Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 8 उषा

Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions

Bihar Board Class 12th Hindi Book Solutions पद्य Chapter 8 उषा

 

उषा वस्तुनिष्ठ प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों के बहुवैकल्पिक उत्तरों में से सही उत्तर बताएँ

उषा कविता के प्रश्न उत्तर Bihar Board प्रश्न 1.
ऊषा’ कविता के कवि कौन हैं?
(क) रघुवीर सहाय
(ख) शमशेर बहादुर सिंह
(ग) जयशंकर प्रसाद
(घ) अशोक वाजपेयी
उत्तर-
(ख)

उषा’ कविता के प्रश्न उत्तर Bihar Board प्रश्न 2.
शमशेर बहादुर सिंह का जन्म कब हुआ था?
(क) 13 जनवरी, 1911 ई.
(ख) 15 जनवरी, 1910 ई.
(ग) 20 फरवरी, 1920 ई.
(घ) 20 जनवरी, 1915 ई.
उत्तर-
(क)

उषा आ रही है कविता के प्रश्न उत्तर Bihar Board प्रश्न 3.
शमशेर की ‘प्रतिनिधि कविताएँ’ नामक काव्य कृति का संपादन किसने किया है?
(क) डॉ. नामवर सिंह
(ख) डॉ. काशीनाथ सिंह
(ग) डॉ. दूधनाथ सिंह
(घ) डॉ. बच्चन सिंह
उत्तर-
(क)

उषा कविता का भावार्थ Bihar Board प्रश्न 4.
शमशेर बहादुर सिंह को हिन्दी साहित्य में क्या कहा जाता है?
(क) कवियों के कवि
(ख) कवि शिरोमणि
(ग) कवि भूषण
(घ) कवि रत्न
उत्तर-
(क)

Usha Hindi Class 12 Bihar Board प्रश्न 5.
काल तुझसे होड़ है मेरी, टूटी हुई बिखरी हुई, कहीं बहुत दूर से सुन रहा हूँ, सुकून की तलाश आदि किनकी रचनाएँ हैं?
(क) शमशेर बहादुर सिंह
(ख) नामवर सिंह
(ग) मैनेजर पाण्डेय
(घ) विश्वनाथ तिवारी
उत्तर-
(क)

रिक्त स्थानों की पूर्ति करें

Class 12 Hindi Usha Question Answer Bihar Board प्रश्न 1.
स्लेट पर या लाल खड़िया……….. मल दी हो किसी ने
उत्तर-
चाक

उषा कविता का काव्य सौन्दर्य स्पष्ट कीजिए| Bihar Board प्रश्न 2.
बहुत काली सिल जरा से लाल……….. से कि जैसे घुल गई हो।
उत्तर-
केसर

उषा कविता का सारांश Bihar Board प्रश्न 3.
राख से लीप हुआ…………. अभी गीला पड़ा है।
उत्तर-
चौका

प्रातः काल का नाम कैसा था Bihar Board प्रश्न 4.
नील जल में या किसी की गौर…….. देह जैसे हिल रही हो।
उत्तर-
झिलमिल

Usha Question Answer Bihar Board प्रश्न 5.
प्रात नभ था बहुत नीला……… जैसे मोर का नभ।
उत्तर-
शंख

Usha Class 12 Question Answer Bihar Board प्रश्न 6.
और………… जादू टूटता है इस…….. का अब सूर्योदय हो रहा है।
उत्तर-
उषा गोल्डेन सीरिज पासपोर्ट

उषा अति लघु उत्तरीय प्रश्न

Usha Kavita Class 12 Bihar Board प्रश्न 1.
उषा का जादू कब टूट जाता है?
उत्तर-
सूर्योदय होने पर।

प्रश्न 2.
शमशेर बहादुर सिंह की कविता का क्या नाम है?
उत्तर-
उषा।

प्रश्न 3.
प्रातःकाल का नभ कैसा था?
उत्तर-
नीले राख के समान।

प्रश्न 4.
शमशेर बहादुर सिंह का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
उत्तर-
13 जनवरी, 1911, देहरादून, उत्तराखण्ड।

प्रश्न. 5.
शमशेर बहादुर सिंह ने किस स्थान से बी.ए. किया?
उत्तर-
इलाहाबाद।

प्रश्न 6.
शमशेर बहादुर सिंह ने निम्नलिखित में से किस कोण का संपादन कार्य किया?
उत्तर-
उर्दू–हिन्दी कोष।

प्रश्न 7.
शमशेर बहादुर सिंह की रचना किस सप्तक में आनी शुरू हुई?
उत्तर-
दूसरा सप्तक।

प्रश्न 8.
शमशेर बहादुर सिंह का संबंध किस विश्वविद्यालय से रहा है?
उत्तर-
विक्रम विश्वविद्यालय से।।

उषा पाठ्य पुस्तक के प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
प्रातःकाल का नभ कैसा था?
उत्तर-
प्रात:काल का नभ पवित्र, निर्मल और उज्ज्वल था। उसका रंग अत्यधिक नीला था और वह शंख जैसा प्रतीत हो रहा था ! उस समय नभ देखने में.ऐसा लग रहा था जैसे लीपा हुआ चौका हो। पूरब से बिखरी सूर्योदय के पहले की लालिमा के कारण नभ ऐसा लग रहा था मानो किसी ने काली सिल को लाल केसर से धो दिया हो।

प्रश्न 2.
‘राख से लीपा हुआ चौका’ के द्वारा कवि ने क्या कहना चाहा है?
उत्तर-
‘राख से लीपा हुआ चौका’ के माध्यम से कवि यह कहना चाहता है कि प्रातः कालीन नभ पवित्र एवं निर्मल है। जिस प्रकार लीपने के तुरंत बाद गीले चौके में किसी को इसलिए नहीं चलने– फिरने दिया जाता कि उससे चौके में पैरों के निशान पड़ जाएंगे और वह पवित्र तथा निर्मल नहीं रह पाएगा, उसी प्रकार भोर के नभ में भी प्रात: की ओस के कारण गीलापन है और वह बिल्कुल पवित्र एवं निर्मल है।

प्रश्न 3.
बिम्ब स्पष्ट करें–.
‘बहुत काली सिल जरा से लाल केसर से कि जैसे धुल गई हो’..
उत्तर-
यहाँ दो तरह का बिम्ब दिखाई पड़ता है। पहला जीवन का बिम्ब है. जिसमें सुबह चौका लीपने के बाद गृहिणी सिलवट पर मशाला पीसती है और केसर पीसने के बाद सिलवट धुल जाने के बाद भी उसमें थोड़ी देर तक लाली बनी रहती है। दूसरा यह कि समस्त दिगंत सूर्य की लाली से भर गया है जो लगता है कि बहुत काली सिल जरा से लाल केसर से धुल गई हो। आकाश की थोड़ी लालिमा ऐसी लगती है जैसे जिस समय सर्योदय की शुरूआत हुई हो।

प्रश्न 4.
उषा का जादू कैसा है?
उत्तर-
उषा का उदय आकर्षक होता है। नीले गगन में फैलती प्रथम सफेद लाल प्रात:काल की किरणें हृदय को बरबस अपनी ओर आकृष्ट कर लेती है। उसका बरबस आकृष्ट करना ही जादू है। सूर्य उदित होते ही यह भव्य प्राकृतिक दृश्य सूर्य की तरुण किरणों से आहत हो जाता है। उसका सम्मोहन और प्रभाव नष्ट हो जाता है।

प्रश्न 5.
‘लाल केसर’ और ‘लाल खड़िया चाक’ किसके लिये प्रयुक्त है?
उत्तर-
लाल केसर–सूर्योदय के समय आकाश की लालिमा से कवि ने लाल केसर से तुलना की है। रात्रि की उन्होंने काली सिलवट से तुलना की है। काली सिलवट को लाल केसर से मलने पर सिलवट साफ हो जाता है। उसी प्रकार सूर्योदय होते ही अंधकार दूर हो जाता है एवं आकाश में लालिमा छा जाती है।

लाल खड़िया चाक–लाल खड़िया चाक उषाकाल के लिये प्रयुक्त हुआ है। उषाकाल में हल्के अंधकार के आवरण में मन का स्वरूप ऐसा लगता है मानो किसी ने स्लेट पर लाल खली घिस दी हो।

प्रश्न 6.
व्याख्या करें
(क) जादू टूटता है इस उषा का अब सूर्योदय हो रहा है।
(ख) बहुत काली सिल जरा से लाल केसर से कि जैसे धुल गई हो।
उत्तर-
(क) प्रस्तुत पंक्तियाँ नयी कविता के कवि शमशेर बहादुर सिंह द्वारा रचित हैं। कवि उषा का जादू उषाकाल नभ की प्राकृतिक सुन्दरता के रूप में वर्णन करता है। कवि को यह दृश्य बहुत मोहित करता है परन्तु उषा का जादू सूर्योदय होने पर टूट जाता है। तब सूर्योदय का होना कवि के लिए उषा का जादू टूटना है। सूर्योदय के पूर्व तक ही आकाश को गोद में सौन्दर्य के जादू का यह खेल चलता रहता है। सूर्योदय होने पर उससे निकले प्रकाश से सारा दृश्य बदल जाता है। यहाँ उषा के जादू का टूटना है।

(ख) प्रस्तुत पंक्तियाँ नयी कविता के कवि शमशेर बहादुर सिंह द्वारा रचित हैं। कवि ने प्रात:कालीन उषा के सौन्दर्य में अभिभूत होकर उसे भिन्न–भिन्न उपमानों की सहायता से चित्रित किया है। कवि सूर्योदय होने से पूर्व आकाश में सूर्य की लाली छिटकने पर कहता है कि आकाश मानो काला पत्थर थोड़े से लाल केसर से धूल गया है। उषाकालीन आकाश के प्राकृतिक सौन्दर्य का प्रभावपूर्ण चित्रण है। कवि ने बड़ा ही सहज सरल एवं सुबोध भाषा का प्रयोग किया है। कवि की मुख्य चिन्ता उषाकालीन प्राकृतिक सौन्दर्य का चित्रण से है। इसलिए कवि उपमानों द्वारा बिम्ब की रचना करता है। इस तरह उषा का सौन्दर्य और बढ़ जाता है।

प्रश्न 7.
इस कविता की बिम्ब योजना पर टिप्पणी लिखें। उत्तर-सारांश देखें।। प्रश्न 8. प्रातः नभ की तुलना बहुत नीला शंख से क्यों की गई है?..
उत्तर-
प्रातः नभ की तुलना बहुत नीला शंख से की गयी है क्योंकि कवि के अनुसार प्रात:कालीन आकाश (नभ) गहरा नीला प्रतीत हो रहा है। वह नीले शंख के समान पवित्र और उज्ज्वल है। नीला शंख पवित्रता का प्रतीक है। प्रांत:कालीन नभ भी पवित्रता का प्रतीक है।

लोग उषाकाल में सूर्य नमस्कार करते हैं। शंख का प्रयोग भी पवित्र कार्यों में होता है। अतः यह तुलना युक्तिसंगत है।

प्रश्न 9.
नील जल में किसकी गौर देह हिल रही है?..
उत्तर-
नीले आकाश में सूर्य की प्रात:कालीन किरण झिलमिल कर रही है मानो नीले जल में किसी गौरांगो का गौर शरीर हिल रहा है।

उषा भाषा की बात

प्रश्न 1.
कविता से संयुक्त क्रियाओं को चुनें।
उत्तर-
कविता में प्रयुक्त संयुक्त क्रियाएँ निम्नलिखित हैं–लीपा हुआ, धुल गई, मल दी हो, हिल रही हो, हो रहा आदि।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों से वाक्य बनाएँ नभ, राख, चौका, देह, उषा।
उत्तर-
शब्द – वाक्य प्रयोग
नभ अतुल, बाहर देखना नभ को काली घटाओं ने ढंक लिया है।
राख सूखी मालाएँ तथा राख फेंककर हमें नदियों को और अधिक प्रदूषित नहीं करना चाहिए।
जूते पहनकर चौके में मत आना। संत कबीर ने मानव देह को पानी के बुलबुले के समान क्षणभंगुर बताया है।
उषा हमें उषा काल में ही भ्रमण के लिए चल देना चाहिए।

प्रश्न 3.
व्युत्पत्ति की दृष्टि से इन शब्दों की प्रकृति बताएँ नीला, शंख, भोर, चौका, स्लेट, जल, गौर, देह, जादू, उषा।
उत्तर-

  • शब्द – व्युत्पत्ति की दृष्टि से शब्दों की प्रकृति
  • नीला – तद्भव
  • शंख – तत्सम
  • भोर – तद्भव
  • स्लेट – विदेशी
  • गौर – तत्सम
  • जादू – तद्भव
  • उषा – तत्सम

प्रश्न 4.
कविता में प्रयुक्त उपमानों को चुनें।
उत्तर-
नीला शंख, राख से लीपा हुआ चौका, काली सिल जरा से लाल केसर से, धुली काली सिल, खड़िया लगी स्लेट आदि।।

प्रश्न 5.
सूर्योदय का सन्धि–विच्छेद करें।
उत्तर-
सूर्योदय – सूर्य + उदय

उषा कवि परिचय शमशेर बहादुर सिंह (1911–1993)

जीवन–परिचय–
स्वच्छंद चेतना के प्रयोगशील कवि शमशेर बहादुर सिंह का जन्म 13. जनवरी, 1911 को देहरादून, उत्तराखण्ड में हुआ था। इनके पिता का नाम तारीफ सिंह तथा माता का नाम प्रभुदेई था। इनकी आरंभिक शिक्षा देहरादून में हुई। इन्होंने संन् 1928 में हाईस्कूल सन् 1931 में इंटर तथा. सन् 1933 में बी.ए. की परीक्षा इलाहाबाद से उत्तीर्ण की। सन् 1938 में एम.ए. (पूर्वार्द्ध) किया किन्तु आगे की शिक्षा पूरी न कर सके। इनका विवाह सन् 1929 में धर्म देवी से हुआ, जिनकी मृत्यु सन् 1933 में हो गई। इनका विवाह सन् 1929 में धर्म देवी से हुआ, जिनकी मृत्यु सन् 1933 में हो गई।

श्री सिंह रूपाभ, कहानी, माया, नया साहित्य, नया पथ एवं मनोहर कहानियाँ के संपादन कार्य से जुड़े रहे। इसके अलावा इन्होंने उर्दू–हिन्दी कोश का संपादन किया। ये सन् 1981–85 तक ‘प्रेमचन्द सृजनपीठ’ विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के अध्यक्ष पद को सुशोभित करते रहे। इनकी मृत्यु सन् 1993 में हुई।

रचनाएँ–सन् 1932–33 में लेखनकार्य शुरू करने वाले शमशेर बहादुर सिंह की रचनाएँ सन् 1951 के आसपास प्रकाशित शुरू हुई। इनकी प्रमुख रचनाएँ निम्नलिखित हैं

दूसरा सप्तक (1951), कुछ कविताएँ (1959), कुछ और कविताएँ (1961),चुका भी नहीं हूँ मैं (1975), इतने पास अपने (1980), उदिता (1980), बात बोलेगी (1981), काल तुझसे होड़ है मेरी (1982) टूटी हुई बिखरी हुई, कहीं बहुत दूर से सुन रहा हूँ, सुकून की तलाश (गजलें)। इसके अलावा इन्होंने डायरी, विविध प्रकार के निबन्ध एवं आलोचनाएँ भी लिखीं।

उषा कविता का सारांश

शमशेर बहादुर सिंह द्वारा रचित कविता ‘उषा’ में प्रात:काल के प्राकृतिक सौन्दर्य का. गतिशील चित्रण बिंबों द्वारा प्रस्तुत किया गया है। यह चित्रण एक प्रभाववादी चित्रकार की तरह किया गया है। प्रभाववादी चित्रकार वस्तु या दृश्य के मन और संवेदना पर पड़े प्रभावों का उनकी विशिष्ट रंग–रेखाओं के सहारे चित्रित करता है।

‘उषा’ कविता में कवि ने प्रात:कालीन आकाश की पवित्रता, निर्मलता और उज्ज्वलता की विभिन्न उपमाओं से तुलना या समता की है। इसमें प्रात:कालीन नीले आकाश को शंख जैसा बताया गया है। सूर्योदय के पहले की लालिमा के प्रभाव से आकाश ऐसा लग रहा है जैसे किसी ने काली सिल को केसर से धो दिया हो या काली स्लेट पर लाल खड़िया मल दी हो या नीले जल में किसी की उज्ज्वल गोरी देह (शरीर) हिल रही हो, किन्तु सूर्योदय हो जाने से उषा सुन्दरी का वह जादू धीरे–धीरे कम होता जाता है।

कविता का भावार्थ 1.
प्रातः नभ था बहुत नीला, शंख जैसे
भोर का नभ
राख से लीपा हुआ चौका
(अभी गीला पड़ा है)
बहुत काली सिल
जरा से लाल केसर से
कि जैसे धुल गई हो
स्लेट पर या लाल खड़िया चाक
मल दी हो किसी ने

व्याख्या–प्रस्तुत काव्यांश सिद्ध प्रयोगवादी कवि शमशेर सिंह द्वारा रचित कविता ‘उषा’ से अवतरित है। इसमें कवि सूर्योदय से ठीक पहले के प्राकृतिक सौन्दर्य का चित्र उकेरता है। इसमें पल–पल परिवर्तित होती प्रकृति का शब्द–चित्र है।

इस काव्यांश में कवि ने भोर के वातावरण का सजीव चित्रण किया है। प्रात:कालीन आकाश. गहरा नीला प्रतीत हो रहा है। वह शंख के समान पवित्र और उज्ज्वल है। भोर (सूर्योदय) के समय आकाश में हल्की लालिमा बिखर गई है। आकाश की लालिमा अभी पूरी तरह छंट भी नहीं पाई है, पर सूर्योदय की लालिमा फूट पड़ना चाह रही है।

आसमान के वातावरण में नमी दिखाई दे रही है और वह राख में लीपा हुआ गीला चौड़ा सा लग रहा है। इससे उसकी पवित्रता झलक रही है। भोर का दृश्य काले और लाल रंग के अनोखे मिश्रण से भर गया है। ऐसा लगता है कि गहरी काली सिल को केसर से अभी–अभी धो दिया गया हो अथवा काली स्लेट पर लाल खड़िया मल दी गई हो।

कवि ने सूर्योदय से पहले के आकाश को राख से लीपे चौके के समान इसलिए बताया है ताकि वह उसकी पवित्रता को अभिव्यक्त कर सके। राख से लीपे चौके में कालापन एवं सफेदी का मिश्रण होता है और सूर्योदय की लालिमा बिखरने से पूर्व आकाश ऐसा प्रतीत होता है। गीला चौका पवित्रता को दर्शाता है। इस काव्यांश में प्रकृति का मनोहारी चित्रण किया गया है। इसमें ग्रामीण परिवेश भी साकार हो गया है।

2. नील जल में या किसी की
गौर, झिलमिल देह
जैसे हिल रही हो।
और ………………
जादू टूटता है उस उषा का अब
सूयोदय हो रहा है।

व्याख्या–प्रस्तुत काव्यांश प्रसिद्ध प्रयोगवादी कवि शमशेर बहादुर सिंह द्वारा रचित कविता ‘उषा’ से अवतरित है। यहाँ कवि प्रात:कालीन दृश्य का मनोहारी चित्रण कर रहा है। प्रात:काल आकाश में जादू होता–सा प्रतीत होता है जो पूर्ण सूर्योदय के पश्चात् टूट जाता है।

कवि सूर्योदय से पहले आकाश के सौन्दर्य में पल–पल होते परिवर्तनों का सजीव अंकन करते हुए कहता है कि ऐसा लगता है कि मानो नीले जल में किसी गोरी नवयुवती का शरीर झिलमिला रहा है। नीला आकाश नीले जल के समान है और उसने सफेद चमकता सूरज सुन्दरी की गोरी देह प्रतीत होता है। हल्की हवा के प्रवाह के कारण यह प्रतिबिंब हिलता–सा प्रतीत होता है।

इसके बाद उषा का जादू टूटता–सा लगने लगता है। उषा का जादू यह है कि वह अनेक रहस्यपूर्ण एवं विचित्र स्थितियाँ उत्पन्न करता है। कभी पुती स्लेट, कभी गीला चौका, कभी शंख के समान आकाश तो कभी नीले जल में झिलमिलाती देह–ये सभी दृश्य जादू के समान प्रतीत होते हैं। सूर्योदय होते ही आकाश स्पष्ट हो जाता है और उषा का जादू समाप्त हो जाता है।

इस प्रकार कवि ने उषाकालीन वातावरण को हमारी आँखों के सम्मुख साकार कर दिया है। इसमें बिंब योजना हुई है। इसमें उत्प्रेक्षा एवं मानकीकरण का प्रयोग हुआ है। भाषा चित्रात्मक है।

Bihar Board Class 10 English Book Solutions Chapter 4 What is Wrong with Indian Film

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Panorama English Book Class 10 Solutions Chapter 4 What is Wrong with Indian Film

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A. Work in small groups and discuss the following

1. Have you seen any films recently?
2. Tell the name of any film which you like most. Point out its salient features.
Answer:
Yes, I have seen a cinema. In our house, we are still children. Our parents do not allow any of us to go see a cinema in the city cinema hall. But on Sunday last I went to see an old picture with my material uncle. The film was ’DusriShadi’. The story was interesting and instructive. It taught the lesson of fidelity to women. It warned men against the evil results of bigamy (TI TTeff and faithlessness. The picture had touching scenes that moved us in tears. The songs were sweet but pathetic. The acting was superb.

B. 1.1. Write ‘T’ for true and ‘F’ for false statement

1. The Cinema commands the respect accorded to any other form of creative expression.
2. The cinema doesn’t combine the cold logic of science.
3. Film production in India is quantitatively second only to Hollywood.
4. India has achieved what other countries have achieved.
5. Indian music is largely improvisational.
Answer:
1. T
2. F
3. T
4. F
5. T

B. 1.2. Study the lesson carefully and complete the following sentences on the basis of your reading

1. By the twenties, it had reached of big business.
2. Why our film was not shown
3. The technicians will the tools.
4. The first feature was shot in
5. The music failed in our case.
Answers:
1. the status
2. abroad
3. blame
4. 1913
5. analogy.

B. 1.3. Answer the following questions very briefly

1. Who has written this essay?
Answer:
Satyajit Ray has written this essay.
2. Which is the most potent and versatile art form?
Answer:
The cinema is the most potent and versatile art form
3. Were Indian Aims shown abroad a few decades ago?
Answer:
No. Indian films were not shown abroad a few decades ago
4. When was the first short produced?
Answer:
The first short was produced in 1907.

B.2.1 Complete the following sentences on the basis of the unit you have studied

1. Stories have been written on Hollywood Success.
2. It should be realised that the average American film is bad
3. After all, we do these primary tools of film making.
4. The of our films are replete. Visual dissonances.
5. But the truly Indian film should clear of such inconsistencies.
6. There are glimpses of an enlightened approach in a handful of recent films.
Answers:
1. based
2. model
3. posses
4. majority
5. steer
6. have been.

B. 2.2. Answer the following questions briefly

1. Have average American films been a bad model? Give one reason.
Answer:
It depicts a way of life so utterly it variance with our ‘own’.
2. Mention one thing/feature which Indian film needs?
Answer:
Indian cinema needs more imagination, more integrity and a more intelligent appreciation of the limitations of the medium.
3. Do Indian Him makers possess the primary tools of film making?
Answer:
Yes, Indian filmmakers possess the primary tools of film making.

C. 1. Long Answer Questions

1. “What our cinema needs above everything else is a style, an idiom, a sort of iconography of cinema, which would be uniquely and recognizably Indian.-” How far this applies to Indian cinema today? Discuss.
Answer:
According to the author Satyajit Ray, most of the Indian films are replete with such visual dissonances. They look for only material gain. The cinema has become a phenomenon and a potent force in making the seers way-ward and westernized. It has a tendency to uproot our age-old cultural and social ties. Stories Rave been based on Hollywood. Thus Indian cinema ? does not-apply this reality. Our culture is invaded by Hollywood pattern a kind of culture which is alien to our life-style. This should be avoided. Rather Indian film needs to produce the basic aspect of Indian life.

2. Should the cinema be looked upon as a form of creative expression? Give reasons.
Answer:
The Cinema should not be only looked upon as a form of creative expression. But it should be with the combination, of various measures—the functions of song, music, painting, dramatic action, architecture and a host of other major or minor arts. It should also combine the cold logic of science.

3. Do you think Indian films have certain basic weaknesses? Illustrate your answer, citing examples from the films you have seen.
Answer:
According to S. Ray. Indian films have certain weaknesses. I find such weaknesses in Indian films today. Indian films lack the truth.
The producers have totally attempted and that too not always with honesty. Recently I have seen the film Three Idiots’ full of. It is humor. But it lacks superb acting, sweet music, drama, and architecture. It also lacks intelligence wit. It is due to the overexposure to violence and sex to impressionable minds.

4. What is the most dominant influence on Indian films?
Answer:
The most dominant influence on Indian film is that of the American cinema. Stories have also been written based on the Hollywood pattern.
Even where the story has been genuinely Indian. The background music has revealed an irrepressible ornament that hang down for Negros. These are the bad qualities of Indian films.

5. What aspects of American films do our films imitate? Is it justified in our context?
Answer:
Yes, our films imitate some of the American aspects. Such as story. Stories have been written based on American films. It also tries to depict a way of life like Americans. Indian films also adopt high technical polish and high tone music. It is not justified, Indian films should adopt the aspect of Indian life. Where habit and speech dress and manners, background and foreground blend into a harmonious whole.

C. 2. Group Discussion

Discuss the following topics in groups or pair
1. “Television programs do a lot of harm to students, Give your views either for or against the statement.”
Answer:
Children spend in watching 17 hours of T.V. every week. In a study conducted by bjamita unnikrishan and Shailaja Bajpai, it was found that children spend almost one year out of ten in watching T.V. than on hobbies and other activities. The research was made in Delhi (Source: The Impact of Advertising on children by Namita unnikrishan and Shailaja Bajpai)*

Children are sitting in front of T.V. for the whole day is merely a passive activity which tends to make kids couch potatoes. In a house where children watch T.V. most of the time, the changes are that they would become T.V. or movie addicts. The interaction between them gets reduced to the selection of channels only. The increasing violence, sex and independent attitude being show on T. V. create a distorted image of children. It has increased crime as youth are aping films. Thus the only disturbing aspect Of T.V. is the gradual degeneration of mental values in society. (films) Today.

2. Films are the mirrors of society.
Answer:
As literature is the mirror of life so here is the same thing “Films are the mirror of the society”. Literature is an account of this that le;.med men ‘ are referred to as men of letters. It is like a mirror. If gives valuable insights to various facts of life through reading. In films, we see events by watching. It has a great impact on our lives. It is a true mirror- About fifty years ago films were made on Indian Society. Such as McAfier India’ ‘Do Bigha lamin’, ‘Godan’ etc. They were in real sense presented real life.

They were our true mirrors of our society. But cinema plays another role these days. The villain is shown all glorified, rolling in wealth and enjoying girls. He gets wine and women easily. Violence pays, it is shown. Rifles and guns prove them to be brave and full of guts. Whatever our young men see in cinema they try to imbibe (‘91715 far)and copy. Violence gives the kick. These have been an aspect of society. One can see in the mirror, (films) Today.

C.3. Composition

1. Write a letter to the Director of Doordarshan requesting him to give you an opportunity to participate in the weekly T.V. Programme which interests you very much. Mention why you find yourself suitable for such a program.

Kankarbagh
Patna (Bihar)
20th May, 2010.

The Director Doordarshan,
ETV Bihar & Jharkhand Patna.

Being given to understand that you need a boy actor to participate in your new serial. These days many interesting channels are telecast. Out of these, I like serial for children the most. It is a humourous serial which comes from Monday to Friday. It is my earnest desire to take part in this program. I would request you to kindly consider my application for the same. Besides being a senior student my responsibilities include the school magazine, extracurricular activities, like debate drama and quiz. I am confident of coming up to your expectations and am enclosing my curriculum vita for your kind perusal. Given an opportunity, it will be my sincere endeavor to prove my worth, by putting my heart and soul to professional am deeply committed to. Awaiting a favorable reply.

Thanking you.
Yours truly Raman

2. Write your impression of the Hindi film which you have seen recently.
Answer:
I am not a cinema for but seldonmissa good cinema. On Saturday Last got an opportunity to see a picture. It was an old picture, Rajkapoor’s Teesari Kasam’ The story was written by a famous Hindi story writer. Phanishwar Nath Renu. The story was interesting which dealt with true Indian village life, a Simple village-life of North Bihar. It warned men against the evil practice of prostitution and.fidellty to women, The songs were sweet but melodious. In nutshell the story on the screen was very impressive

D.1. Word Study

D.1. Dictionary Use
Ex. 1
Correct the spelling of the following words: varsetile, inavetabt potencial, repelite, phinonomtna.
Answers:
versatile, inevitable potential, replete, phenomena.

Ex.2. Frame your own sentences using the following words:
creation, potential, solely, queers, gloss, adequate, incredible.
Answers:
Creation: The girls are wearing the new creations of the style dresses.
Potential: He has not realized his full potential yet.
Solely: We have the sole right of selling the article.
Queer: She has a qeeer way of talking.
Gloss: The material is with good gloss.
Adequate: lam not getting adequate money.
Incredible: The story was incredible.

D. 2.
Ex. 1. Match the words or phrases in Column A with the meanings given in Column B.

A

B

Conferred art of painting
architecture given-(Degree etc)
indispensable process of developing
evolution essential
gloss art and science of building
iconography Smooth bright surface.

Answers:
Conferred — given (degree)
Architecture — art and science of building.
Evolution — the process of developing
Gloss — smooth bright surface
Iconography — the art of painting.

D3.
Ex.1. Read the lesson carefully and find out five sentences in which phrases have been used. Now use those phrases in sentences of your own.
Answer:
1. one of the most — Mohan is one of the most intelligent boys in his class.
2. Took up — He took up the photograph of our family.
3. A host of — Mr “X” is a host of mine.
4. After all — After all, he is a man of words.
5. A sort of — He should take a sort of responsibility for the work.

E. Grammar (Adverb Clause of Condition)

Ex. 1. Look at the following sentences
If you get late, you will miss the train.
You will not succeed unless you work hard.
Examples are given above “If you get late” and “unless you work hard” are co-aditions. So this clause is called Adverb Clause’ Or Condition.
Now study the examples given below:-Undef lines are clauses of Condition.
(i) If you make a promise, you must keep it.
(ii) In case it rains, I shall not go out. Adverb clause of Condition starts with if, unless, in case, so long as, provided, provided that, etc.

Ex. 1.1 Make five sentences using unless, provided, in .case, so long as.
Answer:
unless – I can not open the box unless you give me the key.
Provided – He provided for the entertainment of his visitors.
Incase – Take an umbrella in case it rains.

So long as — As, long as the rain continues, we must stay indoors. Ex.1.2. Fill in the blanks with “should” or “Ought to”
1. We…….help our neighbors.
2. He…..speak the truth.
3. Everybody Board his friends.
4. She read this novel.
5. You….work for the welfare of the country.
Answers:
1. Should
2. Ought to
3. Should
4. Should
5. Ought to.

Ex. 1.3. Read the following sentences carefully
1. You ought to go immediately.
2. She ought to apologize for her behavior.
3. Do you think I should go?
4. You should write a letter and find out when he is coming.
‘Should’ and ‘ought’ to have some moral connotations, ‘ought’ is stronger and indicates moral obligation whereas ‘should’ indicates a recommendation. It is used in giving or asking for advice.

Now make five sentences each with ‘ought’ and ‘should’.

Ex. 1.4. Read the following sentences carefully
Read the lines of the text from 6 to 15 and frame as many questions as you can, using ‘wh’ words or auxiliaries, one example is done for you. Which was the first short or film produced?
Answer:
Go your self.

G. Translation

Translate the following sentences into Hindi/your mother tongue.
1. India took up film production surprisingly early.
2. Why were our films not shown abroad?
3. Let us face the truth.
4. The technician will blame the tools.
5. It should be realized that the average American film is a bad model.
6. What does our cinema need?
7. Let him do so.
8. He has only to keep his eyes open.

Answers:
1. आश्चर्य जनक ढंग से भारत ने बहुत पहले फिल्म का उत्पादन आश्चर्यजनक ढंग से शुरू किया।
2. हमारी फिल्में विदेश में क्यों नहीं दिखायी जाती।
3. हमलोग सत्य का सामना करें।
4. तकनीशियन अपने उपकरणों को दोष देंगे।
5. यह महसूस करना चाहिए कि औसतन अमेरिकन फिल्म बुरा नमूना (उदाहण) है।
6. हमारा चलचित्र जगत क्या चाहता है?
7. उसे ऐसा करने दो।
8. उसे केवल अपनी आँखे खुली रखनी है।

Comprehension Based Questions With Answers

Read the following extracts carefully and answer the questions that follow each

1. One of the most significant phenomena of our time has been the development of the cinema from a turn of the century mechanical toy into the century’s most potent and versatile art form. Today, the cinema commands the respect accorded to any other form of creative expression. It combines in various measures the functions of poetry, music, painting, drama, architecture and a host of other arts, major and minor. It also combines the cold logic of science.

India took up film production surprisingly early. The first short was produced in 1907 and the first feature in 1913. By the twenties, it had reached the status of big business. It is easy to tell the world that film production in India is quantitatively second only to Hollywood; for that is a statistical fact. But can the same be said of its quality? Why are our films not shown abroad? Is it solely because India offers a potential market for her own products? Or are we just plain ashamed of our film?

Questions:
(i) Name the author of this extract.
(ii) Which is the most potent and versatile art form?
(iii) Does the cinema command respect today?
(Iv) What does cinema combine?
(v) Which word in the passage means ‘happenings’?
Answers:
(i) Satyajit Ray is the author of this extract.
(ii) The cinema is the most potent and versatile art form.
(iii) Yes, the cinema commands* the respect accorded to any other form of creative expression today.
(iv) The cinema combines the functions of poetry, music, painting, drama, architecture and other arts.
(v) The word‘phenomena’ means‘happenings’.

2. To anyone familiar with the relative standards of the best foreign and Indian films, the answers must come easily. Let qs face the truth. There has yet been no Indian film, which could be acclaimed on all counts. Where other countries have achieved, we have only attempted and that loo not always with honesty.

No doubt this lack of maturity can be attributed to several factors. The producers will tell you about that mysterious entity ‘the mass’, which goes in for this. sort of ‘thing’, the technicians will blame the tools and the director will have much to say about the wonderful things he had in mind but could not achieve because of ‘the conditions’.

Questions:
(i) Name the piece from which this extract has been taken.
(ii) What, according to the author, is the truth about the quality of Indian films?
(iii) What do the producers blame for the lack of maturity of Indian films?
(iv) What do the technicians blame for the weaknesses of Indian films?
(v) What does the word ‘mysterious ’ mean?
Answers:
(i) This extract has been taken from the piece ‘What is Wrong with Indian Films’.
(ii) According to the author, the truth about the quality of Indian films is that no Indian film has been acclaimed on all counts.
(iii) The producers blame ‘the mass’ for the lack of maturity of Indian films.
(iv) The technicians blame the tools for the weaknesses of Indian films.
(v) The word‘mysterious’ means‘impossible to understand’.

3. Almost every passing phase of the American cinema has had its repercussion oh the Indian film. Stories have been written based on Holly-wood successes and the cliches preserved with care. Even where the story has been a genuinely Indian one, the background music has revealed an irrepressible penchant for the jazzidiom.

It should be realised that the average American films is a bad model, if only because it depicts a way of life so utterly at variance with our own. , Moreover, the high technical polish, which is the hallmark of the standard Hollywood product, would be impossible to achieve tinder existing Indian Conditions, What the Indian cinema needs today is not more gloss, but more imagination, more integrity, and a more intelligent appreciation of the limitations of the medium

Questions:
(i) What is the influence of American films on Indian Cinema?
(ii) What is the idea of the writer about American film?
(iii) What is the symbol of the standard of Hollywood’s films?
(iv) What does the Indian camera need today?
Answers:
(i) The American cinema has had its repercussions on Indian films such as stories, they are based on Hollywood Successes.
(ii) The writer thinks that the American Cinema is a bad model.
(iii) The high technical polish is the hallmark df the standard of Hollywood product.
(iv) The Indian camera needs today is not more gross, but more imagination, more integrity, and a more intelligent appreciation of
the limitations of the medium.

4. After all, we do posses the primary tools of filmmaking. The com¬- plaint of the technicians notwithstanding, mechanical devices such as the v crane shot and the process shot are useful, but by no means indispensable. In fact, what tools we have been used on occasion with real intelligence. What our.cinema needs above everything else is a style, an idiom, a sort of iconography of cinema, which would be uniquely and recognisably Indian. The majority of our films are replete with such ‘visual dissonances’.

But the truly Indian film should steer clear of such inconsistencies and look for its material in the more basic aspects of Indian life, where habit and speech, dress and manners, background and foreground, blend into a harmonious whole. It is only in a drastic simplification of style and content that hope for the Indian cinema resides. At present, it would appear that nearly all the prevailing practices go against such as simplification.

Questions:
(i) What does Indian cinema need?
(ii) What types of films?
(iii) What types of material does Indian cinema need?
(iv) What do you mean by ‘Simplification?’
Answers:
(i) Indian cinema needs a style, an idiom a sort of iconography of cinema which would be uniquely and recognizably Indian.
(ii) The majority of our films are depleted with such ‘visual dissonances’.
(iii) In Indian enema, there should be material in the more basic aspect of Indian life. Where habit and speech, dress and manners background and foreground bland into a harmonious way.
(iv) It means not much decorated or ornamented. Here concerning cinema, it should simply be produced.

5. Starting a production without adequate planning, sometimes even without a shooting script, a penchant for convolutions of plot and counterplot rather than the strong, simple unidirectional narrative: the practice of sandwiching musical numbers in the most unlyrical situations, the habit of shooting indoors in a country which is all landscape, and at a time when all other countries are turning to the documentary for inspiration all these stands in the way of the evolution of a distinctive style.

There have been rare glimpses of an enlightened approach in a handful of recent films. IPTA’s Dharti-Ke-Lal is an instance of a strong simple theme put over with style, honesty, and technical competence. Shankar’s Kalpana, an inimitable and highly individual experiment, shows a grasp of filmic movement, and a respect for tradition.
The raw material of the cinema is life itself, it is incredible that country which has inspired so much painting and music and poetry shout(j fail to move the filmmaker. He has only to keep his eyes open, and his ears7..i him do so.

Questions:
(i) How should a film production be made?
(ii) Which films are mentioned here?
(iii) What is the raw material of a cinema?
(iv) find the word from the passage, which means ‘inland scenery’.
Answers:
(i) Film production is made with adequate planning.
(ii) The film is ‘Dharti-ke-Lal’.
(iii) The raw material of the cinema is life itself.
(iv) The word is, landscopee.

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Bihar Board Class 10 Hindi Solutions पद्य Chapter 8 एक वृक्ष की हत्या

Bihar Board Class 10 Hindi Book Solutions Godhuli Bhag 2 पद्य खण्ड Chapter 8 एक वृक्ष की हत्या Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

BSEB Bihar Board Class 10 Hindi Solutions पद्य Chapter 8 एक वृक्ष की हत्या

Bihar Board Class 10 Hindi एक वृक्ष की हत्या Text Book Questions and Answers

कविता के साथ

एक वृक्ष की हत्या Bihar Board Class 10 Hindi प्रश्न 1.
कवि को वृक्ष बूढ़ा चौकीदार क्यों लगता था?
उत्तर-
कवि एक वृक्ष के बहाने प्राचीन सभ्यता, संस्कृति एवं पर्यावरण की रक्षा की चर्चा की है। वृक्ष मनुष्यता, पर्यावरण एवं सभ्यता की प्रहरी है। यह प्राचीन काल से मानव के लिए वरदान स्वरूप है, इसका पोषक है, रक्षक है। इन्हीं बातों का चिंतन करते हुए कवि को वृक्ष बूढा चौकीदार लगता था

Ek Vriksh Ki Hatya Bihar Board Class 10 Hindi प्रश्न 2.
वृक्ष और कवि में क्या संवाद होता था?
उत्तर-
कवि जब अपने घर कहीं बाहर से लौटता था तो सबसे पहले उसकी नजर घर के आगे स्थिर खड़ा एक पुराना वृक्ष पर पड़ती। उसे लगता मानो घर के आगे सुरक्षा प्रहरी खड़ा है। उसके निकट आने पर कवि को आभास होता मानो वृक्ष उससे पूछ रहा है कि तुम कौन हो?

कवि इसका उत्तर देता-मैं तुम्हारा दोस्त हूँ। इसी संवाद के साथ वह उसके निकट बैठकर भविष्य में आने वाले पर्यावरण संबंधी खतरों की अंदेशा करता है।

Ek Vriksh Ki Hatya Poem Bihar Board Class 10 Hindi प्रश्न 3.
कविता का समापन करते हुए कवि अपने किन अंदेशों का जिक्र करता है और क्यों?
उत्तर-
कविता का समापन करते हुए कवि पर्यावरण एवं सभ्यता के प्रति संवेदनशील होकर चिंतन करता है। चिंतन करने में उसे मानवता, पर्यावरण एवं सभ्यता, राष्ट्रीयता के दुश्मन की झलक मिलती है। इसी का जिक्र करते हुए कवि कहते हैं कि हमें घर को विनाश करने वालों से सावधान रहना होगा, शहर में विनाश होते हुए सभ्यता की रक्षा के लिए आगे आना होगा। अर्थात् कवि को अंदेशा है कि आज पर्यावरण, हमारी प्राचीन सभ्यता, मानवता तट के जानी दुश्मन समाज में तैयार हैं। अंदेशा इसलिए करता है क्योंकि आज लोगों की प्रवृत्ति वृक्षों को काटने की हो गई। सभ्यता के विपरीत कार्य करने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, मानवता का ह्रास हो रहा है। ऐसी स्थिति में वृक्षों के प्रति मानवता के प्रति संवेदनशील हो कम दिखाई पड़ रहे हैं। यह चिंता का विषय है। यही कवि की आशंका का विषय है।

Aamne Saamne Kunwar Narayan Bihar Board Class 10 Hindi प्रश्न 4.
घर शहर और देश के बाद कवि किन चीजों को बचाने की बात करता है और क्यों?
उत्तर-
घर, शहर और देश के बाद कवि नदियों, हवा, भोजन, जंगल एवं मनुष्य को बचाने की बात करता है क्योंकि नदियाँ, हवा, अन्न, फल, फूल जीवनदायक हैं। इनकी रक्षा नहीं होगी तो मनुष्य के स्वास्थ्य की रक्षा नहीं हो सकती है। जंगल पर्यावरण का सुरक्षा कवच है। जंगल की रक्षा नहीं होने से प्राकृतिक असंतुलन की स्थिति उत्पन्न होगी। इन सबसे बढ़कर मनुष्य की रक्षा करनी होगी। मनुष्य में मनुष्यता कायम रहे, मानवता का गुण निहित हो, इसकी सभ्यता बनी रहे। इसे असभ्य होने से बचाने की महती आवश्यकता है। साथ ही जंगल की तरह मानवीयता का कत्ल नहीं हो इसके लिए रक्षार्थ आगे आने की महती आवश्यकता है।

Ek Vriksh Ki Hatya Notes Bihar Board Class 10 Hindi प्रश्न 5.
कविता की प्रासंगिकता पर विचार करते हुए एक टिप्पणी लिखें।
उत्तर-
प्रस्तुत कविता में कवि बदलते हुए परिवेश में दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु जिस तरह प्रकृति का दोहन हो रहा है उससे लगता है कि सारी दुनिया प्रकृति का स्वतः शिकार हो जायेगा। वृक्षों की अंधाधुंध कटाई, बढ़ती हुई जनसंख्या, समुद्र का जलस्तर ऊपर उठना ये सब इसके सूचक हैं। वृक्ष हमारे मित्र हैं फिर भी इसको निष्ठुरता से काटते जा रहे हैं। अतिवृष्टि अनावृष्टि, मौसम का बदलता चक्र पर्यावरण संकट का संकेत कर रहे हैं। आज मानव आँख होते हुए भी अंधा हो गया है। कवि इस समस्या से बहुत चिन्तित है। उसे लगता है कि दुनिया जल्द ही समाप्त हो जायेगी। वृक्ष को काटना अपने आप को मृत्यु के गोद में झोंकना है। ठंडी छाव देने वाले वृक्ष मनुष्य की निष्ठुरता के कारण काटे जा रहे हैं। अंत में कवि कहना चाहता है कि यदि समय रहते इस समस्या से निजात पाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो जीव जगत समाप्त हो जायेंगे। मुडो प्रकृति की ओर का नारा मानव को समझना चाहिए।

Aamne Samne Book Kunwar Narayan Bihar Board Class 10 Hindi प्रश्न 6.
व्याख्या करें :
(क) दूर से ही ललकारता, कौन ? / मैं जवाब देता, ‘दोस्त’।
(ख) बचाना है-जंगल को मरूस्थल हो जाने से / बचाना है-मनुष्य को जंगल हो जाने से।
उत्तर-
(क) प्रस्तुत पंक्ति हिन्दी पाठ्य-पुस्तक के कुँवर नारायण रचित ‘एक वृक्ष की हत्या, पाठ से उद्धृत है। इसमें कवि ने एक वृक्ष को कटने से आहत होता है और इस पर चिंतन करते हुए पूरी पर्यावरण एवं मानवता पर खतरा की आशंका से आशंकित हो जाता है। इसमें अपनी संवेदना को कवि ने अभिव्यक्त किया है। प्रस्तुत व्याख्येय में कवि कहता है कि जब मैं अपने घर लौटा तो पाया कि मेरे घर के आगे प्रहरी के खड़ा वृक्ष को काट दिया गया है। उसकी याद करते हुए कवि कहते हैं कि वह घर के सामने अहर्निश खड़ा रहता था मानो वह गृहरक्षक हो। जब मैं बाहर से लौटता था उसे दूर से देखता था और मुझे प्रतीत होता था कि वृक्ष मुझसे पूछ रहा हैं कि तुम कौन हो? तब मैं बोल पड़ता था कि मैं तुम्हारा मित्र हूँ। इसमें वृक्ष और कवि के संवाद की प्रस्तुति है।

(ख) प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक के ‘एक वृक्ष की हत्या’ पाठ से उद्धृत है। इसमें कवि भविष्य में आने वाले प्राकृतिक संकट, मानवीयता पर खतरा एवं ह्रास होते सभ्यता की ओर ध्यानाकर्षण कराते हुए भावी आशंका को व्यक्त किये हैं। साथ ही इन सबकी रक्षा संरक्षण एवं विकास हेतु चिंतनशील होने पर बल दिया है।

प्रस्तुत व्याख्येय में कवि ने कहा है कि अगर हम इस अंधाधुंध विकास क्रम में विवेक से काम नहीं लेंगे तो वृक्ष कटते रहेंगे और भविष्य में जंगल मरुस्थल का रूप ले लेगा। साथ ही मानवता की सभ्यता की रक्षा के प्रति सचेत नहीं होंगे तो मानव भी जंगल का रूप ले सकता है।

मानवीयता पशुता में परिवर्तित हो सकता है। मानव दानवी प्रवृत्ति अपनाता दिख रहा है और इस बढ़ते प्रवृत्ति को रोकना आवश्यक होगा। कवि मानवीयता स्थापित करने हेतु चिंतनशील है, सभ्यता की सुरक्षा हेतु प्रयत्नशील होने की प्रेरणा दे रहे हैं। साथ ही पर्यावरण संरक्षण हेतु सजग करने की शिक्षा दे रहे हैं।

एक वृक्ष की दो डाली थी Bihar Board Class 10 Hindi प्रश्न 7.
कविता के शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
वस्तुतः किसी भी कहानी, कविता आदि का शीर्षक वह धुरी होता है जिसके इर्दगिर्द कथावस्तु घूमती रहती है। प्रस्तुत कविता का शीर्षक एक वृक्ष की हत्या के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं को सीख देने के लिए रखा गया है। वृक्ष पुराना होने पर भी पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाता है। उसके फल, छाया अपने लिए नहीं औरों के लिए होता है। अपना दोस्त समझने वाला वृक्ष दूसरों के लिए सर्वस्व सुख समर्पण कर देता है। घर, शहर, राष्ट्र और दुनिया को बचाने से पहले वृक्ष को बचायें। बदलता हुआ मौसम चक्र विनाश का सूचक है। हमारा जीवन मरण, युवा-जरा आदि सभी प्रकृति के गोद में ही बीतता है फिर भी हम प्रकृति का दोहन करते जा रहे हैं। अतः उपयुक्त दृष्टान्तों से स्पष्ट होता है कि प्रस्तुत कहानी का शीर्षक सार्थक और समीचीन है।

कविता के बहाने प्रश्न उत्तर Bihar Board Class 10 Hindi प्रश्न 8.
इस कविता में एक रूपक की रचना हुई है। रूपक क्या है ? और ‘यहाँ उसका क्या स्वरूप है ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
जहाँ रूप और गुण की अत्यधिक समानता के कारण उपमेय में उपमान का आरोप कर अभेद स्थापित किया जाता है वहाँ रूपक होता है। इसमें साधारण धर्म और वाचक शब्द नहीं होते हैं। इस कविता में वही बूढ़ा चौकीदार वृक्ष रूपक है। यहाँ चौकीदार वृक्ष है। उपमान का आरोप कर अभेद स्थापित किया गया है।

प्रश्न 9.
‘एक वक्ष की हत्या कविता का सारांश अपने शब्दों में लिखें।
उत्तर-
इस कविता में कवि कुँवर नारायण ने एक वृक्ष के काटे जाने से उत्पन्न परिस्थिति, पर्यावरण संरक्षण और मानव सभ्यता के विनाश की आशंका से उत्पन्न व्यथा का उल्लेख किया कवि वृक्ष की कथा से शुरू होकर, घर, शहर, देश और अंततः मानव के समक्ष उत्पन्न संकट तक आता है। चूंकि मनुष्य और वृक्ष का संबंध आदि काल से है, इसलिए वह वृक्ष से ही शुरू करता हुआ कहता है कि इस बार जो वह घर लौटा तो दरवाजे पर हमेशा चौकीदार की तरह तैनात रहनेवाला वृक्ष नहीं था। ठीक-जैसे चौकीदार सख्त शरीर, झुर्रादार चेहरा, एक लम्बी-सी राइफल लिए, फूल-पत्तीदार पगड़ी बाँधे, पाँव में फटा-पुराना चरमराता जूता पहने, मजबूत, धूप-वर्षा में, खाकी वर्दी पहने और हर आनेवाले को ललकारता और फिर ‘दोस्त’ सुनकर आने देता है, वैसे ही वह वृक्ष था-बहुत पुराना, मजबूत तने वाला, फटी छालें थी उसकी। जूते की तरह जड़ें फैली थीं, मटमैला रंग था और उसकी डालें राइफल की तरह लम्बी थीं। तने के ऊपर पत्तियाँ, पगड़ी जैसी फैली थीं। जाड़ा, गर्मी और बरसात में सीधा रहता था और रह-रह कर उसकी शाखाएँ, हवा बहने पर हरहराती थीं मानो आनेवाले से, पूछता हो कौन और फिर शान्त हो जाता था। शान्ति से बैठते थे हम सब। अच्छा लगता था।

लेकिन एक डर था। हुआ भी वही। गफलत हुई या नादानी कहें पेड़ कट गया। किन्तु यह सिलसिला रहा तो और भी बहुत कुछ होगा। अब सचेत रहना है। घर को बचाना होगा लूटेरों से, शहर को बचाना होगा हत्यारों से, देश को बनाना होगा देश के दुश्मनों से। इतना ही नहीं खतरे और भी हैं। नदियों को नाला बनाने से बचाना होगा, उसमें डाले जानेवाले कचरों और रसायनों को रोकना होगा। वृक्षों को काटने से जो हवा में धुआँ बढ़ता जा रहा है, उसे रोकना होगा और जमीन में रासायनिक उर्वरकों को डालने से रोकना ताकि अनाज जहर न बनें। दरअसल, जंगल को रेगिस्तान नहीं बनने देना होगा। जंगल रेगिस्तान बने कि आफत आई। किन्तु सोचना होगा कि क्यों कर रहा है मनुष्य यह सब? मनुष्य की सोच में जो खोट पैदा हो गयी है, जिससे ये समस्याएँ पैदा हुई हैं उस खोट को निकालना होगा। मनुष्य को जंगली बनने से रोकना होगा, उसे सही अर्थों में मनुष्य बनाना होगा, तभी मानवता बचेगी।

भाषा की बात

प्रश्न 1.
निम्नलिखित अव्ययों का वाक्यों में प्रयोग करें
अबकी, हमेशा, लेकिन, दूर, दरअसल, कहीं
उत्तर-
अबकी – अबकी समस्या गंभीर है।
हमेशा – हमेशा सत्य बोलना चाहिए।
लेकिन – वह आनेवाला था लेकिन नहीं आया।
दूरं – यहाँ से दूर नदी बहती है।
दरअसल – दरअसल ये बाते झूठी हैं।
कहीं – वह कहीं नहीं जायेगा।

प्रश्न 2.
कविता से विशेषणों का चुनाव करते हुए उनके लिए स्वतंत्र विशेष्य पद दें।
उत्तर-
बूढा – चौकीदार
पुराने – चमड़े
खुरदरा – तना
सखी – डाल
फूल पत्तीदार – पगड़ी
फटा पुराना – जूता
ठंढी – छाँव

प्रश्न 3.
निम्नांकित संज्ञा पदों का प्रकार बताते हुए वाक्य-प्रयोग करें: घर, चौकीदार, दरवाजा, डाल, चमड़ा, पगड़ी, बल-बूता, बारिश, वर्दी, दोस्त, पल, छाँव, अन्देशा, नादिरो, जहर, मरूस्थल, जंगल।
उत्तर-
घर – जातिवाचक – घर बड़ा है।
चौकीदार – जातिवाचक – चौकीदार ईमानदार है।
दरवाजा – जातिवाचक – दरवाजा खोल दो।
डाल – जातिवाचक – वृक्ष के डाल टूट गये।
चमड़ा – जातिवाचक – चमड़ा सड़ गया।
पगड़ी – जातिवाचक – पगड़ी नई है।
बल-बूता – भाववाचक – अपने बल-बूते पर कार्य करो।
बारिश – जातिवाचक – बारिश हो रही है।
वर्दी – जातिवाचक – वर्दी नयी है।
दोस्त – जातिवाचक – दोस्त पुराना है।
पल – भाववाचक – एक-एक पल का सदुपयोग करो।
छाँव – भाववाचक – छाँव ठंढी है।
अन्देशा – भाववाचक – अन्देशा समाप्त हो गया।
नादिरों – जातिवाचक – नादिरों से बचना है।
जहर – जातिवाचक – उसने जहर पी लिया।
मरूस्थल – जातिवाचक मरूस्थल फैल रहा है।
जंगल – जातिवाचक – जंगल घना है।

प्रश्न 4.
कविता में प्रयुक्त निम्नांकित पदों के कारक स्पष्ट करें चमड़ा, पाँव, धूप, सर्दी, वर्दी, अन्देशा, शहर, नदी, खाना, मनुष्य।
उत्तर-
चमड़ा – सबंध कारक
पाँव – अधिकरण कारक
धूप – अधिकारण कारक
सर्दी – अधिकरण कारक
वर्दी – अधिकरण कारक
अन्देशा – अधिकरण कारक
शहर – कर्म कारक
नदी – कर्म कारक
खाना – कर्म कारक
मनुष्य – कर्म कारक

काव्यांशों पर आधारित अर्थ-ग्रहण संबंधी प्रश्नोत्तर

1. अबकी घर लौटा तो देखा वह नहीं था
वही बूढ़ा चौकीदार वृक्ष
जो हमेशा मिलता था घर के दरवाजे पर तैनात।
पुराने चमड़े का बना उसका शरीर
वही सख्त जान
झुर्रियोंदार खुरदुरा तना मैलाकुचैला,
राइफिल-सी एक सूखी डाल,
एक पगड़ी फूलपत्तीदार,
पाँवों में फटा पुराना जूता,
चरमराता लेकिन अक्खड़ बल-बूता
धूप में बारिश में
गर्मी में सर्दी में
हमेशा चौकन्ना
अपनी खाकी वर्दी में
दूर से ही ललकारता, “कौन ?”
मैं जवाब देता, “दोस्त !”
और पल भर को बैठ जाता
उसकी ठंढी छांव में

प्रश्न
(क) कवि तथा कविता का नाम लिखिए।
(ख) पद्यांश का प्रसंग लिखें।
(ग) पद्यांश का सरलार्थ लिखें।
(घ) भाव-सौंदर्य स्पष्ट करें।
(ङ) काव्य-सौंदर्य स्पष्ट करें।
उत्तर-
(क) कविता-एक वृक्ष की हत्या।
कवि-कुँवर नारायण।

(ख) प्रसग-हिन्दी काव्य धारा के सुप्रसिद्ध कवि कुँवर नारायण ने प्रस्तुत कविता ‘एक वृक्ष की हत्या’ के इस अंश में पर्यावरण की व्यवस्था पर उठते अनेक सवालों की ओर प्रबुद्ध वर्गों को आकर्षित किया है। यहाँ कवि कहना चाहते हैं कि आज प्रबुद्ध वर्ग ही क्षणभंगुर, स्वार्थपरता की लोलुपता में वृक्षों को काटकर शाश्वतता के साथ खिलवाड़ कर रहा है।

(ग) सरलार्थ-कवि पूर्ण रूप से संवेदनशील हैं अत: ‘एक वृक्ष की हत्या’ के बहाने मनुष्य और सभ्यता के विनाश की ओर ध्यानाकर्षित करते हुए कहते हैं कि.मेरे घर के बाहर ठीक दरवाजे के सामने एक विशाल छायादार वृक्ष था। कुछ दिनों के बाद जब मैं अबकी बार घर लौटा तो देखा कि उस.वृक्ष को काट दिया गया है। वह बूढा वृक्ष चौकीदार के समान घर के दरवाजे पर तैयार रहता था। वह वृक्ष इतना बूढ़ा और पुराना हो गया था कि उसके तने के बाहरी भाग बिल्कुल काले पड़ गये थे, जैसे लगता था कि वह चौकीदार सख्त और पुराने चमड़े धारण करके खड़ा रहता है। जहाँ-तहाँ वृक्ष के तने में ऊबड़-खाबड़, ऊँच-नीच की स्थितियाँ उत्पन्न हो गयी थीं। कई डालियाँ सूख गयी थीं तो लगता था कि वह बूढ़े वृक्ष के शरीर से झुर्रियाँ लटक रही हैं और कंधे पर राइफल लेकर रखवाली कर रहा है। उसकी ऊँची टहनी पर सुन्दर-सुन्दर फूल के गुच्छे और हरे-हरे पत्ते उसकी पगड़ी के रूप में सुशोभित होते थे। उसके पुराने जड़ फटे-पुराने जूते के समान लगते थे। जैसे लगता था उसके जड़ चरमरा रहे हैं, फिर भी विपरीत परिस्थितियों में शक्ति सामर्थ्य के साथ डटा रहने वाला था। प्रचण्ड गर्मी, मूसलाधार बारिश, कड़ाके की ठंड में हमेशा चौकन्ना रहकर पुराने छाल रूपी खाकी वरदी पहनकर डटा रहता था।

(घ) भाव-सौंदर्य प्रस्तुत पद्यांश का भाव यह है कि एक तुरन्त काटे गये वृक्ष के बहाने पर्यावरण, मनुष्य और सभ्यता के विनाश की अंत:व्यथा को अभिव्यक्त करता है। मानव जो अपने आपको प्रबुद्ध वर्ग कहता है वही क्षणभंगुर स्वार्थ की लिप्सा में पड़कर शाश्वतता के साथ कैसा खतरनाक खिलवाड़ करता है। मानवीय संवेदनाओं और चिंताओं की अभिव्यक्ति अप्रत्यक्ष रूप में दिखाई पड़ती है।

(ङ) काव्य सौंदर्य-
(i) प्रस्तुत कविता खड़ी बोली में लिखी गई है। भाषा प्रतीकात्मक शैली में है जहाँ रूपक का वातावरण अति प्रशंसनीय है।
(ii) तद्भव, तत्सम, देशज और विदेशज शब्दों का सम्मिलित रूप कविता का सौंदर्य बोध स्पष्ट दिखाई पड़ता है।
(iii) बूढा, चौकीदार, खुरदरा, झुर्रियाँदार ये सभी बिम्बात्मक शब्द रूपक के रूप में कविता को सारगर्भित बना रहे हैं। मुक्तक छंद की कविता होते हुए भी कविता में संगीतमयता आ गई है।
(iv) भाषा परिष्कृत और साफ-सुथरी है। यहाँ यथार्थ का खुरदरापन मिलता है और उसका सहज सौंदर्य भी।

2. दरअसल शुरू से ही था हमारे अन्देशों में
कहीं एक जानी दुश्मन ।
कि घर को बचाना है लुटेरों से
शहर को बचाना है नादिरों से
देश को बचाना है देश के दुश्मनों से
बचाना है-
नदियों को नाला हो जाने से
हवा को धुआँ हो जाने से ।
खाने को जहर हो जाने से:
बचाना है – जंगल को मरुस्थल हो जाने से,
बचाना है – मनुष्य को जंगल हो जाने से।

प्रश्न
(क) कवि तथा कविता का नाम लिखें।
(ख) पद्याश का प्रसंग लिखें।
काव्यांश का सरलार्थ लिखें।
(घ) भाव-सौंदर्य स्पष्ट करें।
(ङ) भाव-सौंदर्य स्पष्ट कर की हत्या।
उत्तर-
(क) कविता– एक वृक्ष की हत्या।
कवि- कुँवर नारायण।

(ख) प्रसंग- प्रस्तुत पद्यांश में कवि ने कहा है कि पर्यावरण, सभ्यता, संस्कृति, राष्ट्र एवं मानवता के दुश्मन की आशंका हमेशा है। इनके दुश्मन हमारे बीच विद्यमान हैं और हमें उन्हें बचाने का हर संभव प्रयास करना चाहिए। इनकी रक्षा हेतु हमें आगे आना होगा। पर्यावरण की रक्षा करके या वृक्षों की रक्षा करके ही हम मनुष्य का बचा सकते हैं। इनके रक्षार्थ हमें इनके प्रति संवेदनशील होना होगा।

(ग) सरलार्थ- प्रस्तुत पद्यांश में कवि कुँवर नारायण जी आने वाले पर्यावरण संकट की और ध्यानाकर्षण कराते हैं। घर को लुटेरों का खतरा होता है। शहर को नादिरों से खतरा है। इन्हें बचाने की आवश्यकता है। देश को देश के दुश्मनों से रक्षा करने की आवश्यकता है। अर्थात् मनुष्यता और सभ्यता की रक्षा अनिवार्य रूप से होनी चाहिए और इसके लिए हमें सचेत होना होगा। कवि आगे कहते हैं कि आने वाले दिनों में पर्यावरण प्रदूषण की खतरा मँडरा रहा है। हम वृक्ष का महत्व नहीं देते हैं और उसे बिना सोचे-समझे काट रहे हैं। वृक्ष, पौधे, वनस्पतियों के बचाव से मनुष्य के स्वास्थ्य की रक्षा हो सकती है। हमें नदियों को नाला होने से, हवा को धुआँ होने से, खाने को जहर होने से, जंगल को मरुस्थल होने से एवं मनुष्य को जंगल होने से बचाना होगा। इस बचाव कार्य के सदुपायों पर चिंतन करते हुए पर्यावरण, सभ्यता एवं मनुष्यता की हर हाल में रक्षा करनी होगी। इसके लिए वृक्ष की महत्ता को समझना होगा। उसकी हत्या नहीं करनी होगी।

(घ) भाव-सौंदर्य प्रस्तुत पद्यांश में कवि समस्त प्रबुद्ध वर्गों के लिए गंभीर चिंता का सवाल खड़ा कर दिया है। यह पद्यांश आज के समय की अपरिहार्य चिंताओं और संवेदनाओं का रचनात्मक बोध कराता है। सहजता और स्वाभाविकता की अंत:कलह कासे पर्यावरण की सुरक्षा की ओर अग्रसर करता है। केवल कोरे कागज पर या खोखले नारेबाजी से पर्यावरण की सुरक्षा का चिंतन करने के बजाय प्रयोगवादी धरातल पर अंजाम देने की आवश्यकता पर कवि जोर दिया है। यदि प्रबुद्ध वर्ग ऐसा नहीं करता है तो शाश्वता के कोपभाजन का शिकार उसे निश्चित रूप से होना पड़ेगा।

(ङ) काव्य-सौंदर्य-
(i) प्रस्तुत कविता खड़ी बोली में लिखी गई है।
(i) भाषा सरल और सुबोध है। यहाँ अलंकार की योजना से रूपक, उपमा और अनुप्रास की छटा प्रशंसनीय है।
(iii) कविता में मानवीकरण की प्राथमिकता है।
(iv) शैली की दृष्टि से चित्रमयी शैली अति स्वाभाविक रूप में उपस्थित है।
(v) भाव के अनुसार भाषा का प्रयोग कविता में पूर्ण व्यंजकता उपस्थित करती है।
(vi) भाषा और विषय की विविधता कविता के विशेष गुण हैं।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

I. सही विकल्प चुनें

प्रश्न 1.
कंवर नारायण कैसे कवि हैं ?
(क) रहस्यवादी
(ख) छायावादी
(ग) हालावादी
(घ) संवेदनशील

प्रश्न 2.
“एक वृक्ष की हत्या’ के कवि कौन हैं ?
(क) अज्ञेय
(ख) पंत
(ग) कुँवर नारायण
(घ) जीवनानंद दास
उत्तर-
(ग) कुँवर नारायण

प्रश्न 3.
“एक वृक्ष की हत्या’ किस काव्य-संग्रह से संकलित है ?
(क) इन्हीं दिनों
(ख) हम-तुम
(ग) आमने-सामने
(घ) चक्रव्यूह
उत्तर-
(क) इन्हीं दिनों

प्रश्न 4.
कुँवर नारायण आधुनिक युग की किस काव्य-धारा के कवि हैं?
(क) प्रगतिवादी
(ख) प्रयोगवादी
(ग) यथार्थवादी
(घ) नयी कविता
उत्तर-
(घ) नयी कविता

प्रश्न 5.
‘एक वृक्ष की हत्या’ में वृक्ष को किस रूप में कवि ने प्रस्तुत किया है ?
(क) वृक्ष के रूप में
(ख) घर के रूप में
(ग) मानव के रूप में
(घ) पशु-के रूप में
उत्तर-
(ग) मानव के रूप में

प्रश्न 6.
कुँवर नारायण ने पेड़ की डाल की तुलना किससे की है ? ।
(क) लाठी से
(ख) राइफल से
(ग) भाला से
(घ) तोप से
उत्तर-
(ख) राइफल से

II. रिक्त स्थानों की पूर्ति करें

प्रश्न 1.
कुंवर नारायण का जन्म ………….. में हुआ।
उत्तर-
लखनऊ

प्रश्न 2.
कुंवर नारायण के काव्य की विशेषताएं हैं नये विषय और ……. की विविधता है।
उत्तर-
भाषा

प्रश्न 3.
घर को बचाना हो ……..से।
उत्तर-
लुटेरों

प्रश्न 4.
वृक्ष के काटे जाने के माध्यम से कवि ने …. प्रदूषण पर टिप्पणी की है।
उत्तर-
पर्यावरण

प्रश्न 5.
‘एक वृक्ष की हत्या’ …………… कविता है।
उत्तर-
समसामयिक

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
कुँवर नारायण कैसे कवि हैं ?
उत्तर-
कुंवर नारायण मनुष्यता और सजीवता के पक्ष में संभावनाओं के द्वार खोलने वाले कवि हैं।

प्रश्न 2.
कुंवर नारायण ने काव्य के अतिरिक्त किन विधाओं को समृद्ध किया है ?
उत्तर-
कुंवर नारायण ने काव्य के अतिरिक्त कहानी, निबंध और समीक्षा के क्षेत्र को समृद्ध किया है।

प्रश्न 3.
कुंवर नारायण को कौन-कौन पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हुए हैं ?
उत्तर-
कुँवर नारायण को साहित्य अकादमी पुरस्कार, कुमार, आशान पुरस्कार, प्रेमचन्द पुरस्कार के अलावा व्यास-सम्मान, कबीर सम्मान और लोहिया सम्मान प्राप्त हुए हैं।

प्रश्न 4.
कवि घर लौटा तो कौन नहीं था?
उत्तर-
कवि अबकी बार घर लौटा तो चौकीदार की तरह घर के दरवाजे पर तैनात रहने वाला बूढ़ा वृक्ष नहीं था।

प्रश्न 5.
“एक वृक्ष की हत्या’ कविता का वर्ण्य-विषय क्या है?
उत्तर-
एक वृक्ष की हत्या’ का वर्ण्य-विषय है नाना प्रकार के प्रदूषण और छीजते मानव-मूल्या ।

व्याख्या खण्ड

प्रश्न 1.
अबकी घर लौटा तो देखा वह नहीं था
वही बूढ़ा चौकीदार वृक्ष
जो हमेशा मिलता था घर के दरवाजे पर तैनात।

व्याख्या-
प्रस्तुत काव्य पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक के “एक वृक्ष की हत्या” नामक काव्य-पाठ से ली गयी हैं।
इन पंक्तियों का प्रसंग गाँव के एक बूढ़े वृक्ष की हत्या से जुड़ा हुआ है।

बहुत दिनों के बाद जब कवि घर यानी अपने गाँव लौटा तो उसे बड़ा अचरज हुआ। कवि के घर के दरवाजे पर चौकीदार के रूप में तैनात जो बूढ़ा वृक्ष था, वह नहीं था। वृक्ष की हत्या हो चुकी थी।

इन पंक्तियों के माध्यम से कवि वृक्ष के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करता है। उसकी उस वृक्ष के साथ आत्मीयता बढ़ गयी थी। वृक्ष घर का चौकीदार था। वह बूढ़ा हो चुका था। आज उसका नहीं होना कवि के लिए पीडादायक था।

एक बूढ़े वृक्ष की हत्या के माध्यम से कवि ने मानवीय जीवन की विसंगतियों पर भी सम्यक् प्रकाश डाला है। आज मनुष्य कितना क्रूर और निष्ठुर बन गया है। अपनी ही जड़ें काटने लगता है। इस कविता में बूढ़े वृक्ष की हत्या यानी संस्कृति की हत्या, बुजुर्गों के प्रति अनादर और अनास्था का भाव परिलक्षित होता है। हम चौकीदार सदृश बूढ़े वृक्ष या घर के बूढ़े किसी का भी सम्मान और सद्व्यवहार नहीं कर रहे हैं। ऐसा क्या हो गया है। वृक्ष हमारी संस्कृति, सभ्यता, अभिभावक, चौकीदार आदि के प्रतीक के रूप में आया है। इन पंक्तियों में कवि ने एक वृक्ष को प्रतीक मानकर जो संवेदनात्मक भाव प्रकट किया है, वह वंदनीय है, प्रशंसनीय है।

प्रश्न 2.
“पुराने चमड़े का बना उसका शरीर
वही सख्त जान
झुर्रियोंदार खुरदुरा तना मैला-कुचैला
राइफिल-सी एक सूखी डाल,
एक पगड़ी फूल-पत्तीदार,
पाँवों में फटा पुराना जूता,
चरमराता लेकिन अक्खड़ बल-बूता।”
व्याख्या-
प्रस्तुत काव्य पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक के एक वृक्ष की आत्महत्या’ काव्य-पाठ से ली गयी हैं। इन पंक्तियों का प्रसंग बूढ़े वृक्ष की शारीरिक संरचना से जुड़ा हुआ है।

कवि ने बूढ़े वृक्ष का मानवीकरण कर उसमें जीवंतता का दर्शन कराया है। जिस प्रकार बूढ़ा आदमी उम्र की ढलान पर अपने सौंदर्य को खो देता है, ठीक उसी प्रकार बूढ़े वृक्ष की भी स्थिति है। बूढ़े वृक्ष का शरीर सख्त हड्डियों का ढाँचा है। उसके छिलके पुराने चमड़े की तरह दिखते हैं। पूरे तन में पपड़ियाँ पड़ गयी हैं। चेहरे और सारे शरीर में झुर्रियाँ दिखायी पड़ती हैं। शरीर में खुरदुरापन आ गया है। पुराना हो जाने के कारण शरीर मैला-कुचैला-सा दिखता है। सौंदर्य खत्म हो चुका है। उसकी सूखी डाल राइफिल की तरह दिखती है। फूल और पत्तियों से युक्त पगड़ी पहने हुए वृक्ष का रंग-रूप लगता है मानो कोई चौकीदार सदेह खड़ा है। उसकी जड़ें फटी हुई हैं, दरकी हुई हैं-लगता है कि बूढ़े वृक्ष ने अपने पाँवों में फटा-पुराना जूता पहन रखा हो। वह जूता चरमर-चरमर करता है। वृक्ष ऐसे खड़ा है लगता है कि वह अक्खड़ता के साथ अपने . बल-बूते खड़ा है।

उक्त काव्य पक्तियों में कवि ने बूढ़े वृक्ष का चित्रण एक बूढ़े झुरींदार खुरदरे चेहरेवाले, मैले-कुचैले कपड़े पहने मनुष्य से किया है। उसने वृक्ष को मानव के रूप में चित्रित कर उसकी उपयोगिता और महत्ता को सिद्ध किया है। बूढ़ा वृक्ष हमारे लिए घर का बूढ़ा अभिभावक है। उसकी उपयोगिता और जीवंतता हमारे लिए अत्यंत आवश्यक है। वह हमारी संस्कृति का, सभ्यता का, कर्तव्यनिष्ठता का, अभिभावक का, लोकहित का संरक्षण करता है, पोषण करता है, रक्षा करता है। अतः, वह बूढ़ा वृक्ष मात्र वृक्ष ही नहीं है वह पहरूआ है अभिभावक हैं, घर का चौकस समझदार और भरोसेमंद संरक्षक है।

प्रश्न 3.
धूप में बारिश में
गर्मी में सर्दी में,
हमेशा चौकन्ना
अपनी खाकी वर्दी में
व्याख्या-
प्रस्तुत काव्य पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक के ‘एक वृक्ष की हत्या’ काव्य-पाठ से ली गयी हैं। इन पंक्तियों का प्रसंग एक बूढ़े वृक्ष को चौकीदार के रूप में चित्रित किए जाने से जुड़ा हुआ है।

कवि कहता है कि कोई भी मौसम हो, धूप अथवा बारिश हो, चाहे गर्मी या सर्दी का माह हो, बूढ़े वृक्ष को देखकर लगता है कि वह हमेशा सतर्कता के साथ, निडरता और तत्परता के साथ, खाकी-रूपी वर्दी में सबकी रखवाली में खड़ा है। कवि की ऐसी कल्पना से लगता है कि बूढा वृक्ष एक मामूली वृक्ष नहीं है। बल्कि वह युगों-युगों से हमारी सुरक्षा का प्रहरी है। हमारी संस्कृति का पोषक है। हर मौसम में एक विश्वसनीय, ईमानदार पहरेदार के रूप में हमारी रक्षा कर रहा है।

प्रश्न 4.
दूर से ही ललकारता, “कौन?”
मैं जवाब देता, “दोस्त !”
और पल भर को बैठ जाता
उसकी ठंढी छाँव में।
व्याख्या-
प्रस्तुत काव्य पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक के ‘एक वृक्ष की हत्या’ काव्य-पाठ से ली गयी हैं। इन पंक्तियों का प्रसंग एक बूढ़े वृक्ष और कवि के बीच के संबंध से संबंधित है।

जब कभी कवि अपने घर लौटता था तो बूढ़ा वृक्ष दूर से ही ललकारते हुए पूछता था— ठहरो, बोलो तुम कौन हो? कवि जवाब देता था मैं तुम्हारा दोस्त ! तब कवि घर की ओर पग बढ़ाता था। यहाँ मानवीय संबंधों, पहरेदार के रूप में अपनी कर्त्तव्यनिष्ठता के प्रति दृढ रहने कवि और बूढ़े वृक्ष के बीच के आत्मीय संबंधों आदि का पता चलता है। कवि की कल्पना ने बूढ़े वृक्ष को अभिभावक, चौकीदार पहरूओ के रूप में चित्रित कर मानवीयता प्रदान किया है। यहाँ बूढ़ा वृक्ष निर्जीव नहीं सजीव है। उसमें चेतना है, कर्तव्यनिष्ठता है, आत्मीयता है।

प्रश्न 5.
“दरअसल शुरू से ही था हमारे अन्देशों में
कहीं एक जानी दुश्मन
कि घर को बचाना है लुटेरों से
शहर को बचाना है नादिरों से
देश को बचाना है देश के दुश्मनों से।”
व्याख्या-
प्रस्तुत काव्य पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक के ‘एक वृक्ष की हत्या’ नामक काव्य-पाठ से ली गयी हैं। इन पंक्तियों का प्रसंग कवि और एक बूढ़े वृक्ष की हत्या से संबंधि त है। कवि मन ही मन कल्पना करता है कि यह बूढा वृक्ष हमारा पहरूआ है। वह उसे सजीव मानव के रूप में देखता है, चित्रित करता है। कवि के मन में पूर्व से ही संशय बैठा हुआ है कि हमारे चारों ओर शत्रुओं की तादाद अच्छी है, उनसे अपनी सुरक्षा के साथ घर, शहर और देश को भी बचाना है क्योंकि बाह्य शत्रुओं से तो देश की रक्षा जरूरी ही है। देश के भीतर जो शत्रु हैं उनसे भी लड़ते हुए अस्तित्व की रक्षा करनी है।

कवि यहाँ आंतरिक शत्रुओं की ओर इंगित करते हुए उनसे सावधान रहने की सलाह देता है। कवि का मन पारखी है, वह अपनी पैनी नजर से घर में, शहर में, देश में, रह रहे शत्रुओं को पहचानने की क्षमता रखता है, उनसे दूर रहकर, सचेत रहकर सावधानीपूर्वक अस्तिव और अस्मिता की रक्षा की जा सकती है। भीतरी शत्रुओं से बचाव सर्वाधिक जरूरी है। वे अपने स्वार्थ और संकीर्णताओं के चलते हमारी संस्कृति, प्रगति और आपसी शांति को भंग कर देंगे। कवि की पीड़ा, सोच अत्यंत ही प्रासंगिक है। देश तभी सबल, सुरक्षित रहेमा, शहर सुरक्षित तभी रहेगा जब घर शांतिमय, सुविकसित रूप में रहेगा। यहाँ कवि ने सूक्ष्म रूप से हमारी राष्ट्रीय समस्याओं पर ध्यान केन्द्रित करते हुए भीतरी शत्रुओं से सावधान रहने को कहा है।

प्रश्न 6.
“बचाना है
नदियों को नाला हो जाने से
हवा को धुआँ हो जाने से।
खाने को जहर हो जाने से।”
व्याख्या-
प्रस्तुत काव्य पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक के ‘एक वृक्ष की हत्या काव्य-पाठ से ली गयी हैं। इन पंक्तियों का प्रसंग कवि के द्वारा सुझाए गए उपायों से है। हम कैसे अपने अस्तित्व, इतिहास और अस्मिता की रक्षा कर सकते हैं ?

उक्त काव्य पक्तियों के माध्यम से कवि ने कहा है कि ऐ राष्ट्रवीरों ! सचेत हो जाओ। बाहरी शत्रुओं से ज्यादा भीतरी शत्रुओं से सांस्कृतिक संकट छहराने का खतरा ज्यादा है। अगर समय रहते हम नहीं चेते, नहीं संभले तो नदियाँ नाला के रूप में परिवर्तित हो जाएंगी, हवा शुद्ध न रहकरधुआँ के रूप में वायुमंडल में पसर जाएगी। आज हमारे जो भोज्य पदार्थ हैं वे जहरीले हो जाएंगे। बदलते जीवन-मूल्यों, पर्यावरण के दूषित स्वरूप एवं आंतरिक अव्यवस्थाओं के कारण सबका अस्तित्व संकट में पड़ गया है। कहीं इस जहरीले वातावरण में हम भी जहरीला न बन जायें। अतः, समय रहते सचेत और जागरूक होना आवश्यक है ताकि गहराते संकट से हम बच सकें।

प्रश्न 7.
बचाना है-जंगल को मरुस्थल
हो जाने से,
बचाना है-मनुष्य को जंगली
हो जाने से।
व्याख्या-
प्रस्तुत काव्य पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक के ‘एक वृक्ष की हत्या’ से ली गयी हैं। इन काव्य पंक्तियों का प्रसंग हमारी प्रकृति, राष्ट्र और मानव से जुड़ा हुआ है। कवि ने कविताओं के माध्यम से सभी को सतर्क और जागरूक होने का संदेश दिया है।

कवि कहता है कि जंगल की रक्षा अत्यावश्यक है। जंगल नहीं रहेगा तो हमारी संस्कृति – सुरक्षित नहीं रहेगी न इतिहास ही सुरक्षित रहेगा। सृष्टि का भी विनाश हो जाएगा। मनुष्य भी जंगली रूप को पुनः अख्तियार कर लेगा। मानव और जंगल एक-दूसरे के पूरक हैं। दोनों का रहना संस्कृति और सभ्यता के विकास के लिए बहुत जरूरी है। जंगल में ही मनुष्य वास करता था।
धीरे-धीरे जंगली स्वरूप को बदला और आज विकास के पथ पर दिनोंदिन अग्रसर होता जा रहा है।

अतः, कवि अंत में जोरदार शब्दों में कहता है कि जंगल को रेगिस्तान बनाने से, हे मानवों ! बचाओ। अगर जंगल का अस्तित्व मिटा तो तुम्हारा भी अस्तित्व समाप्त हो जाए। अतः, कवि की दृष्टि में जंगल और जीवन दोनों का स्वस्थ, सुरक्षित और हरा-भरा रहना आवश्यक है। जंगल और मानव का अटूट संबंध युगों-युगों से रहा है, आगे भी रहेगा।

एक वृक्ष की हत्या कवि परिचय

कुँवर नारायण का जन्म 19 सितंबर 1927 ई० में लखनऊ, उत्तर प्रदेश में हुआ था । कुँवर ।’ नारायण ने कविता लिखने की शुरुआत सन् 1950 के आस-पास की । उन्होंने कविता के अलावा चिंतनपरक लेख, कहानियाँ और सिनेमा तथा अन्य कलाओं पर समीक्षाएँ भी लिखीं हैं, किंतु कविता उनके सृजन-कर्म में हमेशा मुख्य रही । उनको प्रमुख रचनाएँ हैं – ‘चक्रव्यूह’, ‘परिवेश : हम तुम’, ‘अपने सामने’, ‘कोई दूसरा नहीं’, ‘इन दिनों’ (काव्य संग्रह); ‘आत्मजयी’ (प्रबंधकाव्य): ‘आकारों के आस-पास’ (कहानी संग्रह); ‘आज और आज से पहले’ (समीक्षा) : ‘मेर साक्षात्कार’ (साक्षात्कार) आदि । कुँवर नारायण जी को अनके पुरस्कार एवं सम्मान प्राप्त हो चुके हैं जो इस प्रकार हैं – ‘साहित्य अकादमी पुरस्कार’, ‘कुमारन आशान पुरस्कार’, ‘व्यास सम्मान’, ‘प्रेमचंद पुरस्कार’, ‘लोहिया सम्मान’, ‘कबीर सम्मान’ आदि ।

कुँवर नारायण पूरी तरह नगर संवेदना के कवि हैं । विवरण उनके यहाँ नहीं के बराबर है, पर वैयक्तिक और सामाजिक ऊहापोह का तनाव पूरी व्यंजकता के साथ प्रकट होता है । आज का समय और उसकी यांत्रिकता जिस तरह हर सजीव के अस्तित्व को मिटाकर उसे अपने लपेटे में ले लेना चाहती है, कुँवर नारायण की कविता वहीं से आकार ग्रहण करती है और मनुष्यंता और सजीवता के पक्ष में संभावनाओं के द्वार खोलती है। नयी कविता के दौर में, जब प्रबंधकाव्य का स्थान लंबी कविताएँ लेने लगी, तब कुँवर नारायण ने ‘आत्मजयी’ जैसा प्रबंधकाव्य रचकर भरपूर प्रतिष्ठा प्राप्त की । उनकी कविताओं में व्यर्थ का उलझाव, अखबारी सतहीपन और वैचारिक धुंध के बजाय संयम, परिष्कार और साफ-सुथरापन है । भाषा और विषय की विविधता उनकी कविताओं के विशेष गुण माने जाते हैं। उनमें यथार्थ का खुरदुरापन भी मिलता है और उसक सहज सौंदर्य भी।

तुरंत काटे गए एक वृक्ष के बहाने पर्यावरण, मनुष्य और सभ्यता के विनाश की अंतर्व्यथा को अभिव्यक्त करती यह कविता आज के समय की अपरिहार्य चिंताओं और संवेदनाओं का रचनात्मक अभिलेख है । यह कविता कुँवर नारायण के कविता संग्रह ‘इन दिनों से संकलित है।

एक वृक्ष की हत्या Summary in Hindi

पाठ का अर्थ

नई कविता काल के प्रखर कवि कुंवर नारायण नगर संवेदना के कवि हैं। उनकी रचनाओं में वैयक्तिक और सामाजिक उहापोह का तनाव पूरी व्यंजकता के साथ प्रकट होती है। आज का समय और उसकी यांत्रिकता जिस तरह हर सजीव के अस्तित्व को मिटाकर उसने अपने लपेटे में ले लेना चाहती है, कुँवर नारायण की कविता वहीं से आकार ग्रहण करती है और मनुष्यता और सजीवता के पक्ष में संभावनाओं के द्वार खोलती हैं। भाषा और विषय की विविधता उनकी कविताओं के विशेष गुण माने जाते हैं।।

प्रस्तुत कविता में कवि तुरंत काटे गये वृक्ष के बहाने पर्यावरण, मनुष्य और सभ्यता के विनाश की अंतर्व्यथा को अभिव्यक्त किया है। कवि के घर के सामने ही वर्षों पुराना एक बड़ा पेड़ था जो काट लिया गया है। कभी यह पेड़ दूसरों को छाया देकर उसकी थकान दूर करता था। उसके घर की रखवाली करता था किन्तु आज वह निर्जीव बन पड़ा है। पुराना होने के कारण उसके छाल धूमिल हो गये थे। उसकी डालियाँ राइफल की तरह तनी हुई रहती थी अक्खड़पन उसके नस-नस में था, धूप, वर्षा, सर्दी, गर्मी में वह सदा चौकन्ना रहता था किन्तु आज वह बेजान हो गया है। दूर से परिचय पूछकर दोस्तों को एक नई ताजगी देकर मन की व्यथा को हरण करने वाला वृक्ष दुश्मनों के द्वारा काट लिया गया। वस्तुतः यहाँ कवि बताना चाहता है कि गाँव, शहर वातावरण को बचाना है तो पहले पेड़ को बचाना चाहिए। वृक्ष हमारे मित्र हैं। मित्र को दुश्मन समझ कर उसका विनाश करना मानव जाति को विनाश करना है।

शब्दार्थ

अक्खड़ : विपरीत परिस्थितियों में डटा रहने वाला
बल-बूता : शक्ति-सामर्थ्य
अन्देशा : आशंका
नादिरों : नादिरशाह नामक ऐतिहासिक लुटेरे और आक्रमणकारी की तरह के क्रूर व्यक्ति

Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 6 कृषक मजदूर

Bihar Board Class 9 Social Science Solutions Economics अर्थशास्त्र : हमारी अर्थव्यवस्था भाग 1 Chapter 6 कृषक मजदूर Text Book Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 9 Social Science Economics Solutions Chapter 6 कृषक मजदूर

Bihar Board Class 9 Economics कृषक मजदूर Text Book Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न :

बिहार में कृषि की समस्या Class 9 Economics प्रश्न 1.
सन् 2001 ई० को बिहार में कृषक मजदूरों की संख्या थी-
(क) 48%
(ख) 42%
(ग) 52%
(घ) 26.5%
उत्तर-
(क) 48%

बिहार में कृषक मजदूरों की वर्तमान दशा एवं समस्याओं का उल्लेख करें। Class 9 Economics प्रश्न 2.
सन् 1991 ई0 में बिहार में कृषक मजदूरों की संख्या थी-
(क) 26.1%
(ख) 37.1%
(ग) 26.5%
(घ) 37.8%
उत्तर-
(ख) 37.1%

बिहार में कृषि की समस्याओं की विवेचना कीजिए Class 9 Economics प्रश्न 3.
बिहार के कृषक मजदूर हैं-
(क) अशिक्षित
(ख) शिक्षित
(ग) ज्ञानी
(घ) कुशल
उत्तर-
(क) अशिक्षित

कृषक समाज की परिभाषा Class 9 Economics Bihar Board प्रश्न 4.
सामान्यतः कृषक मजदूर को निम्न भागों में बाँटा जा सकता है
(क) तीन
(ख) दो
(ग) चार
(घ) पाँच
उत्तर-
(क) तीन

कृषि श्रमिक की परिभाषा Class 9 Economics Bihar Board प्रश्न 5.
ऐसे मजदूर जिनके पास खेती करने के लिए अपनी कोई भूमि नहीं होती है उन्हें कहते हैं-
(क) छोटा किसान
(ख) बड़ा किसान
(ग) भूमिहीन मजदूर
(घ) जमींदार
उत्तर-
(ग) भूमिहीन मजदूर

रिक्त स्थान की पूर्ति करें :

1. जो मजदूर कृषि का कार्य करते हैं उन्हें हम ……….. मजदूर कहते हैं।
2. क्वेसने ने कहा था कि-दरिद्र कृषि, दरिद्र राजा, दरिद्र …………… ।
3. बिहार में अधिकांश कृषक मजदूर …………… एवं पिछड़ी जातियों के हैं।
4. बिहार में अब कृषि कार्यों में ………………… का प्रयोग होने लगा हैं।
5. बिहार के कृषक मजदूर रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर . …………….कर रहे हैं।
उत्तर-
1. कृषक,
2. देश,
3. अनुसूचित जाति,
4. मशीन,
5. पलायन ।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
कृषक मजदूर से हमारा क्या मतलब है ?
उत्तर-
ऐसे मजदूर कृषक मजदूर हैं जो बिलकुल ही भूमिहीन हैं जिनकी बाध्यता है कि वे मजदूरी करके ही पेट पालन करें।

प्रश्न 2.
कृषक मजदूरों को कितने भागों में बाँटा जा सकता है ?
उत्तर-
कृषक मजदूरों को तीन भागों में बाँटा गया है-

  • खेत में काम करने वाले मजदूर
  • कृषि से संबंद्ध अन्य कार्य करने वाले मजदूर
  • वैसे मजदूर जो कृषि के अलावा अन्य सहायक उद्योगों में भी लगे हुए हैं।

प्रश्न 3.
भूमिहीन मजदूर किसे कहेंगे?
उत्तर-
वैसे मजदूर जिनके पास अपनी भूमि नहीं है।

प्रश्न 4.
बंधुआ मजदूर की परिभाषा दें।
उत्तर-
वैसे कृषक मजदूर जो किसी ऋण के चलते मालिक के यहाँ आजन्म या ऋण चुकता होने तक भोजन के बदले काम करते हैं, उन्हें बंधुआ मजदूर कहते हैं।

प्रश्न 5.
पलायन का अर्थ बतावें।
उत्तर-
रोजगार की तलाश में एक जगह से दूसरे जगह जाना ही । पलायन कहलाता है।

प्रश्न 6.
भू-दान आंदोलन पर प्रकाश डालें।
उत्तर-
बड़े-बड़े भूमिपतियों से अतिरिक्त भूमि मांगकर ‘भूमिहीन मजदूरों को देने के लिए आचार्य विनोवा भावे ने एक आंदोलन चलाया था, जिसे भू-दान आंदोलन कहते हैं ।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
बिहार में कृषक मजदूरों की वर्तमान दशा एवं समस्याओं का उल्लेख करें।
उत्तर-
बिहार की कुल आवादी की 48% संख्या कृषक मजदूरों की है। ग्रामीण ऋण ग्रस्तता के कारण उनकी दशा काफी दयनीय है। इन मजदूरों की अनेक समस्याएँ हैं

  • कम मजदूरी-उन्हें कम मजदूरी देकर अधिक से अधिक काम लिया जाता है।
  • मौसमी रोजगार-कृषि के समय में इन्हें कार्य मिलता है बाकी के महीने बैठे रहते हैं।
  • ऋणग्रस्ता-ये सदा ऋण ग्रस्त रहते हैं। जिसके कारण इन्हीं बेगारी भी करनी होती है।
  • आवास की समस्या-आवास हीनता से ग्रसित ये कहीं पर झोपड़ी बनाकर रहते हैं, स्वस्थ वातावरण के अभाव में इनके बच्चे अस्वस्थ हो जाते हैं।
  • सहायक धंधों का अभाव-कृषि के अलावा गाँवों में और कोई कार्य नहीं । बेकार बैठे समय इनका बीतता है । कोई संकट के समय इन पर संकट ही संकट आ पड़ता है।
  • संगठन का अभाव-कृषि-मजदूरों में संगठन का बिलकुल अभाव है। अपनी समस्याओं को किसी से कह नही.सकते ।
  • निम्न सामाजिक स्तर-बिहार में कृषक मजदूर अनुसूचित जाति या पिछड़ी जाति के हैं जिनका सदियों से शोषण होता आया है इससे उनका सामाजिक स्तर निम्न कोटी का बना हुआ है। ये सारी समस्याएँ श्रमिकों की हैं।

प्रश्न 2.
बिहार में कृषक मजदूरों की संख्या क्यों तेजी से बढ़ती जा रही है ?
इनकी दशा में सुधार लाने के लिए उपाय बतावें।
उत्तर-
बिहार में कृषि-श्रमिकों की संख्या बहुत अधिक है तथा निरंतर वृद्धि हो रही है। 2001 ई० की जनगणना के अनुसार बिहार में कृषि-मजदूरों की संख्या 90.20 लाख से भी अधिक थी। इसके अनेक कारण हैं

(i) तेजी से जनसंख्या में वृद्धि-1991-2001 ई० में बिहार की जनसंख्या 28.43% बढ़ी जबकि सम्पूर्ण भारत के लिए यह वृद्धि 21.34% थी। अतः अन्य उद्योगों के अभाव में कृषि को ही जनसंख्या का यह अतिरिक्त बोझ वहन करना पड़ता है । इससे कृषि-श्रमिकों की संख्या में वृद्धि हो रही है।

(ii) औद्योगीकरण का अभाव-बिहार में इसकी गति विलकुल अवरुद्ध है । झारखंड के बन जाने से बिहार में उद्योग का अभाव हो गया । जो कुछ है जैसे चीनी मिल, कागज उद्योग, सिमेंट उद्योग आदि बंद हो. गए। कई उद्योग साधनों के अभाव में बंद हो गए । कुटीर एवं लघु उद्योगों की भी यही हालत है। अतः सब भार कृषि पर ही पड़ रहा है कृषि-श्रमिकों की तेजी से वृद्धि हो रही है ।

(iii) भूमि का असमान वितरण-बिहार में जमींदारी उन्मूलन के बाद भी भूमि-सुधार का कोई भी कार्यक्रम नहीं हुआ । भू-दान से प्राप्त भूमि भी कानूनी विवादों में उलझकर रह गयी। छोटे-छोटे किसान ऋणग्रस्तता के कारण-कृषि-श्रमिक बनने पर मजबूर हो गए। इनकी दशा में सुधार लाने के लिए उपाय बतावें ।

(शब्द सीमा इतनी कम है कि दोनों प्रश्नों का उत्तर उतने शब्दों में देने के लिए केवल कारणों को ही लिख देना होगा उसका विस्तार नहीं करना होगा । अतः इसे दूसरा प्रश्न भी बनाया जा सकता है। मैंने वैसा हीं कर इसका विस्तार किया है।)
उत्तर-
कृषि-श्रमिकों की दशा में सुधार के उपाय निम्न प्रकार हैं
(i) कृषि पर आश्रित उद्योगों का विकास-कृषि पर आधारित उद्योगों के विकास से कृषक मजदूर खाली समय में इन उद्योगों में काम कर सकें और अपनी आय में सुधार ला सकें । इन उद्योगों में चीनी मिलों की स्थापना या बंद मिलों को फिर से चालू करना, जूट उद्योग आदि प्रमुख हैं।

(ii) न्यूनतम मजदूरी नियमों को लागू करना–भारत सरकार का न्यूनतम मजदूरी अधिनियम लागू है। पर उसका ठीक ढंग से पालन नहीं हो रहा है। अतः मजदूर आर्थिक शोषण के शिकार हमेशा होते हैं।

(ii) कृषि मजदूरों के लिए भूमि की व्यवस्था-भूमि व्यवस्था को सुधार कर उनके बीच भूमि का वितरण हो सके।

(iv) अन्य कारण-कृषि-श्रमिकों की एक प्रमुख कठिनाई यह है ..कि ये पूर्णतः निरक्षर और असंगठित हैं। इनमें संगठन नहीं है अतः महाजनों द्वारा इनका शोषण होता है । इसी तरह कृषि कल्याण केन्द्र की स्थापना होनी चाहिए जहाँ इनका और इनके बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल हो सके । सहकारी समितियों की स्थापना, कार्य के घंटे को निश्चित करना । ये सब कार्य करने से कृषक मजदूरों की दशा में सुधार लाया जा सकता है।

प्रश्न 3.
बिहार में कृषक मजदूरों की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक उपाय पर प्रकाश डालें
उत्तर-
बिहार में कृषक मजदूरों की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक उपायों निम्नलिखित हैं

(i) कृषि पर आश्रित उद्योगों का विकास-बिहार में गन्ना, जूट, तम्बाकू फल और सब्जियों की खेती प्रचुर मात्रा में होती है। उन्हीं उत्पादनों के आधार पर उद्योगों एवं लघु उद्योगों की स्थापना से खाली के समय में बैठे कृषक मजदूर काम कर सकेंगे और अपनी आय में वृद्धि कर जीवन स्तर में सुधार ला सकते हैं।

(ii) कार्य के घंटे निश्चित करना तथा काम के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित उचित मजदूरी का क्रियान्वयन आवश्यक है । तथा उचित समय-समय पर छुट्टियाँ भी मिलनी चाहिए।

(ii) कृषि श्रम कल्याण केन्द्र की स्थापना एवं उनके लिए आवास की व्यवस्था आवश्यक है ताकि उनका स्वस्थ्य ठीक रह सके उनके बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा हो सके।

(iv) कृषक मजदूर निरक्षर और असंगठित हैं । अतः अपनी समस्याओं के मालिकों के सामने रखने में असमर्थ हैं । निरक्षरता के कारण ये शोषण का शिकार बनते हैं।

(v) अन्य उपाय-इनकी सबसे बड़ी समस्या है गरीबी, अशिक्षा रोजगार का नहीं मिलना । अतः ग्रामीण रोजगार केन्द्रों की स्थापना कर इनकों सूचित किया जाना चाहिए कि अन्यत्र रोजगार की व्यवस्था है। भूदान में मिली जमीन को भूमिहीन मजदूरों के बीच बँटवारा कर उनमें सरकार ओर से बीज एवं खाद की व्यवस्था की जाय ।

प्रश्न 4.
कृषक मजदूरों की दशा सुधारने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए प्रयासों पर प्रकाश डालें।
उत्तर-
हमारी सरकार ने कृषक मजदूरों की समस्याओं को हल (निदान, समाधान या सुधार) करने के लिए अनेक प्रयास किये हैं जो इस प्रकार हैं-

  • न्यूनतम मजदूरी अधिनियम (1948)-यह नियम कृषि पर भी लागू किया गया । कृषक मजदूरों को भी मिलना चाहिए ।
  • भूमिहीन मजदूरों को मकान के लिए मुफ्त प्लॉट (जगह) की व्यवस्था की गयी है।
  • भूदान में प्राप्त भूमि का उचित ढंग से वितरण किया गया है ।
  • बंधुआ मजदूर प्रथा को समाप्त कर दिया गया।
  • जोत की सिलींग का निर्धारण और बची हुई भूमि, बंजर भूमि मजदूरों के बीच बाँटी जा रही है।
  • कुटीर एवं लघु उद्योगों के विकास के उद्देश्य से ग्रामीण औद्योगिक वस्तियाँ स्थापित की गई हैं।
  • कृषि-मजदूरों को वित्तीय सुविधा देने के लिए कृषि सेवा समितियों की स्थापना की गई है।
  • पुराने ऋणों से मुक्ति दिलाने के लिए भिन्न-भिन्न कानून बनाए गए।
  • ग्रामीण भूमिहीन रोजगार गारंटी कार्यक्रम तथा राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम शुरू किया गया है।
  • बाल श्रमिक निरोधक अधिनियम बनाया गया जिसके तहत कृषक मजदूरों के बच्चों के शोषण को अपराध घोषित किया गया।

प्रश्न 5.
बिहार में कृषक मजदूरों के पलायन से उत्पन्न समस्याओं पर प्रकाश डालें । इनका निदान कैसे किया जा सकता है ?
उत्तर-
कृषक मजदूरों के पलायन से बिहार में अनेक तरह की समस्याएँ उत्पन्न हो रही है । एक तरफ बिहार में कृषि मजदूरों की संख्या में कमी हो रही है तथा कृषि कार्य के लिए मजदूर उपलब्ध नहीं हो रहे दूसरी बात जो भी शेष कृषक मंजदूर रह जाते हैं उनको पूर्व की · अपेक्षा अधिक पारिश्रमिक प्राप्त हो रहा है।

इनका निदान-

  • कृषि पर आश्रित उद्योगों का विकास करना जरूरी
  • गाँवों में लघु एवं कुटीर उद्योगों का विकास होना चाहिए ताकि भूमिहीन श्रमिक इस प्रकार के कार्यों में लग सके और अपनी आय में वृद्धि कर सकें।
  • न्यूनतम मजदूरी के नियमों का पालन होना चाहिए। दूसरे राज्यों में यहाँ से अधिक मजदूरी मिलती है यह भी उनका एक आकर्षण
  • काम के घंटों को निश्चित किया जाना चाहिए ।
  • मजदूरों के लिए मकान एवं कृषि कल्याण केन्द्रों की स्थापना करनी चाहिए।
  • कृषक मजदूरों की एक बहुत बड़ी समस्या यह है कि वे अशिक्षित है अतः उन्हें शिक्षित करना आवश्यक है।
    इन सब बातों पर ध्यान देकर इनकी समस्याओं का निदान संभव है।

Bihar Board Class 10 English Book Solutions Chapter 8 Little Girl Wiser Than Men

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A. Work in a small groups and pairs and discuss the following

Little Girl Wiser Than Man Question Answer Bihar Board Class 10 Question 1.
Do you celebrate festivals?
Answer:
Yes, I celebrate festivals.

Little Girl Wiser Than Old Man Question Answer Bihar Board Class 10 Question 2.
Which festival you enjoy most?
Answer:
I enjoy the Deepawali festival most.

Little Girl Wiser Than Old Man Question Answer Pdf Bihar Board Class 10 Question 3.
How do you celebrate?
Answer:
Yes, I celebrate the festival with my family and friends’

Little Girl Wiser Than Man In Hindi Bihar Board Class 10 Question. 4.
In which season is it celebrated?
Answer:
It is celebrated in autumn in the last week of October or the first weak of November, Kartik (Hindi months) every year.

The Little Girl Question Answer Bihar Board Class 10 Question 5.
What do you do when enjoying with your friends?
Answer:
I enjoy the festival with my friends by decorating, exploding crackers and lighting my house. We eat together a variety of sweets and other delicious items with our friend, relation and family members

B. 1. Answer the following questions briefly

Bihar Board Class 10 English Book Solution Question 1.
Which festival was referred by the writer?
Answer:
The writer had referred “Easter” festival to be celebrated on the anniversary of the “Ressurection of Jesus Christ”.

Question 2.
Why sledging was over?
Answer:
Sledging was over, because the snow had stopped to fall and began to melt.

Question 3.
Why there was water running in streams down the village street?
Answer:
Water was running in streams down the village street because of the snow started melting.

Question 4.
Where do two little girls meet?
Answer:
Two little girls meet in a lane between two homesteads.

Question 5.
Are they of same age?
Answer:
No, they are not of the same age.

Question 6.
Why did Akoulaya try to check Malasha?
Answer:
Akoulya checked Malasha, because her mother will scold to see her with wet shoes and stockings.

Question. 7.
What advice did Akoulaya offer?
Answer:
Akoulaya advised her to take off her shoes and stockings otherwise it will be spoiled in the water of the pool. .

B.2. Say True (T) or False (F) to the following statements

1. Akoulaya and Malasha take off their shoes and stockings.
2. They do not walk towards each other in the puddle.
3. Malasha assures Akoulya that water is deep.
4. Malasha splashes water.
5. Akoulaya ran to strike Malasha.
6. Malasha purposely splashes water.
Answers:
1. – T
2. – F
3. – T
4. – T
5. – T
6. – T

B.3. Fill up the blanks

They all went………………quarelling, till one gave another………., and the affair had very………………come to blows, when Akoulya’s old grandmother, stepping…………………. among them, tried to them. What are you thinking of friends? Is it right to……………………so? On a day…………………..this, too! It is a time rejoicing and not for such folly ……………this.
Answer:
They all went on quarellig, till one gave another a push, and the affair had very nearly come to blows, when Akulya’s old grandmother, stepping in among them, tried to calm them. “What are you thinking of, friends? Is it right to behave so? On a day like this, too! It is a time for rejoicing and not for such folly as this.”

B.3.2. Answer the following questions briefly

Question 1.
Why Akoulaya started shouting at Malasha?
Answer:
Akoulya started shouting at malasha, because she held her responsible for causing stain of mud over, her (Akoulya) ffock, eyes and nose.

Question.2.
Why Akoulya’s mother seized Malasha?
Answer:
Akoulya’s mother seized Malasha to beat her, on the complaint lodged by her daughter against Malasha.

Question 3.
What happens when malasha’s mother came out after hearing herhowl?
Answer:
When Malasha’s mother came out she saw her daughter beaten by Akoulya’s mother, she started rebuking her neighbour.

Question 4.
Why no one listening?
Answer:
As everyone was shouting and quarrelling, so no one was listening to anybody.

Question 5.
Did the old woman succeed in her efforts?
Answer:
No, the old woman did not succeed in her efforts.

Question. 6.
What did Akoulaya do while other women were abusing?
Answer:
Akoulya cleaned the mud over her ffock and went back to the small pool of water, at the time when other women were abusing each other. She began to scraping away the land in front of the puddle to make a channel through which the water could spread over the street where men were fighting.

Question 7.
What the two girls do when men started fighting?
Answer:
When men began to fight both of the two girls started scraping away .the land in front of the small pool of water to make a channel through which the water could run out in the street.

Question 8.
Were they too fighting?
Answer:
They (the two girls) were not fighting at that time.

C.A. Long Type Questions with Answers

Question 1.
Describe why the two girls were dressed in new cloths and showing their finery to each other?
Answer:
The two girls were dressed in new cloths and showing their impressive garments and jewellery to each other. It was Easter festival. The reason behind the demonstration of their dress and costumes was to show that they had just come from chruch. Another reason might be to show that they were wearing magnificent cloths and jewellery.

Question 2.
Why did they step into the puddle and what makes them fight?
Answer:
The two girls were playing. Mean while the idea, of playing in the water of a small pool and to spread water in fun, came in their mind. So they stepped into the pool. The reason behind the fight between those two girls’ was also funny. Malasha suddenly plumped down her foot in the water of the pool. It was so sudden and heavy that the water spread and splashed right on Akoulya’s frock, eyes and nose. It made her frock dirty and coated with mud. Akoula thought that Malasha had done it intentionally, in order to make her dress dirty. So, she became angry and ran after Malasha to hit her forcefully. Thus, they fought for their own reasons, forming a prejuidiced opinion about one another.

Question 3.
What did the old woman mean by “Is it right to behave so? on a day like this too!”
Answer:
The old woman saw a crowd collected in the street and all went on quarelling. Everyone was shouting and no one was listening to others. She thought that the situation might take an ugly and disasterous turn. So she tried to make it peaceful. Moreover it was the day of “Easter festival”. As such coming to them she expressed her surprise over their behaviour. She advised them not to create such nuisance and to be peaceful. Thus her statement in this connection, “Is it right to behave so? on a day like this too !” throws light on her painful sentiments over such behaviour, because (i) Such inhuman and undesirable act was wrong and (ii) it was the auspicious day to celebrate “Easter” festival.

Question 4.
Why writer calls two little girls “Dear little souls’
Answer:
The two little girls Akoulya and Malasha indulge in quarell while playing in a puddle Akoulya wants to beat malasha for her wrong act. Malasha being frightened thinks to run to her house. Just then Akoulya’s mother happens to come. Seeing Akoulya’s frock dirty by sprinkles of mud and knowing the fact she beats Malasha. People gather from both the sides, start shouting without listning to other. Akoulya’s old grandmother accidentally comes to that place and tries to pacify them but does not succeed.

All of a sudden the situation takes a happy turn. Akoulya removes the dirty mud on her frock herself and goes back to the puddle. She begins to scrap away the earth in front of the puddle to make a channel, so that water may run into the street where the old woman is trying to pacify the crowd. Malasha also joins her (Akoulya) forgetting all her dispute. Seeing this the old lady becomes pleased and calls them, “Dear little Souls”. Therefore writer also calls them, “Dear little souls” to see their innocence. He is highly influenced to see their spirit of “Forget and forgive”.

Question 5.
Explain, “Except Ye turn, and become as little children Ye shall in no wise enter into the kingdom of heaven.”
Answer:
The lesson teaches us that we should not indulge in unnecessary dispute and lead a peaceful life. At the same time we should be reasonable in our actions as happened in the affairs of Akoulya and Malasha. These two little girls have developed some mis-understanding for one another. It takes an ugly turn. There held hot discussion. People from both sides collected in the street. Ever, one is shouting without listening to others. They are almost beginning right. But soon after, those two girls patch up their misunderstanding and become friends again. They begin to play again as nothing has happened. So they are wiser than those persons who have gathered there.

It shows how innocent and good at heart they are. They have cited the example of “forget and forgive”. It is a message to the older people. They too should learn lesson from them. Therefore the writer explain it in this way that one who would act accordingly would be a wise man. He can only enter in the kingdom of heaven. It means that we should not preserve malice in our hearts. Those two little l girls have proved, that he who believes in co-existence and forgive others for their fault is wise in real sense and may be able to enter into the kingom of

Question 6.
Why in the crowd everyone is shouting and no one is listening?
Answer:
When two persons or groups indulge in some dispute or some controversial issues, they do not admit their own fault and accuse others. They try to pacify others with their own arguments without listenning to them. It is but human nature. As such, the same thing happens in the matter as referred. When Akoulya and Malasha engage in quarrelsome affairs, people assembled from both the sides in the street start shouting. No one listen to others. They do not accept their.fault and accuse their opponants. That is why everyone is shouting and no one is listening.

D. Group Discussion

1. Is it proper to fight on trivial issues like sitting in first row? Discuss with your friend.
Answer:
No, it is not proper to fight on trivial issue like sitting in first ‘ row. If anyone is sitting in the first row on watching some programme. Suddenly he begins to fight with someone who is sitting beside him. The fighting will disturb the andience what a nasty scene they will present! They should be ashamed of themselves. Fighting for fuss is useless. It creates a surcharged atmosphere. They would have caused immene damage to themselves and to the public by their wrangle, which could have but been easily resolved by a mere ’sorry’, or perhaps some punishment by the people. This could have been a more civilised . and decent way to behave.

2. Discipline and love for mankind make one’s character strong.
Answer:
Love for mankind and discipline, these are virtues of human’s character. It is this character which gives him a ‘reputation’ by which he is known and recognised. Love for man and be kind and disciplined are essential prerequisite for good character. This could be only possible if had, noble or evil. Education should be such that one imbibes good virtues like honesty, love for humanity and trains to live a disciplined life. These are attributes that are important for our character. A man without these qualities of head and heart is but a savage. Moral instructions starts very early in life before the child starts going to school. The parents are best equipped to impart him his moral education rather than to quarrel.

D. Word study

E. 1. Phrasal verves: phrasal verb consist of two words (verb+adverb particle), which carries a single meaning and this meaning is not the sum total of the two words.
Ex. Give up, put out, break down are phrasal verbs.
Pick out phrasal verbs used in the lesson and use them in sentence of your own.
Answer:
Give up — Please give up your bad habits.
Put out — Put out the light, please.
Break down — His health broke down last summer.
Take off — Take off your clothes.
Comes up — The water came up to my knee.
Come out — The truth has come out.
Look at — She is looking at a picture.

E. Grammar Activities

F. 1. One may report the words of a speaker in two different ways:
1. May quote the actual words of speaker (direct speech).
2. Or report what a speaker said without quoting his exact words is (indirect speech).

Look at the following sentences in your lesson
‘Don’t go in so, Malasha said she.
She said, ‘Your mother will scold you.
These are written within inverted coma to mark the exact words of the speaker.

Now look at following sentences
She advised Malasha not to go in that way.
She warned her that her mother would scold her.
In reporting statements, commands and requests of direct speech in indirect speech, few changes are required
Now pick out sentences from the lesson written in Direct speech and change them into indirect speech.

Answer:
Direct speech
(i) “Don’t go inso, Malasha”, said she,” your mother will scold you. I will take oft my shoes and stockings, and you take off yours”
(ii) “It is deep, Akoulya, I’am afraid!”
(iii) “come on’ .replied the other. Don’t be frightened, it won’t get any deeper.
(iv) “Mind, Malasha, don’t splash, walk carefully!”
(v) “You naughty dirty girl, what have you been doing?”
Indirect speech of the sentence written above
(i) She forbade Malasha to go in. So her mother would scold her. She would take off her shoes and stockings and she (Malasha) must take off hers.
(ii) Malasha said that it was deep so she was afraid.
(iii) The other replied and called her then she forbade her not to be frightened it would not get any deeper.
(iv) Akoulya reminded Malasha not to splash and further she advised to walk carefully. ‘
(v) She rebuked Malasha as naughty and dirty girl and further asked what she had been doing.

Note: Some examples have been left. Do them yourself.

Ex.2. Write extended form of the<following: one is done for you:
I’m   lam,
Won’t   Don’t   didn’t
hand’t  hasn’t   haven’t
Shouldn’t  shan’t   aren’t
wouldn’t   weren’t  isn’t
Answer:
won’t — will not
Don’t — donot
Didn’t — did not
Hadn’t — had not
Hasn’t — has not
Haven’t— have not
shouldn’t— shduld not
Shan’t — shall not
Aren’t — are not
wouldn’t— would not
weren’t— were not
Isn’t — isnot

F. Activities

1. Recall any past event related to your friend similar to this story? Write in 200 words.
2. Report the story to your friend in indirect speech.
Answer:
It was the month of April last year. The sun was going down. Somehow the weather was cool; There was flow of vehicles on the road. 1 had to wait for quite some time at the traffic. In the meantime 1 saw a friend of mine, heo saw too. He cames towards me. We mest happily. He asked me my mobile, and rang another friend By chance a man came in hurry and snatched mobile from his hands. He rushed towards him and caught him and recovered my mobile. I told him to hand over the man to the police. But he did not give attention to my words. The talk took a turn for the worse. People gathered and forbade us to quarrel. la the midst of crowd two men began to quarrel. They were quarelling over our talk. Soon we realized and began to talk happily forgetting all what happened before.

2. Report
See Summary of the lesson.

Translation

Translate the passage into Hindi:
They would not listen to the old lady, and nearly knocked her off her feet. And she would not have been able quite crowd, if it had not been for Akoulya and Malasha themselves. While the women were abusing each other, Akoulya had wiped the mud off her frock, and gone back to the puddle. She took a stone and began scraping away the earth in front of the puddle make a channel through which the water could run out into the street.
Answer:
उनलोगों ने उस बूढी महिला की बातों को नहीं सुना (बातों पर गौर नहीं किया), और उसे आघात पहुँचाकर लगभग उसको अपने पैरों पर गिरा दिया तथा वह भीड़ को शान्त नहीं करा सकी; यदि यह ऑकोल्या और मलाशा, उन दोनों के लिए नहीं होता। जब वे औरतें – एक दूसरे के प्रति अपशब्द (बुरे भले शब्द) का व्यवहार कर रही थीं, ऑकोल्या ने अपनी फ्रॉक में लगी हुई कीचड़ को पोंछ दिया तथा तालाब (छिछली पोखरी) में पुनः वापस चली गयी। उसने एक पत्थर उठा लिया और तालाब के सामने की जमीन को कुरेदना (काटना) प्रारम्भ किया। एक जलमार्ग (नाली) बनाने के लिए जिससे होकर पानी गली में बह सके ।

Comprehension Based Questions With Answers

Read the following extracts carefully and answer the questions that follow each

1. Two little girls from different houses happened to meet in a lane between two homesteads, where the dirty water after running through the farm-yards had formed a large p.uddle. One girl was very small, the other a little bigger. Their mothers had dressed them both in new frocks. The little one wore a blue frock the other a yellow print, and both had red kerchiefs on their heads.

They had just come from church when they met,and first they showed each other their finery, and then they began to play. Soon the fancy took them to splash about in the water, and the smaller one was going to step into the puddle, shoes and all, when the elder checked her ’Don’t go in so, Malasha, ’said she, ’your mother will scold you. I will take off my shoes and stockings, and you take off yours.
Questions:
(i) When was the time?
(ii) From where were the two girls returning?
(iii) What type of clothes were they wearing?
(iv) Who was Malasha?
Answers:
(i) It was an early easter. Slediging was only just over.
(ii) The two girls were returning from Church.
(iii) They wore new frocks.
(iv) Malasha was the little girl.

2. She had hardly said this when Malasha plumped down her foot so that the water splashed right on to Akoulya’s frock. The frock was splashed, and so were Akoulya’s eyes and nose. When she saw the stains on her frock, she was angry and ran after malasha to strike her. Malasha was frightened, and seeing that she had got herself into trouble, she scrambled out of the puddle, and prepared to run home.

Just, then Akoulya’s mother happened to be passing, and seeing that her daughter’s skirt was splashed, and her sleeves – dirty, she said “You naughty, dirty girl, what have you been doing? ’Malasha did it on purpose,’ replied the girl. At this Akoulya’s mother seized malasha, and struck her on the back of her neck. Malasha began to howl so that she could be heard all down the street. Her mother came out.
Questions:
(i) Who is the author of this extract?
(ii) Who splashed water on Akoulya’s frock?
(iii) Why did Akoulya run after Malasha to strike her?
(iv) Why was Akoulya’s mother angry?
(v) Make adjectives from the following names
(i) trouble and (ii) home
Answers:
(i) Leo Tolstoy is the author of this extract.
(ii) Malasha splashed water on Akoulya’s frock.
(iii) Akoulya ran after Malasha to strike her because the latter had splashed her frock.
(iv) Akoulya’s mother was angry because her daughter’s frock was dirty and stained.
(i) troublesome and (ii) homely

3. ‘What are you beating my girl for?’ said she; and began scolding her neighbour. One word led to another and they had an angry quarrel. The men came out and a crowd collected in the street everyone shouting arid no one listening. They all went on quarrelling, till, one gave another a push, and the affair had very nearly come to blows, when Akoulya’s old grandmother, step¬ping in among them, tried to calm them. ‘What are you thinking of,friends? Is it right to behave so? on a day like this, too! It is a time for rejoicing, and not for such folly as this.”
Questions:
(i) Name the piece from which this extract has been taken.
(ii) Who is referred to as ‘she’ in this passage?
(iii) Why was no one listening?
(iv) What did Akoulya’s grandmother do?
(v) Make nouns from the following verbs
(i) collect and (ii) behave
Answers:
(i) This extract has been taken from the piece ‘Little Girls Wiser than Man’.
(ii) Malasha’s mother is referred to as ‘she’ in this passage.
(iii) No one was listening because the men and women were quarrelling and shouting.
(iv) Akoulya’s grandmother stepped in among them and tried to calm them. She told them that it was not proper to quarrel.
(v) (i) collection and (ii) behaviour.

4. They would not listen to the old woman and nearly knocked her off her feet. And she would not have been able to quiet the crowd, if it had not been for Akoulya and riialasha themselves. While the women were abusing each other, Akoulya had wiped the mud off her frock, and gone back to the puddle. She took a stone and began scraping away the earth in front of the puddle to make a channel through which the water could run out into the street.

Presently Malasha joined her, and with a chip of wood helped her dig the channel. Just as the men were beginning to fight, the water from the little girls’ channel ran streaming into the street towards the very place where the old woman was trying to pacify the men. The girls followed it; one turning each side of the little stream.
Questions:
(i) How were they fighting?
(ii) While the women were quarrelling; what did the two girls do?
(iii) How did Malasha help Akoulya?
(iv) find out the word from the passage which means: ‘moving mass of liquid’
Answers:
(i) They were knocked by each other.
(ii) While the women were abusing each other, Akoulya had wiped the mud off her frock and gone back to the puddle to make a channel. Malasha joined her.
(iii) Malasha joined her and with a chip of wood helped her dig the channel.
(iv) Streaming.

5. Highly delighted, and watching the chip float along on their stream, the little girls ran straight into the group of men; and the old woman, seeing them, said to the men: Are you not ashamed of yourselves? To go fighting on account of these lassies, when they themselves have forgotten all about it, and are playing happily together. Dear little souls! They are wiser than you!’ The men looked at the little girls, and were ashamed, and, laughing at themselves, went back each to his own home. ‘Except ye turn, and become as little children, ye shall in no wise enter into the kingdom of heaven.’
Questions:
(i) How happy were the girls?
(ii) Who said it,” Are you not ashamed of yourselves?
(iii) Who were wiser than man?
(iv) Who abide in the kingdom of heaven?
Answers:
(i) Highly delighted and watching the chip float on their stream the little girl ran straight into the group of men.
(ii) Akoulya’s grandmother said it.
(iii) Little girls were wiser than man.
(iv) Little girls abide in the kingdom of heaven.

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Bihar Board Class 9 Geography Solutions Chapter 4 जलवायु

Bihar Board Class 9 Social Science Solutions Geography भूगोल : भारत : भूमि एवं लोग Chapter 2 भौतिक स्वरूप : संरचना एवं उच्चावच Text Book Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 9 Social Science Geography Solutions Chapter 2 भौतिक स्वरूप : संरचना एवं उच्चावच

Bihar Board Class 9 Geography भौतिक स्वरूप : संरचना एवं उच्चावच Text Book Questions and Answers

 

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न :

हिंदी में कक्षा 9 भूगोल अध्याय 4 जलवायु Question Answer Bihar Board प्रश्न 1.
जाड़े में तमिलनाडु के तटीय भागों में वर्षा का क्या कारण है ?
(क) दक्षिण-पश्चिमी मौनसून
(ख) उत्तर-पूर्वी मौनसून
(ग) शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात
(घ) स्थानीय वायु परिसंचरण ।
उत्तर-
(क) दक्षिण-पश्चिमी मौनसून

Bihar Board Class 9 Geography Solutions  प्रश्न 2.
दक्षिण भारत के संदर्भ में कौन-सा तध्य गलत है ?
(क) दैनिक तापांतर कम होता है ।
(ख) वार्षिक तापांतर कम होता है ।
(ग) तापांतर वर्ष भर अधिक रहता है ।
(घ) विषम जलवायु पायी जाती है।
उत्तर-
(क) दैनिक तापांतर कम होता है ।

जलवायु के प्रश्न उत्तर Bihar Board Class 9 Geography प्रश्न 3.
जब सूर्य कर्क रेखा पर सीधा चमकता है, तो उसका क्या प्रभाव होता है ?
(क) उत्तरी पश्चिमी भारत में उच्च वायुदाब रहता है ।
(ख) उत्तरी पश्चिमी भारत में निम्न वायुदाब रहता है ।
(ग) उत्तरी पश्चिमी भारत में तापमान एवं वायुदाब में कोई परिवर्तन नहीं होता है।
(घ) उत्तरी-पश्चिमी भारत से मौनसून लौटने लगता है।
उत्तर-
(ख) उत्तरी पश्चिमी भारत में निम्न वायुदाब रहता है ।

पाठ 4 जलवायु के प्रश्न उत्तर Bihar Board Class 9 Geography प्रश्न 4.
विश्व में सबसे अधिक वर्षा किस स्थान पर होती है ?
(क) सिलचर
(ख) चेरापुंजी
(ग) मौसिमराम
(घ) गुवाहाटी
उत्तर-
(ग) मौसिमराम

Bihar Board Class 9 Geography Book Solution प्रश्न 5.
मई महिने में पश्चिम बंगाल में चलने वाली धूल भरी आँधी को क्या कहते हैं ?
(क) लू
(ख) व्यापारिक पवन
(ग) काल वैशाखी
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(ग) काल वैशाखी

Bihar Board Solution Class 9 Social Science प्रश्न 6.
भारत में दक्षिणी-पश्चिम मौनसून का आगमन कब से होता है ?
(क) 1 मई से
(ख) 2 जून से
(ग) 1 जुलाई से
(घ) 1 अगस्त से
उत्तर-
(ख) 2 जून से

जलवायु पाठ प्रश्न उत्तर Bihar Board Class 9 Geography प्रश्न 7.
जाड़े में सबसे ज्यादा ठंढ कहाँ पड़ती है ?
(क) गुलमर्ग
(ख) पहलगाँव
(ग) खिलनमर्ग
(घ) जम्मू
उत्तर-
(ग)

Jalvayu Ke Question Answer Bihar Board Class 9 Geography प्रश्न 8.
उत्तर पश्चिमी भारत में शीतकालीन वर्षा का क्या कारण है ?
(क) उत्तर-पूर्वी मौनसून
(ख) दक्षिण-पश्चिमी मौनसून
(ग) पश्चिमी विक्षोभ
(घ) उष्णकटिबंधीय चक्रवात
उत्तर-
(ख)

Bihar Board Class 9 Social Science Solution In Hindi प्रश्न 9.
ग्रीष्म ऋतु का कौन स्थानीय तूफान है जो कहवा की खेती के लिए उपयोगी होता है ?
(क) आम्र वर्षा
(ख) फूलों वाली बौछार
(ग) काल वैशाली
(घ) लू
उत्तर-
(क)

रिक्त स्थान की पूर्ति करें :

1. जनवरी में चेन्नई का तापमान कोलकाला से … से रहता
(कम/अधिक)

2. उत्तर भारत में वर्षा पूरब की अपेक्षा पश्चिम की ओर ….. .. …..” होती है।
(कम/अधिक)

3. मौनसून शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम . .. नाविकों ने किया था ।
(अरब/भारत)

4. पश्चिम घाट पहाड़ के पश्चिमी भाग में ……………….. वर्षा होती
(कम/अधिक)

5. पर्वत का ……………….. भाग वृद्धि छाया का प्रदेश होता है।
(पवन विमुख/पवन अभिमुख)

उत्तर-

  1. अधिक,
  2. कम,
  3. अरब,
  4. अधिक,
  5. पवन विमुख ।

भौगोलिक कारण बताएँ

जलवायु पाठ के प्रश्न उत्तर Bihar Board Class 9 Geography प्रश्न 1.
पश्चिमी राजस्थान एक मरुस्थल है ?
उत्तर-
राजस्थान का पश्चिमी भाग मरुस्थल है.जो थार की मरुभूमि कहलाता है । मरुस्थल होने के कई कारण हैं
(i) बंगाल की खाड़ी मौनसून शाखा की हवाएँ उत्तर पश्चिम के निम्नतम दाब वाले क्षेत्र में पहुँचने के पहले ही सूख जाती है । अत: वर्षा नहीं कर पाती हैं।
(ii) अरब सागरीय मौनसून शाखा के मार्ग में अरावली पहाड़ियाँ कोई अवरोध उत्पन्न नहीं करती क्योंकि ये मौनसून पवनों के समानांतर स्थित है । अतः वहाँ हवाएँ ऊपर चढ़कर आगे बढ़ जाती हैं।
(iii) बलुई क्षेत्र का ग्रीष्म ऋतु में तापमान इतना अधिक रहता है जिससे कि मौनसून पवनों की आर्द्रता वाष्पीकृत हो जाती है । इस क्षेत्र में सालाना वर्षा , 25 से०मी० होती है। इन कारणों से राजस्थान का पश्चिमी भाग मरुस्थल है।

जलवायु पाठ के प्रश्न उत्तर कक्षा 9 Bihar Board प्रश्न 2.
तमिलनाडु में जाड़े में वर्षा होती है।
उत्तर-
सितम्बर के अंत में सूर्य के दक्षिणायन होने के कारण उत्तरी-पश्चिमी भाग का निम्नदाब समाप्त होकर दक्षिण में खिसक जाता है । फलतः मौनसून वापस लौटने लगता है। हवाएँ स्थल की ओर से चलने लगती है, अतः शुष्क होती हैं । ये हवाएँ बंगाल की खाड़ी को पार करके लौटते आर्द्रता ग्रहण कर दक्षिण-पूर्वी का कारोमंडल तट पर भारी वर्षा करती है। यह तमिलनाडु का क्षेत्र है जहाँ वर्षा की अधिकतम मात्रा 44% से 60% इसी शीत ऋतु में होती है। इसी शीतऋतु में बंगाल की खाड़ी में बनने वाले चक्रवातों से भी यहाँ भारी वर्षा होती है।

Jalvayu Class 9 Bihar Board प्रश्न 3.
भारतीय कृषि मौनसून के साथ जुआ है ?
उत्तर-
भारत एक कृषि प्रधान देश है जहाँ की कृषि मुख्यतः वर्षा पर ही आधारित है। भारत में वर्षा मौनसून पवनों द्वारा ही होती है, पर भारत की कृषि मौनसून के साथ जुआ हैं। इनके निम्नलिखित कारण हैं
(i) अनिश्चितता-भारत में होने वाली मौनसूनी वर्षा की मात्रा पूरी तरह निश्चित नहीं है। कभी तो मौनसन पवन समय से पहले पहँच भारी वर्षा करती है । कई स्थानों में बाढ़ आ जाती है । कभी यह वर्षा इतनी कम होती है या निश्चित समय से पहले ही खत्म हो जाती है कि सूखे की स्थिति पैदा हो जाती है।
(ii) असमान वितरण-देश में वर्षा का वितरण समान नहीं है । पश्चिमी घाट की पश्चिमी ढलानों ओर मेघालय तथा असम की पहाड़ियों में 250mm से भी अधिक.वर्ण होती है । दूसरी ओर पश्चिमी राजस्थान, पश्चिमी गुजरात, उत्तरी कश्मीर आदि जगहों पर 25mm से भी कम वर्षा होती है।
(iii) अस्थिरता-भारत में मौनसून पवनों से वर्षा भरोसे योग्य नहीं है। यहाँ के किसान खेतों में बीज बो देते हैं पर मौनसून के अनिश्चित होने के कारण फसल मारी जाती है, तो कभी अच्छी फसल भी हो जाती है अतः कहा जाता है कि भारतीय कृषि मौनसून के साथ जुआ है।

Jalvayu Question Answer Bihar Board प्रश्न 4.
मौसिमराम में विश्व की सर्वाधिक वर्षा होती है।
उत्तर-
दक्षिण-पश्चिम मौनसून बंगाल की खाड़ी से जलवाष्प लेकर उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ता है । यह मेघालय तक पहुँच जाता है । उसके

पहले यह मौनसून हवा मेघालय पठार के दक्षिण स्थित गारो, खासी, जैन्तिया पहाड़ियों से टकराती है । वह खासी पहाड़ी पर स्थित मौसिमराम नामक स्थान में संसार की सबसे अधिक वर्षा 1187 से०मी० करती है, हवा दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ती जाती है, उन पहाड़ियों का फैलाव कीचनुआ है जिससे हवाएँ तीन ओर से घिरकर ऊपर उठने लगती है और वर्षा करने लगती है और अधिक वर्षा करने में समर्थ हो जाती है। 5. ऊटी में सालोंभर तापमान काफी नीचे रहता है।
उत्तर-सौर किरणों के सीधा या तिरछा होने पर सौर्य ऊर्जा की मात्रा में अन्तर हो जाता है । सूर्य की किरणें निम्न अक्षांशों पर सीधी तथा.उच्च अक्षांशों पर तिरछी पडती है। जैसे-जैसे समद्रतल से धरातल की ऊँचाई बढती जाती है, वायमण्डल विरल होता जाता है तथा तापमान घटता जाता
है। यही कारण है कि निम्न आक्षांश में स्थित ऊँटी (तमिलनाडु) जो अधिक ऊँचाई पर स्थित है सालोभर तापमान कम रहता है ।

लघु उत्तरीय प्रश्न

जलवायु Class 9 Notes In Hindi Bihar Board प्रश्न 1.
जाड़े के दिनों में भारत में कहाँ-कहाँ वर्षा होती है ?
उत्तर-
जाड़े के दिनों में भारत के पूर्वी तटीय भाग तमिलनाडु तथा केरल में वर्षा होती है।

Bihar Board Class 9 History Book Solution प्रश्न 2.
फैरेल का क्या नियम है ?
उत्तर-
पृथ्वी पर स्थायी वायु दाब पेटियों के बीच चलनेवाली प्रचलित हवाएँ (Precalling wind) की दिशा पर पृथ्वी के घूर्णन का प्रभाव पड़ता है । पृथ्वी के.घूर्णन के कारण ही कोरियोलिस बल (Coriolis Force) उत्पन्न होता है जिसके कारण उत्तरी गोलार्द्ध में हवाएँ दाहिनी ओर तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में बायीं ओर मुड़ जाती है । अर्थात् विषुवत् रेखा को पार करने के बाद दक्षिणी गोलार्द्ध की हवाएँ दाहिनी ओर मुड़ जाती हैं तथा दक्षिण-पश्चिम से चलने लगती है। इसे सबसे फेरल महोदय ने पता लगाया इसीलिए इसे फैरल का नियम कहते हैं।

Bihar Board Solution Class 9 History प्रश्न 3.
जेट स्ट्रीम क्या है ?
उत्तर-
ऊपरी वायुसंचरण भारत में पश्चिमी प्रवाह से प्रभावित रहता है। जेट धाराएँ इसी प्रवाह का मुख्य अंग हैं। जेट धाराएँ ऊपरी वायुमंडल (1200 मीटर से भी अधिक ऊँचाई पर) में लगभग 27° से 30° ऊत्तरी अक्षांशों के बीच चलती हैं। अतः इन्हें उपोष्ण कटिबंधीय पश्चिमी जेट धाराएँ कहा जाता है। ये सितम्बर से मार्च तक हिमालय के दक्षिण छोर पर चला करती हैं तथा देश के उत्तर एवं पश्चिम भाग में पश्चिमी चक्रवातीय विक्षोभ के रूप में आकर कभी-कभी वर्षा की झड़ी लगा देती हैं। गर्मियों में इसकी गति लगभग 110 कि०मी० और सर्दियों में 184 किमी० प्रतिघंटा होती है।

Bihar Board 9th Class Social Science Book Pdf प्रश्न 4.
भारतीय मौनसून की तीन प्रमुख विशेषताएँ बताइए?
उत्तर-
भारतीय मौनसून की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं(i) मौनसून वर्षा भूआकृति द्वारा नियमित होती है ।
(ii) मौनसूनी वर्षा का भारत में वितरण भी असमान होता है जो औसत 12 से०मी० से 1180 से०मी० के नीचे पाया जाता है ।
(iii) मौनसून कभी पहले और कभी देर से आती है, कभी अतिवृष्टि एवं कभी अनावृष्टि लाती है । फलतः फसलें प्रभावित होती हैं तथा बाढ़ एवं सूखा जैसी आपदाएँ लाती हैं।

Bihar Board Class 9 Geography Chapter 1 प्रश्न 5.   
लू से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर-
ग्रीष्म ऋतु में मई के महीने में उत्तर भारत में चलने वाली हवा अत्यन्त गर्म और शुष्क होती है, तापक्रम लगभग 40°C तक चला जाता है । इस शुष्क चलने वाली हवा को ‘लू’ कहते हैं। . 6. मौनसून का विस्फोट क्या है ?
उत्तर-उत्तर भारत में आधे जून से मौसम में अचानक बदलाव आने लगता है। तेजी से हवा दक्षिण पश्चिम से आने लगती है। आकाश बादलों

से आच्छदित हो जाता है तथा गर्जन-तर्जन के साथ भारी वर्षा होने लगती है। इसे ही मौनसून का फटना (Monsoon Burst) कहा ता है। लोगों को गर्मी से राहत मिलती है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत की मौनसूनी जलवायु की क्षेत्रीय विभिन्नताओं को सोदाहरण समझाइए?
उत्तर-
निम्नलिखित उदाहरणों से स्पष्ट है कि भारत के भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में विविध प्रकार की जलवायु दशाएँ पायी जाती हैं
तापमान-भारत में विभिन्न भागों के तापमान में काफी अन्तर मिलता है। राजस्थान के बाड़मेर में जून में दिन का तापमान 482-55 सेंटिग्रेड होता है तो उसी दिन कश्मीर के गुलमर्ग का तापमान 20° से भी कम रहता है। यहाँ तक कि गुलमर्ग के उत्तर में खिलनमर्ग का तापमान 0° से भी कम रहता है । उसी तरह दिसंबर में कश्मीर के किसान ठंढ से काँपते हैं, उसी समय केरल तट पर मोपला जाति के लोग लुंगी पहने खुले बदन धान की खेती करते मिलते हैं। दिसम्बर की रात में कारगिल जैसे स्थानों में न्यूनतम तापमान – 402 सेंटीग्रेट तक होता है। राजस्थान के थार मरुस्थल में गर्मी का दिन बेहद गर्म होता है तो रात बेहद ठंढी । ताप गिरते हुए 0°C तक चला जाता है। भारत के किसी अन्य भागों में इतना अधिक तापान्तर नहीं मिलता है।

वर्षा-जून में उत्तर भारत शुष्क और गर्म होता है जबकि असम में इतनी वर्षा होती है कि ब्रह्मपुत्र नदी में भयंकर बाढ़ आने लगती है।
भारत के समुद्र तटीय क्षेत्र में तापमान सम एवं स्थल के मध्य में विषम पाया जाता है। ये सभी दैनिक विभिन्नताएँ हैं।
वर्षा की दृष्टि से मासिमराम में औसत वर्षा 1180 सेंटीमीटर है जबकि जैसलमेर में 12 से०मी० से अधिक नहीं होती।
उत्तर भारत में वर्षा की मात्रा पूर्व से पश्चिम में घटती जाती है जिससे लोगों के भोजन, वस्त्र एवं आवास में विभिन्नताएँ पाई जाती हैं।

प्रश्न 2.
भारत में कितनी ऋतुएँ पायी जाती हैं ? किसी एक का भौगोलिक विवरण दीजिए।
उत्तर-
भारत में कुल छः ऋतुएँ पायी जाती हैं- वसंत, ग्रीष्म, वर्षा, .शरद एवं शिशिर । पर भौगोलिक दृष्टि से तथा मौसम विभाग के अनुसार भारत में मुख्यतः चार ऋतुएँ हैं-
(i) शीतऋतु-मध्य नवम्बर से मध्य मार्च तक ।
(ii) ग्रीष्म ऋतु-मध्य मार्च से मध्य जून तक ।
(iii) वर्षा ऋतु-मध्य जून से मध्य सितम्बर तक ।
(iv) लौटती मौनसून ऋतु-मध्य सितम्बर से मध्य नवम्बर तक ।
शीतऋतु-यह ऋतु मध्य नवम्बर से मध्य मार्च तक रहती है। इस ऋतु में सूर्य दक्षिणी गोलार्द्ध में होता है। इस ऋतु में सूर्य दक्षिणी गोलार्द्ध में होता है मध्य भारत में औसत तापक्रम 212 से 27° सेंटीग्रेट के बीच रहता है। गंगा के मैदान में 12 से 180° सेंटीग्रेड होता है।

दक्षिण भारत में चेन्नई का तापक्रम औसत 25° से० कोलकाता का 20° से०, पटना का 17° से० तथा दिल्ली का 14 से० रहता है । सबसे अधिक ठंढक उत्तर-पश्चिमी भाग में रहती है। इसलिए वहाँ एक उच्च दाब क्षेत्र बन जाता है, इस समय हवाएँ स्थल से समुद्र की ओर बहती हैं जो शुष्क होती हैं और वर्षा नहीं करती हैं। आकाश स्वच्छ रहता है। बादल रहित आकाश के कारण रात में ताप बहुत कम हो जाता है। हिमालय क्षेत्र के जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में इन दिनों हिमपात होता है।

इस समय भारत के दो क्षेत्रों में वर्षा होती है। एक उत्तर पश्चिमी भाग तथा दूसरा दक्षिणी पूर्वी भाग, उत्तर-पश्चिमी भारत में भूमध्यसागरीय चक्रवातों से वर्षा होती है यह वर्षा दिसम्बर से मार्च तक होती है। वर्ष मात्र 3 से 6 सेंटीमीटर ही होती है।

दूसरे स्थान पर जनवरी-फरवरी में उत्तरी-पूर्वी शुष्क हवायें बंगाल की खाड़ी से गुजरती है जलवाष्प ग्रहण कर लेती हैं और भारत के दक्षिणी पूर्वी भाग में तमिलनाडु में वर्षा करती है।

प्रश्न 3.
भारत की जलवायु के मुख्य कारकों को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
भारतीय जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक निम्नलिखित
(i) अक्षांश-कर्क रेखा 23.5° उत्तर भारत के मध्य से गुजरती है जिसमें भारत को लगभग उत्तर उपोष्ण तथा दक्षिण उष्ण कटिबंधीय जलवायु पायी जाती है । उत्तर उपोष्ण में जाड़े में तापमान घट जाता है काफी ठंडा हो जाता है दक्षिणी भाग उष्ण कटिबंधीय क्षेत्र है यह क्षेत्र बराबर गर्म रहता है।

(ii) ऊँचाई-ऊँचाई बढ़ने के साथ-साथ तापमान घटता जाता है । कहा जाता है ‘Higher we go cooler we find’ साधारणतः 165 मीटर की ऊचाई पर 1° सेंटीग्रेट घट जाता है। भारत के उत्तर में हिमालय पर्वतमाला स्थित है जिसकी औसत ऊँचाई लगभग 6000 मीटर है और भारत की तटीय मैदान की ऊँचाई 30 से 150 मीटर है अतः पर्वतीय क्षेत्र ठंढा तथा मैदानी या तटीय क्षेत्र अपेक्षाकृत गर्म रहता है।

(iii) तट रेखा-लम्बी तट रेखा होने से भारत का तटीय क्षेत्र भी विस्तृत है। समुद्र तटीय क्षेत्र में जाड़ा तथा गर्मी के तापमान में ज्यादा अन्तर नहीं पड़ता क्योंकि जल देर से गर्म होता है और देर से ठंढा होता है। अतः समुद्र जल का प्रभाव स्थल भाग पर पड़ता है। जलवायु सम बनी रहती है। दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्र इसके प्रभाव में रहते हैं पर उत्तर भारत के समुद्र से दूर होने के कारण समुद्र का प्रभाव नहीं पड़ता है। अतः वहाँ जाड़े में खूब ठंढक और गर्मी में खूब गर्मी पड़ती है। वार्षिक तापान्तर बहुत ज्यादा होता है तथा जलवायु विषम होती है।

(iv) पवन की दिशा या वायुदाब-वायुदाब तथा पवन की दिशा ने भारत की जलवायु को विशिष्ट बना दिया है। सूर्य के (मई-जून) उत्तरी गोलार्द्ध में होने के कारण राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्र में निम्नदाब का केद्र बन जाता है तथा मकर रेखा क्षेत्र में उच्च दाब बन जाता है अतः गर्मी में दक्षिणी गोलार्द्ध के मकर रेखा क्षेत्र की हवाएँ तेजी से हिन्द महासागर को पार कर भारत में पहुँचने लगती हैं और भारत मौनसून के प्रभाव में आ जाता है।

प्रश्न 5.
जेट धाराएँ क्या हैं तथा भारतीय जलवायु पर उसका क्या प्रभाव पड़ता है ?
उत्तर-
जेट धाराएँ ऊपरी वायुमंडल (1200 मीटर से भी अधिक ऊँचाई पर) में तेज गति से चलनेवाली पवनें हैं, जेट धाराएँ लगभग 272 से 30° उत्तरी अक्षांशों के बीच वायुमंडल के ऊपरी भाग में चलती हैं। अतः इन्हें उपोष्ण कटिबंधीय पश्चिमी जेट धाराएँ कहा जाता है। ये सितम्बर से मार्च तक हिमालय के दक्षिणी छोर पर चला करती हैं तथा देश के उत्तर एवं उत्तर-पश्चिम भाग में पश्चिमी चक्रवातीय विक्षोभ के रूप में आकर कभी-कभी वर्षा की झड़ी लगा देती हैं।

भारत की जलवायु पर प्रभाव-भारत पर जेट हवाओं का गहरा प्रभाव है। शीत ऋतु में हिमालय के दक्षिणी भाग के ऊपर समताप मंडल में पश्चिमी जेट धारा की स्थिति रहती है। जून के महीने में यह उत्तर की ओर खिसक जाती है। इससे 15° उत्तर आक्षांश के ऊपर एक पूर्वी जेट धारा कके विकास में सहायता मिलती है। यही उत्तरी भारत में मौनसून- विस्फोट के लिए उत्तरदायी है । यह बंगाल, उड़ीसा, आन्ध्र प्रदेश आदि के तटीय भाग में कभी-कभी तूफानी हवा के साथ वर्षा करती हैं।

प्रश्न 6.
भारत में होने वाली मौनसूनी वर्षा एवं उसकी विशेषताओं को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
भारत में होने वाली मौनसूनी वर्षा दो प्रकार की हैं(i) शीतकालीन वर्षा (ii) ग्रीष्म कालीन वर्षा
(i) शीतकालीन वर्षा-भारत में शीतकालीन वर्षा के सीमित क्षेत्र . हैं । लौटती मौनसून तथा उत्तरी पूर्वी मौनसून से भारत के पूर्वी तटीय भाग, तमिलनाडु तथा केरल में वर्षा होती है। स्थल से चलने वाली यह हवा जब बंगाल की खाड़ी से होकर गुजरती है तो नमी धारण कर लेती है जिससे वह वर्षा करती है। दक्षिण-पश्चिम से चलने वाली हवा भारत में प्रवेश कर राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश तथा बिहार में वर्षा करती है । यह पश्चिमी विक्षोभ के कारण होता है। वर्षा पश्चिम से पूरब की ओर घटती जाती है।

(ii) ग्रीष्मकालीन वर्षा-भारत में ग्रीष्मकालीन वर्पा दक्षिण पश्चिम मौनसून हवा से होती है । दक्षिण-पश्चिम मौनसून हवा दो शाखाओं में बँटकर आगे बढ़ती है। एक शाखा अरब शाखा है जिससे भारत के पश्चिम तटीय भाग तथा पश्चिमी घाट पर्वत के पश्चिमी ढाल पर भारी वर्षा होती है।
दूसरी शाखा बंगाल की खाड़ी शाखा है। इस शाखा से अंडमान निकोबार द्वीपों में भारी वर्षा होती है। आगे बढ़ने पर मॉनसूनी वर्पा पूर्वांचल एवं मेघालय के बीच पहुँचकर पश्चिम की ओर मुड़ जाती है तथा पूर्वोत्तर भारत एवं गंगा ब्रह्मपुत्र के मैदान में भारी वर्षा करती है। ज्यों-ज्यों यह पश्चिम की ओर बढ़ती है, वर्षा कम होती जाती है। जून से सितम्बर के बीच कोलकाता में 118 सें०मी०, पटना में 100 सें०मी०, इलाहाबाद में 90 सें०मी० तथा दिल्ली में 55 सें०मी० तथा वार्षिक वर्षा 1187 सें०मी० होती है.। लेकिन राजस्थान पहुँचते-पहुँचते वार्षिक वर्षा मात्र 25 सें०मी० तक ही रह जाती है।

मौनसूनी वर्षा की विशेषताएँ –

(i) वर्षा का समय तथा मात्रा-भारत में मौनसूनी पवनों से प्राप्त वर्षा 87% मौनसूनी पवनों द्वारा जून से सितम्बर तक होती है । 3% वर्षा सर्दियों में तथा 10% वर्षा मौनसून आने के पहले तक हो जाती है । बाकी वर्षा जून से सितम्बर तक में होती है।
(ii) अस्थिरता-भारत में मौनसूनी पवनों से प्राप्त वर्षा भरोसे योग्य नहीं है। देश में असमान वर्षा होती है।
(iii) अनिश्चितता-वर्षा की मात्रा पूरी तरह निश्चित नहीं है। कभी मौनसून समय से पहले पहुँचकर भारी वर्षा करता है। कभी वर्षा इतनी कम होती है कि निश्चित समय से पहले ही समाप्त हो जाती है जिससे सूखे की स्थिति कायम हो जाती है।
(iv) शुष्क अंतराल-कई बार गर्मियों में मौनसूनी वर्षा लगातार न होकर कुछ दिन या सप्ताह अंतराल से होती है । इसके चलते वर्षा का चक्र टूट जाता है और वर्षा ऋतु में एक लंबा व शुष्क काल जमा हो जाता निष्कर्षत: यह कहा जा सकता है कि मौनसूनी वर्षा अनिश्चित तथा असमान होती है। फिर भी भारत के लिए मौनसून वरदान है।

प्रश्न 7.
एल-निनों एवं ला-निना में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
एल-निनो एवं ला-निना’ के अन्तर इस प्रकार हैं –
Bihar Board Class 9 Geography Solutions Chapter 4 जलवायु - 1
Bihar Board Class 9 Geography Solutions Chapter 4 जलवायु - 2

मानचित्र कार्य

1. पूरे पृष्ठ पर भारत का मानचित्र बनाकर निम्नलिखित . को दर्शाइए।
(क) 400 सेंमी० से अधिक वर्षा का क्षेत्र,
(ख) 20 सेंमी० से कम वर्षा का क्षेत्र,
(ग) भारत में दक्षिण-पश्चिमी मौनसून की दिशा,
(घ) शीतकालीन वर्षा वाले क्षेत्र ,
(ङ) (i) चेरापूँजी, (ii) मौसिमराम, (ii) जोधपुर, (iv) मंगलोर, (v) ऊटी, (vi) नैनीताल।
Bihar Board Class 9 Geography Solutions Chapter 4 जलवायु - 3

Bihar Board Class 8 Science Solutions Chapter 2 तड़ित ओर भूकम्प : प्रकुति के दो भयानक रूप

Bihar Board Class 8 Science Solutions Chapter 1 दहन और ज्वाला : चीजों का जलना Text Book Questions and Answers.

BSEB Bihar Board Class 8 Science Solutions Chapter 2 तड़ित ओर भूकम्प : प्रकुति के दो भयानक रूप

Bihar Board Class 8 Science तड़ित ओर भूकम्प : प्रकुति के दो भयानक रूप Text Book Questions and Answers

अभ्यास

Bihar Board Class 8 Science Chapter 2 प्रश्न 1.
रिक्त स्थानों की पूर्ति करें

  1. सजातीय आवेश एक-दूसरे को ……….. करते हैं।
  2. विजातीय आवेश एक-दूसरे को ………. करते हैं।
  3. तड़ित चालक तड़ित से भवन को ………… करते हैं।
  4. भूकम्प की तीव्रता का मापन ………… स्केल से किया जाता

उत्तर-

  1. विकर्षित
  2. आकर्षित
  3. सुरक्षा
  4. भूकम्पमापी।

 

Bihar Board Class 8 Science Solution प्रश्न 2.
सर्दियों में स्वेटर उतारते समय चिट्-चिट् की आवाज होती है। क्यों?
उत्तर-
स्वेटर तथा शरीर के रगड से आवेश उत्पन्न होता है। आवेश के प्रवाह के कारण विद्युत उत्पन्न होती है । इस प्रवाह को विद्युत उत्सर्जन कहा जाता है। जिस कारण तीव्र प्रकाश चिनगारी के रूप में उत्पन्न होती है जो हमें चिट्-चिट् की आवाज तथा चिनगारी के रूप में मालूम पड़ता है।

Bihar Board Class 8 Science Solution In Hindi प्रश्न 3.
जब हम विद्युतदर्शी के ऊपरी भाग को छूते हैं तो वह अपना आवेश
खो देती है। व्याख्या कीजिए।
उत्तर-
जब हम विद्यतदर्शी के ऊपरी भाग को छते हैं तो उसके पत्ती में मौजुद आवेश हमारे शरीर में प्रवाहित होकर चली आती है और पनः हमारे शरीर से आवेश प्रवाहित होकर पृथ्वी में चली जाती है। क्योंकि शरीर विद्यत का सुचालक होता है। परिणामस्वरूप विद्युतदर्शी अपना आवेश खो देती है।

Bharti Bhawan Class 8 Science Book Solutions In Hindi प्रश्न 4.
भूकम्पमापी का चित्र बनाकर उसके मापन विधि को लिखिए।
उत्तर-
छात्र शिक्षक की मदद से भूकम्पमापी की विधि को लिखें।

Bihar Board Solution Class 8 Science

Class 8 Science Bihar Board प्रश्न 5.
तड़ित तथा भूकम्प से अपनी सुरक्षा के उपायों का वर्णन कीजिए।
उत्तर-
तड़ित से सुरक्षा के उपाय

  1. तड़ित झंझा अथवा तूफान के समय खुले स्थान में नहीं रहना चाहिए।
  2. बिजली तथा टेलीफोन के तारों या खम्भों स दूरी बनाए रखना चाहिए। क्योंकि तड़ित एक विद्युत विसर्जन है।
  3. किसी भी बिजली से चलने वाले उपकरणों के प्रयोग से बचना चाहिए।
  4. तड़ित अथवा तूफान के समय नदी, तालाब आदि में स्नान नहीं करना चाहिए।
  5. वातावरण शांत होने पर ही सुरक्षित स्थान से बाहर आना चाहिए।

भूकम्प से सुरक्षा के उपाय – भूकम्प से बचने के लिए आवश्यक सावधानियाँ बरतनी चाहिए जो इस प्रकार हैं

  1. गड्ढे वाली जगहों को भरकर, तालाबों एवं पोखरों के समीप घर बनाने से बचना चाहिए।
  2. घर की बनावट भूकम्परोधी होना चाहिए।
  3. घर-घर के बीच दूरी होनी चाहिए।
  4. भूकम्प के समय मजबूत चौकी या पलंग या टेबुल के नीचे झटकों के रूकने तक छिपे रहना चाहिए।
  5. संभव हो तो सर के ऊपर तकिया आदि गद्देदार चीज रख लेना चाहिए।
  6. भारी वस्तुओं से दूर हटकर रहने का प्रयास करना चाहिए।
  7. भवनों, बिजली के तारों तथा वृक्षों से दूर खुले स्थान में लेट जाना चाहिए।

Bihar Board Class 7 Social Science Civics Solutions Chapter 1 लोकतंत्र में समानता

Bihar Board Class 7 Social Science Solutions Civics Samajik Aarthik Evam Rajnitik Jeevan Bhag 2 Chapter 1 लोकतंत्र में समानता Text Book Questions and Answers, Notes.

BSEB Bihar Board Class 7 Social Science Civics Solutions Chapter 1 लोकतंत्र में समानता

Bihar Board Class 7 Social Science लोकतंत्र में समानता Text Book Questions and Answers

पाठगत प्रश्नोत्तर

प्रश्नों के उत्तर दें-

Bihar Board Class 7 Civics Solution प्रश्न 1.
वोट देने का अधिकार किसे कहते है ?
उत्तर-
देश का हर वह नागरिक जिसकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक हो वोट देने का अधिकारी होता है। वोट देने वाले के माता-पिता भारत के नागरिक तथा यहाँ के निवासी होने चाहिए। वेट देने के लिए जात-पात कोई मायने नहीं रखता है। वोट देने वाला व्यक्ति किस जाति का है, वह अमीर है या गरीब है, शिक्षित है या अशिक्षित इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। वोट देने वालों के बीच समानता का भाव होता है।

Bihar Board Class 7 Social Science Solution प्रश्न 2.
कतार में खड़ा होकर क्या कहीं पनम को समानता का अनुभव हो रहा है, कैसे?
उत्तर-
पूनम ज्योति के यहाँ चौका-बर्तन का काम करती है। फिर भी वोट देने के लिए लाईन में वह ज्योति से आगे खड़ी थी। वहाँ उसे किसी ने यह नहीं कहा कि तुम नौकरानी का काम करती हो, इसलिए तुम पीछे जाकर

खड़ी हो । वहाँ उसे यह भी सुनने को नहीं मिला कि नौकरानी होकर तुम आगे खड़ी हो और तुम्हारी मालकिन तुम्हारे पीछे खड़ी है। जबकि रोजमर्रा के जीवन में अगर कोई नौकरानी अपनी मालकिन के आगे चलें तो ऐसे वाक्य सुनने को मिलते हैं। उससे यहाँ यह भी नहीं कहा गया कि तुम अशिक्षित हो और गरीब हो तो आगे क्यों खड़ी हो। इस वजह से कतार में खड़े होकर पूनम को समानता का अहसास हो रहा है।

Bihar Board Class 7 Civics Book Solution प्रश्न 3.
वोट देने के अधिकार में क्या आपका काम, शिक्षा, पैसे या धर्म व जाति से कोई फर्क पड़ता है ? चर्चा करें।
उत्तर-
वोट देने के अधिकार में हमारे काम, शिक्षा, पैसे या धर्म व जाति से कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि वोट देने में लोगों के बीच समानता का भाव होता है। किसी भी जाति-धर्म, अमीर-गरीब, शिक्षित-अशिक्षित कोई भी व्यक्ति वोट देने का अधिकारी हो सकता है।

Bihar Board Class 7 Social Science Solution In Hindi प्रश्न 4.
फोटो पहचान-पत्र की जरूरत और कहाँ-कहाँ हो सकती है ?
उत्तर-
फोटो पहचान पत्र में हमारे फोटो के साथ ही हमारा पता, हमारी उम्र भी लिखी हुई होती है। फोटो पहचान पत्र दिखाने पर ही हमें वोट देने की अनुमति मिलती है, अगर यह हमसे खो जाए तो हमें वोट नहीं देने दिया जाए।

इसके अलावा फोटो-पहचान पत्र की जरूरत हमें राशन कार्ड बनवाते समय, बैंक में खाता खुलवाने समय, पासपोर्ट बनवाते समय, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते समय, किसी भी कानूनी पंजीकरण के समय हमें इसकी आवश्यकता होती हैं।

Bihar Board 7th Class Social Science Solution प्रश्न 5.
अब तक रमा स्कूल क्यों नहीं गई?
उत्तर-
रमा एक गरीब घर की लड़की है। उसकी माँ नौकरानी का काम करती है, इसलिए उसकी आमदनी भी कम है। अपनी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण रमा की माँ उसे प्राइवेट स्कूल में नहीं पढ़ा सकती और सरकारी स्कूल उसके घर से बहुत दूर है। इसी वजह से रमा अब तक स्कूल नहीं गई।

Bihar Board Solution Class 7 Social Science प्रश्न 6.
पूनम को असमानता का अहसास क्यों होता है?
उत्तर-
पूनम को असमानता का अहसास इसलिए होता है, क्योंकि चाहकर भी अपनी बेटी को स्कूल नहीं भेज सकती, इसकी वजह है सरकारी स्कूल का उसके घर से दूर होना । सरकारी स्कूल घर से दूर होने के कारण, प्राइवेट स्कूल में बच्चे को पढ़ाना उसकी मजबूरी है, लेकिन प्राइवेट स्कूल में बच्चे को पढ़ाने के लिए उसके पास पैसे नहीं है।

Bihar Board Class 7 Geography Book Solution प्रश्न 7.
आपके आसपास किस-किस प्रकार के स्कूल हैं?
उत्तर-
मेरे आसपास में सरकारी और प्राइवेट दोनों प्रकार के स्कूल हैं। जिनमें कुछ प्राइवेट स्कूल छोटे तो कुछ बहुत बड़े हैं।

Bihar Board Class 7 History Book Solution प्रश्न 8.
अच्छा स्कूल आप किसे मानेंगे? आपस में चर्चा करें।
उत्तर-
अच्छा स्कूल वही होता है, जहाँ बच्चों को अच्छे से पढ़ाया जाता है उसे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। उनके शारीरिक विकास के लिए स्कूलों में खेल-कूद की भी उचित व्यवस्था होनी चाहिए। बच्चों को एक अच्छा इंसान बनाने में स्कूलों की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है।

Class 7 Social Science Bihar Board प्रश्न 9.
बाल संसद के लिए चुनाव करवाना क्यों जरूरी है?
उत्तर-
बाल संसद में चुनाव करवाने से बच्चों को अपने मत का प्रयोग करने का मौका मिलता है। उनमें अपने अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में जागरूकता आएगी। उनमें निर्णय करने की क्षमता का विकास होगा और उन्हें अपनी इच्छा से अपना प्रतिनिधि चुनने का मौका मिलेगा।

Bihar Board Class 7 History Solution In Hindi प्रश्न 10.
यदि शिक्षक द्वारा प्रतिनिधि मनोनीत कर दिया जाता, तो क्या फर्क पड़ता?
उत्तर-यदि शिक्षक द्वारा प्रतिनिधि मनोनीत कर दिया जाता, तो बच्चा को अपने मतों को प्रयोग करने का मौका नहीं मिलता। वे अपने पसंद से अपने

प्रतिनिधि का चुनाव नहीं कर पाते, उनमें अपने अधिकारों और अपने कर्तव्यों को जानने की जिज्ञासा नहीं होती और निर्णय करने की क्षमता का विकास नहीं होता।

Bihar Board Class 7 Hamari Duniya Solution प्रश्न 11.
क्या चुनाव प्रक्रिया में एक व्यक्ति एक मत’ के सिद्धान्त का प्रयोग हुआ है ? समझाएँ।
उत्तर-
हाँ, चुनाव प्रक्रिया में एक व्यक्ति एक मत के सिद्धान्त का प्रयोग हुआ है। किसी एक व्यक्ति को एक बार ही मतदान करने का अधिकार दिया गया है। कोई भी व्यक्ति एक ही बार एक ही जगह पर मतदान कर सकता है। कोई व्यक्ति बार-बार अलग-अलग जगहों पर जाकर मतदान करेगा, तो इससे सही प्रतिनिधि का चुनाव नहीं हो पाएगा।

Bihar Board Class 7 Hamari Duniya प्रश्न 12.
एक व्यक्ति एक मत’ के नियम से क्या लाभ है? ।
उत्तर
एक व्यक्ति एक मत’ के नियम से सबसे बड़ा लाभ यह है कि इससे उसकी सार्थकता साबित होती है। जनता जिसे सबसे अधिक मत देती है, वही जनता का प्रतिनिधि बनता है और जनता की तरफ से उनकी मांगों को सरकार के सामने रखता है।

प्रश्न 13.
आपके विद्यालय में बाल संसद ने क्या काम किया और क्या कर सकती है? अपनी राय लिखें।
उत्तर-
बाल संसद ने हमें आचरण में रहना सीखाया। बाल संसद और – हमलोगों ने मिलकर स्कूल में फुलवारी लगाई। उनलोगों के द्वारा बच्चों के – खेलने के लिए झूले लगवाए गए। उनलोगों ने हमें हमारा हक बताया। उनलोगों ने हमें हमारे मत के महत्त्व के बारे में बताया।

प्रश्न 14.
दक्षिण अफ्रीका में रेल यात्रा के दौरान गाँधीजी के गरिमा को किस प्रकार ठेस पहुँची?
उत्तर-
गाँधीजी जब दक्षिण अफ्रीका गए हुए थे तब वहाँ पर रंग भेद चरम पर था। एक बार गाँधीजी ट्रेन के द्वारा डरबन से प्रिटोरिया जा रहे थे उनके पास प्रथम श्रेणी का टिकट था और वे प्रथम श्रेणी में यात्रा कर रहे थे। ट्रेन के मारीटजवर्ग पहुँचने पर कुछ रेल कर्मचारी उस डब्बे में आए जिसमें गाँधीजी यात्रा कर रहे थे।

इन लोगों ने गाँधीजी से तृतीय श्रेणी के डब्बे में जाने को कहा, पर गाँधीजी ने उनलोगों को प्रथम श्रेणी का टिकट दिखाते हुए तृतीय श्रेणी के डिब्बे में जाने से इनकार किया। लेकिन रेल कर्मचारियों को एक अश्वेत व्यक्ति को रेल के प्रथम श्रेणी के डिब्बे में यात्रा करना पसंद नहीं आया और उनलोगों ने पुलिस को बुलवाकर गाँधीजी के सामान को बाहर फेंकवा दिया और गाँधीजी भी ट्रेन से जबरदस्ती नीचे उतार दिये गये। अपने साथ हुए इस व्यवहार से गाँधीजी की गरिमा को बहुत ठेस पहुँची।

प्रश्न 15.
आपबीती के लेखक को अपने संबंधी के यहाँ किन बातों से ठेस पहुँची होगी, चर्चा करें।
उत्तर-
आपबीती के लेखक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। एक बार उन्हें अपने निकट के संबंधी के यहाँ एक विवाह समारोह में शामिल होने जाना था। उनके रिश्तेदार आर्थिक रूप से काफी संपन्न थे।

उनके यहाँ विवाह समारोह में शामिल होने जितने भी लोग आए थे, वे सभी समाज के धनी लोग थे। उन सबों ने काफी महंगे सूट-बूट पहन रखे थे और काफी बड़ी-बड़ी गाड़ियों से आ रहे थे। पर एक साधारण परिवार से होने की वजह से लेखक ने न तो महंगे सूट पहने थे और न ही उनके पास गाड़ी थी। इसलिए वहाँ लेखक ने खुद को अपेक्षित महसूस किया, उन्हें वहाँ न तो बैठने के लिए पूछा गया न खाने के लिए पूछा गया और रात भर वे ठीक से सो भी नहीं पाए, “क्योंकि वहाँ उन्हें मच्छर काट रहे थे। अपने रिश्तेदारों द्वारा ऐसा व्यवहार किए जाने पर लेखक को बहुत ठेस लगी।

प्रश्न 16.
क्या आपके साथ ऐसी कोई घटना हई है जिसमें आपकी गरिमा को ठेस पहुंची हों?
उत्तर-
हाँ, मेरे साथ ऐसी घटना हुई है जब मेरी गरिमा को भी ठेस पहुंची थी। एक बार मैं अपने एक रिश्तेदार के घर जन्मदिन के समारोह में शामिल होने गयी थी। मेरे रिश्तेदार भी आर्थिक रूप संपन्न हैं और मैं एक साधारण परिवार से हूँ।

उनके घर जाने पर मुझे भी यह महसूस हुआ की वे लोग अपने बराबरी वालों लोगों के साथ जैसा व्यवहार कर रहे थे हमारे साथ उनका ऐसा व्यवहार नहीं था। वे लोग अपने बराबरी वाले लोगों के साथ अच्छे पेश आ रहे थे, उन्हें बहुत प्यार से बैठने और खाने के लिए कहा जा रहा था पर मेरे साथ उनका व्यवहार औपचारिकतापूर्ण था। मेरे साथ किए गए व्यवहार में वह प्यार और अपनापन नहीं था जिससे मेरे गरिमा को भी ठेस पहुंची और – मुझे बहुत बुरा भी लगा।

प्रश्न 17.
इन विज्ञापनों में जाति एवं अन्य सामाजिक असमानता के सूचक शब्दों को रेखांकित करें।।
उत्तर-
दिए गए विज्ञापनों में जाति एवं अन्य सामाजिक असमानता के सूचक शब्द हैं, जैसे हमें विवाह के लिए निम्न जाति की ही वर-वधू चाहिए। क्योंकि यहाँ दिया गया विज्ञापन वैवाहिक विज्ञापन हैं।

प्रश्न 18.
मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य क्या है?
उत्तर-
मध्याह्न भोजन योजना के शुरू होने से स्कूलों में बच्चों की संख्या में वृद्धि हुई है। कई ऐसे बच्चे होते हैं जो खाली पेट ही स्कूल चले आते हैं, जिस वजह से पढ़ाई में उनका मन नहीं लगता। कितने बच्चे तो स्कूल की आधी छुट्टी में भोजन करने जाते हैं और फिर वापस स्कूल नहीं आते

कितने बच्चों की माताओं को अपने बच्चों के लिए भोजन बनाने के लिए अपने काम को छोड़कर वापस आना पड़ता था। उन्हें अब इस योजना के शुरू होने के बाद ऐसा नहीं करना पड़ता है। मध्याह्न भोजन योजना के अन्तर्गत बच्चों को भोजन के साथ-साथ उनके बीच की सामाजिक दूरियों को मिटाने का प्रयास भी किया जाता है। सभी बच्चों को एक साथ बैठाकर एक ही प्रकार का भोजन कराया जाता है, चाहे उनकी जाति कोई भी हो। भोजन बनाने के लिए किसी भी जाति के लोगों को नियुक्त किया जा सकता है चाहे वे दलित हो या महादलित ।

प्रश्न 19.
मध्याह्न भोजन और विद्यालय से संबंधित अंशों से समानता दशनि वाले वाक्य चुनो और लिखो?
उत्तर-
मध्याह्न भोजन और विद्यालय से संबंधित अंशों से समानता दर्शाने वाले वाक्य इस प्रकार हैं

  1. सभी बच्चों को एक जगह बैठाकर एक प्रकार का भोजन करवाना चाहे उनकी जाति कोई भी हो।
  2. भोजन बनाने के लिए किसी भी जाति के लोग को नियुक्त करना, . चाहे वे दलित हो या महादलित।

प्रश्न 20.
क्या आपने कभी मध्याह्न भोजन के दौरान असमानता का अनुभव किया है, अगर हाँ तो कैसे?
उत्तर-
नहीं, मैंने कभी मध्याह्न भोजन के दौरान असमानता का अनुभव नहीं किया है।

प्रश्न 21.
बाल संसद समानता के लिए क्या कर सकती है? चर्चा कीजिए।
उत्तर-
बाल संसद समानता के लिए काफी कुछ कर सकती हैं। वे सभी बच्चों को एक जैसा मौका देकर उनके बीच के भेद-भाव को दूर करते हैं। सभी बच्चों के साथ एक जैसा बर्ताव कर वे बच्चों के भेद-भाव को दूर कर सकते हैं। सभी बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर देना चाहिए और उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए। सभी को एक जगह बैठाकर एक जैसा भोजन करवाने से बच्चों के बीच की असमानता भी दूर होती है।

अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
अपने आस पड़ोस से समानता और असमानता दर्शाने वाले किन्हीं । तीन व्यवहारों का उल्लेख करें। समानता के व्यवहार

1. ………….. 2. ……………. 3. ………….
असमानता के व्यवहार
1. …………….. 2. …………… 3. ………..
उत्तर-
समानता के व्यवहार-

  1. मतदान।
  2. एक ही स्कूल में विभिन्न संप्रदाय से आए बच्चों का एक साथ पढ़ना।
  3. किसी जगह सभी जातियों के लोगों का एक साथ काम करना ।

असमानता के व्यवहार-

  1. घर में नौकरों के साथ किया गया दुर्व्यवहार ।
  2. नौकरी के आवेदनों में किसी खास वर्ग के लोगों को प्रधानता दना ।
  3. दलितों के साथ छुआ-छूत का व्यवहार ।

प्रश्न 2.
क्या आपने कभी किसी के साथ असमान व्यवहार किया है? यदि हाँ तो कब और क्यों?
उत्तर-
नहीं, मैंने कभी किसी के साथ असमान व्यवहार नहीं किया है। हम सभी बच्चे स्कूल में बैठकर एक साथ अपना लंच करते हैं, एक साथ

खेलते हैं, एक साथ एक ही छत के नीचे बैठकर पढ़ाई करते हैं। पर उस वक्त
हम यही नहीं सोचते कि हमारी जातियाँ अलग है। क्योंकि जात-पात भगवान द्वारा नहीं, हम इंसानों के द्वारा बनाया गया है और कोई भी इंसान अपने जाति ” से नहीं अपने कर्मों से बड़ा बनता है।

प्रश्न 3.
क्या आपको किसी के व्यवहार से ठेस पहुंची है?
उत्तर-
हाँ, मैं एक बार अपने एक रिश्तेदार के घर किसी समारोह में शामिल होने गयी थीं। वे लोग आर्थिक रूप से काफी संपन्न थे, पर हमारा परिवार एक साधारण परिवार है। उनके घर जाने पर मुझे ऐसा महसूस हुआ कि उनका व्यवहार हमारे लिए वैसा नहीं था, जैसा अन्य लोगों के साथ था। वे लोग हमारे साथ एक औपचारिकतापूर्ण व्यवहार निभा रहे थे। हमारे लिए उनके व्यवहार में अपनापन नहीं था। उनके इस व्यवहार से मुझे बहुत ठेस पहुंची।

प्रश्न 4.
यदि आप रोजा पार्क्स की जगह दक्षिण अफ्रिका में रहते तो क्या करते?
उत्तर-
अगर मैं रोजा पार्क्स की जगह होती तो वही करती जो पार्क्स ने किया था। क्योंकि श्वेत और अश्वेत लोगों में फर्क करना गलत है। कोई इन्सान काला और गोरा खुद से नहीं बनता, यह भगवान का दिया हुआ रंग-रूप होता है।

फिर इस रंग-रूप को लेकर इंसानों के बीच भेद-भाव क्यों होता है। मैं भी रोजा पार्क्स की तरह अपनी जगह उस श्वेत व्यक्ति को नहीं देती क्योंकि जिस तरह से वह व्यक्ति काम करके थका था उसी तरह रोजा पास भी काम करके थकी हुई थी और फिर वह बस में चढी भी पहले थी।

प्रश्न 5.
क्या कभी आपने पंक्ति में खड़े लोगों से बाद में आने के बावजूद आगे होने का प्रयास किया है ? यदि हाँ तो क्यों ?
उत्तर-
नहीं, मैंने बाद में आने के बावजूद पंक्ति में आगे खड़े होने की कोशिश नहीं की है। क्योंकि यह गलत होता है, जो लोग हमसे पहले से पक्ति में खड़े हैं, उनका काम पहले होना चाहिए। हो सकता किसी व्यक्ति के लिए कोई काम कराना बहुत जरूरी हो पर हमारे बीच में आ जाने से उनका काम देर से हो और उन्हें कुछ नुकसान हो जाए।

प्रश्न 6.
असमानता के कई रूप हैं। यह कैसे कह सकते हैं?
उत्तर-
असमानता के कई रूप होते हैं, समाज में हम इन्हें विभिन्न रूपों में देखते हैं जैसे

  1. विवाह के संदर्भ में दिए गए विज्ञापनों में जाति प्रधानता का प्रमुख होना।
  2. किसी नौकरी के आवेदन में किसी खास वर्ग को प्रधानता देना।
  3. अमीर घर के बच्चों के द्वारा गरीब बच्चों के साथ किया गया व्यवहार ।
  4. दलितों के साथ किया गया छुआ-छूत का भेदभाव ।
  5. उच्च जाति वाले का निम्न जाति वालों के साथ किया गया व्यवहार।
  6. निम्न जाति वालों के लिए किया गया आरक्षण की माँग।

Bihar Board Class 7 Social Science लोकतंत्र में समानता Notes

पाठ का सार संक्षेप

पहचान-पत्र हमारे लिए महत्त्वपूर्ण होता है। बहुत सारे कामों में हमें इसकी आवश्यकता होती है। फोटो पहचान-पत्र से सरकार द्वारा हमें यह ‘अधिकार दिया जाता है कि हम अपना मतदान कर सकते हैं। जहाँ पर फोटो-पहचान पत्र बनाने का काम होता है, वहाँ पर लोगों की लम्बी कतार लगी रहती है और सभी अपनी बारी का इंतजार करते हैं। यहाँ कतार में खड़े लोगों में किसी बात की असमानता नहीं होती है, सभी बिल्कुल समान रूप में खड़े होते हैं। यहाँ यह नहीं देखा जाता कि कतार में खड़े लोगों में कौन अमीर हैं और कौन गरीब हैं, कौन शिक्षित हैं और कौन अशिक्षित हैं।

यहाँ कतार में खड़े होकर सभी लोगों को समानता का अहसास होता है, जबकि रोजाना के जीवन में कुछ अलग-सा महसूस होता है । गरीबी की वजह से कुछ लोग अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने के लिए पैसे नहीं जुटा पाते । पर सरकारी स्कूल दूर होने की वजह से प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को · पढ़ाना उनकी मजबूरी बन जाती है। हमारे लोकतंत्र के लिए एक समस्या यह

है कि यहाँ वोट देने के अधिकार में समानता है, पर रोजमर्रा के जीवन में कई प्रकार की असमानताएँ हैं। …

बाल संसद और समानता–इसमें कक्षाओं को पहले पाँच समूहों में बाँट दिया जाता है। प्रत्येक समूह में सभी कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को शामिल किया जाता है। फिर इसमें पाँच समूह तैयार कर लिए जाते हैं, जिसमें सभी कक्षाओं के छात्र-छात्राएं शामिल हों। फिर इन पाँचों समूहों में से दो-दो प्रतिनिधियों का चुनाव किया जाता है।

मध्याह्न भोजन और विद्यालय मध्याह्न भोजन के शुरू होने से स्कूलों में बच्चों की संख्या में वृद्धि हुई है। कई बच्चे खाली पेट ही स्कूल आते थे जिस वजह से पढ़ाई में उनका मन नहीं लगता था । पर मध्याह्न भोजन योजना से उन्हें भोजन भी मिलता है और उनके बीच की सामाजिक दरियों को कम करने का प्रयास भी किया जाता है। यहाँ सभी बच्चे एक साथ बैठकर एक ही प्रकार का भोजन करते हैं,

चाहे उनकी जाति कोई भी हो । पेट भरा होने की वजह से बच्चों को पढाई में भी मन लगता है। है गरीबी एवं बेरोजगारी-गरीबी और बेरोजगारी में हमें असमानता का सबसे भयानक स्वरूप नजर आता है। बिहार में आज भी ऐसे बहुत सारे परिवार है जिन्हें रोजाना भरपेट भोजन नहीं मिल पाता है। यहाँ सबसे ज्यादा गरीब खेतिहर मजदूर है।

ज्यादातर ये लोग भूमिहीन होते हैं या फिर उनके पास बहुत थोड़ी-सी जमीन होती है जिनसे इनका गुजारा नहीं हो पाता है। ये लोग दूसरों की खेती में मजदूरी करके अपना और अपने परिवार का पेट पालते हैं। पर इन्हें वर्ष भर काम भी नहीं मिलता । ये ज्यादातर मजदूर दलित परिवार के होते हैं, इस वजह से इन्हें दोहरी असमानता का सामना करना पड़ता है एक. तो बेरोजगारी और दूसरी सामाजिक भेदभाव ।

Bihar Board 12th Hindi 100 Marks Objective Answers गद्य Chapter 3 संपूर्ण क्रांति

Bihar Board 12th Hindi Objective Questions and Answers

Bihar Board 12th Hindi 100 Marks Objective Answers गद्य Chapter 3 संपूर्ण क्रांति

Sampurn Kranti Ka Question Answer Bihar Board प्रश्न 1.
किसे ‘लोकनायक’ के नाम से जाना जाता है?
(A) महात्मा गाँधी को
(B) जयप्रकाश नारायण को
(C) महाकवि जायसी को
(D) बाल गंगाधर तिलक को
उत्तर:
(B) जयप्रकाश नारायण को

Sampoorna Kranti Question Answer Bihar Board प्रश्न 2.
जयप्रकाश नारायण का जन्म कब हुआ था?
(A) 11 अक्टूबर, 1902 को
(B) 8 अक्टूबर, 1904 को
(C) 8 सितम्बर, 1903 को
(D) 18 अक्टूबर, 1902 को
उत्तर:
(A) 11 अक्टूबर, 1902 को

Sampoorna Kranti Ka Nara Kisne Diya Tha Bihar Board प्रश्न 3.
जयप्रकाश नारायण की पत्नी का नाम था
(A) लीलावती देवी
(B) अमरावती प्रभा
(C) प्रभावती देवी
(D) प्रभव
उत्तर:
(C) प्रभावती देवी

Sampurn Kranti Ka Nara Kiska Tha Bihar Board प्रश्न 4.
सिन्हा जयप्रकाश जी को किसका भाषण सुनकर अमेरिका जाने की प्रेरणा मिली?
(A) स्वामी रामतीर्थं
(B) स्वामी सत्यदेव
(C) स्वामी विवेकानंद
(D) स्वामी सहजानंद
उत्तर:
(B) स्वामी सत्यदेव

Sampoorna Kranti Ka Nara Kisne Diya Bihar Board प्रश्न 5.
फ्री प्रेस के मालिक कौन थे?
(A) आत्मानंदजी
(B) शिवानंद गोस्वामी
(C) सदानंदजी
(D) शारदानंद गुप्त
उत्तर:
(C) सदानंदजी

संपूर्ण क्रांति का नेतृत्व किसने किया Bihar Board  प्रश्न 6.
‘ब्रेन ऑफ बांबे’ कहा जाता था?
(A) जयशंकर दीक्षित को
(B) शीला दीक्षित को
(C) सुरेन्द्र दीक्षित को
(D) हृदयनारायण दीक्षित को
उत्तर:
(B) शीला दीक्षित को

संपूर्ण क्रांति का नारा किसने दिया Bihar Board प्रश्न 7.
जयप्रकाश नारायण ने आई. एस. सी. की परीक्षा कहाँ से पास की?
(A) पटना कॉलेज
(B) पटना साइंस कॉलेज
(C) हिन्दू विश्वविद्यालय
(D) बिहार विद्यापीठ
उत्तर:
(C) हिन्दू विश्वविद्यालय

प्रश्न 8.
लेनिन की मृत्यु कब हुई थी?
(A) 1925 में
(B) 1932 में
(C) 1938 में
(D) 1924 में
उत्तर:
(A) 1925 में

प्रश्न 9.
जयप्रकाश जी मार्क्सवादी कब बने ?
(A) 1928 में
(B) 1927 में
(C) 1941 में
(D) 1924 में
उत्तर:
(D) 1924 में

प्रश्न 10.
फणीश्वरनाथ ‘रेणु’ की पुस्तक है
(A) सत्यकाम
(B) कुरुक्षेत्र
(C) उस जनपद का कवि हूँ
(D) मैला आँचल
उत्तर:
(C) उस जनपद का कवि हूँ

प्रश्न 11.
1974 में बिहार प्रदेश के मुख्यमंत्री कौन थे ?
(A) कृष्णवल्लभ सहाय
(B) अब्दुल गफूर
(C) अनुग्रहनारायण सिंह
(D) महामाया प्रसाद
उत्तर:
(A) कृष्णवल्लभ सहाय

प्रश्न 12.
जयप्रकाश नारायण का बचपन का क्या नाम था ?
(A) बिटू
(B) किटू
(C) बाउल
(D) मोनू
उत्तर:
(D) मोनू

प्रश्न 13.
जयप्रकाश नारायण ने किस साल छात्र-आंदोलन का नेतृत्व किया था?
(A) 1973 में
(B) 1976 में
(C) 1974 में
(D) 1977 में
उत्तर:
(D) 1977 में

प्रश्न 14.
जयप्रकाश नारायण के पिताजी का क्या नाम था ?
(A) दीनदयाल
(B) हरसूदयाल
(C) रामदयाल
(D) सर्वेशदयाल
उत्तर:
(B) हरसूदयाल

प्रश्न 15.
लेनिन की मृत्यु कब हुई थी?
(A) 1924 में
(B) 1920 में
(C) 1930 में
(D) 1936 में
उत्तर:
(D) 1936 में

प्रश्न 16.
दिनकर जी किसलिए प्रसिद्ध हैं ?
(A) साहित्यिक रचना के लिए
(B) संगीत के लिए
(C) मूर्ति-निर्माण के लिए
(D) उपन्यास-लेखन के लिए
उत्तर:
(B) संगीत के लिए

प्रश्न 17.
जयप्रकाश नारायण को भारत की जनता किस नाम से याद करती है?
(A) समाजनायक’ के
(B) ‘देशनायक’ के
(C) लोकनायक’ के
(D) जननायक’ के
उत्तर:
(A) समाजनायक’ के

प्रश्न 18.
जयप्रकाश नारायण ने ‘सम्पूर्ण क्रांति’ वाला ऐतिहासिक भाषण कहाँ और कब दिया था ?
(A) इलाहाबाद में 5 जून 1977 को
(B) राँची में 5 जून 1975 को
(C) जमशेदपुर में 5 जून, 1973 को
(D) पटना में 5 जून 1974 को
उत्तर:
(D) पटना में 5 जून 1974 को

प्रश्न 19.
‘रिकंस्ट्रक्शन ऑफ इंडियन पॉलिटी’ किसकी रचना है?
(A) जवाहरलाल नेहरू
(B) राममोहर लोहिया
(C) मदनमोहन मालवीय
(D) जयप्रकाश नारायण
उत्तर:
(D) जयप्रकाश नारायण

प्रश्न 20.
प्रजा सोशलिस्ट पार्टी का गठन कब हुआ?
(A) 1952 में
(B) 1949 में
(C) 1947 में
(D) 1962 में
उत्तर:
(A) 1952 में

प्रश्न 21.
जयप्रकाश नारायण को ‘भारत रत्न’ की उपाधि दी गई
(A) 1990 में
(B) 1998 में
(C) 1978 में
(D) 1974 में
उत्तर:
(B) 1998 में

प्रश्न 22.
‘उर्वशी’ किसकी रचना है?
(A) रामधारी सिंह ‘दिनकर’
(B) मोहनलाल महतो ‘वियोगी’
(C) सुमित्रानंदन ‘पंत’
(D) जयशंकर प्रसाद
उत्तर:
(A) रामधारी सिंह ‘दिनकर’

प्रश्न 23.
‘माटी की मूरतें’ रचना किसकी है ?
(A) रामधारी सिंह ‘दिनकर’
(B) रामवृक्ष बेनीपुरी
(C) गजानन माधव मुक्तिबोध
(D) आरसी प्रसाद सिंह
उत्तर:
(B) रामवृक्ष बेनीपुरी

प्रश्न 24.
किसने कहा था-“अभी न जाने कितने मीलों इस देश की जनता को जाना है?”
(A) महात्मा गाँधी
(B) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
(C) जवाहरलाल नेहरू
(D) लालबहादुर शास्त्री
उत्तर:
(C) जवाहरलाल नेहरू

प्रश्न 25.
किस अस्पताल में ‘दिनकर’ का निधन हुआ था?
(A) अपोलो अस्पताल
(B) श्रीराम नर्सिंग होम
(C) पी. एम. सी. एच., पटना
(D) विलिंगडन नर्सिंग होम
उत्तर:
(D) विलिंगडन नर्सिंग होम

प्रश्न 26.
जयप्रकाश नारायण को किसका दलाल कहा गया ?
(A) रूस
(B) ब्रिटेन
(C) जापान
(D) अमेरिका
उत्तर:
(D) अमेरिका

प्रश्न 27.
जयप्रकाश नारायण के स्वास्थ्य पर निगरानी रखनेवाले डॉक्टर का नाम था
(A) डॉ. रहमान
(B) डॉ. इरफान
(C) डॉ. मकबूल
(D) डॉ. एजाज
उत्तर:
(A) डॉ. रहमान

प्रश्न 28.
किसने कहा था-“अभी न जाने कितने मीलों इस देश की जनता को जाना है”?
(A) महात्मा गाँधी
(B) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
(C) जवाहरलाल नेहरू
(D) लालबहादुर शास्त्री
उत्तर:
(C) जवाहरलाल नेहरू

प्रश्न 29.
किस अस्पताल में ‘दिनकर’ का निधन हुआ था?
(A) अपोलो अस्पताल
(B) श्रीराम नर्सिंग होम
(C) पी०एम०सी०एच०, पटना
(D) विलिंगडन नर्सिंग होम
उत्तर:
(D) विलिंगडन नर्सिंग होम

प्रश्न 30.
जयप्रकाश नारायण को किसका दलाल कहा गया? ‘
(A) रूस
(B) ब्रिटेन
(C) जापान
(D) अमेरिका
उत्तर:
(D) अमेरिका

प्रश्न 31.
जयप्रकाश नारायण के स्वास्थ्य पर निगरानी रखनेवाले डॉक्टर का नाम था
(A) डॉ. रहमान
(B) डॉ० इरफान
(C) डॉ० मकबूल
(D) डॉ० एजाज
उत्तर:
(A) डॉ. रहमान

प्रश्न 32.
जयप्रकाश जी को किसका भाषण सनकर अमेरिका जाने की प्रेरणा मिली? .
(A) स्वामी रामतीर्थ
(B) स्वामी सत्यदेव
(C) स्वामी विवेकानंद
(D) स्वामी सहजानंद
उत्तर:
(B) स्वामी सत्यदेव

प्रश्न 33.
फ्री प्रेस के मालिक कौन थे?
(A) आत्मानंदजी
(B) शिवानंद गोस्वामी
(C) सदानंद जी
(D) शारदानंद गुप्त
उत्तर:
(C) सदानंद जी

प्रश्न 34.
‘ब्रेन ऑफ बांबे’ किसे कहा जाता था?
(A) उमाशंकर दीक्षित को
(B) शीला दीक्षित को
(C) सुरेन्द्र दीक्षित को
(D) हृदयनारायण दीक्षित को
उत्तर:
(A) उमाशंकर दीक्षित को

प्रश्न 35.
जयप्रकाश नारायण ने आई०एस-सी० की परीक्षा कहाँ से पास की?
(A) पटना कॉलेज
(B) पटना साइंस कॉलेज
(C) हिन्दू विश्वविद्यालय
(D) बिहार विद्यापीठ
उत्तर:
(D) बिहार विद्यापीठ

प्रश्न 36.
लेनिन की मृत्यु कब हुई थी?
(A) 1925 में
(B) 1932 में
(C) 1938 में
(D) 1924 में
उत्तर:
(D) 1924 में

प्रश्न 37.
जयप्रकाशजी मार्क्सवादी कब बने?
(A) 1928 में
(B) 1927 में
(C) 1938 में
(D) 1924 में
उत्तर:
(D) 1924 में

प्रश्न 38.
फणीश्वरनाथ रेणु’ की पुस्तक है-
(A) सत्यकाम
(B) कुरुक्षेत्र
(C) उस जनपद का कवि हूँ
(D) मैला आँचल
उत्तर:
(D) मैला आँचल

प्रश्न 39.
1974 में बिहार प्रदेश के मुख्यमंत्री कौन थे?
(A) कृष्णवल्लभ सहाय
(B) अब्दुल गफूर
(C) अनुग्रहनारायण सिंह
(D) महामाया प्रसाद
उत्तर:
(B) अब्दुल गफूर

प्रश्न 40.
किसे ‘लोकनायक’ के नाम से जाना जाता है?
(A) महात्मा गाँधी को
(B) जयप्रकाश नारायण को
(C) महाकवि जायसी को
(D) बाल गंगाधर तिलक को
उत्तर:
(B) जयप्रकाश नारायण को

प्रश्न 41.
जयप्रकाश नारायण का जन्म कब हुआ था?
(A) 11 अक्टूबर, 1902 को
(B) 8 अक्टूबर, 1904 को
(C) 8 सितंबर, 1903 को
(D) 18 अक्टूबर, 1902 को
उत्तर:
(A) 11 अक्टूबर, 1902 को

प्रश्न 42.
जयप्रकाश नारायण की पत्नी का नाम था..
(A) लीलावती देवी
(B) अमरावती प्रभा
(C) प्रभावती देवी
(D) प्रभा सिन्हा
उत्तर:
(C) प्रभावती देवी

प्रश्न 43.
“रिकंस्ट्रक्शन ऑफ इंडियन पॉलिटी’ किसकी रचना है?
(A) जवाहरलाल नेहरू
(B) राममनोहर लोहिया
(C) मदनमोहन मालवीय
(D) जयप्रकाश नारायण
उत्तर:
(D) जयप्रकाश नारायण

प्रश्न 44.
प्रजा सोशलिस्ट पार्टी का गठन कब हुआ?
(A) 1952 में
(B) 1949 में
(C) 1947 में
(D) 1962 में
उत्तर:
(A) 1952 में

प्रश्न 45.
जयप्रकाश नारायण को ‘भारत रल’ की उपाधि दी गई
(A) 1990 में
(B) 1998 में
(C) 1978 में
(D) 1974 में
उत्तर:
(B) 1998 में

प्रश्न 46.
‘उर्वशी’ किसकी रचना है?
(A) रामधारी सिंह ‘दिनकर’
(B) मोहनलाल महतो ‘वियोगी’ ।
(C) सुमित्रानंदन ‘पंत’
(D) जयशंकर प्रसाद
उत्तर:
(A) रामधारी सिंह ‘दिनकर’

प्रश्न 47.
‘माटी की मूरतें’ रचना किसकी है?
(A) रामधारी सिंह ‘दिनकर’
(B) रामवृक्ष बेनीपुरी
(C) गजानन माधव मुक्तिबोध
(D) आरसी प्रसाद सिंह
उत्तर:
(B) रामवृक्ष बेनीपुरी

प्रश्न 48.
दिनकरजी किसलिए प्रसिद्ध है?
(A) साहित्यिक रचना के लिए
(B) संगीत के लिए
(C) मूर्ति-निर्माण के लिए
(D) उपन्यास-लेखन के लिए
उत्तर:
(A) साहित्यिक रचना के लिए

प्रश्न 49.
जयप्रकाश नारायण को भारत की जनता किस नाम से याद करती
(A) ‘समाजनायक’
(B) ‘देशनायक’
(C) लोकनायक’
(D) ‘जननायक’
उत्तर:
(C) लोकनायक’

प्रश्न 50.
जयप्रकाश नारायण ने ‘संपूर्ण क्रांति’ वाला ऐतिहासिक भाषण कहाँ और कब दिया था?
(A) इलाहाबाद में 5 जून 1977 को
(B) राँची में 5 जन 1975 को
(C) जमशेदपुर में 5 जून 1973 को
(D) पटना में 5 जन 1974 को
उत्तर:
(D) पटना में 5 जन 1974 को

प्रश्न 51.
जयप्रकाश नारायण के बचपन का क्या नाम था?
(A) बिटु
(B) किटू
(C) बाउल
(D) मोनू
उत्तर:
(C) बाउल

प्रश्न 52.
जयप्रकाश नारायण ने किस साल छात्र आंदोलन का नेतृत्व किया था?
(A) 1973 ई. में
(B) 1976 ई. में
(C) 1974 ई. में
(D) 1977 ई. में
उत्तर:
(C) 1974 ई. में

प्रश्न 53.
जयप्रकाश नारायण के पिताजी का क्या नाम था?
(A) दीनदयाल
(B) हरसूदयाल
(C) रामदयाल
(D) सर्वेशदयाल
उत्तर:
(B) हरसूदयाल

प्रश्न 54.
जयप्रकाश नारायण रचित पाठ का नाम क्या है?
(A) उसने कहा था।
(B) जूठन
(C) सम्पूर्ण क्रांति
(D) शिक्षा
उत्तर:
(C) सम्पूर्ण क्रांति

प्रश्न 55.
‘सम्पूर्ण क्रांति’ क्या है?
(A) निबन्ध
(B) नेताओं
(C) कहानी
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(B) नेताओं

प्रश्न 56.
‘सम्पूर्ण क्रांति’ किसकी देन है?
(A) राम मनोहर लोहिया
(B) डॉ० अम्बेडकर
(C) कर्पूरी ठाकुर
(D) जयप्रकाश नारायण
उत्तर:
(D) जयप्रकाश नारायण

प्रश्न 57.
‘सम्पूर्ण क्रांति’ पाठ में दिया गया भाषण किसका है?
(A) जयप्रकाश नारायण का
(B) रामधारी सिंह दिनकर का
(C) भगत सिंह का
(D) इनमें किसी का नहीं
उत्तर:
(A) जयप्रकाश नारायण का

प्रश्न 58.
जयप्रकाश नारायण का जन्म कहाँ हुआ था?
(A) राघोपुर दियारा
(B) सिताब दियारा
(C) बलिया
(D) छपरा
उत्तर:
(B) सिताब दियारा

प्रश्न 59.
1974 में छात्र आन्दोलन का नेतृत्व किसने किया?
(A) जॉर्ज फर्नान्डीस
(B) देवीलाल
(C) कर्पूरी ठाकुर .
(D) जयप्रकाश नारायण
उत्तर:
(D) जयप्रकाश नारायण

प्रश्न 60.
‘सम्पूर्ण क्रांति’ की शुरूआत कब हुई थी?
(A) 1974 में
(B) 1975 में
(C) 1976 में
(D) 1977 में
उत्तर:
(A) 1974 में

प्रश्न 61.
जयप्रकाश नारायण को समाज सेवा के लिए किस पुरस्कार से सम्मानित किया गया?
(A) अर्जुन पुरस्कार
(B) नोबल पुरस्कार
(C) मैग्सेसे सम्मान
(D) गाँधी सम्मान
उत्तर:
(C) मैग्सेसे सम्मान

प्रश्न 62.
जयप्रकाश नारायण मद्रास में अपने किस मित्र के साथ रूके थे?
(A) गंगा बाबू
(B) दिनकर जी
(C) ईश्वर अय्यर
(D) भगवान अय्यर
उत्तर:
(C) ईश्वर अय्यर

प्रश्न 63.
जयप्रकाश नारायण के अनुसार देश का भविष्य किसके हाथों में है?
(A) नेताओं के
(B) नई पीढ़ी के
(C) पुरानी पीढ़ी के
(D) पूंजीपतियों के
उत्तर:
(B) नई पीढ़ी के

प्रश्न 64.
दिनकर जी को किसके घर पर दिल का दौरा पड़ा था?
(A) रामनाथ जी गोयनका के
(B) गंगा बाबू के
(C) जयप्रकाश नारायण के
(D) ईश्वर अय्यर के
उत्तर:
(A) रामनाथ जी गोयनका के

प्रश्न 65.
संपूण क्रांति का नारा किसने दिया था?
(A) दिनकर
(B) जयप्रकाश नारायण
(C) मोरारजी देसाई
(D) ईश्वर अय्यर
उत्तर:
(B) जयप्रकाश नारायण

प्रश्न 66.
जयप्रकाश नारायण ने बिहार विद्यापीठ में कौन-सी परीक्षा दी?
(A) मैट्रिक की
(B) आई०एस०सी० की
(C) बी०ए०की
(D) इनमें कोई नहीं
उत्तर:
(B) आई०एस०सी० की

प्रश्न 67.
पुलिस के बड़े उच्चाधिकारी ने किसके मुंह से सुना था कि ‘जय प्रकाश नारायण नहीं होते तो बिहार जल गया होता?”
(A) दिनकर जी के
(B) बेनीपुरी जी के
(c) गोयना जी के
(D) दीक्षित जी के
उत्तर:
(D) दीक्षित जी के

प्रश्न 68.
जय प्रकाश नारायण किस मित्रता को ठोस मानते थे?
(A) पुराने जमाने की
(B) नये जमाने की
(C) अंडरग्राउंड जमाने की
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) अंडरग्राउंड जमाने की

प्रश्न 69.
जयप्रकाश नारायण किसको भाई कहते थे?
(A) दिनकर जी को
(B) जवाहरलाल जी को
(C) रामनाथ गोयनका को
(D) गंगाबाबू को
उत्तर:
(B) जवाहरलाल जी को

Bihar Board 12th English 100 Marks Objective Answers Poem 4 Ode to Autumn

Bihar Board 12th English Objective Questions and Answers 

Bihar Board 12th English 100 Marks Objective Answers Poem 4 Ode to Autumn

Ode To Autumn Objective Questions Bihar Board 12th English Question 1.
‘Ode to Autumn’ is written by-
(A) John Donne
(B) John Keats
(C) Kamala Das
(D) T.S. Eliot
Answer:
(B) John Keats

Ode To Autumn Quiz Bihar Board 12th English Question 2.
‘Ode To Autumn’ is a-
(A) Drama
(B) Story
(C) Poetry
(D) Essay
Answer:
(C) Poetry

Ode To Autumn Pdf Bihar Board 12th English Question 3.
‘Ode to Autumn’ is a poem of-
(A) Love
(B) War
(C) Nature
(D) Struggle
Answer:
(C) Nature

To Autumn Multiple Choice Answers Bihar Board 12th English Question 4.
John Keats died in the year-
(A) 1820
(B) 1821
(C) 1815
(D) 1825
Answer:
(B) 1821

Autumn Starts After The Departure Of Bihar Board 12th English Question 5.
John Keats was born in-
(A) 1785
(B) 1765
(C) 1795
(D) 1805
Answer:
(C) 1795

Ode To Autumn Poem Pdf Bihar Board 12th English Question 6.
Autumn starts after the departure of-
(A) Rains
(B) Summer
(C) Winter
(D) Cold
Answer:
(C) Winter

Ode To Autumn Questions And Answers Class 8 Bihar Board 12th English Question 7.
New leaves and fruits grow on trees in-
(A) Summer
(B) Autumn
(C) Winter
(D) Rainy Season
Answer:
(C) Winter

Autumn Questions And Answers Bihar Board 12th English Question 8.
……….. twitter in the sky ?
(A) Eagles
(B) Flowers
(C) Swallows
(D) Kites
Answer:
(C) Swallows

Autumn Starts With The Departure Of Which Season Bihar Board 12th English Question 9.
Autumn is the close friend of the maturing-
(A) Moon
(B) Flowers
(C) Sun
(D) People
Answer:
(C) Sun

Autumn Poem Class Ix Question And Answers Bihar Board 12th English Question 10.
Who has composed the poem, ‘Ode To Autumn’?
(A) Keats
(B) Wordsworth
(C) Coleridge
(D) Shelley
Answer:
(A) Keats

Question 11.
‘Ode To Autumn’ is written in—
(A) October 1819
(B) September 1819
(C) November 1819
(D)December 1819 Ans. (B)

Question 12.
‘Ode To Autumn’ is—
(A) an epic
(B) an elegy
(C) an ode
(D) a ballad
Answer:
(C) an ode

Question 13.
In ‘Ode to Autumn’ Keats deals with in detail.
(A) Spring
(B) Winter
(C) Summer
(D) Autumn
Answer:
(D) Autumn

Question 14.
‘Ode To Autumn’ consists of —
(A) four stanzas
(B) three stanzas
(C) five stanzas
(D) six stanzas
Answer:
(B) three stanzas

Question 15.
The theme of Autumn is –
(A) scarcity
(B) abundance
(C) fulfilment/maturity
(D) None of these
Answer:
(C) fulfilment/maturity

Question 16.
Keats was………. poet.
(A) a romantic
(B) a victorian
(C) modern
(D) None of these
Answer:
(A) a romantic

Question 17.
Who called ‘Ode To Autumn’Keats’ most satisfying of all the odes?
(A) Dryden
(B) Coleridge
(C) Wordsworth
(D) Arthur Compton-Rickett.
Answer:
(D) Arthur Compton-Rickett.

Question 18.
Each stanza of ‘Ode To Autumn’ consists
(A) 11 lines
(B) 12 lines
(C) 13 lines
(D) 14 lines
Answer:
(A) 11 lines

Question 19.
Who has been personified in ‘Ode To Autumn’?
(A) Spring
(B) Autumn
(C) Winter
(D) Summer
Answer:
(B) Autumn

Question 20.
John Keats has written the poem
(A) An Epitaph
(B) Ode To Autumn
(C) The Soldier
(D) Fire-Hymn
Answer:
(B) Ode To Autumn

Question 21.
Autumn is a season of mellow
(A) no wind
(B) fruitlessness
(C) fruitfulness
(D) None of these
Answer:
(C) fruitfulness

Question 22.
Autumn starts with the departure of the …………… season.
(A) winter
(B) spring
(C) rainy
(D) summer
Answer:
(D)

Question 23.
……….. was a great lover of nature.
(A) John Keats
(B) John Donne
(C) W.H. Auden
(D) Walt Whitman
Answer:
(A) John Keats

Question 24.
In ……….. new leaves and fruits come out on trees.
(A) spring
(B) autumn
(C) summer
(D) winter
Answer:
(B) autumn

Question 25.
And gathering swallows twitter in the skies’ is taken from [2018 A, I.A.]
(A) snake
(B) The soldier
(C) ode to Autumn
(D) An Epitaph
Answer:
(C) ode to Autumn

Question 26.
Season of mists and mellow fruitfulness’ is written by
(A) John Donne
(B) Walt Whitman
(C) W.H. Auden
(D) John Keats
Answer:
(D) John Keats

Question 27.
‘Ode To Autumn’ is written by-
(A) John Donne
(B) John Keats
(C) Walt Whitman
(D) T.S. Eliot
Answer:
(B) John Keats

Question 28.
John keats died to the year-
(A) 1821
(B) 1822
(C) 1815
(D) 1825
Answer:
(A) 1821

Question 29.
‘Ode to Autumn’ is a-
(A) Drama
(B) Poetry
(C) Story
(D) Essay
Answer:
(B) Poetry

Question 30.
John Keats was born in-
(A) 1795
(B) 1765
(C) 1785
(D) 1805
Answer:
(A) 1795

Question 31.
‘Ode to Autumn’ is a poem of-
(A) Love
(B) War
(C) Nature
(D) Sadness
Answer:
(C) Nature

Question 32.
Autumn is the close friend of the maturing-
(A) Moon
(B) Flowers
(C) Sun
(D) Fruits
Answer:
(C) Sun

Question 33.
………….. twitter in the sky ?
(A) Eagles
(B) Swallows
(C) Flowers
(D) Kites
Answer:
(B) Swallows

Question 34.
New leaves and fruits grow on trees in-
(A) Summer
(B) Autumn
(C) Winter
(D) Rainy Season
Answer:
(B) Autumn

Question 35.
Autumn starts after the departure of-
(A) Cold
(B) Summer
(C) Winter
(D) Rains
Answer:
(B) Summer

Bihar Board Class 12 History Solutions Chapter 5 यात्रियों के नज़रिए : समाज के बारे में उनकी समझ

Bihar Board Class 12 History Solutions Chapter 5 यात्रियों के नज़रिए : समाज के बारे में उनकी समझ Textbook Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 12 History Solutions Chapter 5 यात्रियों के नज़रिए : समाज के बारे में उनकी समझ

Bihar Board Class 12 History यात्रियों के नज़रिए : समाज के बारे में उनकी समझ Textbook Questions and Answers

उत्तर दीजिए (लगभग 100 से 150 शब्दों में)

Class 12 History Notes Bihar Board प्रश्न 1.
किताब-उल-हिन्द पर एक लेख लिखिए।
उत्तर:
किताब-उल-हिन्द:
इस ग्रंथ की रचना उज्बेकिस्तान के यात्री अल-बिरूनी द्वारा अरबी भाषा में की गई। इसकी भाषा सरल और स्पष्ट है। इसमें कुल 80 अध्याय हैं। इसके मुख्य विषय-धर्म और दर्शन, त्यौहार, खगोल विज्ञान, कीमिया, रीति-रिवाज तथा प्रथायें, सामाजिक जीवन, भार तौल, मापन विधियाँ, मूर्तिकला, कानून, मापतंत्र, विज्ञान आदि हैं।

उसने प्रत्येक अध्याय में एक विशिष्ट शैली का प्रयोग किया है। प्रारम्भ में एक प्रश्न फिर संस्कृतवादी परम्पराओं पर आधारित वर्णन और अंत में अन्य संस्कृतियों की एक तुलना है। अल-बिरूनी गणित का भी प्रेमी था इसलिए गणित का भी जिक्र है। उसने अपने लेखन में अरबी भाषा का प्रयोग किया है। उसकी कृतियाँ उपमहाद्वीप के सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए समर्पित हैं।

Syllabus Of History Class 12 Bihar Board प्रश्न 2.
इन-बतूता और बनियर ने जिन दृष्टिकोणों से भारत में अपनी यात्राओं के वृत्तांत लिखे थे, उनकी तुलना कीजिए तथा अंतर बताइए।
उत्तर:
इब्नबतूता और बर्नियर के यात्रा वृत्तांत में तुलना और अंतर:
मोरक्को यात्री इब्न-बतूता 14वीं शताब्दी में भारत आया था। उसके यात्रा वृत्तांत को रिहला कहा गया है। इसमें भारतीय उपमहाद्वीप के सामाजिक तथा सांस्कृतिक जीवन के विषय में सुन्दर झांकी मिलती है। वह पुस्तकीय ज्ञान की अपेक्षा यात्रा से प्राप्त ज्ञान को महत्त्व देता था। इसलिए उसने विभिन्न देशों की लम्बी यात्रायें की। उसने 1332-33 में भारत की यात्रा की।

वह दिल्ली के सुल्तान मुहम्मद-बिन-तुगलक से प्रभावित था। सुल्तान ने उसकी विद्वता से प्रभावित होकर उसे दिल्ली का काजी बना दिया। इस पद पर उसने कई वर्ष कार्य किया। उसने मालद्वीप में भी न्यायाधीश का कार्य किया। उसने विभिन्न संस्कृतियों, लोगों, आस्थाओं और मान्यताओं आदि के विषय में विस्तृत जानकारी दी है। वह बड़ा साहसी व्यक्ति था।

उसने यात्राओं में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। चोर तथा डाकुओं से भी उसका पाला पड़ा परन्तु उसने कभी थी धैर्य नहीं खोया। 17 वीं शताब्दी में फ्रांस का निवासी वर्नियर भारत आया था और हाँ 1665 से 1668 तक रहा। मुगल की यात्रा की और यात्रा-संस्मरण तैयार किए। उसने भारत के विभिन्न भागों की यात्रा की और यात्रा-संस्मरण तैयार किए।

उसने यूरोपीय समाज की तुलना भारत में तैयार किए गए सामाजिक परिवेश के साथ थी उसने अपना वृत्तांत अपने शासक और उच्च अधिकारियों को दिया इन सभी विवरणों में उसने भारत और यूरोपीय में हुए विकास की तुलना की। उसके यात्रा-संस्मरणे की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और उनका कई भाषाओं में प्रकाशन हुआ।

Bihar Board 12th History Book Pdf प्रश्न 3.
बर्नियर के वृत्तांत से उभरने वाले शहरी केन्द्रों के चित्र पर चर्चा कीजिए।
उत्तर:
बर्नियर के वृत्तांत से उभरने वाले शहरी केन्द्रों के चित्र:
बर्नियर ने मुगलकालीन शहरों को शिविर नगर कहा है। ये नगर अपने अस्तित्व के लिए राजकीय सहायता का शिविर पर निर्भर थे। बर्नियर का यह कथन विश्वसनीय नहीं लगता है। क्योंकि उस काल में भारत में सभी प्रकार के नगर अस्तित्व में थे। ये नगर उत्पादन केन्द्र व्यापारिक नगर, बंदरगाह नगर, धार्मिक केन्द्र और तीर्थ स्थान आदि के रूप में थे।

उसके अनुसार व्यापार समृद्ध था तथा नगर के व्यापारियों में एकता थी और वे समूहों में संगठित थे। पश्चिमी भारत में ऐसे समूहों को महाजन कहा जाता था। इनका मुख्यिा सेठ कहलाता था। इनके अलावा शहरी समूहों में चिकित्सक, अध्यापक, अधिवक्ता, चित्रकार, वास्तुविद्, संगीतकार और सुलेखन कार थे। इस प्रकार भारतीय नगर आकर्षण के केन्द्र थे।

Bihar Board Class 12 History Book प्रश्न 4.
इन-बतूता द्वारा दास प्रथा के संबंध में दिए गए साक्ष्यों का विवेचन कीजिए।
उत्तर:
इन-बतूता एवं दास प्रथा:
इब्नबतूता ने दास प्रथा के विषय में विस्तृत विवरण दिया है। दास खुले बाजार में आम वस्तुओं की तरह बेचे और उपहार स्वरूप दिये जाते थे। उदाहरण के लिए इब्नबतूता सिंध पहुँचा तो उसने सुल्तान मुहम्मद बिन तुगलक को भेंट के रूप में घोड़े और ऊँट के साथ दास भी दिए थे। उसने मुल्तान के गवर्नर को भी एक दास भेंट किया था। इब्नबतूता के अनुसार मुहम्मद बिन तुगलक ने नसीरूद्दीन नामक धर्मोपदेशक से प्रसन्न होकर उसे एक लाख टके (मुद्रा) तथा दो दास उपहारस्वरूप दिये।

इब्नबतूता के विवरण से पता चलता है कि सुल्तान के दरबार में ऐसी दासिया होती थी जो संगीत और गायन के कार्यक्रम में भाग लेती थी। उसने अपने अमीरों पर नजर रखने के लिए भी दासियों की नियुक्ति की थी। इस प्रकार दास और दासियां कई प्रकार के थे। दासों को श्रमशील कार्य में लगाया जाता था। वे पालकी ढोते थे। श्रमशील कार्य करने वाले दास-दासियों की कीमत बहुत कम होती थी। उन्हें सामान्य लोग भी रख सकते थे।

Bihar Board Class 12 History Syllabus प्रश्न 5.
सती प्रथा के कौन-से तत्त्वों ने बर्नियर का ध्यान अपनी ओर खींचा?
उत्तर:
बर्नियर का ध्यान आकृष्ट करने वाले सती प्रथा के तत्त्व:

  1. सभी समकालीन यूरोपीय यात्रियों तथा लेखकों की तरह बर्नियर ने भी महिलाओं के साथ किये जाने वाले दुर्व्यवहार का वर्णन किया है।
  2. उसके अनुसार कुछ महिलायें प्रसन्नता से मृत्यु को गले लगा लेती थी जबकि अन्य को मरने के लिए विवश किया जाता था।
  3. वस्तुतः इस प्रथा के अन्तर्गत यदि किसी महिला का पति युद्ध में मारा जाता था या किसी अन्य कारण से मर जाता था तो उसे अपने शरीर को अग्नि के हवाले करना पड़ता था।
  4. बर्नियर ने एक 12 वर्षीय बच्ची को चिता की आग में जलते हुए देखा। उसके हाथ पैर बंधे हुए थे। बर्नियर को इससे काफी धक्का लगा और क्रोधित हुआ परन्तु कुछ न कर सका।

निम्नलिखित पर एक लघु निबन्ध लिखिए। (लगभग 250 से 300 शब्दों में)

Bihar Board History प्रश्न 6.
जाति प्रथा के संबंध में अल-बिरूनी की व्याख्या पर चर्चा कीजिए।
उत्तर:
जाति प्रथा के संबंध में अल-बिरूनी की व्याख्या:

  1. अल-बिरूनी ने भारतीय प्रथाओं को समझने के लिए विभिन्न स्थानों की यात्रा करने के साथ वेदो, पुराणे, भागवद्गीता, पतंजलि की कृतियों तथा मनुस्मृति आदि का भी अध्ययन किया।
  2. उसने विभिन्न समुदायों के प्रतिकथ्यों के माध्यम से जाति प्रथा को समझने का प्रयास किया। उसने बताया कि फारस में चार सामाजिक वर्गों की मान्यता थी। ये वर्ग निम्नलिखित है –
    • (अ) घुड़सवार और शासक वर्ग
    • (आ) भिक्षु, आनुष्ठानिक पुरोहित तथा चिकित्सक
    • (इ) खगोल शास्त्री तथा वैज्ञानिक
    • (ई) कृषक तथा शिल्पकार। इसके माध्यम से वह यह बताना चाहता था कि ये सामाजिक वर्ग, केवल भारत ही सीमित नहीं थे।
  3. उसने यह भी दर्शाया कि इस्लाम में सभी लोगों को समान माना जाता था और उनमें भिन्नतायें केवल धार्मिक अनुष्ठानों को संपन्न करने की थी।
  4. जाति प्रथा के सन्दर्भ में वह ब्राह्मणवादी व्याख्या मानता था परन्तु अपवित्रता की मान्यता को उसने स्वीकार नहीं किया। उसका मानना था कि प्रत्येक वस्तु जो अपवित्र हो जाती है, पवित्र होने का प्रयास करती है और ऐसा होता भी है।
  5. पवित्रता के सम्बन्ध में वह उदाहरण देता है। उसके अनुसार सूर्य हवा को स्वच्छ करता है और समुद्र में नमक पानी को गंदा होने बचाता है। उसका कहना है कि यदि ऐसा नहीं होता तो पृथ्वी पर जीवन असंभव हो जाता।
  6. उसके अनुसार जाति व्यवस्था से जुड़ी अपवित्रता की धारणा प्रकृति के नियमों के प्रतिकूल है।

12th History Book Bihar Board प्रश्न 7.
क्या आपको लगाता है कि समकालीन शहरी केन्द्रों में जीवन शैली की सही जानकारी प्राप्त करने में इन-बतूता का वृत्तांत सहायता है? अपने उत्तर के कारण दीजिए।
उत्तर:
शहरी केन्द्रों में जीवन शैली की सही जानकारी प्राप्त करने में इन-बतूता का वृत्तान्त निश्चित रूप से सहायक है। इसके निम्नलिखित कारण है –

  1. इनबतूता 14 वीं शताब्दी में भारत आया था। उस समय तक पूरा उपमहाद्वीप एक ऐसी वैश्विक संचार तंत्र का हिस्सा बन चुका था जो पूर्व में यौन से लेकर पश्चिम में उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका तथा यूरोपीय देश तक फैला हुआ था।
  2. इब्न-बतूता ने स्वयं इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर यात्रायें की, पवित्र पूजा स्थलों को देखा, विद्वानों तथा शासको के साथ समय बिताया और कई बार काजी के पद पर कार्य किया।
  3. उसने शहरी केन्द्रों की उस विश्ववादी संस्कृति का गहन अध्ययन किया जहाँ अरबी,फारसी, तुर्की तथा अन्य भाषायें बोलने वाले लोग विचारों, सूचनाओं तथा उपाख्यानों का आदान-प्रदान करते थे।
  4. उसने धार्मिक लोगों, निर्दयी तथा दयावान् शासकों के साथ विचार-विमर्श किया।
  5. इब्न-बतूता ने यह भी देखा कि भारतीय उपमहाद्वीप के शहर उन लोगों के लिए लाभदायक है, जिनके पास आवश्यक इच्छा साधन तथा कौशल है। उसके पर्याप्त विकास की संभावनाएँ इस उप-महाद्वीप में थी।
  6. भारतीय शहरों में घनी आबादी थी और वे समृद्ध थे। कभी-कभी युद्ध अभियानों से इन्हें हानि होती थी। इन शहरों में अनेक सड़कें थीं और भीड़-भाड़ वाले बाजार थे। इनमें सभी सामान उपलब्ध था।
  7. वह बाजारों की आर्थिक विनिमय के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक गतिविधयों के केन्द्र भी बताता है। अधिकांश बाजारों में एक मस्जिद तथा एक मंदिर होता था। शहरों में मनोरंजन के लिए नर्तक भवन, संगीतकार भवनों का निर्माण किया गया था।
  8. इब्न-बतूता के अनुसार शहरी केन्द्रों का व्यापार विकसित था। भारतीय उपमहाद्वीप का व्यापार अंतर-एशियाई तंत्रों से सुव्यवस्थित रूप से जुड़ा था। भारतीय माल की मध्य तथा दक्षिण-पूर्व एशिया के बाजारों में बहुत मांग थी। शिल्पकारों तथा व्यापारियों को माल की बिक्री से भारी मुनाफा होता था।

Bihar Board Solution Class 12th History प्रश्न 8.
चर्चा कीजिए कि बर्नियर का वृत्तांत किस सीमा तक इतिहासकारों को समकालीन ग्रामीण समाज को पुननिर्मित करने में सक्षम करता है?
उत्तर:
समकालीन ग्रामीण समाज को पुनर्निर्मित करने में बर्नियर के वृत्तांत का योगदान –
1. बनियर ने समकालीन ग्रामीण समाज पर भी प्रकाश डाला है। वह भारत के ग्रामीण क्षेत्रों के विषय में लिखता है कि यहाँ की भूमि रेतीली और बंजर है और यहाँ की खेती अच्छी नहीं है। इन इलाकों की आबादी भी कम है।

2. कृषि योग्य सभी क्षेत्रों में खेती नहीं होती है क्योंकि श्रमिकों का अभाव है। गवर्नरों द्वारा किये गये बुरे व्यवहार के कारण कई श्रमिक मर जाते है।

3. लोभी स्वामियों की मांगों को पूरा कर पाने में असमर्थ निर्धन ग्रामिणों को ने केवल जीवन निर्वाह के साधनों से वंचित कर दिया जात है बल्कि उन्हें अपने बच्चों से भी हाथ धोना पड़ता है। उसके बच्चों को दास बना लिया जाता है। कभी-कभी तंग आकर किसान गाँव भी छोड़ देते है।

4. बर्नियर एक अन्य स्थान पर विपरीत विवरण देता है। उसके अनुसार बंगाल का विशाल राज्य मिस्र से कई दृष्टियों से आगे है। वह चावल मक्का तथा जीवन की आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन में आगे है। वह ऐसी अनेक वाणिज्यिक वस्तुओं का उत्पादन करता है जिनका उत्पादन मिस्र में नहीं होता है। वह रेशम कपास और नील के उत्पादन में आगे है।

5. भारत के कई ऐसे भाग भी है जहाँ जनसंख्या पर्याप्त है. और भूमि पर खेती अच्छी होती है।

6. बर्नियर का कहना है कि मुगल साम्राज्य में सम्राट सम्पूर्ण भूमि का स्वामी था और इसको अपने अमीरों के बीच बाँटता था। उसके अनुसार भूमि पर निजी स्वामित्व न रहने के कारण किसान अपने बच्चों को भूमि नहीं दे सकते थे। उन्होंने उत्पादन में रुचि लेना बंद कर दिया। उसका यह विवरण विश्वसनीय नहीं हैं क्योंकि राज्य केवल राजस्व या लगान वसूल करता था। भूमि पर उसका अधिकार नहीं था।

Bihar Board Class 12 History Book Solution प्रश्न 9.
यह बर्नियर से लिया गया एक उद्धरण है: ऐसे लोगों द्वारा तैयार सुंदर शिल्पकारीगरी के बहुत उदाहरण है जिनके पास औजारों का अभाव है और जिनके विषय में यह भी नहीं कहा जा सकता कि उन्होंने किसी निपुण कारीगर से कार्य सीखा है। कभी-कभी वे यूरोप में तैयार वस्तुओं की इतनी निपुणता से नकल करते हैं कि असली और नकली के बीच अंतर कर पाना मुश्किल हो जाता है।

अन्य वस्तुओं में, भारतीय लोग बेहतरीन बंदूकें और ऐसे सुंदर स्वर्णाभूषण बनाते हैं कि संदेह होता है कि कोई यूरोपीय स्वर्णकार कारीगरी के उत्कृष्ट नमूनों से बेहतर बना सकता है। अक्सर इनके चित्रों की सुन्दरता, मृदुलता तथा सक्षमता से आकर्षित हुआ है। उसके द्वारा उल्लिखित शिल्पकार्यों को सूचीबद्ध कीजिए तथा इसकी तुलना अध्याय में वर्णित शिल्प गतिविधियों से कीजिए।

उत्तर:

  1. गलीचा बनाना
  2. जरी का कार्य
  3. कसीदाकारी
  4. कढ़ाई
  5. सोने और चाँदी के वस्त्र
  6. विभिन्न प्रकार के रेशम तथा सूती वस्त्र
  7. सोने और चांदी की वस्तुएँ

इब्नबतूता ने भी भारतीय कपड़ों की प्रशंसा की है। इसके अनुसार विशेष रूप से सूती कपड़ा नहीन मलमल, रेशम जरी तथा साटन को विदेशों में मांग बहुत अधिक थी। उसके अनुसार महीन मलमल की कई किस्में इतनी अधिक महंगी थी कि उन्हें अमीर वर्ग तथा बहुत धनाढ्य लोग ही पहन सकते थे। उसने उस कालीन का वर्णन किया है जो दौलतमंद के बाजारों में विशाल गुंबदों में बिछायी जाती थी।

मानचित्र कार्य

प्रश्न 10.
विश्व के सीमारेखा मानचित्र पर उन देशों को चिह्नित कीजिए जिनकी यात्रा इब्नबतूता ने की थी। कौन-कौन के समुदों को उसने पार किया होगा?
Bihar Board Class 12 History Book Solution
उत्तर:
इनबतूता के यात्रा के देश –

  1. मोरक्को
  2. मक्का
  3. सीरिया
  4. इराक
  5. फारस
  6. यमन
  7. ओमान
  8. पूर्वी अफ्रीका
  9. मध्य एशिया
  10. सिंध
  11. मुल्तान
  12. कच्छ
  13. भारत
  14. श्रीलंका
  15. सुमात्रा
  16. चीन। उसने लाल सागर, अरब सागर और हिन्दमहासागर आदि समुद्रों को पार किया होगा।

परियोजना कार्य (कोई एक)

प्रश्न 11.
अपने ऐसे किसी बड़े संबंध (माता / पिता / दादा-दादी तथा नाना-नानी / चाचा-चाची) का साक्षात्कार कीजिए जिन्होंने आपके नगर अथवा गाँव के बाहर की यात्राएँ की हो? पता कीजिए।

  1. (क) ये कहाँ गये थे?
  2. (ख) उन्होंने कैसी यात्रा की?
  3. (ग) उन्हें कितना समय लगा?
  4. (घ) उन्होंने यात्रा क्यों की?
  5. (ङ) क्या उन्होंने किसी कठिनाई का सामना किया?

ऐसी समानताओं और भिन्नताओं को सूचीबद्ध कीजिए जो उन्होंने अपने रहने के स्थान और यात्रा किए गए स्थानों के बीच देखी, विशेष रूप से भाषा, पहनावा, खानपान, रीति-रिवाज, इमारतों सड़कों तथा पुरुषों और महिलाओं की जीवन शैली के संदर्भ में। अपने द्वारा हासिल जानकारियों पर एक रिपोर्ट तैयार कीजिए।
उत्तर:
छात्र स्वयं करें।

प्रश्न 12.
इस अध्याय में उल्लिखित यात्रियों में से एक के जीवन तथा कृतियों के विषय में और अधिक जानकारी हासिल कीजिए। उसकी यात्राओं पर एक रिपोर्ट तैयार कीजिए। विशेष रूप से इस बात पर जोर देते हुए कि उन्होंने समाज का कैसा विवरण किया है तथा इनकी तुलना अध्याय में दिए गए उद्धरणों से कीजिए।
उत्तर:
छात्र स्वयं करें।

Bihar Board Class 12 History यात्रियों के नज़रिए : समाज के बारे में उनकी समझ Additional Important Questions and Answers

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
अब्दुर रज्जाक समरकंदी कौन था?
उत्तर:

  1. यह हैरात से आया यात्री था। यह एक राजनयिक था और 15 वीं शताब्दी में भारत आया था।
  2. इसने अपने विवरण में विजयनगर शहर का विस्तृत विवरण दिया है।

प्रश्न 2.
अल-बिरूनी की भाषा और साहित्य के क्षेत्र में क्या देन है?
उत्तर:

  1. कई भाषाओं में दक्षता हासिल करने के कारण अल-बिरूनी भाषाओं की तुलना तथा ग्रंथो का अनुवाद करने में सक्षम रहा।
  2. उसने पंतजलि के व्याकरण सहित कई संस्कृत ग्रंथों का अरबी में अनुवाद किया। अपने ब्राह्मण मित्रों के लिए उसने यूक्लिड (यूनानी गणिगज्ञ) की पुस्तकों का संस्कृत में अनुवाद किया।

प्रश्न 3.
अल-बिरूनी की यात्रा का क्या उद्देश्य था?
उत्तर:

  1. अल-बिरूनी ने स्वयं कहा है कि वह लोगों से धार्मिक चर्चा करना चाहता था।
  2. वह ऐसे लोगों को जानकारी देना चाहता था जो उसके साथ जुड़ना चाहते थे।

प्रश्न 4.
इन-बतूता को यात्रा में कौन-सी प्रमुख कठिनाइयों का सामना करना पड़ा?
उत्तर:

  1. इब्नबतूता के कारवों को कई बार डाकुओं के आक्रमण का सामना करना पड़ा।
  2. रह-रह कर घर से निकलना उसे अच्छा नहीं लग रहा था। उसे एकाकीकरण महसूस हो रहा था और कई बार बीमार भी पड़ा।

प्रश्न 5.
फारसी और अरबी में ‘हिन्दु’ शब्द का प्रयोग किस प्रकार किया गया?
उत्तर:

  1. ई.पू. छठवीं-पाँचवी शताब्दी में फारसी में ‘इन्दू’ शब्द का प्रयोग सिंधु नदी (Indus) के पूर्व के क्षेत्र के लिए होता था।
  2. अरबी लोगों में फारसी शब्द को जारी रखा और इस क्षेत्र को ‘अल-हिंद’ तथा यहाँ के निवासियों को ‘हिन्दू’ कहा।

प्रश्न 6.
इन जुजाई कौन था?
उत्तर:

  1. इन जुजाई को इनबतूता के श्रुतलेखों को लिखने के लिए नियुक्त किया गया था।
  2. राजा ने उसको इब्नबतूता द्वारा एकत्रित की गई सूचनाओं को लिखने का निर्देश दिया। उसका लिखा गया कथानक अत्यन्त मनोरंजक एवं शिक्षाप्रद था।

प्रश्न 7.
बनियर के कार्यों का महत्त्व बताइए।
उत्तर:

  1. बनियर की सूचनायें अत्यन्त महत्त्वपूर्ण हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसकी पुस्तकें फ्रांस में (1670-71) में प्रकाशित होने के बाद अगले पाँच वर्ष के भीतर ही अंग्रेजी, डच, जर्मन तथा इटालवी भाषाओं में अनूदित हो गई थी।
  2. यहीं नहीं 1670 और 1725 के बीच उसका वृत्तांत फ्रेंच भाषा में आठ बार पुनर्मुद्रित हो चुका था और 1684 तक यह तीन बार अंग्रेजी में पुनर्मुद्रित हुआ था।

प्रश्न 8.
दूरते बरवोसा कौन था?
उत्तर:

  1. यह यूरोप का एक प्रसिद्ध लेखक था।
  2. इसने दक्षिण भारत के व्यापार की दशा और समाज का विस्तृत विवरण लिखा है।

प्रश्न 9.
ज्यौं बैप्टिस्ट तैवर्नियर के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:

  1. यह एक प्रसिद्ध फ्रांसीसी जौहरी था जिसने कम से कम छ: बार भारत की यात्रा की।
  2. वह भारत की व्यापारिक स्थितियों से प्रभावित था और उसने भारत की तुलना ईरान और आटोमन साम्राज्य से की।

प्रश्न 10.
फ्रांस्वा बीयर का आरम्भिक परिचय दीजिए।
उत्तर:

  1. फ्रोस्वा बर्नियर फ्रांस का निवासी और भारत की यात्रा करने वाला प्रसिद्ध यात्री थी। वह चिकित्सक, राजनीतिक, दार्शनिक तथा एक इतिहासकार था।
  2. वह मुगल साम्राज्य के विषय में जानकारी प्राप्त करने के लिए भारत आया था। वह 1656 से 1668 ई० तक भारत में रहा और मुगल वंश के साथ निकट से जुड़ा रहा। वह दारा शिरोह का चिकित्सक बना और बाद में उसने मुगल दरबार के आर्मीनियाई अमीर दानिशमंद खान के साथ एक बुद्धिजीवी तथा वैज्ञानिक के रूप में कार्य किया।

प्रश्न 11.
इब्नबतूता भारतीय शहरों की क्या विशेषता बताता है?
उत्तर:

  1. इब्नबतूता के अनुसार भारतीय शहरों में घनी जनसंख्या थी और सड़कें तथा रंगीन बाजार भीड़ से भरे होते थे।
  2. वह दिल्ली को भारत का सबसे बड़ा शहर तथा विशाल आबादी वाला बताता है।

प्रश्न 12.
इनबतूता ने नारियल का वर्णन किस प्रकार किया है?
उत्तर:

  1. ये पेड़ स्वरूप से सबसे अनोखे तथा प्रकृति में सबसे आश्चर्यजनक वृक्षों में से एक हैं। ये सर्वथा खजूर के वृक्ष जैसे दिखते हैं।
  2. नारियल के वृक्ष का फल मानव सिर से मेल खाता है क्योंकि इसमें भी दो आँखें तथा एक मुख है और अंदर का भाग हरा होने पर मस्तिष्क जैसा दिखता है। इसका रेशा बालों जैसा दिखाई देता है।

प्रश्न 13.
अल-बिरूनी ने कौन से तीन अवरोधों की चर्चा की है?
उत्तर:

  1. उसकी समझ से पहला अवरोध भाषा थी। उसके अनुसार अरबी और फारसी की तुलना में संस्कृत इतनी भिन्न थी कि उसमें वर्णित विचारों और सिद्धांतों को अन्य भाषाओं में अनुवादित करना आसान नहीं था।
  2. दूसरा अवरोध धार्मिक अवस्था और प्रथा में भिन्नता का था।
  3. तीसरा अवरोध लोगों में अभिमान की भावना का रहना था। वे दूसरों के साथ ज्ञान बाँटने में बिल्कुल भी रुचि नहीं लेते थे।

प्रश्न 14.
अल-बिरूनी ने जातिप्रथा के सम्बन्ध में अपवित्रता की मान्यता को क्यों नहीं स्वीकार किया?
उत्तर:

  1. उसके अनुसार प्रत्येक वह वस्तु जो अपवित्र हो जाती है, अपनी पवित्रता की मूल स्थिति को पुनः प्राप्त करने का प्रयास करती है और सफल होती है।
  2. सूर्य हवा को स्वच्छ करता है और समुद्र में नमक पानी को गंदा होने से बचाता है। अल-बिरूनी यह देखकर कहता है कि यदि ऐसा नहीं होता तो पृथ्वी पर जीवन असंभव होता।

प्रश्न 15.
इन-बतूता भारत की सम्पन्नता के क्या कारण बताता है?
उत्तर:

  1. भारतीय कृषि अच्छी थी क्योंकि यहाँ की मिट्टी उर्वर थी। उससे वर्ष में दो बार फसलें उगाई जाती थी।
  2. भारतीय उपमहाद्वीपीय व्यापार तथा वाणिज्य के मामले में एशिया के सभी देशों के साथ जुड़ा हुआ था।

प्रश्न 16.
बर्नियर का भारत का चित्रण द्वि-विपरीतता के नमूने पर आधारित है? पुष्टि कीजिए।
उत्तर:

  1. उसने भारत को यूरोप के प्रतिलोम या यूरोप को भारत के प्रतिलोम रूप में दर्शाया है। अर्थात् उसने यूरोप एवं वहाँ के निवासियों को श्रेष्ठ तथा भारत और भारतवासियों को तुच्छ, संस्कारहीन दर्शाने के लिए तुलनात्मक विश्लेषण का आधार लिया है।
  2. उसने जो भिन्नतायें महसूस की उन्हें भी पदानुक्रम के अनुसार क्रमबद्ध किया और यूरोप में यह दर्शाने की कोशिश की कि भारत एक निम्नकोटि का देश है।

प्रश्न 17.
लोगों की यात्राओं के क्या उद्देश्य थे?
उत्तर:

  1. काम की तलाश में
  2. साहस की भावना से प्रेरित होकर
  3. व्यापार, युद्ध, कर्मकाण्ड तथा तीर्थ भ्रमण के लिए
  4. प्राकृतिक आपदा में सुरक्षा के लिए

प्रश्न 18.
इब्नबतूता के अनुसार दासियाँ क्या कार्य करती थीं?
उत्तर:

  1. इनबतूता के अनुसार दासियों को सफाई कर्मचारी के रूप में रखा जाता था और वे बिना हिचक घरों में घुस जाती थीं:
  2. दासियाँ राजाओं को गुप्त सूचनाएँ देती थी तथा उसने अन्य कई कार्य भी कराए जाते थे।

प्रश्न 19.
मध्यकाल में भारत में यात्रा करने वाले चार विदेशी यात्रियों के नाम बताइए।
उत्तर:

  1. हेरात से अब्दुर रज्जाक समरकंदी।
  2. उज्बेकिस्तान से अल-बिरूनी।
  3. मोरक्को से इब्न-बतूता।
  4. फ्रांस से फ्रांस्वा बर्नियर।

प्रश्न 20.
बर्नियर भारत में किन आर्थिक वर्गों का उल्लेख करता है?
उत्तर:

  1. भारतीय समाज दरिद्र लोगों के समूह से बना है। यह अल्पसंख्यक अति अमीर तथा शक्तिशाली शासक वर्ग के अधीन है।
  2. गरीबों में सबसे गरीब तथा अमीरों में सबसे अधिक अमीर व्यक्ति के बीच नाममात्र को भी कोई सामाजिक समूह या वर्ग नहीं था अर्थात् मध्यम वर्ग नहीं था। बर्नियर बहुत विश्वास से कहता है, “भारत में मध्यम वर्ग के लोग नहीं हैं।”

प्रश्न 21.
मांटेस्क्यू का प्राच्य निरकुशवाद क्या है?
उत्तर:

  1. बर्नियर ने बताया कि भारत में निजी स्वामित्व का अभाव है। इसका प्रयोग मांटेस्क्यू ने अपने प्राच्य निरंकुशवाद में किया।
  2. इसके अनुसार एशिया (प्राच्य या पूर्व) में राजा अपनी प्रजा के ऊपर स्वतंत्र प्रभुत्व का उपभोग करते थे। इसका आधार यह था कि सम्पूर्ण भूमि पर राजा का स्वामित्व था तथा निजी संपत्ति अस्तित्त्व में नहीं थी।

प्रश्न 22.
बर्नियर के ‘शिविर नगर’ से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:

  1. ये नगर अपने अस्तित्त्व में बने रहने के लिए राजकीय सत्ता पर निर्भर थे।
  2. ये राजकीय दरबार के आगमन के साथ अस्तित्व में आते थे और इसके कहीं और चले जाने के बाद शीघ्र समाप्त हो जाते थे।

प्रश्न 23.
17 वीं शताब्दी में स्त्रियों का कार्य क्षेत्र विस्तृत था। दो तर्क दीजिए।
उत्तर:

  1. 17 वीं शताब्दी में महिलाएँ कृषि कार्यों तथा अन्य उत्पादक कार्यों में भाग लेती थीं।
  2. व्यापारियों की महिलायें व्यापारिक कार्यों को करती थीं। कभी-कभी वे वाणिज्यिक विवादों को अदालत में भी ले जाती थीं।

प्रश्न 24.
अल-बिरूनी के लेखन की दो विशेषतायें कौन-सी थीं?
उत्तर:

  1. उसने लेखन कार्य में प्रारंभ में प्रश्न, संस्कृतवादी परंपरा पर आधारित वर्णन और अंत में अन्य संस्कृतियों के साथ तुलना वाली विशिष्ट शैली अपनाई थी।
  2. अल-बिरूनी ने अपने लेखन कार्य में अरबी भाषा का प्रयोग किया।

प्रश्न 25.
इल-बतूता की यात्रा के क्या उद्देश्य थे?
उत्तर:

  1. वह नये-नये देशों और वहाँ के निवासियों के विषय में जानना चाहता था।
  2. वह पुस्तकीय ज्ञान से संतुष्ट नहीं था और यात्रा के द्वारा ज्ञान अर्जित करना चाहता था।

लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
यात्रियों के वृत्तान्तों की सामान्य विशेषतायें बताइए।
उत्तर:
यात्रियों के वृत्तान्तों की सामान्य विशेषतायें –

  1. वे विभिन्न स्थानों या देशों के भू-दृश्य या भौतिक परिवेश और लोगों के प्रयासों, भाषाओं, आस्था तथा व्यवहार का वर्णन करते हैं। ये सभी जो भिन्नताओं से भरे होते हैं।
  2. इनमें कुछ भाषाएँ एवं व्यवहार आदि इन भिन्नताओं के अनुरूप ढल जाते हैं और अन्य जो कुछ विशिष्ट किस्म के शेष रहते हैं, उन्हें ध्यानपूर्वक अपने वृत्तान्तों में लिखा गया है।
  3. वृत्तान्तों में असामान्य तथा उल्लेखनीय बातों को ही अधिक महत्त्व दिया गया है।
  4. यद्यपि महिलाओं ने भी यात्रा की थी परंतु उनके द्वारा छोड़े गये वृत्तान्त उपलब्ध नहीं हैं।
  5. सुरक्षित वृत्तान्त अपनी विषय वस्तु के सन्दर्भ में अलग-अलग प्रकार के हैं। कुछ दरवार की झलकियों का वर्णन करते हैं, जबकि अन्य धार्मिक विषयों या स्थापत्य के तत्त्वों और स्मारकों पर केन्द्रित होते हैं।

प्रश्न 2.
अल-बिरूनी भारत की यात्रा करना क्यों चाहता था?
उत्तर:
अल-बिरूनी की भारत की यात्रा के कारण –

  1. गजनी में ही अल-बिरूनी ने भारत के बारे में कई रोचक बातें चुनी धी अत: वह भारत का भ्रमण करना चाहता था।
  2. 8 वीं शताब्दी से संस्कृत में रचित खगोल विज्ञान, गणित और चिकित्सा जैसे विषयों पर लिखे गए पथों का अरबी भाषा में अनुवाद होने लगा था। अल-बिरूनी के लिए अब भारत के बारे में जानकारी प्राप्त करने में सुविधा हो गयी थी।
  3. पंजाब को महमूद द्वारा अपने अधिकार में लिए जाने के बाद स्थानीय लोगों के साथ संपर्क बनने लगे थे अतः उनसे जानकारी एकत्रित करना आसान हो गया था।

प्रश्न 3.
अल-बिरूनी के आरंभिक जीवन का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
अल-बिरूनी का आरंभिक जीवन –

  1. अल-बिरूनी का जन्म आधुनिक उज्बेकिस्तान में स्थित ख्वारिज्म नामक स्थान में 973 ई० में हुआ था।
  2. उसकी शिक्षा-दीक्षा ख्वारिज्म में दुई। वस्तुतः ख्वारिज्म शिक्षा का महत्वपूर्ण केन्द्र था।
  3. उसने कई भाषायें सीरियाई, फारसी, हिब्रू तथा संस्कृत आदि सीख ली। यूनानी भाषा का ज्ञान न होते हुए भी वह प्लेटो तथा अन्य यूनानी दार्शनिकों के कार्यों से परिचित था।
  4. 1017 ई० में ख्वारिज्म पर आक्रमण के पश्चात् सुल्तान महमूद अल-बिरूनी सहित यहाँ के कई विद्वानों तथा कवियों को बंधक बनाकर अपने साथ अपनी राजधानी ले गया।
  5. वह बंधक के रूप में गजनी आया परंतु धीरे-धीरे उसे इस शहर में अच्छा लगने लगा। वह अपनी मृत्यु तक (70 वर्ष की आयु) यहीं बना रहा।

प्रश्न 4.
अल-बिरूनी जाति व्यवस्था की कई मान्यताओं से सहमत नहीं था। विवेचना कीजिए।
उत्तर:

  1. ब्राह्मणवाद की जाति व्यवस्था की व्याख्या से सहमत होने पर भी इब्न-बतूता ने अपवित्रता की मान्यता को अस्वीकार कर दिया। उसने कहा कि प्रत्येक वस्तु जो अपवित्र हो जाती है, अपनी खोई हुई पवित्रता को पुनः प्राप्त करने का प्रयास करती है और इस प्रयास में अन्ततः सफल होती है।
  2. उसके अनुसार पवित्र और अपवित्र होने की प्रक्रिया प्रकृति में चलती रहती है। पेड़ पौधे गंदी हवा (कार्बन डाईआक्साइड) ग्रहण करके शुद्ध हवा (ऑक्सीजन) छोड़ते हैं। समुद्र में नमक पानी को गंदा होने से बचाता है।
  3. अल-बिरूनी के अनुसार जाति व्यवस्था में शामिल अपवित्रता की अवधारणा प्रकृति के नियमों के विरुद्ध है।

प्रश्न 5.
हिंदू, अल-हिंद और हिंदी किसके लिए प्रयोग किया गया। बाद में इसका रूपान्तर किस प्रकार हुआ?
उत्तर:

  1. “हिंदू” शब्द लगभग 6-5वीं शताब्दी ई० पू० में प्रयुक्त होने वाले एक प्राचीन फारसी शब्द से निकला है। इस शब्द का प्रयोग सिंधु नदी (Indus) के पूर्व के क्षेत्र के लिए होता था।
  2. अरबी लोगों ने फारसी शब्द को जारी रखा और इस क्षेत्र को ‘अल-हिंद’ तथा यहाँ के निवासियों को ‘हिंदी’ कहा।
  3. बाद में तुर्कों ने सिंधु से पूर्व में रहने वाले लोगों को ‘हिंदु, उनके निवास क्षेत्र को ‘हिंदुस्तान’ तथा उसकी भाषा को ‘हिंदवी’ का नाम दिया।
  4. इनमें से कोई भी शब्द लोगों की धार्मिक पहचान का द्योतक नहीं था। बाद में इसका धार्मिक संदर्भ में प्रयोग किया जाने लगा।

प्रश्न 6.
इन-बतूता को भारत की यात्रा के समय किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उसे हठी यात्री क्यों कहा गया है?
उत्तर:

  1. इन-बतूता ने ऐसे समय (14वीं सदी) यात्रा की, जब आज की तुलना में यात्रा करना अधिक कठिन तथा जोखिम भरा कार्य था।
  2. उसे मुल्तान से दिल्ली की यात्रा में 40 और सिंध से दिल्ली की यात्रा में लगभग 50 दिन का समय लगा था।
  3. यात्रा करना सुरक्षित भी नहीं था अतः इब्नबतूता को कई बार डाकुओं के आक्रमण झेलने पड़े। वह अपने साथियों के साथ कारवाँ में चलता था परंतु राजमार्ग के लुटेरे फिर भी लूट ले जाते थे।
  4. मुल्तान से दिल्ली की यात्रा के दौरान उसके कारवां पर आक्रमण हुआ था और उसके कई साथी यात्रियों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था। इब्नबतूता सहित अन्य कई यात्री घायल हुए थे।
  5. उसने उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका में अपने निवास स्थान मोरक्को वापस जाने से पूर्व कई वर्ष उत्तरी अफ्रीका, पश्चिम एशिया, मध्य एशिया के कई भू-भागों भारतीय उपमहाद्वीपीय तथा चीन की यात्रा की थी। विषम परिस्थितियों में भी यात्रा करने का उसका साहस उसकी “जिद” या “हठ” कहा जा सकता है।

प्रश्न 7.
किताब-उल-हिन्द की साहित्यिक परम्परा का वर्णन कीजिए।
उत्तर:

  1. इसकी भाषा सरल और स्पष्ट है। यह 80 अध्यायों का एक विस्तृत ग्रंथ है जिसमें विविध विषयों पर चर्चा की गयी है।
  2. सामान्य रूप से अल-बिरूनी ने प्रत्येक अध्याय में एक विशिष्ट शैली का प्रयोग किया है जिसमें आरम्भ एक प्रश्न होता था फिर संस्कृतवादी परम्पराओं पर आधारित वर्णन और अंत में इसकी अन्य संस्कृतियों के साथ तुलना की जाती थी।
  3. इस पुस्तक का लेखन ज्यामितीय संरचना का है जो अपने तथ्यपरक पूर्वानुमान पर आधारित है। अल-बिरूनी का गणित की ओर रूझान रहने को यह बाद सिद्ध करती है।
  4. उसने अरबी भाषा का प्रयोग किया है। वह संस्कृत, पाली तथा प्राकृत के ग्रंथों का अरबी भाषा में अनुवाद करने में दक्ष था।

प्रश्न 8.
“18वीं शताब्दी के बनियर के यात्रा-संस्मरण ने यूरोपीय लेखकों को प्रभावित किया।” इस कथन के समर्थन में तर्क दीजिए।
उत्तर:
यूरोपीय लेखकों पर बर्नियर के विवरण का प्रभाव –
1. मुगल काल में भूमि सुधार के प्रति किसान लापरवाह थे क्योंकि सम्पूर्ण भूमि पर सम्राट का स्वामित्व था। कृषक वर्ग इस अधिकार से वंचित था। इस तथ्य ने फ्रांसीसी दार्शनिक मान्टेस्क्यू को प्रभावित किया। उसने इस तथ्य के आधार पर अपने प्राच्य (पूर्व) निरंकुशवाद के सिद्धांत को विकसित किया। उसके अनुसार यह प्राच्य देशों का निरंकुशवाद ही था जिसने लोगों को गरीबी और दासता की स्थितियों में रखा था।

2. बर्नियर के विचार ने कार्ल मार्क्स को भी प्रभावित किया। उसने इस विचार को एशियाई उत्पादन का सिद्धांत नाम दिया। उसने यह तर्क दिया कि भारत तथा अन्य एशियाई देशों में उपनिवेशवाद से पूर्व उपज अधिशेष का ग्रहण राज्य द्वारा होता था। इससे एक ऐसे समाज का उदय हुआ जो बड़ी संख्या में स्वायत्त तथा समतावादी ग्रामीण समुदायों से बना था। इन समुदायों पर राजदरबार का नियंत्रण था। जब तक अधिशेष की आपूर्ति बिना किसी बाधा होती रही तब तक स्वायत्तता सम्मानित रही। कार्ल मार्क्स के अनुसार यह निष्क्रिय प्रणाली थी।

प्रश्न 9.
इन-बतूता के बाद भारत यात्रा करने वाले यात्रियों का नामोल्लेख कीजिए।
उत्तर:
इब्नबतूता के बाद भारत यात्रा करने वाले यात्री –

  1. इनमें सबसे प्रसिद्ध यात्री अब्दुर रज्जाक समरकंदी था। उसने 1440 के दशक में दक्षिण भारत की यात्रा की।
  2. 1620 के दशक में महमूद वली बल्खी ने भी भारत की यात्रा की।
  3. शेख अली हाजिन 1740 के दशक में उत्तर भारत आया था।
  4. भारत आने वाले अन्य यात्री थे-अफानासी निकितिच निकितिन, दूरते बारबोसा, समदी अली रेहल, अंतोनियो मानसेरेते, पीटर मुंडी, ज्यौं बैप्टिस्ट तैवर्नियर तथा फ्रांस्वा बर्नियर।

प्रश्न 10.
इन-बतूता की यात्रा का संक्षिप्त विवरण दीजिए।
उत्तर:
इन-बतूता की यात्रा का संक्षिप्त विवरण –

  1. इब्न-बतूता यात्रा को विशेष महत्त्व देता था क्योंकि वह इसको ज्ञान का साधन मानता था।
  2. 1332-33 में उसने भारत के लिए प्रस्थान किया लेकिन इससे पहले वह मक्का की सीरिया, इराक, फ्रांस, यमन, ओमान तथा पूर्वी अफ्रीका के कई तटीय व्यापारिक बन्दरगाहों की यात्रा कर चुका था।
  3. वह भारत के मुहम्मद बिन तुगलक से मिलने को आतुर था। इसलिए 1333 ई० में मध्य एशिया के रास्ते स्थलमार्ग से सिंध पहुँचा। यहाँ से मुल्तान और कच्छ के रास्ते अन्ततः दिल्ली पहुंच गया।
  4. इब्न-बतूता मध्य भारत के रास्ते मालाबार से मालद्वीप गया। वहाँ 18 माह रहकर उसने बंगाल और असम की यात्रा भी की।
  5. असम से वह सुमात्रा गया और वहाँ से एक अन्य जहाज से चीन पहुँचा । 1347 ई० में उसने घर जाने का निश्चय किया।

प्रश्न 11.
अल-बिरूनी ने भारत की वर्ण-व्यवस्था की विषय में क्या जानकारी दी है?
उत्तर:
अल-बिरूनी द्वारा भारत की वर्णव्यवस्था की जानकारी –

  1. हिंदू ग्रंथों के आधार से उसका कहना है कि सबसे ऊँची जाति ब्राह्मणों की है जो ब्रह्मा के सिर से उत्पन्न हुए थे। क्योंकि ब्रह्म प्रकृति नामक शक्ति का ही दूसरा नाम है और सिर शरीर का ऊपरी भाग है। इसलिए ब्राह्मण पूरी प्रजाति का सबसे महत्त्वपूर्ण भाग है। यही कारण है कि उन्हें मानव जाति में सर्वश्रेष्ठ समझा जाता है।
  2. ब्राह्मण के बाद क्षत्रिय आते हैं जिनका जन्म शास्त्रों के अनुसार ब्रह्मा के कंधों और हाथों से हुआ है। वह लगभग ब्राह्मणों के समकक्ष हैं।
  3. क्षत्रिय के बाद वैश्य आते हैं जिनका उद्भव ब्रह्मा की जंघाओं से हुआ था।
  4. शूद्र का सृजन ब्रह्मा के पैरों से हुआ था।

प्रश्न 12.
बर्नियर को मुगल सेना के साथ कौन-कौन सी सुविधायें दी गई?
उत्तर:
बर्नियर को मुगल सेना के साथ दी जाने वाली सुविधायें –

  1. भारतीय प्रथा के अनुसार दो अच्छे तुर्की घोड़े चुनने का मौका दिया गया। उसे एक शक्तिशाली फारसी ऊँट तथा चालक अपने घोड़ों के लिए साईस, एक खानसामा तथा जलपात्र ढोने वाला सेवक दिया गया।
  2. आराम करने के लिए एक औसत आकार का तंबू, एक दरी, एक छोटा बिस्तर, एक तकिया तथा एक बिछौना दिया गया।
  3. भोजन के समय प्रयोग में आने वाला गोलाकार चमड़े का मेजपोश, रंगीन कपड़े के कुछ अंगोछे या नैपकिन, खाना बनाने के सामान से भरे तीन छोटे झोले तथा एक बड़ा झोला तथा दुहरी सुतली या चमड़े के पट्टों से बना जाल दिया गया।
  4. बढ़िया चावल, सौंफ की सुगन्ध वाली मीठी रोटी, नींबू तथा चीनी का भण्डार भी साथ में दिया गया।
  5. उसे दही और नींबू का शरबत भी दिया गया।
  6. लोहे के अंकुश वाला झोला भी दिया गया। यह अंकुश पानी निकालने और दही टाँगने में प्रयोग होता था।

प्रश्न 13.
संस्कृत भाषा के विषय में अल-बिरूनी ने क्या लिखा है?
उत्तर:

  1. वह संस्कृत को कठिन भाषा मानता है। उसके अनुसार इसे सीखना आसान नहीं है।
  2. अल-बिरूनी के अनुसार अरबी भाषा की तरह इसके शब्द और विभक्तियाँ अनेक हैं।
  3. संस्कृत में एक ही वस्तु के लिए कई मूल तथा व्युत्पन्न दोनों तरह के शब्द प्रयोग होते हैं और एक ही शब्द का प्रयोग कई वस्तुओं के लिए होता है।
  4. इसको समझने के लिए विभिन्न विशेषक संकेतपदों के माध्यम से पदों एवं शब्दों को एक-दूसरे से अलग किया जाना आवश्यक है।

प्रश्न 14.
बर्नियर ने भूमि स्वामित्व के कौन-कौन से दुष्परिणाम बताये हैं?
उत्तर:
भूमि स्वामित्व के दुष्परिणाम –

  1. बनियर के अनुसार भारत में निजी भू-स्वामित्व का अभाव था। वह भूमि पर राजकीय स्वामित्व को राज्य तथा उसके निवासियों दोनों के लिए हानिकारक मानता था।
  2. बनियर लिखता है कि भूमि पर सम्पूर्ण अधिकार सम्राट का था जिसे वह अपने अमीरों में बाँटता था। अमीरों द्वारा किसानों और कृषि कामों से खेती कराई जाती थी। इस पद्धति के अर्थव्यवस्था और समाज दोनों पर हानिकारक प्रभाव पड़ते थे।
  3. चूंकि भूमिस्वामी अपने बच्चों को विरासत में भूमि नहीं दे सकते थे। इसलिए वे उत्पादन का स्तर बनाये रखने और उत्पादन बढ़ाने के लिए निवेश करने से कतराते थे।
  4. निजी स्वामित्व के अभाव ने भूमि के रख-रखाव व बेहतरी के प्रति सजग रहने वाले भू-स्वामियों को प्रोत्साहित नहीं किया।
  5. राज्य का भूमि पर स्वामित्व रहने के कारण कृषि का विनाश और कृषकों का उत्पीड़न हुआ तथा समाज के सभी वर्गों के जीवन-स्तर में गिरावट आई।

प्रश्न 15.
ताराबबाद का संक्षिप्त विवरण दीजिए।
उत्तर:

  1. इब्नबतूता के अनुसार दौलताबाद में पुरुष और महिला गायकों के लिए एक बाजार है जिसे ताराबबाद कहते हैं। यह सबसे विशाल और सुन्दर बाजारों में से एक था।
  2. यहाँ अनेक दुकानें हैं और प्रत्येक दुकान में एक ऐसा दरवाजा है जो मालिक के आवास में खुलता है। अर्थात मकान में दुकान और घर दोनों थे।
  3. दुकानों को कालीनों से सजाया गया है और दुकान के मध्य में एक झूला है जिस पर गायिका बैठती है। वह पूरी सजी होती है और सेविकायें उसे झूला झुलाती हैं।
  4. बाजार के मध्य में एक गुंबद खड़ा है जिसमें कालीन बिछाए गए हैं और सजाया गया है। इसमें प्रत्येक गुरुवार सुबह की इबादत के बाद संगीतकारों के प्रमुख अपने सेवकों और दासों के बीच में स्थान ग्रहण करते हैं।

प्रश्न 16.
बर्नियर द्वारा भारत के कृषि और शिल्प उत्पादन के बारे में दिये गये विवरण क्या हैं?
उत्तर:
बर्नियर द्वारा भारत के कृषि और शिल्प उत्पादन के विषय में दिया गया विवरण –

  1. भारत की अधिकाँश भूमि अत्यधिक उपजाऊ है।
  2. बंगाल के विशाल राज्य में चावल, मकई तथा अन्य खाद्य वस्तुएँ और रूई, पटसन आदि मिस्र से भी अधिक उगाई जाती है।
  3. यहाँ रेशम, कपास तथा नील मिस्र से भी अधिक पैदा होता है।
  4. भारत में गलीचा, जरी, कसीदाकारी, कढ़ाई, सोने, चाँदी के तारों के कढ़ाईदार वस्त्रों, रेशम तथा सूती वस्त्रों का उत्पादन अधिक होता है और इनका विदेशों में निर्यात होता है।
  5. यहाँ के शिल्पकार कार्य-कुशल हैं और वाणिज्यिक पैमाने पर वस्तुओं का विनिर्माण करते हैं।

प्रश्न 17.
यूरोपीय शासकों को मुगल ढाँचे के अनुसरण के प्रति बनियर क्या चेतावनी देता है? यूरोपीय शासकों को मुगल ढाँचे के अनुसरण के प्रति बनियर क्या चेतावनी देता है?
उत्तर:
बर्नियर द्वारा यूरोपीय शासकों को मुगल ढांचे के अनुसरण के प्रति दी जाने वाली चेतावनी –

  1. उसका कहना है कि यूरोपीय शासकों को मुगल ढाँचे का अनुसरण नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से उनके व्यवस्थित, निर्मित, समृद्ध, सुशिष्ट और विकसित राज्य नष्ट हो सकते हैं।
  2. यूरोप के शासक अमीर और शक्तिशाली हैं लेकिन मुगल ढाँचे का अनुकरण करने को दशा में वे रेगिस्तान तथा निर्जन स्थानों के भिखारियों तथा निर्दयी लोगों के राजा मात्र रह जायेंगे।
  3. यूरोप के महान् शहर और नगर प्रदूषित और नष्ट हो सकते हैं।
  4. शहरों और नगरों का जीर्णोद्धार असंभव हो जाएगा और वे शीघ्र ही नष्ट हो जाएँगे।

प्रश्न 18.
भारत में अनेक व्यावसायिक वर्ग थे। बनियर के विवरण से इसकी पुष्टि कीजिए।
उत्तर:

  1. व्यापारी प्राय: मजबूत सामुदायिक अथवा बंधुत्व के संबंधों से जुड़े हुए थे और अपनी जाति तथा व्यावसायिक संस्थाओं के माध्यम से संगठित रहते थे।
  2. पश्चिमी भारत में ऐसे समूह को महाजन और उनके मुखिया को सेठ कहा जाता है।
  3. अहमदाबाद जैसे शहरी केन्द्रों में सभी महाजनों का सामूहिक प्रतिनिधित्व व्यापारिक समुदाय को मुखिया करते थे। इनको नगर सेठ कहा जाता था।
  4. अन्य व्यावसायिक वर्ग जैसे चिकित्सक (हकीम), अध्यापक (पंडित या मुल्ला), अधिवक्ता (वकील), चित्रकार, वास्तुविद्, संगीतकार, सुलेखक आदि शामिल थे।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
इब्नबतूता कौन था? उसने भारत के बारे में क्या लिखा है? अथवा, इब्नबतूता के यात्रा विवरण का संक्षिप्त उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
इब्नबतूता का आरम्भिक जीवन-इब्नबतूता अफ्रीका के एक देश मोरक्को का रहने वाला था। वह मिन, फिलस्तीन, अरब तथा ईरान से होता हुआ 1333 ई० में दिल्ली पहुँचा। वह भिन्न-भिन्न धर्मों का ज्ञाता तथा न्याय शास्त्री था। जब वह भारत में पहुँचा तो मुहम्मद तुगलक ने उसको राज्य का मुख्य काजी नियुक्त कर दिया।

इससे इब्नबतूता को सम्राट के दरबार तथा इसके दैनिक काम-काज को निकट से देखने का सुंदर अवसर मिला। उसने सभी बातों का अपनी पुस्तक में वर्णन किया है। उसने भारत की सामाजिक स्थिति का भी आँखों-देखा वर्णन किया है। इब्नबतूता द्वारा दिया गया वृत्तांत बहुत रोचक तथा मूल्यवान है।

1. सामाजिक स्थिति:
उसने अनुभव किया कि हिंदू.जाति प्रधा का बहुत कठोरता से पालन करते थे लेकिन अतिथियों का सत्कार करने में हमेशा आगे रहते थे। लोगों में धन एकत्रित करने की लालसा थी। इब्नबतूता ने भी मार्कोपोलो की भाँति ऋण वापिस लेने के अनोखे कानून का वर्णन किया है। यदि कोई उच्च वर्ग का व्यक्ति, ऋण वापिस न करता तो उसके ऋणदाता उसका रास्ता रोक कर उसे अपने महल में नहीं जाने देते थे।

वे अपनी फरियाद ऊँचे स्वर में सुल्तान सं किया करते थे। ऋणी व्यक्ति अपनी बदनामी के डर से ऋण बापस कर देता था या फिर धन वापस करने का नया वचन देता था। सुल्तान इस झगड़े में हस्तक्षेप करके ऋणदाता को उसका धन बापस दिलवा देता था। इब्नबतूता ने मालावार में प्रचलित मारमाकट्टवम (Marmakatavam) या उत्तराधिकार नियम के बारे में भी वर्णन किया है।

इस कानून के अनुसार संपत्तिधारक पुत्र के स्थान पर अपने भाँजे को भी कानूनी रूप में संपत्ति का उत्तराधिकारी बना सकता था । इब्नबतूता यह देखकर चकित रह गया कि पश्चिमी तट के निकट रहने वाले लोग अपने बच्चों को शिक्षा दिलाने के बहुत इच्छुक थे। उदाहरण के लिए-होनाबर (Honavar) में इब्नबतूता ने लड़कियों के तेरह तथा लड़कों के तेइस स्कूल देखें। उसने यह भी देखा कि विश्व के सभी भागों से व्यापारी कालीकट बंदरगाह पर उतरते थे।

2. आर्थिक स्थिति:
इनबतूता लिखता है कि बंगाल, भारत का सबसे समृद्ध तथा उपजाऊ राज्य था। भारत के अन्य भागों की भाँति बंगाल में आवश्यक वस्तुओं के मूल्य बहुत कम थे तथा कम आय वाले व्यक्ति भी सुखदायी जीवन व्यतीत कर सकते थे। वह लिखता है कि बंगाल की भूमि इतनी उपजाऊ थी कि यहाँ वर्ष में दो फसलें उगाई जा सकती थी तथा चावल की फसल वर्ष में तीन बार उगाई जाती थी। तिल, गन्ना तथा कपास की फसलें भी उगाई जाती थी। तेल निकालने, कपड़ा बुनने तथा चीनी और गुड़ बनाने के गृह-उद्योग इन्हीं फसलों पर आधारित थे।

3. दिल्ली की स्थिति:
इनबतूता दिल्ली को पूर्वी इस्लामिक देशों का सबसे बड़ा नगर बताता है। वह मुहम्मद तुगलक के महल के बारे में लिखता है कि सुल्तान से मिलने के लिए उत्सुक प्रत्येक व्यक्ति को तीन बड़े ऊँचे द्वारों में से होकर गुजरना पड़ता था। यहाँ पर बहुत से सुरक्षा सैनिक पहरा देते थे। इनबतूता ने ‘हजार स्तंभों के दरबार’ (Court of thousand pillars) में प्रवेश किया। यह बड़े-बड़े लकड़ी के स्तंभों पर बना एक बहुत विशाल कक्ष था। इन लकड़ी के स्तंभों को बढ़िया पालिश करके सुंदर रंगों से सजाया गया था। इसी विशाल कक्ष में सुल्तान का दरबार लगता था।

4. डाक व्यवस्था:
इब्नबतूता कहता है कि मुहम्मद तुगलक ने डाक को देश के एक भाग से दूसरे भाग तक शीघ्र पहुँचाने के व्यापक प्रबंध किए थे। इस कार्य के लिए एक-एक मील की दूरी पर बुर्ज बने हुए थे। यहाँ पर घोड़े और डाक ले जाने वाले संदेशवाहक खड़े होते थे। इनका काम डाक को अगले पड़ावों तक पहुँचाना होता था। संदेशवाहक दौड़ते हुए लगातार घंटी बजाते जाते थे ताकि अगले पड़ाव पर खड़े संदेशवाहक को उनके आने की सूचना मिल सके और वे आगे जाने के लिए तैयार हो जाएँ।

5. दास व्यवस्था:
समकालीन सामाजिक रीतियों तथा शिष्टाचार के बारे में वह लिखता है कि उस समय दास प्रथा बहुत प्रचलित थी तथा लड़कों और लड़कियों को दास रखने का रिवाज था। सती होने का एक भयानक दृश्य का वर्णन करते हुए वह लिखता है कि एक स्त्री को विवश करके चिता पर बैठाया गया। उस समय बड़ी ऊँची आवाज में ढोल बजाए जा रहे थे ताकि उसकी चीजों की आवाज न सुनाई दे। इनबतूता लिखता है कि स्त्री को सती करवाने से पहले सुल्तान की आज्ञा लेनी पड़ती थी।

6. ऋण व्यवस्था:
इब्नबतूता लिखता है कि ऋणदाता अपना ऋण की राशि वसूल करने के लिए सुल्तान की शरण लेता था। किसी बड़े अमीर या सरदार से ऋण राशि की वसूली के लिए ऋणदाता उस अमीर का राजमहल जाने का रास्ता रोक लेता था और ऊँची आवाज में सुल्तान से धन राशि वापस दिलवाने की गुहार लगाता था। ऋणी व्यक्ति उस समय बहुत कठिन स्थिति में फंस जाता था। ऐसी दशा में ऋण की राशि तुरंत लौटानी पड़ती थी या भविष्य में किसी समय लौटाने का वचन देना पड़ता था। कई बार सुल्तान स्वयं हस्तक्षेप करके ऋणी को ऋणदाता को राशि वापिस करने के लिए विवश कर देता था। इब्नबतूता सुल्तान तथा उस समय के आम-लोगों के जीवन के ढंग की जानकारी भी देता है। इससे हमें सुल्तान और उसकी प्रजा के बीच संबंधों का ज्ञान प्राप्त होता है।

7. सुल्तान का स्वभाव:
इब्नबतूता लिखता है कि सुल्तान की उपहार और दण्डनीति थी। उसके द्वारा लूटे गए और भिखारी के स्तर पर पहुँचाए गए लोग ही दरबार के मुख्य द्वार पर भीख माँगने के लिए खड़े रहते थे। यहाँ उसके द्वार पर मरवाए गए किसी व्यक्ति की लाश लटकी होती थी। उसकी दयालुता और वीरता के साथ ही उसकी निर्दयता और क्रूर दण्ड व्यवस्था के समाचार सर्वत्र फैले थे। इन अनोखी प्रवृत्तियों के बावजूद वह एक नम्र व्यक्ति था। वह स्वयं को सत्य का पालन तथा निष्पक्ष न्याय करने वाला सिद्ध करने की चेष्टा करता था। वह अपने धर्म के सभी रीति-रिवाजों का पूर्ण पालन करता था। वह निश्चित समय पर नमाज पढ़ता था और नमाज न पढ़ने वालों को दण्ड देता था। अकाल पड़ने पर वह सरकारी अनाज भंडार से दिल्ली के लोगों को निःशुल्क अनाज बांटता था।

प्रश्न 2.
“भारत में संचार की एक अनूठी प्रणाली थी” इब्नबतूता के वृत्तान्त से इसकी पुष्टि कीजिए।
उत्तर:
इब्नबतूता द्वारा वर्णित भारत की अनूठी संचार प्रणाली:
लगभग सभी व्यापारिक मार्गों पर सराय तथा विश्रामगृह स्थापित किये गये थे। इब्नबतूता भारत की अद्भुत डाक व्यवस्था देखकर चकित रह गया था। इसके कारण व्यापारियों को सुदूर स्थानों पर सूचना भेजने की सुविधा ही नहीं बल्कि उधार भेजना भी संभव हो गया। व्यापारी आसानी से अपना माल ठीक समय पर भेज देते थे। डाक प्रणाली इतनी कुशल थी कि जहाँ सिंध से दिल्ली की यात्रा में 50 दिन लगते थे वहीं गुप्तचरों की खबरें सुल्तान तक सिर्फ 5 दिन में पहुँच जाती थी।

इनबतूता के अनुसार भारत में डाक व्यवस्था दो प्रकार की थी:

  1. अश्व डाक व्यवस्था (उलुक)
  2. पैदल डाक व्यवस्था (दावा)।

अश्व डाक व्यवस्था या उलुक प्रत्येक चार मील की दूरी पर रखे गए राजकीय घोड़ों द्वारा संचालित होती थी। पैदल डाक व्यवस्था या दावा में प्रत्येक तीन मील पर विश्राम और अन्य डाकिए को आगे रवाना करने की व्यवस्था थी। पैदल डाक व्यवस्था अश्व डाक व्यवस्था से अधिक तीव्र थी। इसकी प्रक्रिया अद्भुत थी। इसमें प्रत्येक तीन मील पर एक गाँव होता था। इस गाँव के बाहर तीन मंडप होते थे जिनमें लोग कार्य आरंभ के लिए तैयार बैठे रहते थे। उनमें प्रत्येक के पास दो साथ (40 इंच) लंबी एक छड़ होती थी जिसके ऊपर तांबे की घंटियाँ लगी होती थी।

डाक प्रणाली में सन्देशवाहक शहर से यात्रा आरंभ करता था। वह एक हाथ में पत्र तथा दूसरे हाथ में घंटियों वाली छड़ लेकर अपनी क्षमतानुसार तेज भागता था। अगले मंडप में बैठे लोग घंटियों की आवाज सुनकर उसके हाथ का पत्र लेने के लिए तैयार हो जाते थे। जैसे ही संदेशवाहक उनके पास पहुँचता था, उनमें एक उससे पत्र लेता था और वह छड़ हिलाते हुए उस समय तक पूरी सामर्थ्य से दौड़ता था जब तक वह अगले दावा तक नहीं पहुँच जाता था। पत्र के गंतव्य स्थान तक पहुँचने तक यही प्रक्रिया लगातार चलता रहती थी।

प्रश्न 3.
बर्नियर ने भारत के बारे में क्या विवरण दिया है?
उत्तर:
भारत के बारे में बर्नियर के विवरण – बर्नियर ने शाहजहाँ तथा औरंगजेब के शासन काल में भारत में जो कुछ भी देखा, उसका रोचक वर्णन किया है। उसके यात्रा-वृत्तांत का उल्लेख निम्नलिखित शीर्षकों में किया जा सकता है:
1. मुगल दरबार:
बर्नियर ने मुगल दरबार और लोगों के जीवन के बारे में जानकारी कई स्रोतों से प्राप्त की। यह जानकारी उसके अनुभवों तक सीमित न थी। उसने मुगल शासकों को अत्याचारी बताया है। वे प्रजा पर मनमानी कर लगाते थे और बेगार कराते थे। उसका इरादा यूरोप के देशों की तुलना में भारत की शासन-व्यवस्था को घटिया दर्जे की साबित करने का था।

2. उत्तराधिकार युद्ध:
उत्तराधिकार के लिए शाहजहाँ के पुत्रों में युद्ध के बारे में जानकारी उसने स्वयं दी है क्योंकि जब राजकुमार दारा को कैदी बनाकर नगर के बाजारों में घुमाया गया तो यह दृश्य उसने स्वयं देखा। वह लिखता है कि वहाँ पर लोगों के झुंड, दारा के पक्ष में थे तथा उसे दु:खी देखकर चिल्ला रहे थे परंतु किसी में भी इतनी हिम्मत नहीं थी कि आगे बढ़कर उसे बचाने के लिए तलवार चला सके। यद्यपि बर्नियर विदेशी था फिर भी वह दारा की दुर्दशा देखकर बहुत दुःखी हुआ।

3. शाहजहाँ का प्रशासन:
बर्नियर का वृत्तांत शाहजहाँ के प्रशासन पर प्रकाश डालता है। वह लिखता है कि “मुगल सम्राट भारत में एक विदेशी है। वह अपने-आपको एक विरोधी देश का शासक समझता है। वह कहता है कि प्रांतीय सूबेदार, निरंकुश और अत्याचारी हैं। उसने प्रांतीय सूबेदारों द्वारा किए गए अत्याचारों का वर्णन किया है। वह लिखता है कि किसानों और शिल्पकारों पर इतने अत्याचार होते थे कि वे अपनी आजीवका कमाने के योग्य भी नहीं रह पाते थे।

4. उद्योग एवं व्यापार:
बर्नियर लिखता है कि मुगलकाल में बहुत से कारखाने होने के कारण देश में कारीगरों की संख्या बहुत अधिक थी। बड़े-बड़े दरबारी और अमीर उन पर दबाव डालकर अपना काम करवाते थे। बर्नियर लिखता है कि, कारीगर यह अपना सौभाग्य समझते थे कि कम से कम काम करवाने के बाद उनकी पिटाई तो नहीं की गई। बंगाल बहुत समृद्ध प्रांत था और यहाँ पर व्यापार काफी प्रोन्नत दशा में था। रूई, रेशम, कपड़ा तथा शोरा जैसी वस्तुएँ भारत से निर्यात की जाती थी। बर्नियर कहता है कि दिल्ली में कोई मध्य वर्ग नहीं है जबकि ऐसा कदापि नहीं था। वहाँ पर लोग बहुत अमीर हैं या बहुत निर्धन। बर्नियर आगे लिखता है कि लोग सुंदर चेहरे की स्त्रियों को पसंद करते थे। बड़े-बड़े अधिकारी कश्मीरी स्त्रियों से विवाह करना पसंद करते थे।

5. अन्य विवरण:
बर्नियर आगे लिखता है कि पुर्तगाली लोग बहुत निडर थे। वे कई बार गाँव में रहने वाले सभी लोगों को उठाकर ले जाते थे और कई बार बूढ़े लोगों को बेच भी देते थे। वे कई लोगों को बलपूर्वक ईसाई बना लेते थे। बर्नियर शाहजहाँ के समय की राजनीतिक घटनाओं का उल्लेख भी करता है। वह शाहजहाँ हुगली पर आक्रमण तथा छोटे तिब्बत पर विजय का वर्णन करता है। वह शाहजहाँ मंदिरों को नष्ट करने के आदेशों का भी वर्णन करता है। उसने मुगलों की अकुशल सैन्य-व्यवस्था के बारे में भी ठीक लिखा है परंतु सैनिकों की संख्या के बारे में दिए गए उसके विवरण पर विश्वास नहीं किया जा सकता । उसने दिल्ली, आगरा और कश्मीर का बड़ा रोचक वर्णन किया है और ताजमहल की भी बहुत प्रशंसा की है।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
विजयनगर का वर्णन किसने किया है?
(अ) अल-बिरूनी
(ब) इब्नबतूता
(स) फ्रांस्वा बर्नियर
(द) अब्दुर रज्जाक समरकंदी
उत्तर:
(द) अब्दुर रज्जाक समरकंदी

प्रश्न 2.
किताब-उल-हिन्द का लेखक कौन था?
(अ) अल-बिरूनी
(ब) इब्न-बतूता
(स) फ्रांस्वा बार्नेयर
(द) अब्दुर रज्जाक समरकंदी
उत्तर:
(अ) अल-बिरूनी

प्रश्न 3.
यूक्लिड के कार्यों का अनुवाद संस्कृत में किसने किया?
(अ) इब्नबतूता
(ब) अल-बिरूनी
(स) फ्रांस्वा बनियर
(द) अब्दुर रज्जाक समरकंदी
उत्तर:
(ब) अल-बिरूनी

प्रश्न 4.
“हिंदुस्तान’ नाम किसने दिया?
(अ) अंग्रेजों ने
(ब) फ्रांसीसियों ने
(स) तुकों ने
(द) अरबी लोगों ने
उत्तर:
(स) तुकों ने

प्रश्न 5.
अपने को घोंसले से निकला पक्षी किसने कहा है?
(अ) अल-बिरूनी
(ब) इन-बतूता
(स) फ्रांस्वा बर्नियर
(द) अन्दुर रज्जाक
उत्तर:
(ब) इन-बतूता

प्रश्न 6.
इब्नबतूता को सिंध से दिल्ली पहुँचने में कितने दिन लगे?
(अ) 40
(ब) 30
(स) 50
(द) 60
उत्तर:
(स) 50

प्रश्न 7.
इब्नबतूता किस महाद्वीप में नहीं गया?
(अ) एशिया
(ब) अफ्रीका
(स) यूरोप
(द) उत्तरी अमेरिका
उत्तर:
(द) उत्तरी अमेरिका

प्रश्न 8.
अल-बिरूनी और इनबतूता के पद चिह्नों का अनुसरण किसने नहीं किया?
(अ) अब्दुर रज्जाक समरकंदी
(ब) महमूद वली बल्खी
(स) शेख अलीहाजिन
(द) बर्नियर
उत्तर:
(द) बर्नियर

प्रश्न 9.
निम्नलिखित में कौन-सा स्थान इब्नबतूता के यात्रा मार्ग में नहीं आता है?
(अ) सिंध
(ब) मुल्तान
(स) दिल्ली
(द) बगदाद
उत्तर:
(द) बगदाद

प्रश्न 10.
फ्रांस्वा बर्नियर में कौन-सा गुण नहीं था?
(अ) राजनीतिक
(ब) धार्मिक
(स) दार्शनिक
(द) इतिहासकार
उत्तर:
(ब) धार्मिक

प्रश्न 11.
निम्नलिखित में किस भारतीय ने यूरोप की यात्रा की?
(अ) गोस्वामी तुलसीदास
(ब) सूरदास
(स) मिर्जा अबु तालिब
(द) गुरु गोविन्द सिंह
उत्तर:
(स) मिर्जा अबु तालिब

प्रश्न 12.
अल-बिरूनी किस भाषा को विशाल पहुँच वाली भाषा कहता है?
(अ) हिन्दी
(ब) संस्कृत
(स) अंग्रेजी
(द) उर्दू
उत्तर:
(ब) संस्कृत

प्रश्न 13.
भारत के सामाजिक वर्गों में भिन्नता होते हुए भी वे एक साथ शहरों और गाँवों में रहते हैं। यह किसका कथन है?
(अ) अल-बिरूनी
(ब) इब्नबतूता
(स) बनियर
(द) बरनी
उत्तर:
(अ) अल-बिरूनी

प्रश्न 14.
इल-बतूता किन दो शाकाहारी उपजों के बारे में लिखता है?
(अ) आम और केला
(ब) पान और नारियल
(स) सेब और अंगूर
(द) चावल और गेहूँ
उत्तर:
(अ) आम और केला

प्रश्न 15.
इन-बतूता के अनुसार भारत का सबसे प्रसिद्ध कपड़ा कौन-सा था?
(अ) ऊनी
(ब) रेशमी
(स) साटन
(द) मलमल
उत्तर:
(ब) रेशमी

प्रश्न 16.
पेलसर्ट कहाँ का यात्री था?
(अ) डच
(ब) पुर्तगाल
(स) इंग्लैंड
(द) फ्रांस
उत्तर:
(द) फ्रांस