Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 4 पलक पाँवड़े

Bihar Board Class 9 Hindi Book Solutions Godhuli Bhag 1 पद्य खण्ड Chapter 4 पलक पाँवड़े Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

BSEB Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 4 पलक पाँवड़े

Bihar Board Class 9 Hindi पलक पाँवड़े Text Book Questions and Answers

पलक पावड़े कविता का अर्थ Bihar Board Class 9 प्रश्न 1.
कवि को भोर क्यों भा रहा है?
उत्तर-
भारत स्वाधीन हो चुका है। प्रथम सूर्योदय का प्रहर है इसीलिए कवि को भोर अच्छा लग रहा है, मन को भा रहा है। कवि आजादी के इस पावन भोर पर मन ही मन प्रसन्न है और इसकी सुंदरता उसके हृदय को पुलकित कर रही है। इस भोर के पावन बेला में कवि अतिशय प्रसन्न है। सारी जनता प्रसन्नता का अनुभव कर रही है। सारा राष्ट्र आज चिरप्रसन्न होकर आनंदमय सुहावन भोर के अवसर पर अपने-आपको धन्य-धन्य मान रहा है।

Palak Pawde Meaning In Hindi Bihar Board Class 9 प्रश्न 2.
‘रोली भरी थाली’ का क्या आशय है?
उत्तर-
प्रकृति के मनोहारी रूप का कवि अपनी कविता में चित्रण कर रहा है। प्रकृति के रूपों का प्रतीक में प्रयोग कर कवि अपने भावों को मूर्त रूप देने में सफल रहा है। जब प्रात:काल में सूरज पूरब दिशा में उगता है तब आकाश लालिमामय दृष्टिगत होता है और प्रतीत होता है कि आकाश रूपी थाली में रोली भरा हुआ है। यहाँ कवि प्रतीक प्रयोग कर प्रात:कालीन सूर्योदय की सुषमा और आकाश का रूपक-चित्र प्रस्तुत किया है। इस प्रकार छायावादी भाव भी इस कविता में प्रकट हो रहा है। कवि प्रकृति-वर्णन में सफल रहा है।

Bihar Board Class 9 Hindi Book Solution प्रश्न 3.
कवि को प्रकृति में हो रहे परिवर्तन किस रूप में अर्थपूर्ण जान पड़ते हैं?
उत्तर-
प्रस्तुत कविता में महाकवि ‘हरिऔध’ जी ने प्रकृति के माध्यम से जीवन में हो रहे परिवर्तन की ओर हमारा ध्यान आकृष्ट किया है। प्रकृति परिवर्तन का मानव जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है। इन बातों की चर्चा कवि ने अपनी कविता में सूक्ष्मता से किया है।
कवि भोर के समय आसमान में पसरी लालिमा से काफी प्रसन्न है। सूरज की लाली से आकाश ने रोली से भरी हुई थाली का स्वरूप ग्रहण कर लिया है।

पेड़ों पर पक्षियों के कलरव से मन प्रसन्न हो उठता है। जन-जन का हृदय उमंग से भर जाता है। ओस से युक्त पत्तियाँ मोती सदृश दृष्टिगत हो रही है।

हरे-भरे पेड़ अधिक मात्रा में खिले फूल अधखिली कलियों की सुंदरता और _भौंरों का उमंग में सुध-बुध खो देना आदि पंक्तियाँ अर्थपूर्ण भाव प्रदर्शित कर रही है।
हवाएँ थम-थमकर बह रही हैं। सर्वत्र कोने-कोने में मलय-बयार की महक परिव्याप्त है।

लाल, नीले, सफेद फूलों से लदी हरी पत्तियों से युक्त लताओं की डंडियाँ मन को बहला रही हैं। झील, तालाब और नदियों का जल प्रातः की सूर्य किरणों के कारण सुनहली चादर का रूप धारण कर लिया है। लगता है कि यह जल नहीं सुनहली चादर बिछी हुई है। चारो तरफ ठाट-बाट का साम्राज्य है। इस दृश्य को देखकर सभी प्रसन नजर आते हैं। भारत भू-खंड का एक-एक हिस्सा सज-धजकर आज स्वर्ग की बराबरी कर रहा है। .
कवि इस चहल-पहल से अपनी अनभिज्ञता प्रकट करते हुए स्वयं से प्रश्न पछता है कि आज सबके दिल में कैसी चाह बढ़ गई है? सभी लोग किसकी आरती उतारने के लिए आतुर है?

छायावादी भाव का भारतीय नवजागरण और आजाद भारत की वंदना करने के लिए कवि अपलक भाव से बाट निहार रहा है। कवि स्वाधीन भारत के पावन अवसर के लिए आतुर भाव से राह देख रहा है। उसकी आँखें पथरा गई हैं लेकिन कवि अभी उसके पावन दर्शन पाने में असमर्थ सिद्ध हो रहा है। फिर कवि कहता है कि जब वह दिन आएगा तो उसकी आगवानी में मैं पलक पाँवड़े बिछाए रहूँगा साथ ही उसकी अभ्यर्थना करूंगा, वंदना करूंगा। यानि आजाद भारत की वंदना अभ्यर्थना के लिए कवि का हृदय व्यग्र है। बेचैन है। आतुर है। वह नए विहार का इंतजार कर रहा है। नवजागरण का मंत्र फूंकना चाहता है। वह नए सूरज की वंदना के लिए राह में अपलक भाव से खड़ा है।

Class 9 Hindi Chapter 4 Question Answer Bihar Board प्रश्न 4.
हवा के कौन-कौन से कार्य-व्यापार कविता में बताए गए हैं?
उत्तर-
प्रस्तुत काव्य-पाठ में महाकवि ‘हरिऔध’ ने हवा के माध्यम से अनेक कार्य-व्यापार को पूर्ण करने का वर्णन किया है। हवाएँ मंद-मंद गति से बह रही हैं। वे जहाँ-तहाँ थमते हुए यानि रुक-रुक कर बहती है।

हवा सर्वत्र कोने-कोने में परिव्याप्त है। हवा अपनी महक से यानि सुवास से सारे वातावरण को खुशबूनुमा बना रही है। इस प्रकार कवि ने हवा के कार्य-व्यापार को कई रूपों में चित्रण करते हुए अपनी काव्य प्रतिभा का सुंदर परिचय दिया है।

Class 9 Hindi Chapter 4 Bihar Board प्रश्न 5.
सुनहरी चादरें कहाँ बिछी हुई हैं और क्यों?
उत्तर-
प्रस्तुत ‘काव्य-पाठ’ में कवि ने प्रकृति-सौंदर्य का सुंदर चित्रण प्रस्तुत . किया है। अपनी काव्य प्रतिभा का परिचय देते हुए कवि ने प्रकृति के विभिन्न रूपों का सही चित्रण किया है।

झील, तालाब और नदियों में प्रात:कालीन सूर्य की किरणें जब जल पर पड़ती हैं तब जल का स्वरूप और. सौंदर्य स्वत: बदल जाता है। इस प्रकार कवि ने अपनी सुंदर काव्य पंक्तियों में प्रकृति का चित्र प्रस्तुत किया है। उस समय सूर्य किरणों के कारण जल का रूप सुनहला दिखाई पड़ता है और लगता है कि झील, तालाब, नदियों में जल ही जल नहीं है बल्कि सुनहली चादर बिछी हुई दिखाई पड़ती है। जल ने सुनहली चादर का रूप धारण कर लिया है।

Bihar Board 9th Class Hindi Book Solution प्रश्न 6.
प्रकृति स्वर्ग की बराबरी कैसे करती है?
उत्तर-
प्रस्तुत काव्य-पाठ में महाकवि ‘हरिऔध’ जी ने प्रकृति-चित्रण द्वारा धरती के रूप-सौंदर्य को बढ़ाकर स्वर्ग के सदृश तुलना की है।
धरती पर चारो तरफ हरियाली व्याप्त है। फूलों से लकदक हरी-भरी पत्तियों से युक्त लताएँ धरती की सुषमा को बढ़ा रही हैं। झील, तालाब, नदियों का जल सुनहली चादर का रूप धारण कर लिया है। चारो तरफ प्रकृति की निराली छटा में श्री-वृद्धि हो गई है। चारो तरफ प्राकृतिक सुषमा के बीच जन समुदाय ठाट-बाट का अनुभव कर रहा है। यह भारत-भूखंड सज-धजकर स्वर्ग की बराबरी कर रहा है। उसी प्रकार भारत की धरती स्वर्ग से भी बढ़कर है। चारो तरफ प्राकृतिक सुषमा से जल-थल मनोहारी रूप को धारण कर लिया है जो सबके मन को भाता है। अच्छा लगता है।

Bihar Board Solution Class 9 Hindi प्रश्न 7.
कवि को ऐसा लगता है कि सभी प्राकृतिक व्यापारों के प्रकट होने के पीछे कोई गूढ़ अभिप्राय है। यह गूढ़ अभिप्राय क्या हो सकता है? आप क्या सोचते है? अपने विचार लिखें।
उत्तर-
प्रस्तुत काव्य-पाठ पलक पाँवड़े में महाकवि ‘हरिऔध’ ने प्राकृतिक व्यापारों का अपने मन में छिपे गूढ़ भाव या रहस्य को प्रकट करने का प्रयास किया यह प्रयास का गूढ़ रहस्य है-भारत की आजादी/गुलामी की जंजीरों से मुक्त । भारत के प्रथम सूर्योदय पर कवि ने इस कविता की रचना करते हुए प्राकृतिक सुषमा को सूक्ष्म रूप में प्रकट किया है।
कवि का हृदय अत्यंत ही प्रसन्न है। वह प्रथम आजादी के प्रथम प्रहर पर स्वयं का प्रसन्नचित्त मानव के रूप में चित्रण करते हुए प्रश्नों की झड़ी लगा देता है।

स्वाधीनता प्राप्ति के बाद सारा राष्ट्र उमंग और जोश में अपना सुध-बुध खोकर बेसुध पडा है यानि पुरे भारत में प्रसन्नता ही प्रसन्नता दिखाई पड़ती है। इस प्रकार प्रकृति के मनोहारी रूपों का चित्रण करते हुए कवि ने अपने ही मन का नहीं बल्कि सारे राष्ट्र के मन की अभिलाषा को व्यक्त किया है। अपनी प्रस्तुत काव्य कृति में कवि ने समग्र भारतीय जनता की खुशियों का प्रकृति के रूपों में चित्रित करते हुए अपने मन में छिपे हुए भावों को अभिव्यक्ति देकर शब्दबद्ध किया है।

Class 9 Hindi Book Bihar Board प्रश्न 8.
कवि को किसकी उत्कंठित प्रतीक्षा है? इस पर विचार कीजिए।
उत्तर-
महाकवि ‘हरिऔध’ जी स्वाधीनता के पावन अवसर की प्रतीक्षा में __ आतुर होकर अगवानी कर रहे हैं। कवि की हार्दिक इच्छा है कि हमारा भारत स्वतंत्र
हो, सार्वभौम सत्ता से संपन्न हो। नवजागरण का शंखनाद हो, नयी चेतना और नया विहान का नया सूरज इसकी पावन धरती पर उतरे और हम सभी इसकी हृदय से वंदना करें। पूजा करें अभ्यर्थना करें। पथ में कुमकुम बिखेर कर अपलक भाव से अगवानी करें। इन पंक्तियों में कवि ने अपने हृदय के उत्कट भाव, को प्रकट किया है।

देखते राह थक गईं आँखों
क्या हुआ क्यों तुम्हें न पाते हैं।
आ अगर आज आ रहा है तू
हम पलक पाँवड़े बिछाते हैं।

इन पंक्तियों में कवि की उत्कट भावना छिपी हुई है। वह भाव है-स्वाधीन भारत के प्रथम-प्रहर का जिसकी अगवानी में कवि प्रतीक्षारत है। व्यग्रभाव से अपलक उसके बाट को निहार रहा है। वह पावन अवसर कवि के लिए सबसे सुखकारी है।

नीचे लिखे पद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दें।

1. लाल नीले सफेद पत्तों में।
भर गए फूल बेली बहली क्यों।
झील तालाब और नदियों में।
बिछ गई चादरें सुनहली क्यों॥
किसलिए ठाट-बाट है ऐसा।
जी जिसे देखकर नहीं भरता।
किसलिए एक-एक थल सजकर।
स्वर्ग की है बराबरी करता।
(क) कविता और कवि के नाम लिखें।
(ख) यहाँ कवि ने पत्तों और फूलों की लताओं का कैसा वर्णन किया
(ग) बिछ गईं चादरें सुनहली क्यों? कथन का अर्थ स्पष्ट करें।
(घ) किस ठाट-बाट को देखकर कवि का जी नहीं भरता है, और
क्यों? (ङ) यहाँ स्वर्ग की बराबरी कौन और किस रूप में कर रहा है?
उत्तर-
(क) कविता-पलक पाँवड़े, कवि-अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’

(ख) कवि ने प्रातः कालीन सुषमा के अंकन के क्रम में पत्तों, फूलों और लताओं के मोहक स्वरूप-सौंदर्य का बड़ा सही रूप अंकित किया है। सुबह का हल्का उजाला फैला हुआ है। उस पर उग रहे बाल-अरुण किरणों का साया पसरा हुआ है। इस सहज रंगीन परिवेश में लाल-पीले और सफेद रंगों में लिपटे पत्ते शोभायमान हैं। फूल और उसकी लताएँ चारों ओर पसर-पसर कर फैल गई हैं। लताओं की गोद फूलों से भरी हुई है।

(ग) प्रातः काल की बेला में हल्का-हल्का उजाला फैला रहता है। उस समय पूर्वी लाल क्षितिज पर बाल अरुण की रक्ताभ किरणें फूटती नजर आती हैं जिनका रंगीन साया झील-तलाब और नदियों के तल पर छाया और छितरा जाता है। कवि की कल्पनाशील आँखें इस सौंदर्य को देखकर मचल उठती हैं और कवि को ऐसा लगता है मानो झील, तालाब और नदियों के तल पर उस समय सुनहली चादरें बिछ गई हों।

(घ) कवि प्रातः कालीन बेला में प्राकृतिक सौंदर्य के ठाट-बाट को देखकर आश्चर्यचकित हो जाता है। हरे-भरे पेड़-पौधे, लाल-पीले, सफेद पत्तों से भरे पड़े हैं। उनकी गोद में फूलों और कलियों के सौंदर्य का बाजार छाया-छितराया हुआ है। मन को चंचल करनेवाली, थम-थमकर सुवासित हवा चल रही है। नदियों, तालाबों और झीलों के पलंग पर सुनहली चादर का सौंदर्य फिसल रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य के इस ठाट-बाट को इस रूप में देखकर कवि का मन संतुष्ट नहीं हो रहा है। उसका मन सौंदर्य के कुछ और नजारे को पाने के लिए विकल हो रहा है। भला इस नजारे के बीच कवि का मन शांत कैसे रह सकता है!

(ङ) कवि ने यहाँ यह बताया है कि प्रातः कालीन प्राकृतिक सौंदर्य के नजारों से धरती का कोना-कोना, एक-एक थल के रूप में सजा और सँवरा हुआ है। सौंदर्य के इस उभार और सुषमा के इस भंडार का यहाँ कुछ ऐसा आलम है कि कवि को लगता है कि वहाँ स्वर्ग की शोभा और सुन्दरता उतरकर आ गई है। कवि को ऐसा लगता है कि स्वर्ग और धरती की गोद में बिखरी इस सुंदरता और शोभा में पूरी समानता है।

2. किसलिए है चहल-पहल ऐसी।
किसलिए धूमधाम दिखलाई॥
कौन-सी चाह आज दिन किसकी।
आरती है उतारने आई।
देखते राह थक गई आँखें।
क्या हुआ क्यों तुम्हें न पाते हैं।
आ अगर आज आ रहा है।
हम पलक पाँवड़े बिछाते हैं।
(क) पाठ और कवि के नाम लिखें।
(ख) प्रस्तुत पद्यांश में नई चहल-पहल और धूमधाम का कौन-सा कारण छिपा हुआ है?
(ग) कवि के अनुसार कौन-सी चाह किसकी आरती उतारने को आज उतावली है?
(घ) किसकी प्रतीक्षा में कवि की आँखें राह देखते-देखते थक गई।
(ङ) प्रस्तुत पद्यांश का आशय स्पष्ट करें।
उत्तर-
(क) पाठ-पलक पाँवड़े, कवि-अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’

(ख) प्रस्तुत कविता राष्ट्रीय स्वतंत्रता-संग्राम और नवजागरण के समय रची गई थी। लग रहा था कि अब स्वतंत्रता की नई चेतना और उससे जडा नया विहान हमारे देश की धरती पर उतरनेवाला था। कवि ने यहाँ इस पद्यांश में उसकी आहट का परिचय दिया है। उसी आहट के अवतरण के मूल और गुप्त कारणों की यहाँ चर्चा की गई है।

(ग) प्रस्तुत पद्यांश में कवि ने भारतवासियों की स्वतंत्रता-प्राप्ति की बहुप्रतीक्षित चाह की चर्चा की है जिसके आगमन पर भारत के लोग आरती उतारने के लिए उतावले थे। उस समय दीर्घकाल से चला आ रहा स्वतंत्रता-संग्राम करीब-करीब अवासन बेला को प्राप्त कर चुका था और लोगों की आशा और हसरत-भरी निगाहें उसके नजारे को देखने के लिए विकल थीं।

(घ) भारत में महात्मा गाँधी के नेतृत्व में चल रहा स्वतंत्रता-आंदोलन समूचे देश में नवजागरण का नया माहौल भर चुका था। लग रहा था कि अब शीघ्र ही स्वतंत्रता की नई किरणें इस देश के भू-भाग पर अवतरित होंगी। कवि के मन में भी उस स्वतंत्रता के आगमन की आशा-भरी प्रतीक्षा की घड़ी बहुत दिनों से जमी हुई थी। नवचेतना प्रेरित कवि के मन की आँखें उस स्वतंत्रता के और नव-चेतना के आगमन की राह को देखते-देखते थक गई थीं!

(ङ) प्रस्तुत पद्यांश में कवि ने भारतीय स्वतंत्रता-संग्राम के दौरान अवतरित नवजागरण का वर्णन करते हुए स्वतंत्रता की नई चेतना और नवविहान के आगमन की आहट की चर्चा की है। पराधीनता के काले साये में शोषित जीवन की पोट के दंश को झेलता हर भारतीय बड़ा परेशान था। गाँधीजी के नेतृत्व में स्वतंत्रता-आंदोलन चला। इस आंदोलन के अवसानकाल में लोग आश्वस्त हो गए कि अब जल्द ही स्वतंत्रता की नई किरण अवतरित होगी। यहाँ प्रतीक्षा की घड़ी की उसी आकुलता का कवि ने बड़ा स्वाभाविक वर्णन किया है। इस नवजागरण के अवतरण की संभावना ने इस देश में चतुर्दिक नई चहल-पहल और धूमधाम की सृष्टि कर दी थी।

Bihar Board Class 9 English Book Solutions Chapter 6 The Shehnai of Bismillah Khan

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Bihar Board Class 9 English The Shehnai of Bismillah Khan Text Book Questions and Answers

A. Work in small groups and discuss the following:

The Shehnai Of Bismillah Khan Class 9 Answers Bihar Board Question 1.
Have you ever heard a shehnai being played in marriage ceremonies or festivals?
Answer:
Yes, I have heard a shehnai being played in marriage ceremonies and festivals on so many occasions.

The Shehnai Of Bismillah Khan Question Answer Bihar Board Question 2.
How do you like this instrument?
Answer:
I like this instrument very much. It has magical power to charm every one.

Question Answer Of The Shehnai Of Bismillah Khan Bihar Board Question 3.
Discuss any pipe instrument which is played in your local-ity in marriage ceremonies or festivals.
Answer:
Clarinent is a pipe instrument which is played in my locality in marriage and festivals. This is a part of the band party. The man who plays on the clarinet is the master of the musical party, he heads the party.

The Shehnai Of Bismillah Khan Class 9 Solutions Bihar Board Question 4.
Do you know that it was Bismillah Khan, the great Shehnai maestro, who made this instrument a reality? Can you name some leading players of other popular musical instruments?
Answer:
I know that it was Bismillah Khan the great Shehnai maestro. Who made this instrument a reality. Pandit Ravishanker plays Sifar, Guddai Maharaj Tabla, Amjad Ali Khan SaTod. They are leading players of these popular instruments.

B.1.1. Write ‘T’ for true and ‘F’ for false statements:

  1. Bismillah Khan belongs to a family of musicians from Uttar Pradesh.
  2. Bismillah Khan’s ancestors were also great shehnai players.
  3. The flowing water of the Ganga gave inspiration to Bismillah to create ragas.
  4. He learnt shehnai from his parent and grandfather.

Answer:

  1. — F
  2. — T
  3. — T
  4. — F

B.1.2. Complete the sentences on the basis of the unit you have just studied.

  1. The pungi is a __________ instrument.
  2. The pungi became the generic name for ________ noise makers.
  3. The instrument which is so different from the pungi is called __________
  4. _______ holes were made on the body of a pipe.
  5. _________ was the Shehnai nawaj of Bhojpuri king’s court.
  6. __________ was Bismillah’s grandfather.
  7. Bismillah accompanied _________ to the Vishnu temple of Benaras.
  8. Bismillah played at the temple of ________ and at the banks of ________ as a young apprentice.

Answer:

  1. musical
  2. reeded
  3. Shehnai
  4. Seven
  5. Rasool Bux Khan
  6. Rasool bux Khan
  7. Ali Bux
  8. Balaji and Mangla Maiya, the Ganga.

B.1.3. Answer the following questions very briefly:

Shehnai Of Bismillah Khan Class 9 Solutions Bihar Board Question 1.
Who banned the playing of the pungi?
Answer:
Emperor Aurangzeb banned the playing of the pungi.

Shehnai Of Bismillah Khan Class 9 Question Answers Bihar Board Question 2.
What generic name did the pungi come to acquire?
Answer:
The pungi became the generic name for reeded the pungi.

The Shehnai Of Bismillah Khan Class 9 Questions And Answers Bihar Board Question 3.
Who revived the pungi?
Answer:
A barber of a family of professional musician revived the pungi.

Question Answer Of Chapter The Shehnai Of Bismillah Khan Bihar Board Question 4.
Where was the Shehnai played for the first time?
Answer:
The Shehnai was played for the first time in the Shah’s chamber.

Class 9 The Shehnai Of Bismillah Khan Question Answer Bihar Board Question 5.
Who played the instrument for the first time so different from the pungi?
Answer:
A barber of a family of professional musicians played the instrument for the first time so different from the pungi.

The Shehnai Of Bismillah Khan Class 9 Question Answer Bihar Board Question 6.
What is naubat called?
Answer:
The naubat is traditional ensemble of nine instruments.

The Shehnai Of Bismillah Khan Class 9 Bihar Board Question 7.
Who brought the instrument shehnai on the classical stage?
Answer:
Ustad Bismillah Khan brought the instrument Shehnai on the classical stage.

Class 9 English Chapter The Shehnai Of Bismillah Khan Question Answer Bihar Board Question 8.
Which sport did Bismillah Khan play in his childhood?
Answer:
In his childhood Bismillah Khan played gilli-danda.

Question Answer Of Shehnai Of Bismillah Khan Bihar Board Question 9.
Where did he play the sports?
Answer:
He played gilli-danda near a pond in the ancient estate of Dumraon in Bihar.

The Shehnai Of Bismillah Khan Question Answer Class 9 Bihar Board Question 10.
Where did he go to sing the Bhojpuri “Chaita”?
Answer:
He went to Bihariji temple to sing the Bhdjpuri “Chaita”.

Class 9 The Sound Of Music Solutions Bihar Board Question 11.
What is the highest civilian award in India?
Answer:
‘The Bharat Ratna’ is the highest civilian award in In-dia.

The Shehnai Of Bismillah Khan Question Answers Bihar Board Question 12.
Who was Bismillah’s father?
Answer:
Paigamber Bux was Bismillah’s father.

Bismillah Khan Class 9 Question Answer Bihar Board Question 13.
Who was Bismillah’s mau-nial uncle?
Answer:
Ali Buxwis Bismillah’s maternal uncle.

B.2.1. Complete the sentences on the basis of the unit you have just Studied:

  1. At the age of fourteen Bismillah accompanied his uncle to __________
  2. In 1938 came Bismillah’s first break in _________ in _________
  3. He sang __________ on 15th August 1947.
  4. His first trip abroad was to __________
  5. Film director Vijay Bhatt named his film as __________ after being impressed by the shehnai.
  6. National awards like the ________ and the Padma Vibhushan were conferred on him.
  7. Bismillah Khan was also referred to as __________
  8. An auditorium in Tehran named after him is called __________

Answer:

  1. The Allahabad music conference
  2. All India Radio, Lucknow
  3. Ragg Kafi
  4. Afganistan
  5. Gunj Uthi Shehnai
  6. Padma Shri, the Padma Bhushan
  7. Khansaab
  8. Tahar Musiquee Ustad Bismillah Khan.

B.2.2. Write ‘T’ for true and ‘F’ for false statements:

  1. An auditorium in Tehran was named after Bismillah Khan.
  2. Bismillah Khan was fondly called ‘Khansaab’
  3. Khan Saab was a shehnai player of international repute even then no National Awards were conferred on him.

Answer:

  1. — T
  2. — T
  3. — F

B.2.3. Answer the following questions very briefly:

  1. When was Bismillah Khan awarded India’s highest civilian award?
  2. Of which two cities was he most found of?

Answer:

  1. In 2001 Bismillah Khan was awarded India’s highest civilian award
  2. Benaras and Dumraon.

C. Long Answer Type Questions

Question 1.
Which emperor banned the playing of the pungi? Do you think that is against the right to expression?
Answer:
Emperor Aurangzeb banned the playing of the pungi. I think it is against the right to expression. But it must be thought that it was time of kingship, not ‘democracy.’ Those days a king was free to do that mind it playing Pungi was banned in the palace only not for public places.

Question 2.
Ustad Khan refused the celluloid world after two films. Was it a loss tathe cinema world or gain to Hindustani Music? Discuss.
Answer:
Ustad Bismillah Khan refused the celluloid world only after two films. It was not much loss to the cinema world because it was a great gain to Indian Hindustani music. Classical music has not much importance to the general public, who go to see a popular cinema. Ustad rejected films because it was an artificial world and it was much too glamorous. He preferred music to money. So it is clear that according to Ustad outside cinema. Natural Hindustani music exists.

Question 3.
Capture in your own words the feeling of the Ustad, when he received Bharat Ratna.
Answer:
When Ustad Bismillah Khan received the Bharat Ratna he became very happy. The covered award was resting on his chest. His eyes were glinting with more happiness. He told that “All I would like to say is. Teach your children music this is Hindustani’s rishest tradition even the West is now coming to Meant our music.”

Question 4.
‘Only in India it is possible that a devout Muslim like Khan Saheb can very naturally play the shehnai every morning at Kashi Vishwanath temple.’ What light does this statement throw on India’s cultural heritage? Discuss.
Answer:
India is a land of composite culture. There is religious tolerance in our society. Temple is no place for a muslim. But a muslim like Bismillah Khan used to play shehnai in Hindu Temple. Not only Bismillah but his uncle used to play in different Hindu temples. It makes the composite culture of India tellingly clear. Their playing in temple and getting the love and admiration of all in the bargain is a wonderful example of our rich cultural heritage that denies any sort of discrimination on the basis of religion. It embraces all.

Question 5.
Describe the incident of Ustad Khan visiting Pakistan.
Answer:
After partition of India Ustad Khan did not want to go to Pakistan. He could not leave Benaras and the Ganga, He went to Pakistan only once. He crossed the boarder justto say that he had been to Pakisten. He was there for only about an hour. He said ‘Namaskar’ to the Pakistanis and ‘Salam Alai-kum’ to the Indians. This was an exchange of language. He had a good laugh at that incident.

Question 6.
How did shehnai get its name? Describe in your own words the process how the Pungi became the shehnai.
Answer:
The musical instrument was named shehnai because it was bom in the chamber of shah or emperor. The nai or the barber who perfected it also deserved credit. So Shah and nai put together become Shehnai. Shehnai has its origin from the pungi which had an unpleasant sound. A barber decided to improve the tonal quality of this instrument. He chose a pipe.This hollow stem was longer and broader than the Pungi. He drilled seven holes in it. It now ‘produced a musical sound. The nai played it in the chamber of Emperor Aurangzeb. It became popular in course of time.

Comprehension Based Questions with Answers

1. Emperor Aurangzeb banned the playing of a musical instrument called pungi in the royal residence, for it had a shrill unpleasant sound. The pungi became the generic name for reeded noisemakers. Few had thought that it would one day be revived. A barber of a family of professional musicians, who had access to the royal palace, decided to improve the tonal quality of the pungi. He chose a pipe with a natural hollow stem that was longer and broader than the pungi, and made seven holes on the body of the pipe. When he played on it, closing and opening some of these holes, soft and melodious sounds were produced. He played the instrument before royalty and every one yvas impressed. The instrument so different, from the pungi had to be given a new name. As the story goes, since it was first played in the Shah’s chambers and was played by a nai (barber), the instrument was named the ‘shehnai’.

Questions:

  1. Name the lesson and author.
  2. Why did emperor Aurangzeb bap the playing of pungi?
  3. Who decided to improve it?
  4. What did he do to bring pungi back?
  5. How did shehnai get its name?
  6. Which word in the passage means the following, ruler.

Answers:

  1. The name of lesson is The Shehnai of Bismillah Khan and it is adapted.
  2. Emperor Aurangzeb banned the playing of pungi because of its shrill unpleasant sound.
  3. A barber decided to improve it.
  4. He improved its quality of sound.
  5. Since the new instrument was played in the shah’s chambers and was played by a nai, it was named the ‘Shehnai’.
  6. Emperor.

2. The sound of shehnai began to be considered auspieious. And for this reason it is still played in temples and is an indispensable component of any North Indian wedding. In the past, the shehnai was part of the naubat or traditional ensemble of nine instruments found at royal courts. Till recently it was used only in temples and weddings. The credit for bringing this instrument on to the classical stage goes to Ustad Bismillah Khan.
As a five-year old boy, Bismillah Khan played gilli-danda near a-pond in the ancient estate of Dumraon in Bihar. He would regularly go to the nearby Bihariji temple to sing the Bhojpuri ‘Chaita’, at the end of which he would earn a big laddu weighing 1.25 kg. a prize given by the local Maharaja. This happened 80 years ago, and the little boy has travelled far to earn the highest civilian award in India – the Bharat Ratna.
Born on 21 March 1916, Bismillah belongs to a well-known family of musicians from Bihar. His grandfather, Rasool Bux Khan, was the shehnai-nawaz of the Bhojpur king’s court. His father, Paigambar Bux, and other paternal ancestors were also shehnai players.

Questions:

  1. For what reason is it played in temples and weddings?
  2. Who was the credit man and for what?
  3. How did Bismillah earn a big laddu?
  4. When and where was Bismillah bom?
  5. Which word in the passage mean ‘group’.

Answers:

  1. Shehnai is played in the temples on the occasion of wedding in North India because the sound of shehnai is considered auspicious.
  2. Bismillah was the credit man, who brought shehnai to the classical stage.
  3. He would regularly go to the near by Bihariji temple to sing the Bhojpuri ‘Chaita’, at the end of which he would earn a big Laddu weighing 1.25 kg. a prize given by the local Maharaja.
  4. Bismillah Khan was bom on 21 March 1916, in a well known family of musicians from Bihar.
  5. Ensemble.

3. The young boy took to music early in life. At the age of three when his mother took him to his maternal uncle’s house in Benaras (now Varanasi), Bismillah was fascinated watching his uncles practise the shehnai. Soon Bismillah started accompanying his uncle, Ali Bux, to the Vishnu temple of Benaras where Bux was employed to play the shehnai. Ali Bux would play the shehnai and Bismillah would sit captivated for hours. Slowly, he started getting lesson in playing the instrument and would sit practising throughout the day. For years to come the temple of Balaji and Mangala Maiya and the banks of the Ganga became the young apprentice’s favourite haunts, where he could practise in solitude. The flowing waters of the Ganga inspired him to improvise and invent ragas that were earlier considered to be beyond the range of the shehnai.

Questions:

  1. Who was Bismillah’s first Gum in Shehnai Vadan?
  2. Where did he practice Shehnai?
  3. What did he invent?
  4. What was his motivating force?
  5. Which word in the passage means, a person who is learning a trade?

Answers:

  1. Bismillah’s maternal uncle Ali Bux was his first Guru.
  2. He practised in the temple of Balaji, Mangala Maiya and on the bank of the Ganga.
  3. He invented ragas that were earlier considered to be beyond the range of Shehnai.
  4. The flowing water of the Ganga was his motivating force.
  5. Apprentice.

4. At the age of 14, Bismillah accompanied his uncle to the Allahabad Music Conference. At the end of hlTTccital, Ustad Faiyaz Khan patted the young boy’s back and said, “Work hard and you shall make it.” With the opening of the All India Radio in Lucknow in 1938 came Bismillah’s big break. He sdoh became an often heard shehnai player on the radio. When India gained independence on 15 August 1947, Bismillah Khan became the first Indian to greet the nation with his shehnai. He poured his heart out into Ragg Kafi from the Red Fort to an audience which included Pandit Jawaharlal Nehru, who later gave his famous Tryst with Destiny’ speech.

Questions:

  1. Who patted the back of young Bismillah and what did he say?
  2. When did he get big break?
  3. On what occasion did he pour his heart?
  4. Among the audiance, who was a big personality there?

Answers:

  1. Ustad Faiyaz Khan patted the back of Bismillah and he said, “work hard and you shall make it”.
  2. Bismillah got a big break in 1938 when. AH India Radio was opened at Lucknow. He became an often heard Shehnai player, on the radio.
  3. It was the occasion qf 15th August 1947 Bismillah Khan was the first Indian to greet the nation with his Shehnai from the Red fort. He had played Ragg Kafi in which he poured his heart.
  4. Among audience a big personality was Pandit Jawahar Lai Nehru.

5. Bismillah Khan has given many memorable performances both in India and abroad. His first trip abroad was to Afganistan where King Zahir Shah was so taken in by the maestro that he gifted him priceless Persian carpets and other souvenirs. The King of Afganistan was not the only one to be fascinated with Bismillah’s music. Film director Vijay Bhatt was so impressed after hearing Bishmillah play at a festival that he named a film after the instrument called Gunj Uthi Shehnai. The film was a hit, and one of Bismillah Khan’s composition, “Dil ka khilona hai toot gaya turned out to be nationwide chartbuster! Despite this huge success in the celluloid world, Bismillah Khan’s success in film music was limited to two: Vijay Bhatt’s Gunj Uthi Shehnai and Vikram Srinivas’s Kannada venture, Sanadhi Apanna. “I just can’t come to terms with the artificiality and glamour of the film world,” he says with emphasis.

Questions:

  1. Where was his first trip?
  2. Who gave him priceless gift and what was that?
  3. Which two film^did he work in and with what result?
  4. Why did he not continue working in the films?
  5. What does ‘come to term’ imply?
  6. Which quality of his character and ideology is revealed in the above passage?
  7. Which words in the passage mean the following (a) of film (b) risk in under taking.

Answers:

  1. His first trip was to Afganistan.
  2. The king Zahir Shah gave him priceless gifts those were Persian carpets.
  3. He worked in ‘Gung UthiShehnai’ and ‘Sanadhi Apanna’. He was quite successful.
  4. He did not like the glamour and the artificial atmosphere ‘ over there.
  5. It means that he could not agree to or feel at home with the film industry.
  6. He does not give preference to money. Music is more important to him. He is true artist who knows that art can not be developed in artificial atmosphere.
  7. (a) celluloid (b) venture.

6. Awards and recognition came thick and fast. Bismillah Khan became the first Indian to be invited to perform at the prestigious Lincoln Centre Hall in the United States of America. He also took part in the World Exposition in Montreal, in the Cannes Art Festival and in the Osaka Trade Fair. So well known did he become internationally that an auditorium in Teheran was named after him — Tahar Mosiquee Ustad Bismillah Khan. National awards like the Padmashri, the Padma Bhushan and the Padma Vibushan were conferred on him. In 2001, Ustad Bismillah Khan was awarded India’s highest civilian award, the Bharat Ratna. With the coveted award resting on his chest and his eyes glinting with’rare happiness, he said, “All I would like to say is : Teach your children music, this is Hindustan’s richest tradition; even the West is now coming to leam our music.”

Questions:

  1. What does ‘thick and fast’ imply in the first sentence?
  2. Mention two places in foreign countries that he visited?
  3. How can you say that people of Tehran has a great regard for him?
  4. Name the National Awards that he got.
  5. What did he say when he got ‘Bharat Ratna’?
  6. Which word in the passage mean ‘a place where audience assemble’.

Answers:

  1. It means that big awards and great recognition came in quick succession one after the. other.
  2. They are Montreal in the Cannes and Osaka.
  3. They have named an Auditorium in Tehran after his name.
  4. He got the following National awards The Padmashri, The Padma Bhushan, the Padma Vibhushan qnd the Bharat Ratna.
  5. He said, All I would like to say is : Teach your children music, this is Hindustan’s richest tradition even the West is now coming to leam our music.
  6. Auditorium.

7. In spite of having travelled all over the world Khansaab, as he is fondly called, is exceedingly fond of Benaras and Dumraon and they remain for him the most wonderful towns of the world. A student of his once wanted him to head a shehnai school in the U.S.A., and the student promised to recreate the atmosphere of Benaras by replicating the temples there. But Khansaab asked him if he would be able to transport River Ganga as well. Later he is remembered to have said, “That is why whenever I am in a foreign country, I think of only Benaras and the holy Ganga. And while in Benaras, I miss the unique mattha of Dumraon. Shekhar Gupta: When partition happened, didn’t you and your family think of moving to Pakistan?
Bismillah Khan: God forbid! Me, leave Benaras? Never! I went to Pakistan once I crossed the border just to say I have been to Pakistan. I was there for about an hour. I said nature to the Pakistanis and salaam Walaikum to the Indians! I had a good laugh.
Ustad Bismillah Khan’s life is a perfect example of the rich, cultural heritage of India, one that effortlessly accepts that a devout Muslim like him can very naturally play the shehnai every morning at the Kashi Vishwanath temple.

Questions:

  1. What did one of his students offer him, once?
  2. How did he think he could bring in the atmosphere of Benaras in the U.S.A.
  3. What could the student not able to bring in the U.S.A. to create the same atmosphere?
  4. Which two towns in India are Ustad’s favourite? Why?
  5. Bismillah Khan is an example of a glorious tradition oi India, what is that tradition?
  6. Which words in the passage mean the following.
    (a) exact copying
    (b) make again

Answers:

  1. One of his students offered him to become the head of a Shehnai- school in the U.S.A.
  2. He thought he could bring in the same atmosphere by building in the U.S.A. the exact copies of temples of Benaras.
  3. The student could not bring the Ganga there.
  4. The favourite towns in India are-Benaras and Dunraon. Benaras is the town where he practised and invented many ragas because an expert and earned the name of ‘ Shehnai maestro. His memories and associations to these towns made them his favourite.
  5. Ustad Bismillah Khan’s life is a perfect example of the rich cultural heritage of India which accepts a devout Muslim like him naturally playing every morning in the Kashi Vishwanath temple.
  6. (a) Photo state
    (b) Repeat.

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Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

BSEB Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ Textbook Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

Bihar Board Class 9 Science हमारे आस-पास के पदार्थ InText Questions and Answers

प्रश्न श्रृंखला # 01 (पृष्ठ संख्या 4)

Bihar Board Class 9 Science Solution प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से कौन-से पदार्थ हैं-कुर्सी, वायु, स्नेह, गंध, घृणा, बादाम, विचार, शीत, नींबू पानी, इत्र की सुगंध।
उत्तर:
कुर्सी, वायु, बादाम, नींबू पानी पदार्थ हैं।

Bihar Board Class 9 Science Solution In Hindi प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रेक्षण के कारण बताएँ गर्मा-गर्म खाने की गंध कई मीटर दूर से ही आपके पास पहुँच जाती है लेकिन ठंडे खाने की महक लेने के लिए आपको उसके पास जाना पड़ता है।
उत्तर:
गर्म खाने की गंध दूर तक पहुँच जाती है क्योंकि तापमान बढ़ने से कणों की गति तेज हो जाती है या उनकी गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है। अतः गन्ध का वायु में विसरण तेज हो जाता है।

Bihar Board Solution Class 9 Science प्रश्न 3.
स्वीमिंग पूल में गोताखोर पानी काट पाता है। इससे पदार्थ का कौन-सा गुण प्रेक्षित होता है ?
उत्तर:
स्वीमिंग पूल में गोताखोर पानी काट पाता है क्योंकि पानी के कणों के बीच आकर्षण बल ठोसों की तुलना में कम होता है।

Bihar Board 9th Class Science Book Pdf In Hindi प्रश्न 4.
पदार्थ के कणों की क्या विशेषताएँ होती हैं ?
उत्तर:
पदार्थ के कणों की निम्नलिखित विशेषताएँ होती हैं –

  1. पदार्थ के कणों के बीच रिक्त स्थान होता है।
  2. वे निरन्तर गतिशील होते हैं, अर्थात् उनमें गतिज ऊर्जा होती है।
  3. पदार्थ के कण एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।

प्रश्न श्रृंखला # 02 (पृष्ठ संख्या 6)

Bihar Board Class 9 Science Book Solutions प्रश्न 1.
किसी तत्व के द्रव्यमान प्रति इकाई आयतन को घनत्व कहते हैं। (घनत्व = द्रव्यमान/आयतन) बढ़ते हुए घनत्व के क्रम में निम्नलिखित को व्यवस्थित करें-वायु, चिमनी का धुआँ, शहद, जल, चॉक, रुई और लोहा।
उत्तर:
वायु, चिमनी का धुआँ, जल, शहद, रुई, चॉक, लोहा।

Bihar Board Class 9th Science Solution प्रश्न 2.
(a) पदार्थ की विभिन्न अवस्थाओं के गुणों में होने वाले अन्तर को सारणीबद्ध कीजिए।
उत्तर:
Bihar Board Class 9 Chemistry Solutions

Bihar Board 9th Class Chemistry प्रश्न 2.
(b) निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए-दृढ़ता, संपीड्यता, तरलता, बर्तन में गैस का भरना, आकार, गतिज ऊर्जा एवं घनत्व।
उत्तर:

  1. दृढ़ता – ठोस दृढ़ होते हैं क्योंकि उनके कणों के बीच में रिक्त स्थान काफी कम व आकर्षण बल बहुत अधिक होता है। बाह्य बल लगाने पर भी ये
  2. अपने आकार को बनाये रखते हैं। अत्यधिक बल लगाने पर ये टूट सकते हैं, पर इनका आकार नहीं बदलता।
  3. संपीड्यता – बाह्य बल लगाने पर गैसों के आयतन में परिवर्तन होता है क्योंकि उसके कणों के बीच में अत्यधिक रिक्त स्थान व न्यून आकर्षण बल
  4. होता है। अतः उनकी संपीड्यता सबसे अधिक होती है।
  5. तरलता – द्रवों में बहाव होता है और इनका आकार बदलता है, इसीलिए ये दृढ़ नहीं लेकिन तरल होते हैं।
  6. बर्तन में गैस का भरना – संपीड्यता काफी अधिक होने के कारण गैस के अत्यधिक आयतन को एक कम आयतन वाले बर्तन में संपीडित किया जा
  7. सकता है व आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजा जा सकता है।
  8. आकार – ठोसों का आकार निश्चित होता है। बाहरी दाब का उनके आकार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, द्रवों का आकार बदलता रहता है। जिस
  9. बर्तन में इन्हें रखा जाये ये उसका आकार ले लेते हैं। गैसों का कोई आकार नहीं होता।
  10. गतिज ऊर्जा – पदार्थ में कणों की गति के कारण जो ऊर्जा होती है वह गतिज ऊर्जा कहलाती है। पदार्थ के कण निरन्तर गतिशील रहते हैं, अर्थात्
  11. उनमें गतिज ऊर्जा होती है। तापमान बढ़ने से कणों की गति तेज हो जाती है। इसलिए तापमान बढ़ने से कणों की गतिज ऊर्जा भी बढ़ जाती है।
  12. घनत्व – किसी तत्व के द्रव्यमान प्रति इकाई आयतन को घनत्व कहते हैं।
  13. घनत्व = द्रव्यमान/आयतन।
  14. ठोसों का घनत्व सबसे अधिक, द्रवों का ठोसों से कम व गैसों का बहुत कम होता है।

Bihar Board Class 9th Physics प्रश्न 3.
कारण बताएँ –
(a) गैस पूरी तरह उस बर्तन को भर देती है जिसमें इसे रखते हैं।
उत्तर:
गैसीय अवस्था में कणों की गति अनियमित और अत्यधिक तीव्र होती है एवं कणों के बीच रिक्त स्थान भी अधिक होता है। अत: गैस पूरी तरह उस बर्तन को भर देती है, जिसमें इसे रखते हैं।

(b) गैस बर्तन की दीवारों पर दबाव डालती है।
उत्तर:
गैस के कणों की गति अत्यधिक तीव्र एवं अनियमित होती है। इस अनियमित गति के कारण ये कण आपस में एवं बर्तन की दीवारों से टकराते हैं। बर्तन की दीवार पर गैस कणों द्वारा प्रति इकाई क्षेत्र पर लगे बल के कारण गैस का दबाव बनता है।

(c) लकड़ी की मेज ठोस कहलाती है।
उत्तर:
लकड़ी की मेज का एक निश्चित आकार, स्पष्ट सीमाएँ तथा स्थिर आयतन या नगण्य संपीड्यता होती है। बाह्य बल लगाने पर भी यह अपने आकार को बनाये रखती है। इसमें दृढ़ता होती है अतः यह ठोस कहलाती है।

(d) हवा में हम आसानी से अपना हाथ चला सकते हैं, लेकिन एक ठोस लकड़ी के टुकड़े में हाथ चलाने के लिए हमें कराटे में दक्ष होना पड़ेगा।
उत्तर:
हवा में हम आसानी से अपना हाथ चला सकते हैं क्योंकि हवा गैसीय अवस्था में होती है। अतः उसके कणों के बीच अत्यधिक रिक्त स्थान एवं नगण्य आकर्षण बल होता है। जबकि ठोस लकड़ी दृढ़ होती है। उसके कणों के बीच बहुत कम रिक्त स्थान होता है एवं उनके बीच का आकर्षण बल बहुत अधिक होता है जिस कारण उसको तोड़ने में बहुत अधिक बल की आवश्यकता होती है।

Bihar Board 9th Class Science Book Pdf प्रश्न 4.
सामान्यतया ठोस पदार्थों की अपेक्षा द्रवों का घनत्व कम होता है। लेकिन आपने बर्फ के टुकड़े को जल में तैरते हुए देखा होगा। पता लगाइए, ऐसा क्यों होता है ?
उत्तर:
सामान्यतया ठोस पदार्थों की अपेक्षा द्रवों का घनत्व कम होता है लेकिन जल जब ठंडा होकर बर्फ बनाता है तो उसके कणों के मध्य रिक्त स्थान में वृद्धि होती है जिसके परिणामस्वरूप उसके आयतन में भी वृद्धि हो जाती है। अत: बर्फ का घनत्व जल के घनत्व से कम हो जाता है फलस्वरूप बर्फ का टुकड़ा जल पर तैरता है।

प्रश्न श्रृंखला # 03 (पृष्ठ संख्या 9)

Bihar Board Class 9 Science प्रश्न 1.
निम्नलिखित तापमान को सेल्सियस में बदलें –
(a) 300 K
(b) 573 K
हल : (a) 300 K
0°C = 273 K
300 K = 300 – 273
उत्तर:
= 27°C

(b) 573 K
573 K = 573 – 273
उत्तर:
= 300°C

Class 9 Science Notes Bihar Board प्रश्न 2.
निम्नलिखित तापमान पर जल की भौतिक अवस्था क्या होगी?
(a) 250°C
(b) 100°C.
उत्तर:
(a) 250°C पर जल वाष्प अवस्था में होगा।
(b) 100°C पर जल द्रव से वाष्प अवस्था में बदलता है। 100°C जल का क्वथनांक होता है। इस ताप पर जल वाष्प व द्रव दोनों अवस्था में होगा।

Bihar Board Class 9 Biology Solutions प्रश्न 3.
किसी भी पदार्थ की अवस्था परिवर्तन के दौरान तापमान स्थिर क्यों रहता है ?
उत्तर:
अवस्था परिवर्तन के दौरान पदार्थ का तापमान स्थिर रहता है क्योंकि पदार्थ अवस्था परिवर्तन के दौरान ऊष्मा को अवशोषित करता है व कणों के पारस्परिक आकर्षण बल को वशीभूत करके पदार्थ की अवस्था को बदलने में इस ऊष्मा का उपयोग होता है। इस ऊष्मा को गुप्त ऊष्मा कहते हैं। तापमान में बिना किसी तरह की वृद्धि दर्शाये इस ऊष्मीय ऊर्जा को पदार्थ अवशोषित कर लेता है।

Bihar Board Class 9 Science Book प्रश्न 4.
वायुमण्डलीय गैसों का द्रव में परिवर्तन करने के लिए कोई विधि सुझाइए।
उत्तर:
वायुमण्डलीय गैसों को दाब बढ़ाकर या संपीडित करके व तापमान घटाकर द्रव में परिवर्तित किया जा सकता है।

प्रश्न श्रृंखला # 04 (पृष्ठ संख्या 11)

Bihar Board Class 9 Physics Solution प्रश्न 1.
गर्म एवं शुष्क दिन में कूलर अधिक ठंडा क्यों करता है ?
उत्तर:
गर्म एवं शुष्क दिन में तापमान की अधिकता व आर्द्रता 1 में कमी के कारण वाष्पीकरण की दर तेज होती है। वाष्पीकरण की दर अधिक होने के कारण कूलर अधिक ठंडा करता है।

Bihar Board Class 9 Physics Solutions प्रश्न 2.
गर्मियों में घड़े का जल ठंडा क्यों होता है ?
उत्तर:
गर्मियों में तापमान अधिक होता है अतः घड़े की बाहरी सतह से जल के वाष्पीकरण की दर बढ़ जाती है। वाष्पीकरण के दौरान घड़े की सतह के कण घड़े के अन्दर के जल से या आसपास से ऊर्जा प्राप्त करके वाष्प में बदल जाते हैं। वाष्पीकरण की प्रसुप्त ऊष्मा के बराबर ऊष्मीय ऊर्जा घड़े के जल से अवशोषित हो जाती है, जिससे जल शीतल हो जाता है।

Bihar Board Class 9 Physics Book प्रश्न 3.
ऐसीटोन/पेट्रोल या इत्र डालने पर हमारी हथेली ठंडी क्यों हो जाती है ?
उत्तर:
जब ऐसीटोन/पेट्रोल या इत्र को हम हथेली पर गिराते हैं तो इसके कण हमारी हथेली या उसके आस-पास से ऊर्जा प्राप्त कर लेते हैं और वाष्पीकृत हो जाते हैं जिससे हथेली पर शीतलता महसूस होती है।

Bihar Board Solution Class 9 Biology प्रश्न 4.
कप की अपेक्षा प्लेट से हम गर्म दूध या चाय जल्दी क्यों पी लेते हैं ?
उत्तर:
वाष्पीकरण एक सतही प्रक्रिया है। सतही क्षेत्र बढ़ने पर वाष्पीकरण की दर भी बढ़ जाती है। अतः प्लेट में गर्म दूध या चाय डालने पर वह जल्दी ठण्डी हो जाती है, क्योंकि उसकी वाष्पीकरण की दर बढ़ जाती है, और हम उसे जल्दी पी लेते हैं।

Bihar Board Class 9 Chemistry Solutions प्रश्न 5.
गर्मियों में हमें किस तरह के कपड़े पहनने चाहिए?
उत्तर:
गर्मियों में हमें सूती कपड़े पहनने चाहिए क्योंकि गर्मियों में हमें अधिक पसीना आता है। चूंकि सूती कपड़ों में जल का.अवशोषण अधिक होता है, अतः हमारा पसीना इसमें अवशोषित होकर वायुमण्डल में आसानी से वाष्पीकृत हो जाता है और हमें शीतलता मिलती है।

क्रियाकलाप 1.1 (पृष्ठ संख्या 1)

प्रश्न 1.
आपके अनुसार नमक या शर्करा का क्या हुआ ?
उत्तर:
नमक या शर्करा जल (पानी) में घुल गई।

प्रश्न 2.
ये कहाँ गायब हुए ?
उत्तर:
नमक या शर्करा को जल में घोलने पर इनके कण जल के कणों के बीच के रिक्त स्थानों में समावेशित हो जाते हैं।

प्रश्न 3.
क्या जल के स्तर में कोई बदलाव आया ?
उत्तर:
नहीं, जल के स्तर में कोई बदलाव नहीं आया।

क्रियाकलाप 1.2 (पृष्ठ संख्या 2)

प्रश्न 1.
क्या जल अब भी रंगीन है ?
उत्तर:
प्रत्येक बार तनुकृत करने पर घोल का रंग हल्का होता जाता है, फिर भी पानी रंगीन नजर आता है।

क्रियाकलाप 1.3 (पृष्ठ संख्या 2)

प्रश्न 1.
अपनी कक्षा के किसी कोने में एक बुझी हुई अगरबत्ती रख दें। इसकी सुगन्ध लेने के लिए आपको इसके कितने समीप जाना पड़ता है ?
उत्तर:
बुझी हुई अगरबत्ती की सुगन्ध लेने के लिए हमें इसके एकदम समीप जाना पड़ता है।

प्रश्न 2.
अगर अगरबत्ती जला दें। क्या होता है ? क्या दूर से इसकी सुगन्ध आपको मिलती है ?
उत्तर:
अगरबत्ती जलाने पर इसका धुआँ फैलने लगता है या वायु में विसरित हो जाता है व दूर से इसकी सुगन्ध हमें मिलने लगती है।

क्रियाकलाप 1.4 (पृष्ठ संख्या 2)

प्रश्न 1.
स्याही की बूंद डालने के तुरन्त बाद आपने क्या देखा?
उत्तर:
स्याही की बूँद डालने के तुरन्त बाद जल का रंग नीला होने लगा।

प्रश्न 2.
शहद की बूंद डालने के तुरन्त बाद आपने क्या देखा?
उत्तर:
शहद की बूंद डालने के बाद जल का रंग धीरे-धीरे पीला होने लगा।

क्रियाकलाप 1.5 (पृष्ठ संख्या 3)

प्रश्न 1.
गिलास में ठोस क्रिस्टल के ठीक ऊपर क्या दिखाई देता है ?
उत्तर:
गिलास में ठोस क्रिस्टल के ठीक ऊपर क्रिस्टल के रंगीन कण जल में गति करते हुए दिखाई देते हैं।

प्रश्न 2.
समय बीतने पर क्या होता है ?
उत्तर:
समय बीतने पर कॉपर सल्फेट या पोटैशियम परमैंगनेट के कण समान रूप से पानी में वितरित हो जाते हैं।

प्रश्न 3.
इससे ठोस और द्रव के कणों के बारे में क्या पता चलता है ?
उत्तर:
इससे पता चलता है कि ठोस के कण द्रव के कणों के रिक्त स्थानों में समावेशित हो जाते हैं व पदार्थ के कण निरन्तर गतिशील होते हैं।

प्रश्न 4.
क्या तापमान के साथ मिश्रित होने की दर बदलती है ? क्यों और कैसे ?
उत्तर:
तापमान बढ़ने पर मिश्रित होने की दर तेज हो जाती है क्योंकि तापमान बढ़ने से पदार्थ के कणों की गति तेज हो जाती है। पदार्थ के कण निरन्तर गतिशील होते हैं या उनमें गतिज ऊर्जा होती है। तापमान बढ़ने से कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है व उनका विसरण या मिश्रित होना तेज हो जाता है।

क्रियाकलाप 1.6 (पृष्ठ संख्या 3)

प्रश्न 1.
किस समूह को तोड़ना आसान था ? और क्यों ?
उत्तर:
तीसरे समूह को जोड़ना आसान था क्योंकि उसमें मानव श्रृंखला के मानवों ने एक-दूसरे को केवल उँगली के सिरे से छूकर श्रृंखला बनाई थी। अतः उनके बीच न्यून बल था।

प्रश्न 2.
यदि हम प्रत्येक विद्यार्थी को पदार्थ का एक कण मानें तो किस समूह में कणों ने एक-दूसरे को अधिक बल से पकड़ रखा था ?
उत्तर:
पहले समूह ने।

क्रियाकलाप 1.7 (पृष्ठ संख्या 3)

प्रश्न 1.
लोहे की कील, चॉक व रबर बैंड में से किसके कण अधिक बल से एक-दूसरे से जुड़े हैं ?
उत्तर:
लोहे की कील के।

क्रियाकलाप 1.8 (पृष्ठ संख्या 4)

प्रश्न 1.
जल का नल खोलकर जल की धार को अपनी उँगली से काटने का प्रयास करें। क्या जल की धार कटती
उत्तर:
नहीं, जल की धार नहीं कटती।

प्रश्न 2.
जल की धार न कटने का क्या कारण है ?
उत्तर:
जल के कणों के बीच आकर्षण बल कार्य करता है जिस कारण जल की धार के कण अलग नहीं होते व धार नहीं कटती।

क्रियाकलाप 1.9 (पृष्ठ संख्या 4)

प्रश्न 1.
क्या पेन, किताब, सुई और लकड़ी की छड़ का निश्चित आकार, स्पष्ट सीमाएँ तथा स्थिर आयतन है ?
उत्तर:
हाँ, इन सभी का निश्चित आकार, स्पष्ट सीमाएँ । तथा स्थिर आयतन है।

प्रश्न 2.
इन पर हथौड़ा मारने, खींचने या गिराने से क्या होता है ?
उत्तर:
बाह्य बल लगाने पर ये सभी ठोस अपने आकार को बनाये रखते हैं। बल लगाने पर ये टूट सकते हैं लेकिन इनका आकार नहीं बदलता।

प्रश्न 3.
क्या इनका एक-दूसरे में विसरण सम्भव है ?
उत्तर:
नहीं, इनका एक-दूसरे में विसरण सम्भव नहीं है, क्योंकि इनके कणों के बीच रिक्त स्थान बहुत न्यून होता है।

प्रश्न 4.
बल लगाकर इनको सम्पीडित करने का प्रयास करें। क्या इनका संपीडन होता है ?
उत्तर:
इनका संपीडन नहीं होता। ये दृढ़ होते हैं।

क्रियाकलाप 1.10 (पृष्ठ संख्या 5)

प्रश्न 1.
जल, खाना पकाने का तेल, दूध, जूस, शीतल पेय को फर्श पर डाल देने पर क्या होगा ?
उत्तर:
इन द्रवों को फर्श पर डाल देने पर ये बहने लगते हैं।

प्रश्न 2.
किसी एक द्रव का 50 ml मापकर विभिन्न बर्तनों में क्रमशः एक-एक करके डालें। क्या प्रत्येक बार आयतन एकसमान रहता है ?
उत्तर:
हाँ, प्रत्येकं बार आयतन एकसमान रहता है।

प्रश्न 3.
क्या द्रव का आकार एकसमान रहता है ?
उत्तर:
नहीं, जिस बर्तन में इसे रखा जाए यह उसी का आकार ले लेता है।

प्रश्न 4.
द्रव को एक बर्तन से दूसरे बर्तन में उड़लने पर क्या यह आसानी से बहता है ? ..
उत्तर:
हाँ, यह तरल होने के कारण आसानी से बहता है।

क्रियाकलाप 1.11 (पृष्ठ संख्या 5)

प्रश्न 1.
आपने क्या देखा ? किस स्थिति में पिस्टन आसानी से अन्दर चला गया ?
उत्तर:
हमने देखा कि हवा भरी सिरिंज का पिस्टन बहुत आसानी से अन्दर चला गया व जल व चॉक भरी सिरिंज के पिस्टन को दबाना मुश्किल था।

प्रश्न 2.
अपने प्रेक्षण से आपने क्या अनुमान लगाया ?
उत्तर:
अपने प्रेक्षण से हमने यह अनुमान लगाया कि ठोसों एवं द्रवों की तुलना में गैसों की संपीड्यता काफी अधिक होती है।

क्रियाकलाप 1.12 (पृष्ठ संख्या 8)

प्रश्न 1.
उपर्युक्त क्रियाकलाप से आप क्या निष्कर्ष निकालते हैं ?
उत्तर:
उपर्युक्त क्रियाकलाप में अमोनियम क्लोराइड या कपूर द्रव अवस्था में परिवर्तित हुए बिना ठोस अवस्था से सीधे गैस और वापस ठोस में बदल जाता है। अतः इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि कपूर ऊर्ध्वपातित होता है।

क्रियाकलाप 1.14 (पृष्ठ संख्या 10)

प्रश्न 1.
वाष्पीकरण के निम्नलिखित तथ्यों के बारे में आप क्या अनुमान लगा सकते हैं ? तापमान का प्रभाव, सतह का क्षेत्र और वायु की चाल।
उत्तर:
तापमान का प्रभाव – तापमान में वृद्धि से जल के अधिक कणों में पर्याप्त गतिज ऊर्जा मिलती है, जिससे वे वाष्पीकृत हो जाते हैं।
सतह का क्षेत्र – सतही क्षेत्र बढ़ने पर वाष्पीकरण की दर भी बढ़ जाती है।
वायु की चाल – वायु के तेज होने से जलवाष्प के कण वायु के साथ उड़ जाते हैं जिससे आसपास के जलवाष्प की मात्रा घट जाती है। अतः वाष्पीकरण की दर तेज हो जाती है।

Bihar Board Class 9 Science हमारे आस-पास के पदार्थ Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
निम्नलिखित तापमानों को सेल्सियस इकाई में परिवर्तित करें
(a) 300 K
(b) 573 K
हल : (a) 300 K
0°C = 273 K
300 K = 300 – 273
उत्तर:
= 27°C

(b) 573 K
273 K = 0°C
573 K = 573 – 273
उत्तर:
= 300°C

प्रश्न 2.
निम्नलिखित तापमानों को केल्विन इकाई में परिवर्तित करें
(a) 25°C
(b) 373°C.
हल : (a) 25°C
0°C = 273 K
अतः 25°C = 25 + 273
उत्तर:
= 298K

(b)373°C
0°C = 273 K
अतः 373°C = 373 + 273
उत्तर:
= 646 K

प्रश्न 3.
निम्नलिखित अवलोकनों हेतु कारण लिखें –
(a) नैफ्थलीन को रखा रहने देने पर यह समय के साथ कुछ भी ठोस पदार्थ छोड़े बिना अदृश्य हो जाती है।
(b) हमें इत्र की गंध बहुत दूर बैठे हुए भी पहुँच जाती है।
उत्तर:
(a) नैफ्थलीन को रखा रहने देने पर यह ऊर्ध्वपातित हो जाती है, अर्थात् यह द्रव अवस्था में परिवर्तित हुए बिना ठोस अवस्था से सीधे गैस में परिवर्तित हो जाती है।
(b) इत्र के कण वायु में मिल जाते हैं और विसरित होकर हम तक पहुँचते हैं। इत्र के कणों की तेज गति और अत्यधिक रिक्त स्थानों के कारण उनका वायु में विसरण बहुत तीव्रता से होता है।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित पदार्थों को उनके कणों के बीच बढ़ते हुए आकर्षण के अनुसार व्यवस्थित करें
(a) जल
(b) चीनी
(c) ऑक्सीजन।
उत्तर:
पदार्थों का उनके कणों के बीच बढ़ते हुए आकर्षण का क्रम –
ऑक्सीजन < जल < चीनी

प्रश्न 5.
निम्नलिखित तापमानों पर जल की भौतिक अवस्था क्या है –
(a) 25°C
(b) 0°C
(c) 100°C
उत्तर:
(a) 25°C पर द्रव अवस्था।
(b) 0°C पर द्रव व ठोस दोनों अवस्थाएँ सम्भव हैं।
(c) 100°C पर द्रव व गैस दोनों अवस्थाएँ सम्भव हैं।

प्रश्न 6.
पुष्टि हेतु कारण दें –
(a) जल कमरे के ताप पर द्रव है।
(b) लोहे की अलमारी कमरे के ताप पर ठोस है।
उत्तर:
(a) जल कमरे के ताप पर द्रव है क्योंकि इसका एक निश्चित आयतन है व इसमें बहाव है।
(b) लोहे की अलमारी कमरे के ताप पर ठोस है क्योंकि इसका एक निश्चित आकार व आयतन है। इसमें जल की भाँति बहाव नहीं है।

प्रश्न 7.
273K पर बर्फ को ठंडा करने पर तथा जल को इसी तापमान पर ठंडा करने पर शीतलता का प्रभाव अधिक क्यों होता है?
उत्तर:
273 K या 0°C पर ठंडा करने पर बर्फ, जल की तुलना में ज्यादा शीतलता प्रदान करती है, क्योंकि वह जल में परिवर्तित होने के लिए संगलन की प्रसुप्त ऊष्मा जितनी ऊष्मा अवशोषित करती है। जबकि 273 K पर जल की अवस्था में परिवर्तन नहीं होता। अतः यह बर्फ की तुलना में कम ऊर्जा अवशोषित करता है।

प्रश्न 8.
उबलते हुए जल अथवा भाप में से जलने की तीव्रता किसमें अधिक महसूस होती है ?
उत्तर:
भाप से उबलते हुए जल की तुलना में जलने की तीव्रता अधिक महसूस होती है क्योंकि भाप के कणों में उसी तापमान पर पानी के कणों की अपेक्षा अधिक ऊर्जा होती है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि भाप के कणों ने वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा के रूप में अतिरिक्त ऊष्मा अवशोषित कर ली है।

प्रश्न 9.
निम्नलिखित चित्र के लिए A,B,C,D, E तथा F की अवस्था परिवर्तन को नामांकित करें –
Bihar Board Class 9 Science Solutions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ
उत्तर:
A – संगलन
B – वाष्पीकरण
C – संघनन
D – जमना
E – ऊर्ध्वपातन
F – ऊर्ध्वपातन।

Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 2 मंझन के पद

Bihar Board Class 9 Hindi Book Solutions Godhuli Bhag 1 पद्य खण्ड Chapter 2 मंझन के पद Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

BSEB Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 2 मंझन के पद

Bihar Board Class 9 Hindi मंझन के पद Text Book Questions and Answers

मंझन की कविता Bihar Board Class 9 Hindi प्रश्न 1.
कवि ने प्रेम को संसार में अँगूठी के नगीने के समान अमूल्य माना है। इस पंक्ति को ध्यान में रखते हुए कवि के अनुसार प्रेम स्वरूप का वर्णन करें।
उत्तर-
प्रस्तुत पंक्तियों में महाकवि मंझन ने प्रेम के सही स्वरूप को व्याख्या करते हुए उसकी तुलना अंगूठी के नग से की है। जिस प्रकार बिना नग के अंगूठी का कोई महत्व नहीं होता ठीक उसी प्रकार इस नश्वर संसार में बिना प्रेम के जीवन निस्सार है, निरर्थक है। प्रेम अनमोल वस्तु है। प्रेम उसी मनुष्य के पास मिल सकता है जो अवतारी पुरुष हो, असाधारण पुरुष हो। सामान्य पुरुष के पास प्रेम मिल ही नहीं सकता। प्रेम अलौकिक चीज है जिसके लिए सर्वस्व त्याग की भावना रखनी पड़ती है।

Bihar Board Class 9 Hindi Book Solution प्रश्न 2.
कवि ने सच्चे प्रेम की क्या कसौटी बताई है?
उत्तर-
कवि की दृष्टि में प्रेम का महत्व अनमोल है। प्रेम की प्राप्ति के लिए पहले स्वयं को मारना पड़ता है। कहने का भाव यह है कि सांसारिक मोह-माया, तृष्णाओं, वासनाओं से दूर रहना पड़ता है। इस सृष्टि का सृजन स्वयं ब्रह्मा ने प्रेम के वशीभूत होकर ही की थी।
कवि के कथनानुसार कोई भाग्यशाली व्यक्ति ही प्रेम को प्राप्त कर सकता है। प्रेम बहुत ऊँचा शब्द है और शाश्वत है। इसीलिए कवि ने साफ-साफ लिखा है कि प्रेम के पंथ में जो अपने को बलि चढ़ाए वही राजा है, वही महान है और तब ही प्रेम का भी महत्व है।

Bihar Board 9th Class Hindi Book Solution प्रश्न 3.
‘पेम गहा बिधि परगट आवा’ से कवि ने मनुष्य की किस प्रवृत्ति की ओर संकेत किया है?
उत्तर-
उपरोक्त पंक्तियों में महाकवि मंझन ने प्रेम की अमरता और उसकी महत्ता का वर्णन करते हुए मनुष्य के जीवन में व्याप्त अनेक वासनाओं, तृष्णाओं की ओर ध्यान आकृष्ट किया है। इस संसार की सृष्टि खुद ब्रह्मा ने प्रेम के कारण ही की। यह संसार रहेगा तभी प्रेम रहेगा और प्रेम रहेगा तभी ईश्वर की महत्ता भी रहेगी। इन पंक्तियों में कहना है कि ईश्वर के द्वारा कवि का प्रेम के कारण ही संसार का निर्माण किया जिसमें मनुष्य की सृष्टि की। मनुष्य की अनेक तामसिक प्रवृत्तियाँ होती हैं जो उसके मोक्ष के मार्ग को अवरुद्ध रखती है। इसीलिए इस नश्वर संसार में मनुष्य के लिए अमरत्व आवश्यक है, लेकिन यह तभी संभव है जब वह इसके लिए अपने को भौतिकता से ऊपर उठाए और सत्यपोषण में स्वयं को न्योछावर कर दे। उसे सच्चे प्रेम की प्राप्ति स्वतः हो जाएगी।

Bihar Board Solution Class 9 Hindi प्रश्न 4.
आज मनुष्य ईश्वर को इधर-उधर खोजता-फिरता है लेकिन कवि मंझन का मानना है कि जिस मनुष्य ने भी प्रेम को गहराई से जान लिया स्वयं ईश्वर वहाँ प्रकट हो जाते हैं। यह भाव किन पंक्तियों से व्यंजित होता है।
उत्तर-
“प्रेम के आगि सही जेइ आंचा।
सो जग जनमि काल सेउं बांचा। मंझन के उपरोक्त पंक्तियों में यह बात साफ-साफ झलकती है कि जो प्रेम की ज्वाला यानि आँच को बर्दाश्त कर लेता है, वही काल के आगे टिक पाता है। काल उसे मार नहीं सकता। जिसने प्रेम की शरण ले ली उसको कोई नहीं मार सकता। जो सांसारिक वासनाओं एवं तृष्णाओं से युक्त होकर जीता है वही अमरत्व यानि ईश्वर को प्राप्त कर सकता है।

Bihar Board Class 9 Hindi Solution प्रश्न 5.
कवि की मान्यता है कि प्रेम के पथ पर जिसने भी अपना सिर दे दिया वह राजा हो गया। यहाँ ‘सिर’ देना का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
महाकवि मंझन ने अपने पद में
“सबद ऊँच चारिहुं जुग बाजा।
पेम पंथ सिर देई सो राजा।” सिर देने का प्रयोग किया है। उसका भाव यह है कि प्रेम के पंथ में जो स्वयं को बलि चढ़ा दे, वही राजा है, वही महान है। ‘सिर देना’ का अर्थ हुआ स्वयं को बलिवेदी पर चढ़ा देना यानि सर्वस्व त्याग की भावना। अलौकिक प्रेम बलिदान खोजता है। त्याग खोजता है। वह तृष्णाओं, वासनाओं की चकाचौंध में नहीं रहनाचाहता। ‘प्रेम’ यहाँ अलौकिक भाव तत्व से जुड़ा है। ईश्वर भक्ति में भी चाहे प्रेम, प्राप्ति के लिए एकनिष्ठता आवश्यक है। अपने सिर को बलि दे देने पर ही सच्चे प्रेम की प्राप्ति संभव है।

Bihar Board 9th Class Hindi Book Pdf प्रश्न 6.
प्रेम से व्यक्ति के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है? पठित पदों के आधार पर तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।
उत्तर-
इस नश्वर संसार में प्रेम अँगूठी के नग के समान है। जिस प्रकार अंगूठी की महत्ता नग के कारण बढ़ जाती है, ठीक उसी प्रकार मनुष्य का जीवन भी प्रेम बिना निरर्थक है।

प्रेम का व्यक्ति के जीवन पर अत्यधिक प्रभाव पड़ता है। इसके बिना यह जीवन निरर्थक और निस्सार लगता है। वह व्यक्ति के जीवन की ज्योति है, आभा है जिसकी चमक से वह इस दुनिया में विशिष्ट स्थान पाता है। प्रेम के अलौकिक गुणों से संपन्न मनुष्य अवतारी पुरुष कहलाता है। वह सामान्य कोटि के मनुष्य से अलग दिखाई पड़ता है। उसके व्यक्तित्व में विराटता और गंभीरता स्पष्ट झलकती है।

भाग्यशाली व्यक्ति के ही भाग्य में प्रेम सुहाग सदृश काम करता है। चारों युगों में प्रेम का महत्व बरकरार रहता है अतः उसके प्रभाव से व्यक्ति अमरता को प्राप्त करता है। वह इस संसार ही नहीं अलौकिक जगत में भी काल पर विजय प्राप्त कर लेता है। वह कालजयी महान आत्मा के रूप में पूजित होता है।

प्रेम के वशीभूत तो खुद ईश्वर रहते आए हैं। इसी प्रेम के कारण तो उन्होंने संसार की सृष्टि की। अतः इस लौकिक जगत में भी और अलौकिक जगत दोनों में प्रेम के प्रभाव से मनुष्य का जीवन देदीप्यमान, अमरत्व एवं कालजयी रूप को प्राप्त कर लेता है।

सप्रसंग व्याख्या

Bihar Board Class 9 Hindi Solutions प्रश्न 7.
“पेम हाट चहुं दिसि है पसरीगै बनिजौ जो लोइ।
लाहा और फल गाहक जनि डहकावे कोइ॥ प्रसंग-प्रस्तुत पंक्तियाँ महाकवि मंझन के प्रथम पद से उद्धृत की गयी हैं। ये पद हमारी पाठ्य पुस्तक में संकलित है। इस पंक्तियों का प्रसंग प्रेम के हाट और खरीददार एवं विक्रेता के संबंधों से जुड़ा हुआ है।

प्रस्तुत पंक्तियों के द्वारा कवि मंझन कहना चाहते हैं कि अरे प्रेम का बाजार तो संसार भर में फैला हुआ है जिसका मन करे वह इस प्रेम के सौदे की खरीद-बिक्री कर ले।

इस सौदागिरी में किसी को घाटा नहीं है। न बेचने वाले को न खरीदने वाले को। इन पंक्तियों में इस नश्वर संसार में प्रेम को महत्ता का कवि ने वर्णन किया है।

कवि का कहना है कि प्रेम अनमोल और बहुमूल्य वस्तु है। वह अंगूठी में नग की तरह है। अतः इस संसार रूपी हाट में प्रेम के खरीदने-बेचनेवालों की कवि सलाह देता है कि समय रहते प्रेम की खरीददारी कर लो। समय बीत जाने पर पछताना न पड़े क्योंकि प्रेम की खरीद-बिक्री में किसी को घाटा नहीं होने वाला है। इन पंक्तियों में आध्यात्मिक प्रेम की चर्चा करते हुए इस भौतिक जगत से मुक्ति और अमरत्व प्राप्ति के लिए प्रेम की खरीददारी करना यानि प्रेम की शरण गहना आवश्यक है।

भाव-सौंदर्य स्पष्ट करें :-

Class 9th Hindi Bihar Board प्रश्न 8.
(क) एक बार जौ मरि जीउ पावै।
काल बहुरि तेहि नियर न आवै।
उत्तर-
ये पंक्तियाँ हमारी पाठ्य पुस्तक से महाकवि मंझन के पद से ली गई _हैं। इन पंक्तियों में कवि के कहने का भाव यह है कि जो व्यक्ति एक बार अपने जीवन के महत्व को समझते हुए इसपर विजय प्राप्त कर लिया यानि स्वयं को एक बार मार लिया उसके पास दूसरा कोई भी फटक नहीं सकता।

कवि के कहने का भाव यह है कि मृत्यु पर विजय प्राप्त करने के लिए स्वयं को मारना पड़ता है। ‘जिन’ बनना पड़ता है। इस नश्वर भोग-विलासी संसार के माया जाल से स्वयं को ऊपर उठाते हुए ही मनुष्य शिखर पर चढ़ सकता है।

स्वयं को मारने वाला ही व्यक्ति अमरत्व को, प्राप्त कर सकता है और काल भी उसके निकट नहीं आता। इन पंक्तियों में आध्यात्मिक भाव का पुट है। कवि इस लौकिक जगत के मोह माया से ऊपर उठकर स्वयं को न्योछावर यानि बलिवेदी पर चढ़ने का आह्ववान करता है वही पुरुष मृत्यु पर विजय प्राप्त करता है।

मृत्यु पर विजय प्राप्त करने के लिए स्वयं के अस्तित्व को मिटाकर ब्रह्म यानि सत्य के निकट पहुँचना आवश्यक है।

Class 9 Hindi Book Bihar Board प्रश्न 8.
(ख) मिरितुक फल अंब्रित होइ गया। निहचै अमर ताहि के कया।
उत्तर-
प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य पुस्तक में संकलित मंझन के पद से ली गई हैं। इन पंक्तियों का भाव-सौंदर्य यह है कि जो व्यक्ति संसार की वासनाओं तृष्णाओं को छोड़ देता है अर्थात् उसके पीछे नहीं भटकता अर्थात् उसके लिए वह निष्प्राण होकर जीता है, उसको तो अमरता का फल प्राप्त हो जाता है। ऐसे व्यक्ति की काया निश्चित रूप से अमर हो जाती है।

इन पंक्तियों में कवि ने लौकिकता से ऊपर उठकर अलौकिक जगत की ओर उन्मुख होने का संकेत करता है। कवि का कहना है कि अमरत्व प्राप्ति यानि मृत्यु से छुटकारा पाने के लिए सत्यपथ का गमन आवश्यक है। वह सत्य पथ है-प्रेम का अनुसरण करना।
प्रेम शाश्वत एवं अनमोल वस्तु है। बिना उसके मोक्ष संभव नहीं। इस प्रकार मृत्यु से मुक्ति प्रेम भक्ति ही दिला सकती है। प्रेम के महत्व की व्याख्या सभी कवियों ने मुक्त कंठ से की है।

Bihar Board Class 9th Hindi Solutions प्रश्न 9.
प्रेम के सर्वस्व समर्पण से व्यक्ति के निजी जीवन में आत्मिक सुंदरता आ जाती है, यह परिपक्वता कवि के विचारों में किस प्रकार आती है, स्पष्ट करें।
उत्तर-
उपरोक्त पंक्तियों में महाकवि मंझन ने प्रेम के महत्व का वर्णन करते हुए कहा है कि जिस आदमी के हृदय में प्रेम की ज्योति जलती है, वह कोई साधारण मनुष्य नहीं होता, वह अवतारी या असाधारण पुरुष होता है।

ब्रह्मा ने प्रेम के कारण ही इस संसार की सृष्टि की है। प्रेम ऐसा बहुमूल्य तत्व है कि इसके जोड़ का कोई तत्व नहीं। प्रेम जिसको प्राप्त हो जाता है उसका जीवन सार्थक हो जाता है। वह व्यक्ति प्रेम के सुहाग को प्राप्त कर लेता है। प्रेम शब्द का महत्व सदैव रहा है और आगे भी रहेगा। इसका मूल्य शाश्वत है।

प्रेम की सौदागिरी करने वाला व्यक्ति कभी भी घाटे में नहीं रहता। खरीदने वाला हो चाहे बेचने वाला दोनों को लाभ मिलता है।
प्रेम की शरण में रहने वाले को काल भी कुछ नहीं बिगाड़ सकता। संसार में अनेक उदाहरण हैं जिन्होंने प्रेम की अलख जगायी वे अमर हो गए। मृत्यु पर विजय प्राप्त कर लिए। सारा विश्व उन्हें नमन करता है। बुद्ध, महावीर, राम, कृष्ण इसी परंपरा में आते हैं। इस प्रकार प्रेम बिना इस संसार से मुक्ति संभव नहीं। प्रेम की शरण में नियम पूर्वक रहने वाला मनुष्य कालजयी बन जाता है। इतिहास पुरुष बन जाता है। प्रेम, मनुष्य के जीवन एवं व्यक्तित्व में निखार ला देता है। उसमें चमक पैदा कर देता है। उसकी आभा से ज्योति से सारी दुनिया दिशा ग्रहण करती है।
इस प्रकार प्रेम का मानव जीवन में अनमोल महत्व है। इसके अभाव में जीवन की पूर्णता संभव नहीं।

Class 9 Bihar Board Hindi Solution प्रश्न 10.
प्रेम की शरण में जाने पर जीव की क्या स्थिति होती है?
उत्तर-
महाकवि मंझन सूफी काव्यधारा के प्रमुख कवि थे। सूफी कवियों ने लौकिक जगत के क्रिया-कलापों का अपने काव्य में जगह देते हुए प्रकारान्तर से अलौकिक जगत की व्याख्या की है।

यहाँ भी ‘प्रेम’ शब्द का प्रयोग मंझन ने अपने काव्य में अधिकता के साथ किया है। प्रेम की शरण में जाने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है। प्रेम के संसार में विचरण करने वाला मनुष्य राग-द्वेष, भय-लोभ से मुक्त हो जाता है। यह नश्वर संसार उसे अपनी ओर आकृष्ट नहीं कर पाता। ‘प्रेम की पीर’ की व्याख्या सूफी कवियों ने प्रमुखता से की है। जिसने प्रेम को पा लिया उसका जीवन सार्थक हो गया। वह सत्य को पा लिया। वह ईश्वर को पा लिया। वह इस भौतिक संसार से ऊपर उठ गया। वह कालजयी बन गया। काल भी उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। काल भी उसके त्याग बलिदान और कर्म से घबराता है। प्रेम के वशीभूत होकर ही जीवन को भौतिक जगत से मुक्ति मिल सकती है। इस प्रकार प्रेम सर्वोपरि है, अनश्वर है।, शाश्वत है।

जो बलिदानी पुरुष है उसे ही प्रेम से साक्षात्कार संभव है। प्रेम को खरीदने वाला और बेचने वाला दोनों को घाटा नहीं होता है यानि दोनों अमरत्व को प्राप्त करते हैं।

जो मृत्यु पर विजय प्राप्त कर ले वही कालाजयी पुरुष कहलाता है। यह तभी संभव है जब वह प्रेम की शरण में रहता हो। जो वासनाओं, तष्णाओं से मुक्त हो, सांसारिक मोह-माया से निर्लिप्त हो वही ‘जिन’ कहलाता है।

काल से भयभीत हुए मनुष्य को तो सदैव प्रेम की शरण गहनी चाहिए। जगत में प्रेम की महत्ता है, शाश्वत मूल्य है। वह अमरत्व प्रदान करने वाला है। मोक्ष दिलाने वाला है। जीवन को सुहागमय बनाने वाला है। अतः सच्चे मनुष्य को प्रेम की शरण सदैव पकड़नी चाहिए।

नीचे लिखे पद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दें।

1. पेम अमोलिक नग संयसारा। जेहि जिअं पेम सो धनि औतारा।
पेम लागि संसार उपावा। पेम गहा बिधि परगट आवा।
पेम जोति सम सिस्टि अंजोरा। दोसर न पाव पेम कर जोरा।
बिरुला कोई जाके सिर भागू। सो पावै यह पेम सोहागू।।
सबद ऊँच चारिहुं जुग बाजा। पेम पंथ सिर देइ सो राजा।
(क) पाठ और कवि का नाम लिखें।
(ख) कवि ने अमूल्य प्रेम की उपमा किससे दी है, और क्यों?
(ग) कवि की दृष्टि में कौन अद्वितीय हैं तथा कैसे?
(घ) कवि किसको राजा मानता है? कारण-सहित स्पष्ट करें।
(ङ) “पेम गहा विधि परगट आवा’ पद्य-पंक्ति का अर्थ स्पष्ट करें।
उत्तर-
(क) पाठ-कड़बक, कवि-मंझन

(ख) कवि की दृष्टि में प्रेम जीवन का महत्त्वपूर्ण तत्त्व है। यह एक अमूल्य और दिव्य भाव है। इस भौतिक संसार में कवि के अनुसार यह अंगूठी के नगीने _ की भाँति अमूल्य है। इसकी इस अमूल्यता का कारण इसकी महनीयता तथा महत्ता है। हमारे जीवन में इस प्रेम-भाव की महिमा और गरिमा इतनी विशिष्ट है कि कोई इसका मूल्य लगा ही नहीं सकता।

(ग) कवि की दृष्टि में इस संसार में प्रेम के समान उच्च कोटि का अतिशय महत्त्वपूर्ण भाव और कोई दूसरा नहीं है। इसलिए कवि ने इसे अनुपम और अद्वितीय कहा है-“दोसर न पाव प्रेम कर जोरा।” प्रेम के जोड़ में इसके समकक्ष में कोई और दूसरा भाव नहीं है। इसके विलक्षण सुप्रभाव के आलोक में कवि ने वरदान रूप प्राप्त इस दिव्य भाव की प्रशंसा इस रूप में की है।

(घ) कवि उस नरपुंगव को राजा मानता है जो अपने प्रेम की दिव्यता की रक्षा में अपना सिर कटा देता है, अर्थात अपने प्राण का उत्सर्ग कर देता है। कवि के अनुसार प्रेम की गरिमा प्राण की गरिमा से ज्यादा महत्त्वपूर्ण होती है। इसकी गरिमा की रक्षा इसलिए तो प्राणों की बलि चढ़ाकर भी की जाती है। जो व्यक्ति । ऐसा करता है वही नरपुंगव अर्थात् सच्चे अर्थ में राजा कहलाता है।

(ङ) इस कथन के माध्यम से कवि यह कहना चाहता है जिस मनुष्य ने । भी प्रेम के गहरे रूप और रहस्य को अच्छी तरह समझकर अपने-आपको उसके रंग में रंग लिया है, अर्थात् प्रेम को गहराई से समझकर उसे अपने जीवन में उतार लिया है, वहाँ स्वयं ईश्वर प्रकट हो जाते हैं, अर्थात् वह व्यक्ति स्वयं ईश्वरत्व की गरिमा से मंडित हो जाता है। उसका व्यक्तित्व ईश्वरीय गुणों से भूषित हो जाता है।

2. अमर न होत कोइ जग हारे। मरि जो मरै तेहि मींचु न मारे।
पेम के आगि सही जेई आंचा। सो जग जनमिकाल सेउं वाचा।
पेम सरनि जेई आपु उबारा। सो न मरै काहू कर मारा।
एक बार जौ मरि जीउ पावै। काल बहुरि तेहि नियर न आवै।
मिरितु क फल अंबित होइ गया। निह अंमर ताहि के कया।
उत्तर-
(क) पाठ-पद, कवि-मंझन

(ख) कवि.प्रेम की महत्ता का विवेचन करता है। प्रेम अमर और दिव्य भाव है। यह पवित्र भाव आत्मा और परमात्मा के बीच के अंतर को दूर करता है। जिसने स्वयं प्रेम पथ का संधान कर लिया वही प्रेम का मर्मी है। अतः, जो सच्चे अर्थ में प्रेमी है और प्रेमानुभूति से भरा हुआ है, वह मरकर भी अमर है। उसकी यश काया शाश्वत गारिमा-मंडित होकर अमरत्व का सुख भोगती है।

(ग) इस प्रश्न के उत्तर के लिए उपयुक्त प्रश्नोत्तर ‘ख’ देखें। ।

(घ) प्रेम रस में पगा और प्रेमानुभूति से भरा प्रेमी व्यक्ति प्रेम के रक्षार्थ यदि मर भी जाता है तो मरने के बाद उसको प्रभूत यश मिलता है, और उसकी यशोकाया का पुनर्जन्म हो जाता है उसके लिए मृत्यु तो अमृत का वरदान लेकर आती है। वह इस रूप में नवजीवन प्राप्त करता है।

(ङ) इस पद में मंझन ने प्रेम और सच्चे प्रेमी के महत्त्व का दिग्दर्शन कराया है। कवि की दृष्टि में सच्चा प्रेमी अपने प्रेमभाव की रक्षा के लिए और उसके गौरववर्द्धन के लिए अपने प्राण की बाजी भी लगा देता है और यही उसके प्रेम की कसौटी भी है। ऐसा ही सच्चा प्रेमी मरकर भी अमर हो जाता है। ऐसे प्रेमी के लिए है। प्रेम में मर मिटना अमृत का वरदान पाना है। उस व्यक्ति की यशः काया की गौरव-गरिमा को मिटाने की सामर्थ्य काल में भी नहीं होती। सार के रूप में कवि का यह कथन प्रेम-भाव के गौरव को इस रूप में कितना ऊँचा उठा देता है जब – कवि यह कहता है कि जिसने प्रेम की आग की आँच सह ली, संसार में उसी का जीवन सार्थक है, उसका नाश और विनाश काल की शक्ति से परे है।

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Bihar Board Class 9 English On His Blindness Text Book Questions and Answers

A. Work in small groups and discuss these questions:

On His Blindness Questions And Answers Bihar Board Question 1.
How is a visually challenged person socially recognised?
Answer:
Man is known by his deed, not by physical fitness. Smart personality does not matter. Man is the only creature in the entire universe blessed with a body and mind. It is this, which makes him the crown of creation. While a healthy body is necessary, but in the absence of good work he, is no longer a human being, but a more akin to an animal. Thus, in my opinion, a man is known by his deeds. This is but echoed by Shakespeare when he said. “For sweetest things turn sourest by their deeds, lilies that faster smell far worse than weeds.”

On His Blindness Poem Questions And Answers Pdf Bihar Board Question 2.
Discuss the modes and manners of man who is unable to see the world?
Answer:
Really blindness is a curse. A man is deeply affected by the loss of his eyesight. The loss of eyesight, however, rendered a death-blow to all his aspirations and he began to feel quite – lonely and helpless. He depends upon other person but like Milton, some take their life a challenge and prove themselves successful.

On His Blindness Question Answer Bihar Board Question 3.
Point out the feelings and emotions of a man who has lost his/her eye-sight.
Answer:
A man who has lost his eye-sight has such feelings and emotion.

  • He is deeply affected by the loss of his eye-sight.
  • The loss of eyesight, however, rendered a death blow to all his aspirations and he began to feel quite lonely and helpless.

B. Answer the following questions briefly:

Blindness Questions And Answers Bihar Board Question 1.
What is meant by ‘my light is spent’?
Answer:
It means The slight of Milton’s eyes is gone forever.

On His Blindness Explanation Bihar Board Question 2.
Why is the word ‘dark and wide’ to the poet?
Answer:
The poet became totally blind, therefore, the world with all its beauties and charms became completely dark to him.

On His Blindness Text Bihar Board Question 3.
Who is the ‘Maker’ in this Sonnet?
Answer:
God is the ‘Maker’ in this Sonnet?

On His Blindness Bihar Board Question 4.
Is God a hard taskmaster?
Answer:
No, God is a kind-hearted master who needs nothing from man.

On His Blindness Poem Bihar Board Question 5.
Does God require his appreciation?
Answer:
No, God has no dearth of agents to do His work. He does not require a man’s appreciation in any way.

On His Blindness Poem In Hindi Bihar Board Question 6.
Is Milton afraid of the Almighty?
Answer:
Yes, because he feels that God had given him the poetic talent to use it in the services of his Maker.

On His Blindness In Hindi Bihar Board Question 7.
Discuss the meaning of the closing line, “They also serve who only stand and wait.”
Answer:
There are some angles who do not perform any active duty. They merely stand before God humbly and submissively. They are also the faithful servant’s God.

C.1. Long Answer Type Questions:

On His Blindness Poem Pdf Bihar Board Question 1.
Discuss the poet’s feelings and emotions.
Answer:
Milton feels that he possesses the gift of writing poetry. Since he is blind, he cannot but it is to any use despite the fact that he is keen to do so. In fact, it is no use for him, at the moment. He laments that loss of eyesight and his inability to exploit the gift of poetry he has been endowed by Him.

Question 2.
Why is the poet sad? What happened to him?
Answer:
The poet is sad because he has lost his eyesight in his middle age. And with this, he has lost his ability to write poetry. He is, therefore, sad about how to serve God.

Question 3.
Why does the poet fear God in this poem?
Answer:
He feared that after, his death on the Day of Judgment, God would chide him for having wasted his talent.

Question 4.
Which do you think is superior-insight or eye-sight?
Answer:
Eye-sight is no doubt very superior. Life without eye-sight is nothing. Nothing can be imagined unsightly without having seen by our eyes. How can we imagine colours, the rising sun the purple-headed mountain etc? The scientific invention is not possible without eyesight. So in my opinion eye-sight is superior to insight.

Question 5.
How does the poet get consolation?
Answer:
The poet questioned himself whether God would be so unjust as to ask him fo work after having deprived him of his eye-sight. He got the reply from his own experience, and thus he got the consolation.

Question 6.
Who answered his Question?
Answer:
It was a poet’s insight power who answered his Question.

Question 7.
Is God absolutely merciful? Is he a king of kings?
Answer:
The poet felt very much relieved to learn this he must bear ‘His mild Yoke’. He realised that God is really kind, just and merciful. He further learned that God is the king of kings. He has thousands of angles and other fast-moving agents as His servants. They are constantly carrying out His orders all over the universe. So, He is a king of kings.

Question 8.
Will God forgive the poet?
Answer:
Yes, because he would have to surrender completely to the will of God. Thus he would be forgiven by Him.

Question 9.
Do you think that God needs only humble Submission? Give arguments.
Answer:
We are living in the kingdom of God. Who is the king of all kings? God has no dearth of agents to carry on His orders. God does not require any account of any gift bestowed by Him on man. What He wants from a man is an ungrudging resignation to His will and man unflinching faith in Him. God considers such people to have discharged their duties even though they did nothing and kept themselves ready to obey’God’s order whatever it might be, and, thus even those who only stand and wait ‘are regarded as good workers by God. So their humble submis¬sion served God.

Question 10.
What lesson do you learn from the poem?
Answer:
The lesson ‘On His Blindness’ the poet teaches us that we must bear with our misfortunes and sorrows without complaining about them or losing faith in God and His justice. We must understand that whatever condition we are in. it is according to God’s will.

C.2. Group Discussion

Discuss the following in groups or pairs.

Question 1.
The value of eyes in life.
Answer:
Eyes are vital parts of our body. It is eyes which are organs of sight. We see with our eyes. The beauty of nature, colours of butterflies and flowers, sky and every, the thing can be seen only and only by our eyes Colours cannot be known by touching them. We can enjoy seeing sights. We can fly aeroplanes if we have eyesight. In nutshell, we should know if we have eyes the world is ours.

Question 2.
Loss of vision leads to suffering and problems in life.
Answer:
Eyes are organs of our body which give us the vision to know anything or the world without them we have to suffer a lot. We can’t go in a hurry to anywhere. We can’t move freely on the busy road. A blind man has danger at every step. Life becomes dull. A blind man feels utterly dejected. He feels that life would be totally meaningless. There are suffering and problems all around.

Comprehension Based Questions with Answers

1. When I consider how my light is spent
Ere half my days, in this dark world and wide,
And that one talent, which is death to hide,
Lodged with me useless, though my soul more bent
To Serve there with my Maker, and present
My true account, lest He, returning, chide;

Questions:

  1. Name the poem and the poet.
  2. What is it that the poet consider?
  3. What is lodged with the poet?
  4. What is the talent of the poet?
  5. What makes the poet so keen and why?

Answers:

  1. The name of the poem is On His Blindness and its poet is John Milton.
  2. Milton feels that he has become blind before he has lived half the span of his life. He also feels that having been denied eye-sight he cannot write poetry.
  3. The talent for writing the poetry is lodged with the poet. It has become useless because the poet has become blind. Now he cannot write poetry.
  4. Milton refers here to his eminent ability in the art of writing poetry.
  5. The first thing is that his poetic gift is going waste. The second thing is that he is very anxious to serve God with his poetry. The third thing is that he is afraid that if he fails to do all these, he might earn God’s anger.

2. ‘Doth God exact day-labour, light denied?’
I fondly ask: but Patience, to prevent
That murmur, soon replies, God doth not
Either man’s work, or His own gifts, who best
Bear His mild yoke, they serve Him best His state
Is kingly: thousands at His bidding speed.
And post o’er land and Ocean without rest;
They also serve who only stand and wait.”

Questions:

  1. What is the force of fondly’?
  2. What is his ‘murmur’? Who prevents this murmur?
  3. What is God’s Yoke? Why does Milton call it ‘mild’?
  4. In what does, according to Milton, the best services of God lie?
  5. What lesson does the Sonnet teach us?

Answers:

  1. Milton asks himself if God wanted him to do his labour of writing poetry even he had become blind.
  2. His murmur is his grumbling. He murmurs that God will punish him for not making use of his poetic talent. Patience prevents this murmur.
  3. Milton has employed the word here to point out the duty which God has assigned us all, or the burden or responsibilities with which we begin our earthly life.
  4. The best service of God lies in developing a spirit of resignation to his will in ourselves and in suffering the hardships and difficulties of life.
  5. We must bear with our misfortunes and sorrows without complaining about them or losing faith in God and His justice.

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Bihar Board Class 9 History Solutions Chapter 6 आदिवासी समाज और उपनिवेशवाद

Bihar Board Class 9 Social Science Solutions History इतिहास : इतिहास की दुनिया भाग 1 Chapter 6 आदिवासी समाज और उपनिवेशवाद Text Book Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 9 Social Science History Solutions Chapter 6 आदिवासी समाज और उपनिवेशवाद

Bihar Board Class 9 History आदिवासी समाज और उपनिवेशवाद Text Book Questions and Answers

 

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न :

Bihar Board Class 9 History Book Solution प्रश्न 1.
भारतीय वन अधिनियम कब पारित हुआ?
(क) 1864
(ख) 1865
(ग) 1885
(घ) 1874
उत्तर-
(ख) 1865

Bihar Board 9th Class History Book प्रश्न 2.
तिलका माँझी का जन्म किस ई० में हुआ था ?
(क) 1750
(ख) 1774
(ग) 1785
(घ) 1850
उत्तर-
(क) 1750

Bihar Board Class 9 History प्रश्न 3.
तमार विद्रोह किस ई० में हुआ था?
(क) 1784
(ख) 1788
(ग) 1789
(घ) 1799
उत्तर-
(ग) 1789

Bihar Board Class 9th History Solution प्रश्न 4.
चेरो जन जाति कहाँ की रहने वाली थी?
(क) राँची
(ख) पटना
(ग) भागलपुर
(घ) पलामू
उत्तर-
(घ) पलामू

Class 9 History Bihar Board प्रश्न 5.
किस जनजाति के शोषण विलीन शासन की स्थापना हेतु साउथ वेस्ट फ्रान्टियर एजेंसी बनाया गया ?
(क) चेरो
(ख) हो
(ग) कोल
(घ) मुण्डा
उत्तर-
(ग) कोल

Bihar Board Class 9 History Book प्रश्न 6.
भूमिज विद्रोह कब हुआ था ?
(क) 1779
(ख) 1832
(ग) 1855
(घ) 1869
उत्तर-
(ख) 1832

Bihar Board Solution Class 9 History प्रश्न 7.
सन् 1855 के संथाल विद्रोह का नेता इनमें से कौन था ?
(क) शिबू सोरेन
(ख) सिद्धू
(ग) बिरसा मुंडा
(घ) मंगल पांडे
उत्तर-
(ख) सिद्धू

Bihar Board Solution Class 9 Social Science प्रश्न 8.
बिरसा मुंडा ने ईसाई मिशनरियों पर कब हमला किया ?
(क) 24 दिसम्बर, 1889
(ख) 25 दिसम्बर, 18999
(ग) 25 दिसम्बर, 1900
(घ) 8 जनवरी, 1900
उत्तर-
(ख) 25 दिसम्बर, 18999

Bihar Board Class 9 History Chapter 1 प्रश्न 9.
भारतीय संविधान के किस धारा के अन्तर्गत आदिवासियों को कमजोर वर्ग का दर्जा दिया गया है ?
(क) धारा 342
(ख) धारा 352
(ग) धारा 356
(घ) धारा 360
उत्तर-
(क) धारा 342

Bihar Board Class 9 History Solution प्रश्न 10.
झारखंड को राज्य का दर्जा कब मिला?
(क) नवम्बर, 2000
(ख) 15 नवम्बर, 2000
(ग) 15 दिसम्बर, 2000
(घ) 15 नवम्बर, 2001
उत्तर-
(ख) 15 नवम्बर, 2000

रिक्त स्थान की पूर्ति करें :

1. जनजातियों की सर्वाधिक आबादी …………… में है।
2. अठारहवीं शताब्दी में वन्य समाज कई ………… में बँटा था।
3. वन्य समाज में शिक्षा देने के उद्देश्य से …………… में घुसपैठ की ।
4. जर्मन वन विशेषज्ञ डायट्रिच बैडिस ने सन् 1864 ई० में की स्थापना की।
5. …………… पहला संथाली था, जिसने अंग्रेजों पर हथियार उठाया ।
6. ‘हो’ ‘जाति के लोग छोटानागपुर के …………… के निवासी थे।
7. भागलपुर से राजमहल के बीच का क्षेत्र ……………. कहलाता था।
8. सन् …………… ई० में में संथाल विद्रोह हुआ।
9. बिरसा मुंडा का जन्म ……….. को हुआ था।
10. छत्तीसगढ़ राज्य का गठन …………… को हुआ था।
उत्तर-
1. मध्य-प्रदेश
2. कबीला
3. ईसाई मिशनरियों ने
4. भारतीय वन सेवा
5. तिलका मांझी
6. सिंहभूम
7. दामन-ए-कोह
8. 1885
9. 15 नवम्बर, 1874
10. 1 नवम्बर, 2000

लघु उत्तरीय प्रश्न

Bihar Board 9th Class Social Science Book Pdf प्रश्न 1.
वन्य समाज की राजनैतिक स्थिति पर प्रकाश डालें।
उत्तर-
18वीं शताब्दी में वन्य समाज कबीलों में बँटा था और प्रत्येक जनजाति एक मुखिया के तहत संगठित थी। मुखिया का मुख्य कर्त्तव्य कबीला को सुरक्षा प्रदान करना था। मुखिया बने रहने के लिए उनका युद्ध कुशल और सुरक्षा देने के कार्य में सक्षम होना अनिवार्य था।

इनकी स्वयं की शासन प्रणाली थी। इस शासन प्रणाली में सत्ता का विकेन्द्रीकरण किया गया था। परम्परागत शासन प्रणाली में सत्ता चलाने के लिए वैधानिक न्यायिक तथा कार्यपालिका शक्तियों में निहित थी। अंग्रेजी शासन के समय उनके द्वारा प्रलोभन दिए जाने के कारण अधिक संख्या में मुखिया अंग्रेजों के हिमायती होने लगे और अपने ही लोगों से राजस्व वसूली में उनका साथ देने लगे। इस तरह वन्य समाज की राजनैतिक स्थिति गड़बड़ हो गयी।

History Class 9 Bihar Board प्रश्न 2.
वन्य समाज का सामाजिक जीवन कैसा था?
उत्तर-
आदिवासी सीधे-साधे सरल प्रकृति के थे। इनका जीवन जंगल पर ही निर्भर था। जंगलों से लकड़ी काटते थे और उनका प्रयोग ईंधन के रूप में करते थे । पशुओं का चारा भी जंगलों के घास से इकट्ठा करते थे।
सामाजिक जीवन की मुख्य पहलू था-नृत्य, गान एवं शिकार में अभिरुचि रखना । चैत्र शुक्ल तृतीया तिथि को आदिवासी ‘सरहुल’ मनाते हैं। उपनिवेशवाद की भावना से प्रेरित होकर अंग्रेजी सरकार ने छोटे शिकार पर प्रतिबंध लगा दिया। अत: उपनिवेशवाद का इनके सामाजिक जीवन में प्रवेश कर उनकी सामाजिक धारा में गतिरोध उत्पन्न कर दिया ।

प्रश्न 3.
अठारहवीं शताब्दी में वन्य समाज का आर्थिक जीवन कैसा था ?
उत्तर-
अठारहवीं शताब्दी में वन्य समाज के आर्थिक जीवन का आधार कृषि था । वे जगह बदल-बदल कर ‘घुमंतू’, ‘झूम’ या ‘पोडू’ विधि से खेती करते थे।
आदिवासियों में कृषि के अलावा छोटे-छोटे उद्योग धंधों का प्रचलन था। जैसे हाथी-दाँत, बाँस, मशाले, रेशे एवं रबर का व्यापार करते थे। यहाँ लाह उद्योग भी होता था। सन् 1864 ई० में ‘वन सेवा’ की स्थापना हुई । और अंग्रेज सरकार ने 1865 ई० में ‘भारतीय वन अधिनियम’ पारित कर आदिवासियों के लिए पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दिया।
अंगरेजों ने रेल की पटरी एवं रेल के डब्बे की सीट के लिए जंगलों की कटाई शुरू की इससे आदिवासियों के आर्थिक जन-जीवन पर कुठारा घात हुआ।

प्रश्न 4.
अठारहवीं शताब्दी में ईसाई मिशनरियों ने वन्य समाज को कैसे प्रभावित किया ?
उत्तर-
वाणिज्यिक उपनिवेशवादी नीति का पालन करते हुए अंग्रेजों ने जनजातिय क्षेत्रों में प्रवेश करने का भरसक प्रयास किया, लेकिन बहुत हद तक सफल नहीं हो सके । तभी उन्होंने शिक्षा देने और लोगों को सभ्य बनाने के उद्देश्य से ईसाई मिशनरियों का घुसपैठ जनजातीय क्षेत्रों में कराया ताकि उन्हें एक उचित माध्यम मिल जाय । कालान्तर में ये पादरी आदिवासी धर्म एवं संस्कृति की आलोचना करने लगे और उनका धर्म परिवर्तन करना आरम्भ कर दिए । बड़ी संख्या में आदिवासियों ने ईसाई धर्म को अपनाया और अपनी स्थिति में सुधार किया। शिक्षा पाने के कारण उनकी स्थिति में सुधार हुआ पर वे अपने भाइयों से घृणा करने लगे । आदिवासी इसे अपने सामाजिक एवं धार्मिक जीवन में अंग्रेजों द्वारा किए गए अतिक्रमण समझ कर इसका प्रतिरोध करना शुरू किए ।

प्रश्न 5.
‘भारतीय वन अधिनियम’ का क्या उद्देश्य था ?
उत्तर-
सन् 1865 ई० में डायट्रिच बैडिस नामक जर्मन वन विशेषज्ञ ने ‘भारतीय वन अधिनियम’ पारित कर आदिवासियों पर पेड़ की कटाई की रोक लगा दी एवं जंगल की लकड़ी उत्पादन के लिए सुरक्षित किया गया । यही उनका मुख्य उद्देश्य था।

प्रश्न 6.
‘चेरो’ विद्रोह से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर-
बिहार (संप्रति झारखंड) में पलामू क्षेत्र के रहने वाले चेरो जनजाति ने अपने राजा के खिलाफ विद्रोह किया। उस समय चूड़ामन राय उनका शासक था । अंग्रेजों के शोषण करने के खिलाफ भूषण सिंह के नेतृत्व में चेर जनजाति के लोगों ने सन्, 1800 ई० में खुला विद्रोह किया। राजा की मदद करने के लिए अंग्रेजी सेना बुलाई गयी। कर्नल जोन्स के नेतृत्व में आई सेना ने विद्रोह को दबा दिया और सन् 1802 ई० . में भूषण सिंह को फाँसी दे दी गयी तथा विद्रोह समाप्त हो गया ।

प्रश्न 7.
‘तमार’ विद्रोह क्या था ?
उत्तर-
सन् 1789 ई० में छोटानागपुर के उराँव जनजाति ने किया था । इसका कारण जमींदारी शोषण था। यह विद्रोह करीब 1794 तक चला । यद्यपि कंपनी सरकार ने इसे जमींदारों की सहायता से कुचल दिया तथापि विद्रोह की ज्वाला शांत नहीं हुई। उराँवों ने आगे चलकर मुंडावों और संथालों के साथ मिलकर विद्रोह किया । छोटानागपुर में शांति स्थापना के लिए पुलिस बल की भी स्थापना की गई फिर भी कोई लाभ नहीं हुआ।

प्रश्न 8.
‘चुआर’ विद्रोह के विषय में लिखें।
उत्तर-
अंग्रेजों की लगान व्यवस्था के खिलाफ बंगाल प्रांत के मिदनापुर, बाँकुड़ा, मानभूम के चुआर जनजाति मिदनापुर स्थित कारणगढ़ की रानी सिरोमणि के नेतृत्व में 1798 ई० में विद्रोह किया। विद्रोह लंबे समय तक जारी रहा। लेकिन 6 अप्रैल, 1799 को रानी सिरोमणी को गिरफ्तार कर कलकत्ता जेल भेज दिया गया। लेकिन चुआरों का विद्रोह समाप्त नहीं हुआ, वे भूमिज जाति के लोगों के साथ गंगा नारायण द्वारा . किए गए विद्रोह में शामिल हो गए।

प्रश्न 9.
उड़ीसा के जनजाति के लिए चक्र बिसोई ने क्या किए?
उत्तर-
चक्र बिसोई एक कंध आदिवासी था। जो उड़ीसा राज्य का रहनेवाला था। यह जाति तत्कालीन मद्रास प्रांत तथा बंगाल उड़ीसा के बड़े भूभाग में फैला था। इस जाति में विपत्तियों एवं आपदाओं से मुक्ति पाने के लिए ‘मरियाह प्रथा’ अर्थात् ‘मानव बलिप्रथा’ का प्रचलना था। सन् . 1837 ई० में ब्रिटिश सरकार ने इसे रोकने के लिए प्रयास किए । इसी रोक के विरोध में चक्र विसोई ने अंग्रेजों का विरोध किया। क्योंकि बलि को रोकना आदिवासियों के लिए सामाजिक एवं धार्मिक प्रथाओं में हस्तक्षेप था।

प्रश्न 10.
आदिवासियों के क्षेत्रवादी आन्दोलन का क्या परिमाण हुआ?
उत्तर-
भारत की स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद आदिवासियों का विभिन्न मुद्दाओं पर आन्दोलन चलता रहा । वे हमेशा आरक्षण और अन्य सुविध ओं की माँग करते रहे जो आज भी विद्धमान है। अब इनका यह आन्दोलन क्षेत्रवादी आंदोलन हो गया है। आदिवासी बहुल राज्यों की स्थापना की माँग होने लगी है। उनकी माँगों पर ध्यान देते हुए भारत सरकार ने मध्य प्रदेश राज्य का पुनर्गठन कर । नवम्बर, 2000 को पृथक छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया । इसी तरह 15 नवम्बर को बिहार का पुनर्गठन कर नया झारखंड राज्य बनाया गया। यह क्षेत्रवादी का ही परिणाम था।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
अठारहवीं शताब्दी में भारत में जनजातियों के जीवन पर प्रकाश डालें।
उत्तर-भारत के वनों में अनेक जनजातियाँ और जातियाँ निवास करती हैं। आदिवासियों और वनों के बीच एक सहयोगी संबंध है। अठाहरवीं शताब्दी में विदेशियों के आगमन से इनके जीवन शैली में परिवर्तन आए जो इस प्रकार हैं
(क) राजनैतिक जीवन-

  • आदिवासी समाज कबीलों में बँटा था। प्रत्येक कबीला का प्रधान मुखिया होता था जो कबीले की सुरक्षा देने का भार अपने ऊपर लेता था इसमें सत्ता का विकेन्द्रीकरण होता था। इसमें वैधानिक, न्यायिक तथा कार्यपालिका शक्तियाँ निहित थी।
  • राजस्व वसूली के लिए सिंहभूम में ‘मानकी’ और ‘मुण्डा’ प्रणाली थी और संथाल परगना में ‘मांझी’ एवं परगनैत’ प्रणाली थी।
  • अंग्रेजों द्वारा जब इनका शोषण होने लगा तो क्रान्ति और विद्रोह की भावना का विकास हुआ।

(ख) सामाजिक जीवन-आदिवासी सीधे-साधे प्रकृति के होते थे। इनके सामाजिक जीवन में नृत्य, गान एवं शिकार की अभिरुचि बहत है। ‘सरहुल’ इनका मुख्य त्योहार है 18 वीं शताब्दी में ईसाई मिशनरियों ने जंगलों की कटाई एवं शिकार पर प्रतिबंध लगा दिया जिससे सामाजिक जीवन पर गहरा असर पड़ा ।

(ग) आर्थिक जीवन-आर्थिक के आधार निम्नलिखित थे-

  • कृषि-ये जगह बदल-बदल कर खेती कार्य करते थे । ‘झूम’ या ‘पोडू विधि से खेती करते थे ।
  • अन्य व्यापार-हाथी-दाँत, बाँस, मशाले, रेशे एवं रबर का व्यापार भी करते थे।
  • उद्योग-लाह उद्योग का विकास काफी विकसित था।
  • लेकिन उपनिवेश विस्तार की भावना से डायट्रिच बैडिस नामक जर्मन वन विशेषज्ञ ने सन् 1865 में ‘भारतीय वन अधिनियम’ पारित कर आदिवासियों के लिए पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दिया। आदिवासियों के आर्थिक जीवन पर इसका गहरा प्रभाव पड़ा।

(घ) धार्मिक जीवन-आदिवासी क्षेत्रों में ईसाई मिशनरियों का प्रवेश हुआ । इन लोगों ने शिक्षा और पैसे के बदौलत आदिवासियों का धर्म परिवर्तन करना आरम्भ किया। इससे उनमें कुछ सुधार तो अवश्य हुआ पर जो धर्म परिवर्तन नहीं कर सके एक-दूसरे को घृणा की दृष्टि से देखने लगे आदिवासियों में धार्मिक असंतोष बढ़ा ।

प्रश्न 2.
तिलका मांझी कौन थे ?
उसने आदिवासी क्षेत्र के लिए क्या किया?
उत्तर-
तिलका मांझी एक जनजाति था। इसका जन्म 1750 ई० में भागलपुर प्रमंडल स्थित सुल्तानगंज के पास तिलकपुर गाँव में हुआ था।

वह भारत का पहला संथाली था जिसने न सिर्फ अपने जमींदारों के शोषण के विरुद्ध बल्कि भू-राजस्व की राशि कम कराने के लिए एवं किसानों की भूमि जमींदारी से छुड़वाने के लिए वहाँ सशस्त्र विद्रोह किया ।

जमींदारों की मदद के लिए अंग्रेजी सेना गयी थी। अतः तिलका मांझी ने तिलापुर जंगल को अपना कार्यक्षेत्र बनाया । भागलपुर के प्रथम तत्कालीन कलक्टर अगस्टस क्लेवलैंड पर उसने सशस्त्र प्रहार किया। कलक्टर पर शस्त्र चलाने वाला वह पहला संथाल था जिसने तीर एवं धं नुष से सन् 1784 ई० में उसे जख्मी किया जिससे बाद में कलक्टर साहब की मृत्यु हो गयी।
तिलका मांझी भी पकड लिया गया और उसे भागलपुर में बीच चौराहे पर बरगद के पेड़ से लटका कर सन् 1785 ई० में फाँसी दे दी गयी।

प्रश्न 3.
संथाल विद्रोह से आप क्या समझते हैं ? सन् 1857 ई० के विद्रोह में उनकी क्या भूमिका थी?
उत्तर-
आदिवासियों द्वारा किए गए विद्रोहों में संथालों का विद्रोह अत्यन्त ही महत्वपूर्ण था । क्योंकि यह विद्रोह संथाल क्षेत्र में हुई और फिर यहीं के विद्रोहियों ने आगे चलकर सन 1857 ई० की क्रान्ति को प्रभावित किया । भागलपर से राजमहल के बीच का क्षेत्र ‘दामन-ए-काह’ कहलाता है। यह संथाल बहुल क्षेत्र था । अंग्रेजों के द्वारा उत्प्रेरित होकर भगनाडीह गाँव के चुलू संथाल के चार पुत्र-सिद्धू, कान्हू, चाँद और भैरव ने विद्रोह किया। सन् 1854 ई० तक आते-आते आदिवासियों ने चिरस्थाई प्रबंध द्वारा अत्यधिक राजस्व वसूली, सामाजिक प्रतिबंध और कई तरह के आर्थिक कष्टों से छुटकारा पाने के लिए कई सभाओं का आयोजन करना आरम्भ कर दिया । 30 जून, 1855 को भगनाडीह गाँव में संथालों की एक सभा हुई। इसमें 400 गाँवों के 10,000 संथाल अपने अस्त्र-शस्त्र के साथ जमा हुए, और सभा में ठाकुर (सिद्ध) का आदेश पढ़कर सुनाया गया-जमींदारी, महाजनी तथा सरकारी अत्याचारों का विरोध करना है, अंग्रेजी रोज को समाप्त कर सतयुग का राज, न्याय और धर्म पर अपना राज करने के लिए खुला विद्रोह किया जाए । सिद्ध और कान्हू ने स्वतंत्रता की घोषणा भी की। अब हमारे ऊपर कोई सरकार नहीं है, हाकिम नहीं है, संथालराज स्थापित हो गया ।

यह था संथालों का संकल्य और संथाल विद्रोह का विगुल जा चलता रहा और अंग्रेजों द्वारा दमन होता रहा । यद्यपि संथालों का विद्रोह का दमन – हो गया । लगभग 20,000 संथाल मार डाले गए । सैकड़ों गाँव जला डाले गए । सिद्धू और कान्हू मार डाले गए।

पर 1857 ई० के विद्रोह में इनकी बड़ी भूमिका रही। जब सन् 1857 ई० की क्रान्ति की शुरुआत हुई तब ये संथाल विद्रोहियों के साथ थे और अंग्रेजों के खिलाफ उनका साथ दे रहे थे।

प्रश्न 4.
मुंडा विद्रोह का नेता कौन था। औपनिवेशिक शोषण के विरुद्ध उसने क्या किया?
उत्तर-
मुंडा विद्रोह का नेता बिरसा मुंडा था। औपनिवेशिक शोषण के विरुद्ध वह चिंतित था । औपनिवेशिक शासन के भू-राजस्व प्रणाली, न्यायप्रणाली एवं शोषण पूर्ण नीतियों का समर्थन करने वाले जमीदारों के प्रति आक्रोशित हुआ । उसने धर्म से प्रभावित होकर अपने को सन् 1895 ई० में ईश्वर का दूत घोषित कर दिया ।

धार्मिकता को हथियार बनाकर मुंडा ने सभी आदिवासियों का एकता के सूत्र में बाधना शुरू किया 25 दिसम्बर, सन् 1899 ई० को उसने ईसाई मिशनरियों पर आक्रमण किया । पर 8 जनवरी सन् 1900 ई० को ब्रिटिश सरकार द्वारा विद्रोह को बुरी तरह कुचल दिया गया । इसमें 200 पुरुष एवं महिला मारे गए 300 लोग बंदी बना लिए गए । बिरसा मुंडा को गिरफ्तार करने के लिए सरकार की तरफ से 500 रुपये इनाम की घोषणा की गयी और परिणामस्वरूप 3 मार्च, सन् 1900 ई० को बिरसा को गिरफ्तार कर लिया गया । उसे राँची जेल में भेज दिया गया जहाँ हैजा की बीमारी से उसकी मृत्यु हो गयी।

बिरसा मुंडा के विद्रोह को कुचल दिया गया, पर ब्रिटिश सरकार समझ गयी कि जबतक आदिवासियों के असंतोष को दूर नहीं किया जायेगा तब-तक वह आदिवासी क्षेत्र में कुशलतापूर्वक शासन नहीं कर पाएगा। बिरसा आन्दोलन से जनजातियों के बीच एक जिम्मेवार और उत्तरदायी शासन स्थापित हुआ । आदिवासियों के लिए कई सुधारात्मक कार्य सरकार द्वारा किए गए।

प्रश्न 5.
वे कौन से कारण थे, जिन्होंने अंग्रेजों को वन्य-समाज में हस्तक्षेप की नीति अपनाने के लिए वाध्य किया ?
उत्तर-
अंग्रेजों को वन्य-समाज में हस्तक्षेप की नीति अपनाने के निम्नलिखित कारण थे
(i) ब्रिटिश साम्राज्य की आवश्यकताओं की पूर्ति-19वीं शताब्दी के आते-आते अंग्रेजों ने रेल की पटरी एवं रेल के डब्बे की सीट बनाने के लिए जंगलों की कटाई शुरू कर दी, जिससे आदिवासी जन जीवन पर कुढाराघात हुआ।
डायट्रिच बैडिस नामक जर्मन वन विशेषज्ञ ने सन् 1864 में ‘वन सेवा’ की स्थापना की तथा सन् 1865 ई० में भारतीय वन अधिनियम’ पारित कर आदिवासियों के लिए पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दिया गया एवं जंगल को लकड़ी उत्पादन के लिए सुरक्षित किया गया।

(ii) आदिवासियों द्वारा मुफ्त उपयोग-अंग्रेजों को वन्य समाज में हस्तक्षेप की नीति अपनाने का दूसरा कारण था आदिवासियों द्वारा जंगल का मुफ्त उपयोग करना । भोजन, ईंधन, लकड़ी, घरेलू सामग्री ये वनों से प्राप्त करते थे तथा हाथी दाँत, बाँस, मशाले, रेशे एवं रबर का व्यापार, लाह उद्योग ये सभी आदिवासी खुद करते थे। अंग्रेजों ने इन सभी पर प्रतिबंध लगाकर खुद का व्यापार करना चाहते थे। अतः वन्य उत्पादन पर प्रतिबंध लगा दिया ।

(iii) वन्य प्रदेश से राजस्व की वसूली-अंग्रेजों के आगमन से पूर्व इनपर किसी तरह की पाबंदी नहीं थी आदिवासी कृषि पर आधारित थे एवं वन से उत्पादित वस्तुओं पर आधारित थे। अंग्रेजों ने इनकी कबीले के सरदारों को जमींदार बना दिया और समस्त वन्य प्रदेश में भू-राजस्व लगा दिया जिसकी वसूली बड़ी कड़ाई से की जाती थी।

Bihar Board Class 9 Geography Solutions Chapter 7 भारत के पड़ोसी देश

Bihar Board Class 9 Social Science Solutions Geography भूगोल : भारत : भूमि एवं लोग Chapter 7 भारत के पड़ोसी देश Text Book Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 9 Social Science Geography Solutions Chapter 7 भारत के पड़ोसी देश

Bihar Board Class 9 Geography भारत के पड़ोसी देश Text Book Questions and Answers

(अ) नेपाल

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न :

Bihar Board Class 9 Geography Solutions प्रश्न 1.
नेपाल की सीमा भारत के किस राज्य से मिलती है ?
(क) अरूणाचल प्रदेश
(ख) मणिपुर
(ग) सिक्किम
(घ) पंजाब
उत्तर-
(ग) सिक्किम

Bihar Board Class 9 Geography Book Solution प्रश्न 2.
महाभार लेख क्या है ?
(क) पर्वत श्रृंखला
(ख) लेखागार
(ग) मैद
(घ) राजमहल
उत्तर-
(क) पर्वत श्रृंखला

Bihar Board Class 9th Geography Solution प्रश्न 3.
गंडक नदी को नेपाल में किस नाम से जाना जाता है ?
(क) काली गंडल नदी
(ख) नारायणी नदी
(ग) त्रिशुल नदी
(घ) कृष्णा नदी
उत्तर-
(ख) नारायणी नदी

अतिलघु उत्तरीय

Bihar Board Class 9 Geography Solution प्रश्न 1.
नेपाल के सर्वोच्च शिखर का नाम एवं ऊँचाई बताएँ।
उत्तर-
नेपाल का सर्वोच्च शिखर माउन्ट एवरेस्ट (सागर माथा) है जिसकी ऊँचाई 8848 मीटर है।

Bihar Board 9th Class Social Science Book प्रश्न 2.
नेपाल की तीन प्रमुख नदियों के नाम लिखें।
उत्तर-
तीन प्रमुख नदी-कोसी, गण्डक, करनाली हैं।

लघु उत्तरीय प्रश्न

Bihar Board Class 9th History Solution प्रश्न 1.
नेपाल के पड़ोसी देश और सीमावर्ती भारतीय राज्यों का नाम लिखें।
उत्तर-
नेपाल के पड़ोसी देश-भारत और चीन हैं तथा सीमावर्ती भारतीय राज्यों में-पूर्व में सिक्किम तथा पश्चिम बंगाल, पश्चिम में उत्तराखंड तथा दक्षिण में बिहार उत्तर प्रदेश राज्य हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

Bihar Board Class 9 History Solution प्रश्न 1.
नेपाल की अर्थव्यवस्था का विवरण दीजिए।
उत्तर-
नेपाल की अर्थव्यवस्था का आधार कृपि, पशुपालन, खनन और उधोग हैं।
कृषि-नेपाल के 18% भूभाग पर खेती होती है । मुख्य खाद्यान्नों में चावल, मक्का और गेहूँ, ज्वार-बजरा आदि हैं । व्यापारिक फसलों में जूट, गन्ना, फल, तम्बाकू चाय तथा कपास मुख्य हैं। देश के कुल कृपि उत्पादन का 70% भाग अकेले पूर्वी तराई प्रदेश से आता है । काठमाण्डू घाटी में सघन कृपि होती है जिसमें चावल तथा फल और सब्जी की कृषि मुख्य है।

प्रायः पूरे नेपाल में भेड़, बकरियाँ बहुतायत से पाली जाती हैं। ये सभी वहाँ की अर्थ व्यवस्था में सहयोग प्रदान करते हैं।

खनन-नेपाल में खनिजों का अभाव है। अभ्रक यहाँ का मुख्य खनिज है। अल्प मात्रा में लिग्नाइट, ताँबा, कोबाल्ट आदि मिलते हैं। शक्ति के साधन के रूप में भारत के सहयोग से देती घाट जल विद्युत परियोजना चालू की गयी है ।

उद्योग-औद्योगिक दृष्टि से नेपाल एक पिछड़ा देश है। यहाँ बड़े उद्योगों के स्थापित होने वाले कारकों का अभाव है । यहाँ कृषि एवं वन पर आधारित उद्योगों का विकास किया जा रहा है । यहाँ पर सूतीवस्त्र. चीनी, जूट, चमड़ा, वनस्पति तेल, तम्बाकू, दियासलाई, कागज तथा लुग्दी इत्यादि का निर्माण होता है । यहाँ सीमेंट तथा कृषि उपकरण भी बनाए जा रहे हैं।

पर्यटन-यहाँ के प्राकृतिक सौन्दर्य, धार्मिक स्थल तथा पर्वतारोहण सैलानियों को आकर्षित करते हैं। अतः यहाँ पर्यटन उद्योग का तेजी से विकास हो रहा है।

व्यापार-नेपाल के व्यापार खनन एवं उद्योग में हो रही वृद्धि के कारण नेपाल के विदेश व्यापार और आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो रहा हैं । यहाँ का व्यापार मुख्यतः भारत, बंगलादेश, चीन तथा भूटान क साथ होता है । यहाँ से सूती वस्त्र, खाद्य पदार्थ तथा जड़ी-बूटी का निर्यात किया जाता है।

विराटनगर में जूट, चीनी, दियासलाई, प्लाईउड, आदि बनते हैं। विराटनगर नेपाल का एकमात्र औद्योगिक नगर है, जहाँ पचासों उद्योग . स्थापित हैं।

Bihar Board Class 9 Civics Solution प्रश्न 2.
नेपाल की जलवायु, मृदा और जलप्रवाह का वर्णन कीजिए।
उत्तर-
नेपाल की जलवायु शीत प्रधान है।
(i) ताप-यहाँ की जलवायु पर्वतों से प्रभावित है। उत्तर की ओर बढ़ती ऊँचाई के साथ तापमान घटता जाता है। तराई भाग में औसत मासिक तापमान 15 से 32°C मिलता है। पर 2000 मीटर की ऊँचाई पर यह घटकर 4 से 16°C तक आ जाता है । काठमाण्डू का तापमान
जाड़े में 2°C से भी नीचे चला आता है जबकि गर्मी में 30°C तक चला जाता है। यहाँ मार्च से अगस्त तक ग्रीष्म ऋतु तथा सितम्बर से फरवरी तक शीत ऋतु रहती है।

(ii) वर्षा-गर्मी में मौनसूनी हवाओं से नेपाल के पूर्वी भागों में 200 सें० मी० तथा पश्चिम भाग में 100 सें. मी० सालाना वर्षा होती है । जाडे में देश के उत्तरी भाग में हिमपात होते हैं तथा शीतकालीन चक्रवातीय वर्षा भी होती है।

मृदा-नेपाल की तराई में जलोढ़ मिट्टी पाई जाती है। निचले पर्वतीय ढालों पर लैटराइट तथा मध्यपर्वतीय प्रदेश में अनउपजाऊ भूरी पॉडजोल मिट्टी पाई जाती है।

जलप्रवाह-नेपाल में पूर्व से पश्चिम तीन प्रमुख नदी तंत्र है-कोसी, गण्डक तथा घाघरा नदी । यहाँ की सबसे बड़ी नदी करनाली है, जो घाघरा की सहायक नदी तथा पश्चिमी नेपाल में बहती हुई भारत में प्रवेश करती है। मध्य नेपाल में गण्डक नदी जिसे यहाँ नारायणी नदी भी कहते हैं तथा पूर्वी नेपाल में कोसी को सप्तकोसी कहते हैं।

सभी नदियाँ उत्तर से दक्षिण प्रवाहित होकर भारत की सीमा में प्रवेश करती है। ढालुआँ भूमि होने के कारण इन नदियों में तीव्र प्रवाह होता है जिससे विद्युत उत्पादन की भारी संभावना है।

Bihar Board 9th Class Social Science Book Pdf प्रश्न 3.
नेपाल की अर्थव्यवस्था पर उद्योगों के प्रभाव का वर्णन कीजिए। _
उत्तर-
नेपाल की अर्थव्यवस्था में उद्योगों का थोड़ा-बहुत हाथ है क्योंकि नेपाल में बड़े उद्योगों स्थापित करने के लिए उपयुक्त कारकों का अभाव है। यहाँ सूती वस्त्र उद्योग, चीनी, जूट, चमड़ा, तम्बाकू, दियासलाई, कागज की लुदगी तथा वनस्पति तेल के उद्योग प्रमुख हैं विराटनगर में जूट, चीनी, दियासलाई और प्लाईउड, के अतिरिक्त छोटे-बड़े पचासों उद्योग स्थापित हैं। वीरगंज तथा जनकपुर दोनों व्यापारिक नगर हैं । वीरगंज में दियासलाई और सिगरेट के कारखाने हैं।

नेपाल का अभी तक का सबसे विकसित उद्योग पर्यटन उद्योग है जो इसके प्राकृतिक सौन्दर्य, पर्वतारोहण की अनुकूल दशाओं प्रागैतिहासिक काल की धार्मिक धरोहरों के कारण ही है। – इस प्रकार ये सभी नेपाल के आर्थिक क्रियाकलाप में सहयोग प्रदान करते हैं।

मानचित्र कार्य (परियोजना कार्य)

Bihar Board Class 9 Political Science प्रश्न 1.
एटलस की सहायता से नेपाल का मानचित्र बनाएँ तथा उसपर नेपाल के प्रमुख पर्वत शिखरों और औद्योगिक केन्द्रों को दिखायें।
उत्तर-
नेपाल के मानचित्र पर प्रमुख पर्वत शिखर तथा औद्योगिक केन्द्र का प्रदर्शन –
Bihar Board Class 9 Geography Solutions

(ब) भूटान

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न :

Bihar Board Class 9 Economics Solution प्रश्न 1.
भूटान की राजधानी कहाँ है ?
(क) काठमांडू
(ख) ढाका
(ग) थिम्फू
(घ) रंगून
उत्तर-
(ग) थिम्फू

Bihar Board Class 9 Social Science Solution प्रश्न 2.
भूटान हिमालय की सर्वाधिक ऊँचाई पर है ?
(क) 8848 मीटर
(ख) 7554 मीटर
(ग) 7115 मीटर
(घ) 8850 मीटर
उत्तर-
(ख) 7554 मीटर

Bihar Board Class 9th Economics Solution प्रश्न 3.
भूटान में औसत वार्षिक वर्षा होती है ? ।
(क) 350 सें० मी०
(ख) 300 सें० मी०
(ग) 250 सें० मी०
(घ) 380 सें० मी०
उत्तर-
(ग) 250 सें० मी०

Class 9 Geography Chapter 7 Bihar Board प्रश्न 4.
भूटान के कितने प्रतिशत क्षेत्र पर वनों का विस्तार है ?
(क) 20%
(ख) 50%
(ग) 70%
(घ) 21%
उत्तर-
(ग) 70%

प्रश्न 5.
भूटान की साक्षरता दर कितनी प्रतिशत है ?
(क) 30%
(ख) 40%
(ग) 42%
(घ) 50%
उत्तर-
(ग) 42%

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भूटान के धरातल का विवरण दीजिए ।
उत्तर-
भूटान के दक्षिणी किनारे पर लगभग 16 किलोमीटर चौड़ी मैदानी पट्टी है जिसे द्वार कहते हैं। द्वार प्रदेश 600 मीटर तक ऊँची एक संकरी पट्टी है। मैदाने के उत्तर में निचले हिमालय पर्वत हैं जिनकी ऊँचाई 1500 से 3000 मीटर के बीच है। इन पर्वतमालाओं के उत्तर में ग्रेटर हिमालय है जिसकी भूटान में सर्वाधिक ऊँचाई 7574 मीटर है।

प्रश्न 2.
भूटान के आर्थिक संसाधनों का संक्षेप में वर्णन करें।
उत्तर-
भूटान के आर्थिक संसाधन हैं

  • मिट्टी- भूटान में लगभग 16 किमी० चौड़ी मैदानी पट्टी है।’ यह 600 मीटर तक ऊँची एक संकरी पट्टी है।
  • कृषि-यहाँ की 10% से भी कम भूमि पर कृषि होती हैं । कृषि कार्य नदियों की आंतरिक घाटियों एवं मध्यम ढालों पर होता है । यहाँ चावल, गेहूँ, जौ, आलू, मक्का तथा सब्जियाँ होती हैं।
  • खनिज-यहाँ खनिजों का अभाव है । यहाँ कुछ खनिज जैसे कोयला जिप्सम, डोलोमाइट मिलते हैं । परन्तु इनका विकास नहीं हुआ है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भूटान का संक्षिप्त परिचय लिखें।
उत्तर-
भूटान भारत का एक पड़ोसी देश है। इसका क्षेत्रफल 46,500 वर्ग किलोमीटर हैं। इसके उत्तर में चीन, पूर्व में अरुणाचल प्रदेश, दक्षिण में असम तथा पश्चिम में सिक्किम स्थित हैं। भूटान की राजधानी थिम्फू है।

भूटान पूर्णतः हिमालय पर्वत पर स्थित है। इसकी जलवायु पर्वतीय मौनसूनी है। यहाँ सालोभर कठोर सर्दी पड़ती है। पर्वतों के दक्षिणी ढलानों पर अधिक वर्षा होती है 500 से 750 सेमी० तक । यहाँ पाये जानेवाले वृक्षों में चीड़, ओक, मेपल, पोपलर, वालनट आदि हैं। कृषि के तहत यहाँ चावल, गेहूँ, जौ, आलू, मक्का तथा सब्जियाँ है।।

खनिजों के अभाव में उद्योग धंधों का विकास नहीं हो पाया है। यहाँ लघु तथा कुटीर उद्योगों का विकास हुआ है।

प्रश्न 2.
भूटान की जलवायु की विशेषताओं की व्याख्या करें।
उत्तर-
भूटान की जलवायु पर्वतीय मौनसूनी है।।
(i) ऊँचाई का प्रभाव-ताप-यहाँ तापमान पर ऊँचाई का स्पष्ट प्रभाव पड़ता है। वर्ष भर कठोर सर्दी पड़ती है। जनवरी का औसत तापमान 42 सें० तथा जुलाई का 17° सें० रहता है।

वर्षा-185 सें. मी. से अधिक मई से सितम्बर के मध्य में होती है। वार्षिक वर्षा का औसत 250 सें० मी० है।

(ii) मैदानी भाग-यहाँ की जलवायु उष्ण कटिबंधीय है जिसमें जनवरी का महीना ठंढा होता है लगभग 1050 मीटर से 2250 मीटर ऊँचे पर्वतीय प्रदेश में जलवायु शीतोष्ण है। यहाँ पर्वतों के दक्षिणी ढलानों पर अधिक वर्षा 500 से 750 सें० मी० तक होती है।

प्रश्न 3.
भूटान की कृषि विशेषता तथा औद्योगिक विकास का वर्णन करें।
उत्तर-
भूटान की कृषि-यहाँ मात्र 10% से भी कम भूमि पर कृषि कार्य होता है। कृषि कार्य नदियों की आंतरिक घाटियों एवं मध्यम ढालों पर होता है। पश्चिमी भागों में कृषि अधिक विकसित है। पूर्वी भाग में स्थानांतरण कृषि होती है। यहाँ चावल, गेहूँ, जौ, आलू, मक्का तथा सब्जियाँ उपजाई जाती हैं।

औद्योगिक विकास-इस दृष्टि से भूटान बहुत पिछड़ा तथा परिवहन के साधनों की कमी के कारण यहाँ संसाधनों के विकास में भारी कठिनाई है। लघु तथा कुटीर उद्योगों की स्थापना हुई है। यहाँ प्लाइउड, पैकिंग, डिस्टिलरी, रेजिन व तारपीन के तेल के उद्योग स्थापित हैं। यहाँ पर्यटन उद्योग का विकास हो रहा है।

(स) बंगलादेश

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न :

प्रश्न 1.
बंगलादेश का पूर्व का नाम क्या था ?
(क) पूर्वी पाकिस्तान
(ख) पूर्वी बंगाल
(ग) पाकिस्तान
(घ) मुजीबनगर
उत्तर-
(क) पूर्वी पाकिस्तान

प्रश्न 2.
भारत के साथ बंगलादेश की स्थलीय सीमा कितनी लम्बी है ?
(क) 4018 कि० मी०
(ख) 4096 कि० मी०
(ग) 4180 कि० मी०
(घ) 4009 कि० मी०
उत्तर-
(ख) 4096 कि० मी०

प्रश्न 3.
बंगलादेश कब स्वतंत्र हुआ?
(क) 17 दिसम्बर, 1970
(ख) 18 अक्टूबर, 1971
(ग) 17 दसम्बर, 1971
(घ) 18 मार्च, 1981
उत्तर-
(ग) 17 दसम्बर, 1971

प्रश्न 4.
बंगलादेश एशिया महाद्वीप के किस भाग में है ?
(क) पश्चिमी भाग
(ख) दक्षिणी भाग
(ग) उत्तरी भाग
(घ) पूर्वी भाग
उत्तर-
(घ) पूर्वी भाग

प्रश्न 5.
ब्रह्मपुत्र नदी को बंगलादेश में किस नाम से जाना जाता है ?
(क) मेघना
(ख) जमुना
(ग) सूरमा
(घ) कर्णफूली
उत्तर-
(ख) जमुना

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
ढाका नगर की स्थिति एवं महत्त्व पर प्रकाश डालें।
उत्तर-
बंगलादेश की राजधानी ढाका है। यह नदियों के संगम पर बसा. एक उद्योग प्रधान केन्द्र है तथा सबसे बड़ा नगर है । यह आंतरिक नदी का बन्दरगाह भी है।

प्रश्न 2.
बंगलादेश के धरातल का विवरण दीजिए।
उत्तर-
बंगलादेश एक डेल्टाई प्रदेश है जो विश्व के बड़े डेल्टा गंगा-ब्रह्मपुत्र के मध्य स्थित है। इस मैदान के अधिकतर भाग की ऊँचाई समुद्र तल से 25 मीटर से मी कम हैं । यहाँ के मैदान प्रतिवर्ष नदियों द्वारा लाई मिट्टी से बने होने के कारण काफी उर्वर हैं । यहाँ तटवर्ती क्षेत्र दलदली क्षेत्र है। डेल्टा क्षेत्र में तट के पास नदियों द्वारा जमा की गई मिट्टी के कारण अनेक छोटे-छोटे टापू बन गए हैं । बंगलादेश के पूर्वी तट पर स्थित कॉक्स बाजार विश्व का सबसे बड़ा बालुई ‘बीच’ है। . चटगाँव एवं सिलहट क्षेत्र में कम ऊँचाई वाले पर्वतों की श्रृंखलाएँ पाई जाती हैं।

प्रश्न 3.
बंगलादेश के आर्थिक संसाधनों का संक्षेप में वर्णन करें।
उत्तर-
बंगलादेश के आर्थिक संसाधनों में कृषि, खनिज और उद्योग प्रमुख है। कृषि का सर्वप्रमुख क्षेत्र मैदानी भूमि है। जहाँ प्रतिवर्ष बाढ़ के बाद नई मिट्टी की परत बिछती रहती है । इस भूमि में धान, और पाट फसलें इतनी उपजती हैं कि भूमि की तुलना सोने से की जाती है।
इसके अतिरिक्त यहाँ बहुतायत से मछलियाँ पकड़ी जाती है।

खनिज-यहाँ खनिज भंडारों की कमी है । चूना-पत्थर, नमक, काँच की बालू, लोहा तथा प्राकृतिक गैस हैं। जमालपुर में कोयला भी मिलता उद्योग-यहाँ आधुनिक उद्योग धंधों का अधिक विकास नहीं हो पाया है। 10% से कम लोग औद्योगिक कार्यो में लगा हैं। चटगाँव में एक तेल शोधक कारखाना है। ढाका में सूती कपड़े की मिलें, चीनी की मिलें, दिनाजपुर में इसके अलावा सीमेट शीशा, रासायनिक खाद, जूट आदि के कारखाने हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
बंगलादेश का भौगोलिक वर्णन विस्तार से करें।
उत्तर-
बंगला देश डेल्टाई प्रदेश है जो विश्व के सबसे बड़े गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा के मध्य में स्थित है। अधिकतर भाग की ऊँचाई समुद्र सतह से 25 मोटर से अधिक नहीं है । डेल्टा क्षेत्र में इन नदियों की ढाल बहुत कम है जिसके कारण आस-पास के भागों में पानी भर जाता है । मैदान प्रतिवर्ष नदियों द्वारा लाई गई मिट्टी की परतों से बने हैं जिसके फलस्वरूप भूमि अत्यन्त उर्वर है । इसका तटवर्ती क्षेत्र दलदली है । बंगलादेश के पूर्वी तट पर स्थित कॉक्स बाजार विश्व का सबसे बड़ा बालुई ‘बीच’ है।

बंगलादेश को नौ भू-आकृतिक प्रदेशों में बाँटा जा सकता है-(i) चटगाँव और सिलहट की पहाड़ियाँ (ii) प्राचीन जलोढ वेदिकायें (iii) टिपग धरातल (iv) रेतीला जलोढ़ पंख प्रदेश (v) मोरीबन्द डेल्टा (vi) स्थिर डेल्टा . (vii) दलदली गर्त (viii) गुम्फित तटीय ज्वार भूमि (ix) ज्वारीय डेल्टा

देश की प्रमुख नदियाँ-गंगा, ब्रह्मपुत्र (जमुना) तथा मेघना हैं।
प्रमुख कृषि उत्पाद-धान, जूट, गन्ना, तंबाकू, गेहूँ आदि ।
प्रमुख उत्पादन-चीनी, पटसन के सामान, सीमेंट, मछली, विद्युत उपकरण।
निर्यात-पटसन, चाय, चमड़ा।
आयात-खाद्यान, ईंधन, कपड़े, मशीनरी ।
प्रमुख शहर-ढाका (राजधानी), चटगाँव, खुलना, राजशाही, मेमन सिंह, कोमिला, सिलहट, बारीसल, रंगपुर तथा रारायणगंज ।
क्षेत्रफल-148.393 वर्ग किलोमीटर है।
आवादी-15 करोड़ (2006 ई०) ।

प्रश्न 2.
बंगलादेश की कृषि का आर्थिक महत्त्व बताते हुए प्रमुख व्यापारिक फसलों का वर्णन करें।
उत्तर-
बंगलादेश का अर्थशास्त्र कृषि पर टिका है। देश की 80% जनसंख्या कृषि कार्य में लगी हुई है। कृषि का सकल घरेलू उत्पाद में लगभग एक तिहाई योगदान है । देश की लगभग 63% भूमिपर कृषि कार्य किया जाता है । संपूर्ण कृषि भूमि के 82% क्षेत्र में चावल का उत्पादन होता है। 6% पर जूट, 4% पर गेहूँ तथा अन्य 10% पर सब्जी, फल तथा नकदी फसलें बोयी जाती हैं। यहाँ धान की तीन फसलें अमन (67%), औस (25%), तथा बोरो (3.5%) भूमि पर होती है । यहाँ विश्व का 6% से अधिक कच्चा जूट उगाया जाता है। गन्ना, तम्बाकू तथा गेहूँ आदि अन्य फसलें भी उगाई जाती हैं।

पशुपालन-यहाँ कृषि के पूरक के रूप में प्रचलित है । प्रायः प्रत्येक परिवार अपने उपभोग के लिए मुर्गी या बत्तख, माँस के लिए तथा दूध के लिए मवेशी पालता है। अतः यहाँ फसलोत्पादन, पशुपालन, मछली पकड़ना तथा वानिकी प्रमुख आर्थिक क्रिया हैं । समस्त रोजगार 81% विदेशी व्यापार से प्राप्त आय का 80% तथा राष्ट्रीय उत्पाद का 50% से अधिक कृषि से ही प्राप्त होता है। व्यापारिक फसलें-जूट,चाय, जड़ी-बूटियाँ।

मानचित्र कार्य

प्रश्न 1.
बंगलादेश के मानचित्र पर प्रमुख नदियों एवं नगरों को प्रदर्शित करें।
उत्तर-
Bihar Board Class 9 Geography Solutions Chapter 7 भारत के पड़ोसी देश - 2

(द) श्रीलंका

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न :

प्रश्न 1.
श्रीलंका की आकृति कैसी है ?
(क) आयताकार
(ख) अंडाकार
(ग) त्रिभुजाकार
(घ) वृत्ताकार
उत्तर-
(ख) अंडाकार

प्रश्न 2.
पिदुरतालगाला श्रीलंका की एक प्रमुख स्थलाकृति है
(क) नदी ।
(ख) झील
(ग) शिखर
(घ) गर्त
उत्तर-
(ग) शिखर

प्रश्न 3.
श्रीलंका की राजधानी है
(क) केंडी
(ख) कोलंबो
(ग) जाफाना
(घ) अनुराधानगर
उत्तर-
(ख) कोलंबो

प्रश्न 4.
भारत से श्रीलंका को अलग करता है
(क) पाक जलसंधि
(ख) श्रीलंका जलसंधि
(ग) हरमुल जलसंधि
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(क) पाक जलसंधि

प्रश्न 5.
श्रीलंका में लोकतंत्र की स्थापना कब हुई ?
(क) 1984 में
(ख) 1949 में
(ग) 1955 में
(घ) 1956 में
उत्तर-
(क) 1984 में

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
श्रीलंका की जलवायु किस प्रकार की है ?
उत्तर-
श्रीलंका की जलवायु मौनसूनी है।
ताप-विषुवत रेखा के नजदीक होने के कारण यहाँ सालो भर गर्मी __पड़ती है और वर्षा होती है । जाड़े की ऋतु यहाँ नहीं होती है। यहाँ जाड़े तथा गर्मी की ऋतुओं में अधिक तापान्तर (5° से० से 7° से०) नहीं के बराबर होता है। जाड़े की ऋतु में औसतन तापमान 22 से० रहता है। पर्वतीय भाग में तापमान 20° से० रहता है।
वर्षा-यहाँ तटीय भाग में 200 से०मी० तक तथा पर्वतीय क्षेत्रों में 500 से० मी० से भी अधिक वर्षा होती है।

प्रश्न 2.
‘पूर्व का मोती’ श्रीलंका को क्यों कहते हैं ?
उत्तर-
श्रीलंका को रत्नों का द्वीप भी कहा जाता है। यहाँ नीलम, रक्तमणि, पुखराज जैसे रत्नों की प्रचुरता है। यहाँ समुद्र से मोती निकालने का व्यवसाय प्रचलित है। इसी कारण इस द्वीप को ‘पूर्व का मोती’ कहा जाता है।

प्रश्न 3.
श्रीलंका में किस प्रकार की वनस्पति पायी जाती है।
उत्तर-
श्रीलंका में मुख्यतः विषुवतीय वनस्पति पायी जाती है । यहाँ के वनों में रबर, सिनकोण, गाटापार्चा, और चेल की लकड़ियाँ मिलती हैं। यहाँ करीब 30% प्रतिशत भूमि पर वन पाये जाते हैं। मध्यवर्ती पटारी भाग में सघन वन मिलते हैं। इसके अतिरिक्त तटीय भागों में नारियल के पेड़ मिलते हैं।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
श्रीलंका की जलवायु का वर्णन कीजिए।
उत्तर-
श्रीलंका विषुवत रेखा के अत्यन्त निकट (5° उत्तर) है अतः यहाँ सालो भर गर्मी पड़ती है तथा सालोभर वर्षा होती है । औसत तापमान 27°C रहा करता है । जाड़े और गर्मी के तापमान में 5°C-7°C से अधि क अन्तर नहीं आता । यहाँ जाड़े के मौसम होता ही नहीं। चारों ओर समुद्र होने के कारण जलवायु समशीतोष्ण है। बीच में पर्वतीय भाग में मौसम बहुत सुहावना रहता है । उत्तरी मैदान में वर्षा कम होती है । यहाँ वर्षा दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में जून से अक्टूबर तक दक्षिण पश्चिमी मौनसूनी से और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में दिसम्बर से मार्च तक उत्तर-पूर्वी मौनसून पवनों से होती है। तटीय भागों में 200 से०मी० और पर्वतीय भाग में 500 से०मी० वर्षा होती है।

प्रश्न 2.
श्रीलंका की अर्थव्यवस्था पर टिप्पणी लिखें।
उत्तर-
कृषि पर आधारित उद्योग ही यहाँ की अर्थव्यवस्था का आधार हैं। यहाँ चाय, खाद्य-संस्करण उद्योग जैसे-चीनी उद्योग, रबर उद्योग, मछली उद्योग तथा .मसाला उद्योग का विकास हुआ है । ये उद्योग मुख्यतः लघु एवं कुटीर उद्योग के रूप में ही विकसित हो पाये हैं। भारत के बाद विश्व में सबसे अधिक चाय उत्पन्न करने वाला तथा निर्यातक देश यही है । इस देश का अर्थतंत्र चाय पर बहुत हद तक टिका हुआ है। यहाँ मछली पकड़ने का व्यवसाय भी सुव्यवस्थित है। यह एक प्रमुख उद्योग बन गया है और यहाँ की अर्थव्यवस्था का प्रमुख अंग हो गया है। – यहाँ की अधिकांश आवादी कृषि कार्य से लेकर कृषि आधारित उद्योगों में संलग्न है। यहाँ नारियल से गिरियक तेल, रस्सियाँ, चटाई एवं कालीन बनाये जाते हैं। श्रीलंका की अर्थव्यवस्था बहुत हद तक खनन, कृषि आधारित उद्योग, पर्यटन उद्योग एवं मछली उद्योग पर आधारित है।

मानचित्र कार्य

प्रश्न 1.
श्रीलंका के मानचित्र पर एटलस की सहायता से महत्वपूर्ण नगरों को दिखाएँ।
उत्तर-
Bihar Board Class 9 Geography Solutions Chapter 7 भारत के पड़ोसी देश - 3

(य) पाकिस्तान

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न :

प्रश्न 1.
पाकिस्तान का सबसे बड़ा हवाई अड्डा कहाँ है ?
(क) इस्लामाबाद
(ख) कराची
(ग) स्यालकोट
(घ) मुल्तान
उत्तर-
(ख) कराची

प्रश्न 2.
खेल का सामान बनाने में विश्व प्रसिद्ध है
(क) कराची
(ख) रावलपिण्डी
(ग) स्यालकोट
(घ) लाहौर
उत्तर-
(ग) स्यालकोट

प्रश्न 3.
पाकिस्तान की सबसे प्रसिद्ध चोटी तख्त सुलेमान की ऊँचाई क्या है?
(क) 3750 मीटर
(ख) 3770 मीटर
(ग) 3700 मीटर
(घ) 4400 मीटर
उत्तर-
(ख) 3770 मीटर

प्रश्न 4.
सिंधु नदी बहती है
(क) दक्षिण से उत्तर
(ख) पूरब से पश्चिम
(ग) उत्तर से दक्षिण
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(ग) उत्तर से दक्षिण

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
पाकिस्तान को ‘सिन्धु की देन’ क्यों कहा जाता है ? .
उत्तर-
पाकिस्तान की मुख्य नदियाँ हैं-झेलम, चेनाव, रावी सतलज और काबुल । ये सभी नदियाँ सिन्धु को जलापूर्ति करती हैं। यही कारण है कि वर्षा की कमी होते हुए भी यहाँ अच्छी खेती होती है । सिन्धु अपना लम्बा सफर तय करती हुई अरब सागर में गिरती है। अपने लम्बे रास्ते को सिंचाई के लिए जल प्रदान करती है । अतः कहा जाता है कि सिन्धु पाकिस्तान से अनुपस्थित हो जाय तो पूरा देश पत्थरों और रेगिस्तान का ढेर बनकर रह जाएगा।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्नः

प्रश्न 1.
पाकिस्तान की जलवायु की विशेषताओं की व्याख्या करें।
उत्तर-
पाकिस्तान की जलवायु मौनसूनी एवं उष्ण मरुस्थलीय है। एक तरह से कह सकते हैं कि यहाँ की जलवायु विषम है। गर्मी में बेहद गर्म और जाड़े में बेहद सर्दी । एशिया का सबसे गर्म स्थान सिंध का जकोंबाबाद यहीं स्थित है। यहाँ जून में 55°C तापमान मिलता है। यहाँ वर्षा 10 सेंटीमीटर से भी कम होती है ।

बंगाल की खाड़ी से चलनेवाली आई मौनसूनी पवन यहाँ पहुँचते वाष्पशून्य हो जाती है और अरब अरब सागर से आनेवाला मॉनसून यहाँ पहुँच ही नहीं पाता । अत: वर्षा का अभाव है। हाँ जाड़े में भूमध्यसागर से आनेवाली चक्रवात कुछ वर्षा कर पाती हैं। यहाँ वर्षा का वितरण इस प्रकार है-(i) उत्तर के पर्वतपदीय क्षेत्रों में 75 से 80 सेंटीमीटर (ii) पूर्वी मैदान में 35 से 50 सेंटीमीटर और (iii) पश्चिमी क्षेत्र में 10 से 25 सेंटीमीटर । जनवरी में तापमान 10°C के आसपास रहता है । लाहौर में 11.5°C तथा पेशावर में 8.5°C रहता है । साधारणत: पाकिस्तान में जाड़े के मौसम में औसत तापमान 7°C से कम, उत्तर पर्वतीय भागों में बर्फ जम जाती है और गर्मी में औसत तापमान 45°C तक पहुँच जाता है।

प्रश्न 2.
पाकिस्तान के खनन एवं उद्योगों के विकास का वर्णन करें।
उत्तर-
खनिज संपत्ति में पाकिस्तान निर्धन है। वहाँ मिलने वाले खनिज और उनके प्राप्ति स्थान इस प्रकार हैं-(i) जिप्सम साल्ट रेंज में (ii) चूनापत्थर-साल्ट रेंज, सिंध, और उत्तर पश्चिम सीमा पर। (i) सेंध नमक-झेलम जिले में और साल्ट रेंज में (iv) खनिज तेज-अटकनें . (v) प्राकृतिक गैस-सूई (बलूचिस्तान), जहाँ से पाइप लाइन द्वारा मुल्तान, . लाहौर और कराची भेजने की व्यवस्था की गई है। (vi) इसके अतिरिक्ता-कोयला, क्रोमाइट, जिप्सम, लोहा, बॉक्साइट एवं गंधक प्रमुख है। रावलपिण्डी, भजनबल, हैदराबाद के कई क्षेत्रों में कोयला खनन किया जाता है। अंटक, सरगोधा, जितरल एवं मियाँवाली क्षेत्र में से लोहा प्राप्त किया जाता है।

बलूचिस्तान की जोन घाटी में क्रोमियम का भण्डार है। मैगनीज लासबेला और कोहाट क्षेत्र से प्राप्त किया जाता है।

उद्योग-पाकिस्तान उद्योगों के विकास में लगा हुआ है। यहाँ कृषि एवं रसायन पर आधारित उद्योगों को अधिक विकसित किया गया है। इनमें सूती वस्त्र, ऊनी वस्त्र, रेयन, सीमेंट, रसायन, चीनी, कागज और खेल के सामान हैं।

सूती वस्त्र उद्योग-कराँची, मुलतान, हैदराबाद और लाहौर में ।
रेयन उद्योग-कराची में स्थापित किया गया है।।
सीमेन्ट के कारखाने-वाह, दाऊद, खेल, हैदराबाद और कराँची में।
रसायन उद्योग-लायलपुर, खेवड़ी में स्थापित किये गये हैं।

चीनी उद्योग-पेशावर के निकट मरदान में विकसित है । यह एशिया की सबसे बड़ी चीनी मिल है।
कागज उद्योग-नौशेरा में।
खेल का समान-स्यालकोट में ।
परमाणु शक्ति-कुहुटा में स्थपित किया गया है।

मानचित्र कार्य

प्रश्न 1.
पाकिस्तान का रेखा चित्र बनाकर उसके प्रमुख औद्योगिक एवं खनिज केन्द्रों को दर्शाएँ ।
Bihar Board Class 9 Geography Solutions Chapter 7 भारत के पड़ोसी देश - 4

Bihar Board Class 9 English Book Solutions Poem 4 To Daffodils

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Panorama English Book Class 9 Solutions Poem 4 To Daffodils

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Bihar Board Class 9 English To Daffodils Text Book Questions and Answers

A. Work in small groups and answer the following questions orally:

To Daffodils By Robert Herrick Questions And Answers Question 1.
Which is your favourite flower? Why do you like it?
Answer:
I like the rose the red rose because it looks very beautiful and it has a charming smell.

The Daffodils Questions And Answers Class 9 Question 2.
A flower blossoms and decays. Can it be compared to the life of a human being?
Answer:
Yes, it can be compared to the life of a human being? Because man’s life is also transitory. It comes and dies after some¬time.

B. Answer the following questions very briefly:

Daffodils Questions And Answers Class 9 Question 1.
To whom does the speaker address the poem?
Answer:
The poet or the speaker addresses to daffodils.

Bihar Board Class 9 English Book Solution Question 2.
Why does the speaker weep to see fair daffodils?
Answer:
The speaker weeps to see the decaying daffodils, so soon.

Daffodils 9th Class Question Answers Question 3.
What does the speaker want the daffodils to do?
Answer:
The speaker wants the daffodils to stay more.

Daffodils Summary 9th Class Question 4.
What time of day does the speaker say it is?
Answer:
The speaker says that it is just before noon.

Bihar Board 9th Class English Book Solution Question 5.
Name three things that, according to the speaker, ‘die away’.
Answer:
The three things are spring, the summer’s rain, and the morning dew.

Daffodils Question Answer Class 9 Question 6.
Why does the speaker repeat the word ‘Stay’ in this poem?
Answer:
The speaker repeats the word ‘Stay-in this poem to show his feeling for the fast decaying daffodils.

Daffodils Poem Questions Answers Question 7.
What does the summer’s rain symbolise in this poem?
Answer:
The summer’s rain symbolises the perishable nature of life.

C.1. Long Answer Type Questions:

Question 1.
Why does the poet weep to see fair daffodils? What does he want it to do? Do you ever have such a feeling?
Answer:
Fair daffodils have a very short life. So seeing the short life of daffodils the poet weeps. He wants to see them staying a little longer. He wishes that they should stay at least at evening song. No; I have never such a feeling. I feel happy to see any beautiful flower.

Question 2.
Do you think that the title of the poem is suggestive and evocative?
Answer:
Yes, the title of the poem is very suggestive. The poem has a symbolic significance. They stand for the perishable nature of life. They remind us all the time that man is mortal. Human beings are as short to live as daffodils. The poem presents the eternal truth. So the poem is suggestive and evocative.

Question 3.
How has human life been compared to the life of daffodils?
Answer:
In the poem “To Daffodils’ human life has been compared to the life of the daffodils. Human life is as short as the life of daffodils. Nothing is permanent in this world. It is a universal truth. Daffodils wither away by the evening and we die when the old age comes. Both of them have to go like daffodils all have the same ending. It is eternal.

Question 4.
Give the main idea of the poem.
Answer:
Human life is transitory. To Daffodils is suggestive and evocative. It gives a deep sense of life and death. In this world everything is mortal. Flowers bloom for a short time and human life survives for a short span of life as well. Both have the same fate.

Question 5.
Who are ‘we’? What do ‘we’ and the daffodils have in common?
Answer:
Here ‘we’ stands for all human beings. ‘We’ have life and we have to die. The daffodils have the same fate. It blooms but for decaying. Here the poet has presented common fate for both.

C. 2. Group Discussion

Discuss the following in groups or pairs:

Question 1.
Love the life you live, live the life you love.
Answer:
Life is a precious thing. God has given us this precious life. God showered all his blessings on man. The riches of the world came into the hands of man. The man was given strength, wisdom, honour and pleasure in full measure. The treasure of God was thus emptied for the good man. So we should live our lives to live. It should be enjoyed fully but carefully. We live in deeds, and not in years. A life, however short, spent in doing things useful to the world or humanity is much better than living a hundred years and’spending the time in vain and useless purposes. So we should live a deedful life.

Question 2.
Take life as it comes.
Answer:
God has given us precious gift as life. Every life will turn to dust after death. But the soul of human beings is immortal. Joys and sorrows are neither our ways nor goal. Let them on the mercy of God. Our life is short The world is a field of battle. We must make our lives sublime. We must have faith in the ways of God and take life as it comes. But we must work for the betterment of tomorrow. This is real life.

Comprehension Based Questions with Answers

1. Fair Daffodils, we weep to see
You haste away so soon:
As yet the early-rising Sun
Has not attained his noon.
Stay, stay,
Until the hasting day
Has run
But to the even-song;
And, having prayed together, we
Will go with you along.

Questions:

  1. Name the poem and its poet.
  2. What do daffodils do?
  3. What does the poet ask the flower to do?
  4. How long does the poet want the flower to stay?
  5. What will the poet and the flower do together?

Answers:

  1. The name of the poem is ‘To Daffodils’ and the poet’s name is Robert Herrick.
  2. The daffodils haste away very soon.
  3. The poet asks the flower to stay.
  4. The poet wants the flower to stay until evening song.
  5. The poet and the flower will pray together in the evening.

2. We have a short time to stay, as you,
We have as short a Spring;
As quick a growth to meet decay
As you, or anything.
We die,
As your hours do, and dry.
Away
Like to the Summer’s rain;
Or as the pearls of morning’s dew,
Never to be found again.

Questions:

  1. What kind of season do they enjoy?
  2. What about their growth and decay?
  3. What are pearls compared to?
  4. Which are never found again?

Answers:

  1. The poet and Daffodils enjoy spring but the season is very short.
  2. They have quick growth and decay.
  3. The morning’s dew has been compared to pearls.
  4. The summer’s rain and the pearls of morning’s dew are never to be found again.

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Bihar Board Class 9 Disaster Management Solutions Chapter 10 आपदा प्रबन्धन : एक परिचय

Bihar Board Class 9 Social Science Solutions Disaster Management आपदा प्रबन्धन Chapter 10 आपदा प्रबन्धन : एक परिचय Text Book Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 9 Social Science Disaster Management Solutions Chapter 10 आपदा प्रबन्धन : एक परिचय

Bihar Board Class 9 Disaster Management आपदा प्रबन्धन : एक परिचय Text Book Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न :

निर्देश : नीचे दिये गये प्रश्न में चार संकेत चिह्न हैं जिनमें एक सही या सबसे उपयुक्त हैं । प्रश्नों का उत्तर देने के लिए प्रश्न संख्या के सामने वह संकेत चिह्न (क, ख, ग, घ) लिखें जो सही अथवा सबसे उपयुक्त हों।

आपदा प्रबंधन के प्रश्न उत्तर Class 9th Bihar Board प्रश्न 1.
आपदा प्रबंधन के प्रमुख घटक हैं
(क) आपदा के पूर्व वैयक्तिक स्तर पर तैयारी करना ।
(ख) आपदा के पूर्व सामुदायिक स्तर पर तैयारी करना ।
(ग) रोकथाम के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना ।
(घ) आपदा के संबंध में जानकारी रखना।
उत्तर-
(ख) आपदा के पूर्व सामुदायिक स्तर पर तैयारी करना ।

आपदा प्रबंधन के प्रश्न उत्तर कक्षा 9 Bihar Board प्रश्न 2.
मानवजनित आपदा के प्रभाव को कम करने के कौन-से उपाय हैं ?
(क) भूमि उपयोग की जानकारी रखना।
(ख) आपदारोधी भवनों का निर्माण करना ।
(ग) सामुदायिक जागरूकता पर ध्यान देना।
(घ) जोखिम क्षेत्रों में बसाव को नहीं बढ़ाना।
उत्तर-
(ग) सामुदायिक जागरूकता पर ध्यान देना।

लघु उत्तरीय प्रश्न

आपदा प्रबंधन Pdf Class 9 Bihar Board प्रश्न 1.
आपदा प्रबंधन क्या है ?
उत्तर-
आपदाओं के कारण होनेवाली क्षति को कम करने हेतु की जानेवाली तैयारी को आपदा प्रबंधन कहते हैं।

आपदा प्रबंधन Ncert Class 9 Bihar Board प्रश्न 2.
आपदा को कम करने के लिए कौन-कौन से उपाय करना चाहिए?
उत्तर-
आपदा को कम करने के लिए म्नलिखित उपाय किये जा सकते हैं

  • जोखिम क्षेत्रों में बसाव को रोकना ।
  • भूमि उपयोग की योजना तैयार करना ।
  • आपदा-रोधी भवनों का निर्माण करना ।
  • आपदा घटने से पहले जोखिम को कम करने के लिए तरीके बतलाना।
  • सामुदायिक जगरूकता और शिक्षा का प्रचार ।

आपदा प्रबंधन के प्रश्न उत्तर Bihar Board प्रश्न 3.
तुम आपदा प्रभावित क्षेत्र में लोगों की किस प्रकार मदद करोगे?
उत्तर-
हम आपदा प्रभावित क्षेत्र में लोगों को आनेवाले आपदा के विषय में समझा सकते है, उसे घबराने से मना करना चाहिए। सभी लोग को मिलजुल कर उससे बचाव का प्रयास करना चाहिए । हम अपने मित्रों एवं शिक्षकों की सहायता से इस काम में लग जाना चाहिए। अगर भवन की आवश्यकता हो तो विद्यालय भवन को राहत कार्य हेतु लिया जाना चाहिए । गाँव से सहयोग लेकर भोजन एवं चिकित्सा की व्यवस्था करनी चाहिए।

Aapda Prabandhan In Hindi Class 9 Bihar Board प्रश्न 4.
विद्यालय द्वारा किस प्रकार आपदा प्रभावित लोगों को मदद पहुँचायी जा सकती है?
उत्तर-
विद्यालय द्वारा आपदा प्रभावित लोगों को निम्न प्रकार से मदद पहुँचायी जा सकती है

  • प्रभावित लोगों को ढूढने र आप में फंसे लोगों के बचाव के लिए छात्रों का दल भेजना चाहिए ।
  • खोज एवं बचाव दल की तैयारी करना ।
  • आवश्यक संसाधन की व्यवस्था करना ।
  • आपदा प्रभावित परिवार को सांत्वना देना ।
  • अनिवार्य सेवाओं-सड़क तथा संचार सुविधाओं को पुनः आरम्भ करना।
  • अस्थाई आवास के रूप में विद्यालय भवन को काम में लाना ।
  • सामान्य जीवन स्तर पर पुनर्वास स्थापित करना ।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

कक्षा 9 आपदा प्रबंधन Bihar Board प्रश्न 1.
आपदा प्रबंधन में ग्राम पंचायत की भूमिका का वर्णन करें।
उत्तर-
आपदा प्रबंधन में ग्राम पंचायत की भूमिका निम्नलिखित है

  • पूर्वानुमान के आधार पर लोगों को सूचना देना । ग्राम पंचायत से प्राप्त सूचनाओं को तत्काल लोगों तक पहुँचाना।
  • राहत शिविर का चयन और प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने का कार्य करना- जिलास्तार पर सूचना भेजना । अगर आगजनी है तो दमकल आदि को भेजना।
  • राहत कार्य-प्रभावित लोगों को शिविरों में रखना एवं उनके भोजन की व्यवस्था करना । पेयजल तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करना।
  • प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करना।
  • सभी को सुरक्षा प्रदान करना-छोटे बच्चों बूढों पर विशेष ध्यान
  • स्वच्छता का ख्याल रखना-तकि कोई महामारी न फैल जाय।

Bihar Board Class 9th History Solution प्रश्न 2.
आपदा प्रबंधन में राष्ट्रीय स्तर पर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करें।
उत्तर-
राष्ट्रीय स्तर पर आपदा प्रबंधन के कार्य किए जा रहे हैं। वे इस प्रकार हैं

  • आपदा प्रबंधन के लिए प्रतिवर्ष बजट में आकस्मिक निधि में प्रबंधन किया गया है।
  • इसके .हेतु प्रधान मंत्री कोष का भी ठन किया गया है।
  • आपदाओं की बारबारता के क्षेत्रका मानचित्रीकर किया जा रहा है जिससे उसकी क्षेत्र के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सके।
  • आपदा प्रबंधन में लगे हुए लोगों के लिए प्रशिक्षण का कार्य भी आवश्यक है । अत: उसके लिए अनेक शिक्षण केन्द्र स्थापित किये जा रहे हैं । विश्वविद्यालयों में आपदा प्रबंधन को पढ़ाई भी की जा रही
    देना।
  • ग्रामीण स्तर पर पंचायतों के द्वारा आपदा प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा इससे पूर्णतः निपटने के लिए भी बात बताई जा रही है।
  • आतंकवाद और साम्प्रदायिक दंगों को रोकने के लिए आतंकवाद विरोधी दस्ते का भी गठन किया गया है।
  • आपदा प्रबंधन में स्वयंसेवी संस्थाओं का योगदान भी महत्वपूर्ण
  • आपदा प्रबंधन का कार्य ग्रामसभा की साझेदारी के बिना अपूर्ण है। अतः हर आपदा प्रबंधन में ग्राम सभा की सक्रियता से आम लोगों की सक्रियता बड जाती है।
    इस प्रकार राष्ट्रीय स्तर पर आपदा प्रबंधन पर किये गए कार्य सराहनीय हैं।

Bihar Board Class 9 English Book Solutions Chapter 5 Echo and Narcissus

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Panorama English Book Class 9 Solutions Chapter 5 Echo and Narcissus

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Bihar Board Class 9 English Echo and Narcissus Text Book Questions and Answers

A. Work in small groups and discuss the following:

Echo And Narcissus Questions And Answers Bihar Board Question 1.
How much do you love yourself?
Answer:
I am in teen. ‘A youth of labour with an age of ease’ is called. Youth and beauty are the hallmarks of this age. So at this age I love myself very much. I am more conscious about my looks while girls are the embodiment of beauty at ‘sweet sixteen’ I my self tend to emulate the eternal hero, symbolised as ‘tali’ and ‘handsome’. To further Accenture this God gifted beauty fashion comes handy. This is the time when I can indulge in the latest fashion and fades and get noticed. It is, therefore, not uncommon to find many beauty queens in my teens. Really it is true to love me.

Echo And Narcissus Class 9 Bihar Board Question 2.
Is loving oneself good or bad?
Answer:
Loving oneself is good. It is natural. One is respected In one’s. There is a sense of complete freedom, bereft of any worries or responsibilities to shoulder. Making friends, socialising and indulging in one’s hobby is the major past-time. Gone are the restrictions of childhood for you can live as you please. However, the joys and achievements of this period are lovable too. Gone are the daydreams of childhood, the mental level is at its peak and there is a keen desire to excel. This spirit of competition and challenge makes us extra energetic and ambitions. So only loving oneself one can do better for oneself.

B.1.1 Write ‘T’ for true and ‘F’ for false statements:

  1. Narcissus was very young and handsome.
  2. Narcissus went fishing.
  3. Echo had detained goddess Hera.
  4. Hera cursed Echo.
  5. Echo did not want to speak to Narcissus.

Answer:

  1. — T
  2. — F
  3. — T
  4. — T
  5. — F

B.1.2. Study the lesson carefully and complete these sentences:

  1. The _________ was so embarrassed
  2. Her youth and beauty _________ away.
  3. Narcissus had ________ many women.
  4. Narcissus was tired and _________
  5. Narcissus could not tear himself away from his own _________

Answer:

  1. nymph
  2. withered
  3. scorned
  4. thirsty
  5. image

B.1.3. Answer the following questions very briefly:

Echo And Narcissus Answer Key Bihar Board Question 1.
Who was Narcissus?
Answer:
Narcissus was the most handsome young man in Greece. He was so fair that almost everyone who saw him fell in love with him at that moment.

Echo And Narcissus Text Dependent Questions Answers Bihar Board Question 2.
Who was the Echo?
Answer:
Echo was a nymph was once a great chatterer but now under the curse of the goddess. Hera she could only repeat the last few words spoken to her.

Echo And Narcissus Reading Questions And Answers Bihar Board Question 3.
What did the Echo do with any passer-by?
Answer:
Echo was ready to talk to any passerby on any subject at any time.

Echo And Narcissus Comprehension Questions Bihar Board Question 4.
Who was detained by the Echo?
Answer:
The Goddess Hera was detained by Echo.

Bihar Board Class 9 English Book Solution Question 5.
Whom did Echo follow?
Answer:
Echo followed Narcissus.

Class 9 English Chapter 5 Question Answer Bihar Board Question 6.
What was.the reaction of Narcissus when he saw Echo?
Answer:
When Narcissus saw Echo, he pushed her away and ran, away saying that he would die before he would have her near him.

Echo And Narcissus Story In Hindi Bihar Board Question 7.
Why did Echo hide in a dark cave?
Answer:
Echo hid in a dark cave, as she was embarrassed and ashamed.

Class 9 English Chapter 5 Bihar Board Question 8.
Who had cursed Narcissus?
Answer:
One of the women who had been treated.brutally by Narcissus cursed him.

Bihar Board 9th Class English Book Solution Question 9.
Who did Narcissus fall in love with?
Answer:
Narcissus fell in love with his own image.

Bihar Board Solution Class 9 English Question 10.
At last, what happened with Narcissus?
Answer:
At last Narcissus’s body withered away and became the stem of a flower. His head turned into the lovely gold and white blossom which still looks into the quiet pools, and is called Narcissus.

C. Long Answer Questions

Class 9 English Bihar Board Question 1.
Who was Narcissus? What was special about him?
Answer:
Narcissus was a handsome young man of Greece. Special about him was that not many men or even gods were as handsome as young Narcissus. So far was he that almost everyone who saw him fell in love with him at that moment.

Bihar Board Class 9 English Question 2.
Who was the Echo? Who cursed him and why? What was the curse?
Answer:
Echo was a watchful nymph. She had once been a great chatterer. She was ready to talk to any passer-by on any subject at any time, and on several’occasions, she had detained goddess Hera with hours of casual talk, just as Hera was on the point of stumbling upon Zeus with one of his illicit loves. Eventually, Hera grew so annoyed that she put a curse on the Echo. The curse was that Echo could say nothing but the last few words that she heard.

Bihar Board Class 9 English Solutions Question 3.
Why did Echo follow Narcissus? Why was she eager to talk to him?
Answer:
Echo followed Narcissus through the trees because she longed to go closer to him to gaze upon the beauty of his face. She was eager to talk to him as she felt drawn to him. She could not take her eyes off his captivating face. She was invited to meet with Narcissus.

Bihar Board 9th Class English Book Question 4.
Describe what happened during the meeting of Echo and Narcissus?
Answer:
No sooner did Narcissus see Echo than he got satisfied with having solved the mystery of the voice. So, he roughly pushed her away and ran shouting that he would die before he would have her near him.

Bihar Board Class 9 English Book Question 5.
Why was the nymph embarrassed and ashamed? What was the result of it?
Answer:
The nymph feared that Narcissus would laugh at her silly speech. As she was roughly pushed away by Narcissus she felt embarrassed and ashamed she hid in a dark cave and never came to air and sunlight again.

Question 6.
Who prayed to gods against Narcissus? What did she pray? Was it granted?
Answer:
Narcissus had treated brutally with many women. He played with many hearts and at last one of those women, he had scorned prayed to the gods that Narcissus would someday find himself scorned by one he loved. The prayer was heard and granted.

Question 7.
What happened to Narcissus when he went to the pool to quench his thirst?
Answer:
Tired and thirsty from hunting, Narcissus went him-self down beside a still, clear pool to drink. As he leaned over the shining surface, he saw the reflection of the most beautiful face. His heart trembled at the sight, and he could not tear himself away from it his own image. For a long time, Narcissus remained there beside the pool, never raising his eyes from the surface, and from time to time murmuring words of love. At last, his body withered away and became the stem of a flower, and his head the lovely .gold and white blossom which still looks into quiet pools, and is called Narcissus.

Question 8.
What feeling do you have when you see your reflection in a mirror?
Answer:
When I see my reflection in a mirror. I have different feelings on different occasions. It is just like a pool gives a crystal clear reflects everything in its true likeness. Sometimes I afraid of ageing and greying. So sometimes I hate the mirror. I try to hide my reality in the dim light. But it is to think that however I hate or love myself it always reflects the truth. Sometimes it removes the idleness of the mirror, it does not act false.

Comprehension Based Questions with Answers

1. Not many men, or even gods, were as handsome as young Narcissus. So far was he that almost everyone who saw him fell in love with him at that moment. One day, as Narcissus roamed the forests with his hunting companions, he was spied by the watchful nymph Echo. She had once been a great chatterer, ready to talk to any passerby on any subject at any time, and on several occasions, she had detained goddess Hera with hours of casual talks, just as Hera was on the point of stumbling upon Zeus with one of his illicit loves”. Eventually, Hera grew so annoyed that she put a curse on the Echo, and from that time on the unfortunate nymph could say nothing but the last few words that she heard. Trembling, Echo followed Narcissus through the trees. She longed to go closer to him to gaze upon the beauty of his face, but she feared that he would laugh at her silly speech. Before long. Narcissus wandered away from his companions, and when he realised he was lost, he called in a panic. “Is there anybody here?”

Questions:

  1. Name the story and its writer?
  2. Who was Narcissus?
  3. Who was the Echo?
  4. Who did curse Echo and why?
  5. Why did Echo follow Narcissus in the forest?
  6. Why did Narcissus in panic?

Answers:

  1. The name of the story is ECHO AND NARCISSUS and writer is Moira Kerr and John Benoit.
  2. Narcissus was a very handsome youth. Not many men or even gods were as handsome as young Narcissus. So far was he that almost everyone who saw him fell in love with him at that moment.
  3. Echo was a nymph. She had been once a great chatterer ready to talk to any passer-by on any subject at any time.
  4. Goddess Hera cursed Echo, for she grew so annoyed with Echo, only due to her chattering, she put a curse on the Echo.
  5. Echo followed Narcissus through the trees. She longed to go closer to him to gaze upon the beauty of his face in the forest.
  6. Narcissus wandered away from his hunting companions in the forest, and when he realised that he was lost, lie called upon in panic. “Is there anybody here?”

2. “Here!” called Echo.
Mystified by this reply, Narcissus shouted. “Come!” “Come!” shouted Echo.
Narcissus was convinced that someone was playing a trick on him.
“Why are you avoiding me?” he called. The only answer he heard was his own question repeated from the woods. “Come here, and let us meet!” pleaded Narcissus.
“Let us meet!” Echo answered, delighted.
She overcame her shyness and crept from her hiding place to approach Narcissus. But he, satisfied now that he had sol.ved the mystery of the voice, roughly pushed her away and ran.
“I would die before I would have you near me!” he shouted mockingly over his shoulder.
Helpless, Echo had to call after him, “I would have you near me!”

Questions:

  1. Who began to talk with Narcissus?
  2. What answer did he hear from the woods?
  3. Who came forward to meet Narcissus?
  4. Find the word from the passage which means, ‘Mockingly’.

Answers:

  1. Echo began to talk with Narcissus.
  2. The only answer he heard was bis own question repeated from the woods.
  3. Echo came forward to meet Narcissus.
  4. Making fun.

3. The nymph was so embarrassed and ashamed that she hid in a dark cave, and never came into the air and sun-light again. Her youth and beauty withered away, and her body became so shrunken and tiny that eventually, she vanished altogether. All that was left was the pathetic voice that still roams the world, anxious to talk, yet able only to repeat what others say. Poor Echo was not the only one to be treated brutally by Narcissus. He had played with many hearts, and at last one of those, he had scorned prayed to the gods that Narcissus would someday find himself scorned by one he loved. The prayer was heard and granted.

Questions:

  1. What happened when nymph saw Narcissus?
  2. How did she vanish altogether?
  3. What was left?
  4. Why did one pray to god against Narcissus?
  5. Find the word from the pas-age which means. ‘Shrunken’.

Answers:

  1. Nymph Echo was so embarrassed and ashamed that she hid in a dark cave, and never came into air and sunlight again.
  2. When Echo or Nymph hid in a dark cave, her youth and beauty withered away and her body became so shrunken and tiny that eventually, she vanished altogether.
  3. All that was left was the pathetic voice that still roams the world anxious to talk, yet able to repeat what others say.
  4. One prayed to the gods that Narcissus would someday find himself scorned by one he loved. The prayer was heard and granted.
  5. Became smaller.

4. Tired and thirsty from hunting, Narcissus threw himself down beside a still, clear pool to drink. As he leaned over the shining surface, he saw the reflection of the most beautiful face he had ever seen. His heart trembled at the sight, and he could not tear himself away from it his own image. For a long time, Narcissus remained there beside the pool, never raising his eyes from the surface, and from time to time murmuring words of love. At last, his body withered away and became the stem of a flower, and his head the lovely gold and white blossom which still looks into quiet pools, and is called Narcissus.

Questions:

  1. Why did Narcissus go near the pool?
  2. What did he see in the pool and what did he do then?
  3. What did Narcissus turn into?
  4. Find the word from the passage which means “Low quiet Voice”.

Answers:

  1. Tired and thirsty from his hunting, Narcissus went near the pool.
  2. When he leaned over the shining surface of the pool he saw the reflection of the most handsome face he had ever seen. It was his own image.
  3. Narcissus turned into a flowering plant with beautiful gold and white flower on it.
  4. Murmuring.

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Bihar Board Class 9 Hindi Solutions गद्य Chapter 5 भारतीय चित्रपट

Bihar Board Class 9 Hindi Book Solutions Godhuli Bhag 1 गद्य खण्ड Chapter 5 भारतीय चित्रपट Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

BSEB Bihar Board Class 9 Hindi Solutions गद्य Chapter 5 भारतीय चित्रपट

Bihar Board Class 9 Hindi भारतीय चित्रपट Text Book Questions and Answers

 

Bihar Board 9th Class Hindi Book Solution प्रश्न 1.
उन्नीसवीं और बीसवीं शती ने दुनिया को कई करिश्मे दिखाए। लेखक ने किस करिश्मे का वर्णन विस्तार से किया है?
उत्तर-
लेखक ने उनसवीं और बीसवीं शती के करिश्मे में गैस की रोशनी, बिजली का चमत्कार, टेलीग्राम, टेलीनकोण, जादू, रेल, मोटर इत्यादि करिश्मे के विषय में विस्तार से वर्णन किया है।

Bihar Board Class 9 Hindi Book Solution प्रश्न 2.
भारतीय चित्रपट में मूक से सवाक् फिल्मों तक के इतिहास को रेखांकित करते हुए दादा साहब फालके का महत्व बताइए।
उत्तर-
सबसे पहले 6 जुलाई, 1896 ई. में बम्बई में पहलीबार सिनेमा दिखाया गया। 1984 में पहली बार बम्बई की जनता को रूपहले पर्दे पर कछ भारतीय दश्य देखने को मिले। उस समय सावे दादा ने ल्युमीयेर ब्रदर्स के प्रोजेक्टर, फोटो डेवलप करने की मशीन या मशीनें खरीदकर भारत में इस धंधे का एक तरह से राष्ट्रीयकरण कर लिया था। सावे दादाने सर आर० पी० पराजपे पर एक डाक्यूमेंट्री फिल्म बढ़ाई। इसी तरह लोकमान्य तिलक, गोखले आदि पर भी फिल्म बनाई। लेकिन दादा साहब फालके द्वारा बनाई गई फीचर फिल्म हरिश्चंद्र से पहले की एक फिल्म बनी थी उसका नाम ‘भक्त पुंडलीक’ था। इतिहास ने दादा साहब फालके को ही भारतीय फिल्म उद्योग का जनक माना सावे दादा को नहीं। भारत सरकार ने भी फिल्म के सर्वोच्च पुरस्कार को दादा साहब फालके पुरस्कार कहके ही इतिहास की बंदना की है।

Bihar Board Solution Class 9 Hindi प्रश्न 3.
सावे दादा कौन थे? भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को पाठ के माध्यम से समझाइए।
उत्तर-
सावे दादा भारतीय फिल्म को शुरू करने वाले पहले व्यक्ति थे। उन्होंने शालिनी स्टूडियो की स्थापना की थी। मझोले कद के गोरे चिट्टे, दुबली-पतली कायावाले सावे दादा को देखकर कोई यह कल्पना भी नहीं कर सकता कि ये ही भारतीय फिल्म व्यवसाय के आदि पुरुष है। उन्होंने भारतीय ल्यमायर ब्रदसे के प्रोजेक्टर, फोटो डेवलप करने की मशीन या मशीनें खरीदकर भारतीय फिल्म का एक तरह से राष्ट्रीकरण कर लिया था। वे इंगलैंड जाकर एक कैमरा भी लाए थे और शायद इंगलैंड और फ्रांस के सिनेमा से ग्राफी कला विशेषज्ञों से भेंट करके उन्होंने भारत में इस उद्योग को स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त की थीं।

Class 9 Hindi Bihar Board प्रश्न 4.
लेखक ने सावे दादा की तुलना में दादा साहब फालके को क्यों भारतीय सिनेमा का जनक माना? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
सावे दा ने भी बहुत सी डक्यूमेंटरी फिल्म बनाई और उस समय के नेताओं जैसे गोखले तिलक पर भी फिल्में बनाई लेकिन दादा साहब फाल्के ने एक फीचर फिल्म बनाई जिसका नाम ‘हरिश्चन्द्र’ था और उससे भी पहले उन्होंने एक फिल्म बनाई थी जिसका नाम ‘भक्त पुंडलीक था। इसी तुलना के आधार पर सावे दादा की तुलना में दादा साहब फाल्के को ही भारतीय सिनमा का जनक माना गया और भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च शिखर सम्मान पुरस्कार दादा साहब फाल्के के नाम पर रखा गया है।

Class 9th Hindi Bihar Board प्रश्न 5.
भारतीय सिनेमा के विकास में पश्चिमी तकनीक के महत्व को रेखांकित कीजिए।
उत्तर-
भारतीय सिनेमा के विकास में पश्चिमी तकनीकी का महत्वपूर्ण स्थान है। फ्रांस के ल्युमीयेर ब्रदर्स के एजेंट उन्नसवीं सदी के इस तिलस्म को दिखाने के लिए भारत में लाये थे। अमेरीका में भी यह दिखाया जा रहा था। आज की सिनेमा की तरह उस समय के सिनेमा में छोटी-छोटी तस्वीरें थीं। किसी समुद्र में स्नान के दृश्य दिखाए गए और किसी में कारखाने से छूटते हुए मजदूरों का दृश्य, हल्की फुल्की झांकियां देखने को मिलती थी।

भारतीय सिनेमा का इतिहास Pdf Bihar Board प्रश्न 6.
अपने शुरुआती दिनों में सिनेमा आज की तरह किसी कहानी पर आधारित नहीं होती थी, क्यों?
उत्तर-
पश्चिमी तकनीक पर आधारित सिनेमा किसी कहानी पर आधारित नहीं होती थी। उस समय छोटे-छाटे चित्र, हल्की-फुल्की झाँकियाँ दिखाई जाती थी क्योंकि उस समय पूर्ण रूप से फिल्म तकनीक का विकास नहीं हो पाया था।

Class 9 Hindi पाठ 5 Question Answer Bihar Board प्रश्न 7.
भारत में पहली बार सिनेमा कब और कहाँ दिखाया गया?
उत्तर-
1897 ई० में पहली बार मुंबई की जनता को रूपहले पर्दे पर कुछ भारतीय दृश्य दिखाया गया।

Bihar Board Class 9 Hindi Book Pdf प्रश्न 8.
सिनेमा दिखलाने के लिए अखबारों में क्या विज्ञापन निकला? इस विज्ञापन का बम्बई की जनता पर क्या असर हुआ था?
उत्तर-
सिनेमा दिखलाने के लिए अखबार में विज्ञापन निकाला कि जिंदा तिलस्मात् देखिए फोटुएँ आपको चलती-फिरती टोड़तो दिखलाई पड़ेगा। टिकट एक रुपिया इस विज्ञापन ने बंबई में तहलका मचा दिया।

Bihar Board Class 9th Hindi प्रश्न 9.
1897 में पहली बार बम्बई की जनता को रुपहले पर्दे पर कुछ भारतीय दृश्य देखने को मिले। उन दृश्यों को लिखें।
उत्तर-
1897 में जो कुछ दृश्य देखने को मिले। उनमें बंबई की नारली पूर्णिमा यानी रक्षा बंधन का त्योहार, दिल्ली के लाल किले और अशोक की लाट वगैरह के चंद दृश्यों की झलक के साथ-साथ लखनऊ में इमामबाड़ों भी रूपहले पर्दे पर चमके।

Bihar Board 9th Class Hindi Book Pdf प्रश्न 10.
कलकत्ते में स्टार थियेटर की स्थापना किसने की? ।
उत्तर-
मिस्टर स्टीवेंसन नामक एक अंग्रेज सज्जन ने स्टार थियेटर की स्थापना की।

9th Class Hindi Book Bihar Board प्रश्न 11.
भारत में फिल्म उद्योग किस तरह स्थापित हुआ? इसकी स्थापना में किन-किन व्यक्तियों ने योगदान दिया।
उत्तर-
भारतीय फिल्म उद्योग की स्थापना बहत ही तिलसस्माई ढंग से ही। इसकी स्थापना में सावे दादा, दादा फाल्के, मिस्टर स्टीवेंशन इत्यादि व्यक्तियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

Class 9 Bihar Board Hindi Solution प्रश्न 12.
पहली फीचर फिल्म कौन थी?
उत्तर-
पहली फीचर फिल्म भक्त पुंडलीक’ थी।

बिहार बोर्ड ९थ क्लास बुक Hindi Bihar Board प्रश्न 13.
भारत की पहली बॉक्स-ऑफिस हिट फिल्म किसे कहा जाता है?
उत्तर-
‘लंकादहन’ पहली बॉक्स आफिस हीट फिल्म थी।

प्रश्न 14.
जे. एफ० मादन का भारतीय फिल्म में योगदान रेखांकित करें।
उत्तर-
जे. एफ० मादन ने 1917 में एलफिंस्टन बाइस्कोप कंपनी नामक फिल्म संस्था बनाई और दादा साहब फाल्के की तरह वे भी फीचर फिल्म बनाने लगे।

प्रश्न 15.
शुरुआती दौर की फिल्म को लोग क्या कहते थे?
उत्तर-
शुरुआती दौर की फिल्म को लोग जादुई तिलस्म कहते थे।

प्रश्न 16.
‘राजा हरिश्चन्द्र फिल्म’ में स्त्रियों का पार्ट भी पुरुषों ने ही किया था। क्यों?
उत्तर-
श्री फिरोज रंगूनवाला ने अपनी पुस्तक में लिखा है कि दादा साहब फालके ने पहले तो वेश्या वर्ग की कुछ स्त्रियों को अपनी फिल्म में काम करने के लिए राजी कर लिया था लेकिन बाद में कैमरा के सामने आने पर वे शरमा गई। कुछ एक को तो उनके संरक्षक दलाल ही भगाकर ले गए और इस प्रकार राजा हरिश्चन्द्र की रानी मास्टर साडंके को ही बनना पड़ा।

नीचे लिखे गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखें।

1. उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दियों ने दुनिया को ऐसे-ऐसे करिश्मे दिखलाए कि लोग बस दाँतों तले उँगली दबा-दबा के ही रह गए। आँखें अचम्भे से फट-फट पड़ीं। गपोड़ियों की गप्पों का बाजार ठप पड़ गया, क्योंकि वे लोग जो झूठे बयान करते थे, वह देर-सबेर साइंस का । करिश्मा बनकर सच साबित हो जाता था। गैस की रोशनी, बिजली का चमत्कार, टेलीग्राम, टेलीफोन के जादू, रेल, मोटर वगैरह-वगैरह जो पहले किसी ने देखे सने तक न थे, जिंदगी की असलियत बनकर हमारे सामने आ गए थे। सिनेमा का आविष्कार भी उन्नीसवीं सदी के बीतते न बीतते जादू बनकर जमाने के लिए सिर पर चढ़कर बोलने लगा। 6 टी. जुलाई 1896 का दिन हिंदुस्तान और खासकर बंबई के लिए एक अनोखा दिन था जब पहली बार भारत में सिनेमा दिखलाया गया।
(क) लेखक और पाठ के नाम लिखें।
(ख) उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दियों के करिश्मों का क्या प्रभाव पड़ा?
(ग) विज्ञान के कौन-कौन से आविष्कार हमारे सामने असलियत बनकर आए?
(घ) कौन-सा दिन हिंदुस्तान खासकर बंबई के लिए एक अनोखा दिन था और क्यों?
(ङ) प्रस्तुत गद्यांश का आशय लिखें।
उत्तर-
(क) लेखक-अमृतलाल नागर, पाठ-भारतीय चित्रपटः मूक फिल्मों से सवाक् फिल्मों तक।

(ख) उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दियों में जो करिश्में दिखाई पड़े वे वैज्ञानिक आविष्कारों के रूप में थे। वे सभी वैज्ञानिक आविष्कार काफी आश्चर्यजनक और विस्मयपूर्ण थे। उन्हें देखकर और उनके प्रभाव को पाकर सभी लोग दाँतों तले ऊँगली दबाने लगे।

(ग) उस समय विज्ञान के कई आश्चर्यजनक आविष्कार हुए जिनमें गैस की रोशनी, बिजली, टेलीग्राम, टेलीफोन, रेलगाड़ी, मोटरगाड़ी आदि के आविष्कार प्रमुख रूप से शामिल हैं। ये सारे आविष्कार मानव जीवन में बिलकुल असलियत के रूप में प्रकट हुए और मानव जीवन पर इनका अद्वितीय प्रभाव पड़ा।

(घ) 6 जुलाई 1896 का दिन हिंदुस्तान खासकर बंबई के लिए एक अनोखा दिन था। इस अनोखेपन का एकमात्र कारण यह था कि उस दिन सिनेमा के आविष्कार के फलस्वरूप बंबई शहर में पहली बार सिनेमा दिखलाया गया। यह घटना सचमुच अतिशय आश्चर्यजनक और महत्त्वपूर्ण थी।

(ङ) इस गद्यांश में लेखक ने 19वीं और 20वीं सदी में हुए वैज्ञानिक आविष्कारों की विलक्षणता की चर्चा की है। लेखक ने बताया है कि उन दोनों सदियों में गैस, बिजली, रेल, मोटर, टेलीफोन आदि वैज्ञानिक उपकरणों के आविष्कार ने जगत को चमत्कृत कर दिया। इन आविष्कारों में सिनेमा के आविष्कार ने तो और जादू का काम किया। जब 6 जुलाई 1896 के दिन बंबई में पहली बार सिनेमा दिखाया गया तो यह तिथि एक ऐतिहासिक तिथि के रूप में मान्य हो गई।

2. भारत में इस काम को शुरू करनेवाले पहले व्यक्ति एक सावे दादा थे।
दुर्भाग्यवश उनका असली नाम मैं भूल गया हूँ। मैं 1941 में जब स्वर्गीय मास्टर विनायक की एक फिल्म ‘संगम’ लिखने के लिए कोल्हापुर गया था तब शालिनी स्टूडियोज में उनके दर्शन प्राप्त करने का सौभाग्य मुझे मिला था। मॅझोले कद के गोरे-चिट्टे, दुबली-पतली कायावाले सावे दादा को देखकर कोई यह कल्पना भी नहीं कर सकता था कि ये अपने जमाने के बहुत बड़े कैमरामैन और भारतीय फिल्म व्यवसाय के आदिपुरुष रहे होंगे। मुझे तो अब याद नहीं कि सावे दादा कोल्हापुर ही के निवासी थे या बंबई, पुणे के, पर बंबइया मार्का हिंदी वे मजे में बोल लेते थे। उन्होंने ल्यूमीयेर ब्रदर्स के प्रोटेक्टर, फोटो डेवलप करने की मशीन या मशीनें खरीद कर भारत में इस धंधे का एक तरह से राष्ट्रीयकरण कर लिया था।
(क) पाठ और लेखक के नाम लिखें।
(ख) लेखक, किनका असली नाम भूल रहा था? लेखक को उनके प्रथम दर्शन कब और किस संदर्भ में हुए थे।
(ग) लेखक द्वारा चर्चित व्यक्ति के कायिक स्वरूप का चित्रांकन करें।
(घ) वह व्यक्ति किस धंधे से किस रूप में जुड़ा हुआ था?
(ङ) उसकी कार्यगत उपलब्धि की संक्षिप्त चर्चा करें।
उत्तर-
(क) पाठ-भारतीय चित्रपट : मूक फिल्मों से सवाक् फिल्तों तक, लेखक-अमृतलाल नागर।

(ख) लेखक भारत में सिनेमा के काम को शुरू करनेवाले प्रथम व्यक्ति सावे दादा के मूल माम को भूल रहा था। लेखक को उनके प्रथम दर्शन का सुयोग तब मिला था, जब वह (लेखक) 1941 में स्वर्गीय मास्टर विनायक की एक फिल्म ‘संगम’ लिखने के लिए कोल्हापुर गया हुआ था। वहीं शालिनी स्टूडियोज में उसे उनके दर्शन हुए।

(ग) लेखक द्वारा चर्चित व्यक्ति सावे दादा थे। वे मॅझोले कद के एक गोरे-चिट्टे और दुबली-पतली कायावाले व्यक्ति थे। उनकी यह कायिक बनलट अति सामान्य और सरल थी जिसमें उनके व्यक्तित्व की विलक्षणता का कोई चिन्ह नहीं था, कोई खास पहचान का आधार नहीं था।

(घ) वह व्यक्ति, अर्थात् सावे दादा अपने जमाने के बहुत बड़े कैमरामैन थे और भारतीय फिल्म व्यवसाय के आदिपुरूष के रूप में भी मान्य थे। वे बंबइया मार्का हिंदी मजे में बोल लेते थे। उन्होंने ल्युमीयेर ब्रदर्स के प्रोजेक्टर, फोटो को डेवलप करने की मशीन खरीदी थी और भारत में इस कार्य, अर्थात् धंधे को एक राष्ट्रीय रूप दे डाला था।

(ङ) सावे दादा की भारतीय फिल्म जगत में बड़ी विलक्षण उपलब्धि थी। वे एक विशिष्ट कैमरामैन थे। उन्होंने पहली बार एक सुचर्चित और विलक्षण कैमरामैन के रूप में मशीन के द्वारा फोटो को डेवलप करने का कार्य काफी कुशलता के साथ किया था। इसके लिए उन्होंने ल्यूमीयेर ब्रदर्स के प्रोजेक्ट खरीद लिए थे और इस कार्य को आश्चर्यजनक स्वरूप दिया था।

3. मुझे यह भी याद पड़ता है कि भारतीय फिल्म उद्योग के जनक माने जाने वाले दादा साहब फाल्के द्वारा बनाई गई फीचर फिल्म ‘हरिश्चंद्र’ से पहले भी एक फीचर फिल्म बनी थी उसका नाम शायद “भक्त पुंडलीक” था। दुर्भाग्यवश मैं उसके निर्माता का नाम भूल चुका हूँ। (इनका नाम था दादा साहब तोरणे-संपादक) हो सकता है वह फिल्म दादा साहब फाल्के ने ही बनाई हो। जो भी हो, इतिहास ने दादा साहब फाल्के को ही भारतीय फिल्म उद्योग का जनक माना, सावे दादा को नहीं। इसका कारण शायद यह भी हो सकता है कि दादा साहब फाल्के ने केवल एक ही नहीं, वरन् कई फीचर फिल्में एक के बाद एक बनाई और इस प्रकार उन्होंने ही इस उद्योग की नींव जमाई। सावे दादा ने छोटी-मोटी डाक्यूमेंट्री फिल्में तो बहुत बनाईं और समय को देखते हुए पैसा भी अच्छा ही कमाया और यदि पहली  फीचर फिल्म ‘भक्त पुंडलीक’ उन्हीं की बनाई सिद्ध हो तो भी उनकी अपेक्षा दादा साहब फाल्के को ही भारतीय फिल्मों का जनक मानना, मेरी समझ में उचित है। भारत सरकार ने भी फिल्म के सर्वोच्च पुरस्कार को ‘दादा साहब फाल्के पुरस्कार’ कहके ही इतिहास की रचना की है।
(क) पाठ और लेखक के नाम लिखें।
(ख) लेखक के अनुसार भारतीय फिल्म उद्योग के जनक कौन माने जाते हैं और क्यों?
(ग) भारतीय फिल्म उद्योग के जनक माने जानेवाले किस व्यक्ति के रूप में किस दूसरे व्यक्ति का भी नाम आता है? क्या वह उचित है?
(घ) भारत सरकार द्वारा घोषित सर्वोच्च फिल्म पुरस्कार का नाम क्या है और उसका यह नामकरण क्यों किया गया है?
(ङ) प्रस्तुत गद्यांश का आशय लिखें।
उत्तर-
(क) पाठ-भारतीय चित्रपट : मूक फिल्मों से सवाक् फिल्मों तक, लेखक-अमृतलाल नागर।

(ख) लेखक के अनुसार भारतीय फिल्म उद्योग के जनक दादा साहब फाल्के माने जाते हैं। इसका कारण यह था कि दादा साहब फाल्के ने ही भारत में फिल्म उद्योग की नींच डाली थी और इस क्रम में उन्होंने एक नहीं अनेक फीचर फिल्में और डाक्यूमेंट्री फिल्में बनाई थी और इस फिल्म उद्योग को एक मजबूत आधार दिया था।

(ग) भारतीय फिल्म उद्योग के जनक के रूप में एक दूसरे व्यक्ति दादा साहब तोरणे-संपादक का नाम आता है, जिन्होंने लेखक के कथनानुसार शायद दादा साहब फाल्के के पूर्व ही ‘भक्त पुंडलीक’ नामक एक फीचर फिल्म बनाई थी, लेकिन यह बात निश्चयात्मक रूप से नहीं कही जा सकती है। इसीलिए ‘दादा साहब तोरणे-संपादक को निश्चयात्मक रूप से भारतीय फिल्म उद्योग का जनक नहीं माना जा सकता है।

(घ) भारत सरकार द्वारा घोषित सर्वोच्च फिल्म पुरस्कार का नाम

साहब फाल्के पुरस्कार है। इसका यह नामकरण भारतीय फिल्म उद्योग के जनक दादा साहब के नाम पर किया गया है।

(ङ) प्रस्तुत गद्यांश में लेखक ने भारतीय फिल्म उद्योग के जनक के रूप में दादा साहब फाल्के की भूमिका और उनकी उपलब्धियों की चर्चा की है। दादा साहब फाल्के ही ऐसे विशिष्ट व्यक्ति थे जिन्होंने सर्वप्रथम भारतीय फिल्म जगत को कई फीचर तथा डॉक्यूमेंट्री फिल्में बनाकर दी और इस उद्योग को एक मजबूत आधार दिया। इसीलिए, भारत सरकार ने इनके नाम पर ही सर्वोच्च फिल्म पुरस्कार की घोषणा की।

4. 1940 में मेरे मित्र किशोर साहू की पहली फिल्म ‘बहुरानी’ का उद्घाटन दादा साहब फाल्के के कर-कमलों द्वारा ही संपन्न हुआ था। बहूरानी के अर्थपति मेरे दूसरे मित्र स्वर्गीय द्वारका दास डागा थे। वे बड़े पढ़े-लिखे सुरुचिपूर्ण, साहित्यिक व्यक्ति थे। उन्हीं के कारण ‘बहुरानी’ के निर्माण-काल में फिल्मी दुनिया से मेरा संबंध जुड़ा। दादा साहब फाल्के से मुझे दो-तीन बार भेंट करने के सुअवसर प्राप्त हुए थे। वे बड़े दबंग, जोश में आकर बड़े झपाटे से बोलने लगते थे। वे स्वयं को बात-बात में महत्त्व देने से तो न चूकते थे, परंतु उनमें अच्छाई यह थी कि वे नई पीढ़ी के महत्त्व को एकदम नकारते न थे।
(क) पाठ और लेखक के नाम लिखें।
(ख) किशोर साहू कौन थे? उनके द्वारा बनाई पहली फिल्म कौन थी और उसका उद्घाटन किसने किया था? ।
(ग) स्वर्गीय द्वारिकादास डागा कौन थे? उनकी चारित्रिक विशेषता क्या थी?
(घ) लेखक के अनुसार दादा साहेब फाल्के से भेंट होने पर उनकी कौन-सी चारित्रिक विशेषता प्रकट होती थी?
(ङ) दादा साहेब फाल्के की किसी एक खास स्वाभाविक विशेषता का उल्लेख करें।
उत्तर-
(क) पाठ-भारतीय चित्रपट : मूक फिल्मों से सवाक् फिल्मों तक, लेखक-अमृतलाल नागर।

(ख) किशोर साहू लेखक के मित्र थे, उनके द्वारा बनाई पहली फिल्म ‘बहूरानी’ थी जिसका उद्घाटन दादा साहब फाल्के ने किया था। यह फिल्म 1940 में बनी थी।

(ग) स्वर्गीय द्वारिकादास डागा लेखक के दूसरे मित्र थे। ये ‘बहूरानी’ फिल्म के अर्थपति थे। डागाजी की चारित्रिक विशेषता यह थी कि वे पढ़े-लिखे, सुरुचिपूर्ण इंसान और साहित्यिक व्यक्ति थे।

(घ) लेखक की मुलाकात दादा साहब से दो-तीन बार हुई जिसमें उनकी चारित्रिक विशेषता इस रूप में प्रकट हुई। वे दबंग और जोशीले स्वभाव के व्यक्ति थे। बातचीत में स्वयं को बहुत महत्त्व देते थे।

(ङ) दादा साहेब की खास स्वाभाविक विशेषता यह थी कि वे बातचीत के क्रम में अपने महत्त्व को तरजीह देते थे, किंतु नई पीढ़ी की महत्ता को भी स्वीकारते थे।

5. बंबई की तरह ही कलकत्ते में एक व्यवसायी जे. एफ० मादन जिन्होंने मादन थियेटर नामक सुप्रसिद्ध संस्था की स्थापना भी की थी। 1917 में एलफिंस्टन बाइस्कोप कंपनी नामक फिल्म संस्था चलाई और दादा साहब फाल्के की तरह ही वे भी फीचर फिल्में बनाने लगे। इस तरह 1913 से 1920 तक फिल्मों में क्रमशः पौराणिक कथानक ही अधिकतर हमारे सामने पेश हुए। तीसरे दशक की सबसे महान फिल्मी हस्ती बाबूराव पेंटर थे। साँवला रंग, दुबला-पतला शरीर, आँखों पर चश्मा, लंबी दाढ़ीयुक्त श्री बाबूराव पेंटर का व्यक्तित्व बहुत ही सौम्य और शालीन था। आज के सुप्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक श्री व्ही शांताराम, स्वर्गीय बाबूराव पेंढारकर, भालाजी पेंढारकर तथा स्वर्गीय मास्टर विनायक आदि अनेक जानी-मानी फिल्मी हस्तियों के वे गुरु थे।
(क) पाठ और लेखक के नाम लिखें।
(ख) जे. एफ० मादन कौन थे? फिल्म उद्योग के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्यों की संक्षिप्त चर्चा करें।
(ग) तीसरे दशक की सबसे महान भारतीय फिल्मी हस्ती के रूप में किनका नाम लिया जाता है? उनके व्यक्तित्व की क्या विशेषताएँ थीं?
(घ) उस समय की किन्हीं चार फिल्मी हस्तियों के नाम लिखें। (ङ) अपने समय के सुप्रसिद्ध फिल्म-निर्माता-निर्देशक के नाम लिखें
और उनकी एक विशिष्ट उपलब्धि की चर्चा करें।
उत्तर-
(क) पाठ-भारतीय चित्रपट : मूक फिल्मों से सवाक् फिल्मों तक, लेखक-अमृतलाल नागर।

(ख) जे. एफ० मादन कलकत्ते के एक पारसी व्यवसायी थे। उन्होंने मादन थियेटर नामक एक सुप्रसिद्ध संस्था की स्थापना की थी। उनके द्वारा 1917 में एलफिस्टन बाइस्कोप नामक एक कंपनी चलाई गई थी और दादा साहब फाल्के की तरह उन्होंने कई फीचर फिल्में बनाई थीं।

(ग) तीसरे दशक की सबसे महान फिल्मी हस्ती के रूप में बाबूराम पेंटर का नाम लिया जा सकता है। वे साँवले रंग के, दुबले-पतले शरीर वाले व्यक्ति थे। उनका व्यक्तित्व बहुत ही सौम्य और शालीन था।

(घ) ऐसे चार व्यक्ति है जिनके नाम उस समय की फिल्मी हस्तियों में लिए जा सकते हैं-श्री व्ही शांताराम, बाबूराव पेंढारकर, भालजी पेंढारकर और मास्टर विनायक।

(ङ) अपने समय के सुप्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक के रूप में श्री व्ही शांताराम का नाम लिया जाता है। इनकी अति विशिष्ट उपलब्धि यह रही है कि इन्होंने भारतीय फिल्म उद्योग के क्षेत्र में काफी ख्याति तथा महत्त्वपूर्ण निर्माता और निर्देशक दोनों रूपों में बड़ी अच्छी ख्याति अर्जित की थी।