Bihar Board 12th English 100 Marks Objective Answers Poem 7 Macavity : The Mystery Cat

Bihar Board 12th English Objective Questions and Answers 

Bihar Board 12th English 100 Marks Objective Answers Poem 7 Macavity : The Mystery Cat

Macavity The Mystery Cat Objective Questions Bihar Board 12th  Question 1.
‘Macavity : The Mystery Cat’ is written by-
(A) D.H. Lawrence
(B) Walter De La Mare
(C) T.S. Eliot
(D) Kamala Das
Answer:
(C) T.S. Eliot

Macavity: The Mystery Cat Objective Questions Bihar Board 12th Question 2.
T.S. Eliot was born in-
(A) 1888
(B) 1885
(C) 1876
(D) 1891
Answer:
(A) 1888

Macavity The Mystery Cat Questions And Answers Bihar Board 12th Question 3.
T.S. Eliot died in-
(A) 1915
(B) 1965
(C) 1955
(D) 1935
Answer:
(B) 1965

Macavity The Mystery Cat Is Written By Bihar Board 12th Question 4.
Macavity is-
(A) Fat
(B) Short
(C) Tall and thin
(D) Dome shaped
Answer:
(C) Tall and thin

Macavity The Mystery Cat Question Answer Bihar Board 12th Question 5.
Macavity an defy or disobey or challenge-
(A) His master
(B) The food
(C) The law
(D) The dog
Answer:
(C) The law

Bihar Board 12th English Objective Question 12th Question 6.
Macavity is-
(A) A soldier
(B) A dog
(C) A cat
(D) A boy
Answer:
(C) A cat

12th English Objective Questions And Answers Pdf 2020 Question 7.
T.S. Eliot got Nobel Prize for literature in-
(A) 1938
(B) 1948
(C) 1936
(D) 1946
Answer:
(B) 1948

Cat English Questions With Answers Pdf Bihar Board 12th Question 8.
Macavity : The Mystery Cat is a-
(A) Drama
(B) Satire
(C) Light poem
(D) Literary poem
Answer:
(C) Light poem

Macavity The Mystery Cat Question Answer Class 12 Bihar Board Question 9.
Macavitv’s powers of leviation would make a stare.
(A) saint
(B) devil
(C) fakir
(D) None of these
Answer:
(C) fakir

Macavity The Mystery Cat By Ts Eliot Bihar Board 12th Question 10.
Macavity is outwardly—
(A) miserable
(B) healthy
(C) appealing
(D) respectable
Answer:
(D) respectable

Question 11.
Macavity’s foot-prints are not found in any ……….. of Scotland yard.
(A) file
(B) book
(C) copy
(D) None of these
Answer:
(A) file

Question 12.
According to Eliot, Macavity is the ……….. of Crime.
(A) Hitler
(B) Napoleon
(C) Alexander
(D) None of these
Answer:
(B) Napoleon

Question 13.
Who has composed the poem, ‘Macavity : The Mystery Cat’? ‘
(A) T.S. Eliot
(B) W.B. Yeats
(C) W.H. Auden
(D) None of these
Answer:
(A) T.S. Eliot

Question 14.
Eliot was awarded the Nobel Prize for literature in —
(A) 1947
(B) 1948
(C) 1949
(D) 1950
Answer:
(B) 1948

Question 15.
Eliot belonged to ……….. century.
(A) 18th
(B) 19th
(C) 20th
(D) None of these
Answer:
(C) 20th

Question 16.
Eliot was a—
(A) poet
(B) verse dramatist
(C) critic
(D) All of these
Answer:
(D) All of these

Question 17.
‘Macavity: the Mystery Cat’ is a ……….. poem.
(A) humprous
(B) didactic
(C) symbolic
(D) None of these
Answer:
(A) humprous

Question 18.
Macavity is the ……….. of Scotland Yard.
(A) despair
(B) bafflement
(C) frustration
(D) None of these
Answer:
(B) bafflement

Question 19.
T.S. Eliot has written the poem—
(A) Fire-Hymn
(B) Snake
(C) Macavity : The Mystery Cat
(D) The Soldier
Answer:
(C) Macavity : The Mystery Cat

Question 20.
……….. is a master of criminal.
(A) Macavitv
(B) Monkey
(C) Racavity
(D) None of these
Answer:
(B) Monkey

Question 21.
Macavity is called
(A) The Hidden Paw
(B) The Mysterious Paw
(C) the exposed paw
(D) The naughty paw
Answer:
(A) The Hidden Paw

Question 22.
Macavity is the settlement of—
(A) Bcotyard
(B) Mcotyard
(C) Scotyard
(D) None of these
Answer:
(C) Scotyard

Question 23.
…………. is tall and thin,
(A) Nacavity
(B) Macavity
(C) Lacavity
(D) Sacavity
Answer:
(B) Macavity

Question 24.
Macavity is a —
(A) dog
(B) Rat
(C) tiger
(D) Cat
Answer:
(D) Cat

Question 25.
Mungojerrie and Griddlebone are also— [2018A, I.A.]
(A) dogs
(B) Monkeys
(C) birds
(D) Cats
Answer:
(D) Cats

Question 26.
Macavity is an — [2018A, I.A.]
(A) outlaw
(B) Criminals
(C) looter
(D) diplomat
Answer:
(A) outlaw

Question 27.
Macavity is full of –
(A) happiness
(B) Sadness
(C) selfishness
(D) Decitfullness

Question 28.
Macavity disappears from the place of theft before the reach ………….. there.
(A) Owner
(B) Police
(C) Charles
(D) None of these
Answer:
(B) Police

Question 29.
‘He’s is broken every human law’ is taken from—
(A) The Soldier
(B) Fire-Hymn
(C) An Epitaph
(D) Macavity : The Mystery cat
Answer:
(D) Macavity : The Mystery cat

Question 30.
‘And when the foreign office find a Treaty’s gone astray’ is written by—
(A) Walt Whitman
(B) Rupert Brooke
(C) T.S. Eliot
(D) Kamala Das
Answer:
(C) T.S. Eliot

Question 31.
Macavity can defy or challenge-
(A) Anyone
(B) The food
(C) The law
(D) The dog
Answer:
(C) The law

Question 32.
‘Macavity: The Mystery Cat’ is written by-
(A) D. H. Lawrence
(B) Walter de la Mare
(C) T.S. Eliot
(D) Kamala das
Answer:
(C) T.S. Eliot

Question 33.
T.S. Eliot died in-
(A) 1955
(B) 1965
(C) 1955
(D) 1935
Answer:
(B) 1965

Question 34.
Macavity is-
(A) Fat and tall
(B) Short
(C) Tall and thin
(D) Dome Shaped
Answer:
(C) Tall and thin

Question 35.
T.S. Eliot was born in-
(A) 1888
(B) 1855
(C) 1877
(D) 1895
Answer:
(A) 1888

Question 36.
Macavity is-
(A) A spy
(B) A dog
(C) A Cat
(D) A boy
Answer:
(C) A Cat

Question 37.
T.S. Eliot Nobel Prize Literature is-
(A) 1938
(B) 1948
(C) 1932
(D) 1946
Answer:
(B) 1948

Question 38.
Macavitv : The Mystery Cat is a-
(A) Drama
(B) Satire
(C) Light poem
(D) Literarary poem
Answer:
(C) Light poem

Bihar Board Class 7 Hindi Solutions Chapter 18 हुएनत्सांग की भारत यात्रा

Bihar Board Class 7 Hindi Book Solutions Kislay Bhag 2 Chapter 18 हुएनत्सांग की भारत यात्रा Text Book Questions and Answers and Summary.

BSEB Bihar Board Class 7 Hindi Solutions Chapter 18 हुएनत्सांग की भारत यात्रा

Bihar Board Class 7 Hindi हुएनत्सांग की भारत यात्रा Text Book Questions and Answers

पाठ से –

ह्वेनसांग ने भारत के बारे में क्या लिखा Bihar Board प्रश्न 1.
हुएनत्सांग भारत क्यों आना चाहते थे?
उत्तर:
भगवान बुद्ध की जन्म नगरी के दर्शनार्थ तथा नालन्दा में रहकर ज्ञान प्राप्त करने के उद्देश्य से भारत आना चाहते थे।

Class 7 Hindi Chapter 18 Bihar Board प्रश्न 2.
भारत आने में हुएनत्सांग को किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा?
उत्तर:
भारत यात्रा में ह्वेनसांग को बड़ी-बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा । ह्वेनसांग को भारत आने के लिए सरकार से अनुमति नहीं मिली। गुप्त रारने से चलकर यात्रा की। इसके लिए उन्होंने चीन के प्रसिद्ध बौद्ध भिक्षुकों से सलाह और सहायता भी प्राप्त किया। तेज नदी, पर्वत, रेगिस्तान आदि कठिनाइयों को पार कर वे भारत आ ही गये।

Bihar Board Solution Class 7 Hindi प्रश्न 3.
हुएनत्सांग और शीलभद्र के मिलन का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
जिस समय ह्वेनसांग भारत आये थे उस समय नालंदा विश्वविद्यालय एवं वहाँ के प्रधानाचार्य शीलभद्र की ख्याति विश्व प्रसिद्ध थी। जब शीलभद्र से मिलने हेनसांग नालंदा पहुँचे तो मिलने से पूर्व 20 भिक्षुओं ने ह्वेनसांग को विभिन्न प्रकार की जानकारी दी। उसके बाद शीलभद्र के सामने उनको लाया गया ह्वेनसांग शीलभद्र के सामने घुटने बल बैठकर सबसे पहले शीलभद्र के चरणों का चुम्बन किया और भूमि पर सिर रख दिया। इसके बाद शीलभद्र के सम्मुख खड़ा होकर नम्रतापूर्वक बोला, “मैंने आपके निर्देशन में शिक्षा ग्रहण करने के लिए चीन से यहाँ तक की यात्रा की । मैं प्रार्थना करता हूँ कि आप मुझे अपना शिष्य बनाएँ।

शीलभद्र की आँखें भर आई और उन्होंने कहा-

“हमारा गुरु-शिष्य का संबंध देव निर्धारित है। मैं काफी समय से बीमार था, मेरी बीमारी इतनी दुखदायी थी कि मैंने जीवन लीला समाप्त करने की इच्छा प्रकट की। तब मैं एक रात सोया था। मैंने स्वप्न में देखा कि तीन देव आये हैं। उनमें एक का रंग स्वर्ण दूसरे का स्वच्छ और तीसरे का रजत जैसा’ था। उन्होंने मुझे कहा कि मैं मरने की इच्छा वापस ले और जीने की इच्छा प्रकट करूं क्योंकि चीन देश से एक भिक्षु यहाँ धर्म ज्ञान प्राप्त करने के लिए -आ रहा है और वह तुम्हारा शिष्य बनकर शिक्षा ग्रहण करना चाहता है। इसलिए तुम उसे भली प्रकार से शिक्षित करना।”

Bihar Board Class 7 Hindi Book Solution प्रश्न 4.
नालंदा का वर्णन हुएनसांग ने किन शब्दों में किया है ?
उत्तर:
नालंदा का वर्णन करते हुए हुएनसांग ने लिखा है किनालंदा के मठ के चारों ओर ईंटों की दीवारें थीं। एक द्वार महाविद्यालय के रास्ते में खुलता था। वहाँ आठ बड़े कक्ष थे। सभी भवन कलात्मक और बुर्जी से सज्जित थे। वेधशालाएँ सुबह के कुहासे में छिप जाती थीं और ऊपरी कमरे बादलों में खोए से प्रतीत होते थे। मठ के खिड़कियों से झाँकने से लगता था कि हवा के साथ मिलकर बादल अठखेलियाँ कर नई-नई आकृतियाँ बनाते थे। वृक्ष के पत्तों पर सूरज और चाँद की रश्मियाँ झिलमिलाती थीं। तालाबों के स्वच्छ पानी पर नील कमल खिलते थे तथा रक्ताभ कनक पुष्प झूमते थे। पड़ोस के आम कुंजों के आम की बौर (मंजर) से भीनी-भीनी खुशबू वायु में तैरती रहती थी।

बाहरी सभी आंगनों में चार मंजिलें कक्ष पुजारियों के लिए थे। ये अजगर – की छवि के बने थे। लाल-मूगिया खम्भों पर बेल-बूटे उकरे थे। जगह-जगह रोशनदान बने थे। फर्श इतनी चमकदार ईंटों की बनी थी कि उसमें हजारों तरह की छटाएँ प्रकाशित हो रही थीं जिससे वह स्थान अत्यन्त रमणीय लगता था।

वहाँ का राजा पुजारियों का सम्मान करता था। लगभग सौ गाँवों के लगान को इस संस्थान में धर्मार्थ दान दिया करता था ।

पाठ से आगे –

Bihar Board Class 7 Hindi Chapter 1 Bihar Board प्रश्न 1.
निम्नलिखित अंश “हुएनत्सांग” के किस पक्ष को दर्शाता
“जब तक मैं बद्ध के देश में नहीं पहुँच जाता. मैं कभी चीन की तरफ मुड़कर भी नहीं देखूगा । ऐसा करने में यदि रास्ते में मेरी मृत्यु हो जाय तो उसकी चिन्ता नहीं।”
उत्तर:
उपरोक्त अंश ह्वेनसांग की दृढनिश्चय एवं भगवान बुद्ध के प्रति श्रद्धा पक्ष को दर्शाता है।

Bihar Board Class 7 Hindi Book प्रश्न 2.
आप अपने आस-पास के धार्मिक, ऐतिहासिक स्थल पर जाइए और उसकी विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
हमारे आस-पास में एक ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल के रूप में जयमंगलागढ़ है। इतिहासकारों के अनुसार यह स्थान राजा जयमंगल सिंह का किला था। . यह किला चारों ओर से गहरी और चौड़ी खाई से घिरा हुआ है जो आज कांवर झील के नाम से जाना जाता है।

गढ़ की सुरक्षा हेतु झील के बाहर ऊँचे-ऊँचे टीला बनाये गये थे जो आज भी देता टीला के नाम से जाना जाता है।

झील में जगह-जगह कमल के फूल खिले हैं। झील विभिन्न प्रकार के पक्षियों का अभयारण्य है। झील में नौका विहार का आनन्द पर्यटक उठाते हैं। वहाँ तक पहुँचने के लिए पक्की सड़क बनाई गई है।

गढ़ के बीच में एक चीन भव्य मंदिर है जिसमें वहाँ के लोगों के ‘आराध्य देवी “माँ जयमंगला’ की अद्भुत मूर्ति स्थापित है। मूर्ति मंदिर के गर्भ में स्थापित है। मंदिर भारतीय वास्तुकला का एक नमूना है।

भारत सरकार उस स्थान की खुदाई करवायी जिसमें अनेक प्रकार वस्तुएँ प्राप्त हुई जो प्राचीन शिल्प कला की विशेषता को दर्शाती हैं।

व्याकरण –

Hindi Class 7 Bihar Board Solution प्रश्न 1.
कारक और उनके साथ लगने वाले चिह्न (विभक्ति) इस प्रकार हैं –
Hindi Class 7 Bihar Board Solution
उपरोक्त विभक्तियों का प्रयोग करते हुए एक-एक वाक्य बनाइए।
उत्तर:
(i) कर्ता (ने) मैंने देखा।
कर्ता (०)–राम रावण को मारा।

(ii) कर्म – (को) मदन श्याम को पीटा ।
कर्म (०) मदन घर गया।

(iii) करण (से)-वह डण्डा से चलता है।
करण (द्वारा, के द्वारा)-राम रावण को बाण के द्वारा मारा।
राम द्वारा रावण मारा गया।

(iv) सम्प्रदान (को)-मैंने भिखारी को वस्त्र दिया।
सम्प्रदान (के लिए)-पिता. पुत्र के लिए फल लाया ।

(v) आपादान (से)-मदन छत से गिर गया।

(vi) सम्बन्ध (का, के, की) रमेश की गाय चर रही है। .
रमेश का भाई यहाँ पढ़ता है।
रमेश के पिता यहाँ पढ़ाते हैं।

(vii) अधिकरण (में, पे, पर)—वह स्कूल में पढ़ता है। –
(पे) तेरे दर पे आया हैं।
(पर) वृक्ष पर कौवा बोलता है।
सम्बोधन (हे, अरे, रे) हे ! श्याम यहाँ आओ। अरे! भाई तुम कहाँ हो।

कुछ करने को –

Class 7 Hindi Book Bihar Board प्रश्न 1.
गया और नालन्दा की तरह बिहार के कुछ प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थलों की सूची बनाइए।
उत्तर:
गुरु गोविन्द सिंह जन्म स्थान (पटना)
शेरशाह का मकबारा (सासाराम) भगवान महावीर का जन्म स्थल (वैशाली).
भगवती सीता का जन्म स्थान (जनकपुर)
वीर कर्ण का किला (मुंगेर) ।
राजगीर, पावापुरी, जयमंगलागढ़
नवलगढ़, सोनपुर इत्यादि ।

Bihar Board Class 7 Hindi Book Pdf प्रश्न 2.
शिक्षक और अभिभावक से पता लगाइए कि बिहार में कहाँ-कहाँ मेले लगते हैं और वे क्यों प्रसिद्ध हैं।
उत्तर:
बिहार में मेले गया, राजगीर, सोनपुर में लगते हैं।

गया का मेला पितृपक्ष (अश्विन मास) में लगता है। यहाँ लोग पितरों को पिण्डदान करते हैं।

राजगीर मेला अत्यन्त प्राचीन मेला है। यहाँ आकर लोग सप्तपर्णी गुफा के गर्म जल में स्नान करते हैं। इसके साथ-साथ राजगीर में अनेक बौद्ध मठ _ (मंदिर) दर्शनीय हैं। स्वर्ण भंडार (जरासंघ का खजाना) भी दर्शनीय है।

सोनपुर मेला पशु-मेला के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ भगवान विष्णु और शिव की संयुक्त मूर्ति हरिहरनाथ का पूजन धार्मिक विचार के पुण्यदायक माना जाता है। यहाँ छोरों भगवान विष्णु ने आकर गज को बचाया था और ग्राह का अन्त किया था।

इसके अतिरिक्त बिहार में अनेकों मेले लगते हैं।

हुएनत्सांग की भारत यात्रा Summary in Hindi

सारांश – हुएनत्सांग (वेनसांग) चीन से 630 ई. में भारत आये थे।

उसने एक रात स्वप्न देखा कि–सोना-चाँदी और जवाहरातों जैसा चमकता हुआ गुमेरू पर्वत विशाल समुद्र से घिरा है। वह सुमेरू पर चढ़ना चाहा लेकिन सुमेरू तक पहुँचने के लिए कोई नौका आदि साधन नहीं थे। वह तैरना आरम्भ करता है उसी समय उसके पैरों के नीचे पाषाण-कमल उदित हुआ। जब वह एक पाषाण-कमल पर पैर रखा तो आगे दूसरा दिखने लगा। इस प्रकार वह समुरू तक पहुंच गया। जब वह उसकी चोटी पर चढ़ने का प्रयास करने लगे तो एक तेज बवंडर ने उनको उठाकर पर्वत की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचा दिया। हेनसांग बहुत खुश हुए। एका-एक नींद खुल गई। उन्होंने स्वज को शुभ मानकर भगवान बुद्ध की जन्मभूमि भारत की यात्रा करने की ठान ली। उस समय किसी भी चीनवासियों को विदेश जाने की अनुमति नहीं थी। हेनसांग ने इसके लिए लिएंग-चाऊ के एक भिक्षु से मदद मांगी। उन्होंने ह्वेनसांग के मार्गदर्शन के लिए अपने दो शिष्यों को दिया। तीनों लुक-छिपकर “हुए क्वा चौ” पहुंचे।

वहाँ जब इन्होंने भारत जाने के रास्ता के बारे में पता लगाया तो मालुम हुआ कि यहाँ से 17 मील की दूरी पर हु-लु नदी बहती है जिसे पार करना मुश्किल है। वेनसांग ने सोचा जरूर कोई रास्ता होगा। उत्तर था जहाँ नदी उथली (ऊंची होगी वहाँ से पार किया जा सकता था। पुनः मालूम हुआ कि आगे नदी के बाद मौ-हौ-येन नामक रेगिस्तान है जिसमें कुछ नहीं उगता है। रेगिस्तान में बाहर जाने वाले यात्रियों पर ध्यान रखने के लिए ऊँचे-ऊँचे टावर लगा हुआ है जो बाहर जाने वालों की सूचना चीन सरकार को देती है। लेकिन इसके बाद भी हेनसांग ने पीछे मुड़ने के पक्ष में नहीं थे। उन्होंने निर्णय कर लिया था कि भले मृत्यु हो जाय । हम आगे बढ़ेंगे। आखिर वे भारत पहुँच हो गये।

आठ नौ दिनों तक “बोध गया” में ठहरे। उसने लिखा है कि गया में लगभग एक हजार ब्राह्मण परिवार थे जिनको ऋषियों के संतान मानकर लोग पूजते थे। ये सभी राजा के प्रजा में सम्मिलित नहीं थे। जब ह्वेनसांग गया में थे, नालंदा मंठ से चार भिक्षुक उनको नालंदा ले जाने के लिए आये। वेनसांग नालन्दा जाकर नालंदा के प्रसिद्ध विद्वान शीलभद्र से योगशास्त्र के बारे में जानना चाहते थे।

नालंदा के बारे में ह्वेनसांग ने लिखा है-नालंदा चारों ओर से ईंटों की दीवार से घिरा था। एक द्वार महाविद्यालय में जाता था। वहाँ आठ बड़े-बड़े कक्ष थे। जो कलात्मक और बुजों (गुम्बदों) से सज्जित थे। यहाँ की वेधशालाएँ प्रात: कुहासे से छिपे तथा ऊपर के मंजिलें बादलों में खोये प्रतीत होते थे। हेनसांग मठ की सुन्दरता से बहुत प्रभावित हुए थे और उसका वर्णन भी बड़े ही रोचक ढंग से उन्होंने किया है।

शीलभद्र के पास पहुँचकर ह्वेनसांग विनम्र हो शीलभद्र को अपना गुरु बनाने का आग्रह किया । ह्वेनसांग की प्रार्थना सुन शीलभद्र की आँखें भर गयीं क्योंकि कुछ दिनों से शीलभद्र बीमार थे। बीमारी इतनी दुखदायी थी कि शीलभद अपना पण ही त्यागना चाह रहे थे तो एक रात शीलभद्र को स्वप्न में तीन देवता आकर शीलभद्र से बोले-शीलभद्र मरने की इच्छा छोड़ दो क्योंकि चीन देश से एक भिक्षु यहाँ धर्म ज्ञान प्राप्त करने के लिए आने वाले हैं जो तुम्हारा शिष्य बनकर ज्ञान प्राप्त करना चाहता है। अतः तुम उसे भलीभांति ज्ञान देकर शिक्षित करना।

ह्वेनसांग कई वर्षों तक अध्ययन कर ज्ञान प्राप्त किया। उन्होंने अपने . पुस्तक में लिखा है- नालंदा के भिक्षु बहुत विद्वान थे। वहाँ सुबह से शाम तक अध्ययन-अध्यापन का कार्य होते रहता था।

नालंदा में शास्त्रार्थ भी होता था जो कोई विद्वान वहाँ के विद्वानों के साथ शास्त्र चर्चा करना चाहते थे उनकी परीक्षा ली जाती थी। जो विद्वान द्वार पर होने वाली जाँच परीक्षा में सफल होते थे। उनको ही शास्त्रार्थ में भाग लेने को मिलता था।

Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 8 मेरा ईश्वर

Bihar Board Class 9 Hindi Book Solutions Godhuli Bhag 1 पद्य खण्ड Chapter 8 मेरा ईश्वर Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

BSEB Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 8 मेरा ईश्वर

Bihar Board Class 9 Hindi मेरा ईश्वर Text Book Questions and Answers

Mera Ishwar Bihar Board Class 9 Hindi  प्रश्न 1.
मेरा ईश्वर मुझसे नाराज है। कवि ऐसा क्यों कहता है?
उत्तर-
‘मेरा ईश्वर’ लीलाधर जगूड़ी द्वारा रचित काव्य पाठ से ये पंक्तियाँ ली गई हैं। इन पंक्तियों में कवि ईश्वर का प्रतीक प्रयोग किया है। ईश्वर शब्द का मूल सांकेतिक अर्थ है-समाज में रहनेवाले प्रभुत्वशाली वर्ग से।

कवि आम आदमी की पीड़ा, वेदना, त्रासदी को स्वयं के रूप में व्यक्त करते हुए इसके लिए ईश्वर को दोषी या जिम्मेदार माना है। समाज का शोषक वर्ग आम आदमी को सुखी या प्रसन्न रूप में देखना नहीं चाहता। इस पंक्तियों में यही भाव : छिपा है। कवि स्वयं कहता है कि मैं दुख से मुक्ति के लिए संकल्पित मन से तैयार हो गया हूँ। अब मिहनत या कर्म के बल पर अपने भाग्य की रेखा को बदल डालूँगा। मेरे ईश्वर नाराज रहें, इसकी मुझे तनिक भी परवाह नहीं।

उपरोक्त पंक्तियों में ईश्वर भारतीय समाज के शोपक, संपन्न वर्ग का प्रतीक है जो अपनी मनमर्जी से आम आदमी को जीने-मरने के लिए विवश कर देता है। इन पंक्तियों का मूलभाव यह है कि भारतीय समाज में आज भी भाग्यवादी लोग हैं जो सबकुछ संपन्न वर्ग के रहमोकरम पर ही जीवन-यापन करते हैं। इस प्रकार ईश्वर पर तीखा प्रहार कवि ने किया है। वह अब ईश्वर की सत्ता को चुनौती देता है। अब वह उनके संबल पर या दया के बल पर जीना नहीं चाहता। इस प्रकार इन पंक्तियों ‘ में आम आदमी की वेदना व्यक्त हुई है।

अपनी कविताओं द्वारा कवि ने आम आदमी को संघर्षशील और कर्त्तव्यनिष्ठ बनने की सीख दी है।

Ishwar In Hindi Bihar Board Class 9 Hindi प्रश्न 2.
कवि ने क्यों दुखी न रहने की ठान ली है?
उत्तर-
प्रस्तुत पंक्तियां-“क्योंकि मैंने दुखी न रहने की ठान ली’ में कवि ने । दृढ़ संकलित होने के इरादा को प्रकट करता है। वह हृदय से चाहता हैं मैं ईश्वर के बल पर क्यों रहूँ? क्यों उसकी दया का पात्र बनूँ? क्यों उसी के सहारे जीने की कामना करूँ? मेरे भीतर का जो पौरुष है उसे ही क्यों न जगाऊँ? यहाँ कवि के भीतर आत्मबल का भाव जागरित होता है। वह अपने कर्म और श्रम पर विश्वास प्रकट करता है। दुख का जो कारण है-उसके निवारण के लिए वह स्वयं को सजग और सहेज करते हुए कर्मठता की ओर ध्यान आकृष्ट करता है।

यहाँ कवि स्वयं की पीडा दख को दर करने की जो बातें कहता है वह कवि की निजी पीड़ा या दुख नहीं है, वह जनता की णेड़ा है वह आम आदमी की पीड़ा है, कष्ट है, वेदना है। कवि उनके भीतर क स्व को जगाते हुए निज पैरों पर खड़े होने का संदेश देता है। उन्हें सोए हुए से जगाता है। उनके भीतर के पौरुष को जगाकर उनमें चेतनामय करना चाहता है।

इस प्रकार कवि मनुष्य के भीतर जो उसका निजी मनुष्य सोया हुआ है उसे जगाकर जीवन के मैदान में लड़ने के लिए ललकारता है। सोया हुआ आदमी लक्ष्य शिखर पर नहीं चढ़ पाता है। यह पंक्ति उद्बोधन का भी भाव जगाती है। आदमी के भीतर जो ऊर्जा है, श्रम है, हूनर है उसका सही इस्तेमाल होने पर दुख खुद भाग जाएगा।
सामाजिक प्रभु वर्गों के शोषण से तभी मुक्ति मिल सकती है जब मनुष्य मिहनत करने की ठान ले।

ईश्वर क्या कर सकते हैं Class 9 Bihar Board प्रश्न 3.
कवि ईश्वर के अस्तित्व पर क्यों प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है?
उत्तर-
कवि ‘मेरा ईश्वर’ कविता में ईश्वर के अस्तित्व को नकारता है। वह कर्म पर विश्वास करता है। अगर मनुष्य दृढ़ संकल्प कर ले। जीवन में कुछ करने की ठान ले तो कछ भी असंभव नहीं। यहाँ मनष्य के भीतर आत्मबल होना चाहिए। उसके भीतर ‘स्व’ की चेतना की लौ जलनी चाहिए।

ईश्वर भी उसी की मदद करता है जो स्वयं अपनी मदद करता है। जो श्रमवीर है, कर्मवीर है, उन्हें किसी दूसरे के संबल पर जीने की क्या जरूरत? कवि कहता है कि मेरी परेशानी का आधार ईश्वर क्यों हो यानि हम अपनी परेशानियों के लिए। ईश्वर को क्यों दोप दें। यहाँ कर्म पर कवि जोर देता है। जीवन के पल-पल का अगर सही सदुपयोग हो तो दुख, कहाँ टिकेगा? अब मुझे दुख दूर कैसे हो? वैसा कारोबार यानि रोजगार को करना है। दुख न रहे, आदमी सुखी हो, इस पर ध्यान केन्द्रित करते हुए बुरी लत से छुटकारा पाना है।

दूसरे अर्थ में समाज के प्रभुत्वशाली या शोषक वर्ग के बल पर हम क्यों आश्रित रहें। हम दुख को दूर करने के लिए क्यों न कसमें खायें और जीवन में कुछ करने की जिद ठान लें। उनके बताए मार्ग या आश्रय में रहने पर दुख से छुटकारा असंभव है। अत: उपरोक्त पंक्तियों में ईश्वर के प्रतीकार्थ रूप में प्रभुत्ववर्ग की शोषण-दमन नीति का विरोध करते हुए जन-जन में, चेतना श्रम और संकल्प के प्रति दृढ़ भाव जगाते हुए दुख को दूर करने के लिए मिहनत करनी होगी।

Ishwar Question Bihar Board Class 9 प्रश्न 4.
कवि दुख को ही ईश्वर की नाराजगी का कारण वयों बताता है?
उत्तर-
यहाँ ‘मेरा ईश्वर’ कविता पाठ में कवि के भाव के दो अर्थ लगाए जा सकते हैं। एक तरफ कवि ईश्वर की नाराजगी के कारण ही जन-जन दुख और पीड़ा से पीड़ित है, ऐसा मानता है। यहाँ भाग्यवादी विचारधारा पर प्रकाश पड़ता है तथा ईश्वर यानि परमात्मा को ही दुख का कारण माना जा सकता है।

दूसरे अर्थ में ईश्वर माने समाज का प्रभुत्वशाली वर्ग जो समाज में दु:ख और – पीड़ा देने का कारक है, को माना जा सकता है। भारतीय समाज की बनावट ही ऐसी है कि जो संपन और सामंती भावना से ग्रसित वर्ग है वह आम आदमी की प्रगति में बाधक है। उसके कुचक्रों एवं षड्यंत्रों के विषय जाल में आम आदमी पीड़ित एवं शोषित है। इस प्रकार कवि की उपरोक्त पंक्तियों से परम ब्रह्म परमेश्वर को भी दुख के दाता के रूप में व्याख्यायित किया जा सकता है। ईश्वर जब नाराज होता है तब जन-जन की पीड़ा दुख में जीना पड़ता है। दूसरी ओर सामाजिक व्यवस्था के तहत सामंती सोच या संपन्न वर्ग की शोषण नीति से आम आदमी प्रभावित होता है और वह दुख के साये में जीने के लिए विवश हो जाता है। यहाँ हम दोनों अर्थ को ले सकते हैं। कवि अत्याधुनिक युग का चेतना संपन्न रचनांकन है, अतः उसकी दृष्टि २ सामाजिक व्यवस्था को ही आम आदमी की पीड़ा एवं दुख का कारण मानता है। भले ही वह ईश्वर का प्रतीक प्रयोग कर अपने भावों को मूर्त रूप दिया हो।

आशय स्पष्ट करें:

Hindi Poem For Class 9 Bihar Board प्रश्न 5.
(क) मेरे देवता मुझसे नाराज हैं
क्योंकि जो जरूरी नहीं है
मैंने त्यागने की कसम खा ली है।
उत्तर-
प्रस्तुत पंक्तियाँ ‘मेरा ईश्वर’ काव्य पाठ से ली गई हैं। इन पंक्तियों में कवि ने अपने हृदय के भाव को व्यक्त किया है। मेरे देवता मुझसे नाराज हैं, क्योंकि मैंने अपने जीवन में जो चीजें जरूरी नहीं है, उसे त्याग करने की कसमें खा ली हैं।
यहाँ कहने का मूल आशय है कि ईश्वर के भरोसे मैं जीना नहीं चाहता। दूसरे के आश्रय या संबल पर जीने से अच्छा स्वावलंबी बनकर जीने में है। यहाँ कवि ईश्वर की सत्ता को चुनौती देता है। वह उसके भरोसे जीना नहीं चाहता। कहने का भाव यह है कि कवि भाग्यवादी नहीं है, वह कर्मवादी है। वह श्रम बल पर विश्वास करता है। दूसरे अर्थ में भारतीय समाज की जो बनावट है उसमें प्रभुत्व वर्ग अपनी मर्जी के मुताबिक समाज को दिशा देने का काम करता है अत: आम आदमी उसी के सहारे या संबल पर जीता है। उसका ‘स्व’ रह नहीं पाता। अतः उसका जीवन कारुणिक एवं वेदनामय हो जाता है।

उपरोक्त पंक्तियों में कवि ने अपने क्रांतिकारी विचारों को प्रकट करते हुए ईश्वर के भरोसे जीना-मरना नहीं चाहता। वह जीवन की भाग्य रेखाओं को अपने कौशल से बदलना चाहता है। इसी कारण वह देवता को नाराज कर देता है। उनकी चिंता या परवाह नहीं करता। मनुष्य के जीवन में श्रम ही सब कुछ है। ईश्वर के -अस्तित्व को मानकर जीना पराधीन रूप में जीने के समान है यानि शोषण से मुक्त जीवन से मुक्त जीवन ही सर्वोत्तम है।

आशय स्पष्ट करें:

प्रश्न 5.
(ख) पर सुख भी तो कोई नहीं है मेरे पास
सिवा इसके की दुखी न रहने की ठान ली है।
उत्तर-
लीलाधर जगूडी द्वारा रचित ‘मेरा ईश्वर’ कविता पाठ से उपरोक्त पंक्तियाँ ली गई हैं। इन पंक्तियों में कवि ने अपने विचार को स्पष्ट शब्दों में प्रकट किया है। कवि कहता है कि मेरे पास यानि मेरे जीवन में दूसरे प्रकार का कोई सुख भी तो नहीं है। लेकिन सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सुख के नहीं रहने पर भी मैंने दुखी न रहने की ठान ली है यानि संकल्प कर लिया है। अभावों के बीच भी मैं दुखी नहीं रहूँगा। मेरे भीतर का आत्मबल जग गया है उसके आगे सुख-दुख दोनों फीका है। आदमी भीतर से जब जग जाता है तब उसके सामने सांसारिक सुख-सुविधा कोई मायने नहीं रखता। यहाँ भी यही बात है।

कवि का मन आत्मतोष से भरा पूरा है। वह सांसारिक सुख-दुख से अपने को ऊपर रखते हुए चिंतन के उच्च धरातल पर अपने को रखता है। कवि की भावना प्रबल रूप में हमें दिखाई पड़ती है कि उसने दुखी न रहने के लिए संकल्प ले लिया है। कहने का आशय यह है कि कर्म पर उसे भरोसा है, भाग्य या ईश्वर या देवता के बल पर वह जीना नहीं चाहता। उसने दुख को दूर करने के लिए अपनी मिहनत, आत्मबल और पौरुष पर भरोसा किया है। इस प्रकार आत्म चेतना से संपन्न कवि जीवन के यथार्थ का सम्यक् चित्रण करता है। कष्ट से घबड़ाता नहीं बल्कि, उसे दूर करने के लिए संकल्पित मन से जीवन में कुछ करने की ठान लेता है।

आशय स्पष्ट करें:-

प्रश्न 5.
(ग) मेरी परेशानियाँ और मेरे दुख ही ईश्वर का आधार क्यों हों?
उत्तर-
‘मेरा ईश्वर’ काव्य पाठ से उपरोक्त पंक्तियाँ ली गई हैं। इस कविता के रचयिता लीलाधर जगूड़ी आधुनिक युग के चर्चित कवि हैं। कवि ने मानव जीवन में परेशानियों एवं दुख में मूल कारण को खोज रहा है। वह इसके लिए ईश्वर को क्यों आधार माना जाय, इस प्रकार की धारणा को प्रकट करता है।

आम आदमी चेतना शून्य होता है, उसे आत्मज्ञान या युगबोध का ज्ञान नहीं होता इसीलिए वह परेशानियों एवं दुख के कारण के लिए ईश्वर की नाराजगी को मानता है। जबकि कवि उसे नकाराता है। वह ईश्वर की सत्ता को चुनौती देता है। वह ईश्वर को इन बातों के लिए मूल कारण नहीं मानता। ईश्वर पर ही सब कुछ छोड़ कर भाग्य भरोसे बैठकर रहने से जीवन के दुख और परेशानियों का अंत नहीं होने वाला।

कवि सामाजिक व्यवस्था की खामियों पर भी सूक्ष्म भाव प्रकट करता है। उसके अनुसार समाज में भी ईश्वर या देवता के रूप में एक ऐसा प्रभुत्व वर्ग है जो अपने काले-कारनामों द्वारा आम आदमी को दुखी और परेशानियों में डाल देते हैं। इस प्रकार कवि अत्याधुनिक युग में बदलती सामाजिक व्यवस्थाओं एवं मानव मूल्यों के गिरते स्तर पर चिंतित है। वह इसके लिए आम आदमी के भीतर चेतना जगाने का काम अपनी कविताओं द्वारा कर रहा है। जबतक ईश्वर, देवता या प्रभुत्व वर्ग पर आमजन आश्रित रहेगा तबतक वह परेशानियों एवं दुखों से मुक्ति नहीं पा सकेगा। अगर उसे इन सबसे मुक्ति पाना है तो स्वयं को जगाना होगा। अपने आत्मबल के बल पर श्रम की महत्ता देनी होगी। प्रभुत्व वर्ग के झाँसे में नहीं आना होगा। उनके शिकंजे में नहीं फँसना होगा उनके हाथ की कठपुतली नहीं बनना होगा तभी परेशानियों एवं दुखों का अंत होगा और आम आदमी उससे निजात पा सकेगा।

प्रश्न 6.
कविता का केन्द्रीय भाव स्पष्ट करें।
उत्तर-
‘मेरा ईश्वर’ कविता जो युग बोध से युक्त कविता है आम आदमी के जीवन की समग्र स्थितियों पर प्रकाश डालती है।
लीलाधर जगूडी अत्याधुनिक काल के कवि हैं। कवि की कविता समसामयिकता को लेकर लिखी गयी है। कवि बदलते जीवन-मूल्यों से भलीभाँति परिचित है अतः उनकी कविताओं में जन चेतना को जगाने का भाव छिपा हुआ है। लीलाधर जगूड़ी जी की कविता में जीवन के कटुतिक्त अनुभव विद्यमान हैं। काव्य में जो विविधता आयी है उनका दर्शन होता है। भाषिक प्रयोगशीलता भी विद्यामन हैं। कवि अपनी कविताओं में एक विस्मयकारी लोक की रचना करता है।

प्रस्तुत कविता लीलाधर जगूड़ी के कविता संग्रह ईश्व की अध्यक्षता में से ली गई है। यह कविता भारतीय समाज के प्रभु वर्ग पर गहरी चोट करनी है। मनुष्य जो जैसे-तैसे इन प्रभु वर्गों के शिकंजे में फंस जाता है और सदा के लिए इनकी हाथ की कठपुतली बन जाता है, उसी से संबंधित यह कविता है।

कवि ने ईश्वर और देवता के माध्यम से भारतीय समाज के सामंती वर्ग के चरित्र का उद्घाटन किया है। आम आदमी की प्रसन्नता या सुख से यह वर्ग दुखी हो जाता है, नाराज हो जाता है। इस वर्ग को आम आदमी भगवान से भी बढ़कर समझता है। इनके रहमोकरम पर उनका जीना-मरना संभव है।

जब-जब आम आदमी जीवन में कुछ करने, कुछ बनने की ठानता है तब इस वर्ग के छाती पर साँप लोटने लगता है। वे नाराज हो जाते हैं।

कवि पुनः कहता है कि आदमी दुखी नहीं रहे इसके लिए कुछ न कुछ कारोबार तो करना ही होगा। सुख के मार्ग में जो अवरोधक तत्व हैं यानि बूरे व्यसन हैं उनसे तो छुटकारा पाना ही होगा। हम ईश्वर के भरोसे कब तक बैठे रहेंगे? कब तक वह हमारी दुख दूर करेगा? वह कबतक परेशानियों से मुक्ति दिलाएगा? उसके भरोसे बैठकर रहना तो निरीमूर्खता है। सारे दुखों परेशानियों की जड़ में मनुष्य की हीन भावना और भाग्यवादी बनना है। उसे ईश्वर की सत्ता को चुनौती देनी चाहिए और अपने आत्मबल के सहारे दुखों, कष्टों, से निजात पाना चाहिए।

पुनः कवि मूल भाव को प्रकट करते हुए कहता कि मेरे पास सुख नहीं है लेकिन दुख को दूर करने के लिए भी तो मैंने संकल्प ले लिया है। कसमें खा ली हैं। जब मानव जग जाता है तब प्रकृति भी उसकी मदद करती है। इस प्रकार ‘मेरा ईश्वर’ कविता का केन्द्रीय भाव आदमी के भीतर जो उसका ‘स्व’ है उसे जगाना है। उसके भीतर जो आत्महीनता है उसे दूर करना है। मनुष्य ही इस धरा पर अपना स्वयं भाग्य विधाता है। वह अपनी सूझ-बूझ से, अपनी मिहनत से, समाज की व्यवस्था और जीवन की दशा को नया स्वरूप दे सकता है।

ईश्वर की सत्ता को नकारते हुए मनुष्य अपने कर्म, श्रम और आत्मबल पर विश्वास करे। साथ ही दृढ़ संकल्पित होकर जीवन में कुछ करने, कुछ बनने की ठान ले तो जीवन में दुख और परेशानियाँ स्वतः दूर हो जाएंगी।
माथ ही प्रभुत्वशाली वर्ग भी सरल और सहज भाव से आम आदमी के विकास में सहयोगी बनेंगे। शर्त यही है कि आम आदमी सहज और क्रियाशील रहे।

प्रश्न 7.
कविता में सुख, दुख और ईश्वर के बीच क्या संबंध बताया गया है? –
उत्तर-
‘मेरा ईश्वर’ कविता एक सामाजिक भावधारा से जुड़ी हुई कविता है। लीलाधर जगूड़ी जी अत्याधुनिक काल के सशक्त कवि हैं। इनकी कविताओं में युग का सफल चित्रण हुआ है।

अपनी कविता में ‘ईश्वर’ का प्रयोग कवि ने प्रभुत्व-वर्ग की संस्कृति को दर्शाने के लिए किया है। आम आदमी ईश्वर की सत्ता को मानकर भाग्य के भरोसे बैठा रहता है वह क्रियाशील होकर जीवन क्षेत्र में नहीं उतरता। इसी कारण वह जीवन में दुखी रहता है। सुख की छाँह उसे नसीब नहीं होती।

कवि अपनी कविता में कहता है कि “मेरी परेशानियों और मेरे दुख ही ईश्वर का आधार क्यों हो” में ईश्वर के अस्तित्व पर प्रकाश डाला है। कवि की दृष्टि में दुख और परेशानियों का कारण ईश्वर नहीं है। वह कौन होता है जो हमें परेशानियों में डाले या दुख के साये में जीने के लिए विवश कर दे। इस कविता में ईश्वर दुख और कष्टों का कारण नहीं है। जब मनुष्य चेतस हो जाएगा, आत्म बल से पुष्ट हो जाएगा तो दुख और कष्ट से खुद निजात पा जाएगा। सुख का संबंध भी ईश्वर से नहीं है। सुखी रहने के लिए बुरी आदतों को त्यागना आवश्यक है।

इस प्रकार उक्त कविता में सुख, दुख और ईश्वर के त्रिकोण से कवि ने जीवन के यथार्थ को स्पष्ट करते हुए तीनों के बीच के संबंधों पर प्रकाश डाला है।

सुख की प्राप्ति बिना श्रम या संकल्पित हुए बिना संभव नहीं। ईश्वर या देवता दुख क्यों देंगे जब मनुष्य दुख से लड़ने के लिए तैयार हो जाए। यानि जबतक वह भाग्यवादी रहेगा दुख और परेशानियाँ साथ नहीं छोड़ेगी। जब वह स्वयं पर भरोसा कर कर्मवादी बनेगा तभी इन चीजों से छुटकारा पाएगा।

दूसरे संदर्भो में कवि समाज में व्याप्त अव्यवस्था और ईश्वर या देवता के रूप में अवस्थित प्रभुत्व वर्ग के क्रिया-कलापों से भी सुख-दुख और शोषक वर्ग के त्रिकोण के संबंधों की व्याख्या करता है। समाज में प्रभुत्व वर्ग अपने षड्यंत्रों के माध्यम से आम आदमी के जीवन में ऐसा जाल बुनते हैं कि उसमें फंसकर आम आदमी आजीवन उनके हाथों की कठपुतली बनकर दुख और परेशानियों के बीच जीता-मरता है। सुख उसे नसीब ही नहीं होता। इस प्रकार सुख-दुख और ईश्वर रूपी प्रभु वर्ग के त्रिकोण में आम आदमी का जीवन पीसता रहेगा, पेंडुलम की तरह डोलता रहेगा, जबतक वह चेतना संपन्न नहीं हो जाता अपने संकल्प को नहीं जगाता। कुछ करने, कुछ बनने की कसमें नहीं खा लेता। जीवन को कर्म और निष्ठा की कसौटी पर कसना होगा। तभी सुख की प्राप्ति होगी और ईश्वर और दुख से मुक्ति मिलेगी।

नीचे लिखे पद्यांशों को ध्यानपूर्व पढ़कर नीचे पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दें।

1. मेरा ईश्वर मुझसे नाराज है
क्योंकि मैंने दुःखी न रहने की ठान ली
मेरे देवता नाराज हैं
क्योंकि जो जरूरी नहीं है
मैंने त्यागने की कसम खा ली है।
(क) कवि और कविता के नाम लिखें।
(ख) मेरा ईश्वर मुझसे नाराज है। कवि के इस कथन को स्पष्ट करें।
(ग) कवि ने दुःखी न रहने की क्यों ठान ली है?
(घ) कवि के देवता उससे क्यों नाराज हैं?
(ङ) कवि ने क्या त्यागने की कसम खा ली है? स्पष्ट करें।
उत्तर-
(क) कवि-लीलाधर जगूडी, कविता-मेरा ईश्वर

(ख) कवि का कथन है कि उसका ईश्वर उससे नाराज है। कवि की दृष्टि में उसकी नाराजगी का कारण यह है कि मनुष्य रूप कवि (श्रमजीवी) अपने श्रम के बल पर अपनी खराब हालत को सुधारने के लिए पूर्ण सक्षम है। उसके लिए इसे अब ईश्वर पर (प्रभ या स्वामी) आश्रित नहीं होना है तथा प्रार्थना और निवेदन नहीं करना है। अब स्थिति ऐसी आ गई है कि ईश्वर अब यह समझ बैठा है कि कवि (मनुष्य) अब उसके हाथ की कठपुतली नहीं रह गया है और उसके अस्तित्व का विरोध कर रहा है। इसलिए ईश्वररूप और प्रभु इस पर नाराज है।

(ग) कवि यह समझता है कि दु:ख की स्थिति में पड़े रहने पर मनुष्य का कोई मूल्य नहीं रह जाता। दु:ख के कारण व्यक्ति अपने तमाम मूल्यों को खोने के लिए बेचारा होने की स्थिति में बाध्य हो जाता है। उस समय उसकी स्थिति उसे कठपुतली बनने पर बाध्य कर देती है। फलतः वह दु:खी रहना नहीं चाहता है तभी वह प्रभु या मालिक की गुलामी और दासता से मुक्त रहकर स्वाभिमान और आत्मगौरव का परिचय दे सकता है।

(घ) कविता में चर्चित देवता आज के प्रभुवर्ग के प्रतीक हैं। वे सर्वशक्तिमान तथा तथाकथित सभी गुणों से भूषित हैं। वे यह समझते हैं कि उनकी जो भी इच्छा है वह मान ली जाए। इसका नतीजा यह होता है कि वे अपने भाव, विचार एवं इच्छा को दूसरे पर थोपना चाहते हैं। इस संदर्भ में कवि का कथन है कि अब वह उनकी इच्छा को मानने क लिए बाध्य महीं है। कवि का कथन है कि अब वह उनकी इच्छा को मानने के लिए बाध्य नहीं है। कवि प्रभु की थोपी हुई इच्छा या आदेश को अब माने को बाध्य नहीं है। यही कारण है कि उसके देवता उससे अब नाराज हैं। पहले ऐसी स्थिति नहीं थी।

(ङ) कवि अपने प्रभु द्वारा थोपी गई इच्छा, आदेश, सलाह या बात मानना कोई जरूरी नहों समझता है। इस परिस्थिति में उसने प्रभु की उस अनावश्यक और व्यर्थ की बात और उसे मानते रहने की प्रवृत्ति को त्यागने की कसम खा ली है। कवि की यह सोच है कि जो जरूरी नहीं है, उसे त्यागने की कसम खा ही लेनी चाहिए।

2. न दुःखी रहने का कारोबार करना है
न सुखी रहने का व्यसन
मेरी परेशानियाँ और, मेरे दुःख ही
ईश र का आधार क्यों हों?
पर सुख भी तो कोई नहीं है मेरे पास
सिवा इसके की दुःखी न रहने की ठान ली है।
(क) कवि और कविता के नाम लिखें।
(ख) कवि दुःखी रहने का कारोबार क्यों नहीं करना चाहता है?
(ग) कवि सुखी रहने के व्यसन से भी मुक्त रहना चाहता है। क्यों?
(घ) कवि के अनुसार उसकी परेशानियों और उसके दुःख ही ईश्वर का आधार क्यों थे?
(ङ) प्रस्तुत पद्यांश का आशय अपने शब्दों में व्यक्त करें।
उत्तर-
(क) कवि-लीलाधर जगूड़ी, कविता-मेरा ईश्वर

(ख) कवि यह जानता है कि दु:ख इंसान को इंसान नहीं रहने देता। वह उसे परेशानियों में डाले रहता है। ऐसी स्थिति में मनुष्य (कवि) अपने मौलिक गुणों से विरत हो जाता है। उसके पास कोई नैतिक मूल्य बच नहीं पाता है। ऐसा मनुष्य प्रभुवर्ग के सामने गिर जाता है, झुक जाता है और दुःख से मुक्ति पाने के लिए गिड़गिड़ाने लगता है। कवि की दृष्टि में दु:ख की यह स्थिति दुःखद और अग्राह्य होती है। इसीलिए कवि दु:खी रहना नहीं चाहता।

(ग) दुःख की तरह सुख से भी कवि मुक्त और विरत रहना चाहता है। सुख को वह भौतिक सुखों की आसक्ति समझता है। वह जानता है कि व्यक्ति जब सुखी होता है तब उसमें झूठे अहम का भाव जग जाता है। उस सुख की स्थिति में मनुष्य मनुष्य नहीं रह जाता और वह एक आरोपित या झूठे मनुष्य के रूप में रह जाता है। यह स्थिति भी कवि की दृष्टि में ग्राह्य नहीं मानी जाती है। इसी कारण से वह सुखी रहने के व्यसन से भी मुक्त रहना चाहता है।

(घ) कवि के अनुसार मनुष्य की परेशानियाँ और उसके दुःख के कारण ही ईश्वर या प्रभु का अस्तित्व है। इंसान जब बहुत दु:खी होता है और परेशानियों के गहन जंगल में ठोकरें खाते रहने के लिए बाध्य हो जाता है, तभी वह ईश्वर या प्रभु या मालिक की शरण में जाता है। वह उनको याद करता है। उनकी प्रार्थना करता है और अपने कष्ट और दु:ख के हरण के लिए उनसे निवेदन करता है। इस रूप में कवि को लगता है कि ईश्वर की अवधारणा या अस्तित्व का मूल आधार मनुष्य की परेशानियाँ और उसके दुःख ही हैं।

(ङ) इस पद्यांश में कवि दुःख और सुख दोनों की अतिवादि स्थितियों से मुक्त रहने का अपना संकल्प व्यक्त करता है। उसकी अवधारणा है कि संसार में ईश्वर, प्रभु या मालिक का अस्तित्व मनुष्य की दु:खी रहने की स्थिति के ही कारण है। उसकी नजर में सुख इंसान को अहम के भाव से भर देता है। वह अपने मालिक या ईश्वर के अस्तित्व पर इस रूप में एक प्रश्न-चिन्ह लगा देता है। वह यह नहीं चाहता है कि कोई मनुष्य दुःख की दुर्दशा में पड़े और वह ईश्वर की शरण में जाकर प्रभुवर्ग के हाथों की कठपुतली बने।

Bihar Board Class 9 Disaster Management Solutions Chapter 13 समुदाय आधारित आपदा प्रबन्धन

Bihar Board Class 9 Social Science Solutions Disaster Management आपदा प्रबन्धन Chapter 13 समुदाय आधारित आपदा प्रबन्धन Text Book Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 9 Social Science Disaster Management Solutions Chapter 13 समुदाय आधारित आपदा प्रबन्धन

Bihar Board Class 9 Disaster Management समुदाय आधारित आपदा प्रबन्धन Text Book Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न :

कक्षा 9 आपदा प्रबंधन Bihar Board प्रश्न 1.
आपदा प्रबंधन के तीन प्रमुख अंगों में कौन एक निम्नलिखित में शामिल नहीं है ?
(क) पूर्वानुमान, चेतावनी एवं प्रशिक्षण
(ख) आपदा के समय प्रबंधन गतिविधियाँ ।
(ग) आपदा के बाद निश्चित रहना
(घ) आपदा के बाद प्रबंधन कार्य करना ।
उत्तर-
((ग) आपदा के बाद निश्चित रहना

आपदा प्रबंधन के प्रश्न उत्तर कक्षा 9 Bihar Board प्रश्न 2.
प्रत्येक ग्रीष्म ऋतु में कौन सी आपदा लगभग निश्चित है ?
(क) आगजनी
(ख) वायु दुर्घटना
(ग) रेल दुर्घटना
(घ) सड़क दुर्घटना
उत्तर-
(क) आगजनी

Bihar Board Class 9 History Book Solution प्रश्न 3.
सामुदायिक प्रबंधन के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन एक प्राथमिक क्रियाकलाप में शामिल नहीं है।
(क) निकटतम प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र को सूचित करना।
(ख) प्रभावित लोगों को स्वच्छ जल और भोजन की उपलब्धता की गारंटी करना ।
(ग) आपदा की जानकारी प्रशासन तंत्र को नहीं देना।
(घ) आपतकालीन राहत शिविर की व्यवस्था करना।
उत्तर-
(ग) आपदा की जानकारी प्रशासन तंत्र को नहीं देना।

Bihar Board Solution Class 9 Social Science प्रश्न 4.
ग्रामीण आपदा प्रबंधन समिति के प्रमुख कार्य हैं ?
(क) प्राथमिक उपचार की व्यवस्था नहीं करना।
(ख) सभी को सुरक्षा देना।
(ग) राहत शिविर का चयन एवं राहत पहुँचाने का कार्य करना ।
(घ) स्वच्छता का ख्याल रखना ।
उत्तर-
(ख) सभी को सुरक्षा देना।

लघु उत्तरीय प्रश्न

Bihar Board 9th Class Geography Book प्रश्न 1.
अग्निशमन दस्ता आने के पूर्व समुदाय द्वारा कौन से प्रयास किये जाने चाहिए?
उत्तर-
अग्निशमन दस्ता आने के पूर्व समुदाय द्वारा निम्नलिखित प्रयास किया जाना चाहिए

  • आग से झुलसे हुए लोगों को एक जगह पंचायत भवन या विद्यालय में ले जाकर प्राथमिक उपचार करना चाहिए।
  • जले हुए भाग पर पानी डालना या चंदन का लेप लगाना चाहिए।
  • जले हुए भाग पर बर्फ का उपयोग करना चाहिए।
  • टेलीफोन या मोबाइल का प्रयोग करके अस्पताल से एम्बुलेन्स माँगना चाहिए।
  • घायल या अर्द्ध जल लोगों को अच्छे उपचार के लिए अस्पताल पहुँचना चाहिए।
  • जिस जगह पर आग लगी हो, वहाँ अधिक से अधिक पानी, बालू, गोबर तथा मिट्टी डालना चाहिए ।

Bihar Board 9th Class Social Science Book Pdf प्रश्न 2.
ग्रामीण स्तर पर आपदा प्रबंधन समिति के गठन में कौन-कौन से सदस्य शामिल होते हैं ?
उत्तर-
ग्रामीण स्तर पर आपदा प्रबंधन समिति के गठन में के नौ सदस्य होते हैं। ये निम्नांकित हैं-

  • विद्यालय के प्रधानाचार्य
  • गाँव के मुखिया
  • गाँव के सरपंच
  • गाँव के दो समर्पित लोग
  • प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का एक डॉक्टर
  • राष्ट्रीय सुरक्षा सेवा के सदस्य (N.S.S)
  • ग्राम सेवक
  • स्वयं सहायक समूह की दो महिलाएँ
  • नौ सदस्यों की सूची मानी गयी ।

Class 9 History Bihar Board प्रश्न 3.
आपदा प्रबंधन के लिए समुदाय में किन अच्छे गुणों का होना आवश्यक है ?
उत्तर-
आपदा प्रबंधन के लिए समुदाय के लोगों में निम्नलिखित गुणों का होना आवश्यक है

  • (i) समुदाय के सदस्य हमेशा समुदाय की भलाई सोचें ।
  • (ii) समुदाय द्वारा जब सामूहिक कार्य के लिए टीम का गठन हो तो उसमें परिश्रमी और साहसी लोग ही आपदा में शामिल हों ।
  • उसमें जात-पात और धर्म आधारित भेदभाव नहीं होना चाहिए।
  • समुदाय के हर व्यक्ति को सहज रखना चाहिए कि वे संभावित आपदा की जानकारी शीघ्र ही एक दूसरे को दें।
  • समुदाय के लोगों में उत्साह, साहस और आवश्यकतानुसार सख्ती के प्रयोग की क्षमता होनी चाहिए ।
  • हर व्यक्ति के बहुत से निजी कार्य होते हैं लेकिन सामुदायिक आपदा के सामने निजी कार्य के गुण समझते हुए इसके सामना करने हेतु आगे आना चाहिए।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

Social Science Class 9 Bihar Board प्रश्न 1.
आपदा प्रबंधन में समुदाय की केन्द्रीय भूमिका का वर्णन करें।
उत्तर-
कोई आपदा न तो सूचना देकर आती है न ही इसके कोप का मुक्तभोगी एक व्यक्ति होता है । आपदा आर्थिक भौर सामाजिक दृष्टि से असमान परिवारों में कोई भेद-भाव नहीं करती है । इससे निपटने के लिए समुचित तैयारी की आवश्यकता है और पारिवारिक भागीदारी भी आवश्यक है । इसका प्रभाव जानमाल पर तो पड़ता ही है मानसिक क्लेश भी होता है । इन आपदाओं से निपटने की जिम्मेवारी समाज की सामूहिक रूप से होती है। समाज के अनुभवी लोग आपदाओं का पूर्वानुमान या उनसे निपटने के सर्वोत्तम सुझाव दे सकते हैं । इस प्रकार प्रत्येक परिवार तक उसके लाभ पहुंचाने में समुदाय की केन्द्रीय भूमिका होती है।

Bihar Board Class 9 History प्रश्न 2.
ग्रामीण आपदा प्रबंधन समिति के कार्यों का विस्तृत वर्णन करें।
उत्तर-
ग्रामीण आपदा प्रबंधन समिति के निम्नलिखित कार्य हैं

  • पूर्वानुमान के आधार पर चेतावनी एवं सूचना देना यह प्रबंधन समिति जिला मुख्यालय से प्राप्त सूचनाओं को तत्काल लोगों तक पहुँचायेगी।
  • राहत शिविर का चयन और प्रभावित लोगों को राहत पहुचाने का कार्य इसी के साथ जिला प्रशासन को सूचित करना आगजनी है तो दमकल को सूचित कराना।
  • राहत कार्य-मुख्य रूप से लोगों को भोजन एवं पानी उपलब्ध करना।
  • प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करना ।
  • सभी को सुरक्षा प्रदान करना-महिला, बच्चों पर विशेष रूप से ध्यान देना ।
  • स्वच्छता का ख्याल रखना-स्वच्छता रखने से विभिन्न प्रकार की बीमारी नही फैलती है।

Geography Class 9 Bihar Board प्रश्न 3.
आपदा प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी को कैसे सुनिश्चित किया जा सकता है?
उत्तर-
आपदा प्रबंधन में समदाय की भागीदारी को निम्न प्रकार से सनिश्चित किया जा सकता है-

  • निकटतम विद्यालय में विद्यार्थियों के बीच यह घोषणा करना कि बाढ़ अथवा आँधी की संभावना है इसलिए घर में लोगों को सचेत कर देना ।
  • किसी आपदा के विषय में विद्यालय, मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर में जाकर घोषणा करना तथा आवश्यक निर्देश देना ।
  • समाज के वृद्ध, बच्चे, गर्भवती महिलाओं के लिए पहले से विस्थापन के प्रबंध करना और गाँव के विद्यालय में तैरने के जैकेट, नाव, डॉक्टर और कुशल लोगों की सूची तैयार करना जिससे आपदा के समय इनका विस्थापन आसानी से किया जा सके ।।
  • पंचायत भवन और गाँव के विद्यालय में तैरने के जैकेट. नाव. डॉक्टर और कुशल लोगों की सूची तैयार रखना वहीं ऐसे स्थान से संपर्क रखना जहाँ से आवश्यकता पड़ने पर उचित व्यवस्था हो सके ।
  • महामारी, दंगे और आग लगने पर परिवहन साधन की व्यवस्था रखना जिससे प्रभावित लोगों को शीघ्र अस्पताल पहुंचाया जा सके ।

Bihar Board Class 8 Hindi Solutions Chapter 11 कबीर के पद

Bihar Board Class 8 Hindi Book Solutions Kislay Bhag 3 Chapter 11 कबीर के पद Text Book Questions and Answers, Summary.

BSEB Bihar Board Class 8 Hindi Solutions Chapter 11 कबीर के पद

Bihar Board Class 8 Hindi कबीर के पद Text Book Questions and Answers

प्रश्न-अभ्यास

Kabir Ke Pad Class 8 Bihar Board प्रश्न 1.
निम्नलिखित पंक्तियों को पूरा कीजिए।
(क) मेरा तेरा मनुआँ ………….
मैं कहता सुरझावनहारी …………
………… तु रहता है सोई रे।
उत्तर:
मेरा तेरा मनुआँ कैसे इक होई रे।
मैं कहता हौं आँखिन देखी, तू कहता कागद को लेखी।
मैं कहता सुरावानहारी, तू राख्यो उरझाई रे।।
मैं कहता तू जागत रहियो, तू रहता है सोई रे ॥

(ख) ना तो कौनों क्रिया करम में …………………… पलभर की तलास में।
उत्तर:
ना तो कौनों क्रिया करम में नहिं जोग बैराग में। ………… खोजी होय तो तुरतहि मिलिहौ, पलभर की तलाश में।

Bihar Board Class 8 Hindi Book Solution प्रश्न 2.
इन पंक्तियों के भाव स्पष्ट कीजिए-
(क) मैं कहता निर्मोही रहियो, तू जाता है मोही रे।
उत्तर:
कबीर के अनुसार मनुष्य को अनुरागहीन (निर्मोही) होना चाहिए क्योंकि अनुरागहीन होने से ही मनुष्य का कल्याण होता है। इसके विपरीत मनुष्य अनुराग में पड़ता।

(ख) मोको कहाँ ढूंढ़े बंदे, मैं तो तेरे पास में।
उत्तर:
मानव ईश्वर को यत्र-तत्र मंदिर-मस्जिद में ढूँढ़ते-फिरते हैं लेकिन ईश्वर तो मनुष्य के पास ही हृदय में निवास करते हैं।

कबीर के पद प्रश्न उत्तर Bihar Board प्रश्न 3.
“मोको” शब्द किसके लिए प्रयोग किया गया है ?
उत्तर:
“मोको” शब्द ईश्वर/अल्लाह के लिए किया गया है।

पाठ से आगे

Bihar Board Class 8 Hindi Solutions प्रश्न 1.
कबीर की रचनाएँ आज के समाज के लिए कितनी सार्थक/उपयोगी हैं ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
कबीर की रचनाएँ आज के समाज के लिए अत्यन्त सार्थक/उपयोगी है। जहाँ आज भी बाह्य आडम्बर की मान्यता दी जा रही है। आज के समय में जबकि मनुष्य के पास समयाभाव है। अत्यन्त भाग-दौड़ के बाद मनुष्य अपने कर्तव्य को पूरा कर पाता है।

ऐसे काल में भी मनुष्य यदि तीर्थ यात्रा आदि में समय नष्ट कर रहा है तो भूल है क्योंकि ईश्वर तो हरेक प्राणियों के हृदय में ही निवास करते हैं । मनुष्य के लिए सच्ची भक्ति तो मानव सेवा ही है। इन सब बातों की सीख कबीर के पद से मिलते हैं। अत: कबीर की रचनाएँ आज के समाज के लिए उपयोगी एवं अत्यन्त सार्थक सिद्ध है।

Class 8 Hindi Bihar Board प्रश्न 2.
सगुण भक्तिधारा–जिसमें ईश्वर के साकार रूप की आराधना की जाती है। निर्गुण भक्तिधारा–जिसमें ईश्वर के निराकार (बिना आकार के). स्वरूप की आराधना की जाती है।
इस आधार पर कबीर को आप किस श्रेणी में रखेंगे? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।
उत्तर:
कबीरदास निर्गुण भक्ति धारा के भक्त कवि थे। क्योंकि उन्होंने ईश्वर को मानव हृदय में ही रहने वाला बताया है। उनके अनुसार मंदिर-मस्जिद या कैलाश आदि तीर्थ स्थान में सकार रूप स्थित देवताओं की मूर्ति में ईश्वर नहीं रहते हैं।

कबीर के पद अर्थ सहित Class 11 Bihar Board  प्रश्न 3.
सगुन भक्तिधारा एवं निर्गुण भक्ति धारा के दो-दो कवियों के नाम लिखिए।
उत्तर:
सगुन भक्ति धारा में तुलसीदास एवं सूरदास प्रमुख हैं।
निर्गुण भक्ति धारा में – कबीरदास एवं रैदास प्रमुख हैं।

कबीर के पद के प्रश्न उत्तर Bihar Board प्रश्न 4.
वैसी पंक्तियों को खोजकर लिखिए जिसमें कबीर ने धार्मिक आडम्बरों पर कुठाराघात किया है।
उत्तर:
मोको कहाँ ढूँढे बंदे, मैं तो तेरे पास में।

  1. ना मैं …………………… कैलास में।
  2. ना तो कौनो क्रिया …………… बैराग में।
  3. खोजी होय तो ……………….. तलास में।
  4. कहै कबीर ……………….. साँस में। ।

गतिविधि

Bihar Board Solution Class 8 Hindi प्रश्न 1.
अपने स्कूल या गाँव/शहर के पुस्तकालय में जाकर ‘कबीर ग्रंथावली’ या अन्य पुस्तकों से कबीर के बारे में विस्तृत जानकारी हासिलकर
मित्रों तथा अपने शिक्षकों से चर्चा कीजिए।
उत्तर:
छात्र स्वयं करें।

Class 8 Hindi Chapter 11 Bihar Board प्रश्न 2.
सगुण भक्ति एवं निर्गुण भक्ति के एक-एक कविताओं को वर्ग कक्ष में सुनाइए।
उत्तर:
छात्र स्वयं करें।

Bihar Board Class 8 Hindi प्रश्न 3.
कबीर के पदों से संबंधित अनेक कैसेट्स बाजार में उपलब्ध हैं। उन
कैसटों को संग्रह कर सुनिए तथा उस पद को लय के साथ कक्षा में सुनाइए।
उत्तर:
छात्र स्वयं करें।

कबीर के पद Summary in Hindi

मेरा तेरा मनुआँ कैसे इक ……………… तब ही वैसा होई रे।
अर्थ-मेरा और तेरा मन कैसे एक हो सकता है। अर्थात् सब के विचार एक नहीं हो सकते हैं। मैं कहता हूँ आँख से देखा सत्य समझना चाहिए तो तुम कहते हो कागज पर लिखा (शास्त्र-पुराण की) बात सत्य है । मैं किसी काम को सुलझाने की बात करता हूँ तो तुम उलझाने की बात करता है। जब मैं जगने की बात कहता हूँ तो सोने की बात करता है।

मैं निर्मोही (अनुरागहीन) बनने की बात करता हूँ तो मोही (अनुरागी होने) की बात करता है। – मैं जुगों-जुगों तक समझाता हूँ लेकिन कोई मानने वाला नहीं है । सत्गुरु ‘के ज्ञान की धारा बह रही है। उसमें कोई भी अपना शरीर धो सकता है।

कबीर का कहना है कि तभी वैसा हो सकता है । अर्थात् तभी हम सबों का मन एक हो सकता है जब सत्गुरु के ज्ञान रूपी जल धारा में हम सभी स्नान करें।

मोको कहाँ ढूँढे बंदे, मैं तो …………….. साँसों की साँस में।
अर्थ-ईश्वर का कहना है हे मेरे भक्त मुझे तुम कहाँ ढूँढ रहे हो । मैं __ तो तेरे पास ही हूँ। न मैं मंदिर में और न मस्जिद में रहता हूँ। किसी कर्मकाण्ड से भी मैं नहीं मिल सकता हूँ और न योग-वैराग से प्राप्त हो सकता हूँ। यदि तुम मुझे खोजो तो मैं पल भर में ही मिल जाऊँगा । कबीर का कहना है कि ईश्वर या अल्लाह तो हरेक प्राणियों के आत्मा में ही निवास करते हैं।

Bihar Board Class 6 Sanskrit Solutions Chapter 1 प्रार्थना

Bihar Board Class 6 Sanskrit Solutions Amrita Bhag 1 Chapter 1 प्रार्थना Text Book Questions and Answers, Summary.

BSEB Bihar Board Class 6 Sanskrit Solutions Chapter 1 प्रार्थना

Bihar Board Class 6 Sanskrit प्रार्थना Text Book Questions and Answers

अभ्यासः

मौखिकः

Bihar Board Class 6 Sanskrit Solution प्रश्न 1.
इन शब्दों के अर्थ बताएँद्रविणम्, सखा, विशालाय, नगेन्द्राय, मम्।
उत्तर-
द्रविणम्-धन, सखा-मित्र, विशालाय -विशाल को, नगेन्द्रायपर्वतराज को,मम-मेरा।

Bihar Board Class 6 Sanskrit प्रश्न 2.
“बन्धुश्च” के समान निम्नलिखित शब्दों को जोड़कर बोलें।
हरि: च = हरिश्च। लोकः + च = लोकश्च। पुनः + च = पुनश्च। अज:+चरति = अजश्चरति।

Class 6 Sanskrit Chapter 1 Bihar Board प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों का चतुर्थी एकवचन में रूप बताएँसागर, विशाल, देश, पुत्र, हिमालय।
उत्तर-
सागर-सागराय, विशाल विशालाय, देश-देशाय, पुत्र-पुत्राय, हिमालय-हिमालयाय।।

Class 6 Sanskrit Chapter 1 Solution Bihar Board प्रश्न 4.
द्वितीय पद्य का पाठ करें।
उत्तर-
नमो नगेन्द्राय ………………….. मम भारताय ।। तक पाठ्य पुस्तक से कर लें।

Sanskrit Class 6 Chapter 1 Bihar Board प्रश्न 5.
‘नम:’ शब्द से युक्त पाँच वाक्य बोलें।
उत्तर-
शिवाय नमः, गणेशाय नमः, देवाय नमः, भारताय नमः, हिमालयाय नमः ।

लिखित

Sanskrit Chapter 1 Class 6 Bihar Board प्रश्न 6.
इन वाक्यों में रिक्त स्थानों को सही शब्दों से भरें

(क) नमो ………… च सागराय।
उत्तर-
विशालाय

(ख) ……….. तस्मै ………. भारताय।
उत्तर-
देशाय, मम्

(ग) …………. सर्व मम ……….।
उत्तर-
त्वमेव, देव-देव

(घ) त्वमेव …………. द्रविणं त्वमेवा
उत्तर-विद्या

(ङ) मदी ………. सुखसाधनेभ्यः
उत्तर-
गणेभ्यः

Class 6 Hindi Chapter 1 Prarthana Bihar Board प्रश्न 7.
संस्कृत में अनुवाद करें –

  1. तुम्हीं मेरे पिता हो (असि)।
  2. मैं ही पुत्र हूँ (अस्मि )
  3. विशाल सागर को नमस्कार।
  4. भारत देश को नमस्कार ।
  5. भारत मेरा सबकुछ है (अस्ति)।

उत्तर-

  1. त्वमेव मम पिता असि।
  2. अहमेत पुत्रः अस्मि।
  3. विशालाय सागराय नमः।
  4. भारताय देशाय नमः।
  5. भारतः मम् सर्वं अस्ति।

Class 6 Sanskrit Chapter 1 Question Answer Bihar Board प्रश्न 8.
इन शब्दों से वाक्य बनाएँद्रविणम्, तस्मै, मम, नदीगणेभ्यः, सखा
उत्तर-
द्रविणम् – त्वमेव, द्रविणं असि।
तस्मै-तस्मै नमः।
मम् – मम् भारत: विशालः अस्ति।
नदीगणेभ्यः – नदीगणेभ्यः नमः।
सखा – रमेशः मम् सखा अस्ति।

Chapter 1 Sanskrit Class 6 Bihar Board प्रश्न 9.
भारत की विशेषताओं पर पाँच वाक्य हिन्दी में लिखें।
उत्तर-

  1. मेरा भारत विशाल है।
  2. हिमालय भारत के उत्तर में है।
  3. भारत की भूमि उपजाऊ है।
  4. भारत में अनेक पवित्र नदियाँ बहती हैं।
  5. भारत में हिन्दू-मुसलमान-सिख-ईसाई मिलजुकर निवास करते हैं।

6th Class Sanskrit Chapter 1 Bihar Board प्रश्न 10.
अपने स्मरण से कोई श्लोक लिखें जो इस पाठ से भिन्न हो।
उत्तर-
मंगलं भगवान विष्णुः मंगलं गरूऽध्वजः।
मंगलं पुण्डरीकाक्षः मगलाय तनोहिरः।।

Sanskrit Shlokas For Class 6 Bihar Board प्रश्न 11.
निम्नलिखित का सुमेल करें –

  1. नग+इन्द्रः – (क) भारतम्
  2. हिम+आलय – (ख) रामश्च
  3. भरतः – (ग) नगेन्द्रः ।
  4. सगरः – (घ) हिमालयः
  5. राम:+च – (ङ) सागरः

उत्तर-

  1. नग+इन्द्रः – (ग) नगेन्द्र:
  2. हिम+आलय – (घ) हिमालयः
  3. भरतः – (क) भारतम्
  4. सगरः – (ङ) सागरः
  5. राम:+च – (ख) रामश्च

Bihar Board Class 6 Sanskrit प्रार्थना Summary

  • त्वमेव माता च पिता त्वमेव,
  • त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव।
  • त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव,
  • त्वमेव सर्वं मम् देव-देव।।

अर्थ-हे सर्व श्रेष्ठ देवता ! तुम ही माता हो, तुम ही पिता हो, तुम ही बन्धु (परिवार) हो, तुम ही मित्र हो । तुम ही विद्या हो, तुम ही धन हो, तुम ही मेरा सब कुछ हो।

  • नमो नगेन्द्राय हिमालयाय,
  • नमो विशालाय च सागराय।
  • नदीगणेभ्यः सुख साधनभ्यो,
  • देशाय तस्मै मम् भारताय।।

अर्थ – पर्वत-राज हिमालय को प्रणाम है। विशाल सागर को प्रणाम है। नदी समूहों और सुख साधन से परिपूर्ण मेरा देश है, इसलिए मैं भारत को प्रणाम करता हूँ।

शब्दार्था:-त्वमेव – तुम ही (आप ही। च – और। बन्धुः – मित्र (परिवार)। सखा- मित्र। द्रविणम् – धन। सर्वम् – सब कुछ। मम- मेरा । नमो (नमः) – नमस्कार (प्रणाम)। नगेन्द्राय – पर्वतराज को। विशालाय – विशाल (बड़ा)। नदीगणेभ्यः – नदी समूहों से युक्त। सुख-साधनेभ्यः – सुख के साधन से परिपूर्ण। सागराय – सागर को। देशाय – देश को। तस्मै – आपको (तुमको)। भारताय – भारत को।

व्याकरण- त्वम् + एव । तुलना करें-अहमेव, त्वमपि = तुम भी (त्वम् + अपि); अहमस्मि (अहम् + अस्मि) मैं हूँ। बन्धुः + च = बन्धुश्च । नमः-नमस्कार । इसके (नम:) प्रयोग चतुर्थी विभक्ति लगती है जैसेभारतय नमः, सागराय नमः, देवाय नमः, देवेभ्य: नमः। तस्मै नमः = उसे नमस्कार । पर्वतराजाय हिमालयाय नमः, मुनये नमः।

Bihar Board 10th English Objective Answers Poem 2 Ode On Solitude

Bihar Board 10th English Objective Questions and Answers

BSEB Bihar Board 10th English Objective Answers Poem 2 Ode On Solitude

Question 1.
Who is the poet of the poetry “Ode on Solitude” ?
(A) William Wordsworth
(B) William Cowper
(C) Alexander Pope
(D) Puran Singh
Answer:
(C) Alexander Pope

Question 2.
Where does the happy man live, according to this poetry ?
(A) In forest
(B) In towns
(C) In his native land
(D) None of these
Answer:
(C) In his native land

Question 3.
How is he content ?
(A) To live peacefully
(B) to live with comfort
(C) To live with luxury
(D) None of these
Answer:
(A) To live peacefully

Question 4.
Who gives him bread ?
(A) Market
(B) Field
(C) Fanner
(D) None of these
Answer:
(B) Field

Question 5.
From where does he get his clothes ?
(A) From bamboos
(B) From leathers of animals
(C) From his flocks of sheep
(D) None of these
Answer:
(C) From his flocks of sheep

Question 6.
How does the poet desire to sleep ?
(A) So long
(B) Soundly
(C) Sleep for less hours
(D) None of these
Answer:
(B) Soundly

Question 7.
What does the Poet Wish ?
(A) His hours, days and year’s pass away softly
(B) To spend luxurious life
(C) To live with comfort
(D) None of these
Answer:
(A) His hours, days and year’s pass away softly

Question 8.
Meditation……………the happy man.
(A) Saddens
(B) Pleases
(C) Worries
(D) Disturbs
Answer:
(B) Pleases

Question 9.
The poet does not want anything to mark the place where he is
(A) Buried
(B) Sitting
(C) Hiding
(D) Lost
Answer:
(A) Buried

Question 10.
A happy man’s wants are satisfied by the property inherited by him from his
(A) Uncle
(B) Mother
(C) Cousin
(D) Father
Answer:
(D) Father

Question 11.
Hours, days and years slide away………………for the happy man.
(A) Hard
(B) Quickly
(C) Softly
(D) Tensely
Answer:
(C) Softly

Question 12.
“Ode on Solitude” is written by……………….
(A) Alexander Pope
(B) Leo Tolstoy
(C) R.C. Hutchinson
(D) Toni Morrison
Answer:
(A) Alexander Pope

Question 13.
A happy man’s wants are satisfied by the property inherited by him from his………………..
(A) uncle
(B) mother
(C) cousin
(D) father
Answer:
(D) father

Question 14.
Hours, days and years slide away ………………… for the happy man.
(A) Hard
(B) Quickljl
(C) Softly
(D) Tensely
Answer:
(C) Softly

Question 15.
Meditation………………the happy man.
(A) Saddens
(B) Pleases
(C) Worries
(D) Disturbs
Answer:
(B) Pleases

Question 16.
Alexander Pope was one of the greatest…………………..of the early 18th century.
(A) dramatists
(B) novelists
(C) writers
(D) satirists
Answer:
(D) satirists

Question 17.
The poet does not want anything to mark the place where he is
(A) Buried
(B) Sitting
(C) Hiding
(D) Lost
Answer:
(A) Buried

Question 18.
The poet of‘The Rape of the Lock’is
(A) William Cowper
(B) Alexander Pope
(C) William de la Mare
(D) John Keats
Answer:
(B) Alexander Pope

Question 19.
‘Essay on Criticism’is the famous work of
(A) John Keats
(B) Shakespeare
(C) Wordsworth
(D) Alexander Pope
Answer:
(D) Alexander Pope

Question 20.
A poem addressed to a person or thing or celebrating of an event
(A) Satire
(B) Ode
(C) Ballad
(D) Elegy
Answer:
(B) Ode

Question 21.
‘Loneliness’ is same in meaning as
(A) satire
(B) profound
(C) solitude
(D) mob
Answer:
(C) solitude

Question 22.
The happy man is content to live in his own
(A) tree
(B) town
(C) ground
(D) None
Answer:
(C) ground

Question 23.
Who is a happy man?
(A) who is wealthy
(B) who is brave
(C) To live with luxury
(D) None of these
Answer:
(C) To live with luxury

Question 24.
What do you man by ‘slide soft away’?
(A) go away
(B) pass away smoothly
(C) pass away
(D) none of these
Answer:
(B) pass away smoothly

Question 25.
What do the trees yield to a person in summer?
(A) wood
(B) fire
(C) fruit
(D) shade
Answer:
(D) shade

Question 26.
How do hours days and years of a blessed man pass away?
(A) softly
(B) hardly
(C) coldly
(D) frankly
Answer:
(A) softly

Question 27.
‘Steal from the world, and not a stone’—here stone means………….
(A) piece of a rock
(B) a poluable
(C) a tomb stone
(D) a marble stone
Answer:
(C) a tomb stone

Question 28.
‘W:ose herds with milk, whose fields with breaC, here ‘bread’ means.
(A) cake
(B) corn
(C) piece of bread
(D) any type of bread
Answer:
(B) corn

Question 29.
Whose flocks supply him with attire, here flock means.
(A) sheep
(B) cow
(C) dog
(D) elephant
Answer:
(D) elephant

Question 30.
Alexander Pope was born in
(A) 1588
(B) 1688
(C) 1788
(D) 1678
Answer:
(B) 1688

Question 31.
Alexander Pope died ¡n
(A) 1888
(B) 1848
(C) 1744
(D) 1724
Answer:
(C) 1744

Question 32.
Who was one of thegreatest poet-satirist and alsoa critic of the
early 18’s’ century?
(A) William Cowper
(B) William Wordsworth
(C) Alexander Pope
(D) Walter de la Mare
Answer:
(C) Alexander Pope

Question 33.
Where does the happy man live, according to this poem?
(A) In forest
(B) In towns
(C) In his native land
(D) None of these
Answer:
(C) In his native land

Question 34.
How is he content?
(A) To live peacefully
(B) to live with comfort
(C) To live with luxury
(D) None of these
Answer:
(A) To live peacefully

Question 35.
How does the poet desire to sleep?
(A) So long
(B) Soundly
(C) Sleep for less hours
(D) None of these
Answer:
(B) Soundly

Question 36.
The happy man owns inherited
(A) world
(B) property
(C) poem
(D) solitude
Answer:
(B) property

Bihar Board Class 8 Science Solutions Chapter 11 प्रकाश का खेल

Bihar Board Class 8 Science Solutions Chapter 11 प्रकाश का खेल Text Book Questions and Answers.

BSEB Bihar Board Class 8 Science Solutions Chapter 11 प्रकाश का खेल

Bihar Board Class 8 Science प्रकाश का खेल Text Book Questions and Answers

अभ्यास

Bihar Board Class 8 Science Solution प्रश्न 1.
मान लीजिए आपके सामने दीवार पर एक फोटो टँगा है । आपका मित्र आपकी आँखों के सामने अपना कॉपी ला देता है। क्या आप फोटो को देख पाएँगे। व्याख्या कीजिए।
उत्तर-
दीवार पर टँगा फोटो और आँखों के सामने कॉपी ला देने पर, फोटो दिखाई नहीं पड़ेगा। क्योंकि फोटो से प्रकाश परावर्तित होकर आँख तक नहीं पहुँच पाता है जिसके कारण आँख के रेटिना पर प्रतिबिम्ब नहीं बन पाता है। यानि प्रकाश सीधी रेखा में गमन करती है । परावर्तित किरण के रास्ते में अपारदर्शक पदार्थ (कॉपी) के आ जाने से प्रतिबिम्ब नहीं बन पाया ।

प्रकाश Class 8 Bihar Board प्रश्न 2.
दिन के उजाले में आप अपने घर की खिड़की से जिन-जिन पौधों को देख पाते हैं । अंधेरी रात में उसी खिड़की से उन्हें नहीं देख पाते ।
उत्तर-
किसी वस्तु को देखने के लिए या दृश्य होने के लिए तीन चीजों का होना आवश्यक होता है।

  1. वस्तु
  2. प्रकाश का स्रोत
  3. आँख।

अंधेरी रात में पौधों को देखने के लिए प्रकाश स्रोत नहीं जिससे प्रकाश की किरणें पौधों पर पड़ती तथा परावर्तित होकर आँख तक आती पौधों को हम देख पाते । लेकिन अंधेरी रात में प्रकाश का स्रोत नहीं रहने के कारण पौधे नहीं दिखते हैं।

Bihar Board Class 8 Science Solution In Hindi प्रश्न 3.
नियमित एवं विसरित परावर्तन में अंतर किरण आरेख की सहायता से बताइए।
उत्तर
Bihar Board Class 8 Science

Bihar Board Class 8th Science Solution प्रश्न 4.
बहुमूर्तिदर्शी की रचना का वर्णन-कीजिए।
उत्तर-
बहुमूर्तिदर्शी की रचना के लिए आवश्यक सामग्री आयताकार दर्पण की तीन पट्टियाँ, फेवीकोल, मोटे गत्ते की बनी बेलनाकार डब्बा, रंगीन चुड़ियाँ के टुकड़े, पारदर्शी प्लास्टिक, काँच की वृत्ताकार प्लेट ।

तीनों दर्पण को फेवीकॉल से जोड़ दिया जाता है। फिर उसे बेलनाकार डब्बे में डाल देते हैं। डब्बे के एक सिरे को गत्ते से बंद कर देते हैं। जिस पर एक छिद्र छोड़ दिया जाता है। ताकि अंदर देखा जा सके। इस छिद्र पारदर्शी प्लास्टिक चिपका दिया जाता है।

डब्बे के दूसरे सिरे पर समतल काँच की वृत्ताकार प्लेट इस प्रकार लगाइए कि वह प्रिज्य की आकृति को छू सके। इस प्लेट पर रंगीन चूड़ियों के टुकड़े , रखे तथा इसे घिसे हुए काँच की प्लेट से बंद कर दें। जब हम छिद्र से भौंकते हैं तो तरह-तरह के पैटर्न दिखाई देते हैं। इस रचना को ही बहुमूर्तिदर्शी कहा गया है।

Bihar Board 8th Class Science Solution प्रश्न 5.
मानव नेत्र का एक नामांकित रेखाचित्र बनाइए।
उत्तर:
Class 8 Science Solution Bihar Board
Class 8 Science Bihar Board प्रश्न 6.
यदि परावर्तित किरण, आपतित किरण से 90° का कोण बनाए तो आपतन कोण का मान कितना होगा?
उत्तर-
परावर्तन के नियम से,
परावर्तन कोण = आपतन कोण = x°
परावर्तन कोण + आयतन कोण = 90°
x°+x° =90°
2x = 90°
x = \(\frac { 90 }{ 2 }\) = 45°
अतः आपतन कोण = 45°

Bihar Board Solution Class 8 Science प्रश्न 7.
आप अपनी आँखों की देखभाल कैसे करेंगे?
उत्तर-
आँखों की देखभाल के लिए आवश्यक कदम-

  1. बहुत अधिक प्रकाश तथा बहुत कम प्रकाश के प्रयोग से बचना। ।
  2. पठन सामग्री को आँख से बहुत दूर या बहुत नजदीक लाकर न पढ़ना।
  3. आँख में कुछ चले जाने पर उसे रगड़ना नहीं चाहिए।
  4. आँख को साफ पानी से बार-बार धोना चाहिए।
  5. प्रचुर मात्रा में विटामिन A का नियमित सेवन करना चाहिए । जैसेपपीता, गाजर, पालक, दूध, अंडे आदि।
  6. समय समय पर डॉक्टरी सलाह तथा जाँच करवाना चाहिए।

Class 8 Bihar Board Science Solution प्रश्न 8.
किसी गड्ढे के पास जाते हुए कोई दृष्टि निःशक्त व्यक्ति आपको दिखाई दे तब आप क्या करेंगे?
उत्तर-
किसी गड्ढे के पास जाते हुए दृष्टि निःशक्त व्यक्ति को देखकर तुरंत दौड़ पड़ेंगे और उन्हें पकड़कर उनके गंणतव्य स्थान तक पहुँचा देंगे।

Bihar Board Class 7 Science Solutions Chapter 7 हवा, ऑंधी, तूफान

Bihar Board Class 7 Science Solutions Chapter 7 हवा, ऑंधी, तूफान Text Book Questions and Answers, Notes.

BSEB Bihar Board Class 7 Science Solutions Chapter 7 हवा, ऑंधी, तूफान

Bihar Board Class 7 Science हवा, ऑंधी, तूफान Text Book Questions and Answers

अभ्यास

Bihar Board Class 7 Science Solution प्रश्न 1.
सही विकल्प का चुनाव करें –

(i) पवन दिशा सूचक का उपयोग किया जाता है –
(a) पवन की दिशा जानने के लिए
(b) पवन की गति जानने के लिए
(c) वायु दाब जानने के लिए
(d) पवन ताप जानने के लिए

(ii) आँधी आने पर –
(a) बाहर घूमना चहिए
(b) किसी पेड़ के नीचे बैठना चाहिए
(c) छत पर चढ़ना चाहिए
(d) किसी घर के अन्दर छुपना चाहिए

(iii) पवन वेग मापी मापता है –
(a) पवन ताप
(b) वायु दाब
(c) पवन वेग
(d) पवन दिशा
उत्तर:
(i) (a)
(ii) (d)
(ii)(c)

Bihar Board Class 7 Science Solution In Hindi प्रश्न 2.
इनके उत्तर लिखें –
(a) आप यह कैसे कह सकते हैं कि हवा गर्म होने पर फैलती है?
उत्तर:
कागज के दो समान थैली लेते हैं। एक छड़ में धागा बाँधकर लटका देते हैं फिर उसे सावधानी से एक को मोमबती से गर्म करते हैं तो पाते हैं कि वह कुछ देर बाद ऊपर उठ जाती है। अत: हम कह सकते हैं कि हवा को गर्म करने पर फैलती है।

(b) एक गतिविधि बतलाएं जिससे पता लगे कि वायु दाब डालती
उत्तर:
प्लास्टिक का एक बोतल में गर्म पानी आधा भर देते हैं और अच्छी तरह मुंह बंद ने हैं उसे ठंडे पानी के बर्तन में बोतल को रखते हैं तो ठण्डा होकर जलवाण बाहन में इकटठा होता है जिसके कारण भीतर वाय की मात्रा कम हो जातं है। अत: बोतल के भीतर वायु का दाब बोतल के बाहर की वायु के दाब से कम हो जाता है और बोतल पिचक जाता है। अत: हम कह सकते हैं कि वायु दाब डालती है।

(c) तेज हवाएँ उस क्षेत्र की वायु दाब कम कर देती है, कैसे?
उत्तर:
गर्म होकर हवा ऊपर की ओर उठती है उस खाली स्थान को भरने के लिए तेज हवाएं चलती है जहाँ वायुदाब कम हो जाता है। इसका कारण वायु की कमी है। वायु की कमी होने वायु दाब कम हो जाता है।

(d) आँधी में कमजोर छप्पर क्यों उड़ जाते हैं?
उत्तर:
गर्मी के दिनों में हवा गर्म होकर तेजी से ऊपर की ओर उठती है और उस जगह को भरने के लिए तेजी से हवा चलती है जिसे आँधी कहते हैं। यह क्रिया बार-बार होती है। जिससे चक्रवात बन जाता है वायु दाब कम होता है। नीचे से हवा ऊपर उठती है और छप्पर उड़ जाते हैं।

(e) चक्रवात से बचने के क्या-क्या उपाय हो सकते हैं?
उत्तर:
(i) चक्रवात से बचने के लिए रेडियो टेलीविजन से सूचना जल्द देनी चाहिए।
(ii) सूचना को गंभीरतापूर्वक लेना चाहिए।
(iii) एक-दूसरे को सहयोग करना चाहिए।
(iv) सूचना मिलने पर घरों में चले जाना चाहिए।

Bihar Board Class 7 Science हवा, ऑंधी, तूफान Notes

वायुमण्डल हवा से घिरा हुआ है। गतिशील वायु को हवा कहते हैं। यह कभी धीरे कभी तेज चलती है। यह कभी पूरब की ओर, कभी पश्चिम की ओर, कभी उत्तर की ओर तो कभी दक्षिण की ओर चला करती है। हवा .वस्तुओं पर दाब डालती है जिसे वायुदाब कहते हैं। वायु गर्म होने पर फैलती है और ठंडा होने पर सिकुड़ती है। हवा का वेग बढ़ने पर वायु दाब घटता है। वायुदाबों के बीच अंतर अधिक होने पर हवा का वेग अधिक होता है। वायु गर्म होने पर उपर की ओर उठती है जिसके कारण वहाँ का वायुदाब कम हो जाता है और अन्य जगहों से यहाँ हवा आने लगती है। पृथ्वी की सतह असमान रूप से गर्म होती है। भूमध्य रेखा के निकट की वायु अधिक गर्म होती है जिसके कारण हवा गर्म होने के कारण ऊपर उठती है और ठंडी हवा भूमध्य क्षेत्र की ओर चलने लगती है। हमेशा ध्रुवों से ठंडी हवा गर्म क्षेत्रों की ओर चलती है। पृथ्वी पर वायु का प्रवाह नोचे के चित्र के अनुसार होता है।

ध्रुवों से चलने वाली हवा व्यापारिक हवाएँ कहलाती हैं। नावें इन हवा के साथ चलते थे। गर्मियों में अधिकांश समय मध्य और उत्तर भारत के मैदानी तथा रेगिस्तानी क्षेत्र समुद्री जल की अपेक्षा अधिक गर्ग रहते हैं। समुद्र की ओर से हवा दलती है जिसमें जलवाष्प रहता है। इसी कारण वर्षा होती है। इसे मानसूनी हवा कहते हैं। कभी-कभी हवा तेज चलती हैं और अधिक वर्षा भी होती है।

गर्म हवा ऊपर की ओर उठती है जिसके कारण वायुदाब कम हो जाता है और उस स्थान को भरने के लिए तेजी से हवा चलती है। जिसके कारण भी वायुदाब कम हो जाता है जिससे और अधिक तेजी से हवा आने लगती है। इस प्रकार एक चक्र बनने लगता है जिस कई बार पुनरावृत्ति होती है। निम्न दाब के चारों ओर उच्च वेग की हवा की अनेक परतें कुंडली के रूप में घूमती रहती हैं इसी स्थिति को चक्रवात कहते हैं। ऐसी स्थिति समुद्र के ऊपर उत्पन्न होती है। चक्रवात जब स्थल की ओर बढ़ता है तो तटीय क्षेत्रों में तेजी के साथ भारी वर्षा होती है। इससे काफी जान-माल की हानि होती है। अमेरिका में हरिकेन तथा पूर्व एशिया में टाइफून के नाम से जाना जाता है।

Bihar Board Class 7 Science Solutions Chapter 8 गति एवं समय

Bihar Board Class 7 Science Solutions Chapter 8 गति एवं समय Text Book Questions and Answers, Notes.

BSEB Bihar Board Class 7 Science Solutions Chapter 8 गति एवं समय

Bihar Board Class 7 Science गति एवं समय Text Book Questions and Answers

अभ्यास

गति एवं समय Class 7 Bihar Board प्रश्न 1.
निम्नलिखित में कौन-सा सरल रेखीय गति का उदाहरण है?
(क) झूले (सीसों) में बच्चे की गति
(ख) विद्युत पंखे की गति
(ग) सीधे पुल पर रेलगाड़ी की गति
(घ) विद्युत घंटी के हथौड़े की गति
उत्तर:
(ग) सीधे पुल पर रेलगाड़ी की गति

गति एवं समय Class 7 Notes Bihar Board प्रश्न 2.
निम्नलिखित में कौन-सा वर्तल गति का उदाहरण है?
(क) सीधी सड़क पर चलती मोटरगाड़ी की गति
(ख) सरल लोलक की गति
(ग) सूर्य के चारों ओर पृथ्वी की गति
(घ) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर:
(ग) सूर्य के चारों ओर पृथ्वी की गति

Bihar Board Class 7 Science Book Solutions प्रश्न 3.
चाल का मूल मात्रक है
(क) किलोमीट/मिनट
(ख) मीटर/मिनट
(ग) मीटर/सेकेण्ड
(घ) किलोमीटर/घंटा
उत्तर:
(ग) मीटर/सेकेण्ड

Bihar Board Class 7 Science Solution प्रश्न 4.
कोई बस 60 किलोमीटर/प्रतिघंटा की चाल से 45 मिनट चलती है, बस द्वारा तय की गई दूरी होगी –
(क) 30 किलोमीटर
(ख) 60 किलोमीटर
(ग) 45 किलोमीटर
(घ) 15 किलोमीटर
उत्तर:
(ग) 45 किलोमीटर

Class 7 Science Bihar Board प्रश्न 5.
निम्नलिखित में कौन-सा संबंध सही है।
Bihar Board 7th Class Science Book
उत्तर:
(च) इसमें में कोई नहीं

Bihar Board Class 7 Science Solution In Hindi प्रश्न 6.
किसी सरल लोलक द्वारा 30 दोलन पूरा करने में 45 सेकेण्ड लगता है, तो सरल लोलक का आवर्तकाल बताइए।
उत्तर:
30 दोलन पूरा करने में 45 सेकेण्ड लगता है।
1 दोलन पूरा करने में \(\frac { 45 }{ 3 }\) = \(\frac { 3 }{ 2 }\) सेकेण्ड = 1.5 सेकेण्ड
आवर्तकाल = 1.5 सेकेण्ड

Bihar Board Class 7 Science प्रश्न 7.
रवि के घर से विद्यालय की दूरी 6 किलोमीटर है। रवि साइकिल द्वारा विद्यालय 30 मिनट में पहुँचता है, तो रवि के साइकिल की चाल किलोमीटर/घंटा में बताइए।
उत्तर:
Class 7 Bihar Board Science Solution
60 मिनट = 1 घंटा
1 मिनट = \(\frac { 1 }{ 60 }\) घंटा
30 मिनट = \(\frac { 1 }{ 60 }\) × 30 = \(\frac { 1 }{ 2 }\) घंटा = 20.5 घंटा
चाल = \(\frac { 6 }{ 0.5 }\) = 12 किलोमीटर/घंटा

Bihar Board 7th Class Science Solution प्रश्न 8.
निम्नलिखित स्थितियों में गति के दूरी-समय ग्राफ की आकृति दर्शाइए –
(क) नियत-चाल से गति करती कार
उत्तर:
Bihar Board Solution Class 7 Science

(ख) सड़क किनारे खड़ी कोई कार
उत्तर:
Bihar Board Class 7th Science Solution

Bihar Board Class 7 Science Book प्रश्न 9.
श्यामा की यात्रा के आँकड़े नीचे तालिका में दिये गये हैं। इन आँकड़ों को समय दूरी ग्राफ द्वारा प्रदर्शित कीजिए।
उत्तर:
y – अक्ष पर 5 छोटे लाइन = 20 मिनट
x – अक्ष पर 5 छोटे लाईन = 1 मिनट मानते हैं।
Bihar Board Class 7 Science Book Solution
Bihar Board Science Class 7

Bihar Board Class 7 Science गति एवं समय Notes

दो वस्तुओं में यदि एक वस्तु दूसरी वस्तु की अपेक्षा स्थान में परिवर्तन होता है तो हम कहते हैं कि दूसरी वस्तु गति में है। गति कई प्रकार की होती है। सरल रेखीय गति दोलन गति, आवर्त गति, वृत्तीय गति, यादृक्षिक गति आदि । गति मंद और तीव्र भी होती है। जैसे साइकिल और कार की गति में कार की गति तीव्र गति और साइकिल की गति मंद है। हमारे पूर्वज एक दिन लगातार दो सूर्योदय के बीच के समय को कहते थे। इसी प्रकार एक आमावस्या से अगली अमावस्या के बीच के समय की माप एक माह कहलाती थी। पृथ्वी अपने अक्ष पर घूमती है जिससे दिन-रात होते हैं और सूर्य के चारों ओर एक चक्कर पुरा करती है तो एक वर्ष कहलाता है। आजकल घड़ी द्वारा समय का मापन होता है जिसमें सेकेण्ड, मिनट और घंटा की सुई लगे रहते हैं। सरल लोलक धागे के एक छोड़ पर पत्थर बाँध और एक छोर को दृढ़ आधार से बाँध दें तो उसे लोलक कहते हैं। जब लोलक को थोड़ा खींचकर छोड़ देते हैं तो वह दोलन करने लगता है।

Science Class 7 Bihar Board

0 मूल बिन्दु है, लोलक को A तक खींचकर छोड़ने पर, वह B फिर A फिर B बार-बार स्थान को दोहराता है। अतः हम कहते हैं कि लोलक दोलन कर रहा है। अगर लोलक A से B और B से पुन: A तक लौटता है तो एक पूर्ण दोलन कहते हैं। एक दोलन पूरा करने में लोलक को जितना समय लगता है उसे आवर्तकाल कहते हैं। समय का मात्रक सेकेण्ड (S) है । मिनट और घंटा बड़े मात्रक हैं।

किसी वस्तु द्वारा इकाई समय में तय की गई दूरी को उस वस्तु की औसत चाल कहते हैं।
Bihar Board Class 7 Science Solutions Chapter 8 गति एवं समय 8
चाल की मात्रक मीटर प्रति सेकेण्ड (मीटर/सेकेण्ड) । इसी प्रकार दूरी को किलोमीटर समय को घंटा में मापा जाए तो मात्रक किलोमीटर/घंटा होगा। । यदि हम कहते हैं कि कोई कार 50 किलोमीटर/घंटा की चाल से चल रहा है तो इसका मतलब एक घंटा में 50 किमी. दूरी तय किया। लेकिन कार एक समान चाल से नहीं चलती, कभी धीरे कभी तेज लेकिन एक घंटा में 50 किमी. चलता है।

एक तालिका पर विचार करते हैं –
Bihar Board Class 7 Science Solutions Chapter 8 गति एवं समय 9

इस तालिका को देखकर हम बता सकते हैं कि श्यामा की औसत चाल क्या थी? क्या श्यामा लगातार एक चाल से चल रही है।

यात्रा के किस हिस्से में श्यामा की चाल सबसे अधिक थी?

क्या वह रास्ते में रूकी? यदि हाँ तो कितने समय के लिए? . इन सभी प्रश्नों का उत्तर तालिका देखकर आसानी नहीं दे सकते हैं। इन प्रश्नों के उत्तर देने में अधिक समय लगेगा। अतः ग्राफ खींचकर इन प्रश्नों को हल आसानी कर सकते हैं।
Bihar Board Class 7 Science Solutions Chapter 8 गति एवं समय 10

यदि दूरी-समय ग्राफ पर एक सरल रेखा प्राप्त हो तो वस्तु एक समान चाल से चल रही है।

Bihar Board Class 6 English Book Solutions Chapter 5 Bangle-Sellers

Download Bihar Board Class 6 English Book Solutions Chapter 5 Bangle-Sellers Questions and Answers from this page for free of cost. We have compiled the BSEB Bihar Board Class 6 English Book Solutions for all topics in a comprehensive way to support students who are preparing effectively for the exam. You will discover both numerical and descriptive answers for all Chapter 5 Bangle-Sellers concepts in this Bihar Board English Solutions pdf. Make use of this perfect guide and score good marks in the exam along with strong subject knowledge.

BSEB Bihar Board Class 6 English Book Solutions Chapter 5 Bangle-Sellers

Candidates who are looking for English Chapter 5 Bangle-Sellers topics can get them all in one place ie., from Bihar Board Class 6 English Solutions. Just click on the links prevailing over here & prepare all respective concepts of English properly. By viewing/practicing all Bihar Bihar Board Class 6 English Chapter 5 Bangle-Sellers Text Book Questions and Answers, you can clear any kind of examinations easily with best scores.

Bihar Board Class 6 English Bangle-Sellers Text Book Questions and Answers

A. Warmer

Class 6 English Chapter 5 Bihar Board Question 1.
Girls arid women are very fond of bangles. can you say why ?
Answer:
Bangles are the symbol of ‘suhag’ or the ‘husbands’ so girls and women are very fond of bangles. Widows can’t wear bangles as only those women can wear it who are married. and have a husband; They were it also to add their beauty and please their husbands.

B. Comprehension

B. 1. Think and Tell

Class 6 English Chapter 5 Question Answer Bihar Board Question 1.
Who bring the load of bangles to the fair ?
Answer:
The bangle-seller.

Bangle Sellers Poem In Hindi Bihar Board Question 2.
What is called delicate, bright, rainbow-tinted circles of light?
Answer:
The bangles.

Questions And Answers Of Poem The Bangle Sellers Bihar Board Question 3.
Who will buy the bangles ?
Answer:
The happy daughters, wives and maidens

B. 2. Think and Write.

B. 2. 1. True or False.

The Bangle Sellers Bihar Board Question 1.
Based on the story write true or false next to each sentence given lielovv.
(a) Bangles are circles of light.
(b) Bangles are worn on the wrist.
(cl Bangles are silver and blue in colour.
(d) We can buy bangles from the temple fair.
Answer:
(a) True
(b) True
(c) True
(d) True

B. 2. 2. Tick the answers to each of the questions gjven below.

Bangle Sellers Question Answers Bihar Board Question 1.
“Lustrous tokens of radiant lives.” What do lustrous tokens signify ?
Answer:
(a) The bright and happy lives of the daughters and wives who wear bangles
(b) Married ladies.
(c) Mountain mist.

Bangle Sellers Questions And Answers Bihar Board Question 2.
On the tranquil brown of a woodland stream means:
Answer:
(a) Our eyebrow.
(b) They eyebrow of the maidens, daughters and wives who wear bangles.
(c) On die side of a-stream quietly flowing in the forest.

Bihar Board Class 6 English Book Solution Question 3.
Complete the following sentences. Choose the correct answer frame the box.

  1. Silver and blue bangles are compared with
  2. The flush of the bangles is compared with
  3. The glow of the bangles is compared with

Answer:

  1. mountain mist.
  2. buds that dream,
  3. blood that cleaves for new born leaves.

B. 2. 3. Answer in not more than 50 words.

Class 6 English Chapter 5 Summary Bihar Board Question 1.
What are the different colours of the bangles ?
Answer:
Bangles are of different colours. They are of red- yellow blue colours. They are of many colours like rainbow of different colours and deep red like buds.

The Bangle Sellers Questions And Answers Bihar Board Question 2.
Where are the bangles sold ?
Answer:
Bangles are sold in temple fair. They are also sold in shops and near houses.

C. Word Power

C. 1. Colour expressions

Example:
Silver and blue as the mountain mist.
We use colour to compare one thing with another thing. Some common colour expressions are as follows.
(a) As red as rose/blood/beet
(b) As white as snow/sheet
(c) As black as light/coail
(d) As blue as the sky

Now in the blanks. You can take help from the help box.

(orange, wood, leaf, Coal, sky, snow)

Bihar Board Class 6 English Solution In Hindi Question 1.
(a) Her hair is as black as
(b) His shirt is as green as
(c) The ball is as blue as
(d) The paper is as white as
(e) Her frock is as orange as
(f) His bag is as brown as
Answer:
(a) coal
(b) leaf
(c) sky
(d) snow
(e) orange
(f) wood

C. 2. The different sellers we see around us.

English Chapter 5 Class 6 Bihar Board Question 1.
We know that a bangle seller Is one who sells bangles. Now write what the following persons sell. You can add names of other sellers to this list.
Answer:
(a) Vegetable seller – Vegetables
(b) Furniture seller – Furniture
(c) Sweet seller – Sweets
(d) Toy seller – Toys
(e) Utensil seller – Utensils
(f) Bookseller – Books
(g) Cloth seller – Clothes
(h) Flower seller – Flowers
(i) Vehicle seller – Vehicles
(j) Sofa seller – Sofas
(k) Cement seller – Cement
(l) Shoe seller – Shoes
(m) Fruit seller – Fruits
(n) Milk seller – Milk
(o) Tea seller – Tea

D. Lets Rhyme

Question Answers Of Bangle Sellers Bihar Board Question 1.
Find out Rhyming words from the poem.
Answer:
bear – fair
bright – light
lives – wives
wrist – mist
dream – stream
eleaves – leaves.

E. Let’s Talk and Write

Class 6 English Chapter 5 Poem Bihar Board Question 1.
Talk in pairs on bangle sellers.
Answer:
Talk in pairs on bangle sellers yourselves.

Question 2.
Write five-six sentences about a bangle seller.
Answer:
Bangle-Seller: Bangle sellers bear the loads to the temple fair. They also carry their bangle loads to other local markets. They also visit house to house. They carry colourful bangles. Bangles of different types are kept by them. They bring happiness to happy daughters, happy wives. They also make happy the maidens with beautiful bangles. Bangle-sellers are very common figure to the society. Their work is hard. They are paid less. Their earning is poor.

F. Translation

Translate into English

 

Question 1.

  1. चाय कैसे बनाई जाती है ?
  2. पानी उबाला जाता है।
  3. चीनी मिलाई जाती है।
  4. चायपत्ती डाली जाती है।
  5. फिर दूध डाला जाता है।

Answer:

  1. How is tea prepared ?
  2. Water is boiled.
  3. Sugar is mixed.
  4. Tea leaves are poured.
  5. Then milk is poured.

G. Language Games

G. 1. Riddles

Question 1.
Children enjoy asking riddles. Here are some riddles and brain teasers. Solve them and ask your friends to do the same.

  1. What starts with an ‘E’ ends with an ‘E’ and has only one letter in it ?
  2. I look at you, you look at me, 1 raise my right, you raise your left. What’s the object ?
  3. What has to be broken before it is used.
  4. Remove the outside, cook the inside, eat the outside, and throw away inside.
  5. What do you throw when you want to use it but take in when you don’t need it ?

Answer:

  1. Eye
  2. Mirror
  3. Egg
  4. Corn
  5. Umbrella.

Bangle-Sellers Summary In English

’Bangle-Seller’s is a beautiful poem written by the nightingale of India, Sarojini Naidu. The poetess lovingly describes about different types of bangles in this poem. She compares the bangles with different shades of nature. The description gives the poem a glory.
The bangle-seller brings load of bangles to the fair near the temple. The bangles are for happy daughters, wives and for maidens.

Bangle-Sellers Summary In Hindi

सारांश : ‘चूड़ी-विक्रंता’ एक सुन्दर कविता है जो कि भारत की बुलबुल कहलाने वाली कवयित्री सरोजिनी नायडू द्वारा लिखी गई है। अपनी इस कविता में कवयित्री ने ‘चूड़ियों के विभिन्न रंगों और प्रकारों का उल्लेख किया है। वह जितने प्यार से ऐसा वर्णन करती है उतनी ही प्रतिभा से चडियों की तलना प्रकृति के विभिन्न रूपकों से करती है। एसा सुन्दर वर्णन कविता को एक सुन्दर आभा प्रदान करता है। चूड़ी-विक्रेता मंदिर के पास मेले में रंग-बिरंगी चूड़ियाँ बेचने को लाता है जिन्हें खुशमिजाज बेटियाँ, बीबियाँ और कुछ कुँवारी कन्याएँ भी पहनती हैं।

Bangle-Sellers Hindi Translation Of The Chapter

Word Meanings : Tint (n) [टिन्ट] = रंग। Lustrous (adj) [लस्ट्स) = चमकदार । Tokens (n)[टोकेन्स] = प्रतीक । Wrist (m) [रिस्ट) = कलाई Flush(v) [फ्लश) = लजालु । Bud (n)[बड] = कली । Tranquil (adj) [ट्रैक्विल) = शान्त, प्रशान्त । Cleave (v)(क्लीव] = ले जाता है, चीरना, फाड़ना । Limpid (adj) [लिम्पिड] = स्वच्छ, पारदर्शी ।+ Enjoy this poem ……………… of India. + चूड़ियों के विषय पर इस कविता को पढ़ो जिसे भारत की बुलबुल कही जाने वाली सरोजिनी नायडू ने लिखा है। Word Meanings : Composed (v) [कम्पोज्ड् = लिखा गया। Nightingale (n) [नाइटिंगेल] = बुलबुल ।

Bangle-sellers are…………………..of new-born leaves.
Words Meanings : Bangle sellers (n) [बैंगल-सेलर्स) = चूड़ी . विक्रेता । Bear (v) [बीयर = ढोना । Fair (n) [फेयर = मेला | Delicate (adj) [डेलीकेट] = कोमल, सुकुमार । Bright (adj) [ब्राइट] = चमकीला । Radiant (adj)[रेडियन्ट = दीप्तिमान, किरणें फैलानेवाला, आनन्द इत्यादि से प्रफुल्लित | Maiden (n) (मेडेन] = युक्ती, बालिका, कुमारी कन्या । Mist (n) [मिस्ट] = कुहरा, धुन्ध । Brow (m) [ब्राउ] = भौंह, ललाट, किनारा । Aglow (adj) [अग्लो] = गरम (लाल), चमकता हुआ । Bloom (n)[ब्लूम = कली, फूल | Glory (n) [ग्लोरी] = शोभा, आभूषण, कीर्ति, महत्त्व | Newborn (adj) [न्यू-बौन] = नवजात, जो अभी-अभी जन्मा हो।

हिन्दी अनुवाद – हम चूड़ी-विक्रेता हैं। हम अपने चमकदार बोझ को ढोते हुए मंदिर के पास के मेले तक ले जाया करते हैं। कौन खरीदेगा-इन कोमल, चमकीले, इन्द्रधनुष जैसे रंगों वाली गोल-गोल चूड़ियों को? ये जो चूड़ियाँ हैं, ये चमकदार हैं और प्रसन्नता भरे जीवन के प्रतीक हैं। ये खुश रहने वाली बेटियों और बीबियों के लिए हैं। कुछ चूड़ियाँ कुंवारी कन्याओं की कलाइयों के लिए हैं। कुछ चमकदार और नीले रंग की हैं ज्यों पहाड़ पर धुन्ध हों। कुछ चूड़ियाँ ऐसी भी हैं जो सपना देखने वाली कलियों की तरह बह जाती हैं यानी कि टूट जाती हैं। जंगल की नदियों के किनारे की शान्ति की तरह। कुछ तो चूड़ियाँ उन कलियों की तरह चटक लाल रंग की होती हैं जो कि टूटकर गिर जाती हैं नवजात पत्तियों के आगमन के लिए जो स्वच्छ और चमकदार होते हैं।

We hope this detailed article on Bihar Board Solutions for Class 6 English Chapter 5 Bangle-Sellers Questions and Answers aids you. For more doubts about Bihar Board Solutions, feel free to ask in the comment section below. We will revert back to you very soon with the best possibilities. Moreover, connect with our site and get more information on State board Solutions for various classes & subjects.