिन्नता से मैटल भाग में उत्पन्न होती हैं। आर्थर हाम्स ने तर्क दिया कि पूरे मैंटल भाग में इस प्रकार की धाराओं का तंत्र विद्यमान है।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 4 महासागरों और महाद्वीपों का वितरण

प्रश्न 3.
प्लेट की रूपांतर सीमा, अभिसरण सीमा और अपसारी सीमान्त में मुख्य अन्तर क्या है?
उत्तर:

  1. जहाँ न तो नई पर्पटी का निर्माण होता है और न ही पर्पटी का विनाश होता है उन्हें रूपान्तरण सीमा (Transform boundries) कहते हैं।
  2. जब एक प्लेट दूसरी प्लेट के नीचे फंसती है और जहाँ क्रस्ट नष्ट होती है,वह अभिसरण सीमा (Convergent boundries) है।
  3. जब दो प्लेटें एक-दूसरे से विपरीत दिशा में अलग हटती हैं और नई पर्पटी का निर्माण होता है उन्हें अपसारी सीमा (Divergent boundries) कहते हैं।

प्रश्न 4.
दक्कन ट्रैप के निर्माण के दौरान भारतीय स्थलखण्ड की स्थिति क्या थी?
उत्तर:
आज से लगभग 14 करोड़ वर्ष पहले यह उपमहाद्वीप सुदूर दक्षिण में 50° दक्षिणी आक्षांश पर स्थित था। इन दो प्रमुख प्लेटों को टिथीस सागर अलग करता था और तिब्बतीय खंड एशियाई स्थलखंड के करीब था। इंडियन प्लेट के एशियाई प्लेट की तरफ प्रवाह के दौरान एक प्रमुख घटना घटी-वह थी लावा प्रवाह से दक्कन ट्रेप का निर्माण होना । ऐसा लगभग 6 करोड़ वर्ष पहले आरम्भ हुआ और एक लम्बे समय तक जारी रहा।

(ग) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए

प्रश्न 1.
महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत के पक्ष में दिये गये प्रमाणों का वर्णन करें?
उत्तर:
जर्मन मौसमविद् अलफ्रेड वेनगर (Affred Wegner) ने महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत सन् 1912 में प्रस्तावित किया, यह सिद्धांत महाद्वीपीय एवं महासागरों के वितरण से संबंधित था। इस सिद्धान्त के पक्ष में दिए गए प्रमाण इस प्रकार थे –
(a) महाद्वीपों में साम्य – दक्षिणी अमेरिका व अक्रीका के आमने-सामने की तटरेखाएँ अद्भुत व त्रुटिरहित साम्य दिखाती हैं। 1964 ई० में बुलर्ड (Bullard) ने एक कम्प्यूटर प्रोग्राम की सहायता से अटलांटिक तटों को जोड़ते हुए एक मानचित्र तैयार किया था तटों का यह साम्य बिल्कुल सही सिद्ध हुआ।

(b) महासागरों के पार चट्टानों की आयु में समानता – आधुनिक समय में विकसित की गई रेडियोमिट्रिक काल निर्धारण (Radiometric dating) विधि से महासागरों के पार महाद्वीपों के चट्टानों के निर्माण के समय को सरलता से मापा जा सकता है। 200 करोड़ वर्ष प्राचीन शैल समूहों की एक श्रृंखला यही ब्राजील तट और पश्चिमी अफ्रीका के तट पर मिलती है जो आपस में मेल खाती है।

(c) टिलाइट (Tillite) – टिलाइट वे अवसादी चट्टानें हैं जो हिमानी निक्षेपण से निर्मित होती है। भारत में पाए जाने वाले गोंडवाना श्रेणी के तलछटों के प्रतिरूप दक्षिण गोलाद्धों के छः विभिन्न स्थलखण्डों में मिलते हैं। गोंडवाना श्रेणी के आधार तल में घने टिलाइट हैं जो विस्तृत व लम्बे समय तक हिम आवरण या हिमाच्छादन की तरफ इशारा करते हैं।

(d) प्लेसर निक्षेप (Placer Deposits) – घाना तट पर सोने के बड़े निक्षेपों कोउपस्थिति व चट्टानों की अनुपस्थिति एक आश्चर्यजनक तथ्य है। अतः यह स्पष्ट है कि घाना में मिलने वाले सोने के निक्षेप ब्राजील पठार से उस समय निकले होंगे, जब ये दोनों महाद्वीप एक-दूसरे से जुड़े थे।

(e) जीवाश्मों का वितरण (Distribution of Fossils) – कुछ वैज्ञानिकों ने इन तीनों स्थलखण्डों को जोड़कर एक सतत् स्थलखण्ड ‘लेमूरिया’ (Lemuria) की उपस्थिति को स्वीकारा । ये ‘लैग्मूर’ भारत, मेडागास्कर व अफ्रीका में मिलते हैं । मेसोसारस (Mrsosaurus) नाम के छोटे रेंगने वाले जीव केवल उथले खारे पानी में ही रह सकते थे। इनकी अस्थियाँ केवल दक्षिण अफ्रीका के दक्षिणी प्रान्त और ब्राजील में इरावर शैल समूहों में ही मिलती हैं। ये दोनों स्थान आज एक-दूसरे से 4,800 किमी. की दूरी पर हैं और इनके बीच में एक महासागर विद्यमान है।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 4 महासागरों और महाद्वीपों का वितरण

प्रश्न 2.
महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत व प्लेट विवर्तनिक सिद्धान्त में मूलभूत अंतर बताइए।
उत्तर:
इस सिद्धांत की आधारभूत संकल्पना यह थी कि सभी महाद्वीप एक अकेले भूखण्ड में जुड़े हुए थे। वेगनर के अनुसार, आज के सभी महाद्वीप इस भूखण्ड के भाग थे तथा एक बड़े महासागर से घिरा हुआ था। उन्होंने इस बड़े महाद्वीप को पैजिया (Pangea) का नाम दिया । पंजिया का अर्थ-सम्पूर्ण पृथ्वी। विशाल महासागर को पैंथालासा (Panthalasa) कहा जिसका अर्थ है-जल ही जल। वेगनर के तर्क के अनुसार लगभग 20 करोड़ वर्ष पहले इस बड़े महाद्वीप पैजिया का विभाजन आरम्भ हुआ।

पैजिया पहले दो बड़े महाद्वीपीय पिण्डो लारेशिया (Laurasia) और गोंडवाना लैण्ड (Gondwanaland) क्रमश: उत्तरी व दक्षिणी भूखण्डों का रूप में विभक्त हुआ। इसके बाद लॉरशिया व गोंडवानालैण्ड धीरे-धीरे अनेक छोटे हिस्सों में बंट गए जो आज के महाद्वीप के रूप में हैं। प्लेट विवर्तनिकी के सिद्धांत के अनुसार पृथ्वी का स्थलमण्डल सात मुख्य प्लेटों व कुछ छोटी प्लेटों में विभक्त किया जाता है। नवीन वलित पर्वत श्रेणियाँ खाइयाँ और भ्रंश इन मुख्य प्लेटों को सीमांकित करते हैं।

ग्लोब पर ये प्लेटें पृथ्वी के पूरे इतिहास काल में लगातार विचरण कर रही हैं। वेगनर की संकल्पना के अनुसार केवल महाद्वीप गतिमान है, सही नहीं है। महाद्वीप एक प्लेट का हिस्सा है और प्लेट चलायमान है। भू-वैज्ञानिक इतिहास में सभी प्लेटें गतिमान रही हैं और भविष्य में भी गतिमान रहेंगी।

प्रश्न 3.
महाद्वीपीय प्रवाह सिद्धांत के उपरान्त की प्रमुख खोज क्या है, जिससे वैज्ञानिकों ने महासागर वितरण के अध्ययन में पुनः रुचि ली?
उत्तर:
महाद्वीपीय प्रवाह उपरान्त अध्ययनों ने महत्त्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की जो वेगनर के महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत के समय उपलब्ध नहीं थी। चट्टानों के पूरे चुम्बकीय अध्ययन और महासागरीय तल के मानचित्रण ने विशेष रूप से निम्न तथ्यों को उजागर किया।

  1. यह देखा गया है कि मध्य महासागरीय कटकों के साथ-साथ ज्वालामुखी उद्गार सामान्य क्रिया और ये उद्गार इस क्षेत्र में बड़ी मात्रा में लावा बाहर निकालते हैं।
  2. महासागरीय कटक के मध्य भाग के दोनों तरफ समान दूरी पर पायी जाने वाली चट्टानों के निर्माण का समय संरचना संघटन और
  3. चुम्बकीय गुणों में समानता पाई जाती है। महासागरीय कटकों के समीप की चट्टानों में सामान्य चुम्बकत्व ध्रुवण (Normal polarity)
  4. पाई जाती है तथा ये चट्टानें नवीनतम हैं। कटकों के शीर्ष से दूर चट्टानों की आयु भी अधिक है।
  5. महासागरीय पर्पटी की चट्टानें महाद्वीपीय पर्पटी की चट्टानों की अपेक्षा अधिक नई हैं। महासागरीय पर्पटी की चट्टानें कही भी 20 करोड़ वर्ष से अधिक पुरानी नहीं हैं।
  6. गहरी खाइयों के भूकम्प के उद्गम अधिक गहराई पर हैं। जबकि मध्य-महासागरीय कटकों के क्षेत्र में भूकम्प उद्गम केन्द्र (Focil) कम गहराई पर विद्यमान हैं।

इन तथ्यों और मध्य महासागरीय कटकों के दोनों तरफ की चट्टानों के चुम्बकीय गुणों के विश्लेषण के आधार पर हैस (Hess) ने सन् 1961 में एक परिकल्पना प्रस्तुत की, जिसे सागरीय तल विस्तार (Sea floor spreading) के नाम से जाना जाता है। सागरीय तल विस्तार अवधारणा के पश्चात् विद्वानों की महाद्वीपों व महासागरों के वितरण के अध्ययन में फिर से रुचि पैदा हुई। सन् 1967 में मैक्कैन्जी (Mackenzie) पार्कर (Parker) और मार्गन (Morgan) ने स्वतंत्र रूप से उपलब्ध विचारों को समन्वित कर अवधारणा प्रस्तुत की, जिसे प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics) कहा गया।

(घ) परियोजना कार्य (Project Work)

प्रश्न 1.
भूकंप के कारण हुई क्षति से संबंधित एक कोलाज बनाइए।
उत्तर:
इस परियोजना को समाचार पत्रों की कटिंग, दूरदर्शन, रेडियों आदि पर वार्ताओं एवं पाठ्य पुस्तक (अध्याय तीन, चार एवं अन्य) से जानकारी इकट्ठा करके स्वयं कोलाज बनाइए ।

Bihar Board Class 11 Geography महासागरों और महाद्वीपों का वितरण Additional Important Questions and Answers

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
पेंजिया से पृथक् होने वाले दक्षिणी महाद्वीप का नाम लिखो।
उत्तर:
गौंडवानालैंड।

प्रश्न 2.
गौंडवानालैंड में शामिल भू-खण्डों के नाम लिखो।
उत्तर:
दक्षिणी अमेरिका, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया तथा अंटार्कटिका।

प्रश्न 3.
उस पौधे का नाम लिखो जिसका जीवाश्म सभी महाद्वीपों में मिलते हैं।
उत्तर:
ग्लोसोप्टैरिस

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 4 महासागरों और महाद्वीपों का वितरण

प्रश्न 4.
मूल महाद्वीप का क्या नाम था? यह कब बना?
उत्तर:
पेंजिया – काल्पनिक कल्प में 280 मिलियन वर्ष पूर्व।

प्रश्न 5.
किसने और कब महाद्वीपीय संचलन सिद्धान्त प्रस्तुत किया?
उत्तर:
अल्फ्रेड वैगनर ने 1912 ई० में।

प्रश्न 6.
लैमूरिया से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
लैमूर प्रजाति के जीवाश्म भारत के मैडागास्कर व अफ्रीका में मिलते हैं। कुछ वैज्ञानिक ने इन तीनों खण्डों को जोड़ कर एक सतत् स्थलखंड की उपस्थिति को स्वीकारा है जिसे ‘लैमूरिया’ कहते हैं।

प्रश्न 7.
प्लेसर निक्षेप कहाँ-कहाँ मिलते हैं?
उत्तर:
घाना तट व ब्राजील तट पर सोने के बड़े निक्षेप मिलते हैं। यहाँ सोनायुक्त शिराएँ पाई जाती हैं। इस से स्पष्ट है कि ये दोनों महाद्वीप एक दूसरे से जुड़े थे।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 4 महासागरों और महाद्वीपों का वितरण

प्रश्न 8.
टिलाइट से क्या अभिप्राय है? ये कहाँ मिलते हैं?
उत्तर:
टिलाइट वे अवसादी चट्टानें हैं जो हिमानी निक्षेपण से निर्मित होती हैं। गोंडवाना श्रेणी के आधार तल में घने टिलाइट हैं जो लम्बे समय तक हिमावरण की ओर संकेत करते हैं। इसी क्रम के प्रतिरूप भारत के अतिरिक्त दक्षिणी गोलार्द्ध में अफ्रीका, फॉकलैंड द्वीप, मैडागास्कर, अंटार्कटिक और आस्ट्रेलिया में मिलते हैं। ये पुरातन जलवायु और महाद्वीपों में विस्थापन का स्पष्ट प्रमाण हैं।

प्रश्न 9.
किस मानचित्रकार ने तीनों महाद्वीपों को इकट्ठा मानचित्र पर दिखाया?
उत्तर:
एन्टोनियो पैलरिगरनी ने।।

प्रश्न 10.
अन्य महासागरीय तटरेखा की समानता का संभावना सर्वप्रथम किसने व्यक्त किया?
उत्तर:
एक उच्च मानचित्र वेता अब्राहम ऑरटेलियस ने।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 4 महासागरों और महाद्वीपों का वितरण

प्रश्न 11.
दक्षिणी अमेरिका तथा अफ्रीका को एक दूसरे से पृथक् होने में कितना समय लगा?
उत्तर:
20 करोड़ वर्ष

प्रश्न 12.
हिमालय पर्वत की उत्पत्ति का क्या कारण था?
उत्तर:
भारतीय प्लेट तथा युरेशियन प्लेट का आपसी टकराव।

प्रश्न 13.
हिन्द महासागर में ज्वालामुखी के दो तप्त स्थलों के नाम बताएँ।
उत्तर:
90° पूर्व कटक तथा लक्षद्वीप कटक।

प्रश्न 14.
सबसे बड़ी भू-प्लेट कौन-सी है?
उत्तर:
प्रशान्त महासागरीय प्लेट।

प्रश्न 15.
स्थलमंडल पर कुल कितनी प्लेटें हैं?
उत्तर:
7

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 4 महासागरों और महाद्वीपों का वितरण

प्रश्न 16.
संवहन क्रिया सिद्धान्त किसने प्रस्तुत किया?
उत्तर:
सन् 1928 ई० में आर्थर होम्स ने।

प्रश्न 17.
प्लेटों के संचलन का क्या कारण है?
उत्तर:
तापीय संवहन क्रिया।

प्रश्न 18.
समुद्र के अधस्तल के विस्तारण से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
महासागरीय द्रोणी का फैलना तथा चौड़ा होना।

प्रश्न 19.
प्रवों के घूमने से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
विभिन्न युगों में ध्रुवों की स्थिति का बदलना।

प्रश्न 20.
अफ्रीका तथा दक्षिणी अमेरिका में स्वर्ण निक्षेप कहाँ पाये जाते हैं?
उत्तर:
घाना तथा ब्राजील में।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 4 महासागरों और महाद्वीपों का वितरण

प्रश्न 21.
अभिसरण से क्या अभिप्राय है? इसके कारण बताइये।
उत्तर:
जब एक प्लेट नीचे धंसती है और जहाँ भूपर्पटी नष्ट होती है, वह अभिसरण सीमा है। वह स्थान जहाँ प्लेट सती हैं, इसे प्रविष्ठन क्षेत्र (Subduction Zone) भी कहते हैं। अभिसरण तीन प्रकार से हो सकता है –

  1. महासागरीय व महाद्वीपीय प्लेट के बीच
  2. दो महासागरीय प्लेटों के बीच
  3. दो महाद्वीपीय प्लेटों के बीच।

प्रश्न 22.
प्राचीन भूकाल में भारत की स्थिति कहाँ थी?
उत्तर:
पुराचुंबकीय (Palaeomagnetic) आँकड़ों के आधार पर वैज्ञानिकों ने विभिन्न भूकालों में प्रत्येक महाद्वीपीय खंड की अवस्थिति निर्धारित की है। भारतीय उपमहाद्वीप (अधिकांशतः प्रायद्वीपीय भारत) की अवस्थिति नागपुर क्षेत्र में पाई जाने वाली चट्टानों के विश्लेषण के आधार पर आंकी गई है।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 4 महासागरों और महाद्वीपों का वितरण

प्रश्न 23.
प्लेटों के दो प्रमुख प्रकार बताओ।
उत्तर:
एक प्लेट को महाद्वीपीय या महासागरीय प्लेट भी कहा जा सकता है। जो इस बात पर निर्भर है कि उस प्लेट का अधिकतर भाग महासागर अथवा महाद्वीप से संबद्ध है। उदाहरणार्थ प्रशांत प्लेट मुख्यतः महासागरीय प्लेट है जबकि युरेशियन प्लेट को महद्वीपीय प्लेट कहा जाता है। प्लेट विविर्तनिकी के सिद्धांत के अनुसार पृथ्वी का स्थलमण्डल सात मुख्य प्लेटों कुछ छोटी प्लेटों में विभक्त है। नवीन वलित पर्वत श्रेणियाँ खाइयाँ और भ्रंश इन मुख्य प्लेटों को सीमांकित करते हैं।

प्रश्न 24.
महासागरीय तल को किन भागों में बाँटा जाता है?
उत्तर:
गहराई व उच्चावच के आधार पर महासागरीय तल को तीन प्रमुख भागों में विभाजित किया जाता है –

  1. महाद्वीपीय सीमा
  2. गहरे समुद्री बेसिन
  3. मध्य महासागरीय कटक

लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
धुवों के घूमने से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
घुवों का घूमना (Polar Wandering) – पहले महद्वीप पेंजिया के रूप में परस्पर एक-दूसरे से जुड़े हुए थे, इसका सबसे शक्तिशाली प्रमाण पुराचुबकत्व से प्राप्त हुआ है। मैग्मा, लावा तथा असंगठित अवसाद में उपस्थित चुंबकीय प्रवृत्ति वाले खनिज जैसे मैग्नेटाइट, हेमाटाइट, इल्मेनाइट और पाइरोटाइट इसी प्रवृत्ति के कारण उस समय के चुंबकीय क्षेत्र के समानांतर एकत्र हो गए। यह गुण शैलों में स्थाई चुंबकत्व के रूप में रह जाता है। चुंबकीय ध्रुव की स्थिति में कालिक परिवर्तन होता रहा है, जो शौलों में स्थाई चुंबकत्व के रूप में अभिलेखित किया जाता है।

वैज्ञानिक विधियों द्वारा पुराने शैलों में हुए ऐसे परिवर्तनों को जाना जा सकता है। जिनसे भूवैज्ञानिक काल में ध्रुवों की बदलती हुई स्थिति की जानकारी होती है। इसे ही घुवों का घूमना कहते हैं। ध्रुवों का घूमना यह स्पष्ट करता है कि महाद्वीपों का समय-समय पर संचलन होता रहा है और वे अपनी गति की दिशा भी बदलते है।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 4 महासागरों और महाद्वीपों का वितरण

प्रश्न 2.
प्रवालों की स्थिति किस प्रकार स्पष्ट करती है कि भू-खण्ड उत्तर की ओर विस्थापित हुए?
उत्तर:
प्रवाल 30° उत्तर 30दक्षिण अक्षांशों के मध्य कोष्ण जल में पनपता है। इस क्षेत्र से बाहर के महाद्वीपों पर प्रवालों का पाया जाना, इस बात का प्रबल प्रमाण है कि प्राचीन भूवैज्ञानिक काल में ये महाद्वीप विषुवत रेखा के निकट थे। महाद्वीपों का संचलन उत्तर की ओर हुआ और इसलिए ये आज शीत एवं उष्ण जलवायु का अनुभव करते हैं।

प्रश्न 3.
पैजिया किसे कहते हैं? इसकी उत्पत्ति कब हुई? इसमे मिलने वाले भू-खण्ड बताएँ। पैंजिया के टूटने की क्रिया बताएं।
उत्तर:
विश्व के सभी भू-खण्ड पेंजिया नाम एक महा-महाद्वीपीय से विलग होकर बने हैं, यह बात अल्फ्रेड वेगनर ने 1912 में कही। जिया नामक यह महाद्वीप 28 करोड़ वर्ष पूर्व, कार्बनी कल्प के अन्त में अस्तित्व में आया। मध्य जुरैसिक कल्प तक यानि 15 करोड़ वर्ष पूर्व पंजिया उत्तरी महाद्वीप लॉरशिया तथा दक्षिणी महाद्वीप गौंडवानालैंड में विभक्त हो गया था। लगभग 6.5 करोड़ वर्ष अर्थात् क्रिटेशस कल्प के अन्त में गौंडवानालैंड फर से खंडित हुआ और इससे कई अन्य महाद्वीपों जैसे दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और अंटार्कटिका की रचना हुई।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 4 महासागरों और महाद्वीपों का वितरण

प्रश्न 4.
महत्त्वपूर्ण छोटी प्लेटों का वर्णन करें।
उत्तर:
कुछ महत्त्वपूर्ण छोटी प्लेटें निम्नलिखित हैं –

  1. कोकोस प्लेट (Cocoas Plate) – यह प्लेट मध्यवर्ती अमेरिका और प्रशांत मासागरीय प्लेट के बीच स्थित है।
  2. नाजका प्लेट (Nazca plate) – यह दक्षिण अमेरिका व प्रशांत महासागरीय प्लेट के बीच स्थित है।
  3. अरेबियन प्लेट (Arabian plate) – इसमें अघितर सऊदी अरब का भू-भाग सम्मिलित है।
  4. फिलिपाइन प्लेट (Philoppine plate) – यह एशिया महाद्वीपी और प्रशांत महासागरीय प्लेट के बीच स्थित है।

प्रश्न 5.
महासागरीय तल के मानचित्र से क्या निष्कर्ष निकलता है?
उत्तर:
महासागरीय तल का मानचित्रण (Mapping of the ocean floor) – महासगरी की तली एक विस्तृत मैदान नहीं है, वरन् उनमें भी उच्चावच पाया जाता है। इसकी तली में जलमग्न पर्वतीय कटके व गहरी खाइयाँ हैं, जो प्रायः महाद्वीपों के किनारों पर स्थित हैं। मध्य महासागरीय कटके ज्वालामुखी उद्गार के रूप में सबसे अधिक सक्रिय पायी गयीं। महासागरीय पर्पटी की चट्टानों के काल निर्धारण (Dating) ने यह तथ्य स्पष्ट कर दिया कि महासागरों की नितल की चट्टानें महाद्वीपीय भागों में पाई जाने वाली चट्टानें, जो कटक से बराबर दूरी पर स्थित हैं, उन की आयु व रचना में भी आश्चर्यजनक समानता पाई जाती है।

प्रश्न 6.
महाद्वीपों के प्रवाह के लिए वैगनर ने किन-किन बलों का उल्लेख किया है?
उत्तर:
प्रवाह सम्बन्धी बल (Force for drifting) – वैगनर के अनुसार महाद्वीपीय विस्थान के दो कारण थे:

  1. पोलर या ध्रुवीय फ्लिंग बल (Polar fleeing force) और
  2. ज्वारीय बल (Tidal force)

घुवीय फ्लिंग बल पृथ्वी की आकृति एक सम्पूर्ण गोले जैसी नहीं है: वरन् यह भूमध्यरेखा पर उभरी हुई है। यह उभार के घूर्णन के कारण है। दूसरा बल, जो वैगनर महोदय ने सुझाया-वह ज्वारीय बल है, जो सूर्य व चन्द्रमा के आकर्षण से सम्बद्ध है, जिससे महासागरों में ज्वार पैदा होते हैं। वैगनर का मानना था कि करोड़ों वर्षों के दौरान ये बल प्रभावशाली होकर विस्थापन के लिए सक्षम हो गये । यद्यपि कि बहुत से वैज्ञानिक इन दोनों ही बलों को महाद्वीपीय विस्थापन के लिए सर्वथा अपर्याप्त समझते हैं।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 4 महासागरों और महाद्वीपों का वितरण

प्रश्न 7.
अपसरण क्षेत्र तथा अभिसरण क्षेत्र में अन्तर स्पष्ट करो।
उत्तर:
अपसरण क्षेत्र – ये वे सीमाएँ हैं जहाँ प्लेटें एक-दूसरे से अलग होती हैं। भूगर्भ से मैग्मा बाहर आता है। ये महासागरीय कटकों के साथ-साथ देखा जाता है। इन सीमाओं के साथ ज्वालामुखी तथा भूकम्प मिलते हैं। इसका उदाहरण मध्य अटलांटिक कटक है जहाँ से अमेरिकी प्लेटें तथा यूरेशियम व अफ्रीकी प्लेटे अलग होती है।

अभिसरण क्षेत्र – ये वे सीमाएँ हैं जहाँ एक प्लेट का किनारा दूसरे के ऊपर चढ़ जाता है। इनसे गहरी खाइयों तथा वलित श्रेणियों की रचना होती है । ज्वालामुखी तथा गहरे भूकम्प उत्पन्न होते हैं।

रूपांतर सीमा – जहाँ न तो नई पर्पटी का निर्माण होता है और न ही विनाश होता है, उसे रूपांतरण सीमा कहते हैं। इसका कारण है कि इस सीमा पर प्लेटें एक-दूसरे के साथ-साथ क्षैतिज दिशा में सरक जाती हैं।

प्रश्न 8.
भारतीय प्लेट के विषय में बताएँ। हिमालय पर्वत की उत्पत्ति किस प्रकार हुई?
उत्तर:
भारत में हिन्द महासागर की सतह पर ऊँचे कटक तथा पठार शामिल हैं। इनमें से दो महासागरीय कटक, जिनके नाम नाइंटी ईस्ट कटक एवं मैस्केरेन पठार तथा चैगोस-मालद्वीव-लक्षद्वीप द्वीपीय कटक हैं, तप्त स्थलों के ज्वालामुखी मार्ग समझे जाते हैं। नाइंटी-ईस्ट कटक का उत्तरी विस्तार एक महासागरीय खाई में समाप्त हो जाता है, जिसने भारतीय महाद्वीपीय खंड के उत्तर में स्थित समुद्र अधस्तल को अपने में विलीन कर लिया।

चैगोस-लक्षद्वीप कटक आदि नूतन कल्प में पुरातन कार्ल्सबर्ग कटक को दक्षिण-पूर्व इंडियन कटक से जोड़ती थी। मध्य-महासागर कटक का विस्तार हो रहा है। इसकी गति लगभग 14 से 20 सेमी प्रति वर्ष है। कार्ल्सबर्ग दक्षिण-पूर्व हिन्दमहासागर कटक के पश्चात् भारतीय प्लेट एवं यूरेशियन प्लेट का टकराव भारतीय प्लेट के उत्तर में हुआ, जिससे हिमालय की उत्पत्ति हुई। हिमालय प्रदेश में भारतीय प्लेट एवं यूरेशियन प्लेट के मध्य का जोड़ सिंधु तथा ब्रह्मपुत्र नदियों के साथ हैं।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 4 महासागरों और महाद्वीपों का वितरण

प्रश्न 9.
सर्वाधिक नवीन प्लेट कौन-सी है?
उत्तर:
मुख्य सात प्लेटों में सर्वाधिक नवीन प्लेट प्रशांत प्लेट है, जो लगभग पूरी तरह महासागरीय पटल से बनी है और भूपृष्ठ के 20 प्रतिशत भाग पर विस्तृत है। अन्य प्लेटों का निर्माण महासागरीय तथा महाद्वीपीय दोनों प्रकार के पटलों से हुआ है। कोई भी अन्य प्लेट केवल महाद्वीपीय पटल से निर्मित नहीं है। प्लेटों की मोटाई में अंतर महासागरों के नीचे 70 किमी से लेकर महाद्वीप के नीचे 150 किमी तक है।

प्रश्न 10.
प्रवाह दर पर नोट लिखें।
उत्तर:
प्लेट प्रवाह दरें (Rates of plate movement) – सामान्य व उत्क्रमण चुम्बकीय । क्षेत्र की पट्टियाँ जो मध्य-महासागरीय कटक के समानंतर हैं। प्लेट प्रवाह की दर समझने में वैज्ञानिकों के लिए सहायक सिद्ध हुई हैं। प्रवाह की ये दरें बहुत भिन्न हैं। आर्कटिक कटक की प्रवाह, दर सबसे कम है (2.5 सेंटीमीटर प्रति वर्ष से भी कम) । ईस्टर द्वीप के निकट पूर्वी प्रशांत महासागरीय उभार, जो चिली से 3,400 किमी पश्चिम की ओर दक्षिण प्रशांत महासागर में है, इसकी प्रवाह दर सर्वाधिक है (जो 5 सेमी प्रति वर्ष से भी अधिक है)।

प्रश्न 11.
प्लेट विवर्तनिकी से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
प्लेट विवर्तनिकी (Plate tectonics) – सागरीय तल विस्तार अवधारणा के पश्चात् विद्वानों की महाद्वीपों व महासागरों के वितरण के अध्ययन में फिर से रुचि पैदा हुई। सन् 1967 में मैक्कैन्जी (Mackenzie) पारकर (Parker) और मोरगन (Morgan) ने स्वतंत्र रूप से उपलब्ध विचारों को समन्वित कर अवधारणा प्रस्तुत की ‘जिसे प्लेट विवर्तनिको’ (Plate tectronics) कहा गया।

एक विवर्तनिक प्लेट (जिसे लिथास्फेरिक प्लेट भी कहा जाता है) ठोस, चट्टान का विशाल व अनियमित आकार खंड है जो महाद्वीपीय व महासागरीय स्थलमण्डलों से मिलकर बना है। ये प्लेटें दुर्बलता मण्डल (Asthenosphere) पर एक दृढ़ इकाई के रूप में क्षैतिज अवस्था में चलायमान हैं। स्थलमण्डल में पर्पटी एवं ऊपरी मैंटल को सम्मिलित किया जाता है, जिसकी मोटाई महासागरों में 5 से 100 किमी और महाद्वीपीय भागों में लगभग 200 किमी है।

Bihar Board Class 7 Science Solutions Chapter 4 जलवायु और अनुकूलन

Bihar Board Class 7 Science Solutions Chapter 4 जलवायु और अनुकूलन Text Book Questions and Answers, Notes.

BSEB Bihar Board Class 7 Science Solutions Chapter 4 जलवायु और अनुकूलन

Bihar Board Class 7 Science जलवायु और अनुकूलन Text Book Questions and Answers

अभ्यास

प्रश्न 1.
इस कथन को पढ़े और सही उत्तर दें –

(i) इनमें से कौन मौसम के घटक नहीं है –
(A) पवन
(B) तापमान
(C) आर्द्रता
(D) पहाड़
उत्तर:
(D) पहाड़

(ii) उष्ण कटिबंधीय क्षेत्र में पाये जाने वाले जन्तु हैं –
(A) ध्रुवीय भालू
(B) पैग्विन
(C) रेनडियर
(D) कस्तूरी मृग
उत्तर:
(B) पैग्विन

Bihar Board Class 7 Science Solutions Chapter 4 जलवायु और अनुकूलन

(iii) ध्रुवीय क्षेत्र में पाये जाने वाले जन्तु हैं –
(A) टूकन पक्षी
(B) हाथी
(C) लायन टेल्ड लंगर
(D) ध्रुवीय भालू
उत्तर:
(D) ध्रुवीय भालू

(iv) वैसे जन्तु जिनके शरीर पर बालों (फर) की दो मोटी परतें होती हैं वे पाये जाते हैं –
(A) उष्ण कटिबंधीय क्षेत्र
(B) रेगिस्तान
(C) ध्रुवीय क्षेत्र
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) ध्रुवीय क्षेत्र

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(i) दीर्घ अवधि के मौसम का औसत …………. कहलाता है।
(ii) वर्ष भर सूर्योदय और सूर्यास्त के …………. में परिवर्तन होता है।
(iii) तापमान आर्द्रता आदि …………. के घटक हैं।
उत्तर:
(i) ऋतुएँ
(ii) जलवायु
(iii) मौसम ।

प्रश्न 3.
उष्ण कटिबंधीय वर्षा वनों में रहने वाले हाथी किस प्रकार अनुकूलित है ?
उत्तर:
हाथी घास और पेड़ों के पत्ते खाते हैं। पर्याप्त घास की मात्रा सभी मौसम में प्राप्त नहीं होते । हाथी के सूंड लम्बे होते हैं। टहनियों के पत्ते ताड़कर मुंह में डालने के लिए अनुकूलित है। हाथी का आकार बड़ा होने के कारण शरीर की सतह पर वाष्पन नहीं होता। हाथी के कान बड़ा होता है। त्वचा पतली होती है। हाथी हमेशा कान हिलाता रहता है ताकि शरीर का तापमान नियत्रित करता है। अफ्रिकन हाथी का कान और बड़े होते हैं क्योंकि वहाँ अधिक गर्मी पड़ती है। इस प्रकार हाथी अपने को अनुकूलित करते हैं।

प्रश्न 4.
मौसम और जलवायु में से किसमें तेजी से परिवर्तन होता है ?
उत्तर:
प्रतिदिन हम प्रकृति में परिवर्तन देखते हैं। सूर्य को उदय और अस्त होते देखते हैं। तेज हवा का चलना, बिजली चमकना, वर्षा होना, फूलों का खिलना । इस प्रकार हम देखते हैं कि मौसम का परिवर्तन तेजी से होता है। किसी स्थान पर तापमान, आर्द्रता, वर्षा, पवन वेग आदि के संदर्भ में वायुमण्डल की दिन-प्रतिदिन की स्थिति उस स्थान का मौसम कहलाती है।

जलवायु लम्बी अवधि में लिये गये मौसम के आँकड़ों पर आधारित प्रतिरूप उस स्थान का जलवायु है। जलवाय मानसून पर निर्भर करता है। जलवायु पर दो तरह के मौसमी हवाओं का प्रभाव पड़ता है। उत्तर पूर्वी मानसून और दक्षिण पश्चिम मानसून । मानसून तेजी से परिवर्तन नहीं होता है।

Bihar Board Class 7 Science Solutions Chapter 4 जलवायु और अनुकूलन

Bihar Board Class 7 Science जलवायु और अनुकूलन Notes

प्रतिदिन प्रकृति में परिवर्तन होता है। सूर्य का निकलना, डूबना, पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूमना, दिन रात होना, वर्षा होना, तुफान आना, फूलों का खिलना इत्यादि। ये सभी परिवर्तन हमारे दैनिक जीवन को किसी न किसी रूप में प्रभावित करते हैं। अत: किसी स्थान पर तापमान, आर्द्रता, वर्षा, पवन वेग में प्रतिदिन का परिवर्तन उस स्थान का मौसम कहलाता है। किसी भी स्थान का मीसम प्रतिदिन बदलता रहता है। कभी गर्म तो कभी ठंडा । प्रतिदिन आर्द्रता और तापमान में परिवर्तन होता है । भिन्न-भिन्न स्थानों का आर्द्रता और तापमान भिन्न-भिन्न होता है। तापमान, आर्द्रता ओर अन्य कारक मोसम के घटक हैं। हमारे देश में जलवायु उष्णकटिबंधीय है जो मानसन पर निर्भर करती है।

हमारे यहाँ चार ऋतुएँ होती हैं –
(i) शीत ऋतु
(ii) ग्रीष्म ऋतु
(iii) वर्षा ऋतु
(iv) वसंत ऋतु ।

हमारे यहाँ उत्तर पूर्वी और दक्षिण पश्चिम मानसून हवाओं का प्रभाव पड़ता है। उत्तर पूर्वी मानसून को शीत मानसून कहा जाता है । जिस स्थान का तापमान ज्यादा समय उच्च रहता है उस स्थान की जलवायु गर्म होती है और प्राय: दिनों में वर्षा होती है। जीव-जन्तु विभिन्न क्षेत्रों एवं अलग-अलग जलवायु के अनुसार पाये जाते हैं। ऊँट की शारीरिक रचना, मरुस्थलीय प्रदेशों की जलवायु के अनुसार रचनात्मक अनुकूलन है। पृथ्वी के दो ध्रुव, उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव, ध्रुवीय क्षेत्रों में जलवाय सर्द होती है। ध्रुवीय क्षेत्रों में सूर्यास्त और सुर्योदय छ: माह के अन्तराल में होता है। तापमान-37°C तक हो जाता है। हमारा देश उष्ण कटिबंधीय क्षेत्र में पड़ता है। ध्रुवीय क्षेत्र में पाये जाने वाले जन्तु पैग्विन है। मछलियाँ, कस्तुरी-मृग, रेनडियर, लोमड़ी, सील और अनेक प्रकार के पक्षी हैं। पक्षियाँ प्रवासी होते हैं। साइबेरियाई, केन भारत के राजस्थान और हरियाणा में प्रवास के लिए आते हैं। उष्ण कटिबंधीय क्षेत्र की जलवायु गर्म और नम रहती है।

Bihar Board Class 7 Science Solutions Chapter 4 जलवायु और अनुकूलन

हमारा इसी क्षेत्र में पड़ता है। यहाँ भिन्न-भिन्न प्रकार के जीव-जंतु पाये जाते हैं। वनों की संख्या अधिक है। भौगोलिक कारणों के कारण हमारे देश में बहुत विविधता पायी जाती है। जैसे वर्षा वन पतक्षरवन, शुष्क शोतोष्ण वन, शंकुधारी वन और मरुभूमि बन। भिन्न-भिन्न वनों में भिन्न-भिन्न प्रकार के जीव जन्त और वनस्पतियाँ पाई जाती हैं। भारतीय उप महाद्वीप में बंदरों की कई प्रजातियाँ पायी जाती हैं। हनुमान, लंगूर भारतीय बंदरों में सबसे अधिक पाये हैं। इस प्रकार का बन्दर कन्याकुमारी से हिमालय की तराई क्षेत्र तक आर्द्र राजस्थान के रेगिस्तान. से उत्तर-पश्चिम की घनी वर्षा वनों तक सभी क्षेत्रों में पाया जाता है। इसके लम्बे हाथ, लम्बी पंछ, छोटा अंगूठा और लम्बे पैर होते हैं। वर्षा वनों में जीवित रहने के लिए यह पूर्णतः अनुकूलित हैं। ये तरह-तरह की चीजें खाते हैं। इनका भोजन फल फूल और नयी पनियाँ हैं। ये उछल-कूद करते रहते हैं। चारों पेरों पर चलते हैं। ये हमेशा टालियों में रहना पसंद करते हैं। ये सभी जगह रह सकते हैं। भारतीय जंगलों में एशियाई हाथी पाये जाते हैं, ये मौसम, जलवायु और पर्यावरण के प्रभाव के कारण इनमें अनुकूलन देखने को मिलता है। ये घास तथा पेड़ों के पत्ते खाते हैं। हाथी कान हिलाकर अपने शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है।

Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.1

Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.1 Text Book Questions and Answers.

BSEB Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.1

प्रश्न 1.
निम्नलिखित व्यंजकों में कौन-कौन एक चर में बहुपद हैं और कौन-कौन नहीं है? कारण के साथ अपने उत्तर दीजिए

  1. 4x² – 3x + 7
  2. y² + √2
  3. 3√t + t√2
  4. y + \(\frac{2}{y}\)
  5. x10 + y³ + t50

उत्तर:

  1. 4x² – 3x + 7; यहाँ प्रत्येक पद में घर की पात ऋपेतर पूपांक है, अत: दिया गया व्यंजक.एक बहुपद है।
  2. y² + √2, यहाँ चर y को पात मणेतर पूर्णक है, अत: दिया गया व्यंजक एक बहुपद है।
  3.  3√t + t√2 वहाँ एक पद में चर t की बात शुद्ध भिन है, अतः दिया गया व्यंबक बहुपद नहीं है।
  4. y + \(\frac{2}{y}\) यहाँ एक पद में चा y ऋणात्मक घात रखता है, अत: वह व्यंजक बहुपद नहीं है।
  5. x10 + y³ + t50 यह व्यंजक तीन चर रखता है, अत: यह तीन चों में एक बहुपद है।

Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.1

प्रश्न 2.
निम्नलिखित में से प्रत्येक में का गुणांक लिखिए

  1. 2 + x² + x
  2. 2 – x² + x³
  3. \(\frac{π}{2}\) x² + x
  4. √2x – 1.

उत्तर:

  1. 2 + x² + x में x² का गुणांक = 1
  2. 2 – x² + x³ में x³ का गुणांक = -1
  3. \(\frac{π}{2}\) x² + x मैं x² का गुणांक = \(\frac{π}{2}\)
  4. √2x – 1 मैं x² का गुणक = 0.

Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.1

प्रश्न 3.
35 घात के द्विपद का और 100 घात के एकपदी का एक-एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर:

  1. x35 + 4, पात 35 का एक द्विपद है।
  2. x100 घात 100 व्या एक एकपदी है।

Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.1

प्रश्न 4.
निम्नलिखित बहुपदों में से प्रत्येक बहुपद की यात लिखिए

  1. 5x³ + 4x² + 7x
  2. 4 – y²
  3. 5t – √7
  4. 3.

उत्तर:

  1. बहुपद 5x³ + 4x² + 7x की अभीष्ट धान = चर x की अधिकतम घात = 3.
  2. बहुपद 4 – y² की अभीष्ट घात = चर y की अधिकतम थात = 2.
  3. बहुपद 5t – √7 को अभीष्ट यात = चर t को अधिकतम घात = 1
  4. बहुपद 3 में कोई भी चर उपस्थित नहीं है, अत: बहुपद की पान = 0.

Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.1

प्रश्न 5.
बताइए कि निम्नलिखित बहुपदों में कौन-कौन बहुपद रैखिक है, कौन-कौन द्विपाती है और कौन-कौन प्रिघाती है?

  1. x² + x
  2. x – x³
  3. y + y² + 4
  4. 1 + x
  5. 3t
  6. 7x³

उत्तर:

  1. बहुद x² + x मैं घर की अधिकतम घात 2 है, अत: यह एक द्विघाती बहुपद है।
  2. बहुपद x – x³ में चर x को अधिकतम पात 3 है, अत: यह एक प्रिघाती बहुपद है।
  3. बहुपद y + y² + 4 में चर। को अधिकतम पात 2है, अत: यह एक द्विघाती बहुपद है।
  4. बहुपद 1 + x में चर को अधिकतम घाव 1 है, अत: बह एक रैखिक बहुपद है।
  5. बहुपद 3t में चर t को अधिकतम घाट 1 है, अत: यह एक रैखिक बहुपद है।
  6. बहुपद r² में चर r की अधिकतम घात 2 है, अत: यह एक द्विघाती बहुपद है।
  7. बहुकद 7x³ में x चर की अधिकतम घात 3 है, अत: यह एक त्रिघाती बहुपद है।

Bihar Board Class 9 Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.1