Bihar Board Class 7 Hindi Solutions Chapter 5 वीर कुँवर सिंह

Bihar Board Class 7 Hindi Book Solutions Kislay Bhag 2 Chapter 5 वीर कुँवर सिंह Text Book Questions and Answers and Summary.

BSEB Bihar Board Class 7 Hindi Solutions Chapter 5 वीर कुँवर सिंह

Bihar Board Class 7 Hindi वीर कुँवर सिंह Text Book Questions and Answers

पाठ से –

Bihar Board Class 7 Hindi Book Solution प्रश्न 1.
वीर कुंवर सिंह से संबंधित किसी एक प्रसंग का उल्लेख कीजिए जो आपको अविश्वसनीय लगता है।
उत्तर:
बाबू वीर कुंवर सिंह की वीरता संबंधित वह प्रसंग हमें अति अविश्वसनीय जैसा लगता है । वे 80 वर्ष की उम्र में भी सेना नायक का कार्य किया । अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिये। अनेक रियासतों (राज्यों) को जीत लिया। जब उनकी बाँह में गोली लगी तो बाँह को अपवित्र जानकर काटकर गंगा को समर्पित कर दिया था।

धन्य है बिहार की भूमि जहाँ बाबू वीर कुंवर सिंह जैसे महान वीर का जन्म हुआ।

वीर कुंवर सिंह Class 7 Bihar Board प्रश्न 2.
वीर कंवर सिंह के जीवन से जड़े कछ घटना-क्रम तिथियों के साथ स्तम्भ ‘क’ और स्तम्भ ‘ख’ में दिये गये हैं। सही-सही उनका मिलान कीजिए।
उत्तर:
Class 7 Hindi Book Bihar Board

वीर कुंवर सिंह के प्रश्न उत्तर Bihar Board प्रश्न 3.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में दीजिए
(क) वीर कुंवर सिंह का जन्म कहाँ हुआ था?
उत्तर:
वीर कुंवर सिंह का जन्म भोजपुर (आरा) के जगदीशपुर में हुआ था।

(ख) उनके माता-पिता का नाम क्या था?
उत्तर:
उनकी माता का नाम पंचरतन कुँवर तथा पिता का नाम साहबजादा सिंह था।

(ग) ब्रिटिश झंडे को किस नाम से जानते हैं ?
उत्तर:
“यूनियन जैक” के नाम से जानते हैं।

(घ) वीर कुंवर सिंह ने अपनी रियासत की जिम्मेवारी कब संभाली?
उत्तर:
वीर कुंवर सिंह ने 1827 ई. में पिता की मृत्यु के बाद अपनी रियासत की जिम्मेवारी संभाली।

(ङ) कुँवर सिंह को किस क्षेत्र में ज्यादा रुचि थी?
उत्तर:
घुड़सवारी, तलवारबाजी और कुश्ती के क्षेत्र में कुंवर सिंह को ज्यादा रुचि थी।

पाठ से आगे –

Class 7 Hindi Bihar Board प्रश्न 1.
वीर कुंवर सिंह के किस कार्य से आप ज्यादा प्रभावित हैं और क्यों?
उत्तर:
वीर कुंवर सिंह के बलिदानी कार्य से हम ज्यादा प्रभावित हैं क्योंकि उन्होंने 80 वर्ष की उम्र में भी जब उनके बाँह में फिरंगी की गोली लगी तो फिरंगी की गोली से अपवित्र बाँह को अपने तलवार से स्वयं काँटकर गंगा को अर्पित किया था।

Bihar Board Solution Class 7 Hindi प्रश्न 2.
1857 की क्रांति के समय कुँवर सिंह की जगह आप होते तो क्या करते?
उत्तर:
1857 की क्रांति के समय में कुंवर सिंह की जगह हम होते तो हम भी बाबू वीर कुंवर सिंह की तरह प्राण की बाजी लगाकर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की रूप-रेखा कायम करते जिसमें सम्पूर्ण भारत से अंग्रेजों को भगाना हमारी प्राथमिकता होती।

Bihar Board Class 7 Hindi प्रश्न 3.
23 अप्रैल को बिहारवासी किस रूप में मनाते हैं? …
उत्तर:
23 अप्रैल को बिहारकासी “विजय उत्सव” के रूप में मनाते हैं। रंग-अवीर के साथ गाजे-बाजे बजाकर विजय जुलूस निकाला जाता है।

Bihar Board Class 7 Hindi Solution In Hindi प्रश्न 4.
“वीर कुंवर सिंह एक योद्धा ही नहीं बल्कि एक कुशल नेतृत्वकर्ता भी थे।” इस कथन के संबंध में अपना विचार व्यक्त कीजिए।
उत्तर:
वीर कुंवर सिंह एक वीर योद्धा तो थे ही हमारे विचार से एक सफल नेतृत्वकर्ता भी थे। क्योंकि लगभग 80 वर्ष की उस अवस्था में भी उन्होंने दानापुर के विद्रोही सेना को अपने नेतृत्व में लेकर आजादी के लिए लड़ाई लड़ी। अनेक राज्यों के राजाओं से मिलकर संयुक्त सेना का नायक बने और अनेक युद्ध कर अंग्रेजों को पराजित किया ।

वीर कुंवर सिंह Class 7 Question Answer Bihar Board प्रश्न 5.
वीर कुंवर सिंह के जीवन का कोई अंश क्या आपके जीवन से मेल खाता है ? उल्लेख कीजिए और अपने मित्रों को बताइए।
उत्तर:
कुश्ती लड़ना बाबू वीर कुंवर सिंह का प्रिय कार्य था। हम भी कुश्ती लड़ते हैं। कुश्ती पौरुष को जागृत करता है। हम हरेक कुश्ती को जीतना . चाहते हैं और जीत भी लेते हैं जिसका मुख्य कारण है नित्य अभ्यास तथा नियम संयम से रहना । खान-पान पर भी ध्यान हमारा खूब रहता है।

व्याकरण –

Hindi Class 7 Bihar Board Solution प्रश्न 1.
इन शब्दों के शुद्ध उच्चारण कीजिए –
उत्तर:
कुंवर, जगदीशपुर, अविश्वसनीय, आजममढ़, रणनीति, वीर प्रसविनी, स्वतंत्रता, अवशेष, फाल्गुन, प्रसिद्ध।

Veer Kunwar Singh Class 7 Bihar Board प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची लिखिए
उत्तर:
रियासत = राज्य,
झंडा = पताका, ध्वज,
भूमि = धरती, भूमि,
स्वतंत्र = आजाद,
प्रतीक्षा = इन्तजार,
संकल्प = मनत, प्रतिज्ञा ।

कुछ करने को –

Bihar Board Class 7 Hindi Book प्रश्न 1.
वीर कुंवर सिंह की तरह बिहार के अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के कार्य के संबंध का अभिभावकों से चर्चा कर अपने साथियों को सुनाइए –
उत्तर:
साथियो ! वीर कुंवर सिंह की तरह बिहार के एक अन्य आजादी के दीवाने की कहानी सुनाता हूँ।

बाबू रामेश्वर सिंह बिहार के स्वतंत्रता सेनानियों में एक थे। छोटा कद, ऊँची मूंछे देखकर अंग्रेज घबड़ा जाते थे। एक बार अंग्रेजों ने उनको खूब पीटा लेकिन उन्होंने उफ तक नहीं की। तब अंग्रेज अफसर ने अपने सिपाही को आदेश दिया—इनकी एक-एक कर मूंछ उखाड़ डालो। सिपाहियों ने उनकी मूंछों को एक-एक कर उखाड़ दिये। खुन का फब्बारा निकलने लगा लेकिन उस आजादी के दीवाने के मुख से उफ तक नहीं निकली।

धन्य है हमारा बिहार जहाँ ऐसे आजादी के दीवाने का जन्म हुआ।

Bihar Board Class 7 Hindi Solution प्रश्न 2.
पठित पाठ के आधार पर लघु नाटक का निर्माण कर कक्षा में प्रस्तुत करें।
उत्तर:
लघु नाटक-फतहे आरा =

प्रथम दृश्य-(जगदीशपुर का महल)-पर्दे के पीछे हो हल्ला, मंच पर कुंवर सिंह की चहलकदमी। सैनिकों का जत्था प्रवेश कर जय घोष करता सैनिक बाबु वीर कुंवर सिंह जी की जय हो । हम सब आपको अपना नेता मान चुके हैं। आपका साथ पाकर हमलोग सनाथ हो जाएँगे।

वीर कुंवर सिंह – बोलो भारत माता की जय । सभी सैनिक बोलते हैंभारत माता की जय। –
(वीर कुंवर सिंह नेतृत्व भाव में)-

मातृभूमि के सपूतों अंग्रेजों को भगाना हमारा प्रथम कर्तव्य है। अत: आज हम आरा की ओर कुँच करें तथा आरा से अंग्रेजों को भगाकर ही वापस आएंगे।
सभी सैनिक-अंग्रेजों को भगाकर ही हम वापस आएंगे।

दूसरा दृश्य-(आरा शहर अंग्रेज अफसर कुर्सी पर बैठे हैं। सहसा कुंवर सिंह का प्रवेश) सैनिकों इसे बन्दी बनाओ।)
(सैनिक बन्दी बना लेते हैं।)

पर्दे के पीछे से जोड़ की आवाज आती है – हमें छोड़ दो, हमें छोड़ दो।
(दूसरी तरफ बाबु वीर कुंवर सिंह का जय घोष सुनाई पडता है),

वीर कुँवर सिंह Summary in Hindi

संक्षिप्त जीवन परिचय – बाबू वीर कुंवर सिंह स्वतंत्रता सेनानी में अग्रणी हैं।

इनका जन्म बिहार राज्य के आरा जिला अन्तर्गत जगदीशपुर नामक गाँव में 1782 ई. में हुआ था। इनके पिता साहबजादा सिंह जगदीशपुर रियासत के जमींदार थे। माता का नाप पंचरल कुँवर था। इनकी शिक्षा संस्कृत और फारसी भाषा में घर पर ही हुई। बाबू वीर कुंवर सिंह का मन विशेषतः घुड़सवारी, तलवारबाजी और कुश्ती लड़ने में लगता था।

1827 में पिता की मृत्यु के बाद बाबू वीर कुंवर सिंह जगदीशपुर रियासत के राजा बनाये गये। उस समय अंग्रेजों का अत्याचार चरम सीमा पर पहुँच गया था। अतः इन्होंने अंग्रेजों से लोहा लेने की बात सोच ली।

जब 25 जुलाई, 1857 के दिन दानापुर छावनी के सैनिकों ने विद्रोह कर दिया तथा वीर कुंवर सिंह को अपना सेना नायक मानकर 27 जुलाई, 1857 को आरा पर कब्जा कर लिया। अब अंग्रेजों का दमन चक्र चालु हुआ तथा बाबू वीर कुंवर सिंह के रियासत जगदीशपुर पर 13 अगस्त, 1857 को अधिकार कर लिया।

बाबू वीर कुंवर सिंह घबराने वाले नहीं थे। उन्होंने रीवा, काल्पी, कानपुर और लखनऊ आदि रियासत के राजाओं से मिलकर सभी राजाओं की संयुक्त सेना को लेकर आजादी के लिए अनेक भीषण युद्ध किये। 22 मार्च, 1858 को इन्होंने अंग्रेजी सेना को हराकर आजमगढ़ पर अधिकार किया। पुनः 23 अप्रैल, 1858 को जगदीशपुर को भी अपने अधिकार में ले लिया। इस दिन को आज भी “विजय उत्सव” के नाम से लोग मनाते हैं। इसी रोज अंग्रेजों का झंडा (यूनियन जैक) को उतारकर बांबू वीर कुंवर सिंह जी ने अपना झंडा फहराया था।

इसी रोज जब बाबू वीर कुंवर सिंह गंगा पार कर रहे थे तो पीछे से अंग्रेजों. ने उनकी बाँह में गोली मार दी थी। बाबू वीर कुंवर सिंह ने अपनी बाँह को काटकर गंगा माता को अर्पित कर दिया था। 26 अप्रैल, 1858 के दिन वीर शिरोमणि का देहान्त हो गया।

इस प्रकार स्वतंत्रता के महान नायक वीरों में अग्रणी बाबू वीर कुंवर सिंह अपने शौर्य-पराक्रम, वीरता एवं रण-कुशलता के लिए आज भी प्रसिद्ध हैं।

उनकी वीरता का वर्णन करते हुए किसी कवि ने लिखा है-

अस्सी वर्षों की हड्डी में, जागा जोश पुराना था,
सब कहते हैं, कुँवर सिंह भी बड़ा वीर मर्दाना था।

Bihar Board Class 12 English Letters and Applications Writing

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Bihar Board Class 12 English Letters and Application Writing

Letter-writing is an art. You must learn how to write good letters. You often write letters to your relatives and friends in your mother tongue. When you are asked to write a letter in English, you are puzzled. You may feel difficulty in expressing your ideas in English. Don’t lose heart. You can write letters in English if you learn the art of letter-writing.

There are some rules for letter-writing. Letters may be written in different froms but the following rules must be followed in each letter:

  1. Avoid bad handwriting in your letter. Always write you letter legibly.
  2. Your letter must be to the point. You should express your ideas clearly.
  3. Your letter should not be too long. Say briefly what you have to say.
  4. Use simple words in your letter.
  5. Avoid spelling mistakes. A word misspelt creates a bad impression upon the reader.
  6. Avoid grammatical mistakes. Always write correct language in your letter.
  7. Don’t use punctuation carelessly.
  8. Revise your letter and correct the mistakes.

Kinds of Letters : There are four kinds of letters –

1. Private Letters – They are written to relative and friends.
2. Business Letters – They are written to merchants or films in connection with business.
3. Official Letters – They are written by one official to another in an official capacity.
4. Applications – They are written for various purposes e.g., for job, for grant of leave etc.

Parts of a letter – A letter consists of six different parts :

  1. The Heading or the writer’s address and date.
  2. The salutation.
  3. The Body of the letter.
  4. The Ending.
  5. The Signature
  6. The superscription or the addressee’s name and address on the envelope.

Private Letters

1. In a letter to your father, inform him of your success at the Test Examination and your preparation for the final examination.
Answer:

Govind Mitra Road,
Patna-4
5th December, 20…

My Dear Father,

Here is a happy pieces of news for you. You will be glad to know that I secured the first position in my class at the test examination.

My final examination will beg in from the 9th March, 2013.1 have got a lot of time for my preparation for the final examination. I want to use my time properly.’ I have already read my text books thoroughly. Now I am preparing some model questions in each subject. I have made a time-table for my studies. I am preparing each subject well. I devote enough time to writing- work I hope that I shall finish my preparation by the end of January. Then I will revise my textbooks.

My teachers, expect me to secure a good position at the final examination I hope that I shall come up to their expectations.

Please convey my best regards to mother.

Address:
Shri Pramod Kumar Sharma
Station Road Darbhanga.

Your affectionately
Ravi

2. Write a letter to y ous father requesting him to purchase a radio set for the use of the family.
Answer:

Station Road,
Bhagalpur
5th February, 20…..

My Dear Father,

I have just received your kind letter. I am glad to know that you will come home during the next month.

I want to give you a bit of trouble. I would like to have a radio receiving set in our house. Last year I requested you to buy a radio but you turned my request down. You will agree with me that the radio is a very useful thing. If we have got a radio in our house, we can listen to news, talks and music. The radio is a good means of recreation. It will provide great entertainment to us. it has an educative value too. I can leant many things by listening to various programmes.

If we have got a radio, It will be useful for the whole family. Mother will enjoy the programmes meant for women. She will like to listen to the folk songs I shall learn a lot by listening to the radio. Manoj will be glad to listen to the programmes meant for children.

You can see that the radio is essential for our family. Would you kindly by a radio when you come home ? These days a radio does not cost much. Even a cheap radio will do. I am sure that you will buy a radio for the use of the family.

With best regards
Address : Shri sumeet Prasad.
15 Park Street,
Kolkata-8

Yours affectionately,
Mohan

3. In a letter to your sister, describe the celebrations of Republic Day in your school.
Answer:
Bakerganj, Patna-4
January, 24,20……

My Dear Subhadh,

I have not heard from you for a long time. I am sorry I could not write to you earlier, as I was busy with the preparation for the Republic Day Celebrations in our school. I think you would like to know how we celebrated the Republic Day in our school.

On the Republic Day all the teachers and the students gathered in the school- compound early in the morning. The Headmaster of our school hoisted the national flag at 8 a.m. We sang the national anthem. Then the boys of N.C.C. saluted the national flag. Our Headmaster and some other teachers spoke oh the importance of the Republic Day.

We presented a cultural programme at night. The school building was illuminated. It looked very beautiful. We staged a play. It was appreciated by the visitors. Our cultural programme was really a great success. In this way we celebrated the Republic Day with great enthusiasm in our school.

With love of lost.

Address:
Miss Aditi kumari,
C/o : Shree Ashutosh kumar Lalganj (Vaishali)

Yours affectionately
Munna

4. Write a letter to your friend congratulating him on his success in examination.
Answer:
Ashok Road
Gaya
June 5,20……..

My dear Ram,

I have just heard of your brilliant success in the Senior Secondary School Examination. Accept my heartiest congratulations on your success.

You have achieved a rare distinction. It is not an easy job to secure the first position. I was sure you must achieve this distinction. Your regular and patient labour has been crowned with success. You have brought glory not only to yourself but to all your friends. Your grand success gives me inspiration. I hope your will achieve similar distinction in future.

When will you arrange a dinner to celebrate your brilliant success ? Don’t forget to invite me to the dinner.

With best wishes,

Address: Mr. Ram Sinha
15 Patliputra Colony,
Patna

Yours sincerely,
Juhi

5. Your friend is ill. Write a letter of cheers to him.
Answer:
Golakpur,
Patna-6
March 14,20……..

My dear Rakesh,

I am sorry to hear of your illness. Today I got a letter from Umesh who has written about your illness.

He says that you are very much nervous. You might be feeling lonely in your hostel. I think your fellow-boarders must be looking after you. It would be better if you are removed to a hospital.

Don’t lose heart. Cheer up. Your disease is not serious. You will recover in a few days. Give up your sadness. You should take complete rest. I hope to hear about your recovery soon.

With best wishes from,

Address: Mr. Rakesh Kumar
Room No. 6
Zila School Hostel
Munger

Your sincere friend,
Mukesh

6. Write a letter to a friend in England telling him about some of the interesting things of your country.
Answer:
R.P. Road
Bhagalpur
16th February, 20 ………

Dear Peter,

Thanks for your letter. I am glad to know that you want me to tell you about some of the interesting things of my country.

You know that India is a vast country. There are many interesting things in my country. We have got pillars of stone at several places. They were put up long ago by Emperor Ashoka. They contain the teachings of Lord Buddha.

The most interesting thing of my country is the Taj Mahal. It is one of the wonders of the world. You might have heard about it. It is made of marble. It books wonderful in the moonlight night. If you happen to see it once, its enchanting beauty will haunt you for ever.

Qutub Minar and Red Fort are wonderful things, you can see beautiful buildings at Jaipur and Fatehpur Sikri.

My country is a land of temples. You can see magnificent temples at Bhubneshwar, Puri, Bodh Gaya and Amritsar. There are beautiful pictures on walls at Ajanta and Ellora. You can see the ruins of ancient civilization in every old city of India.

I shall send you photographs of some interesting buildings an historical places of my country. I hope you will like them.

Address:
Mr. Peter Downs,
105 Kingsway,
London, W.C. 2

Your sincerely
Amitanshu

7. Write a letter to your friend congratulating him on his success in the examination.
Answer:
New Colony, Patna
11th August, 20……..

My dear Jhon,

What a great day it is to-day ! Results of the B.Sc. (Physics) Honours Examination of the Patna University are out. And your name is at the top. Of course, it was all expected. From the very beginning you have been a genius in science. In B.S.S. Exam, as also in Intermediate Council Exam, you secured the maximum marks in Physics. Your performance in the first and second Parts of B.Sc (Physics) course gave all indications that you were set to break the past records of the university. This has probably been done and my joys are boundless. I feel myself proud for being a friend of a genius that you are, you have glorified us all and no words can express the feelings of my heart.

Though I am not given to formality of congratulations. Please accept my heat-felt congratulations on the grand success you have scored. All my friends join me in congratulating you.

We all wish you a very bright and glorious future.

Ever sincerely yours
Ashutosh Roy

8. Write a letter to your foreign friend telling him something about the polling in Bihar.
Answer:
T.N.B. College Hostel
Bhagalpur
24th March, 2013…….

Dear Mr. William,

Your last letter was so exhilarating. I read it thrice to fully enjoy the pleasure it contained. You want to know about the ways polling is done in our state. You know democracy is not the same in the third world countries as it is in your coountry. France and America, for example.

So polling in our state has a unique local flavour. The poling booths are like different fairs voters-men, Women and children go there mainly to enjoy themselves. Of course; they are full of feudal loyalties. They remember the nature of their ties with the candidates and cast their votes in favour of that candidates who has made them most favourably disposed for whatever the reason. At times some voters mark the symbols of more than one candidate.

But usually there is a particular trend at a particular time and most candidates follow the trend. In our state election is more or less an emotional phenomenon. It is not as cold calculation as it is in your country. Mostly we vote for people and not for ideologies. All politicians vomit their ideologies. But who cares ? Most people vote for their saviour laeaders-be it Sonia or Lalloo.

Looking forward to hearing from you with best wishes.

To
Mr. Raymond William
King’s College
University of London
London. N.W. 5

Yours Sincerely
Yuvaraj

Business Letters

1. K.A. University, K.A. City offers a correspondence course leading to Diploma in Waste Water Management after plus two. You are Deepak/ Deepti Sinha. Write to the Director, Correspondence Course, K.A. University for the branchure and prospectus and enquiring about the job opportunities after completing this course.
Answer:
38, Labour Colony, Patna
March 15,20 ……..
The Director
Correspondence Course
K. A. University
K. A. City

Subject: Information regarding Diploma in Waste Water Management.

Sir,

This has reference to your advertisement in The Hindustan Times regarding the starting of Diploma in Waste Management in 2008-09 through correspondence. I have appeared for 10 + 2 (Science Stream) exam, in March this year. I would like to know that are the job opportunities after completing this course. Please elaborate on all the openings through this course.

I am sending a Demand Draft of Rs. 100/- in your favour for sending me the broucher covering other details regardig the course.

Yours faithfully
Rakesh Kumar

2. As the Regional Manager of a leading ABC Textile Company, Mumbai, write a letter to the American Textile Company, Madurai offering two of your product or bulk sale.
Answer:
Regional Manager
ABC Textile Company
Mumbai
March, 10,20 ……..

The Managing Director (Marketing)
American Textile Company, Madurai

Subject: Bluk sale of Towels and curtain cloth

Dear Sir,

We are one of the market leaders in the Textile Industry in India for the last thirty years. We are on the lookout for bulk buyers of towels and curtain cloth.

The towels are available in all sizes and are made of fine. Egyptian cotton The curtain cloth is available in spun polyster yam. We will send your samples of the same for your approval.

Hoping for an early word from you.

Yours faithfully
K. P. Kataria

3. Delhi Transport Corporation (DTC) has decided to hire one hundred buses for different routes in the city on a per km basis. Write a letter to the Transport Commissioner, DTC, offering five buses to be hired by them on their terms and conditions.
Answer:
Traffic Manager
Patliputra Bus Service
Patna (Bihar)
October 19,20 ………..

The Transport Commissioner
Delhi Transport Corporation
New Delhi

Subject: Regarding Hiring of private buses

Sir,

This has reference to your advertisement in The Hindustan Times dated October 8,20 inviting offers for hiring private buses from the transporters.

Ours is a premier Transport Company having its fleet of more than 150 buses playing on different routes in Bihar. Jharkhand and Nepal Border, U.P. and M.P. We have been in this business for the last 50 years. As such, we have got the necessary experience and expertise to handle the volume of passengers.

We have read the terms and conditions laid down by the corporation and promise to abide by them. We offer for hire on km basis five buses from our fleet: Our buses are new comfortable and fitted with CNG kits in keeping with the pollution norms in Delhi. We assure you to provide ultra-modern buses and very polite and expert crew members. Our disciplined drivers and polite conductors will give no room for complaint. The inspection of the buses can be done at your convenience with prior intimation. Other formalities of depositing surety money and giving a three-year bond would be completed soon.

Yours faithfully
P. K. Dave
Traffic Manager

4. You are Amol/Anubhav staying at 162, Kailash Hills, New Delhi, Last month, you bought a cordless electric iron from ‘Primier Electronic Goods’, South Extn., New Delhi against a warranty of two years. Now you discover that there is something wrong with this iron. Its heat lasts hardly for a few seconds after it is taken off the mains. Write a letter to the dealer complaining about it. Also request him to change this defective iron against the warranty that goes with it.
Answer:
162, Kailash Hills
New Delhi
Feb. 12,20…….
M/s Premier Electronic Goods
South Extn., New Delhi

Subject: Complain regarding defective Iron

Dear Sir,

I bought a cordless electric iron from your store last month. But the iron has begun to give trouble even now. Its heat last barely for a few seconds after it is taken off the mains. The iron enjoys a complete warranty of two years.

Kindly take efforts to replace the defective iron against the warranty that goes with it. Yours is a highly repulted store that enjoys a lot of goodwill among the people. It is hoped that professional competence will be shown in dealing with this complaint to our entire satisfaction.

Yours faithfull
Amol

5. You are Nikhil/Nisha staying at 53, Banjara Hills, Hyderabad. Last summer, you bought a colour television from ‘Clear Vision’ of Hyderabad, with a warranty of 2 years. Now you discover that the picture gets blurred every now and then. Even the sound has become defective. Write a letter to the dealer complaining about the problem and requesting him to get the defect rectified. Also request him to replace it, if needed against the warranty that goes with it.
Answer:
53, Banjara Hills Hyderabad
11th September 20
M/s Clear Vision
Nampalli Market
Hyderbad

Subject: Replacement of the defective TV.

Dear Sir,

I bought a colour TV 29 inches of Philips (Model No. T-5129) from your showroom two months back with a warranty of two years from the date of purchase. But the TV has begun to give problems already. There is a very disturbing humming sound coming from its transformer. At times, the picture gets blurred. Sometimes the images overlap one another. When the channel is changed through remote, the sound-quality gets disturbed and gives jarring and irritating sound.

Already we have given you a reminder to send your service engineer to carry out the repairs. But the complaint has remained unattended. I hope you will do the needfull to leave no room for complaint; failing which I will move the consumer court for deficiency of service.

Yours faithfully
Nikhil

6. Write a letter to the Manager of Grand Hotel Muzaffarpur, asking him to reserve you a double room from 5th April to 15th April, 2009. You are Aditya/Anandhi of Mysore.
Answer:
C/5, Brigade Road, Goregaon
15 th March, 20…….
The Manager
Grand Hotel
Muzaffarpur
Subject: Booking a double suite

Sir,

We are a group of four friends who plan to stay in Muzaffaipur for ten days for a seminar. Our stay at Muzaffarpur would be from 5th April to 15th April 20 ……. An earnest money of Rs. 500/- is being sent in the form of Demand Draft.

Please confirm the booking at the earliest.

Yours faithful!
Anandhi

7. As Librarian, Model Secondary School, Darbhanga, write a letter to M/s Sohanlal and Bros., Booksellers, Agra, placing an order for books Mention at least 4 titles of the books) to be supplied immediately.
Answer:
The Librarian
Model Secondary School
Darbhanga
April 6,20….
M/s Sohanlal and Bros, Booksellers
Agra,
Subject: Order for Books

Dear Sirs,

We wish to place order for the purchase of the following books from you. It will be very kind of you if send your terms and conditions for the supply of books.

The particulars of the books to supplied are as under :
Bihar Board Class 12 English Letter and Applications Writing 1
Kindly let us know the discount your offer to the educational institutions. We would also like to know the mode of payment. It goes without saying that the books in good condition only will be accepted.

We would like to hear from you at the earliest as the new academic session is going to start shortly.

Yours faithfully
R. B. Singh

Official letters

1. Write a letter to the General Manager, BSNL, complaining about the unsatisfactory working of your Telephone.
Answer:
The General Manager
Bharat Sanchar Nigam Ltd, Patna
24th August, 20…..
Subject: Complaint regarding telephone

Sir,

I take this opportunity to bring to your kind notice the unsatisfactory working of my telephone (Tel.-No. 2554011).

Several complaints made earlier have yielded no result. So, it was imperative for me to bring it to your notice.

My telephone has remained dead for the last two weeks. The fault is said to be in the underground cable, Which has failed to be rectified. At times, there is huge sound disturbance and the telephone is rendered unserviceable.

It is requestest that the telephone may be restored without any further delay. I have already faced a lot of difficulty due to my non-functional telephone. I hope my telephone is restored immediately failing which I will be left with no choice but to move the consumer court for deficiency of service.

Yours faithfully
Yogendra Kataria

2. Write a letter to the S.H.O. Central Market, Jehanabad, complaining about bad law and order situation in your area.
Answer:
The S.H.O.
Central Market Jehanabad
28rd, Sept. 20…….

Subject: Regarding lawlessness

Sir,

I wish to draw your kind attention towards the deteriorating law and order situation in our locality.

In the past one week, there have been about three cases of house-breaking and robbery. Some gang seems to have been in operation in this area. Ladies fear moving out now as there have been several incidents of chain snatching by motor -cycle borne youths. The youth are between the age-group of 18-22 yeass who have beenidulging in such activities. Efforts should be taken to nab them. Ever-teasing is also on the rise. Groups at youngmen can be seen outside girls schools and colleges passing remarks over girls. Plainclotted policemen should be deployed there to nab them.

I hope the police does something to restore the confidence of the people again and the bad characters are put behind the bars where they belong to.

B-29, Skha Colony
Jehanabad

Yours faithfully
Akash Jain

 

3. You are R. K. Malik of Adarsh Nagar, Oarbhanga. You are shocked and dismayed at the rude and uncultured behaviour of Bihar State Roadways bus conductors. Write a letter to the General Manager, Bihar State Roadways, Patna complaining about the indecent and rude behaviour of the conductors.
Answer:
806, Adarsh Nagar
Darbhanga, Bihar State
July 13,20……..
The General Manager
Bihar State Roadways
Patna

Subject: Complaint regarding rude behaviour of bus conductors

Sir,

I want to draw your kind attention towards the rude and indecent behaviour of bus conductors towards public in general and ladies in particular. The bus conductors have developed a working culture and style of such nature which is revolting for the sensitive and refined persons. They consider all the persons are cheats and liars and try to treat them accordingly. The young girls are particularly the target of indecent behaviour of the conductors. I would narrate an incident here to show how far things have gone in uncivil behaviour.

I was travelling on route. No. 31-C yesterday with my daughter. I pointed out to the conductor that a male passenger was occupying the seat reserved for ladies. I expected him to help me in getting that seat. But he made very lewd remarks about my dress and passed derogatory comments about women in general. It can be very annoying for the sensibilities of any right-minded person.

It is requested that the bus conductors be given training in manner and department. The errant bus conductors should be brought to book.

Yours faithfully
R. K. Malik

4. You are Akshya/Kajol of 123, Parade Ground Road, Secunderabad. You are interested in doing a short-term course in computer programming during summer vacation. Write a letter to the Director, Computer World, Powai, Mumbai, enquiring about the duration of such a course and the terms and conditions for admission.
Answer:
123, Prade Group Road
Secunderabad (A.P.)
May 28,20……
The Director
Computer World,

Powai (Mumbai)

Subject: Information regarding short-term computer programming course I have just passed my 10+2 exam, and desirous of joining short-term computer programming course at your institute. Your premier institute is the clear-cut market leader in computer education. So, I have decided to pursue this crash course. I would feel obliged if you send me the following information at the earliest:

  1. Exact duration of the course.
  2. Total fees payable for the course including tuition fees and hostel charges.
  3. Last but not the least, I would like to know if each student is provided an individual computer at your institute. I won’t like to share my computer with any other student at all.

Thanking you

Yours faithfully
Akshya

5. You are Ravi/Rajani living at 5 Ganesh Bagh, Gaya 3, There is frequent power cut and voltage fluctuation in your area causing great inconveience and damaging electrical appliances. Write a letter to the Assistant Engineer of the Electricity Board of your area explaining the difficulties you face, seeking quick action.
Answer:
5, Ganesh Bagh
Gaya-3
The Assistant Engineer
Electric Bihar State Electricity Board, Gaya
Subject: Complaint regarding frequent power cuts

Sir,

I on behalf of the residents of Ganesh Bagh wish to draw your attention towards frequent power cuts and voltage fluctuations in our area. These fluctuations not only cause great inconvenience but also damage electrical appliances. The transformers installed are of a small capacity resulting into low voltage and fluctuations. Many costly TV sets and refrigerators have been damaged here due to high voltage.

Fan motors are burnt out. overload on transformers causes frequent tripping melting of fuses. It is requested that transformers of bigger capacity be installed to regularise power supply in our area. I hope you will take personal interest in the matter and get the faulty transformers replaced at the earliest.

Yours Faithfully
Ravi

6. You are John/Urmila, Staff Secretary Grant Public School, Patna The State Transport which is playing in your route at 8 a.m. has become irregular, putting a large number of students are office-goers in great difficulty. Write a letter to the Bus Depot Incharge complaining about it and requesting him to send the bus regularly.
Answer:
Grant Public School, Patna
The Bus Depot Incharge
State Transport Bus Service
Patna (Bihar)
Subject: Regarding irregular bus service

Sir,

I wish to draw your kind attention towards the irregular bus service on route no. 28 from Patna city to Grant Public school. A large number of students and teachers take the morning bus at 8 a.m. on this route to reach their destination. But for quite some time now, this bus service has become very irregular putting to inconvenience a lot of daily commuters on this route. Due to disturbed timings of the bus, students reach late in their schools and office goers also are hard preseed. The earlier bus service is at 7.15 a.m which is too early for the students. If the bus timings are put back on the right track, lots of commuters can be saved from avoidable ordeal every morning. I hope you would ensure its timely departure from its scheduled station and oblige us.

Thanking you in anticipation.

Staff Secretary
Grant Public School
Patna

Yours Faithfully
John

7. Write a letter to the Commissioner of Gaya Corporation, complaining about the poor sanitary conditions and mosquito menace in yor locality.
Answer:
The Commissioner
Gaya Municipal Corporaiton
Gaya
June 05,20……
Subject: Regarding poor sanitary conditions and mosquito menace in
Nand Nagar

Sir,

I wish to draw your kind attention towards the poor sanitary conditions prevailing in Nand Nagar, Gaya.

Heaps of garbage can be seen here and there which have not been lifted for days by the garbage trucks. Pigs, stray cows and dogs can be seen feasting upon them. The whole area gives a strong strength. The sewage sysem seems to have stopped functioning as all the mainholes are overflowing. Sewage water is spilled over the streets and vacant plots which in turn, makes life a hell. Big suction machines procured by the corporation should be pressed into service for cleaning them. Mosquitoes are breeding on stagnant water. Some epidemic is feared to break out in the event of further negligence of the area.

Hope you will look into the matter personally.

Yours faithfully
Aman

8. Write a letter to the Police Commissioner (Traffic) about the inadequate parking facilities in the commercial street area of Patna, which is cousing a lot of inconvenience to the people. You may also offer your suggestion to solve it. You are Rakesh/Radhika No. 12, Jayanagar, Patna.
Answer:
The Commissioner of Police (Traffic)
Civil Lines
Patna
July, 15,20……..

Subject : Complaint regarding inadequate parking facilities in commercial street.

Sir,

I wish to draw your kind attention towards inadequate parking facilities in Commercial Street, Patna.

It is one of the busiest areas of the city and is frequented by thousands everyday. People have to park their vehicles at whatever vacant space they find. It not only causes inconveneince to the public in general but has resulted into vehicles, theft as well. .This areas has become a haven for auto lifters. Encroachments on public land are also on the rise. Pheri-wallas and street hawkers have grabbed all the land meant for pedestrains.

It is requested that parking lots be provided and be let out to private contractors on yearly basis. Encroachers should be dealt firmly and the publci land be freed from their possession.

It would be easing congestion in the busiest commerical area of the city.

R/o 12, Bahadurpur
Patna

Yours faithfully
Kiran

Letter to the editor

1. You have noticed many stray animals on the road during the busy hours of the day. These animals have caused traffic jams as well as accidents. You have already written to the concerned authorities but no action has been taken so far. So write a letter to the editor of a leading newspaper telling him about the nuisance created by stray animals. Sign your name as Amiti/Krishan, C/5 Assam.
Answer:
C/5. Pupil Street, Assam
The Editor
The Hindustan Times
New Delhi
Subject: Regarding problems caused by stay animals

Sir,

Through the columns of your esteemed daily. I wish to draw the attention of the concerned authorities towards the nuisance of stay animals on the road.These stray cattle not only cause traffic jams but have resulted into several accidents also. Only last week a scooterist was grieviously injured when he was hit by a stray cow on the road at night. It becomes difficult to sight the animals at night other related incidents of goring with horns have also taken place. My earlier appeals to the authorities seem to have fallen on deaf ears. I wonder what it will take for the authorities to rise to the gravity of the problem.

I hope the authorities initiate steps to catch the stray animals and deport them to some safe place.

Yours truly
Krishna

2. You are Sunil/Sunita, staying at Ramakrishna Puram, Secunderabad. You locality being away from the main city, the poor bus service adversely affects the life of the residents. Write a letter to the editor of ‘The Times of India’, highlighting the problems faced and also giving a few possible solutions.
Answer:
F-109, Zor Bagh Street
Ramakrishna Puram
Secunderabad
The Editor
The Times of India
New Delhi

Subject: Regarding poor bus service

Sir,

I would like to draw the attention of the authorities concerned towards the poor bus service to Ramakrishna Puram.

Ours is a new upcoming locality which is struggling to become part of the main city. Hundreds of peoples go out to work in the morning. School children also have to take bus in the morning and expect to get a bus in the afternoon. But the hourly bus service is provided inadequate for this fast expanding locality. Even this hourly service is erratic and the drive are not punctual. It results in oidable delays in reaching offices and schools by daily commuters.

It would be a great service to our locality and all other concerned if a bus service with a gap of 20 minutes is provided.

Yours truly
Sunil

3. Write a letter to the editor of The Times of India, complaining about the noise pollution in your locality drawing the attention of the Government to take steps to check the same Sign as Gaurav/Arundhathi, Janta Nagar, Ahmedabad.
Answer:
628/26, Janta Nagar
Ahamedabad
February 18, 20 …….
The Editor,
The Times of India
New Delhi

Subject: Regarding noise pollution

I wish to draw the attention of the concerned authorities towards the noise pollution in our locality through the columns of your esteemed daily.

Noise pollution seems to have raming decibels in our locality. Big loudspeakers are blaring notse throughout the day. It is not that the noise decibels rise only during the day. Holy noise from the loud speakers a top the religious places starts early in the morning, children getting up early to concentrate on studies find it very frustrating to find so much of distracting music drumming into their ears. Then the ‘Jaagrans’ held throught out the night are another source of noise pollution.

More so, incessant use of pressure horns even in silence zones like hospitals is very disturbing for old land sick persons. People seem to have thrown all the norms to winds and are openly flouting the rules. The govt, needs to curb such things by taking punitive action against the defaulters.

Hope you will give proper space to these ideas in your daily.

Yours Faithfully
Arundhathi

4. Write a letter to the editor of ‘National Herald’ New Delhi, about water scarcity in your locality, suggesting ways to improve the position of water supply. You are Ramnath/Reena of Ghaziabad.
Answer:
A-4 C/201 Jhang Colony
Punjabi Bagh, Ghaziabad .
The Editor
National Herald
New Delhi

Subject: Regarding water scarcity

Sir,

I wish to draw the attention of the concerned authorities towards the acute water shortage in our locality.

Our locality is in the grip of water scarcity for over three months now. The layout of underground water pipes is nearly thirty years old. The pipes are rusty and leaking at most of the places. The water pressure is very poor and there is almost just trickling of the water. It is impossible to get water at the first floor, people have step down with buckets to get water. The water supply is hardly for one hour each in the morning and evening. To counter the errectic water supply, some people have got installed the water lifting pumps on the pipe line itself. It results into people next door not getting water at all. The authorities should take action against such defaulters.

To improve the water situatin, the faulty, old and rusty pipe-lines should be replaced to stop the wastage of water. People should also be made aware to have judicious use of water. Awareness about water conservation should be given. Watering of lawns and washing of cars should not be done with fresh water. Rather recycled water can be used for that.

I hope water situation can be improved by following these steps.

Yours truly
Ramesh

5. Write a letter to the Editor of the ‘Indian Express’, New Delhi complaining about the frequent breakdown in the supply of electricity in your locality. (Tilak Avenue). Sign yourself as PMR.
Answer:
G-37 Tilak Avenue
Ambala
March 13,20……..

The Editor
Indian Express, New Delhi

Subject: Regarding frequent break down of electricty supply

Sir,

I wish to draw the attention of the concerned authorities towards the frequent breakdown of electricity supply in our locality.

The electric supply has been far from satisfactory for quite some weeks now. The blame is put on the transformers which are old ones and far too small in their capacity. It results into frequent tripping and the fuses burning out. The people manning the complaint centres are rude and indifferent to the problems faced by people. It takes hours to get even minor faults attended to.

Then, there is too frequent and unannounced load shedding in our area. Ours is not a power theft prone area and should be not on the priority when the load shedding is required. But surprisingly, our locality has to bear the brunt all the time.

The add to the woes of people, the voltage situation is also very gloomy. It causes heavy loss to the electrical gadgets and some of the are rendered non-working due to poor voltage. Ban on the use of air-conditioners during peak hours should be strictly enforced to improve the power situation.

Yours truly
Raj

Letters of application for jobs

1. You are Lalit/Laxmi of Jai Narain Public School, Bihar Sharif, You are selected by your state to represent your state at the National Athletics Meet. Write a letter to your Principal requesting him/her to grant you permission to attend the school one hour late for a fortninght as you have to attend the Athletics coaching. (Word limit-not more than 150 words).
Answer:
The Principal
Jai Narain Public School
Bihar Sharif

Subject: Request to attend the school one hour late for a fortnight

Sir,

I am a student of class XII-C of your school. I have been selected to represent Bihar at the National Athletics Meet to start next month in the 100 metres race event.

Prior to this Athletics Meet, I am supposed to undergo rigorous training at the conditioning camp. I will also be provided Athletics coaching, courtesy

Sports Authority of India. In order to enable me to attend the said coaching camp, it is requested that I may please be allowed to attend the school one hour late for a fortnight. I shall be very thankful to you.

Yours faithfully
Laxmi
Class XII-C

2. India Assurance Company, New Delhi has given an advertisement in the ‘Hindustan Times’ for recruitment of management trainees to be groomed as managers of their company. Apply for the same, giving your detailed biodata (curriculum vitae). Invent all necessary details, You are Aman/Aditi, 54-A , Gulab Road, Lucknow.
Answer:
Ms. Aditi
54-A, Gulab Road
Lucknow
July 5,20…..
The Manager
India Assurance Company
New Delhi

Subject: Application for recuitment as management trainee.

Sir,

This has reference to your advertisement in the Hindustan Times dated July 2,20……. on the subject noted above. I offer my candidature for the same.

I am a product of Symbiosis Institute of Management, Pune. I had my P.G. in Personnel Management in the year 2008. My full CV is attached herewith. Hopping to her from you soon.

Bihar Board Class 12 English Letter and Applications Writing 2

Yours faithfully
Aditi

3. Draft an application for tghe post of an accountant in Pioneers (Pvt.) Ltd. Co. Hyderabad in response to their advertisement that appeared in The Times of India. Prepare a biodata to be enclosed. You are Nipum/ Apama.
Answer:
Kamal
906-B, Jor Bagh
New Delhi
August 1,20……
The General Manager
Pioneers (Pvt.) Ltd. Co.
Hyderabad

Subject: Application for the post of an accountant.

Sir,

Kindly refer to your advertisement in The Times of India dated July 28, 20 on the subject noted above. I offer my candidature for the same.

Presenty, I am employed an accountant with Sarah Steel Industries, Noida (U.P.) and possess the requisite experience and qualifications to suit your requirement. I would require about a week’s time to join if selected by you.

I can assure you that I will leave no stone unturned to prove my Worth if given a chance to serve. My full CV is enclosed herewith.

Bihar Board Class 12 English Letter and Applications Writing 3

Yours faith fully
Kamal

Bihar Board Class 12 English Letter and Applications Writing Examples

1. You are Hemant/Himakshi. Write a letter to the editor of ‘National Herald’, New Delhi expressing your anguish over the problems faced by people due to illicit liquor and the deadly chemicals like Anthrax.
Answer:

B/24, Prithvi Raj Road,
New Delhi
March 3,20.

The Editor
National Herald, New Delhi

I Subject: Problems caused by illicit liquor
Sir,
I take this opportunity to express my deep concern and anguish over the problems caused by illicit liquor and deadly weapons like Anthrax. The news of the death of 70 people in Andhra by consuming Tawdy’ and 1 pouch liquor was really disturbing. It is really callous that certain people, in order to make a few fast bucks can play with the lives of other people. It was learnt that the pouch liquor consumed by the people in Andhra was prepared with a methylated spirit-a poisonous substance. Surely, the law dealing with such crimes is inadequate and more teeth should be provided to deal with .such crimes. The punishment should be exemplary so as to have a deterrent effect Similarly, the scare caused among public regarding chemical weapons like Anthrax is of alarming nature. The vulnerable people are being exposed to the threat of such deadly weapons by the extremists. The Govt. Should crackdown on the source of such chemicals that can have widespread damage in the public.

Yours faithfully
Nishant

2. Write a letter to the Editor of the magazine ‘Expressions’, New Delhi on the deterioration in the standard of living in your city. Give suggestions for improvement Sign yourself as PMR.
Answer:

F104/2, Mira Road, New Delhi
February 16,20
The Editor Expressions

Subject: Regarding deterioration in the standard of living Sir,
Through the columns of your esteemed magazine, I want to express my concerns over the deterioration in living standard in Sonipat. The city is crying for civic amenities like an efficient sewage system which seems to crumble particularly during the rainy season. The street lighting is pathetic. Potholes have appeared in all the major roads and need immediate attention.

Then ATM facilities are required in the banks. To start with, at least three ATM centers be opened at Subhash Chowk, Hindu College, and Sec-14 Community center. Online Railway Reservation Facilities need to be provided here. Bill collection facilities for electricity and telephone bills should be given in leading banks as well. It will ease the mad-rush at the collection points.

Then Super Bazars are the primary needs today. To provide perfect competition, leading stores should be encouraged to open their outlet in their chain of superstores. All these things will go a long way in improving the living standard in our city and give a face-lift to it also.

Yours truly
PMR.

3. You are Sunil/Sunita, staying at Ramakrishna Puram, Secunderabad. Your locality being away from the main city, the poor bus service adversely affects the life of the residents. Write a letter to the editor of ‘The Times of India’, highlighting the problems faced and also giving a few possible solutions.

Answer:

F-109, ZorBagh Street
Ramakrishna Puram
Secunderabad

The Editor
The Times of India, New Delhi
Subject: Regarding poor bus service

Sir,
I would like to draw the attention of the authorities concerned about the poor bus service to Ramkrishna Puram. Ours is a new upcoming locality which is struggling to become part of the main city. Hundreds of people go out to work in the morning. School children also have to take bus in the morning and expect to get a bus in the afternoon. But the hourly bus service provided is proving inadequate for this fast expanding locality. Even this hourly service is erratic and the drivers are not punctual. It results in avoidable delays in reaching offices and schools by the daily commuters. It would be a great service to our locality and all other concerned if a bus service with a gap of 20 minutes is provided.

Yours truly
Sunil

4. You have noticed many stray animals on the road during the busy hours of the day. These animals have caused traffic jams as well as accidents. You have already written to the concerned authorities but no action has been taken so far. So write a letter to the editor of a leading newspaper 1 telling him about the nuisance created by stray animals. Sign your name as t Preeti/Krishan, C/5 Assam.
Answer:

C/5, Puli Street \ Assam
The Editor
The Hindustan Times
New Delhi

Subject: Regarding problems caused by stray animals.
Sir,
Through the columns of your esteemed daily, I wish to draw the attention of the concerned authorities towards the nuisance of stray animals on the I road. These stray cattle not only cause traffic jams but have resulted into several accidents also. Only last week, a scooterist was grievously injured \ when he was hit by a stray cow on the road at night. It becomes difficult to sight the animals at night. Other related incidents of goring with horns have also taken place. My earlier appeals to the authorities seem to have fallen on deaf ears. I wonder what it will take for the authorities to rise to the gravity of the problem. I hope the authorities initiate steps to catch the stray animals and deport them to some safe place.

Yours truly
Kunal

5. Write a letter to the editor of the Times of India, complaining about the noise pollution in your locality drawing the attention of the Government to take steps to check the same Sign as Gaurav/Gauri, Janta Nagar, f Ahmedabad.
Answer.

628/26, Janata Nagar f Ahmedabad
February 19,20

The Editor
The Times of India
New Delhi

Subject: Regarding noise pollution
Sir,
I wish to draw the attention of the concerned authorities towards the 1 noise pollution in our locality through the columns of your esteemed daily. Noise pollution seems to have raining decibels in our locality. Big loudspeakers are blaring noise throughout the day. It is not that the noise decibels rise only during the day. Holy noise from the loudspeakers atop the religious places starts early in the morning. Children getting up early to: concentrate on studies find it very frustrating to find so much of distracting I music drumming into their ears. Then the ‘Jaagrans’ held through out the night are another source of noise pollution. More so, incessant use of pressure horns even in silence zones like hospitals is very disturbing for old land sick persons. People seem to have thrown all the norms to winds and are openly flouting the rules. The Govt, needs to curb such things by taking punitive. I hope you will give proper space to these ideas in your daily.

Yours faithfully
Arundhati

6. Write a letter to the editor of ‘National Herald’, New Delhi, about water scarcity in your locality, suggesting ways to improve the position of water supply. You are Ramnath/Reena of Ghaziabad.
Answer:

A-4-C/201, Jhang Colony Punjabi Bagh, Ghaziabad
The Editor National Herald New Delhi

Subject: Regarding water scarcity

Sir,
I wish to draw the attention of the concerned authorities towards the acute water shortage in our locality. Our locality is in the grip of water scarcity for over three months now. The layout of underground water pipes is nearly thirty years old. The pipes are rusty and leaking at most of the places. The water pressure is very poor and there is almost just trickling of the water. It is impossible to get water at the first floor. People have step down with buckets to get water. The water supply is hard for one hour each in the morning and evening. To counter the erratic water supply, some people have got installed the water lifting gumps on the pipeline itself. It results into people next door not getting water at all. The authorities should take action against such defaulters. To improve the water situation, the faulty, old and rusty pipe-lines should be replaced to stop the wastage of water. People should also be made aware to have judicious use of water. Awareness about water-conservation should be given. Watering of lawns and washing of cars should not be done with fresh water. Rather recycled water can be used for that I hope water situation can be improved by following these steps.

Yours truly
Karan

7. Write a letter to the Editor of the ‘Indian Express’, New Delhi complaining about the frequent breakdown in the supply of electricity in your locality. (Tilak Avenue). Sign yourself as PMR.
Answer:

G-37 Tilak Avenue Ambala
March 10,20

The Editor
Indian Express, New Delhi

Subject: Regarding frequent break down of electricity supply

Sir,
I wish to draw the attention of the concerned authorities towards the frequent breakdown of electricity supply in our locality. The electric supply has been far from satisfactory for quite some weeks now. The blame is put on the transformers which are old ones and far too small in their capacity. It results into frequent tripping and fuses burning out. The people manning the complaint centers are rude and indifferent to the problems faced by people. It takes hours to get even minor faults attended to. Then, there is too frequent and unannounced load shedding in our area. Ours is not a power theft-prone area and should be not on The priority when the load shedding is required. But surprisingly, our locality has to bear the brunt all the time. The add to the woes of people, the voltage situation is also very gloomy. It causes heavy loss to the electrical gadgets and some of the are rendered non-working due to poor voltage. Ban on the use of air-conditioners during peak hours should be strictly enforced to improve the power situation.

Yours truly
AMR

8. Write a letter to the Editor of ‘The Times of India’ about the poor attention and the negligence on the part of the medical staff in some of the Government hospitals of Chennai. Sign as Peter/Yanna of No. 117, Vasant Vihar, New Delhi. (Word limit 150 words)
Answer:

117, Vasant Vihar New Delhi
January 27,20

The Editor
The Times of India New Delhi

Subject: Regarding the negligence of medical staff in Govt, hospitals

Sir,
I wish to draw the attention of the concerned authorities towards the poor attention and negligence on the part of medical staff in some Govt, hospitals in Chennai. I have reasons to believe that medical services have touched their Lowest point in Chennai. Doctors in Govt, hospitals are not attending their OPDs regularly. Even if they sit for some hours, they are in a mad hurry go through the rush of the patients. They never go into the details of a case and rather deal superficially. The attitude of junior doctors and lab staff is also no better. Glaring cases of negligence on the part of Pathological Labs have become a matter of routine. Cases of mixing up of reports and samples have been found. The doctors have made a mockery of medical ethics by asking the patients to come to the nursing homes run unauthorisedly by them.

Yours truly
Sunil

9. You are Amrit/Amritha of Bangalore. You are disturbed at the nonavailability of essential commodities in the Fair Price Shops of your area. Write a letter to the Editor of ‘The Hindu’ drawing the attention of the authorities to the irregularities in the Fair Price Shops. (Word limit 150 words)
Answer:

B-49, Gulab Bagh
Bangalore
March 23,20

The Editor
The Hindu, New Delhi
Subject: Regarding the non-availability of essential items in Fair Price Shops

Sir,
I wish to draw the attention of the concerned authorities towards the nonavailability of essential commodities in the Fair Price Shops in Bangalore. Life seems to be getting harder and harder for the common man. It is the prime duty of the govt, to ensure that essential commodities like rice, sugar, candles, etc. are available in the Fair Price Shops. But they seem to be performing the vanishing act the moment they appear. Price Shops. But they seem to be performing the vanishing act the moment they appear. ‘Stocks are over’, this is the sign that always welcomes wrong with the distribution system. Maybe the hoarders and black-marketeers are hand in glove with high-ups in the Govt.
Buying these commodities from the open market makes holes in the pocket of the budget people. It would be heaving sigh of relief for the already burdened common man if the govt, ensured enough supply of essential commodities.

Yours truly
Raman

10. Write a letter to your father requesting him to purchase a radio set for the use of the family.

Station Road,
Bhagalpur
15th February, 20.

My dear Father,
I have just received your kind letter. I am glad to know that you will come home during the next month.
I want to give you a bit of trouble. I would like to have a radio receiving set in our house. Last year I requested you to buy a radio but you turned my request down. You will agree with me that the radio is a very useful thing. If we have got a radio in our house, we can listen to news, talks, and music. The radio is a good means of recreation. It will provide great entertainment to us it has an educative value too. I can learn many things by listening to various programs. If we have got a radio, it will be useful for the whole family. The mother will enjoy the programs meant for women. She will like to listen to folksongs. I shall learn a lot by listening to the radio. Manoj will be glad to listen to the programs meant for children. You can see that the radio is essential for our family. Would you kindly buy a radio when you come home? These days a radio does not cost much. Even a cheap radio will do. I am sure that you will buy a radio for the use of the family. With best regards

Yours affectionately
Anshu

11. In a letter to your father, inform him of your success at the Test Examination and your preparation for the Final Examination.

Govinda Mitra Road
Panta-4
5th December 2020

My dear Father,
Here is a happy piece of news for you. You will be glad to know that I secured the first position in my class at the Test Examination. My Final Examinat’ jn will begin from the 9th March 2009.1 have got a lot of time for my preparation for the Final Examination. I want to use my time properly. I have already read my textbooks thoroughly. Now I am preparing some model questions in each subject. I have made a time-table for my studies. I am preparing ea:h subject well. I devote enough time to writing work. I hope that I shall I finish my preparation by the end of January. Then I will revise my textbooks. My teachers expect me to secure a good position at the Final Examination. I hope that I shall come up to their expectations. Please convey my best regards to Mother.

Yours affectionately,
Ravi

Address- Shri Binod Kumar Sharma,
Statin Road,
Darbhanga.

12. In a letter to your sister, describe the celebrations of Republic Day in your school.

Bakerganj,
Patna-4
January 31, 20…

My dear Subha,
I have not heard from you for a long time. I am sorry I could not write to you earlier, as I was busy with the preparation for the Republic Day celebrations in our school. I think you would like to know how we celebrated Republic Day at our school. On Republic Day all the teachers and the students gathered in the school-compound early in the morning. The Headmaster of our school hoisted the national flag at 8 a.m. We sang the national anthem. Then the boys of N.C.C. saluted the national flag. Our Headmaster and some other teachers spoke on the importance of Republic Day. We presented a cultural program at night. The school building was illuminated. It looked very beautiful. We staged a play. It was appreciated by the visitors. Our cultural program was really a great success. In this way we celebrated Republic Day with great enthusiasm in our school with lots of love.

Yours affectionately,
Nakul

Address- Miss Subhashini Sharan,
C/o Shri Framod Sham,
Lalganj,
Arrah.

13. Write a letter to your friend congratulating him on his success in the examination.

Ashok Road,
x Gaya,
June 15, 200.

My dear Rajiv,
I have just heard of your brilliant success in the Senior Secondary School Examination. Accept my heartiest congratulations on your success. You have achieved a rare distinction. It is not an essay job to secure the first position. I was sure you must achieve this distinction. Your regular and patient labor has been crowned with success. You have brought glory not only to yourself but to all your friends. Your grand success gives me inspiration. I hope you will achieve similar distinction in future. When will you arrange a dinner to celebrate your brilliant success? Don’t forget to invite me to dinner. With best wishes.

Yours sincerely,
Rina

14. Your friend is ill. Write a letter of cheers to him.

Gorakhpur,
Patna-6
January 16,20.

My dear Suresh,
I am sorry to hear of your illness. Today I got a letter from Umesh who has written about your illness. He says that you are very much nervous. You might be feeling lonely in your hostel. I think your fellow-boarders must be looking after you. It would be better if you are removed to a hospital. Don’t lose heart. Cheer up. Your disease is not serious. You will recover in a few days. Give up your sadness. You should take a complete rest. I hope to hear about your recovery soon. With best wishes from,

Your sincere friend,
Shashi

15. Write a letter to a friend in England, telling him about some of the interesting things of your country.

R. P. Road,
Bhagalpur
16th February, 20.

Dear Peter,
Thanks for your letter. I am glad to know that you want me to tell you about some of the interesting things of my country. You know that India is a vast country. There are many interesting things in my country. We have got pillars of stone at several places. They were put up long ago by Emperor Ashoka. They contain the teachings of Lord Buddha. The most interesting thing of my country is the Taj Mahal. It is one of the wonders of the world. You might have heard about it. It is made of Marble. It looks wonderful in the moonlight night. If you happen to see it once, its enchanting beauty will haunt you forever. Kutub Minar and Red Fort are wonderful things. You can see beautiful buildings at Jaipur and Fatehpur Sikri. My country is a land of temples. You can see magnificent temples at Bhubneshwar, Puri, Bodh Gaya and Amritsar. There are beautiful pictures on walls at Ajanta and Ellora. You can see the ruins of ancient civilization in every old city of India. I shall send you photographs of some interesting buildings and historic places of my country. I hope you will like them.

Yours sincerely,
Komal

16. Write a letter to your foreign friend telling him something about the polling in Bihar.

T.N.B. College Hostel,
Bhagalpur,
20th March, 20.

Dear Mr. William,
Your last letter was so exhilarating ! I read it thrice to fully enjoy the pleasure it contained. You want to know about the ways polling is done in our state. Your know democracy is not the same in the third world countries as it is in your country, France and America, for example. So polling in our state has a unique local flavor. The polling booths are like different fairs. Voters-men, women and children-go there mainly to enjoy themselves. Of course; they are full of feudal loyalties. They remember the nature of their ties with the candidates and cast their votes in favor of that candidate who has made them most favorably disposed of for whatever the reason. At times some voters mark the symbols of more than one candidate. But usually, there is a particular trend at a particular time and most candidates follow the trend. In our state election is more or less an emotional phenomenon. It is not as cold calculation as it is in your country. Mostly we vote for people and not for ideologies. All politicians vomit their ideologies. But who cares? Most people vote for their savior leaders-be it Sonia or Laloo. Looking forward to hearing from you with best wishes.

Yours sincerely
Shankar

17. Write a letter to your friend congratulating him on his success in the examination.

Patel nagas
Patna
10th August, 20

My dear Anmol,
What a great day it is today ! Results of the B.Sc. (Physics) Honours Examination of the Patna University are out. And your name is at the top. Of course, it was all expected. From the very beginning, you have been a genius in science. In B.S.S. Exam, as also in Intermediate Council Exam, you secured the maximum marks in Physics. Your performance in the first and second parts of B.Sc. (Physics) course gave all indications that you were set to break the past records of the university. This has probably been done and my joys are boundless. I feel myself proud for being a friend of a genius that you are, you have glorified us all and no words can express the feelings of my heart. Though I am not given to formality I find no other way to respond to you at this hour except through the formality of congratulations. Please accept my heartfelt congratulations on the grand success you have scored. All my friends join me in congratulating you. We all wish you a very bright and glorious future.

Ever sincerely yours
RISHIKESH

18. You are Amol/Auubhav staying at 162, Kailash Hills, New Delhi. Lst month, you bought a cordless electric iron from ‘Premier Electronic Goods’, South Extn., New Delhi against a warranty of two years. Now you discover that there is something wrong with this iron. Its heat lasts hardly for a few seconds after it is taken off the mains. Write a letter to the dealer complaining about it Also request him to change this defective iron against the warranty that goes with it
Answer:

162, Kailash Hills New Delhi
Feb, 14,2014
M/s Premier Electronic Goods South Extn., New Delhi

Subject: Complaint regarding defective Iron Dear Sirs
I bought a cordless electric iron from your store last month. But the iron has begun to give troubles even now. Its heat lasts rarely for a few seconds after it is taken off the mains. The iron enjoys a complete warranty of two years. Kindly take efforts to replace the defective iron against the warranty that goes with it. Yours is a highly reputed store that enjoys a lot of goodwill among the people. It is hoped that professional competence will be shown in dealing with this complaint to our entire satisfaction.

Yours faithfully
Amol

19. Yours are Nikhil/Nisha staying at 53, Banjara Hills, Hyderabad. Last summer, you bought a colour television from ‘Clear Vision’ of Hyderabad, with a warranty of 2 years. Now you discover that the picture gets blurred every now and then. Even the sound has become defective. Write a letter to the dealer complaining about the problem and requesting him to get the defect rectified. Also request him to replace it, if needed against the warranty that goes with it.
Answer:

53, Banjara Hills Hyderabad
10 th September 20
M/s Clear Vision
Nampalli Market, Hyderabad

Subject: Replacement of the defective TV
I bought a colour TV 29 inches of Philips (Model N. T-5129) from your showroom tow months back with a warranty of two years from the date of purchase. But TV has begun to give problems already. There is a very disturbing humming sound coming from its transformer. At times, the picture gets blurred. Sometimes the images overlap one another. When the channel is changed through remote, the sound-quality gets disturbed and gives jarring and irritating sound. Already we have given you a reminder to send your service engineer to carry out the repairs. But the complaint has remained unattended. I hope you will do the needful to leave no room for complaint; failing which I will move the consumer court for deficiency of service.

Yours faithfully,
Nikhil

20. K.A. University, K. a. The city offers a correspondence course leading to a Diploma in Waste Water Management after plus two. You are Deepak/ Deepti Sinha. Write to the Director, Correspondence course, K. A. Univer¬sity for the brochure and prospectus and enquiring about the job opportu¬nities after completing this course.
Answer:

38, Labour Colony, Patna
March 25,20

The Director Correspondence Course Pants University,
Patna City
Subject: Information regarding Diploma in Waste Water Management Sir,
This has reference to your advertisement in The Hindustan Times regard¬ing the starting of a Diploma in Waste Management in 2008-09 through correspondence. I have appeared for 10 + 2 (Science Stream) exam, in March this year. I would like to blow that are the job opportunities after completing this course. Please elaborate on all the openings through this course. I am sending a Demand Draft of Rs. 100/- in your favour for sending me the broucher covering other details regarding the course.

Yours Faithfully,
Denish Singh

21. Delhi Transport Corporation (DTC) has decided to hire one hun¬dred buses for different routes in the city on a per km basis. Write a letter to the Transport Commissioner, DTC, offering ff ve buses to be hired by them on their terms and conditions.
Answer:

Traffic Manager Krishna Bus Service, Patna Bihar
October 16,20

The Transport Commissioner Delhi
Transport Corporation

Subject: Regarding Hiring of Private Buses

Sir,
Ours is a Premier Transport Company having its fleet of more than 150 buses playing on different routes in Bihar, Jharkhand and Nepal Border U.P. and M.P. We have been in this business for the last 50 years. As such, we have got the necessary experience and expertise to handle the volume of passen¬gers. We have read the terms and conditions laid down by the corporation and promise to abide by them. We offer for hire on km basis five buses from our fleet Our buses are new, comfortable and fitted with CNG kits in keeping with the pollution norms in Delhi. We assure you to provide ultra-modem buses and very polite and expert crew members. Our disciplined drivers and polite conductors will give no room for complaint The inspection of the buses can be done at your convenience with prior intimation. Other formalities of depos¬iting surety money and giving a three-year bond would be completed soon.

Yours faithfully
traffic Manager

22. You are Ravi/Rajani living at 5 Ganesb Bagh, Gaya 3. There is a frequent power cut and voltage fluctuation in your area causing great ‘ inconvenience and damaging electrical appliance. Write a letter to the Assistant Engineer of the Electricity Board of your area explaining the difficulties you face, seeking quick action.
Answer:

5. Ganesh Bagh.
Gaya 3
Electric Bihar State Electricity Bo&rd, Gaya

Subject: Complaint Regarding Frequent Power Cuts

Sir,
I, on behalf of the residents of Ganesh Bagh, wish to draw your attention towards frequent power cuts and voltage fluctuations in our area. These fluctuations not only anise great inconvenience but also damage electrical appliances. The transformers installed are of a small capacity resulting in low voltage and fluctuations. Many costly TV sets and refrigerators have been damaged here due to high voltage. Fan motors are burnt out. Overload on transformers causes frequent trippings melting of fuses. It is requested that transformers of bigger capacity be installed to regularise power supply in our area. I hope you will take a personal interest in the matter and get the faulty transformers replaced at the earliest –

Yours faithfully
Jitendra

23. You are John/Urmila, Staff Secretary Grant Public School, Patna The State Transport bus which is playing in your route at 8 a. m. has become irregular, putting a large number of students and office-goers in great difficulty. Write a letter to the Bus Depot Incharge complaining about it and requesting him to send the has regularly.

Doon Public School
Patna.
The Bus Depot Incharge
State Transport Bus Service
Patna

Subject: Regarding Irregular.ar Bus Service
Sir,
I wish to draw your land attention towards the irregular bus service on R ute No. 28 from Patna City to Doon Public School. A large number of students and teachers take the morning bus at 8 a. m.- on this route to reach their destination. But for quite some time now, this 1ms service has become very irregular patting to inconveniences a lot of daily commuters on this route. Due to disturbed timings of the bus, students reach late in their schools and office goers also are hard-pressed. The earlier bus service is at 7.15 a. m. which is too early for the students. If the bus timings are put back on the right track, lots of commuters can be saved from avoidable ordeal every morning. I hope you would ensure its timely departure from its scheduled station and oblige us. Thanking you in anticipation

Yours faithfully
DHANANJAY

24. Write a letter to the Commissioner of Gaya Corporation, com¬plaining about poor sanitary conditions and mosquito menace in your locality.
Answer:

The Commissioner.
Gaya Municipal Corporation, Gaya
June 05,20.

Subject: Regarding poor sanitary conditions and mosquito menace in Nand Nagar.
Sir,
I wish to draw, your kind attention towards the poor sanitary conditions prevailing in Nand Nagar Gaya. Heaps of garbage can be seen here and there which have not been lifted for days by the garbage trucks. Pigs, stray cows and dogs can be seen feasting upon Diem. The whole area gives a strong stretch. The sewage system seems to have stopped functioning as all the manholes are overflowing. Sewage water is spilled over die streets and vacant plots which, in turn, makes life hell. Big suction machines procured by the corporation should be pressed into service for cleaning them. Mosquitoes are breeding on stagnant water. Some epidemic is feared to break out in the event of further negligence of this area. I hope you will look into the matter personally.

Yours faithfully
Akash

25. Write a letter to the Police Commissioner (Traffic) about the inadequate parking facilities in the commercial street area of Patna, which is causing a lot of inconvenience to the people. You may also offer your suggestions to solve it. You are Rakesh/Renu No. 12, Jayanagar, Patna.
Answer:

The Commissioner of Police (Traffic)
Civil Lines
Patna
July 16, 2013

Subject: Complaint regarding inadequate parking facilities in commercial street.
Sir,
I wish to draw your kind attention to inadequate parking facilities in Commercial Street, Patna. It is one of the busiest areas of the city and is frequented by thousands every day. People have to park their vehicles at whatever vacant space they find. It not only causes inconvenience to the public in general but has re¬sulted in vehicles’ theft as well. This area has become a haven for auto lifters. Encroachments on public land are also on the rise. Pheri-wallas and street hawkers have grabbed all the land meant for pedestrians. It is requested that parking lots be provided and be let out to private contractors on a yearly basis. Encroachers should be dealt with firmly and the public land is freed from their possession. It would be easing congestion in the busiest commercial area of the city.

Yours faithfully
Renu

R/o 12, Jayanagar
Patna

26. Write a letter to the S.H.O. Central Market, Jehanabad, complaining about bad law and order situation in your area.
Answer:

The S.H.O.
Central Market Jehanabad
23rd, Sept. 20

Subject: Regarding lawlessness
Sir,
I wish to draw your kind attention to the deteriorating law and order situation in our locality.
In the past week, there have been about three cases of house-break¬ing and robbery. Some gang seems to have been in operation in this area. Ladies fear moving out now as there have been several incidents of the chain- snatching by motor-cycle borne youths. The youth are between the age-group of 22-25 years who have been indulging in such activities. Efforts should be taken to nab them. Eve-teasing is also on the rise. Groups of young men can be seen outside girls’ schools and colleges passing remarks over girls. Plainclothed policemen should be deployed there to nab them. I hope the police do something to restore the confidence of the people again and the bad characters are put behind the bars where they belong to.

Yours faithfully
Satish Jain

B-29, Sikka Colony
Jehanabad

27. Write a letter to the General Manager, BSNL., complaining about the unsatisfactory working our your Telephone.
Ans.

The General Manager Bharat Sanchar Nigam Ltd. Patna
10th August 20

Subject: Complaint regarding telephone
Sir,
I take this opportunity to bring to your kind notice the unsatisfactory working of my telephone (Tel. No. 2454011). Several complaints made earlier have yielded no result. So, it was im¬perative for me to bring it to your notice. My telephone has remained dead for the last two weeks. The fault is said to be in the underground cable, which has failed to be rectified. At times, there is huge sound disturbance and the telephone is rendered unserviceable. It is requested that the telephone may be restored without any further delay. I have already faced a lot of difficulty due to my non-functional tele¬phone. I hope my telephone is restored immediately failing which I will be left with no choice but to move the Consumer Court for deficiency of service.

Yours faithfully,
Kaushik Kataria.

B-3/72, G. M. Road
Patna

28. You are S. K. Malik of Adarsh Nagar, Darbhanga. You are shocked and dismayed at the rude and uncultured behavior of Bihar State Road¬ways bus conductors. Write a letter to the General Manager, Bihar State Roadways, Patna complaining about the indecent and rude behavior of the conductors.
Answer:

806, Adarsh Nagar.
Darbhanga, Bihar State
July 16,20
The General Manager Bihar State Roadways Patna.

Subject: Complaint regarding the rude behavior of bus conductors
Sir,
I want to draw your kind attention towards the rude and indecent behavior of bus conductors towards the public in general and ladies in particular. The bus conductors have developed a working culture and style of such nature which is revolting for the sensitive and refined persons. They consider all the persons are cheats and liars and toy to treat them accordingly. The young girls are particularly the target of the indecent behavior of the conductors. I would narrate an incident here to show how far things have gone in uncivil behavior. I was traveling on Route No. 31-C yesterday with my daughter. I pointed out to the conductor that a male passenger was occupying the seat reserved for ladies. I expected him to help me in getting that seat. But the made very lewd remarks about my dress and passed derogatory comments about women in general. It can be very annoying for the sensibilities of any right-minded person. It is requested that the bus conductors be given training in the manner and department The errant bus conductors should be brought to book.

Yours faithfully
S. K. Malik

29. You are Akshaya/Kajol of 123, Parade Ground Road, Secunderabad. You are interested in doing a short-term course in computer program¬ming during summer vacation. Write a letter to the Director, Computer World, Powai, Mumbai, enquiring about the duration of such a course and the terms and conditions for admission.
Answer:

123, Parade Ground Road :
Secunderabad
Andhra Pradesh
May 28,20…

The Director
Computer World
Powai
Mumbai

Subject: Information regarding short-term computer programming course
I have just passed my 10 + 2 exam, and desirous of joining short-term computer programming course at your institute. Your premier institute is the clear-cut market leader in computer education. So, I have decided to pursue this crash course. I would feel obliged in you send me the following informa¬tion at the earliest
(i) Exact duration of the course.
(ii) Total fees payable for the course including tuition fees and hostel charges.
(iii) Last but not the least, I would like to know if each student is provided individual computers at your institute. I won’t like to share my computer with any other student at all.

Thanking your

Yours faithfully
Akshaya.

The main aim is to share the knowledge and help the students of Class 12 to secure the best score in their final exams. Use the concepts of Bihar Board Class 12 Letters and Applications Writing English Solutions in Real time to enhance your skills. If you have any doubts you can post your comments in the comment section, We will clarify your doubts as soon as possible without any delay.

Bihar Board Class 11 Economics Solutions Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप

Bihar Board Class 11 Economics Solutions Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Textbook Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 11 Economics Solutions Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप

Bihar Board Class 11 Economics केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Textbook Questions and Answers

केंद्रीय प्रवृत्ति की माप के प्रश्न उत्तर Bihar Board Class 11 प्रश्न 1.
निम्नलिखित स्थितियों में कौन-सा औसत उपयुक्त होगा?
(क) तैयार वस्त्रों के औसत आकार।
(ख) एक कक्षा में छात्रों की औसत बौद्धिक प्रतिभा।
(ग) एक कारखाने में प्रति पाली औसत उत्पादन।
(घ) एक कारखाने में औसत मजदूरी।
(ङ) जब औसत से निरपेक्ष विचलनों का योग न्यूनतम हो।
(च) जब चरों की मात्रा अनुपात में हो।
(छ) मुक्तांत बारम्बारता बंटन के मामले में।
उत्तर:
(क) बहुलक
(ख) मध्यिका
(ग) बहुलक या समांतर माध्य
(घ) बहुलक समांतर माध्य
(ङ) समांतर माध्य
(च) माध्यिका
(छ) मध्यिका

केंद्रीय प्रवृत्ति की विशेषताएं Bihar Board Class 11 प्रश्न 2.
प्रत्येक प्रश्न के सामने दिए गए बहु विकल्पों में से सर्वाधिक उचित विकल्प को चिह्नित करें –

1. गुणात्मक मापन के लिए सर्वाधिक उपयुक्त औसत (Average) है।
(क) समांतर माध्य
(ख) माध्यिका
(ग) बहुलक
(घ) ज्यामितीय माध्य
(ङ) उपर्युक्त में से कोई नहीं

2. चरम पदों की उपस्थिति से कौन-सा सर्वाधिक प्रभावित होता है –
(क) माध्किा
(ख) बहुलक
(ग) समांतर माध्य
(घ) ज्यामितीय माध्य
(ङ) हरात्मक माध्य

3. समांतर माध्य से मूत्यों के किसी समुच्चय में विचलन का बीजगणितीय योग है।
(क) द
(ख) 0
(ग) उपर्युक्त कोई भी नहीं
उत्तर:

  1. (ग)

माध्यिका की चार विशेषताएं लिखिए Bihar Board Class 11 प्रश्न 3.
बताइए कि निम्नलिखित कथन सही है या गलत –
(क) माध्यिका से मदों के विचलनों का योग शून्य होता है।
(ख) शृंखलाओं की तुलना के लिए मात्र औसत ही पर्याप्त नहीं है।
(ग) समांतर माध्य एक स्थैतिक मूल्य है।
(घ) उच्च चतुर्थक शीर्ष 25 प्रतिशत मदों का निम्नतम मान है।
(ङ) माध्यिका चमर प्रेक्षणों द्वारा अनुचित रूप से प्रभावित होती है।
उत्तर:
(क) गलत
(ख) सही
(ग) गलत
(घ) सही
(ङ) गलत

Kendriya Pravritti Ki Map Bihar Board Class 11 प्रश्न 4.
यदि नीचे दिए गए आंकड़ों का समांतर माध्य (Arithmetic mean) 28 है, तो –
(क) लुप्त आवृत्ति का पता करें और
(ख) श्रृंखला की माध्यिका ज्ञात करें।
केंद्रीय प्रवृत्ति की माप के प्रश्न उत्तर Bihar Board Class 11
उत्तर:
लुप्त आवृत्ति –
केंद्रीय प्रवृत्ति की विशेषताएं Bihar Board Class 11
AM = 35
\(\bar { x } \) = AM + \(\frac { Σfd’ }{ Σf } \) × C = 35 + \(\frac{-70}{n+80}\) × 10 = 35 + \(\frac{700}{n+80}\)
अतः 35 – \(\frac{700}{n+80}\) = 28 (दिया हुआ है)
अथवा, \(\frac{-700}{n+80}\) = \(\frac{28-35}{1}\) = \(\frac{-7}{1}\); अथवा, \(\frac{100}{n+80}\) = 1
अथवा, n + 80 = 100 अथवा n = 100 – 80 = 20
अतः, आवृत्ति 20 है।

माध्यिका की चार विशेषताएं लिखिए Bihar Board Class 11
M माध्यका = \(\frac{N}{2}\) का मूल्य = \(\frac{100}{2}\) = 50 वें मद का मूल्य। यह मूल्य 20-30 वर्गान्तर में आता है।
माध्यिका = \(l_{1}+\frac{\frac{N}{2}-c f}{f} \times 1\) = 20 + \(\frac{50-30}{27}\) × 10
= 20 + \(\frac{200}{7}\) 20 + 7.41 = 27.41

Kendriya Pravarti Ki Visheshtaen Bihar Board Class 11  प्रश्न 5.
निम्नलिखित सारणी में एक कारखाने के 10 मजदूरों की दैनिक आय दी गई है। इनका समांतर माध्य ज्ञात कीजिए?
Kendriya Pravritti Ki Map Bihar Board Class 11
उत्तर:
\(\bar { X } \) = \(\frac { X_{ 1 }+X_{ 2 }+X_{ 3 }+…..X_{ N } }{ N } \)
\(\bar { X } \) = \(\frac{120+150+180+200+300+220+350+370+260}{10}\)
= \(\frac{2400}{10}\) = 240 रुपए

केंद्रीय प्रवृत्ति की माप का अर्थ लिखिए Bihar Board Class 11 प्रश्न 6.
निम्नलिखित सूचना 150 परिवारों की दैनिक आय से संबद्ध है। समांतर माध्य का परिकलन कीजिए।
Kendriya Pravarti Ki Visheshtaen Bihar Board Class 11
उत्तर:
पहले से अधिक संचयी बारम्बारता की वर्ग आवृत्तियाँ ज्ञात करें।
केंद्रीय प्रवृत्ति की माप का अर्थ लिखिए Bihar Board Class 11
\(\bar { X } \) = A + \(\frac { Σfd’ }{ N } \) × C = 100 + \(\frac{245}{150}\) × 10
= 100 + 16.33
= 116.33

Kendriya Pravritti Ki Visheshtaen Bihar Board Class 11 प्रश्न 7.
नीचे एक गाँव के 380 परिवारों की जोतों का आकार दिया गया है। जोत का माध्यिका ज्ञात कीजिए।
Kendriya Pravritti Ki Visheshtaen Bihar Board Class 11
उत्तर:
जोत के माध्यिका आकार को गणना (Calculation Meidan Size of Holding)
Kendriya Pravarti Ki Visheshtaen Bataiye Bihar Board Class 11
मध्यिका =\(\frac{N}{2}\) मद का मूल्य = \(\frac{65}{2}\) = 190 मद का मूल्य
अतः मद का मूल्य 200 – 300 वर्गान्तर में स्थित है।
मध्यिका = \(l_{1}+\frac{\frac{N}{2}-c f}{f} \times n\)
= 200 + \(\frac{190-129}{148}\) × 100
= 200 + \(\frac{61}{148}\) × 100
= 200 + \(\frac{6100}{148}\) = 200 + 41.21
= 241.21 एकड़

Kendriya Pravarti Ki Visheshtaen Bataiye Bihar Board Class 11 प्रश्न 8.
निम्न श्रृंखला किसी कंपनी में नियोजित मजदूरों की दैनिक आय से सम्बद्ध है। अभिकलन कीजिए –
(क) निम्नतम 50 प्रतिशत मजदूरों की उच्चतम आय
(ख) शीर्ष 25 प्रतिशत मजदूरों द्वारा अर्जित न्यूनतम आय और
(ग) निम्नतम 25 प्रतिशत मजदूरों द्वारा अधिकतम आय।
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 9
उत्तर:
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 10
माध्यिका = \(\frac{N}{2}\) मद का मूल्य = \(\frac{65}{2}\) = 325 मद का मूल्य
32.5 मद का मूल्य 24.5 – 29.5 में निहित है।
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 11
16.25 माध का मूल्य  19.5 – 24.5 वर्गान्तर में निहित है
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 81
तृतीय चतुर्यक (Q3) = (\(\frac{3N}{4}\)) मद का मूल्य
48.75 मद का मूल्य 24.5 – 29.5 वर्गान्तर में है।
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 82

केंद्रीय प्रवृत्ति की विशेषताएं बताइए Bihar Board Class 11 प्रश्न 9.
निम्न सारणी में किसी गाँव के 150 खेतों में गेहूँ की प्रति हेक्टेयर पैदावार की गई है। उत्पादित फसलों का समांतर माध्य, माध्यिका तथा बहूलक परिकल्पित कीजिए।
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 12
उत्तर:
माध्य तथा माध्यिका की गणना
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 13
A.M. = 63.5
C = 3
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 14
बहुलक की गणना – विद्यादर्धि स्वयं ज्ञात करें।
उत्तर:
63.29 की ग्राम प्रति हेक्टयर।

Bihar Board Class 11 Economics केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Additional Important Questions and Answers

अति लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

केंद्रीय प्रवृत्ति Bihar Board Class 11 प्रश्न 1.
एक कक्षा में 6 विद्यार्थियों के किसी विषय में प्राप्तांक प्रमशः 10, 35, 35, 40, 35, 50 हैं तो बहुलक (Mode) मूल्य क्या होगा?
उत्तर:
बहुलक मूल्य (Z) = 35

प्रश्न 2.
दस संख्याओं की समान्तर माध्य (Arithmetic mean) 18 है। यदि 3 को प्रत्येक संख्या में जोड़ दिया जाए तो नई सामन्तर माध्य क्या होगा?
उत्तर:
नई समान्तर माध्य = 21

प्रश्न 3.
खुले सिरे के वितरण में कौन-सी सांख्यिकी माध्य (Mean) की गणना करना आसान है?
उत्तर:

  1. सांख्यिकी
  2. बहुलक।

प्रश्न 4.
समान्तर माध्य (Average Mean), माध्यिका (Median) तथा बहुलक (Mode) के संबंध को व्यक्त करने वाला सूत्र लिखिए।
उत्तर:
Z = 3m = 2x

प्रश्न 5.
एक सामान्य रूप से असमानिक बंटन में समान्तर माध्य (X) = 10 माध्यिका (M) = 10 है तो बहुलक (Z) क्या होगा?
उत्तर:
Z = 30 – 20 = 10

प्रश्न 6.
चतुर्थक (Quartiles) किसे कहते हैं?
उत्तर:
चतुर्थक वे मूल्य होते हैं जो क्रमबद्ध आंकड़ों को चार बराबर भागों में बाँटते हैं।

प्रश्न 7.
एक व्यक्तिगत समंकमाला में समान्तर माध्य (Arithmetic mean) की गणना कैसे की जाती है?
उत्तर:
\(\bar{X}=\frac{\sum X}{N}\)

प्रश्न 8.
दूसरे चतुर्थक (Q2) का मूल्य किसी सांख्यिकीय माध्य के बराबर होता है?
उत्तर:
दूसरा चतुर्थक = माध्यिका।

प्रश्न 9.
बहुलक (Mode) का बिन्दुरेखीय माप किसके द्वारा किया जाता है?
उत्तर:
आवृत्ति आयत द्वारा।

प्रश्न 10.
माध्यिका (Median) की बिन्दुरेखीय गणना किसके द्वारा की जाती है?
उत्तर:
संचयी आवृत्ति वक्र (ओजाइव) द्वारा।

प्रश्न 11.
सामूहिक माध्य क्या है?
उत्तर:
जब दो मदों से अधिक श्रेणियों के माध्य की गणना एक साथ की जाती है तो इसे सामूहिक माध्य कहा जाता है।

प्रश्न 12.
बहुलक का एक लाभ लिखें।
उत्तर:
वह चरम मूल्यों से प्रभावित नहीं होता।

प्रश्न 13.
बहुलक को ज्ञात करते समय प्रयोग में आने वाली सारणियों के नाम लिखें।
उत्तर:

  1. समूहीकरण सारणी, तथा
  2. विश्लेषण सारणी।

प्रश्न 14.
ओजाइब वक्र की सहायता से माध्यिका को कैसे निकाला जाता है?
उत्तर:
जिस बिन्दु पर ‘से कम’ ओजाइब वक्र तथा ‘से अधिक’ ओजाइव वक्र एक दूसरे को काटते हैं, वहीं माध्यिका का निर्धारण होता है।

प्रश्न 15.
केन्द्रीय प्रवृत्ति के माप का अन्य नाम क्या है?
उत्तर:
सांख्यिकी माध्य।

प्रश्न 16.
केन्द्रीय प्रवृत्ति के किन्हीं तीन प्रचलित मापों के नाम लिखिए।
उत्तर:

  1. माध्य
  2. माध्यिका
  3. बहुलक

प्रश्न 17.
समान्तर माध्य क्या है?
उत्तर:
समान्तर माध्य वह मूल्य है जो किसी श्रृंखला के सभी मदों के मूल्यों के जोड़ को उनकी कुल संख्या से भाग देने पर प्राप्त होता है।

प्रश्न 18.
समान्तर माध्य की गणना का सूत्र लिखिए।
उत्तर:
\(\bar{X}=\frac{\sum X}{N}\)

प्रश्न 19.
‘बहुलक’ किसे कहते हैं?
उत्तर:
वह मूल्य जो समंकमाला में सबसे अधिक बार आता है, बहुलक कहलाता है।

प्रश्न 20.
‘माध्यिका’ किसे कहते हैं?
उत्तर:
माध्यिका वह मूल्य है जो क्रमबद्ध समंकमाला को दो बराबर भागों में बाँटता है।

प्रश्न 21.
पाँच विद्यार्थियों के किसी विषय में प्राप्तांक 11, 12, 13, 14 तथा 15 हैं तो उनकी माध्यिका (median) क्या होगी?
उत्तर:
M (माध्यिका) = 13

प्रश्न 22.
माध्यिका ज्ञात करें यदि समान्तर माध्य 40 व बहुलक 36 हो।
उत्तर:
बहुलक = 3 माध्यिका – 2 माध्य
36 = 3 माध्यिका – 2 × 4
36 + 80 = 33 माध्यिका
माध्यिका = 116 + 3 = 38.67

प्रश्न 23.
केन्द्रीय प्रवृत्ति का औसत के तीन सर्वाधिक सांख्यिकीय माप लिखें।
उत्तर:

  1. समांतर माध्य
  2. माध्यिका, तथा
  3. बहुलक

प्रश्न 24.
समांतर माध्य, माध्यिका एवं बहुलक की सापेक्षिक स्थिति लिखें।
उत्तर:
समांतर माध्य, माध्यिका एवं बहुलक की सापेक्षिक स्थिति निम्नलिखित है –
समांतर माध्य > माध्यिका > बहुलक
बहुलक > माध्यिका अथवा समांतर माध्य
माध्यिका हमेशा समांतर माध्य और बहुलक के बीच में होती है।

प्रश्न 25.
क्या माध्यिका का निर्धारण रेखाचित्र के द्वारा किया जा सकता है? यदि हाँ, तो रेखाचित्र का नाम बताएं।
उत्तर:
हाँ, ओजाइव वक्र।

प्रश्न 26.
अखंडित श्रेणी में बहुलक ज्ञात करने का सूत्र लिखें।
उत्तर:
\(Z=l_{1} \frac{f_{1}-f_{2}}{2 f_{1}-f_{0}-f_{2}} \times 1\)

प्रश्न 27.
किस प्रकार के आवृत्ति वितरण में बहुलक का मूल्य समान्तर माध्य से अधिक होता है?
उत्तर:
ऋणात्मक विषमता वाले आवृत्ति वितरण में।

प्रश्न 28.
लघु विध और पद विचलन विधि में क्या अंतर है?
उत्तर:
लघु विधि में उभयनिष्ठ गुणक (Common factor) का प्रयोग नहीं किया जाता जबकि पद-विचलन विधि में उभयनिष्ठ गुणक (Common factor) के द्वारा विचलनों को विभाजित किया जाता है।

प्रश्न 29.
यदि किसी श्रेणी में पदों की संख्या 100 है और उसका समान्तर माध्य 4 है तो श्रेणी के सभी मूल्यों का योग कितना होगा?
उत्तर:
ΣX = 100 × 4 = 400

प्रश्न 30.
निम्न श्रेणी में माध्यिका का मूल्य ज्ञात कीजिए –
2, 8, 7, 3, 9, 10 तथा 6
उत्तर:
7

प्रश्न 31.
बहुलक ज्ञात करने के लिए समूहीकरण सारणी में कॉलमों की संख्या कितनी होती है?
उत्तर:
6

प्रश्न 32.
विभाजन मूल्य से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
यह वह मूल्य है जो समंक श्रेणी को दो या दो से अधिक भागों में विभाजित करता है।

प्रश्न 33.
किन्हीं चार विभाजन मूल्यों के नाम बताओ।
उत्तर:

  1. चतुर्थक
  2. दशमक
  3. शतमत
  4. माध्यिका

प्रश्न 34.
निम्न समंकों से निम्न चतुर्थक ज्ञात करें।
उत्तर:
= \(\frac{N+1}{4}\) = \(\frac{7+1}{4}\) = दूसरी मद = 7

प्रश्न 35.
प्रथम और तृतीय चतुर्थक के वैकल्पिक नाम लिखें।
उत्तर:
%Q1 तथा Q2

प्रश्न 36.
यदि \(\bar { X } \) = 25, M = 26 तो बहुलक ज्ञात करें।
उत्तर:
बहुलक = 3 माध्यिका – 2 माध्य
बहुलक = 3 × 26 – 2 × 25 = 78 – 50 = 28

लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
यदि किसी श्रृंखला की माध्यिका 20 सेंटीमीटर तथा माध्य 16 सेंटीमीटर हो तो भूयिष्ठक ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
भूयिष्ठक = 3 माध्यिका – 2 माध्य
या 2 = 3M – 2\(\bar { X } \)
यहाँ M = 20 सेमी
अतएव z = 3 × 20 – 2 × 16
z = 60 – 32 = 28 सेमी

प्रश्न 2.
निम्नलिखित तालिका की माध्यिका ज्ञात करें
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 15
उत्तर:
माध्यिका = \(\frac{N+1}{2}\) मद का मूल्य
= \(\frac{9+1}{2}\) = 5 वें मद का मूल्य = 6

प्रश्न 3.
माध्यिका के गुण लिखें।
उत्तर:
माध्यिका के गुण (Merits of Median):

  1. इसकी गणना बहुत सरल होती है।
  2. इसका मूल्य निश्चित होता है।
  3. माध्यिका मूल्य चरम सीमाओं से प्रभावित नहीं होता।
  4. गुणात्मक तथ्य जैसे-योग्यता, सुंदरता आदि के माप में अधिक सहायता होता है।
  5. यदि श्रेणी के कुछ मूल्य न भी ज्ञात हों तो माध्यिका ज्ञात की जा सकती है।
  6. माध्यिका की गणना बिन्दु विधि द्वारा की जा सकती है।

प्रश्न 4.
माध्यिका के दोष लिखें।
उत्तर
माध्यिका के दोष (Demerits of Median):

  1. यदि श्रेणी के विभिन्न मूल्यों का वितरण अनियमित हो तो माध्यिका समूह का पूर्ण प्रतिनिधित्व नहीं करती।
  2. इसमें श्रेणी के सभी मूल्यों को एक समान महत्त्व दिया जाता है।
  3. इसका समान्तर माध्य की भाँति बीजगणितीय प्रयोग संभव नहीं है।
  4. माध्यिका ज्ञात करने के लिए आंकड़ों को आरोही क्रम में क्रमबद्ध करना आवश्यक है।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित तालिका में रिक्त स्थानों की पूर्ति और तालिका के बाद दिये गये प्रश्नों के उत्तर दें।
उत्तर:
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 16

  1. क्या चरम सीमा से माध्यिका प्रभावित होती है?
  2. क्या माध्यिका समांतर माध्य से श्रेष्ठ विधि है?

Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 17

  1. माध्यिका चरम सीमा से प्रभावित नहीं होती।
  2. हाँ, माध्यिका समांतर माध्य से श्रेष्ठ विधि है।

प्रश्न 6.
एक श्रेणी का बहुलक ज्ञात करें जिसके समांतर माध्य तथा माध्यिका क्रमशः 16 सेमी० तथा 20 सेमी० हैं।
उत्तर:
बहुलक = 3 माध्यिका – 2 समांतर माध्य
= (3 × 20) – 1 (2 × 16)
= 60 – 32 = 28 सेमी०

प्रश्न 7.
आठ परिवारों की दैनिक आय निम्नलिखित है –
170, 500, 250, 700, 400, 200, 350
परिवार की औसत दैनिक आय (Average daily income) निकालिए।
उत्तर:
समान्तर माध्य की गणना (Calculation of Arithmetic Mean):
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 18
X = \(\frac{ΣX}{N}\) = \(\frac{2870}{8}\) = 358.75

प्रश्न 8.
एक कक्षा के 50 छात्रों की औसत 61 इंच है तथा दूसरी कक्षा के 70 छात्रों की औसत ऊँचाई 58 इंच है। दोनों कक्षाओं के सभी छात्रों की सामूहिक ऊँचाई ज्ञात करें।
उत्तर:
दिया है n1 = 50, \(\bar { X } \)1 = 61, n2 = 70, \(\bar { X } \) = 58
X12 = \(\frac{50×61+70×58}{50+70}\) = \(\frac{3050+4060}{120}\) = \(\frac{7110}{120}\) = 59.25 इंच

प्रश्न 9.
एक छात्र के सीनियर सेकंडरी परीक्षा में अंग्रेजी में 60%, हिन्दी में 75% तथा गति में 63% अंक हैं। यदि इन विषयों का भार क्रमश 1, 1 तथा 2 है तो भारित समान्तर माध्य (WeightArithmetic Mean) निकालें।
उत्तर:
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 19
∴ \(\bar { X } _{ \omega }\) = \(\frac{261}{4}\) = 65.25
अतः भारित समान्तर माध्य = 65.25 अंक।

प्रश्न 10.
सिद्ध करें कि मध्यमान तथा चरों की संख्या का गुणनफल चरों के मूल्य के योग के बराबर होता है।
उत्तर:
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 20
5 मदों का योगफल = 25
मध्यमान = \(\frac{25}{5}\) = 5
मध्यमान X मदों की संख्या 5 × 5 = 25
अतः सिद्ध हुआ कि मदों का योग = मध्यमान तथा मदों के संख्या के गुणनफल के बराबर होता है।

प्रश्न 11.
किन-किन परिस्थितियों में माध्यिका तथा बहुलक प्रवृत्ति के मापों के रूप में सबसे अधिक उपयोगी है?
उत्तर:

  1. खुले सिरे वाली श्रृंखला में माध्यिका तथा बहुलक की गणना आसानी से की जा सकती है जबकि समानान्तर माध्य की गणना करना कठिन है; क्योंकि ऐसे वर्गों का मध्य मूल्य निकालना संभव नहीं होता।
  2. माध्यिका तथा बहुलक श्रेणी के चरम मूल्यों से प्रभावित नहीं होते जबकि समानान्तर माध्य पर चरम मूल्यों का प्रभाव पड़ता है।
  3. माध्यिका तथा बहुलक का मूल्य आरेखीय विधियों जैसे-ओजाइव आवृत्ति आयत द्वारा ज्ञात किया जा सकता है जबकि समानान्तर माध्य ज्ञात करने की कोई आरेखीय विधि नहीं है।

प्रश्न 12.
समान्तर माध्य प्रवृत्ति का सबसे अधिक प्रचलित माप क्यों है? कोई तीन कारण दीजिए।
उत्तर:
समान्तर माध्य केन्द्रीय प्रवृत्ति का सबसे प्रचलित माप है, क्योंकि –

  1. इसकी गणना करना आसान है तथा इसे समझना आसान है।
  2. यह श्रेणी के सभी मूल्यों पर आधारित है।
  3. यह प्रतिचयन के उच्चावनों के द्वारा बहुत कम प्रभावित होता है।

प्रश्न 13.
समान्तर माध्य की कोई दो सीमाएं लिखिए।
उत्तर:
समान्तर माध्य की मुख्य सीमाएँ निम्न हैं –

  1. चरम मूल्यों द्वारा प्रभावित होती है। कोई भी बड़ा मूल्य या छोटा मूल्य इसे बढ़ा सकता है अथवा कम कर सकता है।
  2. खुले सिरे के वर्गों में इसकी गणना करना संभव नहीं, क्योंकि खुले सिरे के वर्ग में मध्य मूल्य को निकालना कठिन है।

प्रश्न 14.
माध्यिका तथा बहुलक में अन्तर के दो आधार बताइए।
उत्तर:

  1. माध्यिका निश्चित होती है जबकि बहुलक प्रायः अस्पष्ट और अनिश्चित होता है। कभी-कभी श्रेणी में दो या अधिक पद बहुलक हो जाते हैं।
  2. माध्यिका उन समस्याओं का अध्ययन करने के लिए उपयोगी है जो परिणाम में व्यक्त नहीं की जा सकी हैं जैसे-स्वास्थ्य, बुद्धिमानी आदि; जबकि बहुलक विभिन्न वस्तुओं जैसे-जूते, सिले कपड़े, हैट आदि के अध्ययन के लिए उपयोगी है।

प्रश्न 15.
समांतर माध्य की बीजगणितीय विशेषताएँ बताइए।
उत्तर:
समान्तर माध्य की कुछ बीजगणितीय विशेषताएँ निम्न हैं –
1. किसी श्रेणी के विभिन्न पद मूल्यों के समानान्तर माध्य में निकाले गए विचलनों का प्रयोग शून्य होता है अर्थात् Σ(X – \(\bar { X } \)) = 0

2. किसी श्रेणी के समानान्तर माध्य से निकाले गए विचलनों के वर्गों का योग न्यूनतम होता है।
Σ (X – \((\bar { X } )^{ 2 }\)) = न्यूनतम

3. किसी श्रेणी के दो अथवा अधिक भागों के पद मूल्यों की संख्या तथा समानान्तर माध्य ज्ञात होने पर समानान्तर माध्य ज्ञात हो जा सकती है, अर्थात्
\(\bar{X}_{12}=\frac{\bar{X}_{1} N_{1}+\bar{X}_{2} N_{2}}{N_{1}+N_{2}}\)

प्रश्न 16.
यदि बहुलक 30 और माध्यिका 25 है तो समांतर माध्य ज्ञात करें।
उत्तर:
बहुलक = 3 माध्यिका – 2 समांतर माध्य
30 = 3 × 25 – 2 समांतर माध्य
समांतर माध्य = \(\frac{45}{2}\) = 22.5

प्रश्न 17.
निम्न आँकड़ों की सहायता से माध्यिका (Median) ज्ञात कीजिए –
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 21
उत्तर:
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 22

प्रश्न 18.
पाँच परिवारों की मासिक आय नीचे दी गई है –
6550, 7550, 9550, 4550 तथा 8000 लघु विधि से माध्य की गणना करें।
उत्तर:
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 23

प्रश्न 19.
प्रत्यक्ष विधि से निम्नलिखित वितरण का समान्तर (Arithmetic mean) ज्ञात करें।
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 24
उत्तर:
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 25

प्रश्न 20.
गलत मूल्य लिखने के कारण अशुद्ध समान्तर माध्य से शुद्ध समान्तर माध्य की गणना कैसे करेंगे?
उत्तर:
गलत मूल्य लिखने के कारण अशुद्ध समान्तर माध्य से शुद्ध समांतर माध्य की गणना में निहित चरण (Steps involved in calculationg correct A.M. from incorrect A.M. due to writing incorrect value):

  1. अशुद्ध समांतर माध्य को संख्या (N) से गुणा करें अर्थात् X × N
  2. \(\bar { X } \) × N से गलत मूल्य को घटाएँ और सही मूल्य को जोड़ें।
  3. जोड़ को N से भाग करें और शुद्ध समांतर माध्य प्राप्त करें।

प्रश्न 21.
100 विद्यार्थियों द्वारा प्राप्त औसत अंक 50 के बाद स्थान में यह ज्ञात हुआ कि एक विद्यार्थी के अंक 63 के स्थान पर 93 पढ़े गए, तो शुद्ध औसत अंत वया होंगे?
उत्तर:
दिया गया \(\bar { X } \) = 50N = 100
\(\bar { X } \) = \(\frac{ΣX}{N}\)
50 = \(\frac{ΣX}{100}\); ΣX = 5000
अशुद्ध अंक (93) को निकाल कर और शुद्ध अंक (63) को जमा करके
ΣX = 5800 – 91 + 63 = 5970
∴ शुद्ध \(\bar { X } \) = \(\frac{4970}{100}\) = 49.70

प्रश्न 22.
किसी कक्षा के 100 विद्यार्थियों के माध्य अंक 48 हैं। जाँच करने के बाद पता चला कि सिकी एक विद्यार्थी के अंक 53 के स्थान पर 73 जोड़ लिए गए हैं। सही समान्तर माध्य ज्ञात करें।
उत्तर:
अशुद्ध ΣX = N × \(\bar { X } \) = 100 × 48 = 4800
शुद्ध ΣX = 4800 – 73 + 53 = 4780
अतः शुद्ध समांतर माध्य (\(\bar { X } \)) = \(\frac{ΣX}{N}\) = \(\frac{4780}{100}\) =47.8 अंक

प्रश्न 23.
मदों का समांतर माध्य 7 है, किंन्तु जाँच करने पर मालूम हुआ की दो मदें और के स्थान पर 5 और 9 ले ली गइ सही समांतर माध्य ज्ञात करें।
उत्तर:
अशुद्ध ΣX = 7 × 5 = 35
शुद्ध ΣX = 35 – 4 – 8 + 5 + 9 = 37
समांतर माध्य \(\bar { X } \) = \(\frac{ΣX}{N}\) = \(\frac{37}{5}\) = 7.4

प्रश्न 24.
समांतर माध्य को चरों के मूल्यों के वितरण का गुरुत्वाकर्षण केन्द्र क्यों कहा गया है? समझाएँ।
उत्तर:
समांतर माध्य की गणना करने के लिए हम सभी चरों के मूल्यों को लेते हैं। उनके जोड़ को चरों की संख्या से विभाजित करते हैं। समांतर माध्य से धनात्मक विचलनों का योगफल ऋणात्मक विचलनों के जोड़ के बराबर होता है। दूसरे शब्दों में हम कह सकते हैं कि धनात्मक तथा ऋणात्मक विचलन एक दूसरे को संतुलित करते हैं। इसका तात्पर्य यह हुआ कि समांतर माध्य चरों के मूल्यों के वितरण का गुरुत्वाकर्षण केन्द्र है।

प्रश्न 25.
मान लो माध्यिका का मूल्य 26 है और समांतर माध्य का मूल्य 25 है तो ऐसी अवस्था में बहुलक का मूल्य क्या होगा?
उत्तर:
बहुलक = 3 माध्यिका – 2 समांतर माध्य = 3 × 26 – 2 × 25
= 78 – 50 = 28

प्रश्न 26.
समांतर माध्य की एक विशेषता यह है कि यह बहुत बड़े या बहुत छोटे मूल्य से प्रभावित होता है। उदाहरण की सहायता से यह प्रमाणित करें।
उत्तर:
उदाहरण के लिए हम नीचे 5 श्रमिकों की दैनिक मजदूरी लेते हैं –
45, 55, 55, 65, 70 रुपए
इनका समांतर माध्य (x) = \(\frac{ΣX}{N}\) = \(\frac{290}{50}\) = 58 रुपए
अब हम मान लेते हैं कि एक ओर श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 100 रु० है तो ऐसी अवस्था में समातर माध्य \(\bar { X } \) = \(\frac{480}{5}\) = 80 रुपए
उदाहरण से यह सिद्ध होता है कि एक बड़ी संख्या लेने से समांतर माध्यं काफी प्रभावित हुआ। (पहले यह 58 रुपये था अब यह 80 रुपए है।)

प्रश्न 27.
निम्नलिखित तालिका से भारित माध्य ज्ञात करें –
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 26
उत्तर:
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 27

प्रश्न 28.
मान लो 5 मदों की एक श्रेणी का समांतर माध्य है। उनमें चार मदों का मूल्य क्रमशः 10, 15, 30 और 35 है। श्रेणी के 5वें मद का लुप्त मूल्य ज्ञात करें।
उत्तर:
\(\bar { X } \) = \(\frac { 10+30+15+35+X_{ 5 } }{ N_{ 5 } } \)
\(\frac { 90+X_{ 5 } }{ 5 } \)
30 = \(\frac { 90+X_{ 5 } }{ 5 } \)
अर्थात् 90 + X5 = 150; X5 = 150 – 90 = 60
अत: लुप्त मद का मूल्य = 60 है।

प्रश्न 29.
एक विद्यार्थी के अंग्रेजी में 60 अंक, हिन्दी में 75, गणित में 63, अर्थशास्त्र में 59 तथा सांख्यिकी में 55 अंक आए। अंकों का भारित औसत ज्ञात करें यदि भारित औसत क्रमशः 2, 1, 5, 5 तथा 3 हो।
उत्तर:
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 28

प्रश्न 30.
निम्न तालिका की सहायता से सामूहिक समान्तर माध्य ज्ञात करें –
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 29
उत्तर:
सामूहिक समांतर माध्य = \(\frac{(75×50)+(60×60)+(55+60)}{50+60+50}\)
= \(\frac{3750+3600}{160}\) = \(\frac{10.100}{160}\) = \(\frac{10.100}{160}\) = 63.125 अंक

प्रश्न 31.
एक कार्यस्थल पर 50 आदमी, 20 औरतें और 10 बच्चे कार्य करते हैं। उनकी मजदूरी 8 रुपए, 6 रुपए और 4 रुपए प्रति घंटा है। उनकी प्रति घंटा दे की गणना करें।
उत्तर:
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 30
XW = \(\frac{ΣWX}{ΣW}\) = \(\frac{560}{80}\) = 7 प्रति घंटा

प्रश्न 32.
उदाहरण से सिद्ध करें कि माध्यिका से विचलनों का योगफल (± चिह्न) ध्यान में रखते हुए दूसरे बिन्दू के विचलनों को जोड़ से कम होता है।
उत्तर:
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 31
माध्यिका = \(\frac{N+1}{2}\) मद का मूल्य = \(\frac{5+2}{2}\) = तीसरे मद का मूल्य = 12
अन्य बिन्दु (माना) = 10
यहाँ पर मध्यिका से विचलनों का जोड़ (Σd) = 60 और अन्य बिन्दु (10) से विचलनों का जोड़ 10 है।
अतः सिद्ध हुआ कि माध्यिका से विचलनों का योगफल अन्य बिन्दु से विचलनों के योगफल से कम है।

प्रश्न 33.
उदाहरण से सिद्ध करें कि भारित समांतर माध्य साधारण समांतर माध्य से कम होगा तब कम मूल्य वाली मदों को अधिक भार दिया जाता है और अधिक मूल्य वाले मदों को कम।
उत्तर:
प्रश्न में दिए गए कथन को सिद्ध करने के लिए हम निम्न तालिका लेते हैं –
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 32

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
केन्द्रीय प्रवृत्ति से आप क्या समझते हैं? सांख्यिकीय माध्य के उद्देश्य तथा कार्य क्या हैं?
उत्तर:
केन्द्रीय प्रवृत्ति का आशय (Meaning of Central Tendency):
एक समंकमाला की केन्द्रीय प्रवृत्ति का आशय उस समंकमाला के अधिकांश मूल्यों की किसी एक मूल्य के आस-पास केन्द्रित होने की प्रवृत्ति से है। किसी समंकमाला या आवृत्ति वितरण में शीर्ष मूल्य तो कम ही होते हैं, अधिकांश मूल्य पदमाला के मध्य में ही केन्द्रित रहते हैं। उदाहरणत: यदि किसी कक्षा में सांख्यिकी अध्ययन करने वाले विधार्थियों की कोई परीक्षा ली जाए तो परीक्षार्थियों में बहुत अच्छे और बहुत कम अंक प्राप्त करने वाले छात्र तो कम होंगे, अधिकांश छात्रों के प्राप्तांक पूर्णांकों को 50% के आस-पास रहेंगे।

स्वाभाविक है कि यह केन्द्रीयकरण लगभग बीच के मूल्यों में ही निहित होता है। ये केन्द्रीय मूल्य ही केन्द्रीय प्रवृत्ति की माप अथवा माध्य कहे जाते हैं, इस प्रकार माध्य सम्पूर्ण समंकमाला का एक प्रतिनिधि मूल्य होता है और इसलिए इसका स्थान सामान्यता श्रेणी के मध्य में ही होता है। क्रॉक्स्टन एवं काउडेन (Croxtpm & Cowden) के शब्दों में, “माध्य समंकों के विस्तार के अंतर्गत स्थित एक ऐसा मूल्य है जिसका प्रयोग श्रेणी के सभी मूल्यों का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जाता है। समंकमाला के विस्तार के मध्य में स्थिति होने के कारण ही माध्य को केन्द्रीय मूल्य माप भी कहा जाता है।”

(“An average is a single value within the range of the date that is used to represent all of the values in the series. Since an average is somewhere within in the range of date, it is sometimes called a measure of central value.”)

इसी प्रकार ए० आई० वॉघ (Waugh) के शब्दों में, एक माध्य मूल्यों के एक समूह से चुना गया वह मूल्य है जो उसका किसी रूप में प्रतिनिधित्व करता है-एक ऐसा मूल्य है जो पूर्ण समूह के मूल्यों के प्रतिरूप में है जिसका वह एक अंश है।” (An average is a single value selected from a group of Values to present them in some way a value which is supposed to spot for whole group of which it is part or thpical of all the values in the group)

सांख्यिकीय माध्यों के उद्देश्य एवं कार्य (Objects and Functions of Statistical Averages) सांख्यिकीय माध्यों के मुख्य उद्देश्य व कार्य निम्नलिखित हैं –

1. समंकों का संक्षिप्त चित्र प्रस्तुत करना (To present a brief picture of the entire data):
माध्यों द्वारा जटिल और अव्यवस्थित समंकों की मुख्य विशेषताओं का सरल, स्पष्ट एवं संक्षिप्त चित्र प्रस्तुत किया जाता है। इससे उन समंकों को समझना व याद रखना बहुत सुगम हो जाता है। उदाहरणार्थ, 102 करोड़ भारतवासियों की अलग-अलग आयु को याद रखना एक असंभव-सी बात है, परन्तु औसत वायु प्रत्येक व्यक्ति याद रख सकता है।

इसी प्रकार 102 करोड़ व्यक्तियों की आयु के समंक याद रखना असंभव है, लेकिन औसत आयु सुगमता से याद रखी जा सकती है। अत: माध्य समंकों का विहंगम दृश्य (Bird’s eye view) प्रस्तुत करते हैं। मोरोन (Moroney) ने ठीक ही कहा है, “माध्य का उद्देश्य व्यक्तिगत मूल्यों के समूह का सरल और संक्षिप्त रूप से प्रतिनिधित्व करना है जिससे कि मस्तिष्क समूह की इकाइयों के सामान्य आकार को शीघ्रता से ग्रहण कर सके।”

(The purpose of average is to represent a group of individual values in a simple and concise manner so that the mind can get a quick understanding .. the general size of the individual in the group.”)

2. तुलना में सहायक होना (To facilitate comparison):
माध्य समंकों की समस्त राशि को संक्षिप्त व सरल करके तुलना योग्य बनाते हैं। समंक की तुलना से बहुत महत्त्वपूर्ण निष्कर्ष निकाल जा सकते हैं। उदाहरण के लिए विभिन्न देशों की औसत आयु की तुलना से ज्ञात किया जा सकता है कि कौन-सा देश सबसे अधिक समृद्धिशाली है तथा कौन-सा सबसे कम।

3. उपयुक्त नीतियों के निर्धारण में सहायक होना (To help in the formulation of suitable policies):
माध्य उपयुक्त नीतियों के निर्धारण में बहुत अधिक सहायक होते हैं। उदाहरण के लिए यदि किसी विद्यालय में बी०ए० के तृतीय वर्ष की चार कक्षाओं के ‘क’ ‘ख’, ‘ग’, एवं ‘घ’, के विद्यार्थियों के किसी विषय में औसत नंबर इस प्रकार हैं – 60, 58, 40 एवं 55 तो इससे यह निष्कर्ष निकलेगा कि कक्षा ‘ग’ के विद्यार्थी इस विषय में बहुत कमजोर हैं और उनकी कमी को दूर करने के लिए विशेष प्रबंध करना आवश्यक है।

4. सांख्यिकीय विश्लेषण का आधार (Basis of Statistical Analysis):
सांख्यिकीय विश्लेषण की अनेक क्रियाएँ माध्यों पर आधारित हैं।

प्रश्न 2.
आदर्श माध्य के आवश्यक गुण लिखें।
उत्तर:
आदर्श माध्य के आवश्यक गुण (Requirements of a model average):
एक आदर्श माध्य के निम्नलिखित गुण होने चाहिए –

1. समझने में सरल (Easy to Understand):
सांख्यिकीय विधियों का प्रयोग समंकों को संक्षिप्त तथा सरल बनाने के लिए किया जाता है। अत: माध्य ऐसा होना चाहिए जो आसानी से समझा जा सके, अन्यथा इसका प्रयोग बहुत ही सीमित होगा।

2. समझने में सरल (Easy to Compute):
माध्य की गणना-क्रिया सरल होनी चाहिए ताकि इसका प्रयोग व्यापक रूप से हो सके। यद्यपि माध्य का निर्धारण जहाँ तक हो सके सरल होना चाहिए तथापि विशेष परिस्थितियों में परिणाम की शुद्धता के लिए अधिक कठिन माध्यों का प्रयोग भी किया जा सकता है।

3. श्रेणी के सभी मूल्यों पर आधारित (Based on all the items of the series):
माध्य श्रेणी के सभी मूल्यों पर आधारित होना चाहिए एक या अधिक मूल्यों में परिवर्तन होने से माध्य में परिवर्तन हो सके। यदि माध्य श्रेणी के सभी मूल्यों पर आधारित नहीं है तो वह पूरे समूह का प्रतिनिधित्व ठीक प्रकार से नहीं कर सकता।

4. न्यूनतम तथा अधिकतम मूल्यों पर अनुचित प्रभाव से बचाव (Should not be unduly affected by Extreme items):
यद्यपि माध्य सभी मूल्यों पर आधारित होना चाहिए तथापि किसी विशेष मूल्य पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए अन्यथा माध्य समंकों का सही रूप व्यक्त नहीं करेगा।

5. स्पष्ट व स्थिर (Rigidly defined):
माध्य की परिभाषा स्पष्ट शब्दों में व्यक्त होनी चाहिए ताकि जो भी व्यक्ति दिए हुए समंकों से माध्य निकाले वह एक निष्कर्ष पर पहुँचे। इसके लिए यह आवश्यक है कि माध्य गणितीय सूत्र के रूप में दिया जाए। यदि माध्य की गणना में व्यक्तिगत प्रवृत्तियों का प्रभाव पड़ा तो फल भ्रामक तथा अशुद्ध होंगे।

6. बीजगणितीय विवेचना संभव (Capable of algebrate treatment):
एक अच्छे माध्य की बीजगणितीय विवेचन संभव होना चाहिए। उदाहण के लिए यदि दो कारखानों में मजदूरों की संख्या तथा उनकी औसत आय से संबंधित समंक दिए गए हों तो दोनों कारखानों के मजदूरों की आय का सामूहिक माध्य निकालना संभव होना चाहिए।

7. न्यादर्शों की भिन्नता का कम से कम प्रभाव (Least effects of flucuations of sampling):
यदि एक ही समग्र में से उचित रीति द्वारा विभिन्न न्यादर्श लेकर माध्य निकाले जाएं तो उन माध्यों में बहुत अधिक अंतर नहीं होना चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि एक विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को 10 भागों में बाँट कर 10 न्यादर्श लिए गए हैं तो उनके परिणामों में बहुत अधिक असमानता नहीं होनी चाहिए।

प्रश्न 3.
माध्य या औसत क्या है? इसके उद्देश्य (कार्य) क्या है?
उत्तर:
श्रेणी की केन्द्रीय प्रवृत्तियों की माप को माध्य या माप औसत कहते हैं। माध्य एक श्रेणी का प्रतिनिधि अंक होता है। यह अंकगणितीय विधि है जिसके द्वारा परिणाम संक्षेप में व्यक्त किया जाता है और वह परिणाम पूरी श्रेणी का प्रतिनिधित्व करता है। केन्द्रीय प्रवृत्तियों के माप या माध्यों का आर्थिक विश्लेषण में बहुत महत्त्वपूर्ण स्थान है। यहाँ तक की सांख्यिकी औसतों को विज्ञान कहकर परिभाषित किया जाता है।
माध्य या औसत निम्नलिखित तीन प्रकार के होते हैं –

  1. समांतर माध्य (Arithmetic Mean)
  2. मध्यिका (Median)
  3. उभयष्ठिक या बहुलक (Mode)

औसतों या माध्यमों के उद्देश्य (कार्य):

1. सरलीकरण तथा संक्षिप्तीकरण (Simplication):
माध्यों की सहायता से विशाल आँकड़ों को सरल एवं संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। उदाहरणार्थ देश के प्रत्येक व्यक्ति की आय को याद रखना संभव नहीं है, परन्तु प्रति व्यक्ति आय को याद रखना और समझना आसान है। इसी प्रकार औसत आयु, औसत अंक, औसत वेतन जैसे जटिल आँकड़ों को संक्षिप्त और सरल रूप में प्रस्तुत करते हैं।

2. तुलना में सहायक (Helpful in comparison):
माध्यकों की सहायता से दो तथ्यों की तुलना करना आसान हो जाता है। उदाहरणार्थ दो देशों की औसत आयु की तुलना करके उनकी आर्थिक दशा का पता लगाया जा सकता है।

3. भावी योजनाओं में सहायक (Helpful in future planning):
व्यापारी, अर्थशास्त्री आदि माध्यों के आधार पर महत्त्वपूर्ण निर्णय लेते हैं और इस प्रकार से ये उनकी भावी योजनाओं के निर्माण में सहायक होते हैं।

4. माध्यों द्वारा व्यक्तिगत व बिखरे तथ्यों को आसानी से समझा जा सकता है।

प्रश्न 4.
समान्तर माध्य किसे कहते हैं? इनकी विशेषताएँ लिखें।
उत्तर:
समान्तर माध्य (Arithmetic mean):
समान्तर माध्य से अभिप्राय उस मूल्य से है जो किसी श्रेणी के समस्त मूल्यों के योग को उनकी इकाइयों की संख्या से भाग देने पर प्राप्त होता है। समान्तर माध्य केन्द्रीय प्रवृत्ति का सबसे उत्तम माप माना जाता है। यह सबसे अधिक प्रचलित माप है। उदाहरण के लिए 2, 4, 8, 14 का समान्तर माध्य = \(\frac{2+4+8+14}{4}\) = 7 हैं।

समान्तर माध्य की विशेषताएँ (Special features of Arithmetic Mean):
समांतर माध्य की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं –

1. समान्तर माध्य से लिए गए विचलनों का योग शून्य होता है। समीकरण में,
Σ(X – c) = 0

2. मान लें कुछ परिवारों की मासिक आय के बारे में चिन्तन कर रहे हैं। यदि कुल आय का वितरण समान है तो समान्तर माध्य हमें यह आय देगा जो प्रत्येक परिवार प्राप्त करेगा।
मान लो कुल आय = 40,000 रुपए
परिवारों की संख्या = 8
समान्तर माध्य = 40,000 + 8 = 5,000
अतः प्रत्येक परिवार की आय 5000 रुपए होगी यदि आय का वितरण समान है।

3. समान्तर माध्य को अंकगणितीय विशेषता निकालना सरल है।

4. समान्तर माध्य की गणना करने के लिए हम सभी चरों के मूल्य को लेते हैं। किसी चर के मूल्य को नहीं छोड़ते।

5. समान्तर माध्य बहुत बड़े या बहुत छोटे मूल्य से प्रभावित होते हैं। उदाहण के लिये एक मुहल्ले के 5 परिवारों का दैनिक व्यय 25, 28, 32, 27 तथा 33 रुपए है। ऐसी अवस्था में समान्तर माध्य 29 रुपए होगा। मान लो उस मुहल्ले में एक धनी परिवार आकर बस जाता है। उस परिवार का दैनिक व्यय 125 रुपए है। यदि हम दोबारा समान्तर माध्य की गणना करें। समान्तर माध्य 45 आएगा। इस तरह समान्तर माध्य एक बड़े मूल्य से काफी प्रभावित हुआ और समान्तर माध्य 29 रुपए से बढ़कर 45 रुपए हो गया।

6. यदि श्रेणी के प्रत्येक मूल्य को समान्तर माध्यक में परिवर्तित कर दिया जाता है तो उसका योगफल श्रेणी के सभी मूल्यों के योगफल के बरबार होता है। समीकरण में \(\bar { X } \)N = ΣX इसे निम्न उदाहरण की सहायता से समझाया जा सकता है –
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 33
\(\bar { X } \) = \(\frac{25}{5}\) = 5
इस प्रकार यदि हमें श्रेणी का समान्तर माध्य तथा पद मूल्यों की संख्या ज्ञात है तो समूह का EX प्राप्त कर सकते हैं।

7. समान्तर माध्य से लिये गये विचलनों के वर्गों का योग अन्य किसी मूल्य से निकाले गये विचलनों के वर्गों के योग से कम होता है।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित सूचना के आधार पर प्रत्यक्ष विधि (Direct Method) पद विचलन विधि (Step Deviation Method) तथा कल्पित माध्य विधि (Assumed Mean Method) से समान्तर माध्य ज्ञात करें।
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 34
उत्तर:
1. प्रत्यक्ष विधि से मध्यमान की गणना (Calculation of Arithment mean by Direct Method)
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 35
\(\bar { X } \) = \(\bar { X } \) = \(\frac{3713}{60}\) = 6188 एकड़

2. कल्पित माध्य विधि से समान्तर माध्य की गणना (Calculation of Arithmetic Mean by Assumed Mean)
प्रत्येक विधि से समान्तर माध्य 61.88 एकड़ है। अतः हम प्रश्न विधि से निकालने के लिए कल्पित समान्तर माध्य 62 लेते हैं।
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 36
\(\bar { X } \) = A.M + \(\frac{fd}{N}\) = 62 – \(\frac{7}{60}\)

प्रश्न 6.
समान्तर माध्य के गुण तथा दोष लिखिए।
उत्तर:

  1. समांतर माध्य की गणना सरल है।
  2. इसमें बीजगणित का प्रयोग किया जाता है।
  3. इसकी गणना में सभी मदों का प्रयोग किया जाता है।
  4. यह आर्थिक विश्लेषण में सबसे अधिक प्रचलित है।
  5. यह तुलना के लिए एक अच्छा आधार है।
  6. इसका निर्धारण उस समय भी संभव है जब केवल श्रेणी के मूल्यों और उनकी योग. मालूम हो।
  7. इसका मूल्य सदैव निश्चित होता है।
  8. यह अधिक विश्वसनीय माप है।
  9. इसकी गणना करने के लिए आंकड़ों को व्यवस्थित करने की कोई आवश्यकता नहीं होती।

समान्तर माध्य के दोष (Demerits of Arithmetic Mean):
समान्तर माध्य के दोष निम्नलिखित हैं –

  1. समान्तर माध्य चरम सीमाओं अर्थात् अधिकतम व न्यूनतम मूल्यों से प्रभावित होता है।
  2. गुणात्मक श्रेणी के लिए इसका प्रयोग नहीं किया जाता।
  3. किसी मद के अनुपस्थित होने पर इसकी गणना अशुद्ध होगी।
  4. समान्तर माध्य का निर्धारण केवल अवलोकनों द्वारा नहीं किया जाता।
  5. यह श्रेणी का एक सच्चा प्रतिनिधित्व नहीं है।
  6. समान्तर माध्य की गणना रेखाचित्र से नहीं की जा सकती।
  7. खुले सिरे वाली समंक श्रेणियों में समान्तर माध्य ज्ञात नहीं किया जा सकता।
  8. समान्तर माध्य से श्रेणी की रचना के बारे में कुछ पता नहीं चलता।
  9. अनुपात दर प्रतिशत आदि का अध्ययन करने के लिए यह माध्य सर्वथा अनुपयुक्त है।
  10. कई बार समान्तर माध्य से आश्चर्यजनक व अनुचित निष्कर्ष निकलते हैं। जैसे एक अस्पताल में दाखिल हुए मरीजों की संख्या 18.7 प्रतिदिन।

प्रश्न 7.
माध्यिका से क्या अभिप्राय है? जब अविच्छन्न श्रेणी दी गई हो तो माध्यिका की गणना किस प्रकार की जाती है?
उत्तर:
माध्यिका (Median):
माध्यिका तथ्यों के समूह का वह चर मूल्य है जो समूह को दो बार बराबर भागों में इस प्रकार बाँटता है कि एक भाग में सारे मूल्य माध्यिका से अधिक और दूसरे भाग में सारे मूल्य उससे कम हों। डॉ. बाउले के अनुसार, “यदि एक समूह के पदों को उनके मूल्यों के अनुसार क्रमबद्ध किया जाए तो लगभग बीच के पद के मूल्य को माध्यिका कहा जाता है।” मान लें 5 छात्रों के अंक 20, 22, 25, 30 और 32 हैं तो माध्यिका 30 होगी। माध्यिका एक स्थिति वाला माप है।

माध्यिका की गणना (Calculating of Median):
माध्यिका की गणना में निम्नलिखित चरण निहित हैं –

  1. अंकों को आरोही या अवरोही क्रम में व्यवस्थित किया जाता है।
  2. उसके बाद संचयी आवृत्ति ज्ञात की जाती है।
  3. उसके बाद निम्नलिखित सूत्र का प्रयोग करके केन्द्रीय पद ज्ञात किया जाता है।
  4. M = आकार (\(\frac{N}{2}\)) वीं मद
  5. इसके बाद उस वर्ग को निर्धारित किया जाता है जिसमें मध्यिका स्थित है।
  6. मध्यिका वर्ग ज्ञात हो जाने पर माध्यिका का मूल्य ज्ञात करने के लिए निम्नलिखित सूत्र का प्रयोग किया जाता है –
    M = L + \(\frac{N/2-c.f.}{F}\) × C

प्रश्न 8.
माध्यिका के गुण तथा दोष लिखिए।
उत्तर:
माध्यिका के गुण (Merits of median):
माध्यिका के गुण निम्नलिखित हैं –

  1. इसको समझना तथा मूल्य ज्ञात करना सरल है।
  2. कुछ अज्ञात मूल्यों की अवस्था में भी माध्यिका का मूल्य ज्ञात किया जा सकता है।
  3. इसे कठोरता से वर्णित किया जाता है।
  4. खुले सिर वाले वर्ग के वितरण में भी यह विशेष उपयोगिता है, क्योंकि इसमें कोई कल्पना नहीं करना पड़ती।
  5. इसका मूल्य रेखा विधि द्वारा भी ज्ञात किया जा सकता है।
  6. गुणात्मक तथ्यों जैसे-बुद्धिमता, कार्य-कुशलता, ईमानदारी, दरिद्रता आदि को ज्ञात करने के लिए माध्यिका को सर्वोत्तम माना जाता है।
  7. यह अपिकिरण तथा विषमता के मापन में भी लाभदायक है।
  8. यह स्थिति माप है।
  9. यह श्रेणी के माध्य मूल्य की व्याख्या करता है।

दोष (Demerits):
माध्यिका के निम्नलिखित दोष हैं –

  1. यह सभी मदों पर आधारित नहीं है।
  2. इसका बीजगणितीय प्रयोग नहीं हो सकता।
  3. यह निदर्शन में परिवर्तन से प्रभावित होता है अर्थात्
    M × N ≠ ΣX1 × X2 × X3 + ……… Xn
  4. यह ठीक है कि यह चरम मूल्यों से प्रभावित नहीं होता, परन्तु जहाँ इन मूल्यों का महत्त्व देना होता है वहाँ माध्य अनुपयुक्त है।
  5. यदि एक श्रेणी में मदों का मूल्य समान नहीं है तो भी माध्यिका को ज्ञात नहीं किया जा सकता।
  6. यदि मदों का मूल्य बहुत कम या अधिक हो तो माध्यिका को ज्ञात करना कठिन हो जाता है।
  7. अखण्डित श्रेणी में माध्यिका ज्ञात करने के लिये सूत्र द्वारा मध्यिका वर्ग का निर्धारण करना पड़ता है। अतः यहाँ तक कल्पना की जाती है कि आवृत्तियाँ अपने से सम्बन्धित वर्ग में समान रूप से वितरित हैं, परन्तु ऐसा मानन गलत है।

प्रश्न 9.
निम्नलिखित दशाओं की गणना कैसे की जाती है?

  1. जब समावेश श्रेणी हो।
  2. जब वर्गान्तर असमान हो।
  3. जब बिन्दु रेखीय विधि अपनानी हो।

उत्तर:
1. पहली स्थिति (First Case):

  • जब माध्यिका मूल्य ज्ञात करने के लिए समावेशी आवृत्ति वितरण दिया हुआ है तो उसे सर्वप्रथम अपवर्जी श्रेणी में परिवर्तित किया जाता है।
  • फिर संचयी आवृत्ति ज्ञात की जाती हैं।
  • उसके बाद निम्नलिखित सूत्र का प्रयोग करके केन्द्रीय पद ज्ञात किया जाता है।
  • M = size of \(\frac{N}{2}\) the item
  •  इसके बाद उस वर्ग को निर्धारित करते हैं जिसमें माध्यिका स्थित है।
  • माध्यिका वर्ग ज्ञात हो जाने पर निम्नलिखित सूत्र का प्रयोग किया जाता है –
    M = l + \(\frac { \frac { N_{ 2 } }{ 2 } -C }{ f } \) × C

2. दूसरी स्थिति (Second Case):
यदि समंक श्रेणी में वर्ग असमान है तो उसे समान वर्गान्तर बनाने की आवश्यकता नहीं। ऐसी अवस्था में माध्यिका मूल्य ज्ञात करने के लिए समान। सूत्र का प्रयोग किया जा सकता है। यदि आवृत्तियों को समायोजित किया जाता है तब भी माध्यिका में कोई अन्तर नहीं आयेगा।

3. तृतीय स्थिति (Third Case):
इसमें निम्नलिखित चरण निहित हैं –

  • सर्वप्रथम बिन्दु रेखीय पत्र (Graph paper) पर ‘से कम’ तथा ‘से अधिक’ संचयी ओजाइव वक्र खींचे।
  • जहाँ ये दोनों वक्र आपस में काटें उस बिन्दु से भुजाक्ष पर लम्ब डालिए।
  • लम्ब भुजाक्ष को जिस बिन्दु पर छुए वही माध्यिका मूल्य होगा। जैसे नीचे चित्र में दिखाया गया है –
    Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 37

प्रश्न 10.
बहुलक किसे कहते हैं? उसके गुणा और दोष बताइए।
उत्तर:
बहुलक एक विशेष प्रकार का माध्य (Average) है। श्रेणी में जिस मद की सबसे अधिक आवृत्ति हो उसे बहुलक (Mode) कहा जाता है। उदाहरण लेकर हम बहुलक अवधारणा का स्पष्टीकरण करते हैं। नीचे श्रमिकों का मासिक वेतन दिया है। इसमें 1600 रुपए मासिक वेतन पाने वाले श्रमिकों की संख्या 26 अर्थात् सबसे अधिक है। अत: बहुलक 1600 रुपये है।
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 38

यदि किसी श्रेणी में दो भूयिष्ठक पाए जाएँ तो उसे Bi-Modal Series कहते हैं। भूयिष्ट को जोड़ से सम्बोधित किया जाता है।

बहुलक के गुण (Merits of Mode):

  1. यह समझने में सरल है और अधिकांश श्रेणियों में इसका ज्ञात निरीक्षण द्वारा ही प्राप्त किया जा सकता है।
  2. इसका प्रयोग मुख्यतः उत्पादन और बिक्री के क्षेत्र में किया जाता है।
  3. इस पर चरम सीमा मूल्यों का प्रभाव नहीं पड़ता।
  4. इसकी गणना बिन्दुरेखीय विधि से भी की जा सकती है।

बहुलक के दोष (Demerits of Mode):

  1. यह श्रेणी के सभी पदों पर आधारित होता है।
  2. यह अनश्चित और अस्पष्ट होता है।
  3. जब श्रेणी में एक से अधिक भूयिष्ठक होते हैं तो गणना में कठिनाई होती है।

प्रश्न 11.
निम्न बारम्बारता वितरण से समान्तर माध्य, माध्यिका तथा भूयिष्ठक ज्ञात करें।
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 39
उत्तर:
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 40
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 41
अतः मध्यिका 6.75 माध्य तथा भूयिष्ठक के बीच में है।

प्रश्न 12.
45 और 55 का कल्पित माध्य लेते हुए ज्ञात कीजिए और पुष्टि कीजिए कि दोनों स्थितियों में परिणाम एक ही है।
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 42
उत्तर:
45 कल्पित माध्य लेते हुए माध्य की गणना (Calculation of mean taking 45 as assumed meadn) –
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 43
कल्पित माध्य (AM) = 45
\(\bar { X } \) = \(\frac{Σfd’}{N}\) × 10 = 43 + 13.5 = 58.5

प्रश्न 13.
कल्पत माध्य लेते हुए माध्य की गणना
उत्तर:
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 44
कल्पित माध्य (AM) = 55
\(\bar { X } \) = AM + \(\frac{Σfd’}{N}\) × 10 = 55 +\(\frac{35}{100}\) × 10 = 55 + 3.5 = 58.5

प्रश्न 14.
20 विद्यार्थियों के औसत अंक 50 हैं जिसका विवरण निम्न प्रकार से है। स्याही के फैल जाने से एक अंक पढ़ा नहीं जा सकता। इसे ज्ञात कीजिए।
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 45
उत्तर:
हम मान लेते हैं कि अज्ञात अंक x है।
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 46

प्रश्न 15.
25.000, 31.40, 28,00, 24.00, 26.50, 34.00, 35.00, 23.70, 30.25, 33.00, 38.60, 28,00, 28.00, 30.00, 30.50, 34.00, 29.00, 23.00, 27.20, 22.50, 32.20.
ऊपर दिए गए अंकों की सहायता से सिद्ध करें कि मध्यिका का मूल्य समान्तर माथ्य तथा भूयिष्ठक के बीच में है।
उत्तर:
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 47

  1. \(\bar { X } \) = \(\frac{Σx}{n}\) = \(\frac{583.85}{20}\) = 29.1925
  2. मध्यिका = \(\frac{n+1}{2}\) वीं मद = \(\frac{20+1}{2}\) = 10.5 मद = \(\frac{20.00+29.00}{2}\) = 2850
  3. भूयिष्ठक = 25 (28 की बारम्बारता सबसे अधिक है।)

अत: माध्यिका मूल्य (28.5), समान्तर माध्य (29.125), तथा भूयिष्ठक (28) के बीच में है।

प्रश्न 16.
भारित माध्य क्या है? एक उदाहरण देकर भारित माध्य की गणना समझाइए।
उत्तर:
भारित माध्य (Weighted Mean):
सरल समान्तर माध्य की गणना करते समय सभी पदों को एक समान महत्त्व दिया जाता है, जबकि वास्तविक जीवन में सभी मदों का महत्त्व एक समान नहीं होता। साधारण समान्तर माध्य के इस दोष को दूर करने के लिए भारित माध्य का प्रयोग किया जाता है।

इसके अनुसार विभिन्न मदों को उनके महत्त्व या शक्ति के अनुसार भार दे दिया जाता है। भारित समान्तर माध्य सूचकांक बनाने में तथा दो वांडों या विश्वविद्यालयों के परिणामों की तुलना करने में प्रयोग किया जाता है। इसका सूत्र निम्नलिखित है –
\(\bar { X } \)W = \(\frac{ΣWX}{ΣW}\)
जहाँ \(\bar { X } \)W = भारित माध्य (Weighted Mean)
ΣWX = चारों ओर भारों के गुणनफल का योग
ΣX = भारों का योग
उदाहरण –
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 48

प्रश्न 17.
केन्द्रीय प्रवृत्ति के मापक के रूप में समान्तर माध्य, माध्यिका और भूयिष्ठक के भेद करें।
उत्तर:
समान्तर माध्य माध्यिका और भूयिष्ठक में तुलना (Comparison among Arithmetic mean, Median and mode):
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 49

प्रश्न 18.
कुछ परिवारों का दैनिक व्यय रुपयों में दिया गया है –
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 50

  1. माध्य, माध्यिका तथा बहुलक ज्ञात करें।
  2. उच्चतम चतुर्थक तथा निम्नतम चतुर्थक ज्ञात करें।

उत्तर:
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 51
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 52

प्रश्न 19.
निम्नलिखित आवृत्ति वितरण से समान्तर माध्य (Arithmetic Mean) तथा मध्यिका (Median) ज्ञात कीजिए –
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 53
उत्तर:
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 54

प्रश्न 20.
50 विद्यार्थियों के औसत अंक 44.8 हैं, जिनका विवरण नीचे दिया गया है –
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 55
उत्तर:
1. अज्ञात मूल्य का निर्धारण (Location of Unknown Value):
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 56

2. अज्ञात आवृत्ति का निर्धारण (Location of Unknown Value):
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 57

प्रश्न 21.
निम्नलिखित आँकड़ों से बिन्दु रेखीय विधि (से कम ओजाइब) से माध्यिका मूल्य ज्ञात करें –
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 58
उत्तर:
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 59

  1. माध्यिका की गणन करने के लिए बिन्दु रेखीय पत्र (Graph Paper) पर क्रम से संचयी ओजाइब वक्र खींचें।
  2. \(\frac{N}{2}\) की गणना करने के लिए 50 को 2 से भाग करें। भजनफल 25 आएगा। y अथा पर 25 अंकित करेंगे।
  3. इसके बाद अकित बिन्दु से ओजाइव वक्र पर लम्ब गिराएंगे। यह लम्ब मुजाक्ष पर जिस मूल्य पर दूता है, वहीं माध्य का मूल्य होगा। नीचे चित्र से पता चलता है कि लम्ब भुजाक्ष पर 20 पर छूता है। अतः माध्यिका 20 होगी।
    Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 60

प्रश्न 22.
एक उदाहरण से सिद्ध करें कि यदि –

  1. एक श्रेणी के विभिन्न मदों में 2 जोड़े जाएँ तो समान्तर माध्य में 2 की वृद्धि हो जाएगी।
  2. एक श्रेणी के विभिन्न मदों में 2 घटाये जाएँ तो समान्तर माध्य 2 कम होगा।
  3. एक श्रेणी के विभिन्न मदों को दो से गुणा किया जाए तो समान्तर माध्य दोगुना होगा।
  4. एक श्रेणी के विभिन्न मदों को दो से विभाजित किया जाए तो समांतर माध्य आधा हो जाएगा।

उत्तर:
निम्न उदाहरण से प्रश्नों में दिए गए कथनों की पुष्टि होती है।
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 61

प्रश्न 23.
निम्न वितरण में लुप्त आवृत्तियों को बताएँ यदि विद्यार्थियों की संख्या 100 तथा माध्यिका 30 हो।
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 62
उत्तर:
मान लें एक लुप्त आवृत्ति = f1 दूसरी लुप्त आवृत्ति = f2
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 63
हम जानते हैं कि अंतिम वर्गान्तर का संचयी आवृत्ति के योगफल के बराबर होती है।
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 64

प्रश्न 24.
निम्न श्रेणी से माध्यिका ज्ञात करें –
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 65
उत्तर:
सर्वप्रथम हम संचयी आवृत्तियों को साधारण वितरण में परिवर्तित करेंगे तब माध्यिका की गणना करेंगे।
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प्रश्न 25.
निम्नलिखित आँकड़ों की सहायता से माध्यिका ज्ञात करें –
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 68
उत्तर:
प्रश्न में दी गई श्रेणी को परिवर्तित करेंगे और माध्यिका की गणना करेंगे।
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 69

प्रश्न 26.
निम्नलिखित तालिका से ग्राफ की सहायता से बहुलक ज्ञात करें तथा गणित सूत्र की सहायता से परिणाम की जाँच करें।
उत्तर:
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प्रश्न 27.
निम्नलिखित तालिका से बहुलक की गणना करें।
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उत्तर:
प्रश्न में संचयी बारम्बारता वितरण है। बहुलक को गणना करने के लिए हमें इसे अपवर्ती श्रृंखला में बदलना होगा। प्रश्न में श्रृंखला अवरोही क्रम में निरीक्षण करने पर हमें पता चलता है। कि बहुलक का मान 25-30 वर्गान्तर है। अब हम समूह सारणी तथा विश्लेषण सारणी बनाएँगे।
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प्रश्न 28.
उदाहरण देकर सिद्ध करें कि यदि समंक श्रेणी में वर्ग अंतराल असमान है तब वर्गान्तर बनाए बिना भी मध्यिका एक जैसी आएगी।
उत्तर:
यह सिद्ध करने के लिए कि समंक श्रेणी में समंक श्रेणी में वर्ग अन्तराल को। समायोजित करें या न करें, तब भी माध्यिका एक जैसी आयेगी। हम नीचे एक काल्पनिक तालिका लेते हैं।
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Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 76

प्रश्न 29.
रेखाचित्र द्वारा निम्नलिखित आवृत्ति वितरण में भूयिष्ठक का मूल्य ज्ञात कीजिए और गणितीय विधि से मूल्य की जाँच कीजिए –
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 78
उत्तर:
पहले हमें श्रृंखला से आवृत्ति आयत चित्र (Histogram) बनाना होगा। फिर नीचे प्रदर्शित उदाहण के भौति सबसे बड़े आयत के बिन्दुओं को आस-पास के आयत बिन्दुओं से मिलाकर भूयिष्ठक ज्ञात कर लिया जाएगा।
बीजगणितीय विधि द्वारा मूल्य की जाँच:
Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 79

प्रश्न 30.
एक परीक्षा में 100 अभ्यार्थी थे, जिनमें 21 अनुत्तीर्ण हुए, 6 को विशिष्टता प्राप्त हुई,43 तृतीय श्रेणी में तथा 18 द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। विशिष्टता प्राप्त करने के लिए 75% अंक चाहिए, कम-से-कम 40% उत्तीर्णता के लिए, द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण के लिए कम-से-कम 50% तथा प्रथम श्रेणी के लिये कम-से-कम 60% अंक चाहिये। अंकों के वितरण के लिए माध्यिका की गणना करें।
उत्तर:

  1. अनुत्तीर्ण छात्र = 21
  2. अनुत्तीर्ण छात्र = 21
  3. उत्तीर्ण = 100 – 21 = 19
  4. विशिष्टता प्राप्त करने वाले अभ्यार्थी = 6
  5. तृतीय श्रेणी में पास होने वाले अभ्यार्थी = 43
  6. द्वितीय श्रेणी में पास होने वाले अभ्यार्थी = 6
  7. 60% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यार्थी = 79 – (43 + 43) = 79 – 61 = 18
  8. विशिष्टता प्राप्त करने वाले अभ्यार्थी = 6
  9. 60 से ऊपर तथा 75 से कम अंक प्राप्त करने वाले अभ्यार्थी = 18 – 6 = 12 इन आँकड़ों को हम निम्न आवृत्ति वितरण में दिखा सकते हैं –

Bihar Board Class 11 Economics Chapter 5 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप Part - 2 img 80

प्रश्न 31.
आपको 5 मदों के मूल्य दिए गए हैं -4, 6, 8, 10 तथा 12.

  1. यदि उनका माध्य 2 से बढ़ा दिया जाए तो व्यक्तिगत मदों में क्या परिवर्तन होगा। यदि सभी मद समान रूप से प्रभावित होते हैं।
  2. यदि पहले तीन मदों के मूल्य में दो की वृद्धि होती है, तब बाद के दो मदों का मान क्या होना चाहिए ताकि माध्य पूर्ववत् बना रहे।
  3. यदि मान 12 के स्थान पर 96 का प्रयोग करें तब समान्तर माध्य क्या होगा?

उत्तर:
1. माध्य = \(\frac{4+6+8+10+12}{5}\) = \(\frac{40}{5}\) = 8
नया नाम = 8 + 2 = 10
मान लो प्रत्येक मद में बढ़ोतरी = X
नई मदों का मूल्य = 4 + x + 6 + x + 8 + x + 10 + x + 12 + x
= 40 + 5x
अतः 40 + 5x = 10 × 5
5x = 50 – 40 = 10
x = 2
अतः बाद के दो मदों में 2 की वृद्धि होगी।

2. तीन मदों के मूल्य में कुल वृद्धि = 3 × 26
अत: बाद के दो मदों के मूल्य में कमी = 6
औसत वृद्धि = \(\frac{6}{2}\) = 3
अतः बाद के दो मदों में 3, 3 की वृद्धि होगी।
पुष्टिकरण (Verirication): 5 मदों के मूल्य का माध्य = 8
मदों के परिवर्तन के पश्चात् मदों के मूल्य का माध्य
= (4 + 2 + 6 + 2 + 8 + 2 10 – 3 + 12 – 3) + 5
= \(\frac{6+8+10+7+9}{5}\) = \(\frac{40}{5}\) = 8

3. पाँचवें मद के मूल्य में काफी परिवर्तन आएगा। इससे स्पष्ट होता है कि समान्तर माध्य चरम सीमा से काफी प्रभावित होता है।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
एक श्रृंखला के सभी मदों को जोड़कर योग को संख्या से भाग करने पर प्राप्त होता –
(a) समांतर माध्य
(b) मध्यिका
(c) बहुलक
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(a) समांतर माध्य

प्रश्न 2.
समांतर माध्य की गणना पद विचलन विधि अथवा प्रत्यक्ष विधि से करने पर उत्तर प्राप्त होना चाहिए –
(a) समान
(b) असमान
उत्तर:
(a) समान

प्रश्न 3.
एक क्रमबद्ध श्रृंखला को केन्द्रीय प्रवृत्ति का कौन-सा माप दो समान भागों में बाँटता है –
(a) समांतर माध्य
(b) मध्यिका
(c) बहुलक
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(b) मध्यिका

प्रश्न 4.
‘से कम’ तथा ‘से अधिक’ तोरण जिस बिन्दु पर काटते हैं उस बिन्दु से x – अक्ष पर खींचा गया लम्ब किसकी माप होता है –
(a) (i) निम्न चतुर्थक
(b) उच्च चतुर्थक
(c) मध्यिका
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(c) मध्यिका

प्रश्न 5.
ज्यामितीय विधि से ज्ञात नहीं किया जा सकता है –
(a) समांतर माध्य
(b) बहुलक
(c) माध्यिका
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(a) समांतर माध्य

प्रश्न 6.
समांतर माध्य से विचलनों का योग होता है –
(a) ऋणात्मक
(b) धनात्मक
(c) शून्य
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(c) शून्य

प्रश्न 7.
एक क्रमबद्ध श्रृंखला को चार भागों में विभक्त करने वाला केन्द्रीय प्रवृत्ति माप है –
(a) चतुर्थक
(b) मध्यिका
(c) बहुलक
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(a) चतुर्थक

प्रश्न 8.
श्रृंखला में सबसे अधिक बार आने वाला मद होता है –
(a) मध्यिका
(b) चतुर्थक
(c) बहुलक
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(c) बहुलक

प्रश्न 9.
सामान्यतः चतुर्थकों की गणना की जाती है –
(a) Q1
(b) Q2
(c) Q3
(d) Q4
(e) Q1 तथा Q3
उत्तर:
(e) Q1 तथा Q3

प्रश्न 10.
निम्न में कौन सभी मदों पर आधारित होता है –
(a) समांतर माध्य
(c) मध्यिका
(c) बहुलक
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(a) समांतर माध्य

Bihar Board 12th Psychology Objective Answers Chapter 1 मनोवैज्ञानिक गुणों में विभिन्नताएँ

Bihar Board 12th Psychology Objective Questions and Answers

Bihar Board 12th Psychology Objective Answers Chapter 1 मनोवैज्ञानिक गुणों में विभिन्नताएँ

प्रश्न 1.
बुद्धि के विषय पर शोध कार्य करने वाले पहले मनोवैज्ञानिक थे
(A) स्पीयरमैन
(B) थॉमसन
(C) गिल्फेडी
(D) बिने
उत्तर:
(D) बिने

प्रश्न 2.
मातृ-शिशु अंतःक्रिया का अध्ययन किस विधि द्वारा सरलता से किया जा सकता है।
(A) प्रेक्षण प्रणाली
(B) व्यक्ति अध्ययन
(C)आत्म-प्रतिवेदन
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(A) प्रेक्षण प्रणाली

प्रश्न 3.
किसने बुद्धि को सार्वभौम क्षमता कहा है?
(A) बेक्सलार
(B) बिने
(C) गार्डनर
(D) इनमें कोई नहीं
उत्तर:
(B) बिने

प्रश्न 4.
जिस बच्चे की बुद्धि लब्धि 35-49 होती है, उसे किस श्रेणी में रखा जा सकता है?
(A) सौम्य मानसिक दुर्बलता
(B) साधारण मानसिक दुर्बलता
(C) गंभीर मानसिक दुर्बलता
(D) अति गंभीर मानसिक दुर्बलता
उत्तर:
(B) साधारण मानसिक दुर्बलता

प्रश्न 5.
जिन व्यक्तियों की बुद्धिलब्धि 80-89 के बीच होती है उन्हें कहते
(A) प्रतिभाशाली
(B) मूढ़
(C) सुस्त
(D) औसत
उत्तर:
(A) प्रतिभाशाली

प्रश्न 6.
बुद्धि के एक-कारक सिद्धांत को किसने दिया?
(A) स्पीयरमैन
(B) बिने
(C)स्टुअर्ट
(D) थर्स्टन
उत्तर:
(B) बिने

प्रश्न 7.
किसने बुद्धिलब्धि के संप्रत्यय को विकसित किया ?
(A)बिने
(B) टरमन
(C)स्टर्न
(D) साइमन
उत्तर:
(B) टरमन

प्रश्न 8.
बुद्धि के द्वि-कारक सिद्धांत को किसने दिया ?
(A) बिने
(B) तुईस
(C) स्पीयरमैन
(D) गार्डनर
उत्तर:
(C) स्पीयरमैन

प्रश्न 9.
बुद्धि संरचना मॉडल किसने विकसित किया?
(A) गार्डनर
(B) गिलफोर्ड
(C) जेनसन
(D) इनमें कोई नहीं
उत्तर:
(B) गिलफोर्ड

प्रश्न 10.
प्राथमिक मानसिक योग्यताओं का सिद्धांत किसने प्रतिपादित किया ?
(A) लुईस थर्स्टन
(B) गार्डनर
(C) स्टर्नबर्ग
(D) बिने
उत्तर:
(A) लुईस थर्स्टन

प्रश्न 11.
बुद्धिलब्धि संप्रत्यय को किसने विकसित किया?
(A) साइमन
(B) मेयर
(C) स्टन
(D) इनमें कोई नहीं
उत्तर:
(D) इनमें कोई नहीं

प्रश्न 12.
बुद्धि का एक पदानुक्रमिक मॉडल किसने प्रस्तुत किया?
(A) गिलफोर्ड
(B) गार्डनर
(C) बिने
(D) आर्थर जेनोन
उत्तर:
(D) आर्थर जेनोन

प्रश्न 13.
किस वर्ष बुद्धि का पास मॉडल विकसित हुआ?
(A) 1984
(B) 1994
(C) 1954
(D) 1964
उत्तर:
(D) 1964

प्रश्न 14.
बुद्धि संरचना मॉडल किसने प्रस्तुत किया?
(A) गिलफोर्ड
(B) स्टनबर्ग
(C) वेश्लर
(D) स्पीयरमैन
उत्तर:
(A) गिलफोर्ड

प्रश्न 15.
बुद्धि के किनके सिद्धांत को एक-कारकीय सिद्धांत कहलाता है?
(A) गिलफोर्ड
(B) जेन्सन
(C) थर्स्टन
(D) बिने
उत्तर:
(C) थर्स्टन

प्रश्न 16.
हावर्ड गाडर्नर ने किस सिद्धांत को प्रस्तुत किया ?
(A) बुद्धि-संरचना मॉडल
(B) पास मॉडल
(C) बहु-बुद्धि का सिद्धांत
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) बहु-बुद्धि का सिद्धांत

प्रश्न 17.
गार्डनर के अनुसार निम्नांकित में किसे बुद्धि की एक श्रेणी नहीं माना गया है?
(A) तार्किक गणितीय
(B) जी कारक
(C) स्थानिक
(D) अंतरवैयक्तिक
उत्तर:
(C) स्थानिक

प्रश्न 18.
दूसरे व्यक्तियों के सूक्ष्म व्यवहारों के प्रति संवेदनशीलता किस प्रकार की बुद्धि को दर्शाता है ?
(A) संगीतात्मक
(B) अंतर्वैयक्तिक
(C)अंत:व्यक्ति
(D) इनमें कोई नहीं
उत्तर:
(B) अंतर्वैयक्तिक

प्रश्न 19.
पास मॉडल का विस्तारित रूप क्या है?
(A) योजना, अवधान भाव प्रबोधन, सहकालिक अनुक्रमिक
(B) अवधान भाव प्रबोधन, सहकालिक अनुक्रमिक योजना
(C) सहकालिक अनुक्रमिक, योजना, अवधान भाव प्रबोधन
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) सहकालिक अनुक्रमिक, योजना, अवधान भाव प्रबोधन

प्रश्न 20.
‘संवेगात्मक बुद्धि’ पद का प्रतिपादन किसने किया?
(A) गाल्टन
(B) युड तथा बुड
(C) सैलोवे तथा मेयर
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(A) गाल्टन

प्रश्न 21.
किसने संज्ञानात्मक मूल्यांकन प्रणाली विकसित किया ?
(A) स्टर्नबर्ग
(B) जे. पी. दास एवं नागलेयरी
(C) गिलफोर्ड
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(D) इनमें से कोई नहीं

प्रश्न 22.
किसने कहा कि “अमूर्त चिन्तन की योग्यता ही बुद्धि है”?
(A)बिने
(B) टरमन
(C) रेबर
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) रेबर

प्रश्न 23.
बुद्धि का विचापीय सिद्धांत किसने दिया?
(A) राबर्ट स्टनेबर्ग
(B) अल्फ्रेड बिने
(C) हावर्ड गार्डनर
(D) आर्थर जेन्सेन
उत्तर:
(A) राबर्ट स्टनेबर्ग

प्रश्न 24.
बुद्धि के विषय पर शोध कार्य करने वाले पहले मनोवैज्ञानिक थे
(A) विने
(B) स्पीयरमैन
(C) थॉमसन
(D) गिलफोर्ड
उत्तर:
(A) विने

प्रश्न 25.
किसी मनोवैज्ञानिक गुण को समझने का पहला चरण है
(A) मापन
(B) मूल्यांकन
(C) पूर्वकथन
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(B) मूल्यांकन

प्रश्न 26.
किसने प्राथमिक मानसिक योग्यता सिद्धांत विकसित किया ?
(A) थस्टन
(B) स्पीयरमैन.
(C) गार्डनर
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(B) स्पीयरमैन.

प्रश्न 27.
निम्नलिखित में कौन अभिरुचि के गुण हैं?
(A) बुद्धि
(B) अभिक्षमता
(C) अभिरुचि
(D) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(D) उपरोक्त सभी

प्रश्न 28.
किसने बुद्धि को एक सार्वभौम क्षमता माना है ?
(A) वेक्सलर
(B) बिन
(C) गार्डनर
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(A) वेक्सलर

प्रश्न 29.
धर्टन के अनुसार बुद्धि में कितने प्राथमिक मानसिक योग्यताएं उपस्थित होती हैं?
(A) 5
(B) 6
(C) 7
(D) 8
उत्तर:
(A) 5

प्रश्न 30.
निम्नलिखित में कौन आदर्श व्यवहारों के संबंध में व्यक्ति के स्थायी विश्वास होते हैं?
(A) व्यक्तित्व
(B) मूल्य
(C) अभिरुचि
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(B) मूल्य

प्रश्न 31.
निम्नांकित बुद्धि परीक्षणों में से कौन-सा शाब्दिक परीक्षण है?
(A) पास एलौंग परीक्षण
(B) स्टेनफोर्ड-बिने परीक्षण
(C) घन निर्माण परीक्षण
(D) ब्लॉक डिजाइन परीक्षण
उत्तर:
(B) स्टेनफोर्ड-बिने परीक्षण

प्रश्न 32.
जिन व्यक्तियों की बुद्धि-लब्धि 90 से 100 के बीच होती है, उन्हें कहते हैं
(A) जड़
(B) मूट-
(C) सामान्य
(D) प्रतिभाशाली
उत्तर:
(C) सामान्य

प्रश्न 33.
निम्नलिखित में किस विधि में व्यक्ति स्वयं अपने विश्वासों, मतों आदि के बारे में तथ्यात्मक सूचनाएं प्रदान करता है?
(A) व्यक्तिगत अध्ययन
(B) प्रेक्षण
(C) आत्मा-प्रतिवेदन
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) आत्मा-प्रतिवेदन

प्रश्न 34.
आगमनात्मक तर्कना को किसने बुद्धि का एक कारक माना है?
(A) जेन्सेन
(B) स्पीयरमैन
(C) यर्टन
(D) गिलफोर्ड
उत्तर:
(C) यर्टन

प्रश्न 35.
निम्नलिखित में कौन व्यक्तियों की पारस्परिक भिन्नता जानने में एक मुख्य निर्मिति है?
(A) विचार
(B) मत
(C) प्रेक्षण
(D) बुद्धि
उत्तर:
(D) बुद्धि

प्रश्न 36.
बुद्धि के विषय परन शोध कार्य करने वाले पहले मनोवैज्ञानिक [2009, 2014, 2018]
(A) बिने
(B) स्पीयरमैन
(C) थॉमसन
(D) गिलफोर्ड
उत्तर:
(A) बिने

प्रश्न 37.
‘संवेगात्मक बुद्धि’ पद का प्रतिपादन किसने किया? [2009,12,14]
(A) गाल्टन
(B) वुड तथा वुड
(C) सैलोवे तथा मेयर
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) सैलोवे तथा मेयर

प्रश्न 38.
किसने बुद्धि को एक सार्वभौमिक क्षमता माना है? [2009, 2019A]
(A) वेश्लर
(B) बिने
(C) गार्डनर
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(A) वेश्लर

प्रश्न 39.
बर्टन के अनुसार, बुद्धि में कितने प्राथमिक मानसिक योग्यताएँ उपस्थित होती है? [2010, 2016]
(A) 5
(B) 6
(C) 7
(D) 8
उत्तर:
(A) 5

प्रश्न 40.
निम्नलिखित में कौन एक व्यक्ति का शीलगुण है? [2010A]
(A) बुद्धि
(B) अभिप्रेरणा
(C) सृजनात्मकता
(D) संवेग
उत्तर:
(A) बुद्धि

प्रश्न 41.
जिन व्यक्तियों की बुद्धि-लब्धि 90 से 100 के बीच होती है, उन्हें कहते हैं [2011]
(A) जल
(B) मूढ़
(C) सामान्य
(D) प्रतिभाशाली
उत्तर:
(A) जल

प्रश्न 42.
किसने कहा कि ‘अमूर्त चिन्तन की योग्यता ही बुद्धि है? [2011, 2016]
(A) बिने
(B) टरमन
(C) रेबर
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) रेबर

प्रश्न 43.
जिन व्यक्तियों की बुद्धि-लब्धि 80 से 89 के बीच होती है, उनें कहते हैं [2012, 2018]
(A) प्रतिभाशाली
(B) मूद
(C) सुस्त
(D) औसत
उत्तर:
(B) मूद

प्रश्न 44.
किसने बुद्धि लब्धि के संप्रत्यय को विकसित किया? [2012A, 2015A]
(A) बिने
(B) टरमन
(C) स्टनं
(D) साइमन
उत्तर:
(B) टरमन

प्रश्न 45.
व्यक्ति के जीवन में सफलता का कितना प्रतिशत संवेगात्मक बुद्धि से निर्धारित होता है? [2016]
(A) लगभग 60 प्रतिशत
(B) लगभग 70 प्रतिशत
(C) लगभग 80 प्रतिशत
(D) लगभग 100 प्रतिशत
उत्तर:
(B) लगभग 70 प्रतिशत

प्रश्न 46.
प्राथमिक मानसिक योग्यता का सिद्धान्त किसने प्रस्तुत किया? [2012A, 2014A]
(A) लिकर्ट
(B) गिलफोर्ड
(C) श्रस्टैन
(D) गार्डनर
उत्तर:
(D) गार्डनर

प्रश्न 47.
किस वर्ष बुद्धि का पास मॉडल विकसित हुआ? [2012A]
(A) 1984
(B) 1994
(C) 1954
(D) 1964
उत्तर:
(D) 1964

प्रश्न 48.
मानसिक उम्र के संप्रत्यय को किसने विकसित किया? [2012A]
(A) बिने
(B) स्टर्न टामन
(C) टारमन
(D) बिने तथा साइमन
उत्तर:
(A) बिने

प्रश्न 49.
बुद्धि के किनके सिद्धान्त को एक-कारकीय सिद्धान्त कहा गया है? [2013A]
(A) गिलफोर्ड
(B) जेन्सन
(C) थर्स्टन
(D) बिने।
उत्तर:
(D) बिने।

प्रश्न 50.
जिस बच्चे की बुद्धि लब्धि 35-49 होती है, उसे किस श्रेणी में रखा जा सकता है? [2013A]
(A) सौम्य मानसिक दुर्बलता
(B) साधारण मानसिक दुर्बलता
(C) गम्भीर मानसिक दुर्बलता
(D) अति गम्भीर मानसिक दुर्बलता
उत्तर:
(B) साधारण मानसिक दुर्बलता

प्रश्न 51.
आगमनात्मक तर्कना को किसने बुद्धि का एक कारक माना? [2014A]
(A) जेन्सन
(B) स्पीयरमैन
(C) धर्टन
(D) गिलफोर्ड
उत्तर:
(C) धर्टन

प्रश्न 52.
मनोवैज्ञानिक के बौद्धिक कौशल को किस श्रेणी में रखा जाएगा? [2016]
(A) सामान्य कौशल
(B) प्रेक्षणात्मक कौशल
(C) विशिष्ट कौशल
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(B) प्रेक्षणात्मक कौशल

प्रश्न 53.
गाईनर के अनुसार निम्नांकित में किसे बुद्धि की एक श्रेणी नहीं माना गया है? [2014A]
(A) तार्किक गणितीय
(B) जी कारक
(C) स्थानिक
(D) अन्तरावै भक्तिक
उत्तर:
(C) स्थानिक

प्रश्न 54.
पास मॉडल का विस्तारित रूप क्या है? [2014A]
(A) योजना, अवधान भाव, प्रबोधन, सहकालिक अनुक्रमिक
(B) अवधान भाव प्रबोधन, सहकालिक अनुक्रमिक योजना
(C) सहकालिक अनुक्रमिक योजना, अवधान भाव प्रबोधन
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) सहकालिक अनुक्रमिक योजना, अवधान भाव प्रबोधन

प्रश्न 55.
बुद्धि संरचना मॉडल किसने विकसित किया? [2013A]
(A) गार्डनर
(B) गिलफोर्ड
(C) जेनसन
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(B) गिलफोर्ड

प्रश्न 56.
व्यक्ति की सर्जमात्यकता की क्षमता को किस मनोवैज्ञानिक ने ‘प्रभावी आश्चर्य’ का नाम दिया है?
(A) बूनर
(B) पासी
(C) बाकर मेहदी
(D) टोरेन्स
उत्तर:
(A) बूनर

प्रश्न 57.
संवेगात्मक बुद्धि के तावों में निम्नलिखित में से किसे नहीं रखा जा सकता है? [2016]
(A) अपने संवेगों की सही जानकारी रखना
(B) स्वयं को प्रेरित करना
(C) दूसरे को धमकी देना
(D) दूसरे के संवेगों को पहचानना
उत्तर:
(C) दूसरे को धमकी देना

प्रश्न 58.
जिस बच्चे की बद्धि-लब्धि 33-49 होती है, उसे किस श्रेणी में रखा जा सकता है? [2017A]
(A) सौम्य मानसिक दुर्बलता
(B) साधारण मानसिक दुर्बलता
(C) गम्भीर मानसिक दुर्बलता
(D) अति गम्भीर दुर्बलता
उत्तर:
(D) अति गम्भीर दुर्बलता

प्रश्न 59.
वृद्धि के द्वि-कारक सिद्धान्त का प्रतिपादन किसने किया? [2017A]
(A) चार्ल्स स्पीयरमैन
(B) विने
(C) रेबर
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(A) चार्ल्स स्पीयरमैन

प्रश्न 60.
निम्नलिखित में से कौन सर्जनात्मक चिन्तन की अवस्था नहीं है?
(A) सत्यापन
(B) उद्भवन
(C) धारणा
(D) तैयारी
उत्तर:
(A) सत्यापन

प्रश्न 61.
बुद्धि के बहूतत्व सिद्धान्त का प्रतिपादन कौन किया?
(A) थर्स्टन
(B) बिने
(C) रबर
(D) स्पीयर मैन
उत्तर:
(A) थर्स्टन

प्रश्न 62.
थार्नडाइक ने बुद्धि को कितने वों में विभाजित किया?
(A) पाँच
(B) तीन
(C) छ:
(D) दो
उत्तर:
(B) तीन

प्रश्न 63.
बुद्धि-लब्धि बराबर होता है [2019]
(A)
Bihar Board 12th Psychology Objective Answers Chapter 1 मनोवैज्ञानिक गुणों में विभिन्नताएँ 2
(B)
Bihar Board 12th Psychology Objective Answers Chapter 1 मनोवैज्ञानिक गुणों में विभिन्नताएँ 2
(C)
Bihar Board 12th Psychology Objective Answers Chapter 1 मनोवैज्ञानिक गुणों में विभिन्नताएँ 3
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(A)
Bihar Board 12th Psychology Objective Answers Chapter 1 मनोवैज्ञानिक गुणों में विभिन्नताएँ 2

प्रश्न 64.
25 से नीचे बुद्धि-लब्धि वाले लोगों को किस वर्ग में रखा जाएगा?
(A) मूर्ख
(B) क्षीण बुद्धि
(C) अल्पमतिः
(D) जड़ बुद्धि
उत्तर:
(D) जड़ बुद्धि

प्रश्न 65.
वुण्ट कहाँ के रहने वाले थे?
(A) फ्रांस
(B) इंग्लैण्ड
(C) जर्मनी
(D) इटली
उत्तर:
(C) जर्मनी

प्रश्न 66.
वैश्लर ने वयस्क बुद्धि परीक्षण किया
(A) 1964 ई. में
(B) 1963 ई. में
(C) 1961 ई. में
(D) 1955 ई. में
उत्तर:
(D) 1955 ई. में

प्रश्न 67.
पास-एलॉग परीक्षण कौन किया
(A) अलेक्जेण्डर ने
(B) बिने ने
(C) स्पीयरमैन ने
(D) गार्डनर ने
उत्तर:
(A) अलेक्जेण्डर ने

प्रश्न 68.
समूह खण्ड सिद्धान्त का प्रतिपादन किसने किया था?
(A) गार्डनर
(B) स्पीयरमैन
(C) बिने
(D) अलेक्जेण्डर
उत्तर:
(B) स्पीयरमैन

प्रश्न 69.
मानवीय विशेषताओं का अध्ययन करने के लिए गाल्टन ने कब प्रयोगशाला की स्थापना किया?
(A) 1882 ई. में
(B) 1883 में
(C) 1884 ई. में
(D) 1885 ई. में
उत्तर:
(A) 1882 ई. में

प्रश्न 70.
गार्डनर ने अभी तक कुल कितने प्रकार के बुद्धि का पहचान किया है?
(A) पाँच
(B) छह
(C) सात
(D) आठ
उत्तर:
(D) आठ

प्रश्न 71.
नए एवं मूल्यवान विचारों को देने की क्षमता को कहा जाता है?
(A) बुद्धि
(B) सूझ
(C) अभिक्षमता
(D) सा्जनशीलता
उत्तर:
(D) सा्जनशीलता.

प्रश्न 72.
यदि किसी व्यक्ति की मानसिक आयु तथा वास्तविक आयु लगभग बराबर-बराबर हो तो यह कहलाता है
(A) तीव्र बुद्धि का व्यक्ति
(B) मंद बुद्धि का व्यक्ति
(C) सामान्य बुद्धि का व्यक्ति
(D) प्रतिभाशली बुद्धि का व्यक्ति
उत्तर:
(C) सामान्य बुद्धि का व्यक्ति

प्रश्न 73.
गिलफोर्ड के बुद्धि मॉडल में बौद्धिक क्षमताओं की श्रेणियाँ हैं-
(A) 180
(B) 100
(C) 120
(D) 150
उत्तर:
(D) 150

प्रश्न 74.
व्यक्ति की किसी विशेष क्षेत्र की विशेष योग्यता कहलाती है
(A) व्यक्तित्व
(B) अभिक्षमता
(C) अभिवृत्ति
(D) अभिरुचि
उत्तर:
(B) अभिक्षमता

प्रश्न 75.
स्पीयरमैन के अनुसार बुद्धि के तत्व हैं
(A) 3
(B) 2
(C) 1
(D) 4
उत्तर:
(B) 2

प्रश्न 76.
बुद्धि के योजना, अवधान-भाव प्रबोधन तथा सहकालिक-अनुक्रमिक मॉडल’ को प्रस्तावित किया
(A) जे.पी. दास-नागलीरी-किर्ती
(B) विने-टर्मन-कौं
(C) नागलीरी-बिने-टर्मन
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(A) जे.पी. दास-नागलीरी-किर्ती

प्रश्न 77.
‘स्टर्नबर्ग’ के अनुसार बुद्धि की श्रेणी है [2019]
(A) 55
(B) 2
(C) 1
(D) 3
उत्तर:
(D) 3

प्रश्न 78.
यदि किसी बच्चे की वास्तविक आयु 100 महीना है तथा मानसिक आयु 120 महीना है तो उसकी बुद्धि-लब्धि होगी
(A) 105
(B) 110
(C) 90
(D) 120
उत्तर:
(D) 120

प्रश्न 79.
मानसिक उम्र मापक है [2014]
(A) वास्तविक आयु का
(B) बुद्धि के निरपेक्ष स्तर का
(C) कालानुक्रमित आयु का
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(B) बुद्धि के निरपेक्ष स्तर का

प्रश्न 80.
बुद्धि मापने के लिए सर्वप्रथम प्रयोगशाला की स्थापना कौन और कब किया?
(A) वुण्ट (1879)
(B) गाल्टन (1883)
(C) स्पीयरमैन (1873)
(D) बिने (1883)
उत्तर:
(A) वुण्ट (1879)

प्रश्न 81.
व्यावहारिक बुद्धि का अर्थ यह है कि बुद्धि संस्कृति का उत्पाद होती हैं यह किसका कथन है?
(A) स्टनबर्ग
(B) वाइगॉट्स
(C) सैलोवी
(D) मेयर
उत्तर:
(A) स्टनबर्ग

प्रश्न 82.
विभेदक परीक्षण का उपयोग किस मनोवैज्ञानिक ने भारतीय अनुकूलन के अनुसार विकसित किया है?
(A) होरेस
(B) वालाश
(C) जे.पी. गिलफोर्ड
(D) जे.एम. ओझा
उत्तर:
(D) जे.एम. ओझा

प्रश्न 83.
किस अभिक्षमता को ए.एस.टी. के नाम से जाना जाता है?
(A) विभेदक अभिक्षमता
(B) सामान्य अधिक्षमता
(C) आई सर्विसेज अभिक्षमता
(D) व्यावसायिक अभिक्षमता
उत्तर:
(C) आई सर्विसेज अभिक्षमता

प्रश्न 84.
शाब्दिक तर्कना, आंकिक तर्कना किस अभिक्षमता के अन्तर्गत आते
(A) व्यावसायिक अभिक्षमता
(C) सामान्य अभिक्षमता
(B) आम्र्ड सर्विसेज अभिक्षमता
(D) विभेदक अभिक्षमता
उत्तर:
(D) विभेदक अभिक्षमता

Bihar Board Class 10 Hindi Solutions गद्य Chapter 7 परंपरा का मूल्यांकन

Bihar Board Class 10 Hindi Book Solutions Godhuli Bhag 2 गद्य खण्ड Chapter 7 परंपरा का मूल्यांकन Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

BSEB Bihar Board Class 10 Hindi Solutions गद्य Chapter 7 परंपरा का मूल्यांकन

Bihar Board Class 10 Hindi बहादुर Text Book Questions and Answers

बोध और अभ्यास

पाठ के साथ

Parampara Ka Mulyankan Bihar Board Class 10 प्रश्न 1.
परंपरा का ज्ञान किनके लिए सबसे ज्यादा आवश्यक है और क्यों ?
उत्तर-
जो लोग साहित्य में युग-परिवर्तन करना चाहते हैं, क्रांतिकारी साहित्य रचना चाहते हैं, उनके लिए साहित्य की परंपरा का ज्ञान आवश्यक है। क्योंकि साहित्य की परंपरा से प्रगतिशील आलोचना का ज्ञान होता है जिससे साहित्य की धारा को मोड़कर नए प्रगतिशील साहित्य का निर्माण किया जा सकता है।

परंपरा का मूल्यांकन Bihar Board Class 10 प्रश्न 2.
परंपरा के मूल्यांकन में साहित्य के वर्गीय आधार का विवेक लेखक क्यों महत्त्वपूर्ण मानता है ?
उत्तर-
साहित्य की परम्परा का मूल्यांकन करते हुए सबसे पहले हम उस साहित्य का मूल्य निर्धारित करते हैं जो शोषक वर्गों के विरूद्ध श्रमिक जनता के हितों को प्रतिबिम्बित करता है। इसके साथ हम उस साहित्य पर ध्यान देते हैं जिसकी रचना का आधार शोषित जनता श्रम है। और यह देखने का प्रयत्न करते हैं कि वह वर्तमान काल में जनता के लिए कहाँ तक उपयोगी है और उसका उपयोग किस तरह हो सकता है।

Parampara Ka Mulyankan Question Answer Bihar Board Class 10 प्रश्न 3.
साहित्य का कौन-सा पक्ष अपेक्षाकृत स्थायी होना है ? इस संबंध में लेखक की राय स्पष्ट करें।
उत्तर-
साहित्य मनुष्य के सम्पूर्ण जीवन से संबद्ध है। आर्थिक जीवन के अलावा मनुष्य एक प्राणी के रूप में भी अपना जीवन बिताता है। साहित्य में उसकी बहुत-सी आदिम भावनाएँ प्रतिफलित होती हैं जो उसे प्राणी मात्र से जोड़ती हैं। इस बात को बार-बार कहने में कोई हानि नहीं है कि साहित्य विचारधारा मात्र नहीं है। उसमें मनुष्य का इन्द्रिय बोध, उसकी भावनाएँ भी व्यजित होती हैं। साहित्य का यह पक्ष अपेक्षाकृत स्थायी होता है।

परम्परा का मूल्यांकन Bihar Board Class 10 प्रश्न 4.
“साहित्य में विकास प्रक्रिया उसी तरह सम्पन्न नहीं होती जैसे समाज में ‘लेखक का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
लेखक कहते हैं कि साहित्य में विकास प्रक्रिया सामाजिक विकास-क्रम की तरह नहीं होती है। सामाजिक विकास-क्रम में पूँजीवादी सभ्यता और समाजवादी सभ्यता में तुलना किया जा सकता है और एक-दूसरे को श्रेष्ठ एवं अधिक प्रगतिशील कहा जा सकता है। लेकिन साहित्य के विकास में इस तरह की बात नहीं है। यह आवश्यक नहीं है कि सामन्ती समाज के कवि की अपेक्षा पूँजीवादी समाज का कवि श्रेष्ठ है।

कवि अपने-अपने पूर्ववर्ती कवियों की रचनाओं का मनन करते हैं लेकिन अनुकरण नहीं करके स्वयं नई परम्पराओं को जन्म देते हैं। औद्योगिक उत्पादन और कलात्मक सौंदर्य ज्यों-का-त्यों नहीं बना रहता। अमेरिका ने एटम बम बनाया, रूस ने भी बनाया पर शेक्सपीयर के नाटकों जैसे चीज का उत्पादन दुबारा इंग्लैंड में भी नहीं हुआ। अतः साहित्य और समाज के विकास-क्रम में समानता नहीं हो सकती है।

परम्परा का मूल्यांकन Pdf Bihar Board Class 10 प्रश्न 5.
लेखक मानव चेतना को आर्थिक संबंधों से प्रभावित मानते हुए भी उसकी स्वाधीनता किन दृष्टांतों द्वारा प्रमाणित करता है ?
उत्तर-
लेखक के अनुसार आर्थिक सम्बन्धों से प्रभावित होना एक बात है, उनके द्वारा चेतना का निर्धारित होना और बात है। परिस्थिति और मनुष्य दोनों का संबंध द्वन्द्वात्मक है। यही कारण है कि साहित्य सापेक्ष रूप में स्वाधीन होता है। अमरीका और एथेन्स दोनों में गुलामी थी किन्तु एथेन्स की सभ्यता से यूरोप प्रभावित हुआ और गुलामों के अमरीकी मालिकों ने मानव संस्कृति को कुछ भी नहीं दिया। सामन्तवाद दुनिया भर में कायम रहा पर इस सामन्ती दुनिया में महान कविता के दो ही केन्द्र थे-भारत और ईराना पूँजीवादी विकास यूरोप के तमाम देशों में हुआ पर रैफेल, लेओनार्दो दा विंची और माइकेल एंजेलो इटली की देन हैं। इन दृष्टांतों के माध्यम से कहा गया है कि सामाजिक परिस्थितियों में कला का विकास सम्भव होता है। साथ ही यह भी देखा जाता है कि समान सामाजिक परिस्थितियाँ होने पर भी कला का समान विकास नहीं होता।

Bihar Board Class 10 Hindi Book Solution प्रश्न 6.
साहित्य के निर्माण प्रतिभा की भूमिका स्वीकार करते हुए लेखक किन खतरों से अगाह करता है?
उत्तर-
लेखक साहित्य के निर्माण में प्रतिभाशाली मनुष्यों की भूमिका निर्णायक मानते हैं। लेकिन उन्होंने इस संबंध में सावधान किया है कि मनुष्य जो करते हैं वह सब अच्छा ही होता है, ये आवश्यक नहीं। उनके श्रेष्ठ रचना में दोष नहीं हो सकते ऐसी कोई बात नहीं। इनके कृतित्व को दोषमुक्त मान लेना साहित्य के विकास में खतरनाक सिद्ध हो सकता है। प्रतिभाशाली मनुष्य की अद्वितीय उपलब्धियों के बाद कुछ नया और उल्लेखनीय करने की गुंजाइश बनी रहती है।

Bihar Board Solution Class 10 Hindi प्रश्न 7.
राजनीतिक मूल्यों से साहित्य के मूल्य अधिक स्थायी कैसे होते हैं?
उत्तर-
लेखक कहते हैं कि साहित्य के मूल्य राजनीतिक मूल्यों की अपेक्षा अधिक स्थायी हैं। इसकी पुष्टि में अंग्रेज कवि टेनिसन द्वारा लैटिन कवि वर्जिल पर रचित उस कविता की चर्चा करते हैं जिसमें कहा गया है कि रोमन साम्राज्य का वैभव समाप्त हो गया। पर वर्जिल के काव्य सागर की ध्वनि तरंगें हमें आज भी सुनाई देती हैं और हृदय को आनन्द-विह्वल कर देती है। कह सकते हैं कि ब्रिटिश साम्राज्य के पतन के बाद जब उसका नाम लेने वाला नहीं रह जाएगा तब भी शेक्सपियर, मिल्टन और शेली विश्व संस्कृति के आकाश में पूर्व की भाँति जगमगाते नजर आएंगे और उनका प्रकाश पहले की अपेक्षा करोड़ों नई आँखें देखेंगी। इस प्रकार राजनीतिक मूल्य कालान्तर में नष्ट हो जाते हैं। पर साहित्य के मूल्य उत्तरोत्तर विकासोन्मुख रहते हैं।

Bihar Board Hindi Book Class 10 Pdf Download प्रश्न 8.
जातीय अस्मिता का लेखक किस प्रसंग में उल्लेख करता है और उसका क्या महत्त्व बताता है ?
उत्तर-
साहित्य के विकास में जातियों की भूमिका विशेष होती है। जन समुदाय जब एक व्यवस्था से दूसरी व्यवस्था में प्रवेश करते हैं, तब उनकी अस्मिता नष्ट नहीं हो जाती। मानव समाज बदलता है और अपनी पुरानी अस्मिता कायम रखता है जो तत्व मानव समुदाय को एक जाति के रूप में संगठित करते हैं, उनमें इतिहास और सांस्कृतिक परम्परा के आधार पर निर्मित यह अस्मिता का ज्ञान अत्यन्त महत्वपूर्ण है। जातीय अस्मिता साहित्यिक परम्परा के ज्ञान का वाहक है।

Class 10th Hindi Bihar Board प्रश्न 9.
जातीय और राष्ट्रीय अस्मिताओं के स्वरूप का अंतर करते हुए लेखक दोनों में क्या समानता बताता है ?
उत्तर-
लेखक ने जातीय अस्मिता एवं राष्ट्रीय अस्मिता के स्वरूप का अन्तर करते हुए दोनों में कुछ समानता की चर्चा की है। जिस समय राष्ट्र के सभी तत्वों पर मुसीबत आती है, तब राष्ट्रीय अस्मिता का ज्ञान अच्छा हो जाता है। उस समय साहित्य परम्परा का ज्ञान भी राष्ट्रीय भाव जागृत करता है। जिस समय हिटलर ने सोवियत संघ पर आक्रमण किया, उस समय यह राष्ट्रीय अस्मिता जनता के स्वाधीनता संग्राम की समर्थ प्रेरक शक्ति बनी। इस युद्ध के दौरान खासतौर से रूसी जाति ने बार-बार अपनी साहित्य परम्परा का स्मरण किया। समाजवादी व्यवस्था कायम होने पर जातीय अस्मिता खण्डित नहीं होती वरन् और पुष्ट होती है।

गोधूलि भाग 1 Class 10 Pdf Bihar Board प्रश्न 10.
बहुजातीय राष्ट्र की हैसियत से कोई भी देश भारत का मुकाबला क्यों नहीं कर सकता?
उत्तर-
संसार का कोई भी देश बहुजातीय राष्ट्र की हैसियत से, इतिहास को ध्यान में रखे, तो भारत का मुकाबला नहीं कर सकता। यहाँ राष्ट्रीयता एक जाति द्वारा दूसरी जातियों पर राजनीतिक प्रभुत्व कायम करके स्थापित नहीं हुई। वह मुख्यतः संस्कृति और इतिहास की देन है। इस देश की तरह अन्यत्र साहित्य परंपरा का मूल्यांकन महत्वपूर्ण नहीं है। अन्य देश की तुलना में इस राष्ट्र के सामाजिक विकास में कवियों की विशिष्ट भूमिका है।

Bihar Board Class 10 Hindi प्रश्न 11.
भारत की बहुजातीयता मुख्यत: संस्कृति और इतिहास की देन है। कैसे?
उत्तर-
भारतीय सामाजिक विकास में व्यास और वाल्मीकि जैसे कवियों की विशेष भूमिका रही है। महाभारत और रामायण भारतीय साहित्य की एकता स्थापित करती है। इस देश के कवियों ने अनेक जाति की अस्मिता के सहारे यहाँ की संस्कृति का निर्माण किया है। भारत में विभिन्न जातियों का मिला-जुला इतिहास रहा है। अर्थात् भारत के कवियों द्वारा निर्मित संस्कृति बहुजातीयता स्थापित करती है। साथ ही इतिहास भी बताता है कि यहाँ कभी एक जाति दूसरी जातियों पर प्रभुत्व स्थापित नहीं किया। यहाँ की संस्कृति ने एकता का पाठ पढ़ाया है। समरसता स्थापित करना सिखाया है। यही भाव राष्ट्रीयता की जड़ को मजबूत किया है।

प्रश्न 12.
किस तरह समाजवाद हमारी राष्ट्रीय आवश्यकता है ? इस प्रसंग में लेखक के विचारों पर प्रकाश डालें।
उत्तर-
लेखक के अनुसार पूँजीवादी व्यवस्था में शक्ति का अपव्यय होता है। देश के साधनों का सबसे अच्छा उपयोग समाजवादी व्यवस्था में ही सम्भव है। समाजवादी व्यवस्था कायम होने पर जारशाही रूस नवीन राष्ट्र के रूप में पुनर्गठित हो गया। अनेक छोटे-बड़े राष्ट्र समाजवादी व्यवस्था कायम करने के बाद पहले की अपेक्षा अधिक शक्तिशाली हो गए। समाजवादी व्यवस्था जिस राष्ट्र में कायम है वहाँ की प्रगति की रफ्तार पूँजीवादी देश की अपेक्षा तेज है। भारत की राष्ट्रीय क्षमता का पूर्ण विकास समाजवादी व्यवस्था में ही संभव है। वास्तव में समाजवाद हमारी राष्ट्रीय आवश्यकता है।

प्रश्न 13.
निबंध का समापन करते हुए लेखक कैसा स्वप्न देखता है ? उसके साकार करने में परंपरा की क्या भूमिका हो सकती है ? विचार करें।
उत्तर-
लेखक भारत में अधिक-से-अधिक लोगों के साक्षर होने का स्वप्न देखता है। जब हमारे देश की जनता साक्षर होगी, साहित्य पढ़ने का उसे अवकाश होगा, सुविधा होगी तब रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथ के करोड़ों नए पाठक होंगे। इस देश में बड़े पैमाने पर सांस्कृतिक आदान-प्रदान होगा। भाषा की सीमा में लोग नहीं बँधेगे बल्कि एक भाषा-भाषी दूसरे भाषा-भाषी की रचना को भी अभिरुचि लेकर पढ़ेंगे। यहाँ की विभिन्न भाषाओं में लिखा हुआ साहित्य जातीय सीमाएँ लाँधकर सारे देश की सम्पत्ति बनेगा। मानव संस्कृति की विशद् धारा में भारतीय साहित्य की गौरवशाली परम्परा का नवीन योगदान होगा। साहित्य की परम्परा के योगदान से एशिया की भाषाओं के साहित्य से गहरा परिचय होगा।

प्रश्न 14.
साहित्य सापेक्ष रूप में स्वाधीन होता है। इस मत को प्रमाणित करने के लिए लेखक ने कौन-से तर्क और प्रमाण उपस्थित किए हैं?
उत्तर-द्वन्द्वात्मक भौतिकवाद मनुष्य की चेतना को आर्थिक सम्बन्धों से प्रभावित मानते हुए उएसको सापेक्ष स्वाधीनता स्वीकार करता है। भौतिकवाद का अर्थ भाग्यवाद नहीं है। सब कुछ परिस्थितियों द्वारा अनिवार्यतः निर्धारित नहीं हो जाता। मनुष्य और परिस्थितियों का सम्बन्ध द्वन्द्वात्मक है। यही कारण है कि साहित्य सापेक्ष रूप में स्वाधीन होता है। इसे प्रमाणित करने हेतु लेखक ने कहा है कि गुलामी अमरीका और एथेन्स दोनों में भी किन्तु एथेन्स की सभ्यता ने सारे यूरोप को प्रभावित किया और गुलामों के अमरीकी मालिकों ने मानव संस्कृति को कुछ भी नहीं दिया। पूँजीवादी विकास यूरोप के तमाम देशों में हुआ पर रैफेल, लेओनार्दो दा विंची और माइकेल एंजेलो इटली की देन हैं।

अंततः यहाँ प्रतिभाशाली मनुष्यों की भूमिका देखी जा सकती है। जब हम विचार करें तो पाते हैं कि साहित्य के निर्माण में प्रतिभाशाली मनुष्यों की भूमिका होते हुए भी साहित्य वहीं तक सीमित नहीं है। साहित्य के क्षेत्र में हमेशा कुछ नया करने की गुंजाइश बनी रहती है। अतः साहित्य सापेक्ष रूप में स्वाधीन होता है।

15. व्याख्या करें।
विभाजित बंगाल से विभाजित पंजाब की तुलना कीजिए, तो ज्ञात हो जाएगा कि साहित्य की परंपरा का ज्ञान कहाँ ज्यादा है, कहाँ कम है और इस न्यूनाधिक ज्ञान के सामाजिक परिणाम क्या होते हैं।
व्याख्या-
प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक के ‘परंपरा का मूल्यांकन’ नामक पाठ से ली गयी हैं। इन पक्तियों का संदर्भ इतिहास और संस्कृतिक परंपरा से जुड़ा हुआ है।

लेखक का कहना है कि जब मानव समाज बदलता है और वह अपनी पुरानी अस्मिता कायम रखता है तो जो तत्त्व मानव समुदाय को एक जाति के रूप में संगठित करते हैं, उनमें इतिहास और संस्कृति का अद्भुत योगदान है। इतिहास और संस्कृति परंपरा के आधार पर निर्मित यह अस्मिता का ज्ञान अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।

बंगाल विभाजित हुआ है, किन्तु पूर्वी और पश्चिमी बंगाल के लोगों को जबतक अपनी साहित्यिक परंपरा का ज्ञान रहेगा तब तक बंगाली जाति सांस्कृतिक रूप से अविभाजित रहेगी।

विभाजित बंगाल से विभाजित पंजाब की तुलना कीजिए, तो ज्ञात हो जाएगा कि साहित्य की परंपरा का ज्ञान कहाँ ज्यादा है, कहाँ कम है और इस न्यूनाधिक ज्ञान के सामाजिक परिणाम क्या होते हैं।

उपर्युक्त पंक्तियों का मूल आशय यह है कि इतिहास और संस्कृति किसी भी जाति को संगठित तथा प्रगतिशील बनने में सहायक होती है। सांस्कृतिक परंपरा से जुड़कर ही अस्मिता की रक्षा की जा सकती है।

भाषा की बात

प्रश्न 1.
पाठ से दस अविकारी शब्द चुनिए और उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
उत्तर-
इसका = इसका अर्थ बड़ा है।
यह = यह सुन्दर है।
ये = ये मनुष्य अच्छे हैं।
ऐसी = ऐसी कला श्रेष्ठ है।
इसीलिए = इसीलिए मोहन खेलता है।
कुछ = कुछ पुस्तक लाओ।
आजकल = आजकल व्यक्ति की पूजा होती है।
काफी = काफी निन्दा की जाती है।
किन्तु = किन्तु मदन व्यक्तिपूज्य का प्रचार करते हैं।
इसमें = इसमें अच्छी कविता का संग्रह है।

प्रश्न 2.
निम्नांकित पदों में विशेष्य का परिवर्तन कीजिए
उत्तर-
बुनियादी परिवर्तन = बुनियादी सुधार
मूर्त ज्ञान = मूर्तरूप
अभ्युदयशीलवर्ग = अभ्युदयशील समाज
समाजवादी व्यवस्था = समाजवादी लोग
श्रमिक जनता = श्रमिक शिक्षक
प्रगतिशील आलोचना = प्रगतिशील लेखक
अद्वितीय भूमिका = अद्वितीय उदाहरण
राजनीतिक मूल्य = राजनीतिक ज्ञाना

प्रश्न 3.
पाठ से संज्ञा के भेदों के चार-चार उदाहरण चुनें।
उत्तर-
जातिवाचक संज्ञा = मनुष्य, साहित्य, इन्द्रिय, भाषा।
व्यक्तिवाचक संज्ञा = शेक्सपियर, अमरीका, रूस, इंग्लैंड
समूहवाचक संज्ञा = समाज, वर्ग, कारखाना, जनसमुदाय।
भाववाचक संज्ञा = भावनाएँ, स्वाधीनता, कलात्मक, सर्वोच्चय।
द्रव्यवाचक संज्ञा = लकड़ी, चावल, पानी, दूध।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित सर्वनामों के प्रकार बताते हुए उनका वाक्य में प्रयोग करें-
उत्तर-
im

गद्यांशों पर आधारित अर्थग्रहण-संबंधी प्रश्नोत्तर

1. जो लोग साहित्य में युग-परिवर्तन करना चाहते हैं, जो लकीर के फकीर नहीं हैं, जो रूढ़ियाँ तोड़कर क्रांतिकारी साहित्य रचना चाहते हैं, उनके लिए साहित्य की परम्परा का ज्ञान सबसे ज्यादा आवश्यक है। जो लोग समाज में बुनियादी परिवर्तन करके वर्गहीन शोषणमुक्त समाज की रचना करना चाहते हैं; वे अपने सिद्धान्तों को ऐतिहासिक भौतिकवाद के नाम से पुकारते हैं। जो महत्त्व ऐतिहासिक भौतिकवाद के लिए इतिहास का है, वही आलोचना के लिए साहित्य की परम्परा का है। साहित्य की परम्परा के ज्ञान से ही प्रगतिशील आलोचना का विकास होता है।

प्रगतिशील आलोचना के ज्ञान से साहित्य की धारा मोड़ी जा सकती है और नए प्रगतिशील साहित्य का निर्माण किया जा सकता है। प्रगतिशील आलोचना किन्हीं अमूर्त सिद्धान्तों का संकलन नहीं है, वह साहित्य की परम्परा का मूर्त ज्ञान है और यह ज्ञान उतना ही विकासमान है जितना साहित्य की परम्परा।

प्रश्न
(क) प्रस्तुत गद्यांश किस पाठ से लिया गया है? और इसके रचनाकार कौन हैं?
(ख) साहित्य-परंपरा का ज्ञान किनके लिए अत्यन्त आवश्यक है? (ग) नये प्रगतिशील साहित्य का निर्माण कैसे किया जा सकता है ?
(घ) प्रगतिशील आलोचना क्या है ?
उत्तर-
(क) प्रस्तुत गद्यांश ‘परम्परा का मूल्यांकन’ शीर्षक पाठ से लिया गया है। इसके लेखक रामविलास शर्मा हैं।
(ख) जो लोग साहित्यिक युग परिवर्तन करना चाहते हैं, रूढ़ियों को तोड़कर क्रांतिकारी साहित्य का सृजन करना चाहते है, उनके लिए साहित्य की परम्परा का ज्ञान अत्यन्त आवश्यक है।
(ग) नये प्रगतिशील साहित्य का निर्माण आलोचना के माध्यम से किया जा सकता है। जिस तरह ऐतिहासिक भौतिकवाद के लिए इतिहास का महत्त्व है उसी तरह आलोचना के लिए साहित्य की परम्परा का है।
(घ) साहित्य की परम्परा के ज्ञान से ही प्रगतिशील आलोचना का विकास होता है प्रगतिशील आलोचना साहित्य की परंपरा का मूर्त ज्ञान है।

प्रश्न 2.
साहित्य मनुष्य के सम्पूर्ण जीवन से संबद्ध है। आर्थिक जीवन के अलावा मनुष्य एक प्राणी के रूप में भी अपना जीवन बिताता है। साहित्य में उसकी बहुत-सी आदिम भावनाएँ प्रतिफलित होती हैं जो उसे प्राणिमात्र से जोड़ती हैं। इस बात को बार-बार कहने में कोई हानि नहीं है कि साहित्य विचारधारा मात्र नहीं है। उसमें मनुष्य का इन्द्रिय-बोध, उसकी भावनाएँ भी व्यजित होती हैं। साहित्य का यह पक्ष अपेक्षाकृत स्थायी होता है।
प्रश्न-
(क) साहित्य का कौन-सा पक्ष स्थायी होता है ?
(ख) साहित्य मनुष्य के सम्पूर्ण जीवन से संबद्ध है। कैसे?
(ग) साहित्य में कौन-कौन-से भाव व्यंजित होते हैं ?
(घ) साहित्य विचारधारा मात्र ही नहीं है। इसे स्पष्ट करें।’
उत्तर-
(क) साहित्य समाज का दर्पण है। साहित्य की वैसी विचारधाराएँ जिसमें इन्द्रिय बोध, भावनाएँ आदि सन्निहित रहती हैं वह साहित्य का स्थायी पक्ष होता है।
(ख) साहित्य का महल समाज की पृष्ठभूमि पर ही प्रतिष्ठित होता है। जिस काल में जिस प्रकार की सामाजिक परिस्थितियाँ थीं। उसी के अनुरूप ही साहित्य का सृजन हुआ। प्रत्येक युग के उत्तम और श्रेष्ठ साहित्य ने अपने प्रगतिशील विचारों-संस्कारों एवं भावात्मक संवेदनाओं का स्वरूप प्रदान किया है।
(ग) साहित्य में इन्द्रिय बोध एवं भावनाओं का स्वरूप व्यजित होता है।
(घ) साहित्यकार मस्तिष्क और हृदय संपन्न प्राणी है। जब कभी वह भावों और विचारों को प्रकट करना चाहता है, तब उसकी अभिव्यक्ति साहित्य के रूप में होती है। साहित्य युग एवं समाज का होकर भी युगांतकारी जीवन मूल्यों को प्रतिष्ठित कर, सुंदरतम समाज का रेखाचित्र प्रस्तुत करता है। इसमें रंग भरकर जीवंतता प्रदान कर देना पाठकों का कार्य होता है।

3. साहित्य में विकास-प्रक्रिया उसी तरह सम्पन्न नहीं होती जैसे समाज में। सामाजिक विकास-क्रम में सामन्ती सभ्यता की अपेक्षा पूँजीवादी सभ्यता को अधिक प्रगतिशील कहा जा सकता है और पूँजीवादी सभ्यता के मुकाबले समाजवादी सभ्यता को। पुराने चरखे और करघे के मुकाबले मशीनों के व्यवहार से श्रम की उत्पादकता बहुत बढ़ गई है।

पर यह आवश्यक नहीं है कि सामन्ती समाज के कवि की अपेक्षा पूँजीवादी समाज का कवि श्रेष्ठ हो। यह भी सम्भव है कि आधुनिक सभ्यता का विकास कविता के विकास का विरोधी हो और कवि स्वयं बिकाऊ माल बन रहा हो। व्यवहार में यही देखा जाता है कि 19वीं और 20वीं सदी के कवि-क्या भारत में क्या यूरोप में पुराने कवियों को घोटे जा रहे हैं और कहीं उनके आस-पास पहुँच जाते हैं तो अपने को धन्य मानते हैं। ये जो तमाम कवि अपने पूर्ववर्ती कवियों की रचनाओं का मनन करते हैं, वे उनका अनुकरण नहीं करते, उनसे सीखते हैं, और स्वयं नई परम्पराओं को जन्म देते हैं।

जो साहित्य दूसरों की नकल करके लिखा जाए, वह अधम कोटि का होता है और सांस्कृतिक असमर्थता का सूचक होता है। जो महान साहित्यकार है, उनकी कला की आवृत्ति नहीं हो सकती, यहाँ तक कि एक भाषा से दूसरी भाषा में अनुवाद करने पर उनका कलात्मक सौन्दर्य ज्यों-का-त्यों नहीं बना रहता। औद्योगिक उत्पादन और कलात्मक उत्पादन में यह बहुत बड़ा अन्तर है। अमेरिका ने एटमबम बनाया, रूस ने भी बनाया, पर शेक्सपियर के नाटकों जैसी चीज का उत्पादन दुबारा इंग्लैंड में भी नहीं हुआ।

प्रश्न
(क) औद्योगिक उत्पादन तथा कलात्मक उत्पादन में क्या अन्तर है?
(ख) किस तरह का साहित्य अधमकोटि की श्रेणी में रखा गया है ?
(ग) अनुदित भाषा का सौन्दर्य घट जाता है क्यों?
(घ) लेखक आज के कवियों को बिकाऊ क्यों मानता है?
उत्तर-
(क) औद्योगिक उत्पादन एवं कलात्मक उत्पादन दोनों एक-दूसरे से सौन्दर्यबोध में भिन्न है। औद्योगिक उत्पादन में सौन्दर्य की प्रधानता नहीं रहती है जबकि कलात्मक उत्पादन में सौन्दर्य ही उसका सब कुछ है। औद्योगिक उत्पादन अपनी उत्पादन क्षमता को प्रकट करता है तो कलात्मक उत्पादन सौन्दर्य एवं विस्तार को प्रकट करता है।
(ख) नकल का लिखा गया साहित्य अधम कोटि का होता है। वह सांस्कृतिक असमर्थता का सूचक होता है।
(ग) भाषा की लावण्यता ही उसका सौन्दर्यबोध है। अनुदित भाषा में लावण्यता क्षीण हो जाती है। बार-बार पढ़ने पर कोई-न-कोई एक नया रूप दिखाई देता है। उस साहित्य की लावण्यता अक्षुण्ण होती है। अनुदित भाषा में ये गुण नहीं दिखाई पड़ते हैं। यही कारण है कि अनुदित भाषा का सौंदर्य घट जाता है।
(घ) पुराने चरखे और करघे की अपेक्षा मशीनों के व्यवहार में उत्पादन क्षमता बढ़ गई है। ठीक इसी प्रकार आज के कवि सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप अपनी रचनाओं का सृजन नहीं करते हैं बल्कि पूँजीपतियों को आधार बनाकर या किसी रचना की नकल करते हैं। इसी कारण लेखक आज के कवियों को बिकाऊ मानता है।

4. द्वन्द्वात्मक भौतिकवाद मनुष्य की चेतना को आर्थिक संबंधों को प्रभावित मानते हुए उसकी सापेक्ष स्वाधीनता स्वीकार करता है। आर्थिक संबंधों से प्रभावित होना एक बात है, उनके द्वारा चेतना का निर्धारित होना और बात है। भौतिकवाद का अर्थ भाग्यवाद नहीं है। सब कुछ परिस्थितियों – द्वारा अनिवार्यतः निर्धारित नहीं हो जाता। यदि मनुष्य परिस्थितियों का नियामक नहीं है तो परिस्थितियाँ भी मनुष्य की नियामक नहीं है। दोनों का संबंध द्वन्द्वात्मक है। यही कारण है कि साहित्य सापेक्ष रूप से स्वाधीन होता है।

प्रश्न
(क) पाठ और लेखक का नामोल्लेख करें।
(ख) द्वन्द्वात्मक भौतिकवाद में मनुष्य की क्या स्थिति है ?
(ग) क्या मनुष्य की चेतना आर्थिक संबंधों से निर्धारित होती है ?
(घ) मनुष्य और परिस्थितियों का संबंध कैसा है ? इसका प्रभाव साहित्य पर क्या पड़ता है ?
उत्तर-
(क) पाठ-परम्परा का मूल्यांकन। लेखक-रामविलास शर्मा।
(ख) द्वन्द्वात्मक भौतिकवाद मनुष्य की चेतना को आर्थिक संबंधों से प्रभावित मानते हुए उसकी सापेक्ष स्वाधीनता स्वीकार करता है।
(ग) मनुष्य की चेतना केवल आर्थिक संबंधों से निर्धारित नहीं होती।
(घ) मनुष्य परिस्थितियों का नियामक है, न परिस्थितियाँ मनुष्य का। दोनों का संबंध द्वन्द्वात्मक है। इस कारण ही साहित्य सापेक्ष रूप से स्वाधीन होता है।

5. साहित्य के निर्माण में प्रतिभाशाली मनुष्यों की भूमिका निर्णायक है। इसका यह अर्थ नहीं कि ये मनुष्य जो करते हैं, वह सब अच्छा ही अच्छा होता है, या उनके श्रेष्ठ कृतित्व में दोष नहीं होते। कला का पूर्णतः निर्दोष होना भी एक दोष है। ऐसा कला निर्जीव होती है। इसीलिए प्रतिभाशाली मनुष्यों की अद्वितीय उपलब्धियों के बाद कुछ नया और उल्लेखनीय करने की गुंजाइश बनी रहती है। आजकल व्यक्ति पूजा की काफी निन्दा की जाती है। किन्तु जो लोग सबसे ज्यादा व्यक्ति पूजा की निन्दा करते हैं, वे सबसे ज्यादा व्यक्ति पूजा का प्रचार भी करते हैं।

प्रश्न-
(क) साहित्य के निर्माण में किनकी भूमिका महत्त्वपूर्ण है ?
(ख) कैसी कला निर्जीव होती है ?
(ग) साहित्य का मूल्य राजनीतिक मूल्यों की अपेक्षा अधिक स्थायी क्यों है?
(घ) व्यक्ति पूजा का प्रचार कौन लोग करते हैं?
उत्तर-
(क) साहित्य निर्माण में प्रतिभाशाली मनुष्यों की भूमिका महत्त्वपर्ण है।
(ख) जिस कला में कोई दोष नहीं होता है वह निर्जीव होती है। दोषरहित कला में लावण्यता नहीं रहती है।
(ग) राजनीतिक मूल्य जीवन के सम-विषम परिस्थितियों से अवगत नहीं होते हैं। इनमें आलोचना सकारात्मक नहीं होती है। वे परस्पर एक-दूसरे का विरोध करते हैं किन्तु धरातल स्तर पर एक है। साहित्यिक मूल्य जीवन से जुड़ा हुआ रहता है। जीवन से इसका गहरा संबंध होता है। इसकी आलोचना न हो तो जीवन की सार्थकता ही समाप्त हो जायेगी। यही कारण हैं कि साहित्य का मूल्य राजनीतिक मूल्यों की अपेक्षा अधिक स्थायी है।
(घ) व्यक्ति पूजा की निन्दा करनेवाले लोग ही व्यक्ति पूजा का अधिक प्रचार-प्रसार करते हैं। वर्तमान परिस्थिति में यदि कोई महान बनना चाहे तो वह और कुछ नहीं किसी महान व्यक्ति की आलोचना करना शुरू दे। उसका आलोचनात्मक रूप ही महानता की सीढ़ी साबित होगा।

6. यदि कोई साहित्यकार आलोचना से परे नहीं है, तो राजनीतिज्ञ यह दावा और भी नहीं कर सकते, इसलिए कि साहित्य के मूल्य, राजनीतिक मूल्यों की अपेक्षा अधिक स्थायी है। अंग्रेज कवि टेनीसन ने लैटिन कवि वर्जिल पर एक बडी अच्छी कविता लिखी थी। इसमें उन्होंने कहा है कि रोमन साम्राज्य का वैभव समाप्त हो गया पर वर्जिल के काव्य-सागर की ध्वनि-तरंगें हमें आज भी सुनाई देती हैं और हृदय को आनन्द विह्वल कर देती है। कह सकते हैं कि जब ब्रिटिश साम्राज्य का कोई नामलेवा और पानीदेवा न रह जाएगा, तब शेक्सपियर, मिल्टन और शेली विश्व संस्कृति के आकाश में वैसे ही जगमगाते नजर आएंगे जैसे पहले और उनका प्रकाश पहले की अपेक्षा करोड़ों नई आँखें देख सकेंगी।

प्रश्न
(क) पाठ और लेखक का नाम लिखें।
(ख) राजनीतिज्ञ आलोचना से परे होने का दावा क्यों नहीं कर सकते?
(ग) टेनीसन कौन थे? उन्होंने क्या लिखा है ?
(घ) गद्यांश का आशय लिखिए।
उत्तर-
(क) पाठ-परम्परा का मूल्यांकन। लेखक-रामविलास शर्मा।
(ख) राजनीतिज्ञ आलोचना से परे होने का दावा नहीं कर सकते।
(ग) टेनीसन अंग्रेज कवि थे। उन्होंने लिखा है कि रोमन साम्राज्य का वैभव समाप्त हो गया पर लैटिन कवि वर्जिल के काव्य-सागर की ध्वनि की तरंगें आज भी सुनाई देती हैं और आनन्द प्रदान करती हैं।
(घ) राजनीति की अपेक्षा साहित्य के मूल्य अधिक स्थायी होते हैं। आज रोमन साम्राज्य नहीं है किन्तु लैटिन कवि वर्जिल की कविताएँ आज भी लोगों को आनंदित करती हैं। इसी प्रकार, अंग्रेजों का राज्य संसार से मिट गया किन्तु शेक्सपियर और मिल्टन तथा शेली विश्व-संस्कृति , के आकाश में जगमगा रहे हैं।

7. संसार का कोई भी देश, बहुजातीय राष्ट्र की हैसियत से, इतिहास को ध्यान में रखे तो, भारत का मुकाबला नहीं कर सकता। यहाँ राष्ट्रीयता एक जाति द्वारा दूसरी जातियों पर राजनीतिक प्रभुत्व कायम करके स्थापित नहीं हुई। वह मुख्यतः संस्कृति और इतिहास की देन है। इस संस्कृति के निर्माण में इस देश के कवियों का सर्वोच्च स्थान है। इस देश की संस्कृति से रामायण और महाभारत को अलग कर दें, तो भारतीय साहित्य की आन्तरिक एकता टूट जाएगी। किसी भी बहुजातीय राष्ट्र के सामाजिक विकास में कवियों की ऐसी निर्णायक भूमिका नहीं रही, जैसी इस देश में व्यास और वाल्मीकि की है। इसलिए किसी भी देश के लिए साहित्य की परम्परा का मूल्यांकन उतना महत्त्वपूर्ण नहीं है जितना इस देश के लिए है।

प्रश्न
(क) पाठ और लेखक का नाम लिखें।
(ख) संसार का कोई भी देश बहुजातीय राष्ट्र की हैसियत से भारत का मुकाबला क्यों नहीं कर सकता?
(ग) भारत की संस्कृति के निर्माण में किनका योगदान है ?
(घ) गद्यांश का आशय लिखें।
उत्तर-
(क) पाठ-परम्परा का मल्यांकन। लेखक-रामविलास शर्मा।
(ख) बहुजातीय राष्ट्र की हैसियत से संसार का कोई देश भारत का मुकाबला नहीं कर सकता क्योंकि इसकी राष्ट्रीयता किसी दूसरी जाति पर राजनीतिक प्रमुख कायम करके नहीं, इतिहास और सांस्कृतिक सामंजस्य पर स्थापित हुई हैं।
(ग) भारत की संस्कृति के निर्माण में यहाँ के कवियों-संतों का महत्त्वपूर्ण योगदान है। वस्तुतः भारतीय साहित्य की आन्तरिक एकता के आधार रामायण और महाभारत हैं। बहुजातीय राष्ट्र के सामाजिक विकास में वाल्मीकि और वेद व्यास की अनन्य भूमिका हैं। इसलिए यहाँ की साहित्यिक परम्परा का मूल्यांकन सबसे ज्यादा है।
(घ) संसार का कोई भी बहुजातीय देश भारत का मुकाबला नहीं कर सकता क्योंकि यहाँ की राष्ट्रीयता का आधार राजनीतिक प्रभुत्व नहीं रहा है। यहाँ की राष्ट्रीय एकता इतिहास और संस्कृति की देन है। इसके निर्माण में रामायण और महाभारत का तथा इनके रचयितों का महत्त्वपूर्ण योगदान है। इसलिए, यहाँ की साहित्यिक परम्परा का मूल्यांकन बहुत महत्त्वपूर्ण है।

8. और साहित्य की परम्परा का पूर्ण ज्ञान समाजवादी व्यवस्था में ही सम्भव है। समाजवादी संस्कृति पुरानी संस्कृति से नाता नहीं तोड़ती, वह उसे आत्मसात करके आगे बढ़ती है। अभी हमारे देश की निरक्षर, निर्धन जनता नए और पुराने साहित्य की महान उपलब्धियों के ज्ञान से वंचित है। जब वह साक्षर होगी, साहित्य पढ़ने का उसे अवकाश होगा, सुविधा होगी, तब व्यास और वाल्मीकि के करोड़ों नए पाठक होंगे। वे अनुवाद में ही नहीं, उन्हें संस्कृत में भी पढ़ेंगे।

और तब इस देश में इतने बड़े पैमाने पर सांस्कृतिक आदान-प्रदान होगा कि सुब्रह्मण्यम भारती की कविताएँ मूलभाषा में उत्तर भारत के लोग पढ़ेंगे और रवीन्द्रनाथ की रचनाएँ मूलभाषा में तमिलनाडु के लोग पढ़ेंगे। यहाँ की विभिन्न भाषाओं में लिखा हुआ साहित्य जातीय सीमाएँ लाँघकर सारे देश की सम्पत्ति बनेगा। जिस भाषा के बोलनेवाले अधिकतर निरक्षर हैं और अपने साहित्यकारों का बहुत-से-बहुत नाम सुनते हैं, वे तो इनकी रचनाएँ पढ़ेंगे ही। और तब अंग्रेजी भाषाप्रभुत्व जमाने की भाषा न होकर वास्तव में ज्ञान-अर्जन की भाषा होगी। और हम केवल अंग्रेजी नहीं, यूरोप की अनेक भाषाओं के साहित्य का अध्ययन करेंगे, और एशिया की भाषाओं के साहित्य से हमारा परिचय गहरा होगा। तब मानव संस्कृति की विशद धारा में भारतीय साहित्य की गौरवशाली परम्परा का नवीन योगदान होगा।

प्रश्न-
(क) समाजवादी संस्कृति की क्या विशेषता है ?
(ख) साहित्य परम्परा का पूर्ण ज्ञान कहाँ संभव है ?
(ग) लेखक आशान्वित क्यों है ?
(घ) एशिया की भाषाओं से हमारा गहरा संबंध कब होगा?
उत्तर-
(क) समाजवादी संस्कृति पुरानी संस्कृति से अपना नाता नहीं तोड़ती है बल्कि उसे आत्मसात करके आगे बढ़ाती है।
(ख) साहित्य परम्परा का पूर्ण ज्ञान समाजवादी व्यवस्था में संभव है। ‘
(ग) लेखक भलीभांति जानता है कि भारत के अधिकांश लोग निरक्षर हैं। महान रचनाकारों  के नाम जानते हैं किन्तु उनकी रचना को पढ़ नहीं पाते हैं। जिस दिन ये साक्षर हो जायेंगे उस दिन ही ब्यास, कालिदास आदि जैसे रचनाकारों को जानेंगे ही नहीं बल्कि समृद्ध भारत की परिकल्पना करेंगे। किसी एक भाषा का नहीं प्रत्युत सभी भाषाओं का अवलोकन कर भारतीय साहित्य की गौरवशाली परम्परा का यथेष्ट सम्मान देंगे।
(घ) जब हम साक्षर होकर देश के सभी हिस्सों में साहित्य का प्रचार करेंगे, अंग्रेजी प्रभुत्व की भाषा न रहकर ज्ञान-अर्जन की भाषा होगी, यूरोप आदि की भाषाओं का अध्ययन करेंगे तब एशिया की भाषाओं से हमारा गहरा संबंध स्थापित होगा।

9. यदि समाजवादी व्यवस्था कायम होने पर जारशाही रूस नवीन राष्ट्र के रूप में पुनर्गठित हो सकता है, तो भारत में समाजवादी व्यवस्था कायम होने पर यहाँ की राष्ट्रीय अस्मिता पहले से कितना पुष्ट होगी, इसकी कल्पना की जा सकती है। वास्तव में समाजवाद हमारी राष्ट्रीय आवश्यकता है। पूँजीवादी व्यवस्था में शक्ति का इतना अपव्यय होता है कि उसका कोई हिसाब नहीं है। देश के साधनों का सबसे अच्छा उपभोग समाजवादी व्यवस्था में ही सम्भव है। अनेक छोटे-बड़े राष्ट्र, जो भारत से ज्यादा पिछड़े हुए थे, समाजवादी व्यवस्था कायम करने के बाद पहले की अपेक्षा कहीं ज्यादा शक्तिशाली हो गए हैं, और उनकी प्रगति की रफ्तार किसी भी पूँजीवादी देश की अपेक्षा तेज है। भारत की राष्ट्रीय क्षमता का पूर्ण विकास समाजवादी व्यवस्था में ही सम्भव है।

प्रश्न
(क) पाठ तथा लेखक का नाम लिखें।
(ख) किस व्यवस्था में शक्ति का अपव्यय होता है ?
(ग) देश के साधनों का सबसे अच्छा उपभोग किस व्यवस्था में संभव हैं?
(घ) किस व्यवस्था में भारत की राष्ट्रीय क्षमता का पूर्ण विकास सम्भव है ?
(ङ) समाजवादी व्यवस्था से अनेक पिछड़े हुए राष्ट्र को क्या लाभ हुआ?
उत्तर-
(क) पाठ का नाम- परम्परा का मूल्यांकना ।
लेखक का नाम-रामविलास शर्मा।
(ख) पूँजीवादी व्यवस्था में शक्ति का अत्यधिक अपव्यय होता है।
(ग) देश के साधनों का सबसे अच्छा उपभोग समाजवादी व्यवस्था में ही संभव है।
(घ) समाजवादी व्यवस्था में ही भारत की राष्ट्रीय क्षमता का पूर्ण विकास संभव है।
(ङ) समाजवादी व्यवस्था से अनेक छोटे-बड़े राष्ट्र शक्तिशाली हो गए। उनका पिछड़ापन दूर हो गया और उनकी प्रगति की रफ्तार तेज हो गयी।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

I. सही विकल्प चुनें-

प्रश्न 1.
रामविलास शर्मा निम्नांकित में क्या हैं?
(क) आलोचक
(ख) कवि
(ग) नाटककार
(घ) साहित्यकार
उत्तर-
(क) आलोचक

प्रश्न 2.
‘परम्परा का मूल्यांकन’ के लेखक कौन हैं ?
(क) नलिन विलोचन शर्मा
(ख) अशोक वाजपेयी
(ग) रामविलास शर्मा
(घ) भीमराव अम्बेदकर
उत्तर-
(ग) रामविलास शर्मा

प्रश्न 3.
‘परम्परा का मूल्यांकन’ निबंध किस पुस्तक से संकलित है ?
(क) भाषा और समाज
(ख) परम्परा का मूल्यांकन
(ग) भारत की भाषा समस्या
(घ) प्रेमचन्द और उन का युग
उत्तर-
(ख) परम्परा का मूल्यांकन

प्रश्न 4.
दूसरों की नकल कर लिखा गया साहित्य कैसा होता है?
(क) उत्तम
(ख) मध्यम
(ग) अधम
(घ) व्यग्य
उत्तर-
(ग) अधम

प्रश्न 5.
रैफल, लेअनार्दो दा विंची और ऐंजलो किसकी देन हैं ?
(क) इंग्लैंड की
(ख) फ्रांस की
(ग) इटली की
(घ) यूनान की
उत्तर-
(ग) इटली की

प्रश्न 6.
शेक्सपीयर कौन थे?
(क) नाटककार
(ख) कहानीकार
(ग) उपन्यासकार
(घ) निबन्धकार
उत्तर-
(क) नाटककार

II. रिक्त स्थानों की पर्ति

प्रश्न 1.
साहित्य का मनुष्य के ………… जीवन से संबंध है।
उत्तर-
सम्पूर्ण

प्रश्न 2.
गुलामों के…………..मालिकों ने मानव संस्कृति को कुछ नहीं दिया।
उत्तर-
अमरीकी

प्रश्न 3.
कला का पूर्णतः ……. होना भी एक दोष है।
उत्तर-
निर्दोष

प्रश्न 4.
मानव-समाज बदलता है और अपनी पुरानी…………….कायम रखता है।
उत्तर-
अस्मिता

प्रश्न 5.
टॉलस्टाय………..समाज के लोकप्रिय है।
उत्तर-
रूसी, साहित्यकार

प्रश्न 6.
…………हमारी राष्ट्रीय आवश्यकता है।
उत्तर-
समाजवाद

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
साहित्य में युग-परिवर्तन चाहनेवालों के लिए क्या जरूरी है ?
उत्तर-
साहित्य में युग-परिवर्तन चाहनेवालों के लिए साहित्य की परम्परा का ज्ञान आवश्यक है।

प्रश्न 2.
प्रगतिशील आलोचना का विकास कैसे होता है ?
उत्तर-
साहित्य की परम्परा के ज्ञान से प्रगतिशील आलोचना का विकास होता है।

प्रश्न 3.
साहित्य का कौन-सा पक्ष अपेक्षाकृत स्थायी होता है?
उत्तर
साहित्य जिसमें मनुष्य का इन्द्रिय-बोध, उसकी भावनाएँ व्यजित होती हैं, वह पक्ष अपेक्षाकृत स्थायी होता है।

प्रश्न 4.
मनुष्य और परिस्थितियों का संबंध कैसा है ?
उत्तर-
मनुष्य और परिस्थितियों का संबंध द्वन्द्वात्मक है।

प्रश्न 5.
शेली और बायरन की देन क्या है ?
उत्तर-
शेली और बायरन ने 19वीं सदी में स्वाधीनता के लिए लड़नेवाले यूनानियों की एकात्मकता की पहचान करने में बहुत परिश्रम किया।

प्रश्न 6.
इतिहास का प्रवाह कैसा होता है ? ,
उत्तर-
इतिहास का प्रवाह विच्छिन्न होता है और अविच्छिन्न भी।

प्रश्न 7.
भारतीय संस्कृति के निर्माण में किसका सर्वाधिक योगदान है?
उत्तर-
भारतीय संस्कृति के निर्माण में भारत के कवियों का सर्वाधिक योगदान है।

प्रश्न 8.
रामविलास शर्मा की दृष्टि से देश के साधनों का सबसे अच्छा उपयोग किस व्यवस्था में होता है ?
उत्तर-
रामविलास शर्मा की दृष्टि से देश के साधनों का सबसे अच्छा उपयोग समाजवादी व्यवस्था में ही हो सकता है।

परंपरा का मूल्यांकन लेखक का परिचय

हिन्दी आलोचना के महत्त्वपूर्ण हस्ताक्षर डॉ० रामविलास शर्मा का जन्म उन्नाव (उ० प्र०) के एक छोटे-से गाँव ऊँचगाँव सानी में 10 अक्टूबर 1912 ई० में हुआ था । उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से 1932 ई० में बी० ए० तथा 1934 ई० में अंग्रेजी साहित्य में एम० ए० किया। एम० ए० करने के बाद 1938 ई० तक शोधकार्य में व्यस्त रहे । 1938 से 1943 ई० तक उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग में अध्यापन कार्य किया । उसके बाद वे आगरा के बलवंत राजपूत कॉलेज चले आए और 1971 ई० तक यहाँ अध्यापन कार्य करते रहे । बाद में आगरा विश्वविद्यालय के कुलपति के अनुरोध पर वे के० एम० हिंदी संस्थान के निदेशक बने और यहीं से 1974 ई० में सेवानिवृत्त हुए । 1949 से 1953 ई० तक रामविलास जी भारतीय प्रगतिशील लेखक संघ के महामंत्री भी रहे । उनका निधन 30 मई 2000 ई० को दिल्ली में हुआ।

हिंदी गद्य को रामविलास शर्मा का योगदान ऐतिहासिक है । तर्क और तथ्यों से भरी हुई साफ पारदर्शी भाषा रामविलास जी के गद्य की विशेषता है। उन्हें भाषाविज्ञान विषयक परंपरागत दृष्टि को मार्क्सवाद की वैज्ञानिक दृष्टि से विश्लेषित करने तथा हिंदी आलोचना को वैज्ञानिक दृष्टि प्रदान करने का श्रेय प्राप्त है, । देशभक्ति और मार्क्सवादी चेतना रामविलास जी का केंद्र-बिंदु है। उनकी लेखनी से वाल्मीकि और कालिदास से लेकर मुक्तिबोध तक की रचनाओं का मूल्यांकन प्रगतिवादी चेतना के आधार पर हुआ है । उन्हें न केवल प्रगति विरोधी हिंदी आलोचना की कला एवं साहित्य विषयक भ्रांतियों के निवारण का श्रेय है, बल्कि स्वयं प्रगतिवादी आलोचना द्वारा उत्पन्न अंतर्विरोधों के उन्मूलन का गौरव भी प्राप्त है।

रामविलास जी ने हिंदी में जीवनी साहित्य को एक नया आयाम दिया । उन्हें ‘निराला की साहित्य साधना’ पुस्तक पर साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हो चुका है । उनकी अन्य प्रमुख रचनाओं के नाम हैं – ‘आचार्य रामचंद्र शुक्ल और हिंदी आलोचना’, ‘भारतेन्दु हरिश्चंद्र’, ‘प्रेमचंद और उनका युग’, ‘भाषा और समाज’, ‘महावीर प्रसाद द्विवेदी और हिंदी नवजागरण’ ‘भारत की भाषा समस्या’, ‘नयी कविता और अस्तित्ववाद’, ‘भारत में अंग्रेजी राज और मार्क्सवाद’, ‘भारत के प्राचीन भाषा परिवार और हिंदी’, ‘विराम चिह्न’, ‘बड़े भाई’ आदि ।

पाठ के रूप में यहाँ रामविलास जी का निबंध प्रस्तुत है – ‘परंपरा का मूल्यांकन’ । यह निबंध इसी नाम की पुस्तक से किंचित संपादन के साथ संकलित है । यह निबंध समाज, साहित्य और परंपरा के पारस्परिक संबंधों की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक मीमांसा एकसाथ करते हुए रूपाकार ग्रहण करता है । परंपरा के ज्ञान, समझ और मूल्यांकन का विवेक जगाता यह निबंध साहित्य की सामाजिक विकास में क्रांतिकारी भूमिका को भी स्पष्ट करता चलता है । नई पीढ़ी में यह निबंध परंपरा और आधुनिकता की युगानुकूल नई समझ विकसित करने में एक सार्थक हस्तक्षेप करता है।

परंपरा का मूल्यांकन Summary in Hindi

पाठ का सारांश

जो लोग साहित्य में युग-परिवर्तन करना चाहते हैं, जो लकीर के फकीर नहीं है, जो रूढ़ियाँ तोड़कर क्रांतिकारी साहित्य रचना चाहते हैं, उनके लिए साहित्य परम्परा का ज्ञान सबसे ज्यादा आवश्यक है। जो लोग समाज में बुनियादी परिवर्तन करके वर्गहीन शोषणमुक्त समाज की रचना करना चाहते हैं; वे अपने सिद्धान्तों को ऐतिहासिक भौतिकवाद के नाम से पुकारते हैं।

प्रगतिशील आलोचना किन्हीं अमूर्त सिद्धान्तों का संकलन, नहीं है, वह साहित्य की परम्परा का मूर्त ज्ञान है। और यह ज्ञान उतना ही विकासमान है जितना साहित्य की परम्परा।

साहित्य की परंपरा का मूल्यांकन करते हुए सबसे पहले हम उस साहित्य का मूल्य निर्धारित करते हैं जो शोषक वर्गों के विरुद्ध श्रमिक जनता के हितों को प्रतिबिम्बित करता है।
साहित्य में मनुष्य की बहुत-सी आदिम भावनाएँ प्रतिफलित होती हैं जो उसे प्रतिमात्र से जोड़ती हैं। उसमें मनुष्य का इन्द्रिय-बोध, उसकी भावनाएँ भी व्यजित होती है। साहित्य का यह पक्ष अपेक्षाकृत स्थायी होता है।

साहित्य के निर्माण में प्रतिभाशाली मनुष्यों की भूमिका निर्णायक है। इसका यह अर्थ नहीं कि ये मनुष्य जो करते हैं, वह सब अच्छा ही अच्छा होता है, या उनके श्रेष्ठ कृतित्व में दोष नहीं होते। कला का पूर्णतः निर्दोष होना भी एक दोष है। साहित्य के मूल्य, राजनीतिक मूल्यों की अपेक्षा अधिक स्थायी है। अंग्रेज कवि टेनीसन ने लैटिन कवि वर्जिल पर एक बड़ी अच्छी कविता लिखी थी। इसमें उन्होंने कहा कि रोमन साम्राज्य का वैभव समाप्त हो गया पर वर्जिल के काव्य सागर की ध्वनि-तरंगें हमें आज भी सुनाई देती हैं और हृदय को आनन्द-विह्वल कर देती है। कह सकते हैं कि जब ब्रिटिश साम्राज्य का कोई नामलेवा और पानी देने वाला न रह जाएगा, तब शेक्सपियर, मिल्टन और शैली विश्व संस्कृति के आकाश में वैसे ही जगमगाते नजर आएँगे जैसे पहले, और उनके प्रकाश पहले की अपेक्षा करोड़ों नई आँखें देखेंगी।

संसार का कोई भी देश, बहुजातीय राष्ट्र की हैसियत से, इतिहास को ध्यान में रखें तो भारत का मुकाबला नहीं कर सकता। यहाँ राष्ट्रीयता एक जाति द्वारा दूसरी जातियों पर राजनीतिक प्रभुत्व कायम करके स्थापित नहीं हुई। वह मुख्यत: संस्कृति और इतिहास की देन है। इस संस्कृति के निर्माण में इस देश के कवियों का सर्वोच्च स्थान है। इस देश की संस्कृति से रामायण और महाभारत को अलग कर दें, तो भारतीय साहित्य की आन्तरिक एकता टूट जाएगी। किसी भी बहुजातीय राष्ट्र की सामाजिक विकास में कवियों की ऐसी निर्णायक भूमिका नहीं रही, जैसी इस देश में व्यास और वाल्मीकि की है।

समाजवाद हमारी राष्ट्रीय आवश्यकत्ता है। पूँजीवादी व्यवस्था में शक्ति का इतना अपव्यय होता है कि उसका कोई हिसाब नहीं है। देश की साधनों का सबसे अच्छा उपीोग समाजवादी व्यवस्था कायम करने के बाद पहले की अपेक्षा कहीं ज्यादा शक्तिशाली हो गए हैं और उनकी प्रगति की रफ्तार किसी भी पूँजीवादी देश की अपेक्षा तेज है। साहित्य की परम्परा का पूर्ण ज्ञान समाजवादी व्यवस्था में ही सम्भव है। समाजवादी संस्कृति पुरानी संस्कृति से नाता नहीं तोड़ती, वह उसे आत्मसात करके आगे बढ़ती है।

अभी हमारे निरक्षर निर्धन जनता नए और पुराने साहित्य की महान उपलब्धियों के ज्ञान से वंचित है। जब वह साक्षर होगी, साहित्य पढ़ने का उसे अवकाश होगा, सुविधा होगी, तब व्यास और वाल्मीकि के करोड़ों नए पाठक होंगे। तब मानव संस्कृति की विशद धारा में भारतीय साहित्य की गौरवशाली परम्परा का नवीन योगदान होगा।

शब्दार्थ

प्रगतिशील आलोचना : जो आलोचना सामाजिक विकास को महत्त्व देती हो
भौतिकवाद : वह विचारधारा जो चेतना या भाव का मूल पदार्थ को मानती हो
अमूर्त : जो मूर्त न हो, जो दिखाई न पड़े, भावमय
विकासमान : विकास करता हुआ
प्रतिबिंबित : झलकता हुआ, जिसकी छाया दिखलाई पड़े
अभ्युदयशील : तरक्की करता हुआ, उन्नतिशील
ह्रासमान : नष्ट होता हुआ, छीजता हुआ, मरता हुआ
यथष्ट : पर्याप्त
आत्मि : अतिप्राचीन, सबसे पहला
व्यजित : प्रकट, ध्वनित, अभिव्यक्त
पूर्ववर्ती : जो पहले से विद्यमान हो, पहले से मौजूद रहनेवाला, पूर्वज
नियामक : निर्मित और नियमबद्ध करनेवाला
द्वंद्वात्मक : जिसमें दो परस्पर विरोधी स्थितियों या पक्षों का संघर्ष हो
नामलेवा : नाम लेने वाला, उत्तराधिकारी
अस्मिता : अस्तित्व, पहचान
एकात्मकता : एकता, आत्मा की एकता
अविच्छिन्न : लगातार, निरंतर, अटूट
न्यूनाधिक : कमोबेश
समर्थ : सक्षम, सुयोग्य
वंचित : अभावग्रस्त
प्रभुत्व : अधिकार, स्वामित्व
विशद : व्यापक, विस्तृत
पुनर्गठित : फिर से व्यवस्थित
अपव्यय : फिजूलखर्ची
आत्मसात् : अपना हिस्सा बनाना, अपने में समाहित कर लेना

Bihar Board Class 8 Science Solutions Chapter 4 कपड़े तरह-तरह के : रेशे तरह-तरह के

Bihar Board Class 8 Science Solutions Chapter 4 कपड़े तरह-तरह के : रेशे तरह-तरह के Text Book Questions and Answers.

BSEB Bihar Board Class 8 Science Solutions Chapter 4 कपड़े तरह-तरह के : रेशे तरह-तरह के

Bihar Board Class 8 Science कपड़े तरह-तरह के : रेशे तरह-तरह के Text Book Questions and Answers

अभ्यास

Bihar Board 8th Class Science प्रश्न 1.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

  1. संश्लेषित रेशे …………. अथवा ……….. रेशे भी कहलाते हैं।
  2. सूती वस्त्र जलने पर …………. के जलने जैसी गंध आती है जबकि नाइलॉन से उबलती हुई ………….. के समान गंध निकलती है।
  3. सूती और नाइलॉन के वस्त्र को फाड़ने पर ………… वस्त्र आसानी से फटते हैं।
  4. ………… रेशा सेलुलोज के रासायनिक क्रियाओं द्वारा प्राप्त किए जाते हैं।

उत्तर-

  1. कृत्रिम, मानव निर्मित
  2. कागज, फली
  3. सूती
  4. रेयॉन।

Bihar Board Class 8 Science Solution In Hindi प्रश्न 2.
मिलान कीजिए

Bihar Board 8 Class Science Solution

उत्तर-

  1. (ग)
  2. (घ)
  3. (ख)
  4. (क)

Class 8 Science Bihar Board प्रश्न 3.
कुछ रेशे संश्लेषित क्यों कहलाते हैं ?
उत्तर-
कपड़ा मानव सभ्यता के विकास की देन है। कपडा मानव सभ्यता और संस्कृति के सूचक है। प्राचीन काल से ही मानव तन ढंकने का प्रयल करता रहा है। इस काम के लिए उसने आदिम युग में घास-फूस, पेड़-पौधे, पत्ते-छाल तथा मृत पशुओं की खाल आदि का प्रयोग किया। परंतु जिज्ञासु मानव इतने से कब संतुष्ट होने वाला था। मानव की जिज्ञासा तथा तीव्र बुद्धि ने वस्त्रों की उत्पत्ति के साधन एवं वस्त्रों के निर्माण कला को यहाँ तक पहुंचा दिया।

पौधों तथा जन्तुओं से प्राप्त होने वाले रेशों से बने कपड़े के गुण जैसे जल्दी गंदा होना, धोने से सिलवट पड़ने, रख-रखाव में परेशानी तथा इसकी सीमित उत्पादन ने तथा विज्ञान के विकास ने एक नए रेशे के आविष्कार में मुख्य भूमिका अदा किए। आज रासायनिक संश्लेषण प्रक्रिया के द्वारा रेशों का निर्माण होने लगा है। इस प्रकार के रेशा को संश्लेषित रेशा कहते हैं। जैसे-नायलॉन, रेयॉन, टेरिलीन, टेरीकॉट इत्यादि ।

इस प्रकार रेशों को दो तरह से प्राप्त किया जाता है। एक पेड-पौधों तथा जानवरों से तो दूसरा मानव निर्मित यानी संश्लेषित रेशा, यही कारण है कि कुछ रेशों को संश्लेषित रेशा कहा जाता है।

Bihar Board Class 8 Science Solution प्रश्न 4.
नाइलॉन रेशों से निर्मित दो वस्तुओं के नाम बताइए जो नाइलॉन रेशे की प्रबलता दर्शाती है।
उत्तर-
ऐसे तो नाइलॉन से बहुत सारी वस्तुएँ बनती हैं। परन्तु इसकी प्रबलता को दर्शाने वाले दो प्रमुख वस्तुएँ – पैराशुट, चट्टानों या पहाड़ों पर चढ़ने हेतु रस्से।

Bihar Board Class 8th Science Solution प्रश्न 5.
रसोई घर में संश्लेषित वस्त्र पहनने की सलाह नहीं दी जाती है। क्यों ?
उत्तर-
संश्लेषित वस्त्र काफी हल्के होते हैं जिसके कारण थोड़ी-सी शारीरिक हलचल या हवा से इधर से उधर हो जाते हैं। जिसके कारण आग के. चपेट में आ जाते हैं। इतना ही नहीं, यह आग को भी बहुत जल्दी पकड़ लेता है और साथ ही इसमें आग बहुत जल्दी-जल्दी आगे बढ़ता चला जाता है। परिणामस्वरूप किसी दुर्घटना होने की संभावना प्रबल होती है इसलिए रसोईघर में संश्लेषित वस्त्र पहनने की सलाह नहीं दी जाती है।

Bihar Board Class 8 Science Book Solutions प्रश्न 6.
रेयॉन को “नकली रेशम” क्यों कहा जाता है ?
उत्तर-
सबसे पहले प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करते हुए कृत्रिम रूप से रेशा का निर्माण किया गया। रेयॉन उन्हीं में से एक है।

रेयॉन, लकड़ी के लुग्दी द्वारा कृत्रिम रेशा प्राप्त किया गया । जिसका गुण रेशम के समान होता है। यही कारण है कि रेयॉन को कृत्रिम या नकली रेशम कहा जाता है।

Bihar Board Class 8 Science प्रश्न 7.
संश्लेषित वस्त्र गर्मी के मौसम में आरामदेह नहीं होते हैं क्यों ?
उत्तर-
संश्लेषित वस्त्र में जलग्रहण करने की क्षमता बहुत कम होती है तथा ऊष्मा का सुचालक होता है यानि धूप या प्रकाश को ग्रहण कर काफी गर्मी महसूस होता है। साथ ही पसीना को भी नहीं सोंख पाता है। इन्हीं कारणों से ये गर्मी में आरामदायक नहीं होते हैं।

Bihar Board Class 8 Science Solution In Hindi Pdf Download प्रश्न 8.
एक्रिलिक के दो उपयोग लिखिए।
उत्तर-
एक्रिलिक के दो उपयोग

  1. स्वेटर बनाने में।
  2. कम्बल बनाने में।

Bihar Board Class 8 Science Book Pdf प्रश्न 9.
रेशा का नाम बताइए जो-

  1. जलने पर जलते हुए कागज का गंध देता हो।
  2. जलने पर जलते हुए बाल का गंध देता हो।
  3. जलने पर उबलती हई फली का गंध देता हो।

उत्तर-

  1. वह रेशा जो जलने पर जलते हुए कागज का गंध देता हो वह सूती कहलाता है।
  2. वह रेशा जो जलने पर जलते हुए बाल का गंध देता है वह रेशम कहलाता है।
  3. वह रेशा जो जलने पर उबलती हुई फली का गंध देता हो वह नाइलॉन कहलाता है।

Class 8 Bihar Board Science Solution प्रश्न 10.
संश्लेषित रेशों का औद्योगिक निर्माण वास्तव में वनों के संरक्षण में सहायक रहा है। टिप्पणी दीजिए।
उत्तर-
प्राचीन काल से लेकर आधुनिक काल तक रेशों के निर्माण में पेड़ों का भरपूर उपयोग हुआ। आधुनिक काल में रेयॉन बनाने में लकड़ी का लुगदी का प्रयोग किया जाता रहा परन्तु रेयॉन के बाद नायलॉन, पॉलिस्टर टेरीकॉट एक्रिलिक में लकड़ी का उपयोग नहीं हुआ और आज सम्पूर्ण आवश्यकता की पूर्ति सिर्फ वस्त्र के रूप में ही नहीं बल्कि जरूरत की अन्य सामग्री जैसे कुर्सी, टेबुल आदि भी कृत्रिम रेशों से बनाए जाने लगे । इस प्रकार संश्लेषित रेशों का औद्योगिक निर्माण वनों के संरक्षण में सहायक रहा।

Bihar Board Class 12 History Solutions Chapter 7 एक साम्राज्य की राजधानी : विजयनगर

Bihar Board Class 12 History Solutions Chapter 7 एक साम्राज्य की राजधानी : विजयनगर Textbook Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 12 History Solutions Chapter 7 एक साम्राज्य की राजधानी : विजयनगर

Bihar Board Class 12 History एक साम्राज्य की राजधानी : विजयनगर Textbook Questions and Answers

उत्तर दीजिए (लगभग 100-150 शब्दों में)

Bihar Board Solution Class 12th History प्रश्न 1.
पिछली दो शताब्दियों में हम्पी के भवनावशेषों को अध्ययन में कौन-सी पद्धतियों का प्रयोग किया गया है? आपके अनुसार यह पद्धतियाँ विरुपाक्ष मंदिर के पुरोहितों द्वारा प्रदान की गई जानकारी की किस प्रकार पुरक रही?
उत्तर:
पिछली दो शताब्दियों में हम्पी के भवनावशेषों के अध्ययन की पद्धतियाँ एवं विरुपाक्ष मंदिर के पुरोहितों द्वारा प्रदान की गई जानकारी का यूरक: विजयनगर का विनाश होने के लगभग दो सौ वर्ष पश्चात् भी विजयनगर की स्मृति बनी रही। हम्पी की खोज में एक अभियन्ता (Engineer) एवं पुरातत्वविद् कर्नल कॉलिन मैकेन्जी का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा। उसने 1800 ई० में इस स्थान का सर्वप्रथम सर्वेक्षण मानचित्र तैयार किया।

उसे विरुपाक्ष मंदिर तथा पम्पादेवी के पूजास्थल के पुजारियों से इसके बारे में आरंभिक जानकारी मिली। इसके आधार पर 1856 ई० से छायाचित्रकारों ने शोधकर्ताओं के अध्ययन कार्य को सुगम बनाने के लिए यहाँ के भवनों के चित्र संकलित करने आरंभ किये। 1836 ई० से विद्वानों ने विभिन्न मंदिरों से अनेक अभिलेख एकत्र करने शुरू कर दिए। विजयनगर साम्राज्य के इतिहास का पुनर्निर्माण करने के लिए इन स्रोतों की विदेशी यात्रियों के वृत्तांतों तथा तेलुगु कन्नड़, तमिल और संस्कृत में लिखे गये साहित्य से तुलना की गई।

विजयनगर शासकों ने वर्षा जल संचयन Bihar Board Class 12 प्रश्न 2.
विजयनगर की जल आवश्यकताओं को किस प्रकार पूरा किया जाता था?
उत्तर:
विजयनगर की जल आवश्यकताओं को पूरा करने के उपाय –

  1. विजयनगर का क्षेत्र एक शुष्क क्षेत्र है। इसकी जल आवश्यकता तुंगभद्रा नदी पूरी करती है। यह नदी एक प्राकृतिक कुंड का निर्माण करती है।
  2. नदी के आस-पास करधनी के रूप में ग्रेनाइट पत्थर की पहाड़ियाँ हैं जिनका पानी जल धाराओं के रूप में नदी में गिरता है।
  3. सभी धाराओं के साथ एक हौज बनाया गया है। हौज के जल का प्रयोग विभिन्न कार्यों के लिए किया जाता है।
  4. इन हौजों में प्रसिद्ध हौज 15 वीं शताब्दी में निर्मित कमलपुरम् जलाशय है। इसके जल का प्रयोग पीने और सिंचाई दोनों कार्यों के लिये किया जाता है।
  5. जल का प्रमुख स्रोत हिरिया नहर था। इस नहर में तुंगभद्रा पर बने बांध से पानी लाया जाता था और घाटी स्थित कृषि भूमि को सिंचाई में प्रयोग किया जाता था।

विजयनगर में सेना प्रमुख को क्या कहा जाता था Bihar Board Class 12 प्रश्न 3.
शहर के किलेबंद क्षेत्र में कृषि क्षेत्र को रखने के आपके विचार में क्या फायदे और नुकसान थे?
उत्तर:
शहर के क्षेत्र में कृषि क्षेत्र को रखने के फायदे और नुकसान –
1. विजयनगर के शासकों ने शहर के किलेबंद क्षेत्र के भीतर ही कृषि क्षेत्र को रखा था। इसकी पुष्टि फारस यात्री अब्दुर्रज्जाक और पुरातत्त्वविदों ने की है। इसका फायदा यह था कि आक्रमणकारियों को खाद्य सामग्री से वंचित करने और समर्पण के लिए बाध्य करने में होता था। आक्रमणकारियों द्वारा किले को कई महीनों और यहाँ तक कि वर्षों तक घेरा जा सकता था। ऐसी परिस्थितियों में प्राथमिक जरूरत को पूरा करने के लिए किलेबंद क्षेत्रों के भीतर ही खेती की व्यवस्था और अन्नागारों का निर्माण किया जाता था।

2. इस व्यवस्था का नुकसान यह था कि शासकों को कृषि क्षेत्र विस्तृत होने के कारण किले की ऊँची प्राचीर तैयार कराने में बहुत अधिक खर्च आता था । पर्याप्त साधनों और धन की आवश्यकता होती थी।

प्रश्न 4.
आपके विचार में महानवमी डिब्बा से संबद्ध अनुष्ठानों का क्या महत्त्व था?
उत्तर:
महानवमी डिब्बा से संबद्ध अनुष्ठान:
महानवमी डिब्बा शहर की सबसे ऊँची संरचना थी। इसका आधार 11000 वर्ग फीट है। मंच के आधार पर सुन्दर आकृतियाँ उत्कीर्ण हैं। इस ढाँचे का सम्बन्ध 10 दिन चलने वाले हिंदू त्यौहार दशहरा (उत्तर भारत), दुर्गापूजा (बंगाल) तथा नवरात्रि या महानवमी (दक्षिण भारत) के साथ था। इस अवसर पर शासक अपनी शक्ति और वैभव का प्रदर्शन करता था। इसके अलावा अन्य धर्मानुष्ठानों में मूर्ति पूजा राज्य के अश्व की पूजा, भैंसों और अन्य जानवरों की बलि शामिल है। इस अवसर पर विभिन्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पुरस्कार और उपहार दिए जाते थे। राजा सेना का निरीक्षण भी करता था। इन सबके बावजूद महानवमी डिब्बा के विषय में स्पष्ट जानकारी अभी तक प्राप्त नहीं हो पाई है।

प्रश्न 5.
यह विरुपाक्ष मंदिर के एक अन्य स्तंभ का रेखाचित्र है। क्या आप कोई पुष्प-विषयक रूपांकन देखते हैं? किन जानवरों को दिखाया गया है? आपके विचार में उन्हें क्यों चित्रित किया गया है? मानव आकृतियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:

  1. स्तंभ पर अश्व के नीचे पुष्प विषयक रूपांकन दिखाई देता है। शायद अश्व के महत्त्व को दर्शाने के लिए ऐसा किया गया है।
  2. स्तम्भ पर अश्व मोर को दिखाया गया है। अश्व विजय का प्रतीक होता है और मोर राष्ट्रीय पक्षी है।
  3. इसमें तीन मानव आकृतियाँ हैं। सबसे ऊपर स्त्री की आकृति है जिसके एक हाथ में पुष्प है। उसके नीचे दूसरी आकृति धनुष लिये हुए हैं और उसका एक पैर शिवलिंग पर है। तीसरी आकृति बड़े पेट वाले किसी पुरुष की है। उसके बांये हाथ में गदा जैसा कोई युद्धास्त्र है।

Bihar Board Class 12 History Solutions Chapter 7 एक साम्राज्य की राजधानी विजयनगर img 4

निम्नलिखित पर एक लघु निबंध लिखिए। (लगभग 250 से 300 शब्दों में)

प्रश्न 6.
“शाही केन्द्र” शब्द शहर के जिस भाग के लिए प्रयोग किए गए हैं, क्या वे उस भाग का सही वर्णन करते हैं?
उत्तर:
“शाही केन्द्र” या “राजकीय केन्द्र” आबादी के दक्षिण:
पश्चिम में स्थित था। इसमें 60 से अधिक मंदिर बने थे। स्पष्ट है कि “शाही केन्द्र” शब्द शहर के जिस भाग के लिए प्रयोग किये गये हैं, वे उस भाग का सही वर्णन नहीं करते हैं। इन देव स्थलों में प्रतिष्ठित देवी-देवताओं से संबंद्ध जनता को यहाँ के शासक प्रसन्न रखकर अपनी सत्ता को स्थापित करने तथा वैधता प्रदान करने का प्रयास कर रहे थे।

इतना अवश्य है कि:
शाही केन्द्र में 30 संरचनायें ऐसी हैं जिनकी पहचान महलों के रूप में की गई है। ये अपेक्षाकृत विशाल संरचनाये हैं जो धार्मिक कार्यों से सम्बद्ध नहीं थी। मंदिरों और संरचनाओं से ये ढाँचे इस अर्थ में भिन्न थे कि मंदिर पूरी तरह धर्म-गाथाओं एवं चित्रों से निर्मित थे जबकि महल जैसे भवनों की अधिरचना विलासी वस्तुओं से तैयार की गई थी। कुछ भवनों का नामकरण उनके आकार और कार्य के आधार पर किया गया है।

उदाहरण के लिए राजा का भवन’ आंतरिक क्षेत्र में बहुत विशाल है। इसके मुख्य भाग सभा मण्डप और महानवमी डिब्बा है। सभा-मण्डप के उपयोग के विषय में इतिहासकार स्पष्ट नहीं है। महानवमी डिब्बा का सम्बन्ध 10 दिन चलने वाले हिंदू त्यौहार दशहरा (उत्तर भारत), दुर्गापूजा (बंगाल) या नवरात्रि या महानवमी (दक्षिण भारत) से था। इस अवसर पर शासक अपनी शक्ति, वैभव का प्रदर्शन करते थे। इसमें कुछ अनुष्ठान भी संपन्न कराए जाते थे। इस अवसर पर राजा नायकों की सेना का निरीक्षण करता था। इसके अलावा इस क्षेत्र में एक लोट्स (कमल) महल था। मैकेंजी के अनुसार यह परिषदीय-सदन था। इसके आस-पास भी कई मंदिर थे।

प्रश्न 7.
कमल महल और हाथियों के अस्तबल जैसे भवनों का स्थापत्य हमें उनके बनवाने वाले शासकों के विषय में क्या बताता है?
उत्तर:
शाही केन्द्र के सर्वाधिक आकर्षक भवनों में एक लोट्स (कमल) महल है जिसका यह नामकरण 19 वीं शताब्दी में अंग्रेज यात्रियों ने किया था। यह नाम रोमांचकारी है परंतु इतिहासकार इस संबंध में यह निश्चय नहीं कर पाये हैं कि इस भवन का किस कार्य के लिए प्रयोग किया जाता था। मैकेन्जी का सुझाव है कि यह भवन परिषदीय सदन था जहाँ राजा अपने परामर्शदाताओं से मिलता था। कमल महल के निकट ही हाथियों का अस्तबल था। ये अस्तबल समस्तरी थे। इससे ज्ञात होता है कि विजयनगर के शासक हाथियों के शौकीन थे। हाथियों का प्रयोग सेना के अलावा अन्य कार्यों के लिए भी किया जाता था। अस्तबल में अनेक विशाल कक्ष या हाल थे। स्पष्ट है कि हाथियों की संख्या भी पर्याप्त थी।

प्रश्न 8.
स्थापत्य की कौन-कौन सी परम्पराओं ने विजयनगर में वास्तुविदों को प्रेरित किया? उन्होंने इन परम्पराओं में किस प्रकार बदलाव किये?
उत्तर:
वियजनगर के वास्तुविदों को प्रभावित करने वाली स्थापत्य परम्परायें और इनमें –
बदलाव:
विजयनगर में स्थापत्य कला का विकास 1336 ई० से 1365 ई० के बीच विजयनगर के सम्राटों ने किया। यह साम्राज्य दक्षिण भारत के एक बड़े भाग तक विस्तृत था। वास्तुविदों को यहाँ के मंदिर, भवन, महल और दुर्ग जैसी संरचनाओं ने बहुत प्रभावित किया। विजयनगर और इसके आस-पास के भवनों को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स की मान्यता मिली है। नये मंदिरों के निर्माण के अतिरिक्त वियजनगर के शासकों ने पूरे दक्षिण भारत के पुराने मंदिरों में भी कुछ परिवर्तन किये। इनमें से कुछ भवन विजयनगर साम्राज्य की स्थापना से पहले के हैं।

शहरी केन्द्र में व्यापारियों के भवन हैं। यहाँ मंदिर और मकबरे भी मिले हैं। शाही केन्द्र में दो प्रमुख संरचनायें-सभामंडल और महानवमी डिब्बा है। ये दोनों संरचनायें धार्मिक कार्यों के लिए बनायी गई थीं। इसके अलावा लोट्स महल के आस-पास अनेक मंदिर हैं। इसी में हजार राम मंदिर है। मंदिरों के गोपुरम् और मण्डप अत्यंत आकर्षक हैं। ये ढाँचा विरुपाक्ष मंदिर और विट्ठल मंदिर में देखने को मिलते हैं।

प्रश्न 9.
अध्याय के विभिन्न विवरणों से आप विजयनगर के सामान्य लोगों के जीवन की क्या छवि पाते हैं?
उत्तर:
वियजनगर के सामान्य लोगों के जीवन की छवि:
अध्याय के विभिन्न विवरणों से सामान्य लोगों के जीवन की निम्नलिखित झाँकी दिखाई पड़ती है –
1. बरबोसा के विवरण से ज्ञात होता है कि सामान्य लोगों का जीवन बहुत अच्छा नहीं था। उसके अनुसार सामान्य लोगों के कच्चे आवास थे परंतु बहुत मजबूत बनाए गए थे।

2. क्षेत्र सर्वेक्षण से ज्ञात होता है कि यहाँ विभिन्न सम्प्रदायों और समुदायों के पूजा स्थल और छोटे मंदिर भी हैं।

3. सामान्य लोग जल संरक्षण के प्रति विशेष रहते थे। इसके लिए कुँए, वर्षा के पानी वाले जलाशय और मंदिर के जलाशय की व्यवस्था थी।

4. शहरों में व्यापार बहुत समृद्ध था और वहाँ की बाजार मसालों, वस्त्रों तथा रत्नों से परिपूर्ण थी। इससे लगता है कि शहर की जनता समृद्ध थी और विदेशों से महँगे सामान मँगाती थी।

5. सामान्य लोगों की जीविका का प्रमुख साधन कृषि थी। विजयनगर की कृषि अच्छी थी और विभिन्न प्रकार के अनाजों, सब्जियों और फलों की खेती की जाती थी।

6. विजयनगर के लोग अत्यधिक धार्मिक थे-इसका अनुमान सभी स्थलों से मंदिरों के अवशेष मिलने से लगाया जा सकता है। ये लोग विशेष रूप से पम्पादेवी और विरुपाक्ष की पूजा करते थे। (vii) लोग भोजन में चावल, गेहूँ, मकई, जौ, सेम, मूंग, दालें, फल, सब्जी और यहाँ तक कि मांस का भी प्रयोग करते थे। नूनिज के अनुसार, “बाजार में “भेड़, बकरी का मांस, सूअर, मृगमांस, तीतर मांस, खरगोश, कबूतर, बटेर और सभी प्रकार के पक्षी, चूहे, बिल्लियों और छिपकलियों का मांस बिकता था।”

मानचित्र कार्य

प्रश्न 10.
विश्व के सीमारेखा पर इटली, पुर्तगाल, ईरान तथा रूस को सन्निकता से अंकित कीजिए। उन मार्गों को पहचानिए जिनका प्रयोग इटली का निकोलो दे कॉन्ती (व्यापारी), अब्दुर रज्जाक (राजदूत), अफानासी निकितिन (रूसी व्यापारी), दुआर्ते बरबोसा, डोमिंगो पेस तथा फर्नावो नूनिज (पुर्तगाली नागरिक) ने विजयनगर पहुँचने के लिए किया था।
उत्तर:
Bihar Board Class 12 History Solutions Chapter 7 एक साम्राज्य की राजधानी विजयनगर img 2

परियोजना कार्य (कोई एक)

प्रश्न 11.
भारतीय उपमहाद्वीप के किसी एक ऐसे प्रमुख शहर के विषय में और जानकारी हासिल कीजिए जो लगभग चौदहवीं-सत्रहवीं शताब्दियों में फला-फूला। शहर के स्थापत्य का वर्णन कीजिए। क्या कोई ऐसे लक्षण हैं जो इनके राजनीतिक केन्द्र होने की ओर संकेत करें? क्या ऐसे भवन हैं जो आनुष्ठानिक रूप से महत्त्वपूर्ण हों? कौन-से ऐसे लक्षण हैं जो शहरी भाग को आस-पास के क्षेत्रों से विभाजित करते हैं?
उत्तर:
छात्र स्वयं करें।

प्रश्न 12.
अपने आस-पास किसी धार्मिक भवन को देखिए। रेखाचित्र के माध्यम से छत, स्तम्भों, मेहराबों, यदि हों, तो गलियारों, रास्तों, सभागारों, प्रवेश द्वारों, जल आपूर्ति आदि का वर्णन कीजिए। इन सभी की तुलना निरुपाक्ष मंदिर के अभिलक्षणों से कीजिए। वर्णन कीजिए कि भवन का प्रत्येक भाग किस प्रयोग में लाया जाता था। इसके इतिहास के विषय में पता कीजिए।
उत्तर:
छात्र स्वयं करें।

Bihar Board Class 12 History एक साम्राज्य की राजधानी : विजयनगर Additional Important Questions and Answers

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
महमूद खाँ कौन था?
उत्तर:
यह बहमनी शासक मुहम्मदशाह तृतीय का प्रधानमंत्री था। इसने बहमनी राज्य को शक्तिशाली बनाने में बहुत अधिक सहयोग दिया। उसने कोंकण, संगमेश्वर, उड़ीसा और विजयनगर के शासकों को हराया। उसने सेना को संगठित किया और किसानों की सहायता की। वह विद्वानों और कलाकारों का आदर करता था। उसका बहुत दुःखद अंत हुआ।

प्रश्न 2.
विजयनगर राज्य की स्थापना कैसे हुई?
उत्तर:
विजयनगर राज्य की स्थापना दो भाइयों-हरिहर और बुक्का ने की। मुहम्मद तुगलक के शासन काल में दक्षिण भारत में विद्रोह भारत में विद्रोह का लाभ उठाकर उन्होंने 1336 ई० में इसको स्वतंत्र राज्य घोषित कर दिया था।

प्रश्न 3.
बहमनी राज्य की स्थापना कब और किसने की?
उत्तर:
बहमनी राज्य की स्थापना अलाउद्दीन बहमन शाह ने 1247 ई० में की। यह मुस्लिम राज्य था।

प्रश्न 4.
पुर्तगालियों के आगमन से पूर्व भारत के अन्य देशों के साथ सम्बन्धों की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
वास्को-डि-गामा 1498 ई० में कालीकट बन्दरगाह पर पहुँचने वाला पहला पुर्तगाली मल्लाह था। वास्को-डि-गामा से पहले भारत के मिश्र, अरब, ईरान, ईराक, सीरिया आदि देशों के साथ बड़े घनिष्ठ व्यापारिक सम्बन्ध थे। भारत के गर्म मसाले, जड़ी-बूटियाँ आदि अरब व्यापारियों के माध्यम से दोनों स्थल और जल मार्गों से यूरोप के जेनोवा, वेनिस आदि बन्दरगाहों तक पहुँच जाते थे और उधर से भारत में घोड़े और ऐश्वर्य की सामग्री लाई जाती थी।

प्रश्न 5.
तालीकोट का युद्ध कब और कहाँ हुआ?
उत्तर:

  1. 23 जनवरी, 1565 को।
  2. राक्षसी और तगड़ी ग्रामों के मध्य।

प्रश्न 6.
विजयनगर का नाम हम्पी कैसे पड़ा?
उत्तर:
इस नाम का आविर्भाव यहाँ की स्थानीय मातृदेवी पम्पादेवी के नाम से हुआ था।

प्रश्न 7.
विजयनगर के शासकों को उत्तरी सीमा पर किन राज्यों से संघर्ष करना पड़ा और क्यों?
उत्तर:
विजयनगर के शासकों को अपने समकालीन राजाओं-दक्कन के सुल्तान तथा उड़ीसा के गजपति शासक से संघर्ष करना पड़ा। वे लाभकारी विदेशी व्यापार तथा कृषि क्षेत्र पर कब्जा करना चाहते थे।

प्रश्न 8.
नायकर कौन थे?
उत्तर:
नायकर व्यवस्था विजयनगर राज्य में थी। नायकर वस्तुत: भू – सामन्त थे। अधीनस्थ सेना के रख-रखाव के लिए राजा इनहें वेतन के बदले में एक विशेष भूखण्ड देता था।

प्रश्न 9.
अमर नायक प्रणाली क्या थी? इसकी क्या विशेषता थी?
उत्तर:

  1. यह विजयनगर साम्राज्य को प्रमुख राजनीतिक प्रणाली थी। अमर नायक सैनिक कमांडर थे इन्हें विजयनगर के शासक प्रशासन के लिए राज्य क्षेत्र सौंपते थे।
  2. यह प्रणाली दिल्ली सल्तनत की इक्ता प्रणाली से मिलती-जुलती थी।

प्रश्न 10.
भारत में पुर्तगालियों को एक दृढ़ शक्ति बनाने में अलवुकर्क की क्या भूमिका रही?
उत्तर:
पुर्तगाली बस्तियों का वायसराय अलबुकर्क 1509 से 1515 ई० तक भारत में रहा। उसने बीजापुर के सुल्तान से 1510 ई० में गोआ छीन लिया और उसे भारत में पुर्तगाली साम्राज्य की राजधानी बनाया। एशिया और अफ्रीका के महत्त्वपूर्ण ठिकानों पर किलों का निर्माण करके उसने पूर्वी व्यापार पर अपना प्रभुत्व स्थापित किया।

प्रश्न 11.
क्या तुर्कों तथा पुर्तगालियों के मध्य का संघर्ष अपरिहार्य था? भारत के व्यापार पर इसका क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर:
तुर्कों और पुर्तगालियों के मध्य का संघर्ष अपरिहार्य था क्योंकि हिन्द महासागर पर दोनों में से केवल एक का प्रभुत्व स्थापित हो सकता था। बिना आपसी संघर्ष के इस बात का निश्चय नहीं हो सकता था कि पूर्वी देशों के साथ व्यापार पर किसका प्रभुत्व स्थापित हो। तुर्को और पुर्तगालियों में समुद्री मार्गों पर प्रभुत्व स्थापित करने के लिए अनेक झड़पें हुईं। तुर्कों को अन्ततः पराजय का मुँह देखना पड़ा। भारत पर इस संघर्ष का बहुत बुरा प्रभाव पड़ा। भारतीय नाविक जो पहले अन्य देशों से स्वतंत्र रूप से व्यापार कर लेते थे वह समाप्त हो गया। अब उनके जहाज डुबो दिए जाते थे और उन्हें मार दिया जाता था।

प्रश्न 12.
विजयनगर के तीन राजवंश कौन-से थे?
उत्तर:

  1. संगम वंश: 1336 से 1485 ई० तक।
  2. सुलव वंश: 1485 से 1503 ई० तक।
  3. तुलुव वंश: 1503 से 1565 ई० तक।

प्रश्न 13.
बरबोसा ने सामान्य लोगों के विषय में क्या लिखा है?
उत्तर:

  1. लोगों के आवास छप्पर के हैं परंतु फिर भी मजबूत है।
  2. कई खुले स्थानों वाली लम्बी गलियों में बाजारें लगाई जाती है।

प्रश्न 14.
हजार राम मंदिर क्यों प्रसिद्ध था?
उत्तर:

  1. यह मंदिर शाही केन्द्र में स्थित था। इसमें केवल राजा और उनके परिवार के लोग पूजा करते थे।
  2. देवस्थल की मूर्तियाँ नष्ट हो गयी हैं परंतु दीवारों पर अकेरी गई मूर्तियाँ सुरक्षित हैं। उल्लेखनीय है कि आंतरिक दीवारों पर रामायण के दृश्य अंकित हैं।

प्रश्न 15.
आप कमलपुरम् जलाशय के बारे में क्या जानते हैं?
उत्तर:

  1. विजयनगर एक शुष्क क्षेत्र था। जल संरक्षण के लिए यहाँ हौज या जलाशय बनाये जाते थे। इनमें सबसे प्रसिद्ध ‘कमलपुरम् जलाशय’ था।
  2. इस जलाशय से सिंचाई होती थी और इसका. जल एक नहर के द्वारा राजकीय केन्द्र तक ले जाया जाता था।

प्रश्न 16.
दक्षिण के राज्यों में संघर्ष का मुख्य कारण क्या था?
उत्तर:

  1. दक्षिण के शासक अपने राज्य का विस्तार करना चाहते थे।
  2. वे अपने राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने के लिए दूसरे राज्यों पर आक्रमण करते थे।

प्रश्न 17.
विजयनगर और बहमनी राज्य के पतन के दो कारण बताइये।
उत्तर:

  1. दोनों राज्य अपने विस्तार के लिए एक-दूसरे से युद्ध करते रहते थे।
  2. दोनों राज्य रायचूर, दोआब पर अधिकार करने के लिए लालायित थे।

प्रश्न 18.
विजयनगर के शासकों में कृष्णदेवराय को महानतम् शासक क्यों माना जाता है।
उत्तर:

  1. वह एक महान् योद्धा था और उसने विजयनगर की सेनाओं को अभूतपूर्व शक्तिशाली बनाया।
  2. उसने वियजनगर के पास एक नया शहर बसाया तथा वहाँ एक भव्य तालाब का निर्माण करवाया।

प्रश्न 19.
उन विदेशी यात्रियों का उल्लेख कीजिए जिन्होंने विजयनगर शहर की यात्रा की?
उत्तर:

  1. निकोलो-दे-कान्ती-यह इतालवी व्यापारी था।
  2. अब्दुर रज्जाक-यह फारस के राजा का राजदूत था।
  3. अफानासी निकितिन-यह रूस का व्यापारी था। इन सभी ने 15वीं शताब्दी में भारत की यात्रा की।
  4. 16वीं शताब्दी से दुआते बरबोसा, डोमिंगो पेस तथा पुर्तगाल के फनीबो नूलिज ने भी भारत की यात्रा की।

प्रश्न 20.
विजयनगर की इंडो-इस्लामिक शैली की क्या विशेषता है?
उत्तर:

  1. इतिहासकारों ने किलेबंद बस्ती में जाने वाले प्रवेश द्वार पर बनी मेहराब तथा द्वार के ऊपर बनी गुंबद की स्थापत्य शैली को इंडो-इस्लामिक शैली नाम दिया है।
  2. यह शैली विभिन्न क्षेत्रों की स्थानीय स्थापत्य कला का मिश्रित रूप है।

प्रश्न 21.
विजयनगर शहर की दुर्गीकरण या किलेबंदी प्रणाली का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:

  1. एक दुर्ग द्वारा शहर के खेतों को घेरा गया था।
  2. नगरीय केन्द्र को भी सुदृढ़ दीवारों से घेरा गया था।
  3. शासकीय केन्द्र को घेरा गया था और महत्त्वपूर्ण ईमारतों के प्रत्येक समूह की घेराबंदी ऊँची दीवारों से की गई थी।

प्रश्न 22.
राय गोपुरम् क्यों बनाये जाते थे?
उत्तर:

  1. यह स्थापत्य कला का एक नवीन तत्त्व था। इसको राजकीय प्रवेश द्वारा कहा जाता था। ये प्रायः केन्द्रीय देवालयों की मीनारों से भी कई गुना अधिक ऊँचे थे।
  2. ये लम्बी दूरी से ही मंदिर होने का संकेत देते थे। गोपुरम शासकों की शक्ति का प्रतीक था क्योंकि इनके निर्माण में पर्याप्त साधन, तकनीक तथा कौशल का प्रयोग होता था।

प्रश्न 23.
विजयनगर पर कौन-कौन से राजवंशों ने शासन किया?
उत्तर:

  1. संगम वंश
  2. सुलुवा वंश
  3. तलुवा वंश
  4. अराविदु वंश।

प्रश्न 24.
कॉलिन मैकेंजी कौन था? उसकी मुख्य उपलब्धि क्या थी?
उत्तर:

  1. कॉलिन मैकेंजी एक अभियंता एवं पुराविद् थे। वह ईस्ट इंडिया कंपनी में कार्यरत थे।
  2. उन्होंने विजयनगर (हंपी) का पहला सर्वेक्षण मानचित्र तैयार किया था। इस नगर के विषय में उसकी जानकारी विरुपाक्ष मंदिर तथा पंपा देवी के पूजास्थल के पुरोहितों के साथ किए गए साक्षात्कार से संगृहीत की गई थी।

प्रश्न 25.
विजयनगर के मंदिरों के दो मुख्य अभिलक्षणों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:

  1. मंदिरों में विशाल संरचनायें बनाई जाने लगीं। इसका सबसे अच्छा उदाहरण गोपुरम् अथवा राजकीय प्रवेश द्वार था।
  2. दूसरा अभिलक्षण मंडल तथा गलियारों के निर्माण का था। ये गलियारे मंदिर परिसर में स्थित देवस्थलों के चारों ओर बने थे।

प्रश्न 26.
विजयनगर के ‘महानवमी डिब्बा’ की मुख्य विशेषतायें क्या हैं?
उत्तर:

  1. महानवमी डिब्बा’ एक विशालकाय मंच है जो शहर के सबसे ऊँचे स्थानों में से एक पर स्थित है। यह लकड़ी से निर्मित एक विशाल ढाँचा था।
  2. मंच के आधार पर उभारदार नक्काशी की गई है।

लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
कृष्णदेवराय तृतीय को विजयनगर के शासकों में महान् शासक क्यों समझा जाता है? तीन प्रमाण दीजिए।
उत्तर:
कृष्णदेवराय तृतीय का मूल्यांकन –
1. महान विजेता:
वह एक महान् सैनिक और सेनापति था। उसने अपने सभी विरोधियों और विद्रोहियों का दमन करके बीदर, बीजापुर और उड़ीसा राज्यों को जीत लिया।

2. कुशल प्रशासक:
उन्होंने अपने राज्य संगठित करके प्रजा को न्याय प्रदान किया। भूमि सम्बन्धी और व्यापार सम्बन्धी सुधार भी कृष्णदेवराय तृतीय द्वारा किए गए।

3. कला और साहित्य का संरक्षक:
उन्होंने अपने साम्राज्य में संस्कृत और तेलगू को बढ़ावा दिया। कला के क्षेत्र में गोपुर टावर का निर्माण करवाया। उन्होंने प्रसिद्ध कृष्णस्वामी का मंदिर और नागतापुर नगर का निर्माण करवाया। उनकी महानता की प्रशंसा करते हुए डॉ. ईश्वरी प्रसाद ने लिखा है-“दक्षिण के हिन्दू और मुसलमान राजाओं में एक भी ऐसा नहीं था जिसकी तुलना कृष्णदेवराय से की जा सके।”

प्रश्न 2.
विजयनगर राज्य की स्थापना कैसे हुई?
उत्तर:
विजयनगर राज्य की स्थापना-विजयनगर राज्य की स्थापना संगम वंशी के दो भाईयों-हरिहर और बुक्काराय ने की। ये वारंगल के राजा प्रताप रुद्रदेव के यहाँ नौकरी करते थे। उस समय उत्तरी भारत पर मुहम्मद तुगलक राज करता था। जब मुसलमानों ने दक्षिणी भारत को जीत लिया तो इन दोनों भाइयों को बंदी बनाकर दिल्ली लाया गया। दक्षिण भारत के विद्रोह का दमन करने के लिए सुल्तान मुहम्मद तुगलक ने हरिहर और बुक्काराय को रायचूर दोआब का सामन्त बनाकर भेजा।

उनके गुरु माधव विद्यारण्य ने उन्हें हिन्दू जनता की रक्षा के लिए स्वतंत्र राज्य स्थापित करने की प्रेरणा दी। उन्होंने अपने गुरु के नाम पर तुंगभद्रा नदी के किनारे 1336 ई० में विद्यानगर अथवा विजयनगर की नींव रखी जो बाद में एक विशाल साम्राज्य बन गया। सीवेल के अनुसार, “यह एक ऐसी महत्त्वपूर्ण घटना थी जिसने दक्षिण भारत के इतिहास को बदल दिया।” यह राज्य मुसलमानों के अत्याचारों से पीड़ित हिन्दुओं की शरणस्थली बन गया।

प्रश्न 3.
विजयनगर साम्राज्य के पतन के तीन कारण बताइये। अथवा, “तालीकोट का युद्ध विजयनगर राज्य के पतन का तत्कालीन कारण था, परंतु अन्य भी कारण थे।” तीन कारण दीजिए।
उत्तर:
विजयनगर साम्राज्य के पतन के कारण –
1. अयोग्य शासक:
कृष्णदेवराय तृतीय के शासन काल तक विजयनगर साम्राज्य मजबूत बना रहा परंतु उनके उत्तराधिकारी अपने सामन्तों और मंत्रियों के हाथों की कठपुतली बन गये।

2. सैनिक कमजोरी:
विजयनगर का सैनिक संगठन सामन्ती ढंग का था। सामन्त विश्वासघाती और अवसरवादी थे। विजयनगर की सेना में अश्वसेना का अभाव था।

3. दक्षिण के झगड़ों में हस्तक्षेप और तालीकोट का युद्ध:
सदाशिवराय जैसे शासक दक्षिण के अन्य राज्यों पर आक्रमण करते थे। कालांतर में बीजापुर, गोलकुंडा और अहमदनगर राज्यों के मुसलमान सुल्तानों ने एक साथ मिलकर 1665 ई० के तालीकोट युद्ध में विजयनगर को बुरी तरह पराजित कर दिया और उसका पतन आरम्भ हो गया।

प्रश्न 4.
कॉलिन मैकेन्जी कौन थे?
उत्तर:

  1. कॉलिन मैकेन्जी एक अभियंता, सर्वेक्षक तथा मानचित्रकार थे जिनका जन्म 1754 ई० में हुआ था।
  2. 1815 ई० में ईस्ट इंडिया कंपनी ने उन्हें भारत का प्रथम सर्वेयर जनरल बनाया और 1821 ई० में अपनी मृत्यु तक इस पद पर कार्य करते रहे।
  3. भारत के अतोत को समझने और उपनिवेश के प्रशासन को आसान बनाने के लिए उन्होंने स्थानीय परम्पराओं का संकलन किया तथा ऐतिहासिक स्थलों का सर्वेक्षण आरम्भ किया।
  4. भारत के कई संस्थानों, कानूनों तथा रीतिरिवाजों के विषय में महत्त्वपूर्ण जानकारी देना जैसे कार्य उनके सर्वेक्षण में सम्मिलित थे।

प्रश्न 5.
विजयनगर साम्राज्य के व्यापार का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
विजयनगर साम्राज्य का व्यापार:

  1. विजयनगर के शासकों को युद्ध में विजय प्राप्त करने के लिए अरब तथा मध्य एशिया के घोड़ों की आवश्यकता थी। उन्होंने इन देशों से घोड़ों का आयात किया।
  2. व्यापारियों के स्थानीय समूह यथा-कुदिरई चेट्टी या घोड़ों के व्यापारी भी इसमें रुचि लेते थे।
  3. 1498 ई० से पुर्तगाली व्यापारी भी भारत आकर इसके पश्चिमी तट पर बस गये। अपनी बेहतर सामरिक तकनीक एवं बंदूकों के प्रयोग से वे राजनीति में महत्त्वपूर्ण हो गये।
  4. विजयनगर मसालों, वस्त्रों तथा रत्नों की एक बहुत बड़ो बाजार था। यहाँ की जनता महँगी वस्तुओं का आयात करती थी। उन्नत व्यापार ने राज्य की राजस्व आय को बढ़ाया।

प्रश्न 6.
विजयनगर की आर्थिक दशा का संक्षिप्त विवरण दीजिए।
उत्तर:
विजयनगर की आर्थिक दशा:
आर्थिक दृष्टि से विजयनगर एक सम्पन्न राज्य था ! कृषि और व्यापार उन्नत थे। यहाँ आन्तरिक एवं बाह्य दोनों व्यापार होते थे। स्थल तथा जल दोनों मार्गों से व्यापार होता था। अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मुख्यतः चीन, बर्मा, अरब, फारस तथा पुर्तगाल आदि देशों के साथ होता था। इन देशों को कपड़ा, चावल, लोहा, शोरा तथा मसाले आदि का मिर्यात किया जाता था। विदेशों से उत्तम नस्ल के घोड़े, हाथी, तांबा, मूंगा, पारा, रेशम आदि मँगवाए जाते थे। राज्य में अनेक उत्तम बंदरगाह थे।

पुर्तगाली यात्री डोमिंगोस पईज ने विजयनगर की आर्थिक समृद्धि का वर्णन करते हुए लिखा है, “राजा के पास भारी कोष, अनेक सैनिक तथा हाथी है। इस नगर में तुम्हें प्रत्येक राष्ट्र और जाति के लोग मिलेंगे, क्योंकि यहाँ व्यापार अधिक होता है और हीरे आदि बहुमूल्य पत्थर प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। संसार में यह सबसे अधिक सम्पन्न नगर है और यहाँ चावल, गेहूँ आदि खाद्यान्नों के भंडार भरे हैं।” ईरानी यात्री अब्दुल रज्जाक विजयनगर की प्रशंसा में लिखते हैं, “देश इतना अच्छा बसा हुआ है कि संक्षेप में उसका चित्र प्रस्तुत करा पाना असंभव है। देश के सभी उच्च और निम्न लोग तथा कारीगर. भी कानों, कण्ठों, बाजुओं, कलाइयों तथा अंगुलियों में जवाहरात तथा सोने के आभूषण पहने हुए हैं।”

प्रश्न 7.
विजयनगर की सामाजिक दशा का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
विजयनगर की सामाजिक दशा:
विजयनगर का समाज एक सुसंगठित समाज था। समाज में स्त्रियों का बड़ा सम्मान था। वे राज्य के राजनैतिक, सामाजिक एवं आर्थिक जीवन में सक्रिय भाग लेती थीं। उन्हें आक्रामक तथा रक्षात्मक युद्ध का प्रशिक्षण दिया जाता था। वे कुश्ती, संगीत, नृत्य, कला तथा ललित-कलाओं की विधाओं में भी दक्ष थीं। स्त्री अंगरक्षक भी नियुक्त किए जाते थे। राज्य में अनेक अच्छी कवियित्री तथा नाटककार थीं। बाल-विवाह, धनी व्यक्तियों में बहु-विवाह, दहेज-प्रथा और सती-प्रथा जैसी कुरीतियाँ भी समाज में व्याप्त थीं। समाज में ब्राह्मणों का बड़ा सम्मान था। वे धनी थे। उन्हें राज्य में निःशुल्क भूमियाँ प्राप्त थीं; वे राज्य के उच्च पदों पर नियुक्त थे। वे माँस नहीं खाते थे। शेष जातियों के लोग मांसाहारी थे। यज्ञों में पशु-बलि दी जाती थी, किन्तु गो-मांस का पूर्णतः निषेध था।

जाति-प्रथा का खण्डन करते हुए प्रो. नीलकंठ ने लिखा है:
“गाँवों और कस्बों में प्रत्येक जाति के लोग अलग-अलग मुहल्लों में निवास करते थे। वे अपने विशेष रीति-रिवाजों का पालन करते थे। छोटी जातियों के लोगों को विशेष परिश्रम करना पड़ता था। उनकी दशा दासों जैसी थी और वे गाँव से दूर झोंपड़ियों में रहते थे।” इसके ठीक विपरीत, राज-परिवार के लोगों का जीवन बड़ा सुखी था। उन्हें अच्छा भोजन, कपड़ा और रहने के लिए भव्य भवन मिलता था।

प्रश्न 8.
अमर नायक के कार्य बताइए।
उत्तर
अमर नायक के कार्य –

  1. अमर नायक सैनिक कमांडर थे जिन्हें राय शासक प्रशासन के लिए राज्य क्षेत्र सौंपते थे।
  2. वे किसानों, शिल्पकर्मियों तथा व्यापारियों से भू-राजस्व तथा अन्य कर वसूल करते थे।
  3. वे राजस्व का कुछ भाग व्यक्तिगत उपयोग तथा घोड़ों और हाथियों के निर्धारित दल के रख-रखाव के लिए अपने पास रख लेते थे।
  4. ये दल विजयनगर के शासकों की सैन्य शक्ति थे। इनकी सहायता से उन्होंने दक्षिणी प्रायद्वीप में साम्राज्य विस्तार किया।
  5. अमर नायक राजा को वर्ष में एक बार भेंट भेजा करते थे और अपनी स्वामीभक्ति प्रकट करने के लिए राजकीय दरबार में उपहारों के साथ स्वयं उपस्थित होते थे।

प्रश्न 9.
विजयनगर में कला और साहित्य की दशा का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
विजयनगर में कला तथा साहित्य की दशा:
विजयनगर राज्य साहित्य तथा कला की दृष्टि से, अपने समकालीन राज्यों से कहीं आगे था। विजयनगर राज्य के नरेशों के शासन-काल में संस्कृत, तेलुगू, तमिल तथा कन्नड़ भाषाओं का साहित्य संमृद्ध हुआ। सायण तथा भाई माधव विद्यारण्य ने वेदों की टीकाएँ लिखीं। कृष्णदेवराय स्वयं उच्चकोटि का विद्वान् था और उसके अनेक साहित्यकारों तथा कलाकारों को अपने दरबार में संरक्षण प्रदान किया था।

संगीत, नृत्य-कला, नाटक, व्याकरण, दर्शन, वास्तुकला तथा धर्म आदि सभी विषयों पर इस काल में उच्चकोटि का साहित्य रचा गया। विजयनगर साम्राज्य में वास्तुकला को बहुत प्रोत्साहन मिला। विजयनगर साम्राज्य के राजाओं ने अनेक सुन्दर मंदिरों का निर्माण कराया। उदाहरण के लिए – विट्टल स्वामी का मंदिर तथा हजार स्तम्भों वाला मंदिर हिन्दू स्थापत्य कला के ज्वलत उदाहरण हैं।

प्रश्न 10.
विजयनगर की किलेबंदी कैसी थी? विवेचना कीजिए।
उत्तर:
विजयनगर की किलेबंदी –

  1. फारस-के राजदूत अब्दुल रज्जाक के अनुसार किले की सात पंक्तियाँ थीं। इनसे न केवल शहर अपितु कृषि में प्रयुक्त आसपास के क्षेत्र तथा जंगलों को भी घेरा गया था।
  2. सबसे बाहरी दीवार शहर के चारों ओर बनी पहाड़ियों को आपस में जोड़ती थी। यह विशाल राजगिरी संरचना हाथी की सूंड जैसी मुड़ावदार थी।
  3. पत्थरों को जोड़ने के लिए गारे या किसी अन्य वस्तु का प्रयोग नहीं किया गया था। पत्थर के टुकड़े फानाकार थे, जिसके कारण वे अपने स्थान पर टिके रहते थे।
  4. दीवारों के अंदर का भाग मिट्टी और मलवे के मिश्रण से बना हुआ था। वर्गाकार तथा आयतकार बाहर की ओर निकले हुए थे।
  5. पहली, दूसरी और तीसरी दीवारों के भीतर जूते हुए खेत, आवास और बगीचे थे।

प्रश्न 11.
कृष्णदेवराय द्वारा बनाये गये जलाशय के विषय में पेस ने क्या लिखा है? अथवा, विजयनगर राज्य के जलाशयों या हौजों का निर्माण किस प्रकार होता था?
उत्तर:
कृष्णदेवराय द्वारा बनाये गये जलाशय के विषय में पेस के विवरण –

  1. उसके अनुसार राजा ने दो पहाड़ियों के मुख विबर पर एक जलाशय का निर्माण करवाया। इन दोनों पहाड़ियों का पानी इसमें गिरता था।
  2. इस जलाशय में एक झील से भी पानी आता था जो लगभग 15 किमी. की दूरी पर थी। यह जल पाइपों की सहायता से यहाँ लाया जाता था।
  3. जलाशय में तीन विशाल स्तम्भ बने थे जिन पर सुन्दर चित्र उकेरे गये हैं।
  4. इस जलाशय से खेतों और बगीचों की सिंचाई के लिए पानी जाता था।
  5. इस जलाशय को बनाने के लिए कृष्णदेवराय ने एक पूरी पहाड़ी को तुड़वा दिया था।
  6. जलाशय में 15000 – 20000 लोगों ने कार्य किया। पेस ने इनकी तुलना चीटियों के झुंड से की है।

प्रश्न 12.
विरुपाक्ष मंदिर के सभागारों एवं मंदिर परिसर में बनी रथ गलियों की विशेषतायें बताइए।
उत्तर:
विरुपाक्ष मंदिर के सभागार की विशेषताएँ –

  1. मंदिर के सभागारों का प्रयोग भिन्न-भिन्न कार्यों के लिए होता था। कुछ सभागारों में देवताओं की मूर्तियाँ रखी जाती थी और संगीत, नृत्य जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे।
  2. अन्य सभागारों का प्रयोग देवी देवताओं के विवाह के उत्सव पर खुशी मनाने के लिए होता था।
  3. कुछ अन्य सभागारों में देवी-देवताओं को झूला झुलाया जाता था। इन अवसरों पर विशेष मूर्तियों का प्रयोग होता था। ये केन्द्रीय देवालयों में स्थापित छोटी मूर्तियों से भिन्न होती थीं।

रथ गलियों की विशेषतायें:
मंदिर परिसरों की एक महत्त्वपूर्ण विशेषता रथ गलियाँ हैं। ये मंदिर के गोपुरम् से सीधी रेखा में आगे बढ़ती हैं। इन गलियों का फर्श पत्थर के टुकड़ों से बनाया गया था। इसके दोनों ओर स्तम्भ वाले मंडप थे। इन मंडपों में व्यापारी अपनी दुकानें लगाया करते थे।

प्रश्न 13.
विरुपाक्ष मंदिर पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
विरुपाक्ष मंदिर:

  • विरुपाक्ष विजयनगर साम्राज्य के संरक्षक देवता थे। इस मंदिर का निर्माण कई शताब्दियों में हुआ।
  • कुछ इतिहासकारों का कहना है कि सबसे प्राचीन मंदिर 9-10 सदियों का था। विजयनगर साम्राज्य की स्थापना के पश्चात् इसका विस्तार किया गया।
  • मुख्य मंदिर के सामने मण्डप है जिसका निर्माण यहाँ के प्रसिद्ध सम्राट कृष्णदेवराय ने करवाया था। मण्डप को उत्कीर्ण स्तम्भों से सजाया गया है।
  • पूर्व में एक विशाल गोपुरम् था। इसके निर्माण का श्रेय भी कृष्णदेवराय को जाता है।
  • मंदिर के सभागारों का प्रयोग विभिन्न कार्यों में किया जाता था। कुछ में देवताओं की मूर्तियाँ प्रतिष्ठित रहती थी। संगीत, नृत्य और नाटकों के विशेष कार्यक्रमों का आयोजन भी इन्हीं सभागारों में होता था। अन्य सभागारों का प्रयोग पंपादेवी और विरुपाक्ष के विवाह अवसर पर आनंद मनाने और कुछ अन्य का प्रयोग देवी-देवताओं को झूला-झुलाने के लिए होता था।

प्रश्न 14.
विजयनगर साम्राज्य और बहमनी राज्य के मध्य संघर्ष के कौन-कौन से कारण थे?
उत्तर:
विजयनगर साम्राज्य और बहमनी राज्य के मध्य संघर्ष के कारण –

  1. कृष्णा और तुंगभद्रा नदियों के बीच का क्षेत्र (दोआब) बहुत उपजाऊ था। इसको बह्मनी शासक हथियाना चाहते थे।
  2. कृष्णा और गोदावरी नदियों के डेल्टा क्षेत्र में कई बन्दरगाह थे। इन बन्दरगाहों से भारत का व्यापार श्रीलंका, इण्डोनेशिया, मलाया, जावा, बर्मा आदि देशों से होता था।
  3. युद्धों में विजयश्री का सेहरा अपने सिर पर बाँधना किसको अच्छा नहीं लगता । स्वयं को श्रेष्ठ शक्ति दर्शाने की होड़ में दोनों राज्यों के बीच संघर्ष होना स्वाभाविक था।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
विजयनगर साम्राज्य के शासन प्रबंध की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
विजयनगर साम्राज्य का शासन प्रबंध : विजयनगर राज्य दक्षिण का एक हिन्दू राज्य था। यह राज्य मुहम्मद तुगलक का समकालीन था। उत्तम शासन प्रबंध के कारण ही विजयनगर राज्य बहमनी राज्य के कई आक्रमण झेलता हुआ लगभग 30 वर्ष तक अस्तित्व में बना रहा।
1. केन्द्रीय शासन (Central administration):
राजा राज्य का सर्वोच्च अधिकारी था। वह सभी महत्त्वपूर्ण विषयों पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार रखता था। राजा को महत्त्वपूर्ण विषयों पर सलाह देने के लिए परिषद् भी थी, लेकिन उसकी इच्छा पर निर्भर था कि वह परिषद् की सलाह को माने या न माने।

2. प्रान्तीय शासन (Provincial administration):
प्रशासनिक सुविधा के लिए पूरे साम्राज्य को लगभग 200 प्रांतों में बाँटा गया था। प्रांतों को प्रांतपति के अधीन रखा जाता था। प्रांतपति को केन्द्र नियुक्त करता था। आंतरिक शक्ति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रांतपति सेना रखा करते थे। प्रांतों को जिलों में तथा जिलों को गाँवों में बाँटा गया था। जिले को नाड्डू अथवा कोटम कहा जाता था। गाँवों की देख-रेख पंचायतें करती थीं। पंचायतों का अध्यक्ष ‘अपंगर’ कहलाता था। यह पद पैतृक होता था। पंचायतों के मुख्य काम थे-कर लेना, झगड़ों का निपटारा करना और प्रांतपति को अपने क्षेत्र के विषय में महत्त्वपूर्ण जानकारी देना।

3. सेना (Army):
विजयनगर के शासकों का अपने पड़ोसी शासकों के साथ झगड़ा होता रहता था। अपनी स्थिति को सुदृढ़ बनाने के लिए विजयनगर के शासकों ने एक सुसंगठित सैन्य-प्रबंध किया। कई युद्धों में परास्त होने के बावजूद भी विजयनगर के शासकों ने तोपखाने और घुड़सवार सेना में सुधार करने की ओर ध्यान न दिया। केन्द्र को सैनिक सहायता पाने के लिए प्रांतों पर निर्भर रहना पड़ता था। करों की वसूली निर्दयतापूर्वक होती थी लेकिन करों से प्राप्त आय लोकहित में लगा दी जाती थी। जन साधारण को सभी नागरिक सुविधाएँ उपलब्ध थीं।

4. न्याय व्यवस्था (Judicial System):
न्यास सम्बन्धी सर्वोच्च शक्ति राजा के हाथों में थी। न्याय व्यवस्था बड़ी कठोर थी। अपराधियों को बेहिचक कड़े से कड़े दण्ड दिए जाते थे। कई बार अपराधियों को आर्थिक दण्ड भी दिया जाता था। उनकी सम्पत्ति भी सरकार जब्त कर लेती थी। नृशंस अपराधियों को प्राण दण्ड भी दिया जाता था। वस्तुओं में मिलावट करने वालों, चोरी करने वालों तथा देशद्रोहियों को हाथी के पाँव तले रौंदवा दिया जाता था। कड़े दण्ड विधान के कारण देश में शांति और सुव्यवस्था थी।

प्रश्न 2.
क्या यह मानना न्यायसंगत होगा कि कृष्णदेवराय विजयनगर शासकों में महानतम था? अपने उत्तर के मत में तर्क दीजिए।
उत्तर:
कृष्णदेवराय (1509-1530):
तलुव वंश का सबसे प्रसिद्ध शासक कृष्णदेवराय था। उसको विजयनगर राज्य का सबसे महान् शासक कहा जाता है। वह बड़ा वीर सैनिक और चतुर योद्धा था। उसने पहले अपने राज्य को सुव्यवस्थित किया और विद्रोहियों की शक्ति को कुचल डाला। उसने मैसूर पर आक्रमण किया और उसे जीत लिया। उसने उड़ीसा पर आक्रमण किया और उस राज्य से वे सभी प्रान्त छीन लिए, जो उड़ीसा के शासकों ने कभी विजयनगर के शासकों से छीने थे। यद्यपि गोलकुण्डा और बीदर के सुल्तानों ने उड़ीसा के शासक प्रतापरुद्र का ही साथ दिया, तथापि कृष्णदेव ने उन सबको पराजित किया। इस प्रकार विजयनगर राज्य शीघ्र ही बहुत प्रसिद्ध हो गया।

अब विजयनगर के शासक ने बहमनी राज्य की ओर ध्यान दिया और उससे कृष्णा और तुंगभद्रा नदियों के बीच के दोआब को फिर से छीन लिया। उसकी अंतिम सैनिक सफलता बीजापुर के शासक के विरुद्ध थी, जिसने छीने हुए दोआब को बापस लेने का प्रयत्न किया था परंतु इसमें सफलता कृष्णदेव को ही मिली। कृष्णदेव की सैनिक सफलताओं की प्रशंसा इन शब्दों में की गई है – “वह विजयनगर के सबसे प्रसिद्ध तथा शक्तिशाली शासकों में से एक था। उसने दक्षिण के मुसलमानों से बराबरी से टक्कर ली और अपने से पूर्व शासकों की पराजय का बदला लिया।”

कृष्णदेव केवल एक विजयी शासक ही नहीं था वरन् कला और शिक्षा का भी बड़ा प्रेमी था। वह स्वयं विष्णु का पुजारी था, परंतु फिर भी उसका व्यवहार अन्य धर्म वालों से अच्छा था। सबके साथ न्याय किया जाता था। निर्धनों की राजकोष से सहायता की जाती थी। विदेशियों के साथ भी उसका व्यवहार बहुत अच्छा था। वह उनका आदर करता था और उनके दुःख निवारण का भी प्रयत्न करता था। उसके शासन काल में कई सुन्दर मंदिर बनवाए गये और ब्राह्मणों को विशेष स्थान दिया गया। कृष्णदेव की इतनी महान् सफलताओं के कारण ही यह कहा गया है कि “दक्षिण के हिन्दू तथा मुसलमान शासकों में ऐसा कोई शासक नहीं जो कृष्णदेवराय का मुकाबला कर सके।”

प्रश्न 3.
तालीकोट के युद्ध (1565 ई.) पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
तालीकोट का युद्ध (1565 ई.):
यह युद्ध (विजयनगर तथा बहमनी) साम्राज्य के बीच सन् 1565 ई. में हुआ।

कारण:
दक्षिण के सुल्तानों ने विजयनगर के विरुद्ध एक संयुक्त मोर्चा बना लिया। बीजापुर, अहमदनगर, गोलकुण्डा तथा बीदर की सेनाएँ इस मोर्च में शामिल हो गईं। इस मोर्च के सदस्यों ने आपस में वैवाहिक सम्बन्ध स्थापित कर लिए। अब वे विजयनगर पर आक्रमण करने का बहाना तलाश करने के लिए अपने पुराने किलों तथा प्रदेशों की माँग करने लगे। विजयनगर के सामने एक विकट समस्या उत्पन्न हो गई। उसने उनकी मांगों को ठुकरा दिया। फलतः एक मोर्चे में बद्ध सभी मुस्लिम राज्यों ने मिलकर जनवरी, 1565 को विजयनगर के विरुद्ध युद्ध आरंभ कर दिया।

घटनाएँ:
23 जनवरी 1565 ई. को तालीकोट के युद्धक्षेत्र में मुस्लिम मोचे की सेनाओं ने विजयनगर पर एक भयंकर आक्रमण किया। इस युद्ध में विजयनगर को करारी हार का सामना करना पड़ा। प्रधानमंत्री रामराय ने वीरतापूर्वक युद्ध किया, किन्तु वह पकड़ा गया और अहमदनगर के सुल्तान ने उसका वध कर दिया। विजेताओं को लूट में घोड़ों एवं गुलामों के अलावा जवाहरात, तम्बू, हथियार तथा नकदी के रूप में अपार धन मिला। इसके पश्चात् विजयी सैनिक विजयनगर शहर पहुँचे और अत्यन्त निर्दयतापूर्वक उन्होंने उसका विनाश किया। सेवेल के अनुसार, “संसार के इतिहास में कभी भी इतने वैभवशाली नगर का ऐसा सहसा सर्वनाश नहीं किया गया, जैसाकि विजयनगर का।”

परिणाम:
यद्यपि तालीकोट के युद्ध ने विजयनगर साम्राज्य को पंगु बनाकर रख दिया, किन्तु वह उसके अस्तित्व को नहीं मिटा सका। दिजय के उपरांत उपर्युक्त चारों सुल्तानों में आपसी ईर्ष्या की ज्वाला पुनः प्रज्वलित हो गई। इसके फलस्वरूप वे विजयनगर का अन्त करने के लिए एकजुट होकर कार्य न कर सके। उनकी ईर्ष्या के कारण विजयनगर अपनी खोई हुई भूमि तथा शक्ति को पुनः प्राप्त करने में समर्थ हो सका।

प्रश्न 4.
विजयनगर साम्राज्य के पतन के कारणों की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
विजयनगर साम्राज्य के पतन के कारण –
1. निरंकुश और स्वेच्छाचारी शासक:
विजयनगर के शासक निरंकुश और स्वेच्छाचारी थे। राज्य की समस्त शक्तियाँ उनके हाथों में थीं। प्रजा की शासन में विशेष रुचि न रही और संकट के समय राजाओं को पूरा सहयोग नहीं मिला।

2. सैनिक दुर्बलता:
विजयनगर का सैनिक संगठन सामन्ती ढंग का था। सामन्तों के सैनिक राज-भक्त कम होते थे। वे अपने स्वामी के हित का अधिक ध्यान रखते थे। विजयनगर के सैनिक मुसलमान सैनिकों की तरह रण-कुशल भी नहीं थे। मुसलमान शासक घुड़सवार सेना को अधिक महत्त्व देते थे जबकि विजयनगर के हिन्दू राजा हाथियों पर अधिक भरोसा रखते थे। मुसलमानों के पास अच्छा तोपखाना था, जिससे हाथी उनके सामने टिक नहीं पाते थे।

3. गृह-युद्ध:
विजयनगर के शासकों में राजगद्दी पाने के लिए कई गृह-युद्ध हुए। 1486 ई० में संगम वंश के विरुपाक्ष को उसके सेनापति नरसिंह सुलुव ने मारकर अपने वंश की नींव डाली। लेकिन 15 वर्ष के बाद ही सुलुव वंश के शासक को अन्य सरदार नरस नायक ने मार दिया और तुलुव वंश की नींव रखी। इस तरह बार-बार राजवंशों के परिवर्तन से राज्य की बहुत हानि हुई।

4. दक्षिण के सुल्तानों के आपसी झगड़ों में हस्तक्षेप:
विजयनगर के सम्राट’सदाशिव राय का मंत्री रामराजा दक्षिण के सुल्तानों के आपसी झगड़ों में हस्तक्षेप करता था, जिससे बीजापुर, गोलकुण्डा और अहमदनगर जैसी दक्षिण के राज्यों ने विजयनगर के विरुद्ध एक शक्तिशाली संघ बना लिया। दक्षिण के मुसलमान सुल्तानों ने 23 जनवरी, 1565 ई० को तालीकोट के युद्ध में विजयनगर की सेना को बुरी तरह पराजित कर दिया। इस युद्ध में विजयनगर राज्य को भारी हानि उठानी पड़ी और उसका पतन आरंभ हो गया।

5. प्रान्तीय शासकों का शक्तिशाली होना:
विजयनगर राज्य में प्रान्तों के अधिकारियों को बहुत स्वतंत्रता मिली हुई थी। वे एक प्रकार से छोटे राजा के समान थे। उनके पास अपना एक अलग कोष होता था और शक्तिशाली सेना भी होती थी। दुर्बल शासकों के शासन-काल में वे प्रायः विद्रोह कर देते थे। इससे केन्द्रीय सरकार की एकता को बहुत धक्का लगा और अन्त में विजयनगर साम्राज्य का पतन हो गया।

6. कृष्णदेवराय के बाद सत्ता का अयोग्य शासकों के हाथ में जाना:
कृष्णदेवराय एक योग्य शासक था। उसने विजयनगर राज्य को बहुत उन्नत किया। उसके उत्तराधिकारी अयोग्य निकले और अपने सामन्तों और मंत्रियों के हाथों की कठपुतली बने रहे। ऐसे दुर्बल शासकों के कारण विजयनगर राज्य का पतन अवश्यंभावी था।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
विजयनगर क्या था?
(अ) शहर
(ब) राजधानी
(स) साम्राज्य
(द) शहर, राजधानी और साम्राज्य तीनों
उत्तर:
(द) शहर, राजधानी और साम्राज्य तीनों

प्रश्न 2.
विजयनगर किस दोआब क्षेत्र में स्थित था?
(अ) गंगा-यमुना
(ब) गंगा-घाघरा
(स) कृष्ण-तुंगभद्रा
(द) गंगा-गोदावरी
उत्तर:
(स) कृष्ण-तुंगभद्रा

प्रश्न 3.
विजयनगर के लोट्स महल का नामकरण किसने किया।
(अ) एक अंग्रेज यात्री
(ब) एक फ्रांसीसी यात्री
(स) एक अरब यात्री
(द) एक चीनी यात्री
उत्तर:
(अ) एक अंग्रेज यात्री

प्रश्न 4.
हजार राम मंदिर किस राज्य में था?
(अ) बहमनी
(ब) विजयनगर
(स) मैसूर
(द) कर्नाटक
उत्तर:
(ब) विजयनगर

प्रश्न 5.
पम्पा देवी किससे विवाह करना चाहती थी?
(अ) ब्रह्मा
(ब) विष्णु
(स) विरुपाक्ष
(द) इन्द्र
उत्तर:
(स) विरुपाक्ष

प्रश्न 6.
विट्ठल देवता किस देवता के रूप में थे?
(अ) ब्रह्मा
(ब) विरुपाक्ष
(स) इन्द्र
(द) विष्णु
उत्तर:
(द) विष्णु

प्रश्न 7.
हम्पी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की विरासत होने की मान्यता कब मिली?
(अ) 1971
(ब) 1973
(स) 1975
(द) 1976
उत्तर:
(द) 1976

प्रश्न 8.
निम्नलिखित में विजयनगर स्थल पर कार्य किसने नहीं किया?
(अ) कनिंघम्
(ब) जान एम. फ्रिट्ज
(स) जार्ज मिशेल
(द) एम. एम. नागराज राव
उत्तर:
(अ) कनिंघम्

प्रश्न 9.
निम्नलिखित में किस वंश ने विजयनगर में शासन नहीं किया?
(अ) चोल वंश
(ब) होयसल वंश
(स) संगम वंश
(द) गुप्तवंश
उत्तर:
(द) गुप्तवंश

प्रश्न 10.
कुदिरई चेट्टी कौन थे?
(अ) स्थानीय व्यापारी
(ब) किसान
(स) स्वर्णकार
(द) कुम्हार
उत्तर:
(अ) स्थानीय व्यापारी

प्रश्न 11.
राक्षसी-तांगड़ी युद्ध (तालीकोटा युद्ध) का नेतृत्व किसने किया था?
(अ) कृष्णदेवराय
(ब) रामराय
(स) शिवाजी
(द) महादजी सिंधिया
उत्तर:
(ब) रामराय

प्रश्न 12.
1542 ई. में विजयनगर पर किस वंश का शासन था?
(अ) संगम वंश
(ब) सुलुव वंश
(स) तुलुव वंश
(द) अराविदु वंश
उत्तर:
(द) अराविदु वंश

प्रश्न 13.
विजयनगर में सेना प्रमुख को क्या कहा जाता था?
(अ) नायक
(ब) अमर नायक
(स) सेनापति
(द) सेना प्रधान
उत्तर:
(अ) नायक

प्रश्न 14.
निम्नलिखित में फारस का राजदूत कौन था?
(अ) निकोलो-दे कॉन्ती
(ब) अब्दुर रज्जाक
(स) अफानसी निकितिन
(द) दुआर्ते बरबोसा
उत्तर:
(ब) अब्दुर रज्जाक

प्रश्न 15.
विजयनगर के शासक
(अ) धर्म निरपेक्ष थे
(ब) धार्मिक थे
(स) साम्प्रदायिक थे
(द) अधार्मिक थे
उत्तर:
(ब) धार्मिक थे

प्रश्न 16.
महानवमी का पर्व कहाँ मनाया जाता है?
(अ) उत्तर भारत में
(ब) प्रायद्वीपीय भारत
(स) पूर्वी भारत
(द) पश्चिम भारत
उत्तर:
(ब) प्रायद्वीपीय भारत

Bihar Board Class 7 Hindi Solutions Chapter 16 बूढ़ी पृथ्वी का दुख

Bihar Board Class 7 Hindi Book Solutions Kislay Bhag 2 Chapter 16 बूढ़ी पृथ्वी का दुख Text Book Questions and Answers and Summary.

BSEB Bihar Board Class 7 Hindi Solutions Chapter 16 बूढ़ी पृथ्वी का दुख

Bihar Board Class 7 Hindi बूढ़ी पृथ्वी का दुख Text Book Questions and Answers

पाठ से –

बूढ़ी पृथ्वी का दुख कविता का भावार्थ Bihar Board प्रश्न 1.
निम्नलिखित पंक्तियों के अर्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
प्रश्न “क” और “ख” के अर्थ ऊपर दिये गये हैं।

Budhi Prithvi Ka Dukh Bihar Board प्रश्न 2.
नदियों के रोने से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर:
पर्यावरण बिगड़ने से नदियाँ सृख रही हैं । नदियाँ कूड़े-कर्कट से पट रही हैं उनके पानी गंदे हो रहे हैं। इस प्रकार नदियों में जल की कमी तथा . नदियों का गन्दा होना ही नदियों के रोने का तात्पर्य है।

पाठ से आगे –

Budhi Prithvi Ka Dukh Question Answer Bihar Board प्रश्न 1.
पृथ्वी को बूढ़ी क्यों कहा गया है ?
उत्तर:
पर्यावरण में दिन-प्रतिदिन दोष बढ़ रहे हैं जो पृथ्वी के विनाश का सूचना दे रहा है। अर्थात् पृथ्वी विनाश के कग़ाड़ पर बैठी है। इसलिए क्षीण आयु पृथ्वी को बूढी पृथ्वी कहा गया है ।

बूढ़ी पृथ्वी का दुख कविता का अर्थ Bihar Board प्रश्न 2.
पेड़ का कटकर गिरना एवं पेड़ का टूटकर गिरना में क्या अंतर है?
उत्तर:
जब किसी पेड़ को कुल्हाड़ी या आड़ी से काटा जाता है तो वह गिर जाता है जिसे कटकर गिरना कहते हैं । लेकिन जब पेड़ पर अधिक फल लग जाते हैं अथवा आँधी, तूफान के झोंके में पेड़ टूटकर गिरते हैं जिसे टूटकर गिरना कहा जाता है।

बूढ़ी पृथ्वी का दुख कविता में Bihar Board प्रश्न 3.
पृथ्वी को प्रदूषण से बचाने हेतु आप क्या कर सकते हैं ?
उत्तर:
पृथ्वी को प्रदूषण से बचाने के लिए हमें पेड़ों की संख्या वृक्षारोपण कर बढ़ानी होगी। पेड़ को रक्षित रखना होगा । नदियों की सफाई पर ध्यान देना होगा। पहाड़ों को टूटने से बचाना होगा। कल-कारखाने से निकलने वाली प्रदूषित गैस से बचने का उपाय करना होगा।

बूढ़ी पृथ्वी का दुख Summary in Hindi

सरलार्थ – इस कविता में कवयित्री ने दिन-प्रतिदिन दूषित हो रहे पर्यावरण के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

क्या तुमने कभी सुना है,
सपनों में चमकती कुल्हाड़ियों के भय से
पेड़ों की चीत्कार?
अर्थ – क्या तुमने तेज कुल्हाडी के भय से चिल्लाते हए पेड का चीत्कार सुना है?

कुल्हाड़ियों के वार सहते
किसी पेड़ की हिलती टहनियों में
दिखाई पड़े हैं तुम्हें
बचाव के लिए पुकारते हजारों-हजार हाथ?
अर्थ – जिस समय पेड़ काटे जाते हैं। पेड़ कुल्हाड़ियों का वार सहता जाता है। उसकी टहनियाँ हिल जाती लेकिन पेड़ कभी अपने बचाव में हाथ उठाते (प्रतीकार करते) नहीं दिखते हैं। क्या तुमने पेड़ के दर्द को सुनने की कोशिश की है?

क्या होती है, तुम्हारे भीतर धमस
कटकर गिरता है जब कोई पेड़ धरती पर?
अर्थ – जब कोई पेड़ कटकर पृथ्वी पर गिरती है उस समय तुम्हारे हृदय में कभी धमस (कम्पन्न). हुआ है ?

सुना है कभी
रात के सन्नाटे में अँधेरे से मुंह ढाँप
किस कदर रोती हैं नदियाँ ?
अर्थ – आज दूपित पर्यावरण के दुष्प्रभाव से नदियाँ जो अंधकार भय के भविष्य के लिए मुख झाँपकर रो रही है। उसके क्रदन को रात के सन्नाटे में __ कभी तुमने सुनने का प्रयास किया है ?

इस घाट पर अपने कपड़े और मवेशियाँ धोते
सोचा है कभी कि उस घाट
पी रहा होगा कोई प्यासा पानी
या कोई स्त्री चढ़ा रही होगी किसी देवता को अर्घ्य ?
अर्थ – जिस घाट पर तुम कपड़े और मवेशियों को धो रहे हो उसके बारे में कभी तुमने सोचा है कि—घाट पर कोई प्यासा पानी पीता है तथा कोई स्त्री देवता को अर्घ्य भी देती है।

कभी महसूस किया कि किस कदर दहलता है
मौन समाधि लिए बैठा पहाड़ का सीना
विस्फोट से टूटकर जब छिटकता दूर तक कोई पत्थर?
अर्थ – आज बम विस्फोट के द्वारा पहाड़ तोड़ा जा रहा है क्या कभी तुमने महसूस किया है कि मौन साधक के रूप में शांत चित्त बैठा पहाड़ का दिल किस प्रकार दहलता होगा।

सुनाई पड़ी है कभी भरी दुपहरिया में
हथौड़ों की चोट से टूटकर बिखरते पत्थरों के चीख ?
अर्थ – टूटे हुए पत्थर भी हथौड़े से पत्थरों को टुकड़े-टुकड़े किये जा रहे हैं (उससे भी पर्यावरण में दोप उत्पन्न हो रहे हैं) क्या कभी तुमने उस पत्थर की पुकार को सुनने की कोशिश की है?

खून की उल्टियाँ करते
देखा है कभी हवा को, अपने घर के पिछवाड़े ?
अर्थ – दूपित हवा से लोग परेशान हैं मानो वह खून की उल्टी कर रहे हों। इस पर कभी तुमने अपने घर के इर्द-गिर्द अनुभव किया है ?

थोड़ा-सा वक्त चुराकर बतियाया है कभी
कभी शिकायत न करने वाली
गुमसुम बूढ़ी पृथ्वी से उसका दुख ?
अर्थ – पर्यावरण में दोप के कारण विनाश के कगार पर बैठी चुपचाप सहने वाली बूढ़ी पृथ्वी के दुःख के बारे में जानने का प्रयास तुमने किया है ?

अगर नहीं, तो क्षमा करना ।
मुझे तुम्हारे आदमी होने पर सन्देह है।
अर्थ – अगर तुमने पयावरण में उत्पन्न दोषों तथा पर बढ़ती समस्या के प्रति संवेदनशील नहीं हुए तो कवयित्री कहती क्षमा करना मुझ तो तुम्हारे आदमी होने पर भी संदेह है।

अर्थात् मानव यदि हो तो मानव पर आने वाले खतरा का समझने की कोशिश करो और यावरण का बचाओ।

Bihar Board Class 12 English Book Solutions Chapter 8 How Free is the Press

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Bihar Board Class 12 English How Free is the Press Text Book Questions and Answers

Bihar Board Class 12 English Book Objective Type Questions and Answers

1. Press under ordinary condition is free,…………..
(a) No-where
(b) Everywhere
(c) in some places
(d) Britain
Answer:
(d) Britain

2. The editorial policy of a popular daily is controlled by
(a) pubic opinion
(b) interest of advertisers
(c) the interest of the government
(d) the interest of the leaders
Answer:
(b) interest of advertisers

3. A big circulation does not spell bankruptcy if the paper has to depend on its revenue…………
(a) on its sales
(b) on its editorial
(c) on its advertisements
(d) on the government
Answer:
(c) on its advertisements

4. The proprietor of the newspaper has………….
(a) the interest of the people
(b) national interest
(c) social interest
(d) personal interest
Answer:
(d) personal interest

Bihar Board Class 12 English Book Very Short Type Questions & Their Answer

How Free Is The Press Question Answer Bihar Board Question 1.
What does “the freedom of the press” means?
Answer:
Freedom of the press means freedom in a very restricted and technical sense-such as freedom from direction or censorship by the government.

How Free Is The Press Bihar Board Class 12 Question 2.
What role British Press plays under ordinary conditions?
Answer:
Under ordinary condition British Press is free to attack the policy and political character of ministers, interfere and raise the voice against scandals, and other democratic measures.

How Free Is The Press In Hindi Bihar Board Class 12 Question 3.
What effect brings freedom to the nation?
Answer:
Freedom secure and sustain “the central doctrine of democracy”— that the state is not the master but the servant of people.

How Free Is The Press Hindi Bihar Board Class 12 Question 4.
What are the sources of a newspaper’s revenue?
Answer:
The sources of a newapaper’s revenue is (i) The advertisement (ii) The wealth of the man or the company that owns the newspaper.

Freedom Of The Press Questions And Answers Bihar Board Question 5.
What is the role of decent journalists?
Answer:
The role of decent journalists maintain a high standard of “duty, balance and reputation.”

Bihar Board Rainbow English Book Class 12 Pdf Download Question 6.
What does Dorothy L. S Ayers discuss in her essay?
Answer:
Dorothy L. Sayer’s discussies the freedom of press.

Bihar Board Class 12 English Book Textual Questions and Their Answer

B. 1.1. Read the following sentences and write T’ for true and ‘F’ for false statements
(i) Press is free everywhere.
(ii) There is no internal censorship on the press.
(iii) Proprietors have their personal interrests as well.
(iv) Advertisers contribute to the revenue of the newspapers.
Answer:
(i) F, (ii) F, (iii) T, (iv) T.

B. 1.2. Answer the following questions briefly
Bihar Board English Book Class 12 Question 1.
What do free ‘people’ take for granted?
Answer:
Free people take it for granted that without a free press there can be no freedom.

Bihar Board Class 12 English Book Solution Question 2.
Are there restrictions on Press in time of war?
Answer:
Yes, there are restrictions on Press during the time of war. In fact all liberties are restricted in time of war.

Bihar Board 12th English Notes Pdf Question 3.
What do you mean by the term ‘free press’?
Answer:
By free press we mean that the press is free from direction and censorship by the government.

Class 12th English Book Bihar Board Question 4.
Who is the master the state or the people?
Answer:
The people are the masters. The state is the servant of the people.

Bihar Board English Book Class 12 Pdf Download Question 5.
What does the unofficial censorship seek to do?
Answer:
The unofficial censorship does not so much seek to express public opinion as to manufacture it.

Bihar Board Solution Class 12th English Question 6.
Name two sources of revenue newspapers usually survive on.
Answer:
The two chief sources of revenue of a newspaper are
(i) advertisers.
(ii) the wealth of the company or the man that owns the newspaper.

B.2.1. Complete the following sentences on the basis of the unit you have just studied
(a) Accurate reporting has given place to reporting which is at best slipshod and at worst tendentious because it is assumed that
(b) Sensational headlines, false emphasis and supposition of context are some of the ways to
(c) is the special accomplishment of the Press interviwer.
(d) The date in the newspaper report had to be changed to
Answer:
(a) public has not the wit to distinguish between truth and falsehood, secondly public does not care if a statement is false provided it is titillating. Both mean that public can be made to believe anything,
(b) distort both fact and opinion,
(c) Garbling,
(d) conceal the fact that the news was already ‘cold’.

B.2.3. Answer the following questions briefly
English Book For Class 12 Bihar Board Question 1.
What are the two basic assumptions about the public?
Answer:
The two basic assumptions about the public are : (a) that they have not the intelligence to distinguish truth from falsehood and (b) that they don’t care at all that a statement is false provided it is titillating.

12th English Book Writer Name Bihar Board Question 2.
What is suppression of context?
Answer:
Suppression of context is choosing only apart from the whole so that the meanings are distorted and give a different impression than what was actually intended.

Question 3.
Name two things that make the reports unreliable reading.
Answer:
The interviewer’s playful habit of making statements himself and attributing them to the interviwer makes the reports unreliable reading.

B.3.1. Read the following sentences and write ‘T’ for true and ‘F’ for false statement
(i) The author was very fond of gardening and keeping cats.
(ii) The author had delivered 20,000 words in the space of an hour and a quarter.
(iii) To misrepresent a man’s attitude and opinion is no offence.
(iv) To get misleading statements corrected is very easy.
(v) Any public person is subtly made to feel that if he offends the press he will suffer for it.
(vi) The press can make or break reputation.
Answer:
(i) F, (ii) F, (iii) T, (iv) F, (v) T, (vi) T.

B. 3.2. Answer the following questions briefly
Question 1.
Why do books rarely criticise the Press?
Answer:
A book rarely dares to criticise the Press because the press can either ignore the book all together, or publish sneering comments in its gossip column about it.

Question 2.
How do the newspapers greet the slightest efforts to hinder the irresponsible dissemination of nonsense?
Answer:
The slightest effort to hinder the irresponsible dissemination of nonsense is greeted by a concerted howl: This is a threat to the freedom of the press.’

Question 3.
Name the seven charges the author makes against die Press.
Answer:
The seven charges the author has made against the press are
(i) False Emphasis, (ii) Garbling, (iii) Inaccuracy, (iv) Reversal of facts,
(v) Random Invention, (vi) Miracle Mongering, (vii) Flat Suppression

C. l. Bihar Board Class 12 English Book Long Answer Questions

Question 1.
The editorial policy of a popular daily is controlled by two chief factors. Which are they? Explain.
Answer:
The.editorial policy of a popular daily is controlled by two factors, namely, the vested interests of its advertisers and the personal whims and ambitions of the man, or company that owns it. All newspapers get their revenue from their advertisers. To justify their rates of advertisements they have to have a large circulation. If they do so, they will have to sell their copies at a lower rate. No popular daily can meet its expenses by the sale of copies.

Major part of their revenue comes from advertisements so the daily has either to subserve the interest of the advertisers, or lose their revenue and go bankrupt. So no newspaper can support any policy, however good in national interest if it goes against the vested interest of its advertisers. Secondly, the editorial policy is determined by a wealthy man or company that own the paper. It is decided by the interests and ambitions of that man or company, who have sufficient means to carry on without any support from advertisers.

Question 2.
What is garbling? How does Sayers illustrate this form of distortion?
Answer:
Garbling, according to Miss Sayers, is a special accomplishement of the press interviwer’s distorting what the interviewee said. He is in the playful habit of making statements himself and attributing them to the interviwee. Miss Sayers illustrates this with an accident concerning herself. During the production of her latest play, the press interviwer had asked her about her future plans. She had replied that she never made plans.

Though novels paid better than plays, she preferred writing plays. She had added that if she got another commission for the Canterbury Festival, she would surely write it. Her reply duly appeared in the press. But it was garbled. It said, ‘Miss Sayers said that she would write no more plays, except on commission.’ Such playful distortion by the press interviwers makes the reported interviwes unreliable. One should not believe that public men have said all that appears in the press.

Question 3.
Describe in your own words the instances of deliberate miracle* mongering.
Answer:
Miss Sayers has given an interesting instance of deliberates miracle- mongering by the press. The miracle was attributed to her. Miss Sayers made a public search. It comprised of 8000 words. The full text of her speech was in the hands of the reporter. But it was reported that she delivered about 20,000 words in the space of an hour and a quarter. This was impossible. It would have been a miracle if any person could deliver 20,000 words in such a short space of time. But the press indulges in such miracle-mongerings.

Question 4.
How are letters of protest treated by the newspapers? Describe in your own words.
Answer:
If a speaker’s words are misquoted in the newspaper, he/she may write a letter of protest. But it is almost impossible to have the impression created to be corrected. In many cases letters of protest are ignored. Sometimes they print the whole letter, with the editor’s comments. No apology is offered. The comments simply assert that the actual words were printed. But the speaker must not expect to monopolise the whole of paper’s valuable space. The editors adopt another strategy too. They write a private letter in reply regretting the mistake. But such a letter does not remove the false impression formed on the readers. Rarely a newspaper prints an apology. Miss Sayers recalls old times when the editors had high moral courage to print an apology. But it is no longer the practice.

Question 5.
Have you ever written a letter of protest to any newspaper? What was the fate of this letter?
Answer:
No, I do not ever written a letter of protest to any newspaper, flat suppression letters of protest man be written these may be (a) England, (b) printed in full or in part, accompained by an editorial comment to the effect that the words reported were actually said, and that the speaker must not expect to monoponse are paper’s valuable space (c) answered privately by the editora manoeuvefe that does nothing to correct the false impression left in the public mind only occasionally and usually form a provincial paper, does one receive full apology and correction let me quote honoris cause, a not written to me from an editor of the loder school.

Question 6.
‘He that is unfaithful in little is unfaithful also in much.’ How does Dorothy L. Sayers cite trivial personal examples to prove that the newspapers misrepresent in various ways? Do you agree with her?
Answer:
Miss Sayers gives a few instances to prove that the newspapers misrepresented even trivial incidents. I don’t say that Miss Sayers is wrong in her judgement. But her views represent only one side of the coin. Press, no doubt, is a powerful organ. In our young democracy we have begun to feel the power of the press. The press brings to light many ills and cases of corruption, misuse of power, mistakes, etc in high places. If there was no press people would never learn about them. Despite some shortcomings, press is the watchdog of democracy. Of course, press needs to develop a code of high conduct for itself. As it claims to be the servant of the people, it ought to be a good servant.

Question 7.
What is the author’s attitude to the freedom of Press? Do you agree with her?
Answer:
The author is of the opinion that the press is very powerful and uses its freedom with impunity. Even the ministers are scared of the press because the press can make or mark reputation. The press is in most and even trivial, matters careless. It misquotes facts that look true. Press can give a colour to reports so as to form public opinion the way it likes. In the author’s opinion there is no way to control the irresponsible behaviour of the press. Any effort to correct the press is greeted with a howl: “There is a threat to the freedom of the press.’ Every newspaper has its editorial policy. This policy is determined by some vested interests, which may not subserve public good.

The press lets people know only what it wants them to know. It is assumed that people can be made to believe anything. Press has several ways in which it can distort and suppress facts. It presents facts in a way that it creates an impression on public mind as intended by the press. People have no way to get at the truth. Their only source of information is the press. Even if some of the readers can find out that the reports in the press are inaccurate, or misrepresented, there is no way to have them corrected. In fact, press can make and mar reputation and mould and manufacture public opinion.

Question 8.
‘Indeed, we may say that die heaviest restriction upon the freedom of public opinion is not the official censorship of the Press, but the unofficial censorship by a Press which exists not so much to express opinion as to manufacture it.’ How does the writer view the relationship between the press and the public opinion? Explain.
Answer:
The writer is of the view that in a free country, and especial, in times of peace, press is free and most powerful organ to influenced public opinion. The press is supposed to reflect public opinion, and force the governments to make or change their policies accordingly. But the author believes that the press does not so much reflect public opinion, as it manufactures it. Once when she was away, her house was broken into. The thief was disturbed by the newsboy. But the newspaper reported the incident after a few days. They changed the date of the incident so that the report did not look cold. They also said that the burglar ran away because she had returned home in time.

In fact, all the details about the incident were incorrect. She also speaks of another incident. She received a summons from the court for unshaded lights. She explained that her servant had carefully drawn the curtains but unfortunately there was a defect in the curtains. She did not find fault with her servant. But the newspapers reported that she had told the court that her servant had forgotten to draw the curtain. Naturally, it must have distressed her servant. She tells about these trivial incidents just to emphasise her point that if the press can misrepresent such minor incidents it cannot be expected to report important matters faithfully.

C. 3. Composition

1. Write a letter to the Editor of an English daily highlighting the poor sanitation in your locality.

Answer:

305, Sector 21 ’ J. P. Colony,
Gopalganj 27th June 20
The Editor
Bihar Times
Patna

Sir,
Subject: Poor Sanitation
Through the columns of your esteemed paper, I would like to draw the attention of civic authorities to the poor sanitation in our sector.
The worst menace is caused by stray cows. In fact, the cows belong to the milkmen who live across the road. Every morning they drive the cows into our sector. They roam about in large numbers all over the sector. Since people are religious minded, they offer cows chapatis, vegetables, etc. In turn, the cows litter the lanes with cow dung. They are seen incumbent on the streets. In addition to insanitation, they cause traffic hazards. The problem is years old. But the civic authorities seem to have no will to tackle it. Secondly, the roads are pocked with potholes. Just after two light showers, the roads are full of puddles. The drainage system is chocked, and no action has been taken to clear it. The rainy season has already set in. This poor sanitation is sure to cause epidemics if measures are not taken promptly.

Yours faithfully,
Ashish

2. Write a summary of the lesson is about 150 words.
Answer:
No doubt freedom of the press is essential to safeguard the freedom of the people. The press must be free from any control or censorship by the government. But no newspaper can be entirely free. Since newspapers depend on advertisers for their revenue, they can support no policy that is against their vested interests. But there is unofficial censorship that the press itself imposes on public opinion. It does not so much reflect public opinion as it manufactures it. There are several ways like false emphasis, garbling, inaccuracy, a reversal of facts, random invention, miracle-mongering, and flat suppression with which the press distorts facts to give a different or false impression to the readers. Press has the power to make or mar companies and public men. It is the tyranny of the press and there is no machinery to check it. The slightest effort to correct its irresponsible reporting is greeted by a concerted cry: This is a threat to the freedom of the press.

D. WORD STUDY
D. 1. Dictionary Use

Ex. 1. Correct the spelling of the following words:
Bihar Board Class 12 English Book Solutions Chapter 8 How Free is the Press 3

Ex. 2. Lookup a dictionary and write two meanings of the following words—the one in which it is used in the lesson and the other which is more common.
Bihar Board Class 12 English Book Solutions Chapter 8 How Free is the Press 1Bihar Board Class 12 English Book Solutions Chapter 8 How Free is the Press 2

D. 2. Word-formation

Make as many words as possible from the words given below
Answer:
resolve — resolved, resolvable, resolvability, resolving
allude — alluded, alluding, allusion, allusive
invoke — invoked, invoking, invocation, invocable
restrict — restricted, restricting, restriction, restrictable, restrictive
renew — renewed, renewal, renewing, renewable.

D. 3. Word-meaning

Ex. 1. Find from the lesson words the meanings of which have been given in Column-A. The last part of each word is given in Column-B
Bihar Board Class 12 English Book Solutions Chapter 8 How Free is the Press

Ex. 2. Fill in the blanks with suitable options given in the brackets
(a) We all become very………………… by the news reporting. (excited, exciting)
(b) I do not…………… the incident (recollect, recollects)
(c) You may………………. between the two English dailies. (chose, choose)
(d) Unfavorable season crop………. (effect, affects)
(e) The press should not be…………. (monopolized, monopolize)
The report was ………… (distorting, distorted)
Answer:
(a) excited, (b) recollect, (c) choose, (d) affects, (e) monopolised, (f) distorted

D. 4. Phrases

Ex. 1. Read the lesson carefully and find out the sentences in which the following phrases have been used. Then use these phrases in sentences of your own.
at such time, so far on occasion, placed upon, keep up, driven off, to bear upon creeping into, make of.
Answer:
at such time: At such time as this, when terrorism is on the increase, we must be united against all disruptive forces.
so far: So far as India is concerned, her position on Kashmir is crystal clear.
On occasion: She is very sensible. But on occasion, she behaves most stupidly.
placed upon: Heavy responsibility was placed upon her young shoulders after her husband’s death.
keep up: You have achieved a high position. Keep it up with hard work, driven off: After my meeting with my uncle, all fears were driven off my. mind.
to bear upon: The rising global temperature will heavily bear upon on our climate.
creeping into: Western lifestyle is creeping into our society, make of: I don’t know what they will make of your remarks.

E. Grammar

Write ten more sentences on this sentence, based on this structure:
If+(S+were) + S+would/should + V1
Answer:
1. If she were rich, she would buy a big car.
2. If I were the editor, I would apologize.
3. If you were strong, you would overpower him.
4. If they were honest, they would return the money.
5. If I were you, I should help them.
6. If he were wise, he would solve this problem.
7. If you were cautious, you would not risk it.
8. If she were beautiful, she would marry a prince.
9. If you were present, you would know better.
10. If they were mad, they would not behave like this.

The main aim is to share the knowledge and help the students of Class 12 to secure the best score in their final exams. Use the concepts of Bihar Board Class 12 Chapter 8 How Free is the Press English Solutions in Real time to enhance your skills. If you have any doubts you can post your comments in the comment section, We will clarify your doubts as soon as possible without any delay.

Bihar Board 12th English 100 Marks Objective Answers Poem 10 My Grandmother’s House

Bihar Board 12th English Objective Questions and Answers 

Bihar Board 12th English 100 Marks Objective Answers Poem 10 My Grandmother’s House

My Grandmother House Objective Questions Bihar Board 12th Question 1.
My Grandmother’s House is written by –
(A) D.H. Lawrence
(B) Kamala Das
(C) Keki N. Daruwala
(D) Walt Whitman
Answer:
(B) Kamala Das

My Grandmother House Objective Question Bihar Board 12th Question 2.
Kamala Das was born on-
(A) April 31, 1933
(B) April 31, 1934
(C) April 31, 1943
(D) April 31, 1984
Answer:
(B) April 31, 1934

My Grandmother’s House Bihar Board 12th Question 3.
What moved freely in the silent house ?
(A) Lizards
(B) Snakes
(C) Cockroaches
(D) Dogs
Answer:
(B) Snakes

My Grandmother House Question Answer Bihar Board 12th Question 4.
Who’s death the speaker says-
(A) Her husband
(B) Her grandmother
(C) Her grandfather
(D) Her brother
Answer:
(B) Her grandmother

My Grandmother’s House By Kamala Das Bihar Board 12th Question 5.
Kamala Das, poet and short story writer, has earned a respectable place in both English and-
(A) Hindi
(B) Telugu
(C) Malayalam
(D) Urdu
Answer:
(C) Malayalam

My Grandmother Poem Questions And Answers Bihar Board 12th Question 6.
Autobiography of Kamla Das was published in-
(A) 1976
(B) 1966
(C) 1986
(D) 1996
Answer:
(A) 1976

My Grandmother Poem Bihar Board 12th Question 7.
The speaker where once was loved, the house belonged to her-
(A) Father
(B) Husband
(C) Friend
(D) Grandmother
Answer:
(D) Grandmother

Grandmother Poem In Hindi Bihar Board 12th Question 8.
Kamala Das was born in …………….
(A) 1933
(B) 1934
(C) 1935
(D) 1936
Answer:
(B) 1934

Grandmother Board Bihar Board 12th Question 9.
Which figure of speech has been used in ‘My Grandmother’s House’?
(A) metaphor
(B) personification
(C) epic simile
(D) simile
Answer:
(D) simile

Question 10.
The speaker of ‘My Grandmother’s House’ is proud of—
(A) her parent’s house
(B) her grandmother’s house
(C) her uncle’s house
(D) None of these
Answer:
(B) her grandmother’s house

Question 11.
When did the speaker of ‘My Grandmother’s House’ live with her grandmother?
(A) during her childhood
(B) during her adolescence
(C) during her youth
(D) None of these
Answer:
(A) during her childhood

Question 12.
‘My Grandmother’s House’ published in —
(A) 1963
(B) 1964
(C) 1965
(D) 1966
Answer:
(C) 1965

Question 13.
‘My Grandmother’s House’ is —
(A) a sonnet
(B) an ode
(C) a ballad
(D) a lyric
Answer:
(D) a lyric

Question 14.
During her childhood the speaker of ‘My Grandmother’s House’ lived with her —
(A) grandmother
(B) aunt
(C) mother
(D) None of house
Answer:
(A) grandmother

Question 15.
‘My Grandmother’s House’ published in —
(A) ‘Descendants’
(B) ‘Summer in Calcutta’
(C) The Old Playhouse and Other Poems
(D) None of these
Answer:
(B) ‘Summer in Calcutta’

Question 16.
Who was composed the poem. ‘Mv Grandmother’s House’?
(A) Kamala Das
(B) A.K. Ramanujan
(C) Sarojini Naidu
(D) None of these
Answer:
(A) Kamala Das

Question 17.
Who is the speaker in ‘My Grandmother’s House’?
(A) Torn Dutta
(B) Kamala Das
(C) S.K. Kumar
(D) None of these
Answer:
(B) Kamala Das

Question 18.
Kamala Das has written the poem —
(A) Snake
(B) Fire-Hymn
(C) My Grandmother’s House
(D) The Soldier
Answer:
(C) My Grandmother’s House

Question 19.
Kamala Das is an ………….. Poetess.
(A) American
(B) Indian
(C) African
(D) Russian
Answer:
(B) Indian

Question 20.
Kamala Das is talking about her …………. who is dead now.
(A) father
(B) mother
(C) grand father
(D) grand mother
Answer:
(D) grand mother

Question 21.
Kamala Das remembers the happy days spent in the sweet company of her—
(A) grand mother
(B) grand father
(C) father
(D) mother
Answer:
(A) grand mother

Question 22.
She noticed a ……………….. behind the door of the bedroom.
(A) ox
(B) cow
(C) dog
(D) cat
Answer:
(D) cat

Question 23.
The house went into silence due to the death of the …………..
(A) woman
(B) man
(C) girl
(D) boy
Answer:
(A) woman

Question 24.
‘My Grand mother’s House’ is an ………….. poem by Kamala Das.
(A) biographical
(B) auto biographical
(C) bibliographical
(D) None of these
Answer:
(B) auto biographical

Question 25.
The poetess in ‘The Grand Mother’s House’ begs at …. doors. [2018A, I.A.]
(A) friend’s
(B) family’s
(C) stranger’s
(D) enemy’s
Answer:
(C) stranger’s

Question 26.
‘There is a house now far away where once I received love’ ……………… is from the poem—
(A) Song of Myself
(B) Ode to Autumn
(C) My Grand mother’s House
(D) Snake
Answer:
(C) My Grand mother’s House

Question 27.
‘Behind my bedroom’s door like a brooding’ is written by—
(A) Rupert Brooke
(B) Kamala Das
(C) Keki N. Daruwalla
(D) T.S. Eliot
Answer:
(B) Kamala Das

Question 28.
My Grandmother’s House is written by-
(A) D. H. Lawrence
(B) Kamala Das
(C) Keki N. Daruwala
(D) Walt Whitman
Answer:
(B) Kamala Das

Question 29.
Kamala Das was born on-
(A) April 31,1933
(B) April 31, 1934
(C) April 31,1935
(D) April 31, 1936
Answer:
(B) April 31, 1934

Question 30.
What moved freely in the silent house ?
(A) Dogs
(B) Snakes
(C) Cockroaches
(D) Lizard
Answer:
(B) Snakes

Question 31.
Autobiography of Kamala Das was published in-
(A) 1996
(B) 1966
(C) 1986
(D) 1976
Answer:
(D) 1976

Question 32.
Who’s death the speaker says-
(A) Her son
(B) Her grandmother
(C) Her grandfather
(D) Her brother
Answer:
(B) Her grandmother

Question 33.
The speaker where once was loved, the house belonged to her-
(A) Father
(B) Husband
(C) son
(D) Grandmother
Answer:
(A) Father

Question 34.
Kamala Das, poet and short story writer, has earned a respectable place in both English and-
(A) Hindi
(B) Malyalam
(C) Telugu
(D) Urdu
Answer:
(B) Malyalam

Bihar Board Class 10 Hindi Solutions पद्य Chapter 2 प्रेम अयनि श्री राधिका

Bihar Board Class 10 Hindi Book Solutions Godhuli Bhag 2 पद्य खण्ड Chapter 2 प्रेम अयनि श्री राधिका Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

BSEB Bihar Board Class 10 Hindi Solutions पद्य Chapter 2 प्रेम अयनि श्री राधिका

Bihar Board Class 10 Hindi प्रेम अयनि श्री राधिका Text Book Questions and Answers

कविता के साथ

प्रेम अयनि श्री राधिका Bihar Board Class 10 Hindi प्रश्न 1.
कवि ने माली-मालिन किन्हें और क्यों कहा है ?
उत्तर-
कवि ने माली-मालिन कृष्ण और राधा को कहा है। क्योंकि कवि राधा-कृष्ण के प्रेममय युग को प्रेम भरे नेत्र से देखा है। यहाँ प्रेम को वाटिका मानते हैं और उस प्रेम-वाटिका के माली-मालिन कृष्ण-राधा को मानते हैं। वाटिका का विकास माली-मालिन की कृपा पर निर्भर है। अत: कवि के प्रेम वाटिका को पुष्पित पल्लवित कृष्ण और राधा के दर्शन ही कर सकते हैं।

Prem Ayani Shri Radhika Bihar Board Class 10 Hindi प्रश्न 2.
द्वितीय दोहे का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट करें।
उत्तर-
प्रस्तुत दोहे में सवैया छन्द में भाव के अनुसार भाषा का प्रयोग अत्यन्त मार्मिक है। सम्पूर्ण छन्द में ब्रजभाषा की सरलता, सहजता और मोहकता देखी जा रही है। कहीं-कहीं तद्भव और तत्सम के सामासिक रूप भी मिल रहे हैं। कविता में संगीतमयता की धारा फूट पड़ी है। अलंकार योजना से दृष्टांत अलंकार के साथ अनुप्रास एवं रूपक का समागम प्रशंसनीय है। माधुर्यगुण के साथ वैराग्य रस का मनोभावन चित्रण हुआ है।

Bihar Board Class 10 Hindi Book Solution प्रश्न 3.
कृष्ण को चोर क्यों कहा गया है? कवि का अभिप्राय स्पष्ट करें।
उत्तर-
कवि कृष्ण और राधा के प्रेम में मनमुग्ध हो गये हैं। उनके मनमोहक छवि को देखकर मन पूर्णतः उस युगल में रम जाता है। इन्हें लगता है कि इस देह से मन रूपी मणि को कृष्ण ने चुरा लिये हैं। चित्त राधा-कृष्ण के युगल जोड़ी में लग चुका है। अब लगता है कि यह शरीर मन एवं चित्त रहित हो गया है। इसलिए चित्त हरने वाले कृष्ण को चोर कहा गया है। उनकी मोहनी मूरत मन को इस प्रकार चुराती है कि कवि अपनी सुध खो बैठते हैं। केवल कृष्ण ही स्मृति पटल पर अंकित रहते हैं और कुछ भी दिखाई नहीं देता है।

प्रेम अयनि श्री राधिका काव्य का भावार्थ Bihar Board Class 10 Hindi प्रश्न 4.
सवैये में कवि की कैसी आकांक्षा प्रकट होती है? भावार्थ बताते हुए स्पष्ट करें।
उत्तर-
प्रेम-रसिक कवि रसखान द्वारा रचित सवैये में कवि की आकांक्षा प्रकट हुई है। इसके माध्यम से कवि कहते हैं कि कृष्ण लीला की छवि के सामने अन्यान्य दृश्य बेकार हैं। कवि कृष्ण की लकुटी और कामरिया पर तीनों लोकों का राज न्योछावर करने देने की इच्छा प्रकट करते हैं। नन्द की गाय चराने की कृष्ण लीला का स्मरण करते हुए कहते हैं कि उनके चराने में आठों सिद्धियों और नवों निधियों का सुख भुला जाना स्वाभाविक है। ब्रज के वनों के ऊपर करोड़ों इन्द्र के धाम को न्योछावर कर देने की आकांक्षा कवि प्रकट करते हैं।

Bihar Board Solution Class 10 Hindi प्रश्न 5.
व्याख्या करें :
(क) मन पावन चितचोर, पलक ओट नहिं करि सकौं।
(ख) रसखानि कबौं इन आँखिन सौ ब्रज के बनबाम तझम निहारौं।
उत्तर-
(क) प्रस्तुत दोहे में कवि राधिका के माध्यम से श्रीकृष्ण के चरणों में समर्पित हो जाना चाहता है। जिस दिन से श्रीकृष्ण से आँखें चार हुई उसी दिन से सुध-बुध समाप्त हो गई। पवित्र चित्त को चुराने वाले श्रीकृष्ण से पलक हटाने के बाद भी अनायास उस मुख-छवि को देखने के लिए विवश हो जाती है। वस्तुत: यहाँ कवि बताना चाहता है कि प्रेमिका अपने प्रियतम को सदा अपने आँखों में बसाना चाहती है।

(ख)प्रस्तुत पंक्ति कृष्ण भक्त कवि रसखान द्वारा रचित हिंदी पाठ्य-पुस्तक के “करील में कुंजन ऊपर वारों” पाठ से उद्धत है। प्रस्तुत पंक्ति में कवि ब्रज पर अपना जीवन सर्वस्थ न्योछावर कर देने की भावमयी विदग्धता मुखरित करते हैं। कवि इसमें ब्रज की बागीचा एवं तालाब की महत्ता को उजागर करते हुए निरंतर उसकी शोभा देखते रहने की आकांक्षा प्रकट करते हैं।

प्रस्तुत व्याख्येय पंक्ति के माध्यम से कवि कहते हैं कि ब्रज की बागीचा एवं तालाब अति सुशोभित एवं अनुपम हैं। इन आँखों से उसकी शोभा देखते बनती है। कवि कहते हैं कि ब्रज के वनों के ऊपर, अति रमनीय, सुशोभित मनोहारी मधुवन के ऊपर इन्द्रलोक को भी न्योछावर कर दूँ तो कम है। ब्रज के मनमोहक तालाब एवं बाग की शोभा देखते हुए कवि की आँखें नहीं थकती, इसकी शोभा निरंतर निहारते रहने की भावना को कवि ने इस पंक्ति के द्वारा बड़े ही सहजशैली में अभिव्यक्त किया है। कवि को कृष्ण-लीला स्थल के कण-कण से प्रेम है। कृष्ण की सभी
चीजें उन्हें मनोहारी लगती हैं।

Bihar Board Hindi Book Class 10 प्रश्न 6.
‘प्रेम-अयनि श्री राधिका’ पाठ का भाव/सारांश अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर-
प्रेम-अयनि श्री राधिका’ में कृष्ण और राधा के प्रेममय रूप पर मुग्ध रसखान कहते हैं कि राधा प्रेम का खजाना है और श्रीकृष्ण अर्थात् नंदलाल साक्षात् प्रेम-स्वरूप। ये दोनों ही ‘ प्रेम-वाटिका के माली और मालिन है जिनसे प्रेम-वाटिका खिली-खिली है। मोहन की छवि ऐसी है कि उसे देखकर कवि की दशा धनुष से छूटे तीर के तहत हो गई है। जैसे धनुष से छूटा हुआ तीर वापस नहीं होता, वैसे ही कवि का मत एक बार कृष्ण की ओर जाकर पुनः अन्यत्र नहीं जाता। कवि का मन माणिक, चित्तचोर श्रीकृष्ण चुरा कर ले गए। अब बिना मन के वह फंदे में फंस गया है। वस्तुत: जिस दिन से प्रिय नन्द किशोर की छवि देख ली है, यह चोर मन बराबर उनकी ओर ही लगा हुआ है।

‘करील के कुंजन ऊपर वारौं’ सवैया में कवि रसखान की श्रीकृष्ण पर मुग्धता और उनकी एक-एक वस्तु पर ब्रजभूमि पर अपना सर्वस्व क्या तीनों लोक न्योछावर करने की भावमयी उत्कंठा एवं उद्विग्नता के दर्शन होते हैं। रसखान कहते हैं-श्रीकृष्ण जिस लकुटी से गाय चराने जाते हैं
और जो कम्बल ले जाते हैं, अगर मुझे मिल जाए तो मैं तीनों लोको का राज्य छोड़कर उन्हें ही लेकर रम जाऊँ। अगर ये हासिल न हों, केवल नंद बाबा की गौएँ ही चराने को मिल जाएँ तो आठों सिद्धियों और नौ निधियाँ छोड़ दूँ। कवि का श्रीकृष्ण और उनकी त्यागी वस्तुएँ ही प्यारी नहीं हैं वे उनकी क्रीडाभूमि व्रज पर भी मुग्ध है। कहते हैं और-“तो और संयोगवश मुझे ब्रज के जंगल और बाग और वहाँ के घाट तथा करील के कुंज जहाँ वे लीला करते थे, उनके ही दर्शन हो जाएँ तो सैकड़ों इन्द्रलोक उन पर न्योछावर कर दूं।” रसखान की यह अन्यतम समर्पण-भावना और विदग्धता भक्ति-काव्य की अमूल्य निधियों में है।

भाषा की बात

Bihar Board Hindi Book Class 10 Pdf प्रश्न 1.
समास-निर्देश करते हुए निम्नलिखित पदों के विग्रह करें –
प्रेम-अनि, प्रेमबरन, नंदनंद, प्रेमवाटिक, माली मालिन, साखानि, ‘चिनचोर, मनमानिक, बेमन, नवोनिधि, आठहुँसिद्धि, बमबाग, लिहपुर
उत्तर-
प्रेमआयनि – प्रेम की आयनि – तत्पुरुष समास
प्रेम-बरन – प्रेम का वरन – तत्पुरुष समास
नंदनंद – नंद का है जो नंद – कर्मधारय समास
प्रेमवाटिका – प्रेम की वाटिका – तत्पुरुष समास
माली-मालिन – माली और मालिन – द्वन्द्व समास
रसखानि – रस की खान – तत्पुरुष समास
चित्तचोर – चित्त है चोर जिसका अर्थात कृष्ण – बहुव्रीहि समास
मनमानिक – मन है जो मानिक – कर्मधारय समास
बेमन – बिना मन का – अव्ययीभाव समास
नवोनिधि – नौ निधियों का समूह – द्विगु समास
आठसिद्धि – आठों सिद्धियों का समूह – द्विगु समास
बनबाग – बन और बाग – द्वन्द्व समास
तिहपुर – तीनों लोकों का समूह – द्विगु समास

Bihar Board Class 10 Hindi Book Solution In Hindi Pdf Download प्रश्न 2.
निम्नलिखित के तीन-तीन पर्यायवाची शब्द लिखें –
राधिका, नंदनंद, नैन, सर, आँख, कंज, कलधौत
उत्तर-
राधिका – कमला, श्री, प्रेम, अयनि।
नदनंद – कृष्ण, नंदसुत, नंदतनय।
नैन – आँख, लोचन, विलोचन।
सर – वाण, सरासर, तीर।
आँख – नयन, अश्नि, नेत्रा
कुंग – बाग, वाटिका, उपवन।

Class 10th Hindi Bihar Board प्रश्न 3.
कविता से क्रियारूपों का चयन करते हुए उनके मूल रूप को स्पष्ट करें।
उत्तर-
विद्यार्थी शिक्षक के सहयोग से स्वयं करें।

काव्यांशों पर आधारित आई-नसंबंधी प्रश्नोत्तर

1. प्रेम अवनि श्री साधिका, क-बान नैदलंदा
केन-बाटिका के दोऊ, माली मनिला
मोहन छवि स्लखन लखि अब तुम अपने नाहित
अंचे आवत धनुष से बटे सर से जाहिक
में मन मानिक लै मयको चितचोर नंदनंदा
आब बेबन का कसरी फेर के कंदा
प्रीतम नन्दकिशोर, जादिन ते नैनति लम्बी
मन पावन चितचोर, पालक ओट नहिं करि सको

प्रश्न
(क) कविता एवं कवि का नाम लिखिए।
(ख) पद का प्रसंग लिखें।
(ग) पद का सरलार्थ लिखें।
(घ) भाव सौंदर्य स्पष्ट करें।
(ङ) काव्य सौंदर्य स्पष्ट करें।
उत्तर-
(क) कवि- रसखाना कविता प्रेम अयनि श्री राधिका।

(ख) प्रस्तुत कविता में हिंदी काव्य धारा के सुप्रसिद्ध कवि रसखान श्री कृष्ण भक्ति में अपनी तल्लीनता का मार्मिक वर्णन किया है। श्री कृष्ण भक्ति में कवि आनंद विभोर होकर राधा-कृष्ण के युगल रूप को अपनी भक्ति भावना का आधार बताया है। राधा-कृष्ण की सुंदरता समस्त रसिक हृदय को आकर्षित करती है।

(ग) सरलाई प्रस्तुत कविता में राधा-श्री कृष्ण के प्रति अपनी भक्ति भावना की मार्मिकता को तथा राधा-कृष्ण के युगल सौंदर्य रूप का वर्णन करते हुए रसखान कहते हैं कि श्री राधिका प्रेम का खजाना है और श्री कृष्ण प्रेम के रंग हैं तथा प्रेम वाटिका का श्री कृष्ण और राधा दोनों माली और मालिन है। कवि रसखान श्री कृष्ण के मोहनी-सूरत को देख-देख कर उनके प्रति आकर्षित हो रहे हैं। प्रयत्न करने पर भी उनका नेत्र श्री कृष्ण की ओर ही बार-बार आकर्षित हो जाता है। जैसे धनुष से छूटा हुआ वाण वापस नहीं आ सकता है उसी प्रकार उनका हृदय से निकला हुआ प्रेम श्री कृष्ण भक्ति की ओर ही आकर्षित है। रसखान कहते हैं कि जो मेरे पास मनरूपी रत्न था उसे तो नन्दलाल ने ही चुरा लिया। अब तो मैं बेमन हो गया हूँ। मैं श्री कृष्ण के प्रेम फंदे में फसकर छटपटा रहा हूँ। जबतक मेरे पवित्र मन को चुराने वाले उस चित्तचोर कृष्ण के आने की राह में अपनी पलक को यहाँ से नहीं हटाऊँगा।

(घ) भाव सौंदर्य प्रस्तुत कविता में रसखान कवि राधा-कृष्ण के प्रेममय युगल रूप पर रीझ गये हैं। राधा-कृष्ण की सुंदरता में अपने आप को समर्पित कर देना चाहते हैं। उन दोनों के प्रति अपनी भक्ति भावना की मार्मिकता को स्पष्ट रूप से रखते हैं।

(ङ) काव्य-सौंदर्भ – (i) यहाँ भाव के अनुसार भाषा का वर्णन है।
(ii) ब्रजभाषा की प्राथमिकता होते हुए भी ब्रजभाषा का देशज रूप तो कहीं-कहीं तत्सम रूप भी दिखाई पड़ते हैं।
(iii) यह कविता दोहे छंद में ली गई है। इसलिए भाषा सरस, सहज और प्रवाहमय हो गई है।
(iv) यहाँ शृंगार रस के साथ माधुर्यगुण की छटा देखने को मिलती है।
(v) राधा-कृष्ण के सौंदर्य का वर्णन भावमयी है।
(vi) अलंकार की योजना से अनुप्राण की छटा एवं रूपक की आवृत्ति कविता के भाव में सहायक है।

2. या लकुटी अरु कामरिया पर राज तिहूंपुर की तजिडारौं।
आठहुँ सिद्धि नवोनिधि को सुख नंद की गाइ चराइ बिसा ।।
रसखानि कबौं इन आँखिन सौं ब्रज के बनबाग तड़ाग निहारौं।
कोटिक रौ कलधौत के धाम करील के कुंजन ऊपर वारौं।

Bihar Board Class 10 Hindi प्रश्न
(क) कविता एवं कार का नाम लिखें।
(ख) पद का प्रसंग लिखें।
(ग) पद का सरलार्थ लिखें।
(घ) भाव सौंदर्य स्पष्ट करें।
(ङ) काव्य सौंदर्य स्पष्ट करें।
उत्तर-
(क) कविता- करील के कुंजन ऊपर वारौं।
कवि – रसखान।
(ख) प्रस्तुत कविता में भक्ति भावना के रसिक कवि रसखान श्री कृष्ण के भक्ति के प्रति अपने आप को तो समर्पित कर देना ही चाहते हैं, साथ ही जीवन के संपूर्ण सुख-सुविधाओं को कृष्ण और उनके ब्रज पर न्योछावर कर देना चाहते हैं।

(ग) प्रस्तुत सवैया में कवि रसखान का हृदय, कृष्ण और ब्रज की सुन्दरता पर समर्पित है। अत: कवि अपनी आकांक्षा प्रकट करते हुये कहते हैं कि ब्रज के बगीचे के ऊपर अपनी सारी सुख-सुविधायें न्योछावर कर देना चाहता हूँ। लाठी और कंबल धारण कर उस नंदलाल के रूप सौंदर्य पर तीनों लोक के राज तथा सुख-सुविधा को मैं समर्पित कर देना चाहता हूँ। यहाँ तक कि आठों सिद्धियों और नवा सिधि के द्वारा जो सुख मुझे प्राप्त है उन सभी सुखों के नन्द की गाय चराने वाले श्री कृष्ण की भक्ति भावना में भुला देना चाहता हूँ। पुनः रसखान कहते हैं कि ब्रज के इन सुन्दर बगीचों एवं सुन्दर तालाबों को जैसे लगता है कि मैं अपने दोनों आँखों से हमेशा देखता रहूँ। ब्रज के सभी चीजों में श्री कृष्ण के सभी रूपों में आनंद की अनुभूति होती है। करोड़ों इंद्र के भवन-रूपी सुख-सुविधा को ब्रज के बगीचों पर जहाँ श्री कृष्ण मधुर बाँसुरी बजाते हैं
और गायें चराते हैं उसपर न्योछावर कर देना चाहता हूँ।

(घ) भाव सौंदर्य प्रस्तुत सवैया में कवि के रसिक मन कृष्ण और उनके ब्रज-पर अपना जीवन सर्वस्व न्योछावर कर देने की भावमयी विदग्धता मुखरित है। इसमें कवि अपनी संपूर्ण सुख-सुविधा को ब्रज के बगीचे एवं श्री कृष्ण की भक्ति भावना पर समर्पित कर अपने जीवन को सार्थक बनाता है।

(ङ) काव्य सौंदर्य- (i) यहाँ सवैया, छंद में भाव के अनुसार भाषा का प्रयोग अत्यंत मार्मिक है।
(ii) संपूर्ण छंद में ब्रजभाषा की सरलता, सहजता और मोहकता देखी जा रही है।
(iii) कहीं-कहीं तद्भव के और तत्सम के सामासिक रचना भी मिल रहे हैं।
(iv) कविता में संगीतमयता की धारा फूट पड़ी है।
(v) अलंकार योजना से दृष्टांत अलंकार के साथ अनुप्रास एवं रूपक का समागम प्रशंसनीय है।
(vi) माधुर्यगुण के साथ वैराग रस का मनोभावन चित्रण हुआ है।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

I. सही विकल्प चुनें –

Bihar Board Class 10th Hindi प्रश्न 1.
रसखान किस काल के कवि थे?
(क) रीति काल
(ख) आदि काल
(ग) मध्य काल
(घ) आधुनिक काल
उत्तर-
1558

10th Class Hindi Book Bihar Board प्रश्न 2.
रसखान दिल्ली के बाद कहाँ चले गए ?
(क) बनारस
(ख) ब्रजभूमि
(ग) महरौली
(घ) हस्तिनापुर
उत्तर-
(ख) ब्रजभूमि

Class 10 Hindi Bihar Board प्रश्न 3.
रसखान की भक्ति कैसी थी?
(क) सगुण
(ख) निर्गुण
(ग) नौगुण
(घ) सहस्रगुण
उत्तर-
(क) सगुण

प्रश्न 4.
रसखान ने प्रेम-अयनि’ किसे कहा है?
(क) कृष्ण
(ख) सरस्वती
(ग) राधा
(घ) यशोदा
उत्तर-
(ग) राधा

प्रश्न 5.
रसखान के चित्तचोर’ कौन हैं ?
(क) इन्द
(ख) श्रीकृष्ण
(ग) कामदेव
(घ) कंचन
उत्तर-
(ख) श्रीकृष्ण

प्रश्न 6.
रसखान ब्रज के वन-बागों पर क्या न्योछावर करने को तैयार हैं ?
(क) सैकड़ों स्वर्ण महल
(ख) सैकड़ों इन्द्रलोक
(ग) तीनों लोक
(घ) स्वर्गलोक
उत्तर-
(ग) तीनों लोक

II. रिक्त स्थानों की पूर्ति करें-

प्रश्न 1.
रसखान, का जन्म सन् ………….. में हुआ था।
‘उत्तर-
1558

प्रश्न 2.
कृष्ण-भक्त कवियों में ………….अग्रणी हैं।
उत्तर-
रसखान

प्रश्न 3.
रसखान ने कवित्त, सबैया और ……….. छन्द में रचना की।
उत्तर-
दोहा

प्रश्न 4.
सुजन रसखान के अलवा रसखान की अन्य क्रुति है …………..
उतर-
प्रेमवाटिका

प्रश्न 5.
रसखान ने …………….. की दीक्षा ली थी।
उत्तर-
पुष्टि माग

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
रसखान किस भक्ति-धारा के कवि थे?
उत्तर-
रसखान सगुण भक्ति-धारा के कवि थे।

प्रश्न 2.
रसखान ने किस भाषा में काव्य-रचना की है ?
उत्तर-
रसखान ने ब्रजभाषा में अपनी काव्य-रचना की है।

प्रश्न 3.
दिल्ली के अतिरिक्त रसखान कहाँ रहे?
उत्तर-
दिल्ली छोड़ने के बाद रसखान ने ब्रजभूमि में अपना जीवन व्यतीत किया।

व्याख्या खण्ड

प्रश्न 1.
प्रेम बाटिका के दोऊ, माली-मालिन
व्याख्या-
प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक के प्रेम-अयनि श्री राधिका काव्य-पाठ से ली  गयी हैं। इन पंक्तियों का प्रसंग राधा-कृष्ण के प्रेम-प्रसंग से संबंधित है।

कवि कहता है कि राधिकाजी प्रेमरूपी मार्ग हैं और श्रीकृष्णजी यानी नंद बाबा के नंद प्रेम रंग के प्रतिरूप हैं। दोनों की महिमा अपार है। कृष्ण प्रेम के प्रतीक हैं तो राधा उसका आधार है। प्रेमरूपी वाटिका के दोनों माली और मालिन हैं। दोनों की अपनी-अपनी विशेषता है। दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। एक-दूसरे के अभाव में पूर्णता नहीं हो सकती। प्रेम का साकार या पूर्ण रूप राधा-कृष्ण की जोड़ी है।

प्रश्न 2.
मोहन छवि स्सखानि लखि अब दग अपने नाहि।
अंचे आवत धनुस से छूटे सर से जाहिं।।
व्याख्या-
प्रस्तुत काव्य पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक के “प्रेम-अयनि श्री राधिका” काव्य-पाठ से ली गयी हैं। इस कविता का प्रसंग कृष्ण की छवि और रसखान की भक्ति से जुड़ा हुआ है।
कवि रसखान कहते हैं कि कृष्ण की मनोहारी छवि को निरख कर, देखकर आंखें वश में नहीं हैं। जैसे धनुष के खिंचते ही तीर सिर के ऊपर से गुजर जाता है और वह तीर वश में नहीं . रहता ठीक उसी प्रकार कृष्ण की छवि निहारकर आँखिया अब वश में नहीं रहती। कृष्ण के रूप-सौंदर्य में आँखें ऐसी खो गयी हैं कि सुध-बुध का ख्याल ही नहीं रहता। इसमें कृष्ण के प्रति रसखान की अगाध प्रेम-भक्ति और आस्था का ज्ञान प्राप्त होता है।

प्रश्न 3.
मो मन मानिक लै गयो चितै चोर नंदनंदा
अब बेमन मैं का करू परी फेर के फंदा
व्याख्या-
प्रस्तुत काव्य पक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक के ‘प्रेम-अयनि श्री राधिका’ काव्य-पाठ से ली गयी हैं। इस कविता का प्रसंग श्रीकृष्ण के चित्तचोर छवि से है। रसखान कृष्ण के रूप का वर्णन करते हुए कहते हैं कि मेरे मन के माणिक्य को, धन को, नंदबाबा के लाल कृष्ण ने चुरा लिया है। वे चित्त को वश में करनेवाले यानी चुरानेवाले हैं। अब मेरा मन तो उनके वश में हो गया है। मैं बेमन का हो गया हूँ। मुझे कुछ भी नहीं सूझता कि अब क्या करूँ। मैं कृष्ण के फेरे के फंदे में फंसकर लाचार हो गया हूँ। मेरा वश अवश हो गया है।
इन पंक्तियों में कृष्ण भक्ति की प्रगाढ़ता, तन्मयता, एकात्मकता एवं गहरी आस्था का सम्यक् चित्रण हुआ है।

प्रश्न 4.
प्रीतमविशोरचलिते नैनति लाग्यो
मन पवन चित्तोर, पलक ओट नहिं करि सकी।
व्याख्या-
प्रस्तुत काव्य पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक के “प्रेम-अयनि श्री राधिका” काव्य-पाठ से ली गयी हैं।
इस कविता का प्रसंग श्रीकृष्ण के पवित्र-प्रेम के प्रति गहरी आस्था से है।
कवि रसखान कहते हैं कि परम प्रिय नंदकिशोर से जिस दिन से आँखें लड़ी हैं या लगी – हैं। उनके पवित्र मन ने चित्त को चुरा लिया है। उनकी छवि को पलकों की ओट से दूर नहीं किया जा सकता। कहने को भाव यह है कि कृष्ण के प्रति रसखान की गहरी आस्था है, विश्वास है, भरोसा है, प्रेम की भूख है। जबसे आँखों ने नंदकिशोर का दर्शन किया है तबसे मन का चैन छिन गया है। आँखें अपलक उनके दर्शन के लिए लालायित रहती है। इन पंक्तियों में कृष्ण के प्रति गहरी प्रेम-भक्ति को दर्शाया गया है।

प्रश्न 5.
या लकुटी अख कामरिया पर राज तिहूँघुर की तजिडारौ!
आठहूँ सिद्धि नवोनिधि को सुख नन्द की गाइ चराइ बिसारौं।
व्याख्या-
प्रस्तुत काव्य पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक के करील के कुंजन ऊपर वारौं” काव्य पाठ से ली गयी हैं। इस कविता का प्रसंग श्री कृष्ण के विराट व्यक्तित्व के साथ नंदलाला की मोहक मनोहारी छवि की तुलनात्मक विवेचन से है।

रसखान कवि कहते हैं कि जो स्वयं तीनों लोकों का मालिक है, वह उसे त्याग कर एक छोटी-सी लकुटी और कंबल लेकर चरवाहा बना हुआ है। जिसकी सुख-सुविधा के लिये आठों सिद्धियाँ और नवनिधियाँ सदैव तत्पर रहती हैं, वह वैसे सुख का त्याग कर नंद की गायों को चराने में भूला हुआ है। यहाँ कृष्ण की लोक छवि की तुलना विराट लोकोत्तर छवि से की गयी है। कृष्ण स्वयं में सृष्टि के सृजक हैं, वे स्वयं सृष्टिकर्ता हैं। कितना अद्भुत है यह प्रसंग। कृष्ण अपने विराट व्यक्तित्व को भुलाकर सरल, सहज और मनमोहक छवि के साथ लोक-लीला में रमें हुये हैं। वे लोकोत्तर सुख-सुविधाओं को तजकर लोक जगत के बीच सहज भाव से बाल-लीलायें कर रहे हैं।

सारा संसार जिनके सहारे है वही व्यक्ति साधारण रूप में नंद के घर रहता है, उसकी गाय चराता है। रास-लीला किया करता है। स्वयं को उसने इतना भुला दिया है कि उसके अपने विराट व्यक्तित्व का अभाव ही नहीं होता। यहाँ कृष्ण के लोक कल्याणकारी मानवीय रूप का सफल चित्रण हुआ है। जिसमें गूढार्थ भी है, रहस्य भी है, साथ ही सहजता और सरलता भी है। यह कृष्ण के चरित्र की विशेषता है।

प्रश्न 6.
रसखानी कबौ इन ऑखिन सौं ब्रज के क्नबाग तड़ाग निहारौ।
कोटिक रौ कलधौत के घाम करील के कुंजन ऊपर वारौ।।
व्याख्या-
प्रस्तुत काव्य पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक के ‘करील के कुंजन ऊपर वारौं’ काव्य पाठ से ली गयी हैं। इन काव्य प्रसंग ब्रज भूमि की महिमा से जुड़ा हुआ है।
कवि ब्रज भूमि की महिमा का गुणगान करते हुये काव्य रचना करता है। कवि कहता है कि रसखान नानक कवि यानी स्वयं कब अपने आंखियों से ब्रज भूमि का दर्शन करेगा और स्वयं को धन्य-धन्य समझेगा। रसखान के मन के भीतर एक व्यग्रता है, अकूलता है, तड़प है, बेचैनी है, ब्रजभूमि के सौंदर्य को देखने की परखने की उस भूमि के बागों, वनों, तालाबों के दर्शन करने की।

इस प्रकार महाकवि रसखान ब्रजभूमि राधा-कृष्ण मय मानते हुये उसके प्रति आघात, आस्था और श्रद्धा रखते हैं। साथ ही उसकी पवित्रता, श्रेष्यठता और सौंदर्य के प्रति एक निर्मल भाव रखते हैं। करोड़ों-करोड़ इन्द्र के धाम ब्रज भूमि के कोटों की बगीचों पर न्योछावर है। ब्रज भूमि राधा-कृष्ण की लीला स्थली है, क्रीड़ा-क्षेत्र है, परमधाम है, सिद्ध लीला धान है।

प्रेम अयनि श्री राधिका किवि परिचय

रसखान के जीवन के संबंध में सही सूचनाएँ प्राप्त नहीं होती, परंतु इनके ग्रंथ ‘प्रेमवाटिका’ (1610 ई०) में यह संकेत मिलता है कि ये दिल्ली के पठान राजवंश में उत्पन्न हुए थे और इनका रचनाकाल जहाँगीर का राज्यकाल था । जब दिल्ली पर मुगलों का आधिपत्य हुआ और पठान वंश पराजित हुआ, तब ये दिल्ली से भाग खड़े हुए और ब्रजभूमि में आकर कृष्णभक्ति में तल्लीन हो गए । इनकी रचना से पता चलता है कि वैष्णव धर्म के बड़े गहन संस्कार इनमें थे । यह भी अनुमान किया जाता है कि ये पहले रसिक प्रेमी रहे होंगे, बाद में अलौकिक प्रेम की ओर आकृष्ट होकर भक्त हो गए । ‘दो सौ बावन वैष्णवन की वार्ता’ से यह पता चलता है कि गोस्वामी विट्ठलनाथ ने इन्हें ‘पुष्टिमार्ग’ में दीक्षा दी । इनके दो ग्रंथ मिलते हैं – ‘प्रेमवाटिका और सुजान रसखान’ । प्रमवाटिका में प्रेम-निरूपण संबंधी रचनाएँ हैं और ‘सुजान रसखान’ में कृष्ण की भक्ति संबंधी रचनाएँ ।

रसखान ने कृष्ण का लीलागान पदों में नहीं, सवैयों में किया है । रसखान सवैया छंद में सिद्ध थे। जितने सरस, सहज, प्रवाहमय सवैये रसखान के हैं, उतने शायद ही किसी अन्य हिंदी कवि के हों । रसखान का कोई सवैया ऐसा नहीं मिलता जो उच्च स्तर का न हो । उनके सवैयों की मार्मिकता का आधार दृश्यों और बायांतर स्थितियों की योजना में है । वहीं रसखान के संवैयों के ध्वनि प्रवाह भी अपूर्व माधुरी में है। ब्रजभाषा का ऐसा सहज प्रवाह अन्यत्र दुर्लभ है । रसखान सूफियों का हृदय लेकर कृष्ण की लीला पर काव्य रचते हैं । उनमें उल्लास, मादकता और उत्कटता तीनों का संयोग है । इनकी रचनाओं से मुग्ध होकर भारतेन्दु हरिश्चंद्र ने कहा था -“इन मुसलमान हरिजनन पै, कोटिन हिन्दू क्यारिखें ।

सम्प्रदायमुक्त कृष्ण भक्त कवि रसखान हिंदी के लोकप्रिय जातीय कवि हैं । यहाँ ‘रसखान रचनावली’ से कुछ छन्द संकलित हैं – दोहे, सोरठा और सवैया । दोहे और सोरठा में राधा-कृष्ण के प्रेममय युगल रूप पर कवि के रसिक हृदय की रीझ व्यक्त होती है और सवैया में कृष्ण और उनके ब्रज पर अपना जीवन सर्वस्व न्योछावर कर देने की भावमयी विदगता मुखरित है।

प्रेम अयनि श्री राधिका Summary in Hindi

पाठ का अर्थ

हिन्दी साहित्य में कुछ ऐसे मुस्लिम कवि हैं जो हिन्दी के उत्थान में अपूर्व योगदान दिये हैं। उन कवियों में रसखान का नाम की आदर के साथ लिया जाता है। रसखान सवैया छंद के प्रसिद्ध कवि थे। जितने सरस प्रहज, प्रवाहमय सवैये रसखान है, उतने शायद ही किसी अन्य हिन्दी कवि के हों। इनके सवैयो की मार्मिकता का आधार दृश्यों और वाह्ययांतर स्थितियों की योजना में है। रसखान सूफियों का हृदय लेकर कृष्ण की लीला पर काव्य रचते हैं। उनमें उल्लास, मादकता और उत्कटता का मणिकांचन संयोग है।

प्रस्तुत दोहे और सवैया में कवि कृष्ण के प्रति अटूट निष्ठा को व्यक्त किया है। राधा-कृष्ण के प्रेममय युगलरूप पर कवि के रसिक हृदय की रीझ व्यक्त होती है। पहले पद में कवि प्रेमरूपी वाटिका में प्रेमी और प्रेमिका का मिलन और उसके अंतर्मन में उठने वाले भावों को सजीवात्मक चित्रण किया है। माली और मालिन का रूपक देकर कृष्ण एवं राधा के प्रेमप्रवाह को तारतम्य बना दिया है। प्रेम का खजाना संजोने वाली राधा श्रीकृष्ण के रूपों पर वशीभूत है। एकबार मोहन का रूप देखने के बाद अन्य रूप की आसक्ति नहीं होती है। प्रेमिका चाहकर भी प्रेमी से अलग नहीं हो सकती है।

दूसरे पद में कवि श्रीकृष्ण के सन्निध्य में रहने के लिए सांसारिक वैभव की बात कौन कहें तीनों लोक की सुःख को त्याग देना चाहता है। ब्रज के कण-कण में श्रीकृष्ण का वास है। अतः वह ब्रज पर सर्वस्व अर्पण कर देना चाहता है।

शब्दार्थ

अयनि : गृह, खजाना
बरन : वर्ण, रंग
दग : आँख
अँचे : खिंचे
सर : वाण
मानिक : (माणिक्य) रत्न विशेष
चित : देखकर
लकुटी : छोटी लाठी
कामरिया : कंबल, कंबली
तिहूँपुर : तीनों लोक
बिसारौं : विस्मृत कर दूँ, भुला दूँ
तड़ाग : तालाब
कोटिक : करोड़ों
कलधौत : इन्द
वारौं : न्योछावर कर दूं
कुंजन : बगीचा (कुंज का बहुवचन)