Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 1 मानव भूगोल – प्रकृति एवं विषय क्षेत्र

Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 1 मानव भूगोल – प्रकृति एवं विषय क्षेत्र Textbook Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 1 मानव भूगोल – प्रकृति एवं विषय क्षेत्र

Bihar Board Class 12 Geography मानव भूगोल – प्रकृति एवं विषय क्षेत्र Textbook Questions and Answers

(क) नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए:

मानव भूगोल प्रकृति एवं विषय क्षेत्र प्रश्न उत्तर Bihar Board Class 12 प्रश्न 1.
निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक भूगोल का वर्णन नहीं करता:
(क) समाकलनात्मक अनुशासन
(ख) मानव और पर्यावरण के बीच अंतर-संबंधों का अध्ययन
(ग) द्वैधता पर आश्रित
(घ) प्रौद्योगिकी के विकास के फलस्वरूप आधुनिक समय में प्रासंगिक नहीं
उत्तर:
(घ) प्रौद्योगिकी के विकास के फलस्वरूप आधुनिक समय में प्रासंगिक नहीं

मानव भूगोल प्रकृति एवं विषय क्षेत्र के प्रश्न उत्तर Bihar Board Class 12 प्रश्न 2.
निम्नलिखित में से कौन-सा एक भौगोलिक सूचना का स्रोत नहीं है:
(क) यात्रियों के विवरण
(ख) प्राचीन मानचित्र
(ग) चंद्रमा से चट्टानी पदार्थों के नमूने
(घ) प्राचीन महाकाव्य
उत्तर:
(घ) प्राचीन महाकाव्य

Manav Bhugol Prakriti Avn Vishay Kshetra Ka Question Answer प्रश्न 3.
निम्नलिखित में से कौन-सा एक लोगों और पर्यावरण के बीच अन्योय-क्रिया का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण कारक है –
(क) मानव बुद्धिमता
(ख) प्रौद्योगिकी
(ग) लोगों के अनुभव
(घ) मानवीय भाईचारा
उत्तर:
(ख) मानवीय भाईचारा

Bihar Board 12th Geography Book  प्रश्न 4.
निम्नलिखित में से कौन-सा एक मानव भूगोल का उपगमन नहीं है:
(क) क्षेत्रीय विभिन्नता
(ख) मात्रात्मक क्रांति
(ग) स्थानिक संगठन
(घ) अन्वेषण और वर्णन
उत्तर:
(ख) मात्रात्मक क्रांति

(ख) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए:

मानव भूगोल के विषय क्षेत्र पर एक टिप्पणी लिखिए Bihar Board Class 12 प्रश्न 1.
मानव भूगोल को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
मानव भूगोल मानव समाजों और धरातल के बीच संबंधों का संश्लेषित अध्ययन है। या मानव भूगोल ‘हमारी पृथ्वी को नियंत्रित करने वाले भौतिक नियमों तथा इस पर रहने वाले जीवों के मध्य संबंधों के अधिक संश्लेषित ज्ञान से उत्पन्न संकल्पना है।

Bihar Board 12th Geography Book Pdf Download प्रश्न 2.
मानव भूगोल के कुछ उपक्षेत्रों के नाम बताइए।
उत्तर:

  1. व्यवहारवादी भूगोल
  2. सामाजिक कल्याण का भूगोल
  3. अवकाश का भूगोल
  4. सांस्कृतिक भूगोल
  5. लिंग भूगोल
  6. ऐतिहासिक भूगोल एवं
  7. चिकित्सा भूगोल

मानव भूगोल प्रकृति एवं विषय क्षेत्र Notes Bihar Board प्रश्न 3.
मानव भूगोल किस प्रकार अन्य सामाजिक विज्ञानों से संबंधित है।
उत्तर:
मानव भूगोल का सामाजिक विज्ञान-सामाजिक विज्ञान, मनोविज्ञान, कल्याण अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, मानव विज्ञान, महिला अध्ययन, इतिहास, महामारी विज्ञान, नगरीय अध्ययन और नियोजन, राजनीति विज्ञान, सैन्य विज्ञान, जनांकिकी, नगर/ग्रामीण नियोजन, अर्थशास्त्र, संसाधन अर्थशास्त्र, कृषि विज्ञान, औद्योगिक अर्थशास्त्र व्यावसायिक अर्थशास्त्र, वाणिज्य, पर्यटन और यात्रा प्रबंधन तथा अंतर्राष्ट्रीय व्यापार आदि सामाजिक विज्ञानों से गहरा संबंध है।

(ग) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए:

मानवतावादी विचारों के क्या अभिलक्षण थे Bihar Board Class 12 प्रश्न 1.
मानव के प्राकृतीकरण की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
मानव इस सुंदर ब्रह्मांड का अंग बनकर अपने आपको बहुत सौभाग्यशाली समझता है। प्रौद्योगिकी किसी समाज के सांस्कृतिक विकास के स्तर की सूचक होती है। मानव प्रकृति के नियमों को अच्छे ढंग से समझने के बाद ही प्रौद्योगिकी का विकास कर पाया। उदाहरण के लिए, घर्षण और ऊष्मा की संकल्पनाओं ने अग्नि की खोज में हमारी सहायता की। इसी प्रकार डी. एन. ए. और आनुवांशिकी के रहस्यों की समझ ने हमें अनेक बीमारियों पर विजय पाने के योग्य बनाया। अधिक तीव्र गति से चलने वाले यान विकसित करने के लिए हम वायु गति के नियमों का प्रयोग करते हैं। प्रकृति का ज्ञान प्रौद्योगिकी को विकसित करने के लिए महत्त्वपूर्ण है और प्रौद्योगिकी मनुष्य पर पर्यावरण की बंदिशों को कम करती है। मनुष्य प्राकृतिक संसाधनों पर प्रत्यक्ष रूप से निर्भर है। ऐसे समाजों के लिए भौतिक पर्यावरण ‘माता-प्रकृति’ का रूप धारण करता है।

Manav Bhugol Prakriti Avn Vishay Kshetra Notes Bihar Board प्रश्न 2.
मानव भूगोल के विषय क्षेत्र पर एक टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
मानव भूगोल, मानव जीवन के सभी तत्वों तथा अंतराल, जिसके अंतर्गत वे घटित होते हैं के मध्य संबंध की व्याख्या करने का प्रयत्न करती है। इस प्रकार मानव भूगोल की प्रकृति अत्यधिक अंतर-विषयक है। पृथ्वी तल पर पाए जाने वाले मानवीय तत्वों को समझने व उनकी व्याख्या करने के लिए मानव भूगोल सामाजिक विज्ञानों के सहयोगी विषयों जैसे सामाजिक विज्ञान, मनोविज्ञान, कल्याण अर्थशास्त्र, समाज शास्त्र, मानव विज्ञान, इतिहास, महामारी विज्ञान, नगरीय अध्ययन और नियोजन, राजनीति विज्ञान, सैन्य विज्ञान, जनांकिकी, नगर/ग्रामीण नियोजन, अर्थशास्त्र, संसाधन अर्थशास्त्र, कृषि विज्ञान, औद्योगिकी अर्थशास्त्र, व्यावसायिक अर्थशास्त्र, वाणिज्य, पर्यटन और यात्रा प्रबंधन तथा अंतर्राष्ट्रीय व्यापार आदि के साथ घनिष्ठ अंतरापृष्ठ विकसित करती है।

Bihar Board Class 12 Geography मानव भूगोल – प्रकृति एवं विषय क्षेत्र  Additional Important Questions and Answers

अति लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

मानव भूगोल के 3 क्षेत्रों के नाम लिखिए Bihar Board Class 12 प्रश्न 1.
भूगोल की दो मुख्य शाखाओं के नाम बताइये।
उत्तर-:
भूगोल की दो मुख्य शाखाएँ हैं –

  1. क्रमबद्ध भूगोल और।
  2. प्रादेशिक भूगोल।

प्रश्न 2.
मानव भूगोल की परिभाषा बताइये।
उत्तर:
मानव भूगोल वह विज्ञान है जिसमें हम मनुष्य तथा वातावरण के पारस्परिक संबंधों का क्षेत्रीय आधार पर अध्ययन करते हैं।

प्रश्न 3.
एक अध्ययन विषय के रूप में मानव भूगोल का उद्भव कब हुआ?
उत्तर:
लगभग पंद्रहवीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध से लेकर अठारहवीं शताब्दी तक की अवधि को खोज का युग कहा जाता है। इस युग में मानचित्र निर्माण की विधियों का गुणात्मक विकास हुआ। इसी के साथ-साथ विश्व के विभिन्न भागों में खोज यात्राओं के द्वारा विस्तृत सूचनाएँ एकत्रित की गई।

प्रश्न 4.
एल्सवर्थ हंटिग्टन ने मानव भूगोल को किस प्रकार परिभाषित किया है?
उत्तर:
एल्सवर्थ हंटिग्टन के अनुसान, मानव और पर्यावरण के संबंध गतिशील हैं, न कि स्थिर। मानव और प्रकृति की भूमिकाएँ सक्रिय एवं निष्क्रिय दोनों ही होती हैं। मानव निरंतर ही क्रिया एवं प्रतिक्रिया में संलग्न रहता है। मानव के विकास की कहानी, स्थान एवं समय दोनों ही संदर्भो में मनुष्य के अपने भौगोलिक वातावरण के साथ अनुकूलन की प्रक्रिया है।

प्रश्न 5.
बर्नार्ड वेरेनियस ने अपनी पुस्तक ज्यॉग्राफिया जनरेलिस (सामान्य भूगोल) को किन दो भागों में विभाजित किया है? व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
बर्नार्ड, वेरेनियस ने अपनी पुस्तक ज्याँग्राफिया जनरेलिस को दो भागों में विभक्त किया है –

  1. सामान्य और
  2. विशिष्ट सामान्य भूगोल में संपूर्ण पृथ्वी को एक इकाई मानकर इसके लक्षणों का विवेचन किया गया है। इस पुस्तक के द्वितीय भाग विशिष्ट भूगोल में अलग-अलग प्रदेशों की बनावट का वर्णन किया गया है।

प्रश्न 6.
वेरेनियस ने अपने प्रादेशिक भूगोल नामक ग्रंथ की विषय-वस्तु को कौन-कौन से तीन उपभागों में प्रस्तुत किया है?
उत्तर:

  1. खगोलीय लक्षण
  2. स्थलीय लक्षण और
  3. मानवीय लक्षण

प्रश्न 7.
उन्नीसवीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध (1859) में चार्ल्स डारविन की कौन-सी पुस्तक प्रकाशित हुई, जिससे प्रेरणा लेकर ‘मानव भूगोल’ का विकास हुआ?
उत्तर:
जीवों का विकास।

प्रश्न 8.
कल्याणपूरक विचारधारा का जन्म किन कारणों से हुआ तथा इस विचारधारा को किन-किन विद्वानों ने प्रचारित किया?
उत्तर:
विश्व के विभिन्न प्रदेशों, देशों के भीतर तथा पूँजीवाद के प्रभाव से विभिन्न सामाजिक समूहों के भीतर बढ़ती असमानता के कारण मानव भूगोल में कल्याणपूरक विचारधारा का जन्म हुआ। निर्धनता, विकास में प्रादेशिक असमानता, नगरीय झुग्गी-झोंपड़ियों और अभावों जैसे विषय भौगोलिक अध्ययन के केन्द्र बन गये। डी. एम. स्मिथ और डेविड हार्वे जैसे कुछ प्रसिद्ध विद्वानों ने इस विचारधारा का प्रचार किया।

प्रश्न 9.
अमेरिकी भूगोलवेत्ताओं फिंच एवं ट्रिवार्था ने मानव भूगोल की विषय-वस्तु को किन दो भागों में बाँटा है?
उत्तर:

  1. भौतिक या प्राकृतिक पर्यावरण और
  2. सांस्कृतिक या मानव-निर्मित पर्यावरण।

प्रश्न 10.
विगत चार दशकों में मानव भूगोल में नई विचारधाराओं का तेजी से विकास हुआ है। इसका क्या प्रमुख कारण रहा है?
उत्तर:
पिछले चार दशकों में मानव भूगोल में नई विचारधाराओं के तेजी से विकास होने का मुख्य कारण, ‘मानव भूगोल में मानवीय परिघटनाओं के प्रतिरूपों के वर्णन के स्थान पर इन प्रतिरूपों के पीछे कार्यरत प्रक्रियाओं को समझना है। इस प्रक्रिया में मानव भूगोल अब अधिक मानवीय हो गया है।

प्रश्न 11.
ट्रॉन्डहाईम के शहर में सर्दियों का क्या अर्थ है?
उत्तर:
प्रचंड पवनें और भारी हिम। महीनों तक आकाश अदीप्त रहता है।

प्रश्न 12.
1970 के दशक में मानवतावादी, आमूलवादी और व्यवहारवादी विचारधाराओं का जन्म हुआ। इन विचारधाराओं के कारण मानव भूगोल कितना प्रासंगिक बना?
उत्तर:
मात्रात्मक क्रांति से उत्पन्न असंतुष्टि और अमानवीय रूप से भूगोल के अध्ययन के चलते मानव भूगोल में 1970 के दशक में तीन नई विचारधाराओं का जन्म हुआ। इन विचारधाराओं के अभ्युदय से मानव भूगोल सामाजिक-राजनीतिक यथार्थ के प्रति अधिक प्रासंगिक बना।

प्रश्न 13.
पॉल विडाल द्वारा व्यक्त की गई मानव भूगोल के संदर्भ में परिभाषा बताइए।
उत्तर:
हमारी पृथ्वी को नियंत्रित करने वाले भौतिक नियमों तथा इस पर रहने वाले जीवों के मध्य संबंधों के अधिक संश्लेषित ज्ञान से उत्पन्न संकल्पना है।
म ए गोल्डेन सीरिज पासपोर्ट टू (उच्च माध्यमिक) भूगोल, वर्ग-1295

प्रश्न 14.
जर्मन भूगोलवेत्ता राज्य/देश का वर्णन किस रूप में करते हैं?
उत्तर:
जीवित जीव के रूप में करते हैं।

प्रश्न 15.
सड़कों, रेलमार्गों और जलमार्गों के जाल का प्रायः किस रूप में वर्णन किया जाता है?
उत्तर:
परिसंचरण की धमनियों के रूप में वर्णन किया जाता है।

प्रश्न 16.
पर्यावरण की तीन विचारधाराओं के नाम लिखो।
उत्तर:
पर्यावरण निश्चयवाद, संभववाद और नव-निश्चयवाद।

प्रश्न 17.
किस भूगोलवेत्ता ने ‘मानव भूगोल के सिद्धांत’ नामक पुस्तक लिखी?
उत्तर:
एल्सर्वोथ हटिंगटन।

प्रश्न 18.
नव-निश्चयवाद के प्रमुख समर्थक कौन थे?
उत्तर:
ग्रिफिथ टेलर।

प्रश्न 19.
भूगोलवेत्ता ग्रिफिथ टेलर ने क्या नयी संकल्पना प्रस्तुत की थी?
उत्तर:
उन्होंने दो विचारों पर्यावरणीय निश्चयवाद और संभववाद को एक नया नाम ‘नव-निश्चयवाद अथवा रूको और जाओ’ दिया।

प्रश्न 20.
क्या आप उन तत्त्वों की सूची बना सकते हैं, जिनकी रचना मानव ने भौतिक पर्यावरण द्वारा प्रदत्त मंच पर अपने कार्य-कलापों के द्वारा की है?
उत्तर:
गृह, गाँव, नगर, सड़कों व रेलों का जाल, उद्योग, खेत, पत्तन, दैनिक उपयोग में अपने वाली वस्तुएँ तथा भौतिक संस्कृति के अन्य सभी तत्त्व भौतिक पर्यावरण द्वारा प्रदत् संसाधनों का उपयोग करते हुए मानव द्वारा निर्मित किए गए हैं।

लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
मानव भूगोल की विषय-वस्तु, सभी सामाजिक विज्ञानों का एकीकरण करती है। इस विषय पर संक्षिप्त में टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
मानव भूगोल की विषय-वस्तु, सभी सामाजिक विज्ञानों का एकीकरण करती है, क्योंकि यह उन विज्ञानों का क्षेत्रीय एवं क्रमबद्धता का दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है, जिनका उनमें अभाव होता है। इसके साथ ही मानव भूगोल अपनी विषय सामग्री के विश्लेषण के लिए अन्य सामाजिक विज्ञानों से संबंध स्थापित करता है। इस प्रक्रिया में मानव भूगोल अन्य सामाजिक विज्ञानों से सहायता प्राप्त करता है और उन्हें सहायता प्रदान भी करता है। उदाहरणतया, वह जनसंख्या के अध्ययन के लिए जनसांख्यिकी, आर्थिक भूगोल के लिए अर्थशास्त्र, कृषि भूगोल के लिए कृषि विज्ञान, नगरीय भूगोल के लिए नगरीय समाज विज्ञान, राजनीतिक भूगोल के लिए विज्ञान, सामाजिक भूगोल के लिए समाज शास्त्र तथा इतिहास पर निर्भर रहता है। बदले में मानव भूगोल इन विज्ञानों को क्षेत्रीय एवं क्रमबद्धता के दृष्टिकोण से अवगत कराता है।

प्रश्न 2.
प्रसिद्ध भूगोलवेत्ता जीन बूंश के मानव भूगोल की प्रकृति एवं क्षेत्र के विषय में क्या विचार थे? संक्षिप्त में उत्तर दीजिए।
उत्तर:
प्रसिद्ध भूगोलवेत्ता जीन बुंश के अनुसार ‘जिस प्रकार अर्थशास्त्र का संबंध कीमतों से, भू-गर्भशास्त्र का संबंध शैलों से, वनस्पति-विज्ञान का संबंध पौधों से, मानवाचार-विज्ञान का संबंध जातियों से तथा इतिहास का संबंध समय से है, उसी प्रकार भूगोल का केन्द्र बिंदु ‘स्थान’ है जिसमें ‘कहाँ’ और ‘क्यों’ जैसे महत्त्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर देने का प्रयास किया जाता है।

भूगोल की प्रमुख शाखा के रूप में मानव तथा पर्यावरण के पारस्परिक संबंधों का अध्ययन मानव भूगोल के अध्ययन का केन्द्र-बिंदु है, अर्थात् मानव भूगोल में पर्यावरण से संबंधित मानव समाज के अध्ययन पर विशेष बल दिया जाता है। वास्तव में, मानव भूगोल का कार्यक्षेत्र बहुत ही विस्तृत है। उसके अंतर्गत मानव प्रजातियों, विश्व के विभिन्न भागों में जनसंख्या का वितरण, घनत्व, विकास, वृद्धि, जनसांख्यिकीय के लक्षण, जन-स्थानान्तरण आदि के संबंध में ज्ञान प्राप्त किया जाता है। इसके साथ ही मानव समूहों की आर्थिक क्रियाओं का अध्ययन किया जाता है।

मानव भूगोल में ग्रामीण बस्तियों के प्रकार एवं प्रतिमान और नगरीय बस्तियों के स्थल, विकास और कार्य तथा नगरों के कार्यात्मक वर्गीकरण का भी अध्ययन किया जाता है। इसमें उद्योग-धंधे, परिवहन एवं संचार व्यवस्था तथा व्यापार आदि आर्थिक क्रियाओं का विकास तथा उसके क्षेत्रीय वितरण का भी अध्ययन किया जाता है।

प्रश्न 3.
मानव भूगोल के उपक्षेत्र सांस्कृतिक भूगोल के विषय में संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए।
उत्तर:
मानव भूगोल की इस शाखा में मानव के सांस्कृतिक पहलुओं का अध्ययन किया जाता है। मानव का आवास, भोजन, सुरक्षा, रहन-सहन, भाषा, धर्म, रीति-रिवाज तथा पहनावा आदि इसके सांस्कृतिक पहलू हैं। मानव के ये सांस्कृतिक पहलू समय और स्थान के साथ बदलते रहते हैं।

कुछ भूगोलवेत्ता इसे सामाजिक भूगोल भी कहते हैं जे. एम. हॉउस्टन के अनुसार सामाजिक भूगोल को जनसंख्या के अध्ययनों सहित ग्राम्य एवं नगरीय बस्तियों के अध्ययन के रूप में परिभाषित किया जाता है।’ सामाजिक भूगोल में मानव को एकांकी रूप में न लेते हुए मानव समूहों और पर्यावरण के संबंधों की व्याख्या की जाती है।

प्रश्न 4.
मानव भूगोल वास्तविक रूप में उदार शिक्षा का उद्देश्य पूरा करता है। इस विषय पर संक्षिप्त में प्रकाश डालिये।
उत्तर:
विश्व के विभिन्न भागों में मानवीय आवास को प्रभावित करने वाले तत्त्वों का मूल्यांकन करने में मानव भूगोल महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। समाजों, संस्कृतियों तथा मानव द्वारा निर्मित भू-पटलों में विरोधाभास का स्पष्टीकरण भी मानव भूगोल द्वारा ही किया जाता है। इससे आर्थिक, राजनैतिक तथा सामाजिक ढाँचे को समझने में सहायता मिलती है। मानव हमें आज के अशांत, तनावग्रस्त एवं प्रतिस्पर्धात्मक विश्व में सामाजिक वास्तविकता से अवगत कराता है और यथा संभव आधुनिक विश्व में मानवीय समस्याओं का हल ढूंढने में हमारी सहायता करता है। संक्षेप में, मानव भूगोल हमें उत्कृष्ट जानकारी उपलब्ध कराता है और अच्छे नागरिक बनने में हमारी सहायता करता है।

प्रश्न 5.
मानव भूगोल के उपक्षेत्र आर्थिक भूगोल के विषय में संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए।
उत्तर:
Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 1 मानव भूगोल - प्रकृति एवं विषय क्षेत्र img 1

चित्र: मानव भूगोल के अध्ययन क्षेत्र के पाँच मुख्य अंग।

  1. किसी प्रदेश की जनसंख्या तथा उसकी क्षमता।
  2. उस प्रदेश के प्राकृतिक वातावरण द्वारा प्रदान किए गये संसाधन।
  3. उस जनसंख्या द्वारा प्राकृतिक संसाधनों का प्रयोग करने से बना सांस्कृतिक प्रतिरूप।
  4. प्राकृतिक तथा सांस्कृतिक वातावरणों के पारस्परिक कार्यों के द्वारा मानव वातावरण समायोजन का रूप, जिसे हम क्षेत्र संगठन का रूप भी कहते हैं।
  5. उपरोक्त वातावरण समायोजन कालिक अनुक्रमण।

प्रश्न 6.
मानव भूगोल के उपक्षेत्र आर्थिक भूगोल के विषय में संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए।
उत्तर:
आर्थिक भूगोल, मानव भूगोल की महत्त्वपूर्ण शाखा है। इसमें मनुष्य की आर्थिक क्रियाओं के वितरण और प्राकृतिक परिस्थितियों के साथ उनके संबंधों का अध्ययन किया जाता है। डॉ. एन. जी. पाउण्डस के अनुसार ‘आर्थिक भूगोल भू-पृष्ठ पर मानव की उत्पादन क्रियाओं के वितरण का अध्ययन करता है। मनुष्य की आर्थिक क्रियाओं में उत्पादन, वितरण, उपभोग तथा विनिमय आदि क्रियाएँ सम्मिलित हैं।

प्रश्न 7.
द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात् एक अध्ययन विषय के रूप में भूगोल में आये नवीन परिवर्तन पर टिप्पणी कीजिए।
उत्तर:
द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात् शैक्षिक जगत समेत अनेक क्षेत्रों में तेजी से विकास हुआ। भूगोल विषय भी इस विकास से अछूता नहीं रहा। सामान्य रूप से भूगोल और विशेष रूप से मानव भूगोल ने मानव समाज की समकालीन समस्याओं और मुद्दों के समाधान प्रस्तुत किये। इस अवधि में मानव कल्याण से संबंधित नई समस्याएँ जैसे गरीबी, सामाजिक व प्रादेशिक असमानता, समाज कल्याण तथा सशक्तिकरण आदि को समझने में पारंपरिक विधियाँ असमर्थ थीं। फलस्वरूप समय-समय पर नई विधियाँ अपनाई गई। उदाहरण के लिये, पचास के दशक के मध्य में प्रत्यक्षवाद के रूप में नई विचारधारा का जन्म हुआ।

इसमें मात्रात्मक विधियों के उपयोग में बल दिया गया। तदन्तर प्रत्यक्षवाद के विरोध स्वरूप मनोविज्ञान से ली गई संकल्पना पर आधारित व्यवहारगत विचारधारा का उदय हुआ, जिसमें मानव की ज्ञान शक्ति पर विशेष बल दिया गया। विश्व के विभिन्न प्रदेशों तथा देशों के भीतर तथा पूँजीवाद के प्रभाव से विभिन्न समूहों के भीतर बढ़ती असमानता के कारण मानव भूगोल में कल्याणपरक विचारधारा का जन्म हुआ। निर्धनता, विकास में प्रादेशिक असमानता, नगरीय झुग्गी-झोंपड़ियों और अभावों जैसे विषय भौगोलिक अध्ययन का केन्द्र बन गये। इनके अतिरिक्त मानवतावाद नामक विचारधारा का भी भूगोल में जन्म हुआ। यह विचारधारा मानव पर केंद्रित है। जिसमें मानव-जागृति, मानव-साधन, मानव चेतना और मानव की सृजनात्मक एवं क्रियाशील भूमिका पर बल दिया गया। अतः द्वितीय विश्व युद्ध के बाद मानव भूगोल में अनेक नई विचारधाराओं का तेजी से विकास हुआ।

प्रश्न 8.
भूगोल की भांति मानव भूगोल में भी एक-दूसरे से निकट रूप से संबंधित कौन-कौन से तीन कार्यों को सम्पन्न किया जाता है?
उत्तर:
1. पृथ्वी तल पर मानव:
निर्मित तत्त्वों का स्थानिक तथा स्थिति-संबंधी विश्लेषण करना। इसका संबंध संख्याओं, विशेषताओं, क्रिया कलाप और वितरण से होता है। इन विशेषताओं को प्रभावशाली ढंग से मानचित्र द्वारा प्रदर्शित करते हैं। कारक जिनसे निश्चित क्षेत्रीय प्रतिरूप बनते हैं उनका वर्णन किया जाता है। अधिक महत्त्वपूर्ण तथा उच्च दक्षता या साम्यवाले वैकल्पिक क्षेत्रीय प्रतिरूपों को प्रस्तावित किया जाता है। यहाँ क्षेत्रों के बीच स्थानिक विभिन्नता को बल दिया जाता है। तत्त्वों के बीच के संबंधों को दो प्रकार से देखा जा सकता है, जैसे-मनुष्य का प्रादेशिक क्षेत्र पर प्रभाव और पर्यावरण का मनुष्य पर प्रभाव।

2. पारिस्थितिक विश्लेषण:
यहाँ पर एक भौगोलिक प्रदेश के भीतर मानव और पर्यावरण संबंधों के अध्ययन को प्रमुखता दी जाती है।

3. प्रादेशिक संश्लेषण:
में स्थानिक एवं पारिस्थितिक उपागमों को एक साथ मिला दिया जाता है। प्रदेशों की पहचान कर ली जाती है। यहाँ अध्ययन का उद्देश्य आन्तरिक आकारि की सहलग्नता और बाह्य पारिस्थितिक सहसंबंधों की जानकारी प्राप्त करना होता है।

प्रश्न 9.
जनसंख्या भूगोल और ऐतिहासिक भूगोल का मानव भूगोल के साथ कैसे घनिष्ठ संबंध है? संक्षिप्त में विवेचना कीजिए।
उत्तर:
जनसंख्या भूगोल में विश्व या इसके किसी भाग में कुल संख्या, जनसंख्या का वितरण, घनत्व जन्म एवं मृत्यु दर, जनसंख्या में वृद्धि दर, आयु, लिंग अनुपात, साक्षरता आदि का अध्ययन किया जाता है। ऐतिहासिक भूगोल किसी क्षेत्र में एक समय से दूसरे समय में होने वाले भौगोलिक परिवर्तनों के अध्ययन को ऐतिहासिक भूगोल कहते हैं। हार्टशॉर्न के अनुसार ‘ऐतिहासिक भूगोल भूतकाल का भूगोल है।

प्रश्न 10.
कृषि भूगोल और राजनैतिक भूगोल का मानव भूगोल के साथ क्या संबंध है।
उत्तर:
यह मानव भूगोल का ऐसा उपक्षेत्र है जिसमें कृषि संबंधी सभी तत्त्वों का अध्ययन किया जाता है। इसमें फसलों के उत्पादन एवं वितरण तथा पशु-पालन एवं पशु-उत्पाद सम्मिलित हैं। कृषि से मनुष्य की मूलभूत आवश्यकता भोजन की आपूर्ति होती है, इसलिए मानव भूगोल का यह उपक्षेत्र सबसे महत्त्वपूर्ण है। राजनैतिक भूगोल राज्यों की सीमाओं, स्थानीय प्रशासन, प्रादेशिक नियोजन आदि से संबंधित है। यह मानवीय समूहों की राजनैतिक स्थितियों, समस्याओं व क्रियाओं में भूगोल के महत्त्व को मूल्यांकित करता है। वॉन बल्केनवर्ग के अनुसार ‘राजनैतिक भूगोल राज्यों का भूगोल है, और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों की भौगोलिक व्याख्या प्रस्तुत करता है।

प्रश्न 11.
प्रकृति का मानवीकरण क्या है?
उत्तर:
समय के साथ मानव अपने पर्यावरण और प्राकृतिक बलों को समझने लगते हैं। अपने सामाजिक और सांस्कृतिक विकास के साथ मानव बेहतर और अधिक सक्षम प्रौद्योगिकी का विकास करता है। वह अभाव की अवस्था से स्वतंत्रता की अवस्था की ओर अग्रसर होता है। पर्यावरण से प्राप्त संसाधनों के द्वारा वे संभावनाओं को जन्म देता है। मानवीय क्रियाओं की छाप सर्वत्र है, उच्च भूमियों पर स्वास्थ्य विश्राम-स्थल, विशाल नगरीय प्रसार, खेत, फलोद्यान, मैदानों व तरंगित पहाड़ियों में चरागाहों, तटों पर पतन और महासागरीय तल पर समुद्री मार्ग तथा अंतरिक्ष में उपग्रह इत्यादि। प्रकृति अवसर प्रदान करती है और मानव उनका उपयोग करता है तथा धीरे-धीरे प्रकृति का मानवीकरण हो जाता है।

प्रश्न 12.
मानव भूगोल का क्या महत्त्व है?
उत्तर:
पृथ्वी पर मानवीय लक्षणों के अध्ययन को मानव भूगोल कहते हैं। गाँव, शहर, नहरें, सड़क, रेल, कृषि, उद्योग आदि सभी मनुष्य द्वारा बनाए गए हैं और मानवीय संस्कृति का नेतृत्व करते हैं। मानव जीवन पर प्रकृति का बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है।

प्रश्न 13.
नवनिश्चयवाद संकल्पना की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
नवनिश्चयवाद संकल्पना का तात्पर्य उन सीमाओं से है, जो पर्यावरण की हानि न करती हों, संभावनाओं को उत्पन्न किया जा सकता है तथा अंधाधुंध रफ्तार दुर्घटनाओं से मुक्त नहीं होती है। विकसित अर्थव्यवस्था के द्वारा चली गई मुक्त चाल के परिणमस्वरूप हरित-गृह प्रभाव, ओजोन परत अवक्षय, भूमंडलीय तापन, पीछे हटती हिमनदियाँ, निम्नीकृत भूमियाँ हैं। यह संकल्पना ढंग से एक संतुलन बनाने का प्रयास करती है जो संभावनाओं के बीच अपरिहार्य चयन द्वैतवाद को निष्फल करती है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
एक अलग अध्ययन क्षेत्र के रूप में विकसित होने के बाद से मानव भूगोल के विकास की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
मानव भूगोल, क्रमबद्ध भूगोल की ही एक शाखा है जिसमें मानव और प्रकृति के बीच सतत् परिवर्तनशील पारस्परिक क्रिया से उत्पन्न सांस्कृतिक लक्षणों की स्थिति एवं वितरण की विशेषताओं का अध्ययन किया जाता है। मानव भूगोल की विस्तृत जानकारी प्राप्त करने से पहले इसकी प्रकृति एवं अध्ययन क्षेत्र को समझना उपयोगी होगा। एक अध्ययन विषय के रूप में मानव भूगोल का उद्भव-लगभग पंद्रहवीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध से लेकर अठारहवीं शताब्दी तक की अवधि की खोज की गई सूचनाओं की भूगोलविदों ने वैज्ञानिक तरीकों से जाँच की तथा उन्हें वर्गीकृत और व्यवस्थित किया। ऐसे वैज्ञानिक विश्लेषण का एक अच्छा उदाहरण बर्नार्ड वेरेनियस की पुस्तक सामान्य भूगोल (ज्यॉग्राफिया जनरेलिस) है। वेरेनियस ने अपने प्रादेशिक भूगोल नामक ग्रंथ में इसकी विषय-वस्तु को तीन उपभागों में प्रस्तुत किया-खगोलीय लक्षण, स्थलीय लक्षण और मानवीय लक्षण।

उन्नीसवीं शताब्दी में वैज्ञानिक विधियों के तीव्र विकास की अवस्था में भूगोल के विषय क्षेत्र को सीमित करने का प्रयास किया गया। इस अवधि में उच्चावच के लक्षणों के अध्ययन पर विशेष बल दिया गया। संभवतः अधिक तीव्रता से बदलते सांस्कृतिक लक्षणों की तुलना में पृथ्वी के अपेक्षाकृत स्थिर लक्षणों का वर्णन करना सरल था। उच्चावच के लक्षणों का अनेक प्रकार से मापन तथा परीक्षण किया गया। इसी कार्य के फलस्वरूप भूगोल की एक विशिष्ट शाखा का विकास हुआ जिसे भू-आकृति विज्ञान कहा गया। भौतिक लक्षणों के अध्ययन को आवश्यकता से अधिक महत्त्व देने वाली इस विचारधारा के प्रतिक्रिया स्वरूप कुछ विद्वानों ने मानव तथा प्राकृतिक पर्यावरण के बीच के संबंधों की जाँच शुरू कर दी। इसके परिणामस्वरूप ‘मानव भूगोल’ शाखा का उद्भव हुआ।

उन्नीसवीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध (1859) में चार्ल्स डार्विन की पुस्तक ‘जीवों का विकास’ प्रकाशित हुई। इसी से प्रेरणा लेकर भौगोलिक अध्ययन की विशिष्ट शाखा के रूप में ‘मानव भूगोल’ का विकास हुआ। फ्रेडरिक रैटजेल की पुस्तक ‘एंथ्रोपोज्योग्राफी’ को भूगोल विषय में मानव को प्रतिष्ठित करने वाला प्रथम वास्तविक ग्रंथ कहा जाता है। रैटजेल को आधुनिक मानव भूगोल का जनक भी कहते हैं। उसके अनुसार, मानव भूगोल मानव समाजों तथा पृथ्वी-तल के बीच संबंधों का संश्लिष्ट अध्ययन है। फ्रांसीसी विद्वान वाइडल डी ला ब्लाश ने अपनी प्रतिष्ठित पुस्तक (मानव भूगोल के सिद्धांत) में बताया है कि ‘मानव भूगोल’ एवं मनुष्य के बीच पारस्परिक संबंधों का एक नया विचार देता है जिसमें पृथ्वी को नियंत्रित करने वाले भौतिक नियमों तथा पृथ्वी पर निवास करने वाले जीवों के पारस्परिक संबंधों का संयुक्त ज्ञान समाविष्ट होता है।

एल्सवर्थ हंटिग्टन ने मानव भूगोल को ‘भौगोलिक पर्यावरण तथा मानव-प्रक्रियाओं के पारस्परिक संबंधों के अध्ययन’ को परिभाषित करते हुए कहा कि मानव और पर्यावरण से संबंध गतिशील है, न कि स्थिर। जीन बूंश प्रसिद्ध फ्रांसिसी भूगोलविद् ने कहा कि मानवीय घटनाएँ कभी स्थिर नहीं रहतीं। अतः हमें इन सभी का विकास के रूप में अध्ययन करना चाहिए।

विभिन्न विद्वानों द्वारा समय:
समय पर मानव भूगोल को परिभाषित किया गया है। प्रारम्भिक विद्वानों जैसे अरस्तु, बकल, हम्बोल्ट और रिटर ने इतिहास पर भूमि के प्रभाव को प्रमुखता दी। बाद में रैटजेल तथा सेम्पल के मानव क्रिया-कलापों पर पड़ने वाले प्रभावों की जाँच पर अधिक बल दिया। ब्लाश ने पारिस्थितिकी एवं स्थलीय एकता को मानव भूगोल के दो सिद्धांतों के रूप में देखा। हंटिग्टन ने समाज, संस्कृति और इतिहास पर जलवायु के प्रभाव को प्रमुखता प्रदान की। इस प्रकार, उपरोक्त विवेचनों से यह कहा जा सकता है कि इन सभी कार्यों ने ‘मानव समाज तथा पर्यावरण के बीच संबंधों के अध्ययन को ही प्रमुखता दी।

प्रश्न 2.
मानव भूगोल की विषय-वस्तु के विषय में वर्णन कीजिए।
उत्तर:
मानव भूगोल की विषय-वस्तु-मानव भूगोल एक अति विस्तृत विषय है। इसका उद्भव कुछ देशों में सामाजिक विज्ञानों से हुआ है जो मनुष्य के दिक् एवं स्थान के संबंधों का अध्ययन करते हैं। अमेरिकी भूगोलवेत्ताओं फिंच एवं ट्रिवार्था ने मानव भूगोल की विषय-वस्तु को दो बड़े भागों में बाँटा-भौतिक या प्राकृतिक पर्यावरण और सांस्कृतिक या मानव-निर्मित पर्यावरण।

भौतिक या प्राकृतिक पर्यावरण के अंतर्गत भौतिक लक्षण जैसे जलवायु, धरातलीय उच्चावच एवं अपवाह प्रणाली तथा प्राकृतिक संसाधन जैसे मिट्टी, खनिज, जल एवं वन आते हैं। सांस्कृतिक पर्यावरण के अन्तर्गत पृथ्वी पर मानव निर्मित लक्षण जैसे-जनसंख्या और मानव बस्तियाँ एवं कृषि, विनिर्माण उद्योग, परिवहन आदि को सम्मिलित किया जाता है। एल्सवर्थ हंटिग्टन (1956) के अनुसार ‘मानव भूगोल भौतिक दशाओं तथा भौतिक पर्यावरण के साथ मानव की अनुक्रियाओं से संबंधित है।

ऊपर वर्णित आवश्यक तथ्यों के अतिरिक्त मानव भूगोल निम्नलिखित मानवीय-पर्यावरण के पक्षों के अध्ययन से भी संबंधित है उद्देश्य आंतरिक आकार की सहलग्नता और बाह्य पारिस्थितिक सह संबंधों की जानकारी प्राप्त करना होता है।

इस संबंध की गवेष्णा विभिन्न स्थानिक मापकों पर की जाती है, जो वृहत् स्तर जैसे, विश्व के मुख्य प्रदेश को लेकर मध्यम स्तर और सूक्ष्म स्तर जैसे-व्यक्ति या समूह और उनके निकटवर्ती भू-भाग तक हो सकती है। इसमें मानव को विश्लेषण का आधार बनाया जाता है: वे कहाँ हैं? वे वहीं पर क्यों हैं? क्या वे आपस में एक जैसे हैं? वे क्षेत्र में कैसे अंतक्रिया करते हैं और वे अपने प्राकृतिक परिवेश में किस प्रकार के सांस्कृतिक भू-दृश्य की रचना कर रहे हैं? ऐसे विभिन्न प्रश्नों के उत्तर एक भूगोलवेत्ता द्वारा अपनाये जाने वाले आधारभूत तरीकों से ही प्राप्त करना होता है: कौन कहाँ है, और कैसे एवं क्यों वह वहाँ है? यही नहीं, हम यह भी जानना चाहते हैं कि हमारे लिए, हमारी संतानों के लिए और भावी पीढ़ी के लिए इसका अर्थ क्या है?

मानव भूगोल के अध्ययन की विधियाँ:
मानव भूगोल की मुख्य विषय-वस्तु मानव और पर्यावरण के संबंध हैं। इनकी अनेक प्रकार से विवेचना की गई है। उत्तर डार्विन काल में इस संबंध के परीक्षण के लिए बहुत से नये तरीके अपनाए गए हैं। समय के साथ-साथ मानव भूगोल की विषय-वस्तु को पढ़ने के तरीके भी बदलते रहे हैं। ये परिवर्तन केवल मानव भूगोल में ही अकेले नहीं हुए हैं। बल्कि सम्पूर्ण भूगोल जगत में होने वाले परिवर्तनों के साथ ही घटित हुए हैं। इन प्रवृत्तियों की विवेचना नीचे की जा रही है।

प्रश्न 3.
अंतर बताइये:
(क) नियतिवाद और संभववाद
(ख) प्रत्यक्षवाद और मानवतावाद

उत्तर:
(क) नियतिवाद और संभववाद में अंतर
Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 1 मानव भूगोल - प्रकृति एवं विषय क्षेत्र img 2

(ख) प्रत्यक्षवाद और मानवतावाद में अंतर
Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 1 मानव भूगोल - प्रकृति एवं विषय क्षेत्र img 3

प्रश्न 4.
मानव भूगोल के अध्ययन की विधि के संदर्भ में नियतिवाद अथवा निश्चयवाद प्रवृति की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
निश्चयवाद विचारधारा के अनुसार मनुष्य के प्रत्येक क्रिया कलाप को पर्यावरण से नियंत्रित माना जाता है। इस प्रकार किसी सामाजिक समूह, समाज या राष्ट्र का इतिहास, संस्कृति जीवन-शैली और विकास की अवस्था मुख्य रूप से पर्यावरण के भौतिक कारकों के द्वारा नियंत्रित होती है। धरातलीय स्वरूप, जलवायु, वनस्पति और जीव-जन्तु पर्यावरण के भौतिक कारक हैं। नियतिवादी सामान्यतः मानव को एक निष्क्रिय कारक समझते हैं, जो पर्यावरणीय कारकों से प्रभावित होता है।

ये कारक मानव के आचरण, निर्णय-क्षमता तथा जीवन पद्धति को भी निश्चित करते हैं। हिपोक्रेटस, अरस्तु, हेरोडोटस, स्ट्रेबो आदि रोमन और यूनानी विद्वानों ने सर्वप्रथम मानव पर प्राकृतिक दशाओं के प्रभाव की विवेचना की थी। इन्होंने विभिन्न जाति समूहों के शारीरिक लक्षणों और उनकी संस्कृति पर भौतिक कारकों के प्रभाव का विशेष रूप से अध्ययन किया था। भौगोलिक साहित्य में नियतिवाद का संकल्पना, अल-मसूदी, अल-इदरिसी और इब्न-खल्दून, कांट, हम्बोल्ट, रिटर और रैटजेल जैसे विद्वानों के साहित्य से 20वीं शताब्दी के प्रारंभिक दशक तक आगे बढ़ती रही। इस विचारधारा का विस्तृत विकास, विशेषतः संयुक्त राज्य अमेरिका में, इ.सी. सेम्पुल तथा एल्सवर्थ हंटिग्टन के लेखों से हुआ, जो इसके बड़े समर्थक थे।

नियतिवादी-दर्शन की मूल रूप से दो आधारों पर आलोचना की गई –
1. यह स्पष्ट हो चुका है कि निश्चित दशाओं और परिस्थितियों में समान भौतिक पर्यावरण समान अनुक्रियायें उत्पन्न नहीं करता। भूमध्यसागरीय प्रदेश में स्थित यूनान और रोम में एक जैसी सभ्यताओं का विकास हुआ, वैसी सभ्यताएँ आस्ट्रेलिया, चिली, दक्षिणी अफ्रीका और कैलीफोर्निया के भूमध्य-सागरीय जलवायु वाले प्रदेशों में नहीं विकसित हुई।

2. यद्यपि पर्यावरण मानव को प्रभावित करता है, लेकिन मनुष्य भी पर्यावरण को प्रभावित करते हैं। इस प्रकार नियतिवाद का सिद्धांत कारण और प्रभाव संबंध के सिद्धांत इसकी विवेचना करने में बहुत सक्षम नहीं है।

इस प्रकार नियतिवाद से उत्पन्न यह विचार कि ‘मनुष्य प्रकृति का दास है’ अस्वीकृत कर दिया गया और दूसरे भूगोलवेत्ताओं ने इस बात पर बल देना आरंभ किया कि मनुष्य प्रकृति के तत्त्वों को चुनने के लिए स्वतंत्र होना चाहिए। जब प्रकृति की तुलना में मनुष्य को महत्त्वपूर्ण स्थान प्रदान किया जाए, और जब मानव को अकर्मक या निष्क्रिय से सक्रिय शक्ति के रूप में देखा जाए तो यह धारणा संभववाद कहलाती है।

प्रश्न 5.
मानव भूगोल के विषय में विस्तृत अध्ययन करने के पश्चात् आप किस निर्णय पर पहुँचे?
उत्तर:
मानव भूगोल के विषय में विस्तृत अध्ययन करने के पश्चात् हम इस निर्णय पर पहुँचते हैं कि मानव भूगोल के अध्ययन क्षेत्र की पाँच मुख्य शाखाएँ हैं –

  1. किसी प्रदेश की जनसंख्या तथा उसकी क्षमता।
  2. उस प्रदेश के प्राकृतिक प्रतिरूप।
  3. उस जनसंख्या द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के प्रयोग करने से बना सांस्कृतिक वातावरण।
  4. प्राकृतिक तथा सांस्कृतिक वातावरणों के पारस्परिक कार्यों के द्वारा मानव-वातावरण-समायोजन का रूप।
  5. उपरोक्त मानव वातावरण-समायोजन का कालिक अनुक्रमण।

मानव भूगोल के निम्नलिखित उपक्षेत्र है:

(क) आर्थिक भूगोल।
(ख) सांस्कृतिक भूगोल।
(ग) जनसंख्या भूगोल।
(घ) ऐतिहासिक भूगोल।
(ड़) राजनैतिक भूगोल।
(च) कृषि भूगोल ।

Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 1 मानव भूगोल - प्रकृति एवं विषय क्षेत्र img 4

चित्र: मानव भूगोल का अन्य समाज शास्त्रों से संबंध

मानवतावाद (Humanism) भी मानव भूगोल की एक और विचारधारा है, जिसमें मानव-जागृति, मानव-साधन, मानव-चेतना और मानव की सृजनात्मकता के संदर्भ में मनुष्य की केन्द्रीय एवं क्रियाशील भूमिका पर बल दिया जाता है। दूसरे शब्दों में यह विचारधारा स्वयं मनुष्य पर केन्द्रित है।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
मानव भूगोल में क्षेत्रीय विभेदन की शुरूआत का दशक कौन-सा था?
(A) 1950
(B) 1930
(C) 2000
(D) 1850
उत्तर:
(B) 1930

प्रश्न 2.
मानवतावाद किसकी एक और विचारधारा है
(A) समाज शास्त्र
(B) सामाजिक विज्ञान
(C) मानव भूगोल
(D) अर्थशास्त्र
उत्तर:
(C) मानव भूगोल

प्रश्न 3.
व्यवहारिक भूगोल, राजनीतिक भूगोल, आर्थिक भूगोल अथवा सामाजिक भूगोल कौन से भूगोल के उपक्षेत्र कहलाते हैं
(A) सामान्य भूगोल
(B) विशिष्ट भूगोल
(C) मानव भूगोल
(D) जीव विज्ञान
उत्तर:
(C) मानव भूगोल

प्रश्न 4.
मानवतावादी, आमूलवादी और व्यवहारवादी विचारधाराओं का उदय कब हुआ?
(A) 1970 के दशक में
(B) 1980 के दशक में
(C) 1990 के दशक में
(D) 1930 के दशक में
उत्तर:
(A) 1970 के दशक में

प्रश्न 5.
भूगोल में उत्तर-आधुनिकवाद विचार का दौर कब आया?
(A) 1990
(B) 1970
(C) 1960
(D) 1950
उत्तर:
(A) 1990

प्रश्न 6.
मानव भूगोल का उपक्षेत्र चिकित्सा भूगोल किस विषय से संबंधित है?
(A) मानव विज्ञान
(B) महामारी विज्ञान
(C) मनोविज्ञान
(D) कल्याण अर्थशास्त्र
उत्तर:
(B) महामारी विज्ञान

प्रश्न 7.
सैम्य भूगोल का उपक्षेत्र किस विज्ञान से संबंधित है?
(A) सैन्य विज्ञान
(B) राजनीतिक विज्ञान
(C) जनांकिकी विज्ञान
(D) सामाजिक विज्ञान
उत्तर:
(A) सैन्य विज्ञान

प्रश्न 8.
मानव भूगोल के क्षेत्र आर्थिक भूगोल का निम्न से एक उपक्षेत्र कौन-सा है?
(A) व्यवहारवादी भूगोल
(B) निर्वाचन भूगोल
(C) संसाधन भूगोल
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) संसाधन भूगोल

प्रश्न 9.
मानव भूगोल अस्थिर पृथ्वी और क्रियाशील मानव के बीच परिवर्तनशील संबंधों का अध्ययन है।’ ये मत किसने व्यक्त किया था?
(A) रैट जेल
(B) एलन सी. सेंपल
(C) पॉल विडाल
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(B) एलन सी. सेंपल

प्रश्न 10.
उपनिवेश युग का उपागम क्या था?
(A) प्रादेशिक विश्लेषण
(B) अन्वेषण और विवरण
(C) स्थानिक संगठन
(D) भूगोल में उत्तर आधुनिकवाद
उत्तर:
(B) अन्वेषण और विवरण

Bihar Board 12th English 100 Marks Objective Answers Poem 9 Snake

Bihar Board 12th English Objective Questions and Answers 

Bihar Board 12th English 100 Marks Objective Answers Poem 9 Snake

Snake Questions And Answers Bihar Board 12th English  Question 1.
‘SNAKE’ is written by-
(A) W.H. Auden
(B) T.S. Eliot
(C) D.H. Lawrence
(D) John Donne
Answer:
(C) D.H. Lawrence

Snake Question Answer Bihar Board 12th English Question 2.
David H. Lawrence was born in-
(A) 1868
(B) 1858
(C) 1885
(D) 1895
Answer:
(C) 1885

Snake Poem Questions And Answers Bihar Board 12th English Question 3.
David H. Lawrence died in-
(A) 1920
(B) 1910
(C) 1940
(D) 1930
Answer:
(D) 1930

Snake By Dh Lawrence Bihar Board 12th English Question 4.
The speaker confesses that he-
(A) Hated the snake
(B) Liked the snake
(C) Feared the snake
(D) Killed the snake
Answer:
(B) Liked the snake

Snake Poem By Dh Lawrence Question And Answers Bihar Board 12th English Question 5.
The snake looked at the speaker-
(A) Roughly
(B) Vaguely
(C) Calmly
(D) Fiercely
Answer:
(B) Vaguely

Snake Dh Lawrence Questions Bihar Board 12th English Question 6.
In Sicily, black snakes are considered-
(A) Venomous
(B) Innocent
(C) Playful
(D) Gloomy
Answer:
(B) Innocent

Snake Poem Pdf Bihar Board 12th English Question 7.
The colour of the snake in the poem is-
(A) Yellow-black
(B) Golden
(C) Black
(D) Blue
Answer:
(C) Black

The Snake Looked At The Poet Bihar Board 12th English Question 8.
The speaker met the snake near the-
(A) Lake
(B) River
(C) Water-trough
(D) House
Answer:
(C) Water-trough

The Poem Snake Bihar Board 12th English Question 9.
The phrase ‘a king of exile’ in the poem ‘Snake’ stands for—
(A) the rat
(B) the elephant
(C) the snake
(D) the lion
Answer:
(C) the snake

Poem Snake Bihar Board 12th English Question 10.
After hitting the snake with a log the speaker of the Poem ‘Snake’ wants to —
(A) enjoy
(B) expiate
(C) celebrate
(D) None of these
Answer:
(B) expiate

Question 11.
The snake came to the poet’s water-through on a dav.
(A) hot
(B) cold
(C) rainy
(D) None of these
Answer:
(A) hot

Question 12.
In …………….. according to the poem ‘Snake’ black snakes are considered innocent.
(A) England
(B) Sicily
(C) France
(D) Italy
Answer:
(B) Sicily

Question 13.
The speaker in the poem ‘Snake’ hits the snake with—
(A) a nunter
(B) a log
(C) a rod
(D) None of these
Answer:
(B) a log

Question 14.
The speaker of the poem ‘Snake’ compares the snake with the sea – albatross of –
(A) The Ancient Mariner
(B) ‘Eve of St. Agnes’
(C) ‘The Scholar Gipsy
(D) ‘Lycidas’
Answer:
(A) The Ancient Mariner

Question 15.
Who w as composed the poem ‘Snake’?
(A) D.H. Lawrence
(B) T.S. Eliot
(C) W.B. Yeats
(D) W.H. Auden

Question 16.
D.H. Lawrence was—
(A) a fiction writer
(B) a poet
(C) a short story-writer
(D) All of these

Question 17.
In the poem ‘Snake’ Lawrence denounces the artificialities of ………….. life.
(A) ancient
(B) medieval
(C) modern
(D) None of these
Answer:
(C) modern

Question 18.
Who is the speaker in the poem, ‘Snake’?
(A) Donne
(B) Whitman
(C) Keats
(D) D.H. Lawrence
Answer:
(D) D.H. Lawrence

Question 19.
D.H. Lawrence has written the poem –
(A) My Grand Mother’s House
(B) Snake
(C) An Epitaph
(D) The Soldier
Answer:
(B) Snake

Question 20.
A snake appears on a trough of the ……………. to sip water.
(A) doctor
(B) teacher
(C) poet
(D) None of these
Answer:
(C) poet

Question 21.
A ……………. came to D.H. Lawrence’s water trough.
(A) snake
(B) cow
(C) goat
(D) cat
Answer:
(A) snake

Question 22.
The poet had gone to the water trough to drink
(A) tea
(B) coffee
(C) water
(D) milk
Answer:
(C) water

Question 23.
The poet compares the snake to a ………… bird, albatross.
(A) river
(B) sea
(C) pond
(D) well
Answer:
(B) sea

Question 24.
The snake seemed like a in ……………. exile.
(A) saint
(B) fakir
(C) queen
(D) king
Answer:
(D) king

Question 25.
A ……………. is mentioned in the poem ‘Snake’.
(A) mango tree
(B) peepal tree
(C) carbotree
(D) None of these
Answer:
(C) carbotree

Question 26.
The poet was wearing …………….
(A) pant
(B) pyjama
(C) underwear
(D) None of these
Answer:
(B) pyjama

Question 27.
The snake met the poet near his water
(A) bucket
(B) well
(C) trough
(D) pond
Answer:
(C) trough

Question 28.
The speaker had a desire to talk to
(A) cat
(B) rat
(C) scorpion
(D) snake
Answer:
(D) snake

Question 29.
The snake tooked at the poet
(A) happily
(B) confusingly
(C) sadly
(D) vaguely
Answer:
(D) vaguely

Question 30.
‘The voice of my education said to me He must be killed; these line are taken from—
(A) The Soldier
(B) Fire-Hymn
(C) Snake
(D) An Epitaph
Answer:
(C) Snake

Question 31.
‘He lifted his head from his drinking, as cattle do’ is written by—
(A) T.S. Eliot
(B) D.H. Lawrence
(C) Rupert Brooke
(D) John Keats
Answer:
(B) D.H. Lawrence

Question 32.
The colour of the snake is-
(A) Yellow
(B) Green
(C) Black
(D) Blue
Answer:
(C) Black

Question 33.
The speaker confesses that he-
(A) Hit the snake
(B) Liked the snake
(C) Feared the snake
(D) Disliked the snake
Answer:
(B) Liked the snake

Question 34.
‘SNAKE’is written by-
(A) W.H. Auden
(B) T.S. Eliot
(C) D.H. Lawrence
(D) John Donne
Answer:
(C) D.H. Lawrence

Question 35.
In Sicily, black snakes are considered-
(A) Venomous
(B) Innocent
(C) Playful
(D) food
Answer:
(A) Venomous

Question 36.
David H. Lawrence was born in-
(A) 1888
(B) 1858
(C) 1885
(D) 1855
Answer:
(C) 1885

Question 37.
David H. Lawrence died in-
(A) 1925
(B) 1915
(C) 1945
(D) 1930
Answer:
(D) 1930

Question 38.
The snake looked at the speaker-
(A) Sharply
(B) Vaguely
(C) Calmly
(D) Fiercely
Answer:
(B) Vaguely

Bihar Board Class 7 Sanskrit Solutions Chapter 2 कूर्मशशककथा

Bihar Board Class 7 Sanskrit Solutions Amrita Bhag 2 Chapter 2 कूर्मशशककथा Text Book Questions and Answers, Summary.

BSEB Bihar Board Class 7 Sanskrit Solutions Chapter 2 कूर्मशशककथा

Bihar Board Class 7 Sanskrit कूर्मशशककथा Text Book Questions and Answers

अभ्यासः

मौखिकः

Bihar Board Class 7 Sanskrit Solution प्रश्न (1)
निम्नलिखितानां पदानाम् अर्थं वदत –
(अरण्ये, कूर्मः, शशकः, परस्परम्, मन्थरगतिः, दीर्घकालम्, शनै:-शनैः, निरन्तरम्, एकदा )
उत्तराणि-

  1. अरण्ये – वन में
  2. कूर्मः – कछुआ
  3. शशक: – खरगोश
  4. परस्परम् – आपस में
  5. मन्थरगतिः – धीमी गति वाला
  6. दीर्घकालम् – बहुत समय तक
  7. शनैः शनैः – धीरे-धीरे
  8. निरन्तरम् – लगातार
  9. एकदा – एकबार

Bihar Board Class 7 Sanskrit Solutions Chapter 2 कूर्मशशककथा

Bihar Board Class 7 Sanskrit Book Solution प्रश्न (2)
इमानि पदानि पठत –

  1. अभवत् – अभवताम् – अभवन्
  2. अपठत् – अपठताम् – अपठन्
  3. गच्छेताम् – गच्छेयुः – गच्छेयुः
  4. वदेत् – वदेताम् – वदयुः –

नोट :-छात्र स्वयं पढ़ें ।

लिखितः

Bihar Board Class 7 Sanskrit प्रश्न (3)
निम्नलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तम एकवाक्येन लिखत –

  1. कस्मिन् अरण्ये एकः कूर्मः निवसति स्म ?
  2. शशक: कस्य मित्रम् आसीत् ?
  3. परस्परम् आलापेन तयोः मित्रता कीदृशी जाता ?
  4. कः विजयी अभवत् ?
  5. कः शनैः शनैः चलति ?
  6. तीव्रया गत्या क: चलति ?
  7. कुर्मः कीदृशः आसीत् ?

उत्तराणि-

  1. चम्पारण्ये एकः कूर्म: निवसति स्म ?
  2. शशक; कूर्मस्य मित्रम् आसीत् ?
  3. परस्परम् आलापेन तयोः मित्रता दृढ़ा जाता ?
  4. कूर्मः विजयी अभवत् ?
  5. कूर्मः शनैः शनैः चलति ?
  6. तीव्रया गत्या शशकः चलति ?
  7. कूर्मः नियमपालकः सदापरिश्रमी च आसीत् ?

Bihar Board Class 7 Sanskrit Solutions Chapter 2 कूर्मशशककथा

Bihar Board Solution Class 7 Sanskrit प्रश्न (4)
मञ्जूषायाः उचितपदानि चित्वा वाक्यानि पूरयत

(दृढा, कूर्मः, कार्य, परिश्रमी, लज्जितः)

  1. चम्पारणे सरोवरे कः ……………. निवसति स्म ।
  2. परस्परम् आलापेन तयोः मित्रता …………. जाता ।
  3. कूर्म; नियमस्य पालक: सदा ………च आसीत् ।
  4. शशक: …………. जातः । ।
  5. निरन्तरं श्रमेण असम्भवम् अपि ………… सम्भवति ।

उत्तराणि-

  1. कूर्मः
  2. दृढ़ा
  3. परिश्रमी
  4. लज्जितः
  5. कार्य ।

Bihar Board Class 7 Sanskrit Solutions Chapter 2 कूर्मशशककथा

Class 7 Sanskrit Bihar Board प्रश्न (5)
सुमेलनं कुरुत –

Bihar Board Class 7 Sanskrit Solution

उत्तराणि-

  1. – (iv)
  2. – (v)
  3. – (i)
  4. – (ii)
  5. – (vi)
  6. – (iii)

Class 7 Sanskrit Chapter 2 Bihar Board प्रश्न (6)
निम्नलिखितानां पदानां बहुवचनं लिखत –
उत्तराणि –

  1. गच्छति – गच्छन्ति
  2. करोति – कुर्वन्ति
  3. पठति – पठन्ति
  4. पश्यामि – पश्यामः
  5. गमिष्यामि – गमिस्यांव:
  6. चलसि – चलथ
  7. सम्भवति – सम्भवन्ति

Bihar Board Class 7 Sanskrit Solutions Chapter 2 कूर्मशशककथा

Sanskrit Class 7 Chapter 2 Bihar Board प्रश्न (7)
क्त / क्त्वा प्रत्ययप्रयोगेण रिक्तस्थानानि पूरयत –
उत्तराणि –
Bihar Board Class 7 Sanskrit Book Solution

Shashakah In Sanskrit Bihar Board प्रश्न (8)
संस्कृत अनुवादं कुरुत –

  1. मैं साइकिल से (द्विचक्रिकया) घर जाता हूँ।
  2. हम दोनों धीरे-धीरे (शनैः-शनैः) उद्यान में टहलते हैं । (अट् = टहलना)
  3. हमलोग संस्कृत लिखते हैं ।
  4. खरगोश तेज दौड़ता है ।
  5. कछुआ धीरे-धीरे चलता है।
  6. भारत में छह ऋतुएँ होती हैं।
  7. वसन्त ऋतुओं का राजा है ।

उत्तराणि-

  1. अहं द्विचक्रिकया गृहं गच्छामि ।
  2. वयं शनैः शनैः उद्याने अटावः ।
  3. वयं संस्कृतं लिखामः ।
  4. शशक : तीव्र धावति ।
  5. कुर्मः शनैः शनैः गच्छति ।
  6. भारते षड् ऋतवः भवन्ति ।
  7. ऋतूणाम् राजा वसन्तः अस्ति ।

Bihar Board Class 7 Sanskrit Solutions Chapter 2 कूर्मशशककथा

Class 7 Sanskrit Chapter 2 Question Answer Bihar Board प्रश्न (9)
अधोलिखितानां पदानां प्रयोगेण वाक्यानि रचयत –

(एकत्र, उपान्ते, तत्र, विरम्य, प्रापयामि)

  1. उत्तराणि-एकत्र-वयं एकत्र तिष्ठामः ।।
  2. उपान्ते-वनस्य उपान्तं नदी बहति ।
  3. तत्र-तत्र बालकः खेलति ।।
  4. विरम्य-मार्गे विरम्य सः

Ch 2 Sanskrit Class 7 Bihar Board प्रश्न (10)
पदानि योजयित्वा लिखत –

उत्तराणि –

  1. अहम् + एव = अहमेव
  2. असम्भवम् + अपि = असम्भवमपि
  3. पूर्वम् + एव = पूर्वमेव
  4. सत्यम् + उक्तम् = सत्यमुक्तम्
  5. अहम् + अस्मि = अहमस्मि

Sanskrit Chapter 2 Class 7 Bihar Board प्रश्न (11)
अधोलिखितवाक्येषु ‘सत्यम्’ ‘असत्यम्’ वा लिखत
उत्तराणि –

  1. सरोवरे शशकः निवसति 1 (असत्यम्)
  2. परस्परम् आलापेन तयोः मित्रता जाता । (सत्यम्)
  3. कूर्मः मार्गे विरम्य चलितः । (असत्यम्)
  4. शशक: तीव्रया गत्या अचलत् । (सत्यम्)
  5. शशकः निरन्तरं श्रमेण विजयी अभवत्। (असत्यम्)

Bihar Board Class 7 Sanskrit कूर्मशशककथा Summary

[इस पाठ में एक कछुए और एक खरहे की कथा है । दोनों मित्र थे तथा एक वन में सरोवर के निकट रहते थे । उनमें एक अन्य सरोवर के पास पहँचने की प्रतिस्पर्धा हई। खरहा तो अपनी तेज गति के अहंकार में कछ दर चलकर आराम करने लगा किंतु कछुआ धीमी गति से निरन्तर चलता रहा । उसने प्रतिस्पर्धा जीत ली । इस पाठ से शिक्षा मिलती है कि नियमित रूप से परिश्रम किया जाय तो मंद बुद्धि वाला भी जीवन में बहुत आगे निकल सकता है।

Bihar Board Class 7 Sanskrit Solutions Chapter 2 कूर्मशशककथा

चम्पारण्ये सरोवरे …………….अहमेव तत्र प्रथम प्राप्स्यामि ।

शब्दार्थ – अरण्ये – जंगल में । सरोवरे – तालाब में । कूर्मः = कछुआ। निवसति स्म – रहता था /रहती थी । शशकः – खरगोश, खरहा । अभवत् = हुआ । तौ = वे दोनों । स्थित्वा + रह कर । कथयतः – (दोनों ने) कहा। परस्परम् = आपस में । आलापेन = बातचीत के द्वारा । जाता – हुई । एकदा एक बार । कृतवन्तौ – किया (द्वि०व०) । यत् = कि । उपान्ते = (दूसरे) छोर / किनारे पर । गन्तव्यम् – जाना चाहिए । आवयोः = हमदोनों के । कः = कौन । तत्र – वहाँ । गच्छेत् – पहुँचे, जाए । अकथयत् – कहा । अहमेव (अहम् एव) – मैं ही। अहसत = हँसा । त – तो । शनैः-शनैः – धीरे-धीरे । कथम् – कैसे । गमिष्यसि – जाओगे। प्राप्स्यामि = प्राप्त करूंगा, पहुँचूँगा ।

सरलार्थ-चम्पारण्य में तालाब में एक कछुआ रहता था । उसकी मित्रता खरगोश से हो गई । वे दोनों सदा एक साथ रहकर अनेक प्रकार की कथाएँ कहते थे । आपस में बातचीत के द्वारा दोनों में गाढ़ी मित्रता हो गई । एक-बार उन दोनों ने विचार किया कि वन के दूसरे किनारे जाना चाहिए । हम दोनों में कौन पहले पहुँचता है ? कछुआ बोला- मैं ही वहाँ पहले जाऊँगा। खरगोश हँस दिया- तुम तो धीरे-धीरे चलते हो । कैसे पहले वहाँ जाओगे ? मैं ही पहले वहाँ पहुँचूँगा ।

कूर्मः नियमस्य पालकः सदा …………… निरन्तरं कार्येण विजयी अभवत् ।

शब्दार्थ – पालकः – पालन करने वाला । निरन्तरम् – लगातार । चलितः = चल पड़ा । अवस्थितः = रुका हुआ/पहुँचा हुआ । श्रमेण – परिश्रम से सम्भवति – संभव होता है । मन्थरगतिः = धीमी चाल वाला। क्व = कहाँ । कार्येण = काम से। सरलार्थ-कछुआ नियम का पालन करने वाला और परिश्रमी था । वह धीरे-धीरे किन्तु लगातार चल पड़ा । खरगोश देर तक रास्ते में विश्रामकर पुनः ‘ तीव्र गति से चला । जब वह जंगल के किनारे पहुँचा तो उसने देखा की कछुआ पहले ही पहुंचा हुआ है। खरगोश लज्जित हो गया । सत्य ही कहा गया हैनिरन्तर परिश्रम से असंभव कार्य भी संभव हो जाता है । कहाँ कछुआ की धीमी चाल और कहाँ खरगोश की तीव्र गति । किन्तु लगातार कार्य से कछुआ विजयी हुआ।

व्याकरणम्

सन्धि-विच्छेदः

  • चम्पारणये = चम्पा + अरण्ये (दीर्घ सन्धि)
  • उपान्ते – उप + अन्ते (दीर्घ सन्धि)
  • चासीत् – च + आसीत् (दीर्घ सन्धि)

Bihar Board Class 7 Sanskrit Solutions Chapter 2 कूर्मशशककथा

प्रकृति-प्रत्यय-विभागः

Class 7th Sanskrit Chapter 2 Bihar Board

Bihar Board Class 8 Science Solutions Chapter 16 धातु एवं अधातु

Bihar Board Class 8 Science Solutions Chapter 16 धातु एवं अधातु Text Book Questions and Answers.

BSEB Bihar Board Class 8 Science Solutions Chapter 16 धातु एवं अधातु

Bihar Board Class 8 Science धातु एवं अधातु Text Book Questions and Answers

अभ्यास

1. सही विकल्प पर (✓) सही का निशान लगाइए-

(i) निम्नलिखित में से किसको पिघलाकर नया रूप दिया जा सकता
(क) लोहा
(ख) फॉस्फोरस
(ग) सल्फर
(घ) हाइड्रोजन
उत्तर-
(क) लोहा

(ii) निम्नलिखित में से किसको पीटकर चादरों में परिवर्तित किया जा सकता है ?
(क) जिंक
(ख) फॉस्फोरस
(ग) ऑक्सीजन
(घ) सल्फर
उत्तर-
(क) जिंक

(iii) निम्नलिखित में किसको पतले तार में परिवर्तित कर सकते हैं ?
(क) सल्फर
(ख) सोना
(ग) फॉस्फोरस
(घ) कार्बन
उत्तर-
(ख) सोना

(iv) निम्नलिखित में कौन-सी धातु मानव रक्त में पायी जाती है-
(क) लोहा
(ख) सोना
(ग) ताँबा
(घ) चाँदी
उत्तर-
(क) लोहा

(v) निम्नलिखित में से किसको पिघलाकर नया रूप दिया जा सकता
(क) लोहा
(ख) फॉस्फोरस
(ग) सल्फर
(घ) हाइड्रोजन
उत्तर-
(क) लोहा

Dhatu Adhatu Class 8 Bihar Board प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति करें-

  1. सबसे पुराना धातु ……….. है।।
  2. ………. की पतली पर्णिकाओं का उपयोग चॉकलेट के लपेटने में । होता है।
  3. सभी ………. तन्य होती है।
  4. ……….. एक द्रव धातु है।
  5. ……….. एक अधातु है परन्तु विद्युत का सुचालक है।

उत्तर-

  1. ताँबा
  2. चाँदी एल्युमिनियम
  3. धातु
  4. पारा
  5. ग्रेफाइट।

धातु और अधातु कक्षा 8 Bihar Board प्रश्न 3.
यदि कथन सही है तो ‘T’ और यदि गलत है तो कोष्ठक में ‘F’ लिखिए।
उत्तर-

  1. सामान्यतया अधातु अम्लों से अभिक्रिया करते हैं। – (F)
  2. सोडियम बहुत अभिक्रियाशील धातु है। – (T)
  3. कॉपर, जिंक सल्फेट के विलयन से जिंक विस्थामित करता है । – (F)
  4. लकड़ी ऊष्मा का सुचालक है। – (F)
  5. कोयले को खींचकर तार प्राप्त किया जा सकता है। – (F)

धातु और अधातु कक्षा 8 Question Answer Bihar Board प्रश्न 4.
नीचे दी गई तालिका में गुणों की सूची दी गई है। इन गुणों के आधार पर धातुओं और अधातुओं में अन्तर कीजिए।
उत्तर-
Bihar Board Class 8 Science Book Solution

5. निम्नलिखित के लिए कारण दीजिए

धातु एवं अधातु के प्रश्न उत्तर Bihar Board प्रश्न (क)
कॉपर, जिंक के उसके लवण के विलयन से विस्थापित नहीं कर सकता।
उत्तर-
कॉपर, जिंक को उसके लवण यानि जिंक सल्फेट के विलयन से विस्थापित नहीं कर सकता क्योंकि जिंक, कॉपर से अधिक अभिक्रियाशील है। एक अधिक अभिक्रियाशील धातु, कम अभिक्रियाशील धातु को विस्थापित कर सकता है। परन्तु कम अभिक्रियाशील धातु, अधिक अभिक्रियाशील धातु को प्रतिस्थापित नहीं कर सकता है।

Bihar Board Class 8 Science Solution प्रश्न (ख)
फॉस्फोरस को पानी में रखते हैं, जबकि सोडियम और पोटैशियम को मिट्टी के तेल में रखा जाता है।
उत्तर-
फॉस्फोरस को पानी में रखते हैं जिससे यह हवा से अभिक्रिया नहीं कर पाए क्योंकि यह हवा से अभिक्रिया करता है और आग पकड़ लेता है। जबकि सोडियम और पोटैशियम जल के साथ आसानी से अभिक्रिया करते 6। यही कारण है कि इसे मिट्टी के तेल में रखा जाता है। यह मिटटी के तेल से अभिक्रिया नहीं कर पाते हैं।

Bihar Board Class 8 Science Solution In Hindi प्रश्न (ग)
नींबू के आचार को एल्युमिनियम पात्रों में नहीं रखते हैं।
उत्तर-
नींबू के आचार में अम्ल होता है उसको धातु के बने पात्र यानि एल्युमिनियम पात्र में नहीं रखा जाता है क्योंकि ये धातु उन अम्लों से अभिक्रिया कर हानिकारक पदार्थ लवण और हाइड्रोजन गैस बनाते हैं। इस प्रकार खाद्य पदार्थ खाने लायक नहीं रह जाते हैं।

Class 8 Science Bihar Board प्रश्न 6.
नीचे दिए गए कॉलमों का मिलान कीजिए-

Class 8 Bihar Board Science Solution

उत्तर-

Bihar Board 10th Class Science Solution

7. क्या होता है जब ………….

Science बुक बिहार क्लास 8 Solution Bihar Board प्रश्न (क)
मैग्नेशियम रिबन के दहन के फलस्वरूप प्राप्त राख को जल में घोला जाता है और इसमें लाल लिटमस पत्र काला हो जाता है।
उत्तर-
मैग्नीशियम रिबन के दहन के फलस्वरूप प्राप्त राख को जल में घोला जाता है और इसमें लाल लिटमस पत्र काला-नीला हो जाता है जो कि क्षारीय होने का सूचक है। यानि उसके राख को पानी में मिलाने के बाद घोल क्षारीय गुण के हो जाते हैं। क्षार का गुण है कि लाल लिटमस पत्र को काला या नीला कर देता है।

  • मैग्नेशियम + ऑक्सीजन – मैग्नेशियम ऑक्साइड (उजला पाउडर)
  • मैग्नीशियम ऑक्साइड + जल – मैग्नेशियम हाइड्रोक्साइड (विलयन)

Bihar Board Class 8 Science प्रश्न (ख)
बंद शीशी में जलते चारकोल को डालकर पानी डाला जाए और नीला लिटमस पत्र डाला जाता है । (शब्द समीकरण लिखिए)।
उत्तर-

  • चारकोल + ऑक्सीजन ⇒ कार्बन डाइऑक्साइड (हवा से)
  • कार्बन डाइऑक्साइड + जल – कार्बोनिक अम्ल ।

नीला लिटमस को लाल कर हो जाता है। क्योंकि अधात् के ऑक्साइड अम्लीय होते हैं।

Bihar Board Class 8 Science Book Solutions प्रश्न 8.
गोलू ने एक बोतल में सोडियम हाइड्रॉक्साइड का विलयन बनाया और इसमें लोहे की कुछ पीन डाली। एक जलती हई माचिस की तीली शीशी के मुंह पर रखा तो पॉप ध्वनि के साथ माचिस की तीली … भभककर जलने लगी। बताइए, कौन सी गैस निकली?
उत्तर-
सोडियम हाइड्रॉक्साइड के विलयन में लोहे का पिन डाला गया । फिर माचिस की तीली शीशी के मुँह पर रखा तो पॉप ध्वनि के साथ माचिस की तीली भभककर जलने लगी। पॉप ध्वनि हाइड्रोजन गैस की उपस्थिति को दर्शाता है।

Bihar Board 12th English 100 Marks Objective Answers Chapter 8 How Free is the Press

Bihar Board 12th English Objective Questions and Answers 

Bihar Board 12th English 100 Marks Objective Answers Chapter 8 How Free is the Press

How Free Is The Press Objective Question Bihar Board Question 1.
Who is the master of the state ?
(A) Government
(B) Press
(C) Court
(D) People
Answer:
(D) People

How Free Is The Press Question Answer Bihar Board Question 2.
The Press can make or break-
(A) Colony
(B) People
(C) Reputation
(D) Garbling
Answer:
(C) Reputation

How Free Is The Press Objective Questions Bihar Board Question 3.
A free and fair press is the true watchdog of-
(A) Colony
(B) Persons
(C) Court
(D) Democracy
Answer:
(D) Democracy

How Free Is The Press Bihar Board Question 4.
Every newspaper is shakled to its own set of-
(A) Landlords
(B) Overloads
(C) Overlords
(D) Nightmare
Answer:
(C) Overlords

How Free Is The Press In Hindi Bihar Board Question 5.
What policy widely circulated newspapers dare not support, however much in national interest, that might conflict, vested interests of its advertisers ?
(A) New policy
(B) State policy
(C) Public policy
(D) Personal policy
Answer:
(C) Public policy

How Free Is The Press Written By Bihar Board Question 6.
A big circulation spells bankruptoy if the paper has to depend on its sales for its-
(A) Advertisement
(B) Policy
(C) Ethics
(D) Revenue
Answer:
(D) Revenue

How Free Is The Press Hindi Bihar Board Question 7.
This is the special accomplishment of the Press interviewer-
(A) Marbling
(B) Garbling
(C) Titilating
(D) Allusion
Answer:
(B) Garbling

How Free Is The Press Is Written By Bihar Board Question 8.
What do free people take for granted ?
(A) Free home
(B) Free schools
(C) Free press
(D) Free pass
Answer:
(C) Free press

Question 9.
The essay ‘How Free Is The Press’ is written by-
(A) Martin Luther king. Jr.
(B) Pearl S. Buck
(C) Aurobindo Ghosh
(D) Dorothy L. Sayers
Answer:
(D) Dorothy L. Sayers

Question 10.
Dorothy was born in-
(A) 1883
(B) 1893
(C) 1873
(D) 1863
Answer:
(B) 1893

Question 11.
Dorothy died in-
(A) 1967
(B) 1958
(C) 1956
(D) 1957
Answer:
(D) 1957

Question 12.
When Dorothy Sayers became one of the first women to graduate from Oxford University ?
(A) 1950
(B) 1915
(C) 1918
(D) 1919
Answer:
(B) 1915

Question 13.
In the following essay ‘How Free Is The Press’, the author makes a strong case against-
(A) Chained press
(B) Slavery
(C) Misuse of the freedom of the press
(D) Rude editors
Answer:
(C) Misuse of the freedom of the press

Question 14.
Without a free press there can be no-
(A) Society
(B) Free people
(C) Humanity
(D) Peace
Answer:
(B) Free people

Question 15.
Restrictions are normally placed upon the press in time of-
(A) Flood
(B) Bloodshed
(C) War
(D) Famne
Answer:
(C) War

Question 16.
Full freedom is restored when it comes-
(A) War
(B) Famine
(C) Peace
(D) flood
Answer:
(C) Peace

Question 17.
The word used in the essay for the uncontrolled freedom of one man, or one gang, to impose its will on the world is-
(A) Brutality
(B) Tyranny
(C) Dictatorship
(D) Coerce
Answer:
(B) Tyranny

Question 18.
For the freedom of the press, we usually mean freedom from direction or-
(A) Scandal
(B) Pressure
(C) Censorship
(D) Distraction
Answer:
(C) Censorship

Question 19.
Under ordinary conditions, which press is singularly free, asjrnentionedin thieessay-
(A) Indian press
(B) American press
(C) British press
(D) European press
Answer:
(C) British press

Question 20.
Freedom of Press works to secure and sustain the Central doctrine of –
(A) State
(B) Democracy
(C) Public
(D) Personal interests
Answer:
(B) Democracy

Question 21.
The news in the newspapers is generally—
(A) to the point
(B) somewhat changed
(C) completely changed
(D) None of these
Answer:
(B) somewhat changed

Question 22.
Decent journalists and responsible editors are not pleased with present affairs—
(A) true
(B) not true
(C) cannot be said
(D) None of these
Answer:
(A) true

Question 23.
The press enjoys the—
(A) boldness of public
(B) the helpnessness of the public
(C) idleness of the public
(D) None of these
Answer:
(B) the helpnessness of the public

Question 24.
The editorial policy of a popular daily is controlled by—
(A) two chief Factors
(B) three chief factors
(C) four cheif factors
(D) None of these
Answer:
(A) two chief Factors

Question 25.
No widely circulated newspaper dares support a public policy due to vested interest of—
(A) the government
(B) editor
(C) reporter
(D) advertisers
Answer:
(D) advertisers

Question 26.
A big circulation spells bankruptcy if the paper has to depend on—
(A) the sales
(B) advertisers
(C) salers
(D) None of these
Answer:
(A) the sales

Question 27.
The policy of a newspaper is largely determined by—
(A) the government
(D) the public
(C) the proprietor
(D) None of these
Answer:
(C) the proprietor

Question 28.
The auther has given the forms of misrepresentation, they are—
(A) rive
(B) four
(C) seven
(D) six
Answer:
(D) six

Question 29.
Dorothy L.Sayers was born in –
(A) 1863
(B) 1873
(C) 1883
(D) 1893
Answer:
(D) 1893

Question 30.
She died in
(A) 1967
(B) 1957
(C) 1977
(D) 1987
Answer:
(B) 1957

Question 31.
She was educated at
(A) Cambridge
(B) Oxford
(C) both
(D) None of these
Answer:
(B) Oxford

Question 32.
In democracy, the freedom of press is.
(A) not necessary
(B) necessary
(C) dangerous
(D) None of these
Answer:
(B) necessary

Question 33.
Freedom of press is restricted during
(A) peace
(B) war
(C) epidemic
(D) None of these
Answer:
(B) war

Question 34.
The state is the
(A) master of the people
(B) servant of the people
(C) exploiter of the people
(D) None of these
Answer:
(B) servant of the people

Question 35.
The heaviest restriction upon the freedom of public opinion is
(A) official
(B) unofficial
(C) both
(D) None of these
Answer:
(B) unofficial

Question 36.
‘How free is the Press’ is written by –
(A) Mahatma Gandhi
(B) H.E. Bates
(C) Dorothy L. Sayers
(D) Dr. Zakir Hussain
Answer:
(C) Dorothy L. Sayers

Question 37.
Dorathy L. Sayers has written the lesson –
(A) I Have a Dream
(B) How free is the Press
(C) The Earth
(D) A child is Born
Answer:
(B) How free is the Press

Question 38.
Censorship is imposed during
(A) election
(B) peaceful time
(C) emergency
(D) None of these
Answer:
(C) emergency

Question 39.
………..are careful not to antagonize the press.
(A) Doctors
(B) Traders
(C) Teachers
(D) Politicians
Answer:
(D) Politicians

Question 40.
The ……….. is not the master but the servant of the people.
(A) State
(B) Government
(C) Village
(D) District
Answer:
(A) State

Question 41.
A free and fair press is the true watch …….. of democracy.
(A) cat
(B) bird
(C) dog
(D) None of these
Answer:
(C) dog

Question 42.
The first chief source of a newspaper’s revenue is ……….
(A) donation
(B) debt
(C) grant by the government
(D) advertisement
Answer:
(D) advertisement

Question 43.
The ………… Press is, under ordinary conditions, singularly free.
(A) European
(B) British
(C) Indian
(D) Chinese
Answer:
(B) British

Question 44.
The second chief source of a newspaper’s revenue is
(A) debt
(B) donation
(C) the wealth of owner
(D) grant by the government
Answer:
(C) the wealth of owner

Question 45.
The ……. can make or break reputation.
(A) teacher
(B) press
(C) man
(D) None of these
Answer:
(B) press

Question 46.
The editorial policy of a popular daily is controlled by …… chief factors.
(A) one
(B) two
(C) three
(D) four
Answer:
(B) two

Question 47.
The essay ‘How Free Is the Press’ is written by
(A) Martin Luther King, Jr.
(B) Pearl S. Buck
(C) Aurobindo Ghosh
(D) Dorothy L. Sayers
Answer:
(D) Dorothy L. Sayers

Question 48.
Dorothy died in
(A) 1967
(B) 1978
(C) 1956
(D) 1957
Answer:
(D) 1957

Question 49.
Without a free press there can be no
(A) peace
(B) free people
(C) humanity
(D) society
Answer:
(B) free people

Question 50.
When did Dorothy Sayers become one of the first women to graduate from Oxford University ?
(A) 1951
(B) 1915
(C) 1918
(D) 1919
Answer:
(B) 1915

Question 51.
Dorothy was born in
(A) 1883
(B) 1863
(C) 1873
(D) 1893
Answer:
(D) 1893

Question 52.
Full freedom is restored when it comes-
(A) war
(B) famine
(C) peace
(D) blood
Answer:
(C) peace

Question 53.
The press can make or break
(A) statue
(B) people
(C) reputation
(D) garbling
Answer:
(C) reputation

Question 54.
This is the special accomplishment of the press interviewer-
(A) Marbling
(B) Garbling
(C) Titillating
(D) Allusion
Answer:
(B) Garbling

Question 55.
A free and fair press is the true watchdog of
(A) state
(B) family
(C) court
(D) democracy
Answer:
(D) democracy

Question 56.
Who is the master of the state ?
(A) government
(B) pressed-
(C) courteous
(D) people
Answer:
(D) people

Question 57.
What do free people take for granted ?
(A) free home
(B) free schools
(C) free press
(D) free office
Answer:
(C) free press

Question 58.
The common has a ………… in parliament.
(A) seat
(B) place
(C) vote
(D) standard
Answer:
(C) vote

Question 59.
In the following essay ‘How Free Is The Press’, the author makes a strong case against
(A) press
(B) misuse freedom of the press
(C) slavery of press
(D) editors
Answer:
(B) misuse freedom of the press

Question 60.
Restrictions are normally placed upon the press in time of
(A) flood
(B) peace
(C) war
(D) famine
Answer:
(C) war

Question 61.
A big circulation spells bankruptcy if the paper has to depend on its sales for its
(A) advertisement
(B) honesty
(C) ethics
(D) revenue
Answer:
(D) revenue

Question 62.
Every newspaper is shackled to its own set of
(A) landlords
(B) overloads
(C) overlords
(D) editors
Answer:
(C) overlords

Question 63.
Under ordinary conditions, which press is singularly , free, as mentioned in the essay-
(A) European Press
(B) American Press
(C) British Press
(D) Indian Press
Answer:
(C) British Press

Question 64.
The word used in the essay for the uncontrolled freedom of one man, or one gang, to impose its will on the world is
(A) fertility
(B) coerce
(C) dictatorship
(D) tyranny
Answer:
(B) coerce

Question 65.
Freedom of Press works to secure and sustain the central doctrine of
(A) State
(B) Democracy
(C) Public
(D) personells
Answer:
(B) Democracy

Question 66.
What policy, widely circulated newspapers dare not support, however much in national interest, that might conflict, vested interests of its advertises ?
(A) man policy
(B) woman policy
(C) public policy
(D) personal policy
Answer:
(C) public policy

Question 67.
For the freedom of the press, we usually mean freedom from direction or
(A) scandal
(B) foment
(C) censorship
(D) discard
Answer:
(C) censorship

Bihar Board Class 6 English Book Solutions Chapter 4 Do Animals Share Ideas ?

Download Bihar Board Class 6 English Book Solutions Chapter 4 Do Animals Share Ideas ? Questions and Answers from this page for free of cost. We have compiled the BSEB Bihar Board Class 6 English Book Solutions for all topics in a comprehensive way to support students who are preparing effectively for the exam. You will discover both numerical and descriptive answers for all Chapter 4 Do Animals Share Ideas ? concepts in this Bihar Board English Solutions pdf. Make use of this perfect guide and score good marks in the exam along with strong subject knowledge.

BSEB Bihar Board Class 6 English Book Solutions Chapter 4 Do Animals Share Ideas ?

Candidates who are looking for English Chapter 4 Do Animals Share Ideas ? topics can get them all in one place ie., from Bihar Board Class 6 English Solutions. Just click on the links prevailing over here & prepare all respective concepts of English properly. By viewing/practicing all Bihar Bihar Board Class 6 English Chapter 4 Do Animals Share Ideas ? Text Book Questions and Answers, you can clear any kind of examinations easily with best scores.

Bihar Board Class 6 English Do Animals Share Ideas ? Text Book Questions and Answers

A. Warmer

Do Animals Share Ideas Bihar Board Class 6 Question 1.
Have you ever thought of how animals communicate with each other ? Think and discuss with your friends.
Answer:
Yes, Animals also can communicate with each other through their body posture, smell, scent and with their special sound.

B. Comprehension

B. 1. Think and Tell

Bihar Board Class 6 English Solution In Hindi Question 1.
What do we express ?
Answer:
We express our thoughts.

Bihar Board Class 6 English Book Solution Question 2.
What do animals do with their sense of smell ?
Answer:
They use it to send messages.

Class 6 English Chapter 4 Bihar Board Question 3.
Tell any three ways the animals send messages.
Answer:

  1. They leave a scent so that enemies can be frightened.
  2. They also use their sense of smell to find partners.
  3. Animals use special sounds to share their emotions including fear. Some of them also serve as warning to others.

B. 2. Think and Write

B. 2. 1. True or False

Class 6 English Chapter 4 Questions And Answers Bihar Board Question 1.
Based on the story write true or false next to each sentence given below.
(a) Animals show their feelings and share information.
(b) No animal can smell their partner from a distance.
(c) Body posture is one of the ways by which animals send messages.
(d) The way animals show their feelings and share information is more complex than human language.
Answer:
(a) True
(b) False
(c) True
(d) False

B. 2. 2. Tick the answers to each of the questions given below

Bihar Board Class 6 English Solution Question 1.
What do animals not use to send message ?
(a) words
(b) sounds
(c) smells
(d) body movements
Answer:
(a) words

Bihar Board Class 6 English Book Question 2.
If an animal raises its hair what do we know ?
(a) It’s angry
(b) It’s sad
(c) It’s happy
(d) It’s afraid
Answer:
(a) It’s angry

Bihar Board Class 6 English Book Pdf Download Question 3.
What do animals do to show friendship ?
(a) They raise their hair
(b) They bare their teeth,
(c) They come close to each other.
Answer:
(c) They come close to each other.

B. 2. 3. Answer the following questions

Class 6 English Bihar Board Question 1.
How do animals use their sense of smell to send message ?
Answer:
Animals have 3 strong sense of smell. They use it to send message. They leave a scent so that their enemies can be frightened. They also use their sense of smell to find their partners even from kilometers away.

Bihar Board Solution Class 6 English Question 2.
Why is human language complex compared to the way animals communicate?
Answer:
Human language can produce infinite sentences. It can construct and communicate new ideas. Whereas animals communicate through only smell and sounds. So, human language is more complex compared to the way animals communicate.

Word Power

C. 1. Think of words related to communicate. Now fill in the web chart with those words

Class 6 Bihar Board English Solution

Answer:

Class 6 English Chapter 4 Question Answers Bihar Board

C. 2. Find the odd one out in each list. Explain why it is out of place.

  1. feeling, idea, thought, table, emotion
  2. teeth, mouth, mobile, nose, ear
  3. dance, sing, talk, book, laugh
  4. smell, hear, friend, see, taste.

Answer:

  1. ‘table’ – is the odd one as the other words – feeling, idea, thought and emotion are related to one category – ‘communication’.
  2. ‘mobile’ – is the odd one as the other words – ‘teeth’, mouth, nose’ and ‘ear’ are related to ‘parts of body’.
  3. ‘book’ – is the odd one as the other words – ‘dance’, ‘sing’, ‘talk’ and ‘laugh’ are action words, the verbs while the word ‘book’ is an object, which is a noun. So, odd one in this series is ‘book’.
  4. ‘friend’ – is the odd one in this series. The other words ‘smell’ ‘hear’, ‘see’ and ‘taste’ are again the action words or the verbs whereas ‘friend’ is not an action word but a noun. So, here ‘friend’ is the odd word.

D. Grammar

D. 1. Prepositions Example

They also use their sense of smell to find partners.
The words of and to are prepositions.
The word ‘preposition’ means that which is placed before.
Prepositions are also known as ‘Position words’. Some, commonly used prepositions are given below:

Class 6 English Chapter 4 Solution Bihar Board

Example 1:
Tick the correct prepositions:

  1. Rita is going to/for school.
  2. I bought this pen of/for Rs. 10.
  3. My mother is not at/in home
  4. The frog jumped in/into the ponds.
  5. India became independent on/in 15th August, 1947.
  6. The school bus will come on/at 7.30 am.
  7. A fat man was sitting among/between my friend and me in the train.
  8. The police man ran after/before the thief..

Answer:

  1. to
  2. for
  3. at
  4. into
  5. on
  6. at
  7. between
  8. after

Example 2:
Fill in the blanks with suitable prepositions:

  1. Rounak is throwing the ball _______ the playground to his sister.
  2. Rounak jumped _______ the water.
  3. Rounak went _______ the uncel.
  4. Rounak is sitting _______ his parents.
  5. Rounak has an umbrella _______ his head.
  6. Rounak walked _______ the river to come out of the jungle.

Answer:

  1. in
  2. into
  3. in
  4. with
  5. on
  6. across

E. Think and Write

Question 1.
Think what do you do to show that you are angry, happy, sad or afraid ? What kind of messages do you send with your hands?
Answer:
I slop talking or shout in a loud voice to show that I am angry. I make my face pleasant with a smile to show that I am happy. I make of my face dull and sit aloof or in a corner to show that I am sad. My eyes go broad and body shiver when 1 feel all aid. I can send many messages through my hands. 1 shake my hands with fingers open to say no. 1 can call a person or an animal by my hand with’fingers coming towards my palm. To show anger towards a person I point only one finger towards the person with other fingers closed towards inwards the palm; etc.

Question 2.
Describe some of important similarities and differences between the ways people talk to each other and the ways in which animals send messages to each other.
Answer:
Similarities: Animals show anger through their red going face bursting into anger. People too do the same. Animals and people both come closer to someone to whom they want to show friendship. Animals use special sound to share their emotions including fear and also to serve as warning to other animals. People to shriek or make special sound to show fear and to warn others.

Differences : Animals can raise their hair which people can not do. Animals bare their teeth to frighten their enemies that people don’t do. Animals have a strong sense of smell that people don’t have. Animals leave a scent so that their enemies can be frightened. This people can’t do.

F. Translation 

Translate the paragraph beginning with ‘Many Animals ………. into Hindi.
Answer:
Many animals have a strong sense of smell ……. some of them also serve as warning to others.
हिन्दी अनुवाद – ‘Hindi Translation of the Chapter’ में दिये गये अनुवाद का तीसरा अनुच्छेद (पैराग्राफ) देखें । वहाँ पर इस पैराग्राफ का हिन्दी अनुवाद दे दिया गया हैं।

Do Animals Share Ideas ? Summary In English

Animals also share feelings and ideas among themselves like humans do. They can not use words and sentences the way human beings do, still they show their feelings and share informations. For this they use their strong sense of smell, scent and special sounds. They also send messages through their body posture. But none of these is as complex as the human language. The human language can produce infinite sentences. It can construct and communicate new ideas. But animals can share their feelings and ideas within their limited capabilities.

Do Animals Share Ideas ? Summary In Hindi

जानवर भी मानवों की तरह अपनी भावनाओं और विचारों को व्यक्त कर सकते हैं, मानवों की तरह । वे मानवों की तरह शब्दों और वाक्यों का प्रयोग तो नहीं कर सकते हैं फिर भी वे अपने मनोभावों और विचारों को व्यक्त कर सकते हैं। इसके लिए कुदरत ने उन्हें एक विशेष प्रकार की शक्तिशाली सँघने की शक्ति प्रदान की है, वे विशेष प्रकार की महक छोड़ते हैं और विशिष्ट ध्वनियाँ निकालकर अपने विचारों और भावनाओं को व्यक्त कर सकते हैं। वे अपने शरीर की भाव-भंगिमाओं का भी इस कार्य के लिए प्रयोग किया करते हैं। किन्तु, इनमें से कोई भी मानव-भाषा की तरह जटिल नहीं है। मानव-भाषा अपरिमित वाक्यों की रचना कर सकता है। यह नये-नये विचारों का निर्माण और उनकी अभिव्यक्ति कर सकता है। फिर भी, जानवर अपनी सीमित क्षमताओं के तहत अपनी भावनाओं और विचारों को व्यक्त कर सकते हैं।

Do Animals Share Ideas ? Hindi Translation Of The Chapter

We know that …………………..Animals talk? Word Meanings : Know (v) [नो] = जानना । Human beings (n) [ह्यूमन बीईंग्स] = मानव, आदमी । Share (v) [शेयर) = बाँटना Feelings (n) [फीलिंग्स] = भावनाएँ । Ideas (n) [आइडियाज] = विचार | Express (v) (एक्सप्रेस] = व्यक्त करना । Thoughts (n) [थॉट्स] = विचार | Talk (v) [टॉक] = बात करना ।

हिन्दी अनुवाद – हम यह बात जानते हैं कि मानव जाति के लोग अपनी भावनाओं और विचार को एक-दूसरे से बाँट सकते हैं। हमलोग बातें कर सकते हैं और हमलोग अपने विचारों को एक-दूसरे से बाँट सकते हैं। पर क्या जानवर भी आपस में एक-दूसरे से इसी प्रकार से विचारों और भावनाओं को बाँट सकते हैं? Animals cannot use ………. share information. Word Meanings : Way (n) [वे] = तरीका, प्रकार | Still

Many animals have …………………………. warning toothers.
Word Meanings : Many (adj) [मेनी] = बहुत । Strong (adj) [स्ट्राँग] = शक्तिशाली । Sense (n) [सेन्स] % समझ, सूझ | Smell (n) [स्मेल] = गंध | Use (v) [यूज] = इस्तेमाल, व्यवहार करना Message (n) मेसेज] = संदेश | Leave (v) [लीव] = छोड़ना । Scent (n) [सेन्ट] = खुशबू, महक | So that (phr)[सो दैट) = ताकि । Enemies (n) [एनेमीज] = शत्रु, दुश्मन I Can (v) [कन] = सकना । Frightened (adj) [फ्राइटेन्ड] = डरा हुआ, भयभीत । Also (adv) [ऑलसो] = भी । Partner (n) [पार्टनर] = साथी । Some (adj) [सम] = कुछ । Smell (v) (स्मेल] = सूंघना | Away (adv) [अवे] = दूर । Sounds (n) [साउन्ड्स ] = ध्वनियाँ । Special (adj) [स्पेशल) = खास, विशिष्ट । Emotions (n) [इमोशन्स] = भावनाएँ। Including (v) [इनक्लूडिंग] = शामिल करना | Fear (n) [फीयर = भय, डर । Serve (v) [सर्व] = सेवा करना, कार्य करना । Warning (n)/वार्निंग] = चेतावनी | Others (pron) [अदर्स) = अन्य, दूसरे।

हिन्दी अनुवाद – कई जानवरों के पास सूंघने की बहुत ही शक्तिशाली समझ होती है। वे अपनी इस शक्तिशाली समझ का इस्तेमाल अपने संदेशों और सूचनाओं को एक-दूसरे तक प्रसारित करने के लिए करते हैं। वे एक ऐसी प्रकार की महक फैलाते हैं ताकि उनके शत्रु उनसे डर सकें । वे अपनी इस महक का इस्तेमाल अपने दोस्तों को ढूंढने के लिए भी करते हैं। कुछ जानवर तो ऐसे भी होते हैं जो कि अपने दोस्तों को कई मील दूर से भी संघ लेते हैं। जानवर अपनी ध्वनियों का इस्तेमाल अपनी बातों को एक-दूसरे तक पहुँचाने के लिए भी किया करते हैं। वे विशेष प्रकार की ध्वनियों का इस्तेमाल अपनी भय की भावनाओं को व्यक्त करने के लिए भी करते हैं। कुछ जानवर इसका इस्तेमाल दूसरों को चेतावनी देने या सजग-सावधान करने के लिए भी करते हैं।

Another way of ………………..new ideas.
Word Meanings : Another (pron) [अनअदर] = अन्य पदार्थ या व्यक्ति, दूसरा, दूसरा कोई । Way (n) [वे] = तरीका | Sending (v)[सेन्डिंग] = भेजना । Through (prep) [थू] = द्वारा । Posture (n) (पोस्चर] = हाव-भाव, मुद्रा । Raise (v)[रेज] = उठाना, खड़ा करना । Bare (v)[बेयर] = दिखाना, प्रकट करना । Frighten (v) [फ्राइटेन] = डराना | Prey (v) [] = शिकार करना । Friendship (n) [फ्रेन्डशिप] = मित्रता | Complex (adj) [कम्प्लेक्स] = जटिल | Human language (n) [यूमन लैंग्वेज] = मानवी भाषा । Produce (v) (प्रोड्यूस] = पैदा करना | Infinite (adj) [इनफिनिट] = अपरिमित, अनन्त, नि:सीम । Construct (v) [कन्स्ट्रक्ट] = रचना करना, निर्माण करना । Communicate (v) [कम्यूनिकेट] = व्यक्त करना । Ideas (n) [आइडियाज] = विचार ।

हिन्दी अनुवाद – अपने संदेशों को जानवर अपने शरीर की भाव-भंगिमा अथवा हाव-भाव या मुद्रा द्वारा भी भेजते हैं अथवा व्यक्त करते हैं। जानवर अपने बालों को खड़ा कर सकते हैं और अपने दाँत भी दिखाकर अपना संदेश व्यक्त करते हैं। ऐसा वे अपने शत्रुओं को भयभीत करने के लिए करते हैं और अपना शिकार करने के लिए भी किया करते हैं। वे मित्रता के भावों को प्रदर्शित करने के लिए एक-दूसरे के निकट भी आते हैं। किन्तु ये सब मानव की भाषा जितना जटिल नहीं हुआ करता । मानव-भाषा अपरिमित वाक्यों की रचना कर सकता है। यह नये विचारों की रचना कर सकता है। मानवी भाषा कई नये विचारों को व्यक्त कर सकता है। सारांश यह कि जानवरों की भाषा मानव की भाषा जितनी पेचीदा अथवा जटिल न होकर अत्यंत सरल हुला करती है और इसके द्वारा वे अपने मनोभावों को सरलता से व्यक्त कर सकते

We hope this detailed article on Bihar Board Solutions for Class 6 English Chapter 4 Do Animals Share Ideas ? Questions and Answers aids you. For more doubts about Bihar Board Solutions, feel free to ask in the comment section below. We will revert back to you very soon with the best possibilities. Moreover, connect with our site and get more information on State board Solutions for various classes & subjects.

Bihar Board Class 10 Hindi रचना पत्र लेखन

Bihar Board Class 10 Hindi Book Solutions Bihar Board Class 10 Hindi रचना पत्र लेखन Questions and Answers, Notes.

BSEB Bihar Board Class 10 Hindi रचना पत्र लेखन

Bihar Board Class 10 Hindi रचना पत्र लेखन Questions and Answers

औपचारिक पत्र

Patra Lekhan Class 10 Bihar Board प्रश्न 1.
आप निवंद्र गुप्ता, नवम् बी के विद्यार्थी हैं। आपकी माता जी का ऑपरेशन होना है। अस्पताल में उनकी देखभाल के लिए आपको 15 दिन का अवकाश चाहिए। अपने विद्यालय के प्राचार्य को अवकाश के लिए प्रार्थना-पत्र लिखिए।
उत्तर-
सेवा में
प्रधानाचार्य महोदय
क, क, ग, विद्यालय
प. फ. पटना

विषय-15 दिन के अवकाश के लिए प्रार्थना-पत्र

श्रीमान् जी

सविनय निवेदन है कि कल शाम मेरी माता जी सड़क पार करते समय एक टैंपो से टकराकर गिर पड़ीं। डॉक्टर ने बताया है कि उनके पैर की हड्डी में फ्रैक्चर है और आज ही ऑपरेशन करना पड़ेगा। माता जी की देखभाल के लिए मुझे अस्पताल में रहना पड़ेगा। इसलिए मैं विद्यालय आने में असमर्थ हूँ।

कृपया मुझे 16 अगस्त से 30 अगस्त तक का अवकाश प्रदान कर अनुगृहीत करें।

आपका आज्ञाकारी शिष्य
रविंद्र गुप्ता
कक्षा-नवम्-बी.
अनुक्रमांक-27
दिनांक : अगस्त 16, 2018

औपचारिक पत्र लेखन हिंदी Class 10 Bihar Board प्रश्न 2.
अपने प्रधानाचार्य को आवेदन-पत्र लिखकर अपना मासिक शल्क कम कराने की प्रार्थना कीजिए।
अथवा, शुल्क क्षमा (फीस माफी) के लिए प्रधानाध्यापक के पास आवेदन-पत्र लिखें।
उत्तर-
सेवा में
प्रधानाचार्य महोदय
नवोदय विद्यालय
पटना
विषय-मासिक शुल्क कम कराने के लिए प्रार्थना-पत्र

श्रीमान् जी

सविनय निवेदन है कि मैं नवीं कक्षा का विद्यार्थी हूँ। मैं एक निर्धन परिवार से संबंध रखता हूँ। मेरे पिताजी की कपड़े की एक छोटी-सी दुकान है जिससे इतनी आमदनी नहीं हो पाती कि परिवार का भरण-पोषण सुचारू रूप से हो सके। मेरे पिताजी मेरी पढ़ाई-लिखाई के बोझ को उठाने में असमर्थ हैं।

मैं आपसे प्रार्थना करता हूँ कि आप मेरा मासिक शुल्क कम करने की कृपा करें जिससे मैं अपनी पढ़ाई जारी रख सकूँ। मैं आपको पूर्ण विश्वास दिलाता हूँ कि अपने आचरण और पठन-पाठन में आपको किसी शिकायत का मौका न दूंगा।

धन्यवाद!

आपका आज्ञाकारी शिष्य
कुलभूषण
नवीं कक्षा
दिनांक : 15-6-2018

Patra Lekhan In Hindi Class 10 Bihar Board प्रश्न 3.
जुर्माना माफ कराने के लिए प्रधानाचार्य को प्रार्थना-पत्र लिखिए।
उत्तर-
सेवा में
प्रधानाचार्य महोदय
डी. ए. वी. उच्चतर माध्यमिक विद्यालय
पटना

विषय—जुर्माना माफ कराने के लिए प्रार्थना-पत्र

श्रीमान् जी

सविनय निवेदन है कि मैं दिसंबर परीक्षा में नकल करते पकड़ा गया था। अंग्रेजी के अध्यापक श्री वत्सराज ने मुझे नकल करते पकड़ लिया। उन्होंने मुझे नकल का दोषी पाकर 10 रुपए जुर्माना कर दिया।

मैं अपने निंदनीय कार्य के लिए बड़ी लज्जा का अनुभव कर रहा हूँ। मान्यवर, मेरी इस भूल के लिए मेरे पिताजी को दंडित न कीजिए। मैं विनम्रतापूर्वक और सच्चे हृदय से अपनी भूल स्वीकार करता हूँ और इसके लिए शत-शत बार क्षमा-याचना करता हूँ। साथ ही आपको यह विश्वास दिलाता हूँ कि भविष्य में ऐसी भूल नहीं करूंगा।

मेरी आपसे सविनय प्रार्थना है कि आप कृपा करके मेरा जुर्माना माफ कर दें। इसके लिए मैं आपका कृतज्ञ रहूँगा।

आपका आज्ञाकी शिष्य
नरश जेन
कक्षा दशम ‘डी’
अनुक्रमांक …………..
दिनांक : 4 जनवरी, 2019

Class 10 Hindi Patra Lekhan Bihar Board प्रश्न 4.
सरदार पटेल विद्यालय के प्रधानाचार्य को पत्र लिखकर अनुरोध कीजिए कि विद्यालय के पुस्तकालय के लिए हिंदी की कुछ नई पुस्तकें खरीदी जाएँ।
उत्तर-
सेवा में
प्रधानाचार्य
सरदार पटेल विद्यालय
चंडीगढ़

विषय-हिंदी की पुस्तकों के संदर्भ में

श्रीमान् जी

सविनय निवेदन है कि हमारे पुस्तकालय में हिंदी साहित्य की नई पुस्तकों का अभाव है। पिछले तीन वर्षों से एक भी नई पुस्तक नहीं खरीदी गई है। हम विद्यार्थी शिव खेड़ा की ‘जीत आपकी’ पढ़ना चाहते हैं। भूतपूर्व राष्ट्रपति कलाम द्वारा रचित ‘अग्नि की उड़ान’ पढ़ना चाहते हैं। कल्पना चावला, सुनीता विलियम्स, मुकेश अंबानी तथा अन्य सफल लोगों की जीवनियाँ पढ़ना चाहते हैं। कृपया इन्हें तथा इन जैसी अन्य प्रेरणास्पद पुस्तकें पुस्तकालय में खरीदने की व्यवस्था करें।

हम आपके आभारी होंगे।
सधन्यवाद !

भवदीय
सुमेधा सहगलं
कक्षा दशम ‘ए’
अनुक्रमांक 115
दिनांक : 14.3.2018

Letter In Hindi For Class 10 Bihar Board प्रश्न 5.
बैंकिंग सेवा भर्ती बोर्ड, दिल्ली के सचिव को लिपिक पद के लिए आवेदन-पत्र लिखिए। .
उत्तर-
सेवा में
सचिव
बैंकिंग सेवा भर्ती बोर्ड
दिल्ली

विषय-लिपिक-पद हेतु आवेदन महोदय

23 फरवरी, 2018 के ‘दैनिक जागरण’ में प्रकाशित विज्ञापन क्र. 373-ए के अनुसार लिपिक-पद की रिक्तियों के लिए मैं स्वयं को प्रस्तुत करता हूँ। मेरा परिचय तथा योग्यताएँ इस प्रकार हैं-

नाम : क. ख. ग.
पिता का नाम : अ. ब. स.
जन्म-तिथि : 13-7-1983
पत्र-व्यवहार का पता . : 733, कृष्णानगर, पटना।

Patra Lekhan For Class 10th Bihar Board प्रश्न 6.
अपने पिताजी की ओर से भारतीय स्टेट बैंक के प्रबंधक को पत्र लिखकर ट्रैक्टर खरीदने के लिए ऋण स्वीकृत करने का अनुरोध कीजिए।
उत्तर-
सेवा में
प्रबंधक
भारतीय स्टेट बैंक
पटना
विषय-ट्रैक्टर के लिए ऋण

महोदय

निवेदन है कि मैं किसान हूँ। मेरे पास 20 बीघे जमीन है। मुझे खेती करने के लिए ट्रैक्टर . की आवश्यकता है। इसके लिए मुझे आपके बैंक से ऋण चाहिए। कृपा करके इस बारे में जरूरी कार्यवाही करें तथा ऋण उपलब्ध करवाएँ।

धन्यवाद!

प्रार्थी
विपिन कुमार
135, अशोक नगर
पटना
दिनांक : 13 मार्च, 2018

Patra Class 10 Bihar Board प्रश्न 7.
अपने मित्र को जन्म-दिवस पर निमंत्रण-पत्र लिखिए।
उत्तर-
राकेश कुमार
673, टाइप-3
सैक्टर-12.
इस्पात नगर, बोकारो
दिनांक : मार्च 15, 2018
प्रिय पंकज

स्नेह !

आशा है स्वस्थ होगे। मैं भी यहाँ कुशल हूँ। मित्र! इस बार मेरा जन्म-दिन धूमधाम से मनाने की तैयारियाँ हैं। अतः तुम 3. मार्च की तिथि मेरे लिए सुरक्षित कर लो। तुम 29 मार्च की रात तक यहाँ पहुँच जाओ, ताकि सभी कार्यक्रमों में शामिल हो सको। कार्यक्रम इस प्रकार हैं . प्रातः 7 बजे हवन-यज्ञ होगा। हवन के बाद धार्मिक प्रवचन होंगे। इसके बाद मित्र-मंडली रंगारंग कार्यक्रम पेश करेगी। इसके बाद सहभोज होगा।
माता जी व पिता जी को चरण-स्पर्श। 29 मार्च को आना न भूलना।

तुम्हारा
राकेश।

Class 10 Hindi Patra Lekhan 2021 Bihar Board प्रश्न 8.
आप विद्यालय की हिंदी परिषद् के मंत्री हैं। परिषद् ने तुलसी जयंती मनाने का निर्णय किया है। उसकी अध्यक्षता के लिए मगध विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यक्ष को आमंत्रित करते हुए पत्र लिखिए।
उत्तर-
हिमेश चौधरी
मंत्री, हिंदी परिषद्
बाल भारती स्कूल, बिहार शरीफ
दिनांक : 14.9.2018
सेवा में

डॉ. रमेश गौतम
अध्यक्ष, हिंदी विभाग
मगध विश्वविद्यालय, गया।
आदरणीय महोदय,

‘मुझे आपको यह सूचित करते हुए वर्ष का अनुभव हो रहा है कि हमारा विद्यालय तुलसी जयंती मनाने जा रहा है। हमने यह कार्यक्रम अपने विद्यालय की सुविधानुसार 24 अक्तूबर, 2010, रविवाद को प्रातः 10.00 बजे विद्यालय के विशाल भवन में मनाने का निश्चय किया है। हम चाहते हैं कि आप इस पावन अवसर पर अध्यक्ष के रूप में सुशोभित हों। कृपया अपनी स्वीकृति प्रदान कर हमें अनुगृहीत करें।

धन्यवाद!

भवदीय
हिमेश चौधरी

Prarthna Patra In Hindi Class 10 Bihar Board प्रश्न 9.
अपने क्षेत्र की समस्याओं और असुविधाओं की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए क्षेत्र के संसद-सदस्य को पत्र लिखकर उन्हें दूर करने का अनुरोध कीजिए।
उत्तर-
सेवा में
कौशलेन्द्र कुमार
सांसद, नालन्दा क्षेत्र

विषय-नालन्दा की मूलभूत समस्याएँ

महोदय

विनम्र निवेदन है कि नालन्दा नगर के निवासी निम्नलिखित समस्याओं से बुरी तरह परेशान हैं –

1. गाड़ियों में जबरदस्त भीड़ की समस्या।
2. महिला कॉलेज के पास मुर्गा फार्म की समस्या।
3. सड़कों के निरंतर टूटते रहने की समस्या।
4. गाँव लौटते समय गाड़ियों और बसों की समस्या।

महोदय, ये बड़ी-बड़ी समस्याएँ हैं जिनके लिए आपके सक्रिय सहयोग की आवश्यकता है। कृपया यहाँ से तीन-चार और गाड़ियाँ चलवाने की व्यवस्था करें। मुर्गा फार्म को महाविद्यालय . . गेट के पास से दूर करवाएँ। सड़कें अच्छे स्तर की बनवाएँ, जो बार-बार न टूटे। शाम 5.00 बजे के बाद बिहार शरीफ से दूर इलाकों के लिए बसें चलवाने की व्यवस्था करें।

आशा है, आप पहले की तरह जनता की इन समस्याओं को शीघ्रता से दूर करवाने में सहयोग करेंगे।

प्रार्थी
विनय प्रकाश
म.नं. 334
राजगीर
दिनांक : मार्च 12, 2018

प्रश्न 10.
सार्वजनिक पार्कों की समुचित सफाई न होने पर सफाई-कर्मचारियों की शिकायत करते हुए नगर-निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को एक पत्र लिखिए।
उत्तर-
सेवा में
स्वास्थ्य अधिकारी
पटना नगर निगम
पटना

विषय-पार्कों की सफाई-व्यवस्था

महोदय

मैं पटना विकास परिषद् का सचिव हूँ। पटना के विकास और सौंदर्य के प्रति सचेत होने “के कारण मैं आपका ध्यान यहाँ के पार्कों की ओर दिलाना चाहता हूँ। पिछले अनेक वर्षों से इन पार्कों की ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया गया है। लगता है, इनमें नियुक्त सफाई कर्मचारी हटा. लिए गए हैं। सभी पार्कों के मुख्य द्वारों पर ही गंदगी के ढेर जमा हैं। आस-पड़ोस के लोगों ने पार्कों को कचराघर बना रखा है। पार्कों के अंदर भी पत्ते, टहनियाँ, खान-पान की सामग्री, थैलियाँ उड़ती रहती हैं। लगता है, इनमें आवारा पशु भी घुस आते हैं। इसलिए रास्तों में गोबर पड़ा रहता है।

महोदय, पार्कों की गंदगी के कारण अब लोग यहाँ घूमने से भी बचने लगे हैं। यदि कोई मेहमान यहाँ आ जाए तो हमें शर्म आती है। कृपया इन पार्कों की सफाई-व्यवस्था को ठीक करने का प्रबंध करें। इस काम में पटना विकास परिषद् आपके साथ है।

भवदीय
अशोक श्रीवास्तव
सचिव, पटना विकास परिषद्
17-3-2018

प्रश्न 11.
स्वास्थ्य-विभाग के लापरवाह रवैये के कारण खाद्य-पदार्थों में मिलावट की समस्या गंभीर होती जा रही है। विभाग के निदेशक के नाम पत्र लिखकर इस समस्या की ओर उनका ध्यान आकर्षित कीजिए।
उत्तर-
सेवा में
निदेशक
स्वास्थ्य विभाग
पटना

विषय-खाद्य-सामग्री में मिलावट की समस्या

महोदय,

मैं पटना का नागरिक हूँ। मुझे बहुत खेद के साथ कहना पड़ रहा है कि आजकल इस शहर में मिलावट का धंधा पूरे जोरों पर है। दूध और घी में मिलावट की समस्या पहले की तरह चली आ रही है। अब तो बड़ी-बड़ी कंपनियों पर भी विश्वास नहीं रहा। पीछे एक नामी कंपनी के दूध में मिलावट पाई गई। अब यहाँ न तो पनीर सही मिलता है, न खाद्य-तेल। यहाँ तक कि पैट्रोल में भी मिट्टी के तेल की मिलावट की जाती है। रसोई घर के सारे मसाले मिलावटी मिलते हैं। महोदय, आपसे निवेदन है कि आप इस बारे में सख्ती बरतें। आपके विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत के कारण यह काला धंधा पनप रहा है। कृपया उन पर सख्त कार्यवाही करें ताकि हम नागरिक शुद्ध भोजन जुटा सकें।

धन्यवाद!

भवदीय
ब्रजेश कुमार
13.3.2012

प्रश्न 12.
परीक्षा के दिनों में अनियमित विद्युत आपूर्ति की समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए प्रबंधक, राज्य विद्युत-आपूर्ति निगम को पत्र लिखिए।
उत्तर-

सेवा में
विद्युत अधिकारी
विद्युत प्रदाय संस्थान
रोहिणी सैक्टर-7
दिल्ली
13 मार्च, 2018

विषय—बिजली गुल होने की समस्या

महोदय

निवेदन है कि हम रोहिणी सैक्टर-7 के निवासी बिजली की अनियमितता से बहुत परेशान हैं। आजकल बच्चों की परीक्षाएँ चल रही हैं। उनकी वर्ष-भर की मेहनत इन्हीं दिनों की पढ़ाई पर निर्भर है। इन दिनों बिजली बहुत बार आती-जाती है। इस कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कृपया बिजली की आपूर्ति नियमित करें।

धन्यवाद !

भवदीय
(हस्ताक्षर)
चंद्रमोहन गुप्ता
अध्यक्ष
सुधार सभा
सैक्टर-7, रोहिणी (दिल्ली)

प्रश्न 13.
अपने क्षेत्र में पार्क विकसित कराने के लिए नगर-निगम अधिकारी को पत्र लिखिए।
उत्तर-
सेवा में
उपवन अधिकारी
कोचीन नगर निगम
कोचीन

विषय-मोहन नगर में पार्क-विकास कराने हेतु

महोदय,

निवेदन है कि हम मोहन नगर के निवासी हैं। हमारे क्षेत्र में पार्क के लिए एक मैदान छोड़ा ” गया है। आजकल इसमें गंदगी के ढेर पड़े हैं। लोग अपने घरों का कूड़ा यहाँ डालते हैं। आपसे प्रार्थना है कि यहाँ पार्क विकसित कराने का प्रबंध करें। हम नगर-निवासी इसमें हर प्रकार का सहयोग करेंगे।

हम आपको विश्वास दिलाते हैं कि एक बार पार्क विकसित हो जाने के बाद इसकी देखभाल भी हम स्वयं करें। शीघ्र कार्यवाही करने की कृपा करें।

धन्यवाद !

भवदीय
मनोहर, रूपक, रूपेश
मोहन नगर निवासी
मार्च 15, 2018

प्रश्न 14.
राज्य परिवहन निगम के मुख्य प्रबंधक को पत्र लिखकर एक बस-चालक के प्रशंसनीय व्यवहार की प्रशंसा करते हुए उसे विभाग की ओर से सम्मानित करने का आग्रह
कीजिए।
अथवा,बस-कंडक्टर के सहानुभूतिपूर्ण और विनम्र व्यवहार की प्रशंसा करते हुए परिवहन निगम के प्रबंधक को पत्र लिखिए।
उत्तर-
सेवा में
मुख्य प्रबंधक
बिहार राज्य परिवहन
पटना

महोदय

निवेदन है कि मैं जयपुर का निवासी हूँ। मैं बिहार राज्य की बस सेवा का कायल हूँ। आपकी बस-व्यवस्था बहुत कुशल, चुस्त-दुरुस्त और गतिशील है। पिछले दिनों मैंने आपके एक बस-चालक का ऐसा संवेदनशील और उदार व्यवहार देखा कि मैं उसका प्रशंसक हो गया हूँ।

पटना से राँची जाने वाली बस का चालक रणधीर सिंह बस चला रहा था। रास्ते में हमारे सामने एक स्कूटर और ट्रक की टक्कर हो गई। स्कूटर-सवार लहूलुहान सड़क पर पड़ा था। सभी वाहन उसे तड़पता छोड़कर अपने-अपने रास्ते पर जा रहे थे। तब रणधीर सिंह ने बस रोकी। उसने अपने कंडक्टर तथा कुछ यात्रियों की सहायता से घायल यात्री को बस में बैठाया तथा रास्ते में पड़ने वाले ट्रामा सेंटर में छोड़ दिया। मुझे नहीं पता कि वह यात्री जीवित बचा या नहीं, परंतु आपके ड्राइवर ने उसकी प्राण-रक्षा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मैं उसके ऐसे मानवीय और उदार व्यवहार की प्रशंसा करता हूँ। आपके विभाग से निवेदन करता हूँ कि उसे सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाए ताकि औरों को भी प्रेरणा मिले।

भवदीय
बजरंग लाल
335, गाँधी नगर
जयपुर
मार्च 20, 2018

प्रश्न 15.
अपने क्षेत्र में मच्छरों के प्रकोप का वर्णन करते हुए उचित कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखें।
उत्तर-
सेवा में,
स्वास्थ्य अधिकारी
………नगरपालिका
…………………नगर

विषय-मच्छरों का बढ़ता हुआ प्रकोप

महोदय

मैं आपका ध्यान बढ़ते हुए मच्छरों के प्रकोप की ओर आकर्षित करता चाहता हूँ। मैं गोपाल नगर क्षेत्र का निवासी हूँ। पूरे गोपाल नगर क्षेत्र में आजकल मच्छरों का भयंकर उत्पात छाया हुआ है। दिन हो या रात, मच्छरों के झुंड सदा घूमते नजर आ जाते हैं। रात को तो वे सोना दूभर कर देते हैं। जब सुबह उठते हैं तो बच्चों के मुँह लाल-लाल दानों से भरे होते हैं। मच्छरों के कारण घर-घर में मलेरिया फैला हुआ है। प्रायः सभी घरों में कोई-न-कोई मलेरिया का रोगी मिल जाएगा। इन मच्छरों के कारण स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पा है।

हमारे क्षेत्र में मच्छरों की अधिकता का बड़ा कारण है.-पानी के जमे हुए तालाब और गली-मुहल्लों में फैली चौड़ी-चौड़ी नंगी नालियाँ। उन कच्ची नालियों को व्यवस्थित करने की कोई व्यवस्था नहीं हुई है। मुहल्ले के जमादार सफाई की ओर ध्यान नहीं देते, इसलिए नालियों में सदा मल जमा पड़ा रहता है। लोग अपने घरों के गंदे जल को बाहर यूँ ही बिखरा देते हैं, जिससे मार्गों के गड़े भर जाते हैं। नगरपालिका निकम्मी है। हमने कई बार निवेदन किया है कि हमारे क्षेत्र के तालाब को भरवा दिया जाए, जिससे मच्छरों का मुख्य अडा समाप्त हो जाए, किंतु इस ओर कभी ध्यान नहीं दिया गया।

इस बार अत्यधिक वर्षा के कारण जगह-जगह जल का जमाव हो गया है। सब जगह कीचड़, मल और बदबूदार जल का प्रकोप हो गया है। अतः मैं पुनः गोपाल नगर के निवासियों की ओर से आप से साग्रह प्रार्थना करता हूँ कि मच्छरों को समाप्त करने के लिए घरों में मच्छरनाशक दवाई छिड़कने की व्यवस्था की जाए। मलेरिया से बचने के लिए कुनैन बाँटने की व्यवस्था की जाए तथा पूरे क्षेत्र की सफाई के व्यापक प्रबंध किए जाएँ। आशा है आप शीघ्र कार्यवाही करेंगे।

धन्यवाद सहित !

भवदीय
क. ख. ग.
मंत्री, मुहल्ला सुधार समिति
गोपाल नगर।
दिनांक : 19 जून, 2018

प्रश्न 16.
गत कुछ दिनों से आपके क्षेत्र में अपराध बढ़ने लगे हैं। उनकी रोक-थाम के लिए थानाध्यक्ष को राजनारायण सिंह की ओर से पत्र लिखिए।
उत्तर-
राजनारायण सिंह
परीक्षा भवन
राजकीय विद्यालय
कंकड़बाग
पटना
15 सितंबर, 2012
सेवा में
थानाध्यक्ष
कंकड़बाग
पटना

विषय-बढ़ते हुए अपराध

मैं आपका ध्यान आपके थाना-क्षेत्र में बढ़ते हुए अपराधों की ओर दिलाना चाहता हूँ। पिछले एक मास से इस क्षेत्र के निवासी स्वयं को असुरक्षित अनुभव करने लगे हैं। कृष्ण गली में दिन दहाड़े चोरी की तीन वारदातें हो चुकी हैं। पिछले सप्ताह एक कार तथा दो मोटर-साइकिलें चुराई जा चुकी हैं। चेन झपटने की घटनाएँ आम हो चुकी हैं। लोग डर के मारे रात को घर से बाहर नहीं निकलते। कुछ तो यहाँ बंगलादेशी नागरिक घुस आए हैं। कुछ नशाखोर युवक आवारा घूमते रहते हैं। उनके डर से लड़कियाँ घर से बाहर नहीं निकलतीं।

महोदय, इस क्षेत्र में पुलिस की सख्त कार्यवाही की जरूरत है। कृपया आप अपने सिपाहियों को गश्त लगाने का आदेश दें और अपराधी लोगों को पकड़कर दंडित करें।

भवदीय
पीयूष

प्रश्न 17.
आपके निकट के हस्पताल में आवश्यक उपकरणों एवं औषधियों के अभाव के कारण रोगियों को बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या की ओर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराने के लिए किसी समाचार-पत्र के संपादक को पत्र लिखिए।
उत्तर-
सेवा में
मुख्य संपादक
दैनिक भास्कर
नई दिल्ली
महोदय

मैं आपके समाचार-पत्र के माध्यम से निम्नलिखित जन-समस्या पाठकों तक पहुँचाना चाहता हूँ। कृपया इसे छापकर कृतार्थ करें। .
आजकल दिल्ली रोहिणी सैक्टर-7 के सरकारी हस्पताल की दशा बहुत दयनीय है। यहाँ न तो कोई उपकरण काम करता है, न रोगियों को दवाइयाँ मिलती हैं। कहने को यह हस्पताल जनता के स्वास्थ्य की देखभाल करता है। परंतु वास्तविकता यह है कि इसकी एक्स-रे मशीन सदा खराब रहती है। खून, पेशाब आदि टैस्ट करने के रसायन नदारद रहते हैं। इसलिए रोगी हस्पताल के बाहर स्थित निजी प्रयोगशालाओं से मुँहमाँगे दामों पर परीक्षण कराते हैं। दवाइयों का स्टॉक हमेशा खत्म मिलता है। लगता है कि हस्पताल के अधिकारियों और निजी प्रयोगशालों तथा दवा-विक्रेताओं के बीच कोई साँठ-गाँठ है। ये तीनों मिलकर देश की लुटी-पिटी गरीब जनता को और लूट रहे हैं। मैं जनता और सरकार दोनों से निवेदन करता हूँ कि उनके समर्थ प्रतिनिधि हस्पताल की व्यवस्थाओं को सँभालें। इससे जरूरत मंदों को स्वास्थ्य-लाभ मिलेगा और उन्हें पुण्य मिलेगा।

धन्यवाद !

भवदीय
आशीष भटनागर
पाकेट E-27, सैक्टर-7
रोहिणी दिल्ली।
12.3.2018

प्रश्न 18.
सांप्रदायिकता और जातिवाद के विरोध में जन-जागृति पैदा करने के लिए समाचार-पत्र के प्रधान संपादक को एक पत्र लिखिए।
उत्तर-
सेवा में
प्रधान संपादक
हिंदू
चेन्नई
12-3-2018
महोदय

सांप्रदायिकता और जातिवाद के जहर के संबंध में मेरे ये विचा अपने पत्र में छापने की कृपा करें।

आज देश में सारे नेता और राजनीतिक दल इस होड़ में लगे हैं कि कौन अधिक-से-अधिक जातियों को अपनी थाली में सजा सकता है। सभी दलों की नजर वोटों पर है। वोटों पर ही नहीं, वोटों के गट्ठरों पर है। कौन एक-एक मतदाता को लुभाए। सभी दल चाहते हैं कि अगर अधिक संख्या वाली जातियों के मत उन्हें एकमुश्त मिल जाएँ तो वे देश की गद्दी पर बने रह सकते हैं। इसलिए वे देश को छोटी-छोटी जातियों और संप्रदायों में बाँटने में लगे हुए हैं।

किसी पार्टी को मुसलमानों के वोट चाहिए। इसलिए वह दल उन्हें लुभाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए है। कभी प्रधानमंत्री कहते हैं कि देश की सारी संपत्ति पर पहला हक मुसलमानों का है। कभी कोई प्रांत सर्वोच्च न्यायालय के बार-बार रोकने पर भी मुसलमानों को आरक्षण बाँटे जा रहा है। कभी गूजर, कभी जाट तो कभी जैन और बौद्ध अपने-आपको अल्पसंख्यक सिद्ध करके हलवे की परात पर कब्जा करना चाहते हैं। उधर एक दल हिंदू राजनीति के बल पर सत्तासीन होना चाहता है। यह सब अंधदौड़ दुर्भाग्यपूर्ण है। संविधान के संरक्षकों को चाहिए कि वे देश को खंड-खंड करने वाली ताकतों पर अंकुश लगाएँ। इस देश में जाति और संप्रदाय की बात करने वालों को सजा दिलवाएँ। सब नागरिकों में भारतीय होने की भावना जगाएँ। तभी यह बुराई समाप्त होगी।

भवदीय

सुमित सिंहल
157, आवडी
चेन्नई।

प्रश्न 19.
नगर में जगह-जगह घूमने वाले आवारा पशुओं की समस्याओं की ओर जनता तथा अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट करते हुए अमर उजाला के मुख्य-संपादक को पत्र लिखिए।
उत्तर-
सेवा में
मुख्य संपादक
अमर उजाला
मथुरा

विषय आवारा पशुओं की समस्या

महोदय

मैं आपके लोकप्रिय समाचार-पत्र के माध्यम से अपने विचार जनता व अधिकारियों तक . पहुँचाना चाहता हूँ। आशा है आप अपने समाचार-पत्र में मेरे विचारों को स्थान देंगे।
आजकल हमारे नगर में जगह-जगह आवारा पशुओं का आतंक छाया हुआ है। इन पशुओं .. में साँड, गधे और सुअरों की बहुतायत है। ये पशु झुंड बनाकर आने-जाने वाले यात्रियों तथा वाहनों को क्षति पहुंचाते हैं। इनके कारण नगर में अनेक दुर्घटनाएं घट चुकी हैं। अभी कल ही की बात है, श्याम नगर में एक साँड ने एक 7 वर्षीय बालक को उठाकर पटक दिया। उस बच्चे की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

शहर की साफ-सुथरी सड़कों का हाल खराब है। हर तरफ इन आवारा पशुओं की गोबर व विष्ठा बिखरी रहती है, जिसके कारण वातावरण प्रदूषित हो गया है। दुकानदारों का अपनी दुकानों पर बैठना मुश्किल हो गया है। आने-जाने वाले अपने मुँह पर कपड़ा रखकर बाजार से निकलते हैं।

इतना सब कुछ होने पर भी प्रशासन चुपचाप बैठा हुआ है। अधिकारियों का ध्यान न तो गंदगी पर जाता है, न ही दुर्घटनाओं पर। नगरपालिका के अधिकारियों से मेरा निवेदन है कि इस समस्या की ओर तुरंत ध्यान दें।

धन्यवाद !

भवदीय
प्रदीप कुमार शमा
16, लक्ष्मी नगर
मथुरा

दिनांक : मार्च 15, 2018

प्रश्न 20.
बैंक में खाता खोलने के लिए बैंक-मैनेजर के नाम पत्र लिखिए।
उत्तर-
सेवा में
प्रबंधक
पंजाब नेशनल बैंक
पटेल नगर शाखा, अहमदाबाद

विषय-बैंक में नया बचत खाता खोलना

महोदय

निवेदन है कि मैं आपके बैंक में अपने नाम से एक बचत खाता खोलना चाहता हूँ। कृपया अनुमति प्रदान करते हुए इस विषय में उचित जानकारी दें।

सधन्यवाद !
भवदीय
………………… नाम
…………………. पता
दिनांक : 6 अप्रैल, 2018

प्रश्न 21.
कुछ नव-प्रकाशित पुस्तकें मंगाने के लिए किरण पब्लिकेशन, चक मुसल्लहपुर, पटना के व्यापार-प्रबंधक को एक पत्र लिखिए।
उत्तर-
किरण पब्लिकेशन
पटना-6
6 अप्रैल, 2018
सेवा में
व्यापार-प्रबंधक
किरण पब्लिकेशन
पटना-6

विषय-पुस्तकों की खरीद संबंधी।

महोदय

कृपया निम्नलिखित पुस्तकें उचित कमीशन काटकर वी.पी.पी. द्वारा शीघ्रातिशीघ्र भेजने का कष्ट करें। पाँच सौ रुपये मनीआर्डर द्वारा अग्रिम भेज रहा हूँ। पुस्तकें नवीन संस्करण की होनी चाहिए। कटी-फटी तथा सजिल्द न होने पर पुस्तकें लौटा दी जाएँगी, जिनके व्यय-भार का उत्तरदायित्व आपका होगा
Bihar Board Class 10 Hindi रचना पत्र लेखन - 1

भवदीय
राजीव रंजन सिन्हा
बिहार शरीफ (नालन्दा)

प्रश्न 22.
आपके विद्यालय के छात्र 14-15 मार्च, 2018 को मसूरी-भ्रमण पर जाना चाहते हैं। वहाँ स्थित यूथ होस्टल के प्रबंधक को पत्र लिखकर जानकारी लें कि क्या इन दिनों – ठहरने का प्रबंध हो सकता है और किराया कितना होगा?
उत्तर-
क.ख.ग. (नाम)
च.छ.ज. विद्यालय
……………… नगर
17-2-2018
प्रबंधक
यूथ होस्टल
मसूरी

विषय-14-15 मार्च को बुकिंग ।

महोदय
हमारे विद्यालय के 30 छात्र और 8 शेष सदस्य 14-15 मार्च, 2018 को मसूरी-यात्रा पर आना चाहते हैं। कृपया सूचना दें कि क्या आपका भवन हमें उपलब्ध हो सकता है ? छात्रों के लिए कितना किराया होगा? भोजन और भ्रमण की व्यवस्था के बारे में भी विस्तृत सूचना दिए गए पते पर देने की कृपा करें।

धन्यवाद !

भवदीय
क.ख.ग.

अनौपचारिक पत्र

प्रश्न 1.
ग्रीष्मावकाश में आपके पर्वतीय मित्र ने आपको आमंत्रित कर अनेक दर्शनीय स्थलों .. की सैर कराई। इसके लिए उसका आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद-पत्र लिखिए।
उत्तर-
मधुर जेतली
7/7, न्यू कॉलोनी
गुड़गाँव
मार्च 13, 2018
प्रिय चेतन

मधुर स्मृति !

कैसे हो? आशा है, हिमाचल की बर्फीली वादियों जैसे सुहाने होगे। प्रिय चेतन! जब से तुमने मुझे मनाली और रोहतांग दर्रे की सैर कराई है, मेरे मन में सदा उन बर्फीली पहाड़ियों की मूर्ति बनी रहती है। मुझे रह-रहकर चाँदी से भी सुंदर बर्फीली चोटियों की याद आती है। कभी वशिष्ठ आश्रम के पास से बहते हुए जल की याद आती है, हिडिंबा का मंदिर याद आता है। तुम्हारे संग देखे गए मनाली से रोहतांग तक के खूबसूरत रास्ते मुझे कभी भुलाए नहीं भूल सकते। वो मढ़ी, वो स्नोप्वाइंट! वो बर्फ की घाटी में स्लेज पर फिसलना। वो फोटोग्राफी! वो बर्फ के बीचोंबीच बैठकर चाय पीना। बर्फ के खेल खेलना। मेरे जीवन के सबसे सुंदर और सुहाने पल यही हैं। इसके हर पल में तुम हो! तुम्हारी यादें हैं। तुम्हारा प्रेम है और प्रेम-भरा निमंत्रण है।

प्रिय चेतन! तुम्हारे निमंत्रण पर मैं इन खूबसूरत दर्शनीय स्थलों का आनंद उठा सका। इसके लिए मेरे पास धन्यवाद के योग्य शब्द नहीं हैं। बस इतना कहूँगा—आभार! धन्यवाद!

तुम्हारा
मधुर जेतली

प्रश्न 2.
अनुराधा के मामाजी ने उनके जन्मदिन पर एक पुस्तक उपहार में भेजी है। धन्यवाद व्यक्त करते हुए उन्हें पत्र लिखिए।
उत्तर-
अनुराधा
परीक्षा भवन
क.ख.ग. केंद्र
16 मार्च, 2018
आदरणीय मामाजी

सादर नमस्कार !

आशा है, आप सानंद होंगे। मामीजी तथा सुरम्या भी प्रसन्न होंगी।
मामाजी, आपने मेरे जन्मदिन पर मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित उपन्यास ‘निर्मला’ भेजा है। यह उपन्यास मैंने पढ़ा है। यह मुझे बहुत पसंद आया है। इससे पहले मैंने कभी कहानियों की किताबें नहीं पढ़ी थीं। या तो कोर्स में लगी हुई कहानियाँ पढ़ी थीं या अखबारों में छपी कहानियाँ। इन्हें पढ़कर मेरे मन में विशेष रूचि नहीं जागी थी। परंतु निर्मला ने तो मेरे मन को झकझोर कर रख दिया। उसे पढ़कर लगा कि मैं निर्मला की बहुत ही गहरी सहेली और प्रशंसक हो गई हूँ। मुझे उसकी मृत्यु पर गहरा दुख है। यह उपन्यास जीती-जागती दुनिया से भी अधिक प्रभावशाली और मार्मिक है।

आपके प्रति बहुत-बहुत धन्यवाद! आपने मुझे अच्छा साहित्य पढ़ने का अवसर दिया। मेरा मन कर रहा है कि ऐसे अन्य उपन्यास भी पहूँ। आपने मेरे जन्मदिन पर मुझे याद रखा। इसके लिए धन्यवाद!

आपकी प्रिय भानजी
अनुराधा

प्रश्न 3.
वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम आने पर अपनी छोटी बहन को बधाई देते हुए पत्र लिखिए।
उत्तर-
सुस्मिता
13.3.2018
प्रिय नेहा
स्नेह!

बहुत बधाई हो नेहा! मुझे पता चला है कि तुमने अपने नगर में आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता जीत ली है। नेहा! तुमने सचमुच कमाल कर दिया है। वैसे तो तुम इस जीत के योग्य हो। तुममें इतनी प्रतिभा और योग्यता है कि तुम कोई भी भाषण प्रतियोगिता जीत सकती हो। तुम पर माँ सरस्वती की कृपा है। मेरी ओर से बहुत-बहुत बधाई! तुम्हारे लिए मैंने और ज्ञानवर्द्धक पुस्तकें खरीद रखी हैं। आने पर भेंट करूँगी। ईश्वर करे, तुम आगे भी इसी प्रकार की सफलता पाती रहो।

तुम्हारी बहन
सुस्मिता

प्रश्न 4.
वसुंधरा (गाजियाबाद) निवासी निखिल गुप्ता की ओर से पत्र लिखकर अभिनव शर्मा को लिखिए जिसमें दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में प्रवेश पाने में मिली सफलता पर बधाई दी गई हो।
उत्तर-
निखिल गुप्ता
3/23, वसुंधरा
गाजियाबाद
14 मार्च, 2018
प्रिय अभिनव शर्मा!

नमस्कार!

आशा है, तुम बहुत प्रसन्न होगे। तुम्हें दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में प्रवेश मिल गया । है। यह तुम्हारे जीवन की बहुत बड़ी सफलता है। मेरी ओर से बहुत-बहुत बधाई!
प्रिय अभिनव! मुझे तुम्हारी योग्यता पर, प्रतिभा पर, दृढ़ इरादे पर और कठोर साधना पर गर्व है। भवान तुम्हें और भी उन्नति दे और मनचाही सफलता प्रदान करे। एक बार फिर से बधाई!
परंतु यार, मिठाई रह गई। तुम्हारे साथ इस खुशी को मनाने का अवसर रह गया। यह तुम्हें देखना है कि कब बुलाते हो!

तुम्हारा ही
निखिल गुप्ता

प्रश्न 5.
विद्यालय में प्रथम स्थान पर उत्तीर्ण होने पर अपने मित्र को एक बधाई-पत्र लिखिए।
उत्तर-
……….. म.नं.
……….. मोहल्ला
……………. नगर।
दिनांक-27 अप्रैल, 2018

प्रिय शिखा
मधुर स्मृति!

बहुत-बहुत बधाई हो शिखा! मुझे अभी-अभी तुम्हारी सखी नीलम का टेलीफोन संदेश मिला है। पता चला कि तुमने इस वर्ष नवम कक्षा में अपने विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। अगले वर्ष तुम्हारी बोर्ड की परीक्षा होनी है। आशा है, उसमें भी तुम अपने माता-पिता का नाम उज्ज्वल करोगी।

शिखा! मुझे इस समाचार से बहुत प्रसन्नता हुई है। मन में इतनी खुशी हुई कि सारे जरूरी काम छोड़कर तुम्हें बधाई-पत्र लिख रही हूँ। मेरी ओर से हार्दिक बधाई। ईश्वर करे तुम दिन दुगुनी रात चौगुनी तरक्की करो। मम्मी-पापा भी तुम्हें आशीर्वाद भेज रहे हैं।

पुनः बधाई के साथ।
तुम्हारी सखी
दीपा

प्रश्न 6.
तुम नवीन शर्मा, 184, जनकपुरी, नई दिल्ली के निवासी हो। अपने छोटे भाई को परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए शुभकामना-पत्र लिखो।
उत्तर-
नवीन शर्मा
184, जनकपुरी
नई दिल्ली
दिनांक-फरवरी 12, 2018
प्रिय प्रवीण

स्नेह!

आशा है सकुशल होंगे। अगले मास तुम्हारी वार्षिक परीक्षाएँ हैं मन लगार पढ़ाई करो। परिश्रम का फल अवश्य मिलता है। हमारी बहुत सी आशाएँ तुम्हारे अच्छे परिणाम से जुड़ी हुई हैं। अच्छी सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ।

तुम्हारा
नवीन शर्मा

प्रश्न 7.
बालभवन, उदयपुर के विवेक व्यास की ओर से उसके मित्र के पिता की असामयिक मृत्यु पर एक संवेदना-पत्र लिखिए।
उत्तर-
विवेक व्यास
बालभवन
उदयपुर
मार्च 25, 2012

प्रिय बंधु श्याम लाल

तुम्हारे पूज्य पिताजी की मृत्यु का दुखद समाचार सुनकर बहुत दुख हुआ। पिछले महीने ही उनसे मुलाकात हुई थी। वे स्वस्थ दिखाई दे रहे थे। मैं उनसे काफी देर तक बातचीत करता रहा। उनकी मृत्यु संभवतः अचानक ही हुई है। मन शांत होने पर लिखना कि उनका निधन किस प्रकार हुआ। हम सभी बहुत दुखी हैं।

पिता के चल जाने पर परिवार का सारा भार तुम्हारे ऊपर आ गया है। भगवान तुम्हें इस दुख को सहने की शक्ति दे। माता जी का विशेष ध्यान रखना। उनका सहारा अब तुम्हीं हो।
भगवान से प्रार्थना है कि वह दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे।

तुम्हारे दुख में दुखी-
विवेक व्यास

प्रश्न 8.
विमान दुर्घटना में आपके मित्र के भाई की मृत्यु हो गई। आप अपने मित्र को एक संवेदना-पत्र लिखिए।
उत्तर-
3/169, मालवीय नगर
वाराणसी।
27 मार्च, 2018

प्रिय मित्र रोहित

आज प्रातः ‘नवभारत टाइम्स’ में यह दुखदायी समाचार पढ़ा कि मिग विमान दुर्घटना में अक्षय की मृत्यु हो गई। समाचार में लिखा था कि वायुसेना का कोई समारोह था जिसमें अक्षय हवाई-प्रदर्शन कर रहा था। मित्र! इस संकट की घड़ी में धीरज रखना। भाभी जी को सांत्वना देना, बच्चों को सँभालना। माता-पिता भी इस हादसे से व्यथित होंगे। तुम्हारा कर्तव्य है कि परिवार को सँभालो।

भाई के चले जाने पर परिवार की सारी जिम्मेदारियाँ अब तुम्हारे ऊपर हैं। भगवान से प्रार्थना है कि तुम्हें इस भारी दुख को सहन करने की शक्ति दें। मित्र! अपने आपको अकेला मत समझना। हम सभी तुम्हारे साथ हैं।

तुम्हारा मित्र
श्री निवासना

प्रश्न 9.
विद्यालय में नियमित उपस्थित रहने और परीक्षा की तैयारी भली-भांति करते रहने की सलाह देते हुए छोटे भाई को पत्र लिखिए।
उत्तर-
समीर रखान
202, हौज काजी
दिल्ली
15.3.2018

प्रिय असलम
कैसे हो?

आशा है, तुम खुश होगे। तुम्हारी पढ़ाई भली-भाँति चल रही होगी। तुमने पीछे बताया था कि तुम रात देर तक पढ़ते हो। तुम अपनी यह आदत बदल नहीं सके हो। इसलिए मैं समझता हूँ कि कभी-कभी तुम स्कूल नहीं जा पाते होगे। अगर जाते होगे तो वहाँ नींद आती होगी। तुमने मान लिया है कि सफलता स्वयं पढ़ने से होती है। जब से तुमने कोचिंग लेना शुरू की है, तुमने स्कूल में होने वाली पढ़ाई की ओर ध्यान देना छोड़ दिया है।

प्रिय असलम! स्कूल की नियमित पढ़ाई छोड़ना ठीक नहीं है। यह तुम्हारी पढ़ाई का मूल आधार है। इससे तुम्हारे अध्यापक तुम्हारी ओर ध्यान देना छोड़ देंगे। तब तुम्हें अपनी कमजोरियों का पता नहीं चल सकेगा। तुम्हारा मार्गदर्शन भी नहीं हो पाएगा। मेरा तुमसे आग्रह है कि अपनी दिनचर्या इस प्रकार बनाओ कि स्कूल की नियमित पढ़ाई पर आँच न आए।
आशा है, तुम मेरी सलाह की ओर ध्यान दोगे।

तुम्हारा भाई
समीरखान

प्रश्न 10.
परीक्षा में कम अंक आने पर असंता और दुखी मित्र को सांत्वना-पत्र लिखिए।
उत्तर-
नीलिमा
34/7, टी.टी. नगर
भोपाल
14 मार्च, 2018
प्रिय स्नेहा

स्नेह!

मुझे पता चला है कि इस बार तुम्हारा परीक्षा-परिणाम बहुत खराब रहा। तुमने मेहनत भी खूब की थी। ट्यूशन भी रखी थी। तुम बता रही थीं कि तुम्हारे पेपर भी अच्छे हुए हैं। तब भी परीक्षा-परिणाम अच्छा नहीं रहा। यह सुनकर मेरा मन भी परेशान है। मैं समझ नहीं पा रही कि गलती कहाँ हुई है ? क्या तुमसे लिखने में कोई गलती हुई है ? या परीक्षक ने सावधानी से पेपर चैक नहीं किए ? या तुम्हारी कापी किसी नालायक बच्चे से बदल दी गई है?

प्रिय स्नेहा! पहले तो तुम अपने कम अंक आने का ठीक कारण जानो। मैं तुम्हारे पास नहीं हूँ। वरना मैं ही इसमें सहयोग करती। यदि पता चले कि कहीं गलती तुम्हारी पढ़ाई में है तो अपने अध्यापकों के पास व्यक्तिगत रूप से जाओ। उन्हें अपनी पीड़ा बताओ। तुम्हारी सफलता का रास्ता जरूर निकलेगा क्योंकि तुम सचमुच मेहनती लड़की हो। आशा है, तुम ठीक दिशा में प्रयल करोगी।

तुम्हारी ही
नीलिमा

प्रश्न 11.
आपको विद्यालय की ओर से लंदन-विद्यालय खेलकूद समारोह में भाग लेने के लिए भेजा गया। इस यात्रा व समारोह के अनुभव बताते हुए अपने मित्र को पत्र लिखें।
उत्तर-
परीक्षा भवन
क.ख.ग. केंद्र
नई दिल्ली
15 मार्च, 2018

प्रिय मित्र कपिल
नमस्कार!

आशा है, तुम हमेशा की तरह स्वस्थ और प्रसन्न होगे। मैं भी प्रसन्न और कुशल हूँ। मैं तुम्हें खुशी का यह समाचार देना चाहता हूँ कि मैं अभी-अभी लंदन-विद्यालय लंदन से लौटा हूँ। तुम जानते हो, मैंने पिछले मास लॉन टेनिस में पूरी दिल्ली में स्वर्णपदक प्राप्त किया था। उसी सिलसिले में मुझे उत्तर भारत का नेतृत्व करने के लिए लंदन-विद्यालय, लंदन में भेजा गया। मुझे वहाँ स्कूली बच्चों की एक अंतर्राष्ट्रीय टेनिस प्रतियोगिता में भाग लेना था। मेरे साथ मेरे कोच भी थे।

प्रिय कपिल! मैं 26 जनवरी, 2018 को दिल्ली से रवाना हुआ। एअर इंडिया के हवाई जहाज .. से मैं लंदन पहुँचा। पहली बार विदेश जाने के कारण मैं बहुत गद्गद था। लंदन का हवाई अड्डा देखकर मैं चकाचौंध रह गया। उससे भी अधिक आश्चर्य हुआ लंदन-विद्यालय के खेल-परिसर को देखकर। वहाँ के लोगों की व्यवस्था, सफाई, सुंदरता और समय की पाबंदी ने मुझ पर गहरा असर डाला। मुझे तीन चक्र खेलने थे। पहले मैच में मैंने स्विटजरलैंड के खिलाड़ी को आसानी से हराया। दूसरा मैच संघर्षपूर्ण था। यह इंग्लैंड के खिलाड़ी के साथ था। यह मैच मैंने 6-4, 4-6, 7-6 से जीता। अंतिम मैच रूस के खिलाड़ी के साथ था। तुम्हें यह जानकर प्रसन्नता होगी कि तुम्हारे मित्र ने यह मैच भी जीत लिया तथा स्वर्णपदक प्राप्त किया। मैं इस जीत से बहुत उत्साहित हूँ। काश! तुम भी साथ होते!

तुम्हारा मित्र
सचिन

प्रश्न 12.
आपने अपने विद्यालय में वृक्षारोपण समारोह का आयोजन करवाया और आपकी इसमें सक्रिय भागीदारी रही। इस समारोह का अनुभव बताते हुए अपने छोटे भाई को पत्र लिखें।
उत्तर-
समर दलाल
565,
प्रिय संचित

स्नेह!

आशा है, तुम स्वस्थ और प्रसन्न होगे।

संचित! कल हमारे विद्यालय में वृक्षारोपण समारोह मनाया गया था। उस आयोजन के लिए छात्रों की एक प्रबंध समिति बनाई गई थी। सौभाग्य से मुझे उस समिति का निदेशक बनाया गया था। अतः वृक्षारोपण समारोह की सारी कार्यवाही मैंने चलाई। मेरे साथ सचिव, सह-सचिव तथा . छः अन्य सदस्य थे। हमें प्राचार्य, शारीरिक शिक्षा के अध्यापक तथा अपने क्लास-टीचर का मार्गदर्शन मिला।

वृक्षारोपण समारोह में हमने 200 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा था। इसके लिए हमने 100 बच्चों का दल तैयार किया। इसके लिए हमने हर कक्षा से चार-चार छात्र-छात्राओं की एक बैठक रखी। उसमें सबके सुझाव मांगे तथा पूरी योजना तैयार की। स्कूल के पूरे परिसर तथा खेल के मैदान में 200 स्थान चुने जहाँ पौधे लगाए जाने थे। एक-एक छात्र-दल को 10-10 पौधे लगाने का जिम्मा सौंपा गया। पहले प्राचार्य की सहायता से पौधे मंगाए गए। गड़े खोदने के लिए औजार मँगाए गए। पानी, खुरपी के साथ-साथ माली की देखरेख में सुबह 8.00 बजे काम शुरू हुआ। 12 बजे तक सभी पौधे लगकर तैयार हो गए। बाद में उन पर चूने से गोल दायरे लगाए गए। . . 12 बजे विद्यालय के मंच पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। उसमें छात्राओं ने . नृत्य प्रस्तुत किया। मैंने एक भाषण दिया। सभी सहयोगी विद्यार्थियों की प्रशंसा की। एक महीने तक उनकी देखभाल करने का जिम्मा भी सौंपा गया। मेरे लिए यह दिन बहुत उत्साहपूर्ण और प्रसन्नतादायक रहा।

शेष शुभ!
तुम्हारा भाई
समर दलाल

Bihar Board Class 11 Political Science Solutions Chapter 7 राष्ट्रवाद

Bihar Board Class 11 Political Science Solutions Chapter 7 राष्ट्रवाद Textbook Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 11 Political Science Solutions Chapter 7 राष्ट्रवाद

Bihar Board Class 11 Political Science राष्ट्रवाद Textbook Questions and Answers

राष्ट्रवाद के प्रश्न उत्तर Bihar Board प्रश्न 1.
राष्ट्र किस प्रकार से बाकी सामूहिक सम्बद्धताओं से अलग है?
उत्तर:
मानव एक सामाजिक प्राणी है। ऐसा प्रकृति के कारण है। व्यक्ति अपना जीवन समूह में व्यतीत करता है। उसका ऐसा पहला समूह परिवार था, जब उसने अपना जीवन व्यतीत किया। परिवार से वह विभिन्न संघों और समाज के सम्पर्क में आया। संघ के पश्चात् राज्य और बाद में देश बना। राज्य सर्वाधिक अनुशासित और संगठित संस्था है। राज्य संगठित एवं अनुशासित है, क्योंकि इसके पास प्रभुसत्ता होती है, अर्थात् नागरिकों एवं विषयों के ऊपर राज्य एक उच्च शक्ति है। इन सभी समूहों में राष्ट्र का सामूहिक संगठन का आधार अन्य की तुलना में भिन्न होता है।

परिवार का आधार रक्त सम्बन्ध होता है। समाज का आधार लोगों का एक दूसरे पर आश्रित होना है और संघ का आधार निश्चित उद्देश्यों को प्राप्त करना है। ये सभी सामाजिक समूह लोगों के समूह हैं। राष्ट्र के संगठन का आधार राष्ट्रीयता होती है, जो समान जाति, समान इतिहास, समान संस्कृति, समान नैतिकता, समान विश्वास और समान भूगोल के लोगों का समूह होता है। राष्ट्रीयता देशभक्ति की भावना को जागृत करती है। विभिन्न तत्वों के समान राष्ट्रीयता के कारण उनके भावी स्वप्न भी समान होते हैं। इस प्रकार राष्ट्र अन्य सामाजिक समूहों से भिन्न होता है।

राष्ट्रवाद पाठ के प्रश्न उत्तर Bihar Board प्रश्न 2.
राष्ट्रीय आत्म-निर्णय के अधिकार से आप क्या समझते हैं? किस प्रकार यह: विचार राष्ट्र-राज्यों के निर्माण और उनको मिल रही चुनौती में परिणत होता है?
उत्तर:
आत्म-निर्णय का सिद्धान्त समाज की लोकतान्त्रिक और धर्मनिरपेक्षता पर आधारित है। आत्म-निर्णय के सिद्धान्त को प्रथम विश्व युद्ध के समय संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति ने प्रस्तुत किया था। आत्म-निर्णय के सिद्धान्त का तात्पर्य है कि प्रत्येक सामाजिक और सांस्कृतिक समूह या समान संस्कृति और भूगोल के लोगों.की पसन्द के कानून को चुनने का अधिकार होना चाहिए।

इसका यह भी मतलब है एक सामाजिक समूह को नियन्त्रण करने वाले कानून को सामाजिक समूहों के सामाजिक, सांस्कृतिक, भाषा सम्बन्धी क्षेत्रीय और भौगोलिक आकांक्षाओं को प्रकट करना चाहिए, जिसके लिए कानून बनाया जाता है। अधिकार के द्वारा राष्ट्र अपने आपको नियन्त्रित रखते हैं और अपने भावी विकास का निर्धारण करते हैं। इस प्रकार के आवश्यकताओं के निर्माण में राष्ट्र एक स्पष्ट राजनीतिक पहचान के रूप में अपने स्तर के अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय के द्वारा अपनी पहचान और स्वीकृति चाहते हैं।

इस प्रकार की अधिकांश माँगें. लोगों द्वारा हुई हैं, जो एक विशिष्ट स्थान पर लम्बे समय से एक साथ रहते हैं और जिन्होंने समान पहचान का दृष्टिकोण विकसित किया है। इस अधिकार ने एक ओर लोगों के आत्मविश्वास को राज्य के कार्यों में बढ़ाया है और उनके विकास को सुनिश्चित किया था। परन्तु इसी समय इस अधिकार ने राज्य व्यवस्था के लिए चुनौतियों को पेश की है और उससे अलगाव की प्रवृत्तियाँ उत्पन्न हो रही हैं। इस प्रकार इस अधिकार ने जन-विरोधी स्थिति को उत्पन्न किया है। विशेष रूप से एकीकरण की स्थिति में मुश्किलें बढ़ जाती हैं।

संयुक्त सोवियत रूस का पतन 15 राष्ट्र राज्यों में आत्म निर्णय के अधिकार की स्वीकृति के कारण हुआ। चूँकि अधिकांश समाज बहुदलीय और विरोधी हैं। प्रत्येक राज्य अल्प राष्ट्रीयता की समस्या का समाना कर रहे हैं। उदाहरण के लिए इस सन्दर्भ में श्रीलंका का नाम लिया जा सकता है, जहाँ एल.टी.टी.ई. अलग राज्य की माँग कर रहा है। इसी प्रकार भारत में भी आतंकवादी गुटों की यही माँग है। यह राष्ट्र राज्य के रूप में जम्मू कश्मीर की है। इसका समाधान राष्ट्रीय हितों और स्थानीय, क्षेत्रीय और सामाजिक हितों के बीच समझौता और समर्थन है।

राष्ट्रवाद के प्रश्न उत्तर कक्षा 11 Bihar Board प्रश्न 3.
हम देख चुके हैं कि राष्ट्रवाद लोगों को जोड़ भी सकता है और तोड़ भी सकता है। उन्हें मुक्त कर सकता है और उनमें कटुता और संघर्ष भी पैदा कर सकता है। उदाहरणों के साथ उत्तर दीजिए।
उत्तर:
राष्ट्रीयता व्यक्ति की वहं भावना है, जो राष्ट्रीय हित, राष्ट्रीय महत्त्व, राष्ट्रीय सम्मान और त्याग की भावना से सम्बद्ध है। राष्ट्रीय भावना से एक व्यक्ति अपने निजी, क्षेत्रीय, भाविक और अन्य हित के कार्य राष्ट्र के लिए और उसके सम्मान में करता है। राष्ट्रवाद समान राष्ट्रीयता के लोगों में उत्पन्न किया जाता है अर्थात् यह समान संस्कृति, जाति, इतिहास, रहन-सहन और भूगोल के लोगों का समूह है। यह एक व्यक्ति के राष्ट्र के प्रति महत्त्व की जागरुकता का परिणाम है। वह राष्ट्रीय इतिहास और गौरव के प्रति भी चैतन्य रहता है। आज राष्ट्रवाद देशभक्ति से जुड़ा हुआ है अर्थात् इससे देश के लिए त्याग और प्रेम की भावना उत्पन्न होती है।

राष्ट्रवाद एक संवेगात्मक और मनोवैज्ञानिक अवधारणा है, जो भूमि, झंडा और गाने को गौरवान्वित अवधारणा है, राष्ट्रभूमि को ‘माँ’ के रूप में जाना जाता है अर्थात् यह मातृभूमि है और यह माना जाता है कि माँ द्वारा प्रदत्त यहाँ सब कुछ है। इस प्रकार मातृभूमि ही देश है। इतिहास ऐसे अनेक उदाहरणों से भरा पड़ा है, जिनसे पता चलता है कि एक राष्ट्र और उनके लोग औपनिवेशिक और साम्राज्यवादी ताकतों के शोषण से किस प्रकार मुक्त हुए।

19 वीं और 20 वीं शताब्दी में अनेक एशियाई और अफ्रीकी देश राष्ट्रवाद के फलस्वरूप ही आजाद हुए। सकारात्मक दृष्टिकोण से राष्ट्रवाद एक धर्म है। परन्तु जब यह चरमोत्कर्ष पर होता है, तो यह मानवता के लिए हानिकारक होता है। इसका चरमोत्कर्ष और नकारात्मक रूप को अति राष्ट्रवाद (challanism) कहा जाता है। अनेक दर्शन हैं, जिनका विकास चरमोत्कर्ष राष्ट्रवाद के आधार पर हुआ है। जर्मनी में नाजीवादी और इटली में फांसीवादी दर्शन का जन्म हुआ, जिनसे निम्नता और सर्वोच्चता की भावना का जन्म हुआ। फलस्वरूप कटुता, आतंकवाद और युद्धों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी।

राजनीतिक सिद्धांत पाठ 7 के प्रश्न उत्तर Bihar Board प्रश्न 4.
वंश, भाषा, धर्म या नस्ल में से कोई भी पूरे विश्व में राष्ट्रवाद के लिए सांझा कारण होने का दावा नहीं कर सकता। टिप्पणी कीजिए।
उत्तर:
राष्ट्रीयता की भावना के विकास में निम्नलिखित कारक उत्तरदायी हैं –
1. समान विश्वास:
राष्ट्रवाद की भावना उस समय उत्पन्न होती है, जब लोगों में एक होकर रहने की भावना हो और वे एकसाथ तभी रह सकते हैं, जब उनमें आपस में विश्वास हो। जब टीम में सामूहिकता की भावना होती है, तब उनके उद्देश्य और आकांक्षाएँ समान होती हैं।

2. समान इतिहास:
जब लोगों के सुख-दुःख, विजय-पराजय, लाभ-हानि, युद्ध-शान्ति, अहिंसा-हिंसा का इतिहास समान होता है, तब एकता की भावना का विकास होता है, जो राष्ट्रवाद के लिए आवश्यक है। जब लोग अपने स्वयं का इतिहास का निर्माण करते हैं, तो उनमें राष्ट्रवादी भावना बढ़ने लगती है।

वे ऐतिहासिक साक्ष्यों का प्रयोग राष्ट्रीयता के भावना को बढ़ाने के लिए करते हैं। भारत का एक सभ्यता के रूप में लम्बा और गौरवपूर्ण इतिहास है, जो भारत का देश के रूप में आधार है और भारत में राष्ट्रीयता को बढ़ाने का साधन है। पं. जवाहर लाल नेहरू ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक ‘भारत एक खोज’ (Discovery of India) में भारतीय सभ्यता का गौरवपूर्ण इतिहास प्रस्तुत किया है।

3. समान भू-भाग:
समान भू-भाग एक अन्य महत्त्वपूर्ण कारक है, जो राष्ट्रवाद को बढ़ावा देता है। भू-भाग किसी देश की भूमि का हिस्सा होता है, जो संवेगी और आध्यात्मिक होता है, जो लोगों को एक साथ जोड़े रखता है और उनमें राष्ट्रीय भावना और राष्ट्रवाद का विकास करता है।

4. समान भावी आकांक्षाएँ:
समान भावी आकांक्षाएँ लोगों में एकता स्थापित करती हैं और राष्ट्रवाद की भावना उत्पन्न करती हैं। भविष्य के समान स्वप्न और सामूहिक सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक आकांक्षाएँ भविष्य में लोगों को एक रखती हैं। समान भावी आकांक्षाएँ देश के कार्य और राष्ट्रवाद के कार्य में सहयोग करती हैं। ये नागरिक के गुणों में वृद्धि करती हैं और इच्छा शक्ति को मजबूत करती हैं। उदाहरण के लिए पी.एल.ओ.।

5. समान संस्कृति:
राष्ट्रवाद लाने और बढ़ाने के लिए एक अन्य महत्त्वपूर्ण कारक समान संस्कृति है। समान संस्कृति में समान परम्पराओं, त्योहारों, इतिहास, भूगोल, भाषा आदि शामिल हैं, जो सामान्य हितों और उद्देश्यों को बढ़ावा देती हैं, जिससे राष्ट्रीयता की भावना का विकास होता है।

राष्ट्रवाद कक्षा 11 Bihar Board प्रश्न 5.
राष्ट्रवादी भावनाओं को प्रेरित करने वाले कारकों पर सोदाहरण रोशनी डालिए।
उत्तर:
लोकतन्त्र एक सरकारी व्यवस्था है, जो समानता, बहुलवाद, उदारवाद और धर्मनिरपेक्षता पर आधारित है। राष्ट्रवाद निश्चित रूप से एक सकारात्मक भावना है। परन्तु जब राष्ट्रवाद पराकाष्ठा पर पहुँच जाता है, तो यह नकारात्मक हो जाता है, तब यह समाज के लिए खतरनाक और हानिकारक हो जाता है।

चरमोत्कर्ष राष्ट्रवाद अनैच्छिक है, क्योंकि चरमोत्कर्ष राष्ट्रवादी व्यक्ति दूसरे लोगों के धर्म क्षेत्र, संस्कृति, भाषा आदि को हानि पहुँचाता है और इससे असहिष्णुता की भावना बढ़ती है। पराकाष्ठा की देशभक्ति एक नकारात्मक भावना है और किसी भी समाज के लिए अनैच्छिक और हानिकारक है। इससे दूसरे क्षेत्र, धर्म, संस्कृति और राष्ट्रीयता के लोगों में असहिष्णुता की भावना बढ़ती है। इसलिए ऐसे राष्ट्रवाद जो चरमोत्कर्ष पर और जो नकारात्मक हो, रोकने का उपाय होना चाहिए। निम्नलिखित मुख्य कारक हैं, जो अति राष्ट्रवाद को सीमित करते हैं –

1. लोकतन्त्रता:
लोकतन्त्र, समानता, न्याय, सहनशीलता और मानव मूल्यों पर आधारित होता है, जो किसी भी प्रकार के उग्रवाद पर रोक लगाता है। प्रजातन्त्र में उग्रवाद का कोई स्थान नहीं है। इस प्रकार लोकतन्त्र एक बड़ा कारक है, जो राष्ट्रवाद को सीमित करता है।

2. धर्मनिरपेक्षता:
धर्म निरपेक्षता एक अन्य महत्त्वपूर्ण कारक है, जो अनैच्छिक राष्ट्रवाद पर रोक लगाता है। धर्म निरपेक्षता विभिन्न धर्म, विश्वास और संस्कृति के लोगों को शान्ति का पाठ सिखाता है। यह सह-अस्तित्व पर भी जोर देता है।

3. बहुलवाद:
बहुलवाद वह विचारधारा है, जो विरोधी समाज को जोड़ता है। यह इस दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण है कि यह राष्ट्रवाद को सीमित करता है।

4. अन्तर्राष्ट्रीयवाद:
यह विचारधारा भी अति राष्ट्रवाद को रोकता है।

कक्षा 11 राष्ट्रवाद पाठ के प्रश्न उत्तर Bihar Board प्रश्न 6.
आपकी राय में राष्ट्रवाद की सीमाएँ क्या हैं?
उत्तर:
प्रशासकीय व विकास की दृष्टि का होना आवश्यक है। इसमें विभिन्न संस्कृतियाँ और समुदाय हों, जिसमें सभी अल्पसंख्यक अपने आपको सुरक्षित व गौरवान्वित महसूस करें। एक राष्ट्र की सीमाएँ प्रशासन व विकास की दृष्टि से तय होनी चाहिए। राष्ट्रवाद को मानवता पर हावी नहीं होने देना चाहिए। समूहों की पहचान देने में काफी सतर्कता बरती जाती है। लेकिन इन समूहों को राष्ट्र के रूप में स्वीकार करने से पहले यह देख लें कि वे समूह असहिष्णु तो नहीं हैं।

वे अमानवीय नहीं हैं और वे समूह दूसरे समूहों के साथ सहयोग करते हैं। एक राष्ट्र का अपना एक अतीत होता है, जो भविष्य को समेटे होता है। एक राष्ट्र की पहचान उसके भौगोलिक क्षेत्र, राजनीतिक आदर्श, राजनीतिक पहचान से जुड़ी हुई है। समूहों से अलग राष्ट्र अपना शासन अपने आप करने और भविष्य को तय करने का अधिकार चाहता है। लेकिन राष्ट्रीय आत्म-निर्णय का अधिकार ऐसे राज्यों के निर्माण की ओर ले जा सकता है, जो आर्थिक व राजनीतिक क्षमता में काफी छोटे हों और इससे उनकी समस्याएँ और बढ़ सकती हैं। इस प्रकार से हमें सहिष्णुता और विभिन्न रूपों के साथ सहानुभूति होनी चाहिए।

Bihar Board Class 11 Political Science राष्ट्रवाद Additional Important Questions and Answers

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

राजनीतिक सिद्धांत राष्ट्रवाद के प्रश्न उत्तर Bihar Board प्रश्न 1.
राष्ट्रीयता के दो तत्त्वों का उल्लेख कीजिए। (Explain the two elements of nationality)
उत्तर:
राष्ट्रीयता के दो महत्त्वपूर्ण तत्त्व निम्नलिखित हैं –

1. भौगोलिक एकता:
प्रत्येक व्यक्ति अपनी मातृभूमि के प्रति जुड़ा रहता है, जहाँ वह जन्म लेता है। जिस भूखण्ड पर अन्य व्यक्तियों के साथ-साथ वह रहता है उसको अपनी मातृभूमि से लगाव हो जाता है। इजरायल बनने से पूर्व यहूदी पूरी दुनिया में बिखरे हुए थे किन्तु उनके मन में इजराइल के प्रति लगाव था।

2. प्रजातीय शुद्धता:
एक ही प्रजाति के लोग एक राष्ट्रीयता को उत्पन्न करते हैं। परन्तु आजकल प्रवास एवं अन्तर्जातीय विवाह के कारण विशुद्ध प्रजाति का मिलना आसान नहीं है।

राष्ट्रवाद पाठ के प्रश्न उत्तर क्लास 11 Bihar Board प्रश्न 2.
आर्थिक पारस्परिक निर्भरता से क्या अभिप्राय है? (What do you mean by economic inter-dependent?)
उत्तर:
आर्थिक क्षेत्र में आज राष्ट्र-राज्यों की पारस्परिक निर्भरता बढ़ रही है। अर्थव्यवस्थाओं की बढ़ती हुई पारस्परिक निर्भरता ने अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय के सम्मुख गम्भीर चुनौतियाँ पैदा की हैं। विश्व के अधिक भागों में बढ़ती गरीबी, अप्रयुक्त मानव संसाधन, पर्यावरण के खतरों के प्रति बढ़ती जागरुकता तथा मानव जाति के अस्तित्व की समस्या जैसे मामले इसमें प्रमुख हैं। आज विश्व आर्थिक रूप में एकजुट हो गया है। सुदृढ़ भूमण्डलीय मंच स्थापित करने का अब समय आ गया है।

Rashtravad Class 11 Question Answer Bihar Board प्रश्न 3.
भारत के आर्थिक एकीकरण ने किस प्रकार राष्ट्रवाद को प्रोत्साहित किया? (How did the economic integration influenced the nationalism)
उत्तर:
आर्थिक एकीकरण के कारण गाँवों का एकान्त जीवन समाप्त हो गया तथा ग्रामीण लोग शहरों में आने लगे। शहरों में कच्चा माल आने लगा। गाँव के शिल्पकार तथा अन्य लोर मजदूरी एवं रोजगार की तलाश में शहरों में आने लगे। शहरों की राष्ट्रीय चेतना गाँवों में पहुंचने लगी। इससे राष्ट्रवाद को प्रोत्साहन मिला।

Rashtravad Question Answer Class 11 Bihar Board प्रश्न 4.
निम्नलिखित के बारे में बताइए कि क्या वे राज्य हैं? यदि हाँ तो कैसे और नहीं तो कैसे? (Are the following state? Why?)
(क) भारत
(ख) संयुक्त राष्ट्र
(ग) बिहार
(घ) संयुक्त राज्य अमेरिका
उत्तर:
(क) हाँ, भारत एक राज्य है, क्योंकि यह सम्प्रभु है।
(ख) नहीं, संयुक्त राष्ट्र एक राज्य नहीं है, क्योंकि यह तो सम्प्रभु राज्यों का संघ है।
(ग) बिहार भी राज्य नहीं है। यह भारतीय संघ की एक इकाई है।
(घ) संयुक्त राज्य अमेरिका राज्य है, क्योंकि यह सम्प्रभु है।

राष्ट्रवाद पाठ के प्रश्न उत्तर कक्षा 11 Bihar Board प्रश्न 5.
राज्य के कोई दो तत्त्व लिखिए। (Describe any two elements of a State) अथवा, राज्य के चार आवश्यक तत्त्व कौन से हैं? (What are the 4 elements of a state?)
उत्तर:
राज्य के निम्नलिखित तत्त्व होते हैं –

  1. जनसंख्या
  2. निश्चित प्रदेश
  3. सरकार
  4. सम्प्रभुता

प्रश्न 6.
राज्य और समाज के अन्तर के किन्हीं दो बिन्दुओं को बताइए। (Give two points of the difference between state and society)
उत्तर:
राज्य और समाज के बीच अन्तर –

  1. राज्य व्यक्ति के केवल बाह्य आचरण को नियन्त्रित करता है। परन्तु समाज व्यक्ति के सभी प्रकार के सामाजिक सम्बन्धों को नियन्त्रित करता है।
  2. राज्य एक अनिवार्य संगठन है, जबकि समाज ऐच्छिक है। राज्य की सदस्यता अनिवार्य है। व्यक्ति किसी न किसी राज्य का सदस्य जीवनपर्यन्त रहता है। परन्तु समाज का सदस्य बनना व्यक्ति की इच्छा पर निर्भर है।

प्रश्न 7.
राष्ट्र राज्य का अर्थ बताइए। (Give the meaning of the nation-state)
उत्तर:
राष्ट्र राज्य एक ऐसा राज्य होता है, जो राष्ट्रीयता से बना है। जब व्यक्ति सामान्य धर्म सामान्य भाषा अथवा सामान्य विरासत में बँधा होता है, तो वह एक राष्ट्र होता है। यदि वे एक स्वतन्त्र राज्य का स्वरूप धारण कर लेते हैं, तो वे एक राष्ट्र-राज्य का निर्माण करते हैं। एशिया, अफ्रीका व लैटिन अमरीका में साम्राज्यवादी शक्तियों के विरुद्ध जारी राष्ट्रीय मुक्ति आन्दोलन के परिणामस्वरूप राष्ट्र-राज्य अस्तित्व में आए।

लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
राष्ट्र-राज्य से क्या अभिप्राय है? इनके विकास में सहायक तत्त्वों का विवेचन कीजिए। (What do you mean by Nation-State? Discuss the helping elements of its development)
उत्तर:
राष्ट्र-राज्य:
राष्ट्र का स्वरूप शताब्दियों तक विकसित हुआ। राष्ट्र-राज्यों ने क्षेत्र राज्यों का स्थान ले लिया है। राष्ट्र-राज्य आपस में संघर्ष तथा सहयोग के द्वारा बँधे रहते हैं। राष्ट्र-राज्य प्रणाली राजनीतिक जीवन का एक ऐसा नमूना है, जिसमें जनता अलग-अलग सम्प्रभु राज्यों के रूप में संगठित होती है। राष्ट्र-राज्य का क्षेत्र उसमें निवास करने वाली जनसंख्या का है, किसी अन्य का नहीं। उस राज्य को राष्ट्र-राज्य नहीं कहा जा सकता, जो किसी अन्य राज्य की परिसीमा का उल्लंघन करके राष्ट्र-राज्य बनने का प्रयत्न करे।

राष्ट्र राज्य का विकास-आधुनिक राष्ट्र:
राज्य जिन्होंने इंग्लैण्ड, फ्रांस व अमरीका आदि में हुई औद्योगिक क्रान्तियों की विजय के पश्चात् सामंतशाही का स्थान लिया, नए पूँजीवादी वर्ग के राजनैतिक संगठन हैं। बीसवीं शताब्दी में एशिया, अफ्रीका व लैटिन अमरीका में साम्राज्यवादी शक्तियों के विरुद्ध जारी राष्ट्रीय मुक्ति आन्दोलनों के परिणामस्वरूप राष्ट्र-राज्य अस्तित्व में आए।

राष्ट्र-राज्य प्रणाली को प्रोत्साहित करने वाले सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण तत्त्व इस प्रकार हैं –

  1. रोमन साम्राज्य व पवित्र रोमन साम्राज्य का विखण्डन तथा सामंतवाद का अन्त।
  2. भूक्षेत्र, जनसंख्या, प्रभुसत्ता व कानून पर आधारित राष्ट्र-राज्यों का उदय।
  3. मेकियावेली, वोदां, ग्रोशियश, हाब्स, अल्यूशियस तथा अन्य विचारकों का सैद्धान्तिक व बौद्धिक योगदान।

प्रश्न 2.
ऐसे किन्हीं पाँच कारकों की व्याख्या कीजिए, जिन्होंने भारत में राष्ट्रवाद को विदेशी आधिपत्य के विरुद्ध चुनौती के रूप में प्रोत्साहित किया? (Explain any five factors which influenced the challenges against foreign rule)
उत्तर:
भारत में राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने वाले पाँच कारक –
1. विदेशी प्रभुत्व के परिणाम:
भारत में राष्ट्रवाद के उदय में सर्वप्रथम विदेशी पभुत्व ने योगदान दिया। स्वयं ब्रिटिश शासन की परिस्थितयों ने भारतीय जनता में राष्ट्रीय भावना विकसित करने में सहायता दी।

2. देश का प्रशासकीय और आर्थिक एकीकरण:
19 वीं और 20 वीं शताब्दी में भारत का एकीकरण हो चुका था और वह एक राष्ट्र के रूप में उभर चुका था। इसलिए भारतीय जनता में राष्ट्रीय भावनाओं का विकास आसानी से हुआ।

3. पश्चिमी विचार और शिक्षा:
उन्नीसवीं सदी में आधुनिक पाश्चात्य शिक्षा और विचारधाराओं के प्रसाद के फलस्वरूप बड़ी संख्या में भारतीयों ने एक आधुनिक बुद्धिसंगत, धर्मनिरपेक्ष, जनतान्त्रिक तथा राष्ट्रवादी राजनीतिक दृष्टिकोण अपनाया।

4. प्रेस तथा साहित्य की भूमिका:
वह प्रमुख साधन प्रेस था, जिसके द्वारा राष्ट्रवादी भारतीयों ने देश-भक्ती की भावनाओं का, आधुनिक, आर्थिक-सामाजिक, राजनीतिक विचारों का प्रचार किया तथा एक अखिल भारतीय चेतना जगाई।

5. सामाजिक व धार्मिक सुधार आन्दोलन:
19 वीं शताब्दी में भारत में सामाजिक व धार्मिक कुरीतियों के विरुद्ध जो अनेक सुधार आन्दोलन चलाये थे, उन्होंने भारतीय जनता में राष्ट्रीयता की भावना उत्पन्न करने में बड़ा योगदान दिया। इन आन्दोलनों ने लोगों को विदेशी शासन के कुप्रभावों और अंग्रेजों द्वारा किए जा रहे आर्थिक शोषण से भी अवगत कराया।

प्रश्न 3.
राज्य तथा संघ में कोई तीन अन्तर बताइए। (Explain any three points of difference between state and association)
उत्तर:
संघ वह संगठन होता है, जिसका निर्माण मनुष्यों के द्वारा किसी विशेष लक्ष्य की प्राप्ति के लिए किया जाता है। राज्य और संघ में निम्नलिखित अन्तर पाये जाते हैं –

1. सदस्यता का भेद (Membership):
राज्य की सदस्यता प्रत्येक व्यक्ति के लिए अनिवार्य होती है। जन्म से लेकर मृत्यु तक व्यक्ति किसी न किसी राज्य का सदस्य होता है किन्तु संघ की सदस्यता ऐच्छिक होती है। एक व्यक्ति एक समय में केवल एक ही राज्य का सदस्य हो सकता है। परन्तु वह एक समय पर अनेक संघों का सदस्य हो सकता है।

2. प्रदेश का भेद (Territory):
राज्य प्रादेशिक रूप में संगठित संघ होता है और इसका. क्षेत्र पूर्णतया निश्चित होता है। परन्तु संघ का कोई निश्चित क्षेत्र नहीं होता। रेड-क्रास सोसायटी एक ऐसा संघ है, जिसका क्षेत्र अन्तर्राष्ट्रीय है। दूसरी ओर अत्यन्त सीमित क्षेत्र वाले छोटे-छोटे संघ भी होते हैं।

3. अवधि का भेद (Tenure):
राज्य एक स्थायी संघ होता है। परन्तु संघ अधिकांशतः अल्पकालीन होते हैं।

प्रश्न 4.
राज्य और समाज में अन्तर समझाइए। (Explain the difference between state and society)
उत्तर:

  1. राज्य समाज का एक भाग है। समाज व्यक्तियों के सामाजिक सम्बन्धों का जाल होता है, जबकि राज्य व्यक्तियों का एक राजनीतिक संगठन है।
  2. समाज व्यक्ति के सभी प्रकार के सामाजिक आचरण को नियन्त्रित करता है। परन्तु राज्य व्यक्ति के केवल बाहरी सम्बन्धों को ही नियन्त्रित करता है।
  3. राज्य एक अनिवार्य संगठन है, जबकि समाज ऐच्छिक है।
  4. राज्य एक प्रादेशिक संगठन है, जबकि समाज किसी प्रकार की भौगोलिक सीमाओं में बँधा हुआ नहीं होता। वह स्थानीय, राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय हो सकता है।
  5. राज्य एक कृत्रिम संगठन है। परन्तु समाज की प्रकृति स्वाभाविक होती है।
  6. राज्य के निर्धारित विधान होते हैं, जिन्हें कानून कहा जाता है। कानून के उल्लंघन पर राज्य दण्ड देता है। समाज के अपने कायदे कानून होते हैं, जिनके उल्लंघन पर सामाजिक निर्वासन का प्रावधान होता है। इसका अर्थ है कि तब व्यक्ति को समाज से बाहर कर दिया जाता है।

प्रश्न 5.
राष्ट्रवाद के प्रमुख तत्त्वों की संक्षेप में विवेचना कीजिए। (Write short note on the main elements of Nationalism)
उत्तर:
राष्ट्रवाद के तीन मुख्य तत्त्व हैं –

  1. सम्प्रभुता
  2. क्षेत्रीय अखण्डता
  3. राज्यों की वैधानिक समानता

1. सम्प्रभुता (Sovereignty):
सम्प्रभुता का अर्थ है कि आधुनिक राष्ट्र राज्य पूर्ण रूप से स्वतन्त्र हैं। सम्प्रभु राज्य ही परस्पर दूसरे राज्यों के साथ सन्धि बनाने का अधिकार रखते हैं। सम्प्रभुता विहीन राजनीतिक इकाई को इस प्रकार संधि करने का अधिकार नहीं होता। वे अन्तर्राष्ट्रीय संगठनों का सदस्य भी नहीं बन सकते।

2. क्षेत्रीय अखण्डता (Territorial Integrity):
सम्प्रभु राज्यों को अपने भू-क्षेत्र के अन्तर्गत सर्वोच्च असीमित सत्ता प्राप्त होती है। इस पर कोई बाहरी नियन्त्रण नहीं होता। सम्प्रभुता विहीन राजनैतिक इकाई का अन्य राज्यों में कोई स्थान नहीं है। राष्ट्र-राज्य प्रणाली की यह विशेषता प्रथम विशेषता का तार्किक परिणाम है। राज्यों की सीमाओं की रक्षा हर दशा में होनी ही चाहिए।

3. राज्यों की वैधानिक समानता (Legal Equality):
सभी राष्ट्र-राज्य अन्तर्राष्ट्रीय बिरादरी के समान सदस्य हैं चाहे उनके आकार, जनसंख्या, आर्थिक संसाधन, दैनिक क्षमता आदि कितने भी असमान हों। यहाँ यह बात स्मरणीय है कि सभी स्वतन्त्र राज्यों की समानता का यह सिद्धान्त लगभग उसी समय अपनाया गया जब राष्ट्र-गान अस्तित्व में आया। 18 वीं शताब्दी के अनेक लेखकों ने भी राज्यों के समानता के सिद्धान्त का समर्थन किया।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
राज्य तथा समाज में क्या अन्तर है? दोनों किन बिन्दुओं पर परस्पर निर्भर करते हैं?
उत्तर:
राज्य और समाज के विषय में कभी-कभी कुछ लोग भ्रमित हो जाते हैं और दोनों को एक समझने लगते हैं। वास्तव में दोनों में अन्तर है। अरस्तु ने राज्य तथा समाज के बीच भेद किया था, किन्तु एक तानाशाह के लिए दोनों में से कोई भेद नहीं होता। भौगोलिक दृष्टि में दोनों (राज्य तथा समाज) प्रायः एक ही भू-भाग में स्थित होते हैं, किन्तु दोनों की उत्पत्ति, उद्देश्यों और कार्य प्रणाली में अन्तर होता है। राज्य समाज में निम्नलिखित अन्तर होता है –

1. उत्पत्ति का भेद (Origin):
व्यक्तियों के बीच पाये जाने वाले सम्बन्धों को सामूहिक रूप से समाज कहा जाता है। ये सम्बन्ध संगठित अथवा असंगठित होते हैं। परन्तु राज्य का निर्माण राजनीतिक रूप से संगठित सम्बन्धों के आधार पर ही होता है। समाज राज्य से प्राचीन है। राज्य का अस्तित्व एक समाज में ही सम्भव है।

2. प्रदेश का अन्तर (Territory):
समाज के लिए निश्चित प्रदेश आवश्यक नहीं होता। परन्तु राज्य के लिए आवश्यक है। इसके बिना राज्य की कल्पना नहीं की जा सकती। परन्तु समाज के लिए निश्चित क्षेत्र या प्रदेश होना आवश्यक नहीं है। यह स्थानीय भी हो सकता है और अन्तर्राष्ट्रीय भी।

3. लक्ष्य का भेद (Aims):
लक्ष्य की दृष्टि से समाज व्यापक लक्ष्यों वाला तथा राज्य अपेक्षाकृत संकुचित लक्ष्यों वाला संगठन है। राज्य का अस्तित्व एक महान किन्तु एक ही लक्ष्य के लिए संगठित है। समाज का अस्तित्व अनेक लक्ष्यों के लिए है, जिसमें कुछ महान तथा कुछ साधारण होते हैं।

4. सम्प्रभुता का भेद (Sovereignty):
राज्य एक प्रभुत्व सम्पन्न संस्था है, जबकि समाज केवल नैतिक बल के आधार पर ही अपने आदेशों का पालन करा सकता है।

5. कार्यक्षेत्र का भेद (Scope):
कार्य क्षेत्र की दृष्टि से भी राज्य समाज की तुलना में बहुत सीमित है। सामाजिक जीवन के अनेक ऐसे पहलू हैं, जिनका न तो राज्य से कोई सम्बन्ध है और न ही जिनमें राज्य सफलतापूर्वक हस्तक्षेप कर सकता है। राज्य व्यक्तियों के केवल बाहरी कार्यों से ही सम्बन्ध रखता है और मानव जीवन के सहयोग, सहानुभूति, सेवा और प्रेम जैसे गुणों से उसका कोई सम्बन्ध नहीं होता किन्तु समाज मानव जीवन के प्रत्येक पहलू (आन्तरिक एवं बाहरी सभी प्रकार) से सम्बन्ध रखता है।

राज्य और समाज की परस्पर निर्भरता (Inter dependence of State and Society):
राज्य और समाज में उपरोक्त भेद होते हुए भी परस्पर आन्तरिक आत्मनिर्भता होती है। सामाजिक संरचना को ध्यान में रखकर ही राज्य द्वारा कानूनों का निर्माण किया जाता है। सामाजिक एवं राजकीय नियमों के आधार पर ही सामाजिक आचरण को नियमित रखना सम्भव होता है। समाज और राज्य एक दूसरे पर निर्भर है। बार्कर का कहना है कि यदि ऐसा न होता तो राज्य की स्थापना ही नहीं हो सकती थी।

प्रश्न 2.
राष्ट्र की परिभाषा दीजिए। इसके मुख्य तत्त्वों का वर्णन कीजिए। (Define Nation What are its main elements)
उत्तर:
राष्ट्र (Nation) शब्द की व्युत्पत्ति लैटिन भाषा के ‘नेट्स’ (Natus) शब्द से हुई जिसका अर्थ होता है ‘पैदा हुआ’। इसका तात्पर्य यह है कि राष्ट्र उन व्यक्तियों से बना है, जो किसी एक विशेष प्रजाति में पैदा हुए लोगों से बना है। परन्तु आज के युग में प्रजातियों के प्रवासीकरण तथा अन्तर्जातीय विवाहों के कारण कोई विशुद्ध प्रजाति नहीं बची है। रामजे मूर के अनुसार, “राष्ट्र व्यक्ति के शरीर की भाँति होता है, जिसमें हर अंग सौहार्द्रपूर्ण, ढंग से एक दूसरे के साथ जुड़े होते हैं तथा शरीर को मजबूत बनाते हैं। इसी प्रकार राष्ट्र में रहने वाले व्यक्ति भी यदि आपसी सौहार्द्र तथा सहभागिता का त्याग कर दें, तो राष्ट्र का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।”

राष्ट्र का निर्माण राज्य और राष्ट्रीयता से होता है। बर्गेस के अनुसार, “राष्ट्र जातीय एकता के सूत्र में बंधी हुई वह जनता है, जो किसी अखण्ड भौतिक प्रदेश पर निवास करती हो।” जातीय एकता से उनका अभिप्राय ऐसी आबादी से है, जिसकी एक सामान्य भाषा और साहित्य, सामान्य परम्परा और इतिहास, सामान्य रीति-रिवाज तथा उचित और अनुचित की सामान्य चेतना हो। वास्तव में राष्ट्र ऐसे लोगों का समूह है, जो घनिष्ठता, अभिन्नता और प्रतिष्ठा की दृष्टि से संगठित है और एक मातृभूमि से सम्बन्धित है। हेज (Hayes) ने कहा है, “राष्ट्रीयता राजनीतिक एकता तथा सत्ताधारी स्वतन्त्रता को प्राप्त करके राष्ट्र बन जाती है।”

राष्ट्र के मुख्य तत्त्व:

1. प्रजातीय शुद्धता (Racial Purity):
प्रजातीय शुद्धता का अर्थ है कि एक ही समुदाय के सदस्यों की शुद्धता हो। आजकल प्रवास एवं अन्तर्जातीय विवाहों के कारण कहीं भी प्रजातीय शुद्धता प्राप्त करना आसान नहीं है।

2. भाषा समुदाय (Linguistic Association):
सामान्यतः किसी भी राष्ट्र के नागरिकों की एक आम भाषा होती है, क्योंकि इसी के माध्यम से वे अपने विचार तथा संस्कृति का परस्पर आदान-प्रदान करते हैं।

3. भौगोलिक संलग्नता (Geographical Attachment):
प्रत्येक व्यक्ति अपनी मातृभूमि से जुड़ा रहता है। इजराइल बनने से पूर्व यहूदी पूरी दुनिया में बिखरे हुए थे, किन्तु उनके मन में इजराइल के प्रति ही लगाव था।

4. धार्मिक समुदाय (Religious Association):
पहले राष्ट्र के निर्माण में धार्मिक भावनाओं की मुख्य भूमिका हुआ करती थी। उदाहरण के लिए प्रोटेस्टेंट का विरोध करने पर ब्रिटेन तथा स्पेन के बीच युद्ध छिड़ गया था। परन्तु आजकल धर्मनिरपेक्ष राष्ट्रों के निर्माण का बोलबाला है अर्थात् एक ही राष्ट्र में कई-कई धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं। वे एक सशक्त राष्ट्रीयता से बंधे रहते हैं। भारत में धर्मों के विषय में विविधता में एकता पायी जाती है।

5. सामान्य राजनीतिक आकांक्षाएँ (Political Ambitious):
सामान्य राजनीतिक आकांक्षाएँ भी इसका एक तत्त्व माना जाता है। 1971 ई. के पेरिस शान्ति सम्मेलन में इसी आधार पर Self Determination के सिद्धान्त को स्वीकार किया गया।

6. आर्थिक हितों की समरूपता (Economic Interest):
राष्ट्र निर्माण में अन्य महत्त्वपूर्ण तत्त्व होता है आर्थिक हितों की समरूपता। मिल के अनुसार, “किसी भी राष्ट्र की पहचान उसकी राजनीतिक पूर्वापरता, अपना राष्ट्रीय इतिहास तथा किसी प्राचीन ऐतिहासिक घटना पर एक सामूहिक प्रतिक्रिया तथा इससे जुड़ी स्मृतियों के आधार पर निर्मित होती है।”

प्रश्न 3.
तीसरी दुनिया के देशों में राष्ट्रवाद का उदय किस प्रकार हुआ? (How did the Nationalism rise in third world countries?)
उत्तर:
बीसवीं शताब्दी में एशिया व अफ्रीका में साम्राज्यवाद के पतन के बाद भारत, चीन, बर्मा, मिस्र, नाइजीरिया, घाना, फिजी, वियतनाम, इण्डोनेशिया, लीबिया,, सीरिया तथा अन्य राज्य अस्तित्व में आए। कई मामलों में इन राज्यों की रचना राष्ट्रीय मुक्ति संघर्षों के परिणामस्वरूप हुई। इन राष्ट्रों को सम्पूर्ण प्रभूता लम्बे संघर्षों के बाद स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद मिली।

साम्राज्वादी देशों ने इन राज्यों का खूब शोषण कर अपने को अमीर बना लिया। 19 वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध व बीसवीं शताब्दी के दौरान इन उपनिवेशों में शिक्षित शहरी वर्ग के नेतृत्व में राष्ट्रीय मुक्ति आन्दोलन का सूत्रपात हुआ तथा ये स्वतंत्र हुए और राष्ट्रीय सम्प्रभु राज्यों के रूप में उभरे। इस प्रकार द्वितीय विश्वयुद्ध के पश्चात् संसार के मानचित्र में अनेक नए राज्य दिखाई पड़े। वर्तमान में इन नवस्वतन्त्र राज्यों को तीसरी दुनिया के देशों के रूप में जाना जाता है क्योंकि ये अमरीकी अथवा सोवियत गुट में से किसी में शामिल नहीं हुए। उन्होनें स्वतंत्र विदेश नीति का अनुसरण किया। इन देशों को अविकसित अथवा विकासशील देश कहा जाता है।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए –
(Write short note on)
(क) राष्ट्र
(ख) राज्य
(ग) संघ
(घ) सरकार

  1. Nations
  2. State
  3. Association
  4. Government

उत्तर:
(क) राष्ट्र (Nation):
राष्ट्र तथा राष्ट्रीयता जिनको अंग्रेजीी में Nation तथा Nationality कहते हैं लैटिन भाषा के एक ही सामान्य शब्द ‘नेट्स’ (Natus) से निकले हैं, जिसका अर्थ ‘जन्म’ अथवा ‘जाति’ है। गार्नर के अनुसार, “राष्ट्रीयता का विकास सजातीय सामाजिक समुदाय के लोगों के सांस्कृतिक तथा मनोवैज्ञानिक रूप से आपसी विचारों के आदान-प्रदान हेतु संगठित होने के कारण हुआ है।”

रामजे मूर (Ramsey Muir) के अनुसार, “राष्ट्र व्यक्ति के शरीर की भाँति होता है, जिसमें हर अंग सौहार्द्रपूर्ण ढंग से एक दूसरे के साथ जुड़े होते हैं तथा शरीर को मजबूत बनाते हैं। इसी प्रकार राष्ट्र में रहने वाले व्यक्ति भी यदि आपसी सौहार्द तथा सहभागिता का त्याग कर दें, तो उसका अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।” बर्गेस के अनुसार, “राष्ट्र जातीय एकता के सूत्र में बंधी हुई वह जनता है, जो किसी अखण्ड भौतिक प्रदेश पर निवास करती हो।” जिमन ने लिखा है, “राष्ट्र ऐसे लोगों का समूह है, जो घनिष्ठता, अभिन्नता और प्रतिष्ठा की दृष्टि से संगठित है और एक मातृभूमि से सम्बन्धित है।”

(ख) राज्य (State):
डॉ. गार्नर के अनुसार, “राज्य एक थोड़े या अधिक संख्या वाले संगठन का नाम है, जो कि स्थायी रूप से पृथ्वी के निश्चित भाग में रहता हो। वह बाहरी नियन्त्रण से सम्पूर्ण स्वतन्त्र या लगभग स्वतन्त्र हो और उसकी एक संगठित सरकार हो, जिसकी आज्ञा का पालन अधिकतर जनता स्वभाव से करती हो।”

गिलक्राइस्ट ने लिखा है, “राज्य उसे कहते हैं, जहाँ कुछ लोग एक निश्चित प्रदेश में एक सरकार के अधीन संगठित होते हैं। यह सरकार आन्तरिक मामलों में अपनी जनता की प्रभुसत्ता को प्रकट करती है और बाहरी मामलों में अन्य सरकारों से स्वतन्त्र होती है।” मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। वह समाज में ही रहना चाहता है। एक निश्चित सीमा में बिना किसी नियन्त्रण के गठित सरकार के अधीन संगठित लोगों के समुदाय को राज्य कहा जाता है।

(ग) संघ (Association):
मेकाइवर के अनुसार संघ व्यक्तियों या सदस्यों के ऐसे समूह को कहा जाता है, जो एक सामान्य लक्ष्य के लिए संगठित है। एक प्रकार के विशेष उद्देश्य रखने वाले व्यक्ति एक दूसरे के समीप आते हैं और समूह बनाकर अर्थात् संगठित होकर इन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए कार्य करते हैं। यद्यपि राज्य भी मानव आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए गठित एक संगठन होता है। परन्तु राज्य में चार तत्त्व होते हैं-जनसंख्या, भू-भाग, सरकार और सम्प्रभुता जबकि संघ को निश्चित भू-भाग की आवश्यकता नहीं होती। इसकी सदस्यता ऐच्छिक होती है। राज्य की तरह संघ सम्प्रभु नहीं होते।

(घ) सरकार (Government):
बहुत से लोग राज्य तथा सरकार को एक ही अर्थ में प्रयुक्त करते हैं। लुई चौदहवाँ (फ्रांस का सम्राट) कहा करता था, “मैं ही राज्य हूँ।” परन्तु सरकार तो राजा का एक तत्त्व है। सरकार सार्वजनिक नीतियों को निर्धारित करने वाली तथा सार्वजनिक हितों को लागू करने वाली एक एजेन्सी अथवा तन्त्र है। सरकार वास्तव में राज्य सत्ता की प्रत्यक्ष अभिव्यक्ति है। राज्य में सरकारें बदलती रहती है। परन्तु राज्य स्थायी तौर पर बना रहता है। सरकार के तीन अंग होते हैं –

  1. कार्यपालिका
  2. विधायिका
  3. न्यायपालिका

प्रश्न 5.
राज्य किसे कहते हैं? राज्य के प्रमुख तत्त्वों की संक्षेप में व्याख्या कीजिए। (What is state Explain the main elements of a state)
उत्तर:
एक निश्चित सीमा में बिना किसी बाहरी नियन्त्रण के गठित सरकार के अधीन संगठित लोगों के समुदाय को राज्य कहा जाता है। मानव स्वभाव से एक सामाजिक प्राणी है। लास्की ने कहा है कि राज्य एक भूमिगत समाज है, जो शासक और शासितों में बँटा रहता है।

अरस्तू ने कहा था कि राज्य का जन्म जीवन की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए हुआ है और आज भी आदर्श जीवन की प्राप्ति के लिए इसका अस्तित्व बना हुआ है। गार्नर के अनुसार, “राज्य बहुसंख्यक व्यक्तियों का ऐसा समुदाय है, जो किसी प्रदेश के निश्चित भाग में स्थायी रूप से रहता हो, बाहरी शक्ति के नियन्त्रण से पूर्ण रूप से या आंशिक रूप से ही स्वतन्त्र हो और जिसमें ऐसी सरकार विद्यमान हो, जिसके आदेश का पालन नागरिकों के विशाल समुदाय द्वारा स्वभावतः किया जाता है।” राज्य के तत्त्व-राज्य के निम्नलिखित चार अनिवार्य तत्व होते हैं –

1. जनसंख्या (Population):
राज्य को बनाने के लिए जनसंख्या आवश्यक है। हम किसी निर्जन प्रदेश को राज्य नहीं कह सकते। किसी राज्य की जनसंख्या कितनी हो यह नहीं कहा जा सकता है। प्लूटो ने राज्य की जनसंख्या 5000 तथा रूसो ने 10,000 निश्चित की थी। परन्तु आजकल विशाल राज्य है, जिनकी जनसंख्या करोड़ों में है। भारत और चीन की जनसंख्या एक अरब से भी अधिक है। अरस्तु का यह कथन था कि राज्य की जनसंख्या इतनी हो, जिससे कि वह आत्मनिर्भर रह सके। आज भारत की अनेक समस्याओं का कारण उसकी अधिक जनसंख्या है।

2. भू-भाग (Territory):
प्रत्येक राज्य का अपना एक निश्चित भू-भाग होता है। इस निश्चित भू-भाग से प्रेम करने के कारण देशभक्ति का उदय होता है। राष्ट्रीय आन्दोलन के समय अनेक वीरों ने अपनी मातृभूमि के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया है। निश्चित भू-भाग राज्य के लिए इस कारण अनिवार्य है कि राज्य की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए दूसरे राज्यों द्वारा किए जाने वाले हस्तक्षेपों को रोका जा सके। निश्चित भू-भाग के अन्तर्गत भूमि, जल तथा वायु तीनों ही क्षेत्र आते हैं। राज्य का अधिकार अपने भू-क्षेत्र, समुद्री क्षेत्र तथा आकाश आदि सभी पर होता है। राज्य का भू-भाग रूस के समान विशाल तथा सेन्ट मरीना जितना छोटा भी हो सकता है।

3. सरकार (Government):
राज्य का एक प्रमुख तत्त्व सरकार भी है। जनता जब तक समुचित ढंग से संगठित नहीं होती, तो राज्य नहीं बन सकता। सरकार एक निर्धारित भू-भाग में रहने वाले लोगों के सामूहिक उद्देश्यों की तरफ भी ध्यान देती है। सरकारें नीति निर्धारण और उनको क्रियान्वित करने का कार्य करती है। सरकार की अनुपस्थिति में गृह युद्ध होने की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। सरकार के विभिन्न रूप होते हैं। लोकतन्त्र, कुलीन तन्त्र तथा अधिनायक तन्त्र की सरकारें हो सकती है। इसके आलावा संसदात्मक तथा अध्यक्षात्मक सरकारें हो सकती हैं।

4. सम्प्रभुता (Sovereignty):
सम्प्रभुता भी राज्य का एक अनिवार्य तथा महत्त्वपूर्ण तत्त्व है। किसी निश्चित भू-भाग में रहने वाली जनसंख्या को एक सरकार के अधीन नियन्त्रित हो जाने मात्र से ही उसे राज्य का दर्जा प्राप्त नहीं हो जाता, क्योंकि इसके लिए सम्प्रभुता का होना भी आवश्यक है। सम्प्रभुता दो प्रकार की होती है –

  • एक आन्तरिक सम्प्रभुता और
  • बाह्य सम्प्रभुता।

आन्तरिक सम्प्रभुता का अर्थ है राज्य का अपनी सीमा के भीतर एकाधिकार। इसमें किसी दूसरे राज्य का हस्तक्षेप नहीं होता। उसकी इस स्वतन्त्रता में किसी बाहरी सत्ता का हस्तक्षेप नहीं होता। 1947 ई. से पूर्व भारत में अन्य सभी तत्त्व मौजूद थे, किन्तु उसे राज्य का दर्जा प्राप्त नहीं था, क्योंकि तब तक भारत सम्प्रभुता सम्पन्न नहीं था।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
उग्र राष्ट्रवाद किसका समर्थन करता है?
(क) सैनिकवाद
(ख) विश्वशान्ति
(ग) अहिंसा
(घ) आतंकवाद
उत्तर:
(ग) अहिंसा

प्रश्न 2.
अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त अधिकार –
(क) भारत में निवास करने वाले सभी व्यक्तियों में उपलब्ध है।
(ख) भारत में नागरिकों को ही उपलब्ध है।
(ग) विदेशियों को भी उपलब्ध है।
(घ) इनमें से किसी को भी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर:
(ख) भारत में नागरिकों को ही उपलब्ध है।

Bihar Board Class 8 Hindi Solutions Chapter 12 विक्रमशिला

Bihar Board Class 8 Hindi Book Solutions Kislay Bhag 3 Chapter 12 विक्रमशिला Text Book Questions and Answers, Summary.

BSEB Bihar Board Class 8 Hindi Solutions Chapter 12 विक्रमशिला

Bihar Board Class 8 Hindi विक्रमशिला Text Book Questions and Answers

प्रश्न – अभ्यास

पाठ से

Class 8th Hindi Bihar Board प्रश्न 1.
विक्रमशिला नामकरण के संदर्भ में जनश्रुति क्या है ?
उत्तर:
विक्रमशिला नामकरण के संदर्भ में जनश्रुति है कि विक्रम नामक यक्ष का दमन कर यहाँ बिहार (भ्रमण योग भूमि) बनाया गया। जिसके कारण इस भू-भाग का नाम विक्रमशीला रखा गया ।

Bihar Board Solution Class 8 Hindi प्रश्न 2.
विक्रमशीला कहाँ अवस्थित है ?
उत्तर:
विक्रमशीला बिहार राज्य के भागलपुर जिला में कहलगाँव के पास अंतिचक गाँव में अवस्थित है।

Bihar Board Class 8 Hindi Solutions प्रश्न 3.
यहाँ के पाठ्यक्रम में क्या-क्या शामिल था?
उत्तर:
यहाँ के पाठ्यक्रम में तंत्र शास्त्र, व्याकरण न्याय, सृष्टि-विज्ञान, शब्द-विद्या, शिल्प-विद्या, चिकित्सा-विद्या, सांख्य, वैशेषिक, अध्यात्म विद्या विज्ञान, जादू एवं चमत्कार विद्या शामिल थे।

पाठ से आगे

Bihar Board Class 8 Hindi प्रश्न 1.
परिभ्रमण के दौरान आप इस स्थल का चयन करना क्यों पसंद करेंगे?
उत्तर:
परिभ्रमण के दौरान इस स्थल का चयन हम इसलिए करेंगे क्योंकि यह स्थान ऐतिहासिक है। यहाँ कभी आर्यभट्ट जैसे विश्वविख्यात खगोलशास्त्री ने अध्ययन कर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाया था । अतः शिक्षार्थियों के लिए यह स्थल नमन करने योग्य है।

Bihar Board Class 8 Hindi Solution प्रश्न 2.
इस विश्वविद्यालय को आधुनिक बनाने के लिए आप क्या-क्या सुझाव देंगे?
उत्तर:
इस विश्वविद्यालय को आधुनिक बनाने के लिए हमारा सुझाव है कि इस विश्वविद्यालय को समृद्ध करें । ज्ञान-विज्ञान का अध्यापन आधुनिक ढंग से करवाया जाये । समृद्ध पुस्तकालय समृद्ध प्रयोगशाला का होना अनिवार्य

बिहार बोर्ड क्लास 8 हिंदी सलूशन प्रश्न 3.
तंत्र विद्या के बारे में आप क्या जानते हैं ?
उत्तर:
तंत्र-विद्या को जानने वाले तांत्रिक कहलाते हैं। इस विद्या से आसानीपूर्वक कोई कार्य शीघ्र कर लिया जाता है।

Bihar Board 8th Class Hindi Book प्रश्न 4.
निम्नलिखित संस्थाओं को उनकी श्रेणी के अनुसार बढ़ते क्रम में सजाइए।
उत्तर:

  1. प्रारम्भिक विद्यालय,
  2. प्राथमिक विद्यालय,
  3. माध्यमिक विद्यालय,
  4. महाविद्यालय,
  5. विश्वविद्यालय।

व्याकरण

संधि : दो वर्गों के मेल से होनेवाले परिवर्तन को संधि कहते हैं। जैसे-पुस्तक + आलय = पुस्तकालय अ + आ = आ,

संधि के तीन भेद होते हैं-

  1. स्वर संधि,
  2. व्यंजन संधि,
  3. विसर्ग संधि ।

स्वर संधि : दो स्वर वर्णों के मेल से होने वाले परिवर्तन को ‘स्वर संधि’ कहते हैं।

जैसे-विद्या + अर्थी = विद्यार्थी, आ + अ = आ।

व्यंजन संधि : व्यंजन वर्ण के साथ स्वर अथवा व्यंजन वर्ण के मेल से होने वाले परिवर्तन को ‘व्यंजन संधि’ कहते हैं। जैसे दिक् + गज = दिग्गज।

विसर्ग संधि : विसर्ग के साथ स्वर या व्यंजन के मेल से जो परिवर्तन होता है उसे विसर्ग संधि कहते हैं। जैसे-मनः + रथ =, मनोरथ

Bihar Board Class 8 Hindi Book Solution प्रश्न 1.
ऊपर दी गई जानकारी के आधार पर संधि-विच्छेद कर संधि का नाम लिखिए।

प्रश्नोत्तर :

  1. अतिशयोक्ति = अतिशय + उक्ति = स्वर संधि
  2. सर्वाधिक = सर्व + अधिक = स्वर संधि
  3. परीक्षा = परि + इच्छा = व्यञ्जन संधि
  4. उल्लेखनीय = उत् + लेख + अनीय = स्वर संधि
  5. पुस्तकालय = पुस्तक + आलय = स्वर संधि
  6. शोधार्थी = शोध + अर्थी = स्वर संधि
  7. विद्यार्थी = विद्या + अर्थी = स्वर संधि
  8. प्रत्येक = प्रति + एक = स्वर संधि
  9. नवागत = नव + आगत = स्वर संधि
  10. उच्चादर्श = उच्च + आदर्श = स्वर संधि
  11. नामांकित = नाम + अंकित = स्वर संधि
  12. अवलोकितेश्वर = अवलोकित + ईश्वर = स्वर संधि

Class 8 Hindi Bihar Board प्रश्न 2.
ऊपर बॉक्स में दी गई जानकारी के आधार पर निम्नलिखित शब्दों का समास बताइए
प्रश्नोत्तर:

  1. अभेद्य = नज समास ।
  2. अखण्ड = नत्र समास. ।
  3. पथरघट्टा = तत्पुरुष समास ।
  4. द्वारपंडित = तत्पुरुष समास ।
  5. कुलपति = तत्पुरुष समास ।
  6. शिक्षा केन्द्र = तत्पुरुष समास ।
  7. देश-विदेश = द्वन्द्व समास ।
  8. अलौकिक = नब समास ।

Class 8 Hindi Bihar Board Solution प्रश्न 3.
संधि और समास में अंतर बताइए।
उत्तर:
संधि और समास में निम्नलिखित अंतर है

  1. संधि में दो वर्णों का मेल होता है । जैसे देव + आलय = देवालय समास में दो पदों का मेल होता है। गंगाजल ।
  2. संधि में वर्ण मेल से वर्ण परिवर्तन होते हैं। समास में दो पदों (शब्दों) के बीच का कारक के चिह्न (विभक्ति) का लोप हो जाता है। जैसे-गंगा का जल = गंगाजल ।

गतिविधि

Class 8 Hindi Chapter 12 प्रश्न 1.
विक्रमशिला विश्वविद्यालय के भाँति प्राचीन काल में भारत में ‘नालंदा, तक्षशिला आदि विश्वविद्यालय शिक्षा के केन्द्र से उसके सम्बन्ध में शिक्षक से जानकारी प्राप्त कीजिए।
उत्तर:
छात्र स्वयं करें।

Bihar Board Class 8th Hindi Solution प्रश्न 2.
सहपाठियों एवं अध्यापकों के साथ विक्रमशिला का परिभ्रमण कीजिए एवं वहाँ प्राप्त पुरातात्त्विक सामग्रियों की एक सूची तैयार कीजिए।
उत्तर:
छात्र स्वयं करें।

विक्रमशिला Summary in Hindi

संक्षेप–विश्वविद्यालय महान खगोल शास्त्री “आर्यभट्ट” एवं तिब्बत ‘ में बौद्ध धर्म तथा लामा सम्प्रदाय के संस्थापक ‘अतिश दीपंकर’ की विद्यास्थली विक्रमशीला प्राचीन भारत को ज्ञान-विद्या के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठता प्रदान करने वाली विश्वविद्यालय में एक था।

बिहार राज्य के भागलपुर जिला में कहलगांव के पास अंतीचक गाँव में इसकी स्थापना आठवीं शदी के मध्य पालवंश के प्रतापी राजा धर्मपाल ने किया था जो बौद्धिक शक्ति प्रधान स्थली होने के कारण अंतर्राष्ट्रीय क्षितिज पर

चमकने लगा। अपने आचार्यों के विक्रमपूर्ण आचरण के कारण तथा अखंडशील सम्पन्नता के कारण ही इस विश्वबिद्यालय का नाम विक्रमशीला पड़ा। यह भी किंवदंति है कि विक्रम नामक यक्ष को दमन कर इस स्थान को विहार (भ्रमण) के लायक बनाया गया।

इस प्रांगण में ‘छ: महाविद्यालय प्रत्येक महाविद्यालय के गेट पर “द्वार पण्डित” नियुक्त थे। जो तंत्र, योग, न्याय, काव्य और व्याकरण में पारंगत थे। वे महाविद्यालय में दाखिला पाने के पूर्व महाविद्यालय के द्वार पर ही मौखिक परीक्षा लेते थे। जो छात्र द्वार पण्डितों के प्रश्नों का उत्तर दे देते । वही विक्रमशीला विश्वविद्यालय के छात्र के रूप में दाखिला पाते थे।

इस विश्वविद्यालय में समृद्ध पुस्तकालय जहाँ तत्र, तर्क, दर्शन और बौद्ध दर्शन से संबंधित ग्रंथों का विशाल संग्रह मौजूद था। अधिकृत आचार्य और शोधार्थी द्वारा पाण्डुलिपियों को तैयार किया जाता था। राजा गोपाल के समय अष्टशाहस्रिका प्राज्ञ पारमिता नामक प्रसिद्ध ग्रंथ यही तैयार किया गया था जो आज भी ब्रिटिश म्युजियम, लंदन में धरोहर रूप में रखा हुआ है।

यहाँ धन-शील, धैर्य, वीर्य, ध्यान, पाज्ञा, कौशल्य प्राणिधान बल एवं ज्ञान -10 परिमिताओं में पारंगत करवाकर छात्र को महामानव बना दिया जाता था। . दसवीं-ग्यारहवीं सदी तक यह पूर्वी एशिया महादेश का ज्ञान-दान का सबसे बड़ा केन्द्र बन चुका था।

छात्रों के लिए प्रथम वर्ग ‘भिक्षु वर्ग’ था । यहाँ का छात्र बन जाना ही गौरव की बात मानी जाती थी। देश-विदेश में राजा-महाराजाओं से यहाँ के ही छात्र सम्मान पुरस्कार का हकदार बन जाते थे।

यहाँ तंत्र, व्याकरण, न्याय, सृष्टि-विज्ञान, शब्द-विद्या, शिल्प-विद्या, ” चिकित्सा-विद्या, सांख्य, वैशेषिक, आत्मविद्या, विज्ञान, जादू एवं चमत्कार विद्या इस विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में सम्मलित थे। अध्यापन का मध्यम संस्कृत भाषा थी।

तेरहवीं सदी के आरम्भ में तुर्कों के आक्रमण के कारण इस विश्वविद्यालय का विनाश हो गया। तुर्कों ने इसे भ्रमवश किसी का किला मानकर इसे तहस-नहस कर दिया था। यह बात “तबाकत-ए-नासीरी” नामक ग्रंथ में सम्यक् रूप से वर्णित है।

वर्तमान सरकार की सकारात्मक सोच और पुरातात्विक विभाग के प्रयास से गुमनाम यह विश्वविद्यालय पुनः सुर्खियों में आ रहा है। खुदाई के बाद 50 फीट ऊँची एवं 73 फीट चौड़ी इमारत के रूप में चैत्य प्राप्त हुए हैं। भूमि स्पर्श की मुद्रा में साढ़े चार फीट की भगवान बुद्ध

की मूर्ति, पदमासन पर बैठे अवलोकितेश्वर की कांस्य प्रतिमा, पद्मपाणि, मैत्रेय की प्रतिमा तथा क्षतिग्रस्त कुछ सीलें उपलब्ध हुए हैं। शैक्षणिक परिभ्रमण के दृष्टिकोण से यह स्थान दर्शनीय एवं ज्ञानवर्धक

Bihar Board Class 7 Social Science Geography Solutions Chapter 7 जीवन का आधार : पर्यावरण

Bihar Board Class 7 Social Science Solutions Geography Hamari Duniya Bhag 2 Chapter 7 जीवन का आधार : पर्यावरण Text Book Questions and Answers, Notes.

BSEB Bihar Board Class 7 Social Science Geography Solutions Chapter 7 जीवन का आधार : पर्यावरण

Bihar Board Class 7 Social Science जीवन का आधार : पर्यावरण Text Book Questions and Answers

अभ्यास के प्रश्नोत्तर

I. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए 

Bihar Board Class 7 Geography Book Solution प्रश्न 1.
वृक्षों की संख्या-वृद्धि के लिए आप क्या-क्या कर सकते हैं ?
उत्तर-
वृक्षों की संख्या-वृद्धि के लिए हमें संकल्पबद्ध होना पड़ेगा । हमें । संकल्प लेना होगा कि प्रत्येक वर्ष हम कुछ-न-कुछ वृक्ष अवश्य रोपेंगे और उसकी देखभाल करेंगे, बहुत नहीं तो कम-से-कम वर्ष में 5 वृक्ष । फलदार वृक्ष हो तो बहुत अच्छा, पत्तेदार वृक्ष तो पर्यावरण के लिए प्राण माने जाते हैं। हम न तो वृक्ष काटेंगे और न किसी को काटने देंगे । पशओं से रक्षा के लिए हम वृक्षों की घेराबन्दी कर देंगे।

Bihar Board Class 7 Social Science Solution In Hindi प्रश्न 2.
नदियों के जल को स्वच्छ बनाने के लिए आप क्या-क्या कर सकते हैं ?
उत्तर-
नदियों के जल को स्वच्छ रखने के लिए हम गाँव-नगर के नाले ‘नलियों को नदियों तक पहुँचने के पहले ही रोक कर गन्दे जल की सफाई करके नदियों में छोड़ेंगे । नदी तट पर अवस्थित कारखानों पर दबाव डालेंगे कि कारखानों के कचरा की सफाई कर ही उसके जल को नदी में छोड़ें । मृत पशुओं के शव को नदी में नहीं बहाने देंगे । इस काम के लिए एक संगठन खड़ा करना होगा और नदी तट के सभी गांवों में उसकी शाखाएँ संगठित करनी होंगी।

Class 7 Geography Bihar Board प्रश्न 3.
उन क्रियाकलापों की सूची बनाइए जिनसे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है?
उत्तर-
वे क्रियाकलाप निम्नांकित हैं जिनसे पर्यावरण को नकसान पहँचता है:

  1. खनिज ईंधनों से चलने वाली सवारियों के साधनों से निकलने वाले धुएँ से।
  2. खनिज कोयला जलाने वाले कल-कारखानों से निकले धुएँ से ।
  3. आवाज करनेवाले कारखानों तथा मोटर-वाहनों के कर्कश हॉर्न की आवाज से ।
  4. पेड़-पौधों की अंधा-धुंध कटाई से ।।
  5. नदी, तालाब, कुआँ आदि के जल को गंदा करने से ।
  6. पॉलीथीन के उपयोग से ।

Bihar Board Class 7 Hamari Duniya Solution प्रश्न 4.
पॉलीथीन के विकल्प क्या-क्या हो सकते हैं ?
उत्तर-
रद्दी कागज के ठोंगा के साथ जूट के थैला, कपड़े का थैला या इसी प्रकार किसी प्रकार के थैला पॉलीथीन के विकल्प हो सकते हैं।

Bihar Board Class 7 Hamari Duniya प्रश्न 5.
पता कीजिए कि कितने घरों का बेकार पानी बाहर गली या सड़क पर गिरता है । कितने घरों का पानी सोख्ता गड्ढे में गिरता है ?
उत्तर-
मेरे गाँव के किसी भी घर का पानी गली या सड़क पर नहीं गिरता । सभी ने कोई-न-कोई व्यवस्था कर रखी है । गली में जो घर हैं उनका पानी नाली में गिरता है । नाली का पानी मुख्य सड़क के बड़े नाले में गिरता है, जो गाँव के बाहर दक्षिण में अवस्थित एक गड्ढे में एकत्र होता है जो कुछ घर लाने से सम्बद्ध नहीं हैं, उन्होंने सोख्ता गड्ढा बना रखा है और घर का पानी उसी में गिराते हैं ।

Bihar Board 7th Class Social Science Solution प्रश्न 6.
शहरी एवं ग्रामीण पर्यावरण में क्या-क्या अंतर दिखाई पड़ते हैं?
उत्तर-
शहरी पर्यावरण दमघोंटू रहता है, जबकि गाँव का पर्यावरण खुला-खुला होता है । शहरों में पेड़-पौधों की कमी होती है जबकि गाँवों में अपेक्षाकृत अधिकता है। शहरों में छोटे-बड़े वाहनों की रेलमपेल है वहीं गाँवों में खनिज तेल चालित वाहन एक-दुकं ही दिख पड़ते हैं । गाँवों में सायकिल, बैलगाड़ा, टमटम ही अधिक दिखते हैं ।

Bihar Board Class 7 History Solution In Hindi प्रश्न 7.
प्रदूषण के क्या कारण हैं ? इनका हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
उत्तर-
अधिक भीड़-भाड़ में पेट्रोल-डीजल चालित वाहन चलाने से उनके द्वारा निकले धुएँ से वायु प्रदूषण होता है । मशीनों, वाहनों, हॉर्न, लाउडस्पीकरों द्वारा निकले कर्कश आवाज से ध्वनि प्रदूषण होता है । नदियों में गन्दगी मिलाने, तालाबों में कपड़ा साफ करने और पशुओं को नहलाने, कुएं के निकट कचड़ा एकत्र करने से जल प्रदूषण होता है ।

प्रदूषण का हमारे जीवन पर प्रभाव-वाय प्रदुषण से श्वास रोग होता है, जबकि ध्वनि प्रदूषण से कान की बीमारी होती है और कभी-कभी बहरेपन का शिकार भी होना पड़ता है । जल प्रदूषण से पेट की बीमारियाँ होती हैं । खास कर डायरिया का प्रकण बढ़ता है।।

Bihar Board Class 7 Social Science Solution प्रश्न 8.
हम ग्लोबल वार्मिग को कैसे कम कर सकते हैं ?
उत्तर-
ग्लोबल वार्मिंग को कम करने के लिए हमें अपनी सुविधाओं में । कटौती करनी होगी। फ्रीज, एसी, खनिज तेल चालित वाहनों का उपयोग कम करना पड़ेगा । हमें वे सब उपाय अपनाने पड़ेंगे, जिनसे ओजन परत की क्षति नहीं होने पाये और सूर्य से आने वाली पराबैंगनी किरणें पृथ्वी तक नहीं पहुँच पाएँ ।

II. क्रियाकलाप

Bihar Board Solution Class 7 Social Science प्रश्न 1.
सीमा को शहर जाने के क्रम में पर्यावरण की जो चीजें नजर आई उन्हें निम्नलिखित स्तंभ में सचीबद्ध कीजिए:
उत्तर-

मानव निर्मित पर्यावरण- प्राकृतिक पर्यावरण-
हरे-भरे खेत, बाग-बगीचे उड़ती चिड़ियाँ
खिले फूल ठंडी हवा
बस, ऑटो रिक्शा धूप
सजी दुकानें गंगा नदी का किनारा
गाड़ियों का धुआँ सोंस (डॉल्फिन)
गाड़ियों का हॉर्न गर्मी
बड़े मकान कार्बन डाइऑक्साइड
कूड़ा-कचरा वायुमंडल
नाली-नाला सूर्य की किरणें

Class 7 Social Science Bihar Board प्रश्न 2.
आपके आस-पास पर्यावरण में जो चीजें पाई जाती हैं उन्हें उचित स्तंभों में लिखिए :
उत्तर-

मानव निर्मित- प्राकृतिक-सांस्कृतिक-
घर नदी
स्कूल पहाड़
टेबुल, कुर्सी सूर्य
सायकिल चन्द्रमा
बैलगाड़ी गर्मी, जाड़ा, बरसात
फसल जंगल
खलिहान मैदान
सड़क पर्व-त्योहार
रेल शादी-विवाह
पुल तीर्थ-यात्रा और मंदिर

III. सही विकल्प पर सही (✓) का निशान लगाएँ।

Bihar Board Class 7 Civics Book Solution प्रश्न 1.
जल प्रदूषण हो रहा है :
(क) पौधो के कटाव से
(ख) वाहन चलाने से
(ग) पानी पीने से
(घ) पानी में दूषित पदार्थ मिलने से
उत्तर-
(घ) पानी में दूषित पदार्थ मिलने से

Bihar Board Class 7 Geography प्रश्न 2.
पानी की शुद्धता हो सकती है:
(क) मच्छर पालने से
(ख) तोता पालने से
(ग) बत्तख पालने से
(घ) मछली पालने से
उत्तर-
(घ) मछली पालने से

Bihar Board Class 7 History Book Solution प्रश्न 3.
बढ़ती जनसंख्या के कारण हो रहा है
(क) वृक्षों का तेजी से कटाव
(ख) भवनों का निर्माण
(ग) आधारभूत संरचना का निर्माण
(घ) इनमें सभी
उत्तर-
(घ) इनमें सभी

Bihar Board Class 7th Social Science Solution प्रश्न 4.
पर्यावरण संरक्षण के लिए किया जाना चाहिए :
(क) खूब पौधे लगाना
(ख) गंदे जल की उचित निकासी का प्रबंध
(ग) गाड़ियों का कम उपयोग
(घ) इनमें सभी
उत्तर-
(घ) इनमें सभी

Bihar Board Class 7 Social Science जीवन का आधार : पर्यावरण Notes

पाठ का सार संक्षेप

शहरों, नगरों और महानगरों में भीड़-भाड बढ़ती जा रही है। यातायात के साधनों में ऑटोमोबाइल की संख्या दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। एक तो मोटर कार और मोटर साइकिलों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि होती जा रही है और दूसरे सड़कों की चौड़ाई पहले जैसी ही है । इस कारण ये खनिज तेल चालित सवारियाँ सड़कों पर चलती नहीं, बल्कि रेंगती है ।

इसका फल होता है सड़कों पर धुआँ-ही-धुआँ दिखाई देता है । इससे पैदल चलने वालों तक की परेशानी बढ़ती है । आँखों में जलन होने लगती है। साँस लेने में कठिनाई होने लगती है ‘ तात्पर्य कि वायु बुरी तरह प्रदूषित हो जाती है । गाड़ियों से निकले ईंधन की आवाज और हॉनों की कर्कश आवाज से ध्वनि प्रदूषण में वृद्धि होती है । नदियाँ लागों के गलत उपयोग के कारण प्रदूषित होने लगी

हैं । गंगा नदी जैसी पवित्र नदी का जल भी प्रदूषित हो चला है । पॉलिथीन मिश्रित कूड़ा-कचरा से भूमि भी प्रदूषित होने लगी है । इस प्रकार हम देखते हैं कि हमारा पर्यावरण कई तरह से प्रदूषित हो रहा है, जैसे

  1. वायु प्रदूषण
  2. ध्वनि प्रदूषण
  3. जल प्रदूषण तथा
  4. भूमि प्रदूषण ।

देश में उद्योग-धंधों की वृद्धि से कारखानों की वृद्धि होने लगी है । उनकी चिमनियों से रात-दिन धुआँ निकलते रहता है। पहले जहाँ पेड़-पौधों के कारण हरियाली रहती थी वहीं आज कंकड़-ईंट-सीमेंट का जगल दिखाई देता है । एक तो पेड़-पौधों की कमी और दूसरे यातायात के साधन, फ्रिज, एसी, जेनरेटर के अबाध उपयोग से ताप में वृद्धि होती जा रही है । यह किसी एक शहर, राज्य या देश की बात नहीं है । यह बात सम्पूर्ण विश्व की समस्या बन गई है। इसी कारण इसे भूमंडलीय तापन (ग्लोबल वार्मिंग) कहा जा रहा है। यदि सही कहा जाय तो इसका जिम्मेदार स्वयं मानव ही है।

Bihar Board Class 10 Hindi Solutions गद्य Chapter 11 नौबतखाने में इबादत

Bihar Board Class 10 Hindi Book Solutions Godhuli Bhag 2 गद्य खण्ड Chapter 11 नौबतखाने में इबादत Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

BSEB Bihar Board Class 10 Hindi Solutions गद्य Chapter 11 नौबतखाने में इबादत

Bihar Board Class 10 Hindi नौबतखाने में इबादत Text Book Questions and Answers

बाध और अभ्यास

पाठ के साथ

प्रश्न 1.
डुमरॉव की महत्ता किस कारण से है ?
उत्तर-
डुमराँव की महत्ता शहनाई के कारण है। प्रसिद्ध शहनाईवादक बिस्मिल्ला खाँ का जन्म डुमराँव में हुआ था। शहनाई बजाने के लिए जिस ‘रीड’ का प्रयोग होता है, जो एक विशेष प्रकार ‘ की घास ‘नरकट’ से बनाई जाती है, वह डुमराँव में सोन नदी के किनारे पाई जाती है।

प्रश्न 2.
सुषिर वाद्य किन्हें कहते हैं। ‘शहनाई’ शब्द की व्युत्पति किस प्रकार हुई है ?
उत्तर-
सुषिर वाद्य ऐसे वाद्य हैं, जिनमें नाड़ी (नरकट या रीड) होती है, जिन्हें फूंककर बजाया जाता है। ऐसे वाद्यों में शहनाई को शाह की उपाधि दी गई है, क्योंकि यह वाद्य मुरली, शृंगी जैसे अनेक वाद्यों से अधिक मोहक है। शहनाई की ध्वनि हमारे हृदय को स्पर्श करती है।

प्रश्न 3.
बिस्मिला खाँ सजदे में किस चीज के लिए गिड़गिड़ाते थे ? इससे उनके व्यक्तित्व का कौन-सा पक्ष उद्घाटित होता है ?
उत्तर-
बिस्मिल्ला खाँ जब इबादत में खुदा के सामने झुकते तो सजदे में गिड़गिड़ाकर खुदा से सच्चे सुर का वरदान माँगते। इससे पता चलता है कि खाँ साहब धार्मिक, संवेदनशील एवं निरभिमानी थे। संगीत-साधना हेतु समर्पित थे। अत्यन्त विनम्र थे।

प्रश्न 4.
मुहर्रम पर्व से बिस्मिल्ला खाँ के जुड़ाव का परिचय पाठ के आधार पर दें।
उत्तर-
बिस्मिल्ला खाँ सच्चे और धार्मिक मुसलमान हैं। मुहर्रम में उनका जो रीति-रिवाज था उसे वे मानते हैं और व्यवहार में लाते हैं। बड़े कलाकार का सहज मानवीय रूप एस अब आसानी से दिख जाता है। मुहर्रम का महीना वह होता है जिसमें शिया मुसलमान हजरत इमाम हुसैन एवं उनके कुछ वंशजों के प्रति अजादारी मनाते हैं। पूरे दस दिनों का शोक आठवीं तारीख उनके लिए खास महत्त्व की है। इस दिन खाँ साहब खड़े होकर शहनाई बजाते हैं व दालमंडी में फातमान के करीब आठ किलोमीटर की दूरी तक पैदल रोते हुए, नौहा बजाते जाते हैं। इस दिन कोई राग नहीं बजता। राग-रागनियों की अदायगी का निषेध है इस दिन।

प्रश्न 5.
‘संगीतमय कचौड़ी’ का आप क्या अर्थ समझते हैं ?
उत्तर-
संगीतमय कचौड़ी इस तरह क्योंकि जुलसुम जब कलकलाते घी में कचौड़ी डालती थी, उस समय छन्न से उठने वाली खाली आवाज में इन्हें सारे आरोह-अवरोह दिख जाते थे। कहने का तात्पर्य यह है कि कचौड़ी खाते वक्त भी खाँ साहब का मान संगीत के राग में ही रमा रहता था। इसीलिए उन्हें कचौड़ी भी संगीत मय लग रहा था।

प्रश्न 6.
बिस्मिला खाँ जब काशी से बाहर प्रदर्शन करते थे तो क्या करते थे? इससे हमें क्या सीख मिलती है ?
उत्तर-
बिस्मिल्ला खाँ जब कभी काशी से बाहर होते तब भी काशी विश्वनाथ को नहीं भूलते। काशी से बाहर रहने पर वे उस दिशा में मुंह करके थोड़ी देर तक शहनाई अवश्य बजाते थे। वे विश्वनाथ मंदिर की दिशा में मुंह करके बैठते और विश्वनाथ के प्रति उनकी श्रद्धा एवं आस्था .. शहनाई के सुरों में अभिव्यक्त होती थी। एक मुसलमान होते हुए भी बिस्मिल्ला खाँ काशी… विश्वनाथ के प्रति अपार श्रद्धा रखते थे। इससे हमें धार्मिक दृष्टि से उदारता एवं समन्वयता की सीख मिलती है। हमें धर्म को लेकर किसी प्रकार का भेद-भाव नहीं रखना चाहिए।

प्रश्न 7.
‘बिस्मिल्ला खाँ का मतलब-बिस्मिल्ला खां की शहनाई।’ एक कलाकार के रूप में बिस्मिल्ला खाँ का परिचय पाठ के आधार पर दें।
उत्तर-
बिस्मिल्ला खाँ एक उत्कृष्ट कलाकार थे। शहनाई के माध्यम से उन्होंने संगीत-साधना को ही अपना जीवन मान लिये थे। शहनाईवादक के रूप में वे अद्वितीय पहचान बना लिये थे। बिस्मिल्ला खाँ का मतलब है-बिस्मिल्ला खाँ की शहनाई। शहनाई का तात्पर्य बिस्मिल्ला खाँ का हाथा हाथ से आशय इतना भर कि बिस्मिल्ला खाँ की फूंक और शहनाई की जादुई आवाज का असर हमारे सिर चढ़कर बोलने लगता है। शेर खाँ साहब की शहनाई से सात सुर ताल के साथ निकल पड़ते थे। इनका संसार सुरीला था। इनके शहनाई में परवरदिगार, गंगा मइया, उस्ताद की नसीहत उतर पड़ती थी। खाँ साहब और शहनाई एक-दूसरे के पर्याय बनकर संसार के सामने उभरे।

प्रश्न 8.
आशय स्पष्ट करें
(क) फटा सुर न बखगे। लुंगिया का क्या है,
आज फटी है, तो कल सिल जाएगी।
व्याख्या-
जब एक शिष्या ने डरते-डरते बिस्मिल्ला खाँ से पूछा कि बाबा, आप फटी तहमद क्यों पहनते हैं ? आपको तो भारतरत्न मिल चुका है। अब आप ऐसा न करें। यह अच्छा नहीं लगता है जब भी कोई आपसे मिलने आता है तो आप इसी दशा में सहज, सरल भाव से मिलते हैं।

इस प्रश्न को सुनकर सहज भाव से खाँ साहब ने शिष्या को कहा-अरे पगली भारतरत्न तो शहनाईवादन पर मिला है न। इस लुंगी पर नहीं न मिला है। अगर तुमलोगों की तरह बनावट श्रृंगार में मैं लग जाता तो मेरी उमर ही बीत जाती और मैं यहाँ तक नहीं पहुँचता। तब मैं रियाज खाक करता। मैं तुम्हारी बात से सहमत हूँ अब आगे से फटी हुई तहमद नहीं पहनूँगा लेकिन इतना बता देता हूँ कि मालिक यही दुआ दे यानी भगवान यही कृपा रखें कि फटा हुआ सूर नहीं दें। सूर में लय दें और कोमलता दें। फटी लुगी तो मैं सिलवा लूंगा लेकिन फटा हुआ राग या सूर लेकर क्या करूँगा। अतः, ईश्वर रहम करे और सूर की कोमलता बचाये रखे।

(ख) काशी संस्कृति की पाठशाला है।
व्याख्या-
काशी संस्कृति की पाठशाला है शास्त्रों में इसकी महत्ता का वर्णन है। इसे आनंद कानन से जाना जाता है। काशी में कलाधर हनुमान व नृत्व विश्वनाथ हैं। काशी में बिस्मिल्ला खाँ हैं। काशी में हजारों साल का इतिहास है। यहाँ कई महाराज हैं। विद्याधारी हैं। बड़े रामदास जी हैं। मौजुद्दीन खाँ हैं। इन रसिकों से उत्कृष्ट होनेवाला अपार-जन समूह है। यह एक अलग काशी है जिसकी अलग तहजीब है, अपनी बोली और अपने विशिष्ट लोग हैं। इनके अपने उत्सव हैं। अपना गम है। अपना सेहरा-बन्ना और अपना नौहा है। यहाँ संगीत को भक्ति से, भक्ति को धर्म से किसी धर्म के कलाकार से, कजरी को चैती से विश्वनाथ को विशालक्षी से, बिस्मिल्ला खाँ को गंगा द्वार से अलग करके नहीं देखा जा सकता।
इस प्रकार काशी सांस्कृतिक महानगरी है। इसकी अपनी महत्ता है।

प्रश्न 9.
बिस्मिला खाँ के बचपन का वर्णन पाठ के आधार पर दें ।
उत्तर-
अमीरुद्दीन यानी उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ का जन्म डुमराँव, बिहार के एक संगीत-प्रेमी परिवार में हुआ था। पाँच-छ: वर्ष की उम्र में ही वह अपने ननिहाल काशी चले गए। डुमराँव की इतमी ही महत्ता है कि शहनाई की रीड बनाने में काम आने वाली नरकट वहाँ सोन नदी के किनारे पाई जाती हैं। बिस्मिल्ला खाँ के परदादा उस्ताद सलार हुसैन खाँ डुमराँव निवासी थे। बिस्मिल्ला खाँ उस्ताद पैगंबर बख्श खाँ और मिट्ठन के छोटे साहबजादे हैं। चार साल की उम्र में ही नाना की शहनाई को सुनते और शहनाई को ढूंढते थे। उन्हें अपने मामा का सान्निध्य भी बचपन में शहनाईवादन की कौशल विकास में लाभान्वित किया। 14 साल की उम्र में वे बालाजी के मंदिर में रियाज करने के क्रम में संगीत साधनारत हुए और आगे चलकर महान कलाकार हुए।

भाषा की बात

प्रश्न 1.
रचना के आधार पर निम्नलिखित वाक्यों की प्रकृति बताएँ
(क) काशी संस्कृति की पाठशाला है।
(ख) शहनाई और डुमराँव एक-दूसरे के लिए उपयोगी हैं।
(ग) एक बड़े कलाकार का सहज मानवीय रूप ऐसे अवसरों पर आसानी से दिख जाता है।
(घ) उनको यकीन है, कभी खुदा यूँ ही उन पर मेहरबान होगा।
(ङ) धत्। पगली ई भारतरत्न हमको शहनईया पे मिला है, लुंगिया पे नाहीं।
उत्तर-
सरल वाक्य – (क)
संयुक्त वाक्य – (ख)
मिश्रवाक्य – (ग), (घ), (ङ)

प्रश्न 2.
निम्नलिखित वाक्यों से विशेषण छाँटिए.
(क) इसी बालसुलभ हँसी में कई यादें बंद है।
उत्तर-
कई, बालसुलभ।

(ख) अब तो आपको भारतरत्न भी मिल चुका है, यह फटी तहमद न पहना करें।
उत्तर-
फटी, भारतरत्न।

(ग) शहनाई और काशी से बढ़कर कोई जन्नत नहीं इस धरती पर। . .
उत्तर-
कोई।

(घ) कैसे सुलोचना उनकी पसंदीदा हीरोइन रही थीं, बड़ी रहस्यमय मुस्कराहट के साथ गालों पर चमक आ जाती है।
उत्तर-
पसंदीदा, रहस्यमय, चमक।

गद्यांशों पर आधारित अर्थग्रहण-संबंधी प्रश्नोत्तर

1. अमीरुद्दीन का जन्म डुमराँव, बिहार के एक संगीतप्रेमी परिवार में हुआ था। 5-6 वर्ष डुमराँव में बिताकर वह नाना के घर, ननिहाल काशी में आ गया। शहनाई और डुमराँव एक-दूसरे के लिए उपयोगी हैं। शहनाई बजाने के लिए रीड का प्रयोग होता है। रीड अंदर से पोली होती है जिसके सहारे शहनाई को फूंका जाता है। रीड, नरकट (एक प्रकार की घास) से बनाई जाती है जो डुमराँव के आसपास की नदियों के कछारों में पाई जाती है। फिर अमीरुद्दीन जो हम सबके प्रिय हैं, अपने उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ साहब हैं। इनके परदादा उस्ताद सलार हुसैन खाँ डुमराँव निवासी थे। बिस्मिल्ला खाँ उस्ताद पैगंबरख्श खाँ और मिट्ठन के छोटे साहबजादे हैं।

प्रश्न
(क) प्रस्तुत गद्यांश किस पाठ से लिया गया है और इसके लेखक कौन हैं ?
(ख) बिस्मिल्ला खाँ का जन्म कहाँ हुआ था। उनके बचपन का क्या नाम था ?
(ग) रीड किससे बनता है ? इसका प्रयोग कहाँ होता है ?
(घ) शहनाई और डुमराँव एक-दूसरे के लिए उपयोगी क्यों हैं ?
उत्तर-
(क) प्रस्तुत गद्यांश नौबतखाने में इबादत शीर्षक जीवन-वृत्त से लिया गया है। इसके लेखक यतीन्द्र मिश्र हैं।
(ख) बिस्मिल्ला खाँ का जन्म डुमराँव में हुआ था। उनके बचपन का नाम अमीरुद्दीन था।
(ग) रीड, नरकट (एक प्रकार की घास) से बनता है। इसका प्रयोग शहनाई में होता है। इसी के सहारे शहनाई को फूंका जाता है।
(घ) शहनाईवादक भारतरत्न सम्मानित बिस्मिल्ला खाँ का जन्म डुमराँव में हुआ था। शहनाई बजाने के लिए रीड की आवश्यकता होती है। रीड नरकट से बनता है जो डुमराँव के आसपास की नदियों के कछारों में पाया जाता है।

2. शहनाई की इसी मंगलध्वनि के नायक बिस्मिल्ला खाँ साहब अस्सी बरस से सुर माँग रहे हैं। सच्चे सुर की नेमत। अस्सी बरस की पाँचों वक्त वाली नमाज इसी सुर को पाने की प्रार्थना में खर्च हो जाती है। लाखों सजदे, इसी एक सच्चे सुर की इबादत में खुदा के आगे झुकते हैं। वे नमाज के बाद सजदे में गिड़गिड़ाते हैं – -‘मेरे मालिक एक सुर बख्श दे। सुर में वह तासीर पैदा कर दे कि आँखों से सच्चे मोती की तरह अनगढ़ आँसू निकल आएँ। उनको यकीन है, कभी खुदा यूँ ही उन पर मेहरबान होगा और अपनी झोली से सुर का फल निकालकर उनकी ओर उछालेगा, फिर कहेगा, ले जा अमीरुद्दीन इसको खा ले और कर ले अपनी मुराद पूरी।’
प्रश्न
(क) शहनाई किसका सम्पूरक है?
(ख) बिस्मिल्ला खाँ नमाज अदा करते समय अल्लाह से क्या इबादत करते हैं ?
(ग) बिस्मिल्ला खाँ किस बात को लेकर आशावान हैं ?
(घ) बिस्मिल्ला खाँ का सिर किसलिए झुकता है ?
उत्तर-
(क) शहनाई मंगलध्वनि का सम्पूरक है।
(ख) अस्सी वर्ष की अवस्था में भी बिस्मिल्ला खाँ ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि हे मेरे मालिक एक सुर बख्श दें। सुर में वह तासीर पैदा कर दे कि आँखों से सच्चे मोती की तरह अनगढ़ आँसू निकल आएँ।
(ग) ईश्वर के प्रति अपने समर्पण को लेकर बिस्मिल्ला खाँ आशावान है कि एक दिन समय आएगा जब उनकी कृपा से स्वर में वह तासीर पैदा होगी जिससे हमारी जीवन धन्य हो जायेगा। ईश्वर अपनी झोली से सुर का फल निकालकर मेरी तरफ उछालते हुए कहेगा ले इसे खाकर अपनी मुराद पूरी कर ले।
(घ) बिस्मिल्ला खाँ का सिर सुर को इबादत में झकता है।

3. काशी संस्कृति की पाठशाला है। शास्त्रों में आनंदकानन के नाम से प्रतिष्ठिता काशी में कलाधर हनुमान व नृत्य-विश्वनाथ है। काशी में बिस्मिल्ला खाँ हैं। काशी में हजारों सालों का इतिहास है जिसमें पंडित कंठे महाराज हैं, विद्याधरी हैं, बड़े रामदासजी हैं, मौजुद्दीन खाँ हैं व इन रसिकों से उपकृत होनेवाला अपार जन-समूह है। यह एक अलग काशी है जिसकी अलग तहजीब है, अपनी बोली और अपने विशिष्ट लोग हैं। इनके अपने उत्सव हैं, अपना गम। अपना सेहरा-बन्ना और अपना नौहा। आप यहाँ संगीत को भक्ति से, भक्ति को किसी भी धर्म के कलाकार से, कजरी को चैती से, विश्वनाथ को विशालाक्षी से, बिस्मिल्ला खाँ को गंगाद्वार से अलग करके नहीं देख सकते।

प्रश्न
(क) काशी किसकी पाठशाला है ?
(ख) काशी से बिस्मिल्ला खाँ का कैसा संबंध है ?
(ग) काशी में किन-किन लोगों का इतिहास है?
(घ) लेखक ने काशी को एक अलग नगरी क्यों माना है ?
उत्तर-
(क) काशी संस्कृति की पाठशाला है।
(ख) काशी से बिस्मिल्ला खाँ का गहरा संबंध है। काशी ही इनकी इबादत-भूमि है। बालाजी का मंदिर, संकटमोचन मंदिर, बाबा विश्वनाथ मंदिर आदि कई ऐसे स्थान हैं जो इनकी कर्मस्थली और ज्ञानस्थली है। जिस तरह संगीत को भक्ति से, भक्ति को किसी भी धर्म के कलाकार से, कजरी को चैती से, विश्वनाथ को विशालाक्षी से अलग नहीं कर सकते हैं ठीक उसी तरह बिस्मिल्ला खाँ को गंगाद्वार से अलग नहीं कर सकते हैं।.
(ग) काशी में पंडित कंठे महाराज, विधाधरी, रामदास, मौजुद्दीन आदि जैसे महापुरुषों का इतिहास है।
(घ) काशी संस्कृति की पाठशाला है। शास्त्रों में यह आनंदकानन के नाम से प्रतिष्ठित है। इसकी अलग तहजीब है, अपनी बोली और अपने विशिष्ट लोग हैं। यहाँ संगीत, भक्ति, धर्म आदि को अलग रूप में नहीं देख सकते हैं।

4. काशी में संगीत आयोजन की एक प्राचीन एवं अद्भुत परंपरा है। यह आयोजन पिछले कई बरसों से संकटमोचन मंदिर में होता आया है। यह मंदिर शहर के दक्षिण में लंका पर स्थित है व हनुमान-जयंती के अवसर पर यहाँ पाँच दिनों तक शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय गायनवादन की उत्कृष्ट सभा होती है। इसमें बिस्मिल्ला खाँ अवश्य रहते हैं। अपने मजहब के प्रति अत्यधिक समर्पित उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ की श्रद्धा काशी विश्वनाथजी के प्रति भी अपार है।

प्रश्न-
(क) पाठ और लेखक का नाम लिखिए।
(ख) काशी में संगीत आयोजन की परंपरा क्या है ?
(ग) हनुमान-जयंती के अवसर पर आयोजित संगीत सभा का परिचय दीजिए।
(घ) बिस्मिल्ला खाँ की काशी विश्वनाथ के प्रति भावनाएँ कैसी थीं?
(ङ) काशी में संकटमोचन मंदिर कहाँ स्थित है और उसका क्या महत्त्व है ?
उत्तर-
(क) पाठ नौबतखाने में इबादत, लेखक-यतींद्र मिश्रा
(ख) काशी में संगीत आयोजन की बहुत प्राचीन और विचित्र परंपरा है। यह आयोजन काशी में विगत कई वर्षों से हो रहा है। यह संकटमोचन मंदिर में होता है। इस आयोजन में शास्त्रीय । एवं उपशास्त्रीय गायन-वादन होता है।
(ग) हनुमान जयंती के अवसर पर काशी के संकटमोचन मंदिर में पाँच दिनों तक शास्त्रीय और उपशास्त्रीय संगीत की श्रेष्ठ सभा का आयोजन होता है। इस सभा में बिस्मिल्ला खाँ का शहनाईवादन अवश्य ही होता है।.
(घ) बिस्मिल्ला खाँ अपने धर्म के प्रति पूर्णरूप से समर्पित हैं। वे पाँचों समय नमाज पढ़ते हैं। इसके साथ ही वे बालाजी मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर में भी शहनाई बजाते हैं। उनकी काशी विश्वनाथजी के प्रति अपार श्रद्धा है।
(ङ) काशी का संकटमोचन मंदिर शहर के दक्षिण में लंका पर स्थित है। यहाँ हनुमान जयंती अवसर पर पाँच दिनों का संगीत सम्मेलन होता है। इस अवसर पर बिस्मिल्ला खाँ का शहनाई वादन होता है।

5. अक्सर कहते हैं क्या करें मियाँ, ई काशी छोड़कर कहाँ जाएँ, गंगा मइया यहाँ, बाबा विश्वनाथ यहाँ, बालाजी का मंदिर यहाँ, यहाँ हमारे खानदान की कई पुश्तों ने शहनाई बजाई है, हमारे नाना तो वहीं बालाजी मंदिर में बड़े प्रतिष्ठा शहनाईवाज रह चुके हैं। अब हम क्या करें, मरते दम तक न वह शहनाई छूटेगी न काशी। जिस जमीन ने हमें तालीम दी, जहाँ से अदब पाई, तो कहाँ और मिलेगी? शहनाई और काशी से बढ़ कर कोई जन्नत नहीं इस धरती पर हमारे लिए।’
प्रश्न
(क) पाठ और लेखक का नाम लिखिए।
(ख) बिस्मिल्ला खाँ काशी छोड़कर क्यों नहीं जाना चाहते थे?
(ग) बिस्मिल्ला खाँ के परिवार में और कौन-कौन शहनाई बजाते थे ?
(घ) बिस्मिल्ला खाँ के लिए शहनाई और काशी क्या हैं ?
उत्तर-
(क) पाठ-नौबतखानों में इबादत।
लेखक यतींद्र मिश्रा
(ख) बिस्मिल्ला खाँ काशी छोड़कर इसलिए नहीं जाना चाहते थे क्योंकि यहाँ गंगा है, बाबा विश्वनाथ हैं, बालाजी का मंदिर है और उनके परिवार की कई पीढ़ियों ने यहाँ शहनाई बजाई है। उन्हें इन सबसे. बहुत लगाव है।
(ग) बिस्मिल्ला खाँ के नाना काशी के बालाजी के मंदिर में शहनाई बजाते थे। उनके मामा सादिम हुसैन और अलीबख्श देश के जाने-माने शहनाई वादक थे। इनके दादा उस्ताद सलार हुसैन खाँ और पिता उस्ताद पैगंबर बख्श खो भी प्रसिद्ध शहनाईवादक थे (घ) बिस्मिल्ला खाँ मरते दम तक काशी में रहना और शहनाई बजाना नहीं छोड़ना चाहते, क्योंकि इसी काशी नगरी में उन्हें शहनाई बजाने की शिक्षा मिली और यहां से सब कुछ मिला।

6. काशी आज भी संगत के स्वर पर जगती और उसी की थापों पर सोती है। काशी में मरण भी मंगल माना गया है। काशी आनंदकानन है। सबसे बड़ी बात है कि काशी के पास उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ जैसा लय और सुर- की तमीज सिखानेवाला नायाब हीरा रहा है जो हमेशा से दो कौमों को एक होने व आपस में भाईचारे के साथ रहने की प्रेरणा देता रहा।

प्रश्न
(क) पाठ और लेखक का नाम लिखिए।
(ख) आज की काशी कैसी है ?
(ग) काशी में मरण मंगलमय क्यों माना गया है ?
(घ) काशी के पास कौन-सा नायाब हीरा रहा है ?
(ङ) काशी आनंदकानन कैसे है ?
उत्तर-
(क)18-नौबतखाने में इबादता
लेखक-यतींद्र मिश्रा
(ख) आज की काशी भी संगीत के स्वरों से जागती है और संगीत की थपकियाँ उसे सुलाती हैं। बिस्मिल्ला खाँ के शहनाईवादन की प्रभाती, काशी को जगाती है।
(ग) काशी में मरना इसलिए मंगलमय माना गया है, क्योंकि यह शिव की नगरी है। यहाँ मरने से मनुष्य को शिवलोक प्राप्त हो जाता है और वह जन्म-मरण के बंधनों से मुक्त होकर मोक्ष प्राप्त कर लेता है।
(घ) काशी के पास बिस्मिल्ला खों जैसा लय और सुर का नायाब हीरा रहा है जो अपने सुरों से काशी में प्रेम रस बरसाता रहा है। इसने सदा काशी-वासियों को मिलजुल कर रहने की प्रेरणा दी है।
(ङ) काशी को आनंदकानन इसलिए कहते हैं, क्योंकि यहाँ विश्वनाथ विराजमान हैं। उनकी  कृपा से यहाँ सदा आनंद-मंगल की वर्षा होती रहती है। विभिन्न संगीत सभाओं के आयोजनों से सदा उत्सवों का वातावरण बना रहता है। इसलिए यहाँ आनंद ही आनंद छाया रहता है।

7. इस दिन खाँ साहब बड़े होकर शहनाई बजाते हैं वे दालमंडी में फातमान के करीब आठ किलोमीटर की दूरी पर पैदल रोते हुए, नौहा बजाते जाते हैं। इस दिन कोई राग नहीं बजता। राग-रागिनियों की अदायगी का निषेध है इस दिन। उनकी आँखें इमाम हुसैन और उनके परिवार के लोगों की शहादत में नम रहती हैं। आजादारी होती है। हजारों आँखें नम हजार वर्ष की परंपरा पुनर्जीवित। मुहर्रम सम्पन्न होता है। एक बड़े कलाकार का सहज मानवीय रूप ऐसे अवसर पर आसानी से दिख जाता है।

प्रश्न
(क) पाठ तथा लेखक का नाम बताइए।
(ख) प्रस्तुत अवतरण में किस दिन की बात की जा रही है।
(ग) अवतरण में उल्लेख किए गए दिन को खां साहब क्या करते हैं ? और क्यों ?
(घ) इस विशेष दिन कोई राग क्यों नहीं बजाया जाता?
(ङ) अवतरण के आधार पर खां साहब के चरित्र की कोई दो विशेषताएँ बताइए।
उत्तर-
(क) पाठ का नाम- नौबतखाने में इबादत।
लेखक का नाम- यतीन्द्र मिश्रा
(ख) प्रस्तुत अवतरण में मुहर्रम की आठवीं तारीख की बात की जा रही है।
(ग) इस दिन खाँ साहब खड़े होकर शहनाई बजाते हैं व दालमंडी में फातमान के करीब आठ किलोमीटर की दूरी तक नौहा बजाते हुए जाते हैं, क्योंकि वे शोक मना रहे होते हैं।
(घ) मुहर्रम की आठवीं तारीख को कोई राम नहीं बजाया जाता। इस दिन इमाम हुसैन और उनके परिवार की शहादत के शोक में राग-रागिनियों की अदायगी का निषेध है।
(ङ) खाँ साहब संवेदनशील, धार्मिक तथा एक बड़े कलाकार थे।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

सही विकल्प चुनें-

प्रश्न 1.
‘नौबतखाने में इबादत पाठ के लेखक कौन है ?
(क) विनोद कुमार शुक्ल
(ख) यतीन्द्र मिश्र
(ग) अशोक वाजपेयी
(घ) अमर कांत
उत्तर-
(ख) यतीन्द्र मिश्र

प्रश्न 2.
बिस्मिल्ला खाँ का असली नाम क्या था?
(क) शम्सुद्दीन
(ख) सादिक हुसैन
(ग) पीरबख्श
(घ) अमीरुद्दीन
उत्तर-
(घ) अमीरुद्दीन

प्रश्न 3.
बिस्मिल्ला खाँ का जन्म कहाँ हुआ था?
(क) काशी में
(ख) दिल्ली में
(ग) डुमराँव में
(घ) पटना में
उत्तर-
(ग) डुमराँव में

प्रश्न 4.
बिस्मिल्ला खाँ रियाज के लिए कहाँ जाते थे?
(क) बालाजी मंदिर
(ख) संकटमोचन
(ग) विश्वनाथ मंदिर
(घ) दादा के पास
उत्तर-
(क) बालाजी मंदिर

प्रश्न 5.
‘नरकट’ का प्रयोग किस वाद्य-यंत्र में होता है?
(क) शहनाई
(ख) मृदंग
(ग) ढोल
(घ) बिगुल
उत्तर-
(क) शहनाई

प्रश्न 6.
भारत सरकार ने बिस्मिल्ला खाँ को किस सम्मान से अलंकृत किया?
(क) बिहार रत्न
(ख) भारत रत्न
(ग) वाद्य रत्न
(घ) शहनाई रत्न
उत्तर-
(ख) भारत रत्न

II. रिक्त स्थानों की पूर्ति

प्रश्न 1.
……….. और डुमराँव एक-दूसरे के पूरक हैं।
उत्तर-
शहनाई

प्रश्न 2.
शहनाई बजाने के लिए ……… का प्रयोग होता है।
उत्तर-
रीड

प्रश्न 3.
……….. संस्कृति की पाठशाला है।
उत्तर-
काशी

प्रश्न 4.
……… वर्ष की उम्र में बिस्मिल्ला खाँ संसार से विदा हो गए।
उत्तर-
नब्बे

प्रश्न 5.
बिस्मिल्ला खाँ उस्ताद …….. और मिट्ठन के छोटे साहबजादे थे।
उत्तर-
पैगंबर बखश खाँ

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
बिस्मिल्ला खाँ का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
उत्तर-
बिस्मिल्ला खाँ का जन्म 1916 ई० में डुमराँव में हुआ था।

प्रश्न 2.
बिस्मिल्ला खाँ को संगीत के प्रति रुचि कैसे हुई ?
उत्तर-
बिस्मिल्ला खाँ को संगीत के प्रति रुचि रसूलनबाई और बतूलनबाई के टप्पे, ठुमरी और दादरा को सुनकर हुई।

प्रश्न 3.
शहनाई की शिक्षा बिस्मिल्ला खाँ को कहाँ मिली?
उत्तर-
शहनाई की शिक्षा बिस्मिल्ला खाँ को अपने ननिहाल काशी में अपने ममाद्वय सादिक और अलीबख्श से मिली।

प्रश्न 4.
बिस्मिल्ला खां बचपन में किनकी फिल्में देखते थे। था, विस्मिल्ला खाँ बचपन में किरकी फिल्मों के दीवाने थे?
उत्तर-
बिस्मिल्ला खाँ बचपन में गीताबाली और सुलोचना की फिल्मों के दीवाने थे।

प्रश्न 5.
अपने मजहब के अलावा बिस्मिल्ला खाँ को किसमें अत्यधिक प्रद्धा थी ?
उत्तर-
अपने मजहब के अलावा बिस्मिल्ला खाँ को काशी, विश्वनाथ और बालाजी में अगाध श्रद्धा थी।

प्रश्न 6.
बिस्मिल्ला खाँ किसको जन्नत मानते थे ?
उत्तर-
बिस्मिल्ला खाँ शहनाई और काशी को जन्नत मानते थे।

प्रश्न 7.
बिस्मिल्ला खाँ किसके पर्याय थे?
उत्तर-
बिस्मिल्ला खाँ शहनाई के पर्याय थे और शहनाई उनका।

प्रश्न 8.
बिस्मिल्ला खाँ को जिन्दगी के आखिरी पड़ाव पर किसका अफसोस रहा?
उत्तर-
बिस्मिल्ला.खाँ को जिन्दगी के आखिरी पड़ाव पर संगतियों के लिए गायकों के मन में आदर न होने, चैता कजरी के गायब होने और मलाई, शुद्ध घी की कचौड़ी न मिलने का अफ़सोस रहा।

नौबतखाने में इबादत लेखक परिचय

यतींद्र मिश्र का जन्म सन् 1977 में अयोध्या, उत्तरप्रदेश में हुआ । उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ से हिंदी भाषा और साहित्य में एम० ए० किया । वे साहित्य, संगीत, सिनेमा, नृत्य और चित्रकला के जिज्ञासु अध्येता हैं । वे रचनाकार के रूप में मूलतः एक कवि हैं । उनके अबतक तीन काव्य-संग्रह : ‘यदा-कदा’, ‘अयोध्या तथा अन्य कविताएँ’, और ‘ड्योढ़ी पर आलाप’ प्रकाशित हो चुके हैं । कलाओं में उनकी गहरी अभिरुचि है । इसका ही परिणाम है कि उन्होंने प्रख्यात शास्त्रीय गायिका गिरिजा देवी के जीवन और संगीत साधना पर एक पुस्तक ‘गिरिजा’ लिखी । भारतीय नृत्यकलाओं पर विमर्श की पुस्तक है ‘देवप्रिया’, जिसमें भरतनाट्यम और ओडिसी की प्रख्यात नृत्यांगना सोनल मान सिंह से यतींद्र मिश्र का संवाद संकलित है। यतींद्र मिश्र ने स्पिक मैके के लिए ‘विरासत 2001’ के कार्यक्रम के लिए. रूपंकर कलाओं पर केंद्रित पत्रिका ‘थाती’ का संपादन किया है। संप्रति, वे अर्द्धवार्षिक पत्रिका ‘सहित’ का संपादन कर रहे हैं । वे साहित्य और कलाओं के संवर्धन एवं अनुशीलन के लिए एक सांस्कृतिक न्यास ‘विमला देवी फाउंडेशन’ का संचालन 1999 ई० से कर रहे हैं।

यतींद्र मिश्र ने रीतिकाल के अंतिम प्रतिनिधि कवि द्विजदेव की ग्रंथावली का सह-संपादन भी किया है। उन्होंने हिंदी के प्रसिद्ध कवि कुँवरनारायण पर केंद्रित दो पुस्तकों के अलावा हिंदी सिनेमा के जाने-माने गीतकार गुलजार की कविताओं का संपादन ‘यार जुलाहे’ नाम से किया है। यतींद्र मिश्र को अबतक भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार, भारतीय भाषा परिषद् युवा पुरस्कार, राजीव गाँधी राष्ट्रीय एकता पुरस्कार, रजा पुरस्कार, हेमंत स्मृति कविता पुरस्कार, ऋतुराज सम्मान आदि कई पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। उन्हें केंद्रीय संगीत नाटक अकादमी, नयी दिल्ली और सराय, नई दिल्ली की फेलोशिप भी मिली है।

‘नौबतखाने में इबादत’ प्रसिद्ध शहनाईवादक भारतरत्न उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ पर रोचक शैली में लिखा गया व्यक्तिचित्र है । इस पाठ में बिस्मिल्ला खाँ का जीवन – उनकी रुचियाँ, अंतर्मन की बुनावट, संगीत की साधना आदि गहरे जीवनानुराग और संवेदना के साथ प्रकट हुए हैं ।

नौबतखाने में इबादत Summary in Hindi

पाठ का सारांश

सन् 1916 से 1922 के आसपास की काशी। पंचगंगा घाट स्थित बालाजी विश्वनाथ मंदिर . की ड्योढ़ी। ड्योढ़ी का नौबतखाना और नौबतखाने से निकलनेवाली मंगलध्वनि।।

अमीरूद्दीन अभी सिर्फ छह साल का है और बड़ा भाई शम्सुद्दीन नौ साल का। अमीरूद्दीन को पता नहीं है कि राग किस चिड़िया को कहते हैं। और ये लोग हैं मामूंजान वगैरह जो बात-बात पर भीमपलासी और मुलतानी कहते रहते हैं। क्या बाजिब मतलब हो सकता है इन शब्दों का इस” लिहाज से अभी उम्र नहीं है अमीरूद्दीन की; जान सके इन भारी शब्दों का बजन कितना होगा।

अमीरूद्दीन का जन्म डुमराँव, बिहार के एक संगीत प्रेमी परिवार में हुआ है। 5-6 वर्ष डुमराँव में बिताकर वह नाना के घर, ननिहाल काशी में आ गया है। शहनाई और डुमराँव एक-दूसरे के लिए उपयोगी हैं। उनकी अबोध उम्र में अनुभव की स्लेट पर संगीत प्रेरणा की वर्णमाला रसूलनवाई और बजूलनवाई ने उकेरी है। इसे संगीत शास्त्रांतर्गत ‘सुषिर-वाद्यों’ में गिना जाता है। अरब देश में फूंककर बजाए जाने वाले वाद्य जिसमें नाड़ी नरकट या रीड) होती है को ‘नय’ बोलते हैं। शहनाई को ‘शाहनय अर्थात् ‘ सुषिर वाद्यों में शाह की उपाधि दी गई है।

शहनाई की इसी मंगलध्वनि के नायक बिस्मिल्ला खाँ साहब अस्सी बरस से सुर माँग रहे हैं। सच्चे सुर की नेमत। अस्सी बरस की पाँचों वक्त वाली नमाज इसी सुर को पाने की प्रार्थना में खर्च हो जाती है। लाखों सजदे इसी एक सच्चे सुर की इबादत में खुदा के आगे झुकते हैं। बिस्मिला खाँ और शहनाई के साथ जिस मुस्लिम पर्व का नाम जुड़ा है, वह मुहर्रम है। आठवीं तारीख उनके लिए खास महत्त्व की है। इस दिन खाँ साहब खड़े होकर शहनाई बजाते हैं व दालमंडी में फातमान के करीब आठ किलोमीटर की दूरी तक पैदल रोते हुए, नौटा बजाते जाते हैं।

बचपन की दिनों की याद में वे पक्का महाल की कुलसुम हलवाइन की कचौड़ी वाली दुकान व गीताबाली और सुलोचना को ज्यादा याद करते हैं। सुलोचना उनकी पसंदीदा हीरोइन रही थीं।

अपने मजहब के प्रति अत्यधिक समर्पित उस्ताद बिस्मिला खाँ की श्रद्धा काशी विश्वनाथ जी के प्रति भी अपार है। वे जब भी काशी से बाहर रहते हैं तब विश्वनाथ व बालाजी मंदिर की दिशा की ओर मुँह करके बैठते हैं, थोड़ी देर ही सही, मगर उसी ओर शहनाई का प्याला घुमा दिया जाता है और भीतर की आस्था रीड के माध्यम से बजती है।

काशी संस्कृति की पाठशाला है। शास्त्रों में आनंदकानन के नाम से प्रतिष्ठित है। काशी में कलाधर हनुमान व नृत्य-विश्वनाथ हैं। काशी में विस्मिल्ला खाँ है। काशी में हजारों सालों का इतिहास है जिसमें पंडित कंठे महाराज हैं, बड़े रामदास जी है, मौजुद्दीन खाँ हैं व इन रसिकों से उपकृत होने वाला अपार जन-समूह है।

आपकी। अब तो आपको भारतरत्न भी मिल चुका है, यह फटी तहमद न पहना करें। अच्छा नहीं लगता, जब भी कोई आता है आप इसी फटी तहमद में सबसे मिलते हैं।” खाँ साहब मुस्काराए। लाड़ से भरकर बोले “धत। पगली ई भारतरत्न हमको शहनईया’ पे मिला है, लगिया पे नाहीं।

नब्बे वर्ष की भरी-पूरी आयु में 21 अगस्त 2006 को संगीत रसिकों की हार्दिक सभा से हमेशा के लिए विदा हुए खाँ साहब।

शब्दार्थ

ड्योढ़ी : दहलीज
नौबतखाना : प्रवेश द्वार के ऊपर मंगल ध्वनि बजाने का स्थान
रियाज : अभ्यास
मार्फत : द्वारा
शृंगी : सींग का बना वाद्ययंत्र
मुरछंग : एक प्रकार का लोक वाद्ययंत्र
नेमत : ईश्वर की देन, वरदान, कृपा
सज़दा : माथा टेकना
इबादत : उपासना
तासीर : गुण, प्रभाव, असर
श्रुति : शब्द-ध्वनि
ऊहापोह : उलझन, अनिश्चितता
तिलिस्म : जादू
गमक : खुशबू, सुगंध
अजादारी : मातम करना, दुख मनाना
बदस्तूर : कायदे से, तरीके से
नैसर्गिक : स्वाभाविक, प्राकृतिक
दाद : शाबाशी, प्रशंसा, वाहवाही
तालीम : शिक्षा
अदब : कायदा, साहित्य
अलहमदुलिल्लाह : तमाम तारीफ ईश्वर के लिए
जिजीविषा : जीने की इच्छा
शिरकत : शामिल होना
वाजिब : सही, उपयुक्त
मतलब : अर्थ
लिहाज : शिष्टाचार, छोटे-बड़े के प्रति उचित भाव
गोया : जैसे कि, मानो कि
रोजनामचा : दैनंदिन, दिनचर्या
विग्रह : मूर्ति
कछार : नदी का किनारा
उकेरी : चित्रित करना, उभारना
संपूरक : पूरा करने वाला, पूर्ण करने वाला
मुराद : आकांक्षा, अभिलाषा
दुश्चिंता : बुरी चिंता
बरतना : बर्ताव करना, व्यवहार करना
सलीका : शिष्ट तरीका
गमजदा : गम में डूबा
सुकून : शांति, आराम
जुनून : उन्माद, सनक
खारिज : अस्वीकार करना
आरोह : चढ़ाव
अवरोह : उतार
आनंदकानन : ऐसा बागीचा जिसमें आठों पहर आनन्द रहे
उपकृत : उपकार करना, कृतार्थ करना
तहजीब : संस्कृति, सभ्यता
सेहरा-बन्ना : सेहरा बांधना, श्रेय देना
नौहा : शहनाई
सरगम : संगीत के सात स्वर (सा रे ग म प ध नी)
नसीहत : शिक्षा, उपदेश, सीख
तहमद : लुंगी, अधोवस्त्र
शिद्दत : असरदार तरीके से, जोर के साथ
सामाजिक : सुसंस्कृत
नायाब. : अद्भुत, अनुपम
जिजीविषा : जीने की लालसा