Bihar Board Class 12 Psychology Solutions Chapter 7 सामाजिक प्रभाव एवं समूह प्रक्रम

Bihar Board Class 12 Psychology Solutions Chapter 7 सामाजिक प्रभाव एवं समूह प्रक्रम Textbook Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 12 Psychology Solutions Chapter 7 सामाजिक प्रभाव एवं समूह प्रक्रम

Bihar Board Class 12 Psychology सामाजिक प्रभाव एवं समूह प्रक्रम Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
एक व्यक्ति की अनन्यता कैसे बनी है? अथवा, सामाजिक अनन्यता की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
सामाजिक अनन्यता हमारे अपने-संप्रत्यय का वह पक्ष है जो हमारी समूह सदस्यता पर आधारित है। सामाजिक अनन्यता हमें स्थापित करती है, अर्थात् एक बड़े सामाजिक सदर्भ में हमें यह बताती है कि हम क्या हैं और हमारी क्या स्थिति है तथा इस प्रकार समाज में हम कहाँ हैं इसको जानने में सहायता करती है। अपने विद्यालय के एक विद्यार्थी के रूप में छात्र की एक सामाजिक अनन्यता है। एकबार जब एक छात्र अपने विद्यालय के एक विद्यार्थी के रूप में एक अनन्यता स्थापित कर लेता है तो वह उन मूल्यों को आत्मसात् कर लेते हैं जिन पर उसके विद्यालय में बल दिया जाता है और उन मूल्यों को वह स्वयं बना लेते हैं। वह अपने विद्यालय में वाक्यों का पालन करने का पूरा प्रयास करता है।

सामाजिक अनन्यता सदस्यों को स्वयं के तथा उनके सामाजिक जगत के विषय में एक जैसे मूल्यों, विश्वासों तथा लक्ष्यों का एक संकलन (सेट) प्रदान करती है। एक बार जब कोई छात्र अपने विद्यालय के मूल्यों को आत्मसात् कर लेता है तो यह उनकी अभिवृत्तियों एवं व्यवहार के समन्वयन एवं नियमन में सहायता करता है। वह अपने विद्यालय को शहर राज्य के सर्वोत्तम विद्यालय बनाने के लिए कठिन परिश्रम करते हैं। जब हम अपने समूह के साथ एक दृढ़ अनन्यता विकसित कर लेते हैं तो अंत: समूह एवं बाह्य समूह का वर्गीकरण महत्त्वपूर्ण हो जाता है।

जिस समूह से हम अपना तादात्म्य रखते हैं वह अंतःसमूह बन जाता है और दूसरे समूह बाह्य समूह बन जाते हैं। इस अंतः समूह तथा बाह्य समूह वर्गीकरण का एक नकारात्मक पक्ष यह है कि हम बाह्य समूह की तुलना में अंतःसमूह का अधिक अनुकूल निर्धारण करते हुए अंत:समूह के प्रति पक्षपात का प्रदर्शन प्रारंभ कर देते हैं और बाह्य समूह का अवमूल्यन करने लगते हैं। अनेक अंतर-समूह द्वंद्वों का आधार बाह्य समूह का यह अवमूल्यन होता है।

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प्रश्न 2.
क्या आप किसी समूह के सदस्य हैं? वह क्या है जिसने आपको इस समूह में सम्मिलित होने के लिए अभिप्रेरित किया? इसकी विवेचना कीजिए। अथवा, व्यक्ति क्यों समूह में सम्मिलित होते हैं? व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी समूह का सदस्य होता है। हम अपने परिवार, कक्षा और उस समूह के सदस्य हैं जिनके साथ हम अंतःक्रिया करते हैं या खेलते हैं। इसी प्रकार किसी विशेष समय पर अन्य व्यक्ति भी अनेक समूहों के सदस्य होते हैं। अलग-अलग समूह भिन्न-भिन्न प्रकार की आवश्यकताओं को संतुष्ट करते हैं और इसलिए हम एक साथ अनेक समूहों के सदस्य होते।

यह कभी-कभी हम लोगों के साथ एक दबाव उत्पन्न करता है क्योंकि समूहों की प्रतिस्पर्धी प्रत्याशाएँ और माँगें हो सकती हैं। अधिकांश स्थितियों में हम ऐसी प्रतिस्पर्धी माँगों और प्रत्याशाओं को प्रबंधित करने में सक्षम होते हैं। लोग समूह में इसलिए सम्मिलित होते हैं क्योंकि ऐसे समूह अनेक आवश्यकताओं को संतुष्ट करते हैं। सामान्यतः लोग निम्न कारणों से समूह में सम्मिलित होते हैं –

1. सुरक्षा-जब हम अकेले होते हैं तो असुरक्षित अनुभव करते हैं। समूह इस असुरक्षा को कम करता है। व्यक्तियों के साथ रहना आराम की अनुभूति और संरक्षण प्रदान करता है परिणामस्वरूप लोग स्वयं को अधिक शक्तिशाली महसूस करते हैं और खतरों की संभावना हो जाती है।

2. प्रतिष्ठा या हैसियत-जब हम किसी ऐसे समूह के सदस्य होते हैं जो दूसरे लोगों द्वारा महत्त्वपूर्ण समझा जाता है तो हम सम्मानित महसूस करते हैं तथा शक्ति-बोध का अनुभव करते हैं। मान लीजिए कि किसी विद्यालय का छात्र किसी अंतर्विद्यालयी वाद-विवाद प्रतियोगिता का विजेता बन जाता है तो गर्व का अनुभव करता है और वह स्वयं को दूसरों से बेहतर समझता है।

3. आत्म-सम्मान-समूह आत्म-अर्ध अनूभूति देता है और एक सकारात्मक सामाजिक अनन्यता स्थापित करता है। एक प्रतिष्ठित समूह का सदस्य होना व्यक्ति की आत्म-धारणा या आत्म-संप्रत्यय को बढ़ावा देता है।

4. व्यक्ति की मनोवैज्ञानिक और सामाजिक आवश्यकताओं की संतुष्टि-समूह व्यक्ति की मनोवैज्ञानिक और सामाजिक आवश्यकताओ को संतुष्ट करते हैं जैसे-समूह के द्वारा आत्मीयता-भावना, ध्यान देना और पाना, प्रेम तथा शक्ति बोध का अनुभव प्राप्त करना।

5. लक्ष्य प्राप्ति-समूह ऐसे लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होता है जिन्हें व्यक्तिगत रूप से प्राप्त नहीं किया जा सकता है। बहुमत में शक्ति होती है।

6. ज्ञान और जानकारी या सूचना प्रदान करना-समूह सदस्यता हमें ज्ञान और जानकारी प्रदान करती है और हमारे दृष्टिकोण को विस्तृत करती है। संभव है कि वैयक्तिक रूप से हम सभी वांछित जानकारियों या सूचनाओं को प्राप्त न कर सकें। समूह इस प्रकार की जानकारी और ज्ञान की कमी को पूरा करता है।

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प्रश्न 3.
समूह निर्माण को समझने में टकमैन का अवस्था मॉडल किस प्रकार से सहायक है?
उत्तर:
टकमैन का अवस्था मॉडल-टकमैन (Tuckman) ने बताया है कि समूह पाँच विकासात्मक अनुक्रमों से गुजरता है। ये पाँच अनुक्रम हैं-निर्माण या आकृतिकरण, विप्लवन या झंझावात, प्रतिमान या मानक निर्माण, निष्पादन एवं समापन।

1. निर्माण की अवस्था-जब समूह के सदस्य पहली बार मिलते हैं तो समूह, लक्ष्य एवं लक्ष्य को प्राप्त करने के संबंध में अत्यधिक अनिश्चितता होती है। लोग एक-दूसरे को जानने का प्रत्यन करते हैं और वह मूल्यांकन करते हैं कि क्या वे समूह के लिए उपयुक्त रहेंगे। यहाँ उत्तेजना के साथ ही साथ भय होता है। इस अवस्था को निर्माण या आकृतिकरण की अवस्था (Forming stage) कहा जाता है।

2. विप्लवन की अवस्था-प्रायः इससे अवस्था के बाद अंतरा-समूह द्वंद्व की अवस्था होती है जिसे विप्लवन या झंझावात (Storming) की अवस्था कहा जाता है। इस अवस्था में समूह के सदस्यों के बीच इस बात को लेकर द्वंद्व चलता रहता है कि समूह के लक्ष्य को कैसे प्राप्त करना है, कौन समूह एवं उसके संसाधनों को नियंत्रित करनेवाला है और कौन क्या कार्य निष्पादित करनेवाला है। इस अवस्था के संपन्न होने के बाद समूह में नेतृत्व करने के लक्ष्य को कैसे प्राप्त करना है इसके लिए एक स्पष्ट दृष्टिकोण होता है।

3. प्रतिमान अवस्था-विप्लवन या झंझावात की अवस्था के बाद एक दूसरी अवस्था आती है जिसे प्रतिमान या मानक निर्माण (Norming) की अवस्था के नाम से जाना जाता है। इस अवधि में समूह के सदस्य समूह व्यवहार से संबंधित मानक विकसित करते हैं। यह एक सकारात्मक समूह अनन्यता के विकास का मार्ग प्रशस्त करता है।

4. निष्पादन-चतुर्थ अवस्था निष्पादन (Performing) की होती है। इस अवस्था तक समूह की संरचना विकसित हो चुकी होती है और समूह के सदस्य इसे स्वीकृत कर लेते हैं समूह लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में समूह अग्रसर होता है। कुछ समूहों के लिए विकास की अंतिम व्यवस्था हो सकती है।

5. समापन की अवस्था-तथापि समूहों के लिए जैसे-विद्यालय समारोह सदस्यता के लिए आयोजन समिति के संदर्भ में एक अन्य अवस्था हो सकती है जिसे समापन की अवस्था (Adjourning stage) के नाम से जाना जाता है। इस अवस्था में जब समूह का कार्य पूरा हो जाता है तब समूह भंग किया जा सकता है।

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प्रश्न 4.
अंतर-द्वंद्व की परिणातियों की पहचान कीजिए।
उत्तर:
ड्युश ने अंतर-समूह द्वंद्व के निम्नलिखित परिणतियों की पहचान की है –

  1. समूहों के बीच संप्रेषण खराब हो जाता है। समूह एक-दूसरे पर विश्वास नहीं करते हैं। जिसके कारण संप्रेषण भंग हो जाता है और एक-दूसरे के प्रति संदेह को उत्पन्न करता है।
  2. समूह अपने मतभेदों को बढ़ा-चढ़ाकर देखना प्रारंभ कर देते हैं और अपने व्यवहारों को उचित एवं दूसरों के व्यवहारों को अनुचित मानने लगते हैं।
  3. प्रत्येक पक्ष अपनी शक्ति एवं वैधता को बढ़ाने का प्रयास करता है। इसके परिणामस्वरूप कुछ छोटे-मोटे मुद्दों की ओर जाते हुए द्वंद्व बढ़ने लगता है।
  4. एक बार जब द्वंद्व प्रारंभ हो जाता है तो अनेक दूसरे कारक द्वंद्व को बढ़ाने लगते हैं। तः समूह मत का दृढ़ीकरण बाह्य समूह की ओर निर्देशित सुस्पष्ट धमकी, प्रत्येक समूह की काधिक बदला लेने की प्रवृत्ति और दूसरे पक्षों के द्वारा किसी का पक्ष लेने का निर्णय द्वंद्व गद्धि उत्पन्न करता है।

प्रश्न 5.
समूहों में सामाजिक स्वैराचार को कैसे कम किया जा सकता है? अपने विद्यालय में सामाजिक स्वैराचार की किन्हीं दो घटनाओं पर विचार कीजिए। आपने इसे कैसे दूर किया?
उत्तर:
सामाजिक स्वरौचार को निम्न के द्वारा कम किया जा सकता है –

  1. प्रत्येक सदस्य के प्रयासों को पहचानने योग्य बनाना।
  2. कठोर परिश्रम के लिए दबाव का बढ़ाना (सफल कार्य निष्पादन के लिए समूह सदस्यों को वचनबद्ध करना)।
  3. कार्य के प्रकट महत्त्व या मूल्य को बढ़ाना।
  4. लोगों को यह अनुभव कराना कि उनका व्यक्तिगत प्रयास महत्त्वपूर्ण है।
  5. समूह संतक्तता को प्रबल करना जो समूह के सफल परिणाम के लिए अभिप्रेरणा को बढ़ाता है।

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प्रश्न 6.
आप अपने व्यवहार में प्रायः सामाजिक अनुरूपता का प्रदर्शन कैसे करते हैं? सामाजिक अनुरूपता के कौन-कौन से निर्धारक हैं? अथवा, सामाजिक अनुरूपता पर एक टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
हम अपने व्यवहार में प्रायः सामाजिक अनुरूपता का प्रदर्शन निम्न तरीके से करते हैं –
ऐसा लगता है कि मानक के अनुसरण करने की प्रवृत्ति नैसर्गिक है और इसकी किसी विशेष व्याख्या की आवश्यकता नहीं है। इसके बावजूद हम जानना चाहते हैं कि क्यों इस प्रकार की प्रवृत्ति नैसर्गिक अथवा स्वतःस्फूर्त होती है।

1. मानक व्यवहार के नियमों के एक अलिखित तथा अनौपचारिक समुच्चय को निरूपित करता है जो एक समूह के सदस्यों को यह सूचना प्रदान करता है कि विशिष्ट स्थितियों में उनसे क्या अपेक्षित है। यह संपूर्ण स्थिति को स्पष्ट बना देते हैं और व्यक्ति तथा समूह दोनों को अधिक सुगमता से कार्य करने का अवसर प्रदान करता है।

2. सामान्यतया लोग असहजता का अनुभव करते हैं यदि उन्हें दूसरों से ‘भिन्न’ समझा जाता है। व्यवहार करने का वैसा तरीका जो व्यवहार के प्रत्याशित ढंग से भिन्न होता है, तो वह दूसरों के द्वारा अनुमोदन एवं नापसंदगी को उत्पन्न करता है जो सामाजिक दंड का एक रूप है। अनुसरण करना अनुमोदन का परिहार करने एवं अन्य लोगों से अनुमोदन प्राप्त करने का सरलतम तरीका है।

3. मानक को बहुसंख्यक के विचार एवं विश्वास को प्रतिबिंबित करनेवाला समझा जाता है। अधिकांश लोग मानते हैं कि बहुसंख्यक के गलत होने की तुलना में सही होने की संभावना अधिक होती है। इसके एक दृष्टांत को टेलीविजन पर दिखाई जानेवाली प्रश्नोत्तरी में प्राय: देखा जाता है। जब एक प्रतियोगी किसी प्रश्न का सही उत्तर नहीं जानता है तो वह दर्शकों की राय ले सकता है और प्रायः व्यक्ति उसी विकल्प को चुनता है जिसे बहुसंख्यक दर्शक चुनते हैं। इसी तर्क के आधार पर यह कहा जा सकता है कि लोग मानक के प्रति अनुरूपता का प्रदर्शन करते हैं क्योंकि वे मानते हैं कि बहुसंख्यक को सही होना चाहिए। अनुरूपता के निर्धारक।

4. समूह का आकार-अनुरूपता तब अधिक पाई जाती है जब समूह बड़े से अपेक्षाकृत छोटा है। छोटे समूह में विसामान्य सदस्य (वह जो अनुरूपता प्रदर्शित नहीं करता है) को पहचानना आसान होता है परंतु एक बड़े समूह में यदि अधिकांश सदस्यों के बीच प्रबल सहमति होती है तो यह बहुसंख्यक समूह को मजबूत बनाता है और इसलिए मानक भी सशक्त होते हैं। ऐसी स्थिति में अल्पसंख्यक सदस्यों के अनुरूपता प्रदर्शन की संभावना अधिक होती है क्योंकि समूह दबाव प्रबल होगा।

5. अल्पसंख्यक समूह का आकार-मान लीजिए कि रेखाओं के बारे में निर्णय के कुछ प्रयासों के बाद प्रयोज्य यह देखता है कि एक दूसरो सहभागी प्रयोज्य की अनुक्रिया से सहमति प्रदर्शित करना प्रारंभ कर देता है। क्या अब प्रयोज्य के अनुरूपता प्रदर्शन की संभावना अथवा विसामान्य अल्पसंख्यकों का आकार बढ़ा सकता है।

6. कार्य की प्रकृति-ऐश के प्रयोग में प्रयुक्त कार्य में ऐसे उत्तर की अपेक्षा की जाती है जिसका सत्यापन किया जा सकता है और वह गलत. अथवा सही हो सकता है। मान लीजिए कि प्रायोगिक कार्य में किसी विषय के बारे में मत प्रकट करना निहित है। ऐसी स्थिति में कोई भी उत्तर सही या गलत नहीं होता है। किस स्थिति में अनुरूपता के पाए जाने की संभावना अधिक है, पहली स्थिति जिसमें गलत या सही उत्तर की तरह कोई चीज हो अथवा दूसरी स्थिति जिसमें बिना किसी सही या गलत उत्तर के व्यापक रूप से बदले जा सकते हैं? संभव है कि सही अनुमान लगाया होगा; दूसरी स्थिति में अनुरूपता के पाए जाने की संभावना कम है।

7. व्यवहार की सार्वजनिक या व्यक्तिगत अभिव्यक्ति-ऐश की प्रविधि में समूह के सदस्यों को सार्वजनिक रूप से अपनी अनुक्रिया देने के लिए कहा जाता है अर्थात् सभी सदस्य जानते हैं कि किस व्यक्ति ने क्या अनुक्रिया दी है। यद्यपि, एक दूसरी स्थिति भी हो सकती है (उदाहरणार्थ, गुप्त मतपत्र द्वारा मतदान करना) जिसमें सदस्यों के व्यवहार व्यक्तिगत होते हैं (जिन्हें दूसरे लोग नहीं जानते हैं)। व्यक्तिगत अभिव्यक्ति में सार्वजनिक अभिव्यक्ति की तुलना में कम अनुरूपता पाई जाती है।

8. व्यक्तित्व-ऊपर वर्णित दशाएँ यह प्रदर्शित करती हैं कि कैसे स्थितिपरक विशेषताएँ प्रदर्शित अनुरूपता के निर्धारण में महत्वपूर्ण हैं। कुछ व्यक्तियों का व्यक्तित्व अनुरूपतापरक होता है। अधिकांश स्थितियों में दूसरे लोग जो कहते हैं या करते हैं उनके अनुसार अपने व्यवहार का परिवर्तित करने की ऐसे व्यक्तियों में एक प्रवृत्ति पाई जाती है।

इसके विपरीत कुछ ऐसे व्यक्ति होते है जो आत्मनिर्भर होते हैं और वे किसी विशिष्ट स्थिति में कैसे व्यवहार करना है इसके लिए किसी मानक की तलाश नहीं करते हैं। शोध यह प्रदर्शित करते हैं कि वैसे व्यक्ति जो उच्च बुद्धि
वाले होते हैं, जो स्वयं के बारे में विश्वस्त होते हैं, जो प्रबल रूप से प्रतिबद्ध होते हैं एवं जो उच्च आत्म-सम्मान वाले होते हैं उनमें अनुरूपता प्रदर्शित करने की संभावना कम होती है।

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प्रश्न 7.
लोग यह जानते हुए भी उनका व्यवहार दूसरों के लिए हानिकारक हो सकता है, वे क्यों आज्ञापालन करते हैं? व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
लोग आज्ञापालन निम्नलिखित कारणों से करते हैं –

  1. लोग इसलिए आज्ञापालन करते हैं क्योंकि वे अनुभव करते हैं कि वे स्वयं के क्रियाकलापों के लिए उत्तरदायी नहीं है, वे मात्र आप्त व्यक्तियों द्वारा निर्गत आदेशों का पालन कर रहे हैं।
  2. सामान्यता आप्त व्यक्तियों के पास प्रतिष्ठा का प्रतीक (जैसे-वर्दी, पद-नाम) होता जिसका विरोध करने में लोग कठिनाई का अनुभव करते हैं।
  3. आप्त व्यक्ति आदेशों को क्रमश: कम से अधिक कठिन स्तर तक बढ़ाते हैं और प्रारंभिक आज्ञापालन अनुसरणकर्ता को प्रतिबद्धता के लिए बाध्य करता है।
  4. एक बार जब कोई किसी छोटे आदेश का पालन कर देता है तो धीरे-धीरे यह आप्त व्यक्ति के प्रति प्रतिवद्धता को बढ़ाता है और व्यक्ति बड़ आदेशों का पालन करना प्रारंभ कर देता है।
  5. अनेक बार घटनाएँ शीघ्रता से बदलती रहती हैं, जैसे-दंगे की स्थिति में, कि एक व्यक्ति के पास विचार करने के लिए समय नहीं होता है, उसे मात्र ऊपर से मिलनेवाले आदेशों का पालन करना होता है।

प्रश्न 8.
सहयोग के क्या लाभ हैं?
उत्तर:
जब समूह किसी साझा लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक साथ कार्य करते हैं तो हम इसे सहयोग कहते हैं। सहयोगी स्थितियों में प्राप्त होनेवाले प्रतिफल सामूहिक पुरस्कार होते हैं न कि वैयक्तिक पुरस्कार। किसी समूह में सहयोगी लक्ष्य वह है जिसमें कोई व्यक्ति तभी लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है जब उसके समूह के अन्य व्यक्ति भी लक्ष्य को प्राप्त कर लें। उदाहरण के लिए, एक रिले रेस विजय टीम के सभी सदस्यों के सामूहित निष्पादन पर निर्भर करती है। यदि समूह में सहयोग होता है तो लोगों के बीच अधिक तालमेल होती है, एक-दूसरे के विचारों के लिए अधिक स्वीकृतिक होती है, जहाँ सहयोग होता है वहाँ लोगों के अधिक मित्रवत होते हैं तो वह व्यक्ति भी हमारी सहायता करता है।

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प्रश्न 9.
औपचारिक एवं अनौपचारिक समूह में विभेद करें।
उत्तर:
औपचारिक एवं अनौपचारिक समूह उस मात्रा में भिन्न होते हैं जिस मात्रा में समूह के प्रकार्य स्पष्ट एवं औपचारिक रूप से घोषित किए जाते हैं। एक औपचारिक समूह जैसे-किसी कार्यालय संगठन के प्रकार्य स्पष्ट रूप से घोषित किए जाते हैं। एक औपचारिक समूह, जैसे-किसी कार्यालय संगठन के प्रकार्य स्पष्ट रूप से घोषित होते हैं। समूह के सदस्यों द्वारा निष्पादित की जानेवाली भूमिकाएँ स्पष्ट रूप से घोषित होती हैं।

औपचारिक तथा अनौपचारिक समूह संरचना के आधार पर एक-दूसरे से भिन्न होते हैं। औपचारिक समूह का निर्माण कुछ विशिष्ट नियमों या विधि पर आधारित होता है और सदस्यों की सुनिश्चित भूमिकाएँ होती हैं। औपचारिक समूह में मानकों का एक समुच्चय होता है जो व्यवस्था स्थापित करने में सहायक होता है। कोई भी विश्वविद्यालय एक औपचारिक समूह का उदाहरण है। दूसरी तरफ अनौपचारिक समूहों का निर्माण नियमों या विधि पर आधारित नहीं होता है और इस समूह के सदस्यों में घनिष्ठ संबंध होता है।

प्रश्न 10.
अंतर-समूह द्वंद्व के कुछ कारण क्या हैं? किसी अंतर्राष्ट्रीय संघर्ष पर विचार कीजिए। इस संघर्ष की मानवीय कीमत पर विचार कीजिए।
उत्तर:
अंतरसमूह द्वंद्व के कुछ मुख्य कारण निम्नांकित हैं –
1. दोनों पक्षों में संप्रेषण का अभाव एवं दोषपूर्ण द्वंद्व का एक प्रमुख कारण है। इस प्रकार का संपेषण संदेह अर्थात् विश्वास के अभाव को उत्पन्न करता है। इसके परिणामस्वरूप द्वंद्व उत्पन्न होता है।

2. सापेक्ष वंचन अंतर समूह द्वंद्व का एक दूसरा कारण है। यह तब उत्पन्न होता है जब एक समूह के सदस्य स्वयं की तुलना दूसरे समूह के सदस्यों से करते हैं और यह अनुभव करते हैं कि वे जो चाहते हैं वह उनके पास नहीं परंतु दूसरे समूह के पास है। दूसरे शब्दों में, वे यह अनुभव करते हैं कि वे दूसरे समूह की तुलना में अच्छा नहीं कर पा रहे हैं। यह वचन एवं असंतोष की भावनाओं को उत्पन्न करता है जो द्वंद्व को उद्दीपन कर सकते हैं।

3. द्वंद्व का एक दूसरा कारण किसी एक पक्ष का यह विश्वास होता है कि एक पक्ष दूसरे से बेहतर हैं और वे जो कुछ कह रहे हैं उसे होना चाहिए। जब यह नहीं होता है तो दोनों पक्ष एक-दूसरे पर दोषारोपण करने लगते हैं। बहुत छोटे से मतभेद या विवाद का बढ़ा-चढ़ाकर देखने की एक प्रवृत्ति को प्राय: देखा जा सकता है, जिसके कारण द्वंद्व बढ़ जाता है क्योंकि प्रत्येक सदस्य अपने समूह के मानकों का आदर करना चाहता है।

4. यह भावना कि दूसरा समूह मेरे समूह के मानकों का आदर नहीं करता है और अपकारी या द्वेषपूर्ण आशय के कारण वास्तव में इन मानकों का उल्लंघन करता है।

5. पूर्व में की गई किसी क्षति का बदला लेने की इच्छा भी द्वंद्व का एक कारण हो सकती है।

6. पूर्वाग्रही प्रत्यक्षण अधिकांश द्वंद्व के मूल या जड़ में होते हैं। जैसा कि पहले ही कहा जा चुका है कि ‘वे’ एवं ‘हम’ की भावनाएँ पूर्वाग्रही प्रत्यक्षण को जन्म देती हैं।

7. शोध कार्यों ने यह प्रदर्शित किया है कि अकेले की अपेक्षा समूह में कार्य करते समय लोग अधिक प्रतिस्पर्धी एवं आक्रामक होते हैं। समूह दुर्लभ संसाधनों, दोनों ही प्रकार के संसाधनों भौतिक, जैसे-भू-भाग या क्षेत्र एवं धन एवं सामाजिक; जैसे-आदर और सम्मान के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं।

8. प्रत्यक्षित असमता द्वंद्व का एक दूसरा कारण है। समता व्यक्ति के योगदान के अनुपात में लाभों या प्रतिफलों के वितरण को बताता है।

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प्रश्न 11.
समूह हमारे व्यवहार को किस प्रकार से प्रभावित करते हैं? अथवा, सामाजिक प्रभाव पर एक संक्षिप्त नोट लिखिए।
उत्तर:
समूह एवं व्यक्ति हमारे व्यवहार को प्रभावित करते हैं। यह प्रभाव हम लोगों को अपने व्यवहार को एक विशिष्ट दिशा में परिवर्तित करने के लिए बाध्य कर सकता है। सामाजिक प्रभाव उन प्रक्रमों को इंगित करता है जिसके द्वारा हमारे व्यवहार एवं अभिवृत्तियाँ दूसरे लोगों को काल्पनिक या वास्तविक उपस्थिति से प्रभावित होते हैं। दिन भर में हम अनेक ऐसी स्थितियों का सामना कर सकते हैं जिसमें दूसरों ने हमें प्रभावित करने का प्रयास किया हो और हमें उस तरीके से सोचने को विवश किया हो जैसा वे चाहते हैं।

माता-पिता, अध्यापक, मित्र रेडियो तथा टेलीविजन करते हैं। सामाजिक प्रभाव हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग है। कुछ स्थितियों का सामना कर सकते हैं जिसमें दूसरों ने हमें प्रभावित करने का प्रयास किया हो और हमें उस तरीके से सोचने को विवश किया हो जैसे वे चाहते हैं। कुछ स्थितियों में लोगों पर सामाजिक प्रभाव बहुत अधिक प्रबल होता है जिसके परिणामस्वरूप हम लोग उस प्रकार के कार्य करने की ओर प्रवृत्त होते हैं जो हम दूसरी स्थितियों में नहीं करते। दूसरे अवसरों पर हम दूसरे लोगों के प्रभाव को नकारने में समर्थ होते हैं और यहाँ तक कि हम उन लोगों का अपने विचार या दृष्टिकोण को अपनाने के लिए अपना प्रभाव डालते हैं।

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अति लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
क्या कोई व्यक्ति आत्म-सम्मान के लिए भी किसी समूह में सम्मिलित हो सकता है? क्यों?
उत्तर:
हाँ, समूह आत्म-अर्ध की अनुभूति देता है और एक सकारात्मक सामाजिक अनन्यता – स्थापित करता है। एक प्रतिष्ठित समूह का सदस्य होना व्यक्ति की आत्म-धारणा या आत्म-संप्रत्यय हो बढ़ावा देता है।

प्रश्न 2.
समूह को किन-किन अवस्थाओं से गुजरना पड़ता है?
उत्तर:
समूह को सामान्यतया निर्माण, द्वंद्व स्थायीकरण, निष्पादन और निष्काषण/अस्वीकरण की विभिन्न अवस्थाओं से होकर गुजरना पड़ता है।

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प्रश्न 3.
समूह जिन विकासात्मक अनुक्रमों से गुजरता है, उनको लिखिए।
उत्तर:
समूह निम्नलिखित पाँच विकासात्मक अनुक्रमों से गुजरता है। निर्माण, विप्लवन, प्रतिमान, निष्पादन और समापन।

प्रश्न 4.
समूह की आकृतिकरण की अवस्था क्या है?
उत्तर:
जब समूह के सदस्य पहली बार मिलते हैं तो समूह, लक्ष्य एवं लक्ष्य को प्राप्त करने के संबंध में अत्यधिक अनिश्चित होती है। लोग एक-दूसरे को जानने का प्रयत्न करते हैं और यह मूल्यांकन करते हैं कि क्या वे समूह के लिए उपयुक्त रहेंगे। यहाँ उत्तेजना के साथ ही साथ भय भी होता है। इस अवस्था को निर्माण या आकृतिकरण की अवस्था कहा जाता है।

प्रश्न 5.
समूह की विप्लवन अवस्था क्या है?
उत्तर:
समूह की विप्लवन अवस्था में समूह के सदस्यों के बीच इस बात को लेकर द्वंद्व चलता रहता है कि समूह के लक्ष्य को कैसे प्राप्त करना है, कौन समूह एवं उसके संसाधनों को नियंत्रित करनेवाला है और कौन या कार्य निष्पादित करनेवाला है।

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प्रश्न 6.
समूह संरचना कंब विकसित होती है?
उत्तर:
समूह संरचना तब विकसित होती है जब सदस्य परस्पर अंत:क्रिया करते हैं।

प्रश्न 7.
समूह संरचना के चार घटक कौन-कौन-से हैं?
उत्तर:
समूह संरचना के चार घटक हैं-भूमिकाएँ, प्रतिमान, प्रतिष्ठा एवं संसक्तता।

प्रश्न 8.
भूमिकाएँ किस व्यवहार को इंगित करती हैं?
उत्तर:
भूमिकाएँ वैसे विशिष्ट व्यवहार को इंगित करती हैं जो व्यक्ति को एक दिए गए सामाजिक संदर्भ में चित्रित करती है।

प्रश्न 9.
प्रतिमान क्या है?
उत्तर:
प्रतिमान या मानक समूह के सदस्यों द्वारा स्थापित समर्थित एवं प्रवर्तित व्यवहार एवं विश्वास के अपेक्षित मानदंड होते हैं।

प्रश्न 10.
प्राथमिक समूह किसे कहते हैं?
उत्तर:
प्राथमिक समूह पूर्व-विद्यमान निर्माण होते हैं जो प्रायः व्यक्ति को प्रदत्त किया जाता है।

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प्रश्न 11.
प्राथमिक समूह के उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
परिवार, जाति एवं धर्म प्राथमिक समूह के उदाहरण हैं।

प्रश्न 12.
प्राथमिक समूह की क्या विशेषताएँ होती हैं?
उत्तर:
प्राथमिक समूह में मुखोन्मुख’अंत:क्रिया होती है सदस्यों में घनिष्ठ शारीरिक सामीप्य होता है और उनमें एक उत्साहपूर्ण सांवेगिक बंधन पाया जाता है।

प्रश्न 13.
सापेक्ष पंचन कब उत्पन्न होता है?
उत्तर:
सापेक्ष पंचन तब उत्पन्न होता है जब एक समूह के सदस्य स्वयं की तुलना दूसरे समूह के सदस्यों से करते हैं और यह अनुभव करते हैं कि वे जो चाहते हैं वह उनके पास नहीं हैं परंतु वहं दूसरे समूह के पास है।

प्रश्न 14.
औपचारिक समूह का निर्माण कैसे होता है?
उत्तर:
औपचारिक समूह का निर्माण कुछ विशिष्ट नियमों या विधि पर आधारित होती है और सदस्यों की सुनिश्चित भूमिकाएं होती हैं।

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प्रश्न 15.
औपचारिक समूह का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
कोई विश्वविद्यालय औपचारिक समूह का उदाहरण है।

प्रश्न 16.
औपचारिक समूहों में सदस्यों में किस प्रकार का संबंध होता है?
उत्तर:
औपचारिक समूहों में सदस्यों में घनिष्ट संबंध होता है।

प्रश्न 17.
अंतःसमूह और बाह्य समूह के बीच एक अंतर को लिखिए।
उत्तर:
अंत: समूह स्वयं के समूह को इंगित करता है और बाह्य समूह दूसरे को इंगित करता है।

प्रश्न 18.
सामाजिक सुकरीकरण क्या है?
उत्तर:
दूसरे की उपस्थिति में एक व्यक्ति का अकेले किसी कार्य पर निष्पादन करना सामाजिक सुकरीकरण कहलाता है।

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प्रश्न 19.
सामाजिक स्वैराचार क्या है?
उत्तर:
एक बड़े समूह के अंग के रूप में दूसरे व्यक्तियों के साथ एक व्यक्ति का किसी कार्य पर निष्यादन करने सामाजिक स्वैराचार कहलाता है।

प्रश्न 20.
समूह ध्रुवीकरण किसे कहते हैं?
उत्तर:
समूह में अंत:क्रिया और विचार-विमर्श के परिणामस्वरूप समूह की प्रारंभिक स्थिति की प्रबलता या मजबूती को समूह ध्रुवीकरण कहा जाता है।

प्रश्न 21.
सामाजिक प्रभाव किन प्रक्रमों को इंगित करता है?
उत्तर:
सामाजिक प्रभाव उन प्रक्रमों को इंगित करता है जिसके द्वारा हमारे व्यवहार एवं अभिवृत्तियाँ दूसरे लोगों को काल्पनिक या वास्तविक उपस्थिति से प्रभावित होते हैं।

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प्रश्न 22.
अनुरूपता का क्या अर्थ है?
उत्तर:
अनुरूपता का अर्थ समूह प्रतिमान या मानक अर्थात् समूह के अन्य सदस्यों की प्रत्याशाओं के अनुसार व्यवहार करने से है।

प्रश्न 23.
विसामान्य कौन होते हैं?
उत्तर:
वे लोग जो अनुरूपता नहीं प्रदर्शित करते हैं, उन्हें विसामान्य या अननुपंथी कहा जाता है।

प्रश्न 24.
तीन प्रकार के सामाजिक प्रभाव कौन-कौन हैं?
उत्तर:
तीन प्रकार के सामाजिक प्रभाव हैं-अनुपालन, तादात्मीकरण और अंतरिकीकरण।

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प्रश्न 25.
अनुपालन क्या है?
उत्तर:
अनुपालन में ऐसी बाह्य स्थितियाँ होती हैं जो व्यक्ति को अन्य महत्त्वपूर्ण व्यक्तियों के प्रभाव को स्वीकार करने के लिए बाध्य करती हैं।

प्रश्न 26.
आज्ञापालन की एक विभेदनीय विशेषता को लिखिए।
उत्तर:
आज्ञापालन की एक विभेदनीय विशेषता यह है कि आप्त व्यक्तियों के प्रति की गई अनुक्रिया होती है।

प्रश्न 27.
हम अनुरूपता का प्रदर्शन क्यों करते हैं?
उत्तर:
हम इसलिए अनुरूपता का प्रदर्शन करते हैं क्योंकि हम समूह मानक से विसामान्य नहीं होना चाहते हैं।

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प्रश्न 28.
अनुरूपता पर अग्रगमन प्रयोग किसने किया था?
उत्तर:
अनुरूपता पर अग्रगमन प्रयोग शेरिफ एवं ऐश के द्वारा किया गया था।

प्रश्न 29.
अनुरूपता किस स्थिति में अधिक पाई जाती है?
उत्तर:
अनुरूपता तब अधिक पाई जाती है जब समूह बड़े से अपेक्षाकृत छोटा होता है।

प्रश्न 30.
अनुपालन क्या है?
उत्तर:
अनुपालन मानक की अनुपस्थिति में भी मात्र दूसरे व्यक्ति या समूह के अनुरोध के प्रत्युत्तर में व्यवहार करने को इंगित करता है।

प्रश्न 31.
अनुपालन का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
किसी विक्रेता के हमारे घर पर आने पर जिस प्रकार का व्यवहार प्रदर्शित किया जाता है वह अनुपालन का एक अच्छा उदाहरण है।

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प्रश्न 32.
आज्ञापालन को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
जब अनुपालन किसी ऐसे अनुदेश या आदेश के प्रति प्रदर्शित किया जाता है जो किसी आप्त व्यक्ति, जैसे–माता-पिता, अध्यापक या पुलिसकर्मी के द्वारा निर्गत होता है तब इस व्यवहार को आज्ञापालन कहा जाता है।

प्रश्न 33.
सहयोग किसे कहते हैं?
उत्तर:
जब समूह किसी साझा लक्ष्य को प्राप्त करने लिए एक साथ कार्य करते हैं तो इसे सहयोग कहा जाता है।

प्रश्न 34.
प्रतिस्पर्धी लक्ष्य किस प्रकार से निर्धारित किए जाते हैं?
उत्तर:
प्रतिस्पर्धी लक्ष्य इस प्रकार से निर्धारित किए जाते हैं कि कोई व्यक्ति अपना लक्ष्य केवल तब प्राप्त कर सकता है जब अन्य लोग अपने लक्ष्य को प्राप्त न कर पाएँ।

प्रश्न 35.
सहयोगी पारितोषिक संरचना क्या है?
उत्तर:
सहयोगी पारितोषिक संरचना वह है जिसमें प्रोत्साहक परस्पर निर्भरता पाई जाती है।

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प्रश्न 36.
प्रतिस्पर्धी परितोषिक संरचना क्या है?
उत्तर:
प्रतिस्पर्धी पारितोषिक संरचना वह है जिसमें कोई व्यक्ति तभी पुरस्कार प्राप्त कर सकता है जब दूसरे व्यक्ति पुरस्कार नहीं पाते हैं।

प्रश्न 37.
परस्परता का क्या अर्थ है?
उत्तर:
परस्परता का अर्थ यह है कि लोग जिस चीज को प्राप्त करते हैं उसे लौटाने में कृतज्ञता को अनुभव करते हैं।

प्रश्न 38.
प्रतिस्पर्धा भी अधिक प्रतिस्पर्धा को उत्पन्न कर सकती है। इसका एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
यदि कोई हमारी सहायता करता है तो हम उस व्यक्ति की सहायता करना चाहते हैं, दूसरी ओर, यदि कोई व्यक्ति जब हमें सहायता की आवश्यकता होती है तब हमें सहायता करने से मना कर देता है तो हम भी उस व्यक्ति की सहायता नहीं करना चाहते हैं।

प्रश्न 39.
सामाजिक अनन्यता से आपका क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
सामाजिक अनन्यता हमारे आत्म-संप्रत्यय का वह पक्ष है जो हमारी समूह सदस्यता पर आधारित है। सामाजिक अनन्यता हमें स्थापित करती है अर्थात् एक बड़े सामाजिक संदर्भ में हमें यह बताती है कि हम क्या हैं और हमारी क्या स्थिति है तथा इस प्रकार समाज में हम कहाँ हैं इसको जानने में सहायता करती है।

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प्रश्न 40.
द्वंद्व क्या है?
उत्तर:
द्वंद्व एक ऐसा प्रक्रम है जिसमें एक व्यक्ति या समूह यह प्रत्यक्षण करते हैं कि दूसरे (व्यक्ति या समूह) उनके विरोधी हितों को रखते हैं और दोनों पक्ष एक-दूसरे को खंडन करने का प्रयास करते रहते हैं।

प्रश्न 41.
समूह को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
समूह दो या दो से अधिक व्यक्तियों की एक संगठित व्यवस्था है, जो एक-दूसरे से अंत:क्रिया करते हैं एवं परस्पर-निर्भर होते हैं, जिनकी एक जैसे अभिप्रेरणाएं होती हैं, सदस्यों के बीच निर्धारित भूमिका संबंध होता है और सदस्यों के व्यवहार को नियमित या नियंत्रित करने के लिए प्रतिमान या मानक होते हैं।

प्रश्न 42.
एक उदाहरण देकर बताइए कि समूह में एक व्यक्ति द्वारा किया गया कार्य दूसरों के लिए कुछ परिणाम उत्पन्न कर सकता है।
उत्तर:
क्रिकेट के खेल में एक खिलाड़ी कोई महत्त्वपूर्ण कैच छोड़ देता है तो इसका प्रभाव संपूर्ण टीम पर पड़ेगा।

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प्रश्न 43.
समूह की एक विशेषता लिखिए।
उत्तर:
समूह ऐसे व्यक्तियों का एक समुच्चय है जिसमें सभी की एक जैसी अभिप्रेरणाएँ एवं लक्ष्य होते हैं। समूह निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने या समूह को किसी खतरे से दूर करने के लिए कार्य करते हैं।

प्रश्न 44.
भीड़ की विशेषता क्या होती है?
उत्तर:
भीड़ में न कोई संरचना होती है और न ही आत्मीयता की भावना होती है। भीड़ में लोगों का व्यवहार अविवेकी होता है और सदस्यों के बीच परस्पर निर्भरता भी नहीं होती है।

प्रश्न 45.
किसी दल की क्या विशेषता होती है?
उत्तर:
दल के सदस्यों में प्रायः पूरक कौशल होते हैं और वे एक समान लक्ष्य या उद्देश्य के प्रति प्रतिबद्ध होते हैं।

प्रश्न 46.
कोई व्यक्ति समूह में क्यों सम्मिलित होता है? उत्तर-व्यक्ति अपनी सुरक्षा कारण से समूह में सम्मिलित हो सकता है।

लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
समूह को परिभाषित कीजिए। समूह और भीड़ में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
समूह दो या दो से अधिक व्यक्तियों की एक संगठित व्यवस्था है जो एक-दूसरे से अंत:क्रिया करते हैं एवं परस्पर निर्भर होते हैं जिनकी एक जैसे अभिप्रेरणाएं होती हैं, सदस्यों के बीच निर्धारित भूमिका संबंध होता है और सदस्यों के व्यवहार को नियमित या नियंत्रित करने लिए प्रतिमान होते हैं। समूह और भीड़ में अंतर-भीड़ (Crowd) भी व्यक्तियों का एक समूहन या एकत्रीकरण है जिसमें लोग एक स्थान या स्थिति में संयोगवश उपस्थित रहते हैं। कोई व्यक्ति सड़क पर कहीं जा रहा है और कोई दुर्घटना घटित हो जाती है। शीघ्र ही बड़ी संख्या में लोग वहाँ एकत्र हो जाते हैं। यह भीड़ का एक उदाहरण है। भीड़ में न तो कोई संरचना होती है और न ही आत्मीयता की भावना होती है। भीड़ में लोगों का व्यवहार अविवेकी होता है और सदस्यों के बीच परस्पर-निर्भरता भी नहीं होती है।

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प्रश्न 2.
दल की क्या विशेषताएं होती हैं? यह समूह से किस प्रकार भिन्न होता है?
उत्तर:
टीम या दल (Team)समूहों के विशेष प्रकार होते हैं। दल के सदस्यों में प्रायः पूरक कौशल होते हैं और वे समान लक्ष्य या उद्देश्य के प्रति प्रतिबद्ध होते हैं। सदस्य अपने क्रियाकलापों के लिए परस्पर उत्तरदायी होते हैं। दलों में सदस्यों के समन्वित प्रयासों के द्वारा एक सकारात्मक सह-क्रिया प्राप्त की जाती है। समूहों और दलों के बीच निम्न मुख्य अंतर है –

  1. समूह में सदस्यों के व्यक्तिगत योगदानों पर निष्पादन आश्रित रहता है। दल में व्यक्तिगत योगदान एवं दल-कार्य या टीम-कार्य दोनों ही महत्त्व रखते हैं।
  2. समूह में नेता या समूह का मुखिया कार्य की जिम्मेवारी सँभालता है, जबकि दल में यद्यपि एक नेता होता है फिर भी सभी सदस्य स्वयं पर ही जिम्मेवारी लेते हैं।

प्रश्न 3.
समानता किस प्रकार समूह निर्माण को सुगम बनाती है? संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर:
समानता – किसी के साथ कुछ समय तक रहने पर हमे अपने समानताओं के मूल्यांकन का अवसर प्राप्त होता है, जो समूह के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करता है। हम ऐसे लोगों को क्यों पसंद करते हैं जो हमारी तरह या हमारे समान होते हैं? व्याख्या यह है कि व्यक्ति संगति पसंद करता है और ऐसे संबंधों को पसंद करता है जो संगत हों। जब दो व्यक्ति एक जैसे होते हैं तो वहाँ संगति होती है और दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगते हैं। उदाहरण के लिए, एक छात्र फुटबॉल खेलना पसंद करता और उसी कक्षा का एक अन्य छात्र को भी फुटबॉल का खेल प्रिय है।

इस स्थिति में इस दोनों की अभिरुचियाँ मेल खाती हैं। उन दोनों के मित्र बन जाने की संभावना उच्च है। मनोवैज्ञानिकों ने जो दूसरी व्याख्या प्रस्तुत की है वह यह है कि जब हम अपने जैसे व्यक्तियों से मिलते हैं तो वे हमारे मत और मूल्यों को प्रबलित करते हैं और उन्हें वैधता या मान्यता प्रदान करते हैं। हमे अनुभव होता है कि हम सही हैं और हम उन्हें पसंद करने लगते हैं। यदि कोई व्यक्ति इस मत का है कि बहुत अधिक टेलीविजन देखना अच्छा नहीं होता है क्योंकि इसमें बहुत अधिक हिंसा को दिखाया जाता है। वह किसी ऐसे व्यक्ति से मिलता है जिसका मत उसके समान होता है। इससे उसके मत को मान्यता मिलती है और वह उस व्यक्ति को पसंद करने लगता है जो उसके मत को मान्यता प्रदान करने में सहायक था।

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प्रश्न 4.
प्राथमिक तथा द्वितीयक समूह में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
प्राथमिक तथा द्वितीयक समूह में अंतर-प्राथमिक एवं द्वितीयक समूह के मध्य एक प्रमुख अंतर यह है कि प्राथमिक समूह पूर्व-विद्यमान निर्माण होते हैं जो प्रायः व्यक्ति को प्रदत्त किया जाता है जबकि द्वितीयक समूह वे होते हैं जिसमें व्यक्ति अपने पसंद से जुड़ता है। अतः परिवार, जाति एवं धर्म प्राथमिक समूह हैं जबकि राजनीतिक दल की सदस्यता द्वितीयक समूह का उदाहरण है। प्राथमिक समूह में मुखोन्मुख अंत:क्रिया होती है, सदस्यों में घनिष्ठ शारीरिक सामीप्य होता है और उनमें एक उत्साहपूर्वक सांवेगिक बंधन पाया जाता है। प्राथमिक समूह व्यक्ति के प्रकार्यों के लिए महत्त्वपूर्ण होते हैं और विकास की आरंभिक अवस्थाओं में व्यक्ति के मूल्य एवं

आदर्श के विकास में इनकी बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। इसके विपरीत, द्वितीयक समूह वे होते हैं जहाँ सदस्यों में संबंध अधिक निर्वयक्तिक, अप्रत्यक्ष एवं कम आवृत्ति वाले होते हैं। जहाँ सदस्यों में संबंध अधिक निर्वैयक्तिक, अप्रत्यक्ष एवं कम आवृत्ति वाले होते हैं। प्राथमिक समूह में सीमाएँ कम पारगम्य होती हैं अर्थात् सदस्यों के पास इसकी सदस्यता वरण या चरण करने का विकल्प नहीं रहता है विशेष रूप से द्वितीयक समूह की तुलना में जहाँ इसकी सदस्यता को छोड़ना और दूसरे समूह से जुड़ना आसान होता है।

प्रश्न 5.
सामाजिक स्वैराचार क्यों उत्पन्न होता है? समझाइए।
उत्तर:
सामाजिक स्वैराचार निम्नलिखित कारणों से उत्पन्न होता है –

  1. समूह के सदस्य निष्पादित किए जानेवाले संपूर्ण कार्य के प्रति कम उत्तरदायित्व का अनुभव करते हैं और इस कारण वे कम प्रयास करते हैं।
  2. सदस्यों की अभिप्रेरणा कम हो जाती है क्योंकि वे अनुभव करते हैं कि उनके योगदान का मूल्यांकन व्यक्तिगत स्तर पर नहीं किया जाएगा।
  3. समूह के निष्पादन की तुलना किसी दूसरे समूह से नहीं की जाती है।
  4. सदस्यों के बीच अनुपयुक्त समन्वयन होता है (या समन्वय नहीं होता है)।
  5. सदस्यों के लिए उसी समूह की सदस्यता आवश्यक नहीं होती है। यह मात्र व्यक्तियों का एक समुच्चयन या समूहन होता है।

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प्रश्न 6.
समूह ध्रुवीकरण क्या है? समूह ध्रुवीकरण क्यों उत्पन्न होता है? एक उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर:
समूह में अंत: क्रिया और विचार-विमर्श के परिणामस्वरूप समूह की प्रारंभिक स्थिति की प्रबलता को समूह ध्रुवीकरण कहा जाता है। समूह ध्रुवीकरण क्यों उत्पन्न होता है इसे निम्नलिखित उदाहरण द्वारा समझा जा सकता है-क्या मृत्युदंड का प्रावधान होना चाहिए। यदि व्यक्ति जघन्य अपराध के लिए मृत्युदंड के पक्ष में है और यदि वह इस मुद्दे पर किसी समान विचार रखनेवाले व्यक्ति से परिचर्चा कर रहा है तो उसका क्या होगा? इस अंतःक्रिया के बाद उसका विचार और अधिक दृढ़ हो सकता है। इस दृढ़ धारणा के निम्नलिखित तीन कारण हैं –

  1. समान विचार रखने वाले व्यक्ति की गति में उसके दृष्टिकोण को समर्थित करनेवाले नए तर्क को सुनने की संभवना रहती है। यह उसे मृत्युदंड के प्रति अधिक पक्षधर बनाएगा।
  2. जब वह यह देखता है कि अन्य लोग भी मृत्युदंड के पक्ष में हैं तो वह यह अनुभव करता है कि यह दृष्टिकोण या विचार जनता के द्वारा वैधीकृत की जा रही है। यह एक प्रकार का अनुरूपता प्रभाव (Bandwagon effect) है।
  3. जब वह समान विचार रखनेवाले व्यक्तियों को देखता है तो संभव है कि वह उन्हें अंत:समूह के रूप में देखे। वह समूह के साथ तादात्म्य स्थापित करना प्रारंभ कर देता है, अनुरूपता का प्रदर्शन आरंभ कर देता है और जिसके परिणमास्वरूप उसके विचार दृढ़ हो जाते हैं।

प्रश्न 7.
अनुरूपता, अनुपालन तथा अज्ञापालन में क्या अंतर है?
उत्तर:
अनुरूपता, अनुपालन तथा आज्ञापालन में अंतर-ये तीनों एक व्यक्ति के व्यवहार पर दूसरों के प्रभाव को निर्दिष्ट करते हैं। आज्ञापालन सामाजिक प्रभाव का सबसे प्रत्यक्ष एवं स्पष्ट रूप है, जबकि अनुपालन आज्ञापालन की तुलना में कम प्रत्यक्ष होता है क्योंकि किसी व्यक्ति से किसी ने अनुरोध किया जब उसने अनुपालन किया। इसमें अस्वीकार करने की प्रायिकता या संभावना है। अनुरूपता सबसे अप्रत्यक्ष रूप है। कोई व्यक्ति इसलिए अनुरूपता का प्रदर्शन करता है क्योंकि वह समूह मानक से विसामान्य नहीं होना चाहता है।

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प्रश्न 8.
अनुरूपता क्यों उत्पन्न होती है? संक्षेप में समझाइए।
उत्तर:
1. अनुरूपता सूचनात्मक प्रभाव अर्थात् प्रभाव जो वास्तविकता के बजाय साक्ष्यों को स्वीकार करने के परिणामस्वरूप होता है, के कारण उत्पन्न होती है। इस प्रकार की तर्कसंगत अनुरूपता को दूसरों के कार्यों के द्वारा संसार के बारे में जानकारी प्राप्त करने के रूप में समझा जा सकता है। हम व्यक्तियों को प्रेक्षण करके सीखते हैं जो अनेक सामाजिक परंपराओं के बारे में सूचना के सर्वोत्तम स्रोत होते हैं। नए समूह सदस्य समूह के रीति-रिवाजों के बारे में जानकारी समूह के अन्य सदस्यों की गतिविधियों का प्रेक्षण करके प्राप्त करते हैं।

2. अनुरूपता मानक प्रभाव अर्थात् व्यक्ति की दूसरों से स्वीकृति या प्रशंसा पाने की इच्छा पर आधारित प्रभाव के कारण भी उत्पन्न हो सकती है। ऐसी स्थितियों में लोग अनुरूपता का प्रदर्शन इसलिए करते हैं क्योंकि समूह से विसामान्यता बहिष्कार या कम-से-कम अस्वीकरण या किसी प्रकार के दंड को उत्पन्न कर सकता है। यह सामान्यतया देखा गया है कि समूह बहुमत अंतिम निर्णय का निर्धारण करता है परंतु कुछ दशाओं में अल्पसंख्यक अधिक प्रभावशाली हो सकते हैं। यह तब घटित होता है जब अल्पसंख्यक एक दृढ़ एवं अटल आधार बनाता है जिसके कारण बहुसंख्यकों के दृष्टिकोण की सत्यता पर एक संदेह उत्पन्न होता है। यह समूह में एक द्वंद्व उत्पन्न करता है।

प्रश्न 9.
सहयोग एवं प्रतिस्पर्धा के निर्धारकों को संक्षेप में समझाइए।
उत्तर:
सहयोग एवं प्रतिस्पर्धा के निर्धारक –
1. पारितोषिक संरचना-मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि लोग सहयोग करेंगे अथवा प्रतिस्पर्धा करेंगे यह पारितोषिक संरचना पर निर्भर करता है। सहयोगी पारितोषिक संरचना वह है जिसमें प्रोत्साहक परस्पर-निर्भरता पाई जाती है। प्रत्येक पुरस्कार का लाभभोगी होता है और पुरस्कार पांना तभी संभव होता है जब सभी सदस्य मिलकर प्रयास करते हैं। प्रतिस्पर्धात्मक पारितोषिक संरचना वह है जिसमें कोई व्यक्ति तभी पुरस्कार प्राप्त कर सकता है जब दूसरे व्यक्ति पुरस्कार नहीं पाते हैं।

2. अंतर्वैयक्तिक संप्रेषण-जब समूह में अच्छा अंतर्वैयक्तिक संप्रेषण होता है तो सहयोग इसकी संभावित परिणति होती है। संप्रेषण अंतःक्रिया और विचार-विमर्श को सुनकर बनाता है। इसके परिणामस्वरूप समूह के सदस्य एक-दूसरे को अपनी बात मनवा सकते हैं और एक-दूसरे के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

3. परस्परता-परस्परता का अर्थ यह है कि लोग जिस चीज को प्राप्त करते हैं उसे लौटाने में कृतज्ञता का अनुभव करते हैं। प्रारंभिक सहयोग आगे चलकर अधिक प्रतिस्पर्धा को उत्पन्न कर सकती है। यदि कोई आपकी सहायता करता है तो आप उस व्यक्ति की सहायता करना चाहते है। दूसरी ओर, कोई व्यक्ति जब आपको सहायता की आवश्यकता होती है तब आपकी सहायता करने से मना कर देता है तो आप भी व्यक्ति की सहायता नहीं करना चाहेंगे।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
समूह की विशेषताओं की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
समूह की निम्नलिखित प्रमुख विशेषताएँ होती हैं –
1. हम दो या दो से अधिक व्यक्तियों, जो स्वयं को समूह से संबद्ध समझते हैं, कि एक सामाजिक इकाई है। समूह की यह विशेषता एक समूह को दूसरे समूह से पृथक् करने में सहायता करती है और समूह को अपनी एक अलग अनन्यता या पहचान प्रदान करती है।

2. यह ऐसे व्यक्तियों का एक समुच्चय है जिसमें सभी की एक जैसी अभिप्ररेणाएँ एवं लक्ष्य होते हैं। समूह निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने या समूह को किसी खतरे से दूर करने के लिए कार्य करते हैं।

3. यह ऐसे व्यक्तियों का एक समुच्चय होता है जो परस्पर-निर्भर होते हैं अर्थात् एक व्यक्ति द्वारा किया गया कार्य दूसरों के लिए कुछ परिणाम उत्पन्न कर सकता है। क्रिकेट के खेल में एक खिलाड़ी कोई महत्त्वपूर्ण कैच छोड़ देता है तो इसका प्रभाव संपूर्ण टीम पर पड़ेगा।

4. वे लोग जो अपनी आवश्यकताओं की संतुष्टि अपने संयुक्त संबंध के आधार पर कर रहे हैं वे एक-दूसरे को प्रभावित भी करते हैं।

5. ये ऐसे व्यक्तियों का एकत्रीकरण या समूहन है जो एक-दूसरे से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अंत:क्रिया करते हैं।

6. यह ऐसे व्यक्तियों का एक समुच्चय होता है जिनका अंतःक्रियाएँ निर्धारित भूमिकाओं और प्रतिमानों के द्वारा संरचित होती हैं। इसका आशय यह हुआ कि जब समूह के सदस्य एकत्रित होते हैं या मिलते हैं तो समूह के सदस्य हर ओर एक ही तरह के कार्यों का निष्पादन करते हैं और समूह के सदस्य प्रतिमानों का पालन करते हैं। प्रतिमान हमें यह बताते हैं कि समूह में हम लोगों को किस प्रकार का व्यवहार करना चाहिए और समूह के सदस्यों से अपेक्षित व्यवहार करना चाहिए और समूह के सदस्यों से अपेक्षित व्यवहार को निर्धारित करते हैं।

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प्रश्न 2.
औपचारिक एवं अनौपचारिक समूह तथा अंतः एवं बाह्य समूहों की तुलना कीजिए एवं अंतर बताइए।
उत्तर:
1. औपचारिक एवं अनौपचारिक समूह-ऐसे समूह उस मात्रा में भिन्न होते हैं जिस मात्रा में समूह के प्रकार्य स्पष्ट और अनौपचारिक रूप से घोषित किये जाते हैं। एक औपचारिक समूह, जैसे-किसी कार्यालय संगठन द्वारा निष्पादित की जानेवाली भूमिकाएँ स्पष्ट रूप से घोषित होती हैं। औपचारिक तथा अनौपचारिक समूह के आधार पर भिन्न होते हैं। औपचारिक समूह का निर्माण कुछ विशिष्ट नियमों या विधि पर आधारित होता है और सदस्यों की सुनिश्चित भूमिकाएँ होती हैं। इसमें मानकों का एक समुच्चय होता है जो व्यवस्था स्थापित करने में सहायक होता है। कोई विश्वविद्यालय एक औपचारिक समूह का उदाहरण है। दूसरी तरफ अनौपचारिक समूहों का निर्माण नियमों या विधि पर आधारित नहीं होता है और सदस्यों में घनिष्ठ संबंध होता है।

2. अंत: समूह एवं बाह्य समूह-जिस प्रकार व्यक्ति अपनी तुलना दूसरों से समानता या भिन्नता के आधार पर इस संदर्भ में करते हैं कि क्या उनके पास है और क्या दूसरों के पास है, वैसे ही व्यक्ति जिस समूह से संबंध रखते हैं उसकी तुलना उन समूहों से करते हैं जिनके वे सदस्य हैं। अंत:समूह में सदस्यों के लिए ‘हम लोग (We) शब्द का उपयोग होता है जबकि बाह्य समूह के सदस्यों के लिए ‘वे’ (They) शब्द को उपयोग किया जाता है।

हम लोग या वे शब्द के उपयोग से कोई व्यक्ति लोगों को समान भिन्न के रूप में वर्गीकृत करता है। यह पाया गया है कि अंत:समूह में सामान्यतया व्यक्तियों में समानता मानी जाती है, उन्हें अनुकूल दृष्टि से देखा जाता है और उनमें वांछनीय विशेषक पाए जाते हैं। बाह्य समूह के सदस्यों को अलग तरीके से देखा जाता है और उनका प्रत्यक्षण अंत:समूह के सदस्यों की तुलना में प्रायः नकारात्मक होता है। अंत: समूह तथा बाह्य समूह का प्रत्यक्षण हमारे सामाजिक जीवन को प्रभावित करता है।

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प्रश्न 3.
द्वंद्व समाधान युक्तियों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
द्वंद्व समाधान युक्तियाँ:
1. उच्चकोटि लक्ष्यों का निर्धारण-शैरिफ के अनुसार उच्चकोटि लक्ष्यों का निर्धारण करके अंतर – समूह को कम किया जा सकता है। एक उच्चकोटि लक्ष्य दोनों ही पक्षों के लिए परस्पर हितकारी होता है, अत: दोनों ही समूह सहयोगी रूप से कार्य करते हैं।

2. प्रत्यक्षण में परिवर्तन करना-अनुनय, शैक्षिक तथा मीडिया अपील और समूहों का समाज में भी भिन्न रूप से निरूपण इत्यादि के माध्यम से प्रत्यक्षण एवं प्रतिक्रियाओं में परिवर्तन करने के द्वारा द्वंद्व में कमी लाई जा सकती है। प्रारंभ से ही दूसरों के प्रति सहानुभूति को प्रोत्साहित करना सिखाया जाना चाहिए।

3. अंतर-समूह संपर्क को बढ़ाना-समूहों के बीच संपर्क को बढ़ाने से भी द्वंद्व को कम किया जा सकता है। सामुदायिक परियोजनाओं और गतिविधियों के द्वारा द्वंद्व में उलझे समूहों को तटस्थ मुद्दों या विचारों में संलग्न कराकर द्वंद्व को कम किया जा सकता है। इसमें समूहों को एक साथ लाने की योजना होती है जिससे कि वे एक-दूसरे की विचारधाराओं को अधिक अच्छी तरह से समझने योग्य हो जाएँ। परंतु, संपर्क के सफल होने के लिए उनको बनाए रखना आवश्यक है जिसका अर्थ है कि संपर्कों का समर्थन एक अन्य अवधि तक किया जाना चाहिए।

4. समूह की सीमाओं का पुनः निर्धारण-समूह की सीमाओं के पुनःनिर्धारण को कुछ मनोवैज्ञानिक द्वारा एक दूसरी प्रतिविधि के रूप सुझाया गया है। यह ऐसी दशाओं को उत्पन्न करके किया जा सकता है जिसमें समूह की सीमाओं को पुनः परिभाषित किया जाता है और समूह को एक उभयनिष्ठ समूह से जुड़ा अनुभव करने लगता है।

5. समझौता वार्ता-समझौता (negotiation) एवं किसी तृतीय पक्ष के हस्तक्षेप के द्वारा भी द्वंद्व का समाधान किया जा सकता है। प्रतिस्पर्धा समूह द्वंद्व का समाधान परस्पर स्वीकार्य हल को ढूँढ़ने का प्रयास करके भी कर सकते हैं। इसके लिए समझ एवं विश्वास की आवश्यकता होती है। समझौता वार्ता पारस्परिक संप्रेषण को कहते हैं जिससे ऐसी स्थितियाँ जिसमें द्वंद्व होता है उसमें समझौता या सहमति पर पहुँचा जाता है। कभी-कभी समझौता वार्ता के माध्यम से द्वंद्व एवं विवाचन (Arbitration) की आवश्यकता होती है। मध्यस्थता करनेवाली दोनों पक्षों को प्रासंगिक मुद्दों पर अपनी बहस को केंद्रित करने एवं एक स्वैच्छिक समझौते तक पहुँचने में सहायता करते हैं। विवाचन में तृतीय पक्ष को दोनों पक्षों को सुनने के बाद एक निर्णय देने का प्राधिकार होता है।

6. संरचनात्मक समाधान-न्याय के सिद्धांतों के अनुसार सामाजिक संसाधनों का पुनर्वितरण करके भी द्वंद्व को कम किया जा सकता है। न्याय पर किए गए शोध में न्याय के अनेक सिद्धांतों की खोज की गई है। इनमें कुछ हैं – समानता (सभी को समान रूप से विनिधान करना), आवश्यकता (आवश्यकताओं के आधार पर विनिधान करना) तथा समता (सदस्यों के योगदान के आधार पर विनिधान करना)

7. दूसरे समूह के मानकों का आदर करना-भारत जैसे बहुविध समाज में विभिन्न सामाजिक एवं संजातीय समूहों के प्रबल मानकों का आदर करना एवं उनके प्रति संवेदनशील होना आवश्यक है। यह देखा गया है कि विभिन्न समूहो के बीच होनेवाले अनेक सांप्रदायिक दंगे इस प्रकार की असंवेदनशीलता के कारण ही हुए हैं।

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प्रश्न 4.
समूह संरचना के मुख्य घटकों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
समूह संरचना के घटक –
1. भूमिकाएँ (Roles) सामाजिक रूप से परिभाषित अपेक्षाएँ होती हैं जिन्हें दी हुई स्थितियों में पूर्ण करने की अपेक्षा व्यक्तियों से की जाती है। भूमिकाएँ वैसे विशिष्ट व्यवहार को इंगित करती हैं जो व्यक्ति को एक दिये गये सामाजिक संदर्भ में चित्रित करती हैं। किसी विशिष्ट भूमिका में किसी व्यक्ति से अपेक्षित व्यवहार इन भूमिका प्रत्याशाओं में निहित होता है। एक पुत्र या पुत्री के रूप में आपसे अपेक्षा या आशा की जाती है कि आप बड़े का आदर करें, उनकी बातों को सुनें और अपने अध्ययन के प्रति जिम्मेदार रहें।

2. प्रतिमान या मानक (Norms) समूह के सदस्यों द्वारा स्थापित, समर्थित एवं प्रवर्तित व्यवहार एवं विश्वास के अपेक्षित मानदंड होते हैं। इन्हें समूह के, अकथनीय नियम’ के रूप में माना जा सकता है। परिवार के भी मानक होते हैं जो परिवार के सदस्यों के व्यवहार का मार्गदर्शन देखा जा सकता है।

3. हैसियत या प्रतिष्ठा (Status) समूह के सदस्यों को अन्य सदस्यों द्वारा दी जानेवाली सापेक्ष स्थिति को बताती है। यह सापेक्ष स्थिति या प्रतिष्ठा या तो प्रदत्त या आरोपित (संभव है कि यह एक व्यक्ति की वरिष्ठतां के कारण दिया जा सकता है) या फिर साधित या उपार्जित (व्यक्ति के विशेषज्ञता या कठिन परिश्रम के कारण हैसियत या प्रतिष्ठा को अर्जित किया है) होती है। समूह के सदस्य होने से हम इस समूह से जुड़ी हुई प्रतिष्ठा का लाभ प्राप्त करते हैं।

इसलिए हम सभी ऐसे समूहों के सदस्य बनना चाहते हैं जो प्रतिष्ठा में उच्च स्थान रखते हों अथवा दूसरों द्वारा अनुकूल दृष्टि से देखे जाते हों। यहाँ तक कि किसी समूह के अंदर भी विभिन्न सदस्य भिन्न-भिन्न सम्मान एवं प्रतिष्ठा रखते हैं। उदाहरण के लिए, एक क्रिकेट टीम का कप्तान अन्य सदस्यों की अपेक्षा उच्च हैसियत या प्रतिष्ठा रखता है, जबकि सभी सदस्य टीम की सफलता के लिए समान रूप से महत्त्वपूर्ण होते हैं।

4. संसक्तता (Cohesiveness) समूह सदस्यों के बीच एकता, बद्धता एवं परस्पर आकर्षण को इंगित करती है। जैसे-जैसे समूह अधिक संसक्त होता है, समूह के सदस्य एक सामाजिक इकाई के रूप में विचार, अनुभव एवं कार्य करना प्रारंभ करते हैं और पृथक्कृत व्यक्तियों के समान कम। उच्च संसक्त समूह के सदस्यों में निम्न संसक्त सदस्यों की तुलना में समूह में बने रहने की तीव्र इच्छा होती है। संसक्तता दल-निष्ठा अथवा ‘वयं भावना’ अथवा समूह के प्रति आत्मीयता की भावना को प्रदर्शित करती है। एक संसक्त समूह को छोड़ना अथवा एक उच्च संसक्त समूह की सदस्यता प्राप्त करना कठिन होता है।

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प्रश्न 5.
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर समूह निर्णय के उदाहरण को लेते हुए समूल चिंतन के गोचर का स्पष्टीकरण कीजिए।
उत्तर:
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लिए गए अनेक समूह निर्णय के उदाहरणों को समूह चिंतन के गोचर के स्पष्टीकरण के लिए उद्धत किया जा सकता है। ये निर्णय बहुत बड़ी असफलता के रूप में परिणत हुए हैं। वियतनाम युद्ध इसका एक उदाहरण है। 1964 से 1967 तक राष्ट्रपति लिंडन जनिसन और संयुक्त राष्ट्र में उनके सलाहकारों ने वियतनाम युद्ध को यह सोचकर बढ़ाया कि यह युद्ध उत्तरी वियतनाम को शांति वार्ता के लिए अग्रसर करेगा।

चेतावनी के बावजूद युद्ध को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इस घोर गलत-आकलित निर्णय के परिणामस्वरूप 56,000 अमेरिकियों एवं 10 लाख से अधिक वियतनामियों को अपनी जान गंवानी पड़ी और इससे बहुत बड़े बजट घाटे अर्थात् आर्थिक तंगी को उत्पन्न किया। समूह-चिंतन के रोकथाम अथवा प्रतिकार करने के कुछ उपाय निम्नांकित हैं –

  1. समूह सदस्यों के बीच असहमति के बावजूद आलोचनात्मक चिंतन को पुरस्कृत एवं प्रोत्साहित करना
  2. समूह को वैकल्पिक कार्य योजना प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित करना
  3. समूह के निर्णयों के मूल्यांकन के लिए बाहरी विशेषज्ञों को आमंत्रित करना, और
  4. सदस्यों को अन्य विश्वासपात्रों से अपने निर्णय के संबंध में प्रतिक्रिया को जानने के लिए प्रोत्साहित करना

वस्तुनिष्ठ प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
इन द माइंड्स ऑफ मेन’ मानक पुस्तक किसने लिखी?
(A) विलियम
(B) गार्डनीर मरफी
(C) कार्ल लेविस
(D) डिकी आर्थर
उत्तर:
(A) विलियम

Bihar Board Class 12 Psychology Solutions Chapter 7 सामाजिक प्रभाव एवं समूह प्रक्रम

प्रश्न 2.
निम्नलिखित में कौन अंतर द्वंद्व की परिणति है?
(A) समूहों के बीच संप्रेषण अच्छा हो जाता है
(B) समूह एक-दूसरे पर विश्वास करते हैं
(C) एक बार द्वंद्व प्रारंभ होने पर अनेक दूसरे कारण द्वंद्व को बढ़ाने लगते हैं
(D) इनमे कोई नहीं
उत्तर:
(B) समूह एक-दूसरे पर विश्वास करते हैं

प्रश्न 3.
समूह दो या दो से अधिक व्यक्तियों की एक संगठित व्यवस्था होती है –
(A) जो एक-दूसरे से अंत:क्रिया करते हैं
(B) जो परस्पर निर्भर होते हैं
(C) जिनकी एक जैसी अभिप्रेरणाएँ होती हैं
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(C) जिनकी एक जैसी अभिप्रेरणाएँ होती हैं

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प्रश्न 4.
भीड़ में –
(A) कोई संरचना नहीं होती है
(B) आत्मीयता की भावना नहीं होती है
(C) लोगों का व्यवहार अविवेकी होता है
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

प्रश्न 5.
समूह में लोगों के सम्मिलित होने का कारण है:
(A) सुरक्षा
(B) प्रतिष्ठिा
(C) आत्म-सम्मान
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

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प्रश्न 6.
समूह संरचना कब विकसित होती है?
(A) जब सदस्य अलग-अलग क्रिया करते हैं
(B) जब सदस्य परस्पर अंतःक्रिया करते हैं
(C) जब कोई सदस्य अकेले कोई कार्य करता है
(D) इनमें कोई नहीं
उत्तर:
(B) जब सदस्य परस्पर अंतःक्रिया करते हैं

प्रश्न 7.
निम्नलिखित में कौन अंतर द्वंद्व की परिणति है?
(A) भूमिकाएँ
(B) प्रतिमान
(C) प्रतिष्ठा
(D) इनमें कोई नहीं
उत्तर:
(D) इनमें कोई नहीं

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प्रश्न 8.
अंत: समूह –
(A) दूसरे समूह को इंगित करता है
(B) के सदस्यों के लिए ‘वे’ शब्द का इस्तेमाल होता है
(C) के सदस्यों के लिए ‘हम लोग’ शब्द का इस्तेमाल होता है
(D) के सदस्यों को अलग तरीके से देखा जाता है
उत्तर:
(C) के सदस्यों के लिए ‘हम लोग’ शब्द का इस्तेमाल होता है

प्रश्न 9.
निम्नलिखित में कौन-सा कथन असत्य है?
(A) उच्चकोटि लक्ष्यों का निर्धारण करके अंतर-समूह द्वंद्व को बढ़ाया जा सकता है
(B) समझौता वार्ता एवं किसी तृतीय पक्ष के हस्तक्षेप के द्वारा द्वंद्व को कम किया जा सकता है
(C) समूहों के बीच द्वंद्व अनेक असामाजिक एवं संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं को प्रेरित करते हैं
(D) अधिकांश द्वंद्व लोगों के मन में उत्पन्न होते हैं
उत्तर:
(D) अधिकांश द्वंद्व लोगों के मन में उत्पन्न होते हैं

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प्रश्न 10.
निम्नलिखित में द्वंद्व समाधान की युक्ति कौन-सी है?
(A) प्रत्यक्षण में परिवर्तन करना
(B) समझौता वार्ता
(C) अंतर-समूह संपर्क को बढ़ाना
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(A) प्रत्यक्षण में परिवर्तन करना

प्रश्न 11.
प्राथमिकता समूह –
(A) में व्यक्ति अपनी पसंद से जुड़ता है
(B) पूर्व विद्यमान निर्माण होते हैं
(C) में मुखोन्मुख अंत-क्रिया नहीं होती है
(D) सदस्यों में किसी प्रकार का शारीरिक सामीप्य नहीं होता है
उत्तर:
(B) पूर्व विद्यमान निर्माण होते हैं

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प्रश्न 12.
जाति –
(A) प्राथमिकता समूह के उदाहरण हैं
(B) द्वितीयक समूह के उदाहरण हैं
(C) औपचारिक समूह के उदाहरण हैं
(D) बाह्य-समूह के उदाहरण हैं
उत्तर:
(A) प्राथमिकता समूह के उदाहरण हैं

प्रश्न 13.
दो व्यक्तियों के समूह को किस समूह के अंतर्गत रखा जा सकता है?
(A) संगठित समूह
(B) द्वितीयक समूह
(C) प्राथमिक समूह
(D) अस्थायी समूह
उत्तर:
(C) प्राथमिक समूह

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प्रश्न 14.
निम्नलिखित में कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
(A) सामाजिक प्रभाव उन प्रक्रमों को इंगित करता है जिसके द्वारा हमारे व्यवहार एवं अभिवृत्तियाँ दूसरे लोगों की काल्पनिक या वास्तविक उपस्थित से प्रभावित होता है
(B) वे लोग जो अनुरूपता प्रदर्शित करते हैं उन्हें विसामान्य कहते हैं
(C) अनुरूपता का अर्थ समूह प्रतिमान के अनुसार व्यवहार करने से है
(D) अनुरूपता सबसे अप्रत्यक्ष रूप है
उत्तर:
(A) सामाजिक प्रभाव उन प्रक्रमों को इंगित करता है जिसके द्वारा हमारे व्यवहार एवं अभिवृत्तियाँ दूसरे लोगों की काल्पनिक या वास्तविक उपस्थित से प्रभावित होता है

प्रश्न 15.
समूह में अंतः क्रिया और विचार-विमर्श के परिणामस्वरूप समूह की प्रारंभिक स्थिति की प्रबलता को कहा जाता है –
(A) समूह ध्रुवीकरण
(B) अनुपालन
(C)आज्ञापालन
(D) इनमें कोई नहीं
उत्तर:
(A) समूह ध्रुवीकरण

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प्रश्न 16.
सामाजिक स्वैराचार को किसके द्वारा कम किया जा सकता है?
(A) प्रत्येक सदस्य के प्रयासों को पहचानने योग्य बनाना
(B) कठोर परिश्रम के लिए दबाव को बढ़ाना
(C) कार्य के प्रकट महत्त्व को बढ़ाना
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) प्रत्येक सदस्य के प्रयासों को पहचानने योग्य बनाना

प्रश्न 17.
किसी विशिष्ट समूह के प्रति नकारात्मक अभिवृत्ति को कहते हैं?
(A) अभिक्षमता
(B) अभिरुचि
(C) पूर्वाग्रह
(D) इनमें कोई नहीं
उत्तर:
(C) पूर्वाग्रह

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प्रश्न 18.
वह परीक्षण जिसके द्वारा एक समय में एक व्यक्ति का बुद्धि परीक्षण किया जाता है, कहलाता है –
(A) वैयक्तिक परीक्षण
(B) शाब्दिक परीक्षण
(C) समूह परीक्षण
(D) इनमें कोई नहीं
उत्तर:
(A) वैयक्तिक परीक्षण

प्रश्न 19.
प्राथमिक मानसिक क्षमताओं के सिद्धांत का प्रतिपादन किसने किया?
(A) थर्स्टन
(B) लिकर्ट
(C) फेस्टिंगर
(D) बोगार्ड्स
उत्तर:
(A) थर्स्टन

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प्रश्न 20.
एक सामाजिक समूह की संरचना के लिए कम-से-कम कितने सदस्यों की आवश्यकता होती है?
(A) पाँच
(B) चार
(C) तीन
(D) दो
उत्तर:
(D) दो

प्रश्न 21.
निम्नलिखित में कौन औपचारिक समूह का उदाहरण है?
(A) परिवार
(B) जाति
(C) विश्वविद्यालय
(D) धर्म
उत्तर:
(B) जाति

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प्रश्न 22.
निम्नलिखित में कौन प्राथमिक समूह का उदाहरण नहीं है?
(A) परिवार
(B) जाति
(C) धर्म
(D) स्कूल
उत्तर:
(D) स्कूल

प्रश्न 23.
द्वितीयक समूह के सदस्यों में:
(A) संबंध कम निर्वैयक्तिक होते हैं
(B) संबंध अप्रत्यक्ष होते हैं
(C) संबंध प्रत्यक्ष होते हैं
(D) संबंध अधिक आकृति वाले होते हैं
उत्तर:
(B) संबंध अप्रत्यक्ष होते हैं

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प्रश्न 24.
सामाजिक स्वैराचार सामूहिक कार्य करने में व्यक्तिगत प्रयास की –
(A) अधिकता है
(B) कमी है
(C) प्रचुरता है
(D) इनमें कोई नहीं
उत्तर:
(B) कमी है

प्रश्न 25.
सामाजिक स्वैराचार सामूहिक कार्य का एक उदाहरण है:
(A) क्रिकेट का खेल
(B) रस्साकशी का खेल
(C) हॉकी का खेल
(D) बैडमिंटन
उत्तर:
(B) रस्साकशी का खेल

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प्रश्न 26.
परिवार एक समूह का उदाहरण है –
(A) प्राथमिक
(B) द्वितीयक
(C) संदर्भ
(D) इनमें कोई नहीं
उत्तर:
(A) प्राथमिक

प्रश्न 27.
एक संदर्भ समूह के लिए सर्वाधिक वांछित अवस्था क्या है?
(A) समूह के साथ सम्बद्धता
(B) समूह की सदस्यता
(C) समूह का प्रभाव
(D) समूह का आकार
उत्तर:
(C) समूह का प्रभाव

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प्रश्न 28.
द्वि-ध्रुवीय विकार के दो दोनों ध्रव हैं –
(A) तर्कसंगत तथा अतर्कसंगत चिन्तन
(B) स्नायु विकृति तथा मनोविक्षिप्ति
(C) मनोग्रस्ति तथा बाध्यता
(D) उन्माद तथा विषाद
उत्तर:
(D) उन्माद तथा विषाद

प्रश्न 29.
निम्नलिखित में कौन द्वितीयक समूह नहीं है?
(A) परिवार
(B) विद्यालय
(C) राजनैतिक दल
(D) क्लब
उत्तर:
(D) क्लब

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प्रश्न 30.
सामाजिक प्रभाव के समूह प्रभाव प्रक्रमों में निम्नलिखित में कौन-सा एक शामिल है?
(A) अनुपालना
(B) आंतरिकीकरण
(C) अननुपंथीकरण
(D) इनमें कोई नहीं
उत्तर:
(A) अनुपालना

Bihar Board Class 12 Psychology Solutions Chapter 6 अभिवृत्ति एवं सामाजिक संज्ञान

Bihar Board Class 12 Psychology Solutions Chapter 6 अभिवृत्ति एवं सामाजिक संज्ञान Textbook Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 12 Psychology Solutions Chapter 6 अभिवृत्ति एवं सामाजिक संज्ञान

Bihar Board Class 12 Psychology अभिवृत्ति एवं सामाजिक संज्ञान Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
अभिवृत्ति को परिभाषित कीजिए। अभिवृत्ति के घटकों की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
सामाजिक प्रभाव के कारण लोक व्यक्ति के बारे में जीवन से जुड़े विभिन्न विषयों के बारे में एक दृष्टिकोण विकसित करते हैं जो उनके अंदर एक व्यवहारात्मक प्रवृत्ति के रूप में विद्यमान करती है अभिवृत्ति कहलाती है।

अभिवृत्ति के तीन घटक होते हैं –
भावात्मक, संज्ञानात्मक एवं व्यवहारात्मक। सांवेगिक घटक को भावात्मक पक्ष के रूप में जाना जाता है। विचारपरक घटक को संज्ञानात्मक पक्ष कहा जाता है। क्रिया करने की प्रवृत्ति को व्यवहारपरक या क्रियात्मक घटक कहा जाता है। इन तीनों घटकों को अभिवृत्ति का ए. बी. सी. घटक कहा जाता है। अभिवृत्ति स्वयं में व्यवहार नहीं है परंतु वह एक निश्चित प्रकार से व्यवहार या क्रिया करने की प्रवृत्ति को प्रकट करती है। ये संज्ञान के अंग हैं जो सांवेगिक घटक से युक्त होते तथा इनका बाहर से प्रेक्षण नहीं किया जा सकता है।

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प्रश्न 2.
व्यक्ति को जानने की प्रक्रियाओं को समझाइए। छवि निर्माण और गुणारोपण किससे प्रभावित होते हैं?
उत्तर:
व्यक्ति को जानने या समझने की प्रक्रिया को मुख्य रूप से दो भागों में विभाजित किया जा सकता है – छवि निर्माण और गुणारोपण। वह व्यक्ति जो छवि बनाता है उसे प्रत्यक्षकर्ता (Perceiver) कहते हैं। वह व्यक्ति जिसके बार में छवि बनाई जाती है उससे लक्ष्य (Target) कहा जाता है। प्रत्यक्षकर्ता लक्ष्य के गुणों के संबंध में सूचनाएँ एकत्र करता है या दी गई सूचना के प्रति अनुक्रिया करता है, सूचनाओं को संगठित करना है तथा लक्ष्य के बारे में निष्कर्ष निकालता है।

गुणारोपण में, प्रत्यक्षकर्ता इससे आगे बढ़ता है और व्याख्या करता है कि क्यों लक्ष्य ने किसी विशिष्ट प्रकार से व्यवहार किया। लक्ष्य के व्यवहार के लिए कारण देना गुणोरोपण का मुख्य तत्त्व है। प्रायः प्रत्यक्षकर्ता लक्ष्य के बारे में केवल एक छवि का निर्माण करती है, परंतु यदि परिस्थिति की माँग होती है तो लक्ष्य के लिए गुणारोपण भी कर सकता है।

छवि निर्माण एवं गुणारोपण निम्नांकित से प्रभावित होते हैं –

  1. प्रत्यक्षकर्ता को उपलब्ध सूचनाओं की प्रकृति
  2. प्रत्यक्षकर्ता के सामाजिक स्कीमा (रूढ़धारणाओं सहित)
  3. प्रत्यक्षकर्ता की व्यक्तिगत विशेषताएँ
  4. परिस्थितिजन्सय कारक

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प्रश्न 3.
क्या व्यवहार सदैव व्यक्ति की अभिवृत्ति को प्रतिबिंबित करता है? एक प्रासंगिक उदाहरण देते हुए व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
व्यक्ति प्राय:
यह अपेक्षा करता है कि व्यवहार अभिवृत्ति का तार्किक रूप से अनुसरण करे। हालाँकि एक व्यक्ति की अभिवृत्ति सदैव उसके व्यवहार के माध्यम से प्रदर्शित नहीं होती है। इसी प्रकार से एक व्यक्ति का वास्तविक व्यवहार व्यक्ति की विशिष्ट विषय के प्रति अभिवृत्ति का विरोधी हो सकता है।

अभिवृत्ति एवं व्यवहार में संगति तब हो सकती है, जब –

  1. अभिवृत्ति प्रबल हो और अभिवृत्ति तंत्र में एक केंद्रीय स्थान रखती हो।
  2. व्यक्ति अपनी अभिवृत्ति के प्रति सजग या जागरूक हो।
  3. किसी विशिष्ट तरीके से व्यवहार करने के लिए व्यक्ति पर बहुत कम या कोई बाह्य दबाव न हो। उदाहरणार्थ, जब किसी विशिष्ट मानक का पालन करने के लिए कोई समूह दबाव नहीं होता है।
  4. व्यक्ति का व्यवहार दूसरों के द्वारा देखा या मूल्यांकित न किया जा रहा हो।
  5. व्यक्ति यह सोचता हो कि व्यवहार का एक सकारात्मक परिणाम होगा एवं इसलिए, वह उस व्यवहार में संलिप्त होना चाहता है।

प्रश्न 4.
पूर्वाग्रह भेदभाव के बिना एवं भेदभाव पूर्वाग्रह के बिना रह सकता है। टिप्पणी कीजिए।
उत्तर:
पूर्वाग्रह के भेदभाव प्रदर्शित किया सकता है। फिर भी दोनों प्रायः साथ-साथ पाए जाते हैं जहाँ भी पूर्वाग्रह एवं भेदभाव रहता है वहाँ एक ही समाज के समूहों में अंतर्द्वद्व उत्पन्न होने को संभावना बहुत प्रबल होती है। हमारे स्वयं के समाज में लिंग, धर्म, समुदाय, जाति शारीरिक विकलांगत एवं बीमारियों; जैसे-एड्स पर आधारित, पूर्वाग्रहयुक्त या पूर्वाग्रहरहित, भेदभाव की अनेक खेदजनक या दु:खद घटनाओं को देखा है। इसके अतिरिक्त अनेक स्थितियों में भेदभावपूर्ण व्यवहार विधिक नियमों के द्वारा प्रतिबंधित या नियंत्रित किया जा सकता है परंतु पूर्वाग्रह के संज्ञानात्मक एवं भावात्मक घटकों को परिवर्तित करना बहुत कठिन है।

प्रश्न 5.
छवि निर्माण को प्रभावित करनेवाले महत्त्वपूर्ण कारकों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
छवि निर्माण को प्रभावित करनेवाले महत्त्वपूर्ण कारक निम्नलिखित हैं।

(I) छवि निर्माण की प्रक्रिया में निम्नलिखित तीन उप-प्रक्रियाएँ होती हैं –

(अ) चयन-हम लक्ष्य व्यक्ति के बारे में सूचनाओं की कुछ इकाइयों को ही ध्यान में रखते हैं।
(ब) संगठन-चयनित सूचनाएँ एक क्रमबद्ध या व्यवस्थित तरीके से जोड़ी जाती है।
(स) अनुमान-हम इस बारे में निष्कर्ष निकालते हैं कि लक्ष्य किस प्रकार का व्यक्ति है।

(II) छवि निर्माण को कुछ विशिष्ट गुण अन्य शीलगुणों की अपेक्षा अधिक प्रभावित करते हैं।

(III) जिस क्रम या अनुक्रम में सूचना प्रस्तुत की जाती है वह छवि निर्माण को प्रभावित करते हैं। बहुधा, पहले प्रस्तुत की जानेवाली सूचना के प्रभाव अंत में प्रस्तुत की जानेवाली सूचना से अधिक प्रबल होती है। इसे प्रथम प्रभाव (Primacy effect) कहते हैं (प्रथम छवि टिकाऊ छवि होती है) यद्यपि यदि प्रत्यक्षणकर्ता को केवल प्रथम सूचना पर नहीं बल्कि सभी सूचनाओं पर ध्यान देने के लिए कहा जाए तब भी जो सूचनाएँ अंत में आती हैं उनका अधिक प्रबल प्रभाव होता है। यह आसन्नता प्रभाव (Recency effect) के नाम से जाना जाता है।

(IV) हम लोगों में यह सोचने की एक प्रवृत्ति होती है कि एक लक्ष्य व्यक्ति जिसमें सकारात्मक गुणों का एक समुच्चय है उसमें इस प्रथम समुच्चय से जुड़े दूसरे विशिष्ट सकारात्मक गुण भी होने चाहिए। यह परिवेश प्रभाव (halo effect) के रूप में जाना जाता है। उदाहरण के लिए, यदि हमें यह बताया जाता है कि एक व्यक्ति ‘सुव्यस्थित’ एवं ‘समयनिष्ट’ है तो हम लोगों में यह सोचने की संभावना है कि उस व्यक्ति को परिश्रमी’ भी होना चाहिए।

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प्रश्न 6.
पूर्वाग्रह एवं रूढ़धारणा में विभेदन कीजिए।
उत्तर:
पूर्वाग्रह किसी विशिष्ट समूह के प्रति अभिवृति का उदाहरण है। ये प्रायः नकारात्मक होते हैं एवं अनेक स्थितियों में विशिष्ट समूह के संबंध में रूढ़धारणा (Stereotype) (संज्ञानात्मक घटक) पर आधारित होते हैं। एक रूढ़धारणा किसी विशिष्ट समूह की विशेषताओं से संबद्ध विचारों का एक पुंज या गुच्छा होती है। इस समूह के सभी सदस्य इन विशेषताओं से युक्त माने जाते हैं। प्रायः रूढ़धारणाएँ लक्ष्य समूह के बारे में अवांछित विशेषताओं से युक्त होती हैं और यह विशिष्ट समूह के सदस्यों के बारे में एक नकारात्मक अभिवृत्ति या पूर्वाग्रह को जन्म देती हैं। पूर्वाग्रह के संज्ञानात्मक घटक के साथ प्रायः नापसंद या घृणा का भी अर्थात् भावात्मक घटक जुड़ा होता है।

पूर्वाग्रह भेदभाव के रूप में, व्यवहारपरक घटक, रूपांतरित या अनुदित हो सकता है, जब लोग एक विशिष्ट लक्ष्य समूह के प्रति उस समूह की तुलना में जिसे वे पसंद करते हैं कम सकारात्मक तरीके से व्यवहार करने लगते हैं। इतिहास में प्रजाति एवं सामाजिक वर्ग या जाति पर आधारित भेदभाव के असंख्य उदाहरण हैं। जर्मनी में नाजियों के द्वारा यहूदियों के विरुद्ध किया गया प्रजाति-संहार पूर्वाग्रह की पराकाष्ठा का एक उदाहरण है जो यह प्रदर्शित करता है कि कैसे पूर्वाग्रह घृणा, भेदभाव निर्दोष लोगों को सामूहिक संहार की ओर ले जाता है।

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प्रश्न 7.
परामर्श का अर्थ लिखें।
उत्तर:
परामर्श एक प्राचीन शब्द है फलतः इसके अनेक कार्य बताए गए हैं। वेबस्टर शब्दकोष के अनुसार, “परामर्श का अर्थ पूछताछ, पारस्परिक तर्क-वितर्क या विचारों का पारस्परिक विनिमय है। “रॉबिन्सन ने परामर्श की अत्यन्त स्पष्ट परिभाषा देते हुए कहा कि परामर्श में वे सभी परिस्थितियाँ सम्मिलित कर ली जाती हैं, जिनसे परामर्श प्रार्थी अपने आपको पर्यावरण के अनुसार समायोजित करने में सहायता प्राप्त कर सकें। परामर्श दो व्यक्तियों से संबंध रखता है। परामर्शदाता तथा परामर्श प्रार्थी। परामर्श प्रार्थी की कुछ समस्याएँ तथा आवश्यकताएँ होती हैं जिनको वह अकेला बिना किसी की राय या सुझाव के पूरा नहीं कर सकता है। इन समस्याओं के समाधान तथा आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु उसे वैज्ञानिक राय की आवश्यकता होती है और यह वैज्ञानिक राय या सुझाव ही परामर्श कहलाता है।

प्रश्न 8.
पूर्वधारणा का अर्थ लिखें।
उत्तर:
पूर्वधारणा या पूर्वाग्रह अंग्रेजी भाषा के Predjudice का हिन्दी अनुवाद है जो लैटिन भाषा के Prejudicium से बना है। Pre का अर्थ है पहले और Judicium का अर्थ है निर्णय। इस दृष्टिकोण से पूर्वधारणा या पूर्वाग्रह का शाब्दिक अर्थ हुआ पूर्व निर्णय। इस प्रकार, पूर्वाग्रह जैसा कि इसके नाम से स्पष्ट है, किसी व्यक्ति अथवा वस्तु के विपक्ष में पूरी तरह से जानकारी किए बिना ही किसी न किसी प्रकार का विचार अथवा धारणा बना बैठना है।

प्रश्न 9.
स्पष्ट कीजिए कि कैसे ‘कर्ता’ द्वारा किया गया गुणारोपण ‘प्रेक्षक’ के द्वारा किए गए गुणारोपण से भिन्न होगा?
उत्तर:
किसी व्यक्ति द्वारा स्वयं के सकारात्मक एवं नकारात्मक अनुभवों के लिए किए जानेवाले गुणारोपण (कर्ता भूमिका) तथा दूसरे व्यक्ति के सकारात्मक एवं नकारात्मक अनुभवों के लिए किये जानेवाले गुणारोपण (प्रेक्षक-भूमिका) के मध्य भी अंतर पाया जाता है। इसे कर्ता – प्रेक्षक प्रभाव (Actor-observer effect) कहा जाता है। उदाहरणार्थ, यदि कोई छात्र स्वयं एक परीक्षा में अच्छे अंक अर्जित करता है तो इसका गुणारोपण स्वयं की योग्यता या कठोर परिश्रम पर करेगा।

कर्ता-भूमिका एक सकारात्मक अनुभव के आतंरिक गुणारोपण यदि वह खराब अंक पाता है तो वह कहेगा कि यह इसलिए हुआ क्योंकि वह दुर्भाग्यशाली था, या परीक्षा बहुत कठिन थी। (कर्ता भूमिका, एक नकारात्मक अनुभव के लिए बाह्य गुणारोपण)। दूसरी ओर, यदि उसका एक सहपाठी इस परीक्षा में अच्छे अंक पाता है तो वह उसकी सफलता को उसके अच्छे भाग्य या सरल परीक्षा पर आरोपित करेगा। (प्रेक्षक भूमिका एक सकारात्मक अनुभव के लिए बाह्य गुणारोपण)। यदि वही सहपाठी खराब अंक पाता है तो उसके यह कहने की संभावना है कि अपनी कम योग्यता या प्रयास की कमी के कारण असफल रहा। (प्रेक्षक भूमिका, एक नकारात्मक अनुभव के लिए आंतरिक गुणारोपण) कर्ता एवं प्रेक्षक भूमिकाओं में अंतर का मूल कारण यह है कि लोग दूसरों की तुलना में अपनी छवि चाहते हैं।

Bihar Board Class 12 Psychology Solutions Chapter 6 अभिवृत्ति एवं सामाजिक संज्ञान

प्रश्न 10.
सामाजिक संज्ञान किसे कहते हैं? सामाजिक वस्तुओं से संबद्ध सूचनाओं का प्रक्रमण भौतिक वस्तुओं से संबद्ध सूचनाओं के प्रक्रमण से किस प्रकार भिन्न होता है?
उत्तर:
सामाजिक संज्ञान (Social congnition) उन सभी मानसिक प्रक्रियाओं को इंगित करता है जो सामाजिक वस्तुओं से संबद्ध सूचना को प्राप्त करने और उनका प्रक्रमण करने से जुड़े हैं। इनमें वे सभी प्रक्रियाएँ आती हैं जो सामाजिक व्यवहार को समझने, उनकी व्याख्या एवं विवेचना करने में सहायक होती हैं। सामाजिक वस्तुओं (विशेष रूप से व्यक्तियों, समूहों, लोगों से संबंधों, सामाजिक मदों इत्यादि) से संबद्ध सूचनाओं के प्रक्रमण भौतिक वस्तुओं से संबद्ध सूचनाओं के प्रक्रमण से भिन्न होता है।

जैसे ही संज्ञानात्मक प्रक्रमण प्रारंभ होता है। सामाजिक वस्तु के रूप में लोग स्वयं को बदल सकते हैं। उदाहरण के लिए, एक अध्यापक जो एक विद्यार्थी को विद्यालय में देखता है उसके बारे में ऐसे निष्कर्ष निकाल सकता है जो उसकी माता द्वारा निकाले गए निष्कर्ष से सर्वथा भिन्न हो सकता है, जो उसे घर के परिवेश में देखती है। विद्यार्थी अपने व्यवहार में अंतर प्रदर्शित कर सकता है, यह इस बात पर निर्भर है कि उसको कौन देख रहा है – एक अध्यापक या एक माता। सामाजिक संज्ञान मानसिक इकाइयों, जिन्हें स्कीमा कहा जाता है, के द्वारा निर्देशित होते हैं।

प्रश्न 11.
समाजोपकारी व्यवहार के संप्रत्यय की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
दूसरों का भला करना एवं उनके लिए सहायक होना विश्व में एक सद्गुण की तरह वर्णित किया गया है। सभी धर्मों में यह सिखाया जाता है कि हम लोगों को उनकी मदद करनी चाहिए तो जरूरतमंद हैं। इस व्यवहार को समाजोपकारी व्यवहार कहा जाता है। अपनी चीजों को दूसरों के साथ बाँटना, दूसरों के साथ सहयोग करना, प्राकृतिक विपत्तियों के समय सहायता करना, सहानुभूति का प्रदर्शन करना, दूसरों का समर्थन करना या उनका पक्ष लेना एवं सहायतार्थ दान देना समाजोपकारी व्यवहार के कुछ सामान्य उदाहरण हैं।
समाजोपकारी व्यवहार की निम्नलिखित विशेषताएँ होती हैं –

  1. इसमें दूसरे व्यक्ति या व्यक्तियों को लाभ पहुँचाने या उनका भला करने का लक्ष्य होना चाहिए।
  2. इसके बदले में किसी चीज की अपेक्षा किए बिना किया जाना चाहिए।
  3. यह व्यक्ति द्वारा स्वेच्छा से किया जाना चाहिए, न किसी प्रकार के दबाव के कारण।
  4. इसमें सहायता करनेवाले व्यक्ति के लिए कुछ कठिनाइयाँ निहित होती हैं या उसे कुछ ‘कीमत’ चुकानी पड़ती है।

उदाहरण के लिए, यदि एक धनी व्यक्ति अवैध तरीके से प्राप्त किया गया बहुत सारा धन इस आशय के दान करता है कि उसका चित्र एवं नाम समाचारपत्रों में छप जाएगा तो इसे ‘समाजोपकारी व्यवहार’ नहीं कहा जा सकता है। यद्यपि यह दान बहुत-से लोगों का भला कर सकता है।

समाजोपकारी व्यवहार का बहुत अधिक मूल्य और महत्त्व होने के बावजूद बहुधा लोग ऐसे व्यवहार का प्रदर्शन नहीं करते हैं। 11 जुलाई, 2006 के मुंबई विस्फोट के तत्काल बाद हमारा समुदाय जिस किसी भी प्रकार से हो सका, विस्फोट पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आया। इसमें विपरीत, एक पूर्व घटना जिसमें मुंबई में एक चलती हुई उपनगरीय रेलगाड़ी में एक लड़की का पर्स छीन लिया गया, कोई भी व्यक्ति उसकी मदद के लिए आगे नहीं आया। दूसरे यात्रियों ने उनकी सहायता के लिए कुछ नहीं किया और लड़की को रेलगाड़ी से फेंक दिया गया। जहाँ तक कि जब लड़की रेल की पटरियों पर घायल पड़ी थी, उस क्षेत्र के आसपास के भवनों में रहनेवाले लोग भी उसकी मदद को नहीं आए।

Bihar Board Class 12 Psychology Solutions Chapter 6 अभिवृत्ति एवं सामाजिक संज्ञान

प्रश्न 12.
आपका मित्र बहुत अधिक अस्वास्थ्यकर भोजन करता है, आप भोजन के प्रति उसकी अभिवृत्ति में किस प्रकार से परिवर्तन लाएँगे? अथवा, लियान फेस्टिंगर के संज्ञानात्मक विसंवादिता के संप्रत्यय की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
मैं अपने मित्र के साथ बहुत अधिक अस्वास्थ्यकर भोजन करने की अभिवृत्ति में परिवर्तन लाने की कोशिश करूँगा। इसके लिए सियान फेस्टिंगर द्वारा प्रतिपादित संज्ञानात्मक विसंवादिता या विसंगति का संप्रत्यय का उपयोग किया जा सकता है। यह संज्ञानात्मक घट पर बल देता है। जहाँ पर आधारभूत तत्त्व यह है कि एक अभिवृत्ति के संज्ञानात्मक घटक निश्चित रूप से संवादी होने चाहिए उन्हें तार्किक रूप से एक-दूसरे के समान होना चाहिए। यदि एक व्यक्ति यह अनुभव करता है कि एक अभिवृत्ति में दो संज्ञान विसंवादी है तो इनमें एक संवादी की दिशा में परिवर्तित कर दिया जायगा। उदाहरण के लिए, निम्नलिखित विचारों (संज्ञान) को लिया जा सकता है –

संज्ञान – 1:  बहुत अधिक अस्वास्थ्यकर भोजन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है।
संज्ञान – 2:  मैं बहुत अस्वास्थ्यकर भोजन करता हूँ।

इन दोनों विचारों या संज्ञानों को मन में रखना किसी भी व्यक्ति को यह अनुभव करने के लिए प्रेरित करेगा कि अत्यधिक अस्वास्थ्यकर भोजन के प्रति अभिवृत्ति में कुछ न कुछ एक-दूसरे से संवादी है। अतः, इनमें से किसी एक विचार को बदल देना होगा जिससे कि संवादिता प्राप्त की जा सके। उस उदाहरण में विसंगित दूर करनेया कम करने के लिए अत्यधिक अस्वास्थ्यकर भोजन करना छोड़ देगा। यह विसंगित कम करने का स्वस्थ, तार्किक एवं अर्थपूर्ण तरीका होगा।

Bihar Board Class 12 Psychology अभिवृत्ति एवं सामाजिक संज्ञान Additional Important Questions and Answers

अति लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
सामाजिक अवरोध क्या है?
उत्तर:
सामाजिक अवरोध का अर्थ है दूसरों की उपस्थिति में अपरिचित अथवा नए कार्यों को निष्पादन में कमी।

प्रश्न 2.
समाजोपकारी व्यवहार किसे कहते हैं?
उत्तर:
वैसे व्यवहार जो संकटग्रस्त या जरूरतमंद लोगों के प्रति ध्यान देते हैं या सहायता करते हैं, समाजोपकारी व्यवहार कहलाते हैं।

Bihar Board Class 12 Psychology Solutions Chapter 6 अभिवृत्ति एवं सामाजिक संज्ञान

प्रश्न 3.
अभिवृत्ति को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
अभिवृत्ति मन की एक अवस्था है, किसी विषय के संबंध में विचारों का एक पुंज है जिसमें एक मूल्यांकनपरक विशेषता (सकारात्मक, नकारात्मक अथवा तटस्थता का गुण) पाई जाती है।

प्रश्न 4.
अभिवृत्ति के तीन घटक कौन-कौन-से हैं?
उत्तर:
अभिवृत्ति के तीन घटक हैं –

  1. विचारपरक घटक
  2. सांवेगिक घटक और
  3. क्रियात्मक घटक

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प्रश्न 5.
विचारपरक घटक को क्या कहा जाता है?
उत्तर:
विचारपरक घटक को संज्ञानात्मक पक्ष कहा जाता है।

प्रश्न 6.
सांवेगिक घटक को किस रूप में जाना जाता है?
उत्तर:
सांवेगिक घटक को भावात्मक पक्ष के रूप में जाना जाता है।

प्रश्न 7.
अभिवृत्ति के क्रियात्मक घटक को क्या कहा जाता है?
उत्तर:
अभिवृत्ति के क्रियात्मक घटक को व्यवहारपरक के रूप में जाना जाता है।

प्रश्न 8.
अभिवृत्ति के तीनों घटकों को संक्षेप में क्या कहा जाता है?
उत्तर:
संक्षेप में अभिवृत्ति के तीनों घटकों का उनके अंग्रेजी नाम के प्रथम अक्षर के आधार पर अभिवृत्ति का ए.बी.सी. घटक कहा जाता है।

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प्रश्न 9.
अभिवृत्ति के दो संप्रत्यय के नाम लिखिए।
उत्तर:
अभिवृत्ति के दो संप्रत्यय हैं-विश्वास और मूल्य।

प्रश्न 10.
अभिवृत्ति की कितनी प्रमुख विशेषताएँ हैं?
उत्तर:
अभिवृत्ति की चार प्रमुख विशेषताएँ हैं।

प्रश्न 11.
अभिवृत्ति की विशेषताओं को लिखिए।
उत्तर:
अभिवृत्ति की प्रमुख विशेषताएँ हैं –

  1. कर्षण-शक्ति (सकारात्मकता या नकारात्मकता)
  2. चरम सीमा
  3. सरलता या जटिलता बहुविधता तथा
  4. केन्द्रिकता

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प्रश्न 12.
अभिवृत्ति क्या है?
उत्तर:
सामाजिक प्रभाव के कारण लोक व्यक्ति के बारे में तथा जीवन से जुड़े विभिन्न विषयों के बारे में एक दृष्टिकोण विकसित करते हैं तो उनके अंदर एक व्यवहारात्मक प्रवृत्ति के रूप में विद्यमान रहती है, अभिवृत्ति कहलाती है।

प्रश्न 13.
छवि निर्माण किसे कहते हैं?
उत्तर:
जब हम लोगों से मिलते हैं जब हम उनके व्यक्तिगत गुणों या विशेषताओं के बारे। में अनुमान लगाते हैं इसे ही छवि निर्माण कहा जाता है।

प्रश्न 14.
गुणारोपण किस प्रक्रिया को कहते हैं?
उत्तर:
विभिन्न सामाजिक परिस्थितियों में प्रदर्शित व्यवहार के कारणों का आरोपण की प्रक्रिया को गुणारोपण कहते हैं।

प्रश्न 15.
सामाजिक संज्ञान को परिभाषित करें।
उत्तर:
उन सभी मानसिक प्रक्रियाओं का समुच्चय या पुंज जो हमारे आसपास के सामाजिक संसार को समझने में निहित है उसे सामाजिक संज्ञान कहा जाता है।

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प्रश्न 16.
किन तीन प्रक्रियाओं को संयुक्त रूप से सामाजिक संज्ञान कहा जाता है?
उत्तर:
अभिवृत्ति, छवि निर्माण और गुणारोपण की प्रक्रिया को संयुक्त रूप से सामाजिक संज्ञान कहा जाता है।

प्रश्न 17.
प्रेक्षणीय व्यवहार के रूप में सामाजिक प्रभाव को प्रदर्शित करनेवाले कुछ उदाहरण दें।
उत्तर:
प्रेक्षणीय व्यवहार के रूप में सामाजिक प्रभाव को प्रदर्शित करने वाले कुछ उदाहरण हैं-सामाजिक सुगमीकरण/अवरोध तथा समाजोन्मुख या समाजोपकारी व्यवहार।

प्रश्न 18.
सामाजिक सुगमीकरण का क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
सामाजिक सुगमीकरण का तात्पर्य है दूसरों की उपस्थिति में किसी कार्य के निष्पादन में सुधार।

प्रश्न 19.
द्विस्तरीय संप्रत्यय को किसने प्रस्तावित किया?
उत्तर:
द्विस्तरीय संप्रत्यय को एक भारतीय वैज्ञानिक एम.एम. मोहसिन ने प्रस्तावित किया।

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प्रश्न 20.
तादात्म्य स्थापित करने का आशय स्पष्ट करें।
उत्तर:
तादात्म्य स्थापित करने का आशय है कि लक्ष्य स्रोत को पसंद करता है एवं उसके प्रति एक सम्मान रखता है। वह स्वयं को लक्ष्य के स्थान पर रखकर उसके जैसा अनुभव करने का प्रयास करता है।

प्रश्न 21.
द्विस्तरीय संप्रत्यय के प्रथम स्तर या चरण में क्या होता है?
उत्तर:
प्रथम स्तर या चरण में परिवर्तन का लक्ष्य स्रोत से तादात्म्य स्थापित करता है।

प्रश्न 22.
अभिवृत्ति परिवर्तन को प्रभावित करनेवाले कारक कौन-कौन-से हैं?
उत्तर:
अभिवृत्ति परिवर्तन को प्रभावित करनेवाले कारक निम्न हैं –
अभिवृत्ति की विशेषताएँ, स्रोत की विशेषताएँ, संदेश की विशेषताएँ एवं लक्ष्य की विशेषताएँ।

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प्रश्न 23.
स्रोत की कौन-सी दो विशेषताएँ अभिवृत्ति परिवर्तन को प्रभावित करती हैं?
उत्तर:
स्रोत की विश्वसनीयता एवं आकर्षकता ये दो विशेषताएँ अभिवृत्ति परिवर्तन को प्रभावित करती हैं।

प्रश्न 24.
लक्ष्य के कौन-कौन-से गुण अभिवृत्ति परिवर्तन की संभावना एवं विस्तार को प्रभावित करते हैं?
उत्तर:
लक्ष्य के गुण जैसे-अनुनयता, प्रबल पूर्वाग्रह, आत्म सम्मान एवं बुद्धि अभिवृत्ति परिवर्तन की संभावना एवं विस्तार को प्रभावित करते हैं।

प्रश्न 25.
कर्षण-शक्ति हमें क्या बताती है?
उत्तर:
अभिवृत्ति की कर्षण-शक्ति हमें यह बताती है कि अभिवृत्ति विषय के प्रति कोई अभिवृत्ति सकारात्मक है अथवा नकारात्मक।

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प्रश्न 26.
अभिवृत्ति की चरम सीमा क्या इंगित करती है?
उत्तर:
अभिवृत्ति की चरम सीमा यह इंगित करती है कि अभिवृत्ति किस सीमा तक सकारात्मक या नकारात्मक है।

प्रश्न 27.
अभिवृत्ति की विशेषता सरलता या जटिलता का क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
इस विशेषता से तात्पर्य है कि एक व्यापक अभिवृत्ति की कितनी अभिवृत्तियाँ होती हैं। जब अभिवृत्ति तंत्र में एक या बहुत थोड़ी-सी अभिवृत्तियाँ हों तो उसे सरल और जब वह अनेक अभिवृत्तियों से बना हो तो उसे ‘जटिल’ कहा जाता है।

प्रश्न 28.
विश्वास की परिभाषा लिखिए।
उत्तर:
विश्वास, अभिवृत्ति के संज्ञानात्मक घटक को इंगित करते हैं तथा ऐसे आधार का निर्माण करते हैं जिन पर अभिवृत्ति टिकी है; जैसे-ईश्वर में विश्वास।

प्रश्न 29.
‘मूल्य’ से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
मूल्य, ऐसी अभिवृत्ति या विश्वास है जिसमें ‘चाहिए’ का पक्ष निहित रहता है; जैसे-आचारपरक या नैतिक मूल्य।

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प्रश्न 30.
एक ऐसी अभिवृत्ति का उदाहरण दें जिसमें अनेक अभिवृत्तियाँ पाई जाती हों।
उत्तर:
स्वास्थ्य एवं कुशल-क्षेम के प्रति अभिवृत्ति जिसमें अनेक अभिवृत्तियाँ पाई जाती हैं; जैसे-शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य का सम्प्रत्यय, प्रसन्नता एवं कुशल-क्षेम के प्रति उसका दृष्टिकोण एवं व्यक्ति की स्वास्थ्य एवं प्रसन्नता प्राप्त करने के संबंध में उसका विश्वास एवं मान्यताएँ।

प्रश्न 31.
केन्द्रिकता का क्या अर्थ है?
उत्तर:
केन्द्रिकता अभिवृत्ति तंत्र में किसी विशिष्ट अभिवृत्ति की भूमिका को बताता है।

प्रश्न 32.
कौन-कौन से कारक अभिवृत्तियों के अधिगम के लिए एक संदर्भ प्रदान करते हैं?
उत्तर:
अभिवृत्तियों के अधिगम के लिए संदर्भ प्रदान करनेवाले कारक हैं-परिवार एवं विद्यालय का परिवेश, संदर्भ समूह, व्यक्तिगत अनुभव और संचार माध्यम संबद्ध प्रभाव।

प्रश्न 33.
संतुलन के संप्रत्यय को किसने प्रस्तावित किया?
उत्तर:
फ्रिट्ज हाइडर ने संतुलन के संप्रत्यय को प्रस्तावित किया।

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प्रश्न 34.
संतुलन के संप्रत्यय को किस रूप में कभी-कभी व्यक्त किया जाता है?
उत्तर:
संतुलन के संप्रत्यय को कभी-कभी पी-ओ-एक्स त्रिकोण के रूप में व्यक्त किया जाता है।

प्रश्न 35.
लियॉन फेस्टिंगर ने किसका संप्रत्यय प्रतिपादित किया?
उत्तर:
लियॉन फेस्टिगर ने संज्ञानात्मक विसंवादिता या विसंगति का संप्रत्यय प्रतिपादित किया।

प्रश्न 36.
संज्ञानात्मक विसंवादित या विसंगति का संप्रत्यय किस घटक पर बल देता है?
उत्तर:
संज्ञानात्मक विसंवादित या संज्ञानात्मक घटक पर बल देता है।

प्रश्न 37.
संज्ञानात्मक संगति से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
संज्ञानात्मक संगति का अर्थ है कि अभिवृत्ति या अभिवृत्ति तंत्र के दो घटकों, पक्षों का तत्वों को एक दिशा में होना चाहिए एवं प्रत्येक तत्व को तार्किक रूप से एक समान होना चाहिए।

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प्रश्न 38.
संज्ञानात्मक संगति के दो उदाहरण बताइए।
उत्तर:
संतुलन एवं संज्ञानात्मक विसंवादिता दोनों संज्ञानात्मक संगति के उदाहरण हैं।

प्रश्न 39.
एक स्कीमा या अन्विति योजना क्या है?
उत्तर:
एक स्कीमार या अन्विति योजना एक ऐसी मानसिक संरचना है जो किसी वस्तु के बारे में सूचना के प्रक्रमण के लिए एक रूपरेखा, नियमों का समूह या दिशा-निर्देश प्रदान करती है। ये हमारी स्मृति में संग्रहित मौलिक इकाइयाँ हैं तथा ये सूचना प्रक्रमण के लिए आशुलिपि की तरह कार्य करती हैं।

प्रश्न 40.
सामाजिक स्कीमा किसे कहते हैं?
उत्तर:
सामाजिक संज्ञान के संदर्भ में मौलिक इकाइयाँ सामाजिक स्कीमा होती हैं।

प्रश्न 41.
किस प्रकार के स्कीमा को आद्यरूप कहा जाता है?
उत्तर:
वे स्कीमा जो संवर्ग के रूप में कार्य करती हैं, उन्हें आद्यरूप कहा जाता है।

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प्रश्न 42.
व्यक्ति को जानने या समझने की प्रक्रिया को कितने वर्गों में विभाजित किया जा सकता है?
उत्तर:
व्यक्ति को जानने या समझने की प्रक्रिया को दो वर्गों में विभाजित किया जा सकता है –

  1. छवि निर्माण तथा
  2. गणारोपण

प्रश्न 43.
प्रत्यक्षणकर्ता कौन होता है?
उत्तर:
वह व्यक्ति जो छवि बनाता है, उसे प्रत्यक्षणकर्ता कहते हैं।

प्रश्न 44.
लक्ष्य किसे कहा जाता है?
उत्तर:
वह व्यक्ति जिसके बारे में छवि बनाई जाती है, उसे लक्ष्य कहा जाता है।

प्रश्न 45.
प्रत्यक्षणकर्ता के कार्य क्या हैं?
उत्तर:
प्रत्यक्षणकर्ता लक्ष्य के गुणों के संबंध में सूचनाएँ एकत्र करता है या दी गई सूचना के प्रति अनुक्रिया करता है, सूचनाओं को संगठित करता है तथा लक्ष्य के बारे में निष्कर्ष निकालता है।

प्रश्न 46.
गुणारोपण में प्रत्यक्षणकर्ता क्या करता है?
उत्तर:
गुणारोपण में प्रत्यक्षणकर्ता व्याख्या करता है कि क्यों लक्ष्य ने किसी विशिष्ट प्रकार से व्यवहार किया।

प्रश्न 47.
गुणारोपण का मुख्य तत्त्व क्या है?
उत्तर:
लक्ष्य के व्यवहार के लिए कारण देना गुणारोपण का मुख्य तत्त्व है।

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प्रश्न 48.
छवि निर्माण की प्रक्रिया में तीन कौन-सी उप-प्रक्रियाएँ होती हैं?
उत्तर:
छवि निर्माण की प्रक्रिया में तीन उप-प्रक्रियाएँ होती हैं-चयन, संगठन और अनुमान।

प्रश्न 49.
प्रथम प्रभाव से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
पहले प्रस्तुत की जानेवाली सूचना का प्रभाव में प्रस्तुत की जानेवाली सूचना से अधिक प्रबल होती है। इसे प्रथम प्रभाव कहते हैं।

प्रश्न 50.
मूल गुणारोपण त्रुटि किसे कहते हैं?
उत्तर:
गुणारोपण करने में लोगों में आंतरिक या प्रवृत्तिपरक कारकों को बाह्य या परिस्थितिजन्य कारकों की अपेक्षा अधिक महत्त्व देने की एक समग्र प्रवृत्ति पाई जाती है। इसे ही मूल गुणारोपण त्रुटि कहा जाता है।

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प्रश्न 51.
कर्ता भूमिका और प्रेक्षक भूमिका के मध्य मुख्य अंतर क्या हैं?
उत्तर:
किसी व्यक्ति द्वारा स्वयं के सकारात्मक एवं नकारात्मक अनुभवों के लिए किये जानेवाले गुणारोपण कर्ता भूमिका कहलाता है जबकि दूसरे व्यक्ति के सकारात्मक एवं नकारात्मक अनुभवों के लिए किये जानेवाले गुणारोपण प्रक्षेक भूमिका कहलाता है।

प्रश्न 52.
सामाजिक स्वैराचर या सामाजिक श्रमाव-नयन क्या है?
उत्तर:
यदि हम समूह में एक साथ कार्य कर रहे हैं तो जितना ही बड़ा समूह होगा उतना ही कम प्रयास प्रत्येक सदस्य करेगा। दायित्व के विसरण पर आधारित इस गोचर को सामाजिक स्वरौचार या सामाजिक श्रमावनयन हैं।

प्रश्न 53.
अभिवृत्ति निर्माण को प्रभावित करनेवाले कौन-कौन से कारक हैं?
उत्तर:
अभिवृत्ति निर्माण को प्रभावित करनेवाले कारक निम्नलिखित हैं:

  1. परिवार एवं विद्यालय का परिवेश
  2. संदर्भ समूह
  3. व्यक्तिगत अनुभव
  4. संचार माध्यम संबंद्ध प्रभाव

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प्रश्न 54.
आसन्नता प्रभाव क्या है?
उत्तर:
सभी सूचनाओं पर ध्यान देने पर सूचनाएँ अंत में आती हैं उनका अधिक प्रबल प्रभाव होता है। यह आसन्नता प्रभाव के नाम से जाना जाता है।

प्रश्न 55.
पूर्वाग्रह को परिभाषित करें।
उत्तर:
पूर्वाग्रह किसी विशिष्ट समूह के प्रति नकारात्मक अभिवृत्ति है एवं अनेक स्थितियों में विशिष्ट समूह के संबंध में रूढ़धारणा पर आधारित होते हैं।

प्रश्न 56.
रूढ़धारणा किसे कहते हैं?
उत्तर:
रूढ़धारणा जो कि एक प्रकार का सामाजिक स्कीमा है में एक विशिष्ट समूह के प्रति अति सामन्यीकृत विश्वास होता है जो प्रायः पूर्वाग्रहों को उत्पन्न करता है एवं उन्हें दृढ़ता प्रदान करता है।

प्रश्न 57.
पूर्वाग्रह किन स्रोतों के द्वारा अधिगमित किए जा सकते हैं?
उत्तर:
पूर्वाग्रह साहचर्य, पुरस्कार एवं दंड, दूसरों के प्रेक्षण, समूह या संस्कृति के मानक तथा सूचनाओं की उपलब्धता, परिवार, संदर्भ समूह, व्यक्तिगत अनुभव तथा संचार माध्यम के द्वारा अधिगमित किये जा सकते हैं।

प्रश्न 58.
संज्ञान क्या है?
उत्तर:
संज्ञान उन सभी मानसिक प्रक्रियाओं को इंगित करता है जो सूचना को प्राप्त करने और उसके प्रक्रमण से जुड़ हैं।

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प्रश्न 59.
सामाजिक संज्ञान से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
सामाजिक संज्ञान उन सभी मानसिक प्रक्रियाओं को इंगित करता है जो सामाजिक वस्तुओं से संबद्ध सूचना को प्राप्त करने और उनका प्रक्रमण करने से जुड़े हैं। इनमें वे सभी प्रक्रियाएँ आती हैं जो सामाजिक व्यवहार को समझने, उनकी व्याख्या करने एवं विवेचना करने. में सहायक होती हैं।

प्रश्न 60.
सामाजिक संज्ञान किससे निर्देशित होते हैं?
उत्तर:
सामाजिक संज्ञान मानसिक इकाइयों जिन्हें स्कीमा अन्विति योजना कहते हैं, के द्वारा निर्देशित होते हैं।

प्रश्न 61.
‘परहितवाद’ क्या है?
उत्तर:
परहितवाद का अर्थ है बिना किसी आत्महित के भाव के दूसरों के लिए कुछ करना उनके कल्याण के बारे में सोचना।

प्रश्न 62.
दूसरों की उपस्थिति का कार्य निष्पादन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
कार्य निष्पादन को दूसरों की उपस्थिति से सहज किया जा सकता है एवं सुधारा जा संकता है या अवरुद्ध अथवा खराब किया जा सकता है।

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प्रश्न 63.
परिवेश प्रभाव क्या होता है?
उत्तर:
एक लक्ष्य व्यक्ति जिसमें सकारात्मक गुणों का एक समुच्चय है उसमें इस प्रथम समुच्चय से जुड़े दूसरे विशिष्ट सकारात्मक गुण भी होने चाहिए। यह परिवेश प्रभाव के रूप जाना जाता है।

प्रश्न 64.
दूसरों की उपस्थिति में किन कारणों से विशिष्ट कार्य का निष्पादन प्रभावित होता है?
उत्तर:
दूसरों की उपस्थिति में बेहतर कार्यों का निष्पादन निम्न कारणों से प्रभावित होता है-भाव प्रबोधन, मूल्यांकन, बोध, कार्य की प्रकृति एवं सह क्रिया परिस्थिति।

लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
विश्वास और मूल्य में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
विश्वास अभिवृत्ति के संज्ञानात्मक घटक को इंगित करते हैं तथा ऐसे आधार का निर्माण करते हैं जिन अभिवृत्ति टिकी है, जैसे ईश्वर में विश्वास या राजनीतिक विचारधारा के रूप में प्रजातंत्र में विश्वास। मूल्य, ऐसी अभिवृत्ति या विश्वास है जिसमें ‘चाहिए’ का पक्ष निहित रहता है; जैसे-आचारपरक या नैतिक मूल्य। एक व्यक्ति को मेहनत करनी चाहिए, या एक व्यक्ति को हमेशा ईमानदार रहना चाहिए, क्योंकि ईमानदारी सर्वोत्तम नीति है, ऐसे विचार मूल्य के उदाहरण हैं। मूल्य का निर्माण तब होता है जब कोई विशिष्ट विश्वास या अभिवृत्ति व्यक्ति के जीवन के प्रति उसके दृष्टिकोण का एक अभिन्न अंग बन जाती है। इसे परिणामस्वरूप मूल्य में परिवर्तन करना कठिन है।

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प्रश्न 2.
स्रोत की विशेषताएँ किस प्रकार अभिवृत्ति परिवर्तन को प्रभावित करती हैं? संक्षेप में समझाइए।
उत्तर:
स्रोत की विश्वसनीयता (Credibility) एवं आकर्षकता (Attractiveness) ये दो विशेषताएँ हैं जो अभिवृत्ति परिवर्तन को प्रभावित करती हैं। अभिवृत्तियों में परिवर्तन तब अधिक संभव है जब सूचना एक उच्च विश्वसनीय स्रोत से आती है न कि एक निम्न विश्वसनीय स्रोत से। उदाहरणार्थ, जो युवक एक लैपटॉप खरीदने की योजना बना रहे हैं वे एक कंप्यूटर इंजीनियर, या उन्हें लैपटाप के एक विशिष्ट ब्रांड की विशिष्ट विशेषताओं को बताता है, जो अधिक प्रभावित होंगे तुलना में एक स्कूली बच्चे से जो संभव है कि उन्हें बड़ी सूचनाएँ प्रदान करें। परंतु यदि खरीदार स्वयं स्कूल के बच्चे हैं तो वे लैपटाप का विज्ञापन करनेवाले स्कूल के दूसरे बालक से अधिक प्रभावित होंगे तुलना में उसी प्रकार की सूचना देनेवाले एक व्यावसायिक व्यक्ति से। कुछ दूसरे उत्पादों, जैसे-कार की बिक्री को बढ़ाया जा सकता है यदि उनका प्रचार विशेषज्ञों से न कराकर किसी लोकप्रिय हस्ती से कराया जाए।

प्रश्न 3.
लक्ष्य से विभिन्न गुण अभिवृत्ति परिवर्तन को किस प्रकार प्रभावित करते हैं? संक्षेप में व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
लक्ष्य के गुण, जैसे अनुनयता, प्रबल पूर्वाग्रह, आत्म-सम्मान और वृद्धि अभिवृत्ति परिवर्तन का संभावना एवं विस्तार को प्रभावित करते हैं। वे लोग जिनका व्यक्ति अधिक खुला एवं लचीला होता है, आसानी से परिवर्तित हो जाते हैं। कम प्रबल पूर्वाग्रह वाले लोगों की तुलना में प्रबल पूर्वाग्रह रखनेवाले अभिवृत्ति परिवर्तन के लिए कम प्रवण होते हैं। उच्च आत्म-सम्मान वालों की तुलना में वैसे लोग जिनमें आत्म-विश्वास नहीं होता है अपनी अभिवृत्तियों में आसानी से परिवर्तन कर लेते हैं। कम वृद्धि वाले लोगों की तुलना में अधिक बुद्धिमान व्यक्तियों में अभिवृत्ति परिवर्तन की संभावना कम होती है। हालाँकि, कभी-कभी अधिक बुद्धिमान व्यक्ति कम बुद्धि वाले व्यक्तियों की तुलना में अपनी अभिवृत्ति को अधिक सूचना एवं चिंतन पर आधारित करते हैं।

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प्रश्न 4.
पूर्वाग्रह नियंत्रण की युक्तियों को किस प्रकार प्रभावी बनाया जा सकता है? उन लक्ष्यों को किस प्रकार प्राप्त किया जा सकता है?
उत्तर:
पूर्वाग्रहों नियंत्रण की युक्तियाँ तब अधिक प्रभावी होंगी जब उनका प्रयास होगा –

(अ) पूर्वाग्रहों के अधिगम के अवसरों को कम करना।
(ब) ऐसी अभिवृत्तियों को परिवर्तित करना।
(स) अंत:समूह पर आधारित संकुचित सामाजिक अनन्यता के महत्त्व को कम करना।
(द) पूर्वाग्रह के शिकार लोगों में स्वतः साधक भविष्योक्ति की प्रवृत्ति को हतोत्साहित करना। इन लक्ष्यों को निम्न प्रकार से प्राप्त किया जा सकता है।

1. शिक्षा एवं सूचना के प्रसार द्वारा विशिष्ट समूह से संबद्ध रूढ़ धारणाओं को संशोधित करना एवं प्रबल अंतः समूह अभिनति की समस्या से निपटना।

2. अंत: समूह संपर्क को बढ़ाना प्रत्यक्ष संपेषण, समूहों के मध्य अविश्वास को दूर करने तथा बाह्य समूह के सकारात्मक गुणों को खोज करने का अवसर प्रदान करना है। हालाँकि ये युक्तियाँ तभी सफल होती हैं, जब दो समूह प्रतियोगी संदर्भ के स्थान पर एक सहयोगी संदर्भ में मिलते हैं। समूहों के मध्य घनिष्ठ अंत:क्रिया एक दूसरे को समझने या जानने में सहायता करती है। दोनों समूह शक्ति या प्रतिष्ठा में भिन्न नहीं होते हैं।

3. समूह अनन्यता की जगह व्यक्तिगत अनन्यता को विशिष्टता प्रदान करना अर्थात् दूसरे व्यक्ति के मूल्यांकन के आधार के रूप में समूह (अंतः एवं बाह्य दोनों ही समूह) के महत्त्व को बलहीन करना।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
अभिवृत्ति की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
अभिवृत्ति की चार प्रमुख विशेषताएँ हैं-कर्षण-शक्ति, चरम-सीमा, सरलता या जटिलता तथा केंद्रिकता।

1. कर्षण-शक्ति (सकारात्मक या नकारात्मक):
अभिवृत्ति की कर्षण-शक्ति हमें यह बताती है कि अभिवृत्ति-विषय के प्रति कोई अभिवृत्ति सकारात्मक है अथवा नकारात्मक। उदाहरण के लिए यदि किसी अभिवृत्ति (जैसे-नाभिकीय शोध के प्रति अभिवृत्ति) को 5 बिंदु मापनी व्यक्त करना है जिसका प्रसार

  • (बहुत खराब)
  • (खराब)
  • (तटस्थ-न खराब न अच्छा)
  • (अच्छा) से
  • (बहुत अच्छा) तक है। यदि कोई व्यक्ति नाभिकीय शोध के प्रति अपने दृष्टिकोण या मत का आकलन इस मापनी या 4 या 5 करता है तो स्पष्ट रूप से यह एक सकारात्मक अभिवृत्ति है। इसका अर्थ यह है कि व्यक्ति नाभिकीय शोध के विचार को पसंद करता है तथा सोचता है कि यह कोई अच्छी चीज है।
  • दूसरी ओर यदि आकलित मूल्य 1 या 2 है तो अभिवृत्ति नकारात्मक है। इसका अर्थ यह है कि व्यक्ति नाभिकीय शोध के विचार को नापंसद करता है एवं सोचता है कि यह कोई खराब चीज है।
  • हम तटस्थ अभिवृत्तियों को भी स्थान देते हैं। यदि इस उदाहरण में नाभिकीय शोध के प्रति तटस्थ अभिवृत्ति इस मापनी पर अंक 3 के द्वार प्रदर्शित की जाएगी। एक तटस्थ अभिवृत्ति में कर्षण-शक्ति न तो सकारात्मक होगी, न ही नकारात्मक।

2. चरम-सीमा-एक अभिवृत्ति की चरम-सीमा यह इंगित करती है कि अभिवृत्ति किस सीमा तक सकारात्मक या नकारात्मक है। नाभिकीय शोध के उपयुक्त उदाहरण में मापनी मूल्य ‘1’ उसी चरम-सीमा का है जितना कि ‘5’। बस अंतर इतना है कि दोनों ही विपरीत दिशा में है। तटस्थ अभिवृत्ति नि:संदेह न्यूनतम तीव्रता की है।

3. सरलता या जटिलता (बहुविधता)-इस विशेषता से तात्पर्य है कि एक व्यापक अभिवृत्ति के अंतर्गत कितनी अभिवृत्तियाँ होती हैं। उस अभिवृत्ति को एक परिवार के रूप में समझना चाहिए जिसमें अनेक ‘सदस्य’ अभिवृत्तियाँ हैं। बहुत-से विषयों (जैसे स्वास्थ्य एवं विश्व शांति) के संबंध में लोग एक अभिवृत्ति के स्थान पर अनेक अभिवृत्तियाँ रखते हैं। जब अभिवृत्ति तंत्र में एक या बहुत थोड़ी-सी अभिवृत्तियाँ हो तो उसे ‘सरल’ कहा जाता है और जब वह अनेक अभिवृत्तियों से बना हो तो उसे ‘जटिल’ कहा जाता है।

स्वास्थ्य एवं कुशल-क्षेम के प्रति अभिवृत्तियों के पाए जाने की संभावना है, जैसे व्यक्ति की शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य का संप्रत्यय, प्रसन्नता एवं कुशल-क्षेम के प्रति उसका दृष्टिकोण एवं व्यक्ति स्वास्थ्य एवं प्रसन्नता कैसे प्राप्त कर सकता है, इस संबंध में उसका विश्वास एवं मान्यताएँ। इसके विपरीत, किसी व्यक्ति विशेष के प्रति अभिवृत्ति में मुख्य रूप में एक अभिवृत्ति के पाये जाने की संभावना है। एक अभिवृत्ति तंत्र के घटकों के रूप में नहीं देखना चाहिए। एक अभिवृत्ति तंत्र के प्रत्येक सदस्य अभिवृत्ति में भी संभाव्य या (ए. बी. सी.) घटक होता है।

4. केंद्रिकता:
यह अभिवृत्ति तंत्र में किसी विशिष्ट अभिवृत्ति की भूमिका को बताता है। गैर-केंद्रीय (या परिधीय) अभिवृत्तियों की तुलना में अधिक केंद्रिकता वाली कोई अभिवृत्ति, अभिवृत्ति तंत्र की अन्य अभिवृत्तियों को अधिक प्रभावित करेगी। उदाहरण के लिए, विश्वशांति के प्रति अभिवृत्ति में सैनिक व्यय के प्रति एक नकारात्मक अभिवृत्ति, एक प्रधान या केंद्रीय अभिवृत्ति के रूप में हो सकती है तो बहु-अभिवृत्ति तंत्र की अन्य अभिवृत्तियों को प्रभावित कर सकती है।

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प्रश्न 2.
क्या अभिवृत्तियाँ अधिगत होती हैं? वे किस प्रकार से अधिगत होती हैं? व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
हाँ, अभिवृत्तियाँ अधिगत होती हैं। सामान्यतया अभिवृत्तियाँ स्वयं के अनुभव तथा दूसरों से अंत:क्रिया के माध्यम से सीखी जाती हैं। अधिगम की प्रक्रियाएँ एवं दशाएँ भिन्न हो सकती हैं, जिसके परिणामस्वरूप लोगों में विविध प्रकार के अभिवृत्तियाँ उत्पन्न हो सकती हैं।

1. साहचर्य के द्वारा अभिवृत्तियों का अधिगम:
विद्यार्थी अध्यापन के कारण एक विशिष्ट विषय के प्रति रुचि विकसित कर लेता है। यह इसलिए होता है कि वे उस अध्यापक में अनेक सकारात्मक गुण देखते हैं; ये सकारात्मक गुण उसे विषय के साथ जुड़ जाते हैं जिसे वह पढ़ाता है और अंततोगत्वा उस विषय के प्रति रुचि के रूप में अभिव्यक्त होता है। दूसरे शब्दों में विषय के प्रति सकारात्मक अभिवृत्ति अध्यापक एवं विद्यार्थी के मध्य सकारात्मक साहचर्य के द्वारा सीखी या अधिगमित की जाती है।

2. पुरस्कृत या दंडित होने के कारण अभिवृत्तियों को सीखना:
यदि एक विशिष्ट अभिवृत्ति को प्रदर्शित करने के लिए किसी व्यक्ति की प्रशंसा की जाती है तो यह संभावना उच्च हो जाती है कि वह आगे चलकर उस अभिवृत्ति को विकसित करेगा। उदाहरण के लिए, यदि एक किशोरी नियमित रूप से योगासन करती है एवं अपने विद्यालय में ‘मिस गुड हेल्थ’ का सम्मान पाती है, तो वह योग एवं स्वास्थ्य के प्रति एक सकारात्मक अभिवृत्ति विकसित कर सकती है। इसी प्रकार यदि एक बालक समुचित आहार के स्थान पर सड़ा-गला या अस्वास्थ्यकर भोजन लेने के कारण लगातार बीमार रहता है तो संभव है कि बालक अस्वास्थ्यकर भोजन के प्रति नकारात्मक एवं स्वास्थ्यकर भोजन के प्रति सकारात्मक अभिवृत्ति विकसित करे।

3. प्रतिरूपकण (दूसरों के प्रेक्षण) के द्वारा अभिवृत्ति का अधिगत करना:
प्रायः ऐसा नहीं होता है कि हम मात्र साहचर्य या पुरस्कार एवं दंड के द्वारा ही अभिवृत्तियों का अधिगम करते हैं बल्कि हम दूसरों को अभिवृत्ति-विषय के प्रति एक विशिष्ट प्रकार का विचार व्यक्त करने या व्यवहार प्रदर्शित करने के लिए पुरस्कृत या दंडित होते देखकर कि माता-पिता बड़ों के प्रति आदर प्रदर्शित करते हैं एवं इसके लिए सम्मान पाते हैं, वे बड़ों के प्रति एक श्रद्धालु अभिवृत्ति विकसित कर सकते हैं।

4. समूह या सांस्कृतिक मानकों के द्वारा अभिवृत्ति का अधिगम करना:
प्रायः हम अपने समूह या संस्कृति के मानकों के माध्यम से अभिवृत्तियों का अधिगम करते हैं। मानक अलिखित नियम होते हैं जिनका विशिष्ट परिस्थितियों में पालन करने की अपेक्षा सभी से की जाती है।

कालांतर में ये मानक अभिवृत्ति के रूप में हमारे सामाजिक संज्ञान के अंग बन जाते हैं। समूह या संस्कृति के मानकों के माध्यम से अभिवृत्तियों का अधिगम करना वस्तुतः ऊपर वर्णित तीनों प्रकार के अधिगम-साहचर्य, पुरस्कार या दंड तथा प्रतिरूपण के माध्यम से अधिगम के उदाहरण हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, पूजा या आराधना स्थल पर रुपया-पैसा, मिठाई, फल एवं फल भेंट करना कुछ धर्मों में एक आदर्श व्यवहार है। जब लोग देखते हैं कि ऐसे व्यवहार दूसरों के द्वारा प्रदर्शित किए जाते हैं, इनको समाज से स्वीकृति एवं मान्यता प्राप्त है तो वे अंततोगत्वा ऐसे व्यवहार एवं उससे संबद्ध समर्पण की भावना के प्रति एक सकारात्मक अभिवृत्ति विकसित कर लेते हैं।

5. सूचना के प्रभाव से अधिगम:
अनेक अभिवृत्तियों का अधिगम सामाजिक संदर्भो में होता है परंतु आवश्यक नहीं है कि यह दूसरों की शारीरिक या वास्तविक उपस्थिति में ही हो। आजकल विभिन्न संचार माध्यमों के द्वारा प्रदत्त सूचना के विशाल भंडार के कारण सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों ही प्रकार की अभिवृत्तियों का निर्माण होता है। आत्मसिद्ध (Selfactualised) व्यक्ति की जीवनी पढ़ने से एक व्यक्ति जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए कठोर परिश्रम एवं अन्य पक्षों के प्रति एक सकारात्मक अभिवृत्ति विकसित कर सकता है।

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प्रश्न 3.
सामाजिक सुकरीकरण किस प्रकार से होता है?
उत्तर:
जब दूसरों की उपस्थिति से किसी विशिष्ट कार्य का निष्पादन प्रभावित होता है तो इसे सामाजिक सुकरीकरण कहा जाता है।

1. दूसरों की उपस्थिति में बेहतर निष्पादन इसलिए होता है क्योंकि व्यक्ति भाव प्रबोधन (Arousal) का अनुभव कर रहा होता है जो उस व्यक्ति को अधिक तीव्र या गहन प्रतिक्रिया करने योग्य बनाती है। यह व्याख्या जाइंस के द्वारा दी गई है। इस नाम का उच्चारण ‘साइंस’ की तरह करते हैं।

2. यह भाव-प्रबोधन इसलिए होता है क्योंकि व्यक्ति यह अनुभव करता है कि उसका मूल्यांकन किया जा रहा है। कॉटरेल (Cottrell) ने इस विचार को मूल्यांकन बोध (Evaluation apprehension) कहा है। व्यक्ति की प्रशंसा की जाएगी यदि उसका निष्पादन अच्छा होगा (पुरसकार), या अलोचना की जाएगी यदि निष्पादन खराब होगा (दंड)। हम प्रशंसा पाना चाहते हैं कि आलोचना का परिहार करना चाहते हैं, इसलिए हम भली प्रकार से निष्पादन करने और त्रुटियों को दूर करने का प्रयास करते हैं।

3. निष्पादित किए जानेवाले कार्य की प्रकृति (Nature of the task) भी दूसरो की उपस्थिति में निष्पादन को प्रभावित करती है। उदाहरण के लिए, सरल या परिचित कार्य की दशा में व्यक्ति अच्छे निष्पादन के लिए अधिक आश्वस्त रहता है और प्रशंसा या पुरस्कार पाने की उत्कंठा भी अधिक प्रबल रहती है। इसलिए लोगों की उपस्थिति में व्यक्ति अच्छा निष्पादन करता है तुलना में जब वह अकेले होता है। परंतु जटिल या नए कार्य की दशा में व्यक्ति त्रुटियाँ करने के भय से ग्रस्त हो सकता है। आलोचना या दंड का भय प्रबल होता है। इसलिए जब व्यक्ति अकेला होता है तो उसकी तुलना में वह लोगों की उपस्थिति में खराब निष्पादन करता है।

4. यदि दूसरे उपस्थित लोग भी उसी कार्य को कर रहे हों तो इस सह-क्रिया (Co-action) परिस्थिति कहा जाता है। इस परिस्थिति में एक सामाजिक तुलना एवं प्रतियोगिता होती है। इस स्थिति में भी जब कार्य सरल या परिचित होता है तो सह-क्रिया की दशा में निष्पादन अच्छा होता है. तुलना में जब व्यक्ति अकेला होता है।

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प्रश्न 4.
अभिवृत्ति निर्माण को प्रभावित करनेवाले कारकों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
अभिवृत्ति निर्माण को प्रभावित करनेवाले कारक निम्नलिखित हैं –
1. परिवार एवं विद्यालय का परिवेश:-विशेष रूप से जीवन के प्रारंभिक वर्षों में अभिवृत्ति निर्माण करने में माता-पिता एवं परिवार के अन्य सदस्य महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बाद में विद्यालय का परिवेश अभिवृत्ति निर्माण के लिए एक महत्त्वपूर्ण पृष्ठभूमि बन जाता है। परिवार एवं विद्यालय में अभिवृत्तियों का अधिकता आमतौर पर साहचर्य, पुरस्कार और दंड तथा प्रतिरूपण के माध्यम से होता है।

2. संदर्भ समूह-संदर्भ समूह एक व्यक्ति को सोचने एवं व्यवहार करने के स्वीकृत नियमों या मानकों को बताते हैं। अतः, ये समूह या संस्कृति के मानकों के माध्यम से अभिवृत्तियों के अधिगम को दर्शाते हैं। विभिन्न विषयों जैसे-राजनीतिक, धार्मिक तथा सामाजिक समूह, व्यवसाय, राष्ट्रीय एवं अन्य मुद्दों के प्रति अभिवृत्ति प्राय: संदर्भ समूह के माध्यम से ही विकसित होती है। यह प्रभाव विशेष रूप से किशोरावस्था के प्रारंभ में अधिक स्पष्ट होता है जब व्यक्ति के लिए यह अनुभव करना महत्त्वपूर्ण होता है कि वह किसी समूह का सदस्य है। इसलिए अभिवृत्ति निर्माण में संदर्भ समूह की भूमिका एवं दंड के द्वारा अधिगम का भी एक उदाहरण हो सकता है।

3. व्यक्तिगत अनुभव-अनेक अभिवृत्तियों का निर्माण पारिवारिक परिवेश में या संदर्भ समूह के माध्यम से नहीं होता बल्कि इनका निर्माण प्रत्यक्ष व्यक्तिगत अनुभव के द्वारा होता है, जो लोगों के साथ स्वयं के जीवन के प्रति हमारी अभिवृत्ति में प्रबल परिवर्तन उत्पन्न करता है। यहाँ वास्तविक जीवन से संबंधित एक उदाहरण प्रस्तुत है। सेना का एक चालक (ड्राइवर) एक ऐसे व्यक्तित्व अनुभव से गुजरा जिसने उसके जीवन को ही परिवर्तित कर दिया।

एक अभियान के दौरान, जिसमें उसके सभी साथी मारे जा चुके थे, वह मृत्यु के बहुत नजदीक से गुजरा। अपने जीवन के उद्देश्य के बारे में विचार करते हुए उसने सेना में अपनी नौकरी छोड़ दी तथा महाराष्ट्र के एक गाँव में स्थित अपनी जन्मभूमि में वापस लौट आया और वहाँ एक सामुदायिक नेता के रूप में सक्रिय रूप से कार्य किया। एक विशुद्ध व्यक्तिगत अनुभव के द्वारा इस व्यक्ति ने सामुदायिक उत्थान या विकास के लिए एक प्रबल सकारात्मक अभिवृत्ति विकसित कर ली। उसके प्रयास ने उसके गाँव के स्वरूप को पूर्णरूपेण बदल दिया।

4. संचार-माध्यम संबद्ध प्रभाव-वर्तमान समय में प्रौद्योगिकीय विकास ने दृश्य-श्रव्य माध्यम एवं इंटरनेट को एक शक्तिशाली सूचना को स्रोत बना दिया है जो अभिवृत्तियों का निर्माण को प्रभावित करती हैं। ये स्रोत सबसे पहले संज्ञानात्मक एवं भावात्मक घटक को प्रबल बनाते हैं और बाद में व्यवहारपरक घटक को भी प्रभावित कर सकते हैं। संचार माध्यम अभिवृत्ति पर अच्छा एवं खराब दोनों ही प्रकार के प्रभाव डाल सकते हैं।

एक तरफ, संचार माध्यम एवं इंटरनेट, संचार के अन्य माध्यमों की तुलना में लोगों को भली प्रकार से सूचित करते हैं, दूसरी तरफ इन संचार-माध्यमों से सूचना संकलन की प्रकृति पर कोई रोक या जाँच नहीं होती इसलिए निर्मित होनेवाली अभिवृत्तियों या पहले से बनी अभिवृत्तियों में परिवर्तन की दिशा पर कोई नियंत्रण भी नहीं होता है। संचार माध्यमों का उपयोग उपभोक्तावादी अभिवृत्तियों के निर्माण के लिए किया जा सकता है और इनका उपयोग सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए सकारात्मक अभिवृत्तियों को उत्पन्न करने के लिए भी किया जा सकता है।

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प्रश्न 5.
पूर्वाग्रह के विभिन्न स्रोतों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
पूर्वाग्रह के विभिन्न स्रोत निम्नलिखित हैं –

1. अधिगम:
अन्य अभिवृत्तियों की तरह पूर्वाग्रह भी साहचर्य, पुरस्कार एवं दंड, दूसरों के प्रेक्षण, समूह या संस्कृति के मानक तथा सूचनाओं की उपलब्धता, जो पूर्वाग्रह को बढ़ावा देते है। के द्वारा अधिगमित किए जा सकते हैं। परिवार, संदर्भ, समूह, व्यक्तिगत अनुभव तथा संचार माध्यम पूर्वाग्रह के अधिगम में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। जो लोग पूर्वाग्रहग्रस्त अभिवृत्तियों को सीखते हैं वे ‘पूर्वाग्रहग्रस्त व्यक्तित्व’ विकसित कर लेते हैं तथा समायोजन स्थापित करने की क्षमता में कमी, दुश्चिता तथा बाह्य समूह के प्रति आक्रामकता की भावना को प्रदर्शित करते हैं।

2. एक प्रबल सामाजिक अनन्यता तथा अंतःसमूह अभिनति-वे लोग जिनमें सामाजिक अनन्यता की प्रबल भावना होती है एवं अपने समूह के प्रति एक बहुत ही सकारात्मक अभिवृत्ति होती है वे अपनी अभिवृत्ति को और प्रबल बनाने के लिए बाह्य समूहों के प्रति नकारात्मक अभिवृत्ति रखते हैं। इनका पूर्वाग्रह के रूप में होता है।

3. बलि का बकरा बनाना-यह एक ऐसी प्रक्रिया या गोचर है जिसके द्वारा बहुसंख्यक समूह अपनी-अपनी सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समस्याओं के लिए अल्पसंख्यक बाह्य समूह को दोषी ठहराता है अल्पसंख्यक इस आरोप से बचाव करने में या तो बहुत कमजोर होते हैं या संख्या में बहुत कम होते हैं। बलि का बकरा बनाने वाली प्रक्रिया कुंठा को प्रदर्शित करने का समूह आधारित एक तरीका है तथा प्रायः इसकी परिणति कमजोर समूह के प्रति नकारात्मक अभिवृत्ति या पूर्वाग्रह के रूप में होती है।

4. सत्य के संप्रत्यय का आधार तत्त्व-कभी-कभी लोग एक रूढ़धारणा को बनाए रखते हैं क्योंकि वे सोचते हैं कि जो सभी लोग दूसरे के बारे में कहते हैं उसमें कोई न कोई सत्य का आधार तत्त्व (Kermel of truth) तो अवश्य होना चाहिए। यहाँ कि केवल कुछ उदाहरण ही ‘सत्य के आधार तत्त्व’ की अवधारणा को पुष्ट करने के लिए पर्याप्त होते हैं।

5. स्वतः साधक भविष्योक्ति:
कुछ स्थितियों में वह समूह जो पूर्वाग्रह का लक्ष्य होता है स्वयं ही पूर्वाग्रह को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होता है। लक्ष्य समूह इस तरह से व्यवहार करता है कि वह पूर्वाग्रह को प्रमाणित करता है अर्थात् नकारात्मक प्रत्याशाओं की पुष्टि करता है। उदाहरणार्थ, यदि लक्ष्य समूह को ‘निर्भर’ और इसलिए प्रगति करने में अक्षम के रूप में वर्णित किया जाता है तो हो सकता है कि इस लक्ष्य समूह के सदस्य वास्तव में इस तरह से व्यवहार करते हैं।

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प्रश्न 6.
समाजोपकारी व्यवहार को प्रभावित करनेवाले कारकों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
समाजोपकारी व्यवहार को प्रभावित करनेवाले कारक –
1. समाजोपकारी व्यवहार, मनुष्यों की अपनी प्रजाति के दूसरे सदस्यों की सहायता करने की एक सहज, नैसर्गिक प्रवृत्ति पर आधारित है। यह सहज प्रवृत्ति प्रजाति की उत्तरजीविता या अस्तित्व बनाए रखने में सहायक होती है।

2. समाजोपकारी व्यवहार अधिगम से प्रभावित होता है। लोग जो ऐसे पारिवारिक परिवेश में पले-बढ़े होते हैं, जो लोगों की सहायता करने का आदर्श स्थापित करते हैं, वे सहायता करने की प्रशंसा करते हैं और उन व्यक्तियों की तुलना में अधिक समाजोपकारी व्यवहार का प्रदर्शन करते हैं जो एक ऐसे पारिवारिक परिवेश में पले बढ़े होते हैं जहाँ इन गुणों का अभाव होता है।

3. समाजोपकारी व्यवहार को सांस्कृतिक कारक भी प्रभावित करते हैं। कुछ संस्कृतियों में जरूरतमंद एवं संकटग्रस्त लोगों की सहायता के लिए लोगों को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित किया जाता है वहाँ लोग समाजोपकारी व्यवहार का प्रदर्शन कम करते हैं क्योंकि लोगों से यह अपेक्षा की जाती है कि वह अपनी देखभाल स्वयं करें एवं दूसरों की सहायता पर आश्रित न रहें। संसाधन के अभाव से ग्रस्त संस्कृतियों में हो सकता है कि लोग उच्च स्तर के समाजोपकारी व्यवहार का प्रदर्शन न करें।

4. समाजोपकारी व्यवहार उस समय अभिव्यक्त होता है जब परिस्थिति कोई सामाजिक मानक (Social norms) को सक्रिय करती है, जिसमें दूसरों की सहायता करने की आवश्यकता या माँग होती है। समाजोपकारी व्यवहार के संदर्भ में तीन कारकों का उल्लेख किया गया है –

(अ) सामाजिक उत्तरदायित्व (Social responsibility) का मानक-हमें किसी अन्य कारक पर विचार किए बिना उनकी मदद या सहायता करनी चाहिए जो मदद चाहते हों।
(ब) परस्परता (Reciprocity) का मानक-हमें उन लोगों की सहायता करनी चाहिए जिन्होंने हमारी सहायता पहले की है।
(स) न्यायसंगतता या समानता (Equality) मानक-हमें जब दूसरों की सहायता करनी चाहिए जब हमें लगे कि ऐसा करना सही या उचित है। उदाहरण के लिए, हमें से अनेक लोग ऐसा महसूस करेंगे कि ऐसे व्यक्ति की सहायता कारण अधिक उचित है जिसने अपनी सारी संपत्ति को बाढ़ में गंवा दिया हो, तुलना में उस व्यक्ति के जिसने जुए में अपना सब कुछ खो दिया हो।

5. समाजोपकारी व्यवहार उस व्यक्ति की प्रत्याशित प्रतिक्रिया से प्रभावित होता है जिसकी सहायता की जा रही है। उदाहरणार्थ, लोगों में एक जरूरतमंद व्यक्ति को पैसा देने की अनिच्छा हो सकती है क्योंकि वे महसूस करते हैं कि इससे व्यक्ति अपमानित कर सकता है या निर्भरता विकसित कर सकता है।

6. उन लोगों में समाजोपकारी व्यवहार प्रदर्शित होने की संभावना अधिक होती है जिनमें तद्नुभूति (Empathy) अर्थात् सहायता पानेवाले व्यक्ति होती है; जैसे-बाबा साहेब आम्टे (Baba Saheb Amte) और मदर टेरेसा (Mother Teresa)। समाजोपकारी व्यवहार की संभावना उन परिस्थितियों में भी अधिक होती है जो तद्नुभूति को उत्पन्न या उद्दीप्त करते हैं, जैसे-अकाल में भूख से पीड़ित बच्चों का चित्र।

7. समाजोपकारी व्यवहार ऐसे कारकों से कम हो सकता है जैसे-खराब मन:स्थिति, अपनी ही समस्याओं में व्यक्त रहना या यह भावना कि सहायता दिए जानेवाला व्यक्ति अपनी स्थिति के लिए स्वयं जिम्मेदार है (अर्थात् जब दूसरे व्यक्ति की जरूरत को अवस्था के लिए आंतरिक गुणारोपण किया जाए)।

8. समाजोपकारी व्यवहार उस समय भी कम हो सकता है जब दर्शकों की संख्या एक से अधिक हो। उदाहरण के लिए, कभी-कभी सड़क दुर्घटना में पीड़ित व्यक्ति को सहायता इसलिए नहीं मिल पाती क्योंकि घटनास्थल के आस-पास बहुत लोग खड़े रहते हैं। प्रत्येक व्यक्ति यह सोचता है कि सहायता देना उसकी अकेले की जिम्मेदारी नहीं है एवं कोई दूसरा व्यक्ति उसकी सहायता की जिम्मेदारी ले सकता है। इस गोचर को दायित्व का विसरण (Diffusion of responsibility) कहा जाता है। दूसरी ओर, यदि घटनास्थल पर केवल एक ही दर्शक है तो यह संभावना अधिक है कि वह व्यक्ति जिम्मेदारी या दायित्व और पीड़ित का वास्तव में मदद करेगा।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
पी-ओ-एक्स त्रिकोण में पी कौन है?
(A) वह व्यक्ति है जिसकी अभिवृत्ति का अध्ययन करता है
(B) एक दूसरा व्यक्ति है
(C) एक विषय-वस्तु है जिसके प्रति अभिवृत्ति का अध्ययन करता है
(D) उपर्युक्त में कोई नहीं
उत्तर:
(A) वह व्यक्ति है जिसकी अभिवृत्ति का अध्ययन करता है

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प्रश्न 2.
वह व्यक्ति जो छवि बनाता है, उसे क्या कहते हैं?
(A) लक्ष्य
(B) प्रत्यक्षणकर्ता
(C) प्रतिभागी
(D) स्रोत
उत्तर:
(B) प्रत्यक्षणकर्ता

प्रश्न 3.
छवि निर्माण की प्रक्रिया में छवि बनाता है, उसे क्या कहते हैं?
(A) चयन
(B) अनुमान
(C) संगठन
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

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प्रश्न 4.
पहले प्रस्तुत की जानेवाली सूचना का प्रभाव अंत में प्रस्तुत की जानेवाली सूचना से अधिक प्रबल होता है। इस प्रभाव को क्या कहते हैं?
(A) प्रथम प्रभाव
(B) परिवेश प्रभाव
(C) आसन्नता प्रभाव
(D) कर्ता-प्रेक्षक प्रभाव
उत्तर:
(D) कर्ता-प्रेक्षक प्रभाव

प्रश्न 5.
अभिवृत्ति के विचारपरक घटक को कहा जाता है –
(A) संज्ञानात्मक पक्ष
(B) भावात्मक पक्ष
(C) व्यवहारात्मक पक्ष
(D) उपर्युक्त में कोई नहीं
उत्तर:
(A) संज्ञानात्मक पक्ष

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प्रश्न 6.
भावात्मक पक्ष के रूप में जाना जाता है –
(A) क्रियात्मक घटक
(B) विचारपरक घटक
(C) सांवेगिक घटक
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(C) सांवेगिक घटक

प्रश्न 7.
अभिवृत्ति की कौन-सी-विशेषता यह इंगित करती है कि अभिवृत्ति किसी सीमा तक सकारात्मक है या नकारात्मक?
(A) कर्षण-शक्ति
(B) चरम सीमा
(C) सरलता या जटिलता
(D) केंद्रिकता
उत्तर:
(B) चरम सीमा

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प्रश्न 8.
कर्षण शक्ति हमें यह बताती है कि अभिवृत्ति विषय के प्रति कोई अभिवृत्ति:
(A) सकारात्मक है
(B) नकारात्मक है
(C) सकारात्मक है अथवा नकारात्मक
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(A) सकारात्मक है

प्रश्न 9.
निम्नलिखित में कौन-से कारक अभिवृत्तियों के अधिगम के लिए एक संदर्भ प्रदान करते हैं?
(A) परिवार एवं विद्यालय का परिवेश
(B) व्यक्तिगत अनुभव
(C) संदर्भ समूह
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

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प्रश्न 10.
संतुलन का संप्रत्यय किसने प्रतिपादित किया?
(A) फ्रिट्ज हाइडर
(B) लियॉन फेस्टिंगर
(C) एस. एस. मोहसिन
(D) उपर्युक्त में कोई नहीं
उत्तर:
(A) फ्रिट्ज हाइडर

प्रश्न 11.
एक भारतीय वैज्ञानिक एम. एम. मोहसिन ने किस संप्रत्यय को प्रतिपादित किया?
(A) संतुलन का संप्रत्यय
(B) द्विस्तरीय संप्रत्यय
(C) द्विस्तरीय संप्रत्यय
(D) संज्ञानात्मक विसंवादिता का संप्रत्यय
उत्तर:
(B) द्विस्तरीय संप्रत्यय

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प्रश्न 12.
द्विस्तरीय संप्रत्यय के अनुसार अभिवृत्ति में परिवर्तन कितने स्तरों पर या चरणों में होता है?
(A) दो
(B) तीन
(C) चार
(D) एक
उत्तर:
(A) दो

प्रश्न 13.
एक अभिवृत्ति में परिवर्तन हो सकता है –
(A) सर्वसम या संगत और विसंगत दोनों
(B) नहीं होता
(C) विसंगत
(D) सर्वसम या संगत
उत्तर:
(A) सर्वसम या संगत और विसंगत दोनों

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प्रश्न 14.
निम्नलिखित में कौन-सा लक्ष्य का गुण नहीं है?
(A) अनुनयता
(B) बुद्धि
(C) आत्मसम्मान
(D) आलस्य
उत्तर:
(D) आलस्य

प्रश्न 15.
मनोवैज्ञानिक ने अभिवृत्ति परिवर्तन ‘द्विस्तरीय संप्रत्यय’ को प्रस्तावित किया?
(A) फेस्टिगर
(B) कार्ल स्मिथ
(C) फ्रिट्ज हाइडर
(D) एस० एम० मोहसिन
उत्तर:
(D) एस० एम० मोहसिन

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प्रश्न 16.
व्यक्ति की किसी विशेष क्षेत्र की विशेष योग्यता कहलाती है –
(A) व्यक्तित्व
(B) अभिक्षमता
(C) अभिवृत्ति
(D) अभिरुचि
उत्तर:
(B) अभिक्षमता

प्रश्न 17.
मनोवृत्ति परिवर्तन के दो-स्तरीय संप्रत्यय का प्रतिपादन किसने किया?
(A) मुहम्मद सुलेमान
(B) ए० के० सिंह
(C) एम० एम० मुहसिन
(D) जे० पी० दास
उत्तर:
(C) एम० एम० मुहसिन

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प्रश्न 18.
मनोवृत्ति के भावात्मक संघटक से तात्पर्य होता है –
(A) मनोवृत्ति वस्तु के प्रति भाव से
(B) मनोवृत्ति वस्तु के प्रति भाव एवं संवेग दोनों
(C) मनोवृत्ति वस्तु के प्रति संवेग से
(D) इनमें किसी से भी नहीं
उत्तर:
(C) मनोवृत्ति वस्तु के प्रति संवेग से

प्रश्न 19.
एक व्यक्ति सुव्यवस्थित एवं समयनिष्ठ है फिर भी हम लोगों में यह सोचने की संभावना होती है कि उसे परिश्रमी भी होना चाहिए। यह कौन-सा प्रभाव है?
(A) प्रथम प्रभाव
(B) परिवेश प्रभाव
(C) आसन्नता प्रभाव
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

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प्रश्न 20.
एक स्कीमा या अन्विति योजना है –
(A) मानसिक संरचना
(B) शारीरिक संरचना
(C) सामाजिक संरचना
(D) उपर्युक्त में कोई नहीं
उत्तर:
(A) मानसिक संरचना

प्रश्न 21.
निम्नांकित में कौन पूर्वाग्रह में तेजी से कमी लाता है?
(A) शिक्षा
(B) अंतर्समूह संपर्क
(C) पूर्वाग्रह-विरोधी प्रचार
(D) सामाजिक विधान
उत्तर:
(C) पूर्वाग्रह-विरोधी प्रचार

प्रश्न 22.
एक स्कीमा या अन्विति योजना है –
(A) मानसिक संरचना
(B) शारीरिक संरचना
(C) सामाजिक संरचना
(D) इनमें कोई नहीं
उत्तर:
(A) मानसिक संरचना

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प्रश्न 23.
पूर्वधारणा से मनोवृत्ति किस दृष्टिकोण से भिन्न है?
(A) बैर-भाव
(B) सम्बद्धता
(C) आवेष्टन
(D) इनमें कोई नहीं
उत्तर:
(C) आवेष्टन

प्रश्न 24.
योग के ‘अष्टांग साधन’ का संबंध है –
(A) कर्मयोग
(B) राजयोग
(C) ज्ञानयोग
(D) मंत्रयोग
उत्तर:
(B) राजयोग

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प्रश्न 25.
पूर्वाग्रह में घटकों की संख्या होती है –
(A) दो
(B) तीन
(C) चार
(D) पाँच
उत्तर:
(C) चार

Bihar Board Class 8 Social Science Geography Solutions Chapter 3C सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग

Bihar Board Class 8 Social Science Solutions Geography Hamari Duniya Bhag 3 Chapter 3C सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग Text Book Questions and Answers, Notes.

BSEB Bihar Board Class 8 Social Science Geography Solutions Chapter 3C सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग

Bihar Board Class 8 Social Science सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग Text Book Questions and Answers

अभ्यास-प्रश्न

I. बहुवैकल्पिक प्रश्न

प्रश्न 1.
सूचना प्रौद्योगिक के अन्तर्गत शामिल नहीं है
(क) सैल्यूलर फोन
(ख) उपग्रह
(ग) ई-मेल
(घ) अन्र्देशीय
उत्तर-
(घ) अन्र्देशीय

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प्रश्न 2.
सूचनाओं को शीघ्रता से भेजा जा सकता है.
(क) ब्राड बैंड से
(ख) इंटरनेट से
(ग) ई-मेल
(घ) उपर्युक्त चारों से
उत्तर-
(ग) ई-मेल

प्रश्न 3.
भारत का सिलिकॉन वैली है.
(क) पुणे
(ख) कोच्चि
(ग) तिरूअनंतपुरम
(घ) बेंगलूरू
उत्तर-
(घ) बेंगलूरू

प्रश्न 4.
साफ्टवेयर कम्प्यूटर के अन्तर्गत है-
(क) एक प्रोग्राम
(ख) एक पुर्जा
(ग) चैनल
(घ) विद्युत आपूर्ति उपकरण
उत्तर-
(क) एक प्रोग्राम

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II. निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर दें

प्रश्न 1.
ई-मेल क्या है?
उत्तर-
ई-मेल इलेक्ट्रॉनिक मेल का संक्षिप्त रूप है जिसमें संदेशों को कम्प्यूटर के माध्यम से बेतार से शीघ्रता से भेजे जाते हैं।

प्रश्न 2.
सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए पहले किन साधनों का उपयोग करते थे?
उत्तर-
सूचनाओं का आदान-प्रदान पहले ताली बजाकर, आग जलाकर, पशु-पक्षियों की बोलियाँ बोलकर, कंदराओं पर चित्र बनाकर तथा कबूतरों द्वारा की जाती थी।

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प्रश्न 3.
बंगलूरू में सूचना प्रौद्योगिक उद्योग का विकास क्यों संभव हुआ ?
उत्तर-
बंगलरू में सूचना प्रौद्योगिक उद्योग का विकास इसलिए संभव हुआ, क्योंकि यहाँ सॉफ्टवेयर का विकास करने वाले विशेषज्ञों का दल 24 घंटे अलग-अलग शिफ्टों में काम करते हैं।

प्रश्न 4.
सॉफ्टवेयर पार्क वाले शहरों के नाम लिखिए।
उत्तर-
बंगलूरू, मुंबई, दिल्ली , हैदराबाद, पूणे, चेन्नई, कोलकाता, कानपुर, लखनऊ, बेलापुर, गुड़गाँव, कोच्चि ।

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प्रश्न 5.
सूचना प्रौद्योगिक ने जीवन शैली में क्या बदलाव लाए हैं ?
उत्तर-
सूचना प्रौद्योगिक ने जीवन शैली में निम्नलिखित बदलाव लाये हैं। गैर सरकारी क्षेत्र की इन्फोसिस, जनरल इलेक्ट्रिक, एक्सेंचर, विप्रो, हीसीएस, माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल इत्यादि जैसी कम्पनियाँ भी सूचना प्रौद्योगिक उद्योग का कार्य कर रही हैं।

ब्राडबैंड जैसी सेवाएँ सूचनाओं को तेजी से पहुँचाती हैं। गूगल और याहू जैसे सर्च इंजन से दुनियाभर की जानकारी शीघ्रता से ढूँढी जा सकती है।

Bihar Board 9th English Objective Answers Poem 8 Abraham Lincoln’s Letter to his Son’s Teacher

Bihar Board 9th English Objective Questions and Answers

BSEB Bihar Board 9th English Objective Answers Poem 8 Abraham Lincoln’s Letter to his Son’s Teacher

Bihar Board 9th English Objective Answers Poem 8 Abraham Lincoln's Letter to his Son's Teacher

Question 1.
The poet of ‘Abraham Lincoln’s Letter to his son’s teacher’ is
(a) John-Milton
(b) Shakespeare
(c) Abraham Lincoln
(d) John keat
Answer:
(c) Abraham Lincoln

Question 2.
The pupil will have to learn that all men are not just and
(a) right
(b) legal
(c) honest
(d) true
Answer:
(d) true

Bihar Board 9th English Objective Answers Poem 8 Abraham Lincoln's Letter to his Son's Teacher

Question 3.
The poet advises the teacher to teaches pupil that for every enemy there is
(a) envy
(b) friend
(c) eager
(d) enemy
Answer:
(b) friend

Question 4.
The poet advised in the first line, he should be taught to listen to call
(a) women
(b) girl
(c) child
(d) men
Answer:
(d) men

Question 5.
When iron is made hot in fire it becomes fine
(a) steel
(b) wood
(c) iron
(d) clay
Answer:
(a) steel

Question 6.
Abraham Lincoln was the……….president of the U.S.A
(a) seventeenth
(b) fifteenth
(c) eleventh
(d) sixteenth
Answer:
(d) sixteenth

Bihar Board 9th English Objective Answers Poem 8 Abraham Lincoln's Letter to his Son's Teacher

Question 7.
A dollar earned is of far more value than
(a) two pound
(b) six pound
(c) one pound
(d) five pound
Answer:
(d) five pound

Question 8.
One should be taught to fail rather than to :
(a) steal
(b) cheat
(c) give
(d) take
Answer:
(b) cheat

Question 9.
Let him known sublime faith in
(a) cruel
(b) belief
(c) mankind
(d) man
Answer:
(c) mankind

Question 10.
He should be taught about
(a) descourage
(b) truth
(c) honesty
(d) courage
Answer:
(d) courage

Bihar Board 9th English Objective Answers Poem 8 Abraham Lincoln's Letter to his Son's Teacher

Question 11.
Let him know to fight……..if he things he’s.
(a) right
(b) easy
(c) wrong
(d) strongly
Answer:
(a) right

Question 12.
Let him know not to put a
(a) hand-work
(b) price limit
(c) easy-work
(d) price-tag
Answer:
(d) price-tag

Question 13.
Teach him that a dollar earned is of for more value than five
(a) money
(b) pice
(c) pound
(d) rupee
(c) pound
Answer:
(d) rupee

Question 14.
Teach him the secret of………laughter.
(a) good
(b) quiet
(c) fire
(d) better
Answer:
(b) quiet

Bihar Board 9th English Objective Answers Poem 8 Abraham Lincoln's Letter to his Son's Teacher

Question 15.
Teach him to ponder the eternal my story of…….the sun.
(a) envolves
(b) engage
(c) round
(d) bees
Answer:
(d) bees

Question 16.
Let him know the strength not to follow the crowed when everyone is getting on fond …….
(a) car
(b) byke
(c) wagon
(d) cycle
Answer:
(c) wagon

Question 17.
Let him know to hear all but to take only the
(a) bad
(b) good
(c) easy
(d) fine
Answer:
(b) good

Question 18.
He should to taught to beware of too much
(a) sweetness
(b) easyness
(c) bitterness
(d) softness
Answer:
(a) sweetness

Bihar Board 9th English Objective Answers Poem 8 Abraham Lincoln's Letter to his Son's Teacher

Question 19.
The taught is such a fine fellow Lincolin’s ……
(a) student
(b) fellow
(c) daughter
(d) son
Answer:
(d) son

Question 20.
He should be taught that only the best of fire makes fine
(a) steel
(b) iron
(c) pigiron
(d) heavy iron
Answer:
(a) steel

Question 21.
He should be taught to close his ears to a…………..mol
(a) crying
(b) calling
(c) howling
(d) morching
Answer:
(c) howling

Question 22.
he should be taught to sell his brown and…….to the highest
bidders.
(a) body
(b) thength
(c) knowledge
(d) brain
Answer:
(d) brain

Bihar Board 9th English Objective Answers Poem 8 Abraham Lincoln's Letter to his Son's Teacher

Question 23.
Let him learn to be gentle with gentle people and tought with the
(a) taught
(b) tough
(c) kind
(d) hurt
Answer:
(b) tough

Question 24.
Let him know the eternal mystery of
(a) wild animals
(b) man
(c) animals
(d) birds
Answer:
(d) birds

Question 25.
One should be taught that every………….there is a hero.
(a) villian
(b) wicked
(c) mortar
(d) scoundered
Answer:
(d) scoundered

Question 26.
One should be taught that every……..there is a friend
(a) wicked
(b) villain
(c) enemy
(d) friend
Answer:
(c) enemy

Bihar Board 9th English Objective Answers Poem 8 Abraham Lincoln's Letter to his Son's Teacher

Question 27.
The boy should be taught to loce and also to enjoy
(a) happiness
(b) winning
(c) laughing
(d) darning
Answer:
(b) winning

Question 28.
Let him learn early that the fullie are the eariest to
(a) like
(b) pray
(c) do
(d) praise
Answer:
(a) like

Question 29.
The pupil should be taught that honest earning
(a) is useless
(b) is nothing
(c) takes time
(d) is good
Answer:
(c) takes time

Question 30.
The pupil should know that every selfish politician there is a
(a) dedicated leader
(b) good leader
(c) simple man
(d) none of these
Answer:
(a) dedicated leader

Bihar Board 9th English Objective Answers Poem 8 Abraham Lincoln's Letter to his Son's Teacher

Question 31.
The pupil will have to learn that all men are not
(a) ture
(b) like the same
(c) honest
(d) just and ture
Answer:
(d) just and ture

Question 32.
The letter is addressed to his
(a) son
(b) teacher
(c) son’s teacher
(d) prophet
Answer:
(c) son’s teacher

Question 33.
The poem ‘Abraham Lincoln’s Letter to his Son’s Teacher has been written by
(a) John Milton
(b) Shakespeare
(c) Abraham Lincoln
(d) Pash
Answer:
(c) Abraham Lincoln

Question 34.
Father asks the teacher to steer away his son from
(a) friends
(b) envy
(c) group
(d) enemy
Answer:
(b) envy

Bihar Board 9th English Objective Answers Poem 8 Abraham Lincoln's Letter to his Son's Teacher

Question 35.
The pupil should be taught that there is
(a) Wonder of books
(b) Wonder in nature
(c) Wonder in the wood
(d) Wonder
Answer:
(a) Wonder of books

Question 36.
The pupil should be taught that he should have faith in his
(a) thought
(b) idea
(c) thinking
(d) work
Answer:
(b) idea

Question 37.
If possible he should be taught, it is honourable to fail that to
(a) cheat
(b) pass
(c) succeed
(d) go a head
Answer:
(a) cheat

Bihar Board 9th English Objective Answers Poem 8 Abraham Lincoln's Letter to his Son's Teacher

Question 38.
The pupil should be taught to have
(a) sublime faith
(b) faith in God
(c) faithful
(d) honest
Answer:
(a) sublime faith

Question 39.
Abraham Linkoln was shot dead in
(a) 1864
(b) 1865
(c) 1863
(d) 1866
Answer:
(b) 1865

Bihar Board 9th English Objective Answers Poem 8 Abraham Lincoln's Letter to his Son's Teacher

Question 40.
Good education must teach good
(a) fashionable
(b) value
(c) discipline
(d) treated
Answer:
(c) discipline

Bihar Board 9th English Objective Answers Poem 7 I am Like Grass

Bihar Board 9th English Objective Questions and Answers

BSEB Bihar Board 9th English Objective Answers Poem 7 I am Like Grass

Question 1.
The poet of ‘I am like Grass’ is
(a) John Milton
(b) Shakespeare
(c) John Keats
(d) Pash
Answer:
(d) Pash

Question 2.
The poet compares himself to
(a) grass
(b) plant
(c) tree
(d) flower
Answer:
(a) grass

Bihar Board 9th English Objective Answers Poem 7 I am Like Grass

Question 3.
……… will visit the green jungle of
(a) man
(b) monk
(c) woman
(d) tourist
Answer:
(d) tourist

Question 4.
The tourist will visit the green jungle of •
(a) Punjab
(b) Ludhiana
(c) Amritsar
(d) Bamala
Answer:
(d) Bamala

Question 5.
The mantle will cover
(a) nothing
(b) something
(c) everything
(d) one thing
Answer:
(c) everything

Question 6.
The poet is like grass because he has ability to
(a) baunce back
(b) dry
(c) go down
(d) be stopped
Answer:
(a) baunce back

Bihar Board 9th English Objective Answers Poem 7 I am Like Grass

Question 7.
The present poem ‘I am like Grass’ has been translated into English by
(a) Pash
(b) Robert Herrick
(c) Suresh Sethi
(d) none of these
Answer:
(c) Suresh Sethi

Question 8.
The poem ‘I am like Grass’ has been composed by
(a) park
(b) John Milton
(c) Robert Herrick
(d) Shakespeare
Answer:
(a) park

Choose the appropriate word from options :

Question 9.
I am like grass, you can chop me…..me down.
(a) fell
(b) cut
(c) mow
(d) hurt
Answer:
(c) mow

Question 10.
You can……….the university.
(a) go
(b) start
(c) establish
(d) bomb
Answer:
(d) bomb

Bihar Board 9th English Objective Answers Poem 7 I am Like Grass

Question 11.
You may scorch the
(a) hut
(b) slumbs
(c) house
(d) land
Answer:
(b) slumbs

Question 12.
You may destroy
(a) Sangrur
(b) built
(c) free
(d) open
Answer:
(a) Sangrur

Question 13.
I shall be come a
(a) last
(b) cast
(c) vart
(d) largest
Answer:
(c) vart

Question 14.
One can oblite rate
(a) pole
(b) a post
(c) a stone mark
(d) signposts
Answer:
(d) signposts

Question 15.
One can reduce the hostel to
(a) ashes
(b) ruble
(c) ruin
(d) soil
Answer:
(b) ruble

Bihar Board 9th English Objective Answers Poem 7 I am Like Grass

Question 16.
But he is like grass, he will…….again
(a) develop
(b) plant
(c) enrich
(d) sprout
Answer:
(d) sprout

Question 17.
One can reduce the whole district of Ludhiana to ashes, but it will be only a………..
(a) matter of time
(b) a little matter
(c) a talk
(d) a little talk
Answer:
(a) matter of time

Question 18.
One can…….him.
(a) cut
(b) chop
(c) down
(d) cover
Answer:
(b) chop

Choose the correct adjective from the following words :

Question 19.
Anger
(a)aeager
(b) angry
(c) aargue
(d) angree
Answer:
(b) angry

Bihar Board 9th English Objective Answers Poem 7 I am Like Grass

Question 20.
Grass
(a)grasle
(b) grasy
(c) grasey
(d) grassy
Answer:
(d) grassy

Question 21.
Hunger
(a) hungery
(b) hungry
(c) hungary
(d) hungari
Answer:
(b) hungry

Question 22.
Ice
(a)icee
(b) ice-one
(c) icy
(d) ice-bore
Answer:
(c) icy

Bihar Board 9th English Objective Answers Poem 7 I am Like Grass

Question 23.
Fog
(a) foge
(b) foggy
(c) fogi
(d) fogy
Answer:
(b) foggy

Question 24.
Chill
(a) chilly
(b) chile
(c) chilley
(d) chillee
Answer:
(a) chilly

Question 25.
Cloud
(a) claudy
(b) cloudey
(c) cloudy
(d) cloude
Answer:
(c) cloudy

Bihar Board 9th English Objective Answers Poem 7 I am Like Grass

Question 26.
Dirt
(a) dirtiy
(b) dirty
(c) dirtey
(d) dirtye
Answer:
(b) dirty

Question 27.
Juice
(a) Juicey
(b) juicey
(c) juicy
(d) juicye
Answer:
(c) juicy

Question 28.
Fun
(a) fiiny
(b) funny
(c) funey
(d) funye
Answer:
(b) funny

Choose the correct noun from following verbs

Question 29.
Grow
(a) grown
(b) growne
(c) growth
(d) grew
Answer:
(c) growth

Bihar Board 9th English Objective Answers Poem 7 I am Like Grass

Question 30.
Obliterate
(a) onbliterete
(b) oblilerous
(c) obliterasion
(d) onblileration
Answer:
(d) onblileration

Question 31.
Reduce
(a) reducion
(b) redesion
(c) reduction
(d) reducion
Answer:
(c) reduction

Question 32.
Erase
(a) erasere
(b) erasur
(c) coverage
(d) erasure
Answer:
(d) erasure

Question 33.
Cover
(a) coverage
(b) covering
(c) coverede
(d) covered
Answer:
(a) coverage

Bihar Board 9th English Objective Answers Poem 7 I am Like Grass

Question 34.
Destroy
(a) destroyed
(b) destroyeded
(c) destruction
(d) destructed
Answer:
(c) destruction

Question 35.
Suggest
(a) suggested
(b) suggesting
(c) suggestion
(d) suggesteded
Answer:
(c) suggestion

Question 36.
Refer
(a) referense
(b) referenses
(c) reference
(d) referent
Answer:
(c) reference

Question 37.
Compare
(a) compared
(b) comparious
(c) comprison
(d) comparigious
Answer:
(c) comprison

Bihar Board 9th English Objective Answers Poem 7 I am Like Grass

Question 38.
Agree
(a) agreed
(b) agreemian
(c) agreemy
(d) agreement
Answer:
(d) agreement

Question 39.
Banga and sangrur refer to two towns.in
(a) UP
(b) Punjab
(c) Bihar
(d) MP
Answer:
(b) Punjab

Question 40.
The tourist will visit the green jungle of
(a) Punjab
(b) Ludhiana
(c) Amritsar
(d) Bamala
Answer:
(d) Bamala

Bihar Board Class 8 Social Science Geography Solutions Chapter 3B वस्त्र उद्योग

Bihar Board Class 8 Social Science Solutions Geography Hamari Duniya Bhag 3 Chapter 3B वस्त्र उद्योग Text Book Questions and Answers, Notes.

BSEB Bihar Board Class 8 Social Science Geography Solutions Chapter 3B वस्त्र उद्योग

Bihar Board Class 8 Social Science वस्त्र उद्योग Text Book Questions and Answers

अभ्यास-प्रश्न

I. बहुवैकल्पिक प्रश्न

प्रश्न 1.
टेक्सटाइल का मतलब होता है-
(i) जोड़ना
(ii) बुनना
(iii) नापना
(iv) सिलना
उत्तर-
(ii) बुनना

Bihar Board Class 8 Social Science Geography Solutions Chapter 3B वस्त्र उद्योग

प्रश्न 2.
देश में कपड़े की मिल सबसे पहले लगाई गई
(i) कोलकाता में
(ii) मुम्बई में
(iii) लुधियाना में
(iv) वाराणसी में
उत्तर-
(i) कोलकाता में

प्रश्न 3.
1854 में कपड़े की मिल लगी
(i) कोलकाता में
(ii) हैदराबाद में
(iii) सूरत में
(iv) मुम्बई में
उत्तर-
(iv) मुम्बई में

प्रश्न 4.
सिल्क प्राप्त होता है
(i) कपास से ।
(ii) रेयान से
(iii) कोकून से
(iv) पेड़ों से
उत्तर-
(iii) कोकून से

Bihar Board Class 8 Social Science Geography Solutions Chapter 3B वस्त्र उद्योग

प्रश्न 5.
वस्त्रोद्योग के लिए आवश्यक है
(i) ऊर्जा
(ii) कच्चा माल
(iii) श्रम
(iv) उपर्युक्त सभी
उत्तर-
(ii) कच्चा माल

II. खाली स्थानों को उपयुक्त शब्दों से भरें

  1. भागलपुर शहर ………… वस्त्र उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।
  2. सूती वस्त्र उद्योग एक …………. उद्योग है।
  3. कपड़ों की बुनाई को …………. कहा जाता है।
  4. ढाका ………… के लिए प्रसिद्ध रहा है।
  5. अहमदाबाद को भारत का ……….. कहा जाता है।

उत्तर-

  1. रेशमी
  2. कुटीर
  3. टेक्सटाइल
  4. मलमल
  5. मैनचेस्टर

III. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 50 शब्दों में)

प्रश्न 1.
प्राकृतिक रेशे क्या हैं ?
उत्तर-
भेड़ों-बकरियों से ऊन, कोकून से सिल्क, पौधों से कपास और जूट ये सभी प्राकृतिक रेशे हैं । अर्थात् जो रेशे भेड़ों, बकरियों, कोकून तथा पौधों से तैयार किये जाते हैं। प्राकृतिक रेशे कहलाते हैं।

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प्रश्न 2.
मानव निर्मित रेशों के नाम लिखिए।
उत्तर-
नाइलान, पालिस्टर, एक्रोलियम, रेयॉन।

प्रश्न 3.
मशीनों से कपड़ों का उत्पादन सस्ता होता है, क्यों ?
उत्तर-
मशीनों से कपड़ों का उत्पादन सस्ता होता है और जल्दी बनता है। धागे से कपड़े बुनना एक प्राचीन कला है। लेकिन अब यही कला उद्योग का रूप ले चुका है। मशीनों से कपड़े बनाने में कम समय लगता है, कम मजदूर लगते हैं और बहुत अधिक मात्रा में कच्चा माल खरीदना भी सस्ता पड़ता है। इसलिए मशीन से कपड़ों का उत्पादन सस्ता होता है।

प्रश्न 4.
गरम कपड़ों की थोक खरीदारी किन जगहों पर होती है और क्यों?
उत्तर-
गरम कपड़ों की थोक खरीदारी लुधियाना तथा दिल्ली से होती है। क्योंकि वहाँ अत्यधिक मात्रा में मिल हैं तथा कच्चा माल आसानी से उपलब्ध हो जाता है जिससे कपड़े कम कीमत पर उपलब्ध हो जाते हैं।

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IV. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें (अधिकतम 200 शब्दों में)

प्रश्न 1.
वस्त्र उद्योग की स्थापना में सहायक कारकों का वर्णन कीजिए।
उत्तर-
(i) कच्चे माल की उपलब्धता वस्त्रोद्योग हेतु कच्चे माल की उपलब्धता महत्त्वपूर्ण कारक है । समुद्री हवाओं और नमी के कारण गुजरात, महाराष्ट्र में अच्छी गुणवत्ता के कपास कच्चे माल के रूप में उपलब्ध होती है। गुजरात की काली मिट्टी कपास के उत्पादन के लिए काफी उर्वर है। ऊन से बनने वाले कम्बल, स्वेटर आदि गर्म कपड़े पंजाब कश्मीर में ज्यादा उपलब्ध हैं क्योंकि इन क्षेत्रों में भारी संख्या में ऐसे जानवर पाये जाते हैं।

(ii) परिवहन की सुविधा-वस्त्रों से संबंधित उत्पादन क्षेत्र निर्यात व आयात करने के लिए मुम्बई, कोलकाता, सौराष्ट्र, कोयम्बटूर (तमिलनाडु) इत्यादि बन्दरगाहों, सड़क, रेलमार्गों व वायुमार्गों से नजदीक अवस्थित है। इससे कच्चा व तैयार माल सम्पूर्ण देश में पहुँचाया जाता है । साथ ही यूरोपीय देशों से आधुनिक मशीनें भी आयात करने में सुविधा होती है।

(iii) जलवायु-वस्त्र उद्योग के लिए नम जलवायु आवश्यक है। अंगर . जलवायु नम नहीं होगी तो कपास के रेशे से निर्मित धागे टूटने लगते हैं। इस अवस्था में धागों में गाँठे पड़ जाएँगी तथा कपड़े की बुनावट अच्छी और मजबूत नहीं हो पायेगी। ऐसी जलवायु के अभाव में कृत्रिम रूप से आर्द्र जलवायु उपलब्ध करायी जाती है।

(iv) पूँजी की उपलब्धता-मुम्बई, कोलकाता और अहमदाबाद जैसे स्थानों में पर्याप्त पूँजी निवेशक उपलब्ध है। मुम्बई के प्रमुख पारसी व्यापारियों ने विदेशी व्यापार से जो धन अर्जित किया उसे वस्त्र उद्योग में लगाया, जिससे वस्त्रोद्योग को काफी विस्तार मिला।

(v) श्रम की उपलब्धता-मुम्बई की मिलों में काम करने के लिए । मजदूर, कोंकण, सतारा, शोलापुर, रत्नागिरि जैसी जगहों में आते हैं। उसी प्रकार कलकत्ता की मिलों के लिए मजदूर बंगाल, बिहार, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश और असम से उपलब्ध होते हैं जिसके कारण इस उद्योग को विकसित होने में सुविधा हुई है।

(vi) बाजार-वस्त्र उद्योग की स्थापना बाजार को देखते हए भी की जाती है। दिल्ली, कलकत्ता, लुधियाना, कानपुर इत्यादि में स्थापित वस्त्रोद्योग की इकाईयाँ बाजार के आधार पर ही विकसित की गई हैं।

(vii) सस्ती ऊर्जा की सुविधा – मुम्बई की कपड़ा मिलों को पश्चिमी – घाट पर स्थित टाटा जल विद्युत योजना से सस्ती विद्युत शक्ति प्राप्त हो जाती है। उसी प्रकार कलकत्ता की मिलों को रानीगंज, झरिया से कोयले की प्राप्ति हो जाती है । तमिलनाडु की मिलों को पायकारा जल विद्युत योजना से सस्ती बिजली प्राप्त होती है।

Bihar Board Class 8 Social Science Geography Solutions Chapter 3B वस्त्र उद्योग

प्रश्न 2.
भारत के सूती वस्त्र उद्योग का विवरण दीजिए।
उत्तर-
भारत का सूती वस्त्र उद्योग अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का लगभग एक चौथाई भाग है। भारत में कपड़े का उत्पादन लगातार बढ़ता जा रहा है। 1950-51 में 4 अरब वर्ग मीटर कपड़ा तैयार किया गया था जो अब 34 अरब वर्ग मीटर हो गया है। आधुनिक सूती वस्त्र उद्योग में वस्त्र निर्माण की प्रक्रिया कई स्तरों से गुजरती है। शुरू में मशीनों द्वारा कपास से बीज निकाले जाते हैं, जिसे ‘गिनिंग’ कहते हैं। इसके बाद कपास को इकट्ठा कर गाँठ तैयार किया जाता है। गाँठों द्वारा कपास के धागे बनाए जाते हैं। फिर इन धागों की सहायता से मशीनों द्वारा कपड़ा तैयार किया जाता है।

Bihar Board 9th English Reader Objective Answers Chapter 8 Bharathipura

Bihar Board 9th English Objective Questions and Answers

BSEB Bihar Board 10th English Reader Objective Answers Chapter 8 Bharathipura

Bihar Board 9th English Reader Objective Answers Chapter 8 Bharathipura

Question 1.
What did jagannath ask the pariahs to touch ?
(a) Bhutharaya
(b) Lord Manjunatha
(c) The saligram
(d) The priest
Answer:
(c) The saligram

Question 2.
Jagannath’s family-God was
(a) Lord Narasimha
(b)Kaveri
(c) Lord Manjunatha
(d) Bhutharaya
Answer:
(a) Lord Narasimha
Bihar Board 9th English Reader Objective Answers Chapter 8 Bharathipura

Question 3.
From where did Jagannath step down to the courtyard ?
(a) The room
(b) The terrace
(c) The balcony
(d) The portico
Answer:
(d) The portico

Question 4.
The image of Lord Narasimha was made of
(a) clay
(b) metal
(c) stone
(d) wood
Answer:
(c) stone

Question 5.
Who crossed the courtyard, carrying a headload of fire wood ?
(a) A servant
(b) Kaveri
(c) A pariah
(d) Apriest
Answer:
(b) Kaveri

Bihar Board 9th English Reader Objective Answers Chapter 8 Bharathipura

Question 6.
Who was Pilla ?
(a) A demon-spirit
(b) A priest
(c) A god
(d) A pariah
Answer:
(d) A pariah

Question 7.
Jagannath felt his …look whipping his back.
(a) aunt’s
(b) priest’s
(c) kaveri’s
(d) pilla’s
Answer:
(a) aunt’s

Bihar Board 9th English Reader Objective Answers Chapter 8 Bharathipura

Question 8.
Jagannath’s family-god was lord
(a) Manjunatha
(b) Narasimha
(c) Bhutharaya
(d) Mahavira
Answer:
(b) Narasimha

Question 9.
For Jagannath the Saligram was just a
(a) symbol of divine power
(b) pebble
(c) family-god
(d) magical power
Answer:
(b) pebble

Question 10.
Jagannath wanted to…
(a) establish
(b) continue
(c) destroy
(d) narrate
Answer:
(c) destroy

Bihar Board 9th English Reader Objective Answers Chapter 8 Bharathipura

Question 11.
Slowly Jagannath began to move towards
(a) the servants
(b) his aunt
(c) the priest
(d) the pariahs
Answer:
(d) the pariahs

Question 12.
After a long walk Jagannath came home, feeling
(a) excited
(b) honoured
(c) disappointed
(d) dazed
Answer:
(d) dazed

Question 13,
Jagannath’s village was called
(a) Bharathipura
(b) Chittoor
(c) Aflatoon
(d) Rishivanathpur
Answer:
(a) Bharathipura

Bihar Board 9th English Reader Objective Answers Chapter 8 Bharathipura

Question 14.
Lord Manjunatha was the reigning deity of village of
(a) Agra
(b) Kanpur
(c) Bharathipura
(d) Chittoor
Answer:
(c) Bharathipura

Question 15.
…………..is the central character of the novel
Bharathipura
(a) SripaI
(b) Narayandutt
(c) Tripathi
(d) Jagannath
Answer:
(d) Jagannath

16.
Bhutharaya was a
(a) evil spirit
(b) demon-spirit
(c) bad-maiden
(d) good maiden
Answer:
(b) demon-spirit

Question 17.
For Jagannath, the saligram of lord Narasimha was just a
(a) pebble
(b) customs
(c) casket
(d) protagonist
Answer:
(a) pebble

Bihar Board 9th English Reader Objective Answers Chapter 8 Bharathipura

Question 18.
Jagannath was holding a damp………….in his hand.
(a) protagonist
(b) casket
(c) basket
(d) rocket
Answer:
(b) casket

Question 19.
Jagannath wanted people to give up wrong
(a) tradition
(b) diety
(c) centre
(d) customs
Answer:
(d) customs

Bihar Board 9th English Reader Objective Answers Chapter 8 Bharathipura

Question 20.
Jagannath, the………..is the main character of the given extract.
(a) egoist
(b) enthuaism
(c) protagonist
(d) penlagonist
Answer:
(c) protagonist

Question 21.
The name of his ancestral village home was………
(a) Agra
(b) Bharathipura
(c) Kanpur
(d) Chittor
Answer:
(b) Bharathipura

Question 22.
Jagannath returns from…………..to his ancenstral village home in Bharathipura.
(a) England
(b) India
(c) Canada
(d) America
Answer:
(a) England

Bihar Board 9th English Reader Objective Answers Chapter 8 Bharathipura

Question 23.
…………is a temple-centered village.
(a) Bharathipura
(b) Agra
(c) Kanpur
(d) Lucknow
Answer:
(a) Bharathipura

Question 24.
……….is the reigning diet s of the village.
(a) Lord Ranjit
(b) Lord Ranapratap
(c) Lord Majunath
(d) Lord Kansanap
Answer:
(a) Lord Ranjit

Question 25.
Lord Manjuntha weilds power through a demon-spirit called
(a) Bhuthayara
(b) Bhutharaya
(c) Bhuyathaya
(d) Bhuyathra
Answer:
(b) Bhutharaya

Question 26.
Lord………….was the family god of Jagannath
(a) Narendra
(b) Nagendra
(c) Narasimha
(d) Narreshwa
Answer:
(c) Narasimha

Bihar Board 9th English Reader Objective Answers Chapter 8 Bharathipura

Question 27.
There is a temple-centred village and the reigning diety is lord
(a) Krishna
(b) Manjunath
(c) Mahavir
(d) Ram
Answer:
(b) Manjunath

Question 28.
Jagannath returns from foreign to his on estral village home in
(a) Kashi
(b) Bharathpur
(c) Bharathipura
(d) Bhanipuram
Answer:
(c) Bharathipura

Question 29.
Jagannath the protagonist returns from
(a) England
(b) America
(c) UAE
(d) USSR
Answer:
(a) England

Question 30.
This extract has been taken from UR Anatha Murthy’s novel
(a) Religion
(b) Bharatipura
(c) Bharti
(d) none of these
Answer:
(b) Bharatipura

Bihar Board 9th English Reader Objective Answers Chapter 8 Bharathipura

Question 31.
The story, “Bharathipura” has been written by
(a) Bill Bryson
(b) Najmul Hasan
(c) Raskin Bond
(d) U.R. Anantha Murthy
Answer:
(d) U.R. Anantha Murthy

Question 32.
Jagannath returns to this place with the hope of bringing about a new
(a) awareness
(b) belief
(c) thoughts
(d) awakening
Answer:
(d) awakening

Bihar Board 9th English Reader Objective Answers Chapter 8 Bharathipura

Question 33.
This belief has been systematically exploited by the
(a) town people
(b) ruling class
(c) ruler of the state
(d) none of these
Answer:
(b) ruling class

Question 34.
Jagannath wields power through a demon-spirit called
(a) Bhutharaya
(b) Bhutnath
(c) Bhut
(d) Bhutdeva
Answer:
(a) Bhutharaya

Question 35.
Jagannath realizes that to awaken the villagers is to destroy the myth of Lord
(a) Krishna
(b) Rama
(c) Mahavir
(d) Manjunatha
Answer:
(d) Manjunatha

Question 36.
Jagannath thought to take untouchables into the village
(a) temple
(b) pond
(c) well
(d) river
Answer:
(a) temple

Bihar Board 9th English Reader Objective Answers Chapter 8 Bharathipura

Question 37.
But before the village temple Jagannath thought that he should detroy the myth of his own family God Lord
(a)Narsimha
(b)Saligram
(c) Kuldevi
(d) Krishna
Answer:
(a)Narsimha

Question 38.
Aunt and the priest were at the door
(a) terror-striken
(b) perplexed
(c) crossed
(d) whipping
Answer:
(a) terror-striken

Question 39.
Jagannath felt his aunt’s look his back ………… his back
(a) absurd
(b) whipping
(c) impending
(d) grotesque
Answer:
(b) whipping

Bihar Board 9th English Reader Objective Answers Chapter 8 Bharathipura

Question 40.
A heaving auguish had come to a………….end.
(a) touched
(b) casket
(c) grotesque
(d) courtyard
Answer:
(c) grotesque

Bihar Board Class 8 Social Science Geography Solutions Chapter 7 भौगोलिक आँकड़ों का प्रस्तुतिकरण

Bihar Board Class 8 Social Science Solutions Geography Hamari Duniya Bhag 3 Chapter 7 भौगोलिक आँकड़ों का प्रस्तुतिकरण Text Book Questions and Answers, Notes.

BSEB Bihar Board Class 8 Social Science Geography Solutions Chapter 7 भौगोलिक आँकड़ों का प्रस्तुतिकरण

Bihar Board Class 8 Social Science भौगोलिक आँकड़ों का प्रस्तुतिकरण Text Book Questions and Answers

अभ्यास-प्रश्न

I. बहुवैकल्पिक प्रश्न

सही विकल्प को चुनें।

प्रश्न 1.
किस आरेख का दूसरा नाम चक्र आरेख है ?
(क) रेखीय ग्राफ
(ख) वृत्त आरेख
(ग) दंड आरेख
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(ख) वृत्त आरेख

Bihar Board Class 8 Social Science Geography Solutions Chapter 7 भौगोलिक आँकड़ों का प्रस्तुतिकरण

प्रश्न 2.
आरेखों का चयन किस बात पर निर्भर करता है ?
(क) आँकड़ों की प्रकृति पर
(ख) आँकड़ों के गणितीय स्वरूप पर
(ग) आँकड़ों की लम्बाई पर
(घ) उपर्युक्त सभी
उत्तर-
(क) आँकड़ों की प्रकृति पर

प्रश्न 3.
वक्र रेखा द्वारा दिखाया गया आरेख कहलाता है
(क) वक्र आरेख
(ख) दंड आरेख
(ग) रेखीय आरेख
(घ) उपर्युक्त सभी
उत्तर-
(ग) रेखीय आरेख

प्रश्न 4.
X-Y अक्ष के अंतर्गत Y अक्ष पर किस प्रकार के आँकड़ों को दिखाया जाता है ?
(क) स्वतंत्र आँकड़ा
(ख) निर्भर करने वाला आँकड़ा
(ग) इनमें से कोई भी
(घ) सभी गलत हैं
उत्तर-
(ख) निर्भर करने वाला आँकड़ा

Bihar Board Class 8 Social Science Geography Solutions Chapter 7 भौगोलिक आँकड़ों का प्रस्तुतिकरण

प्रश्न 5.
एक वृत्त का कुल मान कितना होता है ?
(क) 90°
(ख) 180°
(ग) 360°
(घ) 0″
उत्तर-
(ग) 360°

II. खाली जगहों को उपयुक्त शब्दों से भरें

  1. आरेख बनाने के पहले उपयुक्त ………. का चयन करते हैं।
  2. दंड आरेख के आँकड़ों को ………. द्वारा दिखाया जाता है।
  3. अक्ष पर मापनी ………… से आरम्भ किया जाता है।
  4. सभी दंडों को एक ही ………… पर बनाया जाता है।
  5. आँकड़े ……….. प्रकार के होते हैं।

उत्तर-

  1. शीर्षक
  2. दंडों या आयतों के
  3. शून्य
  4. आधार रेखा
  5. तीन ।

III. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें (अधिकतम 50 शब्दों में)

प्रश्न 1.
आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण से क्या समझते हैं ?
उत्तर-
प्राप्त सूचनाओं व जानकारी का अंकों के रूप में परिवर्तन आँकड़ा कहलाता है। जब इन आँकड़ों को तालिका व चित्र के माध्यम से प्रदर्शित किया जाता है तब उसे आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण कहा जाता है । आँकड़ों के आधार पर आरेखों का चयन कर ही आँकड़ों का सही प्रस्तुतीकरण किया जा सकता है।

Bihar Board Class 8 Social Science Geography Solutions Chapter 7 भौगोलिक आँकड़ों का प्रस्तुतिकरण

प्रश्न 2.
रैखिक आरेख किसे कहा जाता है ?
उत्तर-
जिस आरेख में आँकड़ों को एक रेखा द्वारा दिखाया जाता है, रैखिक आरेख कहा जाता है । इसके द्वारा भौगोलिक तत्वों यथा-वर्षा, तापमान, आर्द्रता, जनसंख्या वृद्धि, जन्मदर, मृत्युदर, उत्पादन इत्यादि को आसानी से प्रदर्शित किया जा सकता है।

प्रश्न 3.
वृत्त आरेख क्या है ?
उत्तर-
जब आँकड़ों के समूह के विभिन्न इकाइयों के हिस्से को प्रदर्शित करना हो तो इसके इसलिए वृत्त आरेख का उपयोग किया जाता है। इसमें वृत्त समस्त मात्राओं के योग का परिचायक होता है तथा वृत्त को डिग्री के आधार पर विभिन्न खंडों में बाँटकर प्रभावित मात्राओं को प्रतिशत में दिखाया जाता है, तब ऐसे चित्रण को वृत्त आरेख कहते हैं।

IV. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें

प्रश्न 1.
दिये गये आँकड़े को दंड आरेख से दिखाइए

भारत में वर्षवार जन्म दर
Bihar Board Class 8 Social Science Geography Solutions Chapter 7 भौगोलिक आँकड़ों का प्रस्तुतिकरण 1
उत्तर-
छात्र स्वयं आरेख खींचे।

Bihar Board Class 8 Social Science Civics Solutions Chapter 3 संसदीय सरकार (लोग व उनके प्रतिनिधि)

Bihar Board Class 8 Social Science Solutions Civics Samajik Aarthik Evam Rajnitik Jeevan Bhag 3 Chapter 3 संसदीय सरकार (लोग व उनके प्रतिनिधि) Text Book Questions and Answers, Notes.

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Bihar Board Class 8 Social Science संसदीय सरकार (लोग व उनके प्रतिनिधि) Text Book Questions and Answers

पाठगत प्रश्नोत्तर

सही विकल्प चुनें-

प्रश्न 1.
प्रतिनिधि का अर्थ
अ-लोगों द्वारा किसी क्षेत्र से चुना गया व्यक्ति
ब-सरकार द्वारा किसी क्षेत्र से चुना गया व्यक्ति
स-उस क्षेत्र का जाना-माना व्यक्ति ।
उत्तर-
अ-लोगों द्वारा किसी क्षेत्र से चुना गया व्यक्ति ।

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प्रश्न 2.
राज्य विधान सभा के लिए चुने गये व्यक्ति को क्या कहते हैं ?
अ-वार्ड पंच
ब-थानेदार
स-विधायक
उत्तर-
स-विधायक।

प्रश्न 3.
संसदीय सरकार में आम लोगों की भागीदारी किस तरह से होती है ?
उत्तर-
आम लोग अपने मत का प्रयोग कर संसद सदस्य के रूप में अपने प्रतिनिधियों को चुनते हैं। इस प्रकार संसदीय सरकार में आम लोगों की अप्रत्यक्ष रूप से भागीदारी होती है।

प्रश्न 4.
प्रतिनिधियों को आम लोगों के साथ सीधा संपर्क रखना क्यों जरूरी होता है ?
उत्तर-
प्रतिनिधियों को आम लोग ही अपने मत का प्रयोग कर चुनते हैं ताकि वे उनकी समस्याओं को हल कर सकें । इसलिए प्रतिनिधियों को आम लोगों के साथ सीधा संपर्क रखना जरूरी होता है ताकि वे अच्छा काम करेंगे . तो लोग अगली बार भी उन्हें सरकार में शामिल होने का मौका देंगे।

प्रश्न 5.
प्रतिनिधियों का चुनाव निश्चित समय के लिए ही क्यों किया जाता
उत्तर-
ताकि वे निरंकुश न बन जाएँ। अगले चुनाव में जीतने के लिए वे उचित काम करें।

प्रश्न 6.
क्या आम लोगों की भागीदारी प्रतिनिधियों के चुनाव तक ही सीमित होती है?
उत्तर-
सिद्धांत रूप में तो ऐसा नहीं है, पर व्यावहारिकता में तो ऐसी ही तस्वीर सामने आती है।

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प्रश्न 7.
प्रतिनिधि चुनाव क्यों जरूरी है ? शिक्षक के साथ चर्चा कीजिए।
उत्तर-
सारी जनता तो सरकार में शामिल हो नहीं सकती। इसलिए जनता की ओर से प्रतिनिधि चुने जाते हैं जो सरकार बना चलाकर जनता के हितों में काम करते हैं। अतः प्रतिनिधि चुनाव जरूरी है।

प्रश्न 8.
बिहार के प्रमुख शहरों के चुनाव क्षेत्रों को पहचानकर उसके निर्वाचित प्रतिनिधियों के नाम बताइए।
उत्तर-
अपने शिक्षक की सहायता से स्वयं करें।

प्रश्न 9.
आपके सांसद का क्या नाम है ? वे किस निर्वाचन क्षेत्र में चुने गए हैं ?
उत्तर-
मेरे सांसद का नाम शत्रुघ्न सिन्हा है जो पूर्वी पटना निर्वाचन क्षेत्र से चुने गये हैं।

प्रश्न 10.
नक्शे को अलग-अलग रंगों से दिखाने का प्रयास क्यों किया गया है?
उत्तर-
अलग-अलग क्षेत्रों की पहचान के लिए।

प्रश्न 11.
बिहार के मुख्य राजनैतिक दलों के नाम पता कीजिए।
उत्तर-
जनता दल (यूनाइटेड), भारतीय जनता पार्टी, काँग्रेस, राजद, लोजपा।

प्रश्न 12.
किसी भी राजनैतिक दल को आसानी से कैसे पहचाना जा सकता
उत्तर-
उसके चुनाव चिह्न से।

प्रश्न 13.
राजनैतिक दलों का मुख्य काम क्या होता है ?
उत्तर-
राजनैतिक दलों का मुख्य काम सरकार बनाना और अपनी जनता की समस्याओं का समाधान करना है।

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प्रश्न 14.
शिक्षिका की मदद से पता कीजिए कि भारत में राष्ट्रपति का निर्वाचन किस प्रकार होता है?
उत्तर-
राष्ट्रपति का निर्वाचन जनता के द्वारा चुने गये प्रतिनिधियों के द्वारा होता है। विशेष जानकारी के लिए अपने शिक्षक के संग स्वयं चर्चा करें।

प्रश्न 15.
आठवीं लोकसभा चुनावों में किस राजनैतिक दल को सबसे अधिक सीटें प्राप्त हुई ?
उत्तर-
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को आठवीं लोकसभा चुनावों में सर्वाधिक 404 सीटें प्राप्त हुई।

प्रश्न 16.
किस दल को सबसे कम सीटें प्राप्त हुई ?
उत्तर-
आठवीं लोकसभा में, राष्ट्रीय दल में सबसे कम सीटें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) को प्राप्त हुई। इन्हें मात्र 02 सीटें प्राप्त हई।

प्रश्न 17.
तेरहवीं लोकसभा चुनाव में कौन-सा दल सबसे बड़े दल के रूप में उभरकर सामने आया?
उत्तर-
तेरहवीं लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 182 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरकर सामने आया।

प्रश्न 18.
सबसे बड़ा दल होते हुए भी वह पार्टी अकेले सरकार क्यों नहीं बना सकी?
उत्तर-
उसके पास बहुमत के लिए जरूरी 272 सीटें नहीं थीं।

प्रश्न 19.
जो गठबंधन सरकार बनाई गई, उस गठबंधन का क्या नाम था ?
उत्तर-
एन. डी. ए.।

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प्रश्न 20.
आपकी समझ में क्या बहुमत को सरकार बनाने का आधार रखना चाहिए? कारण सहित समझाइए।
उत्तर-
हाँ, बहमत को सरकार बनाने का आधार रखना चाहिए। संसद में, सभी जनता के प्रतिनिधि होते हैं तो सब समान होते हैं. फिर तो उनमें जो बहुमत में होगा वही सही मायने में जनता का प्रतिनिधित्व करेगा और उसी को सरकार बनाने का अधिकार होना चाहिए।

प्रश्न 21.
क्या इस तरह के गठबंधन से बनी सरकार शक्तिशाली सरकार हो सकती है ? कारण सहित समझाइए।
उत्तर-
यदि गठबंधन के दलों में समझदारी भरा तालमेल होगा और देश के प्रति उनकी ईमानदारीपूर्ण निष्ठा होगी तभी गठबंधन की सरकार शक्तिशाली होगी। अन्यथा गठबंधन के दल लड़ते रहेंगे और अपनी सरकार के लिए परेशानी खड़ा कर लेंगे।

प्रश्न 22.
राष्ट्रपति किस व्यक्ति को प्रधानमंत्री नियुक्त करते हैं ?
उत्तर-
राष्ट्रपति बहुमत प्राप्त दल या सबसे बड़े दल के नेता को प्रधानमंत्री नियुक्त करते हैं।

प्रश्न 23.
क्या प्रधानमंत्री अपनी मर्जी से अपने मंत्रिपरिषद में सहयोगियों को ले सकते हैं ? शिक्षिका की मदद से चर्चा कीजिए।
उत्तर-
हकीकत में तो ऐसा ही होता है बस नाम के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रपति से सलाह लेकर अपने मंत्रिपरिषद् के सहयोगियों का चयन करते हैं। राष्ट्रपति को तो बस, प्रधानमंत्री के निर्णयों पर अपना मुहर भर लगा देना होता है । संसद में प्रधानमंत्री ही सर्वशक्तिमान होता है।

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प्रश्न 24.
यदि आपको अपने इलाके के बारे में प्रश्न पूछना होता तो आप अपने सांसद से क्या प्रश्न पूछते?
उत्तर-
मैं प्रश्न पूछता कि महँगाई को वे लोग नियंत्रित क्यों नहीं कर रहे हैं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शिक्षक हासिल करने के लिए वे क्या कर रहे हैं।

प्रश्न 25.
इस अविश्वास प्रस्ताव वाले नियम के पीछे क्या कारण हो सकता है ? आपस में चर्चा कीजिए।
उत्तर-
मंत्रिपरिषद् निरंकुश न हो जाए इसलिए अविश्वास प्रस्ताव का नियम बनाया गया है। ताकि बाकी विपक्ष द्वारा इस नियम के तहत सरकार गिरा देने के खतरे की तलवार मंत्रिपरिषद् पर लटकती है और वह बेलगाम न हो पाए।

अभ्यास-प्रश्न

प्रश्न 1.
हमारे यहाँ 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को वोट देने का अधिकार है। आपकी समझ से क्या यह ठीक है ?
उत्तर-
हाँ, यह ठीक है क्योंकि 18 वर्ष के युवा में इतनी परिपक्वता आ जाती है कि वे अपने मत का प्रयोग कर सकें।

प्रश्न 2.
लोक सभा जनभावनाओं और जनता की अपेक्षाओं की अभिव्यक्ति का मंच है। क्या आप इस वाक्य से सहमत हैं ? कारण सहित समझाइए।
उत्तर-
हाँ, मैं उपरोक्त वाक्य से पूर्णतः सहमत हूँ। लोक सभा में जनता द्वारा चुने गये प्रतिनिधि जाते हैं। लोगों को अपने-अपने जनप्रतिनिधियों से काफी अपेक्षाएँ रहती हैं। वे उनसे अपनी हर समस्या का समाधान हकपूर्वक चाहते हैं। अतः लोक सभा जनभावनाओं और जनता की अपेक्षाओं की अभिव्यक्ति का मंच है।

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प्रश्न 3.
लोकतांत्रिक शासन में आम लोगों की भागीदारी किस प्रकार से होती है ? एक उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर-
आम लोग अपने मत का प्रयोग कर संसद और विधान सभा में प्रतिनिधियों को भेजते हैं। यही प्रतिनिधि जनता के हित में शासन का कार्य करते हैं। अतः लोकतांत्रिक शासन में आम लोगों की भागीदारी अप्रत्यक्ष रूप से होती है।

प्रश्न 4.
केन्द्र में सरकार बनाने के लिए किसी भी दल या दलों की गठबंधन के पास होने वाले आवश्यक बहुमत का क्या अर्थ है ? एक उदाहरण देकर समझाइये।
उत्तर-
भारत में किसी भी दल को संसद में सरकार बनाने के लिए 543 कुल सीटों में से कम से कम 272 सीटों की आवश्यकता होती है। अतः संसद में सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत का अर्थ है कुल 272 सीटें कम-से-कम प्राप्त करना – किसी एक दल को अथवा गठबंधन के दल को।

प्रश्न 5.
संसद मंत्रिपरिषद् पर किन-किन तरीकों से नियंत्रण करती है ? इनमें से आपको कौन-सा तरीका सबसे असरदार लगता है और क्यों ?
उत्तर-
संसद मंत्रिपरिषद् पर इन तरीकों से नियंत्रण करती है

  1. प्रश्नकाल के दौरान प्रश्न पूछना ।
  2. सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों की आलोचना करना ।
  3. सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करना ।

मुझे इनमें से अविश्वास प्रस्ताव लाने का तरीका सबसे असरदार लगता है।

प्रश्न 6.
संसद के मुख्य कार्य कौन-कौन से हैं। अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर-
संसद के मुख्य कार्य निम्न हैं

  1. विधायी कामकाज – संसद का काम पूरे देश या देश के किसी भू-भाग के लिए कानून का निर्माण करना है। ।
  2. वित्तीय कार्य-सरकार के कार्य कई होते हैं जिनके लिए बहुत धन की जरूरत होती है। संसद अपनी वित्तीय शक्तियों के द्वारा सरकार के कार्यों के लिए धन उपलब्ध कराती है। सरकार को खर्च की गई राशि तथा प्रस्तावित आय का हिसाब-किताब संसद को देना होता है।
  3. सरकार को नियंत्रित करना, मार्गदर्शन और जानकारी देनासंसद का सबसे महत्त्वपूर्ण कार्य सरकार को नियंत्रित करना है। संसद सरकार को मार्गदर्शन देने का कार्य भी करती है। संसद में जनता के द्वारा चुने गये प्रतिनिधि लोगों की ओर से कार्य करते हैं इसलिए मंत्रिपरिषद् संसद के प्रति उत्तरदायी होती है।

Bihar Board Class 8 Social Science Civics Solutions Chapter 3 संसदीय सरकार (लोग व उनके प्रतिनिधि)

प्रश्न 7.
नीचे दी गयी तालिका को अध्याय में दी गयी जानकारी के आधार पर भरिये।
Bihar Board Class 8 Social Science Civics Solutions Chapter 3 संसदीय सरकार (लोग व उनके प्रतिनिधि) 1
उत्तर-
Bihar Board Class 8 Social Science Civics Solutions Chapter 3 संसदीय सरकार (लोग व उनके प्रतिनिधि) 2

Bihar Board Class 8 Social Science Geography Solutions Chapter 6 एशिया

Bihar Board Class 8 Social Science Solutions Geography Hamari Duniya Bhag 3 Chapter 6 एशिया Text Book Questions and Answers, Notes.

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Bihar Board Class 8 Social Science एशिया Text Book Questions and Answers

अभ्यास-प्रश्न

I. बहुवैकल्पिक प्रश्न 

प्रश्न (i)
एशिया के पूरब में है
(क) प्रशांत महासागर
(ख) यूरोप
(ग) हिंद महासागर
(घ) लाल सागर
उत्तर-
(क) प्रशांत महासागर

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प्रश्न (ii)
संसार की छत कहलाती है
(क) तिब्बत का पठार
(ख) माउंट एवरेस्ट
(ग) पामीर का पठार
(घ) यूराल पर्वतमाला
उत्तर-
(क) तिब्बत का पठार

प्रश्न (iii)
एशिया के दक्षिणी भाग की जलवायु है
(क) शीतोष्ण
(ख) उष्ण
(ग) मरुस्थलीय
(घ) विषुवतरेखीय
उत्तर-
(क) शीतोष्ण

प्रश्न (iv)
सर्वाधिक मुस्लिम आबादी वाला देश है
(क) ब्रुनेई
(ख) ईरान
(ग) कम्बोडिया
(घ) इंडोनेशिया
उत्तर-
(ख) ईरान

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प्रश्न (v)
हांगहो नदी घाटी सभ्यता विकसित हुई
(क) चीन में
(ख) भारत में
(ग) ईरान-इराक में
(घ) मिस्र में
उत्तर-
(क) चीन में

II. सही मिलान करें

  1. रेडियर – फिलीपीन
  2. कोणधारी वृक्ष – क्यूराइल
  3. ठंडी जलधारा – टुंड्रा प्रदेश
  4. त्योहारों का देश – उत्तर एशिया
  5. घास का मैदान – टैगा
  6. साइबेरिया – स्टेपी

उत्तर

  1. रेडियर – टुंड्रा प्रदेश
  2. कोणधारी वृक्ष – टैगा
  3. ठंडी जलधारा – क्यूराइल
  4. त्योहारों का देश – फिलीपीन
  5. घास का मैदान – स्टेपी
  6. साइबेरिया – उत्तर एशिया

III. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें (अधिकतम 50 शब्दों में)

प्रश्न 1.
एशिया महादेश की चौहद्दी बताएँ।
उत्तर-
एशिया के पूरब में प्रशांत महासागर, पश्चिम में यूरोप और अफ्रीका महादेश तथा दक्षिण में हिन्द महासागर और उत्तर में आर्कटिक महासागर है।

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प्रश्न 2.
एशिया को यूरोप से अलग करने वाले प्राकृतिक कारकों के नाम लिखें।
उत्तर-
एशिया को यूरोप से अलग करने वाले प्राकृतिक कारक हैं डारडानेलिस जलसंधि, बास्पोरस जलसंधि, मारमारा सागर, काला सागर, कैस्पियन सागर, यूराल नदी ।

प्रश्न 3.
सभ्यताओं का पलना’ एशिया को क्यों कहा जाता है?
उत्तर-
दजला-फुरात नदी घाटी में मेसोपोटामिया की सभ्यता (इराक), सिंधुघाटी की सभ्यता (भारत, पाकिस्तान), हांगहो नदी घाटी सभ्यता (चीन), ये सभी एशिया महादेश में ही विकसित हुए । इतनी सारी सभ्यताओं का एक महादेश में उत्थान और पतन एक अभूतपूर्व घटना है इसलिए एशिया को “सभ्यताओं का पलना’ कहा जाता है।

प्रश्न 4.
एशिया महादेश में कृषि निर्वहन का प्रमुख साधन है । कैसे ?
उत्तर-
एशिया महादेश में कृषि निर्वहन का प्रमुख साधन है। क्योंकि यहाँ कृषक समाज ने परम्परागत कृषि और आधुनिक कृषि के तरीकों को समन्वित रूप से अपनाया है। धान यहाँ की प्रमुख फसल है।

IV. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 200 शब्दों में)

प्रश्न 1.
एशिया विविधताओं से भरा प्रदेश है । कैसे ?
उत्तर-
एशिया महादेश की जलवायु में काफी विविधता है। इसी महादेश में सर्वाधिक ठंडा प्रदेश और सर्वाधिक गर्म प्रदेश तो पड़ता ही है। सबसे आई और सबसे शुष्क क्षेत्र भी पाये जाते हैं । इस महादेश का अक्षांशीय एवं देशांतरीय विस्तार बहुत अधिक है। समद्र तट से स्थलीय भाग की दुरी काफी है। इसलिए महाद्वीपता की स्थिति पाई जाती है । एशिया के उत्तरी भाग की जलवायु अत्यंत ठंडी है। रूस में स्थित बँरखोयासक का तापमान तो 90° तक पहुँच जाता है।

सबसे गर्म प्रदेश मित्रावा, कुवैत एशिया में ही है, लेकिन दक्षिणी क्षेत्र की जलवायु खुशनुमा है। यहाँ अधिकांशतः गर्मी का मौसम रहता है। दक्षिण-पूर्व एशिया में मानसूनी जलवायु पायी जाती है। जबकि दक्षिण में भूमध्य रेखा के समीप विषुवतीय जलवायु पायी जाती है । सितम्बर में यहाँ भीषण तूफान चलते हैं, जिसे ‘टायफून’ कहते हैं।

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प्रश्न 2.
एशिया महादेश की आबादी विशाल है । क्यों ?
उत्तर-
एशिया महादेश में सर्वाधिक जनसंख्या पाये जाने के कारण ही इसे ‘मानव का घर’ (Home of man) कहा जाता है । जीवन प्रत्याशा भी एशिया महादेश के जापान में सबसे अधिक पायी जाती है। इस महादेश में विश्व की सर्वाधिक आबादी रहती है। पृथ्वी के स्थल भाग का लगभग 30% हिस्से पर एशिया महादेश का विस्तार है। विश्व की आबादी की 60% जनसंख्या यहाँ रहती है।

प्रश्न 3.
एशिया की सांस्कृतिक प्रदेशों के बारे में लिखिए।
उत्तर-
विभिन्न धर्मावलंबी दर्शन और सम्प्रदाय यहाँ की संस्कृति की विशेषता है। विश्व के सभी धर्मों की उत्पत्ति इसी महादेश की धरती से हुई है। हिन्दू-मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध मतावलंबियों की प्रमुखता, विश्व की प्राचीन सभ्यताओं का विकास इसी महादेश की नदी-घाटियों में हुआ है। दजला-फुरात नदी घाटी में मेसोपोटामिया की सभ्यता (इराक), सिंधु घाटी की सभ्यता (भारत, पाकिस्तान), हांगहो नदी घाटी सभ्यता (चीन) ये सभी एशिया महादेश में ही विकसित हुए । इतनी सारी सभ्यताओं का एक महादेश में उत्थान

और पतन एक अभूतपूर्व घटना है इसलिए तो एशिया महादेश को सभ्यताओं का पलना कहा जाता है । इस महादेश को कई सांस्कृतिक प्रदेशों में बाँटा गया

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प्रश्न 3.
एशिया के महत्त्वपूर्ण देशों की विशेषता लिखिए।
उत्तर-
एशिया के महत्त्वपूर्ण देशों की विशेषता :

(i) पूर्वी एशिया-इसके अंतर्गत, चीन, जापान, उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया जैसे महत्वपूर्ण देश हैं । ऐतिहासिक रूप से इस सम्पूर्ण इलाके में चीन का प्रभाव रहा है। यहाँ बौद्ध धर्म और ताओवाद की प्रभुता है।

(ii) दक्षिण एशिया इस क्षेत्र के प्रमुख देश भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान एवं श्रीलंका है। यहाँ लोगों के वेशभूषा एवं खान-पान में भी अन्तर देखा जाता है।

(iii) दक्षिण-पूर्वी एशिया-इसके अंतर्गत म्यांमार, फिलीपीन, थाइलैंड, लाओस, कंपूचिया, मलेशिया, सिंगापुर, पूर्वी तिमूर, ब्रूनेई और इंडोनेशिया आता है। दक्षिण-पूर्वी एशिया से यह प्रदेश इस्लाम और इसाई धर्म से बहुत अधिक प्रभावित है।

(iv) पश्चिम एशिया यह क्षेत्र इस्लाम, ईसाई, जूडिज्म का ऐतिहासिक जन्म स्थल रहा है। यहाँ का खाना विविध और गरिष्ठ है । यहाँ का साहित्य भी बहुत धनी है।

(v) मध्य एशिया-इस प्रदेश में मुख्यत: पहले के सोवियत समाजवादी गणराज्य के पाँच प्रदेश सम्मिलित हैं कजाकिस्तान, खिराजिस्तान, ताजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और तर्कमेनिस्तान । मध्य एशिया का ऐतिहासिक महत्त्व सिल्क
रूट के कारण बढ़ जाता है।

उत्तर एशिया – यह साइबेरिया का भौगोलिक क्षेत्र है। यहाँ प्रतिकूल स्थिति के कारण जनसंख्या विरल है। ट्रांस-साइबेरियन रेलवे और खनन कार्यों से यहाँ पर आधुनिक जीवन-शैली का प्रभाव पड़ा है।

Bihar Board 9th English Reader Objective Answers Chapter 6 The Accidental Tourist

Bihar Board 9th English Objective Questions and Answers

BSEB Bihar Board 10th English Reader Objective Answers Chapter 6 The Accidental Tourist

Question 1.
“The Accidental Tourist” has been written by
(a) Ruskin Bond
(b)Najmul Hasan
(c) U.R.A. murti
(d) Bill Bryson
Answer:
(d) Bill Bryson

Bihar Board 9th English Reader Objective Answers Chapter 6 The Accidental Tourist

Question 2.
The writer remembered that he had put the card in the
(a) box
(b) purse
(c) carry-on bag
(d) pocket
Answer:
(c) carry-on bag

Question 3.
The writer had recently joined British Airways frequent flyer
(a) scheme
(b) programme
(c) duty
(d) work
Answer:
(b) programme

Question 4.
The writer is easily
(a) made up his mind
(b) aware
(c) confused
(d) None of these
Answer:
(c) confused

Bihar Board 9th English Reader Objective Answers Chapter 6 The Accidental Tourist

Question 5.
At Logan Airport in Bostom the writer tried hard to open the bag through the
(a) zip
(b) belt
(c) buttons
(d) none of these
Answer:
(a) zip

Question 6.
But the card was hanging around the writer’s
(a) arm
(b) waist
(c) pocket
(d) neck
Answer:
(d) neck

Question 7.
The author had gashed his finger on the zip and was shedding blood in a
(a) Lavish manner
(b) full speed
(c) flow
(d) none of these
Answer:
(a) Lavish manner

Question 8.
The writer cut his finger while opening the bag and cried out
(a) cut my finger
(b) oh!
(c) outch
(d) my finger my finger
Answer:
(d) my finger my finger

Bihar Board 9th English Reader Objective Answers Chapter 6 The Accidental Tourist

Question 9.
Everything was extravagantly ejected over an area about the size of a
(a) table
(b) lown
(c) tennis court
(d) the floor
Answer:
(c) tennis court

Question 10.
The author pulled harder and harder the side of the bad
(a) opened
(b) belw open
(c) broken
(d) blocked
Answer:
(b) belw open

Question 11.
Thus these all indicates that the author was just a man of easily.
(a) wonder
(b) sweet little
(c) confused
(d) thoughts
Answer:
(c) confused

Question 12.
Once the author found that the ticket was in the name of B. Bryson and the cerd was in the name of
(a) Ruskin Bond
(b) W. Bryson
(c) Najmul Hassan
(d) U.R.A. Murty
Answer:
(b) W. Bryson

Bihar Board 9th English Reader Objective Answers Chapter 6 The Accidental Tourist

Question 13.
The author must fly ………… miles a year.
(a) 1,00,000
(b) 2,00,000
(c) 1,50,000
(d) 2,50,000
Answer:
(a) 1,00,000

Question 14.
The author never did get his frequent…………..miles.
(a) singer
(b) ringer
(c) runner
(d) flyer
Answer:
(d) flyer

Question 15.
Then the author retired to the lavatory where he discovered that the pen had beaked and that his mouth chin, tongue, teeth and gums were in ……….
(a) navy blue
(b) yellow blue
(c) dark blue
(d) light blue
Answer:
(a) navy blue

Question 16.
The author amused a lady for 20 minutes with a scattemg of urban…………..
(a) catastorphes
(b) sweet little
(c) bons most
(d) better most
Answer:
(c) bons most

Bihar Board 9th English Reader Objective Answers Chapter 6 The Accidental Tourist

Question 17.
The author worst experience was when he was writing………..in his note book
(a) catastrophes
(b) lavish manner
(c) wonder
(d) thoughts
Answer:
(d) thoughts

Question 18.
On author occasion, he knocked a soft drink on to the lap of a ……….. lady sitting beside him.
(a) little
(b) sweet little
(c) wonder
(d) bons moster
Answer:
(b) sweet little

Question 19.
The author ha ays………..when he travels.
(a) catasrophes
(b) thoughts
(c) bons most
(d) wonder
Answer:
(a) catasrophes

Question 20.
It was this point that the authors wife looked at him with an expression of
(a) sweet little
(b) bons most
(c) wonder
(d) thoughts
Answer:
(c) wonder

Bihar Board 9th English Reader Objective Answers Chapter 6 The Accidental Tourist

Question 21.
The narrator had accumulated only about 212 air miles divided among……..airlines.
(a) twenty four
(b) twenty three
(c) twenty seven
(d) twenty nine
Answer:
(b) twenty three

Question 22.
The narrator had gashed his finger on the zip of the bag
and was shedding………in a lavish manner.
(a) spirit
(b) liquid
(c) water
(d) blood
Answer:
(d) blood

Question 23.
The narrator wanted to go firstclass with his air miles.
(a) Bali
(b) Agra
(c) Chittoor
(d) Indore
Answer:
(a) Bali

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Question 24.
The narrator bad gone to…….for a week at easter, the last time he went on a big trip.
(a) Australia
(b) England
(c) India
(d) Pakistan
Answer:
(b) England

Question 25.
The writer is a………..man
(a) Cheerful
(b) preaceful
(c) forgetful
(d) beautiful
Answer:
(c)

Question 26.
What sort of a person is the writer ?
(a) worried
(b) nervous
(c) anxious
(d) confused
Answer:
(d) confused

Question 27.
The zip on the writer’s carry-on bag was
(a) broken
(b) gone
(c) jammed
(d) lost
Answer:
(c) jammed

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Question 28.
The writer always has catastrophes when I
(a) sleep
(b) travel
(c) walk
(d) speak
Answer:
(b) travel

Question 29.
The writer knocked soft drink onto the lap of a
(a) young boy
(b) old man
(c) weet little lady
(d) elderly woman
Answer:
(c) weet little lady

Question 30.
The writer never gets my frequent-flyer miles as I can’t find the card in
(a) weeks
(b) month’s
(c) years
(d) time
Answer:
(a) weeks

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Pick out the same meaning words.

Question 31.
Emerged
(a) abruptly
(b) ejected
(c) dumbstruck
(d) stupefied
Answer:
(b) ejected

Question 32.
Worthy of reverance.
(a) stupefied
(b) dumbstruck
(c) ejected
(d) venerable
Answer:
(d) venerable

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Question 33.
Deprived of sensibility
(a) Stupefied
(b) abruptly
(c) venerable
(d) dumbstruck
Answer:
(a) Stupefied

Question 34.
All of a sudden
(a) ejected
(b) stupefied
(c) abruptly
(d) venerable
Answer:
(c) abruptly

Question 35.
Silent with surprise
(a) abruptly
(b) dumpstruck
(c) ejected
(d) stupefied
Answer:
(b) dumpstruck

Question 36.
We were flying  …………… England for a week.
(a) by
(b) with
(c) out
(d) to
Answer:
(d) to

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Question 37.
I had put the card…………….. the carry – one bag.
(a) among
(b) from
(c) in
(d) up
Answer:
(c) in

Question 38.
I had gashed my linger ………… the zip.
(a) from
(b) on
(c) along
(d) about
Answer:
(b) on

Question 39.
The lady looked…………my with a stupefied expression.
(a) at
(b) on
(c) in
(d) to
Answer:
(a) at

Bihar Board 9th English Reader Objective Answers Chapter 6 The Accidental Tourist

Question 40.
I amused her………….Perhaps twenty minutes.
(a) with
(b) for
(c) to
(d) from
Answer:
(b) for