Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 5 भारतीय चित्रपट : मूक फिल्मों से सवाक फिल्मों तक

Bihar Board 9th Hindi Objective Questions and Answers

BSEB Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 5 भारतीय चित्रपट : मूक फिल्मों से सवाक फिल्मों तक

प्रश्न 1.
अमृतलाल नागर का जन्म कब हुआ था ?
(a) 17 अगस्त 1916
(b) 16 अगस्त 1916
(c) 13 अगस्त 1945
(d) 17 मार्च 1916
उत्तर-
(a) 17 अगस्त 1916

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प्रश्न 2.
अमृतलाल नागर का जन्म कहाँ हुआ था ?
(a) आगरा
(b) लखनऊ
(c) मुम्बई
(d) गुजरात
उत्तर-
(a) आगरा

प्रश्न 3.
अमृतलाल नागर के पिता का नाम क्या था?
(a) शिवराम नागर
(b) पं. शिवपूजन सहाय
(c) पं. बिरजू महाराज
(d) सुन्दर लाल
उत्तर-
(a) शिवराम नागर

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प्रश्न 4.
नागरजी जब 19 वर्ष के थे तो उसकी देहांत हो गई
(a) माता
(b) पिता
(c) भाई
(d) बहन
उत्तर-
(b) पिता

प्रश्न 5.
नागर जी मूलतः क्या थे ?
(a) गुजराती
(b) पंजाबी
(c) बंगाली
(d) मराठी
उत्तर-
(a) गुजराती

प्रश्न 6.
वे लखनऊवासी कब हो गए थे ?
(a) 1895 ई. में
(b) 1995 ई. में
(c) 1894 ई. में
(d) 1916 ई. में
उत्तर-
(a) 1895 ई. में

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प्रश्न 7.
किस वर्ष वे मुम्बई एवं चेन्नई के फिल्म में लेखन कवि किया ?
(a) 1940-47 ई. में
(b) 1947-48 ई. में
(c) 1942-43 ई. में
(d) 1947-49 ई. में
उत्तर-
(a) 1940-47 ई. में

प्रश्न 8.
वे लखनऊ में ड्रामा प्रोड्यूसर के रूप में किस वर्ष रहे ?
(a) 1953-56
(b) 1956-57
(c) 1958-59
(d) 1947-48
उत्तर-
(a) 1953-56

प्रश्न 9.
कौन-सी साहित्य में अपनी पहचान बनाई ?
(a) हिन्दी
(b) अंग्रेजी
(c) इतिहास
(d) विज्ञान
उत्तर-
(a) हिन्दी

प्रश्न 10.
उनका महत्त्वपूर्ण योगदान किस चीजों में था ?
(a) नाटक
(b) निबंध
(c) अनुवाद
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर-
(a) नाटक

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प्रश्न 11.
सुहागे पर नुपुर पर उत्तर प्रदेश शासन ने नागर जी को कौन-सी पुरस्कार दी?
(a) प्रेमचंद
(b) विचद
(c) भारतरत्न
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(a) प्रेमचंद

प्रश्न 12.
अमृत और विष पर नागर जी को कौन-सा पुरस्कार मिला?
(a) साहित्य अकादमी
(b) गोल्डमेडल
(c) नेबल
(d) भारतरत्न
उत्तर-
(a) साहित्य अकादमी

प्रश्न 13.
नागर जी अपने व्यक्तिगत और सामाजिक अनुभवों को किस पर कसते हैं?
(a) कसौटी
(b) विचारों
(c) बुद्धी
(d) मन में
उत्तर-
(a) कसौटी

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प्रश्न 14.
उनकी कसौटी कैसी थी?
(a) भारतीय जन
(b) सामाजिक
(c) विदेशी
(d) हिंसात्मक
उत्तर-
(a) भारतीय जन

प्रश्न 15.
अंधश्रद्धा को काटने के लिए किसका प्रयोग करते थे ?
(a) तर्कों का
(b) विचारों का
(c) अनुभवों का
(d) ज्ञान का
उत्तर-
(a) तर्कों का

प्रश्न 16.
भारत में सिनेमा का काम शुरू करने वाले कौन थे?
(a) सावे दादा
(b) नाना साहब
(c) दादा भाई
(d) निकोलस
उत्तर-
(a) सावे दादा

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प्रश्न 17.
भारतीय फिल्म उद्योग के जनक किसे माना जाता है ?
(a) दादा साहेब फाल्के
(b) नाना साहब फाल्के
(c) सावे दादा
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(a) दादा साहेब फाल्के

प्रश्न 18.
किशोर साहू की पहली कौन-सी फिल्म थी?
(a) बहूरानी
(b) बेटीरानी
(c) आलमआरा
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(a) बहूरानी

प्रश्न 19.
बंबई की इंपीरियल कंपनी ने कौन-से चलचित्र फिल्म का निर्माण किया?
(a) आलम आरा
(b) राजा हरिश्चन्द्र
(c) आजमआरा
(d) कोई नहीं
उत्तर-
(d) कोई नहीं

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प्रश्न 20.
भारत की पहली बॉक्स ऑफिस हिट फिल्म कहाँ जाता है ?
(a) लंका
(b) दहन
(c) लंका दहन
(d) आलमआरा
उत्तर-
(c) लंका दहन

प्रश्न 21.
नागर जी कौन-सी फिल्म लिखने के लिए पहली बार कोल्हापुर गए थे?
(a) संगम
(b) संगत
(c) राजा हरिश्चंद्र
(d) आलमआरा
उत्तर-
(a) संगम

प्रश्न 22.
कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के प्रथम भारतीय छात्र कौन थे?
(a) सर आर. पी. पराजये.
(b) सावेदादा
(c) फाल्के साहब
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(a) सर आर. पी. पराजये.

प्रश्न 23.
लेखक के मित्र किशोर साहू की पहली फिल्म कौन थी?
(a) बहूरानी
(b) कुंजरानी
(c) पंजरानी
(d) देवरानी
उत्तर-
(a) बहूरानी

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प्रश्न 24.
चौथे दशक में सबसे प्रसिद्ध पौराणिक कथा से जुड़ी फिल्म कौन थी?
(a) राजा हरिश्चन्द्र
(b) राजा हरितेन्दु
(c) पृथ्वी राजकपूर
(d) दादा साहेब
उत्तर-
(a) राजा हरिश्चन्द्र

प्रश्न 25.
यह पाठ साहित्य की कौन-सी विधा है ?
(a) कहानी
(b) रेखाचित्र
(c) फीचर
(d) निबंध
उत्तर-
(d) निबंध

प्रश्न 26.
भारत में पहली बार सिनेमा कब और कहाँ दिखाया गया था ?
(a) 30 जनवरी 1880 को कोलकाता में
(b) 7 जुलाई 1872 को दिल्ली में
(c) 15 जून 1881 को बंबई में
(d) 6 जुलाई 1896 को बंबई में
उत्तर-
(d) 6 जुलाई 1896 को बंबई में

प्रश्न 27.
भारत से पहले मूक फिल्म कहाँ बनी थी?
(a) अमेरिका में
(b) फ्रांस में
(c) जर्मनी में
(d) जापान में
उत्तर-
(b) फ्रांस में

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प्रश्न 28.
भारत में फिल्म-निर्माण के क्षेत्र में कौन-सा नगरविशेष ख्यात रहा है ?
(a) गोवा
(b) अहमदाबाद
(c) बंबई
(d) कोलकाता
उत्तर-
(c) बंबई

प्रश्न 29.
भारतीय फिल्म उद्योग के जनक कौन माने जाते हैं ?
(a) सावे दादा
(b) दादा साहब फाल्के
(c) किशोर साहु
(d) पृथ्वीराज कपूर
उत्तर-
(b) दादा साहब फाल्के

प्रश्न 30.
भारत में तीसरे दशक की सबसे महान फिल्मी हस्ती कौन थे ?
(a) जुर्बदा
(b) गौहर
(c) बाबूराव पेण्टर
उत्तर-
(c)

प्रश्न 31.
कलकत्ते में स्टार थियेटर की स्थापना किसने की?
(a) सावे दादा
(b) अमृतलाल नागर
(c) मास्टर विट्ठल
(d) मिस्टर स्टीवेंसन
उत्तर-
(d) मिस्टर स्टीवेंसन

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प्रश्न 32.
‘भारतीय चित्रपट : मूक फिल्मों में सवाक् फिल्मों तक’ के पाठ के लेखक कौन हैं ?
(a) लक्ष्मीनारायण सुधांशु
(b) रामकुमार
(c) विष्णु प्रभाकर
(d) अमृतलाल नागर
उत्तर-
(d) अमृतलाल नागर

प्रश्न 33.
भारत की पहली फीचर कौन थी?
(a) आलमआरा
(b) भक्त मुंडलीक
(c) लंकादहन
(d) महाभारत
उत्तर-
(b) भक्त मुंडलीक

प्रश्न 34.
कोलकाता में ‘स्टार थियेटर’ की स्थापना किसने की?
(a) दादा साहब फाल्के
(b) मास्टर विनायक
(c) स्टीवेंसन
(d) आर. पी. परांजपे
उत्तर-
(c) स्टीवेंसन

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प्रश्न 35.
शुरूआती दौर की फिल्म को लोक क्या कहते थे ?
(a) वायस्कोप
(b) नौटंकी
(c) जिंदा तिलस्मात
(d) फीचर
उत्तर-
(a) वायस्कोप

Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 11 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार

Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 11 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार Textbook Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

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Bihar Board Class 12 Geography अंतर्राष्ट्रीय व्यापार Textbook Questions and Answers

(क) नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।

प्रश्न 1.
दो देशों के मध्य व्यापार कहलाता है –
(क) अंतर्देशीय
(ख) बाह्य व्यापार
(ग) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार
(घ) स्थानीय व्यापार
उत्तर:
(ग) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार

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प्रश्न 2.
निम्नलिखित में से कौन-सा एक स्थलबद्ध पोताश्रय है?
(क) विशाखापट्नम
(ख) मुंबई
(ग) एन्नोर
(घ) हल्दिया
उत्तर:
(क) विशाखापट्नम

प्रश्न 3.
भारत का अधिकांश विदेशी व्यापार वहन होता है –
(क) स्थल और समुद्र द्वारा
(ख) स्थल और वायु द्वारा
(ग) समुद्र और वायु द्वारा
(घ) समुद्र द्वारा
उत्तर:
(ग) समुद्र और वायु द्वारा

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प्रश्न 4.
वर्ष 2003-04 में निम्नलिखित में से कौन-सा भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार था?
(क) यूनाइटेड किंग्डम
(ख) चीन
(ग) जर्मनी
(घ) स. रा. अमेरिका
उत्तर:
(ग) जर्मनी

(ख) निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर लगभग 30 शब्दों में दें

प्रश्न 1.
भारत के विदेशी व्यापार की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
1950-51 में भारत का विदेशी व्यापार का मूल्य 1,214 करोड़ रुपए था, जो कि वर्ष 2004-05 में बढ़कर 8,37,133 करोड़ रुपए हो गया। वर्ष 2004-05 में भारत के निर्यात में एशिया एवं ओशेनिया की 47.41 प्रतिशत की हिस्सेदारी थी। उसके बाद पश्चिमी यूरोप (23.80%) और अमेरिका (20.42%) आते हैं।

प्रश्न 2.
पतन और पोताश्रय में अंतर बताइए।
उत्तर:
पतन समुद्री तट पर जहाजों के ठहरने के स्थान होते हैं। यहाँ पर सामान लादने उतारने की सुविधाएँ होती हैं। जबकि पोताश्रय समुद्र में जहाजों के प्रवेश करने का प्राकृतिक स्थान है। यहाँ जहाज लहरों तथा तूफान से सुरक्षा प्राप्त करते हैं। प्राकृतिक पोताश्रय जैसे मुंबई में, कृत्रिम पोताश्रय जैसे चेन्नई में।

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प्रश्न 3.
पृष्ठ प्रदेश के अर्थ को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
किसी भी पत्तन या बंदरगाह के आस-पास के वे राज्य जिनका आयात एवं निर्यात एक ही पतन से होता है। उसे उस पतन का पृष्ठ प्रदेश कहा जाता है।

प्रश्न 4.
उन महत्त्वपूर्ण मदों के नाम बताइए जिन्हें भारत विभिन्न देशों से अयात करता है?
उत्तर:
भारत विभिन्न देशों से पेट्रोलियम, उर्वरक, खाद्य तेल, लुगदी तथा अपशिष्ट पेपर, पेपर बोर्ड, अखबारी कागज, अलौह धातुएँ, धातुमयी अयस्क, लोहा एवं स्टील, मोती, मशीनरी, दालें, कोयला, गैर धात्विक खनिज, विनिर्माण, चिकित्सीय एवं फार्मा उत्पाद, रासायनिक उत्पाद, वस्त्र धागे, कपडे, स्वर्ण एवं चाँदी तथा व्यावसायिक उपस्कर आदि आयात करता है।

प्रश्न 5.
भारत के पूर्वी तट पर स्थित पत्तनों के नाम बताइए।
उत्तर:
भारत के पूर्वी तट पर कोलकाता पत्तन हुगली नदी पर, हल्दिया पत्तन, पारादीप पत्तन, विशाखापट्नम पत्तन, चेन्नई पत्तन, एन्नोर पत्तन और तूतीकोरिन पत्तन आदि स्थित हैं।

(ग) निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर लगभग 150 शब्दों में दें

प्रश्न 1.
भारत में निर्यात और आयात व्यापार के संयोजन का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
भारत के व्यापारिक संबंध विश्व के अधिकांश देशों एवं प्रमुख व्यापारी गुटों के साथ है। वर्ष 2004-05 के दौरान क्षेत्रानुसार एवं अपेक्षानुसार व्यापार तालिका 11.8 में दिया गया है। भारत का उद्देश्य आगामी पाँच वर्षों के दौरान अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में अपनी हिस्सेदारी दुगुना करने का है। वर्ष 2004-05 में भारत के निर्यात में एशिया एवं ओशेनिया की 47.41 प्रतिशत की हिस्सेदारी है, उसके बाद पश्चिमी यूरोप (23.80%) और अमेरिका (20.42%) आते हैं। इसी प्रकार भारत के आयाम में एशिया एवं ओशेनिया की सर्वाधिक (35.40%) मात्रा है। इसके बाद पश्चिमी यूरोप (22.60%) तथा अमेरिका (8.36%) आते हैं।

संयुक्त राज्य अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार तथा भारत के निर्यात के लिए सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण गंतव्य स्थान है। महत्त्व के आधार पर अन्य देशों में क्रमशः ब्रिटेन, बेल्जियम, जर्मनी, जापान, स्विटजरलैंड, हांगकांग, संयुक्त अरब अमीरात, चीन, सिंगापुर तथा मलेशिया आदि आते हैं। भारत का अधिकतर विदेशी व्यापार समुद्री एवं वायु मार्गों द्वारा संचालित होता है। हालांकि, विदेशी व्यापार का छोटा-सा भाग सड़क मार्ग द्वारा नेपाल, भूटान, बांग्लादेश एवं पाकिस्तान जैसे पड़ोसी राज्यों में सड़क मार्ग द्वारा किया जाता है।

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प्रश्न 2.
भारत के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की बदलती प्रकृति पर एक टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
समय के साथ. भारत के विदेशी व्यापार की प्रकृति में बदलाव आया है। आयात एवं निर्यात दोनों की ही मात्रा में वृद्धि हुई है, लेकिन निर्यात की तुलना में आयात का मूल्य अधिक है। पिछले कुछेक वर्षों में व्यापार घाटे में भी वृद्धि है। घाटे में हुई इस वृद्धि के लिए अपरिष्कृत (क्रूड) पेट्रोलियम को उत्तरदायी ठहराया जा सकता है, जो भारत की आयात सूची में एक प्रमुख घटक है। भारत के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में वस्तुओं के संघटक में समय के साथ आए बदलाव में कृषि तथा समवर्गी उत्पादों का हिस्सा घटा है, जबकि पेट्रोलियम तथा अपरिष्कृत उत्पादों एवं अन्य वस्तुओं में वृद्धि हुई है। अयस्क खनिजों तथा निर्मित सामानों का हिस्सा वर्ष 1997-98 से 2003 04 तक लगभग एक जैसा रहा है। पेट्रोलियम उत्पादों के हिस्से में वृद्धि का कारण पेट्रोलियम के मूल्यों में वृद्धि के साथ-साथ भारत में तेलशोधन क्षमता में वृद्धि भी जिम्मेदार है।

परंपरागत वस्तुओं के व्यापार में गिरावट का कारण मुख्यतः कड़ी अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा है। कृषि उत्पादों के अंतर्गत कॉफी, मसाले, चाय व दालों आदि जैसी परंपरागत वस्तुओं के निर्यात में गिरावट आई है। हालांकि पुष्पकृषि उत्पादों, ताजे फलों, समुद्री उत्पादों तथा चीनी आदि के निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2003-04 के दौरान विनिर्माण क्षेत्र ने भारत के कुल निर्यात मूल्य में अकेले 75.96 प्रतिशत की भागीदारी अंकित की है। निर्यात सूची में इंजीनियरिंग सामानों ने महत्त्वपूर्ण वृद्धि दर्शाई है।

वस्त्रोद्योग क्षेत्र सरकार द्वारा उदारतापूर्ण उपाय उठाए जाने के बावजूद पर्याप्त उपलब्धि नहीं प्राप्त कर पाया। इस क्षेत्र में चीन तथा अन्य पूर्व एशियाई देश हमारे प्रमुख प्रतिस्पर्धी है। भारत के विदेश व्यापार में मणि-रलों तथा आभूषणों की एक व्यापक हिस्सेदारी है। भारत ने 1950 एवं 1960 के दशक में खाद्यान्नों की गंभीर कमी का अनुभव किया है। उस समय भुगतान संतुलन बिल्कुल विपरीत था। 1970 के दशक के बाद हरित क्रांति में सफलता मिलने पर खाद्यान्नों का आयात रोक दिया गया। लेकिन 1973 में आए ऊर्जा संकट से पेट्रोलियम के मूल्य उछाल आया फलतः आयात वजट भी बढ़ गया। खाद्यान्नों के आयात की जगह उर्वरकों एवं पेट्रोलियम ने ले ली।

Bihar Board Class 12 Geography अंतर्राष्ट्रीय व्यापार Additional Important Questions and Answers

अति लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
भारत में आयात और निर्यात के दो समूह कौ!-से हैं?
उत्तर:
ये दो समूह हैं –

  1. ईंधन और
  2. कच्चा माल और खनिज देश के कुल आयात में इन दो समूहों की 63% भागीदारी है।

प्रश्न 2.
सबसे अधिक किन पदार्थों का आयात होता है?
उत्तर:
सबसे अधिक आयात पैट्रोलियम, पैट्रोलियम उत्पादों, उर्वरकों, बहुमूल्य और अल्प मूल्य रत्नों और पूँजीगत वस्तुओं का होता है।

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प्रश्न 3.
स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भारत में व्यापार की स्थिति क्या थी?
उत्तर:
1950-51 में भारत विदेशी व्यापार 12.14 अरब रुपयों का था। तबसे इसमें निरन्तर वृद्धि हो रही है।

प्रश्न 4.
भारत में आयात तथा निर्यात कितना है?
उत्तर:
भारत में लगभग 7,500 से अधिक वस्तुओं का निर्यात तथा लगभग 6,000 वस्तुओं का आयात किया जाता है।

प्रश्न 5.
वर्ष 2004-2005 में भारत का वैदेशिक व्यापार का मूल्य 1950-51 की तुलना में कितना हो गया है?
उत्तर:
वर्ष 1950-51 में भारत का वैदेशिक व्यापार का मूल्य 1.214 करोड़ था, जो कि वर्ष 2004-05 में बढ़कर 8,37,133 करोड़ रुपए हो गया।

प्रश्न 6.
पश्चिमी तट के छः प्रमुख पत्तनों के नाम बताइए।
उत्तर:
मुंबई, जवाहरलाल नेहरू (न्हावा-शेवा), कांडला, मार्मागाओ, नया मंगलौर तथा कोच्चि है।

प्रश्न 7.
पश्चिमी यूरोप से भारत किन वस्तुओं का आयात करता है?
उत्तर:
बहुमूल्य और अल्प मूल्य रत्न, चाँदी, सोना, मशीनें, उपकरण, औषधीय उत्पाद आदि।

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प्रश्न 8.
सबसे अधिक आयात संघटन में परिवर्तन किसमें हुआ?
उत्तर:
सबसे बड़ा सकारात्मक परिवर्तन पैट्रोलियम और पैट्रोलियम उत्पादों के समूह में हुआ है।

प्रश्न 9.
निर्यात व्यापार में विनिर्मित वस्तुओं की भागीदारी कितनी है?
उत्तर:
सन् 2000-01 में विनिर्मित वस्तुओं की कुल भागीदारी 78.0% थी।

प्रश्न 10.
कृषि उत्पादों में कौन-कौन सी वस्तुएँ शामिल हैं?
उत्तर:
कृषीय उत्पादों में, सामुद्रिक उत्पाद, मछलियाँ और उनके उत्पाद निर्यात की प्रमुख वस्तुएँ हैं।

प्रश्न 11.
किन-किन देशों के साथ भारत के व्यापारिक सम्बन्ध हैं?
उत्तर:
पश्चिमी यूरोप, आंग्ल-अमेरिका, संयुक्त राज्य अमेरिका, अफ्रीका आशेनिया, पूर्वी यूरोप, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, स्विटजरलैंड, जापान के साथ भारत के व्यापारिक संबंध हैं।

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प्रश्न 12.
मुंबई पत्तन के विषय में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:
मुंबई एक प्राकृतिक पत्तन है और देश का सबसे बड़ा पत्तन है। यह पत्तन मध्य-पूर्व, भूमध्य सागरीय देशों, उत्तरी अफ्रीका, उत्तर अमेरिका तथा यूरोप के देशों के सामान्य मार्ग के निकट स्थित है जहाँ से देश के विदेशी व्यापार का अधिकांश भाग संचालित किया जाता है। यह पत्तन 20 कि.मी. लंबा तथा 6-10 कि.मी. चौड़ा है।

प्रश्न 13.
भारतीय विदेशी व्यापार में वृद्धि के क्या कारण रहे हैं?
उत्तर:
भारतीय विदेशी व्यापार में वृद्धि के कारण इस प्रकार हैं जैसे कि विनिर्माण के क्षेत्र में संवेगी उठान, सरकार की उदार नीतियाँ तथा बाजारों की विविधरूपता आदि।

लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
भारत में कितने प्रमुख पत्तन हैं? किसी एक प्राकृतिक पोताश्रय का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
भारत में प्रमुख 12 पत्तन हैं, छ: पूर्वी तट पर तथा छः पश्चिमी तट पर। मुंबई, जवाहरलाल नेहरू (न्हावा-शेवा), कांडला, मार्मागाओ, नया मंगलौर तथा कोच्चि पश्चिम तट के पत्तन हैं। कोलकाता/हल्दिया, पारादीप, विशाखापत्तनम, चेन्नई, इन्दौर ,और तूतीकोरन पूर्वी तट पर पत्तन है। मुंबई एक प्राकृतिक पोताश्रय और देश का सबसे बड़ा पत्तन है। इस पत्तन ने देश के औद्योगिक विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस पत्तन द्वारा मुख्य रूप से पैट्रोलियम उत्पादों और शुष्क माल का व्यापार होता है।

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प्रश्न 2.
पश्चिमी यूरोप के साथ भारत के आयात निर्यात का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
पश्चिमी यूरोप भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक प्रदेश है। सन् 2000-01 की अवधि में कुल आयात 27% तथा कुल निर्यात 25% था। भारत के निर्यात का मुख्य भाग इस प्रदेश के आठ देशों-जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, बेल्जियम, इटली, फ्रांस, नीदरलैंड, स्पेन और स्विटजरलैंड को जाता है। उन देशों को निर्यात की जाने वाली वस्तुएँ हैं-रत्न आभूषण, सिले सिलाए वस्त्र, चमड़ा और चमड़े का सामान, मशीनें, दवाईयाँ, औषधि, हस्तशिल्प, प्लास्टिक उत्पाद, कालीन आदि। मुख्य आयात की जाने वाली वस्तुएं-बहुमूल्य और अल्प मूल्य रल, चाँदी, सोना, मशीनें, उपकरण, औषधीय उत्पाद आदि।

प्रश्न 3.
ज्वारीय पत्तन कहाँ पर स्थित है तथा यहाँ से किन वस्तुओं का आयात निर्यात होता है?
उत्तर:
यह हुगली नदी पर स्थित एक नदीय पत्तन है। यह बंगाल की खाड़ी से 128 कि. मी. दूर अन्दर की ओर स्थित है। नदी में जल का न्यूनतम स्तर बनाए रखने तथा नौगम्यता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर तलमार्जन करना पड़ता है। इस पत्तन से विविध प्रकार की वस्तुओं का आयात-निर्यात किया जाता है। इनमें मुख्य हैं-मशीनें, इंजीनियरी का सामान, पैट्रोलियम और इसके उत्पाद, रसायन, चाय, चीनी, लोहा, इस्पात, जूट और जूट-उत्पाद, कपास और सूती धागे प्रमुख हैं।

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प्रश्न 4.
भारत के आयात व्यापार में किन दो समूहों की प्रधानता है?
उत्तर:
भारत के आयात व्यापार में वस्तुओं के दो समूहों की प्रधानता है:

  1. ईंधन और
  2. कच्चा माल और खनिज।

देश के कुल आयात में इन दो समूहों की 63% भागीदारी है। सन् 2000-01 में देश के कुल आयात में पैट्रोलियम और इसके उत्पादों की एक तिहाई की भागीदारी थी। इसमें कोयले का हिस्सा केवल 2.2% दूसरे समूह में मोती, बहुमूल्य और अल्प मूल्य रत्न, सोना, चाँदी प्रमुख वस्तुएँ थीं। विविध प्रकार के रसायनों का भी भारी मात्रा में आयात किया जाता है। इसी समूह की अन्य वस्तुएँ हैं-लोहा और इस्पात, अलौह धातुएँ तथा व्यावसायिक उपकरण और प्रकाशित वस्तुएँ।

प्रश्न 5.
भारत में व्यापार संघटन का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
भारत एक महत्त्वपूर्ण व्यापारिक राष्ट्र है। भारत के आर्थिक विकास में विदेशी व्यापार ने निर्णायक भूमिका निभाई है। 7,500 से भी अधिक वस्तुओं का निर्यात तथा लगभग 6,000 वस्तुओं का आयात किया जाता है। कृषि क्षेत्र से लेकर औद्योगिक क्षेत्रों की वस्तुओं के साथ-साथ हथकरघों और कुटीर उद्योगों में निर्मित वस्तुएँ और हस्तशिल्प की वस्तुएँ निर्यात की जाती हैं। कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर के निर्यात में भी असाधारण वृद्धि हुई है। सबसे अधिक आयात पैट्रोलियम, पैट्रोलियम उत्पादों, उर्वरकों, बहुमूल्य और अल्प मूल्य रत्नों और पूँजीगत वस्तुओं का होता है। परम्परागत वस्तुओं के स्थान पर अनेक नई वस्तुओं का आयात और निर्यात होने लगता है।

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प्रश्न 6.
व्यापार संतुलन के घाटे को कम करने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
उत्तर:
सरकार ने घाटे को कम करने के लिए, निर्यात को बढ़ाने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। सौदों की लागत घटाने के लिए कार्य प्रणालियों और औपचारिकताओं का विकेन्द्रीकरण और सरलीकरण किया गया है। बहुपक्षीय और द्विपक्षीय पहल, प्रधान क्षेत्रों की पहचान और विशिष्ट सुविधा प्राप्त प्रदेशों के द्वारा निर्यात को प्रोत्साहित करने की योजनाएँ बनाई गई हैं।

प्रश्न 7.
उचित उदाहरण देते हुए पृष्ठ प्रदेश और शुष्क पत्तनों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
पृष्ठ प्रदेश-ये विदेशों को भेजी जाने वाली वस्तुओं के संकलन केंद्र हैं तथा दूसरी ओर भारत आने वाली वस्तुओं को प्राप्त करके, देश के आंतरिक भागों में उनका वितरण करने वाले केन्द्रों के रूप में कार्य करते हैं। पत्तन पर समुद्री मार्गों से भारी मात्रा में माल आता है, जिनको पृष्ठ प्रदेश में वितरण किया जाता है इसके विपरीत पृष्ठ प्रदेश का माल यहाँ आता है और विदेशों को भेजा जाता है।

शुष्क पत्तन-इस पत्तन द्वारा मुख्य रूप से पैट्रोलियम उत्पादों और शुष्क माल का व्यापार किया जाता है। मुंबई पत्तन पर दबाव कम करने के लिए यहाँ से कुछ दूरी पर न्हावा-शेवा में जवाहरलाल नेहरू नाम का पंजीकृत पत्तन का विकास किया गया है। मुंबई पत्तन ने देश के औद्योगिक विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

प्रश्न 8.
विमान पत्तन किसे कहते हैं, “तथा मुक्त आकाश नीति” का क्या उद्देश्य है?
उत्तर:
वायु परिवहन के केंद्रों को विमान पत्तन कहा जाता है। इनका उपयोग मुख्य रूप से यात्री परिवहन के लिए किया जाता है। केवल हल्की और मूल्यवान वस्तुएँ ही मालवाहक वायुयानों द्वारा भेजी जाती हैं। मुक्त आकाश नीति का उद्देश्य भारतीय निर्यातकों की सहायता करना तथा उनके निर्यात को प्रतिस्पर्धात्मक बनाना है। इस नीति के अनुसार कोई विदेशी वायुयान कंपनी या निर्यातकों का संघ माल ले जाने के लिए देश में मालवाहक जहाज ला सकते हैं।

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प्रश्न 9.
किराए और माल भाड़े में क्या अन्तर है?
उत्तर:
किराया-यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने पर व्यय को किराया कहा जाता है। वायु परिवहन में रेल अथवा सड़क परिवहन की अपेक्षा अधिक किराया होता है। माल भाड़ा-भार (खाद्य पदार्थ, कच्चे माल, निर्मित वस्तुएँ) एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने पर व्यय को माल भाड़ा कहते हैं। भारी वस्तुएँ प्रायः जल परिवहन द्वारा भेजी जाती है तथा कम माल भाड़ा होता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
भारत में विगत चार दशकों की अवधि में हुए आयात व्यापार के संघटक में परिवर्तन का उल्लेख करें।
उत्तर:
विगत चार दशकों में सबसे बड़ा सकारात्मक परिवर्तन पैट्रोलियम और पैट्रोलियम उत्पादों में हुआ है। इस समूह ने 1960-61 व 2000-01 की अवधि में 23.8% अंक लिए हैं। 1960-61 में कुल आयात मूल्य में वस्तुओं की भागीदारी 6.2% थी लेकिन यह बढ़कर 2000 01 में 31.0% पर पहुँच गई। यह तीव्र वृद्धि कीमतों की बढ़ोतरी के कारण हुई। सन् 1974 में तेल उत्पादक और निर्यातक देशों ने कच्चे पैट्रोलियम के मूल्य में कई गुनी वृद्धि के परिणामस्वरूप पैट्रोलियम का बिल बहुत भारी हो गया।

रसायनों और उर्वरकों के आयात में भागीदारी 1960 61 में 3.5% थी जो 2000-01 में 6.7% हो गई। उर्वरकों का आयात भी इस अविध में 0.9% से बढ़कर 1.5% हो गया। आयात में मशीनों, विद्युत और गैर विद्युत उपकरणों, यंत्रों और मशीनरी उपकरणों की भागीदारी में भी वृद्धि हुई। इसके विपरीत खाद्य और संबंधित उत्पादों जैसे-अनाज, दालों, दुग्ध उत्पादों, फलों और सब्जियों का अयात तेजी से घट गया। इसी अवधि में, निर्मित वस्तुओं का महत्त्व भी बहुत कम हो गया। जूट वस्त्र, सूती वस्त्र, चमड़े का सामान, लोहे तथा इस्पात ऐसे ही उत्पाद हैं। कच्चे माल के समूह की वस्तुओं के आयात में उल्लेखनीय कमी आई है। कच्चा रबड़, लकड़ी, इमारती लकड़ी, वस्त्रों के लिए धागे और लोहे खनिज के आयात में सबसे अधिक कमी हुई है। नीचे तालिका में आयात व्यापार में होने वाले परिवर्तन को दिखाया गया है।

तालिका भारत: आयात की वस्तुओं के संघटन में परिवर्तन 1960-61 और 2000-01

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प्रश्न 2.
भारत के प्रमुख पत्तनों का वर्णन करो। पश्चिमी तट के पत्तनों की विशेषताएँ तथा व्यापार का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
भारत में प्रमुख पत्तन 12 हैं। इनमें से छ: पूर्वी तट पर तथा छः पश्चिमी तट पर स्थित हैं। भारत के पश्चिमी तट पर कांडला, मुंबई, मार्मागाओ तथा कोच्चि प्रमुख पत्तन हैं। पूर्वी तट पर कोलकाता, पारादीप, विशाखापत्तनम तथा चेन्नई प्रमुख पत्तन हैं। मंगलौर और तूतीकोरन का बड़े पत्तनों के रूप में विस्तार किया जा रहा है। भारत के प्रमुख पत्तनों का उल्लेख इस प्रकार है –
पश्चिमी तट के पत्तन –

1. कांडला:
विशेषताएँ –

  • यह एक सुरक्षित व प्राकृतिक पत्तन है।
  • इसकी पृष्ठभूमि बहुत विशाल तथा सम्पन्न है, जिसमें समस्त उत्तर-पश्चिमी भारत के उपजाऊ प्रदेश हैं।
  • समुद्र की गहराई 10 मीटर से अधिक है।
  • यहाँ बड़े-बड़े जहाजों के ठहरने की सुविधाएँ हैं।
  • यह स्थान स्वेज समुद्री मार्ग पर स्थित है। (1) यह बन्दरगाह कराची की बन्दरगाह का स्थान लेगी।

व्यापार:
सूती कपड़ा, सीमेंट, मशीनें तथा दवाइयाँ आयात की जाती हैं। सूती कपड़ा, सीमेंट, अभ्रक, तिलहन, नमक का निर्यात किया जाता है।

2. मुंबई:
विशेषताएँ –

  • यह भारत की सबसे बड़ी प्राकृतिक व सुरक्षित बन्दरगाह है।
  • स्वेज मार्ग पर स्थित होने के कारण यूरोप के निकट स्थित है।
  • इसकी पृष्ठभूमि में काली मिट्टी का कपास क्षेत्र तथा औद्योगिक प्रदेश है।
  • अधिक गहरा जल होने के कारण बड़े-बड़े जहाज ठहर सकते हैं, परन्तु यहाँ कोयले की कमी है।
  • यहाँ पाँच डोकों (Docks) में उत्तम गोदामों की व्यवस्था है।
  • यह भारत की सबसे बड़ी बन्दरगाह है। यहाँ न्हावा शेव नाम का नए पत्तन बनाया जा रहा है।
  • इसे भारत का सिंह द्वारा भी कहते हैं। यह महाराष्ट्र की राजधानी है। यहाँ ट्राम्बे में भाभा अणु शक्ति केंद्र, मैरीन ड्राइव, गेटवे ऑफ इण्डिया तथा एलीफेंटा गुफाएँ दर्शनीय स्थान हैं।
  • यह भारतीय जल-सेना का प्रमुख केंद्र है। व्यापार-मशीनरी, पैट्रोल, कोयला, कागज, कच्ची फिल्में आयात की जाती हैं। सूती कपड़ा, तिलहन, मैगनीज, चमड़ा, तम्बाकू आदि निर्यात किया जाता है।

3. मार्मागाओ:
विशेषताएँ –

  • यह एक प्राकृतिक पत्तन है।
  • इसकी पृष्ठभूमि में महाराष्ट्र तथा कर्नाटक के पश्चिमी भाग हैं।
  • इसमें 50 के लगभग जहाज खड़े हो सकते हैं।

व्यापार:
खाद्यान्न, रसायनिक खाद्य, मशीनें, खनिज तेल का आयात होता है। नारियल, मूंगफली, मैगनीज, खनिज, लोहा निर्यात होता है।

4. कोचीन:
विशेषताएँ –

  • यह एक लैगून झील के किनारे स्थित होने के कारण सुरक्षित बंदरगाह है।
  • इसकी पृष्ठभूमि में नीलगिरी का बागानी कृषि क्षेत्र या कोयम्बटूर का औद्योगिक प्रदेश है।
  • भारत का दूसरा पोत निर्माण केंद्र यहाँ पर है।

व्यापार:
चावल, कोयला, पैट्रोल, रसायन, मशीनरी आयात की जाने वाली वस्तुएँ हैं। कहवा, चाय, काजू, गर्म मसाले, नारियल, इलायची, रबड़, सूती कपड़ा निर्यातक वस्तुएँ हैं।

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प्रश्न 3.
अन्तर बताइए:

  1. आयात और निर्यात।
  2. पत्तन और पोताश्रय।
  3. विदेशी और घरेलू व्यापार।

उत्तर:
1. आयात और निर्यात निर्यात
Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 11 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार part - 2 img 2a

2. पत्तन और पोताश्रय
Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 11 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार part - 2 img 3a

3. विदेशी व्यापार और घरेलू व्यापार
Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 11 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार part - 2 img 4a

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प्रश्न 4.
निम्नलिखित का संक्षेप में उत्तर दीजिए।

  1. भारत के विदेशी व्यापार की विशेषताएँ बताइए।
  2. भारत में अन्य देशों से आयात की जाने वाली चार वस्तुओं के नाम बताइए।
  3. भारत से निर्यात की जाने वाली चार प्रमुख वस्तुओं के नाम बताइए।
  4. अफ्रीका के पाँच देशों के नाम बताइए, जिनसे भारत के व्यापारिक संबंध हैं।
  5. पूर्वी तट पर स्थित भारत के पत्तनों के नाम बताइए।
  6. भारत के एक राज्य का नाम बताइए जहाँ दो प्रमुख समुद्री पत्तन हैं।

उत्तर:

  1. विशेषताएँ:
    • संसार के सभी देशों से भारत के व्यापारिक संबंध हैं।
    • भारत ने संसार के अधिकतर विकासशील देशों के साथ द्विपक्षीय व्यापार का विस्तार किया है।
    • संयुक्त राज्य अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है।
  2. आयात की जाने वाली वस्तुएँ-कोयला, लोहा और इस्पात, मोती, सोना और चाँदी।
  3. निर्यात की जाने वाली वस्तुएँ-सूती वस्त्र, मशीनें, चमड़ा, परिवहन उपकरणा
  4. अफ्रीका के पाँच देश-दक्षिणी अफ्रीका, नाइजीरिया, मारीशसं, तंजानिया, कीनिया।
  5. पूर्वी तट के पत्तन-कोलकाता/हल्दिया, परादीप, विशाखापटनम्, चेन्नई, इन्नदौर और तूतीकोरन पूर्वी तट के पत्तन हैं।
  6. महाराष्ट्र राज्य में मुंबई में दो प्रमुख समुद्री पत्तन हैं। मुंबई तथा जवाहरलाल नेहरू (न्हावा-शेवा)।

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प्रश्न 5.
विगत चालीस वर्षों में भारत के आयात और निर्यात संघटन का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
आयात का संघटन-भारत के आयात व्यापार में वस्तुओं के दो समूहों की प्रधानता है। ये समूह हैं –

  1. ईंधन और
  2. कच्चा माल और खनिज

कुल आयात में इन दो समूहों की 63% की भागीदारी है। 2000-01 में देश के कुल आयात में पैट्रोलियम और इसके उत्पादों की एक तिहाई की भागीदारी थी। इसमें कोयले का हिस्सा केवल 2.2% था। दूसरे समूह में मोती, बहुमूल्य और अन्य मूल्य रत्न, (9.6%), सोना चाँदी (9.3%) प्रमुख वस्तुएँ थीं। विविध प्रकार के रसायनों का भी भारी मात्रा (6.7%) में आयात किया जाता है। समूह के रूप में पूँजीगत वस्तुओं का तीसरा स्थान है। इसमें गैर विद्युत मशीनें, मशीनी उपकरणों सहित यंत्र और उपस्कर बहुत महत्त्वपूर्ण हैं। आयात के कुल मूल्य में इनकी 5.4% की भागीदारी है।

अन्य पूँजीगत सामान में परिवहन उपकरण, विद्युत मशीनें और उपकरण तथा योजना संबंधित वस्तुओं का महत्त्व है। कुल आयात में खाद्य वस्तुओं की भागीदारी केवल 3.7% की है। काजू और दालें अन्य महत्त्वपूर्ण आयातित वस्तुएँ हैं-उर्वरक और अखबारी कागज, गत्ता, लुग्दी और रद्दी कागज, इस समूह की अन्य वस्तुएँ हैं जिनकी भागीदारी क्रमशः 1.5 और 0.9% है। अंतिम समूह विविध वस्तुओं का है। इनमें चिकित्सीय और औषध भेषजीय उत्पाद, कपास, रंगाई, चमड़ा और रंगाई की सामग्री, कच्चा रबड़, ऊन रेशा, कृत्रिम रेशे और कृत्रिम राल आदि उल्लेखनीय वस्तुएँ हैं।

निर्यात संघटन-निर्यात व्यापार में विनिर्मित वस्तुओं और कृत्रिम वस्तुओं की प्रधानता है। सन् 2000-01 में निर्यात के कुल मूल्य में निर्मित वस्तुओं की भागीदारी 78.0% थी, जबकि इसी वर्ष कृषिय उत्पादों का हिस्सा केवल 13.5% का था। इस प्रकार दोनों समूहों की भारत के कुल निर्यात मूल्य में भागीदारी कुल मिलाकर 91.5% थी। सूती धागे और वस्त्र, मशीनें, औषध और दवाइयाँ, सूक्ष्म रसायन और उपकरण, धातुओं के उत्पाद, चमड़ा और चमड़े का सामान, परिवहन उपकरण, बिजली का सामान, हस्तशिल्प, प्राथमिक और अर्धनिर्मित लोहा और इस्पात, निर्यात की अन्य प्रमुख विनिर्मित वस्तुएँ हैं।

कृषीय उत्पादों में सामुद्रिक उत्पाद, मछलियों और उनके उत्पाद निर्यात की प्रमुख वस्तुएँ हैं। भारत के निर्यात में इनकी कुल मूल्य में भागीदारी 3.1% की है। इसके बाद अनाज, चाय, खली, काजू, मसाले, फल और सब्जियाँ, कहवा और तंबाकू का स्थान है। थोड़ी मात्रा में कपास का भी निर्यात किया जाता है। पैट्रोलियम उत्पादों का निर्यात कुल मूल्य का 4.2% है। अयस्कों और खनिजों का कुल निर्यात में 2.6% योगदान है।

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प्रश्न 6.
भारत के व्यापार के प्रमुख भागीदारों तथा उनके साथ होने वाले व्यापार की प्रमुख वस्तुओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
पश्चिमी यूरोप, आंग्ल-अमेरिका और पैट्रोलियम निर्यातक देशों का संगठन देश के प्रमुख व्यापारिक भागीदार हैं। भारत ने संसार के अधिकतर विकासशील देशों के साथ द्विपक्षीय व्यापार का विस्तार किया है। संयुक्त राज्य अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। अन्य देश-यूनाइटेड किंगडम, बेल्जियम, जर्मनी, स्विटजरलैंड और जापान भी व्यापारिक भागीदार है।

आंग्ला-अमेरिका-मुख्यतः
रत्न और आभूषण, सिले-सिलाए वस्त्र, सूती धागा, वस्त्र, धातु निर्मित वस्तुएँ, हस्तशिल्प आदि का निर्यात करता है तथा इलैक्ट्रॉनिक सामान, मशीनों, व्यावसायिक उपकरणों, रसायनों और बहुमूल्य रत्नों का सं. रा. अमेरिका से आयात करता है।

पश्चिमी यूरोप:
निर्यात की जाने वाली वस्तुएँ हैं-रल और आभूषण, वस्त्र, चमड़ा और चमड़े का सामान, मशीनें, दवाइयाँ, औषधि, हस्तशिल्प, प्लास्टिक उत्पाद, कालीन आदि। आयात की जाने वाली वस्तुएँ हैं-अल्प मूल्य रत्न, चाँदी, सोना, मशीनें, उपकरण, औषधियाँ उत्पाद आदि।

पश्चिमी एशिया और उत्तरी अफ्रीका:
निर्यात की जाने वाली वस्तुएँ-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, दवाइयाँ और औषधि तथा रत्न आभूषण।

आयात की जाने वाली वस्तुएँ:
उर्वरक, शैल, फास्फेट, कपास आदि।

पूर्वी एशिया:
निर्यात की जाने वाली वस्तुएँ-खली, रतन-आभूषण, इलैक्ट्रॉनिक सामान, कपास और सूती वस्त्र, मशीनों और उपकरण, लोहा और इस्पात, दवाइयाँ तथा औषधि, माँस उत्पाद तथा सामुद्रिक उत्पाद। आयात की जाने वाली वस्तुएँ-कोकिंग कोयला, मशीनें, बिजली की मशीनें, लकड़ी और लकड़ी के उत्पाद, अलौह धातुएँ, ऊन, दालें आदि।

अफ्रीका:
निर्यात की जाने वाली वस्तुएँ-सूती धागे, वस्त्र, दवाइयाँ तथा औषधियाँ, रसायन, धातुओं के उत्पाद, लोहा और इस्पात, प्लास्टिक, पैट्रोलियम उत्पाद आदि।

लैटिन अमेरिका:
निर्यात की जाने वाली वस्तुएँ – वस्त्र और परिधान, दवाईयाँ और औषधियाँ, इंजीनियरिंग का सामान, मोटरवाहन, डीजल इंजन, चमड़े का सामान आदि।

आयात की जाने वाली वस्तुएँ:
कच्चे खनिज, लोहा और इस्पात तथा इनके उत्पाद, अलौह धातुएँ, वनस्पति तेल, लुगदी और रद्दी कागज, ऊन आदि का आयात करता है।

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प्रश्न 7.
भारत के रेखा मानचित्र पर निम्नलिखित की स्थिति दिखाइए –

  1. प्रमुख राष्ट्रीय पत्तन।
  2. अंतर्राष्ट्रीय विमान पत्तन।

उत्तर:
1.
Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 11 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार part - 2 img 5a
चित्र: भारत-मुख्य पत्तन एवं समुद्री मार्ग

2.
Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 11 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार part - 2 img 6
चित्र: अंतर्राष्ट्रीय विमान पत्तन

वस्तुनिष्ठ प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
भारत में निर्यात की जाने वाली वस्तुओं की संख्या कितनी है?
(A) 6,000
(B) 7,500
(C) 5,700
(D) 5,000
उत्तर:
(B) 7,500

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प्रश्न 2.
भारत में आयात की जाने वाली वस्तुओं की संख्या कितनी है?
(A) 6,000
(B) 7,500
(C) 8,000
(D) 7,000
उत्तर:
(A) 6,000

प्रश्न 3.
1960-61 में कुल आयात मूल्य में वस्तुओं की भागीदारी कितनी थी?
(A) 78%
(B) 6.2%
(C) 19.2%
(D) 31.0%
उत्तर:
(B) 6.2%

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प्रश्न 4.
2000-01 में निर्यात के कुल मूल्य में निर्मित वस्तुओं की भागीदारी कितनी थी?
(A) 78%
(B) 31.0%
(C) 16.6%
(D) 68.0%
उत्तर:
(A) 78%

प्रश्न 5.
कौन-देश भारत के सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है?
(A) जर्मनी
(B) चीन
(C) आस्ट्रेलिया
(D) आंगल-अमेरिका
उत्तर:
(D) आंगल-अमेरिका

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प्रश्न 6.
भारत में प्रमुख पत्तन कितने हैं?
(A) 184
(B) 12
(C) 180
(D) 145
उत्तर:
(B) 12

प्रश्न 7.
जवाहर लाल नेहरू (न्हा वा-शेवा) पत्तन किस राज्य में है?
(A) महाराष्ट्र
(B) गुजरात
(C) पश्चिमी बंगाल
(D) उत्तर प्रदेश
उत्तर:
(A) महाराष्ट्र

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प्रश्न 8.
ज्वरीय पत्तन किस नदी पर स्थित है?
(A) गंगा
(B) हुगली
(C) गोदावरी
(D) ब्रह्मपुत्र
उत्तर:
(B) हुगली

प्रश्न 9.
भारत में कितने घरेलू विमान पत्तन हैं?
(A) 110
(B) 11
(C) 12
(D) 112
उत्तर:
(D) 112

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प्रश्न 10.
पिछले कुछ वर्षों में विदेशी व्यापार घाटे में वृद्धि दर्ज की गई है। घाटे में हुई वृद्धि के लिये कौन उत्तरदायी हैं?
(A) क्रूड पेट्रोलियम
(B) सॉफ्टवेयर
(C) चीनी
(D) रक्षा सौदा
उत्तर:
(A) क्रूड पेट्रोलियम

प्रश्न 11.
कृषि उत्पाद कौन-सी परंपरागत वस्तुओं के निर्यात में गिरावट आई है?
(A) कॉफी
(B) मसाले
(C) चाय व दालें
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

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प्रश्न 12.
वर्ष 2004-05 में भारत के निर्यात में 47.41 प्रतिशत की हिस्सेदारी किसकी है?
(A) एशिया एवं ओशेनिया
(B) पश्चिमी यूरोप
(C) अमेरिका
(D) रूस
उत्तर:
(A) एशिया एवं ओशेनिया

प्रश्न 13.
भारत का सड़क द्वारा व्यापार कौन-से देश के साथ किया जाता है?
(A) नेपाल
(B) भूटान
(C) बांग्लादेश
(D) पाकिस्तान
(E) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(E) उपर्युक्त सभी

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Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 10 परिवहन तथा संचार Textbook Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

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Bihar Board Class 12 Geography परिवहन तथा संचार Textbook Questions and Answers

(क) नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए

प्रश्न 1.
भारतीय रेल प्रणाली को कितने मंडलों में विभाजित किया गया है?
(क) 9
(ख) 12
(ग) 16
(घ) 14
उत्तर:
(ग) 16

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प्रश्न 2.
निम्नलिखित में से कौन-सा भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय महामार्ग है?
(क) एन.एच.-1
(ख) एन.एच.-6
(ग) एन.एच.-7
(घ) एन.एच.-8
उत्तर:
(ग) एन.एच.-7

प्रश्न 3.
राष्ट्रीय जल मार्ग संख्या-1 किस नदी पर तथा किन दो स्थानों के बीच पड़ता है?
(क) ब्रह्मपुत्र-सादिया-घुबरी
(ख) गंगा-हल्दिया-इलाहाबाद
(घ) पश्चिमी तट
(ग) नहर-कोट्टा पुरम से कोल्लाम
उत्तर:
(ख) गंगा-हल्दिया-इलाहाबाद

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प्रश्न 4.
निम्नलिखित में से किस वर्ष पहला रेडियो कार्यक्रम प्रसारित हुआ था?
(क) 1911
(ख) 1936
(ग) 1927
(घ) 1923
उत्तर:
(घ) 1923

(ख) निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर लगभग 30 शब्दों में दें

प्रश्न 1.
परिवहन किन क्रियाकलापों को अभिव्यक्त करता है? परिवहन के तीन प्रमुख प्रकारों के नाम बताए।
उत्तर:
परिवहन के माध्यम से हम यात्रियों को अपने विचारों, दर्शन, संदेशों और वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक, अथवा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुँचा सकते हैं।
परिवहन के प्रमुख प्रकार हैं:

  1. स्थल परिवहन
  2. वायु परिवहन
  3. जल परिवहन
  4. पाइप लाइन परिवहन आदि

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प्रश्न 2.
पाइप लाइन परिवहन से लाभ एवं हानि की विवेचना करें।
उत्तर:
पाइप लाइनों गैसों एवं तरल पदार्थों के लंबी दूरी तक परिवहन हेतु अत्यधिक सुविधाजनक एवं सक्षम परिवहन प्रणाली है। यहाँ तक की इनके द्वारा ठोस पदार्थों को भी घोल या गारा में बदल कर परिवहित किया जा सकता है।

  1. पाइप लाइन परिवहन की हानि ये है कि इनको बनाने में बहुत अधिक समय और लागत की जरूरत पड़ती है।
  2. पाइप लाइन परिवहन के द्वारा हम केवल कुछ वस्तुओं (तेल एवं गैस आदि) का ही परिवहन कर सकते हैं।
  3. पाइप लाईनों के क्षतिग्रस्त होने का हमेशा खतरा बना रहता है।

प्रश्न 3.
‘संचार’ से आपका क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
आरंभ में संचार के साधन ही परिवहन के साधन होते थे। डाकघर, तार, प्रिंटिंग प्रेस, इन्टरनेट, फैक्से, ई-मेल, दूरभाष तथा उपग्रहों की खोज ने संचार को बहुत त्वरित एवं आसान बना दिया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विकास ने संचार के क्षेत्र में क्रांति लाने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है।

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प्रश्न 4.
भारत में वायु परिवहन के क्षेत्र में “एयर इंडिया’ तथा ‘इंडियन’ के योगदान की विवेचना करें।
उत्तर:
एयर इंडिया यात्रियों तथा नौभार यातायात, दोनों के लिए, अंतर्राष्ट्रीय वायु सेवाएँ उपलब्ध कराता है। यह अपनी सेवाओं द्वारा विश्व के सभी महाद्वीपों को जोड़ता है। वर्ष 2005 में इसने 1.22 करोड़ यात्रियों तथा 4.8 लाख टन नौभार का वहन किया। 8 दिसंबर 2005 से इंडियन एयर लाइंस को ‘इंडियन’ के नाम से जाना जाता है। वर्ष 2005 में घरेलू प्रचालन के अंतर्गत 24.3 मिलियन यात्री तथा 20 लाख टन नौभार शामिल था।

(ग) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दें।

प्रश्न 1.
भारत में परिवहन के प्रमुख साधन कौन-कौन से हैं? इनके विकास को प्रभावित करने वाले कारकों की विवेचना करें।
उत्तर:
भारत में परिवहन के प्रमुख साधन हैं:

  1. स्थल परिवहन: जिसके अंतर्गत सड़क परिवहन, रेल परिवहन और पाइप लाइन परिवहन आता है।
  2. जल परिवहन: जिसके अंतर्गत सागरीय व अंत स्थलीय परिवहन आता है। जो कि नौकाओं और जहाजों द्वारा किया जाता है।
  3. वायु परिवहन: जो कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वायुयानों के माध्यम से किया जाता है।

भारतीय परिवहन के साधनों के विकास को प्रभावित करने वाले कारक इस प्रकार रहे हैं औद्योगिक क्रांति, कृषि क्रांति दुग्ध क्रांति, तकनीकी क्रांति, सामरिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र, पर्यटन, संचार क्रांति, परिवहन क्रांति और शिक्षा के बढ़ते स्तर, रोजगार आदि कारकों ने भारतीय परिवहन के साधनों के विकास को प्रभावित किया है।

लाखों लोग एक स्थान से दूसरे स्थान पर अपनी नौकरियों को करने सड़क परिवहन द्वारा जाते हैं। लेकिन भू-भाग की प्रकृति तथा आर्थिक विकास का स्तर सड़कों के घनत्व के प्रमुख निर्धारक हैं। मैदानी क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण आसान एवं सस्ता होता है जबकि पहाड़ी एवं पठारी क्षेत्रों में कठिन एवं महंगा होता है। अंतर्राष्ट्रीय महामार्गों का उद्देश्य पड़ोसी देशों के बीच व्यापार, और रिश्तों को सद्भावपूर्ण बनाना होता है।

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प्रश्न 2.
पाइप लाइन परिवहन से लाभ एवं हानि की विवेचना करें।
उत्तर:
पाइप लाइन परिवहन की विशेषताएँ: (लाभ)

  1. पाइप लाइनों को कठिन, ऊबड़-खाबड़ भू-भागों तथा पानी के नीचे भी बिछाया जा सकता है।
  2. प्रारंभ में इनके निर्माण में अधिक धन व्यय होता है। परन्तु बाद में इन्हें चालू रखने में कम लागत आती है।
  3. पाइप लाइन पदार्थों की निरन्तर आपूर्ति सुनिश्चित करती है।
  4. इनके द्वारा परिवहन में न तो समय नष्ट होता है और न ही किसी प्रकार की बरबादी होती है।
  5. इसमें ऊर्जा का बहुत कम खर्च होता है।

पाइप लाइन परिवहन की सीमाएँ (हानि) –

  1. इसमें कोई लोच नहीं है।
  2. समयानुसार इसकी क्षमता को न तो बढ़ाया जा सकता है और न ही घटाया जा सकता है।
  3. इनकी सुरक्षा करना कठिन कार्य है।
  4. कहीं पर पाइप लाइन के फट जाने पर उसकी मरम्मत करना भी कठिन है।
  5. पाइप लाइन में रिसाव का पता लगाना भी एक समस्या है।

भारत में पाइप लाइन परिवहन:
खनिज तेल को ले जाने वाली पाइप लाइनों अधिकांशत खनिज तेल उत्पादक राज्यों में बिछाई गई हैं। असम के तेल क्षेत्रों में पाइप लाइन असम तथा बिहार स्थित तेल शोधक कारखानों तथा बाजार केन्द्रों तक बिछायी गई हैं। खनिज तेल ले जाने के लिए एक पाइप लाइन कांडला से मथुरा तेल शोधक कारखाने तक बिछायी गई है। खनिज तेज ले जाने वाली यह भारत की सबसे लम्बी पाइप लाइन है। इसकी कुल लम्बाई 1220 कि.मी. है।

हजीरा बीजापुर जगदीशपुर (एच.बी.जे.) गैस पाइप लाइन भारत की सबसे लम्बी (1730 कि.मी.) पाइप लाइन है। यह पाइप लाइन छ: रासायनिक उर्वरक कारखानों तथा दो तापविद्युत केन्द्रों को गैस की आपूर्ति करती है। पाइप लाइन परिवहन ने रेलों पर भाग ढोने के बढ़ते दबाव को बहुत कम कर दिया है। पाइप लाइन परिवहन के महत्त्व को देखते हुए अब देश में गैस व तेल की आपूर्ति को निरन्तर बनाए रखने के लिए अधिक पाइप लाइन बिछाने की योजना है। पाइप लाइन परिवहन के विकास से गैस पर आधारित तापविद्युत संयंत्रों की स्थापना दूर दराज के क्षेत्रों में की जा रही है, जिससे उन भागों में उद्योगों का विकास हो सके।

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प्रश्न 3.
भारत के आर्थिक विकास में सड़कों की भूमिका का वर्णन करें।
उत्तर:
सड़क परिवहन का प्राचीन साधन है तथा रेल परिवहन की अपेक्षा विस्तृत एवं सुलभ है। यह देश के विभिन्न भागों में महत्त्वपूर्ण आर्थिक योगदान देता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था तो मुख्यतः सड़क परिवहन पर निर्भर है। सड़कें ग्राहक के दरवाजे तक सेवा देती है। सड़क परिवहन, लचीला, विश्वसनीय तथा तीव्रगामी है। देश के पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए सड़क परिवहन आदर्श साधन है।

सड़क परिवहन द्वारा लाखों टन सामान देश के एक कोने से देश के दूसरे कोने तक प्रतिदिन पहुँचाया जाता है। जिस से प्रतिदिन करोड़ों रुपये सरकार टैक्स के रूप में वसूलती है। राज्य सरकारों की परिवहन बसें प्रतिदिन करोड़ों लोगों को एक जगह से दूसरी जगह लाती-ले जाती हैं। जिससे प्रतिदिन करोड़ों रुपये की कमाई राज्य सरकारें करती है। सड़क परिवहन ने पर्यटन को प्रोत्साहित किया है। करोड़ों रुपये पर्यटन उद्योग से लाखों लोग कमा रहे हैं। करोड़ों लोगों को सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से सड़क परिवहन द्वारा रोजगार प्राप्त है।

दूध, फल, सब्जी, फैक्ट्रियों के लिए कच्चा माल, उत्पादों को बाजार, लोगों के घरों तक सड़क परिवहन द्वारा ही पहुँचाया जाता है। किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में सड़क परिवहन का एक ही महत्त्वपूर्ण योगदान है। सड़क परिवहन ऐसे दुर्गम पहाड़ी स्थानों तक अपनी सेवाएँ देती है जहाँ तक और किसी परिवहन का पहुँचाना नामुमकिन है।

Bihar Board Class 12 Geography परिवहन तथा संचार Additional Important Questions and Answers

अति लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
भारतीय रेलमार्ग कितने प्रकार के हैं?
उत्तर:

  1. ब्राड गेज या बड़ी लाइन (दो पटरियों के बीच की दूरी 1.679मी.)।
  2. मीटर गेज (1 मीटर की दूरी)।
  3. नैरो गेज (0.762 मीटर की दूरी)।

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प्रश्न 2.
रेले उपकरणों के निर्माण के लिए कौन-कौन से कारखाने हैं?
उत्तर:

  1. चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स
  2. डीजल लोकोमोटिव वर्क्स वाराणसी
  3. इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, पेराम्बूर
  4. रेल कोच फैक्ट्री, कपूरथला
  5. व्हील एंड एक्सेल प्लांट, बंगलौर
  6. डीजल कंपोनेंट वर्क्स, पटियाला।

प्रश्न 3.
परिवहन के कितने प्रकार हैं?
उत्तर:
परिवहन के चार प्रकार हैं-सड़कें, रेलमार्ग, जलमार्ग और वायुमार्ग।

प्रश्न 4.
परिवहन में कौन-से चार तत्त्व शामिल हैं?
उत्तर:
परिवहन तंत्र में चार तत्त्व शामिल हैं – उदगम, गंतव्य, मार्ग तथा वाहक।

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प्रश्न 5.
सड़कों को कितने वर्गों में विभाजित किया जा सकता है?
उत्तर:

  1. स्वर्ण चतुष्कोण परम राजमार्ग
  2. राष्ट्रीय महामार्ग
  3. राज्य महामार्ग
  4. सीमावर्ती सड़कें
  5. जिले की प्रमुख सड़कें
  6. ग्रामीण सड़कें।

प्रश्न 6.
राष्ट्रीयकरण के बाद भारत में वायु परिवहन का प्रबंधन कौन करता है?
उत्तर:
भारत में वायु परिवहन का प्रबंधन दो निगम-एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइन द्वारा किया जाता है।

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प्रश्न 7.
भारत में रेडियो का प्रसारण सबसे पहले कहाँ शुरू किया गया था?
उत्तर:
भारत में रेडियो का प्रसारण सन् 1923 में रेडियो क्लब ऑफ बाम्बे द्वारा शुरू किया गया था।

प्रश्न 8.
उपग्रह से प्राप्त चित्रों का कहाँ उपयोग किया जा सकता है?
उत्तर:
उपग्रह से प्राप्त चित्रों का मौसम के पूर्वानुमान, प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी, सीमा क्षेत्रों की चौकसी आदि के लिए उपयोग किया जा सकता है।

प्रश्न 9.
तीन राष्ट्रीय जलमार्गों के नाम बताओ।
उत्तर:
राष्ट्रीय जलमार्ग-1-गंगा भागीरथी-हुगली नदी तंत्र का इलाहाबाद।

प्रश्न 10.
प्रमुख वायुमार्गों के नाम बताओ।
उत्तर:
दिल्ली-रोम-फ्रैंकफुर्ट, दिल्ली-मास्को, कोलकाता-टोकियो, कोलकाता-पर्थ, मुंबई-लंदन-न्यूयार्क।

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प्रश्न 11.
संचार के साधनों को कितने वर्गों में विभाजित किया जा सकता है?
उत्तर:
संचार के साधनों को दो वर्गों में विभाजित किया जा सकता है –

  1. व्यक्तिगत संचार तंत्र,
  2. जनसंचार तंत्र।

प्रश्न 12.
भारत में रेडियो प्रसारण सर्वप्रथम कहाँ और कब हुआ?
उत्तर:
भारत में सन् 1927 में रेडियो प्रसारण का आरम्भ हुआ। इसके लिए मुंबई और कोलकाता में दो निजी ट्रांसमीटर लगाए गए थे।

प्रश्न 13.
भारत में उपग्रह प्रणाली का प्रारम्भ कब हुआ?
उत्तर:
भारत में उपग्रह प्रणाली का प्रारम्भ मार्च 1988 में हुआ जब पहला आई. आर. एस. ए. अंतरिक्ष में छोड़ा गया।

प्रश्न 14.
एशिया की पहली 1157 कि.मी. लंबी देशपारीय पाइप लाइन का निर्माण किसने किया था? तथा यह पाइप लाइन कहाँ तक बिछी है?
उत्तर:
एशिया एवं देश की प्रथम पाइप लाइन का निर्माण आई.ओ.एल. (आयल इंडिया लिमिटेड) ने किया था। यह पाइप लाइन असम के नहर करिटया तेल क्षेत्र से बरौनी के तेल शोधन कारखाने तक बिछी है।

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प्रश्न 15.
नेशनल रिमोट सेंसिग एजेंसी (NRSA) कहाँ स्थित हैं?
उत्तर:
हैदराबाद

लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
भारतीय सड़क मार्गों को विभिन्न प्रकारों में बाँटो।
उत्तर:
भारत में चार प्रकार के सड़क मार्ग हैं –

  1. राष्ट्रीय महामार्ग जो देश के प्रमुख नगरों को मिलाते हैं। इनका निर्माण केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग करता है। इनकी कुल लम्बाई 33,689 कि.मी. है।
  2. राजकीय मार्ग जो राजधानियों को उच्च नगरों से मिलाते हैं। इनकी लम्बाई 4 लाख कि. मी. है।
  3. ग्रामीण सड़कें जो ग्रामीण केन्द्रों को नगरों से मिलाती हैं।

प्रश्न 2.
उत्पादन तथा उपभोग को जोड़ने में परिवहन तंत्र का महत्त्वपूर्ण योगदान होता है। व्याख्या करो।
उत्तर:
किसी देश के विकास के लिए परिवहन तंत्र की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। परिवहन सेवाएं कृषि उत्पाद, खनिज कच्चे माल को निर्माण केन्द्रों तक पहुंचाते हैं। निर्मित वस्तुओं को फिर उपभोक्ता तक परिवहन साधनों द्वारा ही पहुँचाया जाता है। परिवहन तंत्र की सहायता से स्थानीय, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय बाजारों तक माल व सेवाओं को पहुँचाया जा सकता है। इस प्रकार परिवहन तंत्र उत्पादन एवं उपभोग को एक-दूसरे से जोड़ता है।

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प्रश्न 3.
हिमालय पर्वत के विभिन्न क्षेत्रों में रेलमार्गों का विकास कम क्यों है?
उत्तर:
हिमालय प्रदेश में धरातलीय बाधाओं के कारण रेलमार्गों का विकास नहीं किया जा सका। कई प्रदेशों में सुरंगों बनाना तथा तेज धारा वाली नदियों पर पुल बनाना कठिन कार्य है। रेलमार्गों को केवल पद स्थली पर स्थित नगरों तक ले जाकर छोड़ देना पड़ा। जेसे पहले रेलमार्ग पठानकोट तक, परन्तु अब इसका विस्तार जम्मू तक है। जम्मू से उधमपुर, जवाहर सुरंग तथा काजी गुण्ड से होकर कश्मीर घाटी तक रेल बनाने की योजना बनाई गई है। संकरे गेज द्वारा शिमला-रेलमार्ग तथा सिलीगुड़ी-दार्जिलिंग रेलमार्ग बनाए गए हैं। इसलिए हिमालय क्षेत्र में कटे-फटे भू-भाग पिछड़ी अर्थव्यवस्था तथा विरल जनसंख्या के कारण रेलमार्ग कम हैं।

प्रश्न 4.
भारत में वायु परिवहन सेवाओं के प्रकार बताओ।
उत्तर:
भारत में वायु परिवहन के दो खण्ड हैं –
आंतरिक सेवाएँ तथा अन्तर्देशीय सेवाएँ। एयर इण्डिया संगठन विदेशी उड़ानों का प्रबन्ध करती है। मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, एयर इण्डिया के केन्द्र बिन्दु हैं। इण्डियन एयर लाइन्स देश के भीतर भागों तथा पड़ोसी देशों के साथ वायु सेवाओं का प्रबन्ध करती है। सन् 1981 से देश के भीतर दुर्गम भागों में वायुदूत एयर लाइन्स सेवाओं का भी प्रारम्भ किया गया है। 1985 में पवन हंस लिमिटेड की स्थापना दूरस्थ क्षेत्रों, वनाच्छादित तथा पहाड़ी क्षेत्रों को जोड़ने हेतु हेलीकाप्टर सेवाएँ उत्पन्न करवाने के लिए करवाई गईं।

प्रश्न 5.
सड़क परिवहन के कौन से गुण एवं अवगुण हैं?
उत्तर:
छोटी दूरियों के लिए माल तथा यात्रियों के ढोने में सड़क परिवहन लाभदायक है। यह एक प्रकार से पूरक तंत्र है जो ग्रामीण क्षेत्रों को नगरों से जोड़ता है। सड़क परिवहन से सामान ग्राहक के घर तक भेजा जा सकता है। यह एक विश्वसनीय परिवहन साधन है। कई दुर्गम क्षेत्रों में धरातलीय बाधाओं के कारण सड़कें बनाना कठिन है। सड़क परिवहन द्वारा अधिक भारी माल नहीं ढोया जा सकता है। वर्षा ऋतु में सड़क परिवहन में कई दुर्घटनाएं हो सकती हैं।

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प्रश्न 6.
सड़क मार्ग का घनत्व किसे कहते हैं? किन राज्यों में सड़क घनत्व अधिक तथा किन राज्यों में कम है?
उत्तर:
प्रति 100 वर्ग किलोमीटर सड़क मार्ग की लम्बाई को सड़क मार्ग का घनत्व कहते हैं। देश में उत्तरी मैदान तथा दक्षिण भारत में सड़क घनत्व अधिक है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैण्ड, मिजोरम में सड़क घनत्व बहुत कम है। देश में सबसे अधिक सड़क घनत्व चण्डीगढ़ में है तथा सबसे कम अरुणाचल प्रदेश में 12 कि.मी. प्रति 100 वर्ग कि.मी. है।

प्रश्न 7.
सीमान्त प्रदेशों में सड़क निर्माण की प्रगति का वर्णन करो।
उत्तर:
सीमान्त प्रदेशों के सामरिक महत्त्व को देखते हुए सन् 1950 में ‘सीमा सड़क संगठन’ की स्थापना की गई। इसका उद्देश्य सीमान्त प्रदेशों में सुरक्षा प्रदान करने तथा आर्थिक विकास तेज करने के लिए सड़कों का निर्माण करना था। इस संगठन ने मनाली से लेह तक संसार की सबसे ऊँची सड़क का निर्माण किया है। यह सड़क औसत रूप से 4.210 मीटर समुद्र तल से ऊँची है। इस संगठन ने भारत-चीन सीमा पर हिन्दुस्तान तिब्बत सीमा सड़क का भी निर्माण किया है। इस संगठन ने राजस्थान, उत्तर प्रदेश, सिक्किम, असम, मेघालय, नागालैण्ड सीमान्त प्रदेशों में लगभग 22,800 कि.मी. लम्बी सड़कों का निर्माण किया है तथा 16,400 कि.मी. सड़कों की देखभाल का कार्य किया है।

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प्रश्न 8.
राष्ट्रीय महामार्ग पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।
उत्तर:
यह देश का प्रमुख सड़क तंत्र है। इसके निर्माण और मरम्मत की जिम्मेदारी केन्द्रीय सार्वजनिक निर्माण विभाग की है। 1950-51 राष्ट्रीय महामार्गों की कुल लम्बाई 19,800 कि.मी. थी, जो बढ़कर सन् 1999-2000 में 57,700 कि. मी. हो गई। राष्ट्रीय महामार्गों की लंबाई देश की सड़कों की कुल लंबाई का केवल दो प्रतिशत ही है, लेकिन यातायात में इसकी भागीदारी 40 प्रतिशत की है।

राष्ट्रीय महामार्ग देश के एक छोर को दूसरे छोर से जोड़ते हैं। अनेक प्रमुख महामार्ग उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम दिशाओं में विस्तृत है। ऐतिहासिक शेरशाह सूरी मार्ग को राष्ट्रीय महामार्ग-1 कहते हैं। यह दिल्ली और अमृतसर के मध्य है। राष्ट्रीय महामार्ग-2 दिल्ली और कोलकाता के बीच है। राष्ट्रीय महामार्ग-3 ग्वालियर इंदौर, नासिक होकर आगरा को मुंबई से जोड़ता है। राष्ट्रीय महामार्ग-4 चेन्नई को ठाणे (मुंबई के निकट) से जोड़ता है।

राष्ट्रीय महामार्ग:
5 पूर्वी तट के साथ बहाराघोरा और चेन्नई के बीच है। राष्ट्रीय महामार्ग-6 देश का दूसरा सबसे लंबा (1949 कि.मी.) महामार्ग है और यह संबलपुर, रायपुर, नागपुर से होता हुआ कोलकाता से धुले तक जाता है। राष्ट्रीय महामार्ग-7 सबसे लंबा (2367 कि.मी.) है। यह जबलपुर, नागपुर, हैदराबाद, बंगलौर और मदुरै होता हुआ वाराणसी से कन्याकुमारी तक जाता है। राष्ट्रीय महामार्ग-8 दिल्ली और मुंबई को जोड़ता है। राष्ट्रीय महामार्ग-15 राजस्थान के मरुस्थल, से होकर गुजरता है।

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प्रश्न 9.
अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों के नाम बताओ।
उत्तर:
भारत में निम्नलिखित अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं –

  1. इन्दिरा गाँधी हवाई अड्डा-देहली (पालम)।
  2. नेताजी सुभाष चन्द्र बोस हवाई अड्डा-कोलकाता (डम-डम)।
  3. साहार हवाई अड्डा-मुंबई (सान्ता क्रुज)।
  4. मीनामबकम हवाई अड्डा-चेन्नई।
  5. राजा सांसी हवाई अड्डा-अमृतसर।
  6. तिरुवनन्तपुरम हवाई अड्डा-तिरुवनन्तपुरम्।

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प्रश्न 10.
पाइप लाइन परिवहन में गुणों की तुलना में अवगुण अधिक हैं? क्यों?
उत्तर:
प्राकृतिक गैस तथा खनिज तेल के परिवहन का पाइप लाइन एक सुगम साधन है। यह एक सस्ता साधन है जो दुर्गम क्षेत्रों, घने वनों, मरुस्थलों तथा पर्वतों पर से गुजरता है। परन्तु इसके गुणों की तुलना में अवगुण अधिक हैं।

  1. इस. साधन में लोच का न होना एक प्रमुख अवगुण है।
  2. एक बार पाइप लाइन बिछा देने के बाद इसकी क्षमता में वृद्धि नहीं की जा सकती।
  3. पाइप लाइन को सुरक्षा करना भी कठिन कार्य है।
  4. भूमिगत पाइप लाइन की मरम्मत में कठिनाई होती है तथा रिसाव का पता लगाना कठिन होता है।

प्रश्न 11.
आधुनिक जीवन में उपग्रहों और कम्प्यूटर के उपयोगों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
उपग्रहों का उपयोग:
इनसैट, दूरसंचार, मौसम विज्ञान संबंधी प्रेक्षण और अन्य विविध आँकड़ों तथा कार्यक्रमों के लिए एक बहु-उद्देश्यी उपग्रही प्रणाली है। उपग्रहों द्वारा व्यक्तिगत और जनसंचार दोनों में ही क्रान्ति आ गई है। भारतीय सुदूर संवेदन एजेंसी हैरदराबाद में स्थित है। यह आँकड़ों के अर्जन और इसके प्रसंस्करण की सुविधाएँ प्रदान करती है। उपग्रह प्रकृति के संसाधनों के प्रबंधन में उपयोगी सिद्ध हुए हैं।
कम्प्यूटर:

  1. ये निवेश के रूप में आँकड़ों को स्वीकार करते हैं।
  2. यह आँकड़ों का भंडारण करता है, स्मृति में संरक्षित रखता है और आवश्यकता पड़ने पर प्रत्यावर्तन करता है।
  3. यह अभीष्ट सूचना के लिए निर्देशानुसार आँकड़ों का प्रसंस्करण करता है।
  4. यह सूचना को निर्गम के रूप में संचारित करता है।

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प्रश्न 12.
भारत में सड़कों के घनत्व में प्रादेशिक भिन्नता का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
देश में सड़कों का वितरण समान नहीं है। सड़कों के घनत्व में प्रादेशिक अंतर बहुत है। सड़कों के घनत्व का अर्थ है-प्रति वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में सड़कों की लम्बाई जम्मू और कश्मीर से सड़कों का घनत्व 10 कि.मी. है, जबकि केरल में 375 कि. मी.। सड़कों का राष्ट्रीय घनत्व 75 कि.मी. (1996-97) है। लगभग सभी उत्तरी राज्यों और प्रमुख दक्षिणी राज्यों में सड़कों का घनत्व अधिक है। हिमाचल प्रदेश, उत्तरी-पूर्वी राज्यों, मध्य प्रदेश और राजस्थान में कम है। भूमि को स्वरूप और आर्थिक विकास का स्तर, सड़कों के घनत्व के मुख्य निर्धारक है। पक्की सड़कों के घनत्व में और भी अंतर पाया जाता है। जम्मू-कश्मीर में सबसे कम और अरुणाचल प्रदेश में पक्की सड़कों का घनत्व कुछ अधिक अर्थात् 4.8 कि.मी. है।

प्रश्न 13.
जनसंचार में रेडियो और टेलीविजन के महत्त्व की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
जन संचार तंत्र सूचना और शिक्षा प्रदान करके लोगों में राष्ट्रीय नीति और कार्यक्रमों के विषय में जागरूकता पैदा करके महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय देश में सूचना और प्रसारण के विकास तथा नियमन के लिए जिम्मेदार है। प्रसार भारती, भारत का स्वायत्त प्रसारण निगम है। इसका गठन 1971 में किया गया था। आकाशवाणी तथा टेलीविजन जनसंचार का सशक्त माध्यम है। आकाशवाणी सूचना, शिक्षा, और मनोरंजन से संबंधित विविध प्रकार के कार्यक्रम प्रसारित करता है। आकाशवाणी ने व्यावसायिक कार्यक्रम भी प्रारम्भ किए हैं।

दूरदर्शन भारत का राष्ट्रीय टेलीविजन है। यह संचार के सबसे बड़े क्षेत्रीय प्रसारण संगठनों में से एक है। इससे लोगों का सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवन ही बदल गया है। दूरदर्शन से समाचार, सामयिक विषय, विज्ञान, सांस्कृतिक पत्रिकाएँ, वृत्तचित्र, संगीत, नृत्य नाटक, सीरियल और फीचर फिल्में प्रसारित होती हैं।

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प्रश्न 14.
संचार तंत्र का मानव के लिए क्यों महत्त्व है? इसको कितने वर्गों में विभाजित किया गया है?
उत्तर:
संचार तंत्र का महत्त्व-देखें प्रश्न उत्तर 2
1. अभ्यास। इसको दो वर्गों में विभाजित किया जाता है। व्यक्तिगत संचार तथा जनसंचार तंत्र।

2. व्यक्तिगत संचार तंत्र-यह तंत्र डाक सेवा द्वारा तथा कम्प्यूटर समर्थित दूरसंचार द्वारा सम्पन्न होता है। यह आधुनिक संचार प्रौद्योगिकी भारतीय अर्थव्यवस्था और समाज के तीव्र विकास के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इस तंत्र के द्वारा इंटरनेट और ‘ई-मेल’ के माध्यम से सारे संसार से अपेक्षाकृत कम लागत पर सूचनाएँ प्राप्त की जा सकती हैं। कम्प्यूटर द्वारा दस्तावेजों को तीव्रगति और सस्ते में भेजा और प्राप्त किया जा सकता है।

3. जनसंचार तंत्र-जनसंचार के लिए मुद्रण माध्यम तथा इलैक्ट्रोनिक माध्यम का उपयोग किया जाता है। भारत जैसे राष्ट्र में जनसंचार तंत्र सूचना और शिक्षा प्रदान करके लोगों में राष्ट्रीय नीति और कार्यक्रमों के विषय में जागरूकता पैदा करके महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सूचना और प्रसार मंत्रालय देश में सूचना-प्रसारण के नियमन के लिए जिम्मेदार है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
अन्तर स्पष्ट कीजिए –

  1. परिवहन और संचार।
  2. राष्ट्रीय महामार्ग और राज्य महामार्ग।
  3. व्यक्तिगत संचार और जनसंचार।

उत्तर:
1. परिवहन और संचार
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2. राष्टीय महामार्ग और राज्य महामार्ग राष्ट्रीय महामार्ग
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3. व्यक्तिगत संचार और जनसंचार
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प्रश्न 2.
भारत में रेलों के वितरण प्रतिरूप का विवरण कीजिए।
उत्तर:
परिवहन के साधनों में रेलों का महत्त्व सबसे अधिक है। 1853 ई० में भारत में प्रथम रेल लाइन 34 कि.मी. लम्बी बम्बई से थाना स्टेशेन तक बनाई गई। भारतीय रेलवे की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं –

  1. भारतीय रेल मार्ग 62,725 कि.मी. लम्बा है।
  2. यह एशिया में सबसे लम्बा रेल मार्ग है।
  3. विश्व में भारत का चौथा स्थान है।
  4. भारतीय रेलो में 18 लाख कर्मचारी काम करते हैं।
  5. प्रतिदिन 12,670 रेलगाड़ियों लगभग 13 लाख कि.मी. दूरी चलती है तथा 7,100 रेलवे स्टेशन हैं। प्रतिदिन लगभग 105 लाख यात्री यात्रा करते हैं तथा 10 लाख टन भार ढोया जाता है।
  6. भारतीय रेलों में 8,000 करोड़ रुपये की पूँजी लगी हुई है तथा प्रतिवर्ष 21,000 करोड़ रुपये की आय होती है।
  7. भारतीय रेलों में 11,000 रेल इंजन, 38,000 सवारी डिब्बे तथा 4 लाख भार ढोने वाले डिब्बे हैं।
  8. भारत में 80 प्रतिशत सामान तथा 70 प्रतिशत यात्री रेलों द्वारा ही ले जाए जाते हैं।
  9. भारतीय रेलों का अधिक विस्तार उत्तरी भारत के समतल मैदान में है।
  10. भारत में जम्मू-कश्मीर, पूर्वी पर्वतीय क्षेत्र, पश्चिमी घाट, छोटा नागपुर का पठार तथा थार के मरुस्थल में रेलमार्ग कम हैं।
  11. दक्षिण भारत में पथरीली, नीची भूमि के कारण, छोटी-छोटी नदियों पर जगह-जगह पुल बनाने की असुविधा है।
  12. अब भारतीय रेलों पर 4,259 डीजल इंजन, 2,302 बिजली के इंजन तथा 347 भाप इंजन चलते हैं।
  13. लगभग 13,517 कि.मी. लम्बे रेल मार्ग पर विद्युत गाड़ियां दौड़ती हैं। भारत में रेल-मार्ग तीन प्रकार के हैं –
    • चौड़ी पटड़ी-1.68 मीटर चौड़ाई।
    • छोटी पटड़ी-1 मीटर चौड़ाई।
    • तंग पहाड़ी-0.76 मीटर चौड़ाई

रेल क्षेत्र:
भारत में 9 रेल क्षेत्र हैं। ये रेल क्षेत्र तथा प्रमुख कार्यालय इस प्रकार हैं –
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प्रश्न 3.
निम्नलिखित के संक्षेप में उत्तर दीजिए –

  1. परिवहन भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण है?
  2. भारत में परिवहन के प्रमुख साधन कौन-से हैं?
  3. सड़क परिवहन के क्या लाभ हैं?
  4. सड़क परिवहन की क्या सुविधाएँ हैं?
  5. स्वर्ण चतुष्कोण (चतुर्भुज) किसे कहते हैं?
  6. चार राष्ट्रीय माहमार्गों के नाम उनके टर्मिनल सहित बताइए।
  7. भारतीय रेल के विभिन्न गेजों के नाम बताइए।
  8. दो राष्ट्रीय जलमार्गों के नाम बताइए।
  9. पाइप लाइन परिवहन के दो लाभ बताइए।

उत्तर:
1. परिवहन क्यों महत्त्वपूर्ण है –
लोगों के आवागमन और सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने, मनुष्यों और उनके लिए आवश्यक और उपयोगी वस्तुओं को लाने ले जाने के लिए परिवहन महत्त्वपूर्ण है।

2. परिवहन के साधन-भारत में परिवनह के मुख्य साधन हैं –

  • सड़कें
  • रेल
  • जलयान
  • वायुयाना पाइप लाइनों का उपयोग तरल पदार्थ और गैस के परिवहन के लिए किया जाता है।

3. सड़क परिवहन के लाभ –

  • सड़क परिवहन सस्ता पड़ता है।
  • सड़कें उबड़-खाबड़ और ढलुवाँ भूमि पर बनाई जा सकती हैं।
  • द्वार से द्वार तक सेवा प्रदान करने के कारण सड़क परिवहन में माल चढ़ाने-उतारने में भी कम लागत आती है।
  • सड़क परिवहन अन्य प्रकार के परिवहन का पूरक है।

4. स्वर्ण चतुष्कोण:
सड़कों के विकास की परियोजना द्वारा कोलकाता, चेन्नई, मुंबई और दिल्ली को छ: गलियों वाले परम राजमार्गों द्वारा जोड़ा जा रहा है, इसे स्वर्ण चतुष्कोण (चतुर्भुज) कहते हैं।

5. चार राष्ट्रीय महामार्गों के नाम और टर्मिनल –

  • ऐतिहासिक शेरशाह सूरी मार्ग को राष्ट्रीय महामार्ग-1 कहते हैं। यह दिल्ली और अमृतसर के मध्य है।
  • राष्ट्रीय महामार्ग-2 दिल्ली और कोलकाता के बीच है।
  • राष्ट्रीय महामार्ग-3 ग्वालियर, इन्दौर, नासिक होकर आगरा को मुंबई से जोड़ता है।
  • राष्ट्रीय महामार्ग-4 चेन्नई को ठाणे से जोड़ता है।

6. भारतीय रेलों के गेजों के नाम –

  • ब्राड गेज या बड़ी लाइन (दो पटरियों के बीच की दूरी 1.676 मीटर)।
  • मीटर गेज या छोटी लाइन (1 मीटर)।
  • नैरो गेज या संकरी लाइन (0.762 मीटर और 0.610 मीटर)।

7. राष्ट्रीय जलमार्ग –

  • राष्ट्रीय जलमार्ग-1: गंगा-भागीरथी-हुगली नदी तंत्र का इलाहाबाद और हल्दिया के बीच का मार्ग (1,620 कि.मी.)।
  • राष्ट्रीय जलमार्ग: 2 ब्रह्मपुत्र नदी का सदिया-घबूरी भाग (891 कि.मी.)।

8. पाइप लाइन परिवहन के लाभ –

  • तरल पदार्थों और गैस की लम्बी दूरियों के परिवहन के लिए पाइप लाइन परिवहन सबसे सुविधाजनक है।
  • जल परिवहन के लिए पाइप लाइन परिवहन लाभदायक है।
  • पैट्रोलियम उत्पादों तथा गैस का लंबी दूरियों तक परिवहन करती है।
  • ठोस पदार्थों का भी गाद के रूप में पाइप लाइनों द्वारा परिवहन होता है।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
मनुष्य तथा वस्तुओं के आवागमन के साधन को क्या कहते हैं?
(A) संचार
(B) परिवहन
(C) दोनों (A) और (B)
(D) कोई नहीं
उत्तर:
(B) परिवहन

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प्रश्न 2.
भारत में सड़कों की कुल लम्बाई कितनी है?
(A) 39 लाख कि.मी.
(B) 33 लाख कि.मी.
(C) 30 लाख कि.मी.
(D) 35 लाख कि.मी.
उत्तर:
(B) 33 लाख कि.मी.

प्रश्न 3.
कोलकाता, चेन्नई, मुंबई और दिल्ली को जोड़ने वाले गलियों वाले मार्ग को क्या कहा जाता है?
(A) स्वर्ण चतुष्कोण परम राजमार्ग
(B) सीमावर्ती मार्ग
(C) राष्ट्रीय महामार्ग
(D) राजकीय महामार्ग
उत्तर:
(A) स्वर्ण चतुष्कोण परम राजमार्ग

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प्रश्न 4.
दिल्ली और अमृतसर के मध्य महामार्ग को क्या कहते हैं?
(A) राष्ट्रीय महामार्ग-2
(B) राष्ट्रीय महामार्ग-1
(C) राष्ट्रीय महामार्ग-3
(D) राष्ट्रीय महामार्ग-4
उत्तर:
(B) राष्ट्रीय महामार्ग-1

प्रश्न 4.
दिल्ली और मुंबई को कौन-सा राष्ट्रीय महामार्ग जोड़ता है?
(A) राष्ट्रीय महामार्ग-1
(B) राष्ट्रीय महामार्ग-6
(C) राष्ट्रीय महामार्ग-4
(D) राष्ट्रीय महामार्ग-8
उत्तर:
(D) राष्ट्रीय महामार्ग-8

प्रश्न 5.
सीमा सड़क संगठन कब बनाया गया?
(A) 1950
(B) 1960
(C) 1962
(D) 1956
उत्तर:
(B) 1960

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प्रश्न 6.
भारत में प्रतिदिन कितनी रेलगाड़ियाँ चलती हैं?
(A) 12,670
(B) 12,680
(C) 10,500
(D) 11,670
उत्तर:
(A) 12,670

प्रश्न 8.
नैरो गेज में दो पटरियों के बीच की दूरी कितनी होती है?
(A) 1.676 मी.
(B) 0.610 मी.
(C) 1 मी
(D) 1.5 मी.
उत्तर:
(A) 1.676 मी.

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प्रश्न 9.
भारत में पहली रेल गाड़ी कब चलाई गई?
(A) 1853
(B) 1856
(C) 1840
(D) 1836
उत्तर:
(A) 1853

प्रश्न 10.
सबसे पहले बनी पाइप लाइन की लम्बाई कितनी थी?
(A) 1.152 कि.मी.
(B) 1.252 कि.मी
(C) 4,200 कि.मी.
(D) 1.260 कि.मी.
उत्तर:
(A) 1.152 कि.मी.

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प्रश्न 11.
भारत के सड़क-जाल की 2005 में कुल लंबाई कितनी थी?
(A) 23.1 लाख कि.मी.
(B) 33.1 लाख कि.मी.
(C) 43.1 कि.मी.
(D) 53.1 कि.मी.
उत्तर:
(B) 33.1 लाख कि.मी.

प्रश्न 12.
भारत में राष्ट्रीय महामार्गों की लंबाई 2005 में कितनी थी?
(A) 65,769
(B) 55,769
(C) 43,500
(D) 75,700
उत्तर:
(A) 65,769

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प्रश्न 13.
सीमा सड़क संगठन (बी.आर.ओ.) की स्थापना कब की गई थी?
(A) मई 1960
(B) जून 1961
(C) अगस्त 1963
(D) जुलाई 1965
उत्तर:
(A) मई 1960

प्रश्न 14.
भारत में वायु परिवहन की शुरुआत कब हुई थी?
(A) 1811
(B) 1911
(C) 1951
(D) 1951
उत्तर:
(B) 1911

Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 9 भारत के संदर्भ में नियोजन और सततपोषणीय विकास

Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 9 भारत के संदर्भ में नियोजन और सततपोषणीय विकास Textbook Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 9 भारत के संदर्भ में नियोजन और सततपोषणीय विकास

Bihar Board Class 12 Geography भारत के संदर्भ में नियोजन और सततपोषणीय विकास Textbook Questions and Answers

(क) नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए

प्रश्न 1.
प्रदेशीय नियोजन का संबंध है –
(क) आर्थिक व्यवस्था के विभिन्न सेक्टरों का विकास
(ख) क्षेत्र विशेष के विकास का उपागम
(ग) परिवहन जल तंत्र में क्षेत्रीय अंतर
(घ) ग्रामीण क्षेत्रों का विकास
उत्तर:
(क) आर्थिक व्यवस्था के विभिन्न सेक्टरों का विकास

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प्रश्न 2.
आई.टी.डी.पी. निम्नलिखित में से किस संदर्भ में वर्णित है?
(क) समन्वित पर्यटन विकास प्रोग्राम
(ख) समन्वित यात्रा विकास प्रोग्राम
(ग) समन्वित जनजातीय विकास प्रोग्राम
(घ) समन्वित परिवहन विकास प्रोग्राम
उत्तर:
(ग) समन्वित जनजातीय विकास प्रोग्राम

प्रश्न 3.
इंदिरा गाँधी नहर कमान क्षेत्र में सतत्पोषणीय विकास के लिए इनमें से कौन-सा सबसे महत्त्वपूर्ण कारक है?
(क) कृषि विकास
(ख) पारितंत्र विकास
(ग) परिवहन विकास
(घ) भूमि उपनिवेशन
उत्तर:
(क) कृषि विकास

(ख) निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर लगभग 30 शब्दों में दें।

प्रश्न 1.
भरमौर जनजातीय क्षेत्र में समन्वित जनजातीय विकास कार्यक्रम के सामाजिक लाभ क्या हैं?
उत्तर:
भरमौर जनजातीय क्षेत्र में समन्वित जनजातीय विकास कार्यक्रम लागू होने से सामाजिक लाभों में साक्षरता दर में तेजी से वृद्धि, लिंग अनुपात में सुधार और बाल-विवाह में कमी शामिल हैं। इस क्षेत्र में स्त्री साक्षरता दर 1971 में 1.88 प्रतिशत से बढ़कर 2001 में 42.83 प्रतिशत हो गई।

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प्रश्न 2.
सतत्पोषणीय विकास की संकल्पना को परिभाषित करें।
उत्तर:
सतत्पोपणीय विकास का अर्थ है-‘एक ऐसा विकास जिसमें भविष्य में आने वाली पीढ़ियाँ की आवश्यकता पूर्ति को प्रभावित किए बिना वर्तमान पीढ़ी द्वारा अपनी आवश्यकता की पूर्ति करना। अतः विकास एक बहु-आयामी संकल्पना है और अर्थव्यवस्था, समाज तथा पर्यावरण में सकारात्मक व अनुत्क्रमीय परिवर्तन का द्योतक है।

प्रश्न 3.
इंदिरा गाँधी नहर कमान क्षेत्र का सिंचाई पर क्या सकारात्मक प्रभाव पड़ा?
उत्तर:
नहरीनहरी सिंचाई के प्रसार से इस प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था प्रत्यक्ष रूप में रूपांतरित हो गई है। इस क्षेत्र में सफलतापूर्वक फसलें उगाने के लिए मृदा नमी सबसे महत्त्वपूर्ण सीमाकरी कारक रहा है। यहाँ की पारंपरिक फसलों, चना, बाजरा, और ज्वार का स्थान गेहूँ, कपास, मूंगफली और चावल ने ले लिया है।

(ग) निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर लगभग 150 शब्दों में दें।

प्रश्न 1.
सूखा संभावी क्षेत्र कार्यक्रम और कृषि जलवायु नियोजन पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखें। ये कार्यक्रम देश में शुष्क भूमि कृषि विकास में कैसे सहायता करते हैं?
उत्तर:
सूखा संभावी क्षेत्र कार्यक्रम और कृषि जलवायु नियोजन कार्यक्रम की शुरुआत चौथी पंचवर्षीय योजना में हुई। इसका उद्देश्य सूखा संभावी क्षेत्रों में लोगो को रोजगार उपलब्ध करवाना और सूखे के प्रभाव को कम करने के लिए उत्पादन के साधनों को विकसित करना था। पाँचवीं पंचवर्षीय योजना में इसके कार्यक्षेत्र को और विस्तृत किया गया। इसमें सिंचाई परियोजनाओं, भूमि विकास कार्यक्रमों, वनीकरण, चरागाह विकास और आधारभूत ग्रामीण अवसंरचना जैसे विद्युत, सड़कों, बाजार, ऋण सुविधाओं और सेवाओं पर जोर दिया गया।

पिछड़े क्षेत्रों के विकास की राष्ट्रीय समिति ने इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन की समीक्षा की जिसमें यह पाया गया कि सूखा संभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक रोजगार अवसर पैदा करने की आवश्यकता है। इन क्षेत्रों का विकास करने की अन्य रणनीतियों में सूक्ष्म-स्तर पर समन्वित जल-संभर विकास कार्यक्रम अपनाना चाहिए। इन क्षेत्रों के विकास की रणनीति में जल, मिट्टी, पौधों, मानव तथा पशु जनसंख्या के बीच पारिस्थितिकीय संतुलन, पुनःस्थापन पर मुख्य रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए।

1967 में योजना आयोग ने देश में 67 जिलों की पहचान सूखा संभावी जिलों के रूप में की। 1972 में सिंचाई आयोग ने 30 प्रतिशत सिंचित क्षेत्र का मापदंड लेकर सूखा संभावी क्षेत्रों का परिसीमन किया। भारत में सूखा संभावी क्षेत्र मुख्यतः राजस्थान, गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र, आंध्र प्रदेश के रायलसीमा और तेलंगाना पठार, कर्नाटक पठार और तमिलनाडु की उच्च भूमि तथा आंतरिक भाग के शुष्क और अर्ध-शुष्क भागों में फैले हुए हैं। पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान के सूखा प्रभावित क्षेत्र सिंचाई के प्रसार के कारण सूखे से बच जाते हैं।

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प्रश्न 2.
इंदिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र में सतत्पोषणीय विकास को बढ़ावा देने के लिए उपाय सुझाएँ।
उत्तर:
इंदिरा गाँधी नहर कमान क्षेत्र में सतत्पोषणीय विकास को बढ़ावा देने वाले कुछ उपाय इस प्रकार हैं:

  1. पहली और सबसे महत्त्वपूर्ण आवश्यकता है जल प्रबंधन नीति का कठोरता से कार्यान्वयन करना। इस नहर परियोजना के चरण-1 में कमान क्षेत्र में फसल रक्षण सिंचाई और चरण-2 में फसल उगाने और चरागाह विकास के लिए विस्तारित सिंचाई का प्रावधान है।
  2. इस क्षेत्र में शस्य प्रतिरूप में सामान्यतः जल सघन फसलों को नहीं बोया जाना चाहिए। इसका पालन करते हुए किसानों का बागाती कृषि के अंतर्गत खट्टे फलों की खेती करनी चाहिए।
  3. कमान क्षेत्र विकास कार्यक्रम जैसे नालों को पक्का करना, भूमि विकास तथा समतलन और वारबंदी (ओसरा) पद्धति (निकास के कमान क्षेत्र में नहर के जल का समान वितरण) प्रभावी रूप से कार्यान्वित की जाए ताकि बहते जल की क्षति मार्ग में कम हो सके।
  4. इस प्रकार जलाक्रांत एवं लवण से प्रभावित भूमि का पुनरूद्धार किया जाएगा।
  5. वनीकरण, वृक्षों का रक्षण मेखला (shelterbelt) का निर्माण और चरागाह विकास। इस क्षेत्र, विशेषकर चरण-2 के भंगुर पर्यावरण, में पारितंत्र-विकास (eco-development) के लिए अति आवश्यक है।
  6. इस प्रदेश में सामाजिक सतत् पोषणता का लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है यदि निर्धन आर्थिक स्थिति वाले भूआवंटियों को कृषि के लिए पर्याप्त मात्रा में वित्तीय और संस्थागत सहायता उपलब्ध करवाई जाए।
  7. मात्र कृषि और पशुपालन के विकास से इन क्षेत्रों में आर्थिक सतत्पोषणीय विकास की अवधारणा को साकार नहीं किया जा सकता। कृषि और इससे सम्बन्धित क्रियाकलापों को अर्थव्यवस्था के अन्य सेक्टरों के साथ विकसित करना पड़ेगा।
  8. इनसे इस क्षेत्र में आर्थिक विविधीकरण होगा तथा मूल आबादी गाँवों, कृषि-सेवा केन्द्रों (सुविधा गाँवों) और विपणन केन्द्रों (मंदी कस्बों) के बीच प्रकार्यात्मक संबंध स्थापित होगा।

Bihar Board Class 12 Geography भारत के संदर्भ में नियोजन और सततपोषणीय विकास Additional Important Questions and Answers

अति लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
नियोजन प्रदेश किसे कहते हैं?
उत्तर:
नियोजन प्रदेश वह भू-भाग है जिसमें आर्थिक निर्णयों को कार्यान्वित किया जाता है। अतः नियोजन प्रदेश वस्तुतः प्रशासनिक प्रदेश ही होते हैं।

प्रश्न 2.
संक्रमण क्षेत्र का क्या अर्थ है?
उत्तर:
किन्हीं भी दो प्रदेशों को एक दूसरे से पृथक् करने के लिए कोई निश्चित सीमा निर्धारित नहीं की जा सकती है, क्योंकि दोनों प्रदेशों के सीमावर्ती क्षेत्र में मिली-जुली दशाएँ मिलती हैं। इसे संक्रमण क्षेत्र कहते हैं।

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प्रश्न 3.
पंचवर्षीय योजनाओं की उपलब्धियाँ कौन-कौन सी थी?
उत्तर:

  1. राष्ट्रीय उत्पादों में शुद्ध वृद्धि।
  2. अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में वृद्धि।
  3. उपभोग की स्थिति में सुधार।
  4. रोजगार की स्थिति।

प्रश्न 4.
‘नियोजन’ से आपका क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
आर्थिक और सामाजिक क्रियाओं के क्रम, अनुक्रम को विकसित करने की प्रक्रिया को नियोजन कहते हैं।

प्रश्न 5.
प्रदेश क्या है?
उत्तर:
प्रदेश वह भू-भाग है, जिसमें भौगोलिक दशाओं की समानता तथा विकास सम्बन्धी समस्याओं की समरूपता हो। इन विशेषताओं के कारण यह अन्य भागों से भिन्न होता है।

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प्रश्न 6.
आर्थिक प्रदेश किसे कहते हैं?
उत्तर:
आर्थिक प्रदेश राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का प्रतिनिधित्व करने वाला एक भू-भाग होता है जिसमें आर्थिक क्रियाओं के संगठन, अवस्थिति एवं वितरण का अध्ययन किया जाता है।

प्रश्न 7.
आर्थिक योजना के लिए तीन स्तरीय प्रादेशिक विभाजन का वर्णन करें।
उत्तर:
आर्थिक योजना बनाने के लिए आर्थिक प्रदेशों की रचना की जाती है। देश को प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के क्षेत्रों में बाँटा जाता है। विकास कार्यों को विभिन्न स्तरों पर बाँट दिया गया है –

  1. वृहतस्तरीय प्रदेश
  2. मध्य स्तरीय प्रदेश
  3. अल्पार्थक प्रदेश।

प्रश्न 8.
पर्यावरण पर औद्योगिक विकास के अनापेक्षित प्रभावों के विषय में लोगों की चिंता कौन सी दो पुस्तकों द्वारा प्रकट हुई?
उत्तर:
1968 में प्रकाशित एहरलिच की पुस्तक ‘द पापुलेशन बम’ और 1972 में मीडोस और अन्य द्वारा लिखी पुस्तक द लिमिट टू ग्रोथ’ के प्रकाशन ने पर्यावरण विदों की चिंता और भी गहरी की।

प्रश्न 9.
आई.टी.डी.पी. का पूरा नाम क्या है?
उत्तर:
समन्वित जनजातीय विकास परियोजना।

प्रश्न 10.
भरमौर का क्षेत्र कौन-कौन से अक्षांशों के बीच स्थित है?
उत्तर:
भरमौर का क्षेत्र 32° 11′ उत्तर से 32°41′ उत्तर अंक्षाशों तथा 76°22′ पूर्व से 76°53′ पूर्व देशान्तरों के बीच स्थित है।

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प्रश्न 11.
सूखा प्रवण क्षेत्र कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर:
अपर्याप्त प्राकृतिक संसाधनों वाले सूखा प्रवण क्षेत्रों में गांवों की गरीबी को कम करने के लिए उत्पादक परिसंपत्तियों का निर्माण करना।

प्रश्न 12.
जनजातीय विकास कार्यक्रम किन क्षेत्रों में शुरु किए गए?
उत्तर:
ये कार्यक्रम उन क्षेत्रों में शुरु किए गए जिनकी कुल जनसंख्या में 50% या उससे अधिक संख्या में जन-जाति के लोग रहते हैं।

प्रश्न 13.
सामुदायिक विकास कार्यक्रम किस पंचवर्षीय योजना में शुरु किया गया?
उत्तर:
यह कार्यक्रम प्रथम पंचवर्षीय योजना में शुरु किया गया। इसके लिए पूरे देश को खंडों में विभाजित किया गया।

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प्रश्न 14.
विकास शब्द से आप क्या अभिप्राय रखते हैं?
उत्तर:
सामान्यता समाज विशेष की स्थिति और उसके द्वारा अनुभव किए गए परिवर्तन की प्रक्रिया को विकास समझा जाता है।

प्रश्न 15.
जनजातीय समन्वित विकास उपयोजना लागू होने से कौन से सामाजिक लाभ हुए?
उत्तर:
सामाजिक लाभों से साक्षरता दर में तेजी से वृद्धि, लिंग अनुपात में सुधार और बाल-विवाह में कमी आदि लाभ प्राप्त हुए।

लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
विकास से आप क्या समझते हैं? इसके मुख्य उद्देश्य क्या हैं?
उत्तर:
विकास का तात्पर्य लोगों के रहन-सहन के स्तर एवं मानव कल्याण की सामान्य दशाओं को बढ़ावा देना है। विकास के मुख्य उद्देश्य –

  1. लोगों के रहन-सहन का स्तर ऊँचा हो।
  2. मानव कल्याण की सामान्य दशाओं को बढ़ावा देना हो।
  3. आर्थिक उत्पादनों में वृद्धि की जाए ताकि लोगों का रहन-सहन स्तर ऊँचा हो।
  4. प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हो। व्यक्ति आय विकास का महत्त्वपूर्ण सूचक है।
  5. समाज के सभी वर्गों का समान रूप से विकास हो।
  6. राष्ट्रीय आय में वृद्धि हो।
  7. देश के सभी भाग आर्थिक विकास की दृष्टि से उन्नत हों।

प्रश्न 2.
प्रादेशिक विकास के संदर्भ में विकास की धारणा क्या है?
उत्तर:
प्रादेशिक विकास के संदर्भ में विकास की धारणा है कि लोगों का रहन-सहन ऊँचा हो तथा मानव कल्याण की सामान्य दशाओं में वृद्धि हो। प्रति व्यक्ति आय विकास का महत्त्वपूर्ण सूचक है। इसलिए लोगों की प्रति व्यक्ति आय बढ़े। आर्थिक उत्पाद तथा राष्ट्रीय आय में वृद्धि हो। इस प्रकार देश के सभी भागों में तथा समाज के सभी वर्गों में समान रूप से उन्नति हो।

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प्रश्न 3.
कृषि जलवायु मण्डलों पर आधारित विकास नियोजन क्यों लाभदायक है?
उत्तर:
भारत एक कृषि प्रधान देश है। देश में विभिन्न प्रदेशों के आर्थिक विकास के लिए कृषि खण्ड का विकास बहुत आवश्यक है। अतः कृषि जलवायु मण्डलों पर आधारित कृषि विकास नियोजन लाभदायक है। कृषि का विकास मूलतः जलवायु पर निर्भर करता है। इसलिए कृषि संसाधनों का पूर्ण उपयोग किया जा सकता है। कृषि नियोजन से कृषि सम्भाव्यताओं का पूर्ण उपयोग करके क्षेत्रीय विषमताओं को कम किया जा सकता है।

प्रश्न 4.
भारत में बहुराष्ट्रीय नियोजन क्यों आवश्यक है?
उत्तर:
बहुराष्ट्रीय नियोजन का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय लक्ष्यों एवं उद्देश्यों की पहचान करना है। इन लक्ष्यों व उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए उचित नीतियों का निर्धारण किया जाता है। बहुस्तरीय योजना खण्डीय योजना होती है। जिसमें देश को छोटे-छोटे क्षेत्रों में बाँट लिया जाता है। प्राथमिक, द्वितीयक, तथा तृतीयक खण्ड बनाए जाते हैं। भारत एक विशाल देश है जिसे उपमहाद्वीप की संज्ञा दी जाती है। इसलिए भारत के विकास के लिए बहुस्तरीय नियोजन आवश्यक है। भारत के विभिन्न भागों के विकास में असंतुलन है। इस नियोजन से इन प्रादेशिक विषमताओं को दूर करके एक समकालीन विकास किया जा सकता है। पहली योजनाओं में राष्ट्र तथा राज्य ही नियोजन का क्षेत्र रहे हैं। परन्तु अब विकास खण्ड तथा गाँव ही योजनाओं को पूरा करने का कार्य करती है। इसलिए देश के आकार, प्रशासनिक ढाँचे, भौगोलिक संरचना को देखते हुए बहुस्तरीय नियोजन आवश्यक है।

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प्रश्न 5.
क्षेत्र, मण्डल तथा प्रदेश में अन्तर स्पष्ट करो।
उत्तर:
भूगोल किसी भू-भाग में भौगोलिक संघटनों की विविधिता का अध्ययन किया जाता है। यह, भू-भाग एक क्षेत्रमण्डल अथवा प्रदेश हो सकता है। जब किसी भू-भाग में कोई विशेष परिघटना पाई जाती हो तो उसे क्षेत्र कहते हैं। जैसे-लावा मिट्टी क्षेत्र। मण्डल वह सीमित भाग है जो अध्ययन किए जाने वाले तत्त्व की बहुलता, सघनता या तीव्रता को प्रदर्शित करता है। जैसे-जलवायु मण्डल, रेलवे मण्डल। प्रदेश वह भू-भाग है जिसमें भौगोलिक, आर्थिक तथा सांसकृतिक दशाओं की समानता तथा समांगता हो। जैसे-प्राकृतिक प्रदेश, औद्योगिक प्रदेश।

प्रश्न 6.
योजना आयोग द्वारा निर्धारित कृषि जलवायु प्रदेशों के नाम लिखिए?
उत्तर:
कृषि जलवायु मण्डल-मिट्टी, जलवायु, धरातल, जल संसाधनों की सुविधाओं के आधार पर योजना आयोग ने देश को निम्नलिखित 15 कृषि जलवायु क्षेत्रों में बाँटा है –

  1. पश्चिमी हिमालय प्रदेश
  2. पूर्वी हिमालय प्रदेश
  3. गंगा की निचली घाटी का मैदान
  4. गंगा की मध्य घाटी का मैदान
  5. गंगा की ऊपरी घाटी का मैदान
  6. ट्रांस-गंगा का मैदान
  7. पूर्वी पठार एवं पहाड़ी प्रदेश
  8. मध्य पठार एवं पहाड़ी प्रदेश
  9. पश्चिमी पठार एवं पहाड़ी प्रदेश
  10. दक्षिणी पठार एवं पहाड़ी प्रदेश
  11. पूर्वी तटीय मैदान तथा पहाड़ी प्रदेश
  12. पश्चिमी तटीय मैदान तथा पहाड़ी प्रदेश
  13. गुजरात का मैदान तथा पहाड़ी प्रदेश
  14. पश्चिमी शुष्क प्रदेश
  15. द्वीप प्रदेश

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प्रश्न 7.
एक स्तरीय तथा बहुस्तरीय योजना में क्या अंतर है?
उत्तर:
एक स्तरीय योजना:
किसी देश की प्राकृतिक सम्पदा के संतुलित विकास के लिए आर्थिक प्रादेशीयकरण की योजनाएँ बनाई जाती हैं। एक लम्बे काल तक की योजना राष्ट्रीय स्तर पर बनाई जाती है। यह योजना प्राय केन्द्रित तथा खण्डात्मक होती है। इसे एक स्तरीय या सैक्टोल योजना भी कहते हैं। इसमें विभिन्न क्षेत्रों को क्रमबद्ध करके उच्च स्तर पर योजना को पूरा करने की नीति बनाई जाती है। इसी योजना में निम्न स्तरीय प्रदेश मुख्य योजना के पूरक कार्य करते हैं।

बहुराष्ट्रीय योजना:
इस योजना में किसी देश को छोटे-छोटे भागों में बाँटा जाता है। बड़े आकार के देशों को अधिक संख्या के छोटे क्षेत्रों में बाँटा जाता है। भारत जैसे बड़े देश में राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का विकास बहुस्तरीय प्रणाली के रूप में आवश्यक है। बहुस्तरीय प्रणाली एक स्तरीय प्रणाली की प्रतिकूल नहीं होती है। इस प्रणाली द्वारा किसी प्रदेश का समाकलित विकास किया जाता है। विभिन्न प्रदेशों में आर्थिक विषमताओं को कम करके राष्ट्र स्तरीय योजनाओं के लक्ष्य को प्राप्त किया जाता है।

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प्रश्न 8.
विभिन्न विशेषताओं के आधार पर प्रदेशों के प्रकार बताओ?
उत्तर:
प्रदेश प्राय: एक या एक से अधिक विशेषताओं के आधार पर अन्य भागों से भिन्न होता हैं अत: प्रदेश भी कई प्रकार के होते हैं –

  1. प्राकृतिक प्रदेश-जो प्राकृतिक विशेषताओं पर आधारित हों, जैसे, प्राकृतिक वनस्पति, प्रदेश, उष्ण कटिबन्धीय वर्षा के वन प्रदेश।
  2. सांस्कृतिक प्रदेश-जैसे भाषा के आधार पर भाषाई प्रदेश-तेलगू प्रदेश, तमिल प्रदेश।
  3. आर्थिक प्रदेश-जैसे मुंबई का पृष्ठ प्रदेश।
  4. औद्योगिक प्रदेश-उद्योगों के आधार पर दामोदार घाटी संकुल।

प्रश्न 9.
नीचे से नियोजन’ से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
नियोजन द्वारा राष्ट्रीय उद्देश्यों को प्राप्त किया जाता है। नियोजन द्वारा अर्थव्यवस्था को खण्डीय पक्षों में बाँटा जाता है। भारत में आरम्भ में नियोजन का स्तर राष्ट्र तथा राज्य रहे हैं। इसके पश्चात् जिला एवं विकास खण्ड को नियोजन की इकाई के रूप में लिया गया है। इस प्रकार नियोजन क्रिया का विकेन्द्रीकरण किया गया। इस प्रकार विकास खण्ड के नियोजन से ग्रामीण विकास को सुदृढ़ बनाया गया। इसे नीचे से नियोजन कहते हैं।

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प्रश्न 10.
भारत के विकास में प्रादेशिक विषमताओं की प्रमुख विशेषताओं का वितरण लिखिए।
उत्तर:
प्रादेशिक विषमताएँ इस प्रकार हैं –

  1. आंतरिक भागों की तुलना में तटीय क्षेत्र अधिक विकसित हैं।
  2. व्यापारिक कृषि के क्षेत्र में विकास अधिक व्यापक है, पंजाब और केरल के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में विषमता कम है।
  3. जन-जातीय क्षेत्र अभी भी कम विकसित हैं।
  4. भौतिक बाधाओं जैसे शुष्क जलवायु उबड़-खाबड़ पर्वतीय या पठारी भूमि, और प्रायः आने वाली बाढ़ों से पीड़ित क्षेत्रों तथा अलगाव के कारण उन्नत प्रौद्योगिक से वंचित क्षेत्र पिछड़े (अविकसित) ही रह गए हैं।

पचास और साठ के दशकों के दौरान प्रादेशिक विकास की नीतियाँ क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहित करती थीं ताकि विनिवेश से अधिकतम लाभ कमाया जा सके। द्वितीय पंचवर्षीय योजना की अवधि में केन्द्रोमुखी बिन्दुओं के रूप में कुछ विशाल औद्योगिक केन्द्र स्थापित किए गए थे। प्रथम दो योजनाओं में वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन में वृद्धि तो हुई, लेकिन इससे प्रादेशिक असंतुलन पैदा हो गये थे। उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण से सम्बन्धित नई आर्थिक नीति के द्वारा विकास की गति अधिक सुविधायुक्त क्षेत्रों में तेजी से हो रही है। इससे प्रादेशिक विषमता में वृद्धि हो रही है।

प्रश्न 11.
विकास खण्ड नियोजन की क्या समस्याएँ हैं?
उत्तर:
विकास खण्ड स्तर पर नियोजन भारत के लिए आवश्यक है, परन्तु इसमें कई समस्याएँ हैं –

  1. इस स्तर पर नियोजन की कोई संस्था नहीं है।
  2. विकास खण्ड योजना अधिकारी कोई निर्णय लेने की क्षमता नहीं रखता।
  3. विकास खण्ड अधिकारी ऊपर के अधिकारियों से आज्ञा लेकर कार्य करती हैं।
  4. विकास खण्ड अधिकारी के पास योजना बनाने की क्षमता नहीं होती।
  5. सभी विकास खण्ड स्तर पर उपयुक्त इकाइयाँ नहीं बन पाती।
  6. विकास खण्ड एक जैसे समृद्ध नहीं होते।
  7. विकास खण्ड में विकास केन्द्रों का चयन तथा विकास आवश्यक है।

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प्रश्न 12.
संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए।

  1. चौथी पंचवर्षीय योजना के उद्देश्य।
  2. टिकाऊ विकास की आवश्यकता।

उत्तर:
1. चौथी पंचवर्षीय योजना:

  • विकास की गति को तेज करना।
  • कृषीय उत्पादन में उतार-चढ़ाव को घटाना।
  • विदेशी सहायता की अनिश्चितताओं के प्रभाव को कम करना।
  • कमजोर तथा विकसित क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को उत्प्रेरित करने के लिए उद्योगों को सारे देश में फैलाया गया।

2. टिकाऊ विकास की आवश्यकता:
लाभों के समान वितरण के साथ आर्थिक प्रगति तथा परितंत्र को कम से कम हानि के उद्देश्य को टिकाऊ विकास की विधि से प्राप्त किया जा सकता है। विकास के अनेक प्रकार पर्यावरण के उन्हीं संसाधनों का ह्रास करते हैं जिन पर वे आधारित होते हैं। इससे आर्थिक विकास में बाधा पड़ती है। इसलिए टिकाऊ विकास परितंत्र के स्थायित्व का सदैव ध्यान रख सकता है।

उत्पादक संरचनाओं और सम्बन्धों के साथ अर्थव्यवस्था और सामाजिक व्यवसाय में प्रगति से आय के न्यायपूर्ण वितरण शक्ति और अवसरों का न्यायपूर्ण वितरण सुनिश्चित होते हैं जो सामाजिक शान्ति के लिए आधार प्रदान करते हैं। टिकाऊ विकास की सामाजिक संदर्भ में आवश्यकता रहती है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
आर्थिक योजना के लिए तीन स्तरीय प्रादेशिक विभाजन का वर्णन करें।
उत्तर:
आर्थिक योजना बनाने के लिए आर्थिक प्रदेशों की रचना की जाती है। देश को प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के क्षेत्रों में बाँटा जाता है। इन बहुस्तरीय प्रदेशों की रचना से विकास कार्यों को विभिन्न स्तरों पर बाँट दिया जाता है। यह स्तर इस प्रकार है –

  1. वृहत स्तरीय प्रदेश।
  2. मध्यम स्तरीय प्रदेश।
  3. अल्पार्थक स्तरीय प्रदेश।

1. वृहत स्तरीय प्रदेश:
यह सबसे उच्च स्तर के प्रदेश होते हैं। इसमें एक से अधिक राज्य शामिल होते हैं। इस प्रदेश में अपनी सीमाओं के अन्दर पूर्ण विकास की क्षमता होती है। प्रायः एक क्षेत्र में स्थित मध्यम स्तर के प्रदेशों को मिलाकर विस्तृत प्रदेश बनाया जाता है। यह क्षेत्र भौतिक सम्पदा, कच्चे माल, शक्ति साधनों में आत्मनिर्भर होता है। भारत को 13 विस्तृत प्रादेशीय इकाइयों में बाँटा गया है ।

2. मध्यम स्तरीय प्रदेश:
यह प्रदेश एक या एक से अधिक राज्यों के कुछ एक जिलों का सम्मिलित रूप होता है। इस प्रदेश की रचना विस्तृत प्रदेश के छोटे विभागों के रूप में की जाती है। कई अल्पार्थक स्तर के प्रदेशों को मिलाने से मध्य स्तर का प्रदेश बन जाता है। भारत को 35 माध्यम स्तरीय प्रदेशों में बाँटा गया है।

3. अल्पार्थक प्रदेश:
ये प्रदेश सबसे छोटा तथा निम्न स्तर के योजना प्रदेश होते हैं। इसमें एक जिले से कम क्षेत्र में कुछ तहसीलें या कुछ विकास खण्ड शामिल होते हैं। इस क्षेत्र प्रदेश में कई विकास केन्द्र कायम हो जाते हैं। इनके पृष्ठ प्रदेश मिलकर एक अल्पार्थक प्रदेश का निर्माण करते हैं।

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प्रश्न 2.
आर्थिक विकास तथा प्रौद्योगिक किस प्रकार सामाजिक तथा प्रादेशिक विषमताओं को जन्म देता है?
उत्तर:
विकास का मुख्य उद्देश्य लोगों के रहन-सहन तथा मानव कल्याण की दशाओं में वृद्धि करना है। यह संकल्प मूल्य-घनात्मक है। विकास का अर्थ परिवर्तन है। परन्तु परिवर्तन का केवल घनात्मक पक्ष ही मान्य है। विकास की स्थिति को पलटा नहीं जा सकता। आर्थिक विकास से प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि होती है। परन्तु आर्थिक विकास सभी वर्गों तथा सभी प्रदेशों में समान होता। आर्थिक विकास वर्ग तटस्थ नहीं होता। इसका लाभ समाज के कुछ ही वर्ग प्राप्त करते हैं। सभी प्रकार कुछ प्रदेश विकास के उच्च स्तर को प्राप्त कर लेते हैं, परन्तु कुछ प्रदेश उस स्तर को प्राप्त नहीं कर सकते। इसका विकास सामाजिक तथा प्रादेशिक विषमताओं को जन्म देता है। इसी प्रकार प्रौद्योगिक के विभिन्न स्तर सभी वर्गों को प्राप्त नहीं है। प्रौद्योगिक भी विभिन्न वर्गों एवं प्रदेशों के बीच विषमता को जन्म देती है।

मुख्य प्रादेशिक विषमताएँ इस प्रकार हैं –

  1. आंतरिक भागों की तुलना में तटीय क्षेत्र अधिक विकसित है।
  2. व्यापारिक कृषि के क्षेत्र में विकास अधिक व्यापक है, पंजाब और केरल के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में विषमता कम है।
  3. जन-जातीय क्षेत्र अभी भी कम विकसित हैं।
  4. भौतिक बाधाओं जैसे शुष्क जलवायु, उबड़-खाबड़ पर्वतीय या पठारी भूमि, और प्रायः आने वाली बाढ़ों से पीड़ित क्षेत्रों तथा अलगाव के कारण उन्नत प्रौद्योगिकी से वंचित क्षेत्र पिछड़े (अविकसित) ही रह गए हैं।

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प्रश्न 3.
निम्नलिखित के उत्तर संक्षेप में दीजिए –

  1. नियोजन किसे कहते हैं?
  2. किसी देश के विकास के लिए नियोजन क्यों आवश्यक हैं?
  3. दूसरी पंचवर्षीय योजना के क्या उद्देश्य थे?
  4. 1966-69 के दौरान वार्षिक योजनाओं के विशिष्ट लक्षण कौन-कौन से थे?

उत्तर:
1. नियोजन:
आर्थिक और सामाजिक क्रियाओं के क्रम/अनुक्रम को विकसित करने की प्रक्रिया को नियोजन कहते हैं।

2. नियोजन की आवश्यकता:
राष्ट्रीय योजना संकल्पनात्मक और सैद्धान्तिक पक्षों पर विचार करती है। सभी आवश्यकताओं और संभावनाओं पर बल देती है, कौन से लक्ष्य पूरे करने हैं तथा कौन सी विधियाँ अपनानी हैं इन पर विचार करती है। जबकि योजनाओं को पूरा करने का दायित्व राज्यों का होता है। संविधान के संशोधनों के द्वारा नियोजन को स्थानीय स्तर के विकास का अनिवार्य अंग बना लिया गया है।

3. दूसरी पंचवर्षीय योजना के उद्देश्य –

  • राष्ट्रीय आय में 25% की वृद्धि।
  • आधारभूत तथा भारी उद्योगों के विकास पर विशेष जोर देते हुए तीव्र औद्योगीकरण
  • रोजगारों के अवसरों का विस्तार।
  • असमानताओं में कमी। इस योजना में आधारभूत और भारी उद्योगों के विकास पर विशेष बल दिया गया।

4. 1966-69 के दौरान योजनाओं के विशिष्ट लक्षण-इन योजनाओं में पैकेज कार्यक्रमों को अपनाया गया। पैकेज कार्यक्रमों में सुनिश्चित वर्षा और सिंचाई वाले चयनित क्षेत्रों में अधिक आधक उपज देने वाले बीज, उर्वरक, पीड़कनाशी और ऋण की सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई। इसे गहन कृषीय जिला कार्यक्रम के नाम से जाना जाता है। इस पैकेज कार्यक्रम के द्वारा ही तथाकथित हरित क्रान्ति का सूत्रपात हुआ।

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प्रश्न 4.
भारत की पंचवर्षीय योजनाओं की प्रमुख उपलब्धियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
प्रमुख उपलब्धियाँ:
1. राष्ट्रीय उत्पादों में शुद्ध वृद्धि:
(1950-51 से 2000-01) नियोजन व्यवस्था में भारतीय अर्थव्यवस्था ने बहुत प्रगति की है। प्रतिवर्ष 4.2 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई है। इस योजना के देश खाद्यान्नों के मामले में आत्मनिर्भर बनाया गया था। 1979-80 के सूखे के बावजूद पांचवी योजना की अवधि में पर्याप्त प्रगति हुई। छठी और सातवीं योजनाओं के दौरान शुद्ध घरेलू उत्पादों की वार्षिक चक्रवृद्धि दर 5.0% से अधिक थी। आठवीं योजना में सबसे अधिक वृद्धि दर नौवीं योजना काल में पुनः धीमी हो गई थी।

2. अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में वृद्धि:
शुद्ध राष्ट्रीय उत्पादों और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि दर मुख्य रूप से कृषि की उपलब्धियों पर आश्रित थी। कृषि की तुलना में औद्योगिक वृद्धि दर निरंतर ऊँची बनी रही। अर्थव्यवस्था में विकास के साथ देश की औद्योगिक संरचना में विविधता आ गई। इस अवधि में औद्योगिक उत्पादन में 5.5% की दर से वृद्धि हुई जबकि कृषि, उत्पादन केवल 3.0% की दर से बढ़ा। चतुर्थक क्षेत्र के उत्पादन में बहुत तेज वृद्धि हुई। व्यापार और परिवहन तथा वित्तीय सेवाओं में से प्रत्येक का सकल घरेलू उत्पाद में योगदान 16 गुना बढ़ा।

द्वितीयक क्षेत्र में विनिर्माण, बिजली, गैस और जल की आपूर्ति में तेजी से विस्तार हुआ। तृतीयक क्षेत्र में व्यापार, परिवहन, लोक प्रशासन की रक्षा ने बहत वृद्धि हुई। ये सभी भारतीय अर्थव्यवस्था की बढ़ती परिपक्वता के परिचायक हैं। कामगारों की संरचना में कोई अधिक परिवर्तन नहीं हुआ। प्रति व्यक्ति आय में सापेक्षिक गिरावट आई।

3. उपभोग की स्थिति में सुधार:
अनाजों और दालों की प्रतिव्यक्ति प्रतिदिन की उपलब्धता 1951 में 394 ग्राम थी जो 2001 में बढ़कर 417 ग्राम हो गई। खाद्य तेलों की प्रतिव्यक्ति उपलब्धता तीन गुनी हो गई। घरेलू उपयोग के लिए बिजली की उपलब्धता में वृद्धि भी प्रभावशाली है।

4. गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों की सफलता:
योजना आयोग, गरीबी के विस्तार का आंकलन राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर करता रहा है। गरीबी के रेखा के नीचे रहने वाले लोगों के प्रतिशत के रूप में अभिव्यक्त गरीबी के विस्तार में निरन्तर कमी आई है। गरीबी का अनुपात तो घट गया, लेकिन गरीबों की कुल संख्या आज भी 26 करोड़ बनी हुई है।

5. रोजगार की स्थिति:
कुल संख्या में रोजगार 1983 में 30.3 करोड़ थे, जो बढ़कर 2000 में 39.7 करोड़ हो गए। रोजगार के अवसरों में वृद्धि, जनसंख्या वृद्धि के अनुरूप से कम हुई है। रोजगार के संगठित क्षेत्र में वार्षिक वृद्धि दर में बहुत तेज गिरावट आई है। शिक्षित बेरोजगारों की संख्या ने विकराल रूप धारण कर लिया है।

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प्रश्न 5.
निम्नलिखित के उत्तर संक्षेप में दीजिए –

  1. भारत में रोजगार की क्या स्थिति है?
  2. उन क्षेत्रों के नाम बताइए जहाँ जन-जातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम शुरु किए गए थे?
  3. सूखा प्रवण क्षेत्र कार्यक्रमों की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
  4. गहन कृषीय विकास कार्यक्रम कब लागू किया गया?

उत्तर:
1. भारत में रोजगार की स्थिति:
रोजगार जनन भी नियोजन की प्राथमिकताओं में से एक रही है। कुल संख्या में रोजगार 1983 में 30.3 करोड़ थे, जो बढ़कर 2000 में 39.7 करोड़ हो गए। समग्र रोजगार की औसत वार्षिक वृद्धि दर 1972-78 की अवधि में 2.73% थी, जो घटकर 1983-88 में 1.54 तथा 1993-2000 में 1.03% रह गई। रोजगार के संगठित क्षेत्र में वार्षिक वृद्धि दर से बहुत तेज गिरावट आई। सन् 2000 में यह गिरावट 0.17% पर पहुँच गई। शिक्षित बेरोजगारों की समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया है। 1996-97 में रोजगार ढूँढ़ने वाले 3.7 करोड़ लोगों के नाम रोजगार के दफ्तरों में पंजीकृत थे।

2. जनजातीय क्षेत्र:
ये कार्यक्रम उन्हीं क्षेत्रों के लिए तैयार किए गए जिनकी कुल जनसंख्या में 50 प्रतिशत या उससे अधिक संख्या में जन-जाति के लोग रहते हैं। उपयोजना क्षेत्र के मुख्य दीर्घावधि उद्देश्य थे-जन-जातीय और अन्य लोगों के विकास के स्तरों के अंतर को कम करना तथा जन-जातीय समुदायों की जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना। इस कार्यक्रम के लिए चुने गए क्षेत्र इन राज्यों में स्थित थे। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, झारखंड और राजस्थान। ऐसे कार्यक्रम आम आदमी के लाभ, विशेष रूप से सबसे कमजोर वर्ग के लिए बनाए गए थे। ये कार्यक्रम क्षेत्र की विशेष समस्याओं को सुलझाने के लिए बनाए गए थे।

3. सूखा प्रवर्ण क्षेत्र की विशेषताएँ –

  • अभावग्रस्त लोगों के लिए काम के अवसर जुटाए गए।
  • भूमि और मजदूरी की उत्पादकता बढ़ाने के लिए विकासात्मक कार्य शुरु किए गए थे।
  • इन कार्यक्रम में क्षेत्र के समन्वित विकास पर जोर दिया गया था।
  • कार्यक्रम निम्नलिखित से सम्बन्धित थे, सिंचाई परियोजनाएँ, भूमि विकास कार्यक्रम, वनरोपण, वनीकरण, घासभूमि विकास, ग्रामीण विद्युतीकरण और अवसंरचनात्मक विकास कार्यक्रम।

4. गहन कृषीय विकास कार्यक्रम-इसे तीसरी पंचवर्षीय योजना के दौरान लागू किया गया। इस नीति के अनुसार कुछ ऐसे जिलों को चुनना था, जिनमें कृषि विकास की प्रबल संभावनाएँ थीं।
तालिका: मुख्य फसलों के अंतर्गत क्षेत्र, उत्पादन, तथा उपज में अग्रणी भारत के पांच राज्य
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वस्तुनिष्ठ प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
क्रियाओं को विकसित करने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
(A) नियोजन
(B) भोजन
(C) विकास
(D) योजना।
उत्तर:
(A) नियोजन

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प्रश्न 2.
एम. विश्वेश्वरैया ने दस वर्षीय योजना कब प्रकाशित की थी?
(A) 1836
(B) 1936
(C) 1944
(D) 1926
उत्तर:
(B) 1936

प्रश्न 3.
टाटा और बिड़ला ने बंबई योजना कब बनाई?
(A) 1944
(B) 1952
(C) 1956
(D) 1936
उत्तर:
(A) 1944

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प्रश्न 4.
किस पंचवर्षीय योजना में भारत में समाजवादी समाज की स्थापना का प्रतिरूप किया गया?
(A) प्रथम पंचवर्षीय योजना
(B) द्वितीय पंचवर्षीय योजना
(C) चौथी पंचवर्षीय योजना
(D) छठी पंचवर्षीय योजना
उत्तर:
(B) द्वितीय पंचवर्षीय योजना

प्रश्न 5.
टिकाऊ विकास की आवश्यकता का उद्देश्य किस योजना में रखा गया था?
(A) नौवीं पंचवर्षीय योजना
(B) चौथी पंचवर्षीय योजना
(C) तृतीय पंचवर्षीय योजना
(D) प्रथम पंचवर्षीय योजना
उत्तर:
(A) नौवीं पंचवर्षीय योजना

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प्रश्न 6.
शुद्ध राष्ट्रीय उत्पादों और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि दर मुख्य रूप से किस पर आधारित थी?
(A) उद्योग
(B) कृषि
(C) योजना
(D) राष्ट्रीय आय
उत्तर:
(B) कृषि

प्रश्न 7.
रोजगारों की संख्या 2000 में कितनी हो गई?
(A) 30.3 करोड़
(B) 33.3 करोड़
(C) 39.7 करोड़
(D) 37.9 करोड़
उत्तर:
(C) 39.7 करोड़

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प्रश्न 8.
उन क्षेत्रों में कौन सा विकास कार्यक्रम शुरु किया गया जहाँ 50% से अधिक जन-जाति के लोग रहते हैं?
(A) जनजातीय विकास कार्यक्रम
(B) पहाड़ी क्षेत्र विकास कार्यक्रम
(C) गहन कृषीय विकास कार्यक्रम
(D) सामुदायिक विकास कार्यक्रम
उत्तर:
(A) जनजातीय विकास कार्यक्रम

प्रश्न 9.
सामुदायिक विकास कार्यक्रम किस पंचवर्षीय योजना में शुरु किया गया?
(A) प्रथम पंचवर्षीय योजना
(B) द्वितीय पंचवर्षीय योजना
(C) पांचवी पंचवर्षीय योजना
(D) नौवीं पंचवर्षीय योजना
उत्तर:
(A) प्रथम पंचवर्षीय योजना

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प्रश्न 10.
‘गहन कृषि विकास कार्यक्रम’ किस पंचवर्षीय योजना में लागू किया गया?
(A) प्रथम पंचवर्षीय योजना
(B) चौथी पंचवर्षीय योजना
(C) तीसरी पंचवर्षीय योजना
(D) छठी पंचवर्षीय योजना
उत्तर:
(C) तीसरी पंचवर्षीय योजना

प्रश्न 11.
SFDA का क्या अर्थ है?
(A) लघु कृषक विकास संस्था
(B) सीमांत किसान विकास संस्था
(C) (A) और (B) दोनों
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर:
(A) लघु कृषक विकास संस्था

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प्रश्न 12.
पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम में देश के कितने जिलों को शामिल किया गया है?
(A) 12
(B) 13
(C) 14
(D) 15
उत्तर:
(D) 15

प्रश्न 13.
1967 में योजना आयोग ने देश में कितने जिलों की पहचान सूखा संभावी जिलों के रूप में की थी?
(A) 60
(B) 70
(C) 67
(D) 77
उत्तर:
(C) 67

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प्रश्न 14.
2001 की जनगणना के अनुसार, भरमौर उपमंडल की जनसंख्या कितनी थी?
(A) 32,246
(B) 30,246
(C) 28,246
(D) 26,246
उत्तर:
(A) 32,246

परियोजना कार्य

प्रश्न 1.
अपने क्षेत्र में कार्यान्वित किए जा रहे क्षेत्र विकास कार्यक्रमों के बारे में पता लगाएँ। इन कार्यक्रमों का आपके आस-पास समाज और अर्थव्यवस्था पर हुए प्रभाव का विश्लेषण करें।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें।

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प्रश्न 2.
आप अपना क्षेत्र चुनें अथवा एक ऐसे क्षेत्र की पहचान करें जहाँ बहुत गंभीर पर्यावरणीय और सामाजिक आर्थिक समस्याएँ हैं, इस क्षेत्र के संसाधनों का अनुमान लगाएँ और उनकी एक सूची तैयार करें। जैसा कि इंदिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र के लिए किया गया है, इस क्षेत्र में सतत्पोषणीय विकास को बढ़ाया देने वाले उपाय सुझाएँ।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें।

Bihar Board 12th Entrepreneurship VVI Objective Questions Model Set 4 in Hindi

Bihar Board 12th Entrepreneurship Objective Questions and Answers

BSEB Bihar Board 12th Entrepreneurship VVI Objective Questions Model Set 4 in Hindi

Bihar Board 12th Entrepreneurship VVI Objective Questions Model Set 4 in Hindi

प्रश्न 1.
निम्न में से कौन-सा व्यावसायिक अवसर की पहचान को प्रभावित करने वाला घटक है ?
(A) आन्तरिक माँग की मात्रा
(B) निर्मित अवसर
(C) पर्यावरण में विद्यमान अवसर
(D) उपयुक्त में से कोई नहीं ।
उत्तर-
(A) आन्तरिक माँग की मात्रा

प्रश्न 2.
आर्थिक सहायता है
(A) रियायत
(B) बट्टा
(C) पुनः भुगतान
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(C) पुनः भुगतान

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प्रश्न 3.
माँग पूर्वानुमान में क्या शामिल है ?
(A) ग्राहक
(B) उत्पाद नियोजन
(C) अल्पकालीन पूर्वानुमान
(D) उपभोक्ता पूर्वानुमान
उत्तर-
(C) अल्पकालीन पूर्वानुमान

प्रश्न 4.
एक उद्यमी कामगार और……..दोनों ही होता है ?
(A) निवेशक
(B) प्रबंधक
(C) स्वामी
(D) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर-
(C) स्वामी

प्रश्न 5.
निम्न में से किसको व्यावसायिक अवसरों की खोज के रूप में परिभाषित किया जाता है ?
(A) उत्पाद
(B) प्रवर्तन
(C) विपणन
(D) उत्पादन
उत्तर-
(B) प्रवर्तन

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प्रश्न 6.
व्यवसाय का………..भी व्यवसाय के प्रारूप को निर्धारित करता है।
(A) आकार
(B) स्थान
(C) अध्ययन
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर-
(A) आकार

प्रश्न 7.
कारक प्रबलता प्राच्य परियोजनाएँ हैं
(A) पूँजी प्रबल परियोजनाएँ
(B) श्रम आधारित परियोजनाएँ
(C) तकनीकी प्राच्य परियोजनाएँ
(D) (A) एवं (B) दोनों
उत्तर-
(D) (A) एवं (B) दोनों

प्रश्न 8
परियोजना तैयार की जाती है
(A) प्रवर्तकों द्वारा
(B) प्रबंधकों द्वारा
(C) उद्यमी द्वारा
(D) इन सभी के द्वारा
उत्तर-
(D) इन सभी के द्वारा

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प्रश्न 9.
निम्न में से कौन भौतिक संसाधन का एक प्रकार है ?
(A) विपणन
(B) वित्त
(C) संसाधनों
(D) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर-
(C) संसाधनों

प्रश्न 10.
शुद्ध कार्यशील पूँजी का अर्थ है
(A) चालू सम्पत्तियाँ – चालू दायित्व
(B) चालू सम्पत्तियाँ + चालू दायित्व
(C) चालू दायित्व – चाल सम्पत्तियाँ
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर-
(A) चालू सम्पत्तियाँ – चालू दायित्व

प्रश्न 11.
अंतिम रहतिया है :
(A) कोप के स्रोत
(B) कोष का प्रयोग
(C) कोष का प्रवाह नहीं
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(A) कोप के स्रोत

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प्रश्न 12.
स्कन्ध आवर्त अनुपात आता है :
(A) तरलता अनुपात
(B) लाभदायकता अनुपात
(C) क्रियाशीलता अनुपात
(D) वित्तीय स्थिति अनुपात
उत्तर-
(C) क्रियाशीलता अनुपात

प्रश्न 13.
वास्तविक विक्रय तथा सम-विच्छेद विक्रय का अंतर क्या कहलाता है ?
(A) सीमा सुरक्षा
(B) कुल लागत
(C) सम-विच्छेद बिन्दु
(D) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर-
(A) सीमा सुरक्षा

प्रश्न 14.
उद्यमी पूँजी में रहता है.
(A) उच्च जोखिम
(B) साहसिक जोखिम
(C) कोई जोखिम नहीं
(D) इनमें से कुछ नहीं
उत्तर-
(A) उच्च जोखिम

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प्रश्न 15.
प्रबंध है
(A) कला
(B) विज्ञान
(C) कला और विज्ञान दोनों
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(C) कला और विज्ञान दोनों

प्रश्न 16.
…………….का प्रयोग प्रायः ग्राफ, यातायात अथवा सिम्पलेक्स रीतियों में किया जाता है।
(A) लीनियर मूल्यांकन
(B) क्रांतिक पथ विश्लेषण
(C) उत्पाद निरीक्षण
(D) कार्यक्रम रूपरेखा
उत्तर-
(A) लीनियर मूल्यांकन

प्रश्न 17.
व्यवसाय के लिए विपणन है
(A) अनिवार्य
(B) आवश्यक
(C) अनावश्यक
(D) विलासिता |
उत्तर-
(A) अनिवार्य

प्रश्न 18.
SFC Act भारत में किस वर्ष पारित किया गया
(A) 1948
(B) 1949
(C) 1950
(D) 1951
उत्तर-
(D) 1951

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प्रश्न 19.
विकास की गिरती स्थिति में
(A) उद्यम अपने आप को जीवित रखना कठिन पाता है
(B) उद्यम को तेज गति से हानियाँ होती हैं
(C) उद्यम दुकान बंद करने को अच्छा मानता है
(D) उपरोक्त सभी कुछ
उत्तर-
(D) उपरोक्त सभी कुछ

प्रश्न 20.
साहसी का कर्त्तव्य है
(A) मुनाफा वसूली
(B) कर चोरी
(C) पर्यावरण प्रदूषण
(D) इनमें से कोई नहीं |
उत्तर-
(D) इनमें से कोई नहीं |

प्रश्न 21.
उत्पादन का प्रारम्भ बाजार निम्न में से किस के द्वारा निर्धारित होना चाहिए?
(A) पूर्ति
(B) माँग
(C) प्राइमरी मार्केट
(D) द्वितीयक मार्केट
उत्तर-
(B) माँग

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प्रश्न 22.
विपणन का लाभ है
(A) उपभोक्ताओं को
(B) व्यवसायियों को
(C) निर्माताओं को
(D) सभी को
उत्तर-
(D) सभी को

प्रश्न 23.
टेलीफोन व्यय है
(A) स्थायी
(B) चल
(C) अर्द्ध-चल
(D) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर-
(C) अर्द्ध-चल

प्रश्न 24.
समामेलन का अर्थ है
(A) एक संगठन द्वारा दूसरे संगठन को ले लेना
(B) दो या अधिक व्यवसायों का मिश्रण
(C) अन्य संगठन में नियंत्रक अंश प्राप्त करना
(D) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर-
(B) दो या अधिक व्यवसायों का मिश्रण

Bihar Board 12th Entrepreneurship VVI Objective Questions Model Set 4 in Hindi

प्रश्न 25.
“सामाजिक उत्तरदायित्व से आशय उन नीतियों को लागू करना, उन निर्णयों को लेना अथवा उन कार्यों को करना है जो समाज के उद्देश्यों एवं मूल्यों के लिए वांछनीय है।” यह कथन है
(A) एच.आर. बोबेन का
(B) कण्टज ओ डोनेल का
(C) इनमें से कोई नहीं
(D) (A) और (B) दोनों
उत्तर-
(A) एच.आर. बोबेन का

प्रश्न 26.
निम्न में से स्थायी लागत का उदाहरण है
(A) प्रत्यक्ष सामग्री लागत
(B) चार्ज योग्य लागत
(C) कार्यालय प्रबंधक का वेतन
(D) प्रत्यक्ष श्रम लागत
उत्तर-
(C) कार्यालय प्रबंधक का वेतन

प्रश्न 27.
प्रबंध कला है
(A) स्वयं काम करने की
(B) दूसरों से काम लेने की
(C) स्वयं काम करने एवं दूसरों से काम लेने की
(D) उपरोक्त में से नहीं
उत्तर-
(C) स्वयं काम करने एवं दूसरों से काम लेने की

प्रश्न 28.
अंतिम रहतिया है
(A) कोष के स्रोत
(B) कोष का प्रयोग
(C) कोष का प्रवाह नहीं
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(A) कोष के स्रोत

Bihar Board 12th Entrepreneurship VVI Objective Questions Model Set 4 in Hindi

प्रश्न 29.
निम्न में से स्थायी लागत का उदाहरण है
(A) प्रत्यक्ष सामग्री लागत
(B) चार्ज योग्य लागत
(C) कार्यालय प्रबंधक का वेतन
(D) प्रत्यक्ष श्रम लागत
उत्तर-
(C) कार्यालय प्रबंधक का वेतन

प्रश्न 30.
बाजार वेधन में
(A) एक सम्पत्ति (स्कूटर) दूसरे के लिए विनिमय
(B) एक पुरानी सम्पत्ति (स्कूटर), एक नए से बदलना
(C) एक सम्पत्ति (स्कूटर) कैश में बेचना
(D) एक सम्पत्ति (स्कूटर), पर बेचना
उत्तर-
(C) एक सम्पत्ति (स्कूटर) कैश में बेचना

प्रश्न 31.
किसी निश्चित निर्णय के पूर्व आन्तरिक संसाधनों पर ध्यान देना………..होता है।
(A) आवश्यक
(B) अनावश्यक
(C) हानिदायक
(D) लाभप्रद
उत्तर-
(A) आवश्यक

Bihar Board 12th Entrepreneurship VVI Objective Questions Model Set 4 in Hindi

प्रश्न 32.
आर्थिक नीतियाँ क्या निर्धारित करती हैं ?
(A) व्यवसाय की दिशा
(B) व्यवसाय की मात्रा
(C) व्यवसाय की दिशा एवं मात्रा
(D) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर-
(C) व्यवसाय की दिशा एवं मात्रा

प्रश्न 33.
माँग पूर्वानुमान को निम्न में से किस रूप में जाना जाता है ?
(A) विपणन
(B) बाजार माँग
(C) माँग एवं पूर्ति
(D) उपरोक्त सभी
उत्तर-
(B) बाजार माँग

प्रश्न 34.
निम्न में से किस पर व्यवसाय की सामान्य योजना का निर्माण निर्भर करता है ?
(A) प्रोजेक्ट रिपोर्ट
(B) संयंत्र एवं उत्पाद नियोजन
(C) विपणन योजना
(D) वित्त नियोजन
उत्तर-
(B) संयंत्र एवं उत्पाद नियोजन

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प्रश्न 35.
आधुनिकीकरण सुधारता है
(A) उत्पादों को
(B) उत्पादन को
(C) प्रक्रियाओं को
(D) क्षमता को
उत्तर-
(D) क्षमता को

Bihar Board 12th Entrepreneurship VVI Objective Questions Model Set 3 in Hindi

Bihar Board 12th Entrepreneurship Objective Questions and Answers

BSEB Bihar Board 12th Entrepreneurship VVI Objective Questions Model Set 3 in Hindi

प्रश्न 1.
निम्न में से कौन-सा अवसर का प्रकार है ?
(A) प्रथम अवसर
(B) निर्मित अवसर
(C) (A) और (B) दोनों
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(B) निर्मित अवसर

Bihar Board 12th Entrepreneurship VVI Objective Questions Model Set 3 in Hindi

प्रश्न 2.
ज्ञान अर्जन प्रक्रिया में शामिल होते हैं :
(A) संचालन
(B) मनोभाव
(C) अनुक्रिया
(D) संचालन, मनोभाव एवं अनुक्रिया
उत्तर-
(D) संचालन, मनोभाव एवं अनुक्रिया

प्रश्न 3.
निम्न में से कौन-सा घटक बाजार मूल्यांकन पर प्रभाव डालता है ?
(A) सूक्ष्म वातावरण
(B) उत्पादन की लागत
(C) माँग
(D) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर-
(D) उपरोक्त में से कोई नहीं

Bihar Board 12th Entrepreneurship VVI Objective Questions Model Set 3 in Hindi

प्रश्न 4.
उद्यमी को निम्न में से कौन-सा दायित्व पूरा करने का उत्तरदायित्व है ?
(A) सांविधिक
(B) प्रबंधकीय
(C) उपरोक्त में से न (A) और न (B)
(D) उपरोक्त दोनों
उत्तर-
(A) सांविधिक

प्रश्न 5.
उपक्रम का चुनाव करते समय ध्यान देने योग्य बिन्दु है :
(A) उत्पाद
(B) विपणन
(C) पूँजी की उपलब्धता
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर-
(C) पूँजी की उपलब्धता

प्रश्न 6.
……………व्यावसायिक अवसरों की खोज के रूप में परिभाषित की जाती है।
(A) विपणन
(B) आविष्कार
(C) प्रवर्तन
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर-
(C) प्रवर्तन

Bihar Board 12th Entrepreneurship VVI Objective Questions Model Set 3 in Hindi

प्रश्न 7.
उपकरणों के प्रमापीकरण में कमी होती है :
(A) आंतरिक बाधाओं से
(B) बाह्य बाधाओं से
(C) सरकारी बाधाओं से
(D) नियात्मक बाधाओं
उत्तर-
(B) बाह्य बाधाओं से

प्रश्न 8.
DPR है
(A) कार्य योजना
(B) कार्यवाही योजना
(C) क्रियान्वयन योजना
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर-
(B) कार्यवाही योजना

प्रश्न 9.

शुद्ध वर्तमान मूल्य विधि सम्बन्धित है
(A) मुद्रा का समय मूल्य से
(B) मुद्रा का बढ़े हुए मूल्य से
(C) सभी भावी वर्तमान मूल्यों से
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर-
(C) सभी भावी वर्तमान मूल्यों से

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प्रश्न 10.
कार्यशीलं पूँजी वर्गीकृत हो सकती है :
(A) स्थायी कार्यशील पूँजी
(B) परिवर्तनशील कार्यशील पूँजी
(C) नियमित एवं मौसमी कार्यशील पूँजी
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर-
(D) उपर्युक्त सभी

प्रश्न 11.
प्रारम्भिक रहतिया है :
(A) कोष के स्रोत
(B) कोष का प्रयोग
(C) कोष का प्रवाह नहीं
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(B) कोष का प्रयोग

Bihar Board 12th Entrepreneurship VVI Objective Questions Model Set 3 in Hindi

प्रश्न 12.
निम्नलिखित में से कौन-सा संचालन व्यय नहीं है ?
(A) विज्ञापन व्यय
(B) प्रारम्भिक व्यय
(C) मजदूरी
(D) किराया
उत्तर-
(B) प्रारम्भिक व्यय

प्रश्न 13.
सुरक्षा सीमा :
(A) बिक्री घटाव अंशदान
(B) वास्तविक बिक्री घटाव
(C) B.E.P. पर बिक्री घटाव वास्तविक बिक्री
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(B) वास्तविक बिक्री घटाव

प्रश्न 14.
जोखिम पूँजी शिलाधर निम्न द्वारा स्थापित किया गया :
(A) आई एफ सी आई
(B) यू टी आई
(C) आई डी बी आई
(D) आई सी आई सी आई
उत्तर-
(A) आई एफ सी आई

Bihar Board 12th Entrepreneurship VVI Objective Questions Model Set 3 in Hindi

प्रश्न 15.
चलों का प्रयोग प्रायः तकनीकी योग्यता के लिए किया जाता है
(A) 2
(B) 3
(C) 4
(D) 5
उत्तर-
(C) 4

प्रश्न 16.
वर्तमान उत्पादन व्यवस्था वास्तव में है :
(A) प्रत्यक्ष उत्पादन
(B) अप्रत्यक्ष उत्पादन
(C) प्राथमिक
(D) द्वितीयक
उत्तर-
(B) अप्रत्यक्ष उत्पादन

प्रश्न 17.
विपणन व्यय भार है :
(A) उद्योग पर
(B) व्यवसायियों पर
(C) उपभोक्ताओं पर
(D) इनमें से सभी पर
उत्तर-
(C) उपभोक्ताओं पर

प्रश्न 18.
अधिमान अंशों पर लाभांश दर होती है :
(A) स्थिर
(B) चल
(C) अर्द्ध चल
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(A) स्थिर

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प्रश्न 19.
इनमें से कौन-सा कारखाना उपरिव्यय नहीं है :
(A) कारखाना बीमा
(B) प्लाण्ट पर ह्रास
(C) ड्राइंग कार्यालय वेतन
(D) वेतन
उत्तर-
(D) वेतन

प्रश्न 20.
उद्यमी के दायित्वच हैं
(A) समाज के प्रति
(B) सरकार के प्रति
(C) पर्यावरण के प्रति
(D) उपरोक्त सभी
उत्तर-
(D) उपरोक्त सभी

प्रश्न 21.
अंश अधिमूल्य में वृद्धि है :
(A) कोष के स्रोत
(B) कोष का प्रयोग
(C) कोष का प्रवाह नहीं
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(A) कोष के स्रोत

Bihar Board 12th Entrepreneurship VVI Objective Questions Model Set 3 in Hindi

प्रश्न 22.
चालू अनुपात होता है :
(A) आर्थिक चिट्टा अनुपात
(B) लाभ-हानि अनुपात
(C) मिश्रित अनुपात
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(A) आर्थिक चिट्टा अनुपात

प्रश्न 23.
सम-विच्छेद बिन्दु क्या प्रकट करता है ?
(A) लाभ
(B) हानि
(C) न लाभ न हानि
(D) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर-
(C) न लाभ न हानि

प्रश्न 24.
श्रम-गहन प्रौद्योगिकी उपयोगी है
(A) विकासशील देशों हेतु
(B) विकसित देशों हेतु
(C) पिछड़ी अर्थव्यवस्थाओं हेतु
(D) उपर्युक्त में से किसी के लिए नहीं
उत्तर-
(A) विकासशील देशों हेतु

Bihar Board 12th Entrepreneurship VVI Objective Questions Model Set 3 in Hindi

प्रश्न 25.
प्रबंध का सामाजिक उत्तरदायित्व है :
(A) सभी के प्रति
(B) केवल कर्मचारियों के प्रति
(C) सरकार के प्रति
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(A) सभी के प्रति

प्रश्न 26.
टेलीफोन व्यय है
(A) स्थायी
(B) चल
(C) अर्द्ध-चल
(D) इनमें से नहीं
उत्तर-
(C) अर्द्ध-चल

प्रश्न 27.
“प्रबंध एक पेशा है।” यह कथन है :
(A) जॉर्ज आर. टैरी
(B) अमेरिकन प्रबंध ऐसोसिएशन
(C) हेनरी फेयोल
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(B) अमेरिकन प्रबंध ऐसोसिएशन

प्रश्न 28.
परियोजना आंकलन है :
(A) निर्यात विश्लेषण
(B) विशेषज्ञ विश्लेषण
(C) लाभदायकता विश्लेषण
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(C) लाभदायकता विश्लेषण

Bihar Board 12th Entrepreneurship VVI Objective Questions Model Set 3 in Hindi

प्रश्न 29.
भारत सरकार द्वारा निर्गमित दिशा-निर्देशों के अनुसार साहसिक पूँजी कोष के लिए ऋण-समता अनुपात निम्न है :
(A) 1.5
(B) 2.0
(C) 0.5
(D) 2.5
उत्तर-
(A) 1.5

प्रश्न 30.
निम्न में से कौन-सा पूँजी गहन तकनीक का लाभ है ?
(A) उत्पादन के उच्चतर स्तर
(B) रोजगार अवसरों में वृद्धि
(C) उपरोक्त दोनों
(D) उपरोक्त न अ न ब
उत्तर-
(C) उपरोक्त दोनों

Bihar Board 12th Entrepreneurship VVI Objective Questions Model Set 3 in Hindi

प्रश्न 31.
प्रबंध की सामाजिक उत्तरदायित्व की प्रकृति में लागू होता है :
(A) क्रेता की सावधानी का नियम
(B) विक्रेता की सावधानी का नियमन
(C) इन दोनों में से कोई नहीं
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(B) विक्रेता की सावधानी का नियमन

प्रश्न 32.
निम्न में से कौन उत्पादन का प्रकार है ? ।
(A) प्रत्यक्ष उत्पादन विधि
(B) अप्रत्यक्ष उत्पादन विधि
(C) उपरोक्त अ व ब दोनों
(D) उपरोक्त न अ और ब
उत्तर-
(C) उपरोक्त अ व ब दोनों

प्रश्न 33.
उत्पादन अन्तर्लय (मिश्रण) को प्रभावित करने वाले घटक हैं : .
(A) विपणन
(B) उत्पाद
(C) वित्तीय
(D) ये सभी
उत्तर-
(A) विपणन

Bihar Board 12th Entrepreneurship VVI Objective Questions Model Set 3 in Hindi

प्रश्न 34.
IDBI किस वर्ष स्थापित की गई
(A) 1944
(B) 1954
(C) 1964
(D) 1974 |
उत्तर-
(C) 1964

प्रश्न 35.
लागत का तत्व है
(A) सामग्री
(B) किराया
(C) श्रम
(D) व्यय
उत्तर-
(B) किराया

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 4 लाल पान की बेगम

Bihar Board 9th Hindi Objective Questions and Answers

BSEB Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 4 लाल पान की बेगम

प्रश्न 1.
फणीश्वरनाथ रेणु का जन्म कब हुआ था?
(a) 4 मार्च 1921
(b) 4 मार्च 1922
(c) 3 मार्च 1921
(d) 3 मार्च 1922
उत्तर-
(a) 4 मार्च 1921

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 4 लाल पान की बेगम

प्रश्न 2.
उनका जन्म किस जिला में हुआ था ?
(a) अररिया
(b) मोतिहारी
(c) दरभंगा
(d) सीवान
उत्तर-
(a) अररिया

प्रश्न 3.
इनका जन्म किस गाँव में हुआ था ?
(a) औराही हिंगना
(b) अवरोही हिंगना
(c) हिंगना
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(a) औराही हिंगना

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 4 लाल पान की बेगम

प्रश्न 4.
उनकी प्रारंगीक शिक्षा कहाँ से हुई?
(a) गढ़बनौली
(b) सिमरबनी
(c) अररिया
(d) इनमें सभी
उत्तर-
(d) इनमें सभी

प्रश्न 5.
लाल पान की बेगम पाठ के रचयिता कौन हैं?
(a) फणीश्वरनाथ रेणु
(b) रामकुमार
(c) राजेन्द्र प्रसाद
(d) लक्ष्मीनारायण
उत्तर-
(a) फणीश्वरनाथ रेणु

प्रश्न 6.
उनकी माध्यमिक शिक्षा नेपाल के किस आदर्श उच्च विद्यालय में हुई?
(a) विराटनगर
(b) विरान नगर
(c) विराट
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(a) विराटनगर

प्रश्न 7.
रेणु ने किस वर्ष स्वतंत्रता संग्राम में प्रमुख सेनानी की भूमिका निभाई?
(a) 1942
(b) 1943
(c) 1945
(d) 1947
उत्तर-
(a) 1942

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 4 लाल पान की बेगम

प्रश्न 8.
किस वर्ष नेपाल जनता को रजाशाही के दमन और अत्याचारों से मुक्ति के लिए रेणु जी ने सक्रिय योगदान दिया ?
(a) 1950
(b) 1951
(c) 1953
(d) 1925
उत्तर-
(a) 1950

प्रश्न 9.
वे दमन और किसके विरुद्ध आजीवन संघर्षरत रहे ?
(a) शोषण
(b) शिकार
(c) अत्याचार
(d) विरोध
उत्तर-
(a) शोषण

प्रश्न 10.
सत्ता के दमनचक्र के विरोध में उन्होंने किसकी उपाधी का त्याग कर दिया था?
(a) पद्मश्री
(b) पद्मविभूषण
(c) पदमेश्वरी
(d) पद्म
उत्तर-
(a) पद्मश्री

प्रश्न 11.
उनकी मृत्यु कब हुआ था ?
(a) 11 अप्रैल, 1997
(b) 11 अप्रैल, 1978
(c) 11 अप्रैल, 1934
(d) 12 अप्रैल, 1967
उत्तर-
(a) 11 अप्रैल, 1997

प्रश्न 12.
उनकी प्रमुख कृतियाँ कौन-सी है?
(a) मैला आँचल
(b) परती परिकथा
(c) दीर्घतया
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर-
(d) उपरोक्त सभी

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 4 लाल पान की बेगम

प्रश्न 13.
उनकी उपन्यास कौन-सी है?
(a) ठुमरी
(b) अग्निखोर
(c) आदिम रात्रि की महक
(d) इनमें सभी
उत्तर-
(d) इनमें सभी

प्रश्न 14.
उनकी कहानी कौन-सी है ? ।
(a) ऋणजन-धनजल
(b) बन तुलसी की गंध
(c) श्रुत अश्रुत पूर्व
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर-
(d) उपरोक्त सभी

प्रश्न 15.
रेणुजी का वास्तविक उदय 1954 में किस उपन्यास से हुआ था?
(a) मैला आँचल
(b) परती परिकथा
(c) दीर्घतया
(d) जुलूस
उत्तर-
(a) मैला आँचल

प्रश्न 16.
उनकी पहली कहानी ‘बरबाबा’ किस वर्ष सप्ताहिक विश्वमित्र में छप चुकी थी?
(a) 1936 ई. में
(b) 1937 ई. में
(c) 1963 ई. में
(d) 1921 ई. में
उत्तर-
(a) 1936 ई. में

प्रश्न 17.
देश के स्वतंत्र हो जाने के बाद नेताओं और कार्यकर्ताओं का ध्यान कहा गया ?
(a) ग्रामोत्थान की ओर
(b) शहर की ओर
(c) गाँव की ओर
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(a) ग्रामोत्थान की ओर

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 4 लाल पान की बेगम

प्रश्न 18.
लाल पान की बेगम एक कैसी कहानी है ?
(a) आंचलिक
(b) चंचलिक
(c) चंचल
(d) कंचन
उत्तर-
(a) आंचलिक

प्रश्न 19.
कौन-सी कहानी हमारी बेगम मनपसंद है?
(a) लालपान
(b) पीलापान
(c) मुमताज
(d) लाल
उत्तर-
(a) लालपान

प्रश्न 20.
लाल पान की बेगम कौन-सी परिवेश की कहानी है ?
(a) ग्रामीण
(b) शहरी
(c) ग्रामीण-शहरी
(d) महानगर
उत्तर-
(a) ग्रामीण

प्रश्न 21.
नाच देखने-दिखाने के बहाने कहानीकार ने ग्रामीण जीवन के कौन सा रंग-रंगे का संवेदना प्रकट किया है ?
(a) अनेक
(b) लाल
(c) हर
(d) पीला
उत्तर-
(a) अनेक

प्रश्न 22.
हमारी पाठ्यपुस्तक में रेणु किस शीर्षक कहानी में शामिल है ?
(a) लालपान की बेगम
(b) मैला आँचल
(c) जुलूस
(d) ग्राम गीता का मर्म
उत्तर-
(a) लालपान की बेगम

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 4 लाल पान की बेगम

प्रश्न 23.
लाल णन की बेगम किसे कहा गया है ?
(a) बिरजू की माँ
(b) बिरजू का बाप
(c) माँगटोक
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(a) बिरजू की माँ

प्रश्न 24.
लाल पान की बेगम कहानी का मुख्य पात्र क्या है ?
(a) बिर के बाद
(b) बिरजू के माँ
(c) बेगम
(d) लाल पान
उत्तर-
(a) बिर के बाद

प्रश्न 25.
रेणु जी के जीवन के साहित्यकार कैसी है?
(a) ग्रामीण
(b) शहरी
(c) घरेलू
(d) बचपना
उत्तर-
(a) ग्रामीण

प्रश्न 26.
बिरजू के बाप सुबह से किस चीज की व्यवस्था में निकला हुआ था?
(a) मोटरगाड़ी
(b) बैलगाड़ी
(c) साइकिल
(d) कार
उत्तर-
(a) मोटरगाड़ी

प्रश्न 27.
‘लालपान की बेगम’ गद्य की कौन-सी विधा है ?
(a) ललित निबंध
(b) शब्द-चित्र
(c) आत्मकथा
(d) कहानी
उत्तर-
(d) कहानी

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 4 लाल पान की बेगम

प्रश्न 28.
बिरजू की माँ के आराध्यदेव कौन थे ?
(a) श्रीगणेश
(b) बजरंगबली
(c) भैरोबाबा
(d) भोलाबाबा
उत्तर-
(d) भोलाबाबा

प्रश्न 29.
चंपिया और बिरजू किस संबंध से आपस में जुड़े हुए हैं ?
(a) सगे भाई-बहन के
(b) बाँ-बेटे के
(c) चचेरे भाई-बहन के
(d) दूर के रिश्ते के
उत्तर-
(c) चचेरे भाई-बहन के

प्रश्न 30.
बिरजू का बप्पा किस सवारी से सपरिवार नाच देखने गया था ?
(a) माँगी हुई जीप से
(b) सरकारी बस से
(c) बैलगाड़ी से
(d) मुखियाजी के ट्रैक्टर से
उत्तर-
(c) बैलगाड़ी से

प्रश्न 31.
चंपिया और बिरजू किस संबंध से आपस में जुड़े हुए हैं ?
(a) सरो भाई-बहन के
(b) माँ-बेटे के
(c) चचेरै भाई-बहन के
(d) दूर के रिश्ते के
उत्तर-
(c) चचेरै भाई-बहन के

प्रश्न 32.
बिरजू की माँ अपने पति को किस रूप से समझती है ?
(a) पतिदेव के रूप में
(b) पियक्कड़ के रूप में।
(c) गोबर गणेश के रूप में
(d) साक्षात राक्षस के रूप में
उत्तर-
(c) गोबर गणेश के रूप में

प्रश्न 33.
‘लालपान की बेगम’ कौन-सा आभूषण पहनकर नाच देखने गई थी?
(a) नयी अंगूठी
(b) चाँदी की हँसुली
(c) नया कँगना
(d) रूपा का मँगटीका
उत्तर-
(d) रूपा का मँगटीका

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 4 लाल पान की बेगम

प्रश्न 34.
फणीश्वरनाथ रेणु किस रूप में विशेष ख्यात है?
(a) पत्रकार के रूप में ।
(b) आंचलिक कथाकार के रूप में
(c) सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में
(d) अच्छे नेता के रूप में
उत्तर-
(b) आंचलिक कथाकार के रूप में

प्रश्न 35.
टोले-मुहल्ले के लोग बिरजू की माँ को क्या कहते हैं ?
(a) लाल पान की बेगम
(b) बादशाह
(c) बेगम
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(a) लाल पान की बेगम

प्रश्न 36.
बिरजू की माँ ने क्या भरकर मीठी रोटी बनाई?
(a) शकरकंद
(b) दाल
(c) मकई
(d) सत्तू
उत्तर-
(a) शकरकंद

प्रश्न 37.
बिरजू की माँ के माथे पर किस चीज की चाँदनी शोभती है ?
(a) मागटिके
(b) बल
(c) सुन्दरता
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(a) मागटिके

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 4 लाल पान की बेगम

प्रश्न 38.
चम्पिया बिरजू की कौन थी?
(a) बहन
(b) माँ
(c) पत्नी
(d) बेटी
उत्तर-
(a) बहन

प्रश्न 39.
गौने की साड़ी में एक खास किस्म क्या आता है ?
(a) गंध
(b) चमक
(c) रोनक
(d) सुन्दरता
उत्तर-
(a) गंध

प्रश्न 40.
किस कारण गाँव की औरतें बिरजू की माँ से ईर्ष्या करती है ?
(a) संपन्नता
(b) प्रभुसंपन्नता
(c) समानता
(d) सपन्न
उत्तर-
(a) संपन्नता

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 4 लाल पान की बेगम

प्रश्न 41.
बिरजू की माँ क्यों कूद रही थी?
(a) पिता के गाड़ी लेकर न आने से
(b) गाड़ी लेकर आने से
(c) लाकर वापस ले जाने से
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(a) पिता के गाड़ी लेकर न आने से

Bihar Board Class 8 Science Solutions Chapter 15 जन्तुओं में प्रजनन

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BSEB Bihar Board Class 8 Science Solutions Chapter 15 जन्तुओं में प्रजनन

Bihar Board Class 8 Science जन्तुओं में प्रजनन Text Book Questions and Answers

अभ्यास

1. सही विकल्प पर (✓) निशान लगाइए

(क) जीवों में निरन्तरता के लिए आवश्यकता है
(i) पाचन
(ii) श्वसन
(iii) प्रजनन
(iv) संचरण
उत्तर-
(iii) प्रजनन

Bihar Board Class 8 Science Solutions Chapter 15 जन्तुओं में प्रजनन

(ख) अलैंगिक प्रजनन में भाग लेते हैं
(i) दो जीव
(ii) तीन जीव
(iii) कोई जीव नहीं
(iv) एक जीव
उत्तर-
(iv) एक जीव

(ग) लैंगिक प्रजनन में भाग लेते हैं
(i) दो नर जीव
(ii) एक नर एवं एक मादा अथवा एक उभयलिंगी
(iii) दो मादा जीव
(iv) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(ii) एक नर एवं एक मादा अथवा एक उभयलिंगी

(घ) आंतरिक निषेचन होता है
(i) मादा शरीर के बाहर
(ii) नर शरीर के बाहर
(iii) मादा शरीर के अन्दर
(iv) नर शरीर के अन्दर
उत्तर-
(iii) मादा शरीर के अन्दर

Bihar Board Class 8 Science Solutions Chapter 15 जन्तुओं में प्रजनन

(ङ) मादा जननांग है
(i) वृषण
(ii) गर्भाश्य
(iii) शिश्न
(iv) शुक्रवाहिनी
उत्तर-
(ii) गर्भाश्य

2. सत्य कथन के सामने (✓) तथा असत्य कथन के सामने (✗) का चिह्न लगाइए-
उत्तर-

  1. अमीबा मुकुलन द्वारा प्रजनन करता है। – (✗)
  2. मेढ़क में बाह्य निषेचन होता है। – (✓)
  3. अलैंगिक प्रजनन की क्रिया में निषेचन होता है। – (✗)
  4. शुक्राणु नर युग्मक है। – (✓)
  5. अण्डाशय से शुक्राणु निकलते हैं। – (✗)

प्रश्न 3.
प्रजनन से क्या समझते हैं ?
उत्तर-
सजीवों में अपनी जैसी संतति उत्पन्न करने के लक्षण पाए जाते हैं अपने वंशवृद्धि एवं जाति की निरंतरता बनाए रखने के लिए सभी जीव एक विशेष क्रिया करते हैं जिसे ‘प्रजनन’ कहते हैं।

यानि अपनी जाति या वंश की निरंतरता को बनाए रखने के लिए प्रत्येक जीवधारी अपने ही समान जीवों को पैदा करता है। जीवों में होने वाली इस क्रिया को जनन या प्रजनन कहते हैं। जीवों के प्रजनन में भाग लेने वाले अंगों को प्रजनन अंग तथा एक जीव के सभी प्रजनन अंगों को सम्मिलित रूप से प्रजनन तंत्र कहते हैं। प्रजनन की दो विधियाँ हैं….

  1. अलैंगिक प्रजनन
  2. लैंगिक प्रजनन

Bihar Board Class 8 Science Solutions Chapter 15 जन्तुओं में प्रजनन

प्रश्न 4.
अलैंगिक प्रजनन तथा लैंगिक प्रजनन में विभेद समझाइए।
उत्तर-
प्रजनन की दो विधियाँ हाती हैं-

  1. अलैंगिक प्रजनन
  2. लैंगिक प्रजनन ।

अपनी जाति या वंश की निरंतरता बनाए रखने के लिए एक ही जनक द्वारा प्रजनन की क्रिया सम्पन्न होती है। इस क्रिया में प्रजनन अंग की आवश्यकता नहीं पड़ती है।

परिपक्व हाइड्रा के शरीर में एक या अधिक उभार दिखाई देती है यह मुकुल होता हे मुकुल विकसित होता हुआ संतति हे। यह परिपक्व होकर जनक हाइड्रा से विलग हो जाता है। अलैंगिक प्रजनन की यह विधि मुकुलन कहलाता है। अलैंगिक प्रजनन में कोई एक जीव विभाजित होकर दो संतति उत्पन्न करता है। “द्विखंडन” कहलाता है। यह प्रक्रम अमीबा में होता है।

प्रजनन की वह विधि जिसमें नर एवं मादा दोनों के जननांग भाग लेते हैं। उसे लैंगिक प्रजनन कहते हैं। मानव प्रजनन लैंगिक प्रजनन का उदाहरण है। इस प्रजनन में पुरुष के जननांग तथा मादा के जननांग भाग लेते हैं। लैंगिक प्रजनन में नरयुग्मक तथा मादा युग्मक संलयित होते हैं।

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प्रश्न 5.
आंतरिक निषेचन तथा बाह्य निषेचन में अन्तर बताइए।
उत्तर-
शुक्राणु और अण्डाणु लैंगिक प्रजनन के द्वारा निषेचित होकर या संलयित होकर मादा गर्भाशय में रोपित हो जाता है। यानि निषेचन की क्रिया जब मादा शरीर के अन्दर होती है, तब निषेचन, आंतरिक निषेचन कहलाता है।

मछली, मेढ़क इत्यादि जलीय जीव जल में एक बार में सैकड़ों अण्डे देती है। ये अण्डे जेली जैसी परत से बंधे रहते हैं। मादा जैसे ही अण्डे देती है। उसी समय नर मेढ़क शुक्राणुओं को जल में छिड़क देता है। शुक्राणु तैरते हुए अण्डों से जा मिलते हैं। इस तरह अण्डे निषेचित हो जाते हैं। जल में सभी अण्डे निषेचित नहीं हो पाते हैं। यानि अण्डाण एवं शुक्राण का निषेचन जब मादा के शरीर के अन्दर नहीं होता है तो ऐसे निषेचन को बाह्य निषेचन कहते हैं।

प्रश्न 6.
शिशु के लिंग निर्धारण का क्या अर्थ है ?
उत्तर-
मानव कं प्रत्येक कोशिकाओं में 23 जोड़ा अर्थत् 46 गुणसूत्र होते हैं। जिनमें से 22 जोड़े अर्थात् 44 गुणसूत्र पुरुष तथा स्त्रियों में समान प्रकृति के होते हैं और संतति में रंग, लम्बाई एवं शारीरिक बनावट के लिए उत्तरदायी होते हैं। 23वाँ जोड़ा अर्थात् दो गुणसूत्र इससे भिन्न प्रकृति के होते हैं। ये गुणसूत्र पुरुष में XY तथा स्त्री में XX के रूप में पहचाने जाते हैं और यही गुणसूत्र लिंग निर्धारण के लिए उत्तरदायी होते हैं। शुक्राणु में X तथा Y दो प्रकार के लिंग गुणसूत्र होते हैं जबकि अण्डाणुओं में केवल X प्रकार – के ही गुणसूत्र पाए जाते हैं। यदि Y गुणसूत्र वाले शुक्राणु तथा अण्डाणु (X गुणसूत्र) के साथ निषेचित होते हैं तो युग्मनज XY प्रकृति की होगी और नवजात शिशु लड़का होगा। जबकि X गुणसूत्र वाले शुक्राणु के साथ निषेचन होने पर युग्मनज Xx प्रकृति की होगी और नवजात शिशु लड़की होगी।

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प्रश्न 7.
क्या होगा यदि शुक्राणु के अंडाणु से नहीं मिलने दिया जाए।
उत्तर-
सजीवों में अपनी जैसी संतति । शिशु उत्पन्न करने के लक्षण पाए जाते हैं। अपने वंश वृद्धि एवं जाति की निरंतरता बनाए रखने के लिए प्रत्येक जीवधारी एक विशेष क्रिया करते हैं जिसे प्रजनन कहते हैं। प्रजनन की प्रक्रिया में अण्डाणु तथा शुक्राणु आपस में निषेचित होकर शिशु के जन्म देता है। यदि शक्राणु को अंडाणु से मिलने नहीं दिया जाए तो इस सजीव जगत का धीरे-धीरे समाप्ति हो जाएगा। सभी जीव विलुप्त हो जाएँगे। सृष्टि का नामोनिशान मिट जाएगा।

प्रश्न 8.
क्या शिशु के लिंग निर्धारण के लिए स्त्री उत्तरदायी है। यदि नहीं, तो समाज एवं परिवार में लोगों को आप कैसे समझाएँगे?
उत्तर-
पुरुष में XY प्रकृति के गुणसूत्र पाए जाते हैं। जबकि स्त्री में xx प्रकृति के गुणसूत्र पाए जाते हैं। यही गुणसूत्र लिंग निर्धारण के लिए उत्तरदायी होते हैं। शुक्राणु में X तथा Y दो प्रकार के लिंग गुणसूत्र होते हैं। जबकि अण्डाणु में केवल X प्रकार के ही गुणसूत्र होते हैं। यदि Y गुणसूत्र वाले शुक्राणु तथा अण्डाणु (X गुणसूत्र) के साथ निषेचित होते हैं तो युग्मनज XY प्रकृति की होगी और नवजात शिशु लड़का होगा जबकि X गुणसूत्र वाले शुक्राणु के साथ निपचन होने पर युग्मनज XX प्रकृति की होगी और नवजात शिशु लड़की होगी। इस प्रकार, लिंग निर्धारण में स्त्री उत्तरदायी नहीं होती है। समाज और परिवार में लोगों को इसी प्रकार समझाएँगे।

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 3 ग्रीम-गीत का मर्म

Bihar Board 9th Hindi Objective Questions and Answers

BSEB Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 3 ग्रीम-गीत का मर्म

प्रश्न 1.
लक्ष्मीनारायण सुधांशु का जन्म कब हुआ था?
(a) 18 जनवरी 1908
(b) 17 जनवरी 1907
(c) 18 जनवरी 1970
(d) 18 जनवरी 1917
उत्तर-
(a) 18 जनवरी 1908

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 3 ग्रीम-गीत का मर्म

प्रश्न 2.
उनका जन्म किस जिला में हुआ था ?
(a) पूर्णिया
(b) सहरसा
(c) भोजपुर
(d) मधुबनी
उत्तर-
(a) पूर्णिया

प्रश्न 3.
उनकी प्रारंभिक शिक्षा कहाँ से शुरू हुई थी?
(a) गाँव
(b) शहर
(c) गाँव और शहर
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(c) गाँव और शहर

प्रश्न 4.
ग्राम-गीत का मर्म पाठ के लेखक कौन हैं ?
(a) राजेंद्र प्रसाद
(b) लक्ष्मीनारायण सुधांशु
(c) रामकुमार
(d) विष्णु प्रभाकर
उत्तर-
(b) लक्ष्मीनारायण सुधांशु

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 3 ग्रीम-गीत का मर्म

प्रश्न 5.
उनका उपन्यास का नाम क्या था ?
(a) भ्रातृपेम
(b) मातृप्रेम
(c) पितृ प्रेम
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(a) भ्रातृपेम

प्रश्न 6.
उन्होंने अपना उपन्यास कब लिखा?
(a) 1926 ई. में
(b) 1927 ई. में
(c) 1928 ई. में
(d) 1930 ई. में
उत्तर-
(a) 1926 ई. में

प्रश्न 7.
उनकी दो कहानी गुलाब की कलियाँ और रसरंज कब प्रकाशित हुई ?
(a) 1928-29 ई. में
(b) 1929-30 ई. में
(c) 1930-31 ई. में
(d) 1931-32 ई. में
उत्तर-
(a) 1928-29 ई. में

प्रश्न 8.
उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय से हिंदी भाषा और साहित्य में क्या पास हुए ?
(a) एम. ए.
(b) बी.. ए.
(c) इंटर
(d) मैट्रिक
उत्तर-
(a) एम. ए.

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 3 ग्रीम-गीत का मर्म

प्रश्न 9.
वे कब से राजनीति में गहरी रूचि लेने लगे थे?
(a) छात्र
(b) बचपन
(c) जवानी
(d) बूढ़ापा
उत्तर-
(a) छात्र

प्रश्न 10.
आजादी की लड़ाई में उन्होंने कैसी भागीदारी निभाई ?
(a) सक्रिय
(b) निष्क्रिय
(c) निष्क्रियता
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(a) सक्रिय

प्रश्न 11.
वे कौन से आंदोलन में जेल गए?
(a) 1942
(b) 1943
(c) 1944
(d) 1945
उत्तर-
(a) 1942

प्रश्न 12.
साहित्यिक क्षेत्र में उनकी विशेष प्रसिद्धि किस समीक्षक के रूप में है?
(a) सुधी
(b) असुधी
(c) संत
(d) साधु
उत्तर-
(a) सुधी

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 3 ग्रीम-गीत का मर्म

प्रश्न 13.
सुधांशु जी समर्थ पत्रकार और उच्चकोटि के कैसे लेखक थे?
(a) संस्मरण
(b) स्मरण
(c) स्मरणीय
(d) योगदान
उत्तर-
(a) संस्मरण

प्रश्न 14.
उनकी मशहूर पत्रिका का कैसा था?
(a) अतिका
(b) अंतरिक
(c) अतिरिक्त
(d) अवनती
उत्तर-
(a) अतिका

प्रश्न 15.
उनके संस्मरणों का संग्रह व्यक्तित्व की झाँकिया कब प्रकाशित हुआ?
(a) 1971
(b) 1972
(c) 1973
(d) 1911
उत्तर-
(a) 1971

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 3 ग्रीम-गीत का मर्म

प्रश्न 16.
उनका प्रसिद्ध गधकाव्य कौन-सा है?
(a) वियोग
(b) विनयोग
(c) विनय
(d) वियोगनी
उत्तर-
(a) वियोग

प्रश्न 17.
उन्होंने अपनी पहली ‘रचना’ किसकी आकस्मिक निधन पर की थी?
(a) पत्नी
(b) बेटा
(c) बेटी
(d) माँ
उत्तर-
(a) पत्नी

प्रश्न 18.
बिहार के किस ‘भाषा’ परिषद् के जन्मदाताओं में उनकी गणना होती है ?
(a) राष्ट्रभाषा
(b) राष्ट्रीय भाषा
(c) राजकीय भाषा
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(a) राष्ट्रभाषा

प्रश्न 19.
उसके संचालक मंडल के आजीवन क्या रहे थे ?
(a) सदस्य
(b) लेखक
(c) शिक्षक
(d) छात्र
उत्तर-
(a) सदस्य

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 3 ग्रीम-गीत का मर्म

प्रश्न 20.
उन्होंने कई शिक्षण और कला संस्थान की क्या की?
(a) स्थापना
(b) विकास
(c) मरम्मत
(d) बनवाया
उत्तर-
(a) स्थापना

प्रश्न 21.
वे एक साथ साहित्यिकार, राजनीतिज्ञ और सामाजिक क्या थे?
(a) कार्यकर्ता
(b) सदस्य
(c) लेखक
(d) शिक्षक
उत्तर-
(a) कार्यकर्ता

प्रश्न 22.
सुधांशु जी ने ग्राम-गीत में कैसा उद्घाटन किया है?
(a) मर्म
(b) गर्म
(c) मार्मिक
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(a) मर्म

प्रश्न 23.
ग्राम-गीत का उद्भव और उसकी प्रकृति का अनुसंधान करते हुए उन्हें क्या किया है ?
(a) प्रतिपादित
(b) प्रज्जवलित
(c) उज्जवलित
(d) प्रकाशित
उत्तर-
(a) प्रतिपादित

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 3 ग्रीम-गीत का मर्म

प्रश्न 24.
जीवन की शुद्धता और भावों की सरलता जितना ग्राम-गीत में मिलता है उतना कौन-सा परिवर्तन कला में नहीं मिलता ?
(a) गाना
(b) गीतों
(c) शहनाई
(d) वाद्ययंत्र
उत्तर-
(a) गाना

प्रश्न 25.
मनुष्य की दो सनातन प्रवृत्तियाँ है पहला प्रेम और दूसरा क्या
(a) विवाह
(b) ग्राम-गीत
(c) प्रेमी
(d) गीत
उत्तर-
(b) ग्राम-गीत

प्रश्न 26.
आदिकवि में रामायण रामकथा किसने लिखी थी?
(a) वाल्मीकि
(b) सुधांशुजी.
(c) तुलसीदास
(d) तुलसीदास
उत्तर-
(a) वाल्मीकि

प्रश्न 27.
मेघदूत कविवर किसकी काव्य रचना है?
(a) कालिदास
(b) तुलसीदास
(c) बाल्मीकि
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(a) कालिदास

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 3 ग्रीम-गीत का मर्म

प्रश्न 28.
ग्राम-गीतों में हमारी सभ्यता और किसकी चित्र वर्णित है ?
(a) संस्कृति
(b) रहस्य
(c) समाज
(d) व्यवहार
उत्तर-
(a) संस्कृति

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 3 ग्रीम-गीत का मर्म

प्रश्न 29.
ग्राम-गीत ही कला-गीतों का क्या है ?
(a) मरूदंड
(b) अस्थिमजा
(c) हड्डी
(d) गोत
उत्तर-
(a) मरूदंड :

प्रश्न 30.
महिलाएँ किसको दूर करने के लिए गीत गाती हैं ?
(a) थकावट
(b) कमजोरी
(c) गुस्सा .
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(a) थकावट

प्रश्न 31.
ग्राम-गीतों में मानव जीवन के कैसे चित्र दर्शन होते हैं ?
(a) प्राथमिक
(b) द्वितीयक
(c) तृतीयक
(d) पंचम
उत्तर-
(a) प्राथमिक

प्रश्न 32.
मनोरंजन के विविध रूप और क्या हैं?
(a) विधियाँ
(b) वृद्धी
(c) विद्य
(d) विविधका
उत्तर-
(a) विधियाँ

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 3 ग्रीम-गीत का मर्म

प्रश्न 33.
किसको कर्म या क्रीड़ा के ताल पर रचे गए हैं ?
(a) ग्राम-गीत
(b) ग्राम
(c) गीत
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(a) ग्राम-गीत

प्रश्न 34.
किसी भी देश के काव्य का उद्भव कहाँ से होता है ?
(a) दन्तकथाओं
(b) कृदन्तकथाओं
(c) कथाओं
(d) क्रीड़ा
उत्तर-
(a) दन्तकथाओं

प्रश्न 35.
‘ग्राम-गीत का मर्म’ पाठ गद्य की कौन-सी विधा है ?
(a) रेखाचित्र
(b) निबंध
(c) रिपोर्ताज
(d) फीचर
उत्तर-
(a) रेखाचित्र

प्रश्न 36.
कला-गीत का आरंभ क्या है ?
(a) लोकगीत
(b) शास्त्रीय गीत
(c) ग्राम-गीत
(d) काव्य-गीत
उत्तर-
(c) ग्राम-गीत

प्रश्न 37.
ग्राम-गीत क्या है ?
(a) हृदय की वाणी
(b) मस्तिष्क
(c) संगीत की जननी
(d) प्रेम की कथनी
उत्तर-
(a) हृदय की वाणी

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 3 ग्रीम-गीत का मर्म

प्रश्न 38.
ग्राम-गीतों में किनके नाम बहुत आए हैं ? ।
(a) गाँधी-सुभाष के
(b) चंपा-चमेली के
(c) राम-परिवार के सदस्यों के
(d) सेठ-साहुकार के
उत्तर-
(c) राम-परिवार के सदस्यों के

प्रश्न 39.
किस विरहाकुल महापुरुष ने अपनी प्रिया का पता पशु-पक्षियों से पूछा था ?
(a) श्रीकृष्ण ने
(b) कालिदास ने
(c) यक्ष ने
(d) श्रीराम ने
उत्तर-
(d) श्रीराम ने

प्रश्न 40.
हमारे जीवन के अनादि सहचर कौन हैं ?
(a) भूत-प्रेत
(b) राजा-रानी
(c) प्रकृति
(d) देव-दानव
उत्तर-
(c) प्रकृति

प्रश्न 41.
इस वैज्ञानिक युग में यंत्र-दूत कौन बने हुए हैं ?
(a) पशु-पक्षी
(b) टेलीफोन-रेडियो
(c) पवन-बादल
(d) भौरे-तितली
उत्तर-
(b) टेलीफोन-रेडियो

प्रश्न 42.
मेघ, दूत बनकर किसका प्रेम-संदेश ले गया था?
(a) विरही श्रीराम का
(b) वियोगिनी राधा का
(c) विरही यक्ष का
(d) राधा-प्रेमी, श्रीकृष्ण का
उत्तर-
(c) विरही यक्ष का

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 3 ग्रीम-गीत का मर्म

प्रश्न 43.
बच्चे किनकी कहानियां सुनने को ज्यादा उत्सुक रहते हैं?
(a) माता-पिता की
(b) पास-पड़ोस की
(c) भाई-बहनों की
(d) भूत-प्रेत की
उत्तर-
(d) भूत-प्रेत की

प्रश्न 44.
‘ग्राम-गीत का मर्म’ पाठ साहित्य की कौन-सी विधा है ?
(a) कहानी
(b) गद्य-काव्य
(c) निबंध
(d) आलोचना
उत्तर-
(c) निबंध

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Godhuli Gadya Chapter 3 ग्रीम-गीत का मर्म

प्रश्न 45.
‘ग्राम-गीत का मर्म’ किस कोटि का निबंध है?
(a) विवरणात्मक
(b) वर्णनात्मक
(c) भावात्मक
(d) विचारात्मक
उत्तर-
(d) विचारात्मक

Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 4 मानव बस्तियाँ

Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 4 मानव बस्तियाँ Textbook Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 4 मानव बस्तियाँ

Bihar Board Class 12 Geography मानव बस्तियाँ Textbook Questions and Answers

(क) नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से कौन-सा नगर नदी तट पर अवस्थित नहीं है?
(क) आगरा
(ख) पटना
(ग) भोपाल
(घ) कोलकाता
उत्तर:
(ख) पटना

Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 4 मानव बस्तियाँ

प्रश्न 2.
भारत की जनगणना के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सी एक विशेषता नगर की परिभाषा का अंग नहीं है?
(क) जनसंख्या घनत्व 400 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
(ख) नगरपालिका, निगम का होना
(ग) 75 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या का प्राथमिक खंड में संलग्न होना
(घ) जनसंख्या आकार 5000 व्यक्तियों से अधिक
उत्तर:
(ग) 75 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या का प्राथमिक खंड में संलग्न होना

प्रश्न 3.
निम्नलिखित में से किस पर्यावरण में परिक्षिप्त ग्रामीण बस्तियों की अपेक्षा नहीं की जा सकती?
(क) गंगा का जलोढ़ मैदान
(ख) राजस्थान के शुष्क और
(ग) हिमालय की निचली घाटियाँ
(घ) उत्तर-पूर्व के वन और पहाड़ियाँ
उत्तर:
(ख) राजस्थान के शुष्क और

Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 4 मानव बस्तियाँ

प्रश्न 4.
निम्नलिखित में से नगरों का कौन-सा वर्ग अपने पदानुक्रम के अनुसार क्रमबद्ध है?
(क) बृहद मुंबई, बंगलौर, कोलकाता, चेन्नई
(ख) दिल्ली, बृहन मुंबई, चेन्नई, कोलकाता
(ग) कोलकाता, बृहन मुंबई, चेन्नई, कोलकाता
(घ) बृहन मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई
उत्तर:
(घ) बृहन मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई

(ख) निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर लगभग 30 शब्दों में दें

प्रश्न 1.
गैरिसन नगर क्या होते हैं? उनका क्या प्रकार्य होता है?
उत्तर:
गैरिसन, छावनी नगर होते हैं। इन नगरों का उदय गैरिसन नगरों के रूप में हुआ है, जैसे अंबाला, जालंधर, महू, बबीना, उधमपुर इत्यादि।

प्रश्न 2.
किसी नगरीय संकुल की पहचान किस प्रकार की जा सकती है?
उत्तर:
बहुसंख्यक महानगर और मेगा नगर नगरीय संकुल हैं। एक नगरीय संकुल में निम्नलिखित तीन संयोजकों में से किसी एक का समावेश होता है –
(क) एक नगर व उसका संलग्न नगरीय बहिर्ब
(ख) बहिर्बद्ध (outgrowth) के सहित अथवा रहित दो अथवा संस्पर्शी नगर, और
(ग) एक अथवा अधिक संलग्न नगरों के बहिर्बद्ध से युक्त एक संस्पर्शी प्रसार नगर का निर्माण।

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प्रश्न 3.
मरुस्थली प्रदेशों में गाँवों की अवस्थिति के कौन-से मुख्य कारक होते हैं?
उत्तर:
जल का अभाव और पर्यावरणीय समस्याएँ मरुस्थली प्रदेशों में गाँवों की अवस्थिति का मुख्य कारक है।

प्रश्न 4.
महानगर क्या होते हैं? ये नगरीय संकुलों से किस प्रकार भिन्न होते हैं?
उत्तर:
10 लाख से 50 लाख की जनसंख्या वाले नगरों को महानगर कहा जाता है। बहुसंख्यक महानगर नगरीय संकुल हैं। बृहन मुंबई सबसे बड़ा नगरीय संकुल है।

(ग) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दें।

प्रश्न 1.
विभिन्न प्रकार की ग्रामीण बस्तियों के लक्षणों की विवेचना कीजिए। विभिन्न भौतिक पर्यावरण में बस्तियों के प्रारूपों के लिए उत्तरदायी कारक कौन-से हैं?
उत्तर:
ग्रामीण बस्तियों के प्रकार निर्मित क्षेत्र के विस्तार और अंतर्वास दूरी द्वारा निर्धारित होते हैं। भारत में कुछ सौ घरों से युक्त संहत अथवा गुच्छित गाँव विशेष रूप से उत्तरी मैदानों में एक सार्वत्रिक लक्षण है। फिर भी अनेक क्षेत्र ऐसे हैं जहाँ अन्य प्रकार की ग्रामीण बस्तियाँ पाई जाती हैं। ग्रामीण बस्तियों के विभिन्न प्रकारों के लिए अनेक कारक और दशाएँ उत्तरदायी हैं। इनके अंतर्गत-भौतिक लक्षण-भू-भाग की प्रकृति, ऊँचाई, जलवायु और जल की उपलब्धता आदि। बृहत् तौर पर भारत की ग्रामीण बस्तियों को चार प्रकारों में रखा जा सकता है –

  1. गुच्छित, संकुलित अथवा आकेंद्रित
  2. अर्ध-गुच्छित अथवा विखंडित
  3. पल्लीकृत, और
  4. परिक्षिप्त अथवा एकाकी

1. गुच्छित बस्तियाँ (Clustered Settlements):
इस प्रकार के गाँव में रहन-सहन का सामान्य क्षेत्र स्पष्ट और चारों और फैले खेतों, खलिहानों और चरागाहों से पृथक् होता है। संकुचित निर्मित क्षेत्र और इसकी मध्यवर्ती गलियाँ कुछ जाने-पहचाने प्रारूप अथवा ज्यामितीय आकृतियाँ प्रस्तुत करते हैं जैसे कि आयताकार, अरीय, रैखिक इत्यादि।

2. अर्ध-गुच्छित बस्तियाँ (Semi-clustered Settlements):
अधिकतर ऐसा प्रारूप किसी बड़े संहत गाँव के संपृथक्न अथवा विखंडन के परिणामस्वरूप भी उत्पन्न हो सकता है। ऐसी स्थिति में ग्रामीण समाज के एक अथवा अधिक वर्ग स्वेच्छा से अथवा बलपूर्वक मुख्य गुच्छ अथवा गाँव से थोड़ी दूरी पर रहने लगते हैं। ऐसी स्थितियों में, आमतौर पर जमींदार और अन्य प्रमुख समुदाय मुख्य गाँव के केंद्रीय भाग पर आधिपत्य कर लेते हैं जबकि समाज के निचले तबके के लोग निम्न कार्यों में संलग्न लोग गाँव के बाहरी हिस्सों में बसते हैं।

3. पल्ली बस्तियाँ (Hamleted Settlements):
कई बार बस्ती भौतिक रूप से एक-दूसरे से पृथक् अनेक इकाइयों में बंट जाती है लेकिन उन सबका नाम एक रहता है। इन इकाइयों को देश के विभिन्न भागों में स्थानीय स्तर पर पान्ना, पाड़ा, पाली, नगला, ढाँणी इत्यादि कहा जाता है।

4. परिक्षिप्त बस्तियाँ (Dispersed Settlements):
भारत में परिक्षिप्त अथवा एककी बस्ती प्रारूप सुदूर जंगलों में एकाकी झोपड़ियों अथवा कुछ झोंपड़ियों की पल्ली अथवा छोटी पहाड़ियों की ढालों पर खेतों अथवा चरागाहों के रूप में दिखाई पड़ता है।

Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 4 मानव बस्तियाँ

प्रश्न 2.
क्या एक प्रकार्य वाले नगर की कल्पना की जा सकती है? नगर बहुप्रकार्यात्मक क्यों हो जाते हैं?
उत्तर:
नहीं, हम एक प्रकार्य वाले नगर की कल्पना नहीं कर सकते क्योंकि अपनी केंद्रीय अथवा नोडीय स्थान की भूमिका के अतिरिक्त अनेक शहर और नगर विशेषीकृत सेवाओं का निष्पादन करते हैं। कुछ शहरों और नगरों को कुछ निश्चित प्रकार्यों से विशिष्टता प्राप्त होती है –

और उन्हें कुछ विशिट क्रियाओं, उत्पादनों अथवा सेवाओं के लिए जाना जाता है। फिर भी प्रत्येक शहर अनेक प्रकार्य करता है। नगर अपने प्रकार्यों में स्थिर नहीं है उनके गतिशील स्वभाव के कारण प्रकार्यों में परिवर्तन हो जाता है। विशेषीकृत नगर भी महानगर बनने पर बहुप्रकार्यात्मक बन जाते हैं जिनमें उद्योग व्यवसाय, प्रशासन, परिवहन इत्यादि महत्त्वपूर्ण हो जाते हैं। प्रकार्य इतने अंतग्रंथित हो जाते हैं कि नगर को किसी विशेष प्रकार्य वर्ग में वर्गीकृत नहीं किया जा सकता।

Bihar Board Class 12 Geography मानव बस्तियाँ Additional Important Questions and Answers

अति लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
ग्रामीण लोगों के मुख्य क्रियाकलाप क्या हैं?
उत्तर:
ग्रामीण लोगों का मुख्य कार्य कृषि तथा पशुपालन है। ये लोग अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति भूमि-आधारित क्रियाकलापों द्वारा करते हैं।

प्रश्न 2.
ग्रामीण लोगों की जीवन-शैली कैसी होती है?
उत्तर:
ग्रामीण लोगों की जीवन-शैली नगरीय बस्तियों से भिन्न होती है। ग्रामीण लोग कम गतिशील होते हैं। अतः इनमें सामाजिक सम्बन्ध बहुत प्रगाढ़ होते हैं।

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प्रश्न 3.
ग्रामीण बस्तियों के प्रकार व प्रतिरूप में क्या अंतर है?
उत्तर:
बस्तियों के प्रकार का निर्धारण निर्मित क्षेत्र के विस्तार और घरों के बीच की दूरी के द्वारा किया जाता है, जबकि धरातल पर बस्तियों के विवरण की व्यवस्था के अनुसार बस्ती की आकृति या प्रतिरूप निर्धारित होता है।

प्रश्न 4.
नगरों के क्रिया कलाप किस प्रकार के होते हैं?
उत्तर:
नगरों के क्रिया कलाप मुख्यतः द्वितीयक तथा तृतीयक होते हैं।

प्रश्न 5.
ग्रामीण बस्तियों को प्रभावित करने वाले कारकों के नाम बताइए।
उत्तर:
ग्रामीण बस्तियों को प्रभावित करने वाले तीन कारक हैं –

  1. भौतिक
  2. सांस्कृतिक, और
  3. सुरक्षा कारक

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प्रश्न 6.
रैखिक आकृति के गाँव कहाँ पाए जाते हैं?
उत्तर:
किसी मार्ग, नदी या नहर के किनारे बसे गाँवों की आकृति रैखिक होती है। केरल के तटीय क्षेत्रों तथा दून घाटी में ऐसे गाँव पाए जाते हैं।

प्रश्न 7.
संवैधानिक नगर किसे कहते हैं?
उत्तर:
वे सभी स्थान जहाँ नगरपालिका या नगर-निगम या कंटोनमैंट बोर्ड या नोटीफाइड टाउन एरिया कमेटी है, संवैधानिक नगर कहलाते हैं।

प्रश्न 8.
‘जनगणना नगर’ से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
जिन नगरों की जनसंख्या 5000 से अधिक हो, 75 प्रतिशत कार्यशील पुरुष जनसंख्या गैर कृषि कार्य में लगी हो और जनसंख्या का घनत्व भी कम से कम 400 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी. हो उन्हें जनगणना नगर कहते हैं।

प्रश्न 9.
भारत के गाँवों के बीच औसत दूरी कितनी है?
उत्तर:
संपूर्ण भारत में गाँवों के बीच की औसत दूरी 2.52 किमी. है। बिहार, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के गाँवों के बीच की दूरियाँ राष्ट्रीय औसत से कम हैं।

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प्रश्न 10.
दक्षिण के पठार तथा केरल में गाँव समूहों के रूप में बसे हैं क्यों?
उत्तर:
स्थलाकृतिक बाधाओं, मृदा की सीमित उर्वरता और जल की समस्याओं के कारण देश के इस भाग में गाँव समूहों के रूप में बसे हैं। इन राज्यों में प्रति 100 वर्ग किमी. में 15 से भी कम गाँव हैं।

प्रश्न 11.
राजस्थान में गाँव दूर-दूर क्यों बसे हैं?
उत्तर:
पर्यावरणीय समस्याओं के कारण राजस्थान के मरुस्थल, हिमालयी राज्यों और .. उत्तरी-पूर्वी पहाड़ी राज्यों में गाँव दूर-दूर स्थित हैं।

प्रश्न 12.
मलिन बस्तियों से आपका क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
किसी भी प्रशासनिक या केन्द्र-शासित प्रदेश में अवैध बस्तियों (झुग्गी झोपड़ियों) को मलिन बस्तियाँ कहा जाता है। मलिन बस्तियों की कुल जनसंख्या 4 करोड़ 3 लाख है।

प्रश्न 13.
किन्हीं दो औद्योगिक नगरों के नाम बताइए।
उत्तर:
मुंबई, मोदीनगर

प्रश्न 14.
प्रशासनिक नगर किसे कहते हैं?
उत्तर:
प्रमुख प्रशासनिक मुख्यालय के रूप में विकसित नगरों को प्रशासनिक नगर कहा जाता है। चण्डीगढ़, दिल्ली, भोपाल आदि प्रशासनिक नगर हैं।

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प्रश्न 15.
प्रकार्यात्मक क्षेत्र किसे कहते हैं?
उत्तर:
वह क्षेत्र जो व्यापार, उद्योग, प्रशासन, संस्थागत, परिवहन, आवास जैसी गतिविधियों के केन्द्र होते हैं, प्रशासनिक क्षेत्र कहलाते हैं।

प्रश्न 16.
‘कस्बा’ क्या होता है?
उत्तर:
एक लाख से कम जनसंख्या वाले नगरीय केन्द्र को कस्बा कहते हैं।

प्रश्न 17.
भारतीय नगरों को कितने भागों में वर्गीकृत किया गया है?
उत्तर:
भारतीय नगरों को तीन भागों में वर्गीकृत किया गया है –

  1. प्राचीन नगर
  2. मध्यकालीन नगर, और
  3. आधुनिक नगर

प्रश्न 18.
वृहत् नगर किसे कहते हैं?
उत्तर:
जिन नगरों की जनसंख्या 50 लाख से अधिक हो, वृहत् नगर कहलाते हैं।

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प्रश्न 19.
सबसे बड़ा महानगर कौन-सा है?
उत्तर:
मुंबई वृहत्तर महानगर है। यहाँ की जनसंख्या 1.64 करोड़ है। ये सबसे बड़ा महानगर है।

प्रश्न 20.
अर्ध-गुच्छित बस्तियाँ किसे कहते हैं?
उत्तर:
किसी सीमित क्षेत्र में समूहन प्रवृत्ति या समेकित प्रादेशिक आधार के परिणामस्वरूप अर्ध-गुच्छित या विखंडित बस्तियाँ बनती हैं।

लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
भारत में कितने प्रकार की ग्रामीण बस्तियाँ पाई जाती हैं?
उत्तर:
भारत में कई प्रकार की ग्रामीण बस्तियाँ पाई जाती हैं। इनके आकार, आकृति तथा अभिन्यास में स्पष्ट भिन्नता मिलती है। भारत में तीन प्रकार की ग्रामीण बस्तियाँ पाई जाती हैं –

1. केन्द्रीकृत बस्तियाँ:
इन बस्तियों में संहत खण्ड पाए जाते हैं। घरों को दो कतारों की संकरी, तंग गलियां पृथक् करती हैं। इनका अभिन्यास प्राय: रैखिक, आयताकार तथा ‘L’ आकृति वाला होता है।

2. अर्द्ध-गुच्छित बस्तियाँ:
इन बस्तियों में एक केन्द्र के चारों ओर छोटे आवास मुद्रिका के रूप में बिखरे होते हैं।

3. परिक्षिप्त बस्तियाँ:
ये छोटे-छोटे हैमलेट आकार के बड़े क्षेत्र पर दूर-दूर बिखरे होते हैं। इन बस्तियों में केवल कुछ घर ही होते हैं।

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प्रश्न 2.
विकास के महत्त्व पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
रहने के लिए निवास मानव की प्रारम्भिक तथा प्रमुख आवश्यकता है। मानव अपने निवास के अतिरिक्त कारखाने, कार्यालय, इमारतें तथा धार्मिक स्थानों का भी निर्माण करता है। यह सम्पूर्ण अधिवास एक सामाजिक इकाई हो जाता है जिसे बस्तियों का नाम दिया जाता है।

प्रश्न 3.
घर मानव के सामाजिक तथा सांस्कृतिक मूल्यों को परिलक्षित करता है-व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
घर मानव का निवास स्थान है। मानव का पर्यावरण तथा सांस्कृतिक कारकों के साथ घनिष्ठ सम्बन्ध होता है। यह भारतीय सभ्यता के मूलभूत तत्त्वों को परिलक्षित करता है। घर में मानव के सामाजिक जीवन की छाप पाई जाती है। हमारे परिवार की संकल्पना, बन्धुओं से सम्बन्ध तथा धार्मिक विश्वास के प्रतीक हमारे घर हैं। घर के आंगन में कृषि पर आधारित सभी कार्य सम्भव होते हैं।

दक्षिण भारत के घरों में कई आंगन होते हैं केवल मछुआरे अपने आंगन में एक छोर खुला रखते हैं। उत्तरी भारत में समृद्ध परिवार दो मंजिले मकान बनाते हैं। शीत एवं आर्द्र प्रदेशों में मकान के आगे एक बरसाती बना दी जाती है। इस प्रकार घर का डिजाइन, दीवारों तथा छतों की बनावट मुख्य द्वार की दिशा तथा आंगन का विस्तार लोगों के सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ा होता है।

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प्रश्न 4.
बस्तियाँ किस प्रकार नगरों में परिवर्तित होती है?
उत्तर:
निवास की मूलभूत इकाई घर है। घरों के बड़े समूह से किसी बस्ती का निर्माण होता है। ग्रामीण तथा नगरीय बस्तियाँ अपने कार्यों के आधार पर एक-दूसरे से भिन्न होती हैं। ग्रामीण बस्तियाँ मुख्यत: कृषि पर निर्भर करती हैं। ये अधिक जनसंख्या का पोषण नहीं कर सकतीं। परंतु कई बस्तियों में कृषि से सम्बन्धित कार्य किए जाते हैं। जिनसे उन बस्तियों का चरित्र ग्रामीण से नगरीय बन जाता है। कई बस्तियों में आस-पास के गाँवों से कृषि उत्पाद लाकर बेचे जाते हैं।

वे एक अनाज मण्डी का रूप धारण कर लेते हैं। मण्डी में एक बाजार विकसित हो जाता है। कुछ समय के बाद उस बस्ती में कुछ प्रशासनिक कार्य भी किए जाते हैं। इस प्रकार उस बस्ती का रूप बदल जाता है। भारत के नगरों में वर्ग छः में बहुत छोटे नगर आते हैं जिनकी जनसंख्या 5000 से कम होती है। वास्तव में यह संवृद्ध गाँव है। इन नगरों में आधुनिक सुविधाएँ प्राप्त नहीं होतीं। इन नगरों में मुख्य कार्य कृषि से सम्बन्धित हैं। इसलिए इन्हें गाँव ही समझा जाता है।

प्रश्न 5.
नगरों का विकास किस प्रकार हुआ?
उत्तर:
नगर प्रागैतिहासिक काल से फलते फूलते रहे हैं। सिंधु घाटी सभ्यता के समय ही हड़प्पा और मोहनजोदड़ों जैसे नगरों का अस्तित्त्व था। 600 ईसा पूर्व नगरीकरण का दूसरा दौर शुरू हुआ। 18 वीं शताब्दी में यूरोपीय लोगों के आने तक थोड़े उतार-चढ़ाव के साथ निरंतर चलता रहा। लगभग 101 वर्तमान नगरों का विकास मध्य काल में हुआ। इसके पश्चात् अंग्रेजों और अन्य यूरोपवासियों ने नगरीय परिदृश्य को बदल दिया। स्वतंत्रता के बाद प्रशासनिक मुख्यालयों और औद्योगिक केन्द्रों के रूप में अनेक नगरों का उदय हुआ।

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प्रश्न 6.
भारत में नगरीकरण की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
भारत में कुल जनसंख्या का एक चौथाई भाग नगरों में रहता है। 1901 में भारत की नगरीय जनसंख्या 2.5 करोड़ थी जो 2001 में बढ़कर ग्यारह गुनी अर्थात् 28.54 करोड़ हो गई। इस तीव्र वृद्धि का प्रमुख कारण नगरीय केन्द्रों की ओर जनसंख्या का प्रवास है। नगरों में वृद्धि में दो प्रकार की प्रक्रियाओं की विशेष भूमिका रही है। नगरीय केन्द्रों का विस्तार तथा नए नगरों का उदय। इन दोनों ने नगरीय जनसंख्या की वृद्धि और नगरीकरण में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है।

प्रश्न 7.
‘नगर संकुल’ की क्या विशेषता है?
उत्तर:
अधिकतर महानगर और वृहत् नगर नगरीय संकुल हैं। नगरीय संकुल निम्न में से किसी एक प्रकार का हो सकता है –

  1. नगर तथा इसका संलग्न विस्तार,
  2. विस्तार सहित अथवा बिना विस्तार के दो या दो से अधिक सटे हुए नगर, और
  3. एक नगर और इसमें सटे हुए एक या एक से अधिक नगरों और उनके क्रमिक विस्तार जैसे-रेलवे कॉलोनी, विश्वविद्यालय परिसर, पत्तन क्षेत्र, सैन्य छावनी आदि नगरीय विस्तार के उदाहरण हैं।

प्रश्न 8.
‘परिक्षिप्त बस्तियाँ’ कहाँ पाई जाती हैं। विवेचना करो।
उत्तर:
‘परिक्षिप्त बस्तियाँ’ सुदूर वनों में एकाकी झोपड़ी या कुछ झोपड़ियों के समूह के रूप में पाई जाती हैं। ऐसी बस्तियाँ छोटी पहाड़ियों पर भी होती हैं, जिसके आस-पास के ढालों पर खेत या चारागाह होते हैं। बस्तियों का चरम फैलाव, बसने योग्य क्षेत्रों में जीविका-निर्वाह के भूमि संसाधनों के अत्यधिक बिखरे होने के कारण होता है। मेघालय, उत्तरांचल और हिमाचल प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में इस प्रकार की बस्तियाँ पाई जाती हैं।

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प्रश्न 9.
बस्तियों के ‘पंखाकृति’ प्रतिरूप का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
संगम पर दो नदियों के बीच या दो सड़कों की शाखाओं के बीच बसे गाँवों और कस्बों की आकृति त्रिभुजीय या बाण की चोंक जैसी हो जाती है। इसी प्रकार पंखों या डेल्टाओं के शीर्ष पर बसे गाँवों का विकास वितरिकाओं के सहारे होता है। इससे बस्ती का प्रतिरूप पंखे के समान हो जाता है।

प्रश्न 10.
भारत में गाँवों के आकार के अनुसार जनसंख्या का वितरण चित्र द्वारा दशाईए।
उत्तर:
जनसंख्या के अनुसार गाँवों के आकार
Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 4 मानव बस्तियाँ img 1a
चित्र: भारत-ग्राम के आकार के अनुसार जनसंख्या का वितरण, 1991

प्रश्न 11.
उत्तरी भारत में घरों की रूपरेखा को प्रभावित करने वाले मुख्य कारकों का उल्लेख करो।
उत्तर:
घर निवास की मूल इकाई हैं। देश के लोगों के सामाजिक तथा सभ्याचारक दशाओं का प्रतीक घर होता है। घर की रूपरेखा तथा डिजाइन पर चार कारक प्रभाव डालते हैं-जलवायु, सभ्याचारक मूल्य, प्रयोग तथा भवन निर्माण सामग्री। उत्तर-पूर्वी भारत में जलवायु बहुत शीत-आर्द्र है, इसलिए इन मकानों में खुला आंगन नहीं होता। यहाँ मकान को बढ़ाकर बरसाती बना दी जाती है, ताकि वर्षा से बचाव हो सके। मकानों की छत्ते ढलानकार होती हैं ताकि वर्षा का पानी शीघ्र वह जाए पशुओं के लिए अलग स्थान प्रदान किया जाता है।

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प्रश्न 12.
‘परिवहन’ नगर किसे कहते हैं?
उत्तर:
प्रत्येक नगर का कोई न कोई प्रमुख कार्य होता है जो नगर मुख्य रूप से आयात और निर्यात की गतिविधियों में लिप्त पत्तन होते हैं, उन्हें परिवहन नगर कहते हैं, जैसे कांडला, कोच्चि, कालीकट, विशाखापट्टनम आदि। कुछ आन्तरिक परिवहन के केन्द्र हो सकते हैं, जैसे आगरा, धूलिया, मुगलसराय, इटारसी, कटनी आदि।

प्रश्न 13.
भारत में महानगरों के प्रतिरूप का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
(1991-2001) में नगरीय जनसंख्या की वृद्धि के साथ 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों की संख्या 23 से बढ़कर 35 हो गई है। इसमें 1.64 करोड़ की जनसंख्या वाला वृहत्तर मुंबई सबसे बड़ा महानगर है। कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई, बंगलौर, हैदराबाद, अहमदाबाद, पुणे, सूरत, कानपुर, जयपुर, लखनऊ और नागपुर प्रत्येक की जनसंख्या 20 लाख से अधिक है। सन् 2001 में इन नगरों में 10.788 करोड़ लोग रहते थे। 1991 में इन नगरों की जनसंख्या कुल नगरीय जनसंख्या का 32.5 प्रतिशत थी, जो बढ़कर 37.8% हो गई है। इन नगरों में जनसंख्या का संकेन्द्रण निरंतर बढ़ रहा है।

प्रश्न 14.
‘मलिन बस्तियाँ’ क्या हैं, तथा कहाँ पाई जाती हैं?
उत्तर:
मलिन बस्तियाँ अवैध बस्तियाँ हैं जो महानगरों के साथ फैली हुई होती हैं। मलिन बस्तियों का फैलाव भारतीय नगरों की एक प्रमुख विशेषता है। देश के 28 राज्यों और केन्द्र-शासित प्रदेशों, 607 कस्बों और नगरों में मलिन बस्तियाँ हैं। मलिन बस्तियों की कुल जनसंख्या 4 करोड़ 3 लाख है, जो मलिन बस्तियों वाले नगरों की कुल जनसंख्या का 22.58% है। महाराष्ट्र में मलिन बस्तियों की जनसंख्या 1.064 करोड़ है। केरल में सबसे कम तथा मेघालय में सबसे अधिक 41.33 प्रतिशत है और राष्ट्रीय औसत का 14.1% है। 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों में मलिन बस्तियों की जनसंख्या का अनुपात सबसे अधिक वृहत्तर मुंबई में 48.88% और सबसे कम पटना में 0.25 प्रतिशत है। मलिन बस्तियों से अधिकांश नगरीय समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।

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प्रश्न 15.
भारत के नगरों की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
विशेषताएँ –

  1. अधिकतर कस्बे और नगर बड़े गाँव के विस्तृत रूप हैं। इनकी गलियों में गाँव का स्वरूप स्पष्ट दिखाई पड़ता है।
  2. अपनी आदतों और व्यवहार में लोग अधिक ग्रामीण हैं जो उनके सामाजिक-आर्थिक दृष्टिकोण, मकानों की बनावट और अन्य पक्षों में स्पष्ट दिखाई देता है।
  3. अधिकतर नगरों में अनेक मलिन बस्तियाँ हैं। ये प्रवास के प्रतिकर्ष कारकों का परिणाम है। इसमें आर्थिक अवसरों का योगदान कम है।
  4. अनेक नगरों में पूर्व शासकों और प्राचीन प्रकार्यों के चिह्न स्पष्ट दिखाई पड़ते हैं।
  5. प्रकार्यात्मक पृथक्करण स्पष्ट तथा प्रारम्भिक है। भारत के नगरों की पश्चिमी देशों के नगरों के साथ तुलना नहीं की जा सकती है।
  6. जनसंख्या का सामाजिक पृथक्करण जाति, धर्म, आय अथवा व्यवसाय के आधार पर किया जाता है।

प्रश्न 16.
‘प्रकार्यात्मक क्षेत्र’ का क्या अर्थ है?
उत्तर:
प्रत्येक मध्यम और बड़े नगरों में कुछ विशेष क्षेत्र होते हैं। जो व्यापार, उद्योग, प्रशासन, संस्थागत, परिवहन, आवास जैसे विविध गतिविधियों के केन्द्र बन जाते हैं, इन्हें प्रकार्यात्मक क्षेत्र कहते हैं। व्यापारिक क्षेत्र प्रायः नगर का केन्द्र बिन्दु होता है। यह घना, भीड़-भाड़ वाला तथा तंग गलियों वाला क्षेत्र होता है। यहाँ व्यापारिक गतिविधियाँ होती रहती हैं।

औद्योगिक क्षेत्र प्रायः कुछ दूरी पर होते हैं तथा जल की आपूर्ति का स्रोत इनकी अवस्थिति में मुख्य कारक होता है। थोक व्यापार के क्षेत्र, परिवहन क्षेत्र, प्रशासनिक क्षेत्र तथा संस्थागत क्षेत्रों की स्थिति भी कुछ अलग-अलग होती है। पुराने आवासीय मध्यवर्ती क्षेत्र व्यापार क्षेत्र के निकट होते हैं। लेकिन नए आवासीय क्षेत्र नगर के विभिन्न क्षेत्रों में फैले होते हैं। इस प्रकार प्रकार्यात्मक पृथक्करण तथा परिणामस्वरूप विकसित प्रकार्यात्मक क्षेत्र नगरों की विशेषता होती है।

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प्रश्न 17.
कृष्णा-गोदावरी तटीय मैदान का उल्लेख करो।
उत्तर:
पूर्वी तट पर कृष्णा-गोदावरी डेल्टा तथा उसकी निकटवर्ती निम्न भूमियों में कस्बों और नगरों का एक उल्लेखनीय क्षेत्र है। यह तट से अंदर की ओर विजयवाड़ा वारगल और हैदराबाद तक विस्तृत है इसका विस्तार उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय मैदान में विशखपत्तनम् तक है।

प्रश्न 18.
भारत में घरों के प्रकारों को प्रभावित करने वाले कारकों का वर्णन करो।
उत्तर:
ग्रामीण बस्तियों के प्रकार निम्नलिखित कारकों पर निर्भर करते हैं –

1. भौतिक कारक-बस्तियों के प्रकार प्रायः
भौतिक कारकों द्वारा निर्धारित होते हैं। उच्चावच, ऊँचाई, अपवाह, तंत्र भौमजल-स्तर तथा जलवायु एवं मृदा एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शुष्क प्रदेशों में पानी की कमी के कारण प्रायः मकान तालाबों के चारों ओर बनाए जाते हैं। बस्तियाँ प्रायः संहित प्रकार की होती हैं।

2. सांस्कृतिक कारक-इनमें जन:
जातियता, सम्प्रदाय, जाति वर्ग बस्तियों के अभिन्यास पर प्रभाव डालते हैं। प्रायः गाँव के मध्य में भू-स्वामियों के मकान होते हैं। इसके चारों ओर नौकरी-चाकरी करने वाली जातियों के मकान होते हैं। हरिजनों के मकान गाँव की सीमा पार मुख्य बस्ती से दूर स्थित होते हैं। इस प्रकार का गाँव कई सामाजिक इकाइयों में खण्डित होता है।

3. ऐतिहासिक कारक:
उत्तरी भारत के मैदानों से बाहर आक्रमण होते रहे हैं। इन आक्रमणों से बचने के लिए प्रायः संहित बस्तियाँ पाई जाती हैं। लुटेरों से सुरक्षा पाने के लिए भी संहित बस्तियाँ बसाई जाती थीं।

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प्रश्न 19.
भारत में ग्रामीण बस्तियों के वितरण प्रारूप की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
ग्रामीण बस्तियाँ अनेक प्रकार से वितरित हैं। अनेक बस्तियों के रैखिक प्रतिरूप दिखाई पड़ते हैं। ये बस्तियाँ सड़क, नदी, नहर तथा पर्वतीय क्षेत्रों में दरों या संकीर्ण रास्तों के किनारे निर्मित मकानों के रूप में देखी जा सकती हैं। रैखिक बस्तियाँ विशेष रूप से केरल में पाई जाती हैं। असम घाटी में भी रैखिक बस्तियाँ नदियों के प्राकृतिक तटबंधों और सड़कों के साथ-साथ बसी हैं।

भारत के उत्तरी मैदानों में जनसंख्या का घनत्व पूर्व की ओर निरंतर बढ़ता जाता है। इस क्षेत्र में बस्तियों का आकार तो पूर्व की ओर घटता जाता है, लेकिन गाँवों के बीच दूरी घटती जाती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्रायः बड़े संहत गाँव एक-दूसरे से कुछ दूरी पर स्थित हैं। ये गाँव अनेक दिशाओं से आने वाली सड़कों और मार्गों से जुड़े हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में गाँव प्रायः विखंडित हैं। ये बस्तियाँ मुख्य गाँव से जुड़ी नहीं होती। राजस्थान में भिन्न प्रवृति दिखाई पड़ती है। पश्चिम के मरुस्थलीग भाग में बड़े-बड़े गाँव दूर-दूर स्थित हैं। लेकिन पूर्व के अर्धशुष्क भाग में गाँव छोटे लेकिन एक-दूसरे के अधिक निकट बसे हैं।

प्रश्न 20.
अपने क्षेत्र के कस्बे या नगर का निरीक्षण कीजिए तथा उसके मध्यवर्ती व्यापार क्षेत्र (सी.बी.डी.) पहचान कर, इसके बारे में एक संक्षिप्त विवरण तैयार कीजिए।
उत्तर:
भारत की राजधानी दिल्ली, बड़े नगरों और कस्बों का संकेन्द्रण है। दिल्ली का चांदनी चौंक, सदर बाजार का क्षेत्र बहुत भीड़-भाड़ वाला तथा व्यापारिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है। यह क्षेत्र व्यापार का विशिष्ट केन्द्र है। व्यापारिक क्षेत्र प्रायः नगर का केन्द्र बिन्दु होता है। यहाँ भूमि की ऊँची कीमते हैं और क्षेत्र तंग गलियों वाला क्षेत्र है। इसे मध्यवर्ती व्यापारिक क्षेत्र (सी.बी. डी.) कहते हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
भारत में जनसंख्या के आधार पर कस्बों और नगरों के वर्गीकरण का प्रतिरूप प्रस्तुत करें।
उत्तर:
जनसंख्या के आधार पर जनगणना विभाग ने नगरीय केन्द्रों को 6 वर्गों में विभाजित किया है। एक लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरीय केन्द्र को नगर तथा एक लाख से कम जनसंख्या वाले नगर को कस्बा कहा जाता है। 10 से 50 लाख तक की जनसंख्या वाले नगर को महानगर तथा 50 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों को वृहत् नगर कहते हैं। अधिकतर महानगर और वृहत् नगर नगरीय संकुल होते हैं। संकुल में एक या एक से अधिक नगर और उनके क्रमिक विस्तार के लिए रेलवे कालोनी, विश्वविद्यालय परिसर, पत्तन क्षेत्र, सैन्य छावनी आदि होते हैं। ये सभी कस्बे या नगर के निकटस्थ गाँव या गाँवों की राजस्व सीमाओं में स्थित होते हैं।

कस्बों और नगरों का आकार 338 व्यक्तियों वाले वासना बोरसद औद्योगिक अधिसूचित क्षेत्र . से लेकर 1.19 करोड़ की जनसंख्या वाले वृहत्तर मुंबई जैसा हो सकता है । सन् 2001 की जनसंख्या के आधार पर कस्बों और नगरों की वर्ग आधारित जनसंख्या तालिका में दी गई है। तालिका के अनुसार अधिकतर जनसंख्या 423 नगरों में रहती है। इनमें देश की कुल नगरीय जनसंख्या का 61.48 प्रतिशत भाग रहता है। 423 नगरों में से 35 महानगर या नगरीय संकुल हैं, जिनमें से प्रत्येक की जनसंख्या 10 लाख से अधिक है, इसलिए इन्हें महानगर कहते हैं। इनमें से छः वृहत्नगर हैं, जिनमें से प्रत्येक की जनसंख्या 50 लाख से अधिक है।

तालिका भारत: जनसंख्या सहित आकार के अनुसार कस्बों और नगरों की संख्या-2001Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 4 मानव बस्तियाँ img 2

20 हजार से कम जनसंख्या वाले नगरीय केन्द्र कुल कस्बों के आधे से भी अधिक हैं। इनमें 11.0 प्रतिशत नगरीय जनसंख्या रहती है। लगभग एक चौथाई (27.30 प्रतिशत) नगरीय जनसंख्या देश के मध्यम आकार के नगरों में रहती है। ऐसे नगरों की कुल जनसंख्या 24.3 प्रतिशत थी जो अब बढ़कर 27.3 प्रतिशत हो गई है।
Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 4 मानव बस्तियाँ img 3
चित्र: भारत में वर्गानुसार नगरीय जनसंख्या का वितरण, 2001

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प्रश्न 2.
नगरों का प्रकार्यात्मक वर्गीकरण करो।
उत्तर:
नगरों में अनेक प्रकार के व्यवसाय मिलते हैं। कुछ नगरों में सामाजिक तथा आर्थिक महत्त्व के कार्य पाए जाते हैं तो कुछ नगर उद्योग या सैनिक महत्त्व के होते हैं। फिर भी किसी एक कार्य के लिए किसी नगर को विशेष वर्ग में रखा जाता है। इस प्रकार कार्य व्यवस्था के आधार पर नगरों को निम्नलिखित वर्गों में रखा जाता है।

  1. प्रशासनिक नगर-प्रशासनिक नगरों का मुख्य सम्बन्ध जन प्रशासन से होता है। देशों और राज्य की राजधानियों तथा जिलों के मुख्यालय प्रशासनिक नगरों के वर्ग में रखे जाते हैं।
  2. औद्योगिक नगर-उद्योग ही ऐसे नगरों की प्रेरक शक्ति होते हैं, जैसे-मुम्बई, सेलम, कोयंबटूर, मोदीनगर, जमेशदपुर, हुगली, भिलाई आदि।
  3. परिवहन नगर-ये नगर मुख्य रूप से आयात और निर्यात की गतिविधियों में लिप्त पत्तन हो सकते हैं। जैसे कांडला, कोच्चि, कालीकट, विशाखापत्तनम, आदि। कुछ आंतरिक परिवहन के केन्द्र हो सकते हैं, जैसे-आगरा, धूलिया, मुगलसराय, इटारसी, कटनी आदि।
  4. व्यापारिक नगर-व्यापार में विशिष्टता प्राप्त करने वाले कस्बे और नगर इसी वर्ग में शामिल किए जाते हैं। जैसे-कोलकाता, सहारनपुर, सतना आदि।
  5. खनन नगर-रानीगंज, झरिया, दिगबोई, अंकलेश्वर, सिंगरौली आदि।
  6. छावनी नगर-अंबाला, जालंधर, महू, बबीना, मेरठ कैंट आदि।
  7. शैक्षिक नगर-रुड़की, वाराणसी, अलीगढ़, पिलानी आदि।
  8. धार्मिक और सांस्कृतिक नगर-वाराणसी, मथुरा, अमृतसर, मदुरै, तिरूपति आदि।
  9. पर्यटन नगर-नैनीताल, मसूरी, शिमला, पंचमढ़ी, उडगमंडलम् (ऊटी), माऊँट आबू आदि।

विशिष्टीकृत नगर भी महानगरों के रूप में विकसित होने के बाद बहुप्रकार्यात्मक बन जाते हैं। तब इनमें उद्योग, व्यापार, प्रशासन और परिवहन आदि प्रकार्य प्रमुख हो जाते हैं।

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प्रश्न 3.
ग्रामीण व नगरीय बस्तियों में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
ग्रामीण तथा नगरीय बस्तियों में अंतर निम्न प्रकार से है:
1. ग्रामीण बस्तियों का आर्थिक सुधार मुख्यतः
कृषि होता है। ग्रामीण बस्तियों का भरण-पोषण या आवश्यकताओं की पूर्ति भूमि-आधारित प्राथमिक क्रिया कलापों द्वारा होती है। दूसरी ओर नगर प्रमुखतः द्वितीयक व तृतीयक क्रिया कलापों में संलग्न होते हैं। नगरीय बस्तियों के लोग विविध प्रकार के काम-धंधे करते हैं। इन काम-धंधों में वस्तुओं के निर्माण के लिए पदार्थों का प्रसंस्करण और अनेक प्रकार की सेवाएँ शामिल हैं।

2. नगर वस्तुएँ और सेवाएँ न केवल अपने लिये पैदा करते हैं अपितु उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों को भी प्रदान करते हैं। इसके बदले में नगर गाँवों से कच्चा माल और खाद्य पदार्थ प्राप्त करते हैं।

3. ग्रामीण बस्तियाँ अपनी प्राथमिक, आर्थिक क्रियाओं के लिए भूमि पर निर्भर करती हैं। ग्रामीण बस्तियाँ सामान्यतः
छोटे आकार की होती हैं, क्योंकि इनके प्रत्येक परिवार को कृषि-भूमि, चरागाह या वन के रूप में विस्तृत क्षेत्र की जरूरत होती है। यह एक अकेले परिवार की बस्ती भी हो सकती है, जिसे वास-भूमि या होम कहते हैं। परिवारों का बड़ा समूह भी हो सकता है, जो किसी सुरक्षित स्थान पर घरों का स्पष्ट संकेन्द्रण होता है। दूसरी ओर, नगरीय बस्तियाँ आकार में बड़ी होती हैं और उनका एक संहत रूप दिखाई पड़ता है। नगरों में घर और गलियाँ पास-पास बनी होती है। और निर्वाह आधार के रूप में यहाँ खुले क्षेत्र कम होते हैं।

4. ग्रामीण और नगरीय बस्तियों की जीवन:
शैली, व्यवहार और दृष्टिकोण में भी अंतर होता है। ग्रामीण लोग कम गतिशील होते हैं। अतः इनके सामाजिक संबंध बहुत प्रगाढ़ होते हैं। वे अपने काम धंधे-साधारण तकनीकों के द्वारा पूरा करते हैं और इनके जीवन की गति धीमी होती है। दूसरी ओर, नगरीय क्षेत्रों में जीवन जटिल और तेज है तथा सामाजिक संबंध औपचारिक और दिखावटी होते हैं।

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प्रश्न 4.
ग्रामीण बस्तियों के विविध प्रतिरूपों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
ग्रामीण बस्तियों का मुख्य प्रतिरूप इनके विस्तार, स्थिति तथा बसाव की आकृति के अनुसार होता है। ग्रामीण बस्तियों को पाँच श्रेणियों में बाँटा जाता है –

1. आयताकार प्रतिरूप:
दो मुख्य प्रतिरूप समकोण पर मिलने के कारण आयताकार प्रतिरूप का. विकास होता है। चौराहे के साथ-साथ सड़कों के समानान्तर गाँवों की गलियों का निर्माण होता है। भारत के उत्तरी मैदान में आयताकार प्रतिरूप की ग्रामीण बस्तियाँ मिलती हैं।Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 4 मानव बस्तियाँ img 4
चित्र: ग्रामीण बस्तियों के विभिन्न प्रतिरूप

2. रैखिक प्रतिरूप:
जब गाँव किसी नदी सड़क या रेल-मार्ग, नहर, समुद्री तट के सहारे बसा हो, तब रैखिक प्रतिरूप बनता है। इसमें मकान सड़क के समानान्तर एक पंक्ति में बने होते हैं तथा गाँवों का आकार एक रेखा जैसा लम्बा होता है।

3. त्रिभुजाकार प्रतिरूप-दो नदियों के संगम पर प्रायः
त्रिभुजाकार बस्ती का विकास होता है। दोनों नदियों के संगम तक के प्रदेश पर गाँव का विस्तार होता है। दो सड़कों के बीच में प्रायः त्रिभुजाकार प्रतिरूप की बस्तियाँ मिलती हैं।

4. तारक प्रतिरूप:
बस्ती के मध्य से विभिन्न दिशाओं को निकलने वाली सड़कों के किनारे बाहर की ओर मकान बनाने से तारक प्रतिरूप की बस्तियों का विकास होता है।

5. गोलाकार प्रतिरूप:
किसी झील या तालाब के किनारे चारों ओर बने मकानों से गोलाकार प्रतिरूप की बस्तियों का निर्माण होता है।

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प्रश्न 5.
भारत में कस्बों और नगरों के वितरण का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
भारत के उत्तरी मैदानों में सबसे अधिक नगर थे। पश्चिमी और पूर्वीतट के प्राचीन पत्तनों के निकट भी नगर स्थित थे। भारत के मध्यवर्ती और दक्षिणी पठारों की विस्तृत भूमि पर नगर अपेक्षाकृत कम और दूर-दूर स्थित थे। विशेष रूप से देश के आंतरिक भागों में, प्रायः प्रशासनिक मुख्यालय, केन्द्रीय स्थानों पर व्यापारिक केन्द्र या धार्मिक महत्त्व के स्थान थे।

मध्यकाल में कुछ परिवर्तन नहीं हुए केवल कुछ नगरों के नाम बदले गए। लेकिन आधुनिक काल में कस्बों और नगरों के प्रतिरूप में काफी परिवर्तन आया है। निम्नलिखित क्षेत्रों में कस्बों और नगरों की संख्या अधिक तथा आकार बड़ा है। पंजाब-हरियाणा-गंगा का ऊपरी मैदान-उत्तर भारत के मैदानों में विभिन्न आकार के कस्बों और नगरों की संख्या अधिक है।

1. कोलकाता-रांची पट्टी:
दक्षिण पश्चिम बंगाल के निकटवर्ती झारखण्ड और उड़ीसा के उत्तरी भाग में भारत की खनिज सम्पदा के भण्डार हैं। इसे भारत का रूर बेसिन कहना सर्वथा इचित है। खनिज बहुल क्षेत्र का प्रमुख केन्द्र कोलकाता है। इस पट्टी में कोलकाता के अतिरिक्त अन्य नगर हैं। आसनसोल, धनबाद, जमेशदपुर।

2. मुंबई-गुजरात प्रदेश:
बड़े नगरों व कस्बों का दूसरा संकेन्द्रण गुजरात में है। यहाँ चार महानगर सूरत, बड़ोदरा, राजकोट और अहमदाबाद हैं। उत्तर-पश्चिम महाराष्ट्र की नगरीय पट्टी मुंबई से लेकर दक्षिण पूर्व में पुणे तक तथा मुंबई-दिल्ली रेल मार्ग के साथ-साथ विस्तृत है।

3. केरल तट:
केरल तट पर माहे से लेकर कन्या कुमारी तक नगरों की एक निरंतर पट्टी है। कोच्चि और तिरुवन्नतपुरम् महत्त्वपूर्ण नगर हैं।

4. तमिलनाडु:
दक्षिण कर्नाटक पट्टी-चेन्नई और बंगलौर दोनों ही वृहत् नगर हैं। आंतरिक क्षेत्र में कोयम्बटूर, तिरुचिरापल्ली, मदुरै, सेलम और पांडिचेरी प्रमुख औद्योगिक नगरीय क्षेत्र हैं।

5. ऊपरी कृष्णा द्रोणी:
सतारा से लेकर कर्नाटक के शिमोगा तक पश्चिमी घाट के समानांतर कस्बों और नगरों की एक अविच्छिन्न पट्टी है। खनिज भंडारों और जल विद्युत विकास ने इस पट्टी के औद्योगीकरण और नगरीकरण में बहुत सहायता की है।

6. कृष्णा: गोदावरी डेल्टा:
पूर्वी तट पर कृष्णा-गोदावरी डेल्टा तथा उसकी निकटवर्ती निम्न भूमियों में कस्बों और नगरों का उल्लेखनीय स्थान है।

7. उत्तरी महाराष्ट्र-मुंबई:
कोलकाता के मुख्य मार्ग के सहारे भी नगरों का उल्लेखनीय विकास हुआ है। यह मार्ग विदर्भ देश के कपास सम्पन्न क्षेत्र से होकर गुजरता है तथा पूर्व में और आगे छत्तीसगढ़ के खनिज सम्पन्न क्षेत्र से होता हुआ भारत के रूर बेसिन तक चला जाता है इस क्षेत्र में नागपुर सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण है। रायपुर भिलाई, नगर-दुर्ग और बिलासपुर अन्य महत्त्वपूर्ण नगर हैं।

तालिका: जनसंख्या सहित आकार के अनुसार कस्बों और नगरों की संख्या – 2001
Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 4 मानव बस्तियाँ img 5a

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प्रश्न 6.
निम्नलिखित के संक्षेप में उत्तर दीजिए

  1. कस्बा किसे कहते हैं?
  2. जनगणना नगर क्या हैं?
  3. दो प्राचीन नगरों के नाम बताइए।
  4. दो मध्यकालीन नगरों के नाम बताइए।
  5. नगर किसे कहते हैं?
  6. जनसंख्या के आधार पर नगरों का वर्गीकरण किस प्रकार किया जाता है?
  7. किस वर्ग के नगरों में भारत की जनसंख्या का सबसे अधिक प्रतिशत निवास करता है?
  8. भारत में कितने महानगर हैं?

उत्तर:

  1. कस्बा-एक लाख से कम जनसंख्या वाले नगरीय केन्द्र को कस्बा कहते हैं।
  2. जनगणना नगर-वे सभी स्थान जिनकी जनसंख्या 5000 कम से कम है, जिनकी 75 प्रतिशत कार्यशील पुरुष जनसंख्या गैर-कृषि कार्यों में लगी हो और जनसंख्या का घनत्व कम से कम,400 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी हो।
  3. प्राचीन नगर-अयोध्या और प्रयाग (इलाहाबाद)।
  4. मध्यकालीन नगर-दिल्ली, जयपुर।
  5. नगर-एक लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरीय केन्द्र को नगर कहते हैं।
  6. नगरों का वर्गीकरण-एक लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरीय केन्द्र को नगर कहते हैं।
    • 10 से 50 लाख तक की जनसंख्या वाले नगरों को महानगर कहते हैं।
    • 50 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरे को वृहतनगर कहते हैं।
  7. वृहत नगरों में भारत की जनसंख्या सबसे अधिक है। मुंबई की जनसंख्या 1 करोड़ 64 लाख है।
  8. मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बंगलौर, अहमदाबाद, हैदराबाद, पुणे, सूरत, कानपुर, लखनऊ और नागपुर महानगर हैं।

प्रश्न 7.
निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए:

  1. महानगर
  2. मलिन बस्तियाँ (झुग्गी-झोपड़ियाँ)
  3. मध्यवर्ती व्यापार क्षेत्र (सी.बी.डी.)
  4. प्रकार्यात्मक क्षेत्र।।

उत्तर:
1. महानगर-1991:
2001 में 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों की संख्या 23 से बढ़कर 35 हो गई है। इनमें 1.64 करोड़ की जनसंख्या वाला वृहत्तर मुंबई सबसे बड़ा महानगर है। कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई, बंगलौर, हैदराबाद, अहमदाबाद, पुर्ण, सूरत, कानपुर, जयपुर, लखनऊ और नागपुर में से प्रत्येक की जनसंख्या 20 लाख से अधिक है। 1991 में इन नगरों की जनसंख्या कुल नगरीय जनसंख्या का 32.5 प्रतिशत थी, जो 2001 में बढ़कर 37.8 प्रतिशत हो गई है। इन नगरों में जनसंख्या का संकेन्द्रण निरंतर बढ़ रहा है, लेकिन आर्थिक क्रियाकलाप उसी अनुपात में नहीं बढ़ रहे हैं।

2. मलिन बस्तियाँ:
इन अवैध बस्तियों का फैलाव भारतीय नगरों की एक प्रमुख विशेषता है। देश के 28 राज्यों और केन्द्र-शासित प्रदेशों में 607 कस्बों और नगरों में मलिन बस्तियाँ हैं। मलिन बस्तियों की कुल जनसंख्या 22.58 प्रतिशत है। महाराष्ट्र में मलिन बस्तियों की जनसंख्या 1.064 करोड़ है। 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों में मलिन बस्तियों की जनसंख्या का अनुपात सबसे अधिक मुंबई में 48.88 प्रतिशत और सबसे कम पटना में 0.25 प्रतिशत है। अधिकतर नगरीय समस्याएँ इन्हीं मलिन बस्तियों में होती हैं।

3. मध्यवर्ती व्यापार क्षेत्र (सी.बी.डी.):
प्रत्येक मध्यम और बड़े आकार के नगरों में विशिष्ट क्षेत्र होते हैं। ये क्षेत्र व्यापार, उद्योग, प्रशासन, संस्थागत, परिवहन, आवास जैसी विविध गतिविधियों के केन्द्र बन जाते हैं। व्यापारिक क्षेत्र प्राय: नगर का केन्द्र बिन्दु होता है। भूमि की ऊँची कीमतों के कारण यह घना बसा भीड़ भाड़ वाला और तंग गलियों वाला हो जाता है। इसे मध्यवर्ती व्यापारिक क्षेत्र (सी.बी.डी.) कहते हैं। व्यापारिक गतिविधियों के दौरान यहाँ बहुत भीड़ रहती है। इसलिए इसे नगर की हृदय स्थली कहते हैं।

आजकल मुख्य नगर से कुछ दूरी पर, बाहर या एकाकी क्षेत्रों में उपनगरों का विकास हो जाता है। ये उपनगर प्रकार्यात्मक दृष्टि से मुख्य नगर से जुड़े होते हैं। ऐसे नगरों में प्रकार्यात्मक क्षेत्रों का विकास मध्यवर्ती व्यापार क्षेत्रों के चारों ओर वृत्ताकार रूप में हो जाता है लेकिन बाद में कार्यालय क्षेत्रों के मुख्य मार्गों के साथ-साथ होने से इनका आकार ताराकृत या खण्डों में विभाजित नगर का रूप ले लेता है।

4. प्रकार्यात्मक क्षेत्र:
प्रत्येक मध्यम और बड़े नगरों में कुछ विशेष क्षेत्र होते हैं। जो व्यापार, उद्योग, प्रशासन, संस्थागत, परिवहन, आवास जैसे विविध गतिविधियों के केन्द्र बन जाते हैं, इन्हें प्रकार्यात्मक क्षेत्र कहते हैं। व्यापारिक क्षेत्र प्राय: नगर का केन्द्र बिन्दु होता है। यह घना, भौड़-भाड़ वाला तथा तंग गलियों वाला क्षेत्र होता है। यहाँ व्यापारिक गतिविधियाँ होती रहती हैं।

औद्योगिक क्षेत्र प्रायः कुछ दूरी पर होते हैं तथा जल की आपूर्ति का स्रोत इनकी अवस्थिति में मुख्य कारक होता है। थोक व्यापार के क्षेत्र, परिवहन क्षेत्र, प्रशासनिक क्षेत्र तथा संस्थागत क्षेत्रों की स्थिति भी कुछ अलग-अलग होती है। पुराने आवासीय मध्यवर्ती क्षेत्र व्यापार क्षेत्र के निकट होते हैं। लेकिन नए आवासीय क्षेत्र नगर के विभिन्न क्षेत्रों में फैले होते हैं। इस प्रकार प्रकार्यात्मक पृथक्करण तथा परिणामस्वरूप विकसित प्रकार्यात्मक क्षेत्र नगरों की विशेषता होती है।

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प्रश्न 8.
अंतर स्पष्ट कीजिए:

  1. ग्रामीण और नगरीय बस्तियाँ
  2. गुच्छित एवं अर्ध-गुच्छित बस्तियाँ

उत्तर:
1. ग्रामीण और नगरीय बस्तियाँ:
Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 4 मानव बस्तियाँ img 6

2. गुच्छित एवं अर्ध-गुच्छित बस्तियाँ:
Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 4 मानव बस्तियाँ img 7

प्रश्न 9.
अंतर स्पष्ट कीजिए:

  1. पुरवा तथा परिक्षिप्त बस्तियाँ
  2. रैखिक और वृत्ताकार ग्रामीण बस्तियाँ।

उत्तर:
1. पुरवा तथा परिक्षिप्त बस्तियाँ:
Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 4 मानव बस्तियाँ img 8

2. रैखिक और वृत्ताकार ग्रामीण बस्तियाँ:
Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 4 मानव बस्तियाँ img 9

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प्रश्न 10.
किसी क्षेत्र के स्थलाकृतिक मानचित्र का अध्ययन कीजिए तथा इसमें पाई जाने वाली ग्रामीण बस्तियों के विविध प्रकारों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 4 मानव बस्तियाँ img 10Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 4 मानव बस्तियाँ img 11

चित्र: ग्रामीण बस्तियों के विविध प्रकार

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प्रश्न 11.
किसी क्षेत्र के स्थलाकृति मानचित्र का अध्ययन कीजिए तथा इसमें पाई जाने वाली ग्रामीण बस्तियों के प्रतिरूपों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
गाँवों के अभिन्यास और रूप –
Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 4 मानव बस्तियाँ img 12Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 4 मानव बस्तियाँ img 13a

चित्र: गाँवों के प्रतिरूप: युग्म ग्राम, खंडित, दीर्घित, पंखाकार, किलाबंद तथा आकारहीन
Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 4 img 14a

चित्र: ग्रामीण बस्तियों के प्रतिरूप

वस्तुनिष्ठ प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
सामान्य आकार के घरों के समूह को क्या कहते हैं?
(A) बस्ती
(B) कस्बा
(C) नगर
(D) बसावट
उत्तर:
(A) बस्ती

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प्रश्न 2.
500 से कम जनसंख्या के आकार के गाँव में ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत कितना है?
(A) 1.7 प्रतिशत
(B) 16.8 प्रतिशत
(C) 7.8 प्रतिशत
(D) 29.8 प्रतिशत
उत्तर:
(B) 16.8 प्रतिशत

प्रश्न 3.
संपूर्ण भारत में गाँवों के बीच की औसत दूरी कितनी होती है?
(A) 2.52 किमी.
(B) 3.52 किमी.
(C) 1.52 किमी.
(D) 25.2 किमी.
उत्तर:
(A) 2.52 किमी.

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प्रश्न 4.
पास-पास बने घरों वाली ग्रामीण बस्तियों को क्या कहते हैं?
(A) गुच्छित बस्तियाँ
(B) अर्ध गुच्छित बस्तियाँ
(C) पुरवे
(D) बसावट
उत्तर:
(A) गुच्छित बस्तियाँ

प्रश्न 5.
भारत में सुदूर वनों में एकाकी झोपड़ी या कुछ झोपड़ियों के समूह में पाई जाने वाली बस्तियों को क्या कहते हैं?
(A) पुरवे बस्तियाँ
(B) गुच्छित बस्तियाँ
(C) परिक्षिप्त बस्तियाँ
(D) अर्ध गुच्छित बस्तियाँ
उत्तर:
(C) परिक्षिप्त बस्तियाँ

प्रश्न 6.
संगम पर दो नदियों के बीच या दो सड़कों की शाखाओं के बीच बसे गाँवों और कस्बों की आकृति कैसी होती है?
(A) आयताकार
(B) त्रिभुजाकार
(C) रैखिक
(D) पंखाकृति
उत्तर:
(B) त्रिभुजाकार

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प्रश्न 7.
किसी मार्ग, नदी या नहर के किनारे बसे गाँवों की आकृति कैसी होती है?
(A) रैखिक
(B) आयताकार
(C) गोलाकार
(D) त्रिभुजाकार
उत्तर:
(A) रैखिक

प्रश्न 8.
आक्रमणों, डाकुओं और जंगली जानवरों से सुरक्षा को क्या कहते हैं?
(A) सुरक्षा कारक
(B) सांस्कृतिक कारक
(C) नृजातीय कारक
(D) भौतिक कारक
उत्तर:
(A) सुरक्षा कारक

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प्रश्न 9.
ग्रामीण बस्तियों के क्रिया कलाप किस प्रकार के हैं?
(A) द्वितीयक
(B) प्राथमिक
(C) तृतीयक
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(B) प्राथमिक

प्रश्न 10.
पास बने घरों वाली ग्रामीण बस्तियों का प्रकार क्या है?
(A) गुच्छित
(B) अर्ध-गुच्छित
(C) पुरवा
(D) परिक्षिप्त
उत्तर:
(A) गुच्छित

प्रश्न 11.
वे स्थान जहाँ नगर पालिका या नगर निगम या कंटोनमैंट बोर्ड या नोटीफाइड टाउन एरिया कमेटी हैं, क्या कहलाते हैं?
(A) संवैधानिक नगर
(B) जनगणना नगर
(C) नगर
(D) महानगर
उत्तर:
(A) संवैधानिक नगर

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प्रश्न 12.
जिन नगरों का अस्तित्त्व 2000 वर्ष से भी पूर्व से है उन्हें क्या कहते हैं?
(A) मध्यकालीन नगर
(B) प्राचीन नगर
(C) आधुनिक नगर
(D) जनगणना नगर
उत्तर:
(B) प्राचीन नगर

प्रश्न 13.
अयोध्या किस प्रकार का नगर है?
(A) प्राचीन
(B) मध्यकालीन
(C) आधुनिक
(D) संवैधानिक
उत्तर:
(A) प्राचीन

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प्रश्न 14.
2001 में भारत में नगरीय जनसंख्या कितनी थी?
(A) 28.54 करोड़
(B) 2.5 करोड़
(C) 25.94 करोड़
(D) 25.8 करोड़
उत्तर:
(A) 28.54 करोड़

प्रश्न 15.
5.50 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगर को क्या कहते हैं?
(A) कस्बा
(B) जनगणना नगर
(C) महानगर
(D) वृहत्नगर
उत्तर:
(D) वृहत्नगर

प्रश्न 16.
10-50 लाख तक की जनसंख्या वाले नगर को क्या कहते हैं?
(A) वृहत्नगर
(B) महानगर
(C) नगर
(D) आधुनिक नगर
उत्तर:
(B) महानगर

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प्रश्न 17.
1991-2001 के दशक में मुंबई महानगर की जनसंख्या कितनी थी?
(A) 10.788 करोड़
(B) 1.64 करोड़
(C) 80 लाख
(D) 1 करोड़
उत्तर:
(B) 1.64 करोड़

प्रश्न 18.
अवैध बस्तियों को क्या कहते हैं?
(A) मलिन बस्तियाँ
(B) कस्बा
(C) नगर
(D) संकुल
उत्तर:
(A) मलिन बस्तियाँ

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प्रश्न 19.
महाराष्ट्र में मलिन बस्तियों की जनसंख्या कितनी है?
(A) 6 प्रतिशत
(B) 0.25 प्रतिशत
(C) 14.1 प्रतिशत
(D) 1.81 प्रतिशत
उत्तर:
(A) 6 प्रतिशत

प्रश्न 20.
नैनीताल नगर किस विशेषता के कारण जाना जाता है?
(A) शैक्षिक नगर
(B) छावनी
(C) पर्यटन नगर
(D) खनन नगर
उत्तर:
(A) शैक्षिक नगर

Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 8 निर्माण उद्योग

Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 8 निर्माण उद्योग Textbook Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 8 निर्माण उद्योग

Bihar Board Class 12 Geography निर्माण उद्योग Textbook Questions and Answers

(क) नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए:

प्रश्न 1.
कौन-सा औद्योगिक अवस्थापना का एक कारक नहीं है?
(क) बाजार
(ख) पूँजी
(ग) जनसंख्या घनत्व
(घ) ऊर्जा
उत्तर:
(ग) जनसंख्या घनत्व

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प्रश्न 2.
भारत में सबसे पहले स्थापित की गई लौह-इस्पात कंपनी निम्नलिखित में से कौन-सी है?
(क) भारतीय लौह एवं इस्पात कंपनी (आई.आई.एस.सी.ओ.)
(ख) टाटा लौह एवं इस्पात कंपनी (टी.आई.एस.सी.ओ.)
(ग) विश्वेश्वरैया लौह तथा इस्पात कारखाना
(घ) मैसूर लौह तथा इस्पात कारखाना
उत्तर:
(ख) टाटा लौह एवं इस्पात कंपनी (टी.आई.एस.सी.ओ.)

प्रश्न 3.
मुंबई में सबसे पहला सूती वस्त्र कारखाना स्थापित किया गया, क्योंकिः
(क) मुंबई एक पतन है
(ख) यह कपास उत्पादक क्षेत्र के निकट स्थित है
(ग) मुंबई एक वित्तीय केन्द्र था
(घ) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(घ) उपर्युक्त सभी

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प्रश्न 4.
हुगली औद्योगिक प्रदेश का केन्द्र है –
(क) कोलकाता-हावड़ा
(ख) कोलकाता-मेदनीपुर
(ग) कोलकाता-रिशरा
(घ) कोलकाता-कोन नगर
उत्तर:
(क) कोलकाता-हावड़ा

प्रश्न 5.
निम्नलिखित में से कौन-सा चीनी का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है?
(क) महाराष्ट्र
(ख) पंजाब
(ग) उत्तर प्रदेश
(घ) तमिलनाडु
उत्तर:
(ख) पंजाब

(ख) निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर लगभग 30 शब्दों में दें

प्रश्न 1.
लोहा-इस्पात उद्योग किसी देश के औद्योगिक विकास का आधार है, ऐसा क्यों?
उत्तर:
क्योंकि लगभग सभी सेक्टर अपनी मूल आधारिक अवसंरचना के लिए मुख्य रूप से लोहा इस्पात उद्योग पर निर्भर करते हैं।

प्रश्न 2.
सूती वस्त्र उद्योग के दो सेक्टरों के नाम बताइए। वे किस प्रकार भिन्न हैं?
उत्तर:
भारत में सूती वस्त्र उद्योग को दो सेक्टर्स में बाँटा जा सकता है:

  1. संगठित सेक्टर और
  2. विकेंद्रित सेक्टर

विकेंद्रित सेक्टर के अंतर्गत हथकरघों (खादी सहित) और विद्युत करघों में उत्पादित कपड़ा आता है। संगठित सेक्टर के अन्दरे बड़े मिलों में उत्पादित कपड़ा आता है।

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प्रश्न 3.
चीनी उद्योग एक मौसमी उद्योग क्यों हैं?
उत्तर:
चीनी उद्योग कृषि-आधारित उद्योग है। कच्चे माल के मौसमी होने के कारण, चीनी उद्योग एक मौसमी उद्योग है।

प्रश्न 4.
पेट्रो-रासायनिक उद्योग के लिए कच्चा माल क्या है? इस उद्योग के कुछ उत्पादों के नाम बताइए।
उत्तर:
अपरिष्कृत पेट्रोल से कई प्रकार की वस्तुएँ तैयार की जाती हैं जो अनेक नए उद्योगों के लिए कच्चा माल उपलब्ध कराती है, इन्हें, सामूहिक रूप से पेट्रो-रसायन उद्योग के नाम से जाना जाता है। पॉलिस्टर तंजु सूत, नाइलोन चिप्स, नायलान तथा पॉलिस्टर धागा तथा पुनः चक्रित प्लास्टिक आदि पेट्रो-रसायन उद्योग के कुछ उत्पादन हैं।

प्रश्न 5.
भारत में सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति के प्रमुख प्रभाव क्या हैं?
उत्तर:
भारत में सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति ने आर्थिक और सामाजिक रूपांतरण के लिए नई संभावनाएं पैदा कर दी हैं। इस विकास का मुख्य प्रभाव रोजगार अवसर के सृजन पर पड़ा है जो प्रतिवर्ष लगभग दुगुना हो रहा है।

(ग) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दें

प्रश्न 1.
‘स्वदेशी’ आंदोलन ने सूती वस्त्र उद्योग को किस प्रकार विशेष प्रोत्साहन दिया?
उत्तर:
स्वदेशी आंदोलन ने उद्योग को प्रमुख रूप से प्रोत्साहित किया क्योंकि ब्रिटेन के बने सामानों का बहिष्कार कर बदले में भारतीय सामानों को उपयोग में लाने का आह्वान किया गया। 1921 के बाद रेलमार्गों के विकास के साथ ही दूसरे सूती वस्त्र केन्द्रों का तेजी से विस्तार हुआ। दक्षिणी भारत में, कोयंबटूर, मदुरई और बंगलौर में मिलों की स्थापना की गई। मध्य भारत में नागपुर, इंदौर के अतिरिक्त शोलापुर और वडोदरा सूती वस्त्र केन्द्र बन गए।

कानपुर में स्थापित निवेश के आधार पर सूती वस्त्र मिलों की स्थापना की गई। पत्तन की सुविधा के कारण कोलकाता में भी मिलें स्थापित की गईं। जलविद्युत शक्ति के विकास से कपास उत्पादक क्षेत्रों से दूर सूती वस्त्र मिलों की अवस्थिति में भी सहयोग मिला। तमिलनाडु में इस उद्योग के तेजी से विकास का कारण मिलों के लिए प्रचुर मात्रा में जल-विद्युत शक्ति की उपलब्धता है। उज्जैन, भरूच, आगरा, हाथरस, कोयंबटूर और तिरुनेलवेली आदि केंद्रों में, श्रम लागत के कारण कपास उत्पादक क्षेत्रों से उनके दूर होते हुए भी उद्योगों की स्थापना की गई।

इस प्रकार, भारत के लगभग प्रत्येक राज्य में जहाँ एक या एक से अधिक अनुकूल अवस्थितिक कारक विद्यमान थे, सूती वस्त्र उद्योग स्थापित किए गए। इस प्रकार कच्चे माल के स्थान पर बाजार अथवा सस्ते स्थानिक श्रमिक या विद्युत शक्ति की उपलब्धता अधिक महत्वपूर्ण हो गई।

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प्रश्न 2.
आप उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण से क्या समझते हैं? इन्होंने भारत के औद्योगिक विकास में किस प्रकार से सहायता की है?
उत्तर:
नई औद्योगिक नीति के तीन मुख्य लक्ष्य हैं – उदारीकरण, निजीकरण, और वैश्वीकरण। उदारीकरण नीति के अंतर्गत किए गए उपाय हैं:

  1. औद्योगिक लाइसेंस व्यवस्था का समापन
  2. विदेशी तकनीकी का निःशुल्क प्रवेश
  3. विदेशी निवेश नीति
  4. पूँजी बाजार में अभिगम्यता
  5. खुला व्यापार
  6. प्रावस्थबद्ध निर्माण कार्यक्रम का उन्मूलन
  7. औद्योगिक अवस्थिति कार्यक्रम का उदारीकरण

निजीकरण नीति के अंतर्गत किए गए उपायों में नए सेक्टर जैसे खनन, दूर संचार राजमार्ग निर्माण और व्यवस्था को व्यक्तिगत कंपनियों के लिए पूरा खोल दिया गया। वैश्वीकरण का अर्थ देश की अर्थव्यवस्था को संसार की अर्थव्यवस्था के साथ एकीकृत करना है। भारतीय संदर्भ में इसका अर्थ है –

  1. भारत में आर्थिक क्रियाओं के विभिन्न क्षेत्रों में, विदेशी कंपनियों को पूँजी निवेश की सुविधा उपलब्ध कराकर, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के लिए अर्थव्यवस्था को खोलना।
  2. भारत में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रवेश परे लगे प्रतिबंधों और बाधाओं को खत्म करना।
  3. भारतीय कंपनियों को देश में विदेशी कंपनियों के सहयोग से उद्योग खोलने की अनुमति प्रदान करना और उनके सहयोग से विदेशों में साझा उद्योग स्थापित करने के लिए भी प्रोत्साहित करना।
  4. पहले शुष्क दर के मात्रात्मक प्रतिबंधों में कमी लाकर बड़ी मात्रा में आयात उदारता कार्यक्रम को कार्यान्वित करना और तब आयात करों के स्तर को ध्यान में रखते हुए उसे नीचे लाना।
  5. निर्यात प्रोत्साहन के एक वर्ग के बजाय निर्यात को बढ़ाने के लिए विनिमय दर व्यवस्था को चुनना।

Bihar Board Class 12 Geography निर्माण उद्योग Additional Important Questions and Answers

अति लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
प्रथम पंचवर्षीय योजना कब शुरू हुई?
उत्तर:
प्रथम पंचवर्षीय योजना (1951-56) में शुरु हुई। इस योजना में उद्योगों की विद्यमान क्षमता के पूर्ण उपयोग पर मुख्य जोर दिया गया था। सार्वजनिक क्षेत्र तथा निजी क्षेत्र में अनेक उद्योग लगाए गए।

प्रश्न 2.
‘उद्यम वृत्ति’ के आधार पर उद्योगों को कितने वर्गों में बाँटा गया है?
उत्तर:
उद्यम वृत्ति या स्वामित्व के आधार पर उद्योगों को तीन वर्गों में रखा जाता है –

  1. सार्वजनिक क्षेत्र
  2. निजी क्षेत्र, और
  3. संयुक्त और सहकारी क्षेत्र

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प्रश्न 3.
‘उत्पादों के आधार पर उद्योगों का वर्गीकरण कीजिए।
उत्तर:
उत्पादों के आधार पर उद्योगों को चार भागों में बाँटा गया है:

  1. आधारभूत वस्तु उद्योग
  2. पूँजीगत वस्तु उद्योग
  3. मध्यवर्ती वस्तु उद्योग
  4. उपभोक्ता वस्तु उद्योग

प्रश्न 4.
भारत में औद्योगीकरण की शुरुआत कब हुई?
उत्तर:
भारत में औद्योगीकरण की शुरुआत सन् 1854 में मुख्य रूप से भारतीय पूँजी और उद्गम से मुंबई में सूती वस्त्र बनाने के कारखाने की स्थापना से हुई।

प्रश्न 5.
स्वतंत्रता के समय भारत की औद्योगिक स्थिति कैसे थी?
उत्तर:
स्वतंत्रता के समय भारत की औद्योगिक स्थिति मुख्य रूप से उपभोक्ता वस्तुओं तक ही सीमित थी। सूती वस्त्र, चीनी, नमक, साबुन व चमड़े की वस्तुएँ तथा कागज प्रमुख उद्योग थे।

प्रश्न 6.
प्रारंभ में, अंग्रेजों ने स्वदेशी सूती वस्त्र उद्योग के विकास को प्रोत्साहित नहीं किया। वे कच्चे कपास को कहाँ ले जाते थे?
उत्तर:
वे कच्चे कपास को मानचेस्टर और लिवरपूल स्थित अपनी मिलों के लिए निर्यात कर देते थे और वहाँ तैयार माल को बेचने के लिए भारत ले आते थे।

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प्रश्न 7.
पेट्रो-रसायन उद्योग को कौन से चार उपवर्गों में विभाजित किया गया है?
उत्तर:

  1. पॉलीमर
  2. कृत्रिम रेशे
  3. इलेस्टोमर्स
  4. पृष्ठ संक्रियक

प्रश्न 8.
उद्योगों की अवस्थिति किन कारकों से प्रभावित होती है?
उत्तर:
कच्चे माल की उपलब्धि, शक्ति (ऊर्जा) बाजार, पूँजी, परिवहन और श्रमिक। इन कारकों का सापेक्षिक महत्त्व समय, स्थान, अत्यावश्यकता, कच्चे माल के प्रकार और उद्योग के प्रकार के अनुसार बदलता रहता है।

प्रश्न 9.
भारत का सबसे पुराना लौह कारखाना कहाँ पर स्थित है?
उत्तर:
भारत का सबसे पुराना लौह कारखाना कुल्टी (बाराकर नदी पर) में स्थित है। यह 1875 में कुल्टी (प. बंगाल) के बाराकर आयरन वर्क्स के नाम से स्थापित किया गया।

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प्रश्न 10.
सूती वस्त्र किन क्षेत्रों में बनाए जाते हैं?
उत्तर:
सूती वस्त्र तीन क्षेत्रों में बनाए जाते हैं –

  1. कारखाने (मिल)
  2. शक्ति चालित (बिजली) करघों और
  3. हथकरघे सूती वस्त्र उत्पादन में कारखानों की भागीदारी घट रही है।

प्रश्न 11.
चीनी उत्पादक चार राज्यों के नाम लिखिए?
उत्तर:
हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र चीनी उत्पादन के प्रमुख राज्य है। भारत को गन्ने का मूल स्थान माना जाता है।

प्रश्न 12.
नई औद्योगिक नीति के मुख्य उद्देश्य क्या हैं?
उत्तर:
प्रमुख उद्देश्यक हैं-लाभ को बनाए रखना, उद्योगों की कमियों या विकृतियों को सुधारना, उत्पादन वृद्धि में निरंतरता बनाए रखना, रोजगार के अधिक अवसर विकसित करना तथा उत्पादन को अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल करने लायक बनाना।

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प्रश्न 13.
सीधा विदेशी सीधा निवेश (FDI) किस प्रकार से उपभोक्ताओं को लाभ प्रदान करता है?
उत्तर:
FDI घरेलू निवेश तथा उपभोक्ताओं को तकनीकी उन्नयन, वैश्विक प्रबंध कुशलता और व्यावहारिकता का अभिगमन प्राकृतिक और मानवीय संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग आदि के प्रावधान द्वारा लाभ प्रदान करता है।

प्रश्न 14.
नई औद्योगिक नीति के तीन मुख्य लक्ष्य कौन से थे?
उत्तर:
उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण।

प्रश्न 15.
भारतीय सॉफ्टवेयर और सेवा सेक्टर द्वारा 2004-05 में कितने करोड़ रुपये मूल्य का निर्यात किया।
उत्तर:
भारतीय सॉफ्टवेयर और सेवा सेक्टर द्वारा 2004-05 में 78,230 करोड़ रुपये मूल्य के बराबर का निर्यात किया गया।

लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
औद्योगिक क्रान्ति के भारत से औद्योगिक क्षेत्र में क्या प्रभाव पड़े?
उत्तर:
18 वीं शताब्दी में यूरोप में औद्योगिक क्रान्ति के प्रभाव भारत में भी पड़े। देश में परम्परागत हस्तशिल्प तथा घरेलू उद्योग लगभग समाप्त हो गए क्योंकि ये उद्योग फैक्टरी उद्योग का मुकाबला न कर सके। औद्योगिक कामगारों की संख्या में वृद्धि होने लगी। नगरीय क्षेत्रों में कागमार प्रवास करने लगे, जैसे मुम्बई, कोलकाता, उद्योगों के लिए बाजार अर्थव्यवस्था का महत्त्व बढ़ गया। देश से कच्चे माल यूरोपीय देशों को भेजे जाने लगे तथा भारत यूरोपीय माल की एक मण्डी बनकर रह गया।

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प्रश्न 2.
स्वतन्त्रता के पश्चात् भारत में अपनाई गई औद्योगिक नीति के क्या उद्देश्य थे?
उत्तर:
स्वतन्त्रता के पश्चात् सामाजिक तथा आर्थिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए औद्योगिक नीति अपनाई गई। इस नीति में आर्थिक दृष्टि से पिछड़े हुए क्षेत्रों में उद्योग स्थापित किए गए ताकि प्रादेशिक असन्तुलन को कम किया जा सके।

औद्योगिक नीति के उद्देश्य इस प्रकार थे –

  1. रोजगार के अधिक अवसर प्रदान करना।
  2. उद्योगों में उच्च उत्पादकता प्राप्त करना।
  3. प्रादेशिक असन्तुलन को दूर करना।
  4. कृषि आधारित उद्योगों का विकास करना।
  5. निर्यात प्रधान उद्योगों को बढ़ावा देना।

प्रश्न 3.
सूती वस्त्र उद्योग की क्या समस्याएँ हैं?
उत्तर:
सूती वस्त्र उद्योग भारत का सबसे बड़ा संगठित उद्योग है परन्तु इस उद्योग की कई समस्याएँ हैं –

  1. देश में लम्बे रेशे वाली कपास का उत्पादन कम है। यह कपास विदेशों से आयात करनी पड़ती है।
  2. सूती कपड़ा मिलों की मशीनरी पुरानी है जिससे उत्पादकता कम है तथा लागत अधिक है।
  3. मशीनरी के आधुनिकीकरण के लिए स्वचालित मशीनें लगाना आवश्यक है। इसके लिए पर्याप्त पूँजी की आवश्यकता है।
  4. देश में हथकरघा उद्योग से स्पर्धा है तथा विदेशी बाजार में चीनी तथा जापान के तैयार वस्त्र से स्पर्धा तीव्र है।

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प्रश्न 4.
भारत में रेशम उद्योग के वितरण का वर्णन करो तथा इस उद्योग की दो प्रमुख समस्याएँ बताओ।
उत्तर:
भारत प्राचीनकाल से रेशम का प्रसिद्ध उत्पादक देश रहा है। भारत में मलबरी टसर, एरी तथा मूंगा प्रकार का रेशा तैयार किया जाता है। कर्नाटक भारत का सबसे बड़ा रेशम उत्पादक राज्य है। इसके अतिरिक्त असम, पश्चिम बंगाल, बिहार तथा जम्मू-कश्मीर रेशम उत्पन्न करते हैं। रेशम वस्त्र उद्योग श्रीनगर, बंगलौर, मैसूर, वाराणसी तथा मिर्जापुर में स्थित है। भारतीय रेशा उद्योग को इटली तथा जापान से कड़ा मुकाबला करना पड़ता है तथा कम कीमत वाले कृत्रिम रेशम के कारण असली रेशम का उत्पादन कम हो रहा है।

प्रश्न 5.
भारत में स्वामित्व के आधार पर कौन-कौन से प्रकार के उद्योग हैं?
उत्तर:
स्वामित्व के आधार पर भारत में तीन प्रकार के उद्योगों को मान्यता दी गई है –

  1. सार्वजनिक उद्योग: ऐसे उद्योगों का संचालन सरकार स्वयं करती है। इसके अन्तर्गत भारी तथा आधारभूत उद्योग हैं, जैसे भिलाई-इस्पात केन्द्र, नांगल उर्वरक कारखाना आदि।
  2. निजी उद्योग: ऐसे उद्योग किसी निजी व्यक्ति के अधीन होते हैं, जैसे जमशेदपुर का इस्पात उद्योग।
  3. सहकारी उद्योग: जब कुछ व्यक्ति किसी सहकारी समिति द्वारा किसी उद्योग की स्थापना करते हैं, जैसे चीनी उद्योग।

प्रश्न 6.
विनिर्माण उद्योग से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
कच्चे माल को मशीनों की सहायता से रूप बदल कर अधिक उपयोगी तैयार माल प्राप्त करने की क्रिया को निर्माण उद्योग कहते हैं। यह मनुष्य का एक सहायक या गौण या द्वितीयक व्यवसाय है। इसलिए निर्माण उद्योग में जिस वस्तु का रूप बदल जाता है, वह वस्तु अधिक उपयोगी हो जाती है तथा निर्माण द्वारा उस पदार्थ की मूल्य वृद्धि हो जाती है जैसे-लकड़ी से लुग्दी तथा कागज बनाया जाता है। कपास से धागा और कपड़ा बनाया जाता है। खनिज लोहे से इस्पात तथा कल-पुर्जे बनाए जाते हैं।

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प्रश्न 7.
उद्योगों का वर्गीकरण किन आधारों पर किया जाता है?
उत्तर:
उद्योगों का वर्गीकरण निम्नलिखित आधार पर किया जाता है –
1. आकार तथा कार्यक्षमता के आधार पर उद्योग दो प्रकार के होते हैं –
(क) बड़े पैमाने के उद्योग,
(ख) छोटे पैमाने के उद्योग।

2. औद्योगिक विकास के आधार पर दो प्रकार के होते हैं –
(क) कुटीर उद्योग,
(ख) आधुनिक शिल्प उद्योग।

3. स्वामित्व के आधार पर दो-तीन प्रकार के होते हैं –
(क) सार्वजनिक उद्योग (जिनकी व्यवस्था सरकार स्वयं करती है)
(ख) निजी उद्योग
(ग) सहकारी उद्योग।

4. कच्चे माल के आधार पर उद्योग दो प्रकार के होते हैं –
(क) कृषि पर आधारित उद्योग,
(ख) खनिजों पर आधारित उद्योग।

5. वस्तुओं के आधार पर उद्योग दो प्रकार के होते हैं –
(क) हल्के उद्योग
(ख) भारी उद्योग।

6. इसी प्रकार उद्योगों को अनेक विभिन्न वर्गों में रखा जाता है। जैसे-हस्तकला उद्योग, ग्रामीण उद्योग, घरेलू उद्योग आदि।

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प्रश्न 8.
भारत में चीनी उद्योग के वितरण को नियंत्रित करने वाले प्रमुख कारकों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
भारत में चीनी उद्योग गन्ना उत्पन्न करने वाले क्षेत्रों में स्थित है। गन्ना एक भारी कच्चा माल है। इसलिए यह उद्योग कच्चे माल के स्रोत के समीप ही चलाया जाता है। भारत में 2/3 कारखाने उत्तर प्रदेश तथा बिहार राज्यों में हैं। भारत की 60% चीनी उत्पन्न करते हैं।
नियंत्रित करने वाले कारक –

  1. गन्ने का उत्पादन
  2. अधिक खपत तथा सस्ते श्रमिक
  3. जलविद्युत तथा कोयला
  4. जल के साधन भारत का 50% गन्ना उत्तर प्रदेश में उत्पन्न होता है।

अधिक जनसंख्या के कारण खपत अधिक होती है तथा सस्ते श्रमिक प्राप्त होते हैं। सस्ती जल विद्युत तथा बिहार से कोयला मिल जाता है।

  1. यातायात के उत्तम साधन हैं।
  2. जल के प्रर्याप्त साधन हैं।

भारत में चीनी उद्योग को कई कठिनाइयाँ हैं भारत में गन्ने की प्रति हैक्टेयर उपज कम है। गन्ना प्राप्त न होने के कारण मिलें वर्ष में कुछ महीने बन्द रहती हैं। गन्ने की कीमतें ऊँची हैं। चीनी उद्योग के बचे-खुचे पदार्थों का ठीक उपयोग नहीं होता। इन कारणों से चीनी पर लागत अधिक है। पिछले कुछ वर्षों से चीनी उद्योग दक्षिण भारत की ओर स्थानान्तरित हो रहा है।

प्रश्न 9.
भारत में सूती वस्त्र उद्योग के वितरण का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर:
आरम्भ में सूती वस्त्र उद्योग मुंबई नगर में केन्द्रित था। सूती वस्त्र उद्योग ने अपने विकास के दौरान काफी उतार-चढ़ाव देखे हैं। विशाल घरेलू बाजार, जल-विद्युत के विकास, कपास की प्राप्ति, कोयला क्षेत्रों से निकटता तथा कुशल श्रमिकों के कारण यह उद्योग सारे देश में फैल गया। इसे सूती वस्त्र उद्योग का विकेन्द्रीकरण कहते हैं। सबसे पहले यह उद्योग गुजरात राज्य में अच्छी कपास प्राप्त होने के कारण अहमदाबाद में स्थापित हुआ।

तमिलनाडु राज्य में जल विद्युत की प्राप्ति के कारण चेन्नई, कोयम्बटूर उद्योग के महत्त्वपूर्ण केन्द्र बने। कोलकाता में विशाल मांग क्षेत्र तथा रानीगंज कोयला क्षेत्र से निकटता के कारण यह उद्योग विकसित हुआ। उत्तर प्रदेश में कानपुर, मोदीनगर, मध्य प्रदेश में इन्दौर और ग्वालियर, राजस्थान में कोटा और जयपुर में आधुनिक मिलें स्थापित हुई हैं। यहाँ धनी जनसंख्या के कारण वह उद्योग उन्नत हआ है। लम्बे रेशे वाली कपास के उत्पादन के कारण इस उद्योग का विकास पंजाब तथा हरियाणा में हो रहा है।

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प्रश्न 10.
रसायन और पेट्रोरसायन में क्या अन्तर है?
उत्तर:
आधुनिक युग में उद्योगों के लिए रसायनों का बड़ा महत्त्व है। दैनिक जीवन में प्रयोग की जाने वाली बहुत सी वस्तुएँ रासायनिक पदार्थों के प्रयोग से विभिन्न क्रियाओं द्वारा तैयार की जाती हैं। ये रसायन स्थल, जल और वायु क्षेत्रों से प्राप्त होते हैं। रसायन दो प्रकार के होते हैं। भारी रसायन तथा हल्का रसायन। भारी रसायन में गन्धक का तेजाब, सोडा, राख तथा कास्टिक सोडा आते हैं। हल्के रसायनों में रंग, दवाई, पेंट, फोटोग्राफी, साबुन, प्लास्टिक आदि पदार्थ आते हैं।

कोयला, प्राकृतिक गैस तथा पेट्रोलियम से प्राप्त होने वाले रसायनिक पदार्थों को पेट्रोरसायन कहा जाता है। पेट्रोरसायन सबसे महत्त्वपूर्ण पदार्थ है। इन रसायनों के प्रयोग में विस्फोटक पदार्थ (गोला-बारूद), दवाइयाँ, उर्वरक, प्लास्टिक कृत्रिम रेशे और रबड़ तैयार किए जाते हैं। पेट्रो-रसायन से रंग-रोगन, श्रृंगार साधन आदि भी तैयार किए जाते हैं।

प्रश्न 11.
वस्त्रोत्पाद उद्योग मुंबई से अहमदाबाद की ओर क्यों बढ़े हैं? उपयुक्त उदाहरण की सहायता से व्याख्या करो।
उत्तर:
भारत में सूती वस्त्र उद्योग सबसे पहले मुंबई में स्थापित किया गया। यहाँ पर्याप्त मात्रा में पूँजी उपलब्ध थी तथा विदेशों से मशीनरी मंगवाने की सुविधा प्राप्त थी, परन्तु यहाँ कच्चे माल की प्राप्ति भारत के कई राज्यों पंजाब, मध्य प्रदेश, गुजरात से कपास मंगवा कर पूरी की जाती थी। कुछ समय के पश्चात् यहाँ श्रमिकों की मजदूरी बढ़ने, मिलों के लिए पर्याप्त स्थान की कमी, हड़तालों आदि की समस्याओं के कारण यह उद्योग मंबई से हटकर अहमदाबाद की ओर बढ़ने लगा। अहमदाबाद में कपास पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध थी। पूँजी के पर्याप्त साधन थे। मिलों के लिए खुले स्थान उपलब्ध थे। मुंबई में जो समस्याएँ थीं वे समस्याएँ अहमदाबाद में नहीं थीं। इसलिए अहमदाबाद शीघ्र ही ‘भारत का मानचेस्टर’ बन गया।

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प्रश्न 12.
मुंबई तथा उसके आस-पास वस्त्र उद्योग के क्या कारण थे?
उत्तर:
भारत में सबसे पहले सूती वस्त्र मिल, 1854 में लगाई गई। शीघ्र ही मुंबई भारत में सूती वस्त्र उद्योग का सबसे बड़ा केन्द्र बन गया। इसे कपास विराट नगर कहा जाता है। निम्नलिखित कारकों के कारण यहाँ सूती वस्त्र उद्योग केन्द्रित हो गए –

  1. मुंबई की एक बन्दगाह की स्थिति
  2. आर्द्र समुद्री जलवायु
  3. पूर्वारम्भ
  4. मुंबई में रसायन उद्योगों का विकास
  5. मुंबई की पृष्ठभूमि काली मिट्टी के प्रदेश से कपास का प्राप्त होना
  6. पश्चिमी घाट से जल विद्युत प्राप्ति
  7. मुंबई के निकटवर्ती स्वेज मार्ग से मशीनरी आयात की सुविधा
  8. पूँजी की उपलब्धिा

प्रश्न 13.
भारत के लोहे और इस्पात के सभी कारखाने प्रायद्वीपीय पठारों पर क्यों स्थित हैं?
उत्तर:
लोहा और इस्पात उद्योग मुख्य रूप से कच्चे माल पर आधारित है। इस उद्योग के लिए लौह-अयस्क, कोयला, चूने के पत्थर, डोलोमाइट और मैंगनीज की जरूरत होती है। इसलिए लोहे और इस्पात के कारखाने उसी स्थान पर लगाए जाते हैं, जि। स्थान पर इन पदार्थों को इकट्ठा करने में कम से कम लागत आती हो। ये कारखाने लौह-अयस्क के क्षेत्रों के निकट स्थित हैं या कोयला क्षेत्रों के निकट स्थित हैं। कच्चे माल की प्राप्ति के लिए लोहे और इस्पात के कारखाने पठारों पर स्थित होते हैं।

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प्रश्न 14.
मुंबई-पुणे औद्योगिक प्रदेश की प्रमुख विशेषताएं लिखिए?
उत्तर:
यह प्रदेश ठाणे से पुणे तथा नासिक और शोलापुर के निकटवर्ती जिलों में विस्तृत है। कोलाबा, अहमदनगर, सतारा, सांगली, और जलगाँव जिलों में भी औद्योगिक विकास बहुत तेजी से हुआ है।
प्रमुख विशेषताएँ –

  1. सूती वस्त्र उद्योग के लिए मुंबई में अनुकूल दशाएं थीं।
  2. 1869 में स्वेजल नहर के खुल जाने के बाद मुंबई के पत्तन के विकास को प्रोत्साहन मिला। उद्योगों के लिए आवश्यक समान इसी पत्तन के द्वारा आयात किया जाता था।
  3. पचिश्मी घाट प्रदेश में जल विद्युत का विकास किया गया।
  4. रसायन उद्योग का विकास।
  5. मुंबई हाई में पेट्रोलियम की खोज और उत्पादन शुरू होने से तथा परमाणु बिजली घर से अतिरिक्त बिजली की उपलब्धि से उद्योगों को बढ़ावा मिला।
  6. सूती वस्त्र उद्योग के अलावा यहाँ इंजीनियरिंग का समान, पेट्रोलियम परिष्करण, पेट्रोरसायन, चमड़ा, कृत्रिम तथा प्लास्टिक की वस्तुएँ, रसायन औषधियाँ, उर्वरक, बिजली का सामान, जलयान निर्माण, इलैक्ट्रोनिक्स, सॉफ्टवेयर, परिवहन उपकरण और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग।
  7. इस प्रदेश के प्रमुख केन्द्र मुंबई, कोलाबा, कल्याण, ठाणे, ट्रांबे, पुणे, पिंपरी, नासिक, मनमांड, शोलापुर, अहमदनगर, सतारा और सांगली।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
भारत में औद्योगिक समूहों के विकास का वर्णन करो।
उत्तर:
भारत में विभिन्न प्रदेशों में उद्योगों के केन्द्रीयकरण के कारण कई औद्योगिक क्षेत्रों और समूहों का विकास हुआ है। ये औद्योगिक समूह यूरोप तथा संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे भारी समूह नहीं हैं। ये छोटे-छोटे समूह एक-दूसरे के पास स्थित हैं। इनमें काम करने वाले श्रमिकों की औसत दैनिक संख्या के आधार पर इन्हें तीन वर्गों में बाँटा जाता है –

  1. मुख्य औद्योगिक प्रदेश: श्रमिक संख्या 1 लाख 50 हजार से अधिक होती है।
  2. लघु औद्योगिक प्रदेश: दैनिक श्रमिक संख्या 25 हजार से अधिक होती है।
  3. छोटे औद्योगिक प्रदेश: दैनिक श्रमिक संख्या 25 हजार से कम होती है।

भारत के विभिन्न प्रदेशों में निम्नलिखित पाँच बड़े औद्योगिक प्रदेशों का विकास हुआ है –

1. हुगली औद्योगिक प्रदेश:
यह प्रदेश की प्रमुख औद्योगिक पेटी है। इस प्रदेश का विस्तार खुले समुद्र से 97 किलोमीटर अंदर तक हुगली नदी के दोनों किनारों के साथ-साथ है। हुगली नदी के किनारे कोलकाता बन्दरगाह से आयात-निर्यात की सुविधाएँ प्राप्त हैं। दामोदर घाटी क्षेत्र से कोयला तथा लोहे का प्राप्त होना। आसाम में चाय, डेल्टा प्रदेश से पटसन की प्राप्ति से इस क्षेत्र ने औद्योगिक विकास में सहायता की है।

2. मुंबई-पुणे औद्यागिक प्रदेश:
यह देश का दूसरा प्रमुख औद्योगिक प्रदेश है। इसका विकास सूती वस्त्र उद्योग की स्थापना के कारण हुआ है। यह प्रदेश मुंबई, थाना, कल्याण तथा पुणे तक फैला हैं इस प्रदेश के विकास के लिए निम्नलिखित तत्त्व सहायक हैं –

  • बन्दरगाह से आयात निर्यात की सुविधाएँ।
  • मुंबई तथा थाना के मध्य रेलमार्ग का निर्माण।
  • स्वेज नहर के मार्ग का विकास।
  • पश्चिमी घाट से जल विद्युत का प्राप्त होना।
  • महाराष्ट्र और गुजरात के पृष्ठ प्रदेश से उत्तम कपास तथा श्रमिकों का प्राप्त होना।

3. अहमदाबाद-बड़ौदा औद्योगिक प्रदेश:
यह भारत का तीसरा प्रमुख औद्योगिक प्रदेश हैं तथा देश के आन्तरिक भाग में स्थित है।

4. मदुरई-कोयम्बटूर बंगलौर औद्योगिक प्रदेश:
दक्षिण भारत के इस प्रदेश में चेन्नई, कोयम्बटूर मदुरई, बंगलौर तथा मैसूर में विभिन्न उद्योगों की स्थापना हुई है।

5. छोटा नागपुर पठार औद्योगिक प्रदेश:
बिहार तथा पश्चिम बंगाल राज्यों में इस क्षेत्र का विकास दामोदर घाटी में हुआ है। यहाँ कई लोहा-इस्पात कारखाने जैसे-जमशेदपुर, बोकारो, दुर्गापुर आदि स्थापित हो गए हैं। इसे भारत का रुहर प्रदेश भी कहते हैं।

6. दिल्ली तथा निकटवर्ती प्रदेश:

  • आगरा, मथुरा, मेरठ, सहारनपुर क्षेत्र।
  • फरीदाबाद, गुड़गाँव, अम्बाला क्षेत्र।
  • दिल्ली का निकटवर्ती क्षेत्र आदि प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र हैं।

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प्रश्न 2.
निम्नलिखित का अर्थ समझाइए:

  1. ज्ञान आधारित उद्योग।
  2. निजीकरण।
  3. वैश्वीकरण।

उत्तर:
1. ज्ञान आधारित उद्योग:
सूचना प्रौद्योगिकी सॉफ्टवेयर और सेवा उद्योगों को ज्ञान आधारित उद्योग कहा जाता है। सन् 2000-01 में भारत के कुल निर्यात में इस उद्योग का 12% योगदान था। भारत में सॉफ्टवेयर व्यावसायिकों ने विश्व बाजार में अपने माल की गुणवत्ता की धाक जमा दी है। अनेक भारतीय सॉफ्टवेयर कम्पनियों को अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाण पत्र मिले हैं। सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में काम करने वाली अधिकतर बहुराष्ट्रीय कंपनियों के भारत में या तो सॉफ्टवेयर केन्द्र हैं या अनुसंधान विकास केन्द्र हैं।

2. निजीकरण:
निजीकरण में पहला कदम उन उद्योगों की मान्यता समाप्त करना था जो पहले सार्वजनिक क्षेत्र के लिए सूचीबद्ध थे। केवल चार श्रेणियों के उद्योगों को सार्वजनिक क्षेत्र के लिए सुरक्षित रखा गया है। अन्य उद्योगों को निजी क्षेत्र के लिए खोल दिया गया है। सुरक्षित उद्योगों में विवेक के आधार पर भागीदारी के लिए निजी क्षेत्र को आमंत्रित किया जा सकता है। नियांत्रण की मात्रा को कम करने तथा उत्तरदायित्व की गुणवत्ता को बढ़ाने के उद्देश्य से सन् 1988 में समझौता के ज्ञापन संकल्पना को लागू किया गया है। यह सार्वजनिक उद्योगों को निजी क्षेत्र की तरह चलाने के लिए पूर्ण स्वायत्ता प्रदान करता है।

3. वैश्वीकरण (भूमंडलीकरण):
वैश्वीकरण का अर्थ है देश की अर्थव्यवस्था को संसार की अर्थव्यवस्था के साथ एकीकृत करना। इस प्रक्रिया में पूँजी के साथ-साथ वस्तुएँ और सेवाएँ, श्रमिक और संसाधन एक देश से दूसरे देश में स्वतंत्रतापूर्वक आ जा सकते हैं। वैश्वीकरण का मुख्य जोर घरेलू और विदेशी प्रतिस्पर्धा बढ़ाने पर रहता है। वैश्वीकरण की प्रक्रिया तो 80 के दशक में ही शुरू हो गई थी, जब विदेशी निवेशकों को अनेक छूटें दी जाने लगी थीं। वैश्वीकरण की प्रक्रिया को वास्तविक प्रोत्साहन तब मिला जब भारत सरकार ने जुलाई 1991 को नई आर्थिक नीति लागू की।

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प्रश्न 3.
(क) भारत के रेखा मानचित्र पर सूती वस्त्र उद्योग के प्रमुख केन्द्रों का वितरण दिखाइए।
(ख) विभिन्न प्रदेशों में सूती वस्त्र उद्योग के केन्द्रों की अवस्थिति के कारणों का पता लगाइए।
उत्तर:
(क) भारत के रेखा मानचित्र:
Bihar Board Class 12 Geography Solutions Chapter 8 निर्माण उद्योग part - 2 img 1
चित्र: सूती वस्त्र उद्योग

(ख) अवस्थिति के कारण: कच्चे माल की आपूर्ति, ईंधन (ऊर्जा), रसायन, मशीनें, श्रमिक, परिवहन और बाजार। इनमें से कोई भी कारक उद्योग की अवस्थिति निर्धारित कर सकते हैं। भारत में सूती मिल उद्योग के स्थानीकरण के तीन मुख्य कारक हैं:

  • विशाल बाजार
  • प्रचुर कच्चा माल
  • विदेशों से मशीनों तथा पाटों के आयात में आसानी।

विशाल जनसंख्या और उष्ण कटिबंध और उपोष्ण कटिबंध में स्थिति के कारण, भारत में सूती वस्त्रों का बहुत बड़ा बाजार है। कपास एक कच्चा माल है और कपास या तैयार वस्त्रों के परिवहन की लागत में कोई अंतर नहीं पड़ता।

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प्रश्न 4.
निम्नलिखित के उत्तर संक्षेप में दीजिए:

  1. उद्योगों की अवस्थिति को नियंत्रित करने वाले पांच कारकों के नाम बताइए।
  2. भारत में लोहे और इस्पात के कारखानों के नाम बताइए।
  3. भारत में सूती वस्त्र उद्योग के वितरण की पाँच विशेषताएँ बताइए।
  4. औद्योगिक समूहन की पहचान के लिए उपयोग में लाए गए चार सूचकों के नाम बताइए।

उत्तर:
1. उद्योगों की अवस्थिति अनेक कारकों से प्रभावित होती है। इनमें से प्रमुख ये हैं-कच्चे माल की उपलब्धि, शक्ति (ऊर्जा), बाजार, पूँजी, परिवहन और श्रमिक।

2. कच्चा लोहा बनाने का पहला सफल कारखाना सन् 1875 में कुल्टी (प. बंगाल) में बाराकर आयरन वर्क्स, 1907 में टाटा आयरन एण्ड स्टील कंपनी द्वारा साकची में लोहे और इस्पात के कारखाने, 1908 में हीरापुर में इस्पात बनाने का एक नया कारखाना शुरू, बाद में इसे कुल्टी के साथ मिला दिया गया। 1923 में मैसूर आयरन एण्ड स्टील कंपनी में शामिल कर लिया गया। भारत का पहला इस्पात का कारखाना आंध्र प्रदेश में लगाया गया। 1983 में सेलम में इस्पात का उत्पादन शुरू हुआ।

3. भारत में सूती कपड़ा उद्योग की विशेषताएँ:

  • पूर्व आरम्भ भारत की सबसे पहली आधुनिक मिल मुम्बई में खोली गई।
  • मुंबई के व्यापारियों ने कपड़ा मीलें खोलने में बहुत धन लगाया।
  • आस-पास के खान देख तथा बरार प्रदेश की काली मिट्टी के क्षेत्र में उत्तम कपास मिल जाती है।
  • मुंबई एक उत्तम बंदरगाह है, जहाँ मशीनरी तथा कपास आयात करने तथा कपड़ा निर्यात करने की सुविधा है।
  • सागर से निकटता तथा नम जलवायु इस उद्योग के लिए आदर्श है।
  • धनी जनसंख्या के कारण सस्ते श्रमिक प्राप्त हो जाते हैं।
  • कारखानों के लिए सस्ती बिजली टाटा विद्युत केन्द्र से प्राप्त होती है।
  • मुंबई रेलों व सड़कों द्वारा देश के भीतरी भागों से मिला हुआ है।
  • कपड़े की धुलाई, रंगाई के लिए पर्याप्त जल मिल जाता है।
  • गुजरात में सस्ती भूमि तथा उत्तम कपास के कारण उद्योग का विकास हुआ।

4. औद्योगिक समूहन की पहचान के लिए सूचक:

  • औद्योगिक इकाइयों की संख्या
  • औद्योगिक कामगारों की संख्या
  • औद्योगिक उद्देश्यों के लिए उपयोग में लाई गई ऊर्जा की मात्रा
  • कुल औद्योगिक उत्पादन तथा
  • विनिर्माण द्वारा वस्तुओं के मूल्य में परिवर्धन अर्थात् वस्तु की उपयोगिता बढ़ाकर उसे मूल्यवान बनाना।

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प्रश्न 5.
भारत में चीनी उद्योग के महत्त्व, उत्पादन तथा प्रमुख केन्द्रों का वर्णन करो।
उत्तर:
महत्त्व:
चीनी उद्योग भारत का प्राचीन उद्योग है। सन् 1932 में सरकार ने विदेशों से आने वाली चीनी पर कर लगा दिया। इस प्रकार बाहर से आने वाली चीनी मंहगी हो गई तथा देश में चीनी उद्योग का विकास शुरू हुआ। देश की अर्थव्यवस्था में चीनी उद्योग का महत्त्वपूर्ण स्थान है।

  1. चीनी उद्योग भारत का दूसरा बड़ा उद्योग है जिसमें एक अरब से अधिक पूँजी लगी है।
  2. देश की 453 मिलों में 2.5 लाख मजदूर काम करते हैं।
  3. इस उद्योग में देश के 2 करोड़ कृषकों को लाभ होता है।
  4. भारत विश्व की 10% चीनी उत्पन्न करता है और चौथे स्थान पर है।
  5. इस उद्योग के बचे-खुचे पदार्थों पर अल्कोहल, खाद, मोम, कागज उद्योग निर्भर करते हैं।

उत्पादन:
यह उद्योग कृषि पर आधारित है। इसलिए यह उद्योग गन्ना उत्पन्न करने वाले क्षेत्रों में स्थित हैं। भारत में चीनी मिलों की संख्या 453 है। जिनमें चीनी का उत्पादन लगभग 160 लाख टन है। अधिकतर कारखाने उत्तर प्रदेश तथा बिहार राज्य में हैं।

प्रमुख केन्द्र:
भारत में उत्तर प्रदेश चीनी का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। गन्ना उत्पादन में भी यह प्रदेश प्रथम स्थान पर है। यहाँ चीनी मिलें दो क्षेत्रों में पाई जाती हैं –
(क) तराई क्षेत्र-गोरखपुर, बस्ती सीतापुर, फैजाबाद।
(ख) दोआब क्षेत्र-सहारनपुर मेरठ, मुजफ्फरनगर।

उत्तरी भारत में सुविधाएँ –

  1. भारत का 50% गन्ना उत्तर प्रदेश में होता है।
  2. अधिक जनसंख्या के कारण खपत अधिक है तथा सस्ते श्रमिक प्राप्त हैं।
  3. सस्ती जल-विद्युत तथा बिहार से कोयला मिल जाता है।
  4. यातायात के उत्तम साधन हैं।
  5. जल के पर्याप्त साधन है।

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चित्र: भारत: चीनी उद्योग का वितरण

1. महाराष्ट्र:
महाराष्ट्र भारत का चीनी का दूसरा बड़ा उत्पादक राज्य है। प्रमुख केन्द्र कोल्हापुर, पुणे, शोलापुर हैं।

2. आन्ध्र प्रदेश:
यहाँ गन्ने का उत्पादन अधिक होता है। प्रमुख मिलें विशाखापट्नम, हैदराबाद, विजयवाड़ा, हास्पेट, पीठापुरम में हैं।

3. अन्य केन्द्र:

  • कर्नाटक में-बेलगांव, रामपुर, पाण्डुपुर।
  • बिहार चम्पारण, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पटना।
  • तमिलनाडु में-कोयम्बटूर, तिरुचिरापल्ली, रामनाथपुरम।
  • पंजाब-नवांशहर, भोगपुर, फगवाड़ा, धूरी, अमृतसर।
  • हरियाणा-यमुनानगर, पानीपत, रोहतक।
  • राजस्थान में-चित्तौड़गढ़, उदयपुर।
  • गुजरात में-अहमदाबाद, भावनगर।
  • उड़ीसा-गंजम।

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प्रश्न 6.
निम्नलिखित के उत्तर संक्षेप में दीजिए:

  1. आजादी के पहले भारत के औद्यागिक विकास के तीन लक्षण बताइए।
  2. आजादी के बाद भारत के औद्योगिक विकास के तीन लक्षण बताइए।
  3. कच्चे माल के आधार पर वर्गीकृत उद्योगों के नाम बताइए।
  4. उद्यमशीलता के आधार पर वर्गीकृत उद्योगों के नाम बताइए।

उत्तर:
1. आजादी के पहले भारत के औद्यागिक:

  • 1854 में भारतीय पूँजी और उद्यम से मुंबई में सूती वस्त्र बनाने के कारखाने की स्थापना से औद्योगीकरण की शुरुआत हुई।
  • 1855 में कोलकाता के निकट रिसरा में स्कॉटिश पूँजी और प्रबन्ध से लगाई गई थी।
  • 1907 में जमशेदपुर में टाटा लोहा और इस्पात कंपनी की स्थापना के बाद से भारत के औद्योगिक इतिहास का अध्याय शुरू हुआ।

2. आजादी के बाद भारत के औद्योगिक:

  • प्रथम पंचवर्षीय योजना के प्रारम्भ से ही औद्योगिक प्रक्रिया शुरू हुई जो बाद की योजनाओं में भी जारी रही। देश में पहली बार अखबारी कागज, केल्शियम कार्बइड, पेनिसिलीन, डी.डी.टी., धुनाई मशीनें, स्वचालित करघे, इस्पात के तारों के रस्से, जूट काटने के फ्रेम, गहरे कुओं के लिए टर्बाइन पंप, मोटर तथा उच्चतर क्षमता वाले ट्रांसफार्मर बनाए गये।
  • दूसरी पंचवर्षीय योजना (1956-61) में पूँजीगत तथा वस्तुओं का उत्पादन करने वाली मशीनों को बनाने वाले उद्योगों पर बल दिया गया।
  • चौथी पंचवर्षीय योजना (1969-74) के दौरान निर्यात करने वाली वस्तुओं को बढ़ावा दिया गया।

3. कच्चे माल के आधार पर वर्गीकरण:

  • कृषि आधारित उद्योग
  • वन आधारित उद्योग
  • खनिज आधारित उद्योग तथा
  • उद्योगों में प्रसंस्कृत कच्चे माल पर आधारित उद्योग

4. उद्यमशीलता के आधार पर उद्योगों का वर्गीकरण:

  • सार्वजनिक क्षेत्र
  • निजी क्षेत्र, और
  • संयुक्त और सहकारी क्षेत्र।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
भारत में सर्वप्रथम सूती वस्त्र उद्योग कहाँ से शुरू हुआ।
(A) कोलकाता
(B) मुंबई
(C) गुजरात
(D) उत्तर प्रदेश
उत्तर:
(B) मुंबई

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प्रश्न 2.
लोहा-इस्पात कारखाना सर्वप्रथम कहाँ लगाया गया?
(A) मुंबई
(B) पश्चिम बंगाल
(C) उत्तर प्रदेश
(D) गुजरात
उत्तर:
(B) पश्चिम बंगाल

प्रश्न 3.
गन्ने का मूल स्थान कौन-सा देश है?
(A) भारत
(B) पाकिस्तान
(C) जापान
(D) आस्ट्रेलिया
उत्तर:
(A) भारत

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प्रश्न 4.
भारत में सबसे पहली सूती वस्त्र मिल कब लगाई गई?
(A) 1954
(B) 1854
(C) 1980
(D) 1914
उत्तर:
(B) 1854

प्रश्न 5.
टाटा आयरन एण्ड स्टील कंपनी कहाँ पर स्थित है?
(A) बिहार
(B) भिलाई
(C) जमशेदपुर
(D) कोलकाता
उत्तर:
(C) जमशेदपुर

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प्रश्न 6.
भारत में चीनी मिलों की संख्या कितनी है?
(A) 543
(B) 453
(C) 450
(D) 343
उत्तर:
(B) 453

प्रश्न 7.
कागज का मुख्य उत्पादक राज्य कौन-सा है?
(A) पश्चिम बंगाल
(B) उत्तर प्रदेश
(C) राजस्थान
(D) बिहार
उत्तर:
(A) पश्चिम बंगाल

प्रश्न 8.
स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद पहली औद्योगिक नीति कब लागू हुई?
(A) 1948
(B) 1975
(C) 1855
(D) 1954
उत्तर:
(A) 1948

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प्रश्न 9.
सन् 1875 में कच्चा लोहा बनाने का कारखाना कहाँ खोला गया?
(A) कुल्टी
(B) जमशेदपुर
(C) बोकरो
(D) भिलाई
उत्तर:
(A) कुल्टी

प्रश्न 10.
प्रथम पंचवर्षीय योजना कब लागू हुई?
(A) 1950-1955
(B) 1951-1956
(C) 1969-1974
(D) 1965-1972
उत्तर:
(B) 1951-1956

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प्रश्न 11.
कच्चे माल के आधार उद्योगों का वर्गीकरण किस आधार पर किया जाता है?
(A) कृषि-आधारित उद्योग
(B) खनिज आधारित उद्योग
(C) वन-आधारित उद्योग
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

प्रश्न 12.
उद्योगों का वर्गीकरण उनके उत्पादों के आधार पर किस प्रकार किया जाता है?
(A) मूल पदार्थ उद्योग
(B) पूँजीगत पदार्थ उद्योग
(C) उपभोक्ता पदार्थ उद्योग
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

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प्रश्न 13.
स्वामित्व के आधार पर उद्योगों का वर्गीकरण किस प्रकार किया जाता है?
(A) सार्वजनिक सेक्टर
(B) व्यक्तिगत सेक्टर
(C) मिश्रित और सहकारी सेक्टर
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

प्रश्न 14.
1854 में, पहली आधुनिक सूती मिल की स्थापना कहाँ की गई थी?
(A) मुंबई
(B) सूरत
(C) अहमदाबाद
(D) कोयम्बटूर
उत्तर:
(A) मुंबई