Bihar Board 12th Political Science Objective Answers Chapter 11 एक दल के प्रभुत्व का दौर

Bihar Board 12th Political Science Objective Questions and Answers

Bihar Board 12th Political Science Objective Answers Chapter 11 एक दल के प्रभुत्व का दौर

प्रश्न 1.
भारतीय राजनीतिक दलीय व्यवस्था को किस श्रेणी में रखा गया
(a) एक-दलीय व्यवस्था
(b) द्वि-दलीय व्यवस्था
(c) बहु-दलीय व्यवस्था
(d) एकल दल प्रभुत्व व्यवस्था
उत्तर-
(c) बहु-दलीय व्यवस्था

प्रश्न 2.
काँग्रेस के युवा तुकों में किसे जाना जाता है?
(a) लाल बहादुर शास्त्री
(b) कामराज हैं
(c) निजलिंगगप्पा
(d) चन्द्रशेखर
उत्तर-
(d) चन्द्रशेखर

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प्रश्न 3.
भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के किस नेता ने दो बार अपनी पार्टी तोड़ी तथा उसका पुननिर्माण किया?
(a) जवाहरलाल नेहरू
(b) लाल बहादुर शास्त्री
(c) इन्दिरा गाँधी
(d) राजीव गांधी
उत्तर-
(c) इन्दिरा गाँधी

प्रश्न 4.
1967 के बाद कांग्रेस की आधिपत्यशाली स्थिति का पतन का …..कौन-सा कारण नहीं था? .
(a) पुरानी छवि का अन्त
(b) सक्षम व प्रभावी नेतृत्व काअभाव
(c) क्षेत्रीय दलों का उदय
(d) समयानुकूल विचारधारा का न होना
उत्तर-
(d) समयानुकूल विचारधारा का न होना

प्रश्न 5.
भारत में कम्पयुनिस्ट पार्टी को सत्ता में आने का सर्वप्रथम अवसर कब मिला?
(a) 1952 के पहले चुनाव के बाद
(b) 1957 में दूसरे चुनाव के बाद
(c) 1962 के तीसरे चुनाव के बाद
(d) 1967 के चाथे चुनाव के बाद
उत्तर-
(b) 1957 में दूसरे चुनाव के बाद

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प्रश्न 6.
भारत की किस पार्टी को दक्षिणपंथी पार्टियों की कोशि रखा जा सकता है?
(a) बहुजन समाज पार्टी
(b) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी
(c) भारतीय जनता पार्टी
(d) क्रान्तिकारी समाजवादी पार्टी
उत्तर-
(c) भारतीय जनता पार्टी

प्रश्न 7.
1967 के चौथे चुनाव के बाद काँग्रेस के आधिपत्य के तेजी से पतन में किस तत्व ने प्रबल भूमिका निभाई है?
(a) राजनीतिक बहुलवाद
(b) राजनीतिक दल-बदल
(c) क्षेत्रीय गठबन्धनों का उदय
(d) दलों में अनुशासन का अभाव
उत्तर-
(b) राजनीतिक दल-बदल

प्रश्न 8.
1971 में बने ‘महान् गठबन्धन’ का क्या ध्येय था?
(a) गरीबी हटाओ
(b) इन्दिरा हटाओ
(c) विपक्ष को सबल बनाओ
(d) राजनीतिक दल-बदल को रोको
उत्तर-
(b) इन्दिरा हटाओ

प्रश्न 9.
भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस में समाज के समाजवादी प्रतिमान के बारे में कब संकल्प लिया?
(a) 1948 के जयपुर अधिवेशन में
(b) 1955 के अवाड़ी अधिवेशन में
(c) 1960 के बंगलौर अधिवेशन में
(d) 1964 के भुवनेश्वर अधिवेशन में
उत्तर-
(b) 1955 के अवाड़ी अधिवेशन में

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प्रश्न 10.
भारत के प्रथम गैर कांग्रेसी प्रधानमन्त्री कौन थे?
(a) अटल बिहारी वाजपेयी
(b) मोराजी देसाई
(c) देवगौडा
(d) चौधरी चरण सिंह
उत्तर-
(b) मोराजी देसाई

प्रश्न 11.
कांग्रेस का विभाजन किस वर्ष हुआ?
(a) 1967
(b) 1969
(c) 1968
(d) 1970
उत्तर-
(b) 1969

प्रश्न 12.
प्रथम आम चुनाव में मिनलिखित में से किस प्रान्त में कांग्रसको पूर्ण बहुमत प्राप्त नहीं हुआ था?
(a) उड़ीसा (ओडिशा)
(b) बिहार
(c) उत्तर प्रदेश
(d) मध्य प्रदेश
उत्तर-
(a) उड़ीसा (ओडिशा)

प्रश्न 13.
भारत की राष्ट्रपति प्रतिमा देवी सिंह पाटिल का क्रम के हिसाब से स्थान क्या था?
(a) 12वों
(b) 13वाँ
(c) 14वाँ
(d) 11वाँ
उत्तर-
(b) 13वाँ

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प्रश्न 14.
धारा 370 का सम्बन्ध किस प्रदेश से
(a) उत्तर प्रदेश
(b) बिहार
(c) उत्तराखण्ड
(d) जम्मू और कश्मीर
उत्तर-
(a) उत्तर प्रदेश

प्रश्न 15.
पाँच सूत्री कार्यक्रम की शुरआत किसके द्वारा की गई?
(a) पंडित नेहरू
(b) राजीव गाँधी
(c) संजय गाँधी:
(d) लाल बहादुरुशास्वी
उत्तर-
(a) पंडित नेहरू

प्रश्न 16.
सीमान्त गाँधी के नाम से कौन जाने जाते हैं?
(a) महात्मा गांधी
(b) सुभाष चन्द्र बोस
(c) खान अब्दुल गफ्फार खाँ
(d) सरकार पटेल
उत्तर-
(c) खान अब्दुल गफ्फार खाँ

प्रश्न 17.
निम्नलिखित में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है…
(a) सोनिया गांधी- कांग्रेस
(b) मायावती- बहुजन समाज पार्टी
(c) लालू प्रसाद यादव- राष्ट्रीय जनता दल
(d) नीतीश कुमार- भारतीय जनता पार्टी
उत्तर-
(d) नीतीश कुमार- भारतीय जनता पार्टी

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प्रश्न 18.
स्वतन्त्र भारत के प्रथम गवर्नर जनरल कौन थे?
(a) लॉर्ड कर्जन
(b) सी. राजगोपालाचारी.
(c) लॉर्ड माउण्टबेटन
(d) बी.आर. अम्बेडकर
उत्तर-
(b) सी. राजगोपालाचारी.

प्रश्न 19.
भारत में वर्तमान में कितने राष्ट्रीय दल ?
(a) 4
(b) 5
(c) 6
(d) 7
उत्तर-
(d) 7

प्रश्न 20.
भारत में द्वितीय आम चुनाव कब हुआ?
(a) 1955
(b) 1956
(c) 1957
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(c) 1957

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प्रश्न 21.
भारत के प्रथम शिक्षामन्त्री कौन थे?
(a) डॉ. बी.आर. अम्बेडकर
(b) अबुल कलाम आजाद
(c) सुचेता कृपलानी
(d) के.एम. मुंशी
उत्तर-
(b) अबुल कलाम आजाद

प्रश्न 22.
1952 से 1967 तक भारत में किस राजनीतिक दलका प्रभुत्व रहा था?
(a) बी.जे.पी.
(b) जनता दल
(c) कारास
(d) शिव सेना
उत्तर-
(c) कारास

प्रश्न 23.
स्वतन्त्र भारत में प्रथमभाम
(a) 1950
(b) 1952
(c) 1955
(d) 1957
उत्तर-
(b) 1952

प्रश्न 24.
26 जनवरी को हम मनाते हैं
(a) गणतन्त्र दिवस को रूप में
(b) स्वतन्त्रता दिवस के रूप में
(c) शिक्षक दिवस के रूप में
(d) झण्डा दिवस के रूप में
उत्तर-
(a) गणतन्त्र दिवस को रूप में

प्रश्न 25.
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने किस प्रकार का समाजवाद अपनाया?
(a) मावर्स का वैज्ञानिक समाजवाद
(b) ब्रिटेन का लोकतान्त्रिक समाजवाद
(c) गांधी का सर्वोदय
(d) लेनिन का-साम्यब्युद्ध
उत्तर-
(b) ब्रिटेन का लोकतान्त्रिक समाजवाद

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प्रश्न 26.
किसने कहा कि स्वतन्त्रता के बाद कांग्रेस मात्र पार्टी नहीं बल्कि वह सरकार राज्य यहाँ तक कि देश जैसी हो गई?
(a) स्टेनले कोशक
(b) मायरोन वीनर
(c) मोरिस-जोन्स
(d) जियोवानी सारतोरी
उत्तर-
(a) स्टेनले कोशक

प्रश्न 27.
राजनीतिक दलों को किस संवैधानिक संस्था द्वारा चुनाव चिह आवंटित किया जाता है?
(a) चुनाव आयोग
(b) नीति आयोग
(c) योजना आयोग
(d) संसद
उत्तर-
(a) चुनाव आयोग

प्रश्न 28.
जनता पार्टी की स्थापना कब हुई?
(a) 1977
(b) 1978
(c) 1979
(d) 1980
उत्तर-
(a) 1977

प्रश्न 29.
जवाहरलाल नेहरू का देहान्त कब हुआ?
(a) 27 मई, 1964 को
(b) 30 मई, 1964 को
(c) 27 मई, 1960 को
(d) 28 मई, 1968 को
उत्तर-
(a) 27 मई, 1964 को

प्रश्न 30.
स्वतन्त्र भारत के प्रथम गहमंत्री कौन थे?
(a) के.एम. मुंशी
(b) डॉ. बी.आर. अम्बेदकर
(c) सरदार पटेल
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(c) सरदार पटेल

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प्रश्न 31.
लालबहादुर शास्त्री का निधन किस वर्ष आर
(a) 19657 ई
(b) 1966 ई. में
(c) 1967 ई. में
(d) 1968 ई. में
उत्तर-
(b) 1966 ई. में

प्रश्न 32.
भारत के प्रथम राष्ट्रपति कौन थे?
(a) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
(b) सरदार पटेल
(c) राजयोपालाचारी
(d) राधाकृष्णन
उत्तर-
(a) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद

प्रश्न 33.
‘जय जवान जय किसान’ का नारा किसने दिया?
(a) पं. जवाहरलाल नेहरू सरदार पटेल
(c) जयप्रकाश नारायण
(d) लाल बहादुर शास्त्री
उत्तर-
(d) लाल बहादुर शास्त्री

प्रश्न 34.
“भारत विविधता में एकता का देश है।” किसने कहा?
(a) गाँधी जी
(b) नेहरू जी
(c) सुभाषचन्द्र बोस
(d) सरदार पटेल
उत्तर-
(b) नेहरू जी

प्रश्न 35.
भारत में हरित क्रांति के जनक कौन हैं?
(a) इन्दिरा गाँधी
(b) आमत्य सेन
(c) एम.एस. स्वामीनाथन
(d) लाल बहादुर शास्त्री
उत्तर-
(c) एम.एस. स्वामीनाथन

प्रश्न 36.
भारत की प्रथम महिला राष्ट्रपति कौन थी?
(a) राबड़ी देवी
(b) प्रतिमा देवी सिंह पाटिल
(c) सोनिया गांधी
(d) इंदिरा गांधी
उत्तर-
(b) प्रतिमा देवी सिंह पाटिल

 Bihar Board 12th Political Science Objective Answers Chapter 11 एक दल के प्रभुत्व का दौर

प्रश्न 37.
किर समिति की अनुशंसा पर भारत में प्रथम बार पंचायती राज सस्थाओं का गठन किया गया था?
(a) अशोक मेहता समिति
(b) गिरधारी लाल व्यास समिति
(c) सादिक अली समिति
(d) बलवंत राय मेहता समिति
उत्तर-
(d) बलवंत राय मेहता समिति

प्रश्न 38.
निम्नलिखित में से कौन भारतीय संघीय व्यवस्था की विशेषता नहीं है?
(a) दोहरी नागरिकता
(b) शक्तियों का विभाजन
(c) स्वतंत्र न्यायिक व्यवस्था
(d) संविधान की सर्वाच्यता
उत्तर-
(a) दोहरी नागरिकता

प्रश्न 39
भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद निर्वाचन के लिए प्रावधान करता है?
(a) अनुच्छेद – 320
(b) अनुच्छेद – 321
(c) अनुच्छेद – 30
(d) अनुच्छेद – 245
उत्तर-
(d) अनुच्छेद – 245

प्रश्न 40.
राज्यसभा में पतिनिधित्व होता है
(a) केन्द्र का
(b) राज्यों का
(c) (a) और (b) दोनों का
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(b) राज्यों का

 Bihar Board 12th Political Science Objective Answers Chapter 11 एक दल के प्रभुत्व का दौर

प्रश्न 41.
भारतीय संघीय व्यवस्था में किसे अधिक शक्तियाँ प्राप्त हैं?
(a) केन्द्र को
(b) राज्यों को
(c) बिलों को
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(a) केन्द्र को

प्रश्न 42.
1967 तक भारत में किस प्रकार की दलीय व्यवस्था थी?
(a) एक-दलीय व्यवस्था
(b) दो-दलीय व्यवस्था
(c) बहु – दलीय व्यवस्था
(d) एकल-आधिपत्वशाली दल व्यवस्था
उत्तर-
(d) एकल-आधिपत्वशाली दल व्यवस्था

प्रश्न 43.
1930 में गाँधीजी ने किस आंदोलन की शुरू आत की थी?
(a) सविनय मला माशेलन
(b) भारत छोड़ो आंदोलन
(c) स्वराज आपलन
(d) असाहया मांदोलन
उत्तर-
(a) सविनय मला माशेलन

Bihar Board 12th Accountancy Objective Answers Chapter 11 ऋणपत्रों का शोधन

Bihar Board 12th Accountancy Objective Questions and Answers

Bihar Board 12th Accountancy Objective Answers Chapter 11 ऋणपत्रों का शोधन

प्रश्न 1.
जब सभी ऋणपत्रों का शोधन कर लिया जाता है तो ऋणपत्र शोधन कोष खाता के शेष को हस्तान्तरित किया जाता है :
(A) पूँजी संचय में
(B) सामान्य संचय में
(C) लाभ-हानि नियोजन खाता में
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(B) सामान्य संचय में

Bihar Board 12th Accountancy Objective Answers Chapter 11 ऋणपत्रों का शोधन

प्रश्न 2.
सेबी के निर्देशों के अनुसार शोधन के पूर्व शोधनीय ऋण-पत्रों की राशि का कितने प्रतिशत से ऋणपत्र शोधन कोष का निर्माण करना होगा?
(A) 50%
(B) 25%
(C)70%
(D) 100% 8
उत्तर-
(B) 25%

प्रश्न 3.
ऋणपत्रों के शोधन के पश्चात् ‘सिंकिंग फण्ड लेखा’ का शेष अन्तरित होता है :
(A) लाभ-हानि लेखा
(B) लाभ-हानि आधिक्य विवरण में
(C) सामान्य संचय लेखा
(D) सिंकिंग फण्ड लेखा
उत्तर-
(C) सामान्य संचय लेखा

प्रश्न 4.
अपने ऋणपत्रों के रद्द करने पर हुए लाभ का अन्तरण होगा :
(A) लाभ-हानि विवरण में
(B) लाभ-हानि आधिक्य विवरण में
(C) सामान्य संचय लेखा
(D) पूँजी संचय लेखा
उत्तर-
(D) पूँजी संचय लेखा

प्रश्न 5.
यदि 1,00,000 रु. के ऋणपत्रों का निर्गमन 10,000 रु. के बट्टे पर किया गया हो जो कि चार वर्षों के बाद शोधनीय हों तो लाभ-हानि खाते से वार्षिक बट्टा अपलिखित किया जायेगा :
(A) 3,000 रु.
(B) 4,000 रु.
(C) 2,500 रु.
(D) 5,000 रु.
उत्तर-
(C) 2,500 रु.

Bihar Board 12th Accountancy Objective Answers Chapter 11 ऋणपत्रों का शोधन

प्रश्न 6.
ऋणपत्रों का शोधन (विमोचन) किया जा सकता है :
(A) लाभ में से
(B) पूँजी में से
(C) प्रावधान से
(D) उपरोक्त सभी से
उत्तर-
(D) उपरोक्त सभी से

प्रश्न 7.
ऋणपत्रों के शोधन पर प्रीमियम है :
(A) व्यक्तिगत खाता
(B) वास्तविक खाता
(C) नाममात्र खाता
(D) उचन्ती खाता
उत्तर-
(A) व्यक्तिगत खाता

प्रश्न 8.
ऋणपत्रों के शोधन पर प्रीमियम की व्यवस्था सामान्यतः के समय की जाती है :
(A) ऋणपत्रों के निर्गमन
(B) ऋणपत्रों के शोधन
(C) अपलेखन
(D) 10 वर्षों के पश्चात्
उत्तर-
(A) ऋणपत्रों के निर्गमन

प्रश्न 9.
ऋणपत्रों का शोधन………..पर नहीं किया जा सकता है :
(A) सम
(B) प्रीमियम
(C) बट्टा
(D) 10% से अधिक प्रीमियम
उत्तर-
(C) बट्टा

Bihar Board 12th Accountancy Objective Answers Chapter 11 ऋणपत्रों का शोधन

प्रश्न 10.
खुले बाजार में क्रय किये गये ऋणपत्रों को यदि तुरंत रद्द नहीं किया जाता है, तो यह निवेश माना जाता है :
(A) चालू सम्पत्ति
(B) चालू दायित्व
(C) निवेश
(D) पूँजी
उत्तर-
(C) निवेश

प्रश्न 11.
ऋणपत्रों के शोधन के लिए स्रोत है :
(A) लाभों में संशोधन
(B) पूँजी में से संशोधन
(C) नये अंशों/ऋणपत्रों के निर्गमन से प्राप्त राशि
(D) उपरोक्त सभी
उत्तर-
(D) उपरोक्त सभी

प्रश्न 12.
एक कंपनी ने प्रत्येक 100 रु. वाले 1,00, 12% ऋणपत्रों को 10% प्रीमियम पर निर्गमित किया। 12% है :
(A) लाभांश की दर
(B) कर की दर
(C) ब्याज की दर
(D) इनमें से कोई नहीं कंपनी नियम, 2014 के अनुसार
उत्तर-
(C) ब्याज की दर

Bihar Board 12th Accountancy Objective Answers Chapter 11 ऋणपत्रों का शोधन

प्रश्न 13.
कंपनी को ऋणपत्र निर्गमन की राशि के कम-से-कम कितने प्रतिशत के बराबर राशि ऋणपत्रों के शोधन के पूर्व ऋणपत्र शोधन संचय खाते में हस्तान्तरित करनी चाहिए?
(A) 50%
(B) 25%
(C) 15%
(D) 100%
उत्तर-
(A) 50%

प्रश्न 14.
यदि ऋणपत्रों का शोधन परिवर्तन पद्धति द्वारा किया जाता है तो ‘ऋणपत्र शोधन संचय खाते’ में परिवर्तनीय ऋणपत्रों की राशि का……….प्रतिशत हस्तान्तरित किया जायेगा।
(A) 40
(B) 50
(C) 60
(D) शून्य
उत्तर-
(D) शून्य

प्रश्न 15.
ऋणपत्रों के निर्गमन पर हानि हो दिखाया जाता है :
(A) चिट्टे के दायित्व पक्ष में
(B) लाभ अथवा हानि खाते के क्रेडिट पक्ष में
(C) लाभ अथवा हानि खाते के क्रेडिट पक्ष में
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(A) चिट्टे के दायित्व पक्ष में

प्रश्न 16.
‘सिंकिंग फण्ड विनियोग लेखा’ के विक्रय पर लाभ को अन्तरित किया जाता है :
(A) लाभ-हानि विवरण में
(B) सामान्य संचय में
(C) सिंकिंग फण्ड खाते में
(D) पूँजी संचय में
उत्तर-
(C) सिंकिंग फण्ड खाते में

Bihar Board 12th Accountancy Objective Answers Chapter 11 ऋणपत्रों का शोधन

प्रश्न 17.
ऋणपत्रों के शोधन पर प्रीमियम खाता है :
(A) सम्पत्ति
(B) व्यय
(C) दायित्व
(D) आय
उत्तर-
(C) दायित्व

प्रश्न 18.
सिंकिंग फण्ड निवेश पर ब्याज को क्रेडिट किया जाता है :
(A) लाभ-हानि खाता है
(B) सिंकिंग फण्ड खाता में
(C) सामान्य संचय खाता में
(D) सिंकिंग फण्ड निवेश खाता में
उत्तर-
(B) सिंकिंग फण्ड खाता में

प्रश्न 19.
शोधन कोष विनियोग है :
(A) आय
(B) व्यय
(C) सम्पत्ति
(D) दायित्व
उत्तर-
(C) सम्पत्ति

प्रश्न 20.
जब ऋणपत्र को सम मूल्य पर जारी किया जाता है और प्रीमियम पर मोचित किया जाता हौ तब इस प्रकार के निर्गम पर हानि किस खाते के नाम पक्ष से दर्शाते हैं :
(A) लाभ व हानि खाता
(B) ऋणपत्र आवेदन व आबंटन खाता
(C) ऋणपत्र निर्गम पर हानि खाता
(D) शोधन पर प्रीमियम
उत्तर-
(C) ऋणपत्र निर्गम पर हानि खाता

प्रश्न 21.
स्वयं के ऋणपत्र वे ऋणपत्र हैं जिन्हें कंपनी :
(A) अपने ही प्रवर्तकों को आबंटित करती है
(B) अपने निर्देशकों को आबंटित करती है
(C) बाजार से खरीदती है और निवेश के रूप में अपने पास रखती है
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(C) बाजार से खरीदती है और निवेश के रूप में अपने पास रखती है

प्रश्न 22.
जब ऋणपत्रों का मोचन लाभों में से किया जाता है, तब समतुल्य राशि हस्तान्तरित की जाती है :
(A) सामान्य संचय में
(B) ऋणपत्र शोधन संचय में
(C) पूँजी संचय में
(D) लाभ-हानि खाता में
उत्तर-
(B) ऋणपत्र शोधन संचय में

Bihar Board 12th Accountancy Objective Answers Chapter 11 ऋणपत्रों का शोधन

प्रश्न 23.
ऋणपत्र मोचन निधि निवेश की बिक्री पर हुए लाभ को पहली बार जमा किया जाता है :
(A) ऋणपत्र मोचन कोष खाता में
(B) लाभ-हानि नियोजन खाता में
(C) सामान्य संचय खाता
(D) सिंकिंग फण्ड खाता में
उत्तर-
(A) ऋणपत्र मोचन कोष खाता में

प्रश्न 24.
जब ऋणपत्रों का निर्गमन बट्टे पर और शोधन प्रीमियम पर होता है तो निम्न में से किस खाते को निर्गमन के समय डेबिट किया जाता है ?
(A) ऋणपत्र खाता
(B) ऋणपत्रों के मोचन पर प्रीमियम खाता
(C) ऋणपत्रों के नितर्गमन पर हानि खाता
(D) लाभ-हानि खाता
उत्तर-
(C) ऋणपत्रों के नितर्गमन पर हानि खाता

प्रश्न 25.
सेबी द्वारा जारी किए गए निर्देशों के अनुसार परिवर्तनशील ऋणपत्रों की अवस्था में ऋणपत्रों के शोधन के पूर्व, ऋणपत्रों की राशि का कितने प्रतिशत ऋणपत्र शोधन संचय बनाने के लिए आवश्यक है ?
(A) 25%
(B) 50%
(C) 100%
(D) शून्य
उत्तर-
(D) शून्य

Bihar Board 12th Accountancy Objective Answers Chapter 11 ऋणपत्रों का शोधन

प्रश्न 26.
ऋणपत्रों के शोधन पर लाभ को किस खाते में हस्तान्तरित किया जाता है ?
(A) पूँजी संचय खाता
(B) सिंकिंग फण्ड खाता
(C) सामान्य संचय खाता
(D) लाभ-हानि खाता
उत्तर-
(A) पूँजी संचय खाता

प्रश्न 27.
स्वयं के ऋणपत्रों के रद्द होने से होने वाला लाभ है :
(A) आयगत लाभ
(B) पूँजीगत लाभ
(C) संचालन लाभ
(D) व्यापारिक लाभ
उत्तर-
(B) पूँजीगत लाभ

प्रश्न 28.
10 रु. वाले 6,000 ऋणपत्रों को प्रत्येक 10 रु. के समता अंशों द्वारा 20% के प्रीमियम पर निर्गमन द्वारा भुगतान किया गया। निर्गमित किये गये अंशों की संख्या होगी :
(A) 50,000
(B) 60,000
(C) 5,000
(D) 6,000
उत्तर-
(C) 5,000

प्रश्न 29.
प्रत्येक कंपनी जिसके लिए DRR बनाना अनिवार्य है, वह अगले वर्ष 31 मार्च को समाप्त होने वाले वर्ष के दौरान देय होने वाले (शोधनीय) ऋणपत्रों की राशि का कम-से-कम कितना प्रतिशत प्रत्येक वर्ष 30 अप्रैल तक बैंक में जमा करेगी विनियोजित करेगी?
(A) 10%
(B) 15%
(C) 25%
(D) 50%
उत्तर-
(B) 15%

प्रश्न 30.
सिंकिंग फण्ड एक हिस्सा है:
(A) स्थायी दायित्व का
(B) चालू दायित्व का
(C) संचय एवं आधिक्य का
(D) स्थायी सम्पत्ति का
उत्तर-
(C) संचय एवं आधिक्य का

Bihar Board 12th Accountancy Objective Answers Chapter 11 ऋणपत्रों का शोधन

प्रश्न 31.
एक कंपनी ने प्रत्येक 100 रु. वाले 1000, 12% ऋणपत्रों को 10% प्रीमियम पर निर्गमित किया। 12% है :
(A) लाभांश की दर
(B) कर दी दर
(C) ब्याज की दर
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(C) ब्याज की दर

प्रश्न 32.
BST Ltd. अपने 900, 10 ऋणपत्रों का शोधन 105% पर 10 रु.वाले अंश को 9 रु. प्रति अंश की दर से परिवर्तन करना चाहती है। इसके लिए उसे निर्गमित करने होंगे।
(A)9,000 अंश
(B) 10.500 अंश
(C) 10,000 अंश
(D) 8500 अंश
उत्तर-
(B) 10.500 अंश

प्रश्न 33.
‘ऋणपत्रों के मोचन पर अधिलाभ खाता’ की प्रकृति होती है :
(A) व्यक्तिगत खाता
(B) वास्तविक खाता
(C) नाममात्र खाता
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(C) नाममात्र खाता

Bihar Board 12th Accountancy Objective Answers Chapter 11 ऋणपत्रों का शोधन

प्रश्न 34.
दीप लिमिटेड ने प्रत्येक 100 रु. के 10,00,000,7% ऋणपत्रों को 4% की कटौती पर जारी किया जो 5 वर्षों के बाद 6% के अधिमूल्य पर शोधनीय है । ऋणपत्रों के निर्गमन पर हानि है।
(A) 10,00,000 रु.
(B) 6.00,000 रु.
(C) 16,00,000 रु.
(D) 4,00,000 रु.
उत्तर-
(A) 10,00,000 रु.

Bihar Board 12th Political Science Objective Answers Chapter 10 राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ

Bihar Board 12th Political Science Objective Questions and Answers

Bihar Board 12th Political Science Objective Answers Chapter 10 राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ

प्रश्न 1.
राज्य सभा में मनोनीत सदस्यों की संख्या है
(a) 12
(b) 13
(c) 21
(d) 11
उत्तर-
(a) 12

प्रश्न 2.
भारत में पहला नगर निगम स्थापित किया गया था?
(a) पटना
(b) मुंबई
(c) मद्रास
(d) कोलकाता
उत्तर-
(c) मद्रास

प्रश्न 3.
केन्द्र-राज्य संबंधों में प्रमुख अड़चनें क्या रही हैं?
(a) राज्यपाल की भूमिका
(b) अनुच्छेद 356
(c) राज्यों की केन्द्र पर निर्भरता
(d) इनमें से सभी
उत्तर-
(d) इनमें से सभी

Bihar Board 12th Political Science Objective Answers Chapter 10 राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ

प्रश्न 4.
भारतीय संविधान का 73वाँ संशोधन सम्बन्धित है
(a) ग्राम पंचायत से
(b) पंचायती राज से
(c) नगरपालिका से
(d) नगर निगम से.
उत्तर-
(b) पंचायती राज से

प्रश्न 5.
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्ति कौन करता है?
(a) प्रधानमंत्री
(b) मंत्रिमंडल
(c) राष्ट्रपति
(d) उप-राष्ट्रपति
उत्तर-
(c) राष्ट्रपति

प्रश्न 6.
भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद संसद के संयुक्त अधिवेशन की अनुमति देता है?
(a) अनुच्छेद-105
(b) अनुच्छेद-108
(c) अनुच्छेद-11
(d) अनुच्छेद-113
उत्तर-
(b) अनुच्छेद-108

प्रश्न 7.
भारतीय संविधान के किस भाग को संविधान की आत्मा कह” जाता है? 2018
(a) प्रस्तावना
(b) मौलिक अधिकार
(c) निर्देशक सिद्धान्त
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(a) प्रस्तावना

प्रश्न 8.
संविधान सभा के अध्यक्ष कौन थे?
(a) अम्बेडकर
(b) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
(c) डॉ. राधा कृष्णन
(d) लमें से कोई नहीं
उत्तर-
(b) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद

Bihar Board 12th Political Science Objective Answers Chapter 10 राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ

प्रश्न 9.
संविधान द्वारा किस भाषा को राजभाषा का दर्जा दिया गया है
(a) अँरेखी
(b) उर्दू
(c) हिन्दी
(d) हिन्दुस्तानी
उत्तर-
(a) अँरेखी

प्रश्न 10.
संविधान के किस अनुच्छेद में केन्द्र और राज्य के बीच संबंधों का उल्लेख है
(a) अनुच्छेद-245-255
(b) अनुच्छेद-240-250
(c) अनुच्छेद-352-360
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(a) अनुच्छेद-245-255

प्रश्न 11.
मुख्यमंत्री की नियुक्ति कौन करता है?
(a) राष्ट्रपति
(b) प्रधानमंत्री
(c) राज्यपाल
(d) उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
उत्तर-
(b) प्रधानमंत्री

प्रश्न 12.
भारतीय संविधान में कितने मौलिक कर्तव्य हैं?
(a) 8
(b) 9
(c) 10
(d) 11
उत्तर-
(d) 11

प्रश्न 13.
राज्यों के संवैधानिक प्रमुख कौन है?
(a) राज्यपाल
(b) मुख्य
(c) विधान सभा अध्यम
(d) उप-मुख्यमंत्री
उत्तर-
(a) राज्यपाल

Bihar Board 12th Political Science Objective Answers Chapter 10 राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ

प्रश्न 14.
कौन संविधान संशोधन शहरी स्थानीय शासन से जुड़ा है?
(a) 75वाँ
(b) 74वाँ
(c) 73 वाँ
(d) 72 वाँ
उत्तर-
(b) 74वाँ

प्रश्न 15.
किस देश का संविधान विश्व का सबसे बड़ा संविधान है?
(a) यू.एस.ए.
(b) रूस – दक्षिणी
(c) अफ्रीका
(d) भारत
उत्तर-
(d) भारत

प्रश्न 16.
भारतीय संविधान के किस भाग में राज्य के नीति-निर्देशक तत्व निहित है?
(a) भाग – II
(b) भाग – III
(c) भागम – IV
(d) भाग-V
उत्तर-
(c) भागम – IV

प्रश्न 17.
ग्राम कचहरी को प्रधान कौन होता है?
(a) सरपंच
(b) मुखिया
(c) वार्ड संघस्य
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(a) सरपंच

Bihar Board 12th Political Science Objective Answers Chapter 10 राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ

प्रश्न 18.
भारत ने लम्बे संघर्ष के बाद स्वतन्त्रता पाथी-
(a) 15 अगस्त, 1947 में
(b) 26 जनवरी, 1950 में
(c) 15 अगस्त, 1948 में.
(d) 26 जनवरी, 1951 में
उत्तर-
(a) 15 अगस्त, 1947 में

प्रश्न 19.
मुस्लिम लीग की स्थापना कब हुई?
(a) 1905 में
(b) 1906 में
(c) 1907 ई. में
(d) 1908 ई. में
उत्तर-
(b) 1906 में

प्रश्न 20.
राक पुनर्गठन आयोग की स्थापना कब हुई?
(a) 1953 में
(b) 1955 ई. में
(c) 1956 में
(d) 1957 ई. में
उत्तर-
(a) 1953 में

प्रश्न 21.
भारत में कुल कितने राज्य हैं?
(a) 26
(b) 27
(c) 28
(d) 29
उत्तर-
(d) 29

Bihar Board 12th Political Science Objective Answers Chapter 10 राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ

प्रश्न 22.
भारत में चुनाव आयोग का गठन कब हुआ?
(a) जनवरी, 1950
(b) फरवरी 1950
(c) जून 195
(d) अगस्त 1950-
उत्तर-
(a) जनवरी, 1950

प्रश्न 23.
किसने कहा- स्वतन्त्रता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है।
(a) सरदार पटेल
(b) भगत सिंह
(c) बालगंगाधर तिलका
(d) चन्द्रशेखर आजाद
उत्तर-
(c) बालगंगाधर तिलका

प्रश्न 24.
भारत में लौह पुरुष की संज्ञा किसे दी गई है।
(a) महात्मा गाँधी को
(b) पं. जवाहरलाल नेहरु को
(c) बल्लभभाई पटेल को
(d) इनमें से कोई नहीं’
उत्तर-
(c) बल्लभभाई पटेल को

प्रश्न 25.
राज्य पुनर्गठन आयोग के विषय में कौन-सा कथन असत्य है?
(a) इसकी स्थापना 1953 ई. में की गई थी।
(b) इसके रिपोर्ट के आधार पर 1966 में राज्य पुनर्गठन अधिनियम पारित किया गया।
(c) इसने भाषायी राज्यों के निर्माण के लिए सिफारिश की थी।
(d) सभी कथन असत्य हैं।
उत्तर-
(a) इसकी स्थापना 1953 ई. में की गई थी।

प्रश्न 26.
किस आन्दोलन ने आज प्रदेश के लिए स्वायत्त प्रदेश की मांग की
(a) तेलंगाना आन्दोलन
(b) विशाल आन्ध्र आन्दोलन
(c) रेड रिबन आन्दोलन’
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(b) विशाल आन्ध्र आन्दोलन

Bihar Board 12th Political Science Objective Answers Chapter 10 राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ

प्रश्न 27.
अनुसूचित जाति संघ की स्थापना किसने की थी?
(a) मायावती
(b) बी.आर. अम्बेडकर
(c) पडित नेहरू
(d) कांशी राम
उत्तर-
(b) बी.आर. अम्बेडकर

प्रश्न 28.
भारत में वर्तमान में कुल कितने संप-शासित प्रदेश ?
(a) 6
(b) 7
(c) 8
(d) 9
उत्तर-
(b) 7

प्रश्न 29.
भारत का संविधान किस वर्ष अंगीकृत किया गया?
(a) वर्ष 1948
(b) वर्ष 1949
(c) वर्ष 1950
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(b) वर्ष 1949

प्रश्न 30.
भारत में “विविधता में एकता की विशेषता किसने बतायी3
(a) महात्मा गांधी
(b) सुभाष चन्द्र बोस
(c) राजेन्द्र प्रसाद
(d) जवाहर लाल नेहरू
उत्तर-
(d) जवाहर लाल नेहरू

Bihar Board 12th Political Science Objective Answers Chapter 10 राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ

प्रश्न 31.
संविधान की शास्तावना में बन्यता का आदर्श क्यों रुखा गया?
(a) सामाजिक विकास हेतु
(b) सामाजिक स्याय हेतु
(c) स्वतन्त्रता हेतु
(d) राष्ट्रीय एकता हेतु
उत्तर-
(d) राष्ट्रीय एकता हेतु

प्रश्न 32.
कश्मीर के भारत बिलय पत्र पर किसने हस्ताक्षर किए?
(a) लॉर्ड माउण्ट
(b) सरदार पटेल है.
(c) जवाहर लाल नेहरू
(d) राजा हरी सिंह
उत्तर-
(d) राजा हरी सिंह

प्रश्न 33.
संविधान में भारत के किस राज्य को विशेष वर्मा प्राप्त है?
(a) जम्मू-कश्मीर
(b) सिक्किम
(c) नागालैण्ड
(d) अरुणाचल प्रदेश
उत्तर-
(a) जम्मू-कश्मीर

प्रश्न 34.
राज्यों के पुनर्गठन आयोगका अध्यक्ष कौन था?
(a) गोविन्द वल्लभ पन्त
(b) सरदार के.एम. पन्निकर
(c) पण्डित हृदयनाथ कुंजरू
(d) न्यायमूर्ति फजल अली
उत्तर-
(a) गोविन्द वल्लभ पन्त

प्रश्न 35.
मिजोरम किस वर्ष भारत संघ का राज्य बना?
(a) 1986
(b) 1987
(c) 1988
(d) 1985
उत्तर-
(a) 1986

Bihar Board 12th Political Science Objective Answers Chapter 10 राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ

प्रश्न 36.
राज्य पुनर्गठन अधिनियम के अनुसार भारत में किस आधार पर राज्यों की रचना की गई?
(a) जनसंख्या
(b) क्षेत्रफल
(c) सामरिक महत्व
(d) भाषा
उत्तर-
(d) भाषा

प्रश्न 37
1956 में कौन-से द्विभाषी राज्य बने?
(a) बम्बई व.पंजाब
(b) उत्तर प्रदेश व बिहार
(c) केरल व तमिलनाडु
(d) पश्चिम बंगाल व उड़ीसा
उत्तर-
(a) बम्बई व.पंजाब

प्रश्न 38.
भाषा को नहीं बल्कि सामरिक महत्व के तत्व को देखते हुए सबसे से पहले किस राज्य की रचना हुई?
(a) आन्ध्र प्रदेश
(b) नागालैण्ड
(c) मेघालय
(d) गोवा
उत्तर-
(b) नागालैण्ड

Bihar Board 12th Political Science Objective Answers Chapter 10 राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ

प्रश्न 39.
गोवा भारत संघ का राज्य किस वर्ष बमा?
(a) 1967
(b) 1987
(c) 1985
(d) 1950%
उत्तर-
(b) 1987

प्रश्न 40.
भारत के प्रथम राष्ट्रपति कौन थे?
(a) पं. नेहरू
(b) सरदार पटेल
(c) डॉ. राधाकृष्णन्
(d) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
उत्तर-
(d) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद

प्रश्न 41.
स्वतन्त्रता पश्चात् देशी रियासत थे-
(a) हैदराबाद
(b) जूनागढ़
(c) नजफगढ़
(d) (a) और (b)
उत्तर-
(d) (a) और (b)

प्रश्न 42.
भारत का अन्तिम गवर्नर जनरल कौन था?
(a) सी. राजगोपालाचारी
(b) सी.आर. दास
(c) लॉर्ड माउण्टबेटन
(d) राजेन्द्र प्रसाद
उत्तर-
(a) सी. राजगोपालाचारी

प्रश्न 43.
गोवा, दमन व द्वीप किस यूरोपीय राज्य का उपनिवेश था?
(a) ब्रिटेन
(b) फ्रांस
(c) इटली
(d) पुर्तगाल
उत्तर-
(a) ब्रिटेन

Bihar Board 12th Political Science Objective Answers Chapter 10 राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ

प्रश्न 44.
देश के विभाजन से कौन-कौन-से राज्य प्रभावित हुए थे?
(a) बम्बई व मद्रास
(b) बिहार व उड़ीसा
(c) पंजाब व बंगाल
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(c) पंजाब व बंगाल

प्रश्न 45.
किसने ‘विराष्ट्र सिद्धान्त का प्रतिपादन किया? .
(a) गाँधी ने
(b) नेहरू ने
(c) जिन्ना ने
(d) पटेल ने
उत्तर-
(c) जिन्ना ने

प्रश्न 46.
भारतीय संविधान को कब लागू किया गया था?”
(a) 26 जनवरी 1905
(b) 26 जनवरी 1951
(c) 26 जनवरी 1952
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(a) 26 जनवरी 1905

प्रश्न 47.
भारत में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में असम का भाग काटकर पहला राज्य , कौन बना?
(a) नागालैण्ड
(b) मेघालय
(c) मिजोरम
(d) त्रिपुरा
उत्तर-
(a) नागालैण्ड

प्रश्न 48.
भाषाई आधार पर सबसे पहले किस राज्य की रचना हुई?
(a) आन्ध्र प्रदेश
(b) मध्य प्रदेश
(c) उत्तर प्रदेश
(d) अरूणाचल प्रदेश
उत्तर-
(a) आन्ध्र प्रदेश

Bihar Board 12th Political Science Objective Answers Chapter 10 राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ

प्रश्न 49.
भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में क्या वर्णित है?
(a) भाषाओं की सूची
(b) आरक्षण की सूची
(c) पंचायती राज के कार्य
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(a) भाषाओं की सूची

प्रश्न 50.
भारत के प्रथम उप-राष्ट्रपति कौन थे?
(a) वी.वी. गिरि
(b) डॉ. एस. राधाकृष्णन
(c) डॉ. जाकिर हुसैन
(d) डॉ. शंकर दयाल शर्मा
उत्तर-
(b) डॉ. एस. राधाकृष्णन

Bihar Board 12th Hindi 50 Marks Objective Answers पद्य Chapter 1 रहीम के दोहे

Bihar Board 12th Hindi Objective Questions and Answers

Bihar Board 12th Hindi 50 Marks Objective Answers पद्य Chapter 1 रहीम के दोहे

प्रश्न 1.
रहीम का पूरा नाम क्या है ?
(A) खानखाना
(B) अब्दुल रहीम
(C) अब्दुर्रहीम खाँ
(D) अब्दुर्रहीम खाँ खानखाना
उत्तर:
(D) अब्दुर्रहीम खाँ खानखाना

प्रश्न 2.
रहीम किस युग के कवि थे?
(A) मध्ययुगीन
(B) आदिकालीन
(C) आधुनिक कालीन
(D) अंधकारयुगीन
उत्तर:
(A) मध्ययुगीन

Bihar Board 12th Hindi 50 Marks Objective Answers पद्य Chapter 1 रहीम के दोहे

प्रश्न 3.
रहीम किस संस्कृति के कवि हैं ?
(A) स्वतंत्र
(B) दरबारी
(C) परतंत्र
(D) गैर दरबारी
उत्तर:
(B) दरबारी

प्रश्न 4.
‘रहिमान पानी रखिए’ का क्या अर्थ नहीं है ?
(A) चमक
(B) इज्जत
(C) एक बाल्टी पानी
(D) जल
उत्तर:
(C) एक बाल्टी पानी

प्रश्न 5.
कपार पर जूतियाँ किसे खानी पड़ती है ?
(A) मीठा बोलने पर
(B) अच्छा बोलने पर
(C) कम बोलने पर
(D) ज्यादा बोलने पर
उत्तर:
(D) ज्यादा बोलने पर

प्रश्न 6.
पशु से भी गया-गुजरा कौन है ?
(A) जो रीझने-रीझाने पर कुछ नहीं देता है
(B) जो केवल संगीत सुनना चाहता है
(C) जो केवल पैसा कमाना चाहता है
(D) जो पशु पालता है
उत्तर:
(A) जो रीझने-रीझाने पर कुछ नहीं देता है

प्रश्न 7.
कीचड़ में फंसा थोड़ा-सा जल क्यों प्रशंसनीय है?
(A) जीव पीकर मर जाते हैं
(B) छोटे-छोटे जीव उसे पीकर संतुष्ट हो जाते हैं
(C) प्रजनन शुरू हो जाता है
(D) छोटे जीवों में छटपटाहट होने लगती है
उत्तर:
(B) छोटे-छोटे जीव उसे पीकर संतुष्ट हो जाते हैं

प्रश्न 8.
कैसा राजा प्रशंसनीय है ?
(A) सूर्य के समान सुख देने वाला
(B) सूर्य के समान गर्मी देने वाला
(C) चंद्रमा के समान सुख देने वाला
(D) सूर्य के समान चमकने वाला
उत्तर:
(C) चंद्रमा के समान सुख देने वाला

प्रश्न 9.
कुपुत्र-कुपुत्री के जन्म लेने पर क्या होता है ?
(A) वंश-वृद्धि होती है
(B) आमदनी बढ़ जाती है
(C) आमदनी खूब होती है
(D) वंश का नाश हो जाता है
उत्तर:
(D) वंश का नाश हो जाता है

प्रश्न 10.
‘बावन’ शब्द का क्या अर्थ है ?
(A) बौना आदमी
(B) 50 की सखा
(C) एक जाति
(D) शंकर
उत्तर:
(A) बौना आदमी

प्रश्न 11.
‘दोहावली’ किनकी रचना है?
(A) सूरदास
(B) कबीर
(C) रहीम
(D) तुलसीदास
उत्तर:
(C) रहीम

Bihar Board 12th Hindi 50 Marks Objective Answers पद्य Chapter 1 रहीम के दोहे

प्रश्न 12.
रहीम किस राजा के दरबार में रहते थे?
(A) औरंगजेब
(B) शाहजहाँ
(C) अकबर
(D) बाबर
उत्तर:
(C) अकबर

प्रश्न 13.
रहीम की प्रशंसा हिन्दी के किस बड़े कवि ने की है ?
(A) नन्ददास
(B) नाभादास
(C) मलिक मुहम्मद जायसी
(D) तुलसीदास
उत्तर:
(C) मलिक मुहम्मद जायसी

प्रश्न 14.
रहीम को किस भाषा की जानकारी नहीं थी?
(A) अंगरेजी
(B) अरबी
(C) तुर्की
(D) फारसी
उत्तर:
(A) अंगरेजी

प्रश्न 15.
रहीम कविता का मुख्य विषय क्या नहीं था?
(A) श्रृंगार
(B) वीभत्स
(C) रीति
(D) भक्ति
उत्तर:
(B) वीभत्स

प्रश्न 16.
रहीम के नीति परक उक्तिओं पर किन कवियों की स्पष्ट छाप थी?
(A) उर्दू कवियों की
(B) फारसी कवियों की
(C) संस्कृत कवियों की
(D) हिन्दी कवियों की
उत्तर:
(C) संस्कृत कवियों की

प्रश्न 17.
कुल मिलाकर रहीम की कितनी रचनाएँ प्रसिद्ध हैं ?
(A) आठ
(B) नौ
(C) दस
(D) ग्यारह
उत्तर:
(D) ग्यारह

Bihar Board 12th Hindi 50 Marks Objective Answers पद्य Chapter 1 रहीम के दोहे

प्रश्न 18.
‘दोहावली’ में रहीम के कितने दोहे संगहीत हैं?
(A) 300
(B) 200
(C) 100
(D) 50
उत्तर:
(A) 300

प्रश्न 19.
किसी को कुछ भी माँगने पर नहीं देने वाले व्यक्ति की क्या दशा होती है ?
(A) जी जाता है
(B) मर जाता है
(C) नरक में जाता है
(D) स्वर्ग में जाता है
उत्तर:
(B) मर जाता है

प्रश्न 20.
प्रसिद्धि हिन्दी कवि रहीम का पूरा नाम क्या है?
(A) अब्दुल रहीम
(B) रहीम खाँ
(C) रहीम
(D) अब्दुर्रहीम खाँ खानखाना
उत्तर:
(D) अब्दुर्रहीम खाँ खानखाना

प्रश्न 21.
रहीम किस मुगल सम्राट् के दरबार में कवि था?
(A) अकबर
(B) बाबर
(C) औरंगजेब
(D) शाहजहाँ
उत्तर:
(A) अकबर

प्रश्न 22.
प्रसिद्ध हिन्दी कवि रहीम की कुल कितनी रचनाएँ प्रसिद्ध है? ।
(A) 6
(B) 9
(C) 11.
(D) 13
उत्तर:
(C) 11.

प्रश्न 23.
रहीम की ‘दोहावली’ में कितने दोहे संगृहीत है?
(A) 150
(B) 200
(C) 250
(D) 300
उत्तर:
(D) 300

Bihar Board 12th Hindi 50 Marks Objective Answers पद्य Chapter 1 रहीम के दोहे

प्रश्न 24.
रहीम की कृति ‘नगर योजना’ में कितने दोहे हैं?
(A) 120
(B) 130
(C) 142
(D) 152
उत्तर:
(C) 142

प्रश्न 25.
‘नगर शोभा’ किसकी काव्य रचना है?
(A) सुरदास
(B) रहीम
(C) रसखान
(D) कबीर
उत्तर:
(B) रहीम

प्रश्न 26.
रहीम रचित ‘बरवै’ किस भाषा में की गयी रचना है?
(A) अवधी
(B) मगही
(C) भोजपुरी
(D) पाली
उत्तर:
(A) अवधी

प्रश्न 27.
रहीम किसके पुत्र थे?
(A) करीम खाँ के
(B) बैरम खाँ के
(C) शमीम खाँ के
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(B) बैरम खाँ के

प्रश्न 28.
रहीम के पिता बैरम खाँ किस मगल सम्राट के सेनापति एवं संरक्षक
(A) जहाँगीर
(B) अकबर
(C) शाहजहाँ
(D) बाबर
उत्तर:
(A) जहाँगीर

Bihar Board 12th Hindi 50 Marks Objective Answers पद्य Chapter 1 रहीम के दोहे

प्रश्न 29.
रहीम का जन्म कब हुआ था?
(A) 1550 ई० में
(B) 1554 ई० में
(C) 1556 ई० में
(D) 1560 ई० में
उत्तर:
(C) 1556 ई० में

प्रश्न 30.
रहीम का जन्म कहाँ हुआ था?
(A) लाहौर में
(B) पेशावर में
(C) ब्लूचिस्तान में
(D) इस्लामाबाद में
उत्तर:
(A) लाहौर में

प्रश्न 31.
प्रथम दोहे में कवि रहीम ने मनुष्य के किस चीज की महिमा का बखान किया है?
(A) स्वभाव
(B) आत्मगौरव
(C) अहंकार
(D) सामर्थ्य
उत्तर:
(B) आत्मगौरव

प्रश्न 32.
दूसरे दोहे में कविवर रहीम ने मनुष्य के जीवन में किस चीज के महत्त्व का उल्लेख किया है?
(A) सम्पत्ति
(B) सामर्थ्य
(C) पानी
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) पानी

प्रश्न 33.
दूसरे दोहे में मनुष्य के संदर्भ में पानी का तात्पर्य क्या है?
(A) प्रतिष्ठा
(B) प्रेम
(C) घृणा
(D) सामर्थ्य
उत्तर:
(A) प्रतिष्ठा

प्रश्न 34.
तीसरे दोहे में कवि रहीम ने मनुष्य के किस चीज के महत्त्व पर प्रकाश डाला है?
(A) शक्ति
(B) सम्पत्ति
(C) वचन
(D) प्रतिष्ठा
उत्तर:
(C) वचन

Bihar Board 12th Hindi 50 Marks Objective Answers पद्य Chapter 1 रहीम के दोहे

प्रश्न 35.
चौथे दोहे में रहीम ने किस चीज के लिए हाय-हाय करने वाले कृपण व्यक्तियों को पशओं से भी निकष्ट माना है?
(A) धन
(B) ज्ञान
(C) शक्ति
(D) प्रेम
उत्तर:
(A) धन

प्रश्न 36.
सातवें दोहे में रहीम ने कुपुत्र की तुलना किससे की है?
(A) सूर्य से
(B) चाँद से
(C) दीपक से
(D) बादल से
उत्तर:
(C) दीपक से

प्रश्न 37.
छठे दोहे में रहीम ने किस चीज की प्रशंसा की है?
(A) राजनीतिक व्यवस्था
(B) शासन-व्यवस्था
(C) सामाजिक व्यवस्था
(D) आर्थिक व्यवस्था
उत्तर:
(B) शासन-व्यवस्था

प्रश्न 38.
रहीम के अनुसार मनुष्य की महत्ता क्यों घटती है?
(A) माँगने से
(B) देने से
(C) दोनों से
(D) किसी से नहीं
उत्तर:
(B) देने से

प्रश्न 39.
‘दोहे’ शीर्षक कविता के रचयिता कौन है? .
(A) रामधारी सिंह दिनकर
(B) रामनरेश त्रिपाठी
(C) आरसी प्रसाद सिंह
(D) रहीम
उत्तर:
(D) रहीम

Bihar Board 12th Hindi 50 Marks Objective Answers पद्य Chapter 1 रहीम के दोहे

प्रश्न 40.
रहीम ने कौन-सी कविता लिखी है?
(A) जीवन संदेश
(B) दोहे
(C) जीवन का झरना
(D) हिमालय का संदेश
उत्तर:
(B) दोहे

प्रश्न 41.
रहीम किस युग के कवि हैं?
(A) मध्ययुगीन
(B) आधुनिक कालीन
(C) आदिकालीन
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(A) मध्ययुगीन

प्रश्न 42.
रहीम किस संस्कृति के कवि है?
(A) स्वतंत्र
(B) परतंत्र
(C) दरबारी
(D) गैर-दरबारी
उत्तर:
(C) दरबारी

प्रश्न 43.
रहीम की प्रशंसा किस बड़े कवि ने की है?
(A) सूरदास
(B) तुलसीदास
(C) नाभादास
(D) जायसी
उत्तर:
(B) तुलसीदास

प्रश्न 44.
रहीम के नीति परक उक्तियों पर किन कवियों की स्पष्ट छाप थी?
(A) उर्दू कवियों की
(B) हिन्दी कवियों की
(C) फारसी कवियों की
(D) संस्कृत कवियों की
उत्तर:
(D) संस्कृत कवियों की

प्रश्न 45.
‘रहिमन पानी राखिए’ का क्या अर्थ नहीं है?
(A) प्रतिष्ठा
(B) चमक
(C) जल
(D) एक बाल्टी पानी.
उत्तर:
(D) एक बाल्टी पानी.

Bihar Board 12th Hindi 50 Marks Objective Answers पद्य Chapter 1 रहीम के दोहे

प्रश्न 46.
सिर को जूतियाँ कब खानी पड़ती है?
(A) अच्छा बोलने पर
(B) कम बोलने पर
(C) अनर्थ बोलने पर
(D) मीठा बोलने पर
उत्तर:
(C) अनर्थ बोलने पर

प्रश्न 47.
फर्जी बन जाने पर टेढ़ी चाल कौन चलने लाता है?
(A) मंत्री
(B) प्यादा
(C) हाथी
(D) घोड़ा
उत्तर:
(B) प्यादा

प्रश्न 48.
रहीम अपने किस छन्द के लिए प्रसिद्ध है?
(A) स्वतंत्र
(B) मुक्तक
(C) बरवै
(D) छायावादी
उत्तर:
(C) बरवै

प्रश्न 49.
सिर को जतियाँ कब खानी पड़ती है?
(A) अच्छा बोलने पर
(B) कम बोलने पर
(C) अनर्थ बोलने पर
(D) मीठा बोलने पर
उत्तर:
(C) अनर्थ बोलने पर

प्रश्न 50.
फर्जी बन जाने पर टेढ़ी चाल कौन चलने लाता है?
(A) मंत्री
(B) प्यादा
(C) हाथी
(D) घोड़ा
उत्तर:
(B) प्यादा

Bihar Board 12th Hindi 50 Marks Objective Answers पद्य Chapter 1 रहीम के दोहे

प्रश्न 51.
रहीम अपने किस छन्द के लिए प्रसिद्ध है?
(A) स्वतंत्र
(B) मुक्तक
(C) बरवै
(D) छायावादी
उत्तर:
(C) बरवै

प्रश्न 52.
जीभ के कारण किसे मार खानी पड़ती है?
(A) सिर को
(B) पैर को
(C) हाथ को
(D) पीठ को
उत्तर:
(A) सिर को

प्रश्न 53.
मध्ययुगीन दरबारी संस्कृति के प्रमख कवि कौन है?
(A) नाभादास
(B) रहीम
(C) तुलसीदास
(D) जायसी
उत्तर:
(B) रहीम

प्रश्न 54.
‘दोहावली’ किसकी रचना है?
(A) सूरदास
(B) तुलसीदास
(C) रहीम
(D) जायसी
उत्तर:
(C) रहीम

प्रश्न 55.
‘बावन’ शब्द का अर्थ क्या है?
(A) एक जाति
(B) बौना आदमी
(C) लम्बा आदमी
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(B) बौना आदमी

प्रश्न 56.
आठवें दोहे में बावन किसे कहा गया है?
(A) पण्डित को
(B) ब्रह्मा को
(C) विष्णु को
(D) द्वन्द्व को
उत्तर:
(C) विष्णु को

Bihar Board 12th Accountancy Objective Answers Chapter 10 ऋणपत्रों का निर्गमन

Bihar Board 12th Accountancy Objective Questions and Answers

Bihar Board 12th Accountancy Objective Answers Chapter 10 ऋणपत्रों का निर्गमन

प्रश्न 1.
ऋणपत्र है :
(A) ऋण का प्रमाण-पत्र
(B) नकद का प्रमाण-पत्र
(C) साख का प्रमाण-पत्र
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(A) ऋण का प्रमाण-पत्र

Bihar Board 12th Accountancy Objective Answers Chapter 10 ऋणपत्रों का निर्गमन

प्रश्न 2.
ऋणपत्रधारी होते हैं :
(A) कंपनी के ग्राहक
(B) कंपनी के मालिक
(C) कंपनी के लेनदार
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(C) कंपनी के लेनदार

प्रश्न 3.
बैंक से लिये गये ऋण के लिए ऋणपत्रों को सहायक प्रतिभूति के · रूप में निर्गमन किये जाने पर किस खाते को डेबिट किया जायेगा :
(A) बैंक खाता
(B) बैंक ऋण खाता
(C) ऋणपत्र खाता
(D) ऋणपत्र उचंती खाता
उत्तर-
(D) ऋणपत्र उचंती खाता

प्रश्न 4.
यदि विक्रेताओं को 5,00,000 रु. की शुद्ध सम्पत्तियों के प्रतिफल के बदले 4,50,000 रु. के ऋणपत्र निर्गमित किये जाते हैं तो शेष 50,000 रु. किस खाते में क्रेडिट किये जायेंगे :
(A) लाभ-हानि खाता
(B) ख्याति खाता
(C) सामान्य संचय खाता
(D) पूँजी संचय खाता
उत्तर-
(D) पूँजी संचय खाता

प्रश्न 5.
ऋणपत्र जो कि मात्र सुपुर्द कर देने पर हस्तान्तरित हो जाते हैं, कहे जाते हैं :
(A) पंजीकृत ऋणपत्र
(B) प्रथम ऋणपत्र
(C) वाहक ऋणपत्र
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(C) वाहक ऋणपत्र

Bihar Board 12th Accountancy Objective Answers Chapter 10 ऋणपत्रों का निर्गमन

प्रश्न 6.
एक कंपनी के आर्थिक चिट्टे में, ऋणपत्रों के शीर्षक के अन्तर्गत दिखाया जाता है:
(A) असुरक्षित ऋण
(B) दीर्घकालीन ऋण
(C) चालू दायित्व
(D) संचय एवं अधिशेष
उत्तर-
(B) दीर्घकालीन ऋण

प्रश्न 7.
ऋणपत्रों के निर्गमन पर दिया जाने वाले बट्टा किस प्रकृति का होता है ?
(A) आयतन हानि
(B) पूँजीगति हानि
(C) स्थगित आयगत व्यय
(D) इनमें से कोई नहीं |
उत्तर-
(B) पूँजीगति हानि

प्रश्न 8.
कंपनी के समापन पर ऋणपत्रों के मूलधन की वापसी की जाती है :
(A) सबसे पहले
(B) सबसे बाद में
(C) समता पूँजी में पहले
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(C) समता पूँजी में पहले

प्रश्न 9.
ऋणपत्रों पर देय ब्याज है :
(A) कंपनी के लाभों का एक विनियोजन
(B) कंपनी के लाभों के विरुद्ध एक प्रभार
(C) सिकिंग फण्ड में हस्तान्तरण
(D) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर-
(B) कंपनी के लाभों के विरुद्ध एक प्रभार

प्रश्न 10.
ऋणपत्रों को…………..पर विमोचित नहीं किया जा सकता।
(A) प्रीमियम
(B) बट्टा
(C) सम
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(B) बट्टा

Bihar Board 12th Accountancy Objective Answers Chapter 10 ऋणपत्रों का निर्गमन

प्रश्न 11.
ऋणपत्र प्रतिनिधित्व करता है:
(A) संचालक को कंपनी में हिस्सा
(B) समता अंशथारियों द्वारा निवेश
(C) व्यवस्था का दीर्घकालिक ऋण
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(C) व्यवस्था का दीर्घकालिक ऋण

प्रश्न 12.
ऋणपत्रों पर ब्याज होता है :
(A) 12% वार्षिक
(B) निश्चित दर
(C) 20% वार्षिक
(D) 6% वार्षिक
उत्तर-
(B) निश्चित दर

प्रश्न 13.
साधारणतया ऋणपत्र होते हैं :
(A) सुरक्षित
(B) असुरक्षित
(C) अंशत सुरक्षित
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(A) सुरक्षित

Bihar Board 12th Accountancy Objective Answers Chapter 10 ऋणपत्रों का निर्गमन

प्रश्न 14.
कंपनी के लिए अधिक मूल्य पर ऋणपत्रों का निर्गमन है :
(A) आयगत प्राप्ति
(B) लाभ
(C) पूँजीगत लाभ
(D) सम्पत्ति
उत्तर-
(C) पूँजीगत लाभ

प्रश्न 15.
कंपनी के लिए ऋणपत्रों के निर्गमन पर कटौती है :
(A) पूँजीगत हानि
(B) आयगत हानि
(C) सामान्य हानि
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(A) पूँजीगत हानि

प्रश्न 16.
‘ऋणपत्रों के निर्गमन पर अधिक लाभों’ को आर्थिक चिट्ठे में दिखाया जाता है :
(A) सम्पत्ति पक्ष में
(B) दायित्व पक्ष में
(C) इनमें से कोई नहीं
(D) (A) और (B) दोनों
उत्तर-
(B) दायित्व पक्ष में

प्रश्न 17.
ऋणपत्रों पर कटौती के शेष को आर्थिक चिट्ठे में दिखाया जाता है :
(A) सम्पत्ति पक्ष में
(B) दायित्व पक्ष में
(C) इनमें से कोई नहीं
(D) (A) और (B) दोनों
उत्तर-
(A) सम्पत्ति पक्ष में

Bihar Board 12th Accountancy Objective Answers Chapter 10 ऋणपत्रों का निर्गमन

प्रश्न 18.
ऋणपत्रों पर ब्याज की दर होती है :
(A) 12% p.a.
(B) 20%p.a
(C) निश्चित दर
(D) 15%p.a.
उत्तर-
(C) निश्चित दर

प्रश्न 19.
ऋणपत्रों के निर्गमन पर कटौती को अपलिखित किया जाना चाहिए :
(A) प्रतिभूति प्रीमियम खाता से
(B) पूँजीगत लाभ से
(C) लाभ-हानि विवरण से
(D) उपर्युक्त क्रम में ऋणपत्रों की अवधि में
उत्तर-
(D) उपर्युक्त क्रम में ऋणपत्रों की अवधि में

प्रश्न 20.
F Ltd. ने 4,00,000 रु. मूल्य की मशीन खरीदी। प्रतिफल का भुगतान प्रत्येक 100 रु. वाले 10% ऋणपत्र 20% की कटौती पर निर्गमन द्वारा किया गया । ऋणपत्र खाता को क्रेडिट किया जायेगा :
(A) 4,00,000 रु.
(B) 5,00,000 रु.
(C) 3,20,000 रु.
(D) 4,80,000 रु.
उत्तर-
(B) 5,00,000 रु.

प्रश्न 21.
ऋणपत्रधारी प्राप्त करता है :
(A) लाभांश
(B) लाभ
(C) ब्याज
(D) बोनस
उत्तर-
(C) ब्याज

Bihar Board 12th Accountancy Objective Answers Chapter 10 ऋणपत्रों का निर्गमन

प्रश्न 22.
ऋणपत्रों के निर्गमन पर हानि को सामान्यतः……….में अपलिखित किया जाता है :
(A) 5 वर्ष
(B) 10 वर्ष
(C) 15 वर्ष
(D) शोधन की अवधि तक
उत्तर-
(D) शोधन की अवधि तक

प्रश्न 23.
जब ऋणपत्रों को सहायक प्रतिभूति के रूप में जारी किया जाता
है तो कौन-सी प्रविष्टि करनी पड़ती है :
(A) Debenture Suspense A/c Dr.
To Debentures
(B) कोई प्रविष्टि नहीं की जाती है
(C) (A) अथवा (B) दोनों
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(C) (A) अथवा (B) दोनों

प्रश्न 24.
ऋणपत्रधारी को मिलता है :
(A) लाभांश
(B) ब्याज
(C) लाभांश और ब्याज दानों
(D) बोनस
उत्तर-
(B) ब्याज

प्रश्न 25.
ऋणपत्रधारियों को कंपनी का…………कहा जाता है।
(A) लेनदार
(B) देनदार
(C) स्वामी
(D) बैंकर
उत्तर-
(A) लेनदार

प्रश्न 26.
एक कंपनी ने 1,00,000 12% ऋणपत्रों को प्रत्येक 100 रु. के निर्गमित किया। ऋणपत्रों पर ब्याज की राशि होगी :
(A) 12,000 रु.
(B) 1,20,000 रु.
(C) 12,00,000 रु.
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(C) 12,00,000 रु.

प्रश्न 27.
ऋणपत्रों के शोधन पर प्रीमियम खाता है :
(A) एक वास्तविक खाता
(B) एक अवास्तविक खाता
(C) एक व्यक्तिगत खाता
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(C) एक व्यक्तिगत खाता

Bihar Board 12th Accountancy Objective Answers Chapter 10 ऋणपत्रों का निर्गमन

प्रश्न 28.
ऋणपत्र प्रीमियम……….के लिए प्रयोग किया जा सकता है :
(A) अंशों या ऋणपत्रों के निर्गमन पर बट्टे के अपलेखन
(B) अंशो या ऋणपत्रों के शोधन पर प्रीमियम के अपलेखन
(C) पूँजीगत हानि के अपलेखन
(D) उपरोक्त सभी
उत्तर-
(D) उपरोक्त सभी

प्रश्न 29.
निम्न में से कौन असत्य है ?
(A) एक कंपनी शोध्य ऋणपत्र जारी कर सकती है
(B) एक कंपनी मताधिकार के साथ ऋणपत्र जारी कर सकती है
(C) एक कंपनी अपने अंशों का क्रय कर सकती है
(D) एक कंपनी अपने ही ऋणपत्रों को खरीद सकती है
उत्तर-
(B) एक कंपनी मताधिकार के साथ ऋणपत्र जारी कर सकती है

प्रश्न 30.
ऋणपत्र भाग होता है :
(A) अंश पूँजी का
(B) दीर्घकालीन उधार
(C) स्वामित्व पूँजी का
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(B) दीर्घकालीन उधार

प्रश्न 31.
ऋणपत्र का प्रतिफल है :
(A) लाभ
(B) लाभांश
(C) ब्याज
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(C) ब्याज

प्रश्न 32.
ऋणपत्र शोधन प्रीमियम खाता है :
(A) सम्पत्ति
(B) दायित्व
(C) व्यय
(D) आगम
उत्तर-
(B) दायित्व

प्रश्न 33.
ऋणपत्र है :
(A) ऋण का प्रमाण-पत्र
(B) नकद प्रमाण-पत्र
(C) साख का प्रमाण-पत्र
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(A) ऋण का प्रमाण-पत्र

Bihar Board 12th Accountancy Objective Answers Chapter 10 ऋणपत्रों का निर्गमन

प्रश्न 34.
ऋणपत्रों के निर्गमन पर हानि को………..के रूप में लिखा जाता है :
(A) अमूर्त सम्पत्ति
(B) चालू सम्पत्ति
(C) चालू दायित्व
(D) विविध व्यय
उत्तर-
(D) विविध व्यय

Bihar Board 12th Hindi Book 50 Marks Solutions पद्य Chapter 5 सुन्दर का ध्यान कहीं सुन्दर

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Bihar Board Class 12th Hindi Book 50 Marks Solutions पद्य Chapter 5 सुन्दर का ध्यान कहीं सुन्दर

Bihar Board 12th Hindi Book 50 Marks Solutions पद्य Chapter 5 सुन्दर का ध्यान कहीं सुन्दर

सुन्दर का ध्यान कहीं सुन्दर भावार्थ।

प्रश्न 1.
अर्थ स्पष्ट करें
दुनिया देखी पर कुछ न मिला,
तुझको देखा सब कुछ पाया
संसार-ज्ञान की महिमा से, प्रिय की पहचान कहीं सुन्दर तेरी मुस्कान कहीं सुन्दर।
उत्तर-
प्रस्तुत पंक्तियों में कवि श्री गोपाल सिंह ‘नेपाली’ कहते हैं कि मानव को ईश्वर ने ज्ञान, ध्यान, चेतना, साहस और सौन्दर्य प्रदान कर दी है। वह कठिनाइयों में कभी पीछे नहीं हटता है। आगे बढ़ने और बढ़ते रहने का मार्ग खोज लेता है। जब वह कठिनाइयों और अंधकार पर विजय प्राप्त करता है तो उसके मुँह पर मुस्कान झलकती है जो बहुत ही सुन्दर होती है।

प्रश्न 2.
अर्थ स्पष्ट करें
जब गरजे मेघ, पपीहा बोलें-डालें गुल जारो में।
लेकिन काँटों की झाड़ी में बुलबुल का गान कहीं सुन्दर
तेरी मुस्कान कहीं सुन्दर
उत्तर-
प्रस्तुत पंक्तियों में कवि कवि श्रीमान गोपाल सिंह ‘नेपाली’ कहते हैं कि प्रकृति का सौन्दर्य, मेघों के गरजने में, पपीहा की बोली में तथा बुलबुल के गानों में मिलते हैं। लेकिन मानव द्वारा लिखी गई कविताओं, गीतों और भजनों में जो कल्पनाएँ, स्वर, शब्द, संगीतमय मधुर आवाज और स्वाद मिलता है वह बहुत ही सुन्दर और महत्त्वपूर्ण होता है।

सुन्दर का ध्यान कहीं सुन्दर अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
गोपाल सिंह नेपाली का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
उत्तर-
नेपाली जी का जन्म 11 अगस्त, 1911 ई. को बेतिया, पश्चिमी चम्पारण में हुआ था।

प्रश्न 2.
नेपाली जी ने मन्दिर, मस्जिद और चर्च में रहने वाले देवता से कहीं अधिक बड़ा किसे कहा है?
उत्तर-
मन के भगवान को।

Bihar Board 12th Hindi Book 50 Marks Solutions पद्य Chapter 5 सुन्दर का ध्यान कहीं सुन्दर

प्रश्न 3.
मानव को ईश्वर ने क्या-क्या दिया है?
उत्तर-
मानव को ईश्वर ने ज्ञान, ध्यान, चेतना, साहस और सौन्दर्य दिया है।

प्रश्न 4.
किसके अरमानों की कोई सीमा नहीं होती है?
उत्तर-
मानव के अरमानों की कोई सीमा नहीं होती है।

प्रश्न 5.
नेपाली जी की आरंभिक रचना पर किस वाद के प्रभाव था?
उत्तर-
छायावाद का।

प्रश्न 6.
“सुन्दर का ध्यान कहीं सुन्दर” गीत किसकी रचना है?
उत्तर-
गोपाल सिंह नेपाली।

प्रश्न 7.
गोपाल सिंह नेपाली की कविता के एक संग्रह का नाम बताइये।
उत्तर-
हिमालय ने पुकारा।

Bihar Board 12th Hindi Book 50 Marks Solutions पद्य Chapter 5 सुन्दर का ध्यान कहीं सुन्दर

प्रश्न 8.
भागलपुर के रेलवे प्लेटफार्म नं.-2 पर किसका निधन 17 अप्रैल, 1963 ई. को हुआ था?
उत्तर-
रामधारी सिंह ‘दिनकर’।

सुन्दर का ध्यान कहीं सुन्दर लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
गोपाल सिंह नेपाली की कविताओं में क्या विशेषताएँ मिलती हैं?
उत्तर-
श्री गोपाल सिंह नेपाली उत्तर-छायावाद के सर्वाधिक लोकप्रिय कवि-गीतकार थे जिनकी कविताएँ प्राचीन कवियों के समान जन-मानस का अभिन्न अंग बन गई हैं। अवसरवादियों के विपरीत स्वाभिमान के मूर्तिमान स्वरूप नेपाली जी सामान्य जन के दुख-दर्दो के गायक थे। उन्होंने स्वाधीनता, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रहरी के रूप में अपने जीवन की बलि दे दी है।

प्रश्न 2.
श्री गोपाल सिंह ‘नेपाली’ ऐसा क्यों सोचते हैं कि मानव के अन्दर देवता निवास करता है?
उत्तर-
श्री गोपाल सिंह ‘नेपाली’ कहते हैं कि मानव बड़ा ही साहसी और विवेकशील प्राणी है। उसने स्थल, जल, वायु, ऊँचे पर्वत, गर्म मरुस्थल इत्यादि पर पूर्ण आधिपत्य और नियंत्रण प्राप्त कर लिया है। वह केवल संसार के महासागरों में ही जलयान नहीं चलाता है बल्कि प्रत्येक यातायात के साधनों को सफलतापूर्वक काम में लाती है। वह हमेशा और अधिक विचित्र और उपयोगी साधनों की प्राप्ति का प्रयास करता है। अतः उसके विचारों और भावनाओं में दैविक शक्ति का निवास है।

Bihar Board 12th Hindi Book 50 Marks Solutions पद्य Chapter 5 सुन्दर का ध्यान कहीं सुन्दर

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
कवि गोपाल सिंह ‘नेपाली’ का जीवन परिचय प्रस्तुत करें।
उत्तर-
विद्वान कवि गोपाल सिंह नेपाली का जन्म 11 अगस्त, 1911 ई. को बेतिया, जिला पश्चिमी चम्पारण में हुआ। इनमें कविता रचना की प्रतिभा जन्मजात थी। इनकी प्रारम्भिक रचनाओं पर छायावाद का प्रभाव दृष्टिगत होता है। लेकिन धीरे-धीरे इनके काव्य का एक स्वतंत्र पथ निर्मित हो गया। इन्होंने अपनी सुन्दर रचनाओं द्वारा हिन्दी चित्रपट जगत में काव्य प्रतिभा को जीवित रखा। गोपाल सिंह नेपाली पत्रकार भी रहे उमंग, रागिनी, पंछी, नीलिया, पंचमी, नवीन और हिमालय ने पुकारा आदि कविता-संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं इनकी कुछ अप्रकाशित रचनाएँ. भी हैं। इनका निधन 17 अप्रैल, 1963 ईस्वी को भागलपुर के रेलवे प्लेटफार्म नं.-2 पर हुआ।

गोपाल सिंह नेपाली उत्तर छायावाद के सर्वाधिक लोकप्रिय कवि-गीतकार थे, जिनकी कविताएँ प्राचीन कवियों के समान जन-मानस का अभिन्न अंग बन गई है। अवसरवादियों के विपरीत स्वाभिमान के मूर्तिमान स्वरूप नेपाली जी सामान्य जन. के दुख-दर्दो के गायक थे। उन्होंने स्वाधीनता, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रहरी के रूप में अपने जीवन की बलि दे दी। आलोचकों की अपेक्षा के बावजूद वह जनता की स्मृति में सदैव बने रहे।

प्रश्न 2.
श्री गोपाल सिंह ‘नेपाली’ द्वारा रचित कविता “सुन्दर का ध्यान कहीं सुन्दर” का सारांश लिखिए।
उत्तर-
श्री गोपाल सिंह नेपाली ने प्रस्तुत गीत में मानवीय सौंदर्य और भावना की श्रेष्ठता का बखान किया है। वह ईश्वर के सौन्दर्य का उत्सव है किन्तु वह हमारी भावनाओं के प्रति सदैव मौन रहता है। मन्दिर, मस्जिद और चर्च में रहने वाले देवता से कहीं अधिक बड़ा मनुष्य के अंदर का वह देवता है जो मधुर स्वर में स्वयं को व्यक्त करता है।

Bihar Board 12th Hindi Book 50 Marks Solutions पद्य Chapter 5 सुन्दर का ध्यान कहीं सुन्दर

श्री गोपाल सिंह नेपाली कहते हैं कि मानव को ईश्वर ने ज्ञान, ध्यान, चेतना, साहस और सौन्दर्य प्रदान कर दी है। वह कठिनाइयों में कभी पीछे नहीं हटता है। आगे बढ़ने और बढ़ते रहने . का मार्ग खोज लेता है। जब वह कठिनाइयों और अंधकार पर विजय प्राप्त करता है तो उसके मुख पर मुस्कान झलकती है जो बहुत ही सुन्दर होती है।

इस पृथ्वी पर सभ्यता और संस्कृति, कला और कौशल के जितने चिन्ह मिलते हैं उसमें हमें मनुष्य के ज्ञान की महिमा और उसके सुन्दर विचारों और कल्पनाओं की पहचान देखने को मिलती हैं।

प्रकृति का सौन्दर्य, मेघों के गरजने में, पपीहा की बोली में बुलबुल के गाने में भी मिलते हैं, लेकिन मानव द्वारा लिखी गई कविताओं, गीतों और भजनों में जो कल्पनाएँ, स्वर शब्द और स्वाद मिलता है वह बहुत ही सुन्दर और महत्त्वपूर्ण होता है।

वास्तव में मानव बड़ा ही साहसी और विवेकशील प्राणी है। यह संसार के महासागरों में लघु जलयान और बड़ी-बड़ी जहाजें बनाकर सागर की ऊँची लहरों से बचा कर, चंचल जलयान को सफलतापूर्वक पार उतार ले जाता है। फिर और अधिक विचित्र उपयोगी साधन का प्रयास करता है।

मानव के अरमानों की कोई सीमा निश्चित नहीं है। कवि गोपाल सिंह नेपाली कहते हैं कि ईश्वर सौन्दर्य का उत्सव है किन्तु वह हमारी भावनाओं के प्रति सदैव मौन रहता है। मन्दिर, मस्जिद और चर्च में रहने वाले देवता से कहीं अधिक बड़ा मनुष्य के अंदर वह देवता है जो मधुर स्वर में स्वयं को व्यक्त करता है।

सुन्दर का ध्यान कहीं सुन्दर कवि-परिचय – गोपाल सिंह ‘नेपाली’ (1911-1963)

आधुनिक हिन्दी साहित्य के जगमगाते सितारों में नेपाली जी एक गीतकार कवि के रूप में विख्यात है। इनका जन 11 अगस्त, 1911 ई. को बेतिया जिला पश्चिम चम्पारण में हुआ। बचपन से ही उनमें साहित्य के प्रति विशेष लगाव था। उनकी प्रारंभिक रचनाओं में छायावाद का प्रभाव दिख पड़ता है। लेकि। धीरे-धीरे उनके काव्य का एक स्वतंत्र पथ निर्मित हो गया।

Bihar Board 12th Hindi Book 50 Marks Solutions पद्य Chapter 5 सुन्दर का ध्यान कहीं सुन्दर

नेपाली जी उत्तर छायावाद के लोकप्रिय कवि-गीतकार थे। वे स्वाभिमान की मूर्ति थे। स्वाधीनता, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रहरी के रूप में अपने जीवन को न्योछावर कर दिया।

नेपाली जी ने एक गीतकार के रूप में अपनी अलग पहचान फिल्मी गीतकार के रूप में बनायी थी। उनकी गीत ‘दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी अँखिया प्यासी. रे’। आज भी जनमानस को प्रभावित कर रहा है। नेपाली जी ने प्रथम काव्य संग्रह ‘उमग की निश्चय’ शीर्षक कविता में अपने जीवन दर्शन और लक्ष्य को अत्यन्त सहज और सुबोध भाषा में अभिव्यक्त किया है। नेपाली जी एक सफल पत्रकार भी रहे। ‘हिमालय ने पुकारा’ कविता आज भी लोगों को देश-प्रेम और स्वाधीनता. की सीख देता है। उनकी प्रमुख रचनाएँ निम्नलिखित हैं

  • उमंग
  • रागिनी रही
  • पंछी
  • नीलिया
  • पंचमी
  • नवीन
  • हिमालय ने पुकारा।

नेपाली जी की कुछ अप्रकाशित रचनाएँ भी हैं। उनकी मृत्यु 17 अप्रैल, 1963 में भागलपुर – रेलवे प्लेटफार्म नं.-2 पर हुआ। नेपाली जी अपनी बहुमुखी प्रतिभा के कारण आज भी जीवित है।

Bihar Board 12th Hindi Book 50 Marks Solutions पद्य Chapter 5 सुन्दर का ध्यान कहीं सुन्दर

Bihar Board 12th Hindi Book 50 Marks Solutions गद्य Chapter 5 ठिठुरता हुआ गणतंत्र

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Bihar Board Class 12th Hindi Book 50 Marks Solutions गद्य Chapter 5 ठिठुरता हुआ गणतंत्र

Bihar Board 12th Hindi Book 50 Marks Solutions गद्य Chapter 5 ठिठुरता हुआ गणतंत्र

ठिठुरता हुआ गणतंत्र अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
‘ठिठुरता हुआ गणतंत्र’ किस तरह की रचना है?
उत्तर-
‘ठिठुरता हुआ गणतंत्र’ व्यंग्यात्मक रचना है।

प्रश्न 2.
हरिशंकर परसाई का जन्म कब और कहाँ हआ था?
उत्तर-
हरिशंकर परसाई का जन्म 1924 ई. में इटारसी (मध्य प्रदेश) में हुआ था।

प्रश्न 3.
गणतंत्र दिवस समारोह में हर राज्य की ओर से क्या निकलता है?
उत्तर-
गणतंत्र दिवस समारोह में हर राज्य की ओर से झाँकी निकलती है।

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प्रश्न 4.
लेखक ने गणतंत्र दिवस का जलसा दिल्ली में कितनी बार देखा है?
उत्तर-
चार बार।

प्रश्न 5.
हरिशंकर परसाई ने हिन्दी में एम. ए. कहाँ से पास किया था?
उत्तर-
नागपुर विश्वविद्यालय।

प्रश्न 6.
“रानी नागफनी की कहानी” किसकी रचना है?
उत्तर-
हरिशंकर परसाई।

ठिठुरता हुआ गणतंत्र लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
हरिशंकर परसाई ने “ठिठुरता हुआ गणतंत्र” के संबंध में क्या तर्क प्रस्तुत किया, स्पष्ट करें?
उत्तर-
ठिठुरता हुआ गणतंत्र एक व्यंग्यात्मक निबंध है। वह लिखते हैं कि हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर मौसम खराब रहता है। शीत लहर आती है। बादल छा जाते हैं बूंदा-बाँदी होती और सूर्य छिपा रहता है। हर गणतंत्र दिवस पर मौसम ऐसा ही धूपहीन ठिठुरन वाला होता है।

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प्रश्न 2.
गणतंत्र दिवस को सूर्य की किरण में मनाने के लिए कांग्रेसी मंत्री की क्या भावना थी? स्पष्ट करें।
उत्तर-
हरिशंकर परसाई जी एक प्रसिद्ध व्यंग्यकार हैं। उन्होंने सत्ता पक्ष पर बैठे कांग्रेसी मंत्री की भावना पर व्यंग्य करते हुए लिखा है कि जब यह प्रश्न मंत्री जी से पूछा गया कि हर गणतंत्र दिवस में सूर्य छिप क्यों जाता है? मंत्री जी ने बताया कि गणतंत्र दिवस को सूर्य की किरणों में मनाने की कोशिश हो रही है। इतने बड़े सूर्य को बाहर लाना या उसके सामने से बादलों को हटाना आसान नहीं है। हमें सत्ता में रहने के लिए कम-से-कम सौ वर्ष तो दीजिए।

प्रश्न 3.
कांग्रेस के विभाजन से गणतंत्र दिवस किस प्रकार प्रभावित हो जाता है? स्पष्ट करें।
उत्तर-
जब हरिशंकर परसाई जी ने अपने मित्र कांग्रेसी मंत्री जी से यह पूछा कि आप यह दावा कि गणतंत्र दिवस पर सूर्य बादल से बाहर आएगा अब कमजोर क्यों दिखाई पड़ रहा है.?

तो मंत्री महोदय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “हम हर बार सूर्य को बादल से बाहर निकालने की कोशिश करते थे पर हर बार सिंडिकेट वाले अडंगा डाल देते थे अब हम वादा करते हैं कि सूर्य को अगले गणतंत्र दिवस पर बाहर अवश्य निकालकर दिखायेंगे।

प्रश्न 4.
गणतंत्र दिवस.के ठिठुरन के विषय में विभिन्न विचारधाराओं के राज नेताओं पर किस प्रकार का व्यंग्य किया गया है? स्पष्ट करें।
उत्तर-
भारतीय जनता पार्टी के एक पुराने जनसंघी नेता का कहना था कि “सूर्य गैर कांग्रेसी विचार पर अमल कर रहा है। यदि सूर्य वास्तव में सेक्युलर होता तो इस सरकार की गणतंत्र परेड में निकल आता। इस सरकार से आशा मत करो केवल हमारे राज्य में ही सूर्य निकलेगा।”

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एक साम्यवादी ने कहा “यह सब सी.आई.ए. का षडयंत्र है। सातवें बड़े दल दिल्ली भेजे जाते हैं।

किसी महाशय ने अंग्रेजों पर दोष आरोपित किया कि यह उसकी ही चाल है कि स्वतंत्रता दिवस भारी बरसात में मनाना पड़ता है स्वतंत्रता दिवस भींगता है और गणतंत्र दिवस ठिठुरता है।

प्रश्न 5.
“ठिठुरता हुआ गणतंत्र’ में रेखांकित भारतीय गणतंत्र की विशेषताएँ बताइए।
उत्तर-
“ठिठुरता हुआ गणतंत्र’ हिन्दी के प्रसिद्ध व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई की व्यंग्य रचना है। इसमें देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर व्यंग्य किया गया है। लोग कहते हैं कि देश विकास कर रहा है जबकि देखने को मिलता है काले कारनामे। स्वतंत्रता दिवस पर होने वाली बरसाती मौसम की बरसात पर व्यंग्यकार कहता है-स्वतंत्रता दिवस भी तो बरसात में होता है। अंग्रेज आया।

बहुत चालाक हैं। वे हमें भर बरसात में स्वतंत्र करके चले गए। उस कपटी प्रेमी की तरह जो प्रेमिका का छाता भी साथ लेते गए।

स्वतंत्रता दिवस भींगता है और गणतंत्र दिवस ठिठुरता है।

गणतंत्र दिवस पर झाँकियाँ निकलती हैं। ये झाँकियाँ झूठ बोलती हैं। इनमें विकास कार्य, जन-जीवन, इतिहास इत्यादि दिखलाए जाते हैं। कवि कहते हैं कि गुजरात की झाँकी में गुजरात दंगे की चर्चा होनी चाहिए। आँध्रप्रदेश की झांकी में हरिजन जलाते हुए दिखाया जाना चाहिए। मध्य प्रदेश की झांकी में राहत कार्यों में घपले को दिखाना चाहिए और बिहार की झाँकी निकले तो चारा खाते हुए अफसर, मंत्री दिखलाया जाना चाहिए।

हर वर्ष घोषणा होती है; समाजवाद आ रहा है। लेकिन यह सत्य नहीं है। साठ वर्ष आजादी के हो गये हैं लेकिन समाजवाद अभी तक नहीं आया।

व्यंग्यकार एक सपना देखता है कि समाजवाद आ गया है और बस्ती के बाहर टीले पर खड़ा है। अब प्रश्न यह है कि कौन इसे पकड़कर लायेगा-समाजवाद या पूँजीवाद। कांग्रेस, कम्युनिस्ट या सोशलिस्ट कौन समाजवाद लाएँगे। समाजवाद इन्हीं के चक्कर में अटका हुआ है और परेशान है। जनता भी परेशान है और लहूलुहान होकर समाजवाद भी टीले पर खड़ा है।

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जो लोग इस देश की रक्षा के लिए वचनबद्ध हैं वही उसे नष्ट कर रहे हैं। हम कहते हैं-सदा सत्य बोलेंगे। बोलते हैं सदा झूठ। झूठ को बढ़ावा देते हैं। सहकारिता पूर्ण ढंग से सरकारी खजाने को खाली करते हैं।

समाजवादी ही समाजवाद को आने से रोकते हैं। दिल्ली से फरमान जारी होता है कि समाजवाद देश के दौरे पर निकल रहा है। लेकिन यह कागज पर ही सत्य होगा। अफसर कहेंगे कि समाजवाद आएगा तो दंगा हो जाएगा। समाजवाद की सुरक्षा नहीं की जा सकती है।

अंत में व्यंग्यकार कहता है कि जनता के द्वारा न आकर समाजवाद दफ्तरों के द्वारा आ गया तो एक ऐतिहासिक घटना होगी।

अतः भारत का गणतंत्र (26 जनवरी) ठिठुरता हुआ आता है।

ठिठुरता हुआ गणतंत्र दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
“ठिठुरता हुआ गणतंत्र” का सारांश लिखें।
उत्तर-
हिन्दी के प्रतिबद्ध व्यंगकार के रूप में हरिशंकर परसाई अद्वितीय माने जाते हैं। जीवन के सभी क्षेत्रों में व्याप्त विसंगतियों पर तीव्र प्रहार करने वाले निर्भीक किन्तु बेहतर मानवीय-समाज के स्वप्नद्रष्टा परसाई जी हैं।

“ठिठुरता हुआ गणतंत्र” शीर्षक व्यंग्य रचना के माध्यक से परसाई जी देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के इस दावे पर व्यंग्य किया है कि देश के सभी राज्य हर क्षेत्र में तीव्र गति से विकास कर रहे हैं। गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश की राजधानी दिल्ली में हर राज्य की ओर से दिखाई जानेवाली झांकियाँ अपने आप में एक बड़ा परिहास होती है। पिछले वर्ष राज्य अपने जिन काले कारनामों के लिए प्रसिद्ध हुए थे, राज्यों को उन्हीं की झाँकी दिखलानी चाहिए, लेकिन वे तो अपने विकास और श्रेष्ठता प्राप्त प्रदर्शित करने वाली झाँकियाँ दिखलाते हैं।

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सारांशतः लेखक का कथन है कि भारत में केवल गणतंत्र ही ठिठुरन का शिकार नहीं है बल्कि समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता, सहकारिता इत्यादि भी ठिठुर कर रह गई है। यहाँ छीना-झपटी और अफसरशाही का राज है। लेखक ने गणतंत्र दिवस पर वर्षा की बूंदाबूंदी हर साल होने के संबंध में विभिन्न पार्टी के नेता के बयान पर कितना तीखा व्यंग्य किया है वह काबिले तारीफ है।

प्रश्न 2.
हरिशंकर परसाई के जीवन और व्यक्तित्व का एक सामान्य परिचय प्रस्तुत करें।
उत्तर-
हरिशंकर रसाई हिन्दी साहित्य के एक प्रसिद्ध व्यंग्यकार हैं। इनकी रचनाओं में जीवन के सभी क्षेत्रों में व्याप्त विसंगतियों पर तीव्र प्रहार मिलता है।

उनका जन्म 1924 ई. में इटारसी, (मध्यप्रदेश) के निकट जमानी गाँव में हुआ था। उन्होंने नागपुर विश्वविद्यालय में हिन्दी में एम.ए. किया था, लेकिन किसी प्रकार की नौकरी नहीं की थी। उन्होंने स्वतंत्र लेखन का ही जीवनचर्या के रूप में चुना। जबलपुर से वसुधा नाम की साहित्यिक मासिक पत्रिका निकाली, घाटे के बावजूद कई वर्षों तक उसे चलाया, अंत में परिस्थितियों ने बंद करने पर लाचार कर दिया। वह अनेक पत्र-पत्रिकाओं में वर्षों तक नियमित स्तंभ लिखते रहे।

नई दुनिया में “सुनो भाई साधो, नई कहानियाँ में “पाँचवाँ कालम” और “उलझी उलझी” कल्पना में “और अंत में” तथा देशबंधु में पूछो परसाई से आदि रचनाएँ प्रकाशित हुई जिनकी लोकप्रियता के बारे में दो मत नहीं है।

हरिशंकर परसाई जी ने बड़ी संख्या में कहानियाँ, उपन्यास एवं निबन्ध भी लिखे हैं। वे केन्द्रीय साहित्य अकादमी पुरस्कार और मध्यप्रदेश का शिखर सम्मान आदि अनेक पुरस्कारों से भी सम्मानित हुए थे।

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उनकी प्रकाशित पुस्तकें निम्नलिखित हैं-

  • हँसते हैं रोते हैं, जैसे उनके दिन फिरे (कहानी संग्रह),
  • रानी नागफनी की कहानी (उपन्यास),
  • तट की खोज (उपन्यास),
  • तब की बात और थी (निबन्ध संग्रह),
  • भूत के पाँव पीछे,
  • बेईमानी की परत,
  • सदाचार की ताबीज,
  • शिकायत मुझे भी है,
  • वैष्णव की फिसलन,
  • विकलांग श्रद्धा का दौर इत्यादि।

प्रश्न 3.
हरिशंकर परसाई के “ठिठुरता हुआ गणतंत्र” शीर्षक निबंध की समीक्षा प्रस्तुत करें?
अथवा,
पठित निबंध, “ठिठुरता हुआ गणतंत्र” में हरिशंकर परसाई के विचारों के महत्व पर प्रकाश डालिए।
उत्तर-
“ठिठुरता हुआ गणतंत्र” में हरिशंकर परसाई जी की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर एक व्यंग्य है। वह इस दावे पर व्यंग्य करते हैं कि देश के सभी राज्य हर क्षेत्र में तीव्र गति से विकास कर रहे हैं। गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश की राजधानी दिल्ली में हर राज्य की ओर से दिखाई जानेवाली झाँकियाँ अपने आप में एक बड़ा परिहास होती हैं। पिछले वर्ष राज्य अपने जिन काले कारनामे के लिए प्रसिद्ध हुए थे। राज्यों को उन्हीं की झाँकी दिखलानी चाहिए, लेकिन वे तो अपने विकास और श्रेष्ठता प्रदर्शित करनेवाली झाँकियाँ दिखलाते हैं।

हरिशंकर परसाई जी लिखते हैं कि हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र समारोह के अवसर. पर मौसम खराब रहता है। शीत लहर आती है। बादल छा जाते हैं। बूंदा-बाँदी वर्षा होती है और सूर्य छिपा रहता है। हर गणतंत्र दिवस पर मौसम ऐसा ही धूपहीन ठिठुरने वाला होता है। इस रहस्य की खोज करने पर हरिशंकर परसाई जी को उनके एक मित्र कांग्रेसी मंत्री ने बताया कि गणतंत्र दिवस को सूर्य की किरणों को मनाने की कोशिश हो रही है। इतने बड़े सूर्य को बाहर लाना या उसके सामने से बादलों को हटाना आसान नहीं है। हमें सत्ता में रहने के लिए कम-से-कम सौ वर्ष तो दीजिए।

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इस पर हरिशंकर परसाई जी कहते हैं कि हाँ ! सौ. वर्ष दिए, मगर हर साल उसका कोई छोटा कोना निकलता तो दिखना चाहिए। सूर्य कोई बच्चा तो नहीं जो अंतरिक्ष की कोख में अटका है जिसे एक दिन आपरेशन करके निकाला जा सकता है।

हरिशंकर परसाई जी कहते हैं कि कांग्रेस का दो भागों में विभाजन हो गया। सूर्य को गणतंत्र दिवस पर बाहर निकालने का दावा कुछ कमजोर होने लगा। जब फिर एक कांग्रेसी से पूछा गया तो उसने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “हम हर बार सूर्य को बादलों से बाहर निकालने की कोशिश करते थे, पर हर बार सिंडिकेट वाले अड्गा डाल देते थे। अब हम वादा करते हैं कि अगले गणतंत्र दिवस पर सूर्य को निकाल कर दिखाएँगे।”

कांग्रेसी नेता की यह बातें सुनकर एक सिंटिकेटी मित्र बोल पड़े .”ये लेडी प्रधानमंत्री कम्युनिस्टों के चक्कर में आ गई है वही उसे उकसा रहे हैं कि सूर्य को निकाले। उन्हें उम्मीद है कि बादलों के पीछे से उनका प्यारा “लाल सूरज निकलेगा” ! वास्तव में सूर्य निकालने की क्या जरूरत है? क्या बादलों को हटाने से काम नहीं चल सकता है?

इस बात को सुनते ही एक जनसंघी भाई जो अब भारतीय जनता पार्टी में हैं कहने लगे कि “सूर्य गैर कांग्रेसवाद पर अमल कर रहा है। यदि सूर्य सेक्युलर होता है तो इस सरकार की परेड में निकल आता। इस सरकार से आशा मत करो केवल हमारे राज्य में ही सूर्य निकलेगा”। इस प्रकार अनेक दृष्टिकोण से बातें आती रहीं एक साम्यवादी ने कहा, “यह सब सी. आई. ए. का षडयंत्र है। सातवें बेड़े से बादल दिल्ली भेजे जाते हैं।

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यह भी कैसी आश्चर्य की बात है कि स्वतंत्रता दिवस पर भारी बरसात होती है। स्वतंत्रता दिवस भींगता है और गणतंत्र दिवस ठिठुरता है। ठिठुरते गणतंत्र दिवस के अवसर पर ओवर कोट से हाथ बाहर निकालना बहुत कठिन होता है लेकिन रेडियो से प्रसारित समाचार में यह कहा जाता है कि करतल (तालियों) की ध्वनि अर्थहीन होती है। परन्तु भारत तो “सत्यमेव जयते” का प्रचारक है। यहाँ झूठ बोलना पाप है। इसी प्रकार राज्यों की झाँकियाँ भी विकास की झूठी प्रचार करती दिखाई देती है।

भारत में केवल गणतंत्र दिवस ही ठिठुरन का शिकार नहीं है बल्कि समाजवाद, धर्म निरपेक्ष, सहकारिता इत्यादि भी ठिठुर कर रह गई है। यहाँ छीना-झपटी और अफसरशाही का राज है।

ठिठुरता हुआ गणतंत्र लेखक परिचय – हरिशंकर परसाई (1924-1995)

हरिशंकर परसाई का जन्म 1924 ई. में इटारसी (मध्य प्रदेश) के निकट जमानी गाँव में हुआ। नागपुर विश्वविद्यालय से एम. ए. हिन्दी की उपाधि प्राप्त करने के बाद उन्होंने स्वतंत्र लेखन पर अपना ध्यान केन्द्रित किया। उन्होंने ‘वसुधा’ नामक साहित्यिक पत्रिका का भी सम्पादन किया।

वे हिन्दी साहित्य के एक चर्चित व्यंग्यकार हैं। उनकी रचनाएँ कई. पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। उनकी प्रसिद्ध कहानी ‘सुनो भाई साधो’ नई दुनिया में, पाँचवाँ कलम, नई कहानियों में प्रकाशित हो चुकी हैं। उनकी प्रमुख कृतियाँ निम्नलिखित हैं-

  • कहानी संग्रह : हँसते हैं रोते हैं, जैसे उनके दिन फिरे।
  • उपन्यास : रानी नागफनी, तट की खोज।
  • निबंध संग्रह : तब की बात और थी।।

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Bihar Board 12th Hindi Book 50 Marks Solutions पद्य Chapter 4 हिमालय का संदेश

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Bihar Board Class 12th Hindi Book 50 Marks Solutions पद्य Chapter 4 हिमालय का संदेश

Bihar Board 12th Hindi Book 50 Marks Solutions पद्य Chapter 4 हिमालय का संदेश

हिमालय का संदेश अर्थ लेखन

प्रश्न 1.
अर्थ स्पष्ट करें
वृथा मत लो भारत का नाम
मानचित्र पर जो मिलता है, नहीं देश भारत है।
भू पर नहीं, मनों में हो, बस कहीं शेष भारत है।
भारत एक स्वप्न, भू को ऊपर ले जाने वाला
भारत एक विचार, स्वर्ग को भू पर लाने वाला।
उत्तर-
प्रस्तुत पंक्तियों में, राष्ट्रकवि कवि रामधारी सिंह दिनकर कहते हैं कि भारत का नाम व्यर्थ बदनाम न करो संसार के मानचित्र पर जो भारत मिलता है वह केवल एक भौगोलिक रूप है। भारत को केवल भूमि पर नहीं बल्कि मनों में स्थापित करना चाहिए। वह कहते हैं कि भारत का एक स्वप्न है जो भूवासियों को उन्नति के मार्ग पर ले जाने वाला है। उसी प्रकार भारत स्वर्ग को भूमि पर लाने वाला एक विचार का नाम है। इसकी भावनाओं और दर्शनों में मनुष्यों को जगाने की शक्ति है।

प्रश्न 2.
राष्ट्रकवि “दिनकर” ने हिमालय का संदेश किन शब्दों में दिया है?
उत्तर-
राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ ने ‘हिमालय का संदेश’ शीर्षक कविता के माध्यम से एक राष्ट्र के रूप में भारत की चेतना और संवेदना से युक्त व्यक्तित्व से हमारा साक्षात्कार कराया है। भारत मात्र भौगोलिक सत्ता नहीं है। उसका वास्तविक स्वरूप प्रेम, ऐक्य और त्याग की साधना में प्रकट होता है। भारतीयों के त्याग, माधुर्यपूर्ण निष्काम व्यवहार से मानवता फैल रही है। इन्हीं आदर्शों के कारण संसार में भारत का मान और सम्मान बढ़ा है।

प्रश्न 3.
अर्थ स्पष्ट करें
भारत जहाँ, वहाँ जीवन-साधना नहीं है भ्रम में,
धाराओं को समाधान है मिला हुआ संगम में।
जहाँ त्याग माधूर्यपूर्ण हो, जहाँ भोग निष्काम
समरस हो कामना, वहीं भारत को करो प्रणाम।
उत्तर-
प्रस्तुत पंक्तियों में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ ने भारत के आदर्शों को प्रस्तुत करते हुए यह याद दिलाया है कि भारत में विषमता, विभिन्नता के बीच एकता, अखण्डता, प्रेम और अहिंसा विकसित हो रही है। भारत में जीवन साधना के आदर्श मिलते हैं। यहाँ भ्रम और भूल नहीं है। बल्कि त्याग, माधुर्यपूर्ण और निष्काम सेवाएँ मिलती हैं। अच्छे विचार और व्यवहार भारतीयों की जीवन शैली रही है। नैतिकता का पाठ भारत से विश्व के अनेकों देशों में पहुँचा है। हमें भारत के मान-सम्मान को हमेशा बढ़ाना चाहिए।

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हिमालय का संदेश अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
“दिनकर” के अलावा और किस एक हिन्दी कवि के साथ राष्ट्रकवि की उपाधि जुड़ती है?
उत्तर-
मैथिली शरण गुप्त।

प्रश्न 2.
‘दिनकर’ जी को किस काव्य-पुस्तक का ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला था?
उत्तर-
उर्वशी।

प्रश्न 3.
‘दिनकर’ का संबंध हिन्दी की किस धारा से है?
उत्तर-
छायावादोत्तर स्वच्छंद धारा।

प्रश्न 4.
‘दिनकर’ ने अपनी किस रचना में कामाध्यात्मक की व्याख्या की है?
उत्तर-
उर्वशी।

प्रश्न 5.
दिनकर जी का जन्म कब हुआ था?
उत्तर-
1908 ई. में

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प्रश्न 6.
‘दिनकर’ की मृत्यु कब हुई?
उत्तर-
1974 ई. में

प्रश्न 7.
“संस्कृति के चार अध्याय” किसकी रचना है?
उत्तर-
रामधारी सिंह दिनकर की।

प्रश्न 8.
“दिनकर” ने भारत-चीन युद्ध के काल में भारतीय जनमानस को झकझोरने के लिए कौन-सी कविता लिखी थी?
उत्तर-
परशुराम की प्रतीक्षा।

प्रश्न 9.
रामधारी सिंह ‘दिनकर’ का जन्म कहाँ हुआ था?
उत्तर-
रामधारी सिंह दिनकर का जन्म बेगूसराय जिले के सिमरिया गाँव में हुआ था।

प्रश्न 10.
दिनकर जी का भारत किस रूप में प्रकट होता है?
उत्तर-
दिनकर जी का भारत मात्र भौगोलिक सत्ता नहीं है, उसका वास्तविक स्वरूप प्रेम, ऐक्य और त्याग की साधना में प्रकट होता है।

प्रश्न 11.
रामधारी सिंह ‘दिनकर’ के नाम के आगे कौन-सा शब्द लगता है?
उत्तर-
राष्ट्रकवि।

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प्रश्न 12.
‘वृथा मत लो भारत का नाम’ दिनकर की किस कविता की पहली पंक्ति है?
उत्तर-
हिमालय संदेश।

प्रश्न 13.
विश्व में ज्ञान का प्रकाश फैलाने वाला कौन-सा देश है?
उत्तर-
भारतवर्ष।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
कवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ का जीवन परिचय प्रस्तुत करें।
उत्तर-
भारतीय संस्कृति की विराट चेतना, मानव मूल्यों और उपलब्धियों के ओजस्वी गायक दिनकर का जन्म 1908 ई. में बेगूसराय के सिमरिया नामक गाँव में हुआ। दिनकर जी के पिता श्री रवि सिंह कुलीन तो थे पर एक सामान्य मध्यमवर्गीय कृषक परिवार के ही मुखिया थे। आरंभिक शिक्षा गाँव की ही पाठशाला में लेने के उपरांत दिनकर जी ने मोकामा हाई स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा पास की तथा पटना विश्वविद्यालय से इतिहास प्रतिष्ठा के साथ स्नातक की उपाधि पाई।

शिक्षा पूरी करने के उपरांत दिनकर जी सर्वप्रथम वरबीघा विद्यालय में अध्यापक हुए। सन् 1950 ई. में लंगट सिंह कॉलेज, मुजफ्फरपुर में हिन्दी विभागाध्यक्ष होने के पूर्व वे सहकारिता तथा जनसंपर्क विभाग में क्रमशः रजिस्ट्रार तथा निदेशक भी रह चुके थे। उसके बाद भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति बनाये गये थे। सन् 1952 ईस्वी में वे राज्य सभा के सदस्य मनोनीत हुए, जहाँ सन् 1964 ईस्वी तक रहे। सन् 1965-1971 ई. तक उन्होंने भारत सरकार के – हिन्दी सलाहकार के रूप में कार्य किया उसके बाद सन् 1974 ईस्वी में मृत्यु से पूर्व उन्होंने स्वतंत्र लेखन, चिन्तन तथा भ्रमण में अपने को सक्रिय रखा।

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बेगूसराय जिले के सिमरिया नामक गाँव में, राष्ट्रीयता के उद्गार कवि रामधारी सिंह दिनकर का जन्म 1908 ई. में हुआ था।

दिनकर जी का व्यक्तित्त्व बहुआयामी था। एक सामान्य परिवार के मुखिया और अनिश्चित आय वाला व्यक्ति होने के कारण अनेक बार बहुत बड़ी-आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। सन् 1934 ई. से उन्हें कवि के रूप में प्रसिद्धि मिलने लगी थी और अंग्रेजी सरकार . की वक्र दृष्टि भी उन पर पड़ने लगी थी। चार वर्षों में लगभग बाइस-तेईस बार उन्हें तबादले का शिकार होना पड़ा था, पर इस दौरान स्थान-परिवर्तन के लिए मिलने वाले अवकाशों का उपयोग वे प्रसिद्ध इतिहासकार डॉ. काशी प्रसाद जायसवाल के सान्निध्य में किया करते थे।

डॉ. जायसवाल उन्हें पत्रवत् स्नेह देते थे। र सन् 1933 ईस्वी में लिखित “हिमालय” शीर्षक कविता से दिनकर जी को विशेष प्रसिद्धि मिली। स्वयं दिनकर जी ने स्वीकार किया है कि इस कविता के बाद ही वे कवि-रूप में स्थापित हुए, यानी उन्हें गंभीरता से लिया जाने लगा। उसके बाद से रश्मिरथी, कुरूक्षेत्र और उर्वशी जैसे प्रबंधों तथा रसवंती, नील कुसुम, सामधेनी, दिल्ली आदि स्फुट कविताओं के संग्रहों द्वारा उन्होंने हिन्दी काव्य को अकूत समृद्धि दी। “परशुराम की प्रतीक्षा” कविताओं द्वारा उन्होंने भारत चीन-युद्ध के काल में भारतीय जनमानसं को झकझोर कर रख दिया था।

पद्य के क्षेत्र में दिनकर जी ने अपनी लेखनी की प्रौढ़ता का खूब परिचय दिया है। “संस्कृति .. के चार अध्याय” कूल रूप से इतिहास ग्रंथ है, पर किसी कवि द्वारा लिखी गयी शायद आज तक वह अपने ढंग की अकेली पुस्तक है। “मिट्टी की ओर” काव्य की भूमिका और पंत, प्रसाद, मैथिली शरण जैसी पुस्तकों से स्पष्ट हो जाता है कि दिनकर जी एक प्रौढ़ पद्य लेखक भी थे और समालोचना के क्षेत्र में भी उन्होंने सार्थक भागीदारी निभायी थी।

दिनकर जी ने अपने जीवन में अनेक उतार-चढ़ावों के दिन गुजारे थे। पर अपने तेवर, सृजनशीलता तथा अध्ययन के स्तर पर कोई समझौता नहीं किया था। उस महान राष्ट्रकवि को राष्ट्र ने विभिन्न अलंकारों से सम्मानित भी किया था। सन् 1960 ईस्वी में उन्हें पद्मभूषण की उपाधि भी प्रदान की गयी थी और सन् 1962 ईस्वी में भागलपुर विश्वविद्यालय ने उन्हें मानद डी. लिट की उपाधि से सम्मानित किया था। क्रमशः सन् 1953 ईस्वी और 1973 ईस्वी में दिनकर जी को उनकी दो कृतियाँ, “संस्कृति के चार अध्याय” और “उर्वशी” पर साहित्य अकादमी और ज्ञानपीठ पुरस्कार भी प्राप्त हुए थे। मैथिलीशरण गुप्त के बाद हिन्दी के एकमात्र कवि हैं। जिन्हें। राष्ट्र कवि के रूप में ख्याति मिली। उनकी मृत्यु 1974 ईस्वी में हुई।

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दिनकर की प्रमुख कृतियाँ में रेणुका, हुंकार, रसवन्ती, सामधेनी, कुरुक्षेत्र, रश्मिरथी और उर्वशी के नाम विशेष रूप से स्मरणीय हैं।

प्रश्न 2.
“हिमालय का संदेश” शीर्षक कविता का सारांश लिखिए।
उत्तर-
राष्ट्रकवि श्री रामधारी सिंह “दिनकर” एक मुक्त काव्यालोक के निर्माता थे। उन्होंने। कविताओं के माध्यम से सामाजिक और सामयिक प्रश्नों और चिन्ताओं को प्रस्तुत किया है।

दिनकर जी ने “हिमालय का संदेश” शीर्षक कविता के माध्यम से एक राष्ट्र के रूप में भारत की चेतना और संवेदना से युक्त व्यक्तित्त्व से हमारा साक्षात्कार कराया है। भारत मात्र एक भौगोलिक सत्ता नहीं है, उसका वास्तविक स्वरूप प्रेम, ऐक्य और त्याग की साधना में प्रकट होता है।

यह कविता 1933 ईस्वी में लिखी गई। स्वयं दिनकर जी ने स्वीकार किया है कि इस कविता। के बाद ही वे कवि रूप में स्थापित हुए।

वह कहते हैं कि संसार के मानचित्र पर जो भारत मिलता है वह केवल एक भौगोलिक रूप है। भारत को केवल भूमि पर नहीं बल्कि मनों में स्थापित करना चाहिए। भारत की महानताओं और विशेषताओं का वर्णन करते हुए कहते हैं कि भारत एक स्वप्न है जो भूवासियों को ऊपर ले जानेवाला है। इसी प्रकार भारत स्वर्ग की भूमि पर लानेवाला एक विचार का नाम है। इसकी भावनाओं और दर्शनों में मनुष्यों को जागने की शक्ति है। भारत का आदर्श चरित्र एक जलज जगाती है।

भारत में विषमता, विभिन्नता के बीच एकता, अखण्डता, प्रेम और अहिंसा विकसित हो रही है। भारतीयों के त्याग, माधुर्यपूर्ण और निष्काम व्यवहार से मानवता फैल रही है। इन्हीं आदर्शों के कारण संसार में भारत का मान-सम्मान बढ़ा है। कवि रामधारी सिंह दिनकर ने भारत की चेतना और संवेदना को हिमालय का संदेश बनाकर प्रस्तुत करते हुए भारतवासियों से कहते हैं कि भारत के मान, मर्यादा और सम्मान को बढ़ाते रहना चाहिए। भारत का नाम व्यर्थ बदनाम होने से बचाना चाहिए।

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हिमालय का संदेश। कवि-परिचय- रामधारी सिंह ‘दिनकर’ (1908-1974)

भारतीय संस्कृति की विराट चेतना, मानव मूल्यों और उपलब्धियों के ओजस्वी गायक दिनकर का जन्म 1908 ई. में बेगूसराय के सिमरिया नामक गाँव में हुआ। उन्होंने छायावादी काव्यधारा से फैली धुंध को काटकर एक मुक्त काव्यालोक का निर्माण किया।

छायावाद के संगीत निकुंज से कविता को जीवन के खुरदरे धरातल पर प्रतिष्ठा करने वाले दिनकर एक बहुत बड़े काव्य के रचयिता हैं। पद्य और पद्य दोनों में ही ‘दिनकर’ जी की लेखनी बड़ी समृद्ध रही है। एक ओर जहाँ उनका अध्ययन गहरा और व्यापक है वहीं चिंतन भी मौलिक है और अभिव्यक्ति तो सशक्त है ही विद्या की दृष्टि से उन्होंने कविता के साथ-साथ इतिहास, समालोचना, यात्रावृत्तांत संस्मरण, डायरी, रम्यं रचना और रेडियो नाटक भी लिखे हैं।

दिनकर भारतीय संस्कृति के व्याख्याता रहे हैं। भारतीय संस्कृति के चार अध्याय में उन्होंने आर्य संस्कृति की विशद व्याख्या की है। दिनकर जी को अपने राष्ट्रस्वरूप की गहरी पहचान है वे उन राष्ट्रीय स्थानों और चरित्रों को अपने काव्य में बार-बार प्रतीक्षात्मक प्रयोग करते हैं जो हमारी सांस्कृतिक चेतना और आदर्शों के आधार स्तंभ हैं। दिनकर जी के प्रमुख रचनाएँ निम्नलिखित हैं-

स्फुटकाव्य-

  • रेणुका,
  • हुंकर,
  • रसवन्ती,
  • द्वन्द गीत,
  • बापू,
  • परशुराम की प्रतीक्षा,
  • नीम के पत्ते,
  • नील कुसुम,
  • आत्मा की आँखें आदि।
  • रश्मिरथी महाकाव्य,
  • उर्वशी।

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सम्पादित काव्य संकलन-

  • चक्रवात,
  • संचेतना,
  • रश्मि लोक,
  • दिनकर की सूक्तियाँ,
  • दिनकर के गीत,

सांस्कृतिक इतिहास–

  • संस्कृति के चार अध्याय,
  • हमारी सांस्कृतिक एकता,
  • भारत की सांस्कृतिक कहानी।

साहित्यालोचना-

  • मिट्टी की ओर,
  • अद्धनारीश्वर,
  • रेती के फूल,
  • चेतना की शिखा,
  • आधुनिक बोध,
  • बट पीपल आदि।

यात्रावृत्तांत-

  • देश-विदेश,
  • मेरी यात्राएँ।

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संस्मरण-

  • लोकदेव नेहरूं,
  • संस्मरण और श्रद्धांजलियाँ।
    • डायरी-दिनकर की डायरी।
    • रम्य रचना-उजली आग।
    • रेडियो नाटक-हे। राम

बाल साहित्य-

  • मिर्च का मजा,
  • सूरज का ब्याज,
  • धूप-छाँह,
  • चित्तौड़ का साका।

Bihar Board 12th Hindi Book 50 Marks Solutions गद्य Chapter 3 मंगर

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Bihar Board Class 12th Hindi Book 50 Marks Solutions गद्य Chapter 3 मंगर

Bihar Board 12th Hindi Book 50 Marks Solutions गद्य Chapter 3 मंगर

मंगर अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मंगर कौन था?
उत्तर-
मंगर लेखक बेनीपुरी जी का स्वाभिमानी हलवाहा था।

प्रश्न 2.
मंगर का स्वभाव कैसा था?
उत्तर-
मंगर का स्वभाव रूखा और बेलौस था।

प्रश्न 3.
भकोलिया कौन थी?
उत्तर-
भकोलिया मंगर की पली थी।

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प्रश्न 4.
मंगर का कद्र सभी क्यों करते थे?
उत्तर-
मंगर मेहनती और ईमानदार था। उसकी मेहनत और ईमानदारी के कारण सभी उसका … कद्र करते थे।

प्रश्न 5.
लेखक अपने को टुअर क्यों कहा है?
उत्तर-
लेखक के माता-पिता बचपन में ही मर गए थे अतः लेखक अपने को टुअर कहा है।

प्रश्न 6.
मंगर किस वेश-भूषा में रहता था?
उत्तर-
मंगर हमेशा कमर से भगवा लपेटे रहता था।

प्रश्न 7.
मंगर बैल को क्या समझता था?
उत्तर-
मंगर बैल को महादेव समझता था।

प्रश्न 8.
रामवृक्ष बेनीपुरी का जन्म कब हुआ?
उत्तर-
1902 ई. में

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प्रश्न 9.
रामवृक्ष बेनीपुरी ने अधिकांश साहित्य रचना कहाँ की थी?
उत्तर-
जेल की सलाखों के पीछे।।

प्रश्न 10.
बेनीपुरी ग्रंथावली कितने खण्डों में है?
उत्तर-
दस खण्ड।

प्रश्न 11.
तरुण भारत और किसान मित्र (साप्ताहिक) के संपादक कौन थे?
उत्तर-
रामवृक्ष बेनीपुरी।

प्रश्न 12.
बेनीपुरी की रचना कौन-सी है।
उत्तर-
गोदान।

प्रश्न 13.
“गेहूँ और गुलाब” और “चिता के फूल” किसकी रचना है?
उत्तर-
रामवृक्ष बेनीपुरी।।

मंगर लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मंगर के रूप-रंग का रेखाचित्र लिखिए।
उत्तर-
मंगर एक काला कलूटा शरीर, एक सम्पूर्ण सुविकसित मानव पुतले के समान था। लगातार मेहनत करने से उसकी मांसपेशियों में उभार पैदा हो गया था लेकिन पहलवानों की तरह नहीं।

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कपड़ों से मंगर को वहशत थी वह हमेशा कमर से भगवा ही लपेटे रहता था उसको बराबर धोतियाँ मिलती थीं लेकिन धोतियाँ हमेशा उसके सिर का ही सिंगार बनी रही। वह मुरेठे की तरह लपेटे रहता था। कुर्ता केवल कहीं संदेश लेकर जाते समय पहनता था। साधारणतः वह हमेशा नंग-धड़ग रहता था।

प्रश्न 2.
मंगर का स्वाभिमान किन कारणों से था? स्पष्ट करें।
उत्तर-
मंगर किसी की बात कभी बर्दाश्त नहीं करता था। एक बार मुसीबत काटने अपने बेटी के घर चला गया। दामाद की बेरूखी देखकर मंगर के स्वाभिमान को ठेस लगी वह वहाँ से भाग आया। वह अपने नेक स्वभाव के कारण लेखक के पिता जी का चहेता था और वह हमेशा उनसे अदब से बातें करता था लेकिन दूसरे किसी को वह अपने से बड़ा नहीं मानता था और बराबरी से बातें करता था। लेकिन किसी की मजाल नहीं थी कि उसको बदजुबान कहे। वह अपनी मेहनत और ईमानदारी के कारण सबके सिर आँखों पर बैठा था और सभी उसकी कदर करते थे।

प्रश्न 3. लेखक रामवृक्ष बेनीपुरी का मंगर के साथ कैसा संबंध था? लेखक की भावनाओं को लिखें।

उत्तर-लेखक रामवृक्ष बेनीपुरी के अनुसार, मंगर का स्वभाव रूखा और बेलौस था। वह किसी के साथ लल्लो-चप्पो नहीं करता और न लाई-लपटाई में रहता था। दो टूक बातें करता था। मंगर लेखक रामवृक्ष पर स्नेह की नजर रखता था। क्योंकि लेखक की माँ और पिता चल बसे थे। वह अपने परिवार में टुअर होकर रह गया था। वह अपने कंधा पर बैठा कर घुमाया करता था। कभी लेखक बचपन में ननिहाल जाते थे तो वह साथ जाता था। लेखक को घोड़ी पर बैठा कर ले जाता था और स्वयं पैदल चलता था। वह हमेशा लेखक के पिता के प्रेम की याद करता था और उनकी मृत्यु को अपनी फूटी तकदीर मानता था। क्योंकि उसको वह नौकर नहीं समझते थे।

प्रश्न 4.
मंगर की अर्धांगिनी-भकोलिया का परिचय प्रस्तुत करें।।
अथवा,
भकोलिया कौन थी? उसके चरित्र का रेखाचित्र प्रस्तुत करें।
उत्तर-
भकोलिया मंगर की अर्धांगिनी और एक आदर्श जोड़ी थी। वह जमुनिया रंग की काली औरत थी। वह दो बच्चों की माँ बन कर स्त्रीत्व के गुण से वंचित हो गई थी। लेकिन वह अपने पति का बहुत आदर और सेवा करती थी। जब मंगर बूढ़ा हो गया और काम से बैठ मान गया था तो वह कुछ हाथ-पाँव चलाकर भोजन संग्रह कर लेती और दोनों प्राणियों का गुजर बसर चला रही थी।

वह मंगर की तरह, एक आदर्श चरित्र वाली स्त्री थी। वह किसी से मुँह नहीं लगाती थी और न किसी की हेठी बरदाश्त करती थी। यदि कभी किसी ने छेड़ने की भूल कर दी तो वह काली साँपिन के फन की तरह फुफकारती थी लेकिन दर्शन और विष का आरोप उसके माथे पर न था।

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प्रश्न 5.
‘मंगर के लिए ये बैल, बैल नहीं, साक्षात् महादेव थे’। कैसे?
उत्तर-
‘मंगर’ रामवृक्ष बेनीपुरी द्वारा लिखित एक मजदूर का शब्द-चित्र है-शब्दों से खींचा गया चित्र।

मंगर एक स्वाभिमानी कृषक मजदूर था। वह रूखा और बेलौस था। दो टूक बातें, चौ-टूक व्यवहार।

मालिक के घर उसे डेढ़ रोटी मिलती। आधी रोटी के दो टुकड़े कर दोनों बैलों को खिला देता। दोनों बैलों को शंकर मानता, महादेव मुँह ताके और वह खाए-यह कैसे होगा? मंगर मजदूर के लिए बैल, बैल नहीं, साक्षात् महादेव थे। पशुओं के प्रति दया भाव मंगर मजदूर की विशेषता थी।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
रामवृक्ष बेनीपुरी लिखित ‘मंगर’ पाठ का सारांश लिखें।
उत्तर-
कथा के जादूगर रामवृक्ष बेनीपुरी गद्य साहित्य की विधा में सजीव ओजपूर्ण शैली के लेखक रहे हैं।

बेनीपुरी जी ने ‘मंगर’ शब्द-चित्र के माध्यम से परिश्रमी किन्तु अन्दर से सुन्दर, कृषक मजदूर मंगर की दारुण जीवन कथा को अत्यन्त मार्मिक अभिव्यक्ति प्रदान की है। मंगर बाहर से भले ही काला-कलूटा हो लेकिन उसकी आत्मा की उज्वलता उसके चेहरे की कालिमा को अपूर्व आभा से आलोकित कर देती है। यह आभा उसी के चेहरे पर आ सकती है जो अपनी डेढ़ रोटियों में भी आधी रोटी के टुकड़े कर मालिक के ही दोनों बैलों को दे दे।

बेनीपुरी जी ने मंगर और उसकी पत्नी भकोलिया का चित्र इस तरह उपस्थित किया है कि अगर समाज में सभी उन दोनों से सबक लें तो मनुष्य स्वाभिमानी बन सकता है और वह शान से जीवन गुजार सकता है। जैसे-मंगर परिश्रमी है, किसी की गलत बात को बर्दाश्त नहीं करता है बैल को महादेव कहता है। भकोलिया भी उसका आदर करती है।

बेनीपुरी को मंगर से मुलाकात का अन्तिम पड़ाव बड़ा ही दर्दनाक है, एक आँख चली गई, लकवा मार गया। जीवन में कभी रोया नहीं शान से जिया आज मंगर रो रहा है लेखक को विस्मय हो रहा है जिसका सजीव चित्रण पाठक को भी रोमांचित कर देता है।

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प्रश्न 2.
रामवृक्ष बेनीपुरी के जीवन और व्यक्तित्व का एक सामान्य परिचय प्रस्तुत करें।
उत्तर-
रामवृक्ष बेनीपुरी का जन्म 1902 ई. में हुआ। वे स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रहने के कारण 1920 में मैट्रिक से आगे पढ़ाई न कर पाए।।

एक हाथ में कलम और दूसरे हाथ में खादी का तिरंगा लेकर चलने वाले बेनीपुरी के साहित्य का अधिकांश भाग जेल की सलाखों के पीछे रचा गया। गद्य साहित्य की विविध विधाओं में अपनी सजीव ओजपूर्ण शैली के कारण इनकी गणना प्रथम श्रेणी के गद्यकारों में की जाती है।

संपादक के रूप में भी आपने तरुण भारत (साप्ताहिक), किसान मित्र (साप्ताहिक), बालक (मासिक), युवक (मासिक), लोकसंग्रह, कर्मवीर, योगी, जनता, हिमालय, नई धारा, चुन्नु-मुन्नू इत्यादि का संपादन किया। संपादकीय लेखों में आप मुक्त एवं निर्भीक विचार देते रहे।

आपकी प्रकाशित एवं अप्रकाशित रचनाओं की संख्या साठ से अधिक है। बेनीपुरी ग्रंथावली को दस खण्डों में प्रकाशित करने का प्रयास जारी है और चार खण्ड प्रकाशित हो चुके है।। माटी की मूरतें, पतितों के देश में, लालतारा, चिता के फूल, कैदी की पत्नी, गेहूँ और गुलाब, अम्बपाली, सीता की माँ, संघमित्रा, अमर ज्योति, तथागत, सिंहल विजय, शकुन्तला, रामराज्य, नेत्रदान, गाँव के देवता, नया समाज, विजेता इत्यादि आपकी उल्लेखनीय पुस्तकें हैं।

प्रश्न 3.
रामवृक्ष बेनीपुरी द्वारा प्रस्तुत “मंगर” हलवाहे का शब्द चित्र की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
अथवा,
मंगर कौन था? उसके चरित्र की विशेषताओं से अपनी जानकारी का परिचय दीजिए।
उत्तर-
रामवृक्ष बेनीपुरी ने एक परिश्रमी किन्तु स्वाभिमानी, बाहर से कुरूप किन्तु अन्दर से सुन्दर कृषक-मजदूर “मंगर” की दारुण जीवन कथा को अत्यन्त मार्मिक अभिव्यक्ति प्रदान की है। मंगर बाहर से भले ही काला-कलूटा हो लेकिन उसकी आत्मा की उज्वलता उसके चेहरे की कालिमा को अपूर्व आभा से आलोकित कर देती है। यह आभा उसी के चेहरे पर आ सकती है जो अपनी डेढ़ रोटियों में से भी आधी रोटी के टुकड़े पर मालिक के ही दोनों बैलों को दे देता है।

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मंगर एक स्वाभिमानी व्यक्ति था। वह किसी की सख्त बात कभी बर्दाश्त नहीं करता था और वह अपने से बड़ा किसी को मन से नहीं मानता था। मंगर को सभी लोग आदर करते थे। किसी को मजाल नहीं था कि मंगर को बदजुबान कहे। हलवाहों को मिलने वाली नित दिन की गालियों से मंगर बचा हुआ था। इसका खास कारण, मंगर का हट्टा-कट्ठा शरीर और उसका सख्त कमाऊपनं चरित्र था। उसकी ईमानदारी ने चार चाँद लगा दिए थे। वह प्रतिदिन पन्द्रह कट्ठा खेत जोत लेता था। दूसरे हलवाहे उसके काम की तुलना में हमेशा पीछे रहते थे।

वह अपने काम के कारण परिवार में आदर का पात्र बन गया था। कभी-कभी रूठ भी जाता था लेकिन अपने मालिक से कभी झगड़ा नहीं करता था। वह केवल अपने सिर दर्द का बहाना करके काम से दो चार दिन बैठ जाता था।।

उसकी अर्धांगिनी भकोलिया जब उसे यह सूचना देती कि, “मालिक खड़े हैं। जाओ मान जाओ” तो वह जोर से मालिक को सुनाने के लिए ऐसा कहता था-कह दे मेरा सिर दर्द कर रहा है। लेकिन कुछ नोंक-झोंक के. बाद, मंगर फिर अपना काम आरंभ कर देता।

उसको काम के बदले प्रतिदिन डेढ़ रोटी मिलती थी। वह आधी रोटी के दो टुकड़े करके दोनों बैलों को खिला देता था फिर आधी रोटी लौटा देता था। वह बैलों को दिल से प्यार करता था। वह उन्हें महादेव कहा करता था। वह कहता था कि “महादेव मुँह ताके और मै खाऊँ” मंगर हमेशा कमर में भगवा ही लपेटे रहता था। उसे धोतियाँ मिलती थी, लेकिन धोतियाँ हमेशा उसके सिर का ही सिंगार बनती थी। इस प्रकार वह हमेशा नंग धडंग रहता था।

मंगर के विचार बड़े अच्छे थे, वह कहा करता था “आज खाय और कल को झक्खे, ताको गोरख संग न रखे।”

उसको कोई संतान न थी जो बुढ़ापे में लाठी का सहारा बनती। मंगर के बुढ़ापे की मरुभूमि को सींची नहीं जा सकती थी।
उसकी अद्धांगिनी भकोलिया कुछ काम करके दोनों प्राणियों का गुजर चला रही थी।

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एक दिन उसे अधकपारी की दर्द उठी, भकोलिया उसकी चिल्लाहट से पसीज गई। दाल चीनी पीस कर बकरी के दूध में लेप बनाया और उसके ललाट पर चढाया। यह लेप घातक सिद्ध हुआ। जलन पैदा हो गई। जलन जख्म में बदल गई। इस घटना से उसकी एक आँख चली गई। वह अंधा हो गया। कुछ दिनों बाद मंगर को आधे शरीर पर फालिज मार गया। वह पड़े-पड़े ऊब गया था। एक दिन वह उठने और चलने का प्रयास कर रहा था कि पछाड़ खाकर गिर पड़ा और फिर कभी न उठ सका।

मंगर लेखक परिचय – रामवृक्ष बेनीपुरी (1902-1968)

रामवृक्ष बेनीपुरी का जन्म 1902 ई. में मुजफ्फरपुर जिला के बेनीपुर गाँव में हुआ था।। बेनीपुरी जी स्वतंत्रता के उपासक थे। मैट्रिक परीक्षा पास करने के बाद वे स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े, फलतः उनकी उच्च शिक्षा बाधित हो गई। बेनीपुरी जी ने जेल की सलाखों के बीच ही अधिकांश साहित्यिक रचना की। वे एक सफल पत्रकार के रूप में भी कार्य किए। उन्होंने अनेक पत्र-पत्रिकाओं का सम्पादन किया जिनमें तरुण भारत, बालक आदि प्रमुख हैं।

बेनीपुरी जी ने अपनी रचनाओं में सामाजिक विषमता को उजागर किया है। उनकी रचनाओं में स्वतंत्रता की अभिव्यक्ति और प्रेम की भावना का मार्मिक चित्र परिलक्षित होता है। उनकी प्रमुख रचनाएँ निम्नलिखित हैं माटी की मूरतें, पतितों के देश में, लाल तारा, चिता के फूल, कैदी की पत्नी, गेहूँ और गुलाब, अम्बपाली, सीता की माँ, संघमित्रा, अमर ज्योति, तथागत, सिंहल विजय, शकुन्तला, रामराज्य, नेत्रदान, गाँव के देवता, नया समाज, विजेता आदि उल्लेखनीय हैं।

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Bihar Board 12th Hindi Book 50 Marks Solutions गद्य Chapter 4 कविवर रवीन्द्रनाथ ठाकुर

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Bihar Board Class 12th Hindi Book 50 Marks Solutions गद्य Chapter 4 कविवर रवीन्द्रनाथ ठाकुर

Bihar Board 12th Hindi Book 50 Marks Solutions गद्य Chapter 4 कविवर रवीन्द्रनाथ ठाकुर

कविवर रवीन्द्रनाथ ठाकुर अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
रवीन्द्रनाथ ठाकुर को ‘बंग देश की बुलबुल’ की उपाधि किसने दी थी?
उत्तर-
देवेन्द्रनाथ ठाकुर ने।

प्रश्न 2.
रवीन्द्रनाथ बचपन में अपने पिता को किस प्रकार का गीत सुनाया करते थे?
उत्तर-
पारमार्थिक गीत।

प्रश्न 3.
रवीन्द्रनाथ ने किन मासिक पुस्तकों का संपादन किया?
उत्तर-
भारती, बालक, साधना और बंग-दर्शन नामक मासिक पुस्तकों का संपादन रवीन्द्रनाथ ने किया।

प्रश्न 4.
रवीन्द्र बाबू ने अंग्रेजी साहित्य की शिक्षा कहाँ पाई थी?
उत्तर-
लंदन में।

Bihar Board 12th Hindi Book 50 Marks Solutions गद्य Chapter 4 कविवर रवीन्द्रनाथ ठाकुर

प्रश्न 5.
रवीन्द्र बाबू किसकी आराधना करके महान हुए?
उत्तर-
सरस्वती की।

प्रश्न 6.
रवीन्द्र बाबू का हृदय किस चीज से परिपूर्ण था?
उत्तर-
रवीन्द्र बाबू का हृदय स्वदेश प्रेम से परिपूर्ण था।

प्रश्न 7.
रवीन्द्र बाबू की वक्तृता कैसी थी?
उत्तर-
रवीन्द्र बाबू की वक्तृता हृदयहारिणी थी।

प्रश्न 8.
उपन्यास “बाणभट्ट की आत्म कथा” किसकी रचना है?
उत्तर-
हजारी प्रसाद द्विवेदी की।

प्रश्न 9.
हजारी प्रसाद द्विवेदी हिन्दी साहित्य के किस रचना में प्रसिद्ध थे?
उत्तर-
इतिहासकार।

Bihar Board 12th Hindi Book 50 Marks Solutions गद्य Chapter 4 कविवर रवीन्द्रनाथ ठाकुर

प्रश्न 10.
रवीन्द्रनाथ ठाकुर का जन्म कब हुआ था?
उत्तर-
सन् 1861 ई.।

प्रश्न 11.
रवीन्द्रनाथ ठाकुर के पिता का क्या नाम था?
उत्तर-
देवेन्द्रनाथ ठाकुर।

कविवर रवीन्द्रनाथ ठाकुर लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
कविवर रवीन्द्रनाथ ठाकुर की लोकप्रियता का क्या कारण था, स्पष्ट करें।
उत्तर-
कविवर रवीन्द्रनाथ ठाकुर बंगाल के प्रसिद्ध महापुरुषों में से थे। वे बंगला-साहित्य के दीप्यमान रल हैं। उनका काव्य और निबन्ध, उपन्यास और नाटक तथा. गीतों को बंगाल में घर-घर पढ़ा जाता है। उन्होंने अपनी रचनाओं के बल पर शिक्षित बंगालियों के विचारों में परिवर्तन कर डाला। वे बंगला भाषा के अद्वितीय लेखक और कवि थे। वे बड़े देशभक्त, देशप्रेमी थे।। उनके द्वारा लिखित देशगान, त्योहारों और राष्ट्रीय उत्सवों पर पढ़े जाते हैं।

प्रश्न 2.
गीत प्रेमी के रूप में रवीन्द्र नाथ ठाकुर की योग्यताओं के संबंध में अपनी जानकारी प्रस्तुत करें।
उत्तर-
रवीन्द्रनाथ ठाकुर को लड़कपन से ही गीत गाने का शौक था। वह बहुधा अपने पिता के सामने गीत गा-गाकर सुनाते थे। उनके पिता महर्षि देवेन्द्रनाथ ठाकुर उनके गाने से बहुत प्रसन्न होते थे। उन्होंने रवीन्द्रनाथ ठाकुर को बंग देश की बुलबुल की उपाधि दी थी। उनका सुर बहुत मीठा तो नहीं था पर वह संगीत विद्या के पूरे ज्ञाता थे। उन्होंने अनेक गीत बनाए हैं। उन गीतों को गाने में वे नये-नये सुरों का प्रयोग करते थे। वे स्वयं त्योहारों और ब्रह्म समाज के उत्सवों में सर्वसाधारण के सामने गीत गाते थे। देशभक्ति पर आधारित कविताएँ लिखकर वह साहित्य में अमर हो गये हैं।

Bihar Board 12th Hindi Book 50 Marks Solutions गद्य Chapter 4 कविवर रवीन्द्रनाथ ठाकुर

प्रश्न 3.
रवीन्द्र नाथ ठाकुर ने साहित्य सेवियों के कर्तव्यं पर क्या विचार प्रकट किया है। स्पष्ट करें।
उत्तर-
रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने जब यह देखा कि साहित्य सेवियों में पारम्परिक प्रीति का अभाव है जिसको उन्होंने अच्छा नहीं समझा। इस अभाव को दूर करने के लिए अपनी सहमति इस प्रकार प्रकट की है।

“इसमें संदेह नहीं कि साधारणतः मनुष्यों में पारस्परिक प्रीति का होना कल्याणकारी है। साहित्य सेवियों में प्रीति विस्तार से विशेष फल की प्राप्ति हो सकती है।” यदि लेखक लोग एक-दूसरे को प्यार करते हैं तो उनकी रचनाओं में भी विद्या, बुद्धि के अमृत फल मिलेगा और सरस्वती की सेवा होगी।

साहित्य सेवियों में साम्प्रदायिकता नहीं होनी चाहिए। ईर्ष्या और कलह की भावना भी हानिकारक होती है।

प्रश्न 4.
‘रवीन्द्रबाबू महान् पुरुष हैं।’ पुष्टि करें।
उत्तर-
‘कविवर रवीन्द्रनाथ ठाकुर’ आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी द्वारा लिखित एक अत्यन्त प्रेरक निबंध है। इसमें रवीन्द्रबाबू की महानता को रेखांकित किया गया है।

रवि बाबू की महानता का आधार समर्पित भाव से साहित्य-साधना थी। यह सरस्वती साधना थी। वे मनुष्यता की सेवा के व्रत से लिखते थे। वे मानवतावादी थे।

Bihar Board 12th Hindi Book 50 Marks Solutions गद्य Chapter 4 कविवर रवीन्द्रनाथ ठाकुर

बिना किसी शैक्षिक डिग्री के होते वे महान स्वाध्यायी थे। वे अथक परिश्रम करते थे। अपनी व्यापक मानवदृष्टि के कारण ही वे विश्वकवि कहलाए।

कविवर रवीन्द्रनाथ ठाकुर दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
हजारी प्रसाद द्विवेदी रचित ‘रवीन्द्रनाथ ठाकुर’ शीर्षक पाठ का सारांश लिखिए।
उत्तर-
आचार्य द्विवेदी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने हिन्दी की काव्य परम्परा को कबीर से जोड़कर एक प्रगतिशील मूल्य के रूप में प्रतिष्ठित किया है वहीं उपन्यासकार के रूप में वाणभट्ट की आत्मकथा के द्वारा हिन्दी उपन्यास को नई दिशा दी है। दूसरी ओर ललित निबंधों के द्वारा हिन्दी निबंध को एक नई विधा का अवदान दिया है।

प्रस्तुत पाठ ‘कविवर रवीन्द्रनाथ ठाकुर’ में उन्होंने रवीन्द्रनाथ ठाकुर के व्यक्तित्व और कृतित्व पर बड़ा ही सुन्दर प्रकाश डाला है। उन्होंने विश्व कवि के व्यक्तित्व के उन पक्षों पर दृष्टिपात किया है जो सामान्य लोगों की दृष्टि से ओझल हो जाते हैं।

लेखक ने रवीन्द्रनाथ ठाकुर को आधार समर्पित भाव से सरस्वती का साधक बताया है।। उनकी साधना का एकमात्र उद्देश्य मनुष्यता की सेवा है। यही कारण था कि बिना किसी शैक्षणिक डिग्री के होते हुए भी वह अपने स्वाध्याय, अथक परिश्रम और व्यापक मानवीय दृष्टिकोण के बल पर विश्व कवि के गौरव से विभूषित हुए।

रवीन्द्रनाथ ठाकुर संगीत विद्या के पूर्ण ज्ञाता थे। वे गीतों को बनाने और गाने में नए-नए सुरों का प्रयोग करते थे जिसके कारण उन्हें ‘बंगदेश की बुलबुल’ की उनके पिता ने उपाधि दी थी। वे बहुत बड़े देशभक्त थे, गीतांजली उनकी विश्व प्रसिद्ध रचना है जिसके लिए उन्हें नोवेल पुरस्कार मिला था। उन्होंने ‘शांति निकेतन’ विश्वविद्यालय की स्थापना की।

Bihar Board 12th Hindi Book 50 Marks Solutions गद्य Chapter 4 कविवर रवीन्द्रनाथ ठाकुर

सारांश के रूप में आचार्य द्विवेदी ने रवीन्द्रनाथ ठाकुर की मानव सेवा, प्रीति, कल्याणकारी, उपकार और सरस्वती की सेवा करने की भावना का प्रतीक मानकर उनका यशोगान किया है।

प्रश्न 2.
“हजारी प्रसाद द्विवेदी” के जीवन काल और व्यक्तित्व का एक सामान्य परिचय प्रस्तुत करें।
उत्तर-
हजारी प्रसाद द्विवेदी हिन्दी के बड़े ऊँचे साहित्यकारों में से एक थे। उन्होंने निबन्धकार, उपन्यासकार, लेखक, आलोचक, चिन्तक तथा शोधकर्ता के रूप में काम किया है। साहित्य के सभी क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और विशिष्ट कर्त्तव्य के कारण विशेष यश के भागी हुए हैं। उनका व्यक्तित्व गरिमामय चित्तवृत्ति उदार और दृष्टिकोणा व्यापक है।

उनकी प्रत्येक रचना पर उनके इस व्यक्तित्व की छाप देखी जा सकती है। हजारी प्रसाद द्विवेदी जी हिन्दी साहित्य के इतिहासकार, अच्छे उपन्यासकार और निबन्धकार के रूप में अपना योगदान हिन्दी साहित्य को दिया है। आपकी उपन्यास, बाणभट्ट की आत्मकथा, हिन्दी उपन्यास का गौरव ललित निबन्ध संग्रह हिन्दी की धरोहर है। उन्होंने अपने ललित निबन्धों में मनुष्य की सभ्यता-यात्रा पर दृष्टिपात करते हुए उसकी मानवीय संवेदना को जगाने का सृजनात्मक प्रयास किया है। अन्य ग्रंथों में हिन्दी साहित्य की भूमिका, हिन्दी साहित्य का उद्भव और विकास, नाथ सम्प्रदाय, विचार प्रवाह, विचार और वितर्क, कालिदास की लालित्य-योजना महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

प्रश्न 3.
हजारी प्रसाद द्विवेदी ने रवीन्द्रनाथ ठाकुर के जीवन और व्यक्तित्व का जो परिचय प्रस्तुत किया है। इस निबंध की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
उत्तर-
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ने रवीन्द्रनाथ ठाकुर शीर्षक निबन्ध में विश्वकवि के व्यक्तित्व के उन पक्षों पर दृष्टिपात किया है जो सामान्य लोगों की दृष्टि से ओझल हो जाते हैं।

रवीन्द्रनाथ ठाकुर की महानता का आधार समर्पित भाव से सरस्वती की साधना है। उनकी साधना का एक मात्र उद्देश्य मनुष्यता की सेवा है। यही कारण है कि बिना किसी शैक्षणिक डिग्री के होते हुए भी वह अपने स्वाध्याय, अथक परिश्रम और व्यापक मानवीय दृष्टि के बल पर विश्व कवि के गौरव से विभूषित हुए।

Bihar Board 12th Hindi Book 50 Marks Solutions गद्य Chapter 4 कविवर रवीन्द्रनाथ ठाकुर

उनका जन्म सन् 1861 ई. में हुआ था। उनके पिता महर्षि देवेन्द्रनाथ ठाकुर थे। इस परिवार में अनेक धार्मिक, दार्शनिक, साहित्य सेवी और शिल्पकार पुरुषों ने जन्म लिया है। रवीन्द्रनाथ ठाकुर बचपन में ही माता के देहान्त के बाद महर्षि देवेन्द्र नाथ ठाकुर की निगरानी में आ गए। स्कूल की साधारण शिक्षा प्राप्त करने के बाद, घर पर ही रह कर शिक्षा प्राप्त करने लगे। बचपन से ही वे विचित्र बुद्धिमान होने का परिचय देना आरंभ कर दिए। 16 वर्ष की आयु में गद्य और गद्य दोनों में बहुत अच्छी योग्यता दिखाई। वह संगीत के प्रेमी थे।।

पिता को वह गीत गाकर सुनाते थे उनके. गाने से प्रसन्न होकर पिता. ने उनका “बंग देश की बुलबुल” की उपाधि दी थी।

संगीत विद्या के वह पूरे ज्ञाता थे। वह गीतों के बनाने और गाने में नए-नए सुरों का प्रयोग करते थे।

रवीन्दनाथ ठाकुर बड़े देशभक्त कवि थे। उन्होंने मातृभूमि, देशप्रेम, देशभक्त पर आधारित बहुत-सी कविताएँ लिखी हैं।

उनकी कविताओं में “गीतांजली” विश्व प्रसिद्ध है। वे साहित्य में प्रथम भारतीय नोबल पुरस्कार पाने वाले कवि थे।

ज्ञान-वृद्धि के लिए उन्होंने केवल सम्पूर्ण भारत में ही भ्रमण नहीं कियां, किन्तु यूरोप, अमेरिका, जापान भी घूम आए। “शांति निकेतन” रवीन्द्र नाथ ठाकुर की एक उत्तम यादगार है जो आज विश्व भारती, विश्वविद्यालय बन गया है।

रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने सैकड़ों पुस्तकें बंगला में लिखा है। वे अंग्रेजी भाषा में लिखने की अच्छी योग्यता रखने पर भी देशी भाषा में लिखना अच्छा समझते थे।

वे वास्तव में मानव सेवा, प्रीति, कल्याणकारी, उपकार और सरस्वती की सेवा करने की भावना से काम कर रहे थे।

कविवर रवीन्द्रनाथ ठाकुर लेखक परिचय – हजारी प्रसाद द्विवेदी (1907-1979)

आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी भारतीय संस्कृति के विशिष्ट ज्ञाता और निबंधकार के रूप में विख्यात हैं। उनका जन्म 1907 ई. में उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के आरत दुबे का छपरा गाँव में हुआ था। आचार्य द्विवेदी की प्रारंभिक शिक्षा गाँव में हुई। 1930 में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से ज्योतिषाचार्य तथा इन्टर की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वे शांति निकेतन में अध्यापक होकर चले गये। वे काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में हिन्दी विभागाध्यक्ष एवं पंजाब विश्वविद्यालय में हिन्दी के प्रोफेसर के पद को भी सुशोभित किया। लखनऊ विश्वविद्यालय से उन्हें डी. लिट की उपाधि मिली।

Bihar Board 12th Hindi Book 50 Marks Solutions गद्य Chapter 4 कविवर रवीन्द्रनाथ ठाकुर

द्विवेदीजी ने हिन्दी साहित्य के विकास में अपना विशेष योगदान दिया। हिन्दी साहित्य की दूसरी परम्परा के प्रतिनिधि के रूप में आचार्य द्विवेदी जी ने हिन्दी की काव्य परम्परा को कबीर से जोड़कर एक प्रगतिशील मूल्य के रूप में प्रतिष्ठित किया है। उपन्यासकार के रूप में उन्होंने वाणभट्ट की आत्मकथा के द्वारा हिन्दी उपन्यास को एक नई दिशा दी है। दूसरी ओर ललित निबंधों के द्वारा हिन्दी निबंध के एक नई विधा का अवदान दिया है। उनकी प्रमुख रचनाएँ निम्नलिखित हैं सूर साहित्य, हिन्दी साहित्य की भूमिका, कबीर, वाण भट्ट की आत्मकथा (उपन्यास), अशोक के फूल (निबंध), मेघदूत, विचार प्रवाह, पृथ्वीराज रासो आदि।

Bihar Board 12th Hindi Book 50 Marks Solutions पद्य Chapter 3 भारत माता ग्रामवासिनी

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Bihar Board Class 12th Hindi Book 50 Marks Solutions पद्य Chapter 3 भारत माता ग्रामवासिनी

Bihar Board 12th Hindi Book 50 Marks Solutions पद्य Chapter 3 भारत माता ग्रामवासिनी

भारत माता ग्रामवासिनी अर्थ लेखन

प्रश्न 1. अर्थ स्पष्ट करें
भारत माता ग्राम वासिनी
खेतों में फैला है श्यामल
धूल-भरा मैला-सा आँचल
गंगा-यमुना में आँसू-जल
मिट्टी की प्रतिमा उदासिनी
उत्तर-
कवि श्री सुमित्रानंद पंत कहते हैं कि भारतमाता ग्रामवासिनी है अर्थात् भारतमाता की आत्मा गाँव में निवास करती है। भारतीय किसान, खेतों में काम करते हैं। केवल किसान ही नहीं, बल्कि पूरा परिवार खुले आकाश के नीचे प्रात:काल से संध्या तक, खेतों और मैदानों में खेती तथा पशु चरण कार्य में लगे होते हैं। फिर भी वे बहुत ही गरीब और पिछड़े हुए हैं। धूल-भरा मैला-सा आँचल उनकी गरीबी का चिह्न है। उनका उदास चेहरा, आँसू भरी आँखें दुःख की प्रतिमा है। कवि की कल्पना है कि भारतमाता अपने संतानों को दु:खी देख कर आँसू बहाती है। गंगा-यमुना में भारतमाता के आँसू जल प्रवाह के रूप में बह रहे हैं। .

प्रश्न 2.
अर्थ स्पष्ट करें
तीस कोटि सन्तान नग्न तन,
अर्थ क्षुधित, शोषित, निरस्त्रजन,
मूढ़, असभ्य, अशिक्षित, निर्धन
नतमस्तक तरू तल निवासिनी।
उत्तर-
कवि श्री सुमित्रानंद पंत कहते हैं कि भारतमाता जो ग्रामवासिनी है अत्यंत दु:खी है। उसको इस बात के लिए अधिक दुःख है कि महानगरों में विकास कार्य हुआ है। यहाँ की चमक-दमक और आर्थिक खुशहाली की तुलना में गाँव की बदहाली चिंता का विषय बन गया है।

गाँव की. तीस करोड़ से अधिक जनता को नग्न तन, भूखा, अभावग्रस्त और शोषित देखकर भारतमाता दु:खी और उदास है। क्योंकि गाँव के निवासी असभ्य, अशिक्षित तथा निर्धन होने के कारण पिछड़े हुए हैं। अधिकतर लोग तो ऐसे भी हैं कि रहने का निवास स्थान नहीं रखते हैं। वृक्षों के नीचे निवास करते हैं।

Bihar Board 12th Hindi Book 50 Marks Solutions पद्य Chapter 3 भारत माता ग्रामवासिनी

प्रश्न 3.
अर्थ स्पष्ट करें
स्वर्ण शस्य पर पद-तल लुंठित,
धरती-सा सहिष्णु मन कुंठित,
क्रन्दन कंपिता उधर मौन स्मित
राहु ग्रसित,
शरदेन्दु हासिनी।
उत्तर-
कवि श्री सुमित्रानंदन पंत कहते हैं कि कहने को तो भारतमाता की धरती बहुत ही उपजाऊ है, प्राकृतिक सम्पदा से समृद्ध है, लेकिन भारतवासी निर्धन हैं। उनका मन कुंठित है। कवि भारतमाता को दुःख की प्रतिमा के रूप में प्रस्तुत करने के बाद, भारतवासियों से आशा करता है कि अहिंसा, सत्य और तप संयम के मार्ग पर चल कर वे अवश्य सफल होंगे। जग जननी भारतमाता जीवन विकासिनी के रूप में हमारे लिए मार्गदर्शक बन कर आयगी।

प्रश्न 4.
अर्थ स्पष्ट करें
चिंतित मृकुटि क्षितिज तिमिरांकित
नामित नयन नभ वास्पाच्छादित
आनन-श्री छाया-शशि उपमित,
ज्ञान मूढ़, गीता प्रकाशिनी।
उत्तर-
पंत ने भारतमाता के मूर्त स्वरूप का मानवीकरण करते हुए उसकी मानसिक स्थितियों का विवेचन किया।

कवि कहता है कि भारतमाता की मृकुटि पर चिंता की रेखाएँ उभर गयी हैं। क्षितिज पर

मुखमंडल पर चन्द्रमा की सुंदर छाया दृष्टिगत होती है। जो मूढ़ है उनको गीता-ज्ञान के प्रकाश से प्रकाशित करनेवाली हैं।

इस पंक्तियों का मूल भाव यह है कि भारतमाता का स्वरूप विराट है। अपनी संततियों की पीड़ा, क्लेश, अभावग्रस्तता एवं मूढ़ता से भारतमाता चिंतित हैं। वह हर जन-जन में गीता ज्ञान चाहती है।

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प्रश्न 5.
अर्थ स्पष्ट करें
सफल आज उसका तप संयम,
पिला अहिंसा स्तन्य सुधो पभ,
हरती जन-मन भय, भव-तम-भ्रम
जग-जननी, जीवन-विकासिनी।
उत्तर-
महाकवि पंत ने उपरोक्त काव्य पंक्तियों में भारतमाता के जीवंत स्वरूप का चित्रण करते हुए उनकी मनोभावनाओं को सटीक चित्रण किया है। कवि कहता है कि आज भारतमाता का संयमित तपस्या सफल सिद्ध हुई है। अपने स्तन से अहिंसा रूपी उत्तम सुधा का पान कराकर जन-जन के मन का भय का हरती हैं। साथ ही भाव रूपी अंधकार एवं भ्रम से भी मुक्ति दिलाती हैं। भारतमाता जगत की जननी हैं। वे जीवन को विकास के शिखर पर पहुँचाने वाली माँ है।

उपरोक्त पंक्तियों में कवि ने भारत माँ के स्थूल स्वरूप का जीवंत रूप में चित्रण किया है। उस जीवंत स्वरूप में मानवीय गुणों का उल्लेख किया है साथ ही अपनी संततियों की रक्षा, प्रगति, सेवा के लिए चिंतित करुणामयी माँ का चित्रण किया है।

इस कविता का मूल भाव यह है कि भारतमाता करुणामयी हैं, दयामयी हैं। उन्हें अपने सपूतों के सुख-दुख की चिंता है। उनके भीतर भौतिक चाहे आध्यात्मिक किसी भी प्रकार का ताप, यह भ्रम नहीं रहे, यही उनकी कामना है।

भारत माता ग्रामवासिनी अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारतमाता की आत्मा कहाँ निवास करती है?
उत्तर-
भारतमाता की आत्मा गाँवों में निवास करती है।

प्रश्न 2.
भारतीय कृषक की गरीबी का चिह्न क्या है?
उत्तर-
भारतीय कृषक की गरीबी का चिह्न है धूल-भरा मैला-सा आँचल।

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प्रश्न 3.
भारत माता के आँसू के रूप में कौन निरन्तर बहती रहती है?
उत्तर-
गंगा और यमुना।

प्रश्न 4.
हमारा परम सौभाग्य क्या है?
उत्तर-
हमारा परम सौभाग्य भारतमाता की संतान होने का है।

प्रश्न 5.
भारतमाता की धरती कैसी है?
उत्तर-
भारतमाता की धरती अत्यधिक उर्वरा है।

प्रश्न 6.
‘बूढ़ा चाँद’ किसी रचना है?
उत्तर-
सुमित्रानन्दन पंत की।

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प्रश्न 7.
भारतमाता ग्रामवासिनी शीर्षक कविता में कवि ने भारत माता को किस रूप में चित्रित किया है?
उत्तर-
कवि ने भारतमाता को देश की आत्मा गाँवों में निवास करनेवाली माँ के रूप में चित्रित किया है।

प्रश्न 8.
“भारतमाता ग्रामवासिनी”, किसकी रचना है?
उत्तर-
‘सुमित्रानंदन पंत’ की।

प्रश्न 9.
“युगवाणी” किसकी रचना है?
उत्तर-
सुमित्रानंदन पंत की।

प्रश्न 10.
श्री सुमित्रानंदन पंत को “चिदम्बरा” के लिए कौन-सा पुरस्कार मिला था?
उत्तर-
ज्ञानपीठ।

भारत माता ग्रामवासिनी लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
सुमित्रानंदन पंत द्वारा रचित कविता “भारत माता ग्रामवासिनी” का सारांश लिखिए।
उत्तर-
प्रकृति के सुकुमार कवि श्री सुमित्रानंदन पंत ने “भारत माता ग्रामवासिनी” शीर्षक कविता में भारत माता को देश की आत्मा कहा है जिसको गाँव में निवास करने वाली माँ के रूप में चित्रित किया गया है। यह माँ अपनी करोड़ों संतानों को भूखा, नंगा, अभावग्रस्त और . शोषित देखकर अत्यन्त दुखी और उदास है।

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दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
सुमित्रानंदन पंत के जीवन और व्यक्तित्त्व का एक सामान्य परिचय प्रस्तुत करें।
उत्तर-
प्रकृति के सुकुमार कवि के नाम से व्याख्यात सुमित्रानंदन पंत का जन्म सन् 1900 ईस्वी में हुआ और जीवन के 70 वसन्त देखने के उपरान्त सन् 1970 ईस्वी में उनका परलोकवास हुआ। जन्म के कुछ ही साल बाद मातृहीन हो जाने के कारण उनका पालन-पोषण पिता और. दादी की देख-रेख में हुआ। अल्मोड़ा जिले के कौसानी नामक ग्राम में जन्म ही नहीं उनकी आरंभिक शिक्षा-दीक्षा भी हुई थी।

समित्रानन्दन पंत सन 1918 ई. में मँझले भाई के साथ बनारस आ गये और जयनारायण हाई स्कूल में पढ़ने लगे। सन् 1919 ई. में प्रयाग के म्योर कॉलेज में भर्ती हुए। मँझले भाई के कहने पर सन् 1921 ई. में कॉलेज छोड़ दिया पर सुकूमार चेतना से युक्त व्यक्तित्त्व होने के चलते सत्याग्रह में सक्रिय भाग नहीं ले सके। उसके बाद किसी शिक्षण संस्थान में संबंद्ध नहीं हुए पर स्वाध्याय और काव्य-सृजन को अबाध रूप में जारी रखा।

सुमित्रानन्दन पंतजी में काव्य-सृजन का आरंभ उनकी सात वर्षों की उम्र से ही हो गया था। तब वे चौथी कक्षा के छात्र थे। तब से 1918 ई. तक के काल को उन्होंने अपने काव्य का आरंभिक काल माना है। अल्मोड़ा की प्रकृति के साथ ही बड़े भाई के द्वारा ‘मेघदूत’ सस्वर पाठ और उनके धार्मिक वातावरण ने उनके बाल मन को गहराई तक प्रभावित किया। सन् 1918 ई. के पूर्व ही वे अल्मोड़ा अखबार बेंकटेश्वर समाचार और सरस्वती जैसी उच्चस्तरीय साहित्यिक पत्रिका के नियमित पाठक हो चुके थे।

वाराणसी के प्रवास-काल में पंतजी को रवीन्द्रनाथ टैगोर, सरोजनी नायडू और वडंसवर्थ जैसे रोमांटिक अंग्रेजी कवि के काव्य से परिचित होने का मौका मिला। काशी में उन्होंने प्रभृत रचनाएँ भी की जिनमें उपर्युक्त महाकवियों का गहरा प्रभाव पड़ता है। सन् 1922 ई. में “उच्छवास” का प्रकाशन हो चुका था। लेकिन उनकी काव्य प्रतिभा का पूर्ण विकास पल्लव में दिखाई पड़ता है। “पल्लव” का प्रकाशन सन् 1928 ई. में हुआ था। “उच्छावास” ग्रंथी, पल्लव, गुंजन और ज्योत्सना पंतजी के छापावादी काल की प्रमुख रचनाएं हैं।

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“युगान्त” का प्रकाशन सन् 1936 ई. में हुआ और उसमें ही सर्वप्रथम पंतजी ने छायावाद युग के अंत की घोषणा कर, प्रगतिवाद के पथ पर अपनी काव्य यात्रा के आरंभ की सूचना दे दी। ‘ग्राम्या’ और ‘युगवाणी’ उनकी प्रगतिवादी कविताओं के प्रतिनिधि संग्रह हैं। लेकिन तबकी प्रगतिवादी सिद्धांतवादिता की शुष्कता के साथ उनका सुकुमार कलाकार मन अधिक दिनों तक नहीं चल सका और सन् 1940 के बाद प्रगतिवाद की संकीर्णता से उन्होंने अपने को मुक्त कर लिया।

सन् 1931 ई. में पंतजी कलाकांकर में कुँवर ब्रजेश सिंह के आतिथ्य में रहे थे और अपनी “नौका बिहार” शीर्षक प्रसिद्ध कविता की रचना वहीं की थी।

सन् 1943 ई. में पंतजी भारत भ्रमण किया था और उसी दौरान मद्रास में महर्षि अरविन्द के उर्ध्व चेतनावाद के संपर्क में आये थे। अरविन्द का उनके तत्कालीन काव्य पर गहरा प्रभाव दिखाई पड़ाता है। लेकिन कुछ काल के उपरांत उसकी सीमा से बाहर आ उन्होंने सवात्मवाद

को अपना लिया था। पंतजी सन् 1950 ई. में ‘आल इण्डिया रेडियो’ परामर्श दाता के पद पर नियुक्त हुए इस पद पर वे 1957 ई. तक रहे थे। “कला और बूढ़ा चाँद” पर साहित्य अकादमी और चिदम्बरा पर ज्ञानपीठ पुरस्कार से भी पंतजी सम्मानित किये गये थे।

सुमित्रानन्दन पंतजी जीवनभर कबीर रहे। दोहरे लम्बे घुघराले सजे बाल पर सौंदर्य से दीपित मुख मण्डल से युक्त उनका व्यक्तित्त्व काफी आकर्षक था। काव्य पात के समय उनके गले का माधुर्य श्रोताओं को मुग्ध कर लेता था।

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उनके प्रमुख काव्य ग्रंथ निम्नलिखित है-

  • उच्छवास 1920 ई.
  • ग्रंथि 1920 ई.
  • वीणा 1927 ई.
  • पल्लव 1928 ई.
  • गुंजन 1932 ई.
  • युगान्त 1936ई.
  • युगवाणी 1939 ई.
  • ग्राम्या 1940 ई.
  • स्वर्ण किरण 1947 ई.
  • स्वर्णधूल 1947 ई.
  • उत्तरा 1949 ई.
  • चिदम्बरा 1959 ई.
  • कला और बूढ़ा चाँद 1959 ई.
  • लोकायतन 1964 ई.

भारतमाता ग्रामवासिनी कवि-परिचय – सुमित्रानंदन पंत (1900-1970)

सुमित्रानंदन पंत हिन्दी के कालजयी कवि हैं। उनका जन्म 20 मई, 1900 ई. को उत्तरांचल राज्य के कौसानी में हुआ था। बचपन में माँ के प्यार से वे वंचित हो गये। पिता और दादी की छाया में उनकी काव्य प्रतिभा के पंख अल्मोडा की नैसर्गिक सुषमा के बीच खुले। 1918 में अपने मँझले भाई के साथ बनारस आने पर उनका सम्पर्क सरोजनी नायडू और कविवर रवीन्द्रनाथ टैगोर के साथ हुआ। सरोजनी नायडू के सम्पर्क में आने पर वे अंग्रेजी की रोमांटिक काव्यधारा से परिचित हुए।

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पंतजी के काव्य में जग जीवन के सामाजिक, भौतिक और नैतिक मूल्यों की प्रेरणा के साथ-साथ आध्यात्मिक उन्नयन का स्वर भी मिलता है। युगान्त से प्रारम्भ ‘प्रगतिशीलता ग्राम्य’ या तक चली और उसके बाद अरविन्द से प्रभावित होकर स्वर्ण धूलि और उत्तरा की रचना की। उनकी इन रचनाओं में अरविन्द दर्शन के नव मानवतावाद के दर्शन होते हैं। काव्य के अतिरिक्त उन्होंने नाट्य, कहानी और निबंध की भी रचना की लेकिन उनकी प्रसिद्धि मूलतः कवि के रूप में ही है। शब्द शिल्पी के रूप में विख्यात उनकी काव्य गाथा कवि की कल्पना और मन की तरंग के अनुरूप ही माधुर्य एवं प्रसाद गुण से मुक्त और व्यंजक है।

पंतजी ने हिन्दी साहित्य को एक नया आयाम दिया, हिन्दी की सेवा के प्रति उनकी देन से प्रभावित होकर उन्हें ‘कला और बूढ़ा चाँद’ पर साहित्य अकादमी का पुरस्कार मिला। चिदम्बरा पर उन्हें ‘ज्ञान-पीठ’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

उनकी प्रमुख रचनाएँ निम्नलिखित हैं-

  • उच्छवास,
  • ग्रंथि,
  • वीणा,
  • पल्लव,
  • गुंजन,
  • युगान्त,
  • युगवाणी,
  • ग्राम्या,
  • स्वर्ण किरण,
  • स्वर्णधूलि;
  • उत्तरा,
  • रजत शिखर,
  • कला और बूढ़ा चाँद,
  • ज्योत्सना (नाटक),
  • लोकायतन। विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।

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