BSEB Bihar Board 12th Entrepreneurship Important Questions Short Answer Type Part 1 are the best resource for students which helps in revision.

Bihar Board 12th Entrepreneurship Important Questions Short Answer Type Part 1 in Hindi

प्रश्न 1.
नियोजन की तीन विशेषताएँ बताइए।
उत्तर:
नियोजन की तीन विशेषताएँ ये हैं-

  • नियोजन विभिन्न वैकल्पिक क्रियाओं में से सर्वोत्तम का चयन है।
  • नियोजन एक निरंतर एवं लोचयुक्त प्रक्रिया है।
  • नियोजन का एक महत्वपूर्ण विशेषता इसकी पारम्परिक निर्भरता का होना है।

प्रश्न 2.
उद्यमिता को सृजनशील क्रियाकलाप क्यों समझा जाता है ?
उत्तर:
उद्यमिता को सृजनशील क्रियाकलाप कहा जाता है, क्योंकि उद्यमिता अतिरिक्त धन सृजित करने की गतिशील प्रक्रिया है। यह धन व्यक्तियों द्वारा सृजित किया जाता है, जो पूँजी, समय तथा वृत्ति की वचनबद्धता द्वारा किसी उत्पादन अथवा सेवा में मूल्य प्रदान करते हैं। उद्यमिता विशेष रूप से एक व्यापार का एक नया विचार वाला कार्य है। इस क्रिया में निम्न गतिविधियाँ आती हैं-

  • किसी नए उत्पादन को शुरू करना।
  • किसी उत्पादन की नई विधि का उपयोग करना।
  • किसी नए बाजार क्षेत्र में प्रविष्ट होना।
  • सामग्री को किसी नए स्रोत से प्राप्त करना।
  • एक नए ढंग का संगठन बनाना। अतः कहा जा सकता है कि उद्यमिता एक सृजनशील क्रियाकलाप है।

प्रश्न 3.
क्या प्रबंध एक पेशा है ?
उत्तर:
प्रबंध पेशे की विशेषताओं (विशिष्ट ज्ञान एवं तकनीकी चातुर्य, प्रशिक्षण एवं अनुभव प्राप्त करने की औपचारिक व्यवसाय, सेवा भावना को (प्राथमिकता) को तो पूरा करता है तथा कुछ अन्य विशेषताओं (प्रतिनिधि पेशेवर संघ का होना, आचार संहिता) का इसमें अभी पूरा विकास नहीं हुआ है। भारत में अभी प्रबंध का पेशे के रूप में विकास अपनी शैशवास्था में है तथा धीमी गति से चल रहा है। जैसे-जैसे विकास की गति में तेजी आएगी वैसे-वैसे प्रबंध को पेशे के रूप में स्वीकृति मिलती जाएगी।

प्रश्न 4.
प्रबंध के विभिन्न स्तरों का वर्णन करें।
उत्तर:
सामान्यतः प्रबंध के तीन स्तर होते हैं
(i) उच्च स्तरीय प्रबंध (Top level management) – इसके अंतर्गत संचालक मण्डल, अध्यक्ष, प्रबंधकीय संचालक, जनरल मैनेजर आदि आते हैं, ये शक्ति का अंतिम स्रोत है। ये उद्देश्यों को निर्धारित करके परिणामों की जाँच करते हैं।

(ii) मध्य स्तरीय प्रबंध (Middle level management) – मध्यम प्रबंधक, विभागीय, अध्यक्षों, सुपरिटेंडेंट आदि अधिकारियों से बनता है। इसके अंतर्गत उप-प्रबंधक, उत्पादन प्रबंधक, शाखा प्रबंधक तथा श्रम अधिकारी आते हैं। ये प्रबंधक प्रतिदिन के कार्य की जाँच करके अपने उच्च प्रबंधकों को बतलाते रहते हैं।

(iii) निम्न स्तरीय प्रबंध (Lower level management) – इसके अंदर कार्यालय, फैक्टरी, व्यापार आदि के कार्यों में निरीक्षण करने वाले व्यक्तियों का अध्ययन किया जाता है। निरीक्षण वर्ग में फोरमैन, इंस्पेक्टर तथा सुपरवाइजर्स आते हैं। इनका कार्य श्रमिकों की देखभाल करना, प्रत्येक श्रमिक को कार्य सौंपना, कार्य की योजना बनाना इत्यादि है।

प्रश्न 5.
उद्यमिता की परिभाषा दें। अथवा, उद्यमिता क्या है ?
उत्तर:
नए विचार का सृजन करने की प्रक्रिया और नए उद्यम की स्थापना करने की क्रिया को उद्यमिता कहा जाता है। उद्यमिता की प्रक्रिया उद्यमि द्वारा संचालित होती है। उद्यमिता के अंतर्गत उद्यमी या साहसी द्वारा साधनों का एकत्रीकरण, निपुणता का संयोजन तथा व्यवसाय को सफल बनाने के लिए नेतृत्व प्रदान करना इत्यादि बातें शामिल रहती हैं।

प्रश्न 6.
साहसी से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर:
वाणिज्य, व्यवसाय और उद्योग-धन्धों के क्षेत्र में जो व्यक्ति या व्यापारी जोखिम उठाते हुए साहस करके व्यवसाय को चलाता है उसे ही साहसी कहा जाता है। उद्योगों में साहसी अनिश्चिताओं और जोखिमों को वहन करके उत्पादन कार्य करता है। इस कार्य से वे लाभ रूप में आय प्राप्त करते हैं।

प्रश्न 7.
साहसी के कार्यों को लिखें।
उत्तर:
साहसी के कार्य निम्नलिखित हैं- (i) जोखिम उठाना (ii) व्यापार प्रबंध तथा निर्णय लेना (iii) व्यवसाय चयन (iv) उत्पादन का चयन (v) संयंत्र के आकार का चयन (vi) उत्पादन के स्थान का चयन (vii) विक्रय संगठन (viii) नवीन प्रवर्तन विधि को चलाना (ix) समन्वय स्थापित करना (x) साहसी द्वारा कच्चे उत्पाद का प्रबंध।

प्रश्न 8.
साहस का क्या अर्थ है ?
उत्तर:
साहस शब्द फ्रेंच शब्द से बना है जिसे फ्रेंच मापन में एन्ट्रीप्रीन्डर (Entreprendre) कहा जाता है जिसका अर्थ होता है किसी कार्य को हाथ में लेना।

प्रश्न 9.
वातावरण का सूक्ष्म अध्ययन से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर:
व्यवसाय और उद्योगों के क्षेत्र में साहसी द्वारा किए गए वातावरण का बारीकी से अध्ययन करना ही वातावरण का सूक्ष्म अध्ययन कहलाता है। इसके अंतर्गत सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अन्य सहायक तत्त्वों का अध्ययन उद्यमी या साहसी द्वारा किया जाता है।

प्रश्न 10.
वातावरण का सूक्ष्म अध्ययन किन कारणों से करना आवश्यक है ?
उत्तर:
कुछ ऐसे कारण है जिनके चलते वातावरण को सूक्ष्म अध्ययन करना आवश्यक है। ये कारण हैं- (i) संसाधनों का प्रभावशाली प्रयोग (ii) वातावरण का लगातार अध्ययन (iii) व्यूह-रचना बनाने में सहायक (iv) खतरों और अवसरों की पहचान (v) प्रबंधकों के लिए सहायक (vi) भविष्य का अवलोकन करने में सहायक, इत्यादि।

प्रश्न 11.
विचार का जन्म किस प्रकार हो सकता है ?
उत्तर:
विचार विभिन्न प्रकार से आ सकते हैं, जैसे-दिमागी हलचल, विपणन अनुसंधान, विभिन्न प्रकाशनों से सूचनाएँ प्राप्त करना, दूसरे साहसियों से सहायता लेना, प्रिय व्यापार द्वारा विचार प्राप्त करना, मनुष्यों से बात करना और उन्हें सुनना तथा दिवास्वप्न इत्यादि।

प्रश्न 12.
नियोजन की परिभाषा दें।
उत्तर:
नियोजन का अर्थ निर्धारित करना है कि क्या करना है, कैसे और कब करना है, किसे करना है तथा परिणामों का मूल्यांकन कैसे किया जाना है।

प्रश्न 13.
व्यवसाय का प्रवर्तन क्या है ?
उत्तर:
व्यवसाय के प्रवर्तन का तात्पर्य व्यवसाय का अधिक-से-अधिक विकास करने से है। वस्तुओं और सेवाओं की बिक्री और व्यवसाय का विकास करने के लिए विज्ञापन, नमूने, मेले, नुमाइशें प्रतिस्पर्धा और प्रदर्शन का सहारा लिया जाता है । इसी से व्यवसाय का प्रवर्तन होता है। परिणामस्वरूप व्यवसाय अपने लक्ष्य को प्राप्त करती है।

प्रश्न 14.
वातावरण का क्या महत्व है ?
उत्तर:
वातावरण का महत्व निम्न से है-

  • अवसर की खोज में
  • अस्तित्व बनाए रखने में
  • सफलता प्राप्त करने में।

प्रश्न 15.
विक्रय के बाद सेवा क्या है ?
उत्तर:
उपभोक्ता को संतुष्ट रखने के लिए वस्तु के विक्रय के बाद सेवा प्रदान की जाती है, जैसे-वस्तु पसंद न आने पर बदलने की सुविधा, मुफ्त मरम्मत, गारंटी देना आदि को विपणन के क्षेत्र के अन्तर्गत सम्मिलित किया जाता है।

प्रश्न 16.
संयत्र विन्यास क्या है ?
उत्तर:
संयत्र विन्यास का मुख्य उद्देश्य कार्यक्षमता में वृद्धि करना एवं उत्पादन प्रक्रिया को मितव्ययी बनाना होता है। एक सफल संयंत्र विन्यास वह है जिसमें कम-से-कम समय में सामग्री को विभिन्न संचालन चरणों में से होकर गुजरने की गति उत्पन्न करता है। संयंत्र विन्यास ऐसा होना चाहिए जो, श्रमिकों, मशीन, औजार एवं स्थान का सर्वोतम उपयोग निश्चित कर सके।

प्रश्न 17.
परियोजना पहचान क्या है ?
उत्तर:
एक साहसी के लिए परियोजना को पहचान करना एक कठिन कार्य है साहसी के पास अनेक विकल्प विद्यमान हैं उन विकल्पों के आधार पर ही साहसी परियोजना की पहचान करता है। दूसरे शब्दों में साहसी स्थान, वातावरण, तकनीक, कच्चा माल, संयंत्र और बाजार के आधार पर परियोजना की पहचान करता है।

प्रश्न 18.
गर्भावधि क्या है ?
उत्तर:
सामान्य बोलचाल की भाषा में गर्भावधि का अर्थ होता है वह समय जो प्रकट रूप में सामने नहीं रहती है, बल्कि समय गर्भ में रहता है। उद्यमवृत्ति में कारोबार के सिलसिले में कुल अवधि गर्भ में भी हो सकती है जिसकी जानकारी प्रकट रूप में सामने आती है।

प्रश्न 19.
अल्पकालीन पूर्वानुमान क्या है ?
उत्तर:
वैसा पूर्वानुमान जो बहुत कम समय में तथा बहुत कम समय के लिए लगाई जाती है, उसे अल्पकालीन पूर्वानुमान कहा जाता है। उद्यम या व्यवसाय वर्तमान में भविष्य के लिए पूर्वानुमान लगाकर उसी के अनुसार व्यापार या उद्यम की योजना बनाई जाती है उसी योजना के अनुसार व्यापार को संचालित किया जाता है और लाभ कमाने का उद्देश्य पूरा किया जाता है।

प्रश्न 20.
विस्तार परियोजना से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर:
विस्तार संबंधी परियोजनाओं के अन्तर्गत नवीन वस्तुओं का उत्पादन, नवीन उत्पादन की इकाइयों की स्थापना करना, वस्तुओं की उत्पादन क्षमता में वृद्धि करना आदि परियोजनाओं को सम्मिलित किया जाता है।

प्रश्न 21.
शुद्ध कार्यशील पूँजी कैसे ज्ञात की जाती है ?
उत्तर:
कार्यशील पूँजी से आशय शुद्ध कार्यशील पूँजी से है। यदि चालू सम्पत्तियों के योग से चालू दायित्व के योग को घटा दिया जाये तो जो शेष बचेगा वह शुद्ध कार्यशील पूँजी होगी।
शुद्ध कार्यशील पूँजी = चालू संपत्तियाँ – चालू दायित्व।

प्रश्न 22.
कोष प्रवाह विवरण क्या है ?
उत्तर:
कोष प्रवाह विवरण एक ऐसा विवरण है जिसमें धन के प्रवाह के स्रोतों को दिखाया जाता है। यह स्रोत कहाँ से आए और एक निश्चित अवधि में कहाँ उपयोग किए गए इसके बारे में जानकारी प्राप्त होती है। वास्तव में यह ऐसा विवरण है जो संपत्तियों और दायित्वों में परिवर्तन को स्पष्ट करता है।

प्रश्न 23.
शोधन क्षमता अनुपात क्या व्यक्त करता है ?
उत्तर:
शोधन क्षमता अनुपात से आशय किसी फर्म की उस क्षमता से है जिससे दीर्घकालीन ऋणों का भुगतान किया जाता है। सरल शब्दों में, संपत्ति में से दायित्वों के भुगतान करने की क्षमता को ही संस्था की शोधन क्षमता अनुपात कहते हैं।

प्रश्न 24.
विपणन की आधुनिक विचारधारा की कोई दो विशेषताएँ बताइए।
उत्तर:
आधुनिक बाजार विचारधारा की दो विशेषताएँ इस प्रकार हैं-

  • इसमें ग्राहकों की संतुष्टि पर अधिक बल दिया गया है।
  • विपणन में सम्पूर्ण व्यावसायिक क्रियाओं को सम्मिलित किया जाता है।

प्रश्न 25.
परियोजना चक्र के तत्व क्या हैं ?
उत्तर:
परियोजना चक्र के तत्व या अंग इस प्रकार हैं- (i) प्रवर्तकों का विवरण (ii) उद्यम का विवरण, (iii) आर्थिक जीवन योग्यता, (iv) तकनीकी सुविधाएँ, (v) वित्तीय सुविधाएँ, (vi) लाभदायकता विश्लेषण और (vii) संबंधित प्रपत्र, इत्यादि।

प्रश्न 26.
स्थायी और कार्यशील पूँजी में अंतर बताएँ।
उत्तर:
कार्यशील पूँजी एक ऐसी पूँजी है जिससे कच्चा माल को खरीदा जाता है और उत्पादन-कार्य में होने वाले खर्चों को पूरा किया जाता है। यह व्यवसाय के कार्यों को करने के लिए प्रयोग में लाया जाता है जबकि स्थायी पूँजी एक ऐसी पूँजी है जिससे भवन, फर्नीचर, मशीन, औजार तथा यातायात के साधन खरीदे जाते हैं जिन्हें लम्बी अवधि के लिए व्यवसाय में प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 27.
साहसिक पूँजी का क्या महत्व है ?
उत्तर:
जो व्यक्ति किसी नए व्यवसाय को शुरू करने का जोखिम उठाता है या साहस करता है उसे उद्यमी या साहसी कहते हैं। जब उस व्यवसाय को प्रारंभ करने में जो उद्यमी के द्वारा विनियोग के रूप में उद्योग या व्यापार में लगाया जाता है तो उसे उद्यमी या साहसिक पूँजी कहा जाता है।

प्रश्न 28.
परियोजना क्या है ?
उत्तर:
परियोजना अथवा प्रोजेक्ट से आशय पूँजी का विनियोग किसी ऐसे व्यावसायिक अवसरों में करने से है जिसमें लाभ की संभावनाएँ अधिक मात्रा में नजर आती है।

प्रश्न 29.
चालू अनुपात क्या है ?
उत्तर:
यह अनुपात चालू सम्पत्तियों एवं चालू दायित्वों के सम्बन्ध को बताता है। व्यवसाय को उस अनुपात में होना चाहिए कि वह चालू दायित्वों का भुगतान चालू-सम्पत्तियों से कर सके। इन चालू -दायित्वों का भुगतान करने के लिए स्थायी स्रोतों पर आश्रित नहीं होना चाहिए। इसे कार्यशील अनुपात भी कहते हैं।
Current Ratio = \(\frac{\text { Current Assets }}{\text { Current Liabilities }}\)

प्रश्न 30.
पूँजी गहन प्रौद्योगिकी क्या है ?
उत्तर:
पूँजी गहन तकनीक को ऐसी तकनीक के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जिसमें अपेक्षाकृत अधिक पूँजी मात्रा प्रयोग की जाती है जबकि श्रम की अल्प मात्रा प्रयुक्त होती है।

प्रश्न 31.
कोष क्या है ?
उत्तर:
कोष शब्द का आशय चालू सम्पत्तियों एवं चालू दायित्वों का अन्तर है
कोष = चालू-सम्पत्तियाँ – चालू दायित्व

प्रश्न 32.
तरलता अनुपात क्या है ?
उत्तर:
ये अनुपात किसी भी संस्था की शोधन क्षमता का पता लगाने के लिए प्रयोग किये जाते हैं। ये व्यवसाय की तरलता के मापदण्ड होते हैं। इन अनुपातों में प्रमुख अनुपात हैं- (i) चालू अनुपात अथवा कार्यशील पूँजी अनुपात तथा (ii) शीघ्र अनुपात।

प्रश्न 33.
विक्रय संवर्द्धन की परिभाषा दें।
उत्तर:
विक्रय संवर्द्धन का अभिप्राय उन सभी क्रियाओं से है जो विक्रय वृद्धि के लिए विज्ञापन, वैयक्तिक विक्रय एवं प्रचार के अतिरिक्त की जाती है।

अमरीकन विपणन परिवाद के वाक्यों में “व्यक्तिगत विक्रय, विज्ञापन एवं प्रसारण को छोड़ सभी विपणन क्रियाओं तथा प्रस्तुति एवं प्रदर्शनी एवं अन्य विक्रय प्रयास जो साधारतया न किए जाएँ जिनका उद्देश्य उपभोक्ता क्रम एवं दुकानदार प्रभाविकता को बढ़ावा देना हो, को विक्रय संर्वन कहते हैं।

प्रश्न 34.
क्या विक्रय एवं विपणन में अन्तर है ? ।
उत्तर:
हाँ, विक्रय और विपणन में अंतर है। विपणन बाजार का अभिन्न अंग है। बाजार वह स्थान है जहाँ विक्रेता एवं क्रेता अपने उत्पाद को मुद्रा (उसके विपरीत भी) के बदले विनिमय करने हेतु एकत्रित होते हैं। विपणन के अंतर्गत उत्पादन से. उपभोग तक की सभी क्रियाएँ सम्मिलित हैं। जबकि विक्रय का संबंध केवल वस्तु एवं सेवाओं की खरीद-बिक्री से है।

प्रश्न 35.
आधारभूत सेवाएँ क्या है ?
उत्तर:
आधारभूत सेवाओं से आशय शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, संचार आदि से है। इसमें सुधार कर मानवीय संसाधन की गुणवत्ता को सुधारा जाता है। मानवीय संसाधन उत्पादन का सक्रिय साधन है।

प्रश्न 36.
सूक्ष्म वातावरण क्या है ?
उत्तर:
सूक्ष्म वातावरण में उन शक्तियों का वर्णन होता है जिनसे कम्पनी के ग्राहकों को प्रभावित किया जाता है। यह शक्ति बाध्य होती है, लेकिन कम्पनी के बाजार व्यवस्था इसे प्रभावित करती है। इन शक्तियों से माल की पूर्ति देने वाले मध्यस्थ, प्रतियोगी, ग्राहक तथा जनता इत्यादि आते हैं।

प्रश्न 37.
एक उद्यम का चुनाव से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर:
जब एक उद्यमी या साहसी किसी नए उपक्रम की स्थापना करने के लिए जो विचार रखता है और उसी के अनुसार उपक्रम का चयन करता है तो उसको एक उद्यम का चुनाव करना कहा जाता है।

प्रश्न 38.
अवसर कितने प्रकार के होते हैं ?
उत्तर:
अवसर प्रमुख रूप से तीन प्रकार के होते हैं, जो इस प्रकार हैं- (i) आदत संबंधी अवसर (ii) पूरक अवसर (iii) रुकावट वाले अवसर।

प्रश्न 39.
विचार का चुनाव से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर:
जब साहसी या उद्यमी किसी नए उपक्रम को स्थापित करने का विचार मन में लाता है और इसके संबंध में चयन की प्रक्रिया अपनाता है तो इसे विचार का चुनाव कहा जाता है। उचित विचार का चयन करने से साहसी एक अच्छे नए उपक्रम की स्थापना कर सकता है और उसमें अधिक-से-अधिक लाभ अर्जित कर सकता है।

प्रश्न 40.
व्यावसायिक संगठन के तीन प्रमुख स्वरूप कौन-कौन हैं ?
उत्तर:
व्यावसायिक संगठन के तीन प्रमुख स्वरूप इस प्रकार हैं-

  • एकाकी व्यापार,
  • साझेदारी व्यवसाय,
  • संयुक्त पूँजी कम्पनी।

प्रश्न 41.
एकाकी व्यापार क्या है ?
उत्तर:
एकाकी व्यापार व्यावसायिक संगठन का एक ऐसा स्वरूप है जिसकी स्थापना एक ही व्यक्ति द्वारा पूँजी लगाकर की जाती है। एकाकी व्यापारी ही अपने व्यापार का अकेला मालिक होता है और वह अपने व्यवसाय का प्रबंध और संचालन करता है। वह स्वयं ही अपने व्यापार के लाभ-हानियों को ग्रहण करता है।

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